Sugar Stocks Crash: ड्यूटी-फ्री चीनी इंपोर्ट की इजाजत से शुगर कंपनियों के शेयर धड़ाम, बलरामपुर चीनी सबसे ज्यादा गिरा

Sugar Stocks Crash: चीनी बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में 21 अगस्त को बड़ी गिरावट दिखी। इसकी वजह सरकार का एक फैसला है। सरकार ने 10 लाख टन रॉ शुगर आयात करने की इजाजत दे दी है। इस पर इंपोर्टर्स को कोई ड्यूटी नहीं चुकानी होगी। सरकार ने देश में चीनी की सप्लाई बढ़ाने के लिए यह फैसला लिया है। बीते कुछ महीनों में चीनी की कीमतों में उछाल देखने को मिला है।

रॉ शुगर के इंपोर्ट से देश में चीनी की उपलब्धता बढ़ेगी

सरकार का मानना है कि रॉ शुगर के इंपोर्ट से देश में चीनी की सप्लाई बढ़ेगी। इससे त्योहारों के सीजन में चीनी की कीमतें कंट्रोल में रहेंगी। देश में अक्तूबर से त्योहारों का मौसम शुरू होता है। 20 अगस्त को सरकार ने चीनी की जमाखारी पर अंकुश लगाने के लिए डीलर्स के लिए नई स्टॉक लिमिट तय करने का आदेश दिया था।

बलरामपुर चीनी मिल्स के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट 

21 अगस्त को सबसे ज्यादा गिरावट Balrampur Chini Mills के शेयरों में दिखी। 11 बजे यह शेयर 4.56 फीसदी गिरकर 732 रुपये पर चल रहा था। Shri Renuka Sugars 4.13 फीसदी की कमजोरी के साथ 25 रुपये पर चल रहा था। बजाज हिंदुस्तान शुगर का शेयर 3.26 फीसदी की कमजोरी के साथ 22 रुपये पर च लरहा था। Bannari Amman Sugars का शेयर 4.46 फीसदी गिरकर 4,051 रुपये पर चल रहा था। चीनी बनाने वाली बाकी कंपनियों के शेयरों पर भी दबाव देखने को मिला।

एक दशक में पहली बार रॉ शुगर इंपोर्ट को इजाजत

सरकार ने बीते एक दशक में पहली बार रॉ शुगर के ड्यूटी फ्री इंपोर्ट की इजाजत दी है। अनुमान है कि इसका असर देश में चीनी बनाने वाली कंपनियों पर पड़ेगा। दरअसल, बीते दो महीनों में चीनी की कीमतों में 40 फीसदी उछाल आया है। इसकी वजह देश में चीनी का कम उत्पादन है। अगर देश में चीनी की सप्लाई बढ़ाने के उपाय नहीं किए जाते हैं तो त्योहारों के दौरान कीमतें आसमान में पहुंच सकती हैं।

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लगातार दो सत्रों में शुगर स्टॉक्स में आई थी जोरदार तेजी

इससे पहले दो सत्रों में चीनी कंपनियों के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली थी। इसकी वजह कम सप्लाई और चीनी की ऊंची कीमतें थीं। माना जा रहा था कि इससे चीनी कंपनियों के रेवेन्यू पर पॉजिटिव असर पड़ेगा। 20 अगस्त को बलरामपुर चीना मिल्स का शेयर 18 फीसदी से ज्यादा चढ़ा था। द्वारिकेशन शुगर इंडस्ट्रीज के शेयरों में करीब 14 फीसदी तेजी आई थी। बाकी चीनी कंपनियों के शेयर भी 7-10 फीसदी चढ़े थे। 21 अगस्त को शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर दबाव दिखा। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में चल रहे थे।

Trading Ideas : आज की दिन काफी अहम, शॉर्ट टर्म में करना चाहते हैं बंपर कमाई तो इन दो शेयरों पर रहे नजर

Trading Ideas : बाजार में आज हल्की बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है। मार्केट के टेक्निकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि निफ्टी अभी अपने 50 डे और 100 डे EMA के आस-पास घूम रहा है। हालांकि,दोनों एवरेज मोटे तौर पर स्थिर हैं,जो किसी खास दिशा में तेजी की कमी और कंसोलिडेशन के दौर का संकेत दे रहे हैं। मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर भी नियर टर्म में न्यूट्रल से साइडवेज रुझान का संकेत दे रहे हैं।

एसबीआई सिक्योरिटीज के सुदीप शाह का कहना है कि निफ्टी के लिए 24290-24320 पर स्थित 20-डे EMA जोन एक अहम रुकावट का काम कर सकता है। अगर यह लगातार 24320 के स्तर के ऊपर बना रहता है तो एक तेज पुलबैक रैली शुरू हो सकती है,जिससे 24450 के स्तर तक ऊपर जाने का रास्ता खुल सकता है।

नीचे की तरफ,24130-24100 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया बना हुआ है। अगर निफ्टी 24100 के नीचे टूटता है तो टेक्निकल स्ट्रक्चर और कमजोर हो सकता है और मौजूदा करेक्शन वाला ट्रेंड फिर से शुरू हो सकता है,जिससे इंडेक्स 23950 के स्तर की ओर जा सकता है।

मार्केट ट्रेंड पर बात करते हुए त्रिशक्ति एसोसिएट्स के को-फाउंडर पवन माहेश्वरी ने कहा कि कल बाजार में अच्छी गैपअप ओपनिंग रही उसके बाद में एक डोजी फॉर्मेशन देखने को मिला। अगर मैं पिछले तीन दिन के पैटर्न देखें तो इसको हम एक आइलैंड रिवर्सल पैटर्न कह सकते हैं। हालांकि आज हमें वेट करना होगा। अगर आज निफ्टी क्लोजिंग तक 24,280 के ऊपर टिकता है तो यहां से एक नई तेजी बननी चालू हो जाएगी। इस स्थिति में हम 24,000 के स्टॉप लॉस के साथ लॉन्ग जा सकते है। वहीं, अगर आज मार्केट 24,300 के नीचे बंद होता है तो हमें एक दिन और वेट करना होगा। आज का दिन बाजार के लिए काफी अहम है। आज हमें निफ्टी पर नजर रखना होगा और 2 2:30 बजे के आसपास डिसीजन लेना होगा।

पवन माहेश्वरी की टॉप पिक्स

पवन माहेश्वरी ने कहा कि उनकी आज के लिए पहली पसंद है सीजी पावर। इसके चार्ट पैटर्न काफी अच्छे दिख रहे हैं। इस स्टॉक में 850 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ 930 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। इनकी दूसरी पसंद डिफेंस सेक्टर से है। डिफेंस काफी प्रॉमिसिंग थीम है। ऐसे में कोचीन शिपयार्ड में 1460 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ 1600 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

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Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news :अमेरिका और एशिया से खराब संकेतों के बावजूद गिफ्ट निफ्टी में मजबूती है। यह करीब 70 अंक ऊपर दिख रहा है। इधर FIIs की कैश में हल्की बिकवाली देखने को मिली है लेकिन वायदा में खरीदारी हुई है। हालांकि FIIs के नेट शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट दो लाख 12 हजार के पार चले गए हैं। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

20 अगस्त को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त वापसी देखने को मिली। US ट्रेज़री यील्ड में कमी और ग्लोबल स्तर पर अच्छे संकेतों के बीच प्रमुख सेक्टरों में खरीदारी हुई,जिससे निफ्टी की लगातार सात सत्रों की गिरावट का सिलसिला थम गया। बाजार की शुरुआत मजबूत रही,लेकिन शुरुआती घंटों में कुछ प्रॉफिट बुकिंग देखी गई। हालांकि,जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा बाज़ार ने फिर से तेजी पकड़ी और मीडिया,फाइनेंशियल व रियल्टी शेयरों की अगुवाई में निफ्टी ने 24,265.15 का दिन का हाई छुआ। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 628.04 अंक या 0.82 प्रतिशत बढ़कर 77,537.72 पर और निफ्टी 153.55 अंक या 0.64 प्रतिशत बढ़कर 24,231.85 पर बंद हुआ।

US की ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध की तैयारी

अमेरिका की ईरान पर अब तक के सबसे सख्त प्रतिबंधो की तैयारी है। अमेरिकी वित्त मंत्री ने कहा है कि इतिहास के सबसे कड़े प्रतिबंधों का सोमवार को एलान होगा। ईरान ने कहा कि यह आर्थिक आतंकवाद है। चीन ने भी इसका विरोध किया है। क्रूड 93 डॉलर के पार निकल गया है। सोना-चांदी भी चमके हैं। सोना 4500 डॉलर के पार दिख रहा है।

अमेरिकी बाजारों में तेज गिरावट, बॉन्ड यील्ड फिर 4.7% पर पहुंची

अमेरिका-ईरान के बीच गहराते विवाद से US बॉन्ड यील्ड में फिर उछाल आया है। 10 साल की बॉन्ड यील्ड 4.7% पर पहुंचने से अमेरिकी बाजार नर्वस हो गया है। डाओ जोंस कल 700 प्वाइंट से ज्यादा फिसला। S&P और नैस्डैक भी एक परसेंट फिसले। उधर एशियाई बाजारों में भी नरमी है। निक्केई और कॉस्पी में करीब एक परसेंट का दबाव दिख रहा है।

HDFC बैंक ने बॉन्ड से जुटाए रिकॉर्ड 1.8 बिलियन डॉलर

HDFC बैंक ने तीन और पांच साल के डॉलर बॉन्ड के जरिये रिकॉर्ड पौने दो बिलियन डॉलर्स जुटाए हैं। किसी भारतीय वित्तीय कंपनी का ये सबसे बड़ा डेट इश्यू रहा। HDFC बैंक के बॉन्ड्स के लिए सात बिलियन डॉलर से ज्यादा की बोलियां मिलीं।

Market cues : 24300-24400 के ऊपर टिकने पर ही निफ्टी में आएगी तेजी, 24150 पर दिख रहा तत्काल सपोर्ट

सरकार ने 10 लाख टन चीनी इंपोर्ट को मंजूरी दी

चीनी के दाम काबू में करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। 10 लाख टन चीनी आयात को मंजूरी दी गई है। 31 अक्टूबर तक बिना किसी ड्यूटी के इंपोर्ट हो सकेगा।

सेबी की नई रिपोर्ट में हुआ खुलासा, F&O में करीब 88% ट्रेडर्स को हुआ घाटा

F&O में रिटेल ट्रेडर्स को अब भी जमकर घाटा हो रहा है। सेबी की नई रिपोर्ट के मुताबिक FY26 में वायदा में करीब 88% ट्रेडर्स को घाटा हुआ। हालांकि F&O में ट्रेडिंग करने वाले भी घटे हैं। इनमें पिछले साल के मुकाबले 18% की कमी आई है। ऑप्शन बॉयर्स के मुकाबले ऑप्शन सेलर्स ने कम नुकसान झेला है।

सचिवों के साथ PM मोदी की हाई लेवल मीटिंग, इंफ्रा, डिफेंस, पोर्ट-लेड डेवलपमेंट पर चर्चा

सचिवों के साथ PM मोदी की हाई लेवल मीटिंग में इंफ्रा,डिफेंस और कनेक्टिविटी पर मंथन हुआ है। पोर्ट-लेड डेवलपमेंट को स्पीड देने के निर्देश दिए गए हैं। पीएम ने कहा कि डिफेंस को ग्लोबल स्टैंडर्ड पर प्रतिस्पर्धी बनाने की जरूरत है। AI के इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

20 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशकों(FIIs)ने ₹583 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर बने रहे,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹3,537 करोड़ की नेट खरीदारी करके बाजार को सहारा देना जारी रखा।

आधी रात शिफा अस्पताल पहुंचे इमरान खान, 6 डॉक्टरों ने की जांच; फिर अडियाला जेल भेजे गए

आधी रात शिफा अस्पताल पहुंचे इमरान खान, 6 डॉक्टरों ने की जांच; फिर अडियाला जेल भेजे गए

Imran Khan sent to adiyala jail after checkup

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को आधी रात को कड़ी सुरक्षा के बीच जांच के लिए शिफा अस्पताल लाया गया था। अस्पताल में 6 डॉक्टरों की टीम ने उनकी जांच की। जांच के बाद वापस फिर अडियाला जेल भेज दिया गया। ALSO READ: Top News 21 August: चीनी के दाम से अमेरिका के कर्ज तक, इमरान खान और शशि थरूर समेत पढ़ें दिन की 5 बड़ी खबरें

 

सुप्रीम कोर्ट ने 18 अगस्त को दिए आदेश में इमरान को इलाज के लिए तुरंत इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल भेजने और 16 सितंबर तक अस्पताल में रखने का आदेश दिया था। शीर्ष अदालत के रजिस्ट्रार दफ्तर ने सरकार की उस समीक्षा याचिका को भी वापस लौटा दिया है जो इमरान खान को अस्पताल भेजे जाने के खिलाफ दाखिल की गई थी।

 

इस बीच संसदीय मामलों के मंत्री तारिक फजल चौधरी ने कहा है कि यदि देश की सरकारी सुविधाओं में पर्याप्त चिकित्सा देखभाल उपलब्ध नहीं हो पाती है, तो सरकार इमरान खान को इलाज के लिए विदेश भेजने पर भी विचार कर सकती है।

 

पीटीआई और इमरान खान का परिवार लंबे समय से उनकी खराब सेहत को लेकर चिंता जताता रहा है। PTI प्रवक्ता ने कहा कि यह फैसला स्वागत योग्य है लेकिन उनकी पार्टी चाहती है कि इमरान खान को तब तक अस्पताल में रखा जाए, जब तक डॉक्टर उनकी सेहत को पूरी तरह ठीक न मान लें। ALSO READ: इमरान खान को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, तुरंत अस्पताल भेजने का आदेश; 16 सितंबर तक रहेंगे भर्ती

 

गौरतलब है कि 73 वर्षीय इमरान खान अप्रैल 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए सत्ता से हटाए जाने के बाद अगस्त, 2023 से जेल में हैं। उन्हें कई मामलों में सजा सुनाई गई है। इमरान इन मामलों को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते हुए आरोपों से इनकार करते रहे हैं। उनके वकीलों के मुताबिक जेल में रहने के दौरान उनकी दाहिनी आंख की रोशनी काफी प्रभावित हुई है। उनके बेटों ने भी पिछले साल उनकी बिगड़ती सेहत को लेकर चिंता जताई थी।

Top News 21 August: चीनी के दाम से अमेरिका के कर्ज तक, इमरान खान और शशि थरूर समेत पढ़ें दिन की 5 बड़ी खबरें

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top news 21 august

Top News 21 August: चीनी के बढ़ते दामों पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने रॉ शुगर का आयात ड्यूटी फ्री किया। अमेरिका का कर्ज 40 अरब डॉलर पार। इमरान खान को जांच के बाद फिर पटियाला जेल लाया गया। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने नए संसद भवन को बेजान कॉन्फ्रेंस सेंटर बताया। हरियाणा की खाप लिन इन के खिलाफ लेकिन लव मैरिज मंजूर। 21 अगस्त की बड़ी खबरें :

 

ड्यूटी-फ्री होगा रॉ-शुगर का आयात

त्योहारी सीजन में चीनी पर महंगाई की मार। अगस्त में चीनी के दाम करीब 20 रुपए तक बढ़ गए हैं। देश में कई स्थानों पर 70 रुपए किलो तक बिकी। ऐसे में मिठाई, चाय और घर की रोजमर्रा की जरूरतों पर इसका असर पड़ सकता है। केंद्र सरकार ने 10 लाख मीट्रिक टन रॉ-शुगर के ड्यूटी-फ्री आयात को मंजूरी दी। ALSO READ: Sugar Price : चीनी के दाम क्यों बढ़ रहे हैं? 15 दिन में 20 रुपए महंगी हुई, सरकार ने उठाया बड़ा कदम, जानें आपके लिए क्या बदलेगा

 

अमेरिका का कर्ज 40 खरब डॉलर के पार

अमेरिका का कुल राष्ट्रीय कर्ज बुधवार को 40 खरब डॉलर के पार पहुंच गया। बढ़ते कर्ज ने अमेरिकी सरकार के सामने खर्च और आय के बीच संतुलन बनाने की चुनौती बढ़ा दी है। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान राष्ट्रीय कर्ज खत्म करने का वादा किया था, लेकिन कर्ज लगातार बढ़ता गया। अब उनके दूसरे कार्यकाल में यह उस समय के मुकाबले करीब दोगुना हो चुका है।

 

इमरान को फिर अडियाला जेल लाया गया

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को कड़ी सुरक्षा के बीच शिफा अस्पताल में जांच के बाद वापस फिर अडियाला जेल लाया गया। अस्पताल में 6 डॉक्टरों की टीम ने उनकी जांच की। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें इलाज के लिए शिफा अस्पताल में भर्ती कराने का आदेश दिया था। 

 

नया संसद भवन 'बेजान कॉन्फ्रेंस सेंटर' : थरूर

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने नए संसद भवन की डिजाइन और वहां के माहौल पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने नए संसद भवन को 'बेजान कॉन्फ्रेंस सेंटर' बताते हुए कहा कि इसमें पुराने संसद भवन जैसा अपनापन और सहज बातचीत का माहौल नहीं है।  

 

हरियाणा की खाप को लव मैरिज मंजूर

हरियाणा की माजरा खाप लिव-इन संबंधों के खिलाफ है, पर लव मैरिज के नहीं। वह चाहती है कि लव मैरिज के साथ-साथ समलैंगिक विवाह से जुड़े कानूनी प्रावधानों में बदलाव हो। वह लव 

 

मैरिज के खिलाफ नहीं है, पर माता-पिता की सहमति जरूर होनी चाहिए।

 

स्लिम नहीं, फिट दिखना है जरूरी! जानिए सौम्या टंडन का फिटनेस मंत्र

हमेशा फिट रहने के लिए हमेशा सख्त डाइट या घंटों एक्सरसाइज करना जरूरी नहीं होता। रोज की कुछ अच्छी आदतों को अपनी लाइफस्टाइल में शामिल करके भी खुद को हेल्दी और एक्टिव रखा जा सकता है। महिलाओं के लिए नींद, खान-पान, पानी पीने और रोज की एक्टिविटी जैसी छोटी-छोटी चीजें काफी असर करती हैं।

एक्ट्रेस सौम्या टंडन भी अपनी फिटनेस और हेल्थ को बनाए रखने के लिए कुछ आसान आदतों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा मानती हैं। उनकी फिटनेस रूटीन से जुड़ी ये आदतें उन महिलाओं के लिए भी काम की हो सकती हैं, जो बिना बहुत ज्यादा स्ट्रिक्ट डाइट के खुद को फिट रखना चाहती हैं। लेकिन हर व्यक्ति की जरूरत और शरीर अलग होता है, इसलिए किसी भी हेल्थ रूटीन को अपनाने से पहले अपनी जरूरत के हिसाब से सलाह लेना बेहतर है।

दिन की शुरुआत

सौम्या टंडन अपने दिन की शुरुआत एक बड़े गिलास गुनगुने पानी से करती हैं। इसमें वह थोड़ा-सा कद्दूकस किया हुआ अदरक मिलाती हैं। सुबह पानी पीने से शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद मिलती है। अदरक को डाइजेस्ट के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। लेकिन हर व्यक्ति के शरीर पर इसका असर अलग हो सकता है।

डाइट में जरूरी चीजें

सौम्या अपनी डाइट में प्रोटीन को भी खास जगह देती हैं। वह प्रोटीन ड्रिंक लेती हैं और मानती हैं कि रोज के खाने में पर्याप्त प्रोटीन होना जरूरी है। प्रोटीन शरीर की मिस्क्ल्स को मजबूत रखने में मदद करता है। इसके लिए दाल, पनीर, दूध, दही, अंडे या अपनी पसंद के दूसरे प्रोटीन वाले फूड शामिल किए जा सकते हैं।

इन चीजों से परहेज

सौम्या टंडन चीनी और ज्यादा मीठी चीजों से दूरी रखती हैं। वह मीठे से बचने को अपनी हेल्दी आदतों में शामिल करती हैं। रोज ज्यादा चीनी खाने से वजन बढ़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए मीठा कम मात्रा में खाना बेहतर माना जाता है। घर पर मिठाई बनाते समय भी चीनी की मात्रा कम रखी जा सकती है।

खाली पेट ड्रिंक

सौम्या ने बताया है कि वह सुबह खाली पेट एक चम्मच हल्का गुनगुना घी लेती हैं और उसमें थोड़ी हल्दी व काली मिर्च मिलाती हैं। उनके अनुसार यह उनकी रोज की आदत का हिस्सा है। घी में फैट होता है और बैलेंस अमाउंट में इसे डाइट में शामिल किया जा सकता है। लेकिन किसी भी चीज को खाली पेट लेने से पहले अपनी सेहत और डाइट का ध्यान रखना जरूरी है।

फिट रहने का सीक्रेट

सौम्या का कहना है कि वह खुद को फिट रखने के लिए क्रैश डाइटिंग नहीं करतीं। उनका फोकस बैलेंस्ड डाइट पर रहता है। डाइट में कार्बोहाइड्रेट के साथ प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी फैट, फल और सब्जियां शामिल करना जरूरी है। इस तरह खाना खाने से शरीर को अलग-अलग जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं और लंबे समय तक हेल्दी रूटीन बनाए रखना आसान हो सकता है।

Sugar Price : चीनी के दाम क्यों बढ़ रहे हैं? 15 दिन में ₹20 महंगी हुई, सरकार ने उठाया बड़ा कदम, जानें आपके लिए क्या बदलेगा

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अगर आपको पिछले कुछ दिनों में चीनी पहले से महंगी लग रही है, तो इसकी वजह समझना आपके घरेलू बजट के लिए जरूरी है। त्योहारों से पहले चीनी की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, महज 15 दिनों में चीनी के दाम करीब 20 रुपये तक बढ़ गए हैं। ऐसे में मिठाई, चाय और घर की रोजमर्रा की जरूरतों पर इसका असर पड़ सकता है।

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बढ़ती कीमतों और घरेलू बाजार में चीनी के स्टॉक को लेकर सरकार ने अब बड़ा फैसला लिया है। केंद्र सरकार ने 10 लाख मीट्रिक टन रॉ-शुगर के ड्यूटी-फ्री आयात को मंजूरी दी है। यानी तय सीमा के भीतर विदेश से आने वाली कच्ची चीनी पर आयात शुल्क नहीं लगेगा।

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सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?

घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ाने और कीमतों पर दबाव कम करने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है। DGFT (विदेश व्यापार महानिदेशालय) ने गुरुवार को इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी किया है। सरकार का मानना है कि शुल्क-मुक्त आयात से घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलेगी और बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने में राहत मिल सकती है।

 

31 अक्टूबर तक मिलेगी ड्यूटी-फ्री इंपोर्ट की सुविधा

DGFT के नोटिफिकेशन के अनुसार, टैरिफ रेट कोटा (TRQ) के तहत 10 लाख मीट्रिक टन रॉ-शुगर का आयात किया जा सकेगा। यह सुविधा 31 अक्टूबर 2026 तक लागू रहेगी। नोटिफिकेशन के मुताबिक, रॉ-शुगर का आयात सामान्य तौर पर 'फ्री' रहेगा, लेकिन 10 लाख मीट्रिक टन की शुल्क-मुक्त सीमा और निर्धारित शर्तें लागू होंगी।

सरकार ने तय की स्टॉक सीमा

भारत सरकार ने 10 मीट्रिक टन से अधिक मासिक चीनी इस्तेमाल करने वाले डीलरों के लिए स्टॉक सीमा तय की है। सरकारी अधिसूचना के अनुसार ऐसे डीलर 15 दिनों से ज्यादा का स्टॉक नहीं रख सकेंगे। यह आदेश 1 सितंबर से 30 नवंबर तक लागू रहेगा। अगस्त से नवंबर के बीच गणेश चतुर्थी, दशहरा और दिवाली जैसे त्योहारों के कारण चीनी की मांग बढ़ती है। इस दौरान बिस्कुट और कन्फेक्शनरी कंपनियां पहले से स्टॉक बढ़ाती हैं। कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार सीमित मात्रा में ड्यूटी-फ्री चीनी आयात की अनुमति देने पर विचार कर रही है। करीब एक दशक बाद भारत में चीनी आयात का रास्ता खुल सकता है।

आयातित चीनी को विदेश नहीं भेज सकेंगे

सरकार ने इस योजना के तहत एक अहम शर्त भी रखी है। आयात की गई रॉ-शुगर से तैयार की गई रिफाइंड चीनी को 31 अक्टूबर 2026 तक घरेलू बाजार में ही बेचना होगा।  इसका मतलब है कि इस ड्यूटी-फ्री इंपोर्ट के तहत लाई गई चीनी को दोबारा निर्यात नहीं किया जा सकेगा। इससे सरकार का फोकस घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने पर है।

 

चीनी महंगी होने की क्या वजह है?

चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे कई वजहें बताई जा रही हैं। इनमें घरेलू उत्पादन, उपलब्ध स्टॉक और बाजार में मांग जैसे कारक महत्वपूर्ण हैं। त्योहारों से पहले मिठाई और अन्य खाद्य उत्पादों की मांग बढ़ने से भी चीनी की खपत बढ़ सकती है। चीनी का स्टॉक घट रहा है। मौजूदा सीजन के अंत में घरेलू चीनी स्टॉक काफी कम रहने की आशंका है। कम उत्पादन और पिछले सीजन में हुए निर्यात ने उपलब्धता पर दबाव बढ़ाया है।  महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यों में बारिश की कमी और अनियमित मानसून से अगले सीजन के उत्पादन को लेकर चिंता बढ़ी है।

 

इसके अलावा, गन्ने से एथेनॉल उत्पादन को लेकर भी राजनीतिक बहस जारी है। कांग्रेस ने एथेनॉल नीति को चीनी की उपलब्धता और कीमतों से जोड़ते हुए सवाल उठाए हैं। हालांकि, चीनी के दाम बढ़ने की पूरी तस्वीर समझने के लिए उत्पादन, स्टॉक, मांग और एथेनॉल के लिए गन्ने के इस्तेमाल—सभी पहलुओं को देखना जरूरी है।

आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?

सरकार के इस फैसले का सीधा उद्देश्य बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ाना और कीमतों पर दबाव कम करना है। अगर आयातित रॉ-शुगर की सप्लाई समय पर बाजार में आती है, तो इससे चीनी की कीमतों में तेजी को रोकने में मदद मिल सकती है। आम उपभोक्ताओं के लिए इसका असर खास तौर पर त्योहारों के दौरान महत्वपूर्ण होगा, जब घरों में चीनी की खपत के साथ-साथ मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग भी बढ़ जाती है। 

क्या और बढ़ेंगे दाम ?

दावा किया जा रहा है कि बाजार में मांग की तुलना में करीब आधी ही चीनी की आपूर्ति हो पा रही है। आने वाले दिनों में रक्षाबंधन, गणेशोत्सव, जन्माष्टमी और दिवाली जैसे त्योहारों से मांग और बढ़ेगी। इससे चीनी के दाम में और तेजी आने की आशंका है।

Gold Silver Price Outlook: सोने से भी ज्यादा रिटर्न देने वाली है चांदी? जानिए एक्सपर्ट जोनाथन बैरट की क्या है राय

Gold Silver Price Outlook : कीमती धातुओं के बाजार में इंवेस्टमेंट को लेकर प्लान कर रहे निवेशकों के लिए एक जरूरी आउटलुक सामने आया है। कमोडिटी बाजार के एक्सपर्ट और ईटीओ मार्केट्स के CIO जोनाथन बैरट का मानना है कि आने वाले समय में चांदी का प्रदर्शन सोने से भी बेहतर रह सकता है। बैरट का अनुमान है कि चांदी आने वाले समय में 100 डॉलर प्रति औंस के स्तर को भी छू सकती है।

हमारी सहयोगी वेबसाइट CNBC TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक जोनाथन बैरट ने सोने और तांबे को लेकर भी एक बेहद मजबूत और सकारात्मक आउटलुक पेश किया है। उनका मानना है कि अमेरिकी डॉलर में कमजोरी, चीन से बढ़ती मांग और ग्रीन टेक्नोलॉजी के तेजी से होते विस्तार के दम पर कमोडिटी बाजार में तेजी का नया दौर देखने को मिल सकता है।

100 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है चांदी: एक्सपर्ट

जोनाथन बैरट का साफ कहना है कि चांदी कीमती धातुओं में सबसे बेहतर रिटर्न देने वाला मेटल साबित हो सकती है। उन्होंने सीएनबीसी टीवी 18 से बात करते हुए कहा कि,’मुझे लगता है कि चांदी ही निवेश के लिए सही जगह है।’उनके मुताबिक चांदी सबसे पहले 75 डॉलर प्रति औंस के स्तर को टारगेट करेगी। अगर अमेरिकी ट्रेजरी की लिक्विडिटी से जुड़ी पॉलिसी का सपोर्ट मिला तो चांदी की कीमतें 100 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती हैं।

बैरट ने बताया कि चीन द्वारा सिल्वर ओर के आयात में साल-दर-साल आधार पर 62% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सौर पैनल जैसी ग्रीन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में चीन का दबदबा बढ़ रहा है और इस विस्तार के चलते चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड लगातार बनी रहेगी।

सोना भी छू सकता है 5000 डॉलर प्रति औंस का स्तर

सोने पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए बैरट ने कहा कि वे गोल्ड को लेकर भी काफी बुलिश हैं। उनका अनुमान है कि अगर मौजूदा नीतियां जारी रहती हैं तो सोना प्रति औंस 5000 डॉलर के ऐतिहासिक स्तर को पार कर सकता है। सोने और चांदी की इस तेजी के पीछे उन्होंने कई मैक्रो-इकोनॉमिक वजहें गिनाई हैं। उनके मुताबिक डॉलर इंडेक्स अभी 101 के आसपास है जिसके गिरकर 90 से 95 के स्तर तक आने की संभावना है। डॉलर में इस गिरावट से कीमती धातुओं को सीधा सहारा मिलेगा।

इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व से अलग अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड बायबैक और लिक्विडिटी बनाए रखने के उपायों का इस्तेमाल कर रही है। सीधे ब्याज दरों में बदलाव किए बिना लिक्विडिटी बढ़ाने की यह नीति डॉलर पर दबाव बनाए रखेगी, जो सोने-चांदी के लिए फायदेमंद है।

उनके मुताबिक अमेरिका पर लगातार बढ़ रहा कर्ज निवेशकों को सुरक्षित ठिकाने की ओर रुख करने पर मजबूर कर रहा है। निवेशक सोने और चांदी को वैल्यू के बेहतर एसेट के रूप में देखना जारी रखेंगे।

ETF की वापसी और शेयर बाजार से बुलियन में लौटेगा पैसा

जोनाथन बैरट का मानना है कि आने वाले दिनों में एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) की ओर से कीमती धातुओं में फिर से खरीदारी देखने को मिलेगी। जैसे-जैसे निवेशकों को अमेरिकी ट्रेजरी की लिक्विडिटी नीतियों के जारी रहने का एहसास होगा इक्विटी बाजार से कुछ पूंजी वापस सोने और चांदी में शिफ्ट हो सकती है। इसके साथ ही अलग अलग देशों के केंद्रीय बैंकों द्वारा की जा रही खरीदारी भी सोने-चांदी की कीमतों को सहारा देगी।

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तांबे पर भी बुलिश: स्ट्रक्चरल बुल मार्केट में बेस मेटल

सिर्फ कीमती धातुएं ही नहीं बल्कि बेस मेटल्स में जोनाथन बैरट तांबे पर भी पूरी तरह सकारात्मक हैं। वे कॉपर को एक स्ट्रक्चरल बुल मार्केट के रूप में देखते हैं। इसे चीन से बढ़ती मांग और ग्रीन इकोनॉमी की ओर दुनिया के बदलाव से मजबूत सपोर्ट मिल रहा है। हाल के दिनों में अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद कॉपर की कीमतों में आई कुछ रुकावट या कंसोलिडेशन पर उन्होंने कहा कि यह हेल्दी पॉज है। माइंस से जुड़ी आपूर्ति की समस्याओं और स्ट्रक्चरल डेफिसिट यानी सप्लाई की कमी की वजह से कॉपर का लॉन्ग-टर्म तेजी का रुझान पूरी तरह से बरकरार है।

 

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Balrampur Chini Mills के शेयर में तूफानी तेजी, एक दिन में 19% उछला, जानिए वजह

बलरामपुर चीनी मिल्स के शेयर 20 अगस्त को रॉकेट बन गए। सिर्फ एक दिन में यह शेयर 19 फीसदी से ज्यादा चढ़ा। इससे शेयर की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गईं। 25 जनवरी, 2008 के बाद पहली बार यह शेयर एक दिन में इतना ज्यादा चढ़ा है। शेयर में तेजी की वजह सरकार का एक फैसला है।

चीनी के स्टॉक को लेकर सरकार का नया आदेश

सरकार ने चीनी की स्टॉक लिमिट के बारे में बड़ा ऐलान किया है। सरकार ने नए ऑर्डर में कहा है कि चीनी के ऐसे डीलर जिनकी बिक्री हर महीने 10 टन से ज्यादा है, वे 15 दिनों से अधिक का स्टॉक नहीं रख सकेंगे। सरकार ने यह कदम चीनी की कीमतों में आई बड़ी तेजी के बाद उठाया है।

इस साल 1 सितंबर से 30 नवंबर तक लागू रहेगा आदेश

सरकार का मकसद चीनी की सप्लाई बढ़ाना और इसकी कीमतों में तेजी पर लगाम लगाना है। स्टॉक लिमिट को लेकर यह नया आदेश 1 सितंबर, 2026 से 30 नवंबर, 2026 तक लागू रहेगा। सरकार ने त्योहारों के सीजन को ध्यान में रख यह कदम उठाया है। देश में अक्तूबर से बड़े त्योहारों का मौसम शुरीू हो जाता है। इस दौरान चीनी की खपत बढ़ जाती है।

एक महीने में 10 फीसदी उछली हैं चीनी की कीमतें

चीनी के स्टॉक की यह लिमिट सिर्फ डीलर्स और ट्रेडर्स के लिए है। यह चीनी मिलों पर लागू नहीं होगी। बीते एक महीने में चीनी की कीमतें करीब 10 फीसदी उछली हैं। 18 अगस्त को एक्स-मिल चीनी की औसत कीमत बढ़कर 5,400-5,500 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गई। एक साल पहले यह 3,900 रुपये थी।

बलरामपुर चीनी मिल्स का शेयर 19.55 फीसदी उछला

बलरामपुर चीनी मिल्स चीनी बनाने वाली देश की बड़ी कंपनियों में से एक है। इसका शेयर 20 अगस्त को 19.55 फीसदी चढ़कर 778 रुपये पर बंद हुआ। इस साल यह शेयर 77.50 फीसदी चढ़ा है। 20 अगस्त को चीनी बनाने वाली दूसरी कंपनियों के शेयरों में भी उछाल आया। श्री रेणुका शुगर्स का शेयर 7.8 फीसदी चढ़कर 26.13 रुपये पर बंद हुआ।

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इन चीनी कंपनियों के शेयरों में भी उछाल

20 अगस्त को बजाज हिंदुस्तान शुगर का शेयर 14.47 फीसदी चढ़कर 23.33 रुपये पर क्लोज हुआ। डालमिया भारत इंडस्ट्रीज का शेयर 6.84 फीसदी के उछाल के साथ 508 रुपये पर बंद हुआ। अवध शुगर एंड एनर्जी का शेयर 9.52 फीसदी चढ़कर 814 रुपये पर क्लोज हुआ। उत्तम शुगर मिल्स का शेयर 11.70 फीसदी के उछाल के साथ 336.22 रुपये पर बंद हुआ। धामपुर शुगर मिल्स का शेयर 7.71 फीसदी चढ़कर 189.76 रुपये पर क्लोज हुआ।

Trading plan : कच्चा तेल 93 डॉलर के पार, फिर भी बाजार गुलजार, जानिए कल के लिए क्या हो कमाई की रणनीति

Trading plan : कच्चे तेल में उबाल के बावजूद बाजार में बुल्स का जलवा कायम है। डॉलर इंडेक्स और बॉन्ड यील्ड ठंडी होने से जोरदार तेजी आई है। निफ्टी करीब 160 प्वाइंट चढ़कर 24250 के करीब कारोबार कर रहा है। बैंक निफ्टी में 400 प्वाइंट का उछाल देखने को मिल रहा है। IT और बैंक दोनों ने बाजार में जोश भरा है। मिडकैप और स्मॉलकैप में भी जोरदार तेजी है। वहीं, फीयर इंडेक्स इंडिया VIX 6% से ज्यादा फिसला है। आज कैपिटल मार्केट शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी है। कैपिटल मार्केट इंडेक्स करीब दो फीसदी मजबूत हुआ है। MCX और मोतीलाल ओसवाल 4-5 फीसदी उछलकर वायदा के टॉप गेनर्स में शुमार हैं। साथ ही रियल्टी में भी रफ्तार है। NBFCs और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिल रही है।

आज न्यू एज शेयरों का जलवा देखने को मिल रहा है। जेफरीज की बुलिश रिपोर्ट से स्विगी में खरीदारी आई है। यह शेयर करीब 5 फीसदी की तेजी के साथ वायदा के टॉप गेनर्स में शुमार है। साथ ही इटरनल निफ्टी का टॉप गेनर बना है। उधर दूसरे न्यू एज PAYTM,कारट्रेड और GROWW में भी 2-4 फीसदी का उछाल देखने को मिला है।

सूत्रों के मुताबिक NSE अपने ही प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग की मंजूरी मांग सकता है। इसके लिए Permit-to-Trade नियमों के तहत SEBI में अर्जी दी जा सकती है। इस खबर के बाद BSE पर दबाव बना है। उधर शुगर शेयरों की मिठास जारी है। बलरामपुर चीनी और द्वारिकेश शुगर में 13-14 फीसदी का उछाल देखने को मिला है। साथ ही त्रिवेणी इंजीनियरिंग,बजाज हिंदुस्तान और अवध शुगर्स भी 5-9 फीसदी दौड़े हैं।

बाजार: शानदार दिन

बाजार की पोजीशन पर अपनी राय साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में आज शानदार तेजी का दिन देखने को मिला। 11 दिनों का लोअर हाईज का ट्रेंड टूटा है। निफ्टी ने जोरदार तरीके से हायर लो भी बनाया। निफ्टी बैंक और निफ्टी IT दोनों से सपोर्ट मिला है। डॉलर के गिरने और बॉन्ड यील्ड ठंडी पड़ने का असर देखने को मिला है। कच्चा तेल $93 के पार है, फिर भी बाजार गुलजार है। मार्केट ब्रेड्थ भी आज काफी शानदार है।

बाजार: अब क्या?

हमने सुबह नजरिया लिया कि करेक्शन खत्म होने के संकेत हैं और अब लग रहा है 24,000 नहीं टूटेगा। बस बैंक निफ्टी अभी भी थोड़ा फंस रहा है। कम्फर्ट के लिए 57,600 के ऊपर का ब्रेकआउट जरूरी है। आज निफ्टी में शायद अच्छा शॉर्ट कवरिंग डाटा आए। पिछले कई दिनों से FIIs ने बड़ी शॉर्टिंग की थी। आज की सबसे बड़ी थीम फिर शुगर रही। सिर्फ CNBC-आवाज ने शुगर पर समय पर अलर्ट किया।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 24,150-24,200 पर सपोर्ट और 24,300-24,350 पर रेजिस्टेंस है। बैंक निफ्टी के लिए 57,200-57,500 पर सपोर्ट और 57,600-57,900 पर रेजिस्टेंस है।

BSE Vs MCX: रंग लाई स्ट्रैटेजी

अनुज सिंघल ने कहा कि कुछ दिनों से हमने BUY MCX और SELL BSE का नजरिया रखा। BSE में रोज बिकवाली करके पैसा बन रहा है। MCX में गिरावट में खरीदारी पर पैसा बन रहा है। BSE के वॉल्यूम्स में गिरावट दिख रही है और MCX के कमोडिटी कारोबार वॉल्यूम में उछाल दिखा है। अगर NSE की ट्रेडिंग की इजाजत NSE पर मिल गई तो BSE के लिए और निगेटिव होगा।

प्री-CAS रणनीति

बाजार में आज बॉटम बनने के संकेत हैं। चाहें तो मंथ एंड कॉल ऑप्शंस लेकर जा सकते हैं। निफ्टी की मंथ एंड की कॉल्स ले सकते हैं। आज तेजी का पहला दिन है,अगर सब सही रहा तो 24,600 जा सकते हैं। लेकिन नेकेड फ्यूचर्स ना लेकर जाएं,कॉल्स लें या हेज करें।

 

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