
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को आधी रात को कड़ी सुरक्षा के बीच जांच के लिए शिफा अस्पताल लाया गया था। अस्पताल में 6 डॉक्टरों की टीम ने उनकी जांच की। जांच के बाद वापस फिर अडियाला जेल भेज दिया गया। ALSO READ: Top News 21 August: चीनी के दाम से अमेरिका के कर्ज तक, इमरान खान और शशि थरूर समेत पढ़ें दिन की 5 बड़ी खबरें
सुप्रीम कोर्ट ने 18 अगस्त को दिए आदेश में इमरान को इलाज के लिए तुरंत इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल भेजने और 16 सितंबर तक अस्पताल में रखने का आदेश दिया था। शीर्ष अदालत के रजिस्ट्रार दफ्तर ने सरकार की उस समीक्षा याचिका को भी वापस लौटा दिया है जो इमरान खान को अस्पताल भेजे जाने के खिलाफ दाखिल की गई थी।
इस बीच संसदीय मामलों के मंत्री तारिक फजल चौधरी ने कहा है कि यदि देश की सरकारी सुविधाओं में पर्याप्त चिकित्सा देखभाल उपलब्ध नहीं हो पाती है, तो सरकार इमरान खान को इलाज के लिए विदेश भेजने पर भी विचार कर सकती है।
पीटीआई और इमरान खान का परिवार लंबे समय से उनकी खराब सेहत को लेकर चिंता जताता रहा है। PTI प्रवक्ता ने कहा कि यह फैसला स्वागत योग्य है लेकिन उनकी पार्टी चाहती है कि इमरान खान को तब तक अस्पताल में रखा जाए, जब तक डॉक्टर उनकी सेहत को पूरी तरह ठीक न मान लें। ALSO READ: इमरान खान को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, तुरंत अस्पताल भेजने का आदेश; 16 सितंबर तक रहेंगे भर्ती
गौरतलब है कि 73 वर्षीय इमरान खान अप्रैल 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए सत्ता से हटाए जाने के बाद अगस्त, 2023 से जेल में हैं। उन्हें कई मामलों में सजा सुनाई गई है। इमरान इन मामलों को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते हुए आरोपों से इनकार करते रहे हैं। उनके वकीलों के मुताबिक जेल में रहने के दौरान उनकी दाहिनी आंख की रोशनी काफी प्रभावित हुई है। उनके बेटों ने भी पिछले साल उनकी बिगड़ती सेहत को लेकर चिंता जताई थी।


