Trading plan : कच्चे तेल में उछाल ने बाजार पर बनाया दबाव, जानिए कल के लिए क्या हो ट्रेंडिंग रणनीति

Trading plan : कच्चे तेल में उछाल से बाजार में लगातार सातवें दिन भी बिकवाली देखने को मिल रही है। निफ्टी करीब 100 अंक प्वाइंट फिसलकर गिरकर 24050 के करीब करीब कारोबार कर रहा है। निफ्टी में लोअर हाईज,लोअर लोज का सिलसिला कायम है। बैंक निफ्टी में भी दबाव देखने को मिल रहा है। छोटे-मझोले शेयरों में भी आज बिकवाली आई है। लेकिन फीयर इंडेक्स INDIA VIX में कोई उछाल नहीं है।

डिफेंस शेयरों में आज तगड़ा करेक्शन देखने को मिल रहा है। डिफेंस इंडेक्स करीब 1.75 फीसदी फिसला है। सोलार इंडस्ट्रीज और BDL तीन फीसदी से ज्यादा फिसलकर वायदा के टॉप लूजर्स में शामिल हैं। कैपिटल गुड्स और केमिकल में भी दबाव है। लेकिन चुनिंदा EMS शेयरों में दूसरे दिन भी रौनक है। KAYNES TECH वायदा का टॉप गेनर बना है।

कमजोर बाजार में न्यू एज शेयर कमाल कर रहे हैं। करीब 2 फीसदी की तेजी के साथ इटरनल निफ्टी के टॉप गेनर्स में शुमार है। वहीं PAYTM, PB फिनटेक भी दो फीसदी से ज्यादा चढ़कर वायदा के टॉप गेनर्स में शामिल हैं। साथ ही नायिका,मीशो और ग्रो में भी जोश देखने को मिल रहा है।

चीनी शेयरों में मिठास बढ़ी है। त्योहारों से पहले चीनी के भाव बढ़ने और सप्लाई पर दबाव से इनकी रफ्तार में तेजी आई है। बजाज हिंदुस्तान 9% से ज्यादा चढ़ा है। साथ ही धामपुर,त्रिवेणी और रेणुका भी तीन से पांच फीसदी ऊपर हैं।

बाजार: एक और खराब दिन

बाजार पर अपनी राय साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में फिर गिरावट हावी हो गई है। CNBC-आवाज़ पर लगातार करेक्शन का नजरिया रहा है। 8 दिनों से लोअर हाईज का सिलसिला चल रहा है। निफ्टी और बैंक निफ्टी काफी अहम स्तर पर हैं। आज मिडकैप में भी काफी बिकवाली है। IPO बाजार गुलजार है और सेकेंडरी मार्केट खराब है। बड़े प्राइवेट बैंकों में फिर बिकवाली का दबाव है। चुनिंदा IT शेयरों में आज अच्छी रैली हुई है। India VIX आज भी सिर्फ 1% ही ऊपर है। बड़ा सवाल है कि क्या ये बड़ी वाली करेक्शन है या सिर्फ छोटी वाली?

बाजार: अब क्या?

CNBC-आवाज़ पर पिछले सोमवार से हमारा शॉर्ट का नजरिया रहा है। वहां से अब निफ्टी करीब 550-600 अंक गिर चुका है। लगातार बात हुई थी कि बाजार के इनटर्नल्स अच्छे नहीं हैं। VIX का खराब बाजार में ना चलना बड़ा निगेटिव था। FIIs का सीरीज के बीच में शॉर्ट जोड़ना निगेटिव था। अब निफ्टी का ट्रेंडलाइन सपोर्ट 23,950 पर है। बाजार में रिकवरी की उम्मीद यहीं से रहेगी।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 23,950 पर सपोर्ट और 24,180-24,250 पर रेजिस्टेंस है। बैंक निफ्टी के लिए 56,800-57,000 पर सपोर्ट और 57,300-57,500 पर रेजिस्टेंस है।

 

 

Market View : बाजार में अगले कुछ दिन रहें सतर्क, शॉर्ट टर्म में डिफेंस सेक्टर का यह शेयर दे सकता है अच्छे रिटर्न

 

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हवाई जहाज को टक्कर देगी चीन की ट्रेन! फ्लाइंग ट्रेन ने मचाया तहलका

चीन तेज रफ्तार वाली ट्रेनों के मामले में लगातार नई टेक्निक पर काम कर रहा है। देश में पहले से ही शंघाई मैग्लेव जैसी तेज ट्रेन चलती है, जो करीब 460 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से दौड़ती है। अब साइंटिस्ट इससे भी ज्यादा तेज ट्रेन बनाने की तैयारी में जुटे हैं। इसी कड़ी में एक ऐसी ‘फ्लाइंग ट्रेन’ पर काम किया जा रहा है, जिसे फ्यूचर की बेहद तेज ट्रेन कहा जा रहा है।

इस ट्रेन का शुरुआती ट्रायल भी किया जा चुका है। बताया जा रहा है कि टेस्टिंग के दौरान इसकी स्पीड लगभग 800 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंची। यानी इसकी स्पीड शंघाई मैग्लेव से काफी ज्यादा है। इतनी हाई स्पीड वाली ट्रैन से कम टाइम में लंबी दुरी तय की जा सकती है। यह टेक्निक अभी टेस्टिंग में है और इसे पैसेंजर के लिए शुरू करने में समय लग सकता है। यदि आगे के ट्रायल सफल रहते हैं, तो आने वाले समय में ट्रेन से ट्रैवल करने का एक्सपीरियंस बदल सकता है।

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एरोप्लेन जैसी स्पीड

चीन के साइंटिस्ट ऐसी ट्रेन तैयार करने में जुटे हैं, जिसे ‘फ्लाइंग ट्रेन’ कहा जा रहा है। यह आम ट्रेन से काफी अलग होगी और खास टेक्निक की मदद से पटरी के ऊपर चलेगी। शुरुआती टेस्टिंग में इस ट्रेन की करीब 800 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड है। इतनी तेज स्पीड के कारण यह ट्रेन फ्यूचर में एयर ट्रैवल का एक ऑप्शन बन सकती है।

 

 

बिना पहिये चलेगी ट्रेन

इस ट्रेन को तेज रफ्तार देने के लिए इलेक्ट्रोमैग्नेटिक यानी मैग्नेटिक फाॅर्स का इस्तेमाल किया जाएगा। इस टेक्निक में ट्रेन के पहिए सीधे पटरी के कॉन्टैक्ट में नहीं आते, बल्कि मैग्नेटिक फाॅर्स से ट्रेन पटरी के ऊपर थोड़ी दूरी पर आगे बढ़ती है। इससे पहिए और पटरी के बीच फ्रिक्शन काफी कम हो जाता है। फ्रिक्शन कम होने पर ट्रेन को ज्यादा तेज स्पीड से चलाना आसान होता है।

हवा नहीं रोकेगी रफ्तार

800 किलोमीटर प्रति घंटे जैसी हाई स्पीड पर ट्रेन के सामने हवा का दबाव एक बड़ी समस्या बन सकता है। इसी वजह से इस ट्रेन के लिए खास ट्यूब या सुरंग तैयार की जा रही है। इस ट्यूब के अंदर से पंप की मदद से हवा को बाहर निकाला जाएगा, जिससे ट्रेन को कम हवा वाले वातावरण में चलने में मदद मिलेगी। हवा का दबाव कम होने से ट्रेन के लिए तेज रफ्तार हासिल करना आसान हो सकता है और सफर के दौरान एनर्जी की बचत भी हो सकती है। चीन के हुबेई में साइंटिस्ट ने करीब एक किलोमीटर लंबे ट्रैक पर इस टेक्निक का टेस्ट किया। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रायल में ट्रेन ने सिर्फ 5.3 सेकंड में 800 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार हासिल की। अब साइंटिस्ट इस टेक्निक को और बेहतर बनाने और फ्यूचर में इसकी स्पीड को 1000 किलोमीटर प्रति घंटे तक ले जाने की तैयारी कर रहे हैं।

 

 

टेस्टिंग के लिए तैयार

इस फ्यूचर ट्रेन पर चाइना एयरोस्पेस साइंस एंड इंडस्ट्री कॉरपोरेशन (CASIC) काम कर रहा है। इतनी हाई स्पीड वाली ट्रेन के लिए ट्रैक और ट्यूब को स्टैंडर्ड रेलवे ट्रैक की तुलना में कहीं ज्यादा सटीक बनाना जरूरी है। टेस्टिंग के लिए तैयार किए गए करीब एक किलोमीटर लंबे कंक्रीट और स्टील ट्रैक में अलाइनमेंट को सिर्फ 0.5 मिलीमीटर तक रखने की बात कही गई है। फिलहाल यह प्रोजेक्ट शुरुआती ट्रायल में है टेक्निक सफल हुई तो लंबी दूरी की जर्नी कम टाइम में पूरी हो सकती है।

ट्रम्प बोले-ईरान डील के लिए तैयार हो, तभी होगी बातचीत:नेगोसिएटिंग टीम से वार्ता रोकने को कहा; होर्मुज को लेकर तनाव जारी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपनी नेगोसिएटिंग टीम से ईरान के साथ वार्ता रोकने को कहा है। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प ने यह फैसला तब तक के लिए लिया है, जब तक तेहरान किसी डील के लिए तैयार नहीं हो जाता। अमेरिकी अधिकारी ने अल जजीरा को बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच अब तक सकारात्मक बातचीत हुई थी, लेकिन ट्रम्प ने आगे की बातचीत शुरू करने से पहले इंतजार करने का फैसला किया। ट्रम्प ने मंगलवार को होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिका का हिस्सा बताते हुए सोशल मीडिया पर मैप पोस्ट किया था। ट्रम्प के पोस्ट के बाद ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिका का हिस्सा बताना सिर्फ एक गलतफहमी है। पोस्ट में ट्रम्प ने लिखा- नया अमेरिकी क्षेत्र ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर एक ग्राफिक पोस्ट किया, जिसके ऊपर ‘नया अमेरिकी क्षेत्र’ लिखा था। इस मैप में होर्मुज स्ट्रेट और उसके आसपास का समुद्री इलाका दिखाया गया था। इसमें ईरान, ओमान और UAE के हिस्से भी नजर आ रहे थे। ट्रम्प बोले- होर्मुज में नाकाबंदी जारी ट्रम्प ने मंगलवार को होर्मुज को लेकर कहा कि वहां अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी अभी भी पूरी तरह लागू है। होर्मुज खुला है और वहां आवाजाही जारी है। वहीं, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका के अपना वादा पूरी करने तक ईरान होर्मुज को दोबारा नहीं खोलेगा। ट्रम्प के कहने से होर्मुज अमेरिका का हिस्सा हो जाएगा? सीधा जवाब है- नहीं। होर्मुज स्ट्रेट ईरान और ओमान के बीच स्थित एक अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्ता है। इस रास्ते से दुनिया के कई देशों के तेल और गैस से भरे जहाज गुजरते हैं। इसलिए इस पर सिर्फ किसी एक देश का अधिकार नहीं होता। अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सभी देशों के जहाजों को इस रास्ते से आने-जाने का अधिकार है। इसी वजह से कोई भी देश सिर्फ अपने दम पर इस समुद्री मार्ग पर कब्जे का दावा नहीं कर सकता। इसलिए ट्रम्प का मैप एक राजनीतिक दावा या मैसेज माना जा सकता है, लेकिन इससे अमेरिका को होर्मुज स्ट्रेट पर अपने आप कोई नया कानूनी अधिकार नहीं मिल जाता। होर्मुज स्ट्रेट पर किसका अधिकार है? होर्मुज स्ट्रेट का उत्तरी हिस्सा ईरान के पास है, जबकि दक्षिणी हिस्सा ओमान के मुसंदम क्षेत्र से लगता है। फारस की खाड़ी से निकलने वाले जहाज इसी रास्ते से अरब सागर और फिर हिंद महासागर की ओर जाते हैं। इसी वजह से होर्मुज स्ट्रेट सिर्फ एक देश का नहीं, बल्कि कई देशों के लिए अहम समुद्री मार्ग है। अमेरिका यहां अपने युद्धपोत और नौसैनिक बल तैनात रखता है ताकि समुद्री व्यापार और अपने सहयोगी देशों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सके। होर्मुज स्ट्रेट इतना अहम क्यों है? खाड़ी देशों से दुनिया को भेजे जाने वाले करीब 20% कच्चे तेल और बड़ी मात्रा में प्राकृतिक गैस की आपूर्ति होर्मुज स्ट्रेट से होती है। फरवरी में अमेरिका-ईरान जंग शुरू होने से पहले हर दिन करीब 2 करोड़ बैरल तेल इस रास्ते से होकर गुजरता था। भारत, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों की एनर्जी सप्लाई काफी हद तक इसी रास्ते पर निर्भर है। इसी वजह से अमेरिका चाहता है कि होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही जल्द से जल्द सामान्य हो। दूसरी ओर, ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकाबंदी नहीं हटाता और समझौते में किए गए वादे पूरे नहीं करता, तब तक यह रास्ता नहीं खोला जाएगा। ————– ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प की लोकप्रियता घटी, सिर्फ 33% लोगों की पसंद:ईरान युद्ध के चलते गिरावट; 80% अमेरिकी बोले- जंग लंबी चलेगी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की लोकप्रियता ईरान युद्ध के बीच लगातार घट रही है। रॉयटर्स/इप्सोस के ताजा सर्वे में सिर्फ 33% अमेरिकियों ने ट्रम्प के कामकाज को मंजूरी दी। पूरी खबर पढ़ें…

ट्रंप बोले-ईरान डील के लिए तैयार हो, तभी होगी बातचीत:नेगोसिएटिंग टीम से वार्ता रोकने को कहा; होर्मुज को लेकर तनाव जारी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपनी नेगोसिएटिंग टीम से ईरान के साथ वार्ता रोकने को कहा है। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प ने यह फैसला तब तक के लिए लिया है, जब तक तेहरान किसी डील के लिए तैयार नहीं हो जाता। अमेरिकी अधिकारी ने अल जजीरा को बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच अब तक सकारात्मक बातचीत हुई थी, लेकिन ट्रम्प ने आगे की बातचीत शुरू करने से पहले इंतजार करने का फैसला किया। ट्रम्प ने मंगलवार को होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिका का हिस्सा बताते हुए सोशल मीडिया पर मैप पोस्ट किया था। ट्रम्प के पोस्ट के बाद ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिका का हिस्सा बताना सिर्फ एक गलतफहमी है। पोस्ट में ट्रम्प ने लिखा- नया अमेरिकी क्षेत्र ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर एक ग्राफिक पोस्ट किया, जिसके ऊपर ‘नया अमेरिकी क्षेत्र’ लिखा था। इस मैप में होर्मुज स्ट्रेट और उसके आसपास का समुद्री इलाका दिखाया गया था। इसमें ईरान, ओमान और UAE के हिस्से भी नजर आ रहे थे। ट्रम्प बोले- होर्मुज में नाकाबंदी जारी ट्रम्प ने मंगलवार को होर्मुज को लेकर कहा कि वहां अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी अभी भी पूरी तरह लागू है। होर्मुज खुला है और वहां आवाजाही जारी है। वहीं, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका के अपना वादा पूरी करने तक ईरान होर्मुज को दोबारा नहीं खोलेगा। ट्रम्प के कहने से होर्मुज अमेरिका का हिस्सा हो जाएगा? सीधा जवाब है- नहीं। होर्मुज स्ट्रेट ईरान और ओमान के बीच स्थित एक अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्ता है। इस रास्ते से दुनिया के कई देशों के तेल और गैस से भरे जहाज गुजरते हैं। इसलिए इस पर सिर्फ किसी एक देश का अधिकार नहीं होता। अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सभी देशों के जहाजों को इस रास्ते से आने-जाने का अधिकार है। इसी वजह से कोई भी देश सिर्फ अपने दम पर इस समुद्री मार्ग पर कब्जे का दावा नहीं कर सकता। इसलिए ट्रम्प का मैप एक राजनीतिक दावा या मैसेज माना जा सकता है, लेकिन इससे अमेरिका को होर्मुज स्ट्रेट पर अपने आप कोई नया कानूनी अधिकार नहीं मिल जाता। होर्मुज स्ट्रेट पर किसका अधिकार है? होर्मुज स्ट्रेट का उत्तरी हिस्सा ईरान के पास है, जबकि दक्षिणी हिस्सा ओमान के मुसंदम क्षेत्र से लगता है। फारस की खाड़ी से निकलने वाले जहाज इसी रास्ते से अरब सागर और फिर हिंद महासागर की ओर जाते हैं। इसी वजह से होर्मुज स्ट्रेट सिर्फ एक देश का नहीं, बल्कि कई देशों के लिए अहम समुद्री मार्ग है। अमेरिका यहां अपने युद्धपोत और नौसैनिक बल तैनात रखता है ताकि समुद्री व्यापार और अपने सहयोगी देशों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सके। होर्मुज स्ट्रेट इतना अहम क्यों है? खाड़ी देशों से दुनिया को भेजे जाने वाले करीब 20% कच्चे तेल और बड़ी मात्रा में प्राकृतिक गैस की आपूर्ति होर्मुज स्ट्रेट से होती है। फरवरी में अमेरिका-ईरान जंग शुरू होने से पहले हर दिन करीब 2 करोड़ बैरल तेल इस रास्ते से होकर गुजरता था। भारत, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों की एनर्जी सप्लाई काफी हद तक इसी रास्ते पर निर्भर है। इसी वजह से अमेरिका चाहता है कि होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही जल्द से जल्द सामान्य हो। दूसरी ओर, ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकाबंदी नहीं हटाता और समझौते में किए गए वादे पूरे नहीं करता, तब तक यह रास्ता नहीं खोला जाएगा। ————– ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प की लोकप्रियता घटी, सिर्फ 33% लोगों की पसंद:ईरान युद्ध के चलते गिरावट; 80% अमेरिकी बोले- जंग लंबी चलेगी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की लोकप्रियता ईरान युद्ध के बीच लगातार घट रही है। रॉयटर्स/इप्सोस के ताजा सर्वे में सिर्फ 33% अमेरिकियों ने ट्रम्प के कामकाज को मंजूरी दी। पूरी खबर पढ़ें…

भारतीय हॉकी टीम ने दक्षिण अफ्रीका को पहली बार हॉकी विश्वकप में हराया

पहले ही मैच में ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन को ड्रॉ पर रोकने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम ने आक्रामक लय को कायम रखते हुए एफआईएच विश्व कप के पूल डी के दूसरे मैच में दक्षिण अफ्रीका को 6 -1 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश का मार्ग प्रशस्त कर लिया। वेगनेर स्टेडियम पर खेले गए इस मैच में भारत के लिये छह अलग अलग खिलाड़ियों ने गोल किये और तीन गोल तीसरे क्वार्टर में ही हुए। टूर्नामेंट में 11 पदार्पण करने वाली खिलाड़ियों को लेकर उतरे कोच शोर्ड मारिन के चेहरे की मुस्कान बता रही थी कि यह प्रदर्शन उनके लिये क्या मायने रखता है।

भारत के लिये सुनेलिटा टोप्पो (11वां), नवनीत कौर (17वां), सुशीला चानू (25वां) , दीपिका (38वां), लालरेम्सियामी (44वां) और साक्षी राणा (45वां ) ने गोल दागे। आर्थिक परेशानियों से जूझते हुए टूर्नामेंट की तैयारी के लिये सोशल मीडिया पर अपील के बाद सरकार से मदद पाकर यहां पहुंची दक्षिण अफ्रीका के लिये एकमात्र गोल 55वें मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर पर कायला डे वाल ने दागा।

 इस जीत के बाद अब पूल चरण से चीन, भारत और इंग्लैंड तीनों के रास्ते खुले हैं और बड़े अंतर से जीत के कारण गोल औसत में भारत की उम्मीदें बेहतर होंगी। भारत के दो मैचों में एक जीत और एक ड्रॉ के बाद चीन के समान चार अंक है लेकिन गोल औसत के आधार पर भारत पूल में शीर्ष पर है । इंग्लैंड के एक जीत और एक हार के बाद तीन अंक हैं जबकि दक्षिण अफ्रीका दो मैच हारकर दौड़ से बाहर है।भारत को अब 20 अगस्त को इंग्लैंड से खेलना है जिसके बाद अगले दौर में पहुंचने वाली टीम का निर्धारण होगा।

मैच का पहला मूव दक्षिण अफ्रीका ने बनाया और चौथे ही मिनट में उसे पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन भारतीय गोलकीपर बिछू देवी ने आसान बचाव किया। भारत को जवाबी हमले में सातवें मिनट में बलजीत कौर ने पेनल्टी कॉर्नर दिलाया जिस पर बाहर की ओर जाती दीपिका की फ्लिक पर दक्षिण अफ्रीका की गोलकीपर वान टोंडेर मार्लिसे ने गेंद को दाहिने ओर से बाहर निकाल दिया।

भारत के लिये पहला गोल 11वें मिनट में सुनेलिटा ने किया । साक्षी राणा ने शॉट लेने की कोशिश की लेकिन गेंद छिटक गई और गोल के सामने खड़ी सुनेलिटा ने आसानी से उसे भीतर डाल दिया।दूसरे क्वार्टर में भारत की शुरूआत आक्रामक ही रही और दूसरे मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर को नवनीत ने गोल में बदलकर बढत दुगुनी कर दी। नवनीत ने चतुराई से एंगल बदला और दाहिनी ओर नीचे की तरफ दमदार शॉट लगाकर गेंद को गोलकीपर और डिफेंडर के बीच से निकालते हुए भारत के लिये दूसरा गोल किया।

दक्षिण अफ्रीका के लिये ओंथाटाइल थाटी जुलू ने जबर्दस्त प्रदर्शन किया और कई बार भारतीय डिफेंस में सेंध लगाने की कोशिश की। वह 23वें मिनट में मैदान के बीच से दाहिने विंग से अकेले गेंद लेकर दौड़ी लेकिन भारतीय डिफेंस चौकस था। इसी मिनट भारत को तीसरा पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन नवनीत के शॉट पर गेंद दक्षिण अफ्रीका के डिफेंडर से टकराई ।भारत को लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर मिले।

 पांचवें पेनल्टी कॉर्नर पर दीपिका की फ्लिक पहले रशर से टकराई लेकिन सुशीला ने रिबाउंड पर गोल करके भारत की बढत 3-0 की कर दी।भारत को ब्रेक से चार मिनट पहले एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन दीपिका की दमदार ड्रैग फ्लिक को एक बार फिर वान डोर ने आगे बढकर बचाया और रिबाउंड शॉट पोस्ट से टकरा गया।

दक्षिण अफ्रीका ने दूसरे क्वार्टर में एकमात्र अच्छा प्रयास 29वें मिनट में किया जब एनत्सोपा मोकोएना भारतीय सर्कल में घुसी तो गोलकीपर के अलावा कोई नहीं था लेकिन उनके शॉट पर गेंद हवा में उछलकर बाहर निकल गई।भारत के पास पहले हाफ के बाद तीन गोल की शानदार बढत थी।

ब्रेक के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने उसी लय को कायम रखा और 38वें मिनट में फॉरवर्ड पंक्ति के बीच बेहतरीन पासिंग से भारत को एक और गोल मिला। नवनीत ने बलजीत को तेजी से पास दिया जिसने बायीं ओर से दीपिका को क्रॉस दिया और दीपिका ने बैकहैंड पर गेंद रोककर सीधे शॉट पर गोल के भीतर डाल दिया।

 दक्षिण अफ्रीका को अगले मिनट पलटवार पर मिला पेनल्टी कॉर्नर बेकार गया। भारत ने तीसरे क्वार्टर में एक गोल और दागा और यह आज ही अर्जुन पुरस्कार पाने वाली लालरेम्सियामी के खाते में गया। नेहा से हवा में मिली गेंद को बेहतर नियंत्रण दिखाते हुए उन्होंने रोका और उसी मूव में शॉट लगाते हुए गोल कर दिया।

गोलों की बौछार के बीच अगले मिनट साक्षी राणा ने भी स्कोरर में अपना नाम दर्ज कराया। कप्तान सलीमा टेटे ने इशिका को गेंद सौंपी जिनका शॉट गोलपोस्ट से टकराया लेकिन रिबाउंड पर साक्षी ने भारत का छठा गोल किया।
दक्षिण अफ्रीका ने आखिरी मिनटों में मिले पेनल्टी कॉर्नर को तब्दील करके भारत को क्लीन शीट रखने से रोका।

रिपोर्ट- रूस सीक्रेट रूट से ईरान को हथियार भेज रहा:मिसाइल-ड्रोन पार्ट्स और गोला-बारूद शामिल; ट्रैकिंग सिस्टम बंद कर समुद्री रास्ते का इस्तेमाल

रूस सीक्रेट रास्ते के जरिये ईरान के सैन्य भंडार को मजबूत करने में मदद कर रहा है। NBC न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस ईरान को TNT विस्फोटक, ड्रोन के पार्ट्स और गोला-बारूद भेज रहा है। रिपोर्ट में यूरोपीय सरकार के एक दस्तावेज के हवाले से बताया गया कि सैटेलाइट तस्वीरों से संकेत मिले हैं कि इनमें बैलिस्टिक मिसाइल बनाने के लिए जरूरी कुछ पार्ट्स भी हो सकते हैं। ईरान के सैन्य भंडार हाल में अमेरिका और इजराइल के साथ हुए संघर्ष में काफी कम हुए थे। रूस इसके लिए कैस्पियन सागर का रास्ता इस्तेमाल कर रहा है। कैस्पियन सागर से रूस, ईरान, कजाकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और अजरबैजान क सीमाएं लगती हैं। यह समुद्री रास्ता पश्चिमी देशों की निगरानी से बचने में मदद करता है। यहां से गुजरने वाले जहाज अपना ट्रैकिंग सिस्टम (AIS) बंद कर सकते हैं। इससे उनकी आवाजाही को ट्रैक करना बहुत मुश्किल हो जाता है। कैस्पियन सागर रूस-ईरान के लिए बैकडोर कैस्पियन सागर रूस और ईरान के बीच एक सुरक्षित बैकडोर और रणनीतिक समुद्री रास्ते के रूप में काम करता है। यह बैकडोर दोनों देशों को अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और पश्चिमी देशों की नजरों से बचकर सैन्य सामान भेजने की सहूलियत देता है। कैस्पियन सागर की कानूनी स्थिति को लेकर लंबे समय तक विवाद रहा है, लेकिन 2018 में ‘कैस्पियन सागर की कानूनी स्थिति पर कन्वेंशन’ पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता कैस्पियन सागर के पांच तटीय देशों को इसके संसाधनों और सुरक्षा पर अधिकार देता है। हालांकि, यह समझौता मुख्य रूप से समुद्री सीमाओं और वहां के संसाधनों के इस्तेमाल से जुड़ा है। इसके तहत किसी बाहरी देश की सेना को यहां आने की इजाजत नहीं है। इससे यह इलाका इन पांच देशों के खास प्रभाव वाला क्षेत्र बन जाता है। पहले ईरान रूस को ड्रोन देता था, अब रूस मदद कर रहा यूक्रेन युद्ध के दौरान ईरान ने रूस को शाहेद जैसे ड्रोन दिए थे। अब, रूस ईरान को अपने घटे सैन्य भंडार को फिर से भरने में मदद कर रहा है। रूस की ओर से ईरान को सामान भेजे जाने की रिपोर्ट ऐसे समय सामने आई है, जब इजराइल पहले ईरान के अहम बंदरगाह और सैन्य सप्लाई नेटवर्क को निशाना बना चुका है। द टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक, इजराइली हमलों में बंदर अंजली पोर्ट की कुछ सुविधाओं और ईरानी नौसेना से जुड़े ठिकानों को नुकसान पहुंचा था। यह पोर्ट ईरान तक सैन्य सामान पहुंचाने वाले समुद्री नेटवर्क का हिस्सा है। चीन से भी मिसाइल के पार्ट्स ले रहा ईरान रूस ने ईरान की मदद करने पर इनकार किया था रूस और ईरान ने इन सामानों की आपूर्ति को लेकर सार्वजनिक रूप से कोई बयान नहीं दिया है। रूस पहले भी ईरान को सैन्य सामान देने की खबरों से इनकार करता रहा है। रूस ने घोषित सैन्य सहयोग के अलावा ईरान को किसी तरह की सैन्य सामग्री देने से लगातार इनकार किया है। पश्चिमी खुफिया एजेंसियां सार्वजनिक रूप से यह बताने को तैयार नहीं हैं कि ईरान ने अपने सैन्य भंडार को कितनी तेजी से दोबारा तैयार किया है। हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक इजराइली खुफिया एजेंसियां इस बात से हैरान थीं कि ईरान अपने कुछ मिसाइल भंडार को इतनी तेजी से फिर तैयार करने में सफल रहा। ————— यह खबर भी पढ़ें… ट्रम्प ने होर्मुज को अमेरिका का नया इलाका बताया:मैप पोस्ट किया; ईरान का जवाब- ट्रम्प की गलतफहमी जल्द दूर हो जाएगी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिका का हिस्सा बताते हुए सोशल मीडिया पर मैप पोस्ट किया है। ट्रम्प के पोस्ट के बाद ईरान ने कहा कि होर्मुज को अमेरिका का हिस्सा बताना सिर्फ एक गलतफहमी है। पूरी खबर पढ़ें…

Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना ₹2000 चढ़ा, चांदी में भी तेजी

Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में 18 अगस्त को सोने और चांदी में तेजी दिखी। सोना 2,000 रुपये चढ़कर 1,58,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। सोने में लगातार दूसरे दिन तेजी रही। इसकी वजह रिटेलर्स और स्टॉकिस्ट्स की अच्छी मांग बताई जा रही है। लगातार दो सत्रों में अपरिवर्तित रहने के बाद चांदी में भी तेजी रही।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में गिरावट 

चांदी का भाव 730 रुपये चढ़कर 2,40,730 रुपये प्रति किलो ग्राम पर पहुंच गया। उधर, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में नरमी दिखी। स्पॉट गोल्ड 0.51 फीसदी गिरकर 4,393 डॉलर प्रति औंस था। चांदी 1.41 फीसदी गिरकर 64.82 डॉलर प्रति औंस थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में गिरावट की वजह क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल है।

क्रूड ऑयल में उछाल का असर सोने पर पड़ा है

मिरै एसेट शेयरखान में कमोडिटीज के हेचड प्रवीण सिंह ने कहा कि पश्चिम एशिया में टेंशन बढ़ने से क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल आया है, जिसका असर सोने की कीमतों पर पड़ा है। अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों का युद्धविराम 17 अगस्त को खत्म हो गया। इसके बाद क्रूड में तेजी आई है। 18 अगस्त को एक समय ब्रेंट क्रूड का भाव 91 डॉलर प्रति बैरल पार कर गया था।

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल का भी बुलियन पर असर

कोटक सिक्योरिटीज में कमोडिटी रिसर्च की एवीबी कायनात चेनवाला ने कहा कि स्पॉट सिल्वर 65 डॉलर प्रति औंस के करीब आ गया है। इसकी वजह अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल है। उन्होंने कहा कि चांदी में मुनाफावसूली का भी कुछ असर इसकी कीमतों पर पड़ा है। इससे पहले बुलियन में अच्छी तेजी दिखी थी।

बुलियन के लिए फिलहाल स्थितियां अनुकूल 

चेनवाला ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में नरमी के बावजूद बुलियन के लिए स्थितियां अनुकूल दिख रही हैं। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने की उम्मीद कम हुई है। चीन सहित दुनिया के दूसरे देशों के केंद्रीय बैंक सोना खरीद रहे हैं। साथ ही इनवेस्टर्स की डिमांड भी स्ट्रॉन्ग बनी हुई है।

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क्रूड में तेजी जारी रहने पर बढ़ सकता है इंटरेस्ट रेट 

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका और ईरान में से कोई झुकने को तैयार नहीं है। मध्यपूर्व में तनाव घटने की जगह बढ़ता दिखता रहा है। इसका असर क्रूड ऑयल की सप्लाई पर पड़ रहा है। अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जल्द नहीं खुलता है तो सप्लाई कम होने से क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ सकती हैं। इससे महंगाई बढ़ेगी, जिसे काबू में करने के लिए फेड इंटरेस्ट रेट बढ़ाने को मजबूर होगा। इसका निगेटिव असर सोने पर पड़ेगा।

Heart Health: सिगरेट ही नहीं, ये 4 चीजें भी हैं दिल की दुश्मन! 8000 हार्ट सर्जरी कर चुके डॉक्टर ने बताया किन चीजों से रहें दूर

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में काम का दबाव, घंटों बैठे रहना, बाहर का खाना और लगातार तनाव हमारी रोजमर्रा की लाइफस्टाइल का हिस्सा बनते जा रहे हैं। इन आदतों का असर धीरे-धीरे दिल की सेहत पर भी पड़ सकता है। हालांकि, दिल को स्वस्थ रखने के लिए अपनी पूरी लाइफस्टाइल बदलने की जरूरत नहीं है। छोटी-छोटी अच्छी आदतें भी बड़ा फर्क डाल सकती हैं। कार्डियोवस्कुलर सर्जन डॉ. जेरेमी लंदन ने 8,000 से ज्यादा हार्ट ऑपरेशन किए हैं। उन्होंने अपने अनुभव के आधार पर ऐसी 5 चीजों के बारे में बताया है, जिनसे वह खुद दूरी बनाए रखते हैं।

इनमें स्मोकिंग, ज्यादा प्रोसेस्ड खाना, लंबे समय तक बैठे रहना, अकेलापन और लगातार तनाव जैसी रोज की आदतें शामिल हैं। खास बात यह है कि इनसे बचने के लिए किसी कठिन रूटीन की जरूरत नहीं है। बस अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में थोड़े बदलाव करके दिल की सेहत का बेहतर ख्याल रखा जा सकता है।

  1. धूम्रपान से रहें दूर

डॉ. Jeremy  लंदन सिगरेट, वेप और गांजा पीने से बचने की सलाह देते हैं। धुएं में मौजूद हानिकारक पदार्थ दिल और रक्त वाहिकाओं पर बुरा असर डाल सकते हैं। इसलिए दिल की सेहत के लिए धूम्रपान छोड़ना सबसे जरूरी कदमों में से एक है।

  1. ज्यादा पैकेट वाला खाना न खाएं

चिप्स, पैकेज्ड स्नैक्स, फास्ट फूड और दूसरे अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड में अक्सर ज्यादा नमक, चीनी और खराब फैट होता है। डॉक्टर की सलाह है कि खाने में ताजे फल, सब्जियां, दाल, साबुत अनाज और घर का बना खाना ज्यादा शामिल करें।

  1. घंटों बैठे न रहें

आजकल काम के दौरान कई लोग लंबे समय तक कुर्सी पर बैठे रहते हैं। डॉ. लंदन के मुताबिक, हमारा शरीर लगातार बैठे रहने के लिए नहीं बना है। रोज थोड़ा चलना भी अच्छी शुरुआत है। खाने के बाद 10 मिनट की वॉक जैसी छोटी आदत भी फायदेमंद हो सकती है।

  1. अकेलेपन को नजरअंदाज न करें

दिल की सेहत का संबंध सिर्फ खान-पान और एक्सरसाइज से नहीं है। लंबे समय तक अकेलापन भी शरीर और दिमाग पर असर डाल सकता है। परिवार, दोस्तों और करीबी लोगों के साथ समय बिताना और उनसे जुड़े रहना जरूरी है।

  1. लंबे समय तक तनाव न पालें

लगातार तनाव रहने से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है और दिल पर दबाव पड़ सकता है। इसलिए तनाव को नजरअंदाज करने के बजाय उसे कम करने की कोशिश करनी चाहिए। अच्छी नींद, एक्सरसाइज, आराम और अपनों के साथ समय बिताना इसमें मदद कर सकता है।

खतरा पूरी तरह खत्म नहीं होता

डॉ. लंदन का कहना है कि इन आदतों को अपनाने से हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं होता। लेकिन स्वस्थ जीवनशैली और जोखिम कारकों पर नियंत्रण दिल को बेहतर स्थिति में रखने में मदद कर सकता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य स्वास्थ्य सुझावों पर आधारित है। इसे किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प न मानें। किसी भी नए व्यायाम को शुरू करने से पहले विशेषज्ञ या डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

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खराब ग्राफिक्स और अजीब कहानी का उड़ाया मजाक, अब उसी फिल्म को देखने उमड़ा दर्शकों का हुजूम

किसी फिल्म की खराब क्वालिटी की चर्चा आमतौर पर उसके लिए नुकसानदायक मानी जाती है, लेकिन चीन की एक एनिमेटेड फिल्म के साथ कहानी पूरी तरह उलट गई। ‘Niu Lai’ (The Cow Is Coming) को सोशल मीडिया पर लोगों ने जमकर ट्रोल किया। फिल्म के कमजोर ग्राफिक्स, अजीब किरदारों और उलझी कहानी को लेकर ऐसे-ऐसे कमेंट किए गए कि यह देखते ही देखते चर्चा में आ गई। शुरुआत में फिल्म को दर्शकों का खास रिस्पॉन्स नहीं मिला और इसकी कमाई भी बेहद कम रही। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हुए फिल्म के क्लिप्स ने लोगों की जिज्ञासा बढ़ा दी।

अब कई दर्शक फिल्म को इसलिए देखने पहुंच रहे हैं ताकि खुद तय कर सकें कि यह वाकई इतनी खराब है या नहीं। हैरानी की बात यह है कि जिस फिल्म को लोग मजाक का विषय बना रहे थे, वही अब बॉक्स ऑफिस पर बड़ी फिल्मों को टक्कर दे रही है। फिल्म की यह अजीबोगरीब सफलता सोशल मीडिया के दौर में चर्चा का नया उदाहरण बन गई है।

पहले 10 दिन में सिर्फ 300 टिकट बिके

5 अगस्त को रिलीज हुई इस 86 मिनट की फिल्म की शुरुआत बेहद कमजोर रही। पहले 10 दिनों में इसकी कमाई सिर्फ 7,700 युआन यानी करीब ₹1.04 लाख रही। देशभर में 300 से भी कम लोगों ने फिल्म का टिकट खरीदा था।  फिल्म के प्रमोशन पर भी खास ध्यान नहीं दिया गया था। न कोई बड़ा प्रचार अभियान हुआ, न ट्रेलर जारी किया गया।

सोशल मीडिया पर वायरल हुई फिल्म की ‘बदसूरती’

फिर फिल्म के कुछ क्लिप सोशल मीडिया पर पहुंच गए। इसके बाद लोगों ने इसके खराब कंप्यूटर ग्राफिक्स, अजीब किरदारों, कमजोर आवाज और उलझी कहानी का मजाक उड़ाना शुरू कर दिया। किसी ने इसे खराब स्टूडेंट प्रोजेक्ट जैसा बताया, तो किसी ने इसे AI से भी खराब कह दिया। देखते ही देखते फिल्म को ‘2026 की सबसे खराब फिल्म’ जैसे टैग मिलने लगे। लेकिन यहीं से कहानी पलट गई।

मजाक बना फिल्म के लिए फ्री प्रमोशन

सोशल मीडिया पर हो रही ट्रोलिंग ने फिल्म को खत्म करने के बजाय लोगों की उत्सुकता बढ़ा दी। लोग अब यह देखने के लिए टिकट खरीदने लगे कि आखिर फिल्म वास्तव में इतनी खराब है या नहीं। यानी जिस चीज को फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी माना जा रहा था, वही उसकी सबसे बड़ी मार्केटिंग बन गई।

₹1 लाख से सीधे ₹20 करोड़ के पार

चीनी टिकटिंग प्लेटफॉर्म Maoyan के आंकड़ों के मुताबिक, फिल्म अब 14.9 मिलियन युआन यानी करीब 20 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर चुकी है। खास बात यह है कि फिल्म अब चीन के बॉक्स ऑफिस पर बड़ी फिल्मों के साथ नजर आ रही है। यानी जिस फिल्म को शुरुआत में कोई पूछ भी नहीं रहा था, वह अचानक चर्चा में आ गई।

सिर्फ दो लोगों ने 5 साल में बनाई फिल्म

‘Niu Lai’ की कहानी भी कम दिलचस्प नहीं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसे सिर्फ दो लोगों ने करीब पांच साल में तैयार किया। शिन युमेंग और सुन लिफांग को फिल्म के लेखक, निर्देशक, निर्माता और वॉइस आर्टिस्ट के तौर पर क्रेडिट दिया गया है। फिल्म का इकलौता चर्चित प्रमोशनल पोस्टर भी काफी खूबसूरत है, जिसमें पारंपरिक इंक-वॉश आर्ट नजर आती है। लेकिन पोस्टर और फिल्म के अंदर दिखने वाले साधारण एनिमेशन में जमीन-आसमान का अंतर है।

रिलीज करने से पहले भी मिली थी चेतावनी

फिल्म के वितरक के बारे में बताया गया कि उन्हें इसकी क्वालिटी को लेकर फिल्म रिलीज न करने की सलाह दी गई थी। इसके बावजूद उन्होंने फिल्म रिलीज की, क्योंकि वह निर्देशक के दोस्त थे। आज वही फैसला फिल्म के लिए फायदे का सौदा साबित होता नजर आ रहा है।

AI के दौर में कुछ लोगों को पसंद आई ‘कच्ची’ कला

हालांकि हर कोई फिल्म की आलोचना से सहमत नहीं है। कुछ दर्शकों को इसका साधारण और हाथ से तैयार किया गया अंदाज पसंद आया। उनका कहना है कि ऐसे समय में जब AI कुछ ही सेकंड में शानदार विजुअल तैयार कर सकता है, इस फिल्म की कमियां भी उसे अलग बनाती हैं। लेकिन फिल्म की सबसे बड़ी खासियत शायद यही है कि लोग इसे अच्छा मानकर नहीं, बल्कि खराब होने की बात सुनकर देखने पहुंच रहे हैं। कभी फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी बनी उसकी खराब क्वालिटी, आज उसी की सबसे बड़ी ताकत और चर्चा की वजह बन गई है।

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