टीम से बाहर निकलने की कगार पर खड़े अभिषेक शर्मा ने ठोके 91 गेंदों में 255 रन (Video)

भारतीय T-20I टीम से बाहर निकलने की कगार पर खड़े अभिषेक शर्मा ने 91 गेंदों में 255 रन बनाए हैं। इस पारी में उन्होंने 15 चौके और 25 छक्के लगाए हैं। हालांकि यह पारी शायद उन्हें अगले टूर्नामेंट में बाहर निकलने से नहीं बचा पाए क्योंकि यह पारी किसी अंतरराष्ट्रीय टीम नहीं बल्कि तरण तारण पुरुष सीनियर टूर्नामेंट के वनडे डिस्ट्रिक्ट मैच में आई।

संजू सैमसन के बाद अब अभिषेक शर्मा के ड्रॉप होने की बारी आ गई है। क्रिकेट पंडितों की मानें तो अगली टी-20 सीरीज जो वेस्टइंडीज के खिलाफ होनी है उसमें अभिषेक शर्मा को ड्रॉप करके संजू सैमसन को शामिल किया जाए क्योंकि वैभव सूर्यवंशी बेहतरीन फॉर्म में है।

जिम्बाब्वे दौरे पर वैभव सूर्यवंशी अपने पसंदीदा मैदान हरारे स्पोर्ट्स क्लब में विस्फोटक पारियां खेलकर मैन ऑफ द सीरीज बन गए। लेकिन उनके साथी अभिषेक शर्मा संघर्ष करते हुए नजर आए और तीनों मैचों में ब्लेसिंग मुजरबानी के खिलाफ सस्ते में आउट हो गए।

इससे पहले इंग्लैंड के खिलाफ पहले 2 मैचों में अभिषेक ने जरूर 50 रन बनाए लेकिन अंतिम 3 मैचों में वह फिर सस्ते में आउट हो गए। इस कारण अभिषेक की 6 असफल पारियों के कारण उनको अब वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली टी-20 सीरीज से आराम दिया जाएगा और संजू सैमसन जिन्हें जिम्बाब्वे दौरे पर आराम दिया गया था उन्हें टीम में लाया जाएगा।

अभिेषेक शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी-20 में 7 गेंदों में 10 रन बनाए। चौथे टी-20 में 14 गेंदों में 16 रन बनाए। पांचवे टी-20 मैच में उन्होंने 5 गेंदों में सिर्फ 3 रन बनाए। उनका खराब फॉर्म जिम्बाब्वे में भी जारी रहा। पहले टी-20 में वह 8 गेंद खेलकर 1 रन बना पाए। वहीं दूसरे टी-20 में 8 गेंदों में 8 रन बना पाए। तीसरे टी-20 में भी वह 4 गेंद खेलकर सिर्फ 2 रन ही बना पाए। इस हिसाब से वह 6 टी-20 पारियों में सिर्फ 40 रन बना पाए हैं।

Sensex 544 प्वाइंट्स मजबूत, Nifty 24774 पर बंद, ₹3 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

Sensex-Nifty closes green: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के सबसे बड़े सैन्य हमले को टालने का ऐलान किया तो मार्केट में रौनक छा गई। कच्चे तेल की नरमी से इसे और सपोर्ट मिला। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 800 प्वाइंट्स उछल पड़ा तो निफ्टी 24750 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में अच्छी रौनक रही और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1% से अधिक की बढ़त रही।

सेक्टरवाइज आईटी सेक्टर ने आज मार्केट को शानदार सपोर्ट दिया और इसका निफ्टी इंडेक्स 3% से अधिक मजबूत हुआ। इंडेक्स के हैवीवेट प्राइवेट बैंकिंग स्टॉक्स ने इसे सपोर्ट किया जिसका निफ्टी इंड़ेक्स करीब 2% मजबूत हुआ। निफ्टी मेटल और निफ्टी एफएमसीजी आज डेढ़-डेढ़ फीसदी से अधिक तो ऑटो, पीएसयू बैंक और रियल्टी सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स 1-1% से अधिक मजबूत हुए।

मार्केट की रौनक में आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप आज करीब ₹3 लाख करोड़ बढ़ गया यानी निवेशकों की दौलत में करीब ₹3 लाख करोड़ का इजाफा हुआ है। आज सेंसेक्स (Sensex) 544.39 प्वाइंट्स यानी 0.70% के उछाल के साथ 78,639.03 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 390.70 प्वाइंट्स यानी 1.60 के उछाल के साथ 24,774.30 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 800.46 प्वाइंट्स चढ़कर 78,895.10 और निफ्टी भी 390.70 प्वाइंट्स उछलकर 24,774.30 तक पहुंचा।

₹2.98 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

एक कारोबारी दिन पहले यानी 31 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,87,42,524.92 करोड़ था। आज यानी 3 अगस्त 2026 को यह बढ़कर ₹4,90,40,595.36 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹2,98,070.44 करोड़ का इजाफा हुआ है।

Sensex के 21 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें आज 21 स्टॉक्स ग्रीन जोन में बंद हुए हैं। सबसे अधिक तेजी आज इंडिगो, टीसीएस और इंफोसिस में रही। वहीं दूसरी तरफ आज सबसे अधिक गिरावट सन फार्मा, भारती एयरटेल और मारुति में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

sensex 123

187 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4595 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2837 शेयर आज मजबूत हुए तो 1552 में गिरावट रही जबकि 206 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 187 शेयर एक साल के हाई और 67 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 12 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 12 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

bse 134

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Ather Energy Q1 Results: घाटे में बड़ी कमी, रेवेन्यू 88% उछला; 1 साल में 223% चढ़ा स्टॉक

Ather Energy Q1 Results: इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बनाने वाली कंपनी Ather Energy ने जून तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का शुद्ध घाटा घटकर ₹51 करोड़ रह गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹178.2 करोड़ था। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 88.8% बढ़कर ₹1,217 करोड़ पहुंच गया।

कंपनी का EBITDA घाटा भी काफी कम होकर ₹33.4 करोड़ रह गया। एक साल पहले यह ₹134.3 करोड़ था। इसका मतलब है कि बिक्री बढ़ने के साथ कंपनी की ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस भी बेहतर हुई है।

EV बाजार में दिख रहा बड़ा मौका

Ather Energy का कहना है कि भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की मांग लगातार बढ़ रही है। कंपनी के मुताबिक, दिल्ली EV पॉलिसी और केंद्र सरकार की PM E-Drive जैसी योजनाएं इस सेक्टर को मजबूती दे रही हैं।

इसके अलावा पेट्रोल की बढ़ती कीमतें और ईंधन की उपलब्धता को लेकर चिंता भी है। इससे ग्राहक EV अपनाने की तरफ बढ़ रहे हैं। कंपनी का कहना है कि हालिया पेट्रोल कीमतों में बढ़ोतरी से पहले ही EV की मांग तेज होने लगी थी।

जल्द लॉन्च होगा नया स्कूटर

Ather अब अपने नए EL स्कूटर को लॉन्च करने की तैयारी में है। जून तिमाही में इसका होमोलोगेशन पूरा हो गया है और बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन ट्रायल भी शुरू हो चुके हैं।

कंपनी के होसुर प्लांट में FY27 की दूसरी तिमाही से इसका कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू होगा। अगस्त में होने वाले Ather Community Day के दौरान इस स्कूटर को लॉन्च किया जाएगा।

कंपनी आने वाले समय में अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 60,000 गाड़ी प्रति माह करने की योजना पर काम कर रही है।

हाल ही में जुटाए ₹1,300 करोड़

Ather Energy ने इसी महीने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिए ₹1,300 करोड़ जुटाए हैं। कंपनी ने 1.08 करोड़ इक्विटी शेयर ₹1,202 प्रति शेयर के भाव पर जारी किए।

टेक्नोलॉजी फीचर्स पर भी फोकस

एथर एनर्जी लगातार अपने सॉफ्टवेयर फीचर्स भी मजबूत कर रही है। हाल ही में उसने ‘Pothole+ Alerts’ फीचर लॉन्च किया है। यह फीचर 450 Apex, 450X और Rizta Z समेत Gen 2 और उसके बाद के स्कूटरों में उपलब्ध है।

यह फीचर Ather के कनेक्टेड स्कूटरों से मिले डेटा की मदद से रास्ते में गड्ढों, टूटी सड़कों, ऊबड़-खाबड़ रास्तों और स्पीड ब्रेकर की पहले से जानकारी देता है। इससे राइडिंग ज्यादा सुरक्षित और आसान हो सके।

Ather Energy के शेयरों का हाल

एथर एनर्जी का शेयर सोमवार को 1.56% की बढ़त के साथ 1,280 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में इसने 89.38% का रिटर्न दिया है। वहीं 1 साल में इसने 223.27% का रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 50.16 हजार करोड़ रुपये है।

आईपीओ टलते ही अनलिस्टेड मार्केट में मची खलबली! 5 दिनों में 23% टूटा जेप्टो का शेयर, ऑल-टाइम हाई से 60% गिरा भाव

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

6000mAh बैटरी के साथ Samsung Galaxy F70 Pro 5G लॉन्च, मिलेगा और 6 साल तक सिक्योरिटी अपडेट, जानें कीमत

अगर आप Samsung के फोन में दिलचस्पी रखते हैं तो, यह खबर आपके लिए अच्छी साबित हो सकती है। दरअसल, साउथ कोरिया की इस टेक कंपनी ने भारत में आज अपना Galaxy F70 Pro 5G लॉन्च कर दिया है। यह स्मार्टफोन Galaxy F70 लाइनअप का दूसरा मॉडल है। इससे पहले इस इस लाइनअप में Galaxy F70e 5G को लॉन्च किया गया था। Samsung ने इस हैंडसेट में AMOLED डिस्प्ले, Galaxy AI फीचर्स, 50MP का प्राइमरी कैमरा और 6000mAh की बैटरी दी है। अब आइए Samsung के इस नए 5G स्मार्टफोन के फीचर्स, स्पेसिफिकेशन और कीमत के बारे में डिटेल में जानते हैं।

Samsung Galaxy F70 Pro 5G के स्पेसिफिकेशन्स और फीचर्स

कोरियन कंपनी Samsung ने Galaxy F70 Pro 5G को 6.7-इंच के Full HD+ Super AMOLED डिस्प्ले के साथ पेश किया है, जिसमें 120Hz रिफ्रेश रेट और Corning Gorilla Glass Victus+ की सुरक्षा दी गई है। यह हैंडसेट Qualcomm के Snapdragon 6 Gen 3 चिपसेट पर चलता है और इसमें 8GB तक LPDDR5X RAM और 256GB UFS 3.1 स्टोरेज मिलता है।

कैमरे की बात करें तो, Samsung ने इस डिवाइस में Optical Image Stabilisation (OIS) वाला 50MP का प्राइमरी कैमरा दिया है, साथ ही इसमें 5MP का अल्ट्रा-वाइड कैमरा और 2MP का मैक्रो सेंसर भी है। वहीं, सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए इसमें 12MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है, जो HDR सपोर्ट के साथ आता है।

Galaxy F70 Pro 5G में कई Galaxy AI फीचर्स भी हैं, जैसे Circle to Search, Gemini वॉइस असिस्टेंट, AI वॉइस ट्रांसक्रिप्शन, Direct Voicemail और Now Bar। सॉफ्टवेयर की बात करें तो यह स्मार्टफोन Android 16 पर आधारित One UI 8.5 के साथ आता है। कंपनी का दावा है कि Galaxy F70 Pro 5G को 6 साल तक Android OS अपडेट और 6 साल तक सिक्योरिटी अपडेट मिलेंगे। इसके अलावा, पावर बैकअप के लिए फोन में 6000mAh की बड़ी बैटरी दी गई है, जो 45W वायर्ड फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है।

Samsung Galaxy F70 Pro 5G: भारत में कीमत, ऑफर और उपलब्धता

साउथ कोरिया की टेक कंपनी ने Galaxy F70 Pro 5G को 6GB + 128GB वेरिएंट के लिए ₹25,999 की शुरुआती कीमत पर लॉन्च किया है। वहीं, 8GB + 128GB मॉडल की कीमत ₹29,999 और 8GB + 256GB वर्जन की कीमत ₹34,999 रखी गई है। शुरुआती ऑफर के तहत, Samsung का कहना है कि इच्छुक ग्राहक इस स्मार्टफोन को ₹23,999 की प्रभावी शुरुआती कीमत पर खरीद सकते हैं। यह हैंडसेट Alpha Black और Aura Green कलर ऑप्शन में आता है। इसके साथ ही यह डिवाइस Samsung India ऑनलाइन स्टोर और Flipkart पर उपलब्ध होगा।

यह भी पढ़ें: Vivo का नया फोन 6 अगस्त को होगा लॉन्च, मिलेगा 50MP Sony कैमरा और 120Hz AMOLED डिस्प्ले, जानें कीमत

अगला मेजबान होने के कारण भारत को मिला कॉमनवेल्थ ध्वज और मशाल (Video)

राष्ट्रमंडल खेलों में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले भारत देश को अब खेलों की मशाल भी मिल गई क्योंकि अगला  राष्ट्रमंडल खेल भारत के अहमदाबाद में होने वाला है। भारत की ओर से नीरज चोपड़ा ने इस मशाल और ध्वज को थामा। इससे पहले संगीत और नृत्य के ताने बाने में तैयार किये गए अद्भुत सांस्कृतिक कार्यक्रम ने भारत की पहचान ऐसे देश के रूप में रखी जहां परंपरा और आधुनिकता साथ में बसते हैं।

किंग चार्ल्स तृतीय के प्रतिनिधि प्रिंस एडवर्ड (ड्यूक आफ एडिनबर्ग) ने खेलों के समापन की औपचारिक घोषणा की।उन्होंने कहा ,‘‘ जिस तरह से आपने प्रतिस्पर्धा की, खेलों का आयोजन किया और समर्थन किया , उसके लिये धन्यवाद। आपने आज एक बार फिर राष्ट्रमंडल की भावना और मूल्यों को जीवंत कर दिया। शुक्रिया ग्लास्गो। ’’उन्होंने कहा ,‘‘ मैं सभी देशों और प्रदेशों के खिलाड़ियों को भारत के अहमदाबाद आने का न्योता देता हूं जहां चार साल बाद 24वें राष्ट्रमंडल खेल होंगे जो इन खेलों का शताब्दी संस्करण भी है।’

बॉक्सिंग में भारत की स्वर्ण पदक विजेता महिलाओं की 57 किग्रा बॉक्सिंग में गोल्ड मेडल जीतने वाली जैस्मिन लैंबोरिया को  समापन समारोह के लिए भारत का ध्वजवाहक चुना गया था।भारत कुल 39 पदक -13 स्वर्ण, 17 रजत और नौ कांस्य – के साथ मेडल स्टैंडिंग में चौथे स्थान पर काबिज है। इन गेम्स में खेलों की संख्या कम होने के बावजूद यह एक बड़ी उपलब्धि है।

मुकाबले खत्म होने के बाद ग्लासगो 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स आधिकारिक तौर पर समापन समारोह के साथ समाप्त हो गया जो 3 अगस्त को तड़के 1:30 बजे (भारतीय समयानुसार) प्रसारित किया गया।

दतिया उपचुनाव में भाजपा की हार के पांच बड़े कारण, कांग्रेस के घनश्याम सिंह को निर्णायक बढ़त

दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस अब प्रचंड जीत की ओर है। 11वें राउंड के बाद अब कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने अब निर्णायक बढ़त बना ली है। 15वें राउंड की मतगणना में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम ने तीसरे राउंड से जो बढ़त बनाई और वह आखिरी में एक बड़ी जीत में बदल गई है। मध्यप्रदेश की सबसे हाईप्रोफाइल सीट माने जाने वाली दतिया उपचुनाव में भाजपा की हार के आखिरी क्या कराण थे इसको लेकर अब सियासी गलियारों में  चर्चा तेज हो गई है।

1-भाजपा की रणनीतिक चूक, नरोत्तम की जगह आशुतोष को टिकट देना-दतिया उपचुनाव में भाजपा ने जिस तरह से अपने कद्दवार नेता नरोत्तम मिश्रा का टिकट काट कर नए चेहरे आशुतोष तिवारी को टिकट दिया वह चुनाव में भाजपा की हार का सबसे बड़ा कारण साबित हुई। नरोत्तम मिश्रा जो 2008 में पहली बार दतिया विधानसभा सीट से चुनाव जीते और लगातार 15 साल तक दतिया से विधायक रहे वह उपचुनाव में भाजपा की तरह से टिकट के प्रबल दावेदार थे लेकिन उपचुनाव की तारीखों के एलान के बाद भाजपा आलाकमान ने नरो्त्तम मिश्रा का टिकट काट कर सीधे नए चेहरे आशुतोष तिवारी को चुनावी मैदान में उतार दिया।

नरोत्तम मिश्रा के टिकट कटने के बाद इसका रिएक्शन भी देखा गया और पार्टी के जिला अध्यक्ष सहित सभी स्थानीय पदाधिकारियों ने एक झटके में इस्तीफा दे दिया और नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने 48 घंटे तक दतिया में जमकर बवाल काटा। इसका चुनाव मे साइड इफेक्ट देखने को मिला और  पूरे चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा का कोर कार्यकर्ता घर बैठ गए और इसका नुकसान भाजपा को  चुनाव में उठाना पड़ा।  

2-उपचुनाव में भाजपा में भितरघात-दतिया विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार का बड़ा कारण पार्टी में जमकर भितरघात होना रहा। पूरे चुनाव प्रचार के दौरान नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों के साथ भाजपा के जिला पदाधिकारी अलग-थलग दिखाई पड़े और उन्होंने एक तरह से पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के  विरोध में काम किया। “वेबदुनिया” ने जब दतिया विधानसभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्टिग की तो नाम न छापने की शर्त पर कई स्थानीय भाजपा नेताओं ने साफ कहा कि नरोत्तम मिश्रा का टिकट गलत तरीके से टिकट काटा गया और इससे पार्टी का कोर कार्यकर्ता बिल्कुल खुश नहीं है।

दतिया के स्थानीय भाजपा नेता पूरे चुनाव प्रचार के दौरान एक दौरान खमोश रहे। चुनाव प्रचार के दौरान पार्टी के भीतर पूरी तरह एकजुटता नहीं दिखी। कई क्षेत्रों में स्थानीय कार्यकर्ताओं की निष्क्रियता और अंदरूनी असंतोष की चर्चा लगातार होती रही, जिसका असर मतदान पर पड़ा। सोमवार को  जिस तरह से  चुनावी परिणाम आए है उसमें भाजपा को शहर के पोलिंग बूथ पर हार का सामना करना पड़ा इससे साफ है कि उपचुनाव में भाजपा को भितरघात का सामना करना पड़ा।

3-आशुतोष तिवारी दतिया में बाहरी चेहरा?-दतिया में भाजपा ने भांडेर से आने वाले आशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार बनाय था। भाजपा ने आशुतोष तिवारी को दतिया का अपना स्थानीय चेहरा बनाकर चुनाव मैदान में उतारा, लेकिन दतिया की जनता ने आशुतोष तिवारी को स्वीकार नहीं किया। “वेबदुनिया” ने जब दतिया के स्थानीय लोगों से बात की  थी तो लोगों ने साफ कहा था कि आशुतोष तिवारी को उन्होंने कभी नहीं देखा और वह अचानक से चुनाव लड़ने आ गए। दरअसल आशुतोष तिवारी संगठन में लबे समय से सक्रिय थे और वह पहली बार चुनावी मैदान में उतरे थे। ऐसे में वह दतिया की जनता से सीधा कनेक्ट नहीं कर पाए।

वहीं घनश्याम सिंह जो पहले भी दो बार दतिया से विधायक चुने जा चुके थे उनको स्थानीय चेहरा माना गया और स्थानीय और बाहरी के मुद्दे को लगातार चुनाव में उठाया। स्थानीय बनाम बाहरी की बहस चुनाव प्रचार के दौरान भी सुनाई देती रही। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस मुद्दे ने भी चुनाव में असर डाला और भाजपा को हार का सामना करना पड़ा।

4-कांग्रेस की बेहतर चुनावी रणनीति और मैनेजमेंट-दतिया उपचुनाव में कांग्रेस ने जिस तरह से एकजुटता का परिचय दिया और विधानसभा क्लस्टर में बांटकर जिस तरह से चुनाव लड़ा वह उसकी जीत का बड़ा कारण रहा। भाजपा की तुलना में कांग्रेस ने उचुनाव में बेहतर चुनावी प्रबंधन का प्रदर्शन किया। बूथ स्तर पर संगठन की सक्रियता, कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय और मतदाताओं तक लगातार पहुंच बनाने की रणनीति कांग्रेस के पक्ष में जाती दिखाई दी। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी जिस तरह से पूरे चुनाव प्रचार के दौरान दतिया में डेरा डाले रख कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाने के साथ पोलिंग बूथ मैनेजमेंट किया वह कांग्रेस की प्रचंड जीत का बडा कारण साबित हुआ।

5-कांग्रेस की एकजुटता-दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस ने जिस तरह से एकजुटता का परिचय दिया वह उसकी जीत का बड़ा कराण साबित हुई। कांग्रेस ने चुनाव के अंतिम दौर तक जिस तरह से नाराज नेताओं अवधेश नायक और राजेंद्र भारती को साध कर रखा, वह जीत का एक बड़ा कारण साबित हुई। चुनाव के दौरान अधिकांश वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता एक मंच पर नजर आए और उम्मीदवार के समर्थन में एकजुट होकर प्रचार किया। इस एकजुटता का लाभ कांग्रेस को सीधा मिला।

IND vs SL: कौन हैं आकिब नबी? श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट मैच में जसप्रीत बुमराह की लेंगे जगह

भारत और श्रीलंका के बीच 2 मैचों की टेस्ट सीरीज की शुरुआत 15 अगस्त से होगी। दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला गॉल में खेला जाएगा। वहीं इस मुकाबले से पहले टीम इंडिया को बड़ा झटका लगा है। स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह चोट की वजह से इस सीरीज से बाहर हो गए हैं। जसप्रीत बुमराह की जगह भारतीय टीम में जम्मू-कश्मीर के युवा तेज गेंदबाज आकिब नबी को मौका दिया गया है। तेज गेंदबाज आकिब नबी को पहली बार टीम इंडिया में जगह दी है। सीरीज का दूसरा और अंतिम टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो में खेला जाएगा।

औकिब ने पिछले दो घरेलू सीजनों में लगातार बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए अपनी प्रतिभा साबित की, जिसके दम पर उन्हें राष्ट्रीय टीम में शामिल होने का यह बड़ा अवसर मिला है। आइए जानते हैं कौन है तेज गेंदबाज आकिब नबी

सीरीज से बाहर हुए बुमराह

तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान उनके बाएं घुटने में चोट लगी थी, जिससे उबरने में अभी और समय लगेगा। बीसीसीआई ने साफ किया है कि बुमराह की रिकवरी पर मेडिकल टीम लगातार नजर रख रही है और पूरी तरह फिट होने के बाद ही उन्हें मैदान पर वापसी का मौका दिया जाएगा। बुमराह को पहले श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट टीम में जगह दी गई थी। लेकिन अभी पूरी तरह फिट नहीं हो पाए हैं, इस वजह से वह सीरीज से बाहर हो गए हैं।

कौन है आकिब नबी

तेज गेंदबाज आकिब नबी जम्मू-कश्मीर की ओर से रणजी मैच खेलते हैं। 29 वर्षीय आकिब नबी ने पिछले दो रणजी ट्रॉफी सीजनों में अपनी शानदार गेंदबाजी से खास पहचान बनाई है। इस दौरान उन्होंने कुल 104 विकेट लेकर घरेलू क्रिकेट में दमदार प्रदर्शन किया। खास तौर पर 2025-26 सीजन उनके लिए यादगार रहा, जब उन्होंने 60 विकेट झटके और जम्मू-कश्मीर को पहली बार रणजी ट्रॉफी चैंपियन बनाने में बड़ी भूमिका निभाई। नई गेंद से लगातार प्रभावी गेंदबाजी और जरूरत के समय विकेट लेने की उनकी क्षमता ने चयनकर्ताओं को काफी प्रभावित किया।

सिराज पर होगी जिम्मेदारी

इंडिया ए के हालिया श्रीलंका दौरे पर भी आकिब नबी ने अपनी गेंदबाजी से अच्छा प्रभाव छोड़ा। उन्होंने दो प्रथम श्रेणी मुकाबलों में कुल छह विकेट लेकर दिखाया कि वह अलग-अलग परिस्थितियों में भी बेहतरीन प्रदर्शन कर सकते हैं। जसप्रीत बुमराह के टीम में नहीं होने से भारत के तेज गेंदबाजी आक्रमण की जिम्मेदारी अब मोहम्मद सिराज के कंधों पर होगी। उनसे तेज गेंदबाजी विभाग की अगुवाई करने की उम्मीद रहेगी।

WTC टेबल के लिए महत्वपूर्ण

भारत और श्रीलंका के बीच होने वाली यह टेस्ट सीरीज विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) 2025-27 का महत्वपूर्ण हिस्सा है। दोनों मुकाबलों के नतीजे अंक तालिका पर सीधा असर डालेंगे। फिलहाल भारतीय टीम पांचवें स्थान पर है, जबकि श्रीलंका छठे नंबर पर मौजूद है। ऐसे में दोनों टीमें जीत हासिल कर WTC की रैंकिंग में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश करेंगी।

श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए भारत की अपडेटेड टीम: शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उप-कप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेट कीपर), साई सुदर्शन*, ध्रुव जुरेल (विकेट कीपर), रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन, औकिब नबी।

Bank Holidays: इस हफ्ते 3 दिन बंद रहेंगे बैंक! ब्रांच जाने से पहले चेक करें RBI की ये हॉलिडे लिस्ट

Bank Holidays This Week: अगर इस हफ्ते आपको बैंक शाखा जाकर पासबुक अपडेट कराने, चेक जमा करने या कैश निकालने जैसा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो यह खबर आपके लिए बेहद काम की है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के हॉलिडे कैलेंडर के मुताबिक, अगस्त महीने के इस पहले हफ्ते (3 अगस्त से 9 अगस्त) में देश के कई राज्यों में अलग-अलग क्षेत्रीय त्योहारों और वीकेंड ऑफ के चलते बैंक कुल 3 दिन तक बंद रह सकते हैं।

आज 3 अगस्त, सोमवार को देश भर में बैंक सामान्य रूप से खुले हैं, लेकिन 4 अगस्त से लेकर 9 अगस्त के बीच कुछ राज्यों में त्योहारों और शनिवार-रविवार की छुट्टियां रहने वाली हैं। आइए जानते हैं इस हफ्ते किस-किस दिन और कहां-कहां बैंक शाखाएं बंद रहेंगी।

इस हफ्ते कब-कब बंद रहेंगे बैंक?

RBI के कैलेंडर के अनुसार, इस सप्ताह निम्नलिखित दिनों में बैंक सेवाएं प्रभावित रहेंगी:

4 अगस्त, मंगलवार (केर पूजा): त्रिपुरा (अगरतला) के सभी सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंक केर पूजा के उपलक्ष्य में बंद रहेंगे।

8 अगस्त, दूसरा शनिवार (टेंडोंग लो रम फात व दूसरा शनिवार): सिक्किम में ‘टेंडोंग लो रम फात’ (लेपचा जनजाति का प्रमुख त्योहार) के कारण बैंक बंद रहेंगे। वहीं, महीने का दूसरा शनिवार होने के कारण इस दिन पूरे देश में भारतीय स्टेट बैंक, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई और पीएनबी समेत सभी बैंकों का राष्ट्रीय अवकाश रहेगा।

9 अगस्त, रविवार: रविवार का रेगुलर वीकली अवकाश होने के कारण देशभर की सभी बैंक शाखाएं बंद रहेंगी।

अगस्त महीने में आगे कब-कब रहेंगी छुट्टियां?

13 अगस्त (गुरुवार): देशभक्त दिवस के अवसर पर केवल मणिपुर में बैंक बंद रहेंगे।

15 अगस्त (शनिवार): स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में पूरे देश में राष्ट्रीय अवकाश रहेगा।

19 अगस्त (बुधवार): महाराजा बीर बिक्रम किशोर माणिक्य बहादुर की जयंती पर त्रिपुरा में बैंक अवकाश रहेगा।

25 अगस्त (मंगलवार): पहला ओणम, मिलाद-उन-नबी और मिलाद-इ-शरीफ के मौके पर केरल और आंध्र प्रदेश में बैंक बंद रहेंगे।

26 अगस्त (बुधवार): ईद-ए-मिलाद / तिरुवोनम के अवसर पर दिल्ली, यूपी, बिहार, महाराष्ट्र, कर्नाटक, एमपी, तमिलनाडु, राजस्थान और केरल समेत कई राज्यों में बैंक बंद रहेंगे।

28 अगस्त (शुक्रवार): रक्षाबंधन के पावन पर्व पर गुजरात, राजस्थान, एमपी, यूपी, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में बैंक बंद रहेंगे।

बैंक बंद रहने पर भी चालू रहेंगी ये डिजिटल सेवाएं

बैंक शाखाएं बंद रहने के बावजूद ग्राहकों को वित्तीय लेनदेन में कोई परेशानी नहीं होगी। डिजिटल बैंकिंग प्लेटफॉर्म 24×7 और 365 दिन काम करते रहते हैं। UPI और मोबाइल बैंकिंग, ऑनलाइन फंड ट्रांसफर की सुविधा बिना किसी रुकावट के उपलब्ध रहेगी। कैश निकालने और जमा करने के लिए एटीएम मशीनें चालू रहेंगी।

Independence Day: 79वां या 80वां? 15 अगस्त 2026 पर कौन-सा स्वतंत्रता दिवस मना रहा है भारत, यहां जानें सही जवाब

Independence Day: 15 अगस्त का नाम आते ही पूरे देश में देशभक्ति का माहौल बन जाता है। स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी दफ्तरों और सार्वजनिक स्थानों पर तिरंगा लहराता है, सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं और लोग आजादी के जश्न में शामिल होते हैं। हर साल की तरह इस बार भी स्वतंत्रता दिवस को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं, लेकिन 2026 में एक सवाल सबसे ज्यादा चर्चा में है। कई लोग यह जानना चाहते हैं कि इस साल भारत 79वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है या 80वां।

सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर अलग-अलग दावे और चर्चाएं देखने को मिल रही हैं, जिससे लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बन गई है। दरअसल, इस सवाल का जवाब गिनती के एक छोटे-से अंतर में छिपा है, जिसे समझने के बाद पूरी तस्वीर साफ हो जाती है। आइए जानते हैं कि आखिर सही जवाब क्या है और इसके पीछे की वजह क्या है।

79 साल पूरे… लेकिन जश्न 80वें का

भारत को 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली थी। अगर सिर्फ आजादी के पूरे हुए वर्षों की बात करें तो 2026 में देश 79 साल पूरे कर लेगा। लेकिन स्वतंत्रता दिवस की गिनती अलग तरीके से होती है। क्योंकि 15 अगस्त 1947 को मनाया गया पहला स्वतंत्रता दिवस भी इस गिनती में शामिल होता है। यही वजह है कि 2026 का आयोजन 80वें स्वतंत्रता दिवस के रूप में जाना जाएगा।

यहीं होती है सबसे बड़ी गलतफहमी

कई लोग आजादी के पूरे हुए वर्षों और स्वतंत्रता दिवस समारोह की संख्या को एक ही मान लेते हैं। जबकि दोनों अलग-अलग चीजें हैं। एक में पूरे हुए साल गिने जाते हैं और दूसरे में हर साल मनाए गए समारोह।

15 अगस्त क्यों है इतना खास?

15 अगस्त सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि भारत के इतिहास का वह दिन है जब देश ने विदेशी शासन से आजादी हासिल की। यह दिन उन लाखों स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष, त्याग और बलिदान की याद दिलाता है, जिन्होंने स्वतंत्र भारत का सपना साकार किया।

कैसे मनाया जाता है यह राष्ट्रीय पर्व?

हर साल देशभर में तिरंगा फहराया जाता है, राष्ट्रगान गाया जाता है और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है। नई दिल्ली के लाल किले से प्रधानमंत्री देश को संबोधित करते हैं, जबकि स्कूलों और कॉलेजों में भाषण, निबंध, देशभक्ति गीत और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

सैलरी और नौकरी दोनों अच्छी थीं, फिर भी कर्मचारी ने दे दिया इस्तीफा! वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

भारतीय टेस्ट टीम में जगह बनाने वाले पहले कश्मीरी खिलाड़ी बने आकिब नबी

रणजी ट्रॉफी भारतीय टेस्ट टीम के चयन का पैमाना होती तो शायद आकिब नबी को टेस्ट टीम में चयन के लिए जसप्रीत बुमराह की चोट का इंतजार नहीं करना पड़ता। जम्मू-कश्मीर की ऐतिहासिक रणजी ट्रॉफी जीत में 60 विकेट लेने के शानदार प्रदर्शन के बावजूद अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट के लिए नबी को नहीं चुने जाने पर उनके समर्थकों और विशेषज्ञों ने सवाल उठाए थे।

हालांकि अब उनको बाहर हुए जसप्रीत बुमराह की जगह श्रीलंका दौरे पर जगह मिल गई है जहां वह निश्चित ही टेस्ट कैप पहनते हुए दिखाई देंगे। इस तरह से वह भारत की टेस्ट टीम में जगह बनाने वाले कश्मीर घाटी के पहले खिलाड़ी बन गए हैं।

ALSO READ: 67 सालों के इतिहास में पहली बार रणजी चैंपियन बना जम्मू और कश्मीर (Video)

वह इससे पहले जून के महीने में श्रीलंका ए के खिलाफ लाल गेंद की दो मैचों की श्रृंखला में भारत ए के लिए मैदान पर उतरे थे। इस कारण बुमराह के बाद सीधे नबी का नंबर लगा।

भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) ने एक बयान में कहा, ‘‘पुरुष चयन समिति ने बुमराह के स्थान पर औकिब नबी को टीम में शामिल किया है। जम्मू और कश्मीर के इस तेज गेंदबाज को पहली बार सीनियर राष्ट्रीय टीम में जगह मिली है।’

श्रीलंका की सपाट पिचों पर उनका प्रदर्शन अगर अच्छा रहा, तो चयनकर्ताओं के लिए उन्हें राष्ट्रीय टीम से लंबे समय तक दूर रखना मुश्किल हो सकता है। भारतीय टीम को भी इस वर्ष श्रीलंका के बाद न्यूजीलैंड में टेस्ट श्रृंखला खेलनी है, जहां की परिस्थितियां नबी की गेंदबाजी के अनुकूल होगी।

आकिब बने थे रणजी के मैन ऑफ द मैच

अबूधाबी में हुए IPL नीलामी में दिल्ली कैपिटल्स से 8.40 करोड़ रुपये की भारी भरकम रकम मिली। हालांकि सफेद गेंद से उनका प्रदर्शन प्रभावशाली नहीं रहा लेकिन वह लाल गेंद के सिद्धहस्त गेंदबाज माने जाते हैं।

नबी ने पिछले दो रणजी ट्रॉफी सत्र में कुल 104 विकेट लिए थे, जिनमें 2025-26 सत्र में लिए गए 60 विकेट भी शामिल हैं। उन्होंने जम्मू कश्मीर को पहली बार रणजी ट्रॉफी जिताने में अहम भूमिका निभाई थी। वह बल्लेबाजी में भी उपयोगी योगदान देने में सक्षम हैं।