आयुष शेट्टी के अलावा भारतीय दल को विश्व चैंपियनशिप में मिला आसान ड्रॉ

भारत के आयुष शेट्टी इस महीने के आखिर में शुरू होने वाली 2026 BWF विश्व चैंपियनशिप के पहले ही राउंड में दुनिया के नंबर 1 खिलाड़ी चीन के शि यू की से भिड़ेंगे। यह बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप का दूसरा सीधा एडिशन है, जहां पिछले साल लक्ष्य सेन के चीनी खिलाड़ीसे भिड़ने के बाद एक भारतीय खिलाड़ी पहले राउंड में शि से भिड़ेगा।

14वीं वरीयता प्राप्त, 2021 विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता का हालांकि, राउंड ऑफ़ 16 में सामना थाईलैंड के पूर्व विश्व चैंपियन और तीन बार के मेडलिस्ट कुनलावुत विटिडसार्न से हो सकता है।

महिला एकल में, पीवी सिंधु को दक्षिण कोरिया की विश्व नंबर 1 एन से यंग के साथ एक ही हाफ में रखा गया है, लेकिन सेमीफाइनल से पहले उनका सामना उनसे नहीं होगा। सिंधु आयरलैंड की सोफिया नोबल के खिलाफ शुरुआत करेंगी, जिसके बाद उनका राउंड ऑफ़ 16 में चीन की वांग ज़ी यी के खिलाफ और क्वार्टर फाइनल में इंडोनेशिया की पुत्री कुसुमा वार्डिनी के खिलाफ मुकाबला हो सकता है, ये दो मुश्किल मुकाबले हो सकते हैं।

विमेंस सिंगल्स में दूसरी भारतीय उन्नति हुड्डा पहले राउंड में म्यांमार की थेट थुजार के खिलाफ शुरुआत करेंगी। मेंस डबल्स में, सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी चोट के कारण बाहर रहने के बाद वापसी करेंगे।

 

पांचवीं वरीयता प्राप्त रंकीरेड्डी-शेट्टी को पहले राउंड में बाई मिलेगी, ठीक वैसे ही जैसे डबल्स ड्रॉ में सभी वरीय खिलाड़ियों को मिलती है। हालांकि, हरिहरन अमसकरुआनन और अर्जुन एमआर राउंड 1 में आयरलैंड के स्कॉट गिल्डिया और पॉल रेनॉल्ड्स के खिलाफ शुरुआत करेंगे।

भारत के पास महिला डबल्स में कोई वरीय जोड़ी नहीं होगी, हालांकि ट्रीसा जॉली-गायत्री गोपीचंद और कविप्रिया सेल्वम-सिमरन सिंघी दोनों ही मुकाबले में होंगी, जो अपने अभियान की शुरुआत पहले राउंड में स्पेन की दो अलग-अलग जोड़ियों के खिलाफ करेंगी।मिक्स्ड डबल्स में, तनीषा क्रैस्टो और ध्रुव कपिला को पहले राउंड में बाई मिली है, जबकि रुथविका गड्डे और रोहन कपूर का मुकाबला कनाडा के जोनाथन बिंग-क्रिस्टल लाई से होगा।

चीन-तुर्की की मदद से सर क्रीक के पास पाकिस्तान का नया पैंतरा, ये अबाबील- द डिवाइन स्ट्राइक क्या है?

Pakistan News: भारत और पाकिस्तान की समुद्री सीमा पर स्थित स्ट्रैटिजकली काफी सेंसेटिव सर क्रीक क्षेत्र के पास पाकिस्तान अपनी नौसैनिक और सैन्य इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बना रहा है। हमारी सहयोगी वेबसाइट ‘फर्स्टपोस्ट’ की रिपोर्ट में ‘CNN-न्यूज18’ के हवाले से बताया गया है कि टॉप पॉकिस्तानी सोर्सेज के जरिए ये जानकारी सामने आई है। ये पता चला है कि यह पूरा सैन्य विस्तार पाकिस्तान के एक नए प्रोजेक्ट का हिस्सा है जिसे अबाबील- द डिवाइन स्ट्राइक नाम दिया गया है। सर क्रीक और उससे लगे इलाकों में पाकिस्तान की इन नई गतिविधियों की वजह से समुद्री सीमा पर सुरक्षा जोखिम बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

‘अबाबील’ प्रोजेक्ट के तहत SSG-N कमांडोज की तैनाती

सीएनएन-न्यूज18 को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान नौसेना ने अपने प्रोजेक्ट अबाबील के तहत सर क्रीक इलाके में नेवल स्पेशल सर्विस ग्रुप (SSG-N) के विशेष कमांडोज को तैनात किया है। एसएसजी-एन पाकिस्तान की एक प्रमुख मैरिटाइम स्पेशल ऑपरेशंस फोर्स है। ये समंदर के साथ हवा और जमीन तीनों माध्यमों से बेहद जोखिम भरे सैन्य अभियानों को अंजाम देने के लिए प्रशिक्षित की जाती है।

तुर्की के ड्रोन और चीन के आधुनिक होवरक्राफ्ट से बढ़ा तनाव

रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान इस क्षेत्र में तुर्की में निर्मित आधुनिक ड्रोन, चीन के आधुनिक होवरक्राफ्ट और हाई स्पीड वाली नौसैनिक नौकाओं की तैनाती कर रहा है। वहां आधुनिक रॉकेट और एयर डिफेंस सिस्टम भी तैनात किए जा रहे हैं। सूत्रों ने सीएनएन-न्यूज18 को बताया कि पाकिस्तान द्वारा तैनात किए जा रहे तुर्की के ये ड्रोन विस्फोटक सामग्री ले जाने में पूरी तरह सक्षम हैं और इनका इस्तेमाल हवाई निगरानी के लिए भी किया जा सकता है। अबाबील प्रोजेक्ट के तहत एक उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम भी शामिल किया गया है। ये सर क्रीक और अरब सागर क्षेत्र में पाकिस्तान थलसेना की नई गठित रॉकेट फोर्स के साथ कोआर्डिनेशन में काम करेगा।

चीन और तुर्की की मदद से भारतीय नौसेना को चुनौती देने की कोशिश

सीएनएन-न्यूज18 को अंदरूनी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सर क्रीक और अरब सागर में भारत की नौसैनिक मौजूदगी को चुनौती देने के इरादे से पाकिस्तान ने अपने समुद्री अभियानों में मानवरहित एरियल और समुद्री ड्रोनों को शामिल किया है। इसमें चीन और तुर्की की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है। ये दोनों देश मॉडर्न सैन्य उपकरण और तकनीक की आपूर्ति करके पाकिस्तान के सशस्त्र बलों के मॉडर्नाइजेशन में मदद कर रहे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने पाकिस्तान को अपनी पहली हैंगोर-क्लास पनडुब्बी सौंप दी है। सूत्र का कहना है कि इससे अरब सागर में पाकिस्तान की स्टेल्थ क्षमता और सेकेंड-स्ट्राइक क्षमता में काफी इजाफा होगा। इसके अलावा इस्लामाबाद ने अपने नौसेना बेड़े को आधुनिक बनाते हुए चीन निर्मित हाई एंड तुगरिल-क्लास युद्धपोतों को भी शामिल किया है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि सर क्रीक और अरब सागर के तटीय इलाकों में दर्जनों तटीय रक्षा नौकाएं, मरीन असॉल्ट क्राफ्ट, होवरक्राफ्ट, नौसैनिक जहाज और तेज गति वाली गश्ती नौकाएं तैनात की गई हैं। इसके साथ ही इस पूरे क्षेत्र में नौसैनिक गश्त को भी काफी बढ़ा दिया गया है।

फील्ड मार्शल असीम मुनीर की यूनिफाइड कमान में चल रहा मॉडर्नाइजेशन

सीएनएन-न्यूज18 के सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तानी सेनाध्यक्ष फील्ड मार्शल असीम मुनीर के अंडर में यूनिफाइड कमान के तहत पाकिस्तान की थलसेना, नौसेना और वायुसेना के बड़े पैमाने पर मॉडर्नाइजेशन का काम चल रहा है। इसी साल की शुरुआत में मुनीर ने तीनों सेनाओं के अभियानों को एक साथ जोड़ने और बाहरी खतरों के खिलाफ पाकिस्तान की ओवरऑल डिटर्जेंस कैपेबिलिटी को मजबूत करने के मकसद से नेशनल स्ट्रैटेजिक कमांड की स्थापना की थी।

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Lucky Rawat North Pole expedition: उत्तराखंड के लकी रावत जाएंगे नॉर्थ पोल, ‘आइसब्रेकर ऑफ नॉलेज’ में करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व

Lucky Rawat North Pole expedition: महज 17 साल की उम्र में चकराता, उत्तराखंड के लकी रावत उत्तरी ध्रुव की 10 दिनों की यात्रा पर पा जा रहे हैं। इस यात्रा के लिए लकी का चुनाव तीन चरणों की प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के बाद किया गया है। यहां वह साइंस और कल्चरल गतिविधियों में 22 देशों के 14 से 16 की उम्र के बच्चों के साथ शामिल होंगे। लकी रावत ‘आइसब्रेकर ऑफ नॉलेज’ में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया है। नॉर्थ पोल के लिए यह 10 दिन का अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक और शैक्षिक खोज यात्रा है।

रूस के मरमांस्क से शुरू हुए इस एक्सपीडिशन में इंडिया, बांग्लादेश, चीन और रूस के छात्र एक साथ आए हैं। पार्टिसिपेंट्स न्यूक्लियर आइसब्रेकर 50 लेट पोबेडी पर सवार होकर ज्योग्राफिक नॉर्थ पोल (90° नॉर्थ लैटीट्यूड) जा रहे हैं। यहां वे विज्ञान आधारित सीखने की गतिविधियों और सांस्कृति आदान-प्रदान कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। लकी के लिए, यह सफर सिर्फ एक ट्रिप नहीं है। यह वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों के छात्रों के साथ सीखने का मौका है।

लकी ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा कि उन्हें इस एक्सपीडिशन के लिए चुने जाने पर गर्व महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा, “मैं उत्तराखंड के चकराता से हूं और इस एक्सपीडिशन के लिए भारत के दूत के तौर पर यहां आया हूं। यह 10 दिन का एक्सपीडिशन है, जिसमें हम नॉर्थ पोल जाएंगे। हम उन बहुत कम लोगों में से होंगे जो असल में नॉर्थ पोल पहुंचे हैं।”

इस एक्सपीडीशन की चयन प्रक्रिया काफी मुश्किल थी। लकी ने कहा कि छात्रों को तीन चरणों प्रतियोगिता को पार करना था, जिसके बाद हर हिस्सा लेने वाले देश से एक छात्र को अपने देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया। उन्होंने कहा, “तीन स्टेज का कॉम्पिटिशन क्लियर करने के बाद हर देश से एक छात्र को अपने देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया।”

उनके पिता, राम सिंह ने इस सिलेक्शन को परिवार के लिए गर्व का पल बताया। उन्होंने एएनआई को बताया, “मुझे अपने बेटे पर गर्व है कि उसने ऑनलाइन एग्जाम क्लियर किया और इंडिया को रिप्रेजेंट करने के लिए चुना गया। वह नॉर्थ पोल के लिए 10 दिन के एक्सपीडिशन पर जा रहा है।”

क्या है आइसब्रेकर ऑफ नॉलेज

‘आइसब्रेकर ऑफ नॉलेज’ एक अंतरराष्ट्रीय पहल है जिसका मकसद छात्रों में विज्ञान में दिलचस्पी जगाना है। साथ ही, कल्चरल एक्सचेंज और आर्कटिक के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देना है। यह प्रोग्राम युवा भागीदारों को दुनिया के सबसे दूर-दराज के इलाकों में से एक में जिंदगी का अनुभव करने और दुनिया भर के साथियों से बातचीत करने का मौका देता है। लकी की यह कामयाबी न सिर्फ उनके परिवार और उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है, बल्कि यह इस बात का भी उदाहरण है कि कैसे भारतीय छात्र अपने टैलेंट, कड़ी मेहनत और पक्के इरादे से इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म पर पहचान बना रहे हैं।

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जानिए आखिरी बार भारत श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट और सीरीज कब हारा था

भारत की टीम श्रीलंका पहुंच चुकी है और वहां जाकर अभ्यास सत्र में पसीना भी बहा रही है। भारत की टीम श्रीलंका पर हमेशा भारी पड़ी है। इसका अंदाजा इस ही बात से लगाया जा सकता है कि श्रीलंका ने भारत को आखिरी बार टेस्ट मैचों में 11 साल पहले अपने मैदान पर हराया था। दिलचस्प बात यह है कि टीम को यह जीत 15 अगस्त 2015 को मिली थी और 15 अगस्त को ही पहला टेस्ट इस ही मैदान पर शुरु होने वाला है। यह टेस्ट भी सीरीज का पहला ही टेस्ट था। हालांकि भारत ने अगले 2 टेस्ट जीतकर सीरीज पर 2-1 से कब्जा बनाया था।इसके अलावा श्रीलंका टीम ने आखिरी बार भारत को 2001 में अपने घरेलू मैदान पर हराया था।

11 साल पहले 176 रनों का पीछा करते हुए 112 रनों पर सिमट गई थी भारत

टीम इंडिया के पास 69वें स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर देशवासियों को जीत का शानदार तोहफा देने का मौका था, लेकिन शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों के शर्मनाक प्रदर्शन से भारत को श्रीलंका के खिलाफ पहले क्रिकेट टेस्ट के चौथे दिन 63 रन से पराजय का सामना करना पड़ा।भारत को जीत के लिये 176 रन का लक्ष्य मिला था लेकिन टीम इंडिया ने तत्कालीन सर्वश्रेष्ठ लेफ्ट आर्म स्पिनर रंगना हेरात के सामने घुटने टेक दिए और पूरी टीम 49.5 ओवर में 112 रन पर ढेर हो गई।

हेरात ने करिश्माई गेंदबाजी करते हुए अकेले अपने दम पर मैच का नक्शा पलट दिया और 21 ओवर की घातक गेंदबाजी मे 48 रन पर सात विकेट लेकर जीत श्रीलंका की झोली में डाल दी। ऑफ स्पिनर थारिंडू कौशल ने हेरात का बखूबी साथ निभाते हुए 17.6 ओर में 47 रन पर तीन विकेट लिए। हेरात को पहली पारी में कोई विकेट नहीं मिला था, लेकिन दूसरी पारी में उन्होंने भारतीय उम्मीदों पर कहर बरपा दिया।

भारत ने मैच के पहले तीन दिन अपना दबदबा बनाया था, लेकिन चौथे दिन की सुबह बाजी भारत के हाथ से निकल कर श्रीलंका के पास चली गई।लोकेश राहुल शुक्रवार को पांच रन बनाकर आउट हुए थे, जबकि चौथे दिन नाइट वाचमैन इशांत शर्मा दस, रोहित शर्मा चार, कप्तान विराट कोहली तीन, शिखर धवन 28, रिद्धिमान साहा दो, हरभजनसिंह एक, रविचंद्रन अश्विन तीन और अजिंक्य रहाणे 36 रन बनाकर निपट गए। रहाणे ने 76 गेंदों की अपनी पारी में चार चौके लगाए जबकि शिखर ने 83 गेंदों पर 28 रन में तीन चौके लगाए।

जीत का लक्ष्य मुश्किल नहीं था, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने खुद पर अनावश्यक दबाव बनाते हुए श्रीलंकाई स्पिनरों खासकर हेरात को हावी होने का मौका दे दिया। भारत ने कल के एक विकेट पर 23 रन से आगे खेलना शुरू किया, शिखर 13 और नाइटवाचमेन इशांत पांच रन पर नाबाद रहे।

हेरात ने सुबह इशांत को पगबाधा कर जो कहर बरपाना शुरू किया वह भारतीय पारी के शर्मनाक अंत तक जारी रहा। रोहित शर्मा दूसरी पारी में भी फ्लाप रहे, पहली पारी मे नौ रन पर सिमटने में रोहित दूसरी पारी में चार रन ही बना सके। हेरात ने उन्हें बोल्ड कर दिया।

पहली पारी में शानदार 103 रन बनाने वाले कप्तान विराट कोहली ऑफ स्पिनर कौशल की गेंद पर कौशल सिल्वा को कैच थमा बैठे। भारत का चौथा विकेट 45 के स्कोर पर गिरा। एक छोर पर टिककर खेल रहे शिखर ने आखिर कौशल की गेंद पर अपना धैर्य खोया और आगे बढ़कर खेलने की कोशिश में गेंदबाज को रिटर्न कैच थमा बैठै। विकेट कीपर सिद्धिमान साहा हेरात की गेंद को कतई समझ नहीं पाये और विकेटकीपर दिनेश चांडीमल ने उन्हें स्टम्प कर दिया। हरभजन को हेरात ने फारवर्ड शार्ट लेग पर सिल्वा के हाथों कैच करा दिया।

भारत के सात विकेट 68 रन पर गिर चुके थे और उसकी हार तय हो चुकी थी। भारतीय बल्लेबाजों ने एक भी साझेदारी करने की कोशिश नहीं की वर्ना मैच का परिणाम कुछ और ही होता। रहाणे एक छोर पर जैसे हारी हुई लड़ाई लड़ रहे थे और दूसरे छोर पर उनका साथ देने के लिये कोई बल्लेबाज मौजूद नहीं था। अश्विन ने हेरात की गेंद पर धमिका प्रसाद को कैच थमाया और भारत का आठवां विकेट 81 के स्कोर पर गंवा दिया।

रहाणे भारत के स्कोर को 100 के पार तक तो ले गये लेकिन फिर हेरात ने उनकी संघर्षपूर्ण पारी का काम तमाम कर दिया। रहाणे 97 गेंदों में 36 रन बनाकर टीम के 102 के स्कोर पर आउट हुए। अमित मिश्रा ने 15 रन बनाने के बाद जैसे ही कौशल की गेंद पर दिमुथ करुणारत्ने को कैच थमाया भारतीय पारी में 49.5 ओवर में 112 रन पर ढेर हो गई।

गाले टेस्ट इस परिणाम के बाद दो हिस्सों में बांटा जा सकता है। पहले हिस्से में भारत के लिए अश्विन के दस विकेट, शिखर और विराट के पहली पारी में शतक और मैच में रहाणे के आठ कैच के विश्व रिकॉर्ड को रखा जा सकता है तो दूसरी तरफ श्रीलंका की दूसरी पारी में चांडीमल के नाबाद 162 रन और हेरात के 48 रन पर सात विकेट को रखा जा सकता है।

मैच में नाबाद 162 रन की निर्णायक पारी खेलने वाले चांडीमल को मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया। जिन्होंने श्रीलंका को पारी की हार के संकट से बाहर निकालकर मैच में लड़ने लायक स्थिति में पहुंचाया और फिर हेरात के करिश्मे ने टीम इंडिया की तीन दिन की तमाम मेहमन पर पानी फेर दिया। भारतीय कप्तान विराट ने भी मैच के बाद स्वीकार किया कि दबाव में टीम इंडिया अच्छा नहीं खेली और यही उसकी हार का सबसे बड़ा कारण रहा।

2001 में श्रीलंका दौरे पर गई टीम इंडिया ने 1-2 से गंवाई थी सीरीज

वहीं साल 2001 में तत्कालीन टेस्ट कप्तान सौरव गांगुली के नेतृत्व में श्रीलंका के खिलाफ टीम इंडिया को 1-2 से टेस्ट सीरीज गंवानी पड़ी थी। श्रीलंका ने पहला टेस्ट दस विकेटों से जीता था। दूसरे टेस्ट को 7 विकेट से जीतने के बाद टीम इंडिया ने वापसी की। तीसरे टेस्ट में श्रीलंका ने भारत को पारी से शर्मनाक हार थमाते हुए सीरीज जीती। इस सीरीज के मैन ऑफ द सीरीज मुथैया मुरलीधरन थे।

1942 A Love Story: अनिल कपूर, मनीषा कोइराला और जैकी श्रॉफ स्टारर ‘1942 ए लव स्टोरी’ सिनेमाघरों में होगी री रिलीज

1942 A Love Story: ‘1942 अ लव स्टोरी’ जैसी कल्ट क्लासिक फिल्म इस महीने फिर से सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है। विधु विनोद चोपड़ा की डायरेक्ट की गई यह फिल्म, बेहतर क्वालिटी वाले 8K विज़ुअल और 5.1 सराउंड साउंड के साथ सिनेमाघरों में लौटेगी।

बुधवार को NH स्टूडियोज़ ने घोषणा की कि अनिल कपूर, मनीषा कोइराला और जैकी श्रॉफ स्टारर यह फ़िल्म 21 अगस्त को सिनेमाघरों में फिर से रिलीज होगी। इस फिल्म को इटली के बोलोग्ना में मौजूद दुनिया की जानी-मानी फिल्म रेस्टोरेशन सुविधा ‘L’Immagine Ritrovata’ और भारत की ‘प्रसाद फिल्म लैब्स’ के सहयोग से रिस्टोर किया गया है।

इस मेहनत भरे रेस्टोरेशन से फ़िल्म के विज़ुअल और भी शानदार हो गए हैं, जबकि इसका ओरिजिनल सिनेमैटिक अंदाज़ भी बना हुआ है। साथ ही, इसमें डॉल्बी 5.1 सराउंड साउंड मिक्स का इस्तेमाल किया गया है। 1994 में रिलीज हुई ‘1942: अ लव स्टोरी’ हिंदी सिनेमा की सबसे पसंदीदा रोमांटिक ड्रामा फ़िल्मों में से एक है।

यह फिल्म अपनी बेहतरीन एक्टिंग के साथ-साथ आर.डी. बर्मन के सदाबहार संगीत के लिए भी याद की जाती है। 1993 में निधन से पहले, यह महान संगीतकार का आखिरी पूरा किया गया साउंडट्रैक था। ‘एक लड़की को देखा’, ‘कुछ न कहो’, ‘रिम झिम रिम झिम’ और ‘रूठ न जाना’ जैसे गाने आज भी कई पीढ़ियों के बीच लोकप्रिय हैं।

री-रिलीज़ के बारे में बात करते हुए, NH स्टूडियोज़ के डायरेक्टर श्रेयंस हीरावत ने एक प्रेस नोट में कहा, “विधु विनोद चोपड़ा की शानदार फ़िल्मों के कलेक्शन को हासिल करना NH स्टूडियोज़ के लिए एक अहम उपलब्धि है। ये ऐसी फ़िल्में हैं जिन्होंने भारतीय सिनेमा को आकार दिया है और कई पीढ़ियों के दर्शकों को प्रेरित करती रही हैं।

इस असाधारण विरासत को संजोने और उसका जश्न मनाने में पार्टनर बनकर हमें गर्व है। ‘1942: अ लव स्टोरी’ से शुरुआत करते हुए, हमारी कोशिश है कि इन सदाबहार क्लासिक फ़िल्मों को बेहतरीन क्वालिटी में बड़े पर्दे पर वापस लाया जाए, ताकि दर्शक इनका अनुभव वैसे ही कर सकें जैसा इन्हें हमेशा से देखा जाना चाहिए था।”

फिल्म के नए वर्शन के बारे में बात करते हुए फिल्ममेकर विधु विनोद चोपड़ा ने कहा, “मैं एक बहुत ज़रूरी बात कहना चाहता हूं कि पहली बार दर्शक इस फिल्म को वैसे ही देख पाएँगे, जैसा इसे देखा जाना चाहिए था। क्योंकि जब यह फिल्म रिलीज़ हुई थी, तब भारत में डॉल्बी सराउंड साउंड की सही सुविधा नहीं थी। यहां तक कि कलर ग्रेडिंग में भी कुछ कमियां थीं। यह भारत की पहली फिल्म थी जिसे डॉल्बी में बनाया गया था और हम ही डॉल्बी को भारत लाए थे। मैंने फिल्म की मिक्सिंग लंदन में करवाई थी। हम इसे वापस तो ले आए, लेकिन कोई भी सिनेमा हॉल डॉल्बी चलाने के लिए तैयार नहीं था। क्या आप सोच सकते हैं? हमने मेट्रो सिनेमा में खास तौर पर बाहर से मंगवाई गई केबल बिछाईं और सराउंड साउंड स्पीकर लगवाए।”

El Nino Impact: अल नीनो और युद्ध के बीच भारत के मानसून से दुनिया को क्यों हो रही टेंशन? नए संकट की आहट!

El Nino Impact On Monsoon: वैश्विक स्तर पर खाद्य महंगाई की मार झेल चुकी दुनिया के सामने साल 2026 के अंत तक एक बार फिर से भोजन महंगा होने का नया संकट मंडराने लगा है। हमारी सहयोगी वेबसाइट ‘फर्स्टपोस्ट’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिम एशिया और यूक्रेन में जारी युद्ध की वजह से फ्यूल और फर्टीलाइजर की सप्लाई काफी प्रभावित हो रही है।इसके अलावा दुनिया के सबसे बड़े चावल निर्यातक देश भारत में मानसून की धीमी और देर से हुई शुरुआत ने वैश्विक चावल उत्पादन और खाद्य सुरक्षा को लेकर दुनिया भर की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

कच्चे तेल के ऊंचे दाम, खाद आपूर्ति में रुकावट और जलवायु परिवर्तन से जुड़े जोखिम कृषि उत्पादन व उसके परिवहन की लागत को लगातार बढ़ा रहे हैं। इस वजह से दुनिया भर के उपभोक्ताओं को इस साल के अंत और वर्ष 2027 के दौरान खाद्य महंगाई का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि भारतीय अर्थव्यवस्था के संदर्भ में राहत की खबर यह है कि घरेलू स्तर पर सुधरती बारिश और पर्याप्त अनाज भंडार के दम पर भारत पर इसका असर सीमित रहने का अनुमान है।

संयुक्त राष्ट्र ने दिए संकेत: साल के अंत से फिर बढ़ेंगे खाने-पीने के सामान के दाम

साल 2022 में ग्लोबल महंगाई को बढ़ाने में खाद्य कीमतों ने मुख्य भूमिका निभाई थी लेकिन चालू वर्ष में ऊर्जा लागत अधिक रहने के बावजूद खाद्य कीमतें अपेक्षाकृत नियंत्रित रही हैं। हालांकि यह राहत अस्थाई साबित हो सकती है। रॉयटर्स को दिए इंटरव्यू में संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) के मुख्य अर्थशास्त्री मैक्सिमो टोरेरो ने चेतावनी दी है कि कमोडिटी की कीमतें अब ज्यादा तेजी से बढ़ेंगी और साल के अंत तक खाद्य सामग्री के दाम बढ़ने शुरू हो जाएंगे।

इसका असर अगले साल यानी 2027 में और अधिक देखने को मिलेगा। टोरेरो के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कमोडिटी की बढ़ी हुई कीमतों का असर रिटेल यानी खुदरा बाजार में दिखने में तीन से छह महीने का समय लगता है।

हालांकि हाल के महीनों में गेहूं, मक्का और चावल जैसी प्रमुख फसलों की कीमतों में थोड़ी बढ़ोतरी देखी गई है, लेकिन यह मौजूदा समय की ठीक-ठाक पैदावार दिखा रही है। असली चुनौती अगली बुवाई के सीजन में उत्पादन लागत बढ़ने से सामने आएगी।

युद्ध की वजह से सप्लाई चेन पर बढ़ा भारी दबाव

ईरान से जुड़े मौजूदा संघर्ष ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा की है। ये दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा समुद्री मार्गों में से एक है। मैक्सिमो टोरेरो के मुताबिक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में किसी भी तरह का अवरोध कृषि प्रणालियों और उसके इनपुट्स पर सीधा असर डालता है। ब्रेंट क्रूड ऑयल की ऊंची दरें सिंचाई, पैकेजिंग, प्रोसेसिंग और ट्रांसपोर्टेशन की लागत बढ़ा देती हैं। इसके अलावा नेचुरल गैस के दाम बढ़ने से खाद बनाना भी काफी महंगा हो जाता है।

इसी तरह यूक्रेन युद्ध के दौरान रूस के तेल और गैस इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुए हमलों ने डीजल और नेचुरल गैस के निर्यात पर असर डाला है। इससे दुनिया भर में किसानों की उत्पादन लागत बढ़ रही है। यूरोप, अमेरिका, ब्राजील और एशिया के किसान इस दबाव को महसूस कर रहे हैं और कम मुनाफे की वजह से फसलें उगाएं या न उगाएं, इस सवाल से जूझ रहे हैं।

भारत का मानसून बना दुनिया के लिए अहम वॉचपॉइंट

दुनिया में चावल के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक और सबसे बड़े निर्यातक देश भारत का मानसून अंतरराष्ट्रीय खाद्य बाजारों के लिए एक प्रमुख वॉचपॉइंट बना हुआ है। भारत में मानसून की देरी से शुरुआत और औसत से कम बारिश ने चावल के उत्पादन और वैश्विक आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ा दी थीं। अगर भारत के चावल उत्पादन में कोई बड़ी बाधा आती है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सप्लाई टाइट हो सकती है। इससे कीमतें तेजी से ऊपर जा सकती हैं।

भारतीय अर्थव्यवस्था पर असर सीमित: बजाज एसेट मैनेजमेंट की रिपोर्ट

बजाज एसेट मैनेजमेंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में देर से आए मानसून का देश की इकॉनमी पर बड़ा निगेटिव असर पड़ने की संभावना बेहद कम है। रिपोर्ट में बताया गया है कि जून के आखिरी हफ्ते में बारिश काफी बेहतर हुई है। जुलाई में भी मानसूनी बारिश मजबूत रही। देश के प्रमुख नदी घाटियों और जलाशयों में पानी का स्तर बेहतर स्थिति में है। भारत के पास सरकारी गोदामों में अनाज का भंडार तय बफर नॉर्म्स से लगभग 5 गुना अधिक है। ये खाद्य कीमतों में उछाल को रोकने में एक मजबूत कवच का काम करेगा।

वित्त वर्ष 2027 में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित खुदरा महंगाई दर औसतन 5 से 5.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है। ये खाद्य आपूर्ति के अस्थाई दबावों की वजह से होगी। हालांकि कोर इन्फ्लेशन दर कंट्रोल में है। भारत की रूरल इकॉनमी मजबूत बनी हुई है। मई में ट्रैक्टरों की बिक्री में सालाना आधार पर 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसी तरह एग्रीकल्चर क्रेडिट करीब 15 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ा। गैर-कृषि आय के मजबूत रहने से बुवाई में देरी के बावजूद ग्रामीण खपत बनी हुई है।

रिपोर्ट में ऐतिहासिक तथ्यों के हवाले से कहा गया कि जून 2026 पिछले एक सदी में सबसे शुष्क महीनों में से एक रहा लेकिन पूरे मानसून का नतीजा जून से तय नहीं होता। अगर अगस्त और सितंबर में बारिश का सिलसिला बेहतर बना रहता है तो मानसून घाटे की चिंताएं दूर हो जाएंगी और 2026 को एक रिकवरिंग मानसून वर्ष के रूप में देखा जाएगा।

बढ़ती लागत से किसानों ने घटाई बुवाई: अमेरिका से ऑस्ट्रेलिया तक संकट

बढ़ती उत्पादन लागत के कारण दुनिया भर के किसानों ने फसलों का रकबा घटाना शुरू कर दिया है। ईरान संघर्ष के शुरुआती तीन महीनों में वैश्विक स्तर पर गेहूं और मक्के की बुवाई में गिरावट आई है। कई अमेरिकी किसानों ने सोयाबीन की ओर रुख किया है क्योंकि इसमें खाद की जरूरत कम होती है। अमेरिकन फार्म ब्यूरो फेडरेशन के अनुमान के मुताबिक अतिरिक्‍त सरकारी मदद के बिना 2027 में 9 प्रमुख फसलें उगाने वाले अमेरिकी किसानों को कुल मिलाकर 32 अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है।

दुनिया के बड़े कृषि निर्यातक देशों में शामिल ऑस्ट्रेलिया ने अनुमान लगाया है कि फ्यूल और खाद की अत्यधिक ऊंची कीमतों के साथ इनपुट्स की अनिश्चितता के चलते उसकी सर्दियों की फसल उत्पादन में 21 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है।

अल नीनो की आहट से खाद्य सुरक्षा पर मंडराया ‘परफेक्ट स्टॉर्म’

भू-राजनीतिक तनावों के साथ-साथ अल नीनो मौसम पैटर्न के मजबूत होने की आशंका ने संकट को और गहरा कर दिया है। एफएओ ने चेतावनी दी है कि अल नीनो की वजह से मौसम पर पड़ने वाला असर फसलों की पैदावार घट सकती है। ऐसा हुआ तो खाद्य आपूर्ति में कमी आएगी और दुनिया भर में करोड़ों लोग गंभीर खाद्य असुरक्षा की चपेट में आ सकते हैं।

जलवायु का झटका, ऊर्जा की ऊंची कीमतें और फ्यूल-खाद की आपूर्ति में आ रही बाधा, ये सारी बातें मिलकर वैश्विक कृषि क्षेत्र के लिए एक परफेक्ट स्टॉर्म यानी चौतरफा संकट पैदा कर रही हैं। हालांकि कमोडिटी बाजार अब तक कुछ हद तक टिकाऊ बने रहे हैं लेकिन बढ़ती उत्पादन लागत का पूरा असर आने वाले महीनों में सुपरमार्केट और खुदरा दुकानों में सामानों के दामों में दिखाई देगा।

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इससे दुनिया भर के लोगों के लिए महंगाई का खतरा एक बार फिर बढ़ सकता है। दूसरी ओर भारत में सुधरती मानसूनी बारिश, प्रचुर अन्न भंडार और मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था के चलते देश के भीतर इसका व्यापक आर्थिक असर सीमित रहने की उम्मीद है।

₹50 हजार की स्कूटी पर 10 लाख रुपये का चालान! गुरुग्राम में पुलिस ने रोका तो सामने आया 96 बार नियम तोड़ने का हैरान करने वाला रिकॉर्ड

गुरुग्राम में ट्रैफिक नियमों को लेकर पुलिस की सख्ती के बीच एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सभी का ध्यान खींच लिया है। राजीव चौक पर नियमित जांच के दौरान पुलिस ने एक स्कूटी सवार को रोका, लेकिन दस्तावेजों की जांच आगे बढ़ते ही मामला काफी अलग निकला। वाहन के रिकॉर्ड में कुछ ऐसा सामने आया, जिसने पुलिस अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। यह मामला सिर्फ एक चालान या नियम उल्लंघन तक सीमित नहीं था, बल्कि लंबे समय से चली आ रही लापरवाही का खुलासा कर रहा था।

ट्रैफिक पुलिस ने कार्रवाई करते हुए वाहन को जब्त कर लिया और अन्य वाहन चालकों को भी नियमों का पालन करने की सलाह दी है। आखिर स्कूटी के रिकॉर्ड में ऐसा क्या मिला, जिसने इसे चर्चा का विषय बना दिया? आगे जानिए पूरी कहानी।

96 बार तोड़े ट्रैफिक नियम, 10 लाख रुपये का जुर्माना लंबित

जांच में पता चला कि इस स्कूटी के खिलाफ कुल 96 चालान दर्ज थे, जिनकी जुर्माना राशि करीब 10 लाख रुपये तक पहुंच चुकी थी। ये सभी चालान लंबे समय से लंबित थे। पुलिस के अनुसार, वाहन पर कई बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन किया गया था, लेकिन चालान का भुगतान नहीं किया गया।

गलत दिशा में चला रहा था स्कूटर, हेलमेट भी नहीं था

पुलिस ने बताया कि जब युवक को रोका गया, उस समय भी वह नियमों की अनदेखी कर रहा था। वह गलत दिशा में स्कूटी चला रहा था और उसने हेलमेट भी नहीं पहना था। पूछताछ के दौरान जब उससे वाहन के दस्तावेज मांगे गए तो वह कोई कागज पेश नहीं कर सका।

कैमरों और ई-चालान से पकड़ी गईं गलतियां

ट्रैफिक अधिकारियों के मुताबिक, स्कूटी पर दर्ज चालानों में कुछ ई-चालान मशीन के जरिए जारी किए गए थे, जबकि ज्यादातर चालान कैमरा आधारित निगरानी प्रणाली से बनाए गए थे। ये चालान मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के अलग-अलग नियमों के उल्लंघन से जुड़े थे।

2017 मॉडल की स्कूटी बहन के नाम पर थी

पूछताछ में युवक की पहचान निशांत के रूप में हुई। जानकारी के मुताबिक, वह मेदांता अस्पताल के पास एक मेडिकल स्टोर पर काम करता है। यह 2017 मॉडल की स्कूटी उसकी बहन दीपिका के नाम पर रजिस्टर्ड थी।

पुलिस ने वाहन मालिकों को दी चेतावनी

गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने कार्रवाई करते हुए स्कूटी को जब्त कर लिया। अधिकारियों ने बताया कि लंबित चालान वाले वाहन मालिकों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है और लोगों से अपील की गई है कि वे समय पर अपने चालानों का भुगतान करें, ताकि भविष्य में ऐसी कार्रवाई से बचा जा सके।

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RBI दिसंबर से इंटरेस्ट रेट बढ़ाना शुरू कर सकता है, ICICI Bank ने बताई यह वजह

आरबीआई दिसंबर से इंटरेस्ट रेट बढ़ाना शुरू कर सकता है। यह अनुमान आईसीआईसीआई बैंक ने जताया है। एएनआई ने एक रिपोर्ट के हवाले से यह यह जानकारी दी है। आईसीआईसीआई बैंक का मानना है कि अगर क्रूड ऑयल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं तो आरबीआई दिसंबर में रेपो रेट में 50 बेसिस प्वाइंट्स के इजाफे के साथ इंटरेस्ट रेट बढ़ाने का सिलसिला शुरू कर सकता है।

ICICI Bank का कहना है कि अगर क्रूड ऑयल की कीमतो में नरमी आती है तो फिर आरबीआई अगले साल अप्रैल में इंटरेस्ट रेट बढ़ाना शुरू कर सकता है। उसने कहा है कि अप्रैल से इंटरेस्ट रेट बढ़ने की उम्मीद ज्यादा है। गौरतलब है कि आरबीआई ने 5 अगस्त को लगातार चौथी बार रेपो रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं किया।

RBI ने मॉनेटरी पॉलिसी का ऐलान 5 अगस्त को किया। तीन दिन तक चली मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक के बाद रेपो रेट 5.25 फीसदी पर अपरिवर्तित रखने का फैसला लिया गया। केंद्रीय बैंक ने अपना रुख भी तटस्थ यानी Neutral रखने का ऐलान किया। हालांकि, आरबीआई ने ग्रोथ के अनुमान को थोड़ा बढ़ाया और इनफ्लेशन के अनुमान को थोड़ा कम किया।

आरबीआई ने 5 जुलाई को जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को 6.6 फीसदी से बढ़ाकर 6.7 फीसदी कर दिया। हालांकि, ICICI Bank का मानना है कि इंडियन इकोनॉमी की ग्रोथ आरबीआई के अनुमान से ज्यादा रह सकती है। प्राइवेट बैंक ने FY27 में जीडीपी ग्रोथ 6.9 फीसदी और FY28 में 7.2 फीसदी रहने का अनुमान जताया है।

मध्यपूर्व में लड़ाई का असर केंद्रीय बैंकों की मॉनेटरी पॉलिसी पर पड़ा है। क्रूड ऑयल सहित कई कमोडिटी की सप्लाई में बाधा से उनकी कीमतें बढ़ी हैं। इसका सीधा असर इनफ्लेशन पर पड़ रहा है। भारत में भी रिटेल इनफ्लेशन आरबीआई की तय रेंज को पार कर चुका है। अमेरिका में भी महंगाई बढ़ी है। महंगाई को कंट्रोल में करने के लिए अमेरिकी केंद्रीय बैंक सहित दूसरे केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकते हैं। इससे होम लोन, कार लोन सहित दूसरे लोन महंगे हो जाएंगे।

शाकिब अल हसन के घर पेट्रोल बम से हमला, फेंके गए पत्थर (Video)

Shakib al hasan

बांग्लादेश क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज ऑलराउंडर शाकिब अल हसन के बांग्लादेश के मगुरा जिले में स्थित उनके घर पर अज्ञात लोगों ने हमला कर दिया। इस हमले में ना केवल पेट्रोल बम बल्कि घरों पर पत्थर फेंके गए। इसके अलावा घर को आग लगाने की भी कोशिश हुई।

शेख हसीना के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता से हटने के बाद से सुरक्षा कारणों और अपने खिलाफ चल रहे कानूनी मामलों की वजह से अवामी लीग के सांसद शाकिब बांग्लादेश नहीं लौटे हैं।हालांकि बांग्लादेश के इस महान खिलाड़ी को उम्मीद है कि क्रिकेट से संन्यास लेने से पहले वह अपने देश के लिए एक आखिरी मैच जरूर खेलेंगे।

शाकिब का रहा भारत समर्थित विमर्श

पूर्व कप्तान शाकिब अल हसन ने इस साल की शुरुआत में भारत में हुए टी20 विश्व कप से बांग्लादेश के बाहर रहने को एक ‘बड़ी गलती’ करार किया और उम्मीद जताई है कि अगर दोनों टीम कुछ श्रृंखला खेलती हैं तो उनके बीच क्रिकेट के रिश्ते बेहतर हो सकते हैं।

बांग्लादेश ने अपने तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स से बाहर किए जाने के बाद टी20 विश्व कप के लिए भारत का दौरा नहीं किया था जिसकी मेजबानी भारत और श्रीलंका ने मिलकर की थी। जिसके बाद बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल किया गया।शाकिब ने कोलकाता नाइट राइडर्स और सनराइजर्स हैदराबाद के लिए आईपीएल के नौ सत्र खेले हैं।


शाकिब  जनवरी 2024  से अगस्त तक अवामी लीग के सांसद थे, उसके बाद छात्रों के नेतृत्व वाली क्रांति में सरकार गिर गई थी। हसीना 5 अगस्त को भारत भाग गईं, जबकि शाकिब तब से अब तक घर नहीं लौटे हैं। उन्होंने  साल 2024 में पाकिस्तान और भारत के ख़िलाफ टेस्ट मैच खेले थे, लेकिन पिछले 24 महीनों में उन्हें राष्ट्रीय टीम में नहीं चुना गया है, जबकि वह अन्य जगहों पर फ्रेंचाइजी लीग में खेलते रहे हैं।

Market Trend : सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी के दिन बाजार में हल्की बढ़त, जानिए इंडेक्स और स्टॉक्स में आज कहां होगी कमाई

Market Trend : 6 अगस्त के शुरुआती कारोबार में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में हल्की बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है। सुबह 10:30 बजे के आसपास सेंसेक्स 155 अंक या 0.20 प्रतिशत बढ़कर 78,740 के आसपास और निफ्टी 10 अंक बढ़ कर 24,630 के आसपास दिख रहा था। सेक्टर के हिसाब से देखें तो मीडिया इंडेक्स 0.7% नीचे था और फार्मा इंडेक्स 0.5% ऊपर था। ऐसे में बाजार की रणनीति पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज के वीरेंद्र कुमार ने कहा कि निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 24680-24740 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 24766-24788/24817 पर है। इसके लिए पहला बेस 24481-24529 पर और बड़ा बेस 24389-24461 पर है।

कल बाजार रेजिस्टेंस-1 और बेस-1 के बीच सीमित दायरे में रहा। बाजार अब भी CAS के बदलाव को पचा रहा है,कल एडजस्टमेंट सामान्य रहे। FIIs की कैश में बिकवाली रही। इंडेक्स में नई शॉर्ट पोजिशन जुड़ी। नेट शॉर्ट बढ़कर 1.59 लाख पर रहे। इसमें 5500 कॉन्ट्रैक्ट जुड़े। ग्लोबल संकेत फ्लैट है। ऊपरी स्तर से US बाजार फिसले हैं। नैस्डैक में कमजोरी रही। आज BSE सेंसेक्स की एक्सपायरी है। ऐसे में दायरे में उतार-चढ़ाव संभव है। आज की क्लोजिंग अहम रहेगी। 24600 पर कॉल राइटिंग दिखी है। 24700-24750-24800 सबसे मजबूत कॉल राइटिंग जोन है।

24680-740 पर बड़ी बाधा है। 24500-24400 पर पुट राइटिंग हुई है। 24400 पर 200 DEMA है। बेस-1 और रजिस्टेंस-1 के बीच ट्रेडिंग रणनीति होनी चाहिए 24481 के नीचे टिकने पर दबाव बढ़ेगा,24740 के ऊपर टिकने पर ब्रेकआउट संभव है।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

वीरेंद्र कुमार ने कहा कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 58067-58181/58267 पर और बड़ा रजिस्टेंस 58431-58589/58773 पर है। इसके लिए पहला बेस 57432-57553 पर और बड़ा बेस 57167-57289 पर है। कल बैंक निफ्टी बेस-1 और रजिस्टेंस-1 के दायरे में रहा। कच्चे तेल में नरमी है,लेकिन बैंकिंग शेयरों में अभी मोमेंटम की कमी है। 58000-58200 पर मजबूत कॉल राइटिंग दिखी है। 57600-57500-57400 पर पुट राइटिंग हुई है। ये 10 DEMA और 20 DEMA भी है

ओपनिंग चाहे कहीं भी हो,फिलहाल बेस-1 और रजिस्टेंस-1 के बीच ट्रेड करें। 58267 के ऊपर टिकने पर ही दमदार ब्रेकआउट के संकेत मिलेंगे। 57432 के नीचे फिसलने पर दबाव बढ़ेगा, फिर बेस-2 का टेस्ट संभव हैं।

 

Trading Plan: SBI सिक्योरिटीज के सुदीप शाह से जाने, आज निफ्टी और बैंक निफ्टी में क्या हो कमाई की रणनीति, किन लेवल्स पर रहे नजर

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं Mantri FinMart के अरुण कुमार मंत्री। इनकी जेएसडब्ल्यू स्टील में 1328 रुपए के आसपास, 1312 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 1362 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। वहीं, आरबीएल बैंक में इनकी 389 रुपए के आसपास, 385 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 399 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

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