न्यू मैक्सिको कोर्ट का मेटा पर ₹5,390 करोड़ का जुर्माना:कहा- बच्चों की सुरक्षा नहीं, एन्गेजमेंट और मुनाफा चुना, इससे उनकी मेंटल हेल्थ बिगड़ी

न्यू मैक्सिको की एक अदालत ने मेटा पर 567 मिलियन डॉलर यानी भारतीय रुपयों में 5000 करोड़ से ज्यादा का जुर्माना लगाया है। यह आदेश मेटा के प्लेटफॉर्म्स के कारण बच्चों की मेंटल हेल्थ पर हुए दुष्प्रभाव के खिलाफ जारी किया गया है। अदालत ने यह फैसला कंपनी की जवाबदेही तय करते हुए सुनाया है। यह पहली बार है जब किसी राज्य ने एक बड़ी टेक कंपनी के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई की है। गुरुवार देर रात आए फैसले में जज ब्रायन बीडशेड ने कहा कि जुर्माने की रकम का बड़ा हिस्सा 420 मिलियन डॉलर युवाओं के इलाज में इस्तेमाल होगा। बाकी रकम अगले 5 साल तक अवेयरनेस, प्रिवेंशन, स्क्रीनिंग सर्विस पर खर्च की जाएगी। मेटा के प्लेटफॉर्म्स इंस्टाग्राम-फेसबुक पर बच्चों की सुरक्षा और मेंटल हेल्थ को लेकर लंबे समय से सवाल उठ रहे थे। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि कंपनी के प्लेटफॉर्म्स का बच्चों पर नकारात्मक असर पड़ा है। Meta आगे क्या कदम उठा सकती है… मैक्सिको के अटॉर्नी जनरल सेन शुरू किया था मुकदमा यह मामला न्यू मैक्सिको के अटॉर्नी जनरल राउल टोरेस ने दायर किया था। आरोप था कि मेटा के इंस्टाग्राम-फेसबुक बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं हैं। कंपनी ने जानबूझकर इन खतरों को नजरअंदाज किया। कंपनी पर आरोप लगा कि एल्गोरिदम को ऐसे डिजाइन किया है कि वे बच्चों को ‘एडिक्टिव’ (लत लगाने वाले) बनाते हैं। इसके असर से बच्चों में डिप्रेशन, ईटिंग डिसऑर्डर और आत्महत्या जैसी समस्याओं में बढ़ोतरी हुई। मुकदमा केवल मेंटल हेल्थ तक सीमित नहीं था। इसमें यह भी आरोप लगाया गया था कि मेटा के प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल बाल यौन शोषण और बच्चों को फंसाने के लिए किया जा रहा था, और कंपनी ने इस खतरे के बारे में जानते हुए भी ठोस कदम नहीं उठाए। कोर्ट ने कहा- फेडरल कानून मेटा को बच्चों की एज वैरिफिकेशन से रोकता है अदालत ने कहा कि बच्चों की प्राइवेसी से जुड़े फेडरल कानून मेटा को 13 साल से कम उम्र के बच्चों पर एज वैरिफिकेशन इक्विपमेंट लागू करने से रोकते हैं। चाइल्ड ऑनलाइन प्राइवेसी प्रिवेंशन एक्ट (COPPA) का अर्थ है कि यह मेटा को बच्चों से व्यक्तिगत डेटा जमा करने का अनुरोध करने या एज वैरिफिकेशन उद्देश्यों के लिए भी ट्रैक किए जाने का आदेश नहीं दे सकता है। एक दिन पहले भारत सरकार से माफी मांगनी पड़ी Meta के CEO मार्क जुकरबर्ग ने बुधवार को पीएम मोदी का फेसबुक पोस्ट हटाए जाने के मामले में भारत सरकार से माफी मांगी है। इसी दौरान कंपनी ने यह भी माना कि उसके प्लेटफॉर्म पर चाइल्ड सेक्शुअल एब्यूज मैटेरियल, डीपफेक और कंटेंट मॉडरेशन से जुड़ी चूक हुई हैं।

अमेरिका में पहली बार ‘बर्थ टूरिज्म’ पर रोक:यहां पैदा हुए विदेशियों के बच्चे को नागरिकता नहीं मिलेगी; ट्रम्प बोले- बर्थराइट सिटीजनशिप मजाक बन गई थी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर अमेरिका में जन्म लेने वाले लोगों को नागरिकता मिलने के दायरे को सीमित करने की कोशिश की है। राष्ट्रपति ने बताया कि उन्होंने इमिग्रेशन से जुड़े दो कार्यकारी आदेश साइन किए हैं। इनमें से एक अमेरिका में पैदा होने वाले उन लोगों की संख्या को सीमित करेगा, जो यहां नागरिकता पाने के हकदार हैं। ट्रम्प ने बताया कि दूसरा आदेश ‘बर्थ टूरिज्म’ पर लगाम लगाने के लिए है। इसके तहत उन विदेशी पर्यटकों पर वीजा प्रतिबंध बढ़ाए जाएंगे, जो अमेरिका में आकर बच्चे को जन्म देना चाहते हैं। इससे पहले बर्थराइट सिटीजनशिप को सीमित करने की कोशिश को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था, लेकिन अब वे दोबारा इसके लिए कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, इन आदेशों के बारे में अभी ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन ट्रम्प का मानना है कि उनके ये नए कदम संवैधानिक होंगे। जून में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था इससे पहले जून में अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने बर्थराइट सिटीजनशिप को बरकरार रखा था। कोर्ट ने ट्रम्प के उन पिछले प्रयासों को खारिज कर दिया था, जिनमें उन्होंने यह घोषित करने की कोशिश की थी कि अमेरिका में अवैध-अस्थायी रूप से रह रहे लोगों के बच्चे अमेरिकी नागरिक नहीं हैं। कोर्ट ने कहा था कि अमेरिका में गैर-कानूनी या अस्थायी रूप से मौजूद लोगों के बच्चे अपने-आप अमेरिकी नागरिकता पाने के हकदार हैं। कोर्ट ने ‘यूनाइटेड स्टेट्स बनाम वोंग किम आर्क’ मामले में अपने पहले के फैसले का भी हवाला दिया और कहा कि विदेशी माता-पिता से अमेरिका में पैदा हुए बच्चे इसके हकदार हैं। कैसे मिला था बर्थराइट सिटीजनशिप का अधिकार व्हाइट हाउस के सलाहकार स्टीफन मिलर ने कहा कि ये एग्जीक्यूटिव एक्शन 14वें संशोधन के मूल मकसद पर आधारित हैं। अमेरिकी संविधान में किया गया 14वां संशोधन खास तौर पर गृह युद्ध के बाद इसलिए बनाया गया था ताकि यह पक्का किया जा सके कि गुलामों के बच्चे नागरिक बन सकें। इसका उद्देश्य हर विदेशी नागरिक के बच्चे को स्वतः नागरिकता देना नहीं था। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति, ऐसी नागरिकता के लिए अयोग्य लोगों की कैटेगरी का दायरा बढ़ाने के लिए कमांडर-इन-चीफ के तौर पर अपने अधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। बर्थराइट-बर्थ टूरिज्म पर नए आदेश का असर 2024 में बर्थ टूरिज्म से पैदा हुए बच्चों की संख्या 9600 थी ट्रम्प प्रशासन इसे बहुत बड़े खतरे के रूप में पेश कर रहा है, लेकिन आधिकारिक आंकड़े कुछ और बताते हैं। माइग्रेशन पॉलिसी इंस्टीट्यूट (MPI) के मुताबिक अमेरिका में हर साल जन्म लेने वाले बच्चों में से एक बहुत ही छोटा हिस्सा ‘बर्थ टूरिज्म’ से जुड़ा है। एक अनुमान के मुताबिक 22,000 से 26,000 बच्चों के पेरेंट्स अमेरिकी नागरिकता पाने के मकसद से वहां पहुंचते हैं। 2024 के सरकारी आंकड़ों में विदेशी पते वाली मांओं के केवल 9,600 जन्म दर्ज किए गए थे। ————– ट्रम्प से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प की सख्ती से भारतीय छात्रों का अमेरिका जाना कम: पाकिस्तान-बांग्लादेश के छात्रों को ज्यादा वीजा अमेरिका में पढ़ाई का सपना देखने वाले भारतीय छात्रों के लिए अब राह पहले जैसी आसान नहीं रही। ट्रम्प सरकार की सख्त इमिग्रेशन पॉलिसी के बीच 2025 में भारतीय छात्रों को मिलने वाले F-1 स्टूडेंट वीजा में बड़ी गिरावट आई है। इसके उलट पाकिस्तान, बांग्लादेश और वियतनाम जैसे देशों के छात्रों को पहले के मुकाबले ज्यादा वीजा मिले हैं। पढ़ें पूरी खबर…

Google Pixel 11 Pro Fold की एंट्री से पहले स्पेसिफिकेशन्स लीक, जानें कीमत, फीचर्स और लॉन्च डेट

Google Pixel 11 Pro Fold: Google Pixel 11 सीरीज भारतीय और ग्लोबल मार्केट में लॉन्च होने के लिए तैयार है, जिसमें Pixel 11 Pro Fold इस लाइनअप का सबसे महंगा फोन होगा। सामने आई लीक और रिपोर्ट्स के अनुसार, यह फोन कई नए फीचर्स और बेहतर ऑप्टिमाइज्ड यूजर इंटरफेस (UI) के साथ आ सकता है। इस फोन को लेकर अभी तक सामने आई जानकारी के आधार पर आइए जानते हैं इसकी कीमत, लॉन्च डेट और अन्य खास बातें।

भारत में Google Pixel 11 Pro Fold की कीमत और लॉन्च डेट

Google Pixel 11 Pro Fold का 16GB RAM और 256GB इंटरनल स्टोरेज वाला वेरिएंट भारत में ₹1,74,999 से ₹1,89,999 की कीमत रेंज में आ सकता है। इसके अलावा, यह फोन 12 अगस्त, 2026 को ‘Made By Google’ इवेंट में लॉन्च किया जाएगा, जिसकी पुष्टि कंपनी ने आधिकारिक तौर पर कर दी है। हालांकि, अभी तक फोन के कलर वेरिएंट्स के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है।

Google Pixel 11 Pro Fold: कैमरा और स्पेसिफिकेशन्स

Google Pixel 11 Pro Fold में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप मिलने की उम्मीद है, जिसमें ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन (OIS) वाला 50MP का प्राइमरी वाइड-एंगल कैमरा, 48MP का अल्ट्रा-वाइड एंगल कैमरा और 5x ऑप्टिकल जूम वाला 48MP का पेरिस्कोप टेलीफोटो शूटर शामिल हो सकता है। इसके अलावा, सेल्फी लेने और वीडियो कॉल करने के लिए, डिवाइस में 10.5MP का कवर सेल्फी कैमरा और 10.5MP का इनर सेल्फी कैमरा भी हो सकता है।

स्पेसिफिकेशन्स की बात करें तो, इस फोन 6.5-इंच का OLED इनर डिस्प्ले और 8.5-इंच का LTPO OLED आउटर डिस्प्ले हो सकता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट और 3000 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस के साथ आएगा। परफॉर्मेंस के लिए यह फोन 2nm प्रोसेस पर बने Google Tensor G6 चिपसेट के साथ आ सकता है। इसके अलावा, यह स्मार्टफोन Android 17 ऑपरेटिंग सिस्टम पर चल सकता है।

पावर के मामले में, Pixel 11 Pro Fold में 4800mAh की बैटरी मिलने की उम्मीद है, जो 30W वायर्ड फास्ट चार्जिंग और 23W वायरलेस चार्जिंग को सपोर्ट करेगा।

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विटल इलेक्टॉनिक्स को खरीदेगी RRP Electronics, ऑर्डर में जुड़ेंगे ₹90 करोड़

RRP Electronics Ltd ने इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) कंपनी Vital Electronics Pvt Ltd के रणनीतिक अधिग्रहण के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) और टर्म शीट पर हस्ताक्षर किए हैं। कंपनी का कहना है कि यह कदम भारत में एक इंटीग्रेटेड सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

सेमीकंडक्टर से इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम तक बढ़ेगा कारोबार

RRP Electronics का दावा है कि इस अधिग्रहण के बाद उसकी OSAT (Outsourced Semiconductor Assembly and Test) और ATMP (Assembly, Testing, Marking and Packaging) क्षमताएं और मजबूत होंगी। कंपनी अब सिर्फ सेमीकंडक्टर पैकेजिंग तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के निर्माण में भी अपनी मौजूदगी बढ़ाएगी।

Vital Electronics क्या करती है?

Vital Electronics एक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) कंपनी है। कंपनी Printed Circuit Board Assembly (PCBA), Surface Mount Technology (SMT), इलेक्ट्रोमैकेनिकल असेंबली, सिस्टम इंटीग्रेशन, टेस्टिंग, स्ट्रैटेजिक सोर्सिंग और बॉक्स-बिल्ड सॉल्यूशंस जैसी एंड-टू-एंड मैन्युफैक्चरिंग सेवाएं देती है।

ग्राहकों को मिलेगा वन-स्टॉप सॉल्यूशन

कंपनी के मुताबिक, अधिग्रहण के बाद RRP सेमीकंडक्टर पैकेजिंग से लेकर पूरी तरह तैयार इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट तक की सेवाएं दे सकेगी। उसका कहना है कि Vital Electronics उसके बनाए चिप्स को PCB पर लगाएगी और डिफेंस, ऑटोमोबाइल, इंडस्ट्रियल, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स समेत कई सेक्टर के लिए तैयार इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम बनाएगी।

ऑर्डर बुक और ग्रोथ पर रहेगा फोकस

कंपनी के मुताबिक, इस अधिग्रहण के बाद उसकी ऑर्डर बुक में करीब 90 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दिखाई दे रहा है। साथ ही अगले तीन वर्षों में कारोबार की ग्रोथ को लेकर भी कंपनी ने सकारात्मक संकेत दिए हैं।

चार चरणों में होगा अधिग्रहण

RRP Electronics ने बताया कि वह चार चरणों में Vital Electronics की 100% हिस्सेदारी खरीदेगी। कंपनी का लक्ष्य मार्च 2027 तक 50% हिस्सेदारी और मार्च 2028 तक पूरा अधिग्रहण करने का है। हालांकि, यह तय माइलस्टोन पूरे होने और जरूरी नियामकीय मंजूरियों पर निर्भर करेगा। अधिग्रहण पूरा होने के बाद कंपनी, जरूरी मंजूरियां मिलने पर, Vital Electronics का विलय RRP Group की किसी लिस्टेड कंपनी में भी कर सकती है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Cabinet Decisions: गुवाहाटी से तेजपुर के बीच बनेगा शानदार 4-लेन हाईवे, कैबिनेट ने दी 8970 करोड़ रुपये की मंजूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने गुरुवार को असम में NH-15 के 135.871 किलोमीटर लंबे, 4-लेन वाले एक्सेस-कंट्रोल्ड गुवाहाटी-तेजपुर कॉरिडोर के विकास को मंजूरी दे दी है। यह प्रोजेक्ट NH(O) के तहत कुल 8970.20 करोड़ रुपये की लागत से ‘बिल्ट-ऑपरेट-ट्रांसफर’ (BOT) टोल मोड पर विकसित किया जाएगा।

CCEA के अनुसार, इस प्रोजेक्ट में तेजपुर बाईपास पर एक इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) (4.9 किमी) का निर्माण शामिल है। इसे भारतीय वायुसेना (IAF) के साथ मिलकर अंतिम रूप दिया गया है। इस कॉरिडोर के बनने से ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिणी हिस्से से गुजरने वाले मौजूदा NH-27 (ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर) पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा।

बनाए जाएंगे 5 बड़े बाईपास

इस प्रोजेक्ट के तहत 58.7 किलोमीटर लंबे 5 बड़े बाईपास भी बनाए जाएंगे। इससे घनी आबादी वाले इलाकों जैसे बाईहाटा चारियाली, सिपाझार, खरुपेटिया, डेकीयाजुली और तेजपुर में जाम की समस्या कम होगी और लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

इसके अलावा, इस प्रोजेक्ट में 15 बड़े पुल, 30 छोटे पुल, 19 फ्लाईओवर और 1 हाथी अंडरपास (तेजपुर बाईपास पर) बनाने का प्रावधान है। ट्रैफिक की आवाजाही बनाए रखने के लिए प्रोजेक्ट के तहत 46 अंडरपास, 19 फ्लाईओवर और 210 किलोमीटर सर्विस रोड भी बनाई जाएगी, क्योंकि इस प्रोजेक्ट को एक्सेस-कंट्रोल्ड (सीमित प्रवेश-निकास वाली सड़क) के तौर पर विकसित करने का प्रस्ताव है।

सड़क सुरक्षा में सुधार और ईंधन की होगी बचत

CCEA ने बताया कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद वाहनों की औसत रफ्तार करीब 100 प्रतिशत तक बढ़ सकती है और यात्रा का समय लगभग आधा रह जाएगा। इसके अलावा, सड़क सुरक्षा में सुधार होगा, ईंधन की बचत होगी और वाहनों के संचालन पर आने वाला खर्च भी कम होगा। इससे क्षेत्र में आवाजाही आसान होगी और आर्थिक व सामाजिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

यह परियोजना असम और अरुणाचल प्रदेश के प्रमुख आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक केंद्रों को बेहतर और निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।

औद्योगिक पार्क, पर्यटन स्थल और लॉजिस्टिक हब से जुड़ेगा कॉरिडोर

इसके अलावा, अपग्रेड किए जाने वाले इस कॉरिडोर से PM गति शक्ति योजना के तहत चिन्हित 8 आर्थिक केंद्रों (8 इंडस्ट्रियल पार्कों), 2 सामाजिक केंद्रों (असम के आकांक्षी जिले दरांग और उदलगुड़ी), 3 पर्यटन स्थलों (मां कामाख्या मंदिर, काजीरंगा नेशनल पार्क और ओरांग नेशनल पार्क) और 7 लॉजिस्टिक केंद्रों (3 प्रमुख रेलवे स्टेशन, 2 एयरपोर्ट और 2 जलमार्ग टर्मिनल) तक कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

इससे पूरे क्षेत्र में माल और यात्रियों की आवाजाही तेज और आसान होगी। बेहतर सड़क नेटवर्क से व्यापार, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

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Vivo S2 Vs Nothing Phone 4a: कैमरा, बैटरी और परफॉर्मेंस में कौन है दमदार? जानें

Vivo S2 Vs Nothing Phone 4a: Vivo S2 को भारत में आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया गया है। यह फोन प्रीमियम मिड-रेंज स्मार्टफोन सेगमेंट में आया है, जहां पहले से ही कंपटीशन काफी कड़ा है। इसका मुकाबला Nothing Phone 4a जैसे स्मार्टफोन से होगा, जिसने अपने शानदार डिजाइन और कैमरा फीचर्स के दम पर बाजार में अपनी अलग पहचान बनाई है।

Vivo S2 Vs Nothing Phone 4a: डिस्प्ले, परफॉर्मेंस और कैमरा

Vivo S2 में कंपनी ने 6.83-इंच का 1.5K AMOLED डिस्प्ले दिया है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट और 3,000 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस को सपोर्ट करता है। वहीं, Nothing Phone 4a में थोड़ा छोटा 6.78-इंच AMOLED पैनल मिलता है। इसमें भी 120Hz रिफ्रेश रेट का सपोर्ट है, लेकिन इसकी पीक ब्राइटनेस 4,500 निट्स तक जाती है, यानी कागज पर यह Vivo S2 से ज्यादा ब्राइट नजर आता है।

परफॉर्मेंस की बात करें तो, Vivo S2 में MediaTek Dimensity 7360 Turbo प्रोसेसर दिया गया है, जबकि Nothing Phone 4a Qualcomm Snapdragon 7s Gen 4 चिपसेट के साथ आता है।

दोनों स्मार्टफोन में UFS 3.1 स्टोरेज मिलती है, लेकिन RAM के मामले में Nothing Phone 4a आगे है। इसमें 12GB तक RAM का विकल्प मिलता है, जबकि Vivo S2 में अधिकतम 8GB RAM दी गई है।

कैमरे के मामले में बड़ा अंतर

दोनों स्मार्टफोन के कैमरा सेटअप में काफी अंतर देखने को मिलता है। Vivo S2 में 50MP का प्राइमरी कैमरा दिया गया है, जिसके साथ एक अतिरिक्त सेंसर मिलता है। वहीं, सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए इसमें 32MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है, जो 4K वीडियो रिकॉर्डिंग को सपोर्ट करता है।

जबकि, Nothing Phone 4a कैमरा फीचर्स के मामले में ज्यादा एडवांस नजर आता है। इसमें 50MP का मेन कैमरा, 50MP का पेरिस्कोप टेलीफोटो कैमरा और 8MP का अल्ट्रावाइड लेंस दिया गया है। इसके अलावा, सेल्फी के लिए इसमें 32MP का फ्रंट कैमरा मिलता है।

यानी कैमरा सेटअप की बात करें तो Nothing Phone 4a में ज्यादा कैमरा विकल्प मिलते हैं, जबकि Vivo S2 का फोकस मुख्य कैमरा और सेल्फी एक्सपीरियंस पर है।

Vivo S2 Vs Nothing Phone 4a: बैटरी, सॉफ्टवेयर और कीमत

Vivo S2 में 7050mAh की बड़ी बैटरी है, जो 44W फास्ट चार्जिंग, रिवर्स चार्जिंग और बायपास चार्जिंग को सपोर्ट करती है। वहीं, Nothing Phone 4a में 5400mAh की बैटरी है, जो 50W वायर्ड चार्जिंग और 7.5W रिवर्स वायर्ड चार्जिंग को सपोर्ट करती है।

सॉफ्टवेयर की बात करें तो, दोनों डिवाइस Android 16 के साथ लॉन्च होंगे और इनमें तीन बड़े Android अपडेट मिलने का वादा किया गया है। Vivo S2 में OriginOS 6 मिलता है, जबकि Nothing Phone 4a कंपनी के अपने Nothing OS 4.1 पर चलता है।

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ट्रम्प की सख्ती से भारतीय छात्रों का अमेरिका जाना कम:65 साल में पहली बार अप्रवासियों की संख्या घटी; पाकिस्तान-बांग्लादेश के छात्रों को ज्यादा वीजा

अमेरिका में ट्रम्प सरकार की सख्त इमिग्रेशन पॉलिसी का सबसे बड़ा असर भारतीय छात्रों पर दिख रहा है। 2025 में भारतीय छात्रों को मिलने वाले F-1 स्टूडेंट वीजा में बड़ी गिरावट आई है। वहीं, पाकिस्तान, बांग्लादेश और वियतनाम जैसे देशों के छात्रों को पहले के मुकाबले ज्यादा स्टूडेंट वीजा मिले हैं। सिर्फ छात्रों पर ही नहीं, सख्ती का असर अमेरिका में रहने वाले अप्रवासियों की संख्या पर भी दिखा है। वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी 2025 में अमेरिका में अप्रवासियों की संख्या रिकॉर्ड 5.33 करोड़ थी, जो जून तक घटकर 5.19 करोड़ रह गई। 1960 के दशक के बाद यह पहली बार है, जब अमेरिका में अप्रवासियों की संख्या कम हुई है। भारतीय स्टूडेंट्स को मिलने वाले अमेरिकी वीजा 62% घटे सेंटर फॉर इमिग्रेशन स्टडीज (CIS) के मुताबिक, मई से अगस्त के बीच जब एडमिशन पीक पर होता है तब 2025 में भारतीय छात्रों को पिछले साल के मुकाबले 62% कम वीजा मिले। चीनी छात्रों को भी 2025 में 34% कम वीजा मिले। वहीं कई दूसरे एशियाई देशों के छात्रों की संख्या बढ़ी है। 2025 की पहली छमाही में वियतनाम के छात्रों को 5,324 F-1 वीजा मिले, जो पिछले साल से 19.6% ज्यादा हैं। इसी दौरान बांग्लादेश के छात्रों को 2,098 F-1 वीजा मिले, यानी 20.1% की बढ़ोतरी हुई। पाकिस्तान के छात्रों को 1,928 वीजा मिले, जो 44.3% ज्यादा हैं। ट्रम्प सरकार ने वीजा आवेदकों की सोशल मीडिया स्क्रीनिंग की वीजा में आई इस गिरावट की एक बड़ी वजह ट्रम्प सरकार के नए नियम रहे। जैसे- अमेरिका की जगह यूरोप का रुख कर रहे हैं भारतीय छात्र कई भारतीय छात्र अब यूरोप का रुख कर रहे हैं। जर्मनी, फ्रांस, आयरलैंड, इटली और नीदरलैंड जैसे देश भारतीय छात्रों की नई पसंद बन रहे हैं। इसकी वजह कम फीस, आसान वीजा प्रक्रिया और पढ़ाई के बाद नौकरी के बेहतर मौके हैं। रॉयटर्स के मुताबिक, यूरोप की कई यूनिवर्सिटीज की फीस अमेरिकी यूनिवर्सिटीज से 50% से 80% तक कम होती है। 2015 से 2023 के बीच यूरोप जाने वाले भारतीय छात्रों की संख्या 45% बढ़ी, जबकि जर्मनी, फ्रांस, इटली और आयरलैंड में भारतीय छात्रों का दाखिला 68% बढ़ा। वहीं, कुछ भारतीय प्रोफेशनल भी वीजा नियमों और नौकरी को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के बीच भारत लौटने या दूसरे देशों का रुख करने लगे हैं। H-1B वीजा में अब भी भारत सबसे आगे स्टूडेंट वीजा में गिरावट के बावजूद नौकरी के लिए मिलने वाले H-1B वर्क वीजा में भारत की पकड़ अब भी सबसे मजबूत है। 2024 में जारी H-1B वीजा में 71% भारतीयों को मिले। चीन दूसरे स्थान पर रहा, जबकि फिलीपींस, कनाडा और साउथ कोरिया की हिस्सेदारी करीब 1-1% रही। यानी, स्टूडेंट वीजा घटे हैं, लेकिन नौकरी के लिए भारतीय प्रोफेशनल्स की मांग अब भी सबसे ज्यादा है। अमेरिका अब भी सबसे बड़ा प्रवासी देश सख्त नियमों और वीजा में गिरावट के बावजूद अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा प्रवासी देश बना हुआ है। बेहतर शिक्षा, नौकरी और कमाई के मौके आज भी लाखों लोगों को अमेरिका की ओर आकर्षित करते हैं। 2023 के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका में सबसे ज्यादा 1.1 करोड़ प्रवासी मेक्सिको से हैं। इसके बाद भारत (32 लाख), चीन (30 लाख), फिलीपींस (21 लाख) और क्यूबा (17 लाख) का स्थान है। प्यू रिसर्च सेंटर के मुताबिक, अमेरिका में रहने वाले कुल प्रवासियों में 52% लैटिन अमेरिका और 27% एशिया से हैं। यानी, अमेरिका की प्रवासी आबादी में एशियाई देशों की बड़ी हिस्सेदारी है। ऐसे में वीजा नियमों में होने वाले बदलाव का असर भारत, चीन और दूसरे एशियाई देशों पर सबसे ज्यादा पड़ता है। अमेरिका में विदेशी टूरिस्टों की भी संख्या घटी अमेरिका आने वाले विदेशी टूरिस्टों की संख्या भी घटी है। 2025 में करीब 6.83 करोड़ विदेशी टूरिस्ट अमेरिका पहुंचे, जबकि 2024 में यह आंकड़ा 7.23 करोड़ था। टूरिस्टों के खर्च में भी 8 अरब डॉलर से ज्यादा की कमी आई। सबसे ज्यादा गिरावट कनाडा से आने वाले टूरिस्टों में रही। भारत, जर्मनी, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया और चीन से आने वाले टूरिस्टों की संख्या भी कम हुई, जबकि मेक्सिको से आने वाले टूरिस्ट बढ़े। यानी, ट्रम्प सरकार की सख्ती का असर सिर्फ स्टूडेंट वीजा ही नहीं, बल्कि इमिग्रेशन और विदेशी टूरिज्म पर भी साफ दिख रहा है।

भारत में लॉन्च हुई 2026 Mahindra Scorpio-N, मिलेगा 540° कैमरा, बड़ी स्क्रीन और प्रीमियम फीचर्स, जानें कितनी है कीमत

2026 Mahindra Scorpio-N: Mahindra & Mahindra ने भारत में 2026 Mahindra Scorpio-N को कई नए फीचर्स के साथ लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इस बार SUV को पहले से ज्यादा प्रीमियम, आरामदायक और टेक्नोलॉजी से लैस बनाने की कोशिश की है। नई Scorpio-N में कई नए कम्फर्ट, कन्वीनियंस और सेफ्टी फीचर्स जोड़े गए हैं। जबकि, इसके पेट्रोल और डीजल इंजन में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

Mahindra Scorpio-N की शुरुआती कीमत पेट्रोल वेरिएंट के लिए ₹13.69 लाख (एक्स-शोरूम) है और टॉप-एंड डीजल ऑटोमैटिक 4WD वर्जन (जिसमें लेवल 2 ADAS है) के लिए यह ₹25.49 लाख (एक्स-शोरूम) तक जाती है।

बता दें कि 2022 में लॉन्च होने के बाद से अब तक Mahindra Scorpio-N की 3.8 लाख से ज्यादा यूनिट्स बिक चुकी हैं। वहीं, कंपनी समय-समय पर नए वेरिएंट और फीचर अपडेट्स के जरिए इस SUV को बेहतर बनाती रही है। ताजा अपडेट के साथ Scorpio-N अपने सेगमेंट में पहले से भी ज्यादा मजबूत दावेदार बनकर सामने आई है।

नई Scorpio-N में पैनोरमिक सनरूफ और 540-डिग्री कैमरा मिलेगा

नई Scorpio-N की सबसे बड़ी खासियतें हैं पैनोरमिक सनरूफ और ब्लाइंड व्यू मॉनिटर के साथ 540-डिग्री सराउंड व्यू सिस्टम। ये फीचर्स इस SUV में पहली बार दिए जा रहे हैं और इनसे केबिन का अनुभव और पार्किंग की सुविधा, दोनों ही बेहतर होने की उम्मीद है।

Mahindra ने नए डिजाइन वाले 18-इंच डायमंड-कट अलॉय व्हील्स भी पेश किए हैं। इसके अलावा, Scorpio-N में वही जानी-पहचानी सीधी (अपराइट) स्टाइलिंग, बोल्ड फ्रंट ग्रिल, LED प्रोजेक्टर हेडलैम्प्स, C-शेप के LED डे-टाइम रनिंग लैम्प्स, सीक्वेंशियल टर्न इंडिकेटर्स और मस्कुलर लुक को बरकरार रखा गया है।

यानी इस बार Mahindra ने Scorpio-N के बाहरी लुक में बदलाव करने के बजाय नई टेक्नोलॉजी, आधुनिक फीचर्स और बेहतर सुविधा देने पर ज्यादा ध्यान दिया है, ताकि ग्राहकों को पहले से अधिक प्रीमियम अनुभव मिल सके।

बड़ी डिस्प्ले और ज्यादा कनेक्टेड टेक्नोलॉजी

केबिन के अंदर, Mahindra Scorpio-N फेसलिफ्ट में एक नए डिजाइन वाला डैशबोर्ड दिया गया है, जिसमें 31.24 cm की फ्लोटिंग HD टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम है और इसमें छह फिजिकल शॉर्टकट बटन भी हैं। SUV में 26.03 cm का नया HD पूरी तरह से डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर भी मिलता है, जिसमें तीन डिस्प्ले मोड और फुल-स्क्रीन नेविगेशन सपोर्ट है।

नई Scorpio-N का इंफोटेनमेंट सिस्टम Qualcomm 6155 चिपसेट पर चलता है और इसमें वायर्ड और वायरलेस Android Auto व Apple CarPlay दोनों का सपोर्ट मिलता है।

इंफोटेनमेंट सिस्टम क्वालकॉम के 6155 चिपसेट पर चलता है और वायर्ड के साथ-साथ वायरलेस Android Auto और Apple CarPlay को भी सपोर्ट करता है।

Mahindra ने इसमें Adventure Statistics नाम का नया फीचर भी जोड़ा है, जो इंजन परफॉर्मेंस, कंपास, रोल और पिच एंगल, G-फोर्स और अल्टीमीटर जैसी गाड़ी की जानकारी देता है।

इस SUV में पहले की तरह Adrenox कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी मिलती है, जिसमें 70 से ज्यादा कनेक्टेड फीचर्स, Alexa का इन-बिल्ट सपोर्ट और रिमोट व्हीकल फंक्शंस शामिल हैं। इसके अलावा, अपडेटेड मॉडल की फ्रंट रो में एक नया 65W USB Type-C फास्ट चार्जिंग पोर्ट भी दिया गया है, जबकि इसके ऊंचे वेरिएंट्स में सेकंड रो के लिए भी यही चार्जिंग सुविधा मिलती है।

कंफर्ट और सेफ्टी फीचर्स हुए पहले से बेहतर

2026 Mahindra Scorpio-N में वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, एक्टिव कूलिंग के साथ वायरलेस फोन चार्जर, Sony का 12-स्पीकर ऑडियो सिस्टम, ऑटो होल्ड के साथ इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक, फ्रेमलेस ऑटो-डिमिंग इनसाइड रियर-व्यू मिरर, डुअल-जोन क्लाइमेट कंट्रोल, पावर्ड ड्राइवर सीट और ऊंचे वेरिएंट्स में लेदरेट अपहोल्स्ट्री जैसे फीचर्स मिलते रहेंगे।

सेफ्टी फीचर्स की बात करें तो, इसमें ऊंचे ट्रिम्स पर छह एयरबैग, फ्रंट पार्किंग सेंसर, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम, ड्राइवर की नींद का पता लगाने वाला सिस्टम और टॉप-स्पेक Z8L वेरिएंट पर लेवल 2 ADAS शामिल हैं।

कोई मैकेनिकल बदलाव नहीं

2026 Mahindra Scorpio-N में पहले जैसे ही इंजन ऑप्शन मिलते रहेंगे। खरीदार 2.0-लीटर mStallion टर्बो-पेट्रोल इंजन और 2.2-लीटर mHawk डीजल इंजन में से चुन सकते हैं।

टर्बो-पेट्रोल इंजन 149.14 kW (लगभग 203 hp) की पावर और 380 Nm तक का पीक टॉर्क देता है, जबकि डीजल इंजन 128.6 kW (लगभग 175 hp) की पावर और 400 Nm तक का टॉर्क देता है। दोनों इंजन में छह-स्पीड मैनुअल और छह-स्पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के ऑप्शन मिलते हैं।

इसके अलावा, डीजल वेरिएंट्स में चुनिंदा मॉडल्स के साथ Mahindra का 4XPLOR फोर-व्हील-ड्राइव (4WD) सिस्टम भी मिलता है, जो खराब और ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर बेहतर ड्राइविंग में मदद करता है।

SUV में पहले की तरह Zip, Zap और Zoom ड्राइव मोड्स भी दिए गए हैं। इनकी मदद से ड्राइवर सड़क और ड्राइविंग कंडीशन के अनुसार वाहन की परफॉर्मेंस को आसानी से बदल सकता है।

Mahindra Scorpio-N की कीमत और वैरिएंट्स

Mahindra Scorpio-N, Z2, Z4, Z6, Z8S, Z8, Z8T और Z8L वेरिएंट्स में उपलब्ध है। इसकी कीमतें पेट्रोल Z2 मैनुअल के लिए ₹13.69 लाख (एक्स-शोरूम) से शुरू होती हैं और डीजल Z8L 4WD ऑटोमैटिक के लिए ₹25.49 लाख (एक्स-शोरूम) तक जाती हैं।

खरीदार वेरिएंट के आधार पर पेट्रोल और डीजल इंजन, मैनुअल और ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन, और साथ ही रियर-व्हील-ड्राइव और फोर-व्हील-ड्राइव कॉन्फिगरेशन में से चुन सकते हैं।

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Britannia Q1 Results: बिस्किट कंपनी का प्रॉफिट 13% बढ़ा, रेवेन्यू ₹5000 करोड़ के पार

Britannia Q1 Results: बिस्किट बनाने वाली कंपनी Britannia Industries ने गुरुवार, 6 अगस्त को जून तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी किए। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 13.6% बढ़कर 591.4 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 520.1 करोड़ रुपये था।

कंपनी की ऑपरेशंस से रेवेन्यू 8.2% बढ़कर 5,000 करोड़ रुपये रहा। वहीं, EBITDA 11% बढ़कर 840 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन 16.4% से बढ़कर 16.8% पर पहुंच गया।

अनुमान से कैसा रहा प्रदर्शन?

ब्रिटानिया का शुद्ध मुनाफा बाजार के अनुमान से थोड़ा कम रहा। CNBC-TV18 के पोल में 606 करोड़ रुपये के मुनाफे का अनुमान था। रेवेन्यू अनुमान से थोड़ा बेहतर रही, लेकिन EBITDA और EBITDA मार्जिन बाजार की उम्मीद से नीचे रहे।

ब्रिटानिया ने बताया कि जून तिमाही में उसकी कंसोलिडेटेड बिक्री 9.5% बढ़कर 4,964 करोड़ रुपये रही। वहीं, स्टैंडअलोन बिक्री में 10% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

मैनेजमेंट ने क्या कहा?

ब्रिटानिया के CEO और MD रक्षित हरगावे ने कहा कि तिमाही की शुरुआत में पश्चिम एशिया के तनाव की वजह से ईंधन और शिपिंग लागत बढ़ गई थी। इसके बावजूद कंपनी ने बेहतर वॉल्यूम और वैल्यू ग्रोथ हासिल की। साथ ही मुनाफे की ग्रोथ रेवेन्यू से भी तेज रही।

उन्होंने कहा कि ई-कॉमर्स और जनरल ट्रेड में मजबूत प्रदर्शन रहा। विज्ञापन, प्रमोशन और इन्फ्लुएंसर कैंपेन पर भी कंपनी ने निवेश बढ़ाया। Marie Gold, NutriChoice और Little Hearts जैसे ब्रांड्स के लिए बड़े मार्केटिंग अभियान चलाए गए। वहीं, Dubai Kunafa Croissant जैसे नए प्रोडक्ट्स और इंटरनेशनल बिजनेस में सुधार से भी ग्रोथ को सहारा मिला।

आगे क्या रहेगा फोकस?

ब्रिटानिया ने कहा कि वह पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति और कच्चे तेल की कीमतों पर नजर बनाए हुए है। हालांकि, मजबूत ब्रांड, नए प्रोडक्ट्स, लागत नियंत्रण और घरेलू मांग में सुधार के दम पर कंपनी आगे भी टिकाऊ ग्रोथ का भरोसा जता रही है।

Britannia के शेयरों का हाल

Britannia Industries का शेयर गुरुवार को 0.26% की गिरावट के साथ 5,430 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 8.32% टूटा है। वहीं, बीते 1 साल में इसका रिटर्न तकरीबन फ्लैट रहा। कंपनी का मार्केट कैप 1.31 लाख करोड़ रुपये है।

Britannia Industries भारत की सबसे बड़ी FMCG कंपनियों में से एक है। कंपनी का मुख्य कारोबार बिस्किट है। लेकिन इसके अलावा यह ब्रेड, केक, रस्क, डेयरी प्रोडक्ट्स, चीज, बटर, दूध, स्नैक्स और क्रोइसां (Croissant) जैसे कई खाद्य उत्पाद भी बनाती और बेचती है।

LIC Q1 Results: प्रॉफिट 23% बढ़कर 13492 करोड़ रुपये, कुल इनकम 237848 करोड़

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।