पाकिस्तान में हमजा पर लगा 2 साल का बैन और 3.5 लाख रुपए का जुर्माना

धुरंधर फिल्म में अभिनीत रणवीर सिंह का किरदार “हमजा अली मजारी” को पाकिस्तान में खासा पसंद किया गया था। यह फिल्म पाकिस्तान में प्रतिबंधित थी लेकिन पाकिस्तानी खासकर ल्यारी की जनता ने इसको डाउनलोड करके खूब देखा।

हालांकि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने हमजा नजर नाम के एक क्रिकेटर को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से प्रतिबंधित कर दिया साथ ही उस पर 1 मिलियन पाकिस्तानी रुपए जो भारत के 3.42 लाख रूपए बराबर होगा का जुर्माना लगा दिया।

यह अनुशासनात्मक कार्यवाही PCB के ज़रिए वीज़ा के लिए आवेदन करते समय हमज़ा नज़र द्वारा दी गई जानकारी की जांच के बाद लिया गया है। जांच में पाया गया कि वह पूरी और सही जानकारी देने में नाकाम रहे, गुमराह करने वाली जानकारी दी और एप्लीकेशन प्रक्रिया के दौरान ज़रूरी बातें छिपाईं।

PCB ने तीन सदस्यों की जांच कमेटी बनाई। कमेटी ने हमज़ा नज़र को अपनी बात रखने और विचाराधीन मामलों पर जवाब देने का मौका दिया।उनकी सफाई सुनने, मौजूद जानकारी को रिव्यू करने और सभी ज़रूरी हालात को ध्यान में रखने के बाद, समिति ने अपने नतीजे और सुझाव PCB को सौंप दिए।

समिति के नतीजों के डिटेल्ड रिव्यू के बाद, PCB ने हमज़ा नज़र को दो साल के लिए सभी तरह के घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से निलंबि करने और PKR दस लाख का जुर्माना लगाने का फैसला लिया।

23731 करोड़ की गोबरधन स्कीम को मिली मंजूरी, जानिए इससे किसानों के लिए इनकम के कौन-कौन से नए रास्ते खुलेंगे

GOBARdhan Scheme Explained: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) के लिए भारत की नेशनल यूनिफाइड स्कीम गोबरधन (GOBARdhan – National Circular Bioenergy Scheme) को हरी झंडी दे दी है। सरकार ने इस ऐतिहासिक राष्ट्रीय योजना के लिए 23731 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। इसका मुख्य उद्देश्य देश में जैविक संसाधनों यानी पराली, गोबर और दूसरे कचरे को साफ-सुथरी ऊर्जा, ग्रामीण समृद्धि और आर्थिक विकास में बदलना है। इस योजना को वित्त वर्ष 2026-27 से वित्त वर्ष 2035-36 तक लागू किया जाएगा। योजनी के माध्यम से ग्रामीण इलाके के कचरे को ही भारत की तरक्की का ईंधन बनाने की तैयार है। सरकार की कोशिश रहेगी कि इस स्कीम से गांव क्लीन एनर्जी प्रोडकेशन के केंद्र बनेंगे और देश की ऊर्जा सुरक्षा में सीधे भागीदार बनेंगे।

किसानों की आमदनी के खुलेंगे कई नए रास्ते

गोवर्धन योजना देश के किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए कमाई के नए मौके लेकर आएगी। अक्सर किसानों के लिए सिरदर्द बनने वाली पराली (फसल अवशेष) और मवेशियों का गोबर अब उनकी अतिरिक्त कमाई का जरिया बनेंगे। इस योजना के माध्यम से किसान, ग्रामीण उद्यमी और सहकारी समितियां (कोऑपरेटिव्स) कचरा और बायोमास जुटाने का काम करके अच्छी इनकम कर सकेंगे। इसके अलावा सीबीजी प्लांट में गैस बनने के बाद निकलने वाली जैविक खाद के उत्पादन और बिक्री से भी किसानों को बड़ा फायदा होगा। इससे न सिर्फ केमिकल फर्टिलाइजर्स पर उनकी निर्भरता और खेती की लागत घटेगी बल्कि जैविक खाद बेचकर कमाई का एक नया रास्ता भी खुलेगा।

सीबीजी उत्पादन में 10 गुना तक होगी बढ़ोतरी

सरकार की इस पहल का लक्ष्य देश में घरेलू स्तर पर CBG के उत्पादन को करीब 10 गुना तक बढ़ाना है। इससे भारत की आयातित फॉसिल फ्यूल (पेट्रोल-डीजल और गैस) पर निर्भरता कम होगी और ऊर्जा सुरक्षा बेहद मजबूत होगी। केमिकली सीबीजी पूरी तरह से प्राकृतिक गैस जैसी होती है और इसे मौजूदा गैस पाइपलाइन नेटवर्क में आसानी से मिलाया जा सकता है। यह योजना पूरे सीबीजी सेक्टर को एक राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने के लिए तैयार की गई है।

गोवर्धन योजना के 6 मेन ग्रोथ इंजन क्या हैं?

योजना को सुचारू और सफल बनाने के लिए सरकार ने छह मेन ग्रोथ इंजन निर्धारित किए हैं-

1 – निश्चित सीबीजी खरीद की गारंटी: उत्पादकों को अपनी तैयार गैस बेचने में कोई दिक्कत न आए इसके लिए सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियों के माध्यम से खरीद तय की गई है। सीएनजी और पीएनजी में सीबीजी मिलावट का लक्ष्य 2026-27 में 3 प्रतिशत, 2027-28 में 4 प्रतिशत और 2028-29 से 5 प्रतिशत रखा गया है।

2 – स्टेबल प्राइसिंग प्रेमवर्क: सीबीजी उत्पादकों को आर्थिक स्थिरता देने के लिए 2110 रुपये प्रति MMBTU की दर से एक स्थिर मूल्य तय किया गया है। यह कम से कम 10 साल के लिए फिक्स रहेगा। इससे उत्पादकों को लंबे समय तक बेहतर कमाई की गारंटी मिलेगी।

3 – कैपिटल असिस्टेंस: नए सीबीजी प्रोजेक्ट्स को हर दिन 1 टन क्षमता (1 TPD) पर 2 करोड़ रुपये तक की सरकारी मदद दी जाएगी। यह मदद प्लांट की मशीनों के अलावा बायोमास इकट्ठा करने और जैविक खाद बनाने से जुड़े उपकरणों के लिए भी मिलेगी।

4 – पाइपलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास: सीबीजी प्लांटों को मुख्य गैस पाइपलाइनों और सिटी गैस नेटवर्क से जोड़ने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। इससे ट्रांसपोर्टेशन का खर्च घटेगा और बिक्री आसान होगी।

5 – क्रेडिट गारंटी सपोर्ट: एमएसएमई, महिला उद्यमियों और नए डेवलपर्स को बैंकों से आसानी से सस्ता लोन दिलाने के लिए एक विशेष क्रेडिट गारंटी मैकेनिज्म बनाया गया है।

6- इकोसिस्टम चैलेंज फंड: जिला स्तर पर योजना को बेहतर ढंग से लागू करने, कचरा इकट्ठा करने के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और नई तकनीक को अपनाने के लिए यह फंड बनाया गया है।

पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर भारत की ओर कदम

पिछले कुछ सालों में सतत (SATAT) पहल और दूसरी योजनाओं के तहत देश में 200 से अधिक सीबीजी प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं। अब नई यूनिफाइड ‘गोवर्धन’ योजना पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा संचालित की जाएगी। इससे फैसले जल्दी होंगे और निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा। यह योजना वैज्ञानिक तरीके से कचरा प्रबंधन करके ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करेगी। सरकार का दावा है कि कृषि अवशेषों, गोबर और नगरपालिका के जैविक कचरे का सही इस्तेमाल करके यह योजना वेस्ट-टू-वेल्थ और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगी

Market Outlook : हरे निशान में बंद हुआ बाजार, जानिए 7 अगस्त को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

Market Outlook : गुरुवार 6 अगस्त को उतार-चढ़ाव भरे कारोबारी सेशन में भारतीय इक्विटी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए हैं। निफ्टी 24600 के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा। आज के ट्रेंडिंग सेशन के अंत में सेंसेक्स 373.76 अंक यानी 0.48 फीसदी बढ़कर 78,954.76 पर और निफ्टी 11.35 अंक या 0.05 फीसदी बढ़कर 24,636 पर बंद हुआ। आज लगभग 2023 शेयर हरे निशान में बंद हुए। वहीं,2058 शेयरों में गिरावट देखने को मिल। जबकि 200 शेयर सपाट बंद हुए।

निफ्टी में बढ़त वाले शेयरों में रिलायंस इंडस्ट्रीज,SBI,भारत इलेक्ट्रॉनिक्स,एटरनल और टाइटन कंपनी शामिल रहे। जबकि गिरावट वाले शेयरों में पावर ग्रिड कॉर्प,टाटा स्टील,TCS,JSW स्टील और बजाज ऑटो शामिल रहे।

सेक्टोरल इंडेक्सों की बात करें तो निफ्टी PSU बैंक सबसे ज्यादा बढ़त वाला सेक्टर रहा। इसमें 2.2% की बढ़ोतरी हुई। इसके बाद निफ्टी ऑयल एंड गैस रहा,जिसमें 0.8% की बढ़त हुई। दूसरी ओर निफ्टी मीडिया का प्रदर्शन सबसे खराब रहा। इसमें 1.3% की गिरावट आई,जबकि निफ्टी रियल्टी में भी 1.3% की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी ऑटो और निफ्टी मेटल भी गिरावट के साथ बंद हुए। इनमें 1% की कमी आई। जबकि निफ्टी IT में 0.9% की गिरावट देखने को मिली।

निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.4% की गिरावट आई,जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.5% की बढ़त हुई। यह ब्रॉडर मार्केट में मिले-जुले रुझानों को दिखाता है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि कच्चे तेल की नरमी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने के लिए शुरू हुए कूटनीतिक प्रयासों से बाजार के सेंटीमेंट में सुधार हुआ। आरबीआई के स्थिर पॉलिसी रुख और ग्रोथ को लेकर पॉजिटिव नजरिए से भी बाजार को सपोर्ट मिला। इसके चलते हैवीवेट,बैंकिंग और एनर्जी शेयरों में सेलेक्टिव बाइंग देखने को मिली। क्रूड की कीमतों में नरमी से महंगाई का दबाव कम हो सकता है और मार्जिन बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इसको ध्यान में रखते हुए निवेशकों को लग रहा है कि आगे आने वाली तिमाहियों में इंडिया इंक का प्रदर्शन अच्छा रह सकता है। मूड में इस बदलाव के कारण रिलायंस इंडस्ट्रीज में निवेशकों की दिलचस्पी फिर से बढ़ी है। O2C-आधारित कारोबार के लंबे समय तक खराब प्रदर्शन के बाद अब इसमें ‘बार्गेन बाइंग'(कम कीमत पर खरीदारी)देखने को मिल रही है। बाजार एनर्जी,टेलीकॉम,रिटेल और दूसरे सेक्टरो में इसकी लॉन्ग-टर्म वैल्यू पर फिर से फोकस कर रहे हैं। आज ऑटो,मेटल,IT,रियल्टी और सीमेंट जैसे कई सेक्टर में प्रॉफिट बुकिंग हुई, लेकिन स्मॉल-कैप शेयरों में तेजी के कारण ब्रॉडर मार्केट मज़बूत बना रहा।

निफ्टी व्यू

Hedged.in में एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट-HNI एंड डेरिवेटिव्स,रियांक अरोड़ा का कहना है कि भारतीय शेयर बाजार में आज तेजी रही। हैवीवेट शेयरों में आई खरीदारी के कारण बेंचमार्क इंडेक्स में बढ़त जारी रही। अहम सेक्टरों में सेलेक्टिव वाइंग से बाजार में जोश देखने को मिला। निफ्टी अहम सपोर्ट लेवल के ऊपर बना हुआ है। इससे पता चलता है कि तेजी का ट्रेंड (bullish trend) अभी भी बरकरार है। निफ्टी के लिए 24,500–24,450 के आसपास तत्काल सपोर्ट है। इसके बाद 24,300 के पास एक बड़ा सपोर्ट है। ऊपर की तरफ,निफ्टी के लिए 24,750–24,850 के आसपास रेजिस्टेंस दिख रहा है। अगर इंडेक्स इस दीवार के ऊपर जा कर टिकने में कामयाब रहता है तो नई खरीदारी आ सकती है और ऊंचे लेवल के लिए रास्ता खुल सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि सेंसेक्स में पूरे सेशन खरीदारी देखने को मिली और यह दिन के ऊपरी स्तर के करीब बंद हुआ। इससे मार्केट का पॉजिटिव स्ट्रक्चर और मजबूत हुआ। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 78,600–78,400 के आसपास है,जबकि रेजिस्टेंस 79,200–79,500 के पास दिख रहा है। रेजिस्टेंस जोन के ऊपर का ब्रेकआउट नई तेजी के लिए रास्ता साफ कर सकता है।

रियांक अरोड़ा का कहना है कि बाजार में मजबूती बनी हुई है। दोनों बेंचमार्क इंडेक्स अहम सपोर्ट लेवल से ऊपर बने हुए हैं और उनका टेक्निकल सेटअप भी पॉज़िटिव है। मौजूदा ट्रेंड पॉज़िटिव है और किसी भी छोटी-मोटी गिरावट पर खरीदारी की रणनीति काम करेगी। ट्रेडर्स और इन्वेस्टर्स मजबूत फंडामेंटल वाले स्टॉक्स में गिरावट पर खरीदारी की स्ट्रैटेजी अपनी चाहिए। साथ ही उन्हें रिस्क मैनेजमेंट का भी ध्यान रखना चाहिए।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे ने कहा कि आज निफ्टी पूरे दिन एक सीमित दायरे में ही घूमता रहा। मार्केट की दिशा को लेकर ट्रेडर्स कंफ्यूज रहे। ऊपरी स्तरों पर निफ्टी को बार-बार पिछले दिन के क्लोजिंग लेवल के पास रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा। ऊपरी लेवल पर खरीदारी का जोश कम होता नजर आया।

पूरे सेशन के दौरान नीचे की तरफ 24,600 का लेवल एक अहम सपोर्ट बना रहा। जब तक निफ्टी 24,600 के ऊपर बना रहेगा तब तक इसमें 24,800 की ओर बढ़ने की संभावना बरकरार रहेगी। अगर यह मजबूती से 24,800 के ऊपर निकलता है तो एक नई रैली शुरू हो सकती है।

SBI सिक्योरिटीज में हेड-टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च, सुदीप शाह का कहना है कि आगे निफ्टी के लिए 24750-24780 का जोन एक अहम रेजिस्टेंस का काम करेगा। अगर निफ्टी 24780 के ऊपर बना रहता है तो यह 24900 और उसके बाद 25050 के लेवल तक बढ़ सकता है। नीचे की तरफ,24500-24480 का जोन इसके लिए पहले सपोर्ट का काम करेगा।

CAS से ट्रेडर कंफ्यूजन में लेकिन आर्बिट्राज फंड निवेशकों को मिला इस दशक का सबसे मोटा रिटर्न!

बैंक निफ्टी व्यू

सुदीप शाह का कहना है कि बैंक निफ्टी भी आज एक सीमित दायरे में घूमता रहा। 362 अंकों की छोटी रेंज में घूमते रहने के बाद यह 0.56% की बढ़त के साथ 58000 के ऊपर बंद हुआ। इंडेक्स अपने अहम शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर ट्रेड कर रहा है,जो यह बताता है कि बड़ा ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है। हालांकि,मोमेंटम इंडिकेटर काफी हद तक न्यूट्रल हैं और संकेत दे रहे हैं कि नियर टर्म में साइडवेज कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता है।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो 58500-58600 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। 58600 के ऊपर एक मज़बूत चाल से नई तेजी आ सकती है,जिससे शॉर्ट टर्म में 59100 और उसके बाद 59600 तक की रैली का रास्ता खुल सकता है। वहीं, नीचे की तरफ 57600-57500 के आस-पास मौजूद 290 डे EMA जोन इंडेक्स के लिए मज़बूत सपोर्ट का काम कर सकता है।

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Tarun Tejpal: यौन उत्पीड़न मामले में पत्रकार तरुण तेजपाल को 10 साल की जेल की सजा, Tehelkaके पूर्व संपादक का आया पहला बयान

Tarun Tejpal: बॉम्बे हाई कोर्ट ने ‘तहलका’ मैगजीन के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को 2013 में अपनी एक सहकर्मी से दुष्कर्म का दोषी ठहराते हुए उसे 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने गोवा की एक सत्र अदालत द्वारा पांच साल पहले उसे बरी करने के फैसले को भी रद्द कर दिया। हाई कोर्ट की गोवा पीठ की जस्टिस नीला गोखले और जस्टिस अमित जामसांडेकर ने पहले तरुण तेजपाल को दो सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था। लेकिन उनके वकीलों के अनुरोध पर अदालत ने यह अवधि बढ़ाकर चार सप्ताह कर दी।

अदालत ने न्यूनतम सजा सुनाते हुए कहा कि यह घटना 13 वर्ष पहले हुई थी। तब से तेजपाल ने कोई अन्य अपराध नहीं किया है। अदालत ने यह भी कहा, “संभव है कि पीड़िता और तेजपाल, दोनों अब अपने-अपने जीवन में आगे बढ़ चुके हों।” हाई कोर्ट ने तेजपाल पर 10,21,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने निर्देश दिया कि यह पूरी राशि पीड़िता को दी जाएगी। पीठ ने कहा, “यौन उत्पीड़न की पीड़िता को जुर्माने की पूरी राशि सौंपी जाएगी।”

तेजपाल ने खुद को बताया ‘राजनीतिक प्रताड़ना का शिकार’

सुनवाई के दौरान तरूण तेजपाल ने खुद को राजनीतिक प्रताड़ना का शिकार बताया। दो बेटियों का पिता होने का हवाला देते हुए पूर्व संपादक ने अदालत से नरमी बरतने की अपील की। वहीं, गोवा सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अधिकतम सजा की मांग करते हुए कहा कि इससे यह स्पष्ट संदेश जाएगा कि नहीं का मतलब नहीं (शारीरिक संबंध के लिए सहमति नहीं देना) होता है। पीठ ने कहा, “हम निचली अदालत के बरी करने के आदेश को निरस्त करते हैं। प्रतिवादी (तरुण तेजपाल) को दोषी करार देते हैं।” हाई कोर्ट के फैसले के बाद अदालत परिसर के बाहर पयत्रकारों से बातचीत में तेजपाल ने कहा कि वह इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे।

बेटियों का दिया हवाला

अदालत ने तेजपाल को भारतीय दंड संहिता (भादसं) की धारा 376(2)(f) (संरक्षक या विश्वास अथवा प्राधिकार की स्थिति में रहने वाले व्यक्ति द्वारा महिला से दुष्कर्म), धारा 354(a) (यौन उत्पीड़न) और धारा 354(b) (महिला को निर्वस्त्र करने के इरादे से उसके खिलाफ आपराधिक बल प्रयोग) के तहत दोषी करार दिया है। अदालत में मौजूद तेजपाल ने खुद को राजनीतिक प्रताड़ना का शिकार बताते हुए नरमी बरतने का अनुरोध किया। तेजपाल ने यह भी कहा कि वह दो बेटियों का पिता है।

उसने अदालत में कहा, “मैं 62 वर्ष का हूं। मेरी दो बेटियां हैं और मेरी पत्नी भी है। मैं राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई का शिकार हूं। मेरे वकीलों ने भी मुझसे कहा है कि मैं अदालत से नरमी बरतने की गुजारिश करूं।” तरुण तेजपाल के वकील आबाद पोंडा ने न्यूनतम सजा देने का अनुरोध करते हुए अदालत से यह भी आग्रह किया था कि सजा और दोषसिद्धि पर कम से कम 10 सप्ताह के लिए रोक लगाई जाए, ताकि सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर करने का समय मिल सके।

सुप्रीम कोर्ट जाएंगे तेजपाल

बाद में पत्रकारों से बातचीत में तेजपाल ने कहा कि हम इस आदेश के खिलाफ अपील करेंगे। हमारा मानना है कि यह फैसला गलत है। हम इसके खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रुख करेंगे। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, तेजपाल ने कहा, “हम निश्चित रूप से सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। वे राजनीतिक बदले की भावना और ‘तहलका’ के काम की वजह से मेरे पीछे पड़े हैं। हमने ट्रायल कोर्ट में 7.5 साल तक केस लड़ा और बरी हो गए। जो लोग उनके साथ हैं, वे बरी हो जाते हैं, लेकिन वे उनके पीछे पड़ते हैं जिन्होंने उनके खिलाफ लिखा है।”

Tehelka के पूर्व एडिटर इन चीफ तेजपाल ने आगे कहा, “उमर खालिद और शरजील इमाम कई सालों से जेल में हैं। ‘तहलका’ की रिपोर्टिंग से शायद उन्हें कुछ राजनीतिक नुकसान हुआ हो या उनके निजी हितों को चोट पहुंची हो। वे पिछले 13 सालों से बदले की भावना से मेरे पीछे पड़े हैं। मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है कि ऐसे जज होंगे जो सच देखेंगे। हम सबूत सबके सामने रखेंगे।”

क्या है पूरा मामला?

यह मामला नवंबर 2013 में गोवा में आयोजित ‘थिंकफेस्ट’ कार्यक्रम के दौरान एक होटल की लिफ्ट में तेजपाल की एक पूर्व जूनियर महिला सहकर्मी के कथित यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म से संबंधित है। निचली अदालत ने 2021 में तेजपाल को इस मामले में बरी कर दिया था, जिसके खिलाफ गोवा सरकार ने बॉम्बे हाई कोर्ट में अपील दायर की थी। तेजपाल के वकील पोंडा ने कहा, “वह मुकदमे की शुरुआत से ही जमानत पर हैं और उन्होंने कभी जमानत की किसी शर्त का उल्लंघन नहीं किया है। वह वरिष्ठ नागरिक हैं।”

हालांकि, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि पीड़िता के प्रति तेजपाल के बेहद निर्लज्ज रवैये और कथित घटना के बाद उसके सामान्य आचरण को आधार बनाकर आरोपों को कमजोर साबित करने की कोशिश को देखते हुए उन्हें आजीवन कारावास की अधिकतम सजा दी जानी चाहिए। मेहता ने कहा, “दोषी (तेजपाल) पीड़िता पर अधिकार जताने और प्रभाव रखने की स्थिति में था। पीड़िता केवल उसकी सहकर्मी ही नहीं, बल्कि उसकी बेटी की मित्र भी थी। दोषी ने अपने कृत्य पर कोई पछतावा प्रदर्शित नहीं किया है।”

उन्होंने कहा कि तेजपाल ने अगले दिन भी अपराध दोहराया और मुकदमे के दौरान तथा अब हाई कोर्ट में भी यह कहकर पीड़िता के आचरण पर सवाल उठाया कि घटना के बाद वह सामान्य व्यवहार कर रही थी। राज्य सरकार की अपील पर सुनवाई के दौरान मेहता ने दलील दी थी कि ट्रायल कोर्ट ने यह मानकर गंभीर गलती की कि यौन उत्पीड़न की पीड़िता का व्यवहार एक तय धारणा के अनुसार होना चाहिए और उसी आधार पर शिकायतकर्ता के आचरण का आकलन किया।

घसियाली पिच पर अभ्यास मैच खिलाने पर भारतीय टीम हुई श्रीलंका पर नाराज (Video)

INDvsSL टेस्ट सीरीज से पहले अमूमन मेजबान टीमें मेहमान टीमों को अभ्यास मैच में वह स्थिति या पिच नहीं देती है जो मुख्य मैच में होती है। यह किसी भी मेजबान टीम की रणनीति का हिस्सा होता है। हालांकि पिच मुख्य मैच से थोड़ी बहुत मिलती जुलती है।

लेकिन श्रीलंका क्रिकेट ने मुख्य मैच से इतर स्पिन मुफीद पिच ना देकर अभ्यास मैच में भारत के खिलाफ घसियाली पिच देकर एक नया विवाद खड़ा कर लिया है। भारतीय टीम श्रीलंका आते साथ ही इस बात पर नाराज हो गई है। इस विवाद पर श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने सफाई दी है कि पिच पर भले ही घास हो लेकिन पिच बल्लेबाजी के लिए मुफीद है।

हाल के दिनों में घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट श्रृंखलाओं में भारतीय बल्लेबाजों की सबसे बड़ी कमजोरी बेहतर स्पिन गेंदबाजी के सामने उजागर हुई थी। श्रीलंका के खिलाफ भी परिस्थितियां कुछ अलग नहीं होंगी।श्रीलंका के पास विशेष रूप से घरेलू परिस्थितियों में प्रभावी स्पिन आक्रमण है। ऐसे में 15 अगस्त से गॉल में खेले जाने वाले पहले टेस्ट से पहले यह अभ्यास मैच भारतीय बल्लेबाजों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ऐसे में जब टीम को अभ्यास मैच में अलग और पहले टेस्ट मैच में अगल पिच मिलेगी तो टीम के लिए अभ्यास ना के बराबर होगा।कप्तान शुभमन गिल, लोकेश राहुल और यशस्वी जायसवाल जैसे प्रमुख बल्लेबाज श्रीलंका रवाना होने से पहले अपने-अपने घरेलू अभ्यास केंद्रों पर स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ अभ्यास कर चुके हैं, लेकिन श्रीलंकाई पिचों पर मैच जैसी परिस्थितियों में खेलने का अनुभव उससे कहीं अधिक उपयोगी होगा।इस कारण पिच का बर्ताव महत्वपूर्ण हो जाता है।

गुरनूर बराड़ और सारांश जैन ने पिछले महीने गॉल में भारत ‘ए’ की ओर से श्रीलंका ‘ए’ के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया था। दोनों खिलाड़ी इस अभ्यास मैच में भी अच्छा प्रदर्शन कर अपनी तैयारी को और मजबूत करना चाहेंगे।

सिर्फ पिच ही नहीं बल्कि मौसम भी भारतीय टीम के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। मौसम  भारत की तैयारियों में बाधा बन सकता है। मौसम विभाग ने शुक्रवार से शहर में रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान जताया है।

भारतीय टीम इस प्रकार है: शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), साई सुदर्शन, यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर),रविंद्र जडेजा , कुलदीप यादव, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन


खराब मौसम की चेतावनी: इन राज्यों में 3 दिन तक मूसलाधार बारिश का खतरा, IMD ने दिल्ली-यूपी से बिहार तक दिया हैवी रेन का अलर्ट

India Weather Weekly Update: देशभर में मानसूनी हवाओं और कई मजबूत वायुमंडलीय प्रणालियों के एक्टिव होने की वजह से कई इलाकों में धुंआधार बारिश हो रही है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने केरल, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अगले 2 से 3 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने का पू्र्वानुमान दिया है। मौसम विभाग ने केरल में 6 अगस्त को एक्सट्रीमली हैवी भारी बारिश को लेकर खास चेतावनी जारी की है। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत, पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में पूरे सप्ताह भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है।

बीते 24 घंटों के दौरान देश के कई राज्यों में भीषण बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान पूर्वी राजस्थान, बिहार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, लक्षद्वीप और मिजोरम के अलग-अलग हिस्सों में 12 से 20 सेमी तक बारिश हुई है। गंगातटीय पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, तटीय कर्नाटक, असम और दिल्ली में 7 से 11 सेमी तक बारिश दर्ज की गई।

देश में सक्रिय मौसम प्रणालियां

मौसम विभाग के मुताबिक अभी में कई मौसमी प्रणालियां एक साथ सक्रिय हैं, जिससे बारिश की गतिविधियों में तेजी आई है। इस समय मानसून ट्रफ रेखा का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर है, जबकि पूर्वी सिरा मध्य समुद्र तल पर अपनी सामान्य स्थिति के पास बना हुआ है। मध्य और ऊपरी क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं के रूप में एक पश्चिमी विक्षोभ ट्रफ रेखा के रूप में करीब 73° पूर्व देशांतर और 29° उत्तर अक्षांश के उत्तर में सक्रिय है।

निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश पर बना हुआ है जबकि दूसरा निचले व मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश के ऊपर मौजूद है। इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा व गंगातटीय पश्चिम बंगाल के तटों के पास निचले क्षोभमंडल में एक अन्य चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय है। वहीं दक्षिण गंगातटीय पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के ऊपर भी एक चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है।

उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली, यूपी, राजस्थान और पहाड़ों का हाल

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मानसूनी बादल जमकर बरस रहे हैं। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 6 से 12 अगस्त के दौरान कई जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है। उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 6 और 7 अगस्त को कई जगहों पर भारी बारिश का अलर्ट है। उत्तर प्रदेश की बात करें तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 9 और 10 अगस्त को तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में 7 से 9 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना है।

पहाड़ी क्षेत्रों में जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 6 अगस्त और 9 से 12 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश और 9 से 12 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। पूर्वी राजस्थान में 6 से 9 अगस्त के दौरान बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है जबकि 10 और 11 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। वहीं पश्चिमी राजस्थान में 8 से 10 अगस्त के दौरान भारी बारिश होने का अनुमान है। उत्तराखंड में 6 से 12 अगस्त तक गरज-चमक और बिजली गिरने का अलर्ट भी जारी किया गया है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में बारिश का अलर्ट

मध्य भारत के राज्यों में मानसूनी गति में तेजी देखी जा रही है। मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 6 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है जबकि 7 से 11 अगस्त तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 6 अगस्त और 8 से 10 अगस्त तक भारी बारिश होगी जबकि 7 अगस्त को बहुत भारी बारिश का अलर्ट दिया गया है।

छत्तीसगढ़ में 6 और 7 अगस्त और 11 और 12 अगस्त को व्यापक बारिश और 6-7 अगस्त को भारी बारिश होने का अनुमान है। विदर्भ में 6 से 10 अगस्त तक बारिश होगी। मौसम विभाग ने विदर्भ में 6 अगस्त को तथा छत्तीसगढ़ में 6 से 10 अगस्त के बीच गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दी है।

पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड, ओडिशा और बंगाल में बिजली गिरने का खतरा

पूर्वी भारत में साइक्लोनिक एक्टिविटी के असर से बारिश का जोर रहेगा। बिहार में 6 से 9 अगस्त के दौरान कई जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। झारखंड में 6 से 8 अगस्त और 10 से 12 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश के साथ 6 से 8 अगस्त तक भारी बारिश की आशंका है। गंगातटीय पश्चिम बंगाल में 6 अगस्त को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है जबकि 7 और 9 अगस्त को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

ओडिशा में 6 और 7 अगस्त को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है जिसके बाद 8 से 12 अगस्त तक भारी बारिश जारी रहेगी। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 8 तथा 9 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 6 से 8 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने 6 अगस्त को झारखंड, गंगातटीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा में मध्यम से तीव्र आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।

पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय और नागालैंड में भारी से बहुत भारी बारिश

पूर्वोत्तर राज्यों में मानसूनी गतिविधियां काफी मजबूत बनी हुई हैं। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 6 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है जबकि 7 से 12 अगस्त के दौरान भारी बारिश जारी रहेगी। असम और मेघालय में 6 से 12 अगस्त तक भारी बारिश का दौर जारी रहेगा, जिसमें 6-7 अगस्त और 12 अगस्त को व्यापक वर्षा का अनुमान है।

अरुणाचल प्रदेश में 7-8 अगस्त और 11-12 अगस्त को भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा के इलाकों में 6 से 10 अगस्त के दौरान आंधी-तूफान के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट दिया गया है।

पश्चिम भारत: कोंकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र में झमाझम बरसेंगे बादल

पश्चिम भारत के तटीय और मैदानी इलाकों में मानसूनी असर दिख रहा है। कोंकण और गोवा में 6 से 12 अगस्त के दौरान व्यापक वर्षा के साथ 6 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है। मध्य महाराष्ट्र में 6 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना है जबकि 7 अगस्त को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

गुजरात क्षेत्र में 9 और 10 अगस्त को तथा सौराष्ट्र व कच्छ में 9 अगस्त को भारी बारिश होने का अनुमान है। मध्य महाराष्ट्र में 6 से 8 अगस्त के दौरान 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं (60 किमी/घंटे तक की झोंके) चलने और बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। वहीं मराठवाड़ा में 6, 8 और 9 अगस्त को 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: केरल में अत्यधिक भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी

दक्षिण भारत में मानसून अत्यधिक आक्रामक रूप दिखा रहा है। केरल और माहे में 6 अगस्त को कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने का रेड/ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा केरल, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 6 और 7 अगस्त को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

तटीय कर्नाटक में 6 से 12 अगस्त तक व्यापक वर्षा होगी और 8-9 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और लक्षद्वीप में 6 और 7 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है। दक्षिण भारत के तटीय क्षेत्रों में हवा की गति भी तेज रहेगी। तटीय कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप, रायलसीमा और तेलंगाना में 6 से 8 अगस्त के दौरान तथा उत्तर व दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 6 से 9 अगस्त के दौरान तेज सतह हवाएं चलने और 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है।

बारिश से रद्द हुआ मैच और आयरलैंड को अब खेलना पड़ेगा ODI WC Qualifiers

अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ पहला ODI बारिश की भेंट चढ़ने के चलते आयरलैंड को अब अफ़्रीका में 2027 में होने वाले वनडे विश्व कप में प्रवेश पाने के लिए क्वालीफ़ायर टूर्नामेंट खेलना होगा। ब्रेडी में रद्द हुए मुक़़ाबले में टॉस भी नहीं हो पाया।

आयरलैंड इस समय पुरुष ODI रैंकिंग में 11वें स्थान पर है और उन्हें विश्व कप में सीधा प्रवेश पाने के लिए ज़िम्बाब्वे, वेस्टइंडीज़ और बांग्लादेश को पछाड़ना ज़रूरी था। हालांकि इसके लिए उन्हें 30 सितंबर की समयसीमा से पहले अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ 5-0 से क्लीन स्वीप करना था और उनके लिए यह भी ज़रूरी था कि वेस्टइंडीज़ भारत के ख़िलाफ़ दो ODI हारे।

आयरलैंड अब 10 टीमों वाले क्वालीफ़ायर टूर्नामेंट में हिस्सा लेगा जिसका विजेता विश्व कप में सीधा प्रवेश पाएगा। दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमें विश्व कप के पहले राउंड (सुपर सीरीज़) में खेलेंगी। इसमें शीर्ष पर रहने वाली टीम 12 टीम वाले मुख्य स्टेज में प्रवेश करेगी।

10 टीमों वाले क्वालीफ़ायर में यह टीमें शामिल होंगी: 30 सितंबर 2026 तक ODI रैंकिंग में अंतिम दो स्थान पर रहने वाले पूर्ण सदस्य देश ( मेज़बान साउथ अफ़्रीका और ज़िम्बाब्वे को छोड़कर), CWC लीग 2 से शीर्ष चार टीमें और विश्व कप क्वालीफ़ायर प्लेऑफ़ से शीर्ष चार टीमें। इस प्लेऑफ़ में CWC लीग 2 की अंतिम चार टीमें चैलेंज लीग की चार टीमों के साथ खेलेंगी। इसका प्रारूप तय किया जाना अभी बाक़ी है लेकिन आठ टीमों वाले इस प्लेऑफ़ की शीर्ष चार टीमें विश्व कप क्वालीफ़ायर में प्रवेश पाएंगी।

चैलेंज लीग में 12 टीमें खेलेंगी जिन्हें छह-छह के दो पूल में बांटा जाएगा और इस चक्र में हर टीम तीन राउंड-रॉबिन टूर्नामेंट खेलेंगी। दोनों पूल में शीर्ष दो पर रहने वाली टीमें विश्व कप क्वालीफ़ायर प्लेऑफ़ में प्रवेश करेंगी।

SBI म्यूचुअल फंड का बड़ा धमाका: कम जोखिम में ज्यादा रिटर्न के लिए नई SIF स्ट्रेटेजी लॉन्च, जानिए कितना करना होगा मिनिमम निवेश

SBI Mutual Fund New SIF Launch: देश के सबसे बड़े एसेट मैनेजर एसबीआई म्यूचुअल फंड ने अपने स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड (SIF) फ्रेमवर्क के तहत दूसरी इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजी पेश की है। फंड हाउस ने ‘मैग्नम इक्विटी एक्स-टॉप 100 लॉन्ग शॉर्ट फंड’ लॉन्च किया है।

यह फंड मुख्य रूप से मार्केट कैप के आधार पर भारत की टॉप 100 कंपनियों के बाहर की कंपनियों में निवेश करेगा। साथ ही उतार-चढ़ाव और जोखिम को मैनेज करने के लिए डेरिवेटिव्स के जरिए सीमित शॉर्ट पोजिशन्स का इस्तेमाल करेगा।

NFO की प्रमुख तारीखें और बेंचमार्क

अगर आप एसबीआई म्यूचुअल फंड की इस नई स्ट्रेटेजी में निवेश करने का विचार कर रहे हैं, तो ये मुख्य तारीखें याद रखें:

  • NFO ओपनिंग डेट: 7 अगस्त 2026
  • NFO क्लोजिंग डेट: 20 अगस्त 2026
  • फंड का प्रकार: ओपन-एंडेड स्ट्रेटेजी
  • बेंचमार्क: BSE 500 TRI (टोटल रिटर्न इंडेक्स)

पैसा कहां और कैसे निवेश करेगा यह फंड?

फंड हाउस के अनुसार, यह फंड अपनी कुल एसेट्स का बंटवारा इस तरह करेगा:

इक्विटी एलोकेशन: कुल एसेट्स का 65% से 100% हिस्सा टॉप-100 से बाहर की कंपनियों के शेयरों और इक्विटी-लिंक्ड इंस्ट्रूमेंट्स में लगाया जाएगा।

टॉप-100 कंपनियों में एक्सपोजर: जरूरत पड़ने पर 35% तक का हिस्सा टॉप-100 कंपनियों में लगाया जा सकता है।

डेट और अन्य विकल्प: 35% तक डेट और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में, 20% तक InvITs में और 35% तक गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ (ETFs) सहित अन्य म्यूचुअल फंड यूनिट्स में निवेश किया जा सकता है।

विदेशी बाजारों में निवेश: रेगुलेटरी नियमों के तहत नेट एसेट्स का 35% तक ओवरसीज इक्विटीज, विदेशी ईटीएफ और डेट सिक्योरिटीज में अलॉट किया जा सकता है।

कम से कम कितना करना होगा निवेश?

सेबी के स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड (SIF) नियमों के तहत इसमें निवेश की सीमाएं इस प्रकार हैं:

नए निवेशकों के लिए: मिनिमम इन्वेस्टमेंट ₹10 लाख रखा गया है।

मौजूदा मैग्नम SIF निवेशकों के लिए: अगर पैन लेवल पर उनकी कुल मैग्नम SIF होल्डिंग कम से कम ₹10 लाख है, तो वे प्रति एप्लिकेशन ₹1 लाख से भी एक्स्ट्रा निवेश कर सकते हैं।

फंड मैनेजर, एग्जिट लोड और टैक्सेशन नियम

इस स्ट्रेटेजी का प्रबंधन गौरव मेहता करेंगे, जो एसबीआई के पहले SIF ऑफरिंग ‘मैग्नम हाइब्रिड लॉन्ग शॉर्ट फंड’ को भी मैनेज करते हैं। अलॉटमेंट के 3 महीने के भीतर यूनिट्स रिडीम या स्विच करने पर 1% का एग्जिट लोड लगेगा। 3 महीने पूरे होने के बाद निकासी पर कोई एग्जिट लोड नहीं लगेगा।

चालू टैक्स नियमों के अनुसार, 12 महीने से अधिक समय तक होल्ड की गई यूनिट्स पर मिलने वाले लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) पर 12.5% टैक्स (प्लस सरचार्ज और सेस) लगेगा। एक वित्त वर्ष में ₹1.25 लाख तक का कैपिटल गेन पूरी तरह टैक्स-फ्री रहेगा।

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के एमडी और सीईओ देबाशीष मिश्रा के अनुसार, ‘यह नया फंड शोध-आधारित निवेश और भारत के बढ़ते बाजार में निवेशकों के लिए विविधता लाने के उद्देश्य से पेश किया गया है।’ बता दें कि अप्रैल-जून 2026 तिमाही के दौरान एसबीआई म्यूचुअल फंड का औसतन एयूएम (AAUM) ₹12.57 लाख करोड़ से अधिक रहा है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

रूस- मौत के मुआवजे के लिए शादी कर रही महिलाएं:घायल सैनिकों से मैरिज के मामले बढ़े; अस्पताल और सेना पर भी मिलीभगत के आरोप

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच रूस में एक नया घोटाला सामने आया है। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक कुछ महिलाओं पर आरोप है कि वे युद्ध पर जाने वाले सैनिकों से जल्दबाजी में शादी करती हैं और उनकी मौत के बाद मिलने वाले सरकारी मुआवजे पर कब्जा कर लेती हैं। रूसी मीडिया और अधिकारी ऐसी महिलाओं को ‘ब्लैक विडो’ कह रहे हैं। रूस में हाल के महीनों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें सैनिकों ने मोर्चे पर जाने से ठीक पहले या अस्पताल में मौत से पहले शादी की। इस पूरे स्कैम में अस्पताल से लेकर सेना तक पर मिलीभगत के आरोप लग रहे हैं। सबसे चर्चित मामले में एक सैन्य अस्पताल की नर्स पर आरोप लगा कि उसने इलाज करा रहे पांच घायल सैनिकों से अलग-अलग समय पर शादी की। आरोप था कि सैनिकों की मौत के बाद वह उनका मुआवजा लेना चाहती थी। मामला सामने आने के बाद उसे नौकरी से निकाल दिया गया। पिता की मौत के बाद बेटी को पता चला- दो दिन पहले हुई थी शादी सेंट पीटर्सबर्ग की रहने वाली मारिया को सेना ने बताया कि उनके 59 साल पिता यूरी की यूक्रेन युद्ध में गोली लगने से मौत हो गई। लेकिन उन्हें सबसे बड़ा झटका तब लगा, जब पता चला कि युद्ध पर भेजे जाने से सिर्फ दो दिन पहले उनके पिता ने शादी कर ली थी। मारिया का कहना है कि उन्होंने उस महिला का नाम पहले कभी नहीं सुना था। वह उनके पिता से 22 साल छोटी थी। शादी के बाद वही कानूनी रूप से यूरी की सबसे करीबी रिश्तेदार बन गई और सरकारी मुआवजे की हकदार भी। मारिया का आरोप है कि उनके पिता के साथ धोखा हुआ। उनका यह भी दावा है कि पिता का फ्लैट भी बेच दिया गया और अब उनके पास पिता की याद में सिर्फ उस घर की चाबियां बची हैं, जो अब किसी काम की नहीं हैं। सैनिक की मौत पर मिलता है भारी मुआवजा रूस में युद्ध में मारे गए सैनिक के परिवार को सरकार की ओर से कम से कम 50 लाख रूबल (करीब 62 लाख भारतीय रुपए) की एकमुश्त मदद मिलती है। कई अन्य भुगतान और बीमा जोड़ दिए जाएं तो यह रकम और भी ज्यादा हो सकती है। आरोप है कि कुछ महिलाएं इसी पैसे के लालच में अकेले, बुजुर्ग या कमजोर सैनिकों को शादी के लिए फंसाती हैं। सैनिक की मौत के बाद पूरा मुआवजा पत्नी को मिल जाता है। परिवार के बाकी लोगों को कुछ भी नहीं मिल पाता। सरकार ने जल्दी शादी को बढ़ावा दिया, इसके बाद स्कैम बढ़ा फरवरी 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद रूस ने सेना में भर्ती होने वाले लोगों के लिए शादी के नियम आसान कर दिए। आमतौर पर रूस में शादी के लिए आवेदन देने के बाद कुछ समय इंतजार करना पड़ता है, लेकिन युद्ध के दौरान इस प्रक्रिया में छूट दे दी गई। नए सैनिक चाहें तो भर्ती के तुरंत बाद शादी कर सकते थे। सरकार का मानना था कि इससे सैनिकों को परिवार का सहारा मिलेगा और अगर युद्ध में उनकी मौत हो जाती है, तो पत्नी और परिवार को सरकारी आर्थिक मदद आसानी से मिल सकेगी। ‘सैनिक से शादी करो, फ्लैट खरीद लो’ पिछले साल साइबेरिया के टॉम्स्क शहर के एक पॉडकास्ट में रूसी वकील और रियल स्टेट एजेंट मरीना ओरलोवा का बयान बहुत वायरल हुआ था। उन्होंने कहा था, अगर फ्लैट खरीदना है तो किसी ऐसे सैनिक से शादी कर लो जो युद्ध पर जा रहा हो। उसकी मौत के बाद मिलने वाले पैसे से घर खरीद लेना। आजकल कई महिलाएं इसी तरह सस्ते फ्लैट खरीद रही हैं। यह एक बहुत अच्छा बिजनेस है। इसके बाद एजेंट और पॉडकास्ट की होस्ट के खिलाफ मुकदमा चला। दोनों को सामुदायिक सेवा की सजा दी गई और सैनिकों व उनके परिवारों से सार्वजनिक माफी मांगनी पड़ी। तलाक से पहले सैनिक की मौत, पत्नी को मुआवजा नहीं मिला रूसी सैनिक जॉर्जी कोस्तिरको छुट्टी पर जब घर आए तो उसी दौरान उनकी मुलाकात एंजेलिना वार्यूखिना से हुई थी। दोनों ने मुलाकात के महज 10 दिन बाद शादी कर ली। शादी के कुछ ही समय बाद जॉर्जी फिर से यूक्रेन युद्ध के मोर्चे पर लौट गए। जॉर्जी की मां ने आरोप लगाया कि शादी के कुछ समय बाद एंजेलिना सोशल मीडिया पर दूसरे पुरुषों के साथ तस्वीरें और वीडियो पोस्ट करने लगी थीं। इससे दोनों के रिश्ते बिगड़ गए और जॉर्जी ने तलाक की प्रक्रिया शुरू कर दी। हालांकि, एंजेलिना ने इन आरोपों से इनकार किया। उनका कहना था कि दोनों के बीच बाद में सुलह हो गई थी और सोशल मीडिया पर डाली गई तस्वीरें सिर्फ जॉर्जी को जलाने के लिए थीं। तलाक की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही यूक्रेनी हमले में जॉर्जी की मौत हो गई। रूसी कानून के मुताबिक, उस समय एंजेलिना उनकी कानूनी पत्नी थीं, इसलिए सरकारी मुआवजा पाने का अधिकार उन्हें मिल गया। इस पर जॉर्जी के परिवार ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अदालत ने एंजेलिना को सबसे करीबी कानूनी रिश्तेदार का दर्जा रद्द कर दिया। इस फैसले के बाद उन्हें मुआवजे का अधिकार नहीं मिला। यह मामला पूरे रूस में चर्चा का विषय बना और इसके बाद सैनिकों की मौत के मुआवजे के लिए की जा रही संदिग्ध शादियों पर बहस तेज हो गई। सेना के अधिकारियों पर भी लगे गंभीर आरोप कुछ मामलों में आरोप सिर्फ महिलाओं तक सीमित नहीं रहे। रूस के प्रिमोर्स्की क्षेत्र में जांच एजेंसियों ने एक वारंट ऑफिसर, एक सार्जेंट और सेना के एक अकाउंटेंट पर भी जांच शुरू की। आरोप है कि ये लोग अनाथों और ऐसे पुरुषों को ढूंढ़ते थे जिनका कोई करीबी रिश्तेदार नहीं था। उनकी जल्दबाजी में शादी कराई जाती थी और फिर उन्हें युद्ध के सबसे खतरनाक मोर्चों पर भेजा जाता था। अगर उनकी मौत हो जाती, तो मुआवजे की रकम आपस में बांट ली जाती। सांसद बोले- परिवारों को बचाइए रूसी सांसद लियोनिद स्लुत्स्की ने कहा कि अब सैनिकों के परिवारों को ऐसे लोगों से बचाने की जरूरत है, जो शादी और मुआवजे के नाम पर ठगी कर रहे हैं। ऐसे मामले लगातार बढ़ रहे हैं, इसलिए सरकार को जल्द सख्त कानून बनाकर कार्रवाई करनी चाहिए। यूक्रेन युद्ध लंबा खिंचने के साथ रूस में आर्थिक मुश्किलें बढ़ रही हैं। बड़ी संख्या में सैनिकों की मौत हो रही है और लोगों में नाराजगी भी बढ़ रही है। ऐसे माहौल में सैनिकों के मुआवजे के लिए फर्जी शादी कराने के मामले भी तेजी से सामने आ रहे हैं। यही वजह है कि यह मुद्दा अब पूरे रूस में चर्चा का विषय बन गया है।
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