चीन-तुर्की की मदद से सर क्रीक के पास पाकिस्तान का नया पैंतरा, ये अबाबील- द डिवाइन स्ट्राइक क्या है?

Pakistan News: भारत और पाकिस्तान की समुद्री सीमा पर स्थित स्ट्रैटिजकली काफी सेंसेटिव सर क्रीक क्षेत्र के पास पाकिस्तान अपनी नौसैनिक और सैन्य इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बना रहा है। हमारी सहयोगी वेबसाइट ‘फर्स्टपोस्ट’ की रिपोर्ट में ‘CNN-न्यूज18’ के हवाले से बताया गया है कि टॉप पॉकिस्तानी सोर्सेज के जरिए ये जानकारी सामने आई है। ये पता चला है कि यह पूरा सैन्य विस्तार पाकिस्तान के एक नए प्रोजेक्ट का हिस्सा है जिसे अबाबील- द डिवाइन स्ट्राइक नाम दिया गया है। सर क्रीक और उससे लगे इलाकों में पाकिस्तान की इन नई गतिविधियों की वजह से समुद्री सीमा पर सुरक्षा जोखिम बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

‘अबाबील’ प्रोजेक्ट के तहत SSG-N कमांडोज की तैनाती

सीएनएन-न्यूज18 को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान नौसेना ने अपने प्रोजेक्ट अबाबील के तहत सर क्रीक इलाके में नेवल स्पेशल सर्विस ग्रुप (SSG-N) के विशेष कमांडोज को तैनात किया है। एसएसजी-एन पाकिस्तान की एक प्रमुख मैरिटाइम स्पेशल ऑपरेशंस फोर्स है। ये समंदर के साथ हवा और जमीन तीनों माध्यमों से बेहद जोखिम भरे सैन्य अभियानों को अंजाम देने के लिए प्रशिक्षित की जाती है।

तुर्की के ड्रोन और चीन के आधुनिक होवरक्राफ्ट से बढ़ा तनाव

रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान इस क्षेत्र में तुर्की में निर्मित आधुनिक ड्रोन, चीन के आधुनिक होवरक्राफ्ट और हाई स्पीड वाली नौसैनिक नौकाओं की तैनाती कर रहा है। वहां आधुनिक रॉकेट और एयर डिफेंस सिस्टम भी तैनात किए जा रहे हैं। सूत्रों ने सीएनएन-न्यूज18 को बताया कि पाकिस्तान द्वारा तैनात किए जा रहे तुर्की के ये ड्रोन विस्फोटक सामग्री ले जाने में पूरी तरह सक्षम हैं और इनका इस्तेमाल हवाई निगरानी के लिए भी किया जा सकता है। अबाबील प्रोजेक्ट के तहत एक उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम भी शामिल किया गया है। ये सर क्रीक और अरब सागर क्षेत्र में पाकिस्तान थलसेना की नई गठित रॉकेट फोर्स के साथ कोआर्डिनेशन में काम करेगा।

चीन और तुर्की की मदद से भारतीय नौसेना को चुनौती देने की कोशिश

सीएनएन-न्यूज18 को अंदरूनी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सर क्रीक और अरब सागर में भारत की नौसैनिक मौजूदगी को चुनौती देने के इरादे से पाकिस्तान ने अपने समुद्री अभियानों में मानवरहित एरियल और समुद्री ड्रोनों को शामिल किया है। इसमें चीन और तुर्की की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है। ये दोनों देश मॉडर्न सैन्य उपकरण और तकनीक की आपूर्ति करके पाकिस्तान के सशस्त्र बलों के मॉडर्नाइजेशन में मदद कर रहे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने पाकिस्तान को अपनी पहली हैंगोर-क्लास पनडुब्बी सौंप दी है। सूत्र का कहना है कि इससे अरब सागर में पाकिस्तान की स्टेल्थ क्षमता और सेकेंड-स्ट्राइक क्षमता में काफी इजाफा होगा। इसके अलावा इस्लामाबाद ने अपने नौसेना बेड़े को आधुनिक बनाते हुए चीन निर्मित हाई एंड तुगरिल-क्लास युद्धपोतों को भी शामिल किया है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि सर क्रीक और अरब सागर के तटीय इलाकों में दर्जनों तटीय रक्षा नौकाएं, मरीन असॉल्ट क्राफ्ट, होवरक्राफ्ट, नौसैनिक जहाज और तेज गति वाली गश्ती नौकाएं तैनात की गई हैं। इसके साथ ही इस पूरे क्षेत्र में नौसैनिक गश्त को भी काफी बढ़ा दिया गया है।

फील्ड मार्शल असीम मुनीर की यूनिफाइड कमान में चल रहा मॉडर्नाइजेशन

सीएनएन-न्यूज18 के सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तानी सेनाध्यक्ष फील्ड मार्शल असीम मुनीर के अंडर में यूनिफाइड कमान के तहत पाकिस्तान की थलसेना, नौसेना और वायुसेना के बड़े पैमाने पर मॉडर्नाइजेशन का काम चल रहा है। इसी साल की शुरुआत में मुनीर ने तीनों सेनाओं के अभियानों को एक साथ जोड़ने और बाहरी खतरों के खिलाफ पाकिस्तान की ओवरऑल डिटर्जेंस कैपेबिलिटी को मजबूत करने के मकसद से नेशनल स्ट्रैटेजिक कमांड की स्थापना की थी।

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चीन-तुर्की की मदद से विनाशक तैयारियों में जुटा पाकिस्तान! ऑपरेशन सिंदूर के बाद बदली उसकी चाल, मिले ये सबूत

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने अपनी सैन्य ताकत और मॉडर्न वारफेयर का ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने पाकिस्तान का हाल बेहाल कर दिया था। इस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कई अहम एयर बेस, एयर डिफेंस सिस्टम और रणनीतिक संसाधनों को निशाना बनाकर पाक सेना ऐसा हाल किया था कि पूरी दुनिया के सामने उसकी पोल खुल गई थी। भारत के मिली करारी शिकस्त के बाद पाकिस्तान ने अपनी सैन्य रणनीति में बड़े बदलाव शुरू कर दिए हैं। अब वह अपनी कमजोरियों को दूर करने के लिए चीन और तुर्की जैसे देशों की मदद से सेना के मॉर्डनाइजेशन पर काम कर रहा है। स्टील्थ लड़ाकू विमान, लंबी दूरी की मिसाइलें, आधुनिक ड्रोन, लेज़र हथियार और नए एयर डिफेंस सिस्टम को शामिल करने की तैयारी की जा रही है।

सेना को तेजी से मजबूत कर रहा है पाकिस्तान

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान अपनी सेना को तेजी से मजबूत करने में जुट गया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान लड़ाकू विमानों, मिसाइलों, ड्रोन और आधुनिक हथियारों पर बड़ा निवेश कर रहा है। इसके लिए उसे चीन और तुर्की का सबसे ज्यादा सहयोग मिल रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान तुर्की से 1,000 से अधिक आधुनिक ड्रोन (यूएवी) खरीदने की तैयारी कर रहा है। साथ ही ड्रोन और टारगेट पर हमला करने वाले लोइटरिंग म्यूनिशन (आत्मघाती ड्रोन) की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।

चीन से मिलेगा स्टील्थ फाइटर प्लेन 

पाकिस्तानी सेना अपनी 5 आर्टिलरी रेजिमेंट (तोपखाना) को मिसाइल रेजिमेंट में बदलने की योजना पर काम कर रही है। इसके अलावा देश का एयर डिफेंस नेटवर्क भी लगातार मजबूत किया जा रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान को 2026 के आखिर तक चीन से 40 जे-35 स्टील्थ फाइटर प्लेन मिलने की उम्मीद है। वहीं, चीनी तकनीक की मदद से हाई-एनर्जी लेज़र हथियार भी विकसित किए जा रहे हैं।

अटैक हेलीकॉप्टर को कर रहा अपग्रेड

इसके अलावा पाकिस्तानी सेना के 29 कोबरा अटैक हेलीकॉप्टरों को अपग्रेड किया जाएगा और 30 से ज्यादा जेड-10 अटैक हेलीकॉप्टर शामिल करने की भी योजना है। रिपोर्ट के मुताबिक, चीन पाकिस्तान को 200 से अधिक एसएच-15 तोपें भी उपलब्ध करा चुका है। कुल मिलाकर पाकिस्तान अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर आधुनिकीकरण की दिशा में काम कर रहा है।

आकाश शर्मा की रिपोर्ट