PM Surya Ghar: अब 60 सेकंड में पता चलेगा सोलर लगाने का पूरा खर्च और सब्सिडी! सरकार ने लॉन्च किया नया डिजिटल टूल

PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ को बढ़ावा देने सरकार एक बड़ा प्लान लेकर आई है। नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने इसके लिए एक खास डिजिटल टूल ‘Get Solar in 60 Secs’ लॉन्च किया है। इस इंटरेक्टिव प्लेटफॉर्म की मदद से देश के नागरिक अब सिर्फ 1 मिनट के भीतर अपने घर की छत पर सोलर प्लांट लगाने का पूरा गणित समझ सकते हैं।

इस योजना की शुरुआत से लेकर अब तक 50 लाख से ज्यादा घर अपनी बिजली खुद बनाने में सक्षम हो चुके हैं। इस नए डिजिटल टूल से सोलर सिस्टम लगवाने की प्रक्रिया और भी आसान हो जाएगी।

कैसे काम करता है ‘Get Solar in 60 Secs’ टूल?

इस टूल का इस्तेमाल करना बेहद आसान है। यूजर को बस कुछ बेसिक जानकारियां दर्ज करनी होंगी:

स्टेप 1: अपना नाम, फोन नंबर, राज्य और जिले का नाम चुनें।

स्टेप 2: स्लाइडर की मदद से अपने पिछले महीने का बिजली बिल और स्वीकृत लोड डालें।

स्टेप 3: इसके बाद यह टूल तुरंत आपके घर के हिसाब से सही सोलर प्लांट क्षमता (kW), लगने वाली कुल लागत, सरकार से मिलने वाली सब्सिडी और मिलने वाले बैंक लोन व उसकी ब्याज दर का पूरा हिसाब दे देगा।

यह टूल आपको जीवनभर में होने वाली अनुमानित बचत का आंकड़ा भी दिखाएगा।

व्हाट्सएप पर वेंडर्स से सीधा संपर्क और AI चैटबॉट ‘SUNtosh’

यह प्लेटफॉर्म पीएम सूर्य घर योजना के तहत रजिस्टर्ड सर्टिफाइड वेंडर्स की लिस्ट भी दिखाता है। यूजर सीधे व्हाट्सएप या कॉल के जरिए वेंडर से संपर्क करके सोलर पैनल लगवाने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।

इसके अलावा, सरकार ने हाल ही में 4 जून 2026 को ‘SUNtosh’ नाम का एक व्हाट्सएप-बेस्ड AI चैटबॉट भी लॉन्च किया है। यह चैटबॉट यूजर्स को सब्सिडी, एप्लीकेशन प्रोसेस और आम समस्याओं के हल की रियल-टाइम जानकारी सीधे व्हाट्सएप पर उपलब्ध कराता है।

पैसों की बचत के साथ पर्यावरण के लिए भी बेहद खास है यह स्कीम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 फरवरी 2024 को इस योजना की शुरुआत की थी। इसका लक्ष्य 1 करोड़ घरों की छतों पर सोलर सिस्टम लगाना और उन्हें हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देना। वित्त वर्ष 2026-27 तक 30 GW रूफटॉप सोलर क्षमता हासिल करना। अपने लाइफटाइम में यह योजना 1,000 अरब यूनिट क्लीन पावर पैदा करेगी और 72 करोड़ टन CO2 उत्सर्जन को कम करेगी।

Rashifal Today: आज के दिन किस मूलांक के लोगों की चमकेगी किस्मत, जानें क्या कहते हैं आपके सितारे

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार जन्म की तारीख का हमारे जीवन पर खास प्रभाव माना जाता है। हर मूलांक के लिए आज आज आर्थिक स्थिति में कुछ परेशानियां आ सकती हैं। दोस्तों या सहकर्मियों के साथ पैसों से जुड़े लेन-देन में सावधानी रखें। बड़े निवेश से पहले अच्छी तरह सोचें, क्योंकि नुकसान की संभावना है। आइए जानते हैं मूलांक 1 से 9 तक के लोगों के लिए आज का दिन कैसा रहेगा।

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में बदलाव देखने को मिल सकता है। पैसों से जुड़े फैसले मजबूत होंगे और निवेश के नए विकल्प मिल सकते हैं। नई योजना शुरू करने का समय अच्छा है, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण रखें। भविष्य की आर्थिक सुरक्षा को ध्यान में रखकर ही फैसला लें।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज आपका ध्यान पैसों से जुड़े मामलों पर रहेगा। आर्थिक नुकसान होने की आशंका है, इसलिए सावधानी जरूरी है। निवेश करने से पहले उसके लंबे समय के असर के बारे में सोचें। बेवजह खर्च करने से बचें और धैर्य से फैसले लें।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति के लिए दिन अच्छा रहेगा। समझदारी से किया गया निवेश फायदा दे सकता है। कारोबार में नए अवसर और सौदे मिल सकते हैं। आमदनी के नए रास्ते भी खुल सकते हैं। हालांकि बजट का ध्यान रखें और फालतू खर्च से बचें। किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह लेना फायदेमंद रहेगा।।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों के मामले में थोड़ी सावधानी बरतनी होगी। गैर-जरूरी खरीदारी से बचें और खर्चों पर नजर रखें। अगर निवेश की योजना बना रहे हैं तो जल्दबाजी न करें। परिवार या किसी भरोसेमंद दोस्त की सलाह लेना लाभदायक हो सकता है। आर्थिक स्थिरता के लिए धैर्य से काम लें।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 15 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक नुकसान का खतरा हो सकता है। जल्दबाजी में लिया गया कोई वित्तीय फैसला या समझौता आगे चलकर परेशानी दे सकता है। इसलिए किसी भी निवेश या नए प्लान पर अच्छी तरह विचार करें। खर्चों को सीमित रखें और भविष्य की आर्थिक सुरक्षा के लिए अपनी योजनाओं को दोबारा व्यवस्थित करें।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन आर्थिक मामलों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। आप अपनी समझदारी और योजना बनाने की क्षमता से खर्चों को नियंत्रित कर सकते हैं। नए निवेश से फायदा मिलने की संभावना है। पैसों से जुड़े मामलों में परिवार और दोस्तों से चर्चा करना भी अच्छा रहेगा। अचानक आने वाले खर्चों के लिए तैयार रहें और अपने बड़े आर्थिक लक्ष्यों पर ध्यान दें।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज धन कमाने के नए मौके मिल सकते हैं। निवेश के लिए दिन अच्छा है, लेकिन सोच-समझकर ही कदम उठाएं। बातचीत में आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा, जिससे कारोबार में अच्छे सौदे हो सकते हैं। मेहनत का फल मिलेगा और अचानक धन लाभ भी हो सकता है। फिर भी फालतू खर्च से बचें और बजट बनाकर चलें।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में सावधानी जरूरी है। निवेश में नुकसान का डर है, इसलिए जोखिम भरे फैसलों से बचें। हाल में लिया गया कोई बड़ा आर्थिक फैसला है तो उसकी दोबारा समीक्षा करें। कारोबार में लेन-देन करते समय सतर्क रहें और किसी भी समझौते पर हस्ताक्षर करने से पहले सभी शर्तें ध्यान से पढ़ें।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति में कुछ परेशानियां आ सकती हैं। दोस्तों या सहकर्मियों के साथ पैसों से जुड़े लेन-देन में सावधानी रखें। बड़े निवेश से पहले अच्छी तरह सोचें, क्योंकि नुकसान की संभावना है। बेवजह खर्च न करें और छोटे-छोटे बचत प्लान पर ध्यान दें। अचानक आने वाले खर्चों के लिए इमरजेंसी फंड रखना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

नेपाल बॉर्डर तक 4 लेन हाईवे, 3591 करोड़ रुपये के नए प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी, जानिए मुजफ्फरपुर से सोनबरसा तक क्या बदलेगा

Bihar Highway Project: बिहार में रोड इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ऊंचाई पर ले जाने और भारत-नेपाल सीमा तक आवाजाही को आसान बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़े फोर-लेन हाईवे प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने बुधवार बिहार में राष्ट्रीय राजमार्ग-22 के मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा सेक्शन को फोर-लेन मानकों में अपग्रेड करने की मंजूरी दे दी है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 3590.73 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

हमारी सहयोगी वेबसाइट CNBC TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक यह 82.578 किलोमीटर लंबा प्रोजेक्ट हाइब्रिड एंनुटी मॉडल से बनाया जाएगा। यह हाईवे भारत-नेपाल सीमा पर स्थित सोनबरसा को मुजफ्फरपुर में ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर का हिस्सा रहे NH-27 से सीधे जोड़ेगा।

इस हाइवे प्रोजेक्ट से बिहार को क्या फायदा होगा?

इस फोर-लेन हाईवे को 100 किलोमीटर प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड के हिसाब से तैयार किया जाएगा। इस पर गाड़ियों की एवरेज स्पीड 80 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी। इस हाईवे पर बीच में कोई एट-ग्रेड मीडियन ओपनिंग नहीं होगी। इससे गाड़ियों की आवाजाही बिना किसी रुकावट के तेज रफ्तार से हो सकेगी। प्रोजेक्ट के पूरा होने से रूट पर पड़ने वाले घनी आबादी वाले कई प्रमुख इलाकों को ट्रैफिक जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी। इनमें मुजफ्फरपुर, मकसूदपुर, रुन्नीसैदपुर, थुम्मा, डुमरा, भुतही और सोनबरसा शामिल हैं। इस अपग्रेडेड कॉरिडोर से यात्रियों और माल ढुलाई के समय में भारी बचत होगी। साथ ही ईंधन की खपत और वाहनों के रखरखाव पर भी कम खर्च होगा।

पीएम गतिशक्ति से जुड़ेगा नेटवर्क, इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक्स नोड्स को बूस्ट

सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक इस हाईवे की प्लानिंग पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान के तहत आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक्स नोड्स की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए की गई है। यह कॉरिडोर 5 पीएम गतिशक्ति इकोनॉमिक नोड्स को जोड़ेगा। इनमें चार इंडस्ट्रियल एस्टेट और एक मेगा फूड पार्क शामिल हैं। इसके अलावा यह चार सोशल नोड्स और मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी रेलवे स्टेशनों पर स्थित दो लॉजिस्टिक्स नोड्स से भी कनेक्ट होगा। यह नया रूट पहले से मौजूद NH-31 और NH-122 जैसे कॉरिडोर, बरौनी सहित अन्य औद्योगिक क्षेत्रों और गंगा नदी के किनारे बने रिवराइन लॉजिस्टिक्स हब्स के साथ कनेक्टिविटी को और बेहतर करेगा।

क्रॉस-बॉर्डर कारोबार को भी मिलेगा पुश

सोनबरसा और पास में भिठ्ठामोड़ में स्थित लैंड पोर्ट के जरिए यह फोर-लेन हाईवे भारत और नेपाल के बीच सीमा पार यात्रियों और कार्गो की आवाजाही को बेहद आसान बनाएगा। इस 82.578 किलोमीटर लंबे प्रोजेक्ट में बड़े स्तर पर सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार होंगे। इसपर 7 बड़े पुल होंगे, जिसमें बारहमासी बागमती नदी पर बनने वाला 340 मीटर लंबा एक प्रमुख पुल भी शामिल है। इसके अलावा 3 रेलवे ओवरब्रिज और 2 फ्लाईओवर भी होंगे।

इस नए हाईवे से इलाके की कृषि सप्लाई चेन को बहुत मजबूती मिलेगी। किसान अपनी उपज को तेजी से बड़े बाजारों तक पहुंचा सकेंगे। यह रूट धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों तक जाने वाले लोगों के लिए भी काम का साबित होगा। इस कॉरिडोर से बौद्ध सर्किट और सीतामढ़ी में स्थित प्रसिद्ध जानकी पुनौरा धाम मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को वर्ल्ड क्लास सड़क कनेक्टिविटी का फायदा मिलेगा।

रेलवे के इन 4 बड़े प्रोजेक्ट्स को मिली मंजूरी, 6448 गांवों की रेल कनेक्टिविटी को मिलेगा जबर्दस्त बूस्ट, ये रही पूरी डिटेल

Indian Railways New Projects: देश में रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के साथ यात्री और मालगाड़ियों की आवाजाही को रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने 9450 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले चार बड़े रेलवे मल्टीट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दे दी है। हमारी सहयोगी वेबसाइट CNBC TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक ये प्रोजेक्ट्स पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के 8 जिलों में फैले हैं। इन प्रोजेक्ट्स के पूरा होने से भारतीय रेलवे के अभी के नेटवर्क में लगभग 410 किलोमीटर का नया ट्रैक जुड़ जाएगा। सरकार ने इन सभी प्रोजेक्ट्स को वर्ष 2030-31 तक पूरा करने का टारगेट फिक्स किया है।

60 लाख की आबादी और 6448 गांवों को सीधा लाभ

सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक इन नई पटरियों के बिछने से करीब 6448 गांवों की रेल कनेक्टिविटी में सुधार होगा। यहां बसने वाली करीब 60 लाख की आबादी को रेलवे के इन नए प्रोजेक्ट्स का फायदा मिलेगा। इन रूटों पर नई लाइनें बनने से रेल नेटवर्क पर दबाव और भीड़भाड़ कम होगी। इससे ट्रेनों की टाइमिंग तो सुधरेगी ही, लोगों को कम्यूट करने में भी आसानी होगी। ये सारे प्रोजेक्ट्स पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान के तहत तैयार किए गए हैं।

इन 4 रूट्स पर बिछेंगी नई अतिरिक्त रेल लाइनें

कैबिनेट से मंजूर किए गए चारों प्रोजेक्ट्स के तहत सबसे बिजी रेल रूटों पर तीसरी और चौथी पटरियां बिछाई जाएंगी। इनकी जानकारी यहां नीचे दी गई है-

  • खड़गपुर-भद्रक (रानीताल) चौथी लाइन: यह इस पैकेज का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है। ये 173 किलोमीटर लंबा है। यह लाइन पश्चिम बंगाल और ओडिशा दोनों राज्यों से होकर गुजरेगी।
  • भद्रक-हरिदासपुर चौथी लाइन: ओडिशा के भीतर रेल क्षमता बढ़ाने के लिए 75 किलोमीटर लंबी चौथी लाइन बनाई जाएगी।
  • गुम्मिडीपुंडी-गुडूर तीसरी और चौथी लाइन: आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु को जोड़ने वाले इस रूट पर 90 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइनें बिछाई जाएंगी।
  • कटक-पारादीप (बड़ाबंधा) तीसरी और चौथी लाइन: ओडिशा के इस महत्वपूर्ण औद्योगिक और पोर्ट रूट पर 72 किलोमीटर की तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाई जाएगी।

पर्यटन स्थलों की कनेक्टिविटी में होगा सुधार

रेल नेटवर्क के इस विस्तार से देश के कई प्रमुख प्राकृतिक और सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों तक पहुंचना काफी आसान हो जाएगा। लोगों को भीतरकणिका नेशनल पार्क, कुलडीहा वन्यजीव अभयारण्य, चांदीपुर बीच, पुलिकट झील और नेलापट्टू बर्ड सैंक्चुअरी जैसी मशहूर जगहों के लिए सीधी और बेहतर रेल सुविधाएं मिल सकेंगी।

माल ढुलाई क्षमता में 7.6 करोड़ टन का होगा इजाफा

जिन रूट्स पर ये पटरियां बिछाई जा रही हैं, वे देश में माल ढुलाई के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं। इन लाइनों से कोयला, लौह अयस्क, सीमेंट, लोहा और इस्पात, कंटेनर, ऑटोमोबाइल और खाद्यान्न जैसी जरूरी वस्तुओं का ट्रांसपोर्ट किया जाता है। नई रेल लाइनें बनने से भारतीय रेलवे की माल ढुलाई क्षमता में सालाना 7.6 करोड़ टन का भारी इजाफा होगा।

सड़क मार्ग के बजाय रेलवे से अधिक माल ढुलाई होने से देश का लॉजिस्टिक्स खर्च घटेगा और साथ ही इंपोर्ट किए जाने वाले फॉसिल फ्यूल पर डिपेंडेंसी कम होगी। सरकार के अनुमान के मुताबिक इन प्रोजेक्ट्स के पूरा होने से करीब 13 करोड़ लीटर कच्चे तेल के आयात की बचत होगी और कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) के उत्सर्जन में करीब 65 करोड़ किलोग्राम की कमी आएगी।

Google की 3.3 करोड़ की नौकरी छोड़ी, फिर शुरू किया अपना स्टार्टअप; पिता की मौत बनी जिंदगी बदलने की वजह

कई लोगों के लिए Google में करीब 3.3 करोड़ रुपये सालाना की नौकरी मिलना किसी सपने के सच होने जैसा है। लेकिन केविन नॉटन जूनियर के लिए यह नौकरी लंबे समय तक करियर का हिस्सा नहीं बन सकी। उनका कहना है कि वह हमेशा से कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर अपना खुद का काम शुरू करने के बारे में सोचते थे। न्यूयॉर्क में रहने वाले केविन नॉटन जूनियर अब अपना स्टार्टअप चला रहे हैं। उन्होंने हाल ही में Google की नौकरी छोड़ने के अपने फैसले के बारे में बात की। उस समय उनकी सालाना कमाई करीब 3.5 लाख डॉलर यानी लगभग 3.3 करोड़ रुपये थी।

Google में ₹3.3 करोड़ की सैलरी, फिर भी छोड़ी नौकरी

जुगल भट्ट से बातचीत में नॉटन जूनियर ने बताया कि Google ने उन्हें एक अच्छी और आरामदायक ‘9 से 5’ की नौकरी दी थी, लेकिन यह काम उनके असली लक्ष्य से मेल नहीं खाता था। वह कुछ अपना शुरू करना चाहते थे और इसी वजह से उन्होंने इतनी बड़ी सैलरी वाली नौकरी छोड़ने का फैसला किया।

इंस्टाग्राम पर अपनी बातचीत का एक वीडियो शेयर करते हुए केविन नॉटन जूनियर ने बताया कि उन्होंने Google छोड़ने का फैसला कब किया था। उन्होंने कहा कि यह फैसला उनके मन में नौकरी शुरू करने के पहले दिन से ही था। नॉटन जूनियर ने लिखा कि उन्हें हमेशा से पता था कि वह किसी और के लिए काम करने के बजाय अपना खुद का काम करना चाहते हैं। उनके मुताबिक, असली बदलाव 2022 में आया। उन्होंने कहा कि Google उनके लिए सबसे अच्छी ‘9 से 5’ वाली नौकरी थी, लेकिन यह उनका अपना काम नहीं था।

पिता की मौत बनी जिंदगी बदलने की वजह

बातचीत के दौरान जुगल भट्ट ने बताया कि नॉटन जूनियर Google में 3 लाख डॉलर से ज्यादा, यानी करीब 3.5 लाख डॉलर सालाना कमा रहे थे। इसके बाद उन्होंने पूछा कि आखिर उन्होंने नौकरी छोड़ने का मन कब बनाया था। इस पर नॉटन जूनियर ने कहा कि Google छोड़ने का विचार उनके मन में लगभग शुरुआत से ही था। उन्होंने बताया कि उन्हें पहले दिन से ही पता था कि वह आगे चलकर अपने लिए काम करना चाहते हैं। उन्होंने साफ कहा कि उन्हें हमेशा से पता था कि एक दिन वह Google की नौकरी छोड़ देंगे।

अपना खुद का बॉस बनने की इच्छा केविन नॉटन जूनियर के मन में पहले से थी, लेकिन साल 2022 में हुई एक निजी घटना ने उन्हें अपनी जिंदगी और प्राथमिकताओं के बारे में नए सिरे से सोचने पर मजबूर कर दिया। इसी साल उन्होंने अपने पिता को खो दिया। जुगल भट्ट ने जब उनसे इस बदलाव के बारे में पूछा तो नॉटन जूनियर ने बताया कि पिता की मौत उनके लिए एक बड़ा झटका और सोच बदलने वाला पल था। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद उन्हें महसूस हुआ कि इंसान को वही काम करना चाहिए जो वह सच में करना चाहता है और हर दिन खुश रहने की कोशिश करनी चाहिए।

पिता को खोने के बाद नॉटन जूनियर को यह समझ आया कि भले ही Google ने उन्हें अच्छी सैलरी, शानदार काम का माहौल और एक मजबूत करियर दिया था, लेकिन यह नौकरी उस काम से मेल नहीं खाती थी जिसे वह वास्तव में करना चाहते थे। बातचीत के दौरान जुगल भट्ट ने यह भी बताया कि नॉटन जूनियर Google में 3 लाख डॉलर से ज्यादा, करीब 3.5 लाख डॉलर सालाना कमा रहे थे। इसके बावजूद उन्होंने अपनी पसंद का काम करने के लिए नौकरी छोड़ने का फैसला किया।

‘मुझे पहले दिन से पता था, अपने लिए काम करूंगा’

नॉटन जूनियर ने बताया कि Google छोड़ने का विचार उनके मन में नौकरी के पहले दिन से ही था। उन्होंने कहा कि उन्हें हमेशा से पता था कि वह किसी कंपनी के लिए काम करने के बजाय अपना खुद का काम करना चाहते हैं। उनका मानना था कि एक दिन वह नौकरी जरूर छोड़ देंगे। हालांकि, अपना बॉस बनने की इच्छा पहले से थी, लेकिन साल 2022 में हुई एक निजी घटना ने उन्हें अपनी जिंदगी और प्राथमिकताओं के बारे में दोबारा सोचने पर मजबूर कर दिया। जुगल भट्ट ने जब उनसे इस अहम मोड़ के बारे में पूछा तो नॉटन जूनियर ने बताया कि 2022 में उन्होंने अपने पिता को खो दिया था। पिता की मौत उनके लिए एक बड़ा झटका थी और इस घटना ने उन्हें यह सोचने पर मजबूर किया कि जिंदगी में वही काम करना चाहिए, जिसे वह वास्तव में करना चाहते हैं।

नॉटन जूनियर ने बताया कि साल 2022 में अपने पिता को खोना उनके लिए जिंदगी बदल देने वाला अनुभव था। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए एक बड़ा “वेक-अप कॉल” था। इस घटना के बाद उन्हें महसूस हुआ कि इंसान को वही काम करना चाहिए, जिसे वह सच में करना चाहता है और हर दिन खुश रहने की कोशिश करनी चाहिए।पिता को खोने के बाद नॉटन जूनियर को यह साफ हो गया कि सिर्फ अच्छी नौकरी और बड़ी सैलरी ही काफी नहीं है। भले ही Google ने उन्हें शानदार काम का माहौल और अच्छा करियर दिया, लेकिन वह काम उनके असली लक्ष्य से मेल नहीं खाता था।

उन्होंने कहा कि Google उनके लिए सबसे अच्छी ‘9 से 5’ वाली नौकरी हो सकती थी, लेकिन वह वह काम नहीं था जिसे वह हर दिन करना चाहते थे। इसी सोच ने उन्हें आगे चलकर नौकरी छोड़कर अपना खुद का काम शुरू करने का फैसला लेने में मदद की।

नॉटन जूनियर ने यह भी बताया कि अच्छी सैलरी वाली कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर एंटरप्रेन्योर बनने का उनका सफर कैसे शुरू हुआ। उन्होंने खुद को रिस्क लेने के मामले में काफी सावधान बताया। हालांकि, कई सालों तक नौकरी करने के दौरान उन्होंने इतनी बचत कर ली थी कि उन्हें कुछ समय तक बिना नौकरी के भी आर्थिक परेशानी नहीं होती। उन्होंने बताया कि उनके पास कई सालों तक अपना खर्च चलाने लायक बचत थी। इसी वजह से उन्हें लगा कि वह नौकरी छोड़कर अपना काम शुरू करने का जोखिम उठा सकते हैं।

आखिरी फैसला लेने में उनके एक करीबी दोस्त की सलाह ने भी बड़ी भूमिका निभाई। नॉटन जूनियर के मुताबिक, दोस्त ने उनसे कहा कि अगर उनके पास करीब तीन साल तक बिना काम किए रहने लायक पैसे हैं, तो उन्हें इस समय का इस्तेमाल गंभीरता से अपना कारोबार शुरू करने में करना चाहिए। दोस्त ने उन्हें यह भी समझाया कि अगर तीन साल में उनका काम सफल नहीं होता है, तो वह दोबारा नौकरी कर सकते हैं। इस सलाह से नॉटन जूनियर का आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने Google की नौकरी छोड़कर अपना काम शुरू करने का फैसला किया।

Samsung Galaxy S26 Ultra पर बंपर ऑफर, मिल रहा ₹37,000 से ज्यादा का डिस्काउंट, जानें कीमत

Samsung Galaxy S26 Ultra: Samsung Galaxy S26 Ultra को Amazon पर ₹87,400 की प्रभावी कीमत में खरीदा जा सकता है। इसमें फोन की कीमत के साथ एक्सचेंज वैल्यू और अधिकतम मिलने वाला कैशबैक शामिल है। फिलहाल Galaxy S26 Ultra Amazon पर ₹1,24,999 में लिस्टेड है, जबकि इसकी लिस्टेड MRP ₹1,69,999 है।

हालांकि, ₹87,400 की प्रभावी कीमत तभी आपको मिल पाएगी, जब आपको एक्सचेंज पर बताई गई पूरी वैल्यू मिले और आप अधिकतम कैशबैक ऑफर के लिए पात्र हों।

Samsung Galaxy S26 Ultra: एक्सचेंज ऑफर

Amazon पर Samsung Galaxy S26 Ultra खरीदते समय Apple iPhone 16 (8GB+128GB) को एक्सचेंज करने पर ₹31,350 तक की एक्सचेंज वैल्यू मिल रही है। यह वैल्यू Amazon के एक्सचेंज पेज पर दिखाई गई खास कंडीशन और कॉन्फिगरेशन वाले फोन के लिए है।

हालांकि, यह एक्सचेंज वैल्यू तभी मिलेगी जब पुराना फोन बताई गई कंडीशन में हो। डिलीवरी के समय फोन की जांच और वेरिफिकेशन किया जाएगा, जिसके बाद एक्सचेंज की फाइनल वैल्यू तय होगी।

चुने गए एक्सचेंज ऑफर के लिए गणना इस प्रकार है:

ऑफररकम
Galaxy S26 Ultra की कीमत₹1,24,999
iPhone 16 की एक्सचेंज वैल्यू₹31,350
एक्सचेंज के बाद कीमत₹93,649
अधिकतम कैशबैक₹6,249 तक
प्रभावी कीमत₹87,400

Amazon यह भी बताता है कि अगर डिलीवरी के समय पुराना फोन बताई गई कंडीशन के मुताबिक नहीं मिलता है, तो भी कुछ मामलों में ग्राहक आंशिक एक्सचेंज डिस्काउंट का फायदा ले सकते हैं। इसके लिए उन्हें बची हुई रकम डिलीवरी एजेंट को देनी होगी।

वहीं, अगर पुराना फोन वेरिफिकेशन में पूरी तरह फेल हो जाता है, तो तय शर्तों के तहत ग्राहक कैश या कार्ड से एक्सचेंज डिस्काउंट की रकम चुकाकर नया फोन अपने पास रख सकते हैं।

6,249 रुपये तक का कैशबैक

Galaxy S26 Ultra की लिस्टिंग पर ₹6,249 तक का कैशबैक भी दिया जा रहा है। यह कैशबैक Amazon Pay Balance के रूप में मिलेगा और इसके लिए चुनिंदा क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करना होगा। हालांकि, आपको मिलने वाला कैशबैक कितना होगा, यह आपके कार्ड और ऑफर की लागू शर्तों पर निर्भर करेगा।

प्रोडक्ट पेज पर नो-कॉस्ट EMI और बैंक डिस्काउंट जैसे कुछ अन्य ऑफर्स भी दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, इन ऑफर्स को ₹87,400 की प्रभावी कीमत में अपने आप शामिल नहीं किया जा सकता, क्योंकि इनका लाभ तभी मिलेगा जब आपका पेमेंट संबंधित ऑफर की शर्तों के तहत योग्य होगा।

Samsung Galaxy S26 Ultra: स्पेसिफिकेशन्स

यह ऑफर Galaxy S26 Ultra के 12GB RAM और 256GB स्टोरेज वाले वेरिएंट के लिए है। इस फोन में 200MP कैमरा, 5,000mAh की बैटरी और Snapdragon 8 Elite Gen 5 Galaxy प्रोसेसर दिया गया है।

Samsung ने इसमें बिल्ट-इन प्राइवेसी डिस्प्ले, Androi 16, One UI 8.5 और AI-पावर्ड फीचर्स जैसे नाउ Now Nudge, Finder, Photo Assist और Creative Studio भी शामिल किए हैं।

यह फोन 60W तक की चार्जिंग और 25W तक की वायरलेस चार्जिंग को सपोर्ट करता है।

क्या-क्या Galaxy S26 Ultra की यह डील खरीदने लायक है?

₹1,24,999 की कीमत पर Galaxy S26 Ultra अभी भी एक प्रीमियम स्मार्टफोन है। हालांकि, अगर आपके पास पहले से iPhone 16 है, तो एक्सचेंज ऑफर आपकी शुरुआती लागत को काफी कम कर सकता है। अगर iPhone 16 पर ₹31,350 की पूरी एक्सचेंज वैल्यू और ₹6,249 का अधिकतम कैशबैक मिलता है, तो Galaxy S26 Ultra की प्रभावी कीमत ₹87,400 रह जाती है।

हालांकि, अंतिम बचत एक्सचेंज किए गए फोन की स्थिति और वेरिफिकेशन के साथ-साथ कैशबैक ऑफर की पात्रता पर निर्भर करेगी।

यह भी पढ़ें: Flipkart दे रहा iPhone 17 Pro पर ₹39,000 का डिस्काउंट! जानें कैसे पाएं ये धांसू डील

दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत 26 अगस्त से बांटे जाएंगे सैंक्शंस लेटर, महिलाओं के खाते में इस दिन से आएंगे ₹2,500!

Delhi Lakshmi Yojana 2026: दिल्ली सरकार की ‘लक्ष्मी योजना’ के तहत पात्र महिलाओं को 26 अगस्त से आर्थिक सहायता के सैंक्शन लेटर मिलना शुरू हो जाएंगे। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार (18 अगस्त) को दिल्ली सचिवालय में हुई बैठक के बाद यह अहम जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने बताया कि सैंक्शन लेटर जारी होने के बाद योजना की राशि सीधे लाभार्थी महिलाओं के बैंक अकाउंट में भेजी जाएगी। सरकार के अनुसार, 1 सितंबर से महिलाओं के खातों में 2,500 रुपये की राशि जमा होना शुरू हो जाएगी।

सरकार ने 1 अगस्त से इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की थी। आवेदन मिलने के बाद सरकार ने आवेदनकर्ताओं की जांच और लाभार्थियों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि योजना का लाभ पात्र महिलाओं तक समय पर पहुंचे और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जाए।

कौन महिलाएं होंगी पात्र?

इस योजना का लाभ लेने के लिए महिला की उम्र 21 से 60 साल के बीच होनी चाहिए। साथ ही वह दिल्ली की निवासी हो और उसकी पारिवारिक आय निर्धारित सीमा के भीतर हो। आवेदन करने वाली महिला की आयु 18 साल से अधिक होने के साथ-साथ वह दिल्ली में कम से कम 10 वर्षों से रह रही होनी चाहिए। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि महिला या उसके परिवार में कोई सरकारी कर्मचारी अथवा पेंशनभोगी होने पर वह योजना के लिए पात्र नहीं होगी। आयकर दाता परिवारों को भी योजना के दायरे से बाहर रखा गया है।

इसके अलावा, जो महिलाएं पहले से किसी अन्य सरकारी योजना के तहत नियमित आर्थिक सहायता प्राप्त कर रही हैं, वे भी इस योजना का लाभ नहीं ले सकेंगी। सरकारी नियमों के अनुसार, जिन महिलाओं या उनके परिवार के सदस्यों के पास चार पहिया वाहन है, उन्हें भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा। इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहन को इस नियम से अलग रखा गया है।

बैंक खाते में सीधे पहुंचेगी स्कीम की राशि

सरकार ने योजना में भुगतान की प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी रखने पर जोर दिया है। पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये सीधे उनके बैंक अकाउंट में डायरेक्ट भेजे जाएंगे। इसके लिए लाभार्थी के बैंक खाते का सत्यापन किया जाएगा। सरकार के मुताबिक, यदि किसी महिला के परिवार में सरकारी कर्मचारी, आयकरदाता या निर्धारित सीमा से अधिक आय वाला सदस्य है, तो वह इस योजना के लिए पात्र नहीं होगी। वहीं, परिवार के किसी सदस्य के पास चार पहिया वाहन होने की स्थिति में भी आवेदन अस्वीकार किया जा सकता है।

आवेदन प्रक्रिया पर रखी जा रही नजर

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों के साथ बैठक में योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आवेदन प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनियमितता न हो और पात्र महिलाओं को समय पर योजना का लाभ मिले। सरकार ने बताया कि आवेदन की जांच पूरी होने के बाद लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र दिए जाएंगे।

26 अगस्त से स्वीकृति पत्र मिलने शुरू होंगे और 1 सितंबर से बैंक खातों में आर्थिक सहायता पहुंचने की प्रक्रिया शुरू होगी। सरकार का कहना है कि लक्ष्मी योजना का उद्देश्य दिल्ली की जरूरतमंद और पात्र महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। योजना के लागू होने के बाद बड़ी संख्या में महिलाओं को हर महीने सीधे बैंक खाते में वित्तीय सहायता मिलने की उम्मीद है।

पैसा प्राप्त करने का विकल्प

लाभार्थियों को राशि प्राप्त करने के लिए विकल्प दिए गए हैं:-

पहला विकल्प: दैनिक खर्चों के लिए ₹1,000 प्रति माह सेंट्र्ल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) वॉलेट में प्राप्त कर सकते हैं और बाकी ₹1,500 को आवर्ती जमा (RD) या फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) खाते में जमा करा सकते हैं।

दूसरा विकल्प: लंबी अवधि की बचत के लिए पूरी ₹2,500 की राशि को RD या FD में जमा करा सकते हैं।

ये भी पढ़ें- Mehul Choksi: भारी कैश के साथ मेहुल चोकसी के वकील विजय अग्रवाल लंदन में हिरासत में, भगोड़ा हीरा कारोबारी कब आएगा भारत?

हवाई जहाज को टक्कर देगी चीन की ट्रेन! फ्लाइंग ट्रेन ने मचाया तहलका

चीन तेज रफ्तार वाली ट्रेनों के मामले में लगातार नई टेक्निक पर काम कर रहा है। देश में पहले से ही शंघाई मैग्लेव जैसी तेज ट्रेन चलती है, जो करीब 460 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से दौड़ती है। अब साइंटिस्ट इससे भी ज्यादा तेज ट्रेन बनाने की तैयारी में जुटे हैं। इसी कड़ी में एक ऐसी ‘फ्लाइंग ट्रेन’ पर काम किया जा रहा है, जिसे फ्यूचर की बेहद तेज ट्रेन कहा जा रहा है।

इस ट्रेन का शुरुआती ट्रायल भी किया जा चुका है। बताया जा रहा है कि टेस्टिंग के दौरान इसकी स्पीड लगभग 800 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंची। यानी इसकी स्पीड शंघाई मैग्लेव से काफी ज्यादा है। इतनी हाई स्पीड वाली ट्रैन से कम टाइम में लंबी दुरी तय की जा सकती है। यह टेक्निक अभी टेस्टिंग में है और इसे पैसेंजर के लिए शुरू करने में समय लग सकता है। यदि आगे के ट्रायल सफल रहते हैं, तो आने वाले समय में ट्रेन से ट्रैवल करने का एक्सपीरियंस बदल सकता है।

trainflt

 

 

एरोप्लेन जैसी स्पीड

चीन के साइंटिस्ट ऐसी ट्रेन तैयार करने में जुटे हैं, जिसे ‘फ्लाइंग ट्रेन’ कहा जा रहा है। यह आम ट्रेन से काफी अलग होगी और खास टेक्निक की मदद से पटरी के ऊपर चलेगी। शुरुआती टेस्टिंग में इस ट्रेन की करीब 800 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड है। इतनी तेज स्पीड के कारण यह ट्रेन फ्यूचर में एयर ट्रैवल का एक ऑप्शन बन सकती है।

 

 

बिना पहिये चलेगी ट्रेन

इस ट्रेन को तेज रफ्तार देने के लिए इलेक्ट्रोमैग्नेटिक यानी मैग्नेटिक फाॅर्स का इस्तेमाल किया जाएगा। इस टेक्निक में ट्रेन के पहिए सीधे पटरी के कॉन्टैक्ट में नहीं आते, बल्कि मैग्नेटिक फाॅर्स से ट्रेन पटरी के ऊपर थोड़ी दूरी पर आगे बढ़ती है। इससे पहिए और पटरी के बीच फ्रिक्शन काफी कम हो जाता है। फ्रिक्शन कम होने पर ट्रेन को ज्यादा तेज स्पीड से चलाना आसान होता है।

हवा नहीं रोकेगी रफ्तार

800 किलोमीटर प्रति घंटे जैसी हाई स्पीड पर ट्रेन के सामने हवा का दबाव एक बड़ी समस्या बन सकता है। इसी वजह से इस ट्रेन के लिए खास ट्यूब या सुरंग तैयार की जा रही है। इस ट्यूब के अंदर से पंप की मदद से हवा को बाहर निकाला जाएगा, जिससे ट्रेन को कम हवा वाले वातावरण में चलने में मदद मिलेगी। हवा का दबाव कम होने से ट्रेन के लिए तेज रफ्तार हासिल करना आसान हो सकता है और सफर के दौरान एनर्जी की बचत भी हो सकती है। चीन के हुबेई में साइंटिस्ट ने करीब एक किलोमीटर लंबे ट्रैक पर इस टेक्निक का टेस्ट किया। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रायल में ट्रेन ने सिर्फ 5.3 सेकंड में 800 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार हासिल की। अब साइंटिस्ट इस टेक्निक को और बेहतर बनाने और फ्यूचर में इसकी स्पीड को 1000 किलोमीटर प्रति घंटे तक ले जाने की तैयारी कर रहे हैं।

 

 

टेस्टिंग के लिए तैयार

इस फ्यूचर ट्रेन पर चाइना एयरोस्पेस साइंस एंड इंडस्ट्री कॉरपोरेशन (CASIC) काम कर रहा है। इतनी हाई स्पीड वाली ट्रेन के लिए ट्रैक और ट्यूब को स्टैंडर्ड रेलवे ट्रैक की तुलना में कहीं ज्यादा सटीक बनाना जरूरी है। टेस्टिंग के लिए तैयार किए गए करीब एक किलोमीटर लंबे कंक्रीट और स्टील ट्रैक में अलाइनमेंट को सिर्फ 0.5 मिलीमीटर तक रखने की बात कही गई है। फिलहाल यह प्रोजेक्ट शुरुआती ट्रायल में है टेक्निक सफल हुई तो लंबी दूरी की जर्नी कम टाइम में पूरी हो सकती है।