Tata Elxsi Q1 Results: टाटा की कंपनी का मुनाफा 18% बढ़ा, पहली बार रेवेन्यू ₹1000 करोड़ के पार पहुंचा

Tata Elxsi Q1 Results: डिजाइन और टेक्नोलॉजी सर्विसेज देने वाली कंपनी Tata Elxsi ने जून तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। टाटा ग्रुप की इस कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 18.2% बढ़कर ₹170.6 करोड़ हो गया। एक साल पहले इसी तिमाही में यह ₹144.3 करोड़ था।

रेवेन्यू में भी अच्छी बढ़त

जून तिमाही में Tata Elxsi का ऑपरेटिंग रेवेन्यू 14.5% बढ़कर ₹1,021.1 करोड़ पहुंच गया। तिमाही आधार पर भी इसमें 2.8% की बढ़ोतरी हुई। यह पहली बार है जब Tata Elxsi का तिमाही ऑपरेटिंग रेवेन्यू ₹1,000 करोड़ के आंकड़े को पार कर गया।

वहीं, EBITDA 15.7% बढ़कर ₹216 करोड़ रहा। EBITDA मार्जिन 21.2% दर्ज किया गया।

किन कारोबारों ने बढ़ाई रफ्तार?

Tata Elxsi की ग्रोथ में सबसे बड़ा योगदान ट्रांसपोर्टेशन और मीडिया कारोबार का रहा।

ट्रांसपोर्टेशन सेगमेंट का रेवेन्यू सालाना आधार पर 13.3% बढ़ा। वहीं, मीडिया और कम्युनिकेशन कारोबार में 22.2% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

हालांकि, तिमाही आधार पर कंपनी का शुद्ध मुनाफा 22.6% घटकर ₹170.6 करोड़ रह गया। पिछली तिमाही में यह ₹220 करोड़ था। इसी तरह, EBIT भी 12.5% घटकर ₹193.7 करोड़ रहा। EBIT मार्जिन 22.27% से घटकर 18.97% पर आ गया।

AI और ऑटोमोबाइल कारोबार पर फोकस

Tata Elxsi के CEO और MD मनोज राघवन ने कहा कि तिमाही के दौरान बड़े ऑर्डर और मजबूत डील एग्जीक्यूशन की वजह से अच्छा प्रदर्शन देखने को मिला। ऑटोमोबाइल कारोबार में OEM ग्राहकों से मजबूत मांग बनी रही।

उन्होंने बताया कि कंपनी AI पर लगातार फोकस बढ़ा रही है। इसी तिमाही में उसने ViTEL नाम का Gen AI बेस्ड प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। यह अलग-अलग मटेरियल का बेहतर एनालिसिस करने में मदद करेगा। इसके अलावा AnaTEL नाम का AI प्लेटफॉर्म भी पेश किया गया है। इसे हेल्थकेयर और मेडिकल टेक्नोलॉजी सेक्टर के लिए तैयार किया गया है।

Tata Elxsi का शेयर मंगलवार को 2.97% की गिरावट के साथ ₹3,710 पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक 39.96% टूट चुका है।

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Siddharth Saxena: कौन हैं सिद्धार्थ सक्सेना? जिन्होंने 26 साल की उम्र में एक दिन में कमाए 76.99 करोड़ रुपये!

Who is Siddharth Saxena: इंटरनेट और सोशल मीडिया पर इन दिनों एक भारतीय टेक एंटरप्रेन्योर की कहानी तेजी से वायरल हो रही है। इस शख्स का नाम है सिद्धार्थ सक्सेना। इन्होंने हाल ही में खुलासा किया है कि उन्होंने महज 26 साल की उम्र में एक ही दिन में 8 मिलियन डॉलर (करीब 76.99 करोड़ रुपये) की कमाई की थी। कंटेंट क्रिएटर विराज अला के साथ हुए एक स्ट्रीट इंटरव्यू में सिद्धार्थ ने भारत के एक छोटे से शहर से अमेरिका में मल्टी-मिलियन डॉलर की कंपनियां खड़ी करने तक के अपने इस शानदार सफर के बारे में खुलकर बात की है। आइए जानते हैं कि कौन हैं सिद्धार्थ सक्सेना और उन्होंने यह मुकाम कैसे हासिल किया।

IIT कानपुर से की पढ़ाई, बोले- हार्वर्ड से 20 गुना मुश्किल है एडमिशन

विराज अला को दिए इंटरव्यू में सिद्धार्थ सक्सेना ने अपनी पढ़ाई और करियर के बारे में कई दिलचस्प बातें साझा कीं। सिद्धार्थ ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी कानपुर से कंप्यूटर साइंस में बी. टेक की डिग्री हासिल की है। वह साल 2019 में आईआईटी कानपुर से ग्रेजुएट हुए थे। इंटरव्यू के दौरान सिद्धार्थ ने दावा किया कि आईआईटी कानपुर के कंप्यूटर साइंस प्रोग्राम में दाखिला पाना अमेरिका की प्रसिद्ध हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में एडमिशन मिलने से 20 गुना ज्यादा कठिन है।

एक दिन में ₹76.99 करोड़ की कमाई का सच

जब इंटरव्यूअर विराज अला ने सिद्धार्थ से पूछा कि उन्होंने एक साल में अधिकतम कितनी कमाई की है, तो सिद्धार्थ ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि उन्होंने एक ही दिन में 8 मिलियन डॉलर (लगभग 76.99 करोड़ रुपये) कमाए हैं। इस पर जब उनसे पूछा गया कि क्या इसका मतलब यह है कि वह रातों-रात करोड़पति बन गए, तो उन्होंने कहा कि हां, कुछ ऐसा ही कह सकते हैं। उन्होंने महज 26 साल की उम्र में यह मुकाम हासिल कर लिया था। सिद्धार्थ ने बताया कि जब वह 16 साल के थे तब उन्होंने अपने भविष्य में इस तरह की सफलता की बिल्कुल भी उम्मीद नहीं की थी।

कैसा रहा है सिद्धार्थ का करियर और बिजनेस?

आईआईटी कानपुर से 2019 में पास आउट होने के बाद सिद्धार्थ ने मशीन लर्निंग इंजीनियर के रूप में कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ काम किया। उनके करियर के सफर में Envestnet, Yodlee, Wadhwani AI जैसी कंपनियों और एल्टो यूनिवर्सिटी, जूमियो कॉर्पोरेशन जैसे संस्थान रहे।

Merlin और Thine के को-फाउंडर

नौकरी के बाद सिद्धार्थ ने एंटरप्रेन्योरशिप की राह चुनी। साल 2022 में सिद्धार्थ ने अपने आईआईटी कानपुर के बैचमेट्स प्रत्यूष राय और शीर्षेंदु सरकार के साथ मिलकर Merlin नाम की एक एआई-पावर्ड क्रोम एक्सटेंशन कंपनी की सह-स्थापना की। रिपोर्ट्स के मुताबिक आज इस कंपनी की वैल्यूएशन लगभग 50 मिलियन डॉलर (करीब 418 करोड़ रुपये से अधिक) है। इसके अलावा सिद्धार्थ एक दूसरे स्टार्टअप Thine के भी को-फाउंडर हैं।

स्टार्टअप्स को लेकर क्या है उनकी सोच?

स्टार्टअप और बिजनेस को लेकर सिद्धार्थ का मानना है कि भारत में सीमित संसाधनों की वजह से बहुत से लोग स्कार्सिटी माइंडसेट (कमी की सोच/सुरक्षित चलने की मानसिकता) के साथ बड़े होते हैं। उनका कहना है कि सफल उद्यमी बनने के लिए इस मानसिकता को बदलकर अबंडेंस माइंडसेट (प्रचुरता की सोच) अपनाना बेहद जरूरी है, जहां लोग खुलकर जोखिम लेने और नए अवसरों की तलाश करने के लिए तैयार रहें।

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सिद्धार्थ ने दोनों देशों के वर्क-कल्चर की तुलना करते हुए कहा कि अमेरिका में लोग अक्सर काम को इसलिए चुनते हैं क्योंकि वे उसे पसंद करते हैं जबकि भारत में कई बार लोग मजबूरी या जरूरत की वजह से काम करते हैं।

HCLTech Share Price: अच्छे नतीजों के बाद भी 5% टूटा स्टॉक, अब खरीदें या बेचें? जानिए एक्सपर्ट्स से

HCLTech Share Price: आईटी कंपनी HCL Technologies के शेयर मंगलवार को करीब 5% तक गिर गए। कंपनी ने जून तिमाही में उम्मीद से बेहतर नतीजे दिए थे, लेकिन पूरे वित्त वर्ष (FY27) के लिए अपना रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस नहीं बढ़ाया। इसी बात से निवेशक और ब्रोकरेज हाउस निराश दिखे।

मंगलवार को शेयर 4.63% गिरकर ₹1,164.60 पर बंद हुआ। इससे पहले लगातार तीन कारोबारी सत्रों में यह शेयर 6.5% से ज्यादा चढ़ चुका था।

नतीजे मजबूत, लेकिन गाइडेंस से निराश

देश की तीसरी सबसे बड़ी आईटी सर्विस कंपनी HCLTech का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 20% बढ़कर ₹4,624 करोड़ पहुंच गया। वहीं, रेवेन्यू 14% बढ़कर ₹34,579 करोड़ रहा। दोनों ही आंकड़े बाजार के अनुमान से बेहतर रहे।

इसके बावजूद कंपनी ने FY27 के लिए अपना कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस 1% से 4% और EBIT मार्जिन 17.5% से 18.5% पर ही बरकरार रखा।

ब्रोकरेज क्यों हुए निराश?

एनालिस्टों का कहना है कि मजबूत नतीजों और बड़े ऑर्डर मिलने के बाद बाजार को उम्मीद थी कि कंपनी अपना गाइडेंस बढ़ाएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। Centrum Broking के मुताबिक, इससे संकेत मिलता है कि आने वाली तिमाहियों में कारोबार की रफ्तार धीमी रह सकती है।

Citi ने शेयर की रेटिंग घटाकर ‘Sell’ कर दी। वहीं J.P. Morgan ने ‘Underweight’ और Jefferies ने ‘Underperform’ रेटिंग बरकरार रखी। ब्रोकरेज का मानना है कि ग्राहकों का टेक्नोलॉजी खर्च अभी भी पूरी तरह नहीं बढ़ा है। खासकर टेलीकॉम और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में मांग कमजोर बनी हुई है।

ICICI Securities की राय

ICICI Securities ने HCLTech पर ‘Reduce’ रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस ₹1,060 रखा है। मौजूदा शेयर भाव ₹1,164.60 के मुकाबले इसमें करीब 9% की गिरावट की आशंका जताई गई है। ब्रोकरेज के मुताबिक, ने FY27 का गाइडेंस बरकरार रखा है, लेकिन निकट भविष्य में ग्रोथ सीमित रहने की उम्मीद है।

ICICI Securities का कहना है कि जून तिमाही में कंपनी के बड़े ऑर्डर (TCV) मजबूत रहे, लेकिन उसका असर अभी रेवेन्यू ग्रोथ में पूरी तरह नहीं दिख रहा है। साथ ही AI से जुड़ी मांग बढ़ने के बावजूद पारंपरिक आईटी सेवाओं की सुस्त ग्रोथ चिंता का विषय बनी हुई है।

आगे शेयर पर क्या नजर रहेगी?

एनालिस्टों के मुताबिक, HCLTech का फोकस फिलहाल कॉस्ट कंट्रोल और ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर है। कंपनी ने ₹12 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो शेयर को ₹1,030-₹1,050 के दायरे में मजबूत सपोर्ट मिला है। वहीं, ₹1,220-₹1,250 के बीच इसका अगला रेजिस्टेंस माना जा रहा है।

*रॉयटर्स से इनपुट के साथ

Netweb Share Price: डेटा सेंटर स्टॉक के लिए ₹5000 का टारगेट, BofA ने खरीदने की सलाह दी

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Netweb Share Price: डेटा सेंटर स्टॉक के लिए ₹5000 का टारगेट, BofA ने खरीदने की सलाह दी

Netweb Share Price: विदेशी ब्रोकरेज BofA Securities ने पहली बार डेटा सेंटर कंपनी Netweb Technologies पर कवरेज शुरू की है। ब्रोकरेज ने शेयर को ‘Buy’ रेटिंग दी है। साथ ही ₹5,000 का टारगेट प्राइस तय किया है। यह मौजूदा स्तर से करीब 14% की संभावित तेजी दिखाता है।

AI से मिल सकता है बड़ा फायदा

BofA का मानना है कि भारत में AI इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से बढ़ रहा है। इसका फायदा Netweb Technologies को मिल सकता है। ब्रोकरेज के मुताबिक, कंपनी इस मौके का फायदा उठाने की मजबूत स्थिति में है।

रिपोर्ट के मुताबिक, Netweb की सबसे बड़ी ताकत NVIDIA के साथ 15 साल पुरानी साझेदारी है। कंपनी की सुपरकंप्यूटिंग में अच्छी पकड़ है। सरकारी ग्राहकों के साथ भी उसके लंबे समय से मजबूत रिश्ते हैं। यही बातें उसे दूसरी कंपनियों से अलग बनाती हैं।

आगे भी तेज ग्रोथ की उम्मीद

Netweb ने पिछले कुछ सालों में सुपरकंप्यूटिंग बाजार में अपनी पकड़ मजबूत की है। FY20 में उसका मार्केट शेयर सिर्फ 2% था। FY26 तक यह बढ़कर 9% हो गया।

BofA का कहना है कि जैसे-जैसे कंपनी का कारोबार बढ़ेगा, उसकी कमाई भी तेजी से बढ़ सकती है। ज्यादा बिक्री होने से लागत पर बेहतर नियंत्रण रहेगा। इससे कंपनी ऊंची महंगाई के दौर में भी अपनी मुनाफेदारी बनाए रख सकती है। ब्रोकरेज ने FY26 से FY29 के बीच कंपनी के रेवेन्यू में 40% CAGR की उम्मीद जताई है।

Netweb Technologies का शेयर मंगलवार को 0.11% की गिरावट के साथ 4,395.10 पर बंद हुआ। इस साल अब तक यह शेयर 40% से ज्यादा चढ़ चुका है।

Netweb का बिजनेस क्या है?

Netweb Technologies हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग (HPC), AI सर्वर, सुपरकंप्यूटर, डेटा सेंटर और डेटा स्टोरेज सॉल्यूशंस बनाने वाली कंपनी है। कंपनी सरकार, रक्षा क्षेत्र, रिसर्च संस्थानों, IIT-IISc जैसे शैक्षणिक संस्थानों और बड़ी कंपनियों को एडवांस कंप्यूटिंग सिस्टम उपलब्ध कराती है।

यह ग्राहकों की जरूरत के हिसाब से सर्वर, स्टोरेज, क्लाउड और AI इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करती है। कंपनी का फोकस भारत में तेजी से बढ़ रहे AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा सेंटर बाजार का फायदा उठाने पर है।

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Apple iPhone 18 Pro 9 सितंबर को होगा लॉन्च! स्पेसिफिकेशन्स और कीमत से जुड़ी लीक्स आई सामने

Apple के अगले iPhone के लॉन्च में अब बस कुछ ही हफ्ते बचे हैं। हालांकि, क्यूपर्टिनो की इस टेक कंपनी ने अभी तक आधिकारिक तौर पर कुछ भी नहीं बताया है, लेकिन कई रिपोर्ट्स से पता चलता है कि iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max कंपनी के सालाना सितंबर इवेंट में उसके पहले फोल्डेबल iPhone के साथ लॉन्च हो सकते हैं। लीक्स के मुताबिक, iPhone 18 Pro सीरीज में नया A20 Pro चिप, बेहतर कैमरा, नए कलर ऑप्शन और कीमत में बढ़ोतरी जैसे बदलाव देखने को मिल सकते हैं। iPhone 18 Pro से जुड़ी अब तक सामने आई सभी लीक जानकारी जानने के लिए आगे पढ़ें।

Apple iPhone 18 Pro का डिजाइन और स्पेसिफिकेशन्स (लीक जानकारी)

डिजाइन की बात करें तो, Apple अपने पुराने फ्लैट-एज डिजाइन को बरकरार रख सकता है, लेकिन इसमें कुछ छोटे बदलाव किए जा सकते हैं। लीक्स के अनुसार, फोन के पीछे का डिजाइन ज्यादा साफ-सुथरा होगा, कैमरा मॉड्यूल थोड़ा बड़ा हो सकता है और फोन की बॉडी थोड़ी मोटी हो सकती है। मोटा डिजाइन इसलिए दिया जा सकता है, ताकि इसमें बड़ी बैटरी और बेहतर वेपर चैंबर कूलिंग सिस्टम लगाया जा सके।

iPhone 18 Pro सीरीज में नया Dark Cherry कलर मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, यह Light Blue, Silver और Dark Grey कलर में भी आ सकता है। परफॉर्मेंस के लिए इसमें Apple का नया A20 Pro प्रोसेसर मिलने की संभावना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह चिप TSMC की 2nm टेक्नोलॉजी पर आधारित हो सकती है। कहा जा रहा है कि यह चिप बेहतर AI परफॉर्मेंस, तेज़ ग्राफिक्स और बेहतर पावर एफिशिएंसी देगी।

कई रिपोर्ट्स के अनुसार, iPhone 18 Pro Max में 5391 mAh से 5577 mAh तक की बड़ी बैटरी दी जा सकती है। अगर यह जानकारी सही साबित होती है, तो यह किसी भी iPhone में मिलने वाली अब तक की सबसे बड़ी बैटरी में से एक हो सकती है। बता दें कि बड़ी बैटरी के कारण फोन का डिजाइन थोड़ा मोटा और वजन में भारी हो सकता है।

डिस्प्ले की बात करें तो, Apple iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max में मौजूदा 6.3 इंच और 6.9 इंच की स्क्रीन साइज को बरकरार रख सकता है। हालांकि, लीक्स के अनुसार इस बार Dynamic Island का साइज छोटा किया जा सकता है।

कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि Apple पहली बार अंडर-डिस्प्ले Face ID टेक्नोलॉजी ला सकता है, यानी Face ID सेंसर स्क्रीन के नीचे छिपे हो सकते हैं।

ऐसी चर्चा है कि क्यूपर्टिनो की यह दिग्गज कंपनी अपना ट्रिपल 48MP रियर कैमरा सिस्टम तो बरकरार रखेगी, लेकिन साथ ही वेरिएबल-अपर्चर वाला मेन कैमरा, ज्यादा ब्राइट टेलीफोटो लेंस, नया स्टैक्ड इमेज सेंसर और अपग्रेडेड 24MP का सेल्फी कैमरा भी पेश करेगी। इसके अलावा, ‘कैमरा कंट्रोल’ बटन को भी पूरी तरह प्रेशर-सेंसिटिव कंट्रोल के साथ रीडिजाइन किया जा सकता है।

भारत में Apple iPhone 18 Pro की लॉन्च डेट और कीमत (अनुमानित)

ब्लूमबर्ग के मार्क गुरमन के अनुसार, Apple अपना सालाना iPhone लॉन्च इवेंट 9 सितंबर, 2026 को आयोजित कर सकता है और इसकी बिक्री और डिलीवरी 18 सितंबर से शुरू होने की उम्मीद है। रिपोर्ट्स यह भी बताती हैं कि सितंबर का इवेंट सिर्फ Pro मॉडल और Apple के फोल्डेबल iPhone पर फोकस्ड हो सकता है, जबकि स्टैंडर्ड iPhone 18 और iPhone Air 2 साल 2027 की शुरुआत में आ सकते हैं।

हालांकि, कीमत के मामले में खबर अच्छी नहीं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Apple Pro मॉडल की कीमतों में लगभग 10,000 रुपये की बढ़ोतरी कर सकता है। अगर ऐसा होता है, तो iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत लगभग 1,44,900 रुपये हो सकती है, जबकि iPhone 18 Pro Max लगभग 1,59,900 रुपये में लॉन्च हो सकता है।

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UN सिक्योरिटी कॉउंसिल सीट के लिए भारत ने लॉन्च किया SHANTI कैंपेन, जानें क्या है विदेश मंत्री जयशंकर का सुपर प्लान

UNSC Seat: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में साल 2028-29 के कार्यकाल के लिए भारत ने अपनी मजबूत दावेदारी पेश करते हुए आधिकारिक तौर पर अपना अभियान शुरू कर दिया है। न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत का सुपर प्लान पेश किया। इसे SHANTI कैंपेन का नाम दिया गया है। इस कार्यक्रम में संयुक्त राष्ट्र के कई राजदूत, राजनयिक और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

PTI की रिपोर्ट के मुताबिक इस आधिकारिक कैंपेन को लॉन्च करने के साथ ही विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के साथ मुलाकात की और पश्चिम एशिया, यूक्रेन और सूडान सहित कई वैश्विक घटनाक्रमों पर विस्तृत चर्चा की। संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय से निकलते समय जब पीटीआई ने उनसे पूछा कि बैठक कैसी रही तो जयशंकर ने संक्षिप्त शब्दों में कहा कि हमेशा की तरह अच्छी।

क्या है भारत का SHANTI कैंपेन?

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के 2028-29 कार्यकाल के लिए देश की प्राथमिकताओं को स्पष्ट। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के प्रति भारत का दृष्टिकोण ‘SHANTI’ यानी ‘Securing Holistic Advancement through Norms, Trust and Integrity’ (नियमों, विश्वास और अखंडता के माध्यम से समग्र प्रगति सुनिश्चित करना) पर आधारित है। जयशंकर ने भारत के इस सुपर प्लान के तहत सुरक्षा परिषद के लिए अपनी 6 मुख्य प्राथमिकताओं को सामने रखा है।

पहली ग्लोबल साउथ की आवाज बनना। यानी अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के मंच पर ग्लोबल साउथ (विकासशील देशों) की चिंताओं और मुद्दों को मजबूती से उठाना। दूसरी सुधारित बहुपक्षवाद यानी वैश्विक शासन में सुधार को आगे बढ़ाना ताकि इसे अधिक लोकतांत्रिक और प्रभावी बनाया जा सके। तीसरी भविष्य के लिए तैयार पीसकीपिंग, जिसमें संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन को आधुनिक और भविष्य की चुनौतियों के अनुकूल बनाना। चौथी एआई (AI) के दुरुपयोग से निपटना, जिसके तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के गलत इस्तेमाल से पैदा होने वाले खतरों को एड्रेस करना। पांचवीं समुद्री सुरक्षा जिसके तहत वैश्विक समुद्री मार्गों और सुरक्षा को मजबूत करना। छठी टेरर फाइनेंसिंग पर लगाम। इसके तहत आतंकवाद को मिलने वाली वित्तीय मदद का कड़ा विरोध करना और इसे रोकना।

इस अभियान की शुरुआत के अवसर पर एक विशेष वीडियो भी दिखाया गया। इसमें वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका, उसके योगदान और यूएनएससी अभियान की प्राथमिकताओं को दिखाया गया। वीडियो में मिसाइल हमलों से तबाह होते शहरों और प्राकृतिक आपदाओं के फुटेज के बीच भारत द्वारा पहुंचाई गई मानवीय और राहत सहायता को दिखाया गया। वीडियो में कहा गया कि एक अव्यवस्थित दुनिया के लिए, एक सभ्यता ने हमेशा केवल एक ही शब्द में उत्तर दिया है – शांति (Shanti).

इस विशेष वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस ऐतिहासिक आह्वान को भी शामिल किया गया, जो उन्होंने जून 2023 में अमेरिकी कांग्रेस को संबोधित करते हुए किया था कि यह युद्ध का युग नहीं है बल्कि यह संवाद और कूटनीति का युग है। जयशंकर ने कहा कि वैश्विक शासन में बदलाव लाने के लिए सुधार आवश्यक हैं। बहुपक्षवाद को लोकतांत्रिक, प्रतिनिधिमूलक और प्रभावी होना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि भारत जैसे देशों का मतभेदों को पाटने और आम सहमति बनाने का एक लंबा इतिहास रहा है। ऐसे देश निश्चित रूप से इस दिशा में अपना उचित योगदान दे सकते हैं।

अगले साल जून में होगा मुकाबला, 9वीं बार सीट की तैयारी

यूएनएससी के 2028-29 कार्यकाल के लिए चुनाव अगले साल यानी जून 2027 में आयोजित किए जाएंगे। इस चुनाव में एशिया-पैसिफिक ग्रुप श्रेणी की इकलौती सीट के लिए भारत और ताजिकिस्तान के बीच मुकाबला होगा। भारत इससे पहले आठ बार संयुक्त राष्ट्र के इस शक्तिशाली 15-सदस्यीय निकाय में गैर-स्थायी सदस्य के रूप में बैठ चुका है। भारत का पिछला कार्यकाल 2021-22 में था। इससे पहले भारत 1950-1951, 1967-1968, 1972-1973, 1977-1978, 1984-1985, 1991-1992 और 2011-2012 में इस प्रतिष्ठित टेबल पर रह चुका है।

विदेश मंत्री ने कहा कि भारत अपनी उम्मीदवारी ऐसे समय में पेश कर रहा है जब दुनिया एक गहरे विरोधाभास का सामना कर रही है। एक तरफ दुनिया के पास मानव कल्याण को बड़े पैमाने पर आगे बढ़ाने की अभूतपूर्व क्षमताएं हैं तो दूसरी तरफ हम संघर्ष, हिंसा और अस्थिरता का ऐसा दौर देख रहे हैं जो दूर बैठे लोगों के लिए भी खतरा पैदा कर रहा है। इस जटिलता से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र को नेतृत्व करना होगा और सुरक्षा परिषद को रास्ता दिखाना होगा इसलिए इस सदस्यता के चुनाव का महत्व बहुत ज्यादा बढ़ जाता है।

यूएन चीफ एंटोनियो गुटेरेस से मुलाकात

सप्ताहांत में न्यूयॉर्क पहुंचे विदेश मंत्री जयशंकर ने इस कैंपेन लॉन्च के बाद संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से मुलाकात की। इस बैठक में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत हरीश पर्वथनेनी और भारत के यूएन मिशन के अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

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HCLTech Q1 Results: आईटी कंपनी का मुनाफा 20% बढ़ा, गाइडेंस बरकरार; डिविडेंड का ऐलान

HCLTech Q1 Results: आईटी कंपनी HCL Technologies (HCLTech) ने जून तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का प्रदर्शन बाजार के अनुमान से बेहतर रहा। प्रॉफिट, रेवेन्यू और मार्जिन तीनों उम्मीद से ज्यादा रहे।

कंपनी ने FY27 के लिए अपना गाइडेंस भी बरकरार रखा है। कंपनी को अब भी पूरे वित्त वर्ष में कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ 1% से 4% और EBIT मार्जिन 17.5% से 18.5% रहने की उम्मीद है।

प्रॉफिट और रेवेन्यू में अच्छी बढ़त

जून तिमाही में HCLTech का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 20.3% बढ़कर ₹4,624 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹3,844 करोड़ था। वहीं, रेवेन्यू 14% बढ़कर ₹34,579 करोड़ पहुंच गया।

डॉलर के लिहाज से कंपनी का रेवेन्यू 3.65 अरब डॉलर रहा। कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर रेवेन्यू तिमाही आधार पर 0.5% घटा। लेकिन यह भी बाजार के अनुमान से बेहतर रहा।

मार्जिन में भी सुधार

HCLTech का EBIT ₹5,831 करोड़ रहा। वहीं, EBIT मार्जिन बढ़कर 16.86% हो गया, जो मार्च तिमाही में 16.5% था।

आईटी और बिजनेस सर्विसेज से रेवेन्यू बढ़कर ₹26,049 करोड़ हो गया। इंजीनियरिंग और R&D सर्विसेज का रेवेन्यू ₹5,690 करोड़ रहा। वहीं, HCL Software का रेवेन्यू बढ़कर ₹2,840 करोड़ पहुंच गया।

AI कारोबार में तेज बढ़त

HCLTech ने बताया कि उसका Advanced AI कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। इस सेगमेंट का रेवेन्यू तिमाही आधार पर 10.6% और सालाना आधार पर 62.1% बढ़ा।

इसके अलावा कंपनी ने जून तिमाही में 2.41 अरब डॉलर का नया ऑर्डर (TCV) हासिल किया, जो पहली तिमाही का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।

कर्मचारियों की संख्या घटी

जून तिमाही में HCLTech के कर्मचारियों की संख्या 3,292 घटकर 2,23,889 रह गई। वहीं, एट्रिशन रेट बढ़कर 12.7% हो गई, जो मार्च तिमाही में 12.5% थी।

₹12 प्रति शेयर डिविडेंड

HCLTech के बोर्ड ने FY27 के लिए ₹12 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है। इसकी रिकॉर्ड डेट 17 जुलाई तय की गई है। डिविडेंड का भुगतान 27 जुलाई को किया जाएगा। कंपनी ने 1 जुलाई को नियामकीय मंजूरी मिलने के बाद Jaspersoft के अधिग्रहण की प्रक्रिया भी पूरी कर ली है।

नतीजों से पहले सोमवार को HCLTech का शेयर 5.15% की तेजी के साथ ₹1,224 पर बंद हुआ। हालांकि, इस साल अब तक शेयर करीब 25% गिर चुका है।

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लॉन्च इवेंट से पहले Google Pixel 11 Pro Fold के स्पेसिफिकेशन्स लीक, जानें कैसा रहेगा कैमरा और डिजाइन

Google Pixel 11 Pro Fold: Google के अगले हार्डवेयर इवेंट का काउंटडाउन शुरू हो चुका है और लगातार सामने आ रहे लीक्स से कंपनी के नए फोल्डेबल स्मार्टफोन की जानकारी मिल रही है। अमेरिका की टेक कंपनी ने कन्फर्म किया है कि उसका सालाना ‘Made by Google’ इवेंट 12 अगस्त को होगा, जिसमें Pixel 11 सीरीज लॉन्च होने की उम्मीद है। लॉन्च से पहले, एक नए लीक से Pixel 11 Pro Fold की अब तक की सबसे साफ झलक मिली है, जिसमें एक नया ‘पाइन’ (Pine) कलर ऑप्शन भी शामिल है। हालांकि, Google ने इनमें से किसी भी जानकारी की पुष्टि नहीं की है, लेकिन लेटेस्ट रेंडर से कंपनी के अगले फोल्डेबल के लुक का अंदाजा लगाया जा सकता है।

Google Pixel 11 Pro Fold का नया पाइन कलर और डिजाइन

टेलीग्राम पर Mystic Leaks की तरफ से शेयर किए गए लेटेस्ट लीक में Pixel 11 Pro Fold को ‘पाइन’ (Pine) नाम के हल्के हरे रंग और लाइट गोल्ड फ्रेम के साथ दिखाया गया है। लीक के अनुसार, यही फिनिश Pixel 11 Pro और Pixel 11 Pro XL में भी मिल सकती है।

लीक हुए रेंडर्स से पता चलता है कि Google अपने पिछले फोल्डेबल फोन के डिजाइन को ही आगे बढ़ा रहा है, लेकिन इसमें कुछ छोटे बदलाव किए गए हैं। सबसे बड़ा बदलाव फोन के रियर कैमरा मॉड्यूल में देखने को मिल सकता है। पिछले मॉडल के मुकाबले अब LED फ्लैश को कैमरा सेंसर के साथ पिल शेप वाले कैमरा आइलैंड के अंदर रखा गया है।

लीक से यह भी पता चलता है कि Pixel 11 Pro Fold फोल्ड होने पर लगभग 10.1mm और अनफोल्ड होने पर सिर्फ 4.8mm मोटा हो सकता है, जिससे यह Pixel 10 Pro Fold से ज्यादा पतला होगा।

Google Pixel 11 Pro Fold के स्पेसिफिकेशन्स, कीमत और लॉन्च (अनुमानित)

रिपोर्ट्स के मुताबिक, आने वाले फोल्डेबल फोन में 6.4-इंच का OLED कवर डिस्प्ले और 8-इंच का LTPO AMOLED इनर डिस्प्ले हो सकता है, जिसका रिफ्रेश रेट 144Hz तक होगा। माना जा रहा है कि इस फोल्डेबल फोन में Google के अगले जनरेशन का Tensor G6 प्रोसेसर होगा, जिसे 2nm मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस से बनाया गया है। इसमें 16GB LPDDR5X RAM और 256GB से 1TB तक के स्टोरेज ऑप्शन मिलने की भी उम्मीद है।

कैमरे की बात करें तो, सुंदर पिचाई की अगुवाई वाली यह टेक कंपनी ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप बरकरार रख सकती है, जिसमें एक प्राइमरी सेंसर, एक अल्ट्रा-वाइड कैमरा और 5x ऑप्टिकल टेलीफोटो लेंस शामिल होंगे। अन्य अनुमानित फीचर्स में 4800mAh से 5100mAh के बीच की बैटरी, 30W वायर्ड चार्जिंग सपोर्ट, वायरलेस चार्जिंग, IP68 रेटिंग, Android 17 और बेहतर Gemini AI क्षमताएं शामिल हैं।

Google ने पहले ही कन्फर्म कर दिया है कि ‘Made by Google’ इवेंट 12 अगस्त को होगा, जिसमें Pixel 11, Pixel 11 Pro और Pixel 11 Pro XL के साथ Pixel 11 Pro Fold के भी लॉन्च होने की उम्मीद है। मौजूदा लीक्स के मुताबिक, भारत में फोल्डेबल की शुरुआती कीमत ₹1,69,999 हो सकती है, जबकि ज्यादा स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत लगभग ₹1,99,990 हो सकती है। हमेशा की तरह, पाठकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि ये जानकारी पूरी तरह से लीक्स और रिपोर्ट्स पर आधारित है।

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Tata Motors PV Share Price: टाटा की कंपनी पर मैक्वेरी बुलिश, टारगेट प्राइस बढ़ाया; जानिए कितनी तेजी आने की उम्मीद

Tata Motors PV Share Price: टाटा ग्रुप की ऑटो कंपनी Tata Motors Passenger Vehicles के शेयरों को लेकर विदेशी ब्रोकरेज Macquarie ने पॉजिटिव राय दी है। ब्रोकरेज ने सोमवार को शेयर की रेटिंग ‘Neutral’ से बढ़ाकर ‘Outperform’ कर दी। साथ ही टारगेट प्राइस ₹367 से बढ़ाकर ₹381 कर दिया है। मौजूदा स्तर के मुकाबले इसमें करीब 13% तक की तेजी की संभावना जताई गई है।

क्यों बढ़ी उम्मीद?

Macquarie का मानना है कि टाटा मोटर्स के लिए आने वाला समय बेहतर रह सकता है। कंपनी के नए SUV मॉडल्स लॉन्च होने वाले हैं, जिससे पैसेंजर व्हीकल कारोबार को फायदा मिल सकता है।

ब्रोकरेज का यह भी कहना है कि Jaguar Land Rover (JLR) का मार्जिन आने वाली तिमाहियों में धीरे-धीरे सुधर सकता है। इसके अलावा मौजूदा वैल्यूएशन भी आकर्षक है, जिससे शेयर में गिरावट का जोखिम सीमित दिखता है।

भारत के कारोबार से भी उम्मीद

Macquarie के मुताबिक, भारत में टाटा मोटर्स का पैसेंजर व्हीकल बिजनेस भी बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। नए मॉडल्स की वजह से कंपनी का मार्केट शेयर बढ़ने और कमाई में सुधार आने की उम्मीद है।

जून तिमाही में बढ़ा प्रोडक्शन

हाल ही में SIAM के आंकड़ों के मुताबिक, जून तिमाही में Punch और Nexon जैसे मॉडल्स का उत्पादन और घरेलू बिक्री बढ़ी है। इससे साफ है कि कंपनी की लोकप्रिय SUV की मांग बनी हुई है।

FY31 तक बड़े लक्ष्य

हाल ही में टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कंपनी की AGM में कहा था कि FY31 तक 6 नई कारें और 20 से ज्यादा प्रोडक्ट अपग्रेड लॉन्च किए जाएंगे।

कंपनी का लक्ष्य FY31 तक सालाना 12 लाख से ज्यादा गाड़ी बेचना है। इसके साथ ही 20% मार्केट शेयर और डबल डिजिट EBITDA मार्जिन हासिल करने का भी लक्ष्य रखा गया है।

एक्सपर्ट्स की क्या राय है?

Tata Motors Passenger Vehicles को कवर करने वाले 32 एनालिस्ट्स में से 13 ने Buy की रेटिंग दी है। वहीं 10 ने Hold और 9 ने Sell की रेटिंग दी है।

टाटा मोटर्स का शेयर सोमवार को 1.64% बढ़कर 343.50 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, 1 साल में स्टॉक 15.87% गिरा है।

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