Investment Mantra: जानिए 25% टूटने के बाद क्या अब है सोने में खरीदारी का मौका,अच्छे रिटर्न के लिए ग्लोबल इन्वेस्टिंग कितनी है जरूरी

Investment Mantra: अमेरिका-ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ गया है। दोनों के बीच लड़ाई जैसे ही बढ़ती है सोने की कीमतों में तेज गिरावट आती है। ऐसे में सोना रिकॉर्ड हाई से करीब 25% टूट चुका है। ऐसे में इतनी भारी गिरावट के बाद क्या सोने में निवेश का सही समय आ गया है? क्या आगे गोल्ड में फिर चमक लौटेगी? सिर्फ इतना ही नहीं पोर्टफोलियो की चमक बढ़ाने के लिए ग्लोबल इन्वेस्टिंग एक बड़ी थीम बनकर उभरी है। 2 साल की लगातार रैली के बाद क्या अब भी एक आम निवेशक ग्लोबल इन्वेस्टिंग की तरफ फोकस कर सकता है? इस सब सवालों के जबाव देनें के लिए हमारे साथ हैं ट्रुवांटा वेल्थ (Truvanta Wealth) के फाउंडर और CEO कीर्तन शाह

सोने में गिरावट के कारण

मार्च में कई सेंट्रल बैंकों ने करीब $30 bn का सोना बेचा है। तुर्की और रूस ने आगे बढ़कर सोना बेचा है। तुर्की ने अपनी गिरती करेंसी लीरा को संभालने के लिए सोना बेचा है। रूस ने यूक्रेन युद्ध खर्चों को पूरा करने के लिए सोना बेचा है। मार्च में कच्चा तेल महंगा होने से बॉन्ड यील्ड बढ़ीं हैं। यील्ड बढ़ने से फिक्स्ड इनकम निवेश की तरफ रुझान बढ़ा है। डॉलर इंडेक्स में मजबूती ने भी दबाव बनाया है। सोने की कीमत डॉलर में तय होती है,मजबूत डॉलर से इसकी मांग घटती है।

अब सोने पर नजरिया?

कीर्तन शाह ने कहा कि अब धीरे-धीरे सोने में निवेश बढ़ाने का समय है। ग्लोबल स्तर पर युद्धों में कमी आई है। करेंसी मैनेजमेंट और फंडिंग की जरूरतें घटेंगी। सेंट्रल बैंक फिर से अपने गोल्ड रिजर्व बढ़ाने पर ध्यान देंगे। डी-डॉलराइजेशन का ट्रेंड भी सोने के पक्ष में है। सेंट्रल बैंकों की बैलेंस शीट में सोने की हिस्सेदारी 20% से बढ़कर 27% हो गई है। डॉलर रिजर्व की हिस्सेदारी 25% से घटकर 23% हो गई है। अप्रैल से सेंट्रल बैंकों ने फिर से सोने की खरीद शुरू की है। चीन ने पिछले महीने 19 महीनों में सबसे ज्यादा सोना खरीदा है। वह लगातार 19 महीनों से सोने की खरीद कर रहा है। US में दरें उतनी नहीं बढ़ेंगी,जितनी बाजार को आशंका थी। जिन कारणों से सोना गिरा था वही अब आगे सोने की कीमतों को सहारा देंगे।

ग्लोबल इन्वेस्टिंग जरूरी है, क्या पोर्टफोलियो में हिस्सा होना चाहिए?

इस पर बात करते हुए कीर्तन शाह ने कहा कि पिछले दो सालों ने साफ किया है कि डायवर्सिफिकेशन के लिए ग्लोबल इन्वेस्टिंग बहुत जरूरी है। कई ऐसे निवेश थीम और अवसर हैं जो भारत में मौजूद नहीं हैं। इसलिए ग्लोबल इन्वेस्टिंग जरूरी हो जाती है। रुपये की सालाना लगभग 4% गिरावट भी इसका एक बड़ा कारण है।

ग्लोबल इन्वेस्टिंग जरूरी, क्या इस समय करें निवेश?

कीर्तन शाह ने कहा कि फिलहाल अभी हम ऐसा नहीं करेंगे। ग्लोबल बाजारों में पहले ही अच्छी तेजी आ चुकी है,सब भाव में है। ग्लोबल स्तर पर AI थीम की तेजी अब चुनिंदा शेयरों में ही है। अगर LLMs ( Large Language Models) शेयर देखें तो उनके सामने अब प्राइसिंग का दबाव है। टोकन प्राइस इंडेक्स 2.5 डॉलर प्रति मिलियम टोकन से घटकर 1.8 डॉलर पर आ गया है। चीन के ओपन-सोर्स मॉडल US कंपनियों पर भी दबाव बना रहे हैं।

तो अभी कहां करें निवेश?

कीर्तन शाह की राय है कि AI थीम में करेक्शन आया तो निवेशकों का रुख फिर से भारत की ओर होगा। भारतीय बाजारों में 2 साल से टाइम और वैल्यूएशन करेक्शन देखने को मिल रहा है। कई सेक्टर अब आकर्षक वैल्यूएशन पर दिखाई दे रहे हैं।

 

 

Trading Plan : बने रहें और गिरावट में खरीदारी के सौदे बढ़ाएं, दिन के हाई पर हो सकती है आज की क्लोजिंग

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

ये AI स्टार्टअप कर्मचारियों को दफ्तर के पास रहने के लिए दे रही 17 लाख का हाउसिंग स्टाइपेंड, 3 टाइम खाना, जिम-सॉना और न जाने क्या-क्या!

आज के समय में टेक कंपनियां अपने एम्प्लॉई को अट्रैक्ट करने के लिए कई तरह की फैसिलिटीज देती हैं, लेकिन न्यूयॉर्क की AI स्टार्टअप कंपनी रिला ने एक अलग पहल शुरू की है। कंपनी अपने एम्प्लॉई को ऑफिस के पास रहने के लिए लाखों रुपये का हाउसिंग स्टाइपेंड देती है। इसका मकसद एम्प्लॉई का आने-जाने का समय बचाना और उन्हें काम पर ज्यादा ध्यान फोकस करने में मदद करना है। हालांकि, इस सुविधा के साथ कंपनी का वर्क कल्चर भी काफी सख्त बताया जाता है:

एम्प्लॉई के रहने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करती है कंपनी

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न्यूयॉर्क की AI स्टार्टअप कंपनी रिला अपने एम्प्लॉई के हाउसिंग अलाउंस पर हर साल करीब 1.7 मिलियन डॉलर (लगभग 16-17 करोड़ रुपये) खर्च करती है। कंपनी के CEO सेबेस्टियन जिमेनेज़ का मानना है कि एम्प्लॉई को ऑफिस के करीब रहने से समय की बचत होती है और उनकी प्रोडक्टिविटी बेहतर हो सकती है। यह फैसिलिटी कंपनी की खास रणनीति का हिस्सा है, जिससे एम्प्लॉई अपने काम पर ज्यादा ध्यान दे सकें।

ऑफिस के पास रहने पर मिलता है ₹17 लाख से ज्यादा का स्टाइपेंड

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रिला कंपनी अपने एम्प्लॉई को सालाना करीब 18,000 डॉलर (लगभग 17 लाख रुपये) का हाउसिंग स्टाइपेंड देती है। यह लाभ उन एम्प्लॉई को मिलता है, जो ब्रुकलिन के विलियम्सबर्ग इलाके में कंपनी के ऑफिस से करीब 10 मिनट की बाइक दूरी के अंदर रहना पसंद करते हैं। विलियम्सबर्ग न्यूयॉर्क के सबसे पॉपुलर और एक्सपेंसिव एरिया में शामिल है, जहां स्टूडियो अपार्टमेंट का किराया लगभग 4,000 डॉलर प्रति महीने तक हो सकता है।

ज्यादातर एम्प्लॉई उठा रहे हैं इस सुविधा का लाभ

A row of colorful houses with a blue sky and trees in the background | Premium AI-generated image

रिला में करीब 120 एम्प्लॉई काम करते हैं, जिनमें से लगभग 80 प्रतिशत एम्प्लॉई इस अल्टरनेटिव हाउसिंग फैसिलिटी का यूज कर रहे हैं। इसी वजह से कंपनी का सालाना खर्च करीब 1.7 मिलियन डॉलर तक पहुंच जाता है। CEO के अनुसार, यह एम्प्लॉई को आराम देने के बजाय उनके काम करने के तरीके को बेहतर बनाने की कोशिश है।

आने-जाने का समय बचाना है कंपनी का प्राइमरी ऑब्जेक्टिव

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रिला के CEO सेबेस्टियन जिमेनेज़ का कहना है कि रोजाना ऑफिस आने-जाने में लगने वाला समय लोगों के दिन का सबसे स्ट्रेस्फुल बन जाता है। कंपनी चाहती है कि एम्प्लॉई लॉन्ग कम्युटेस में समय गंवाने के बजाय फैमिली के साथ समय बिताएं, किताब पढ़ें, एक्सरसाइज करें या कोई अच्छा काम कर सकें। इस तरह हाउसिंग अलाउंस को एम्प्लॉई की प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के तरीके के रूप में देखा जा रहा है।

हाउसिंग के अलावा भी मिलती हैं कई फैसिलिटीज

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रिला अपने एम्प्लॉई को हाउसिंग स्टाइपेंड के अलावा दिन में तीन बार खाने की सुविधा भी देती है। कंपनी एम्प्लॉई के लिए सॉना और कोल्ड प्लंज जैसी सुविधाओं वाली जिम भी तैयार कर रही है। हालांकि, इन सुविधाओं के साथ कंपनी का काम करने का माहौल काफी डिमांडिंग है। रिपोर्ट्स के अनुसार, एम्प्लॉई अक्सर हफ्ते में छह दिन और रोजाना करीब 12 घंटे काम करते हैं, यानी लगभग 72 घंटे प्रति सप्ताह। CEO ने कंपनी के कल्चर को “बेहद सख्त” बताया है, जहां ज्यादा परफॉरमेंस और हार्ड रोक पर जोर दिया जाता है।

CBSE Free online Courses 2026: 8वीं और 12वीं के छात्रों को सीबीएसई ने दिया फ्री कोर्स का तोहफा, ऑनलाइन सीख सकेंगे एआई और पाइथन

CBSE Free online Courses 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 8वीं से 12वीं कक्षा तक के छात्रों के लिए डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में नई पहल की गई है। बोर्ड ने राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (NIELIT) के साथ मिलकर 19 फ्री ऑनलाइन कोर्स शुरू किए हैं।

इन कोर्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), पायथन प्रोग्रामिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, जेनरेटिव AI, AWS DevSecOps, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग और VLSI डिजाइन जैसे हाई-डिमांड सब्जेक्ट्स की एक बड़ी रेंज शामिल है। कई कार्यक्रम इंग्लिश और हिंदी दोनों में उपलब्ध हैं, जिससे पढ़ाई की सामग्री ज्यादा छात्रों तक आसानी से पहुंच पाते हैं। बोर्ड के अनुसार, कोर्स का समय अलग-अलग होगा। कुछ शुरुआती मॉड्यूल लगभग 90 मिनट में पूरे किए जा सकते हैं, जबकि एडवांस्ड प्रोग्राम 100 घंटे से ज्यादा लंबे होते हैं, जिससे छात्र अपनी पसंद, सीखने के लक्ष्यों और उपलब्ध समय के आधार पर कोर्स चुन सकते हैं।

यह पहल छात्रों को बिना किसी खर्च के एडवांस्ड टेक्नोलॉजी कोर्स कराएगी, जिससे वे किसी भी जगह से अपनी स्पीड से ऑनलाइन पढ़ाई कर सकते हैं। सीबीएसई ने अपने सभी संबद्ध स्कूलों को भी इस कार्यक्रम और ज्यादा से ज्यादा छात्रों की भागीदारी को बढ़ावा देने का निर्देश दिया है। छात्र बिना किसी रजिस्ट्रेशन या कोर्स फीस के सीधे एनआईईएलआईटी डिजिटल यूनिवर्सिटी पोर्टल के जरिए इन पाठ्यक्रमों के लिए रजिस्टर कर सकते हैं। लचीले ऑनलाइन फॉर्मेट की मदद से छात्र अपने स्कूल की नियमित पढ़ाई के साथ-साथ कोर्स भी पूरा कर सकते हैं।

बोर्ड की यह पहल उसके डिजिटल लिटरेसी, कोडिंग और नई टेक्नोलॉजी को स्कूली शिक्षा में शामिल करने पर बढ़ते फोकस को दिखाती है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इंडस्ट्री से जुड़ी टेक्नोलॉजी से जल्दी परिचित होने से छात्रों को प्रैक्टिकल प्रॉब्लम-सॉल्विंग एबिलिटी, कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और इनोवेशन स्किल डेवलप करने में मदद मिल सकती है, साथ ही हायर एजुकेशन और इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, डेटा एनालिटिक्स और दूसरे डिजिटल डोमेन में करियर के लिए उनकी तैयारी भी मजबूत हो सकती है।

इन फ्री ऑनलाइन कोर्स को शुरू करके, सीबीएसई ने स्कूली शिक्षा को डिजिटल इकॉनमी और भारत के बढ़ते टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम की स्किल जरूरतों के साथ जोड़ने की दिशा में एक और कदम उठाया है।

CBSE 12th re-evaluation results: कर्नाटक के छात्र के री-इवैल्युएशन में बढ़े इतने नंबर कि सीईटी रैंक में 1.4 लाख से ज्यादा का हुआ सुधार, कई छात्रों को मिला गजब का फायदा

TCS Share Price: Q1 नतीजों के बाद निवेशकों ने बढ़ाई खरीद, ब्रोकरेज का पॉजिटिव नजरिया बरकरार; शेयर 4% तक चढ़ा

देश की सबसे बड़ी आईटी सर्विसेज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के शेयरों में 10 जुलाई को दिन में 4 प्रतिशत तक की बढ़त दिखी। बीएसई पर शेयर 2132 रुपये के हाई तक गया। कंपनी के अप्रैल-जून तिमाही के नतीजों और मैनेजमेंट की बातों से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। उम्मीद जगी है कि दूसरी तिमाही से मांग में धीरे-धीरे सुधार होगा, जिसके चलते ब्रोकरेज हाउस ने इस स्टॉक पर अपना पॉजिटिव नजरिया बरकरार रखा है। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में TCS का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 4.61 प्रतिशत बढ़कर 13,349 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू सालाना आधार पर करीब 14 प्रतिशत बढ़कर 72,275 करोड़ रुपये रहा।

जून तिमाही के लिए, TCS ने पिछली तिमाही के मुकाबले 0.4% की ‘कॉन्स्टेंट करेंसी’ रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की। AI से होने वाली कमाई (रेवेन्यू) तिमाही आधार पर 13.6% ज्यादा रहकर 2.6 अरब डॉलर पर पहुंच गई। अब कंपनी की कुल कमाई में AI का योगदान 8.5% है। TCS का ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन अप्रैल-जून तिमाही में 24 प्रतिशत रहा, जबकि पिछली तिमाही में यह 25.3 प्रतिशत था।

TCS के CEO और MD के. कृतिवासन ने कहा है कि भू-राजनीतिक और मैक्रोइकोनॉमिक मोर्चे पर प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद, जून तिमाही हमारी निरंतर वृद्धि की गति और रणनीतिक स्थिति की मजबूती को दर्शाती है। तिमाही के दौरान कंपनी ने कुल 9.5 अरब डॉलर के नए सौदे हासिल किए। कंपनी ने अपने एआई इकोसिस्टम का विस्तार करने के लिए एंथ्रोपिक और मिस्ट्रल के साथ रणनीतिक साझेदारी की है। जून तिमाही के दौरान कर्मचारियों की संख्या में 9,200 से अधिक की बढ़ोतरी हुई। इसके कारण 30 जून, 2026 तक कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 5,93,798 हो गई।

TCS शेयर: अब खरीदें, बेचें या करें होल्ड?

TCS के शेयर को 51 एनालिस्ट कवर करते हैं। इनमें से 33 ने स्टॉक पर “बाय” रेटिंग दी है, 12 ने “होल्ड” की सलाह दी है और 6 ने “सेल” रेटिंग दी है। तिमाही नतीजों के बाद JPMorgan ने TCS पर अपनी “ओवरवेट” रेटिंग बरकरार रखी है। प्राइस टारगेट ₹2,400 प्रति शेयर तय किया है। ब्रोकरेज का मानना है कि वित्तीय नतीजे उम्मीदों के मुताबिक रहे। मैनेजमेंट को साल की दूसरी छमाही यानि कि अक्टूबर 2026—मार्च 2027 में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है, लेकिन ब्रोकरेज को दूसरी तिमाही से ‘कॉन्स्टेंट करेंसी’ बेसिस पर रेवेन्यू सिर्फ 1% बढ़ने का अनुमान है।

JPMorgan ने कहा कि वित्त वर्ष 2026 में मजबूत स्थिति के कारण TCS के लिए साल-दर-साल आधार पर 2.5% से 3% की ‘कॉन्स्टेंट करेंसी’ ग्रोथ हासिल करना मुश्किल नहीं है। कम बेस के कारण यह अपने कॉम्पिटीटर्स, जैसे इंफोसिस और HCLTech के बराबर प्रदर्शन कर सकती है। स्टॉक में वैल्यू नजर आती है।

मोतीलाल ओसवाल, मॉर्गन स्टेनली की क्या सलाह

ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने TCS के लिए ₹2,350 के प्राइस टारगेट के साथ अपनी “बाय” रेटिंग बरकरार रखी है। फर्म ने अपने नोट में कहा कि हालांकि मैनेजमेंट की शॉर्ट-टर्म कमेंट्री उनकी उम्मीद से बेहतर है, लेकिन लॉन्ग-टर्म अनिश्चितताएं अभी भी बनी हुई हैं। उम्मीद है कि दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) बेहतर होगी, लेकिन डिमांड में सुधार के सबूत बहुत कम हैं। मोतीलाल ओसवाल ने वित्त वर्ष 2027 और 2028 के लिए TCS की ऑर्गेनिक कॉन्स्टेंट करेंसी ग्रोथ क्रमशः 2.5% और 3.2% रहने का अनुमान जताया है।

मॉर्गन स्टेनली ने TCS के स्टॉक पर “इक्वल-वेट” रेटिंग और ₹2,200 का प्राइस टारगेट बनाए रखा है। ब्रोकरेज का मानना है कि दूसरी तिमाही के लिए उम्मीद से बेहतर आउटलुक से कुछ चिंताएं कम होनी चाहिए। कंपनी के EBIT मार्जिन में गिरावट देखी जा सकती है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : 10 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में मजबूत शुरुआत होने की उम्मीद है। शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी 24,099.50 के आसपास बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा था। यह बाजार के लिए एक अच्छा संकेत है। करेंसी और इक्विटी बाजारों में आज क्या हो रहा है यह जानने के लिए मनीकंट्रोल के साथ बने रहें। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

पिछले सेशन में बड़ी गिरावट के बाद,9 जुलाई को बेंचमार्क इंडेक्स में जबरदस्त रिकवरी देखी गई। ऑटो और IT शेयरों को छोड़कर,सभी सेक्टर में हुई व्यापक खरीदारी से बाजार में यह तेजी आई। कल बाजार मजबूती के साथ खुला और पूरे सेशन के दौरान बढ़त बनाए रखी। निफ्टी 50 इंट्राडे में 24,134.70 के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया। हालांकि,सेशन के दूसरे हिस्से में प्रॉफिट बुकिंग की वजह से दिन भर की अधिकांश बढ़त कम हो गई,फिर भी बेंचमार्क इंडेक्स पॉजिटिव जोन में ही बंद हुए।

कारोबार के अंत में सेंसेक्स 238.22 अंक या 0.31 प्रतिशत बढ़कर 76,741.82 पर और निफ्टी 80.75 अंक या 0.34 प्रतिशत बढ़कर 23,962.80 पर बंद हुआ।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 08:25 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 147 अंक यानी 0.61 फीसदी की बढ़त के साथ 24,135 के आसपास कारोबार कर रहा था। ये सेंसेक्स-निफ्टी के लिए अच्छा संकेत है।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में चौतरफा तेजी देखने को मिल रही है। जापान के निक्केई में 2.12 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है। स्ट्रेट टाइम्स भी 0.45 फीसदी की बढ़त दिखा रहा है। हैंग सेंग में 1.54 फीसदी की तेजी दिख रही है। कोस्पी तो करीब 4.5 फीसदी भाग गया है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.59 फीसदी की बढ़त नजर आ रही है।

अमेरिकी बाजार

गुरुवार को नैस्डैक में जबरदस्त तेजी रही। S&P 500 में 0.81% की बढ़त हुई और यह 7,543.66 पॉइंट्स पर बंद हुआ। नैस्डैक 1.30% बढ़कर 26,206.89 पॉइंट्स पर पहुंचा,जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.27% बढ़कर 52,487.41 पॉइंट्स पर बंद हुआ।

डॉलर इंडेक्स

कल की थोड़ी गिरावट के बाद,एशियाई कारोबार में US डॉलर इंडेक्स 101 के स्तर के आस-पास बना हुआ है। फिलहाल US डॉलर इंडेक्स 100.83 पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में 10-साल और 2-साल के ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड में बहुत कम बदलाव हुआ और ये क्रमशः 4.55% और 4.16% पर दिख रहे हैं।

Market cues : शॉर्ट टर्म में मार्केट में उतार-चढ़ाव बने रहने की उम्मीद, 24200–24300 के ऊपर टिकने पर ही निफ्टी में तेजी मुमकिन

एशियन करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई करेंसी में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है। जापानी येन सबसे मजबूत है और इसमें 0.284% की बढ़त हुई है। चीनी रेनमिनबी भी 0.199% मजबूत हुई है। इसके बाद मलेशियन रिंगित (0.187%),फिलीपीन पेसो (0.12%),थाई बहत (0.105%) और सिंगापुर डॉलर (0.085%) का नंबर है। दूसरी ओर इंडोनेशियाई रुपिया में सबसे ज्यादा गिरावट आई है। यह 0.629% गिर गया है। जबकि ताइवान डॉलर में 0.45% की गिरावट आई है। दक्षिण कोरियाई वॉन में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है और यह 0.082% नीचे आया है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

विदेशी संस्थागत निवेशकों(FIIs)ने लगातार चार दिनों से जारी खरीदारी का सिलसिला तोड़ दिया और वे नेट सेलर बन गए। उन्होंने 9 जुलाई को 532 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार दूसरे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और 2,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर खरीदे।

अनुमान पर खरे TCS के नतीजे

TCS नतीजों के साथ रिजल्ट सीजन का आगाज हो गया है। TCS के Q1 नतीजे उम्मीद पर खरे उतरे हैं। तिमाही आधार पर कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू 0.4% बढ़ी है, हालांकि मार्जिन पर दबाव दिखा है। ऑर्डर बुक 9.5 अरब डॉलर के मजबूत स्तर पर रही है। AI से होने वाली कंपनी की कमाई करीब 14% बढ़कर 2.5 अरब डॉलर के पार रही है।

अपोलो माइक्रो सिस्टम्स की बड़ी डील

PREMIER EXPLOSIVES में अपोलो माइक्रो सिस्टम्स 1550 करोड़ रुपए में करीब 41% हिस्सेदारी खरीदेगी। 26% हिस्से के लिए 698 रुपए प्रति शेयर के भाव पर ओपन ऑफर का भी एलान किया गया है। PREMIER EXPLOSIVES का कंट्रोल अपोलो माइक्रो सिस्टम्स के हाथों में होगा।

डिक्सन और Vivo की JV को सरकार से मंजूरी

डिक्सन टेक स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बनाने के लिए Vivo मोबाइल इंडिया के साथ JV करेगी। इसके लिए सरकार से मंजूरी मिल गई है। इस JV में डिक्सन की 51% और Vivo मोबाइल इंडिया की 49% हिस्सेदारी होगी।

Semaglutide पर DRL मैनेजमेंट की सफाई

डाइबिटीज और वजन कम करने की दवा Semaglutide की क्वालिटी इश्यू पर DRL मैनेजमेंट की सफाई में कहा गया है कि API की वजह से कुछ बैचेज में दिक्कत हुई। ओरल टैबलेट्स पर असर नहीं पड़ा है। अक्टूबर अंत या नवंबर की शुरुआत तक Semaglutide की सेल्स दोबारा शुरू होने की उम्मीद है। इस दवा की सेल्स घटने से कनाडा के कारोबार पर असर संभव है।

आज आएंगे इंडियन बैंक,LTF के नतीजे

आज वायदा में शामिल इंडियन बैंक और L&T फाइनेंस के Q1 नतीजे आएंगे। LTF की ब्याज से होने वाली 24% बढ़ सकती है। हालांकि मार्जिन पर हल्का दबाव संभव है। वहीं इंडियन बैंक के प्रॉफिट में 10% तो NII में 16% का उछाल मुमकिन है।

 

‘AI से TCS में नौकरियां नहीं जाएंगी’, CEO बोले- बस बदल जाएगा काम का तरीका

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर के कृतिवासन का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की वजह से कंपनी में कर्मचारियों की संख्या कम नहीं होगी। उन्होंने कहा कि TCS आगे भी भर्ती जारी रखेगी। हालांकि, कर्मचारियों को नए AI स्किल्स सीखने होंगे।

यह बयान इंजीनियरिंग छात्रों और नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए राहत की खबर माना जा रहा है। इससे पहले TCS के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने संकेत दिए थे कि कंपनी भर्ती को लेकर पहले से ज्यादा चयनात्मक होगी।

AI खत्म नहीं करेगा नौकरियां

Q1 FY27 के नतीजों के बाद हुई कॉन्फ्रेंस कॉल में कृतिवासन ने कहा कि AI की वजह से कर्मचारियों का काम जरूर बदलेगा, लेकिन नौकरियां खत्म नहीं होंगी।

उन्होंने कहा कि पारंपरिक सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और कोडिंग के साथ अब प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, AI मॉडल की ट्रेनिंग, मॉडल टेस्टिंग और लाइफ-साइकिल मैनेजमेंट जैसे नए रोल तेजी से बढ़ेंगे। इन क्षेत्रों में नए मौके बनेंगे।

उन्होंने कहा कि कंपनी जरूरत के मुताबिक लगातार टैलेंट हायर करेगी। उनका मानना है कि AI से व्हाइट-कॉलर नौकरियों में बहुत बड़ी कटौती नहीं होगी।

भर्ती में दिखी तेजी

कृतिवासन का बयान ऐसे समय आया है, जब TCS ने जून तिमाही में चार साल की सबसे बड़ी भर्ती की है। कंपनी ने अप्रैल-जून तिमाही में 9,279 कर्मचारियों की नेट हायरिंग की। इसके बाद कुल कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 5,93,798 हो गई।

कंपनी ने इस तिमाही में देश के प्रमुख संस्थानों से 14,000 फ्रेशर्स को भी शामिल किया।

तिमाही नतीजे कैसे रहे?

TCS का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पहली तिमाही में 2.7% घटकर 13,349 करोड़ रुपये रहा। यह बाजार के अनुमान से थोड़ा कम था। कंपनी ने बताया कि एक कानूनी मामले के 668 करोड़ रुपये के एकमुश्त सेटलमेंट का असर मुनाफे पर पड़ा।

हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू 72,275 करोड़ रुपये रहा, जो बाजार के अनुमान से बेहतर था। एकमुश्त खर्चों को छोड़ दें तो कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 8.5% बढ़कर 13,849 करोड़ रुपये रहा। वहीं, रेवेन्यू में सालाना आधार पर 13.9% और तिमाही आधार पर 2.2% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

Stcoks to Watch: शुक्रवार 10 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 13 स्टॉक्स, दिख सकता है तगड़ा एक्शन

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

करोड़ों की नौकरी को कहा ना! Meta का पैकेज भी नहीं डिगा सका IIT बॉम्बे के इस इंजीनियर का इरादा, जानिए क्यों

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में बड़ी टेक कंपनियां टैलेंट को अपने साथ जोड़ने के लिए करोड़ों रुपये के पैकेज दे रही हैं। लेकिन कुछ लोग अच्छी खासी सैलरी छोड़कर अपना सपना पूरा करने का रास्ता चुनते हैं। ऐसा ही एक मामला आईआईटी बॉम्बे से पढ़े AI रिसर्चर ऋषभ अग्रवाल का सामने आया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट वायरल हुई, जिसमें दावा किया गया कि उन्होंने मेटा की सुपरइंटेलिजेंस लैब्स से मिले 10 लाख डॉलर (करीब 9.5 करोड़ रुपये) के नौकरी के ऑफर को ठुकरा दिया।

पोस्ट के मुताबिक, ऋषभ ने यह बड़ा ऑफर इसलिए स्वीकार नहीं किया क्योंकि वह अपना खुद का AI स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं। यह खबर तेजी से सोशल मीडिया पर फैल गई और लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई। हालांकि, बाद में खुद ऋषभ अग्रवाल ने इस दावे पर सफाई दी। उनके बयान के बाद इस पूरी कहानी ने नया मोड़ ले लिया और कई लोग हैरान रह गए।

IIT बॉम्बे के AI रिसर्चर ने ठुकराया करोड़ों का ऑफर

यह पूरा मामला तब चर्चा में आया, जब X पर एक यूज़र विकास ऑलवेज ने ऋषभ अग्रवाल को लेकर एक पोस्ट शेयर की। पोस्ट में उनके आईआईटी बॉम्बे से लेकर दुनिया की बड़ी AI कंपनियों तक के सफर का जिक्र किया गया। पोस्ट में दावा किया गया कि ऋषभ अग्रवाल ने जेईई परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 33 हासिल की थी और इसके बाद आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया। आगे चलकर उन्होंने गूगल ब्रेन, डीपमाइंड और वेमो जैसी दुनिया की प्रमुख AI कंपनियों में काम किया।

पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि मेटा के प्रमुख मार्क जुकरबर्ग ने उन्हें करीब 10 लाख डॉलर (लगभग 9.5 करोड़ रुपये) का नौकरी का ऑफर दिया था, लेकिन उन्होंने उसे स्वीकार करने के बजाय ठुकरा दिया। यही दावा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

AI की दुनिया में बड़ी पहचान, अब बना रहे हैं अपना स्टार्टअप

वायरल पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि ऋषभ अग्रवाल AI की दुनिया का एक बड़ा नाम हैं। पोस्ट के अनुसार, वह इस समय पीरियॉडिक लैब्स (Periodic Labs) नाम की नई पीढ़ी की AI कंपनी तैयार कर रहे हैं। पोस्ट में लिखा गया कि भले ही आम लोग उन्हें ज्यादा न जानते हों, लेकिन AI क्षेत्र में उनकी अच्छी पहचान है। इसकी वजह यह बताई गई कि उन्होंने दुनिया की कई प्रमुख AI कंपनियों और रिसर्च लैब्स में काम किया है। इनमें गूगल ब्रेन, डीपमाइंड, वेमो और मेटा सुपरइंटेलिजेंस लैब्स जैसी संस्थाएं शामिल हैं।

करोड़ों का ऑफर छोड़कर अपने स्टार्टअप से जुड़े

वायरल पोस्ट में दावा किया गया कि ऋषभ अग्रवाल ने मेटा में करीब पांच महीने काम करने के बाद मिले करीब 9.5 करोड़ रुपये सालाना के नौकरी के ऑफर को ठुकरा दिया। इसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी और पीरियॉडिक लैब्स (Periodic Labs) में सह-संस्थापक (को-फाउंडर) के रूप में जुड़ गए। पोस्ट के अनुसार, पीरियॉडिक लैब्स अगली पीढ़ी की AI तकनीक पर काम कर रही है। इस स्टार्टअप को एनवीडिया (NVIDIA) और जेफ बेजोस का समर्थन भी मिला हुआ है।

बताया गया है कि कंपनी ऐसा AI वैज्ञानिक (AI Scientist) तैयार कर रही है, जो नई सामग्री, नई दवाओं और यहां तक कि भौतिक विज्ञान से जुड़ी नई खोजों के लिए वास्तविक दुनिया के प्रयोगों के आधार पर नए विचार और परिकल्पनाएं तैयार करने में मदद कर सके।

वायरल पोस्ट पर खुद ऋषभ अग्रवाल ने दी सफाई

यह पोस्ट देखते ही देखते X पर तेजी से वायरल हो गई। कई लोगों ने करोड़ों रुपये की नौकरी छोड़कर अपना स्टार्टअप शुरू करने के फैसले के लिए ऋषभ अग्रवाल की जमकर तारीफ की। जब यह चर्चा बढ़ने लगी, तो ऋषभ अग्रवाल ने खुद इस पोस्ट पर जवाब दिया। उन्होंने लोगों के समर्थन के लिए धन्यवाद दिया, लेकिन साथ ही एक अहम बात भी साफ कर दी। उन्होंने कहा कि मेटा की ओर से मिला ऑफर 10 लाख डॉलर (करीब 9.5 करोड़ रुपये) से भी कहीं बड़ा था। हालांकि, ऋषभ ने ऑफर की वास्तविक रकम का खुलासा नहीं किया। लेकिन उनके बयान से इतना जरूर साफ हो गया कि वायरल पोस्ट में बताई गई राशि से कहीं ज्यादा बड़ा पैकेज उन्हें दिया गया था।

TCS Hiring: टीसीएस ने 9279 नई हायरिंग की, कर्मचारियों की संख्या 5.93 लाख के पार

TCS Hiring: देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने अप्रैल-जून तिमाही में 9,279 कर्मचारियों की शुद्ध भर्ती की है। इसके साथ ही 30 जून 2026 तक कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 5,93,798 हो गई।

यह पिछले एक साल से ज्यादा समय में TCS की सबसे बड़ी तिमाही भर्ती है। इससे पहले जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी ने 2,356 कर्मचारियों की नेट हायरिंग की थी।

यह बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है, जब पिछले वित्त वर्ष के दौरान कंपनी ने वर्कफोर्स ऑप्टिमाइजेशन के तहत कर्मचारियों की संख्या में कटौती की थी। अब ताजा आंकड़े बताते हैं कि कंपनी फिर से भर्ती बढ़ा रही है।

कारोबार सुस्त, फिर भी भर्ती जारी

डॉलर के लिहाज से कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ लगभग स्थिर रही। इसके बावजूद TCS ने टैलेंट में निवेश जारी रखा। जून तिमाही के अंत तक कंपनी के पास 9.5 अरब डॉलर का ऑर्डर बुक (TCV) था। वहीं, कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर रेवेन्यू में 0.4% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

एट्रिशन में मामूली सुधार

आईटी सर्विसेज में पिछले 12 महीनों का एट्रिशन रेट 13.6% रहा, जो पिछली तिमाही के 13.7% से थोड़ा कम है।

तिमाही के दौरान कर्मचारियों ने 1.46 करोड़ लर्निंग आवर्स पूरे किए और 13 लाख नई स्किल्स (Competencies) हासिल कीं। कंपनी ने बताया कि अब 3.12 लाख से ज्यादा कर्मचारी AI और मशीन लर्निंग में बेहतर एफिशिएंसी हासिल कर चुके हैं।

HR प्रमुख ने क्या कहा?

TCS के चीफ HR ऑफिसर सुदीप कुन्नुमल ने कहा कि इस तिमाही में कंपनी ने दुनियाभर के कर्मचारियों के लिए सालाना वेतन वृद्धि लागू की है। साथ ही भारत के नए लेबर कोड के अनुरूप सैलरी स्ट्रक्चर में भी बदलाव किया गया है।

उन्होंने कहा कि कंपनी AI इंफ्रास्ट्रक्चर और नई स्किल डेवलपमेंट प्लेटफॉर्म में लगातार निवेश कर रही है, ताकि कर्मचारी भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार रहें।

तिमाही नतीजे भी आए

TCS ने पहली तिमाही में 13,349 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो बाजार के अनुमान से थोड़ा कम रहा। वहीं, 72,275 करोड़ रुपये का रेवेन्यू अनुमान से बेहतर रहा। कंपनी ने 12 रुपये प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है।

TCS Q1 Results: टाटा ग्रुप की आईटी कंपनी को ₹13349 करोड़ का मुनाफा, डिविडेंड का ऐलान

मेलबर्न में PM मोदी ने किया भारत के GenZ का खास जिक्र, उनके बारे में इंडियन डायस्पोरा को ये अलग ही बात बता गए

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडोनेशिया के बाद अब अपने दो दिन के दौरे पर ऑस्ट्रेलिया में हैं। वहीं इस दौरे के पहले दिन पीएम मोदी ने मेलबर्न मीट्स मोदी प्रोग्राम में 30 हजार भारतीयों को संबोधित किया। उन्होंने कहा- मैं 12 साल में तीसरी बार ऑस्ट्रेलिया आया हूं, यानी कि मेरी हैट्रिक हो गई है। मेरे आने और ऑस्ट्रेलिया-इंडिया के रिश्तों में सबसे बड़ी भूमिका आप लोगों की है। ये शो हाउसफुल है।

PM मोदी ने किया भारत के GenZ का खास जिक्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रवासी भारतीयों के भव्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारत के बदलते वैश्विक स्वरूप और विकसित राष्ट्र बनने के संकल्प का संदेश दिया। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने Gen Z जनरेशन का भी जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि, भारत में आज कल भजन क्लबिंग का नया ट्रेंड चल रहा है, इसको हमारी Gen Z ड्राइव कर रही है और यहां ऑस्ट्रेलिया में मैंने सुना है कि आपका वीकेंड आस्था और आध्यात्म से भरा रहता है। कहीं किसी के घर भगवान सत्यनारायण की कथा, कहीं गुरुद्वारे में अरदास, कहीं बच्चों द्वारा भांगडा या भरतनाट्यम की प्रस्तुति, कहीं कोई क्रिकेट टूर्नामेंट चल रहा होता है।

भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए ये समझौते 

इससे पहले भारत और ऑस्ट्रेलिया ने गुरुवार को ऊर्जा सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के साथ ऑस्ट्रेलिया से भारत को शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए यूरेनियम के आयात का रास्ता साफ हो गया है। दोनों देशों के बीच कुल 18 समझौते किए गए हैं। पीएम मोदी ने कहा- ऑस्ट्रेलिया से भारत को यूरेनियम मिलने से भारत के स्वच्छ ऊर्जा मिशन को मजबूती मिलेगी। भारत और ऑस्ट्रेलिया मिलकर क्रिटिकल मिनरल्स कॉरिडोर भी विकसित करेंगे। कोकोस (कीलिंग) द्वीप पर स्पेस ट्रैकिंग टर्मिनल बनाया जाएगा, जिससे भारत के गगनयान मिशन को मदद मिलेगी।

पीएम ने कहा, भारत और ऑस्ट्रेलिया का रिश्ता क्रिकेट जैसा है। हमारी मुलाकातें क्रिकेट की तरह होती हैं। एजेंडे में वनडे जैसा फोकस है, फैसले टी-20 की तरह तेजी से होते हैं और हमारी साझेदारी टेस्ट मैच की तरह लंबी और मजबूत है।

बता दें कि, दोनों देशों ने ऑस्ट्रेलिया-भारत साइबर, क्रिटिकल टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन (PACTS) पार्टनरशिप शुरू करने पर सहमति जताई है। इसके तहत दोनों देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल रेजिलिएंस जैसे क्षेत्रों में एकसाथ रिसर्च करेंगे।

Stocks to Watch: 9 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 16 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

Stocks to Watch: गुरुवार, 9 जुलाई के कारोबार में कई शेयर खबरों के दम पर एक्शन में रह सकते हैं। कहीं बड़ी साझेदारी हुई है, तो कहीं तिमाही नतीजे, बिक्री के आंकड़े, नए ऑर्डर और मैनेजमेंट से जुड़े अपडेट आए हैं। वहीं, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर भी कुछ सेक्टरों पर देखने को मिल सकता है। ऐसे में इन 16 शेयरों पर निवेशकों की खास नजर रहेगी।

TVS Motor

ऑटो कंपनी TVS Motor Company Ltd ने सरकारी तेल कंपनी Indian Oil Corporation (IOC) के साथ रणनीतिक साझेदारी की है। दोनों कंपनियां देशभर में LPG सिलेंडर की लास्ट-माइल डिलीवरी को मजबूत करेंगी। इसके लिए टिकाऊ कमर्शियल मोबिलिटी सॉल्यूशंस का इस्तेमाल किया जाएगा।

NALCO

सरकारी एल्युमीनियम कंपनी NALCO ने सरकारी कंपनी NLC India Ltd के साथ जॉइंट वेंचर एग्रीमेंट किया है। दोनों मिलकर ओडिशा के अंगुल में 1,080 मेगावाट (4×270 MW) का कैप्टिव थर्मल पावर प्लांट बनाएंगे।

Oil Marketing Companies

सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के शेयरों पर नजर रहेगी। इसकी वजह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान पर फिर हमला कर सकता है। इससे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल की आशंका है।

Mahindra & Mahindra

ऑटो कंपनी Mahindra & Mahindra ने अपने गाड़ियों की कीमतें बढ़ाने का ऐलान किया है। कंपनी 10 जुलाई 2026 से SUV पोर्टफोलियो की कीमतों में औसतन 2.7% और कमर्शियल व्हीकल रेंज में 2% की बढ़ोतरी करेगी।

Tata Consultancy Services

टाटा ग्रुप की आईटी कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) 9 जुलाई को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी करेगी। निवेशकों की नजर कंपनी की कमाई और मैनेजमेंट की गाइडेंस पर रहेगी।

Phoenix Mills

रियल एस्टेट कंपनी Phoenix Mills ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मजबूत ऑपरेशनल प्रदर्शन दर्ज किया। कंपनी के मौजूदा मॉल पोर्टफोलियो में रिटेल कंजम्प्शन सालाना आधार पर 32% बढ़कर 4,727 करोड़ रुपये पहुंच गया। बेहतर ग्राहक मांग, प्रीमियम स्टोर्स और टेनेंट मिक्स में सुधार से कंपनी की ज्यादातर प्रॉपर्टीज में डबल डिजिट ग्रोथ दर्ज हुई।

SBI

सरकारी बैंक State Bank of India (SBI) ने अपनी FCNR(B) डिपॉजिट स्कीम के जरिए सिर्फ एक महीने में 1.5 अरब डॉलर (करीब 12,500 करोड़ रुपये) जुटा लिए हैं। बैंक NRI ग्राहकों को 5.25% से 6% तक ब्याज दे रहा है। साथ ही जमा राशि के आधार पर 9 गुना तक लोन की सुविधा भी दे रहा है।

Axis Bank

प्राइवेट बैंक Axis Bank के नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन एन. एस. विश्वनाथन की दोबारा नियुक्ति को RBI ने मंजूरी दे दी है। उनका नया कार्यकाल 27 अक्टूबर 2026 से 26 अक्टूबर 2029 तक रहेगा। अब इस प्रस्ताव पर 31 जुलाई की AGM में शेयरधारकों की मंजूरी ली जाएगी।

Canara Bank

सरकारी बैंक Canara Bank के डिजिटल बैंकिंग विंग के चीफ जनरल मैनेजर महेश एम. पाई ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने बैंकिंग सेक्टर में बेहतर अवसर मिलने का हवाला दिया है। उनका इस्तीफा सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद प्रभावी होगा।

SML Isuzu

कमर्शियल व्हीकल कंपनी SML Isuzu की जून बिक्री सालाना आधार पर 5% बढ़कर 1,896 यूनिट रही। कंपनी का प्रोडक्शन भी बढ़ा है। हालांकि, एक्सपोर्ट 64 यूनिट से घटकर 34 यूनिट रह गया।

Graphite India

ग्रेफाइट उत्पाद बनाने वाली कंपनी Graphite India ने जर्मनी में अपना कारोबार बंद करने का फैसला किया है। कंपनी ने रूस-यूक्रेन युद्ध से बने मुश्किल हालात का हवाला दिया है। जर्मनी का यह कारोबार करीब 105 करोड़ रुपये के सालाना टर्नओवर का है।

S H Kelkar

फ्लेवर और फ्रेगरेंस कंपनी S H Kelkar का पहली तिमाही में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 13.7% बढ़कर 660 करोड़ रुपये पहुंच गया। हालांकि, कंपनी का नेट डेट बढ़कर 864 करोड़ रुपये हो गया है। कंपनी का कहना है कि यह बढ़ोतरी विस्तार और क्षमता बढ़ाने के लिए किए गए निवेश की वजह से हुई है।

IRB Infrastructure Developers

इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी IRB Infrastructure Developers Ltd की टोल कलेक्शन में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज हुई है। जून 2026 में कंपनी का ग्रॉस टोल कलेक्शन 28% बढ़कर 808 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल इसी महीने यह 631 करोड़ रुपये था।

Aditya Infotech

वीडियो सिक्योरिटी और सर्विलांस प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनी Aditya Infotech Ltd के खिलाफ मध्यस्थता (Arbitration) की प्रक्रिया शुरू हुई है। Avathon Inc. और SparkCognition India Pvt. Ltd. ने न्यूयॉर्क स्थित International Chamber of Commerce (ICC) में कंपनी के खिलाफ मामला दायर किया है।

Crompton Greaves Consumer Electricals

इलेक्ट्रिकल कंपनी Crompton Greaves Consumer Electricals Ltd को नया ऑर्डर मिला है। MSEDCL ने मौजूदा रेट कॉन्ट्रैक्ट के तहत अतिरिक्त आवंटन किया है। इससे ऑर्डर की कुल वैल्यू बढ़कर 64.99 करोड़ रुपये (GST छोड़कर) हो गई है।

HFCL

टेलीकॉम और नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी HFCL Ltd ने अपने इंटीग्रेटेड ऑप्टिकल कनेक्टिविटी पोर्टफोलियो के लिए नया ब्रांड लॉन्च किया है। कंपनी ने इसका नाम OptiQ AI रखा है। यह अब उसके पूरे ऑप्टिकल कनेक्टिविटी बिजनेस की यूनिफाइड ब्रांड पहचान होगी।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।