GIFT Nifty दे रहा सेंसेक्स-निफ्टी के फ्लैट शुरुआत के संकेत, एशिया बाजार में मिलाजुला कारोबार

GIFT Nifty ने सोमवार को इंडियन बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के लिए धीमी शुरुआत का संकेत दिया, भले ही ग्लोबल संकेत काफी पॉजिटिव थे, क्योंकि इन्वेस्टर्स ने घरेलू इक्विटी में हालिया रैली के मुकाबले क्रूड ऑयल की घटती कीमतों, रिस्क सेंटिमेंट में सुधार और ग्लोबल अर्निंग्स सीजन की उम्मीद के बीच बैलेंस बनाया। OPEC+ के प्रोडक्शन बढ़ाने के फैसले और मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल टेंशन कम होने के बाद ऑयल की कम कीमतों ने मार्केट के लिए सपोर्टिव बैकग्राउंड बनाए रखा।

GIFT Nifty सुबह करीब 8.30 बजे 24,327.50 पर ट्रेड कर रहा था, जो पिछले निफ्टी क्लोज से 27.00 पॉइंट या 0.11 परसेंट नीचे था, जिससे पता चलता है कि शुक्रवार को लगातार तीसरे सेशन में बढ़त के बाद सेंसेक्स और निफ्टी थोड़ी कम खुल सकते हैं।

IT, फार्मा, मेटल और रियल्टी स्टॉक्स में बड़े पैमाने पर खरीदारी से सपोर्टेड, इंडियन बेंचमार्क इंडेक्स ने शुक्रवार को अपनी जीत का सिलसिला जारी रखा। सेंसेक्स 261.79 पॉइंट्स या 0.34 परसेंट बढ़कर 77,763.91 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 95.15 पॉइंट्स या 0.39 परसेंट बढ़कर 24,270.85 पर बंद हुआ।

एशियाई मार्केट में मजबूती, कमाई की उम्मीद से माहौल बेहतर हुआ

सोमवार को एशियाई इक्विटीज़ में ज़्यादातर बढ़त रही क्योंकि इन्वेस्टर्स ग्लोबल कमाई के सीज़न की शुरुआत पर ध्यान दे रहे थे, जबकि US लेबर मार्केट के नरम डेटा ने जल्द ही फेडरल रिजर्व रेट में बढ़ोतरी को लेकर चिंताओं को कम किया।

जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स 0.4 परसेंट बढ़ा। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स की तिमाही कमाई से पहले साउथ कोरिया के कोस्पी में 2 परसेंट से ज़्यादा की बढ़त हुई, एनालिस्ट्स को AI से जुड़ी मेमोरी चिप की मज़बूत डिमांड से मुनाफ़े में तेज़ उछाल की उम्मीद थी। पिछले हफ़्ते की मज़बूत बढ़त के बाद जापान का निक्केई थोड़ा गिरा।

स्वतंत्रता दिवस की छुट्टी के कारण शुक्रवार को US मार्केट बंद रहे। हालांकि, एशियाई घंटों में US फ्यूचर्स में बढ़त हुई, जिसमें S&P 500 फ्यूचर्स 0.5 परसेंट और नैस्डैक फ्यूचर्स 1.4 परसेंट बढ़े, जो कॉर्पोरेट अर्निंग्स और टेक्नोलॉजी स्टॉक्स को लेकर उम्मीद दिखाता है।

OPEC+ के आउटपुट में बढ़ोतरी से क्रूड पर दबाव बना हुआ है

OPEC+ के अगस्त से प्रोडक्शन टारगेट फिर से बढ़ाने पर सहमत होने के बाद तेल की कीमतें कम हुईं, जिससे ग्लोबल सप्लाई में सुधार की उम्मीदें बढ़ गईं। ब्रेंट क्रूड लगभग 0.6 परसेंट गिरकर $71.7 प्रति बैरल के करीब आ गया, जो चार महीने के सबसे निचले स्तर के करीब है, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड लगभग $68.4 प्रति बैरल के करीब ट्रेड कर रहा था। होर्मुज स्ट्रेट के ज़रिए शिपमेंट में रिकवरी और जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने से भी एनर्जी की कीमतों को कम रखने में मदद मिली है।

इस बीच, उम्मीद से कम US पेरोल डेटा ने US फेडरल रिजर्व द्वारा रेट में बढ़ोतरी की उम्मीदों को कम कर दिया, जिसके बाद सोना दो हफ़्ते के हाई के पास बना रहा।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि US-ईरान के सुधरते हालात और होर्मुज स्ट्रेट से बिना रुकावट शिपिंग से एनर्जी सप्लाई में रुकावट की चिंता कम हुई है, जबकि OPEC+ के प्रोडक्शन बढ़ाने के फैसले से तेल की कम कीमतों को और सपोर्ट मिला है। निवेशक AI से चलने वाले सेमीकंडक्टर की मांग पर नए संकेतों के लिए सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स की कमाई पर भी करीब से नज़र रखेंगे, जो ग्लोबल टेक्नोलॉजी सेंटिमेंट पर असर डाल सकता है।

टेक्निकल नज़रिए से, पोनमुडी ने कहा कि निफ्टी एक कंस्ट्रक्टिव स्ट्रक्चर बनाए हुए है, जिसमें 24,400 का लेवल तुरंत रेजिस्टेंस का काम कर रहा है। इस ज़ोन से ऊपर लगातार मूव करने से 24,500-24,600 की ओर बढ़ने का रास्ता बन सकता है। नीचे की तरफ, 24,200 पहला ज़रूरी सपोर्ट बना हुआ है, इसके बाद 24,000 का साइकोलॉजिकल लेवल है।

पिछले सेशन में इंस्टीट्यूशनल फ्लो मिला-जुला रहा। विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर 3 जुलाई को चार सेशन की बिकवाली के बाद नेट बायर बन गए, और उन्होंने 1,355 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदी। इस बीच, घरेलू इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ने आठ सेशन की खरीदारी का सिलसिला तोड़ा और नेट सेलर बन गए, और 1,953 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए।

Share Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

IT Stocks: चॉइस इंस्टीट्यूशनल ने आईटी कंपनियों की रेटिंग-टारगेट घटाए, कहा- रिकवरी में लग सकता है वक्त

IT Stocks: ब्रोकरेज फर्म Choice Institutional Equities का मानना है कि वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) भारतीय आईटी सेक्टर के लिए एक और कमजोर तिमाही साबित हो सकती है। ब्रोकरेज के मुताबिक, मांग में सुधार नहीं दिख रहा। उल्टा हालात और बिगड़े हैं। इससे साफ है कि जिस रिकवरी की उम्मीद थी, वह अब और आगे खिसक गई है।

ब्रोकरेज का कहना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता अब भी बनी हुई है। कंपनियां नए फैसले लेने में समय लगा रही हैं। AI की वजह से प्रोडक्टिविटी बढ़ी है, लेकिन इसका असर रेवेन्यू पर दबाव के रूप में दिख रहा है। वहीं, भू-राजनीतिक तनाव भी बना हुआ है। इन सब वजहों से कंपनियां गैरजरूरी (Discretionary) खर्च कम कर रही हैं। इसका असर पूरे आईटी सेक्टर की ग्रोथ पर पड़ रहा है।

लार्जकैप और मिडकैप पर अनुमान

ब्रोकरेज का मानना है कि बड़ी आईटी कंपनियों की कॉन्स्टेंट करेंसी (CC) ग्रोथ तिमाही आधार पर सपाट रह सकती है। कुछ कंपनियों में हल्की गिरावट भी देखने को मिल सकती है।

वहीं, मिडकैप आईटी कंपनियां बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं। इसकी वजह नए डील्स का शुरू होना और बाजार हिस्सेदारी बढ़ना है।

कमाई के अनुमान में कटौती

Choice Institutional Equities का कहना है कि वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही की ग्रोथ पूरे साल के गाइडेंस के हिसाब से कमजोर दिख रही है। ऐसे में आने वाली तिमाहियों में कई कंपनियां अपने गाइडेंस में बदलाव कर सकती हैं। कमाई के अनुमान भी घटाए जा सकते हैं।

इसी वजह से ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2027 और 2028 के लिए पूरे आईटी सेक्टर की कमाई के अनुमान में 0.1% से 16.7% तक की कटौती की है। साथ ही, कई कंपनियों के टारगेट प्राइस और वैल्यूएशन में भी 0% से 21.6% तक की कमी की गई है। इसकी वजह कमजोर मांग, AI की वजह से रेवेन्यू पर दबाव और बढ़ता एग्जीक्यूशन रिस्क है।

क्या अब आईटी शेयरों में खरीदारी का मौका है?

ब्रोकरेज का मानना है कि आईटी शेयरों में पहले ही अच्छी-खासी गिरावट आ चुकी है। इसलिए अब नीचे जाने की गुंजाइश सीमित दिखती है। हालांकि, सेक्टर में दोबारा तेज तेजी तभी आएगी, जब मांग में सुधार दिखे। कंपनियों की रेवेन्यू ग्रोथ तेज हो। साथ ही, GenAI से सिर्फ लागत घटाने के बजाय कमाई बढ़ने के भी साफ संकेत मिलें।

HCLTech : चॉइस इंस्टीट्यूशनल ने HCLTech की रेटिंग ‘Add’ से बढ़ाकर ‘Buy’ कर दी है। हालांकि, टारगेट प्राइस 1,500 रुपये से घटाकर 1,410 रुपये कर दिया गया है।

Mphasis : इसकी रेटिंग ‘Buy’ से घटाकर ‘Add’ कर दी गई है। कंपनी का नया टारगेट प्राइस 2,520 रुपये रखा गया है।

Persistent Systems : ब्रोकरेज ने Persistent Systems की रेटिंग घटाकर ‘Add’ कर दी है। कंपनी का नया टारगेट प्राइस 5,010 रुपये तय किया गया है।

Tech Mahindra : महिंद्रा ग्रुप की आईटी कंपनी की रेटिंग भी घटाकर ‘Add’ कर दी गई है। ब्रोकरेज ने शेयर का नया टारगेट प्राइस 1,600 रुपये रखा है।

Zensar Technologies : ब्रोकरेज ने Zensar Technologies की रेटिंग भी ‘Add’ कर दी है। कंपनी का नया टारगेट प्राइस 560 रुपये तय किया गया है।

TCS : चॉइस इंस्टीट्यूशनल ने टाटा ग्रुप की आईटी TCS पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। हालांकि, टारगेट प्राइस घटाकर 2,625 रुपये कर दिया गया है।

Infosys : इस आईटी कंपनी पर भी ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी गई है। ब्रोकरेज ने टारगेट प्राइस घटाकर 1,360 रुपये कर दिया है।

Happiest Minds : इस पर ब्रोकिंग फर्म ने ‘Buy’ रेटिंग कायम रखी है। कंपनी का नया टारगेट प्राइस 440 रुपये कर दिया गया है।

Coforge : चॉइस इंस्टीट्यूशनल ने Coforge पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। कंपनी का टारगेट प्राइस 1,900 रुपये पर कायम रखा गया है।

Wipro : ब्रोकरेज ने Wipro पर ‘Add’ रेटिंग बरकरार रखी है। हालांकि, टारगेट प्राइस घटाकर 185 रुपये कर दिया गया है।

Stocks to Buy: ये 10 स्टॉक्स दे सकते हैं 43% तक रिटर्न, एक्सपर्ट्स ने दी खरीदने की सलाह

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Kratikal Tech IPO: साइबर सिक्योरिटी कंपनी के इश्यू को 221 गुना का बंपर सब्सक्रिप्शन, क्या 7 जुलाई को लिस्टिंग भी होगी शानदार?

SME सेगमेंट में ₹39.69 करोड़ का Kratikal Tech IPO 2 जुलाई को बंद हो चुका है। अब 7 जुलाई को इसकी लिस्टिंग का इंतजार है, जो​ कि BSE SME पर होने वाली है। उम्मीद की जा रही है कि लिस्टिंग अच्छी रहेगी क्योंकि इश्यू को बेहद शानदार रिस्पॉन्स मिला था। यह IPO 220.71 गुना के बंपर सब्सक्रिप्शन के साथ बंद हुआ है। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 145.82 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 324.64 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 218.48 गुना भरा।

ग्रे मार्केट की मानें तो Kratikal Tech के शेयर IPO के अपर प्राइस बैंड ₹135 से 40.74% के प्रीमियम पर लिस्ट हो सकते हैं। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग होने तक ट्रेड करते हैं। Kratikal Tech IPO में 29 करोड़ नए शेयर जारी हुए थे। कंपनी ने IPO की ओपनिंग से एक दिन पहले एंकर निवेशकों से ₹11.22 करोड़ जुटाए थे।

क्या करती है Kratikal Tech

यह एक AI-बेस्ड साइबर सिक्योरिटी कंपनी है, जो अपने खास प्लेटफॉर्म और साइबर सिक्योरिटी कंसल्टिंग सर्विसेज के जरिए सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस (SaaS)-बेस्ड साइबर रिस्क मैनेजमेंट सॉल्यूशन देती है। कंपनी दो इंटीग्रेटेड बिजनेस सेगमेंट में काम करती है- Threatcop ब्रांड के तहत पीपुल सिक्योरिटी मैनेजमेंट (PSM) सॉल्यूशंस और Kratikal ब्रांड के तहत टेक्नोलॉजी एंड प्रोसेस सिक्योरिटी सर्विसेज। कंपनी भारत में और भारत के बाहर BFSI, फिनटेक, टेलीकॉम, IT/ITES, हेल्थकेयर, फार्मास्यूटिकल्स, मैन्युफैक्चरिंग और ई-कॉमर्स जैसे सेक्टर के कस्टमर्स को सर्विस देती है। इसके प्रमोटर पवन कुमार, परतोष कुमार और दीप जंग थापा हैं।

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IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल

Kratikal Tech अपने IPO से हासिल पैसों का इस्तेमाल सब्सिडियरीज Threatcop FZ LLC, UAE और Threatcop AI Inc, USA में निवेश के लिए, प्रोडक्ट डेवलपमेंट में निवेश के लिए और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी की कुल इनकम 74% की बढ़ोतरी के साथ ₹36.86 करोड़ रही। शुद्ध मुनाफा 61% बढ़कर ₹6.14 करोड़ हो गया। उधारी ₹1 लाख थी। वित्त वर्ष 2025 में कुल इनकम ₹21.15 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹3.81 करोड़ था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

4th Bronchopulmonary World Congress 2026

इंदौर, 04 जुलाई 2026। ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में शनिवार से चौथी ब्रोंकोपल्मोनरी वर्ल्ड कांग्रेस 2026 की मुख्य कॉन्फ्रेंस की शुरुआत हुई। इस कॉन्फ्रेंस में देश-विदेश से आए पल्मोनोलॉजिस्ट, क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ, थोरासिक सर्जन, मेडिकल रिसर्चर और युवा चिकित्सक शामिल हुए। पहले दिन विशेषज्ञों ने फेफड़ों की बीमारियों के आधुनिक उपचार, नई रिसर्च और उन्नत तकनीकों पर अपने अनुभव साझा किए। इस कॉन्फ्रेंस में 700 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) कराया है।

 

पहले दिन पल्मोनरी मेडिसिन, इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी, क्रिटिकल केयर, स्लीप मेडिसिन, पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन, थोरासिक सर्जरी और रेस्पिरेटरी रिसर्च जैसे विषयों पर वैज्ञानिक सत्र (साइंटिफिक सेशंस) आयोजित किए गए। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने फेफड़ों की जटिल बीमारियों के निदान व उपचार में हो रहे नए बदलावों, आधुनिक तकनीकों और क्लिनिकल अनुभवों को प्रतिभागियों के साथ साझा किया। कॉन्फ्रेंस का औपचारिक उद्घाटन पहले दिन शाम 07 बजे इंडेक्स ग्रुप के चेयरमैन श्री सुरेश सिंह भदोरिया, डॉ. राजेंद्र प्रसाद एवं डॉ. अतुल सी. मेहता द्वारा किया गया।

 

कॉन्फ्रेंस में देश के विभिन्न राज्यों से आए श्वसन रोग विभाग के 100 से अधिक पोस्ट ग्रेजुएट विद्यार्थियों ने अपने रिसर्च पेपर प्रस्तुत किए। वहीं, 30 से अधिक टीमों ने पोस्ट ग्रेजुएट क्विज़ प्रतियोगिता में भाग लेकर अपनी एकेडमिक और क्लिनिकल जानकारी का प्रदर्शन किया। रिसर्च पेपर और पोस्टर प्रेजेंटेशन, क्लिनिकल केस डिस्कशन तथा वैज्ञानिक संवाद के ज़रिए युवा चिकित्सकों को वरिष्ठ विशेषज्ञों से सीखने और अपने शोध प्रस्तुत करने का बेहतरीन अवसर मिला।

 

कॉन्फ्रेंस में भारत के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ अमेरिका, ब्रिटेन, नेपाल, श्रीलंका, बांग्लादेश, मालदीव एवं अन्य देशों की अंतरराष्ट्रीय फैकल्टी, पद्मश्री से सम्मानित विशेषज्ञों और देश के वरिष्ठ चिकित्सकों ने विभिन्न वैज्ञानिक सत्रों को संबोधित किया। इस दौरान अमेरिका (यूएस) में चिकित्सा के क्षेत्र में अपना लोहा मनवा चुके डॉ. अतुल सी. मेहता को 'लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड' से सम्मानित किया गया। विशेषज्ञों ने फेफड़ों की बीमारियों के इलाज में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), आधुनिक डायग्नोस्टिक तकनीकों, इंटरवेंशनल प्रक्रियाओं और मरीज-केंद्रित उपचार पद्धतियों की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा की।

 

कॉन्फ्रेंस के ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी प्रो. डॉ. रवि डोसी ने कहा कि “बदलती जीवनशैली, बढ़ता वायु प्रदूषण, धूम्रपान, संक्रमण और एलर्जी फेफड़ों की बीमारियों के प्रमुख कारण बन रहे हैं। यही वजह है कि अस्थमा, सीओपीडी, फेफड़ों के संक्रमण और लंग कैंसर जैसी बीमारियों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। समय पर जांच, शुरुआती पहचान और आधुनिक उपचार से इन बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। अगर लक्षणों की पहचान कर समय पर इलाज शुरू हो जाए, तो कैंसर जैसी घातक बीमारियों को भी हराना संभव है। धूम्रपान से दूरी, स्वच्छ वातावरण, नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, टीकाकरण और आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए बेहद जरूरी है।”

 

डॉ. डोसी ने आगे बताया कि “कॉन्फ्रेंस के पहले दिन के वैज्ञानिक सत्रों में विशेषज्ञों और प्रतिभागियों की उत्साहजनक भागीदारी रही। विभिन्न विषयों पर हुए गहन विचार-विमर्श से चिकित्सकों को नवीनतम वैज्ञानिक जानकारियों और आधुनिक उपचार पद्धतियों को समझने का अवसर मिला। कोविड के बाद उत्पन्न होने वाली श्वसन संबंधी जटिलताओं, टीबी के बाद फेफड़ों पर पड़ने वाले प्रभावों तथा पल्मोनरी हाइपरटेंशन जैसी गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान और वैज्ञानिक उपचार आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। वहीं, ब्रोंकोस्कोपी एवं नेविगेशन तकनीकों में हो रहे नवाचार फेफड़ों की बीमारियों के सटीक निदान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।”

 

उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे आयोजन चिकित्सा शिक्षा, शोध और मरीजों की बेहतर देखभाल को एक नई दिशा देते हैं। कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन भी वैज्ञानिक सत्र, क्लिनिकल केस डिस्कशन, विशेषज्ञ व्याख्यान और रिसर्च प्रेजेंटेशन जारी रहेंगे, जिनमें देश-विदेश के विशेषज्ञ फेफड़ों की बीमारियों के उपचार से जुड़े नवीनतम शोध और अनुभव साझा करेंगे।

हेल्थकेयर और छोटी एनबीएफसी स्टॉक्स में निवेश से होगा फायदा, एक्सपर्ट प्रंशात खेमका की सलाह

शेयर बाजार का सेंटिमेंट पॉजिटिव हो रहा है। व्हाइटओक कैपिटल ग्रुप के फाउंडर प्रशात खेमका का कहना है कि इनवेस्टर्स को अभी अच्छी क्वालिटी वाली कंपनियों के शेयरों पर फोकस करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि व्हाइटओक खुद लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स में ऐलोकेशन बदलने की जगह सिर्फ उन बिजनेसेज की पहचान पर फोकस करती है, जिनका प्रदर्शन लगातार बेहतर रह सकता है।

लंबे समय तक चढ़ने के बाद अब एआई स्टॉक्स पर दबाव

उनका मानना है कि अलग-अलग मार्केटकैप वाले शेयरों का प्रदर्शन साइकिल में अलग-अलग समय पर अच्छा रहता है। इसलिए उन शेयरों की पहचान करना मुश्किल हो जाता है जिनमें हमेशा बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता होती है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक चढ़ने के बाद अब AI से जुड़े शेयरों पर दबाव दिख रहा है।

एआई शेयरों में निवेश घटने पर भारत का फायदा

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ हफ्तों में आर्टफिशियल इंटेलिजेंस शेयरों को लेकर सेंटिमेंट कमजोर हुआ है। फिर भी, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि यह ट्रेंड जारी रहेगा। भारत को तब फायदा हुआ है, जब दुनिया में इनवेस्टर्स ने एआई से जुड़ी कंपनियों में अपने निवेश घटाए हैं। हाल में दक्षिण कोरिया के बाजारों में बड़ी गिरावट दिखी। इसमें चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में गिरावट का बड़ा हाथ था।

लंबी अवधि के लिहाज से टेक्नोलॉजी सेक्टर का आउटलुक पॉजिटिव

खेमका ने कहा कि लंबी अवधि के लिहाज से टेक्नोलॉजी सेक्टर पर अभी भी उनका आउटलुक पॉजिटिव है। उन्होंने कहा कि कंपनियां टेक्नोलॉजी पर खर्च करना जारी रखेंगी और इनका महत्व कम करने की जगह AI इंडस्ट्री के स्वरूप में बदलाव लाएगा। उन्होंने कहा कि बेहतर एग्जिक्यूशन वाली कुछ मिडकैप कंपनियां खुद को लार्जकैप कंपनियों के मुकाबले जल्द बदलने में कामयाब होंगी।

हेल्थकेयर, एनबीएफसी स्टॉक्स में दिख रहे मौके

उन्होंने हेल्थकेयर को व्हाइटओक का पंसदीदा सेक्टर बताया। उन्होंने कहा कि फार्मा, हॉस्पिटल्स और डायगोस्टिक्स में कई लिस्टेड कंपनियां हैं। इस सेक्टर में काफी डायवर्सिटी है, जिससे सुपर रिटर्न देने की क्षमता वाली कंपनियों की पहचान की जा सकती है। कुछ एनबीएफसी में भी निवेश के अच्छे मौके दिख रहे हैं। खासकर छोटी एनबीएफसी ठीक लग रही हैं, जो कम इनकम वाले ग्राहकों पर फोकस करती हैं।

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प्राइवेट डिफेंस कंपनियों के स्टॉक्स भी अट्रैक्टिव

खेमका ने कहा कि अनसेक्योर्ड लोन को लेकर बढ़ती चिंता और क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल से कई एनबीएफसी कंपनियों के शेयरों में करेक्शन दिखा है। कुछ एनबीएफसी की वैल्यूएशन अट्रैक्टिव दिख रही है। इंडस्ट्रियल्स में उन्होंने प्राइवेट सेक्टर की डिफेंस कंपनियों, कुछ कैपिटल गुड्स और मशीनरी बिजनेसेज को अट्रैक्टिव बताया।

अमेरिका 408 किलो का टाइम कैप्सूल जमीन में दफन करेगा:इसमें व्हेल की हड्डी से AI की भविष्यवाणी तक; 250 साल बाद खोला जाएगा

4 जुलाई को अमेरिका की आजादी के 250 साल पूरे होने के मौके पर 408 किलो का एक टाइम कैप्सूल जमीन में दफनाया जाएगा। इसे फिलाडेल्फिया के इंडिपेंडेंस नेशनल हिस्टोरिकल पार्क में दफनाया जाएगा और 250 साल बाद यानी 2276 में खोला जाएगा। इसकी जानकारी नेशनल पार्क सर्विस के आधिकारिक रिकॉर्ड में भी दर्ज की गई है, ताकि 250 साल बाद आने वाली पीढ़ियां इसे ढूंढ़ सकें और इसके बारे में जान सकें। इस कैप्सूल में 50 राज्यों और आम लोगों की ओर से चुनी गई यादगार चीजें रखी गई हैं, जिसमें व्हेल की हड्डी, दुनिया के सबसे बड़े जिप्सम रेगिस्तान की रेत, राइट बंधुओं के विमान का कपड़ा, AI की भविष्यवाणी और कई ऐतिहासिक दस्तावेज शामिल हैं। टाइम कैप्सूल बंद पेटी या कंटेनर होता है, जिसमें किसी दौर की चीजें सुरक्षित रखी जाती हैं, ताकि भविष्य की पीढ़ियां उस समय के समाज, तकनीक, संस्कृति और जीवन को समझ सकें। कैप्सुल सुरक्षित रखने के लिए अपनाई गई खास तकनीकें टाइम कैप्सूल बनाना जितना मुश्किल नहीं था, उससे बड़ी चुनौती उसे 250 साल तक सुरक्षित रखना था। वैज्ञानिकों के सामने सबसे बड़ा सवाल था कि जमीन के नीचे रखी चीजें ढाई सौ साल बाद भी सुरक्षित कैसे मिले। इस वजह से प्रोजेक्ट से जुड़े कई विशेषज्ञों को इसमें शामिल किया गया। कई साल की रिसर्च के बाद ऐसा डिजाइन तैयार किया गया, जो पानी, नमी, जंग और मौसम के असर से कैप्सूल को बचा सके। यह कैप्सूल चौकोर नहीं, बल्कि बेलन (सिलेंडर) के आकार का है। वैज्ञानिकों के अनुसार चौकोर डिब्बों के कोने समय के साथ कमजोर पड़ जाते हैं और वहीं से पानी अंदर जाने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। टाइम कैप्सूल को कैसे सील किया गया? कैप्सूल को कार्यक्रम के दिन सील नहीं किया जाएगा। इसे पहले ही पूरी तरह सील किया जा चुका है। 4 जुलाई को इसे सिर्फ फिलाडेल्फिया में जमीन के नीचे स्थापित किया जाएगा। कैप्सूल को सील करने के लिए खास धातु इंडियम का इस्तेमाल किया गया है। यह नरम धातु ढक्कन बंद करते समय छोटी-से-छोटी दरार भर देती है। इससे कैप्सूल पूरी तरह सील रहता है और अंदर रखा सामान लंबे समय तक सुरक्षित रहता है। अगर कैप्सूल में बहुत ज्यादा नमी होती तो कागज और दूसरी वस्तुएं खराब हो सकती थीं। वहीं नमी पूरी तरह खत्म करने पर कुछ चीजें सूखकर टूट सकती थीं। इसलिए वैज्ञानिकों ने कैप्सूल के अंदर 35% नमी रखी है। कैप्सूल को करीब 10 फीट नीचे दफनाया जाएगा। इस गहराई पर तापमान में उतार-चढ़ाव कम होता है। तेज गर्मी, कड़ाके की ठंड और सतह पर आने वाले तूफानों का असर भी बहुत कम पड़ता है। 250 साल तक न पानी पहुंचेगा, न जंग लगेगी वैज्ञानिकों के मुताबिक, जमीन के नीचे रखे जाने वाले किसी भी टाइम कैप्सूल का सबसे बड़ा दुश्मन पानी होता है। इसीलिए कैप्सूल के ऊपर एक और स्टील का सिलेंडर लगाया जाएगा। दोनों के बीच हवा की एक परत रहेगी, जो बाहर से आने वाले पानी को रोकने में मदद करेगी। यह ठीक उसी सिद्धांत पर काम करेगा, जैसे पानी में उल्टी बाल्टी डुबोने पर उसके अंदर हवा फंसी रहती है। अगर भविष्य में भूजल का स्तर बढ़ जाए या बाढ़ आ जाए, तब भी बेल जार के भीतर मौजूद हवा पानी को कैप्सूल तक पहुंचने से रोकेगी। इसे बनाने वाली टीम के प्रमुख वैज्ञानिक माइकल बेरिला ने कहा, अगर इस टाइम कैप्सूल में पानी पहुंचा, तो इसका मतलब होगा कि फिलाडेल्फिया शहर करीब 6 फीट पानी में डूब चुका है। और अगर ऐसा हुआ तो टाइम कैप्सूल नहीं, बल्कि पूरी दुनिया एक बड़े प्राकृतिक संकट से जूझ रही होगी। दुनिया के सबसे चर्चित टाइम कैप्सूल ————————————- ट्रम्प ने जन्मदिन पर व्हाइट हाउस में UFC फाइट कराई:अब तक का सबसे महंगा शो, ₹567 करोड़ खर्च; जीत के बाद विजेता राष्ट्रपति से मिला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 14 जून को व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में अल्टीमेट फाइटिंग चैम्पियनशिप यानी UFC मुकाबलों के साथ अपना 80वां जन्मदिन मनाया। UFC ने इस आयोजन पर करीब 6 करोड़ डॉलर (567 करोड़ रुपए) खर्च किए। ये अब तक का सबसे महंगा UFC आयोजन है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

एक्स ओरेकल बेंगलुरु के एम्प्लोयी को ऐसे मिला MBA डिग्री का फायदा, 25 हजार से सीधा 1 लाख हुई सैलरी

ओरेकल के पूर्व कर्मचारी प्रदीप कन्नन अपने करियर को कॉर्पोरेट भूमिका से एंटरप्रेन्योरशिप की ओर ले जाने का श्रेय अपने MBA को देते हैं। उनका कहना है कि इस डिग्री ने उन्हें ज़रूरी बिजनेस समझ और एक मजबूत आधार दिया, साथ ही उनकी सैलरी को भी ₹25,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख प्रति माह कर दिया। आजकल मुफ्त में सीखने के कई आधुनिक साधन मौजूद होने के बावजूद, कन्नन इस बात पर ज़ोर देते हैं कि MBA का उनकी ज़िंदगी की दिशा और एंटरप्रेन्योरशिप के सफ़र पर एक खास असर रहा है।

क्या एक डिग्री आपके करियर की दिशा पूरी तरह बदल सकती है? ऐसे समय में जब AI, YouTube और पॉडकास्ट की वजह से बिज़नेस से जुड़ी जानकारी पहले से कहीं ज़्यादा आसानी से मिल रही है, कई लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या MBA में निवेश करना अब भी फ़ायदेमंद है।

Oracle बेंगलुरु के पूर्व कर्मचारी प्रदीप कन्नन के लिए, इसका जवाब उनके अपने अनुभव से मिलता है। X पर शेयर की गई एक पोस्ट में, उन्होंने बताया कि कैसे MBA ने न सिर्फ उनकी महीने की सैलरी 25,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी, बल्कि उन्हें कॉर्पोरेट जिंदगी छोड़कर एंटरप्रेन्योर बनने का आत्मविश्वास और बिजनेस की समझ भी दी।

उन्होंने लिखा, “अगर मैंने MBA नहीं किया होता, तो मैं एंटरप्रेन्योर नहीं बन पाता। जब मैंने 2010 में MBA शुरू किया था, तब मुझे बिजनेस की कोई समझ नहीं थी। मैं दक्षिण भारत के एक टियर-3 शहर से आया था।”

कन्नन ने बताया कि MBA से उन्हें पहली बार असल में समझ आया कि बिजनेस कैसे काम करते हैं। बिजनेस स्कूल में जाने से पहले, उन्हें एंटरप्रेन्योरशिप या बिजनेस मैनेजमेंट के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। उन्होंने आगे कहा, “MBA मेरे लिए यह समझने का पहला मौका था कि बिजनेस असल में कैसे काम करते हैं। इसने मुझे एक ऐसा आधार दिया जो मैं कहीं और नहीं बना सकता था। मेरी सैलरी ₹25,000 प्रति माह से बढ़कर ₹1 लाख प्रति माह हो गई।”

हालांकि सैलरी में चार गुना बढ़ोतरी एक बड़ी उपलब्धि थी, लेकिन कन्नन का कहना है कि असली बदलाव उनकी सोच में आया। उन्होंने 2010 के सीखने के माहौल की तुलना आज उपलब्ध मौकों से भी की।

उन्होंने आगे कहा, “आज, 2026 में, आप लगभग सब कुछ ऑनलाइन सीख सकते हैं। AI आपको स्ट्रेटेजी सिखा सकता है। YouTube आपको फाइनेंस सिखा सकता है। पॉडकास्ट आपको मार्केटिंग सिखा सकते हैं। लेकिन 2010 में, ऐसी दुनिया नहीं थी। कई लोगों के लिए, MBA बस एक और डिग्री थी। मेरे लिए, इसने मेरी जिंदगी की दिशा बदल दी।”

News18 की रिपोर्ट के अनुसार, कन्नन ने कॉर्पोरेट सेक्टर में काम करना जारी रखा और फिर 2019 में एक अलग रास्ता चुनने का फैसला किया। उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी और ‘द फालूदा शॉप’ (The Falooda Shop) शुरू किया, जो पारंपरिक भारतीय ड्रिंक्स से प्रेरित एक डेज़र्ट ब्रांड है।

जो एक छोटा सा बिज़नेस शुरू हुआ था, वह अब लगभग ₹9 करोड़ की वैल्यू वाले बिज़नेस में बदल गया है। यह ब्रांड अब भारत और दुबई में 18 से ज्यादा आउटलेट चलाता है, जहां कई तरह के फालूदा, मिल्कशेक और डेजर्ट मिलते हैं।

RailOne App का बड़ा कमाल, AI बताएगा वेटिंग टिकट कन्फर्म होगी या नहीं

indian railway

भारतीय रेलवे का डिजिटल टिकटिंग सिस्टम अब पहले से कहीं ज्यादा स्मार्ट और आधुनिक हो गया है। वर्ष 1986 में शुरू हुई रेलवे आरक्षण प्रणाली में पिछले चार दशकों के दौरान कई छोटे-बड़े बदलाव हुए, लेकिन अब इसे अत्याधुनिक तकनीक के साथ पूरी तरह अपग्रेड कर दिया गया है। नई व्यवस्था से न केवल टिकट बुकिंग आसान हुई है, बल्कि इसकी क्षमता भी कई गुना बढ़ाई गई है।

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88% टिकट अब ऑनलाइन बुक हो रहे

भारतीय रेलवे ने वर्ष 2002 में इंटरनेट आधारित टिकट बुकिंग सेवा शुरू की थी। आज स्थिति यह है कि अधिकांश यात्री टिकट काउंटर की बजाय ऑनलाइन टिकट बुक करना पसंद करते हैं। वर्तमान में देश में कुल टिकट बुकिंग की करीब 88 प्रतिशत मांग ऑनलाइन माध्यमों से पूरी हो रही है।

RailOne App तेजी से बन रहा यात्रियों की पहली पसंद

भारतीय रेलवे का RailOne मोबाइल ऐप यात्रियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। पिछले साल जुलाई में लॉन्च किए गए इस ऐप को एक साल से भी कम समय में 3.5 करोड़ से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है।

इस ऐप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सिर्फ टिकट बुकिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि रेलवे से जुड़ी लगभग सभी सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराता है। टिकटिंग या अन्य सेवाओं से जुड़ी शिकायतों का समाधान भी इसी ऐप के जरिए किया जा सकता है।

AI बताएगा वेटिंग टिकट कन्फर्म होगी या नहीं

 

RailOne ऐप में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित नई सुविधा जोड़ी गई है। टिकट बुक करते समय ऐप यह अनुमान लगाता है कि वेटिंग टिकट के कन्फर्म होने की कितनी संभावना है। रेलवे के अनुसार, पहले इस अनुमान की सटीकता करीब 53 प्रतिशत थी, जिसे अब बढ़ाकर 94 प्रतिशत तक पहुंचा दिया गया है। यह फीचर इस साल की शुरुआत में शुरू किया गया था और यात्रियों से इसे अच्छा रिस्पॉन्स मिला है।

एक ही ऐप में मिलती हैं रेलवे की सभी सुविधाएं

RailOne ऐप के जरिए यात्री आरक्षित (Reserved), अनारक्षित (Unreserved) और प्लेटफॉर्म टिकट की बुकिंग, टिकट कैंसिलेशन और रिफंड जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। इसके अलावा ऐप पर लाइव ट्रेन स्टेटस, ट्रेन का टाइम टेबल, प्लेटफॉर्म नंबर, कोच पोजिशन, वेटिंग स्टेटस, Rail Madad के जरिए शिकायत दर्ज करने की सुविधा और यात्रा के दौरान सीट पर खाना ऑर्डर करने जैसी सेवाएं भी उपलब्ध हैं।

रोजाना 9 लाख से ज्यादा टिकट हो रहे बुक

 

रेलवे के अनुसार, देशभर में प्रतिदिन 9.29 लाख से अधिक टिकट RailOne ऐप के जरिए बुक किए जा रहे हैं। इनमें लगभग 7.20 लाख अनारक्षित (Unreserved) और 2.09 लाख आरक्षित (Reserved) टिकट शामिल हैं। अनारक्षित टिकटों में प्लेटफॉर्म टिकट भी शामिल हैं।  अब तक इस ऐप को Google Play Store से 3.16 करोड़ और Apple iOS डिवाइस पर 33.17 लाख से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है।

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यात्रियों को मिल रही 43% तक सब्सिडी

भारतीय रेलवे देश के करोड़ों लोगों के लिए जीवनरेखा मानी जाती है। वित्त वर्ष 2024-25 में रेलवे ने यात्री किराए पर 60,239 करोड़ रुपए की सब्सिडी दी। इसका मतलब है कि प्रत्येक यात्री को औसतन 43 प्रतिशत तक की छूट मिल रही है। यानी यदि किसी यात्रा की वास्तविक लागत 100 रुपए है, तो यात्री को उसके लिए औसतन केवल 57 रुपए ही चुकाने पड़ते हैं।

Prime Day 2026: कल से शुरू हो रही मेगा सेल, जानिए कौन सा फोन है सबसे बेस्ट डील

अगर साल भर में किसी एक ऑनलाइन सेल का सबसे ज्यादा इंतजार किया जाता है, तो वह है Amazon Prime Day Sale। इस बार यह इवेंट और भी खास बन गया है क्योंकि Amazon अपने 10 साल पूरे होने का जश्न मना रहा है। 72 घंटे तक चलने वाली यह मेगा सेल ग्राहकों के लिए किसी बड़े त्योहार से कम नहीं है, जहां लाखों प्रोडक्ट्स पर भारी छूट देखने को मिलती है। स्मार्टफोन, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी से लेकर होम अप्लायंसेज और गैजेट्स तक, हर कैटेगरी में आकर्षक डील्स मिल रही हैं।

इसके साथ ही बैंक ऑफर्स, एक्सचेंज बोनस और No Cost EMI जैसी सुविधाएं खरीदारी को और भी आसान और किफायती बना देती हैं। यही वजह है कि ये सेल हर साल ऑनलाइन शॉपिंग करने वालों के लिए एक बड़ा अवसर बन जाती है।

Prime Day Sale 2026 कब है?

इस साल Amazon Prime Day Sale 4 जुलाई से 6 जुलाई 2026 तक चलेगी। सेल शुरू होने से पहले ही कई धमाकेदार डील्स सामने आ चुकी हैं, जिससे लोगों में खरीदारी को लेकर काफी उत्साह है।

खरीदने से पहले सबसे बड़ी चुनौती क्या है?

आज हर ब्रांड अपने प्रोडक्ट को AI फीचर्स, कैमरा, बैटरी और डिजाइन के साथ “बेस्ट” बताता है। ऐसे में सिर्फ डिस्काउंट देखकर खरीदना सही नहीं होता। असली समझदारी ये है कि आप अपनी जरूरत के हिसाब से प्रोडक्ट चुनें और उसकी परफॉर्मेंस, अपडेट सपोर्ट और सर्विस पर ध्यान दें।

Quick Picks: सेल के टॉप प्रोडक्ट्स

इस बार कई कैटेगरी में बेहतरीन डील्स देखने को मिल रही हैं।

Best Overall: OnePlus 13

Budget Pick: iQOO Z10 Lite 5G

Premium Choice: Nothing Phone (3)

Smart Home: Amazon Echo Dot (5th Gen)

DIY Tool: Bosch GSB 600 Drill Kit

Study Device: Samsung Galaxy Tab S10 Lite

Nothing Phone (3)

Nothing Phone (3) इस सेल में एक खास आकर्षण है। ₹43,999 की कीमत पर मिलने वाला यह फोन Snapdragon 8s Gen 4, 50MP ट्रिपल कैमरा और 120Hz AMOLED डिस्प्ले के साथ आता है। इसका यूनिक Glyph Design इसे भीड़ से अलग बनाता है।

iQOO Z10 Lite 5G

₹14,999 की कीमत में यह फोन 6000mAh बैटरी, 5G सपोर्ट और 50MP Sony AI कैमरा के साथ आता है। यह खासकर स्टूडेंट्स और बजट यूज़र्स के लिए एक मजबूत विकल्प है।

OnePlus 13

OnePlus 13 इस लिस्ट का सबसे पावरफुल फोन है। Snapdragon 8 Elite प्रोसेसर और Hasselblad कैमरा सिस्टम इसे गेमिंग और हाई-परफॉर्मेंस यूज़ के लिए परफेक्ट बनाते हैं। यह ₹57,998 में उपलब्ध है।

Amazon Echo Dot (5th Gen)

₹3,999 में मिलने वाला यह स्मार्ट स्पीकर Alexa सपोर्ट, बेहतर साउंड और मोशन सेंसर के साथ आता है। यह घर को स्मार्ट बनाने का सबसे आसान तरीका है।

Bosch GSB 600 Drill Kit

यह 600W मोटर और 100 एक्सेसरीज के साथ आता है। घर की रिपेयर और DIY प्रोजेक्ट्स के लिए यह एक भरोसेमंद टूल है, जिसकी कीमत ₹5,099 है।

Samsung Galaxy Tab S10 Lite

10.9 इंच डिस्प्ले, S Pen सपोर्ट और 90Hz रिफ्रेश रेट के साथ यह टैबलेट पढ़ाई और प्रोफेशनल काम के लिए बेहतरीन विकल्प है। इसकी कीमत ₹39,499 है।

खरीदारी से पहले क्या ध्यान रखें?

किसी भी प्रोडक्ट को खरीदने से पहले उसकी परफॉर्मेंस, बैटरी, कैमरा, सॉफ्टवेयर अपडेट और वारंटी जरूर देखें। सही चुनाव आपको लंबे समय तक बेहतर अनुभव देता है।

FAQs

Q1: सबसे बेस्ट फोन कौन सा है?

OnePlus 13 इस लिस्ट का सबसे ऑलराउंड विकल्प है।

Q2: सबसे सस्ता और वैल्यू फॉर मनी क्या है?

iQOO Z10 Lite 5G।

Q3: क्या Prime Day सही समय है खरीदारी के लिए?

हां, इस दौरान सबसे ज्यादा डिस्काउंट और ऑफर्स मिलते हैं।

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HCL Tech Share Price : 4% से ज्यादा की तेजी के साथ निफ्टी के टॉप गेनर बना शेयर, 1.14 अरब डॉलर की AI डील ने भरा जोश

HCL Technologies Share Price: शुक्रवार को HCL टेक्नोलॉजीज के शेयरों में 4 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई,जिससे यह निफ्टी 50 की सबसे ज्यादा बढ़त वाली कंपनी बन गई है। IT सेक्टर की इस बड़ी कंपनी ने यूरोप की एक फॉर्च्यून ग्लोबल 50 कंपनी के साथ 1.14 अरब डॉलर की स्ट्रैटेजिक AI-बेस्ड डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन डील की जानकारी दी है। इससे इस स्टॉक को लेकर निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। यह डील डिजिटल वर्कप्लेस और एंटरप्राइज़ नेटवर्क सर्विस के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित ऑपरेटिंग मॉडल बनाने और उसे मैनेज करने के लिए की गई है।

एक्सचेंज फाइलिंग में HCLTech ने बताया है कि उसने यूरोप में हेडक्वार्टर वाली एक’फॉर्च्यून ग्लोबल 50’कंपनी (जिसका नाम नहीं बताया गया है) के साथ एक अहम स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप की है। इस पार्टनरशिप का मकसद AI-आधारित ऑपरेटिंग मॉडल बनाना है,ताकि क्लाइंट के ग्लोबल डिजिटल वर्कप्लेस और एंटरप्राइज़ नेटवर्क को बदला और मैनेज किया जा सके।

इस समझौते की अवधि जुलाई 2026 से दिसंबर 2031 तक है। इसे और पांच साल के लिए बढ़ाने का विकल्प भी है। HCLTech ने बताया कि शुरुआती अवधि के दौरान कॉन्ट्रैक्ट की अनुमानित कीमत लगभग 1.14 अरब डॉलर है। यही डील कंपनी के लिए पूरी तरह से नया बिज़नेस हासिल करने जैसी है।

आज के शुरुआती कारोबार में HCL टेक्नोलॉजीज का शेयर 4.5 प्रतिशत तक बढ़कर 1,126.50 रुपये पर पहुंच गया। शुक्रवार को आई तेजी के बावजूद, 2026 में अब तक यह शेयर लगभग 31.3 प्रतिशत नीचे है और इसने निफ्टी 50 के मुकाबले खराब प्रदर्शन किया है। निफ्टी 50 में इसी दौरान लगभग 7 प्रतिशत की गिरावट आई है। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन लगभग 3.05 लाख करोड़ रुपये है।

फिलहाल HCL टेक्नोलॉजीज़ का शेयर ₹45.35 या 4.21 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹1,122.85 पर ट्रेड कर रहा है। इसने इंट्राडे में ₹1,138.75 का उच्चतम और ₹1,115.50 का न्यूनतम स्तर छुआ। पिछले ट्रेडिंग सेशन में, शेयर 4.12 प्रतिशत या ₹42.60 बढ़कर ₹1,077.50 पर बंद हुआ था। इस शेयर ने 03 फरवरी, 2026 और 01 जुलाई, 2026 को ₹1,770.00 का 52-हफ्ते का उच्चतम और ₹1,030.00 का 52-हफ्ते का न्यूनतम स्तर छुआ था। फिलहाल, यह स्टॉक अपने 52-हफ्ते के उच्चतम स्तर से 36.56 प्रतिशत नीचे और 52-हफ्ते के न्यूनतम स्तर से 9.01 प्रतिशत ऊपर ट्रेड कर रहा है।

प्रभुदास लीलाधर ने बढ़ाई रेटिंग

इस बीच प्रभुदास लीलाधर ने HCL टेक की रेटिंग ‘रिड्यूस’ से बढ़ाकर ‘एक्युमुलेट’कर दी है और ₹1140 का टारगेट दिया है।

 

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