Abhishek Sharma: इंग्लैंड सीरीज के बीच दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे अभिषेक शर्मा, AI फोटोज से जुड़ा है मामला

भारत के ओपनर बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अभिषेक शर्मा ने अपने पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। इसका मतलब है कि उनकी अनुमति के बिना कोई भी उनका नाम, फोटो या उनसे मिलती-जुलती तस्वीर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या एआई (AI) से बने कंटेंट में इस्तेमाल नहीं कर सकता। इस मामले में भारतीय क्रिकेटर अभिषेक शर्मा ने सोशल मीडिया और एआई की मदद से तैयार किए गए कथित आपत्तिजनक कंटेंट को हटाने की मांग की है।

सुनवाई के दौरान वरुण पाठक ने अदालत को बताया कि क्रिकेटर की ओर से बताए गए आठ यूआरएल में से दो लिंक फिलहाल खुल नहीं रहे थे। अभिषेक शर्मा फिलहाल भारतीय टीम के साथ इंग्लैंड दौरे पर हैं। 5 मैचों की टी20 सीरीज में इंग्लैंड 1-0 से आगे हैं।

कोर्ट में हुई सुनवाई

क्रिकेटर अभिषेक का मामला जस्टिस ज्योति सिंह की अदालत में सुना गया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अभिषेक शर्मा की ओर से बताए गए कई वेब लिंक पर गौर किया, जिनमें उनके पर्सनैलिटी राइट्स के उल्लंघन का आरोप लगाया गया था। विरोधी पक्ष की दलीलें सुनने के बाद जस्टिस ज्योति सिंह ने कहा कि इंटरनेट पर प्रकाशित सामग्री से जुड़े मामलों में मानहानि और पर्सनैलिटी राइट्स के बीच अंतर करना कई बार मुश्किल हो जाता है। अदालत ने ये भी स्पष्ट किया कि संबंधित सामग्री की पूरी जांच किए बिना कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया जा सकता।

जज ने नहीं दिया आदेश

जज ने अभिषेक के वकील से कहा, “यहां सच में गड़बड़ है। आप अपने याचिका से मिलते-जुलते स्क्रीनशॉट के साथ एक एफिडेविट दाखिल करें। आपने जो स्क्रीनशॉट अदालत को दिखाए हैं, वे रिकॉर्ड में मौजूद स्क्रीनशॉट से काफी अलग हैं। ऐसे में मैं इस तरह का आदेश पारित नहीं कर सकती।” कोर्ट ने भारतीय क्रिकेटर को निर्देश दिया कि वह याचिका के एनेक्सर में दी गई टेबल से मेल खाते स्क्रीनशॉट रिकॉर्ड पर पेश करते हुए एक नया एफिडेविट दाखिल करें। सुनवाई के दौरान जज ने कहा, “मैं यह नहीं कह रही कि मेरा ऐसा करने का मन नहीं है, लेकिन मौजूदा स्थिति में मैं इस तरह का आदेश पारित नहीं कर सकता।”

गलत तरीके से पेश की गई तस्वीर

सुनवाई के दौरान वरुण पाठक ने दलील दी कि एक यूआरएल पर मौजूद वीडियो पैपराजी अकाउंट से शेयर किया गया था, इसलिए उसमें पर्सनैलिटी राइट्स के उल्लंघन का मामला नहीं बनता। वहीं, अभिषेक शर्मा के वकील ने इसका विरोध करते हुए कहा कि संबंधित सामग्री एआई की मदद से तैयार की गई थी।

अभिषेक के वकील ने कहा, “इसका क्या मतलब है? क्या ये दिखाया जा रहा है कि वह किसी और के कंधे पर रो रहे हैं, जबकि ये एआई से बनाई गई तस्वीर है। यह पैपराजी का मामला नहीं है। मैनेजर के साथ उनकी फोटो ली गई थी और बाद में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके उसे अलग रूप दे दिया गया।” उन्होंने ये भी बताया कि एक पोस्ट में क्रिकेटर के मैनेजर को गलत तरीके से उनकी गर्लफ्रेंड बताया गया, जिससे गलत जानकारी फैली।

आईटी शेयरों ने दिखाया दम, टीसीएस, इंफोसिस सहित इन शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी

आईटी कंपनियों के शेयरों में 7 जून को तेजी दिखी। आईटी कंपनियों के जून तिमाही के नतीजों से पहले शेयरों में अच्छी खरीदारी हुई। इससे निफ्टी आईटी इंडेक्स 3 फीसदी तक उछल गया। हालांकि, बाद में यह 2.3 फीसदी के उछाल के साथ बंद हुआ। बीते दो महीने में आईटी शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी। जुलाई में अच्छी तेजी दिखी है। इस महीने आईटी इंडेक्स 6 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस के जून तिमाही के नतीजे 9 जुलाई को आएंगे।

इन शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी

मंगलवार को टीसीएस, इंफोसिस, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा और एलटीआई माइंडट्री में 3.7 फीसदी तक की तेजी देखने को मिली। पर्सिस्टेंट का शेयर शेयर भी 3.56 फीसदी ऊपर चल रहा था। टीसीएस के नतीजों से आईटी सेक्टर के प्रदर्शन का संकेत मिलेगा। हालांकि, AI की वजह से आईटी कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ कमजोर रहने का अनुमान है।

अच्छे आईटी शेयरों में खरीदारी

एनरिच मनी के सीईओ पोनमुदी आर ने कहा कि आज आईटी शेयरों में अच्छी तेजी की वजह जून तिमाही के नतीजों से जुड़ी उम्मीद है। ग्लोबल रिस्क सेंटिमेंट में इम्प्रूवमेंट दिखा है। इनवेस्टर्स अच्छी क्वालिटी के आईटी स्टॉक्स में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। 7 जुलाई को शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक दोपहर बाद बिकवाली की वजह से दबाव में आ गए। सेंसेक्स और निफ्टी हरे से लाल निशान में आ गए। लेकिन, आईटी शेयरों में तेजी बनी रही।

आईटी सेक्टर को AI बूम का मिल सकता है फायद

मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय आईटी कंपनियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बूम का अप्रत्याशित फायदा मिल सकता है। AI की वजह से आईटी शेयरों को लेकर निवेशकों की चिंता के बीच यह सेक्टर विजेता के रूप में उभर सकता है। ब्रोकरेज फर्म ने अपनी इंडिया इक्विटी स्ट्रेटेजी प्लेबुक में कहा है कि दुनियाभर की कंपनियां एआई एप्लिकेशंस के लिए इन कंपनियों का रुख कर रही हैं।

मॉर्गन स्टेनली को बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद

मॉर्गन स्टेनली ने आईटी सेक्टर को लेकर काफी पॉजिटिव राय व्यक्त की है। बीते एक साल में आईटी शेयरों का प्रदर्शन काफी खराब रहा है। इसकी बड़ी वजह नए एआई टूल हैं। एआई के कोडिंग करने से ट्रेडिशनल आउटसोर्सिंग मॉडल पर असर पड़ सकता है। इस वजह से आईटी कंपनियों के शेयर दबाव में रहे हैं। इसके उलट अमेरिका, दक्षिण कोरिया, ताइवान जैसे बाजारों में एआई से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में जबर्दस्त तेजी दिखी है।

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दोपहर बाद प्रमुख सूचकांकों ने गंवाई बढ़त

7 जुलाई को शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों ने दोपहर बाद अपनी बढ़त गंवा दी। इससे बीते चार सत्रों से बाजार में जारी तेजी पर ब्रेक लग गया। निफ्टी 0.13 फीसदी यानी 31 अंक गिरकर बंद हुआ। सेंसेक्स 0.13 फीसदी यानी 104 अंक की गिरावट के साथ 78,189 पर क्लोज हुआ। बैंक निफ्टी भी लाल निशान में बंद हुआ। मिडकैप इंडेक्स में मजबूती दिखी।

सड़क हादसों में बढ़ोतरी के बाद गोवा सरकार अलर्ट, किराए पर मिलने वाली महिंद्रा थार के लिए नियम करेगा सख्त

Mahindra Thar Goa Ban: गोवा सरकार ‘रेंट-ए-कार’ सेगमेंट में महिंद्रा थार गाड़ियों के लिए नए लाइसेंस जारी करने पर रोक लगाने पर विचार कर रही है, ऐसा इसलिए क्योंकि इन SUV से जुड़े सड़क हादसों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। राज्य के परिवहन मंत्री मॉविन गोडिन्हो ने कहा कि यह प्रस्ताव स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (STA) के सामने रखा जाएगा, जो इस पर अंतिम निर्णय लेगा।

मंत्री ने कहा, “हम दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या को लेकर चिंतित हैं और हमने इसके कारणों और इन्हें रोकने के तरीकों पर चर्चा की है। जहां तक ​​थार गाड़ियों की बात है, हम किराए पर चलने वाली थार गाड़ियों के ऑपरेटरों को नए लाइसेंस जारी करने पर रोक लगाने जा रहे हैं… यह मामला अगली STA बैठक में उठाया जाएगा और वे तय करेंगे कि क्या कार्रवाई की जानी है।”

गोडिन्हो ने कहा कि अगर कानूनी रूप से संभव होता तो सरकार किराए पर चलने वाली गाड़ियों के बेड़े से थार गाड़ियों पर पूरी तरह से रोक लगा देती। उन्होंने कहा कि इस कदम का मकसद लोगों की सुरक्षा को बेहतर बनाना है। उन्होंने बताया कि यह फैसला सड़क दुर्घटनाओं में किराए की थार गाड़ियों के बढ़ते इस्तेमाल और खासकर पर्यटकों द्वारा चलाई जा रही गाड़ियों से जुड़ी कई दुर्घटनाओं के बाद उठाया गया है।

दो महीने में दो हादसे

बता दें कि मई में, उत्तरी गोवा में किराए की एक थार गाड़ी ने कथित तौर पर एक स्कूटर को टक्कर मार दी थी। इस हादसे में 32 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और एक नाबालिग गंभीर रूप से घायल हो गया था। वहीं जांच में पुलिस को पता चला कि गाड़ी चलाने वाला पर्यटक कथित तौर पर शराब के नशे में था।

दूसरी घटना फरवरी में नॉर्थ गोवा में हुई। यहां पर भी किराए की एक ‘थार’ गाड़ी के कथित तौर पर टक्कर मारने से मध्य प्रदेश के एक 65 वर्षीय पर्यटक की मौत हो गई थी।

ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट रेंट पर कार देने वाली कंपनी की जांच करेगा

गोडिन्हो ने कहा कि ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ‘रेंट-ए-कार’ ऑपरेटरों का ऑडिट भी करेगा ताकि यह पक्का किया जा सके कि वे लाइसेंसिंग नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं। इसमें गाड़ियों की पार्किंग की सुविधा भी शामिल होगी। इसके अलावा, अधिकारी किराए की गाड़ियों में लगे व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) और स्पीड गवर्नर की जांच और तेज करेंगे।

मंत्री ने शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का भी ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि शराब के नशे में गाड़ी चलाते हुए पाए जाने वाले और जानलेवा सड़क हादसों में शामिल ड्राइवरों को तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा। साथ ही, जरूरत पड़ने पर वाहन देने वाली कंपनियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

परिवहन विभाग ने यह भी पाया है कि किराए पर चलने वाली कई गाड़ियों में अनिवार्य स्पीड गवर्नर के साथ छेड़छाड़ की जा रही है। जून से अब तक 200 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें आरोप है कि ऑपरेटरों ने स्पीड लिमिट से बचने के लिए या तो डिवाइस को डिस्कनेक्ट कर दिया या फिर छिपे हुए स्विच लगा दिए।

लगेगा 10 हजार का जुर्माना

विभाग ने कहा कि, नियम तोड़ने वालों पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं, बार-बार नियम तोड़ने वाले ऑपरेटरों के परमिट निलंबित कर दिए जाएंगे।

रोड सेफ्टी से जुड़ी एक और पहल में, गोडिन्हो ने कहा कि पूरे गोवा में 26 जगहों पर लगाए गए AI-पावर्ड ट्रैफिक कैमरे 15 जुलाई से ई-चालान जारी करना शुरू कर देंगे। तब तक, ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों को जुर्माने के बजाय जागरूकता संदेश भेजे जाएंगे, ताकि वे नए लागू सिस्टम से परिचित हो सकें।

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Stocks to Watch: 7 जुलाई को इन 10 स्टॉक्स पर रखें नजर, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: शेयर बाजार में 7 जुलाई को कई स्टॉक्स खबरों के चलते फोकस में रह सकते हैं। इनमें कुछ कंपनियों ने जून तिमाही के मजबूत बिजनेस अपडेट जारी किए हैं। कुछ ने अधिग्रहण, मर्जर, फंड जुटाने और नई साझेदारी जैसे बड़े ऐलान किए हैं। इन कंपनियों के शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है।

Cochin Shipyard

सरकारी शिपबिल्डिंग कंपनी Cochin Shipyard में सरकार OFS के जरिए हिस्सेदारी बेचेगी। पहले 2.52% हिस्सेदारी बिक्री के लिए लाई जाएगी। ज्यादा मांग होने पर इतनी ही अतिरिक्त हिस्सेदारी भी बेची जा सकती है। OFS का फ्लोर प्राइस 1,400 रुपये प्रति शेयर रखा गया है। 7 जुलाई को गैर-रिटेल और 8 जुलाई को रिटेल निवेशक बोली लगा सकेंगे।

Tata Motors PV

टाटा ग्रुप की ऑटो कंपनी Tata Motors Passenger Vehicles Ltd ने जून तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया। Punch और Nexon का प्रोडक्शन 80,001 से बढ़कर 1,17,711 यूनिट हो गया। Curvv और Sierra की बिक्री 8,272 यूनिट से बढ़कर 25,150 यूनिट पहुंच गई। यानी लगभग तीन गुना बढ़ोतरी हुई।

Trent

टाटा ग्रुप की रिटेल कंपनी Trent Ltd ने जून तिमाही में अच्छा कारोबार किया है। कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू सालाना आधार पर 19% बढ़ा है। इस ग्रोथ की सबसे बड़ी वजह Westside और Zudio स्टोर्स का लगातार विस्तार रहा।

Torrent Pharmaceuticals

फार्मा कंपनी Torrent Pharmaceuticals को कानूनी राहत मिली है। NCLT की अहमदाबाद बेंच ने JB Chemicals & Pharmaceuticals के कंपनी में विलय को मंजूरी दे दी है। अब दोनों कंपनियों के मर्जर की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।

Tata Motors Passenger Vehicles

ऑटो कंपनी Tata Motors Passenger Vehicles Ltd ने जून तिमाही में अपने ज्यादातर पैसेंजर व्हीकल मॉडल्स की बिक्री और प्रोडक्शन बढ़ाया है। कंपनी के मुताबिक, Punch, Nexon, Curvv, Sierra, Safari और Harrier जैसे मॉडल्स की मांग मजबूत रही।

Varun Beverages

एफएमसीजी कंपनी Varun Beverages Ltd ने केन्या में बड़ा अधिग्रहण किया है। कंपनी की इकाई VBL Industries (Kenya) Ltd ने Devyani Food Industries (Kenya) Ltd के डेयरी ड्रिंक्स, जूस और पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर कारोबार को खरीदने का समझौता किया है। इस डील की कीमत 3.2 करोड़ डॉलर, यानी करीब 305 करोड़ रुपये है।

Titan

टाटा ग्रुप की ज्वेलरी कंपनी Titan Company Ltd ने जून तिमाही में दमदार कारोबार किया है। कंपनी के कंज्यूमर बिजनेस में 41% की ग्रोथ दर्ज की गई। ज्वेलरी बिजनेस 39% बढ़ा। घड़ियों और आईकेयर कारोबार में भी 23-23% की बढ़ोतरी रही। कंपनी ने इस दौरान 77 नए स्टोर भी खोले।

Hexaware Technologies

आईटी सर्विसेज कंपनी Hexaware Technologies Ltd ने SmartRent Inc. के साथ नई साझेदारी की है। दोनों कंपनियां मिलकर AI आधारित सॉल्यूशंस तैयार करेंगी। इनकी मदद से कस्टमर ऑपरेशंस और रेवेन्यू से जुड़े कामों को ज्यादा तेज और स्मार्ट बनाया जाएगा।

PNB Housing Finance

हाउसिंग फाइनेंस कंपनी PNB Housing Finance का बोर्ड 10 जुलाई को बैठक करेगा। इस बैठक में नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCDs) के जरिए फंड जुटाने के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा। अगर बोर्ड मंजूरी देता है, तो कंपनी बॉन्ड जारी कर पूंजी जुटा सकती है।

Blue Jet Healthcare

फार्मा कंपनी Blue Jet Healthcare ने ग्रोथ के लिए 600 करोड़ रुपये का क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) लॉन्च किया है। इश्यू का सांकेतिक भाव 506 रुपये प्रति शेयर रखा गया है, जो सोमवार के बंद भाव 572 रुपये से करीब 10% कम है। कंपनी ने SEBI के नियमों के तहत 531.70 रुपये प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस भी तय किया है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

अकेलेपन से मिलेगा छुटकारा! चीन ने बनाया इंसानों जैसा दिखने वाला रोबोट

टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक और बड़ा कदम उठाते हुए चीन की कंपनी UBTech ने अपना नया UWORLD U1 humanoid robot पेश किया है, जिसे अब तक का सबसे एडवांस फुल-साइज बायोनिक रोबोट बताया जा रहा है। यह रोबोट सिर्फ एक मशीन नहीं है, बल्कि इंसानों जैसा व्यवहार और अनुभव देने वाला एक “कंपैनियन रोबोट” है, जिसे खास तौर पर लोगों के साथ रहने, बातचीत करने और इमोशनल सपोर्ट देने के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें ऐसी आधुनिक तकनीकें शामिल की गई हैं जो इसे मानव जैसी बातचीत और प्रतिक्रिया देने में सक्षम बनाती हैं।

कंपनी का दावा है कि यह रोबोट भविष्य में अकेले रहने वाले लोगों और बुजुर्गों के लिए एक सहारा बन सकता है। लॉन्च से पहले ही इसके हजारों प्री-ऑर्डर मिलना इस बात का संकेत है कि AI और रोबोटिक्स को लेकर दुनिया में उत्साह लगातार बढ़ रहा है।

 फैक्ट्री नहीं, घर और दिलों के लिए बना रोबोट

U1 को इंडस्ट्रियल कामों के लिए नहीं, बल्कि इंसानों के साथ रहने के लिए बनाया गया है। इसका इस्तेमाल बुजुर्गों की देखभाल, शिक्षा, हॉस्पिटैलिटी, रिसेप्शन और होम सर्विस जैसी जगहों पर किया जा सकता है, जहां इंसानी बातचीत जरूरी होती है।

कीमत और वेरिएंट

इस रोबोट को तीन वर्जन—लाइट, प्रो और अल्ट्रा में लॉन्च किया गया है। इसकी कीमत करीब 14 लाख रुपये से शुरू होकर ₹1.15 करोड़ रुपये तक जाती है। इसे अभी चीन में ही उपलब्ध कराया गया है और जल्द ही डिलीवरी शुरू होगी।

इंसानों जैसा रूप और नेचुरल मूवमेंट

U1 को मेल और फीमेल दोनों अवतार में बनाया गया है। इसका हाइट भी इंसानों जैसा है, पुरुष मॉडल करीब 183 cm और महिला मॉडल 168 cm। इसमें 88 सर्वो जॉइंट्स हैं, जिससे यह इंसानों जैसी बॉडी मूवमेंट कर सकता है।

20+ भावनाएं समझने वाला AI ब्रेन

इस रोबोट की सबसे बड़ी ताकत इसका इमोशनल AI सिस्टम है, जो 20 से ज्यादा भावनाओं को पहचान सकता है। ये बातचीत के दौरान आई कॉन्टैक्ट बनाए रखता है, पिछली बातें याद रखता है और समय के साथ और ज्यादा पर्सनल जवाब देता है।

बात करेगा, याद रखेगा और साथ भी देगा

UBTech का दावा है कि U1 अपने यूजर को पहचान सकता है, उनकी आदतें याद रख सकता है, दवाइयों की याद दिला सकता है और अकेलेपन में बातचीत करके इमोशनल सपोर्ट भी दे सकता है। यहां तक कि यह मूवी, स्पोर्ट्स या एक्टिविटी भी सजेस्ट करता है।

सिलिकॉन स्किन और रियलिस्टिक लुक

रोबोट के बाहर सिलिकॉन कोटिंग की गई है ताकि यह असली इंसान जैसा लगे। कैमरा, माइक्रोफोन और सेंसर इसे और भी ज्यादा इंटरैक्टिव बनाते हैं, जिससे लोगों को बातचीत करते समय अजीब एहसास न हो।

डेटा प्राइवेसी और लोकल प्रोसेसिंग

कंपनी का कहना है कि यूजर डेटा क्लाउड पर नहीं भेजा जाता, बल्कि डिवाइस में ही स्टोर होता है। इसमें तीन-लेयर प्राइवेसी सिस्टम दिया गया है ताकि यूजर की जानकारी सुरक्षित रहे। AI मॉडल लोकल प्रोसेसिंग पर ज्यादा काम करता है।

13,000+ प्री-ऑर्डर से मचा धमाल

लॉन्च से पहले ही इस रोबोट को 13,300 से ज्यादा प्री-ऑर्डर मिल चुके हैं, जो दिखाता है कि AI कंपैनियन टेक्नोलॉजी को लेकर लोगों में भारी उत्साह है।

चीन बन रहा रोबोटिक्स का पावरहाउस

रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन दुनिया के लगभग 85% ह्यूमनॉइड रोबोट इंस्टॉलेशन करता है। मजबूत सरकारी सपोर्ट और टेक मैन्युफैक्चरिंग इसे तेजी से आगे बढ़ा रही है।

एक्सपर्ट्स की चिंता

विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसे रोबोट अकेलेपन में मदद कर सकते हैं, लेकिन इससे इमोशनल अटैचमेंट, प्राइवेसी रिस्क और uncanny valley इफेक्ट जैसी चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं।

Market Outlook: ‘जून 2027 तक 1 लाख के पार जा सकता है सेंसेक्स’, मॉर्गन स्टेनली ने कहा- चौंका सकता है आईटी सेक्टर

Market Outlook: विदेशी ब्रोकरेज फर्म Morgan Stanley का मानना है कि जून 2027 तक BSE Sensex 1 लाख के स्तर तक पहुंच सकता है। हालांकि, इसकी संभावना 25% ही है। ब्रोकरेज ने इसे अपना बुल केस (Bull Case) बताया है। यानी अगर ज्यादातर चीजें बाजार के पक्ष में रहीं, तो यह लक्ष्य हासिल हो सकता है।

Morgan Stanley का कहना है कि यह अनुमान कुछ अहम हालात के भरोसे है। मसलन, कच्चे तेल की कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे रहे। अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने वाली नीतियों का असर दिखने लगे। इसके अलावा वित्त वर्ष 2026 से 2029 के बीच कंपनियों की कमाई में हर साल औसतन 19% की बढ़ोतरी हो।

ब्रोकरेज का यह भी कहना है कि भारतीय शेयर बाजार की वैल्यूएशन में जो गिरावट आई है, वह स्थायी नहीं है। यह एक चक्रीय गिरावट है। यानी जैसे-जैसे ग्रोथ तेज होगी, बाजार की वैल्यूएशन में भी सुधार आ सकता है।

89,000 अंक को माना बेस केस

Morgan Stanley ने जून 2027 तक Sensex के 89,000 अंक तक पहुंचने की 50% संभावना जताई है। इसे उसने अपना बेस केस (Base Case) माना है।

ब्रोकरेज के इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट रिद्धम देसाई और नयंत पारेख का कहना है कि पिछले कुछ समय से भारतीय बाजार का प्रदर्शन कमजोर रहा है। विदेशी निवेशकों (FPI) की हिस्सेदारी भी घटी है। ऐसे में अगर हालात सुधरते हैं, तो भारतीय शेयर बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है।

बाजार के लिए सबसे बड़ा ट्रिगर क्या होगा?

Morgan Stanley के मुताबिक, भारत की आर्थिक ग्रोथ अब निचले स्तर से उबरती दिख रही है। धीरे-धीरे इसमें सुधार भी आ रहा है। हालांकि, अभी भी भारत उन देशों से पीछे है, जिन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर हो रहे बड़े निवेश का फायदा मिल रहा है।

ब्रोकरेज का कहना है कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि निवेशक भारत और दुनिया की ग्रोथ के अंतर को कैसे देखते हैं। अगर दुनिया में AI पर खर्च को लेकर उत्साह कम होता है और दूसरी तरफ भारत की ग्रोथ तेज होती है, तो बाजार का नजरिया बदल सकता है।

जून तिमाही के नतीजों पर रहेगी नजर

Morgan Stanley का मानना है कि जून तिमाही के नतीजे बाजार को नई दिशा दे सकते हैं। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि मजबूत आर्थिक संकेतकों की वजह से कंपनियों के नतीजे अनुमान से बेहतर रह सकते हैं। निवेशकों की नजर मानसून पर भी रहेगी। हालांकि, Morgan Stanley को इसकी ज्यादा चिंता नहीं है।

ब्रोकरेज का कहना है कि भारत में कई बड़े सुधार चल रहे हैं। इनसे विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) के लिए निवेश करना आसान हो सकता है। IPO की बढ़ती संख्या भी बाजार को सपोर्ट दे सकती है। हालांकि, अगर IPO की बाढ़ आ गई, तो इसका असर उल्टा भी पड़ सकता है। फिलहाल Morgan Stanley को ऐसा खतरा अगले कुछ महीनों तक नहीं दिखता।

किन सेक्टरों पर Morgan Stanley का भरोसा?

Morgan Stanley को घरेलू मांग से जुड़े सेक्टर ज्यादा पसंद हैं। ब्रोकरेज ने फाइनेंशियल, कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी और इंडस्ट्रियल सेक्टर पर ओवरवेट (Overweight) रेटिंग दी है।

वहीं एनर्जी, मटेरियल्स, यूटिलिटीज और हेल्थकेयर सेक्टर को लेकर इसकी राय ज्यादा सकारात्मक नहीं है। इन सेक्टरों पर अंडरवेट (Underweight) रेटिंग दी गई है।

आईटी सेक्टर दे सकता है बड़ा सरप्राइज

Morgan Stanley का मानना है कि आईटी सर्विसेज सेक्टर आने वाले समय में सबसे बड़ा सरप्राइज दे सकता है। दुनियाभर की कंपनियां AI एप्लिकेशन और सॉल्यूशन बनाने के लिए भारतीय आईटी कंपनियों का ज्यादा इस्तेमाल कर सकती हैं।

हालांकि, कुछ जोखिम भी हैं। इनमें भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक अर्थव्यवस्था की सुस्ती, कृषि उत्पादकता में कमजोरी, न्यायिक व्यवस्था में क्षमता की कमी और AI की वजह से रोजगार बाजार पर पड़ने वाला असर शामिल हैं।

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भारत की विकास की सफलताओं से प्रेरणा ले रहा है इंडोनेशिया, पीएम मोदी के दौरे से दोनों देशों के संबंधों को मिलेगी नई गति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 6-8 जुलाई 2026 को होने वाली इंडोनेशिया यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देशों की साझेदारी पारंपरिक सहयोग से आगे बढ़ रही है। आज इंडोनेशिया भारत को न केवल एक रणनीतिक साझेदार के रूप में, बल्कि तकनीक, नीतिगत विचारों और विकास समाधानों के एक भरोसेमंद स्रोत के रूप में भी देख रहा है। खाद्य सुरक्षा और डिजिटल गवर्नेंस से लेकर स्वास्थ्य सेवा, कृषि और रक्षा तक, भारत की सफल सार्वजनिक नीति मॉडल इंडोनेशिया की अपनी विकास यात्रा के लिए महत्वपूर्ण रोल मॉडल बन रहे हैं।

भारत के डिजिटल भुगतान बना इंडोनेशिया का रोल मॉडल

इंडोनेशिया डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में भारत की विशेषज्ञता का लाभ उठा रहा है। प्रस्तावित UPI-QRIS लिंकेज से दोनों देशों के यात्रियों और व्यवसायों के लिए बिना किसी रुकावट के सीमा-पार भुगतान संभव हो सकेगा। इस पहल से पर्यटन, व्यापार और डिजिटल कॉमर्स को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, साथ ही लेनदेन तेज, सस्ता और अधिक सुविधाजनक हो जाएगा। इंडोनेशिया में व्यापार या निवेश करने वाले भारतीय व्यवसायों और हर साल बाली व इंडोनेशिया के अन्य स्थलों पर जाने वाले लगभग 17 लाख भारतीय पर्यटकों के लिए, एक लाइव UPI-QRIS कॉरिडोर क्रांतिकारी साबित होगा।

भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर भी सहयोग के एक प्रमुख क्षेत्र के रूप में उभरा है। इंडोनेशिया का ओपन नेटवर्क (ION) भारत के ONDC मॉडल से प्रेरित है और इसका उद्देश्य इंडोनेशिया में 65 मिलियन से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के लिए एक अधिक खुला और समावेशी डिजिटल मार्केटप्लेस बनाना है। Beckn 2.0 ओपन प्रोटोकॉल पर आधारित ION का पहला लाइव लेनदेन 7 जुलाई को मोदी-प्राबोवो शिखर सम्मेलन के दौरान होने की उम्मीद है।

डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में भारतीय मॉडल को अपनाने की तैयारी में इंडोनेशिया

इंडोनेशिया के साथ भारत की डिजिटल साझेदारी अब सफल मॉडलों को साझा करने से आगे बढ़कर देश के अगली पीढ़ी के डिजिटल बैकबोन (बुनियादी ढांचे) के निर्माण में मदद करने की दिशा में बढ़ रही है। इंडोनेशिया की महत्वाकांक्षी ‘डिजिटल नुसंतारा’ पहल का उद्देश्य एक एकीकृत और इंटरऑपरेबल राष्ट्रीय डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना है, और इस यात्रा में भारतीय तकनीकी विशेषज्ञता एक महत्वपूर्ण साझेदार के रूप में उभर रही है।

आधार, UPI, डिजिलॉकर, ई-KYC और ONDC की सफलता का आधार बनने वाले भारतीय डिजिटल समाधान अब इंडोनेशिया के अपने डिजिटल बदलाव में भी प्रासंगिक साबित हो रहे हैं। यह बदलाव टेक्नोलॉजी अपनाने से आगे बढ़कर गहरे संस्थागत सहयोग की ओर है, जिसमें भारतीय कंपनियाँ सुरक्षित और बड़े पैमाने पर डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने का अपना अनुभव साझा कर रही हैं। सहयोग का दायरा वित्तीय बाज़ारों तक भी बढ़ रहा है। दोनों पक्ष AI-आधारित बाज़ार निगरानी, डिजिटल निवेश प्लेटफॉर्म और टेक्नोलॉजी-आधारित कैपिटल मार्केट सुधारों में भारत की विशेषज्ञता का इस्तेमाल करने पर विचार कर रहे हैं। टेक्नोलॉजी के ज़रिए अपने स्टॉक मार्केट को आधुनिक बनाने का भारत का अनुभव इंडोनेशिया के साथ सहयोग के नए रास्ते खोल रहा है।

इंडोनेशिया का विज़न सिर्फ़ टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने वाले देश तक सीमित नहीं है, बल्कि वह पूरे आसियान (ASEAN) क्षेत्र में डिजिटल समाधानों का उत्पादक और निर्यातक बनने की बड़ी सोच रखता है। इस लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ते हुए, भारत का ओपन, समावेशी और संप्रभु डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाने का दशकों पुराना अनुभव बहुत काम का साबित हो रहा है। इंडोनेशिया के कई प्रतिनिधिमंडलों ने भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक कल्याण योजनाओं, जैसे कि हमारी सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS), चावल फोर्टिफिकेशन योजना, उर्वरक सब्सिडी सुधार, AGRISTACK आदि से सीखने के लिए भारत का दौरा किया है।

भारत की समाज कल्याण की योजनाओं और रक्षा क्षेत्र में सहयोग के लिए तैयार इंडोनेशिया

इंडोनेशिया का महत्वाकांक्षी ‘मुफ़्त पौष्टिक भोजन कार्यक्रम’ भारत की ‘मिड-डे मील’ (PM POSHAN) योजना से प्रेरित है। इसी तरह, उनकी ‘रेड एंड व्हाइट विलेज कोऑपरेटिव्स’ पहल ‘जन औषधि’ मॉडल के ज़रिए सस्ती दवाएँ उपलब्ध कराने के लिए भारत के साथ सहयोग की संभावनाएँ तलाश रही है, जिससे ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच बेहतर हो सकेगी। यह साझेदारी रक्षा क्षेत्र में भी बढ़ रही है। इंडोनेशिया रक्षा निर्माण, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, सैन्य प्रशिक्षण और समुद्री सहयोग के मामलों में भारत के साथ मिलकर काम कर रहा है। ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत स्वदेशी रक्षा उत्पादन में भारत का अनुभव लंबे समय तक सहयोग के नए अवसर पैदा कर रहा है।

ये सभी पहल मिलकर एक बड़े ट्रेंड को दर्शाती हैं। भारत की विकास यात्रा अब न केवल अपने नागरिकों को फ़ायदा पहुँचा रही है, बल्कि मित्र देशों के लिए भी एक रोल मॉडल के तौर पर काम कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान, ज्ञान-साझेदारी का यह बढ़ता हुआ दायरा द्विपक्षीय संबंधों के सबसे मज़बूत स्तंभों में से एक के रूप में उभर रहा है, जिससे इनोवेशन, आर्थिक विकास और लंबे समय तक रणनीतिक सहयोग के अवसर पैदा हो रहे हैं।

पाकिस्तानी फेयरनेस क्रीम लगाने से 18 महिलाओं की किडनी पर संकट! भारत में बिक्री को लेकर उठे बड़े सवाल

बाजार में ऐसी कई स्किन-व्हाइटनिंग क्रीम मौजूद हैं जो कुछ ही दिनों में गोरा और बेदाग रंग देने का दावा करती हैं। आकर्षक विज्ञापनों और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के कारण बड़ी संख्या में लोग इन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल भी कर रहे हैं। लेकिन हर चमकदार पैकेज के पीछे सुरक्षित उत्पाद हो, यह जरूरी नहीं है। हाल ही में एक मामले ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या बिना जांचे-परखे ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर आंख मूंदकर भरोसा करना सही है। इस घटना के बाद स्किन-केयर प्रोडक्ट्स की गुणवत्ता, उनमें इस्तेमाल होने वाले रसायनों और ऑनलाइन बिकने वाले कॉस्मेटिक सामान की निगरानी को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि त्वचा की देखभाल के लिए हमेशा प्रमाणित और भरोसेमंद उत्पादों का ही चुनाव करना चाहिए, क्योंकि सुंदर दिखने की जल्दबाजी कभी-कभी सेहत पर भारी पड़ सकती है।

तीन ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर लगा तत्काल बैन

महाराष्ट्र FDA ने जांच के बाद तीन स्किन-केयर प्रोडक्ट्स की बिक्री, वितरण और इस्तेमाल पर तुरंत रोक लगा दी। इनमें Goree Beauty Cream, Face Fresh Gold (Beauty Cream और Beauty Serum) और Golden Star Beauty Cream शामिल हैं। जांच में इन्हें Not of Standard Quality (NSQ) घोषित किया गया।

लैब टेस्ट में मिला जहरीला सच

एफडीए की लैब जांच में इन क्रीमों में मरकरी (पारा) और लेड (सीसा) की मात्रा तय मानकों से कई गुना ज्यादा पाई गई। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे तत्व लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर शरीर के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं।

चेंबूर से खुली पूरे मामले की कड़ी

इस कार्रवाई से कुछ दिन पहले मुंबई के चेंबूर में एक दुकानदार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। आरोप है कि उसने आयात प्रतिबंध के बावजूद कथित तौर पर पाकिस्तान में बनी Goree Beauty Cream का स्टॉक रखा और उसकी बिक्री की।

18 मरीज… और एक जैसी आदत

डॉक्टरों ने जब नागपुर में दो साल के दौरान किडनी की बीमारी से जूझ रही 18 महिलाओं के मामलों का अध्ययन किया तो एक समानता सामने आई। सभी महिलाएं लंबे समय से एक ही स्किन-व्हाइटनिंग क्रीम का इस्तेमाल कर रही थीं। इसी के बाद मामले की गहराई से जांच शुरू हुई।

752 गुना ज्यादा मरकरी होने का दावा

हेल्थ कंटेंट क्रिएटर चिराग बरजात्या ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि महाराष्ट्र FDA की रिपोर्ट में Goree Beauty Cream में मरकरी की मात्रा कानूनी सीमा से 752 गुना अधिक पाई गई। उनका कहना है कि यही कारण गंभीर स्वास्थ्य जोखिम की वजह बन सकता है।

कैसे नुकसान पहुंचाती है मरकरी?

विशेषज्ञों के अनुसार, मरकरी त्वचा में बनने वाले मेलानिन को कम कर देती है, जिससे रंग हल्का दिखाई देता है। लेकिन यह असली निखार नहीं बल्कि रासायनिक असर होता है। धीरे-धीरे यह धातु त्वचा के जरिए शरीर में पहुंचकर खासकर किडनी में जमा होने लगती है और गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा देती है।

ऑनलाइन बिक्री पर उठे बड़े सवाल

रिपोर्ट्स के मुताबिक यह क्रीम कई इंस्टाग्राम पेजों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म Meesho पर भी उपलब्ध थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने सवाल उठाए कि प्रतिबंध और आयात नियमों के बावजूद ऐसा प्रोडक्ट भारतीय बाजार तक कैसे पहुंचा।

लोगों की बढ़ी चिंता, मीशो ने क्या कहा?

सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने लोगों से बिना जांचे-परखे स्किन-व्हाइटनिंग प्रोडक्ट्स से दूर रहने की अपील की। वहीं Meesho ने कहा कि मामले की जानकारी मिलने के बाद उसने इसकी जांच शुरू कर दी है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

विशेषज्ञों की सलाह

अगर आप या आपके परिवार का कोई सदस्य ऐसी स्किन-व्हाइटनिंग क्रीम इस्तेमाल करता है, तो उसकी गुणवत्ता और सामग्री की जांच जरूर करें। बिना लेबल वाले या संदिग्ध स्रोत से खरीदे गए कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स से बचना ही सबसे सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है।

14 साल की उम्र में AI कंपनी बनाकर छा गया ये लड़का, बुर्ज खलीफा में ऑफिस, कौन हैं जैनम जैन?

14 साल की उम्र में AI कंपनी बनाकर छा गया ये लड़का, बुर्ज खलीफा में ऑफिस, कौन हैं जैनम जैन?

जहां 14 साल की उम्र में ज्यादातर बच्चे स्कूल, खेल और सोशल मीडिया में अपना समय बिताते हैं, वहीं जैनम जैन ने बहुत कम उम्र में एक अलग ही पहचान बना ली है। उन्होंने इतनी छोटी उम्र में एक AI स्टार्टअप की शुरुआत की, जिसने टेक्नोलॉजी और एंटरप्रेन्योरशिप की दुनिया में सभी को हैरान कर दिया है। उनकी यह उपलब्धि सिर्फ एक सफलता नहीं, बल्कि एक ऐसी कहानी है जो ये दिखाती है कि अगर सोच बड़ी हो तो उम्र कोई बाधा नहीं बनती।

जैनम का नाम अब उन युवा फाउंडर्स में शामिल हो चुका है जो कम उम्र में बड़े सपने देख रहे हैं और उन्हें हकीकत में बदलने की कोशिश कर रहे हैं। उनकी कहानी तेजी से चर्चा में है और लोग इसे एक प्रेरणादायक उदाहरण के तौर पर देख रहे हैं, जो युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।

AI स्टार्टअप “Mengo Engine” की शुरुआत

जैनम जैन ने “Mengo Engine” नाम का AI प्लेटफॉर्म बनाया है, जो बिजनेस को आसान बनाने में मदद करता है। यह टूल कंपनियों के लिए मार्केटिंग, कस्टमर मैनेजमेंट, लीड जनरेशन और कंटेंट बनाने जैसे काम ऑटोमेट करता है। इसका मकसद है AI को हर बिजनेस के लिए आसान बनाना।

दुनिया की सबसे ऊंची इमारत में ऑफिस

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि उनका स्टार्टअप दुबई की मशहूर इमारत Burj Khalifa के 141वें फ्लोर पर स्थित है। इतनी प्रतिष्ठित जगह से कंपनी चलाना उन्हें दुनिया के सबसे कम उम्र के AI फाउंडर्स में शामिल करता है।

6 साल की उम्र से शुरू हुआ बिजनेस का सफर

जैनम की दिलचस्पी बिजनेस में तब जागी जब वो सिर्फ 6 साल के थे। उनके पिता उन्हें एक बिजनेस मीटिंग में ले गए थे, जहां से उनके मन में यह समझ और जिज्ञासा पैदा हुई कि असल दुनिया में बिजनेस कैसे काम करता है।

105 दिनों में पूरा किया 10वीं का कोर्स

13 साल की उम्र में उन्होंने IGCSE 10वीं की पढ़ाई सिर्फ 105 दिनों में पूरी कर ली। उनका मानना है कि तेज लर्निंग से उन्हें अपने स्टार्टअप पर ज्यादा ध्यान देने का समय मिला।

खुद से सीखी AI की दुनिया

जैनम ने कोई खास AI कोर्स नहीं किया। उन्होंने खुद प्रोजेक्ट्स बनाए, इंटरनेट से सीखा और लगातार एक्सपेरिमेंट करते रहे। यही सेल्फ-लर्निंग उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी।

छोटी उम्र में बड़ा रिज्यूमे

उनके नाम पहले से ही कई उपलब्धियां हैं—2 पेटेंट फाइल किए, TEDx स्पीच दी, किताब लिखी, यूट्यूब पर 1.45 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर बनाए और कई अवॉर्ड्स भी जीते। यह सब उनकी मेहनत और सीखने की लगन दिखाता है।

50 दिन के चैलेंज से बदलते रहे खुद को

10 साल की उम्र से उन्होंने खुद के लिए 50 दिन के चैलेंज सेट किए। इनमें 50 किताबें पढ़ना, 50 नेटवर्किंग इवेंट्स अटेंड करना और हजारों किलोमीटर की यात्रा करके नए लोगों से सीखना शामिल था।

बड़ा सपना यूनिकॉर्न कंपनी बनाना

इतनी कम उम्र में सफलता पाने के बाद भी उनका सपना बड़ा है। वो एक ग्लोबल यूनिकॉर्न टेक कंपनी बनाना चाहते हैं। उनका मानना है कि उम्र नहीं, बल्कि मेहनत और निरंतर सीखना सफलता की असली कुंजी है।

कौन से हैं भारत के वो 2 एयरपोर्ट, जिनकी डिजाइन और खूबसूरती ने ग्लोबल लिस्ट में बनाई जगह?

Oben Rorr Evo Deliveries Begin

Oben Rorr Evo Deliveries BEgin at Bengaluru Event

Oben Electric has commenced deliveries of the newly launched Rorr Evo. The first batch of customers in Bengaluru received their motorcycles through the company’s ‘First to Rorr’ delivery event. 

  1. The Rorr Evo received over 25,000 bookings.
  2. The company has an annual production capacity of 1 lakh units.

Deliveries will be rolled out across the country over the coming weeks through Oben’s network of 150 showrooms. Oben says the Rorr Evo crossed 25,000 bookings within 15 days of its launch in May 2026. To meet demand, the company is ramping up production at its facility, which it says has an annual capacity of 1 lakh motorcycles. Its retail and service network now spans over 90 cities across 18 states, including dedicated Oben Care service centres.

Priced at Rs 1.25 lakh (ex-showroom), the Rorr Evo is powered by a 9kW motor paired with a 3.4kWh LFP battery pack. It features SmartIQ, Oben’s AI-powered ride optimisation technology that claims to improve range by up to 15 percent. Other highlights include a projector LED headlamp and a chain-drive setup, which the company says improves efficiency by 10 percent. The IDC range is rated at 180km, while the real-world range is claimed to be around 150km.

Claimed performance figures include a 110kph top speed, and a 0-40kph sprint in 3 seconds. The battery can be fast charged from 0-80 percent in 90 minutes, and Oben offers an 8-year battery warranty. Features include a 5-inch TFT display, OTA updates, turn-by-turn navigation, geo-fencing, remote immobilisation and fall detection with emergency SOS via the company’s ARGUS connected platform.