India-Japan trade: AI से लेकर नेक्स्ट-जेन मोबिलिटी तक… भारत-जापान संबंधों का नया अध्याय, जानिए बड़ी बातें

India-Japan trade: भारत और जापान के रिश्तों को नई मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची अपने पहले भारत दौरे पर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत करते हुए उन्हें अपनी ‘छोटी बहन’ बताया। दोनों नेताओं के बीच नई दिल्ली में 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। राष्ट्रपति भवन में जापान की प्रधानमंत्री तकाइची का भव्य स्वागत किया गया। उन्हें औपचारिक ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया। इसके बाद नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री मोदी और तकाइची के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई।

भारत और जापान ने गुरुवार को कई अहम पहलों की घोषणा की। इसमें एक इकोनॉमिक पार्टनरशिप फ्रेमवर्क और मिलिट्री इक्विपमेंट को मिलकर डेवलप करने के लिए एक डिफेंस एग्रीमेंट शामिल है। इन पहलों की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके जापान की अपनी समकक्ष सनाए तकाइची के बीच समिट बातचीत के बाद की गई। मीटिंग में कई अहम फैसले लिए गए, जिसमें इकोनॉमिक सिक्योरिटी पर एक घोषणा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में सहयोग पर एक जॉइंट स्टेटमेंट और एनर्जी सप्लाई चेन में सहयोग को मजबूत करने का एक एग्रीमेंट शामिल है।

कल्चरल वैल्यू से लेकर मॉडर्न टेक्नोलॉजी तक 

प्रधानमंत्री मोदी ने मीडिया को जारी एक बयान में कहा, “भारत और जापान की इकोनॉमी एक-दूसरे की पूरक हैं। कल्चरल वैल्यू से लेकर मॉडर्न टेक्नोलॉजी तक, हम अपनी सोच और कामों में भी समानताएं शेयर करते हैं।” उन्होंने कहा, “हमारे रिश्ते की नींव अटूट आपसी भरोसे पर टिकी है।” PM मोदी ने आगे कहा कि दोनों पक्षों ने इकोनॉमिक सिक्योरिटी के लिए एक जॉइंट रोडमैप बनाया है।

सप्लाई चेन को और मजबूत और लचीला बनाएंगे

पीएम मोदी ने कहा, “इसके जरिए हम सेमीकंडक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी और एडवांस्ड मटीरियल जैसे स्ट्रेटेजिक सेक्टर में सप्लाई चेन को और मजबूत और लचीला बनाएंगे।” प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और जापान ने एनर्जी सिक्योरिटी के क्षेत्र में भी कई अहम फैसले लिए हैं। उन्होंने कहा, “इंडिया-जापान बायोगैस इनिशिएटिव के ज़रिए, हम इंडिया में 1,000 बायोगैस और ऑर्गेनिक फर्टिलाइज़र प्लांट लगाएंगे। इससे इंडियन गांवों में खुशहाली आएगी और गांव की रोजी-रोटी और मजबूत होगी।”

भारत-जापान में कई अहम करार

PM मोदी और तकाइची की मौजूदगी में इकोनॉमिक सिक्योरिटी, क्लीन एनर्जी, जरूरी टेक्नोलॉजी और रिसर्च एंड डेवलपमेंट के एरिया में कोऑपरेशन से जुड़े जरूरी मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग (MoUs) एक्सचेंज किए गए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इंडिया और जापान डिप्लोमैटिक रिलेशन शुरू होने की 75वीं एनिवर्सरी के मौके पर ऑर्गनाइज़ किए जाने वाले इवेंट्स की एक लिस्ट पर भी सहमत हुए।

पीएम मोदी ने इंडिया-जापान रिलेशन की मजबूती और इंपॉर्टेंस पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, “कुछ ही दिन पहले, G7 समिट में मैंने कहा था कि आज के ग्लोबल उथल-पुथल के माहौल में आपसी भरोसा हमारा सबसे बड़ा स्ट्रेटेजिक रिसोर्स है।” प्रधानमंत्री ने कहा, “मुझे गर्व है कि इंडिया-जापान पार्टनरशिप इस टेस्ट में पूरी तरह खरी उतरी है।”

PM मोदी ने कहा कि जापान की सटीक टेक्नोलॉजी और भारत की सॉफ्टवेयर क्षमताओं का मेल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में नई तेजी और ताकत देगा। उन्होंने कहा, “डिफेंस सेक्टर में हमने भारत और जापान के बीच पहले जॉइंट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर एक एग्रीमेंट साइन किया है।” जापानी प्रधानमंत्री तीन दिन के भारत दौरे पर हैं।

जापानी पीएम ने क्या कहा?

इस दौरान तकाइची ने कहा कि दोनों पक्ष इन्वेस्टमेंट और इनोवेशन कोऑपरेशन के जरिए इकोनॉमिक डेवलपमेंट पर फोकस कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैं एक मजबूत इकोनॉमी बनाने के लिए कमिटेड हूं और 17 स्ट्रेटेजिक सेक्टर में इन्वेस्टमेंट के जरिए जापान की सप्लाई चेन और टेक्नोलॉजिकल क्षमताओं को बढ़ाने का लक्ष्य रखती हूं।”

उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने ‘डेवलप्ड इंडिया’ लॉन्च किया, जो 2047 तक भारत को एक डेवलप्ड देश बनाने का एक नेशनल लक्ष्य है और वह भारत के डेवलपमेंट प्रोसेस को जोर-शोर से आगे बढ़ा रहे हैं।” जापानी प्रधानमंत्री ने कहा, “इस तरह हम भविष्य में इन्वेस्टमेंट के ज़रिए अपने देशों को मज़बूत और खुशहाल बनाने के लक्ष्य को शेयर करते हैं।”

हाल के सालों में भारत और जापान के रिश्ते मजबूत हुए हैं। 2014 में दोनों देशों को स्पेशल स्ट्रेटेजिक और ग्लोबल पार्टनरशिप का दर्जा दिया गया। दोनों देश 2027 में डिप्लोमैटिक रिलेशन शुरू होने की 75वीं सालगिरह मनाएंगे। सिक्योरिटी, ट्रेड और इन्वेस्टमेंट, इकोनॉमिक सिक्योरिटी, साइंस और टेक्नोलॉजी, कल्चर और लोगों के बीच संबंधों जैसे कई एरिया में सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। इस बाइलेटरल फ्रेमवर्क में अब 70 से ज्यादा डायलॉग मैकेनिज्म शामिल हैं।

स्ट्रेटेजिक एजेंडा को आगे बढ़ाने का मुख्य फोरम

प्रधानमंत्री मोदी पिछले साल अगस्त में टोक्यो में हुए 15वें सालाना समिट के लिए जापान गए थे। सालाना समिट दोनों देशों के बीच पार्टनरशिप के स्ट्रेटेजिक एजेंडा को आगे बढ़ाने का मुख्य फोरम है। PM मोदी ने जापानी PM के साथ विस्तृत बातचीत की।

इस बातचीत में दोनों देशों के बीच आर्थिक रिश्ते बढ़ाने, सेमीकंडक्टर्स के लिए एक मजबूत और लचीली सप्लाई चेन बनाने और जरूरी टेक्नोलॉजी में सहयोग बढ़ाने पर फोकस किया गया। बातचीत के बाद, दोनों पक्षों के आर्थिक सुरक्षा सहयोग पर एक जॉइंट डिक्लेरेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में सहयोग पर एक जॉइंट स्टेटमेंट जारी किया है।

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Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 3 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 2 जुलाई को भारतीय इक्विटी इंडेक्स मजबूती के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,150 के ऊपर रहा। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 579.48 अंक या 0.75 प्रतिशत बढ़कर 77,502.12 पर और निफ्टी 169.85 अंक या 0.71 प्रतिशत बढ़कर 24,175.70 पर बंद हुआ। लगभग 2436 शेयरों में बढ़त हुई, 1663 शेयरों में गिरावट आई और 165 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में इन्फोसिस,टीसीएस,टेक महिंद्रा,एचसीएल टेक्नोलॉजीज और बजाज फिनसर्व शामिल रहे। जबकि गिरावट वाले शेयरों में मैक्स हेल्थकेयर,एलएंडटी,नेस्ले,एक्सिस बैंक और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स शामिल रहे।

सेक्टरों की बात करें तो,आईटी इंडेक्स में लगभग 5% की तेजी आई,जिससे इसका लगातार 4 दिनों का गिरावट का सिलसिला टूट गया। ऑटो,रियल्टी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और मेटल इंडेक्स में 1-1% की बढ़त हुई। दूसरी ओर,कैपिटल गुड्स,पावर,टेलीकॉम और पीएसयू बैंक इंडेक्स में 0.4-0.7% की गिरावट आई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.5 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.2 प्रतिशत की बढ़त हुई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि आज भारतीय बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज के आस-पास तनाव कम होने से कच्चे तेल की कीमतें गिरीं,जबकि फेड चेयर के नरम रुख वाले बयानों से महंगाई कम होने और ग्लोबल स्तर पर ब्याज दरों के अनुकूल माहौल की उम्मीदें मजबूत हुईं।

भारत-जापान समिट को लेकर बनी उम्मीदों से भी बाजार का सेंटीमेंट बेहतर हुआ। निवेशकों को व्यापार,रक्षा,सेमीकंडक्टर,AI सहयोग,प्रस्तावित रुपया-येन सेटलमेंट फ्रेमवर्क और दोनों देशों के बीच बढ़ते कैपिटल फ्लो पर समझौतों की उम्मीद है।

सेक्टर के हिसाब से IT सेक्टर का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा। इस सेक्टर को शॉर्ट कवरिंग का सपोर्ट मिला। यह भी माना जा रहा है कि भारतीय IT कंपनियां एंटरप्राइज AI को अपनाने में अहम भूमिका निभाती रहेंगी। इसके चलते इस सेक्टर में तेजीआई। आगे चलकर,बाजार की दिशा तय करने में US नॉन-फार्म पेरोल डेटा,भारत-जापान समिट से जुड़ी खबरों और Q1FY27 के आने वाले नतीजों की अहम भूमिका होगी।

निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे की राय है कि निफ्टी ने हाल के कंसोलिडेशन से बाहर निकलकर बढ़त दिखाई है,जो मार्केट के बेहतर होते सेंटीमेंट का संकेत है। इसके अलावा,इंडेक्स अपने अहम मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ है,जिससे पॉजिटिव ट्रेंड को और मजबूती मिल रही है। मोमेंटम ऑसिलेटर RSI भी अपनी गिरती ट्रेंडलाइन से ऊपर निकल गया है,जो मोमेंटम के मजबूत होने का संकेत है।

आने वाले समय में ट्रेंड के पॉजिटिव रहने की उम्मीद है और इंडेक्स के 24,300–24,500 के लेवल तक जाने की संभावना है। नीचे की तरफ,24,000 पर तत्काल सपोर्ट है। अगर यह लेवल टूटता है तो इंडेक्स वापस कंसोलिडेशन के दौर में जा सकता है।

बैंक निफ्टी व्यू

एलकेपी सिक्योरिटीज में तकनीकी विश्लेषक, वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी एक तय दायरे में बना हुआ है और साथ ही इसमें तेजी का रुख भी दिख रहा है। सपोर्ट लेवल का धीरे-धीरे ऊपर की ओर बढ़ना इसकी मजबूती को दिखाता है,हालांकि अपट्रेंड के अगले चरण की पुष्टि के लिए 58,600 के स्तर से ऊपर मजबूत ब्रेकआउट की जरूरत है। तब तक,इंडेक्स में एक सीमित दायरे में ही कारोबार होने की संभावना है।

RSI पॉजिटिव जोन में सपाट हो गया है,जो तेजी का रुख बनाए रखते हुए मोमेंटम में ठहराव का संकेत देता है। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 57,500 और 57,200 पर है। जबकि रेजिस्टेंस 58,600 पर दिख रहा है। गिरावट पर खरीदारी और रेजिस्टेंस के पास प्रॉफ़िट बुकिंग की रणनीति अपनाना बेहतर रहेगा।

 

 

HCCB IPO : अब आपके पोर्टफोलियो में कोका-कोला का शेयर भी हो सकता है शामिल, IPO लाने की तैयारी में HCCB

 

 

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STT Global Data Centres India के IPO की तैयारी शुरू, $80-$100 करोड़ रह सकता है साइज

भारत में डेटा सेंटर की बढ़ती मांग के बीच STT ग्लोबल डेटा सेंटर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (STT GDC इंडिया) अपना IPO लाना चाहती है। कंपनी इसे अगले साल लॉन्च करने की तैयारी में है। यह बात मनीकंट्रोल को सूत्रों से पता चली है। कंपनी AI-रेडी को-लोकेशन डेटा सेंटर सर्विस देने वाली एक प्रमुख कंपनी है। यह ST टेलीमीडिया ग्लोबल डेटा सेंटर्स और टाटा कम्युनिकेशंस के बीच एक जॉइंट वेंचर है। ST टेलीमीडिया ग्लोबल डेटा सेंटर्स के पास 74 प्रतिशत और टाटा कम्युनिकेशंस के पास 26 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

सूत्रों का कहना है कि STT ग्लोबल डेटा सेंटर्स इंडिया अपने पब्लिक इश्यू के जरिए 80 करोड़ से 1 अरब डॉलर के बीच फंड जुटाने की योजना बना रही है। अभी के लिए इनवेस्टमेंट बैंक एक्सिस कैपिटल और सिटी को एडवाइजर रखा गया है। IPO पर काम शुरू हो गया है। बाद के स्टेज में और एडवाइजर्स को भी शामिल किया जा सकता है।

कितनी वैल्यूएशन पर नजर

कंपनी 6-7 अरब डॉलर के बीच वैल्यूएशन का लक्ष्य रख रही है। हालांकि अभी प्लानिंग शुरुआती दौर में है और कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। मार्केट की स्थितियों के आधार पर इश्यू का साइज और वैल्यूएशन बदल सकती है।

2030 तक कार्बन-न्यूट्रल डेटा सेंटर ऑपरेशंस का लक्ष्य

STT GDC इंडिया 2030 तक कार्बन-न्यूट्रल डेटा सेंटर ऑपरेशंस का लक्ष्य हासिल करना चाहती है। कंपनी के पास कई फॉर्च्यून 500 कंपनियों सहित अलग-अलग तरह के कस्टमर हैं। इस साल की शुरुआत में, STT GDC इंडिया ने चेन्नई में अपने चौथे डेटा सेंटर को लॉन्च करने की घोषणा की थी। डेटा सेंटर सेगमेंट में घरेलू लिस्टिंग की तैयारी करने वाली अन्य कंपनियों में सिफी इनफिनिट स्पेस लिमिटेड और योटा डेटा सर्विसेज़ प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

इन 5 iPhones पर मिल रहा शानदार ऑफर, कीमत बढ़ने से पहले चेक करें डील

अगर आप नया iPhone खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह आपके लिए सबसे सही समय हो सकता है। जही हां, दरअसल कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, Apple जल्द ही iPhone की कीमतें बढ़ा सकता है, और इसकी सबसे बड़ी वजह AI-बेस्ड मेमोरी चिप की कमी है, जिससे मैन्युफैक्चरिंग की लागत बढ़ रही है। हालांकि, Cupertino की इस टेक कंपनी ने कीमतों में बदलाव की जानकारी तो नहीं दी है, लेकिन हालिया लीक्स से संकेत मिलता है कि आने वाली iPhone 17 लाइनअप काफी महंगी हो सकती है। अब चलिए कीमतों की बढ़ोतरी से पहले, iPhone की बेहतरीन डील्स के बारे में सब कुछ जानते हैं।

iPhone की कीमतें क्यों बढ़ सकती हैं

टिपस्टर संजू चौधरी की ओर से सामने आई हालिया जानकारी से पता चलता है कि Apple के अगले iPhone लाइनअप की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हो सकती है। इस जानकारी के अनुसार, iPhone 17 Pro Max की कीमत ₹1,49,900 से बढ़कर लगभग ₹1,99,900 हो सकती है, जबकि स्टैंडर्ड iPhone 17 की कीमत ₹82,990 से बढ़कर ₹94,900 हो सकती है। हाल ही में पेश किए गए iPhone 17e की कीमत भी ₹64,900 से बढ़कर ₹74,900 होने की उम्मीद है। हालांकि, Apple ने इन आंकड़ों की पुष्टि नहीं की है, इसलिए फिलहाल इन्हें सिर्फ अटकलें ही माना जाना चाहिए। लेकिन, यह जानकारी ऐसे समय में सामने आई है जब DRAM और NAND मेमोरी की बढ़ती लागत के बीच iPhone बनाने वाली कंपनी ने कई बाजारों में MacBook, iPad और HomePod के कई मॉडल्स की कीमतें बढ़ाई हैं। इंडस्ट्री के जानकारों ने इन कीमतों में बढ़ोतरी को AI इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग से जोड़ा है, जिसकी वजह से सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में सप्लाई की दिक्कतें पैदा हुई हैं।

अभी देखने लायक पांच iPhone डील्स

अगर खबरों के मुताबिक कीमतें बढ़ती हैं, तो अभी मिल रहे इन ऑफर्स से ग्राहकों के काफी पैसे बच सकते हैं।

  1. iPhone 17 Pro Max

Flipkart ने कन्फर्म किया है कि 4 जुलाई से शुरू होने वाली Flipkart Goat Sale 2026 के दौरान, फ्लैगशिप iPhone 17 Pro Max 1,27,900 रुपये की प्रभावी कीमत पर उपलब्ध होगा। इस फोन को कंपनी ने 1,49,900 रुपये की कीमत पर लॉन्च किया था, यानी इस हैंडसेट पर सीधे 22,000 रुपये का डिस्काउंट मिल रहा है।

  1. iPhone 17 Pro और iPhone 17

iPhone 17 Pro असल में ₹1,12,900 में मिलेगा, जिस पर ₹22,000 की छूट भी मिल रही है। वहीं, स्टैंडर्ड iPhone 17 को ₹70,900 में खरीदा जा सकता है, जबकि लॉन्च के समय इसकी कीमत ₹82,900 थी।

  1. iPhone Air

Apple का सबसे पतला स्मार्टफोन, iPhone Air, अभी ₹95,900 में मिल रहा है, जो इसकी लॉन्च कीमत ₹1,19,900 से काफी कम है।

  1. iPhone 17e

जो लोग कम कीमत वाला ऑप्शन ढूंढ रहे हैं, वे iPhone 17e को ₹60,900 में खरीद सकते हैं, जो इसकी रिटेल कीमत से ₹4,000 कम है।

  1. iPhone 16

पिछले साल लॉन्च हुआ iPhone 16, जिसकी कीमत ₹79,990 थी, अभी Croma पर ₹66,490 में लिस्टेड है। यानी इस पर लगभग ₹13,500 की छूट मिल रही है।

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BlackRock ने कहा-इस वजह से जल्द भारतीय बाजार में लौटेंगे विदेशी निवेशक

विदेशी निवेशक जल्द भारतीय बाजार में लौट सकते हैं। यह अनुमान ब्लैकरॉक इनवेस्टमेंट इंस्टीट्यूट ने जताया है। इंस्टीट्यूट के चीफ एपीएसी एंड मिडिल ईस्ट इनवेस्टमेंट स्ट्रेटेजिस्ट बेन पॉवेल ने कहा कि एनर्जी की कीमतों में नरमी और जियोपॉलिटिकल स्थितियां बेहतर होने से ग्लोबल इनवेस्टर के ऐलोकेशन में बदलाव आ रहा है। भारत को इसका फायदा मिल सकता है।

जल्द भारत का रुख कर सकते हैं विदेशी निवेश

पॉवेल ने कहा कि आने वाले हफ्तों और महीनों में इंडिया में नया विदेशी निवेश आ सकता है। इसकी वजह यह है कि ताइवान और दक्षिण कोरिया जैसे AI से जुड़े शेयर बाजारों में जबर्दस्त तेजी के बाद ग्लोबल इनवेस्टर्स अपने पोर्टफोलियो की रीबैलेंसिंग कर रहे हैं। आर्टफिशियिल इंटेलिजेंस को लेकर ब्लैकरॉक अभी भी पॉजिटिव है। लेकिन, दूसरी जगह मौके तलाशने में वह वैल्यूएशंस को लेकर वह सेलेक्टिव एप्रोच अपना रही है।

भारत को तीन तरह के दबाव का सामना करना पड़ा

उन्होंने कहा, “हमें लगता है कि आने वाले हफ्तों और महीनों में इंडिया को इसका फायदा मिलेगा।” उनका मानना है कि बीते कुछ महीनों में इंडिया को तीन तरह के दबाव का सामना करना पड़ा है। इनमें पहला हाई वैल्यूएशन है। दूसरा, पश्चिम एशिया में तनाव की वजह से एनर्जी की कीमतों में उछाल है। तीसरा, यह धारणा है कि इंडियन बाजार एआई में निवेश के लिहाज से प्राइमरी मार्केट नहीं है।

ताइवान और दक्षिण कोरिया के बाजारों में जबर्दस्त तेजी

पॉवेल ने कहा कि एआई का सुपर बूम वास्तविक है। यह आगे बढ़ रहा है। लेकिन, हम निवेश के मामले में सेलेक्टिव और केयरफुल रहना चाहते हैं। इस वजह से हमने इमर्जिंग मार्केट के शेयरों को डाउनग्रेड कर न्यूट्रल रेटिंग दी है। इसका मतलब यह नहीं है कि हम बेयरिश हैं। हमने अपने पूरे पैसे का निवेश किया है। लेकिन, हमारी स्ट्रेटेजी बदलने की वजह बीते कुछ महीनों में ताइवान और कोरिया के बाजारों में आई जबर्दस्त तेजी है।

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भारत में एआई कंपनियां नहीं होने से निवेश पर पड़ा असर

उन्होंने कहा कि हम यह देख रहे हैं कि क्या हम कुछ पैसा दूसरे बाजारों में लगा सकते हैं। इसका फायदा इंडिया को मिलेगा। अगले कुछ हफ्तों और महीनों में भारत में विदेशी निवेश आ सकता है। भारत से विदेशी निवेशकों के दूरी बनाने की एक बड़ी वजह यहां सीधे एआई से जुड़ी कंपनियों की गैर-मौजूदगी रही है। उधर, ताइवान और दक्षिण कोरिया की एआई और चिप बनाने वाली कंपनियों में निवेशकों को बड़े मौके दिखे हैं।

Reliance Power Share Price: रिलायंस पावर के शेयरों को लगे पंख, AI में एंट्री के ऐलान का असर

Reliance Power Share Price: रिलायंस पावर के शेयरों को 1 जुलाई को बाजार खुलते ही पंख लग गए। शुरुआती कारोबार में शेयर 18 फीसदी तक चढ़ गया। 12 बजे शेयर का भाव 15.90 फीसदी उछाल के साथ 28.79 रुपये पर चल रहा था। शेयरों में उछाल की वजह कंपनी का एक ऐलान है। कंपनी ने आर्टफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और न्यू एज टेक्नोलॉजीज में उतरने का ऐलान किया है।

बाजार खुलते ही 18 फीसदी चढ़ गया शेयर

1 जुलाई को बाजार खुलते ही Reliance Power का शेयर 18.35 फीसदी चढ़कर 29.40 रुपये पर पहुंच गया। बाद में तेजी थोड़ी सुस्त पड़ी। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंजों को बताया है कि उसने तेजी से विकसित हो रहे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अलॉयड न्यू-एज टेक्नोलॉजीज में उतरने का प्लान बनाया है। इसके लिए कंपनी ने अपनी सब्सिडियरीज के जरिए कुछ खास कदम उठाए हैं।

एआई में कंपनी की बड़ी एंट्री

रिलायंस पावर के मुताबिक, इस कदम का मकसद अपने बिजनेस फ्रेमवर्क के तहत एआई और इससे संबंधित टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना है। इसके लिए कंपनी ने अपनी सब्सिडियरीज कंपनियों के ऑब्जेक्ट में संशोधन किया है। रिलायंस पावर ने अपनी सब्सिडियरीज कंपनियों के नामों में बदलाव के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। इनमें Reliance AI Green Power Private Limited, Reliance AI Power Private Limited, Reliance AI Data Control private और Reliance AI Data C Private Limited शामिल हैं।

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तीन महीनों में 30 फीसदी चढ़ा शेयर 

रिलांयस पावर के शेयरों में बीते तीन महीनों में करीब 30 फीसदी तेजी आई है। इस दौरान सेंसेक्स सिर्फ 5 फीसदी चढ़ा है। 1 जुलाई को शेयर बाजारों में तेजी दिखी। 12 बजे निफ्टी 0.66 फीसदी यानी 158 अंक चढ़कर 24,022 पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.72 फीसदी यानी 552 अंक के उछाल के साथ 77,025 पर चल रहा था। बैंक निफ्टी में भी 0.73 फीसदी की तेजी दिखी।

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2026 की सबसे डिमांडिंग नौकरियां! अगर सीख लीं ये 3 स्किल्स, तो कंपनियां देंगी 30 लाख रुपए तक का पैकेज!

highest paying jobs 2026

highest paying jobs 2026: जून के अंत और जुलाई की शुरुआत भारत में कॉलेज ग्रेजुएट्स (Freshers) के पास आउट होने और वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए 'हाफ-इयरली' स्विच प्लान करने का समय होता है। यही कारण है कि इस समय इंटरनेट और गूगल ट्रेंड्स पर High-Paying Tech Skills की सर्च अपने चरम पर है।

 

पारंपरिक कोडिंग और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट से हटकर अब टेक इंडस्ट्री का पूरा फोकस AI (Artificial Intelligence), Data Science और Cloud Computing पर शिफ्ट हो चुका है। आइए समझते हैं कि 2026 में इन सेक्टर्स में कितनी सैलरी मिल रही है और कौन सी स्किल्स आपको सबसे आगे रख सकती हैं।

2026 Salary Snapshot : स्किल्स और कमाई का पूरा ब्योरा

भारतीय टेक मार्केट (विशेषकर बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और गुरुग्राम जैसे हब्स) में इन तीनों डोमेन के लिए अनुभव के आधार पर मिलने वाला सालाना पैकेज (LPA) इस प्रकार है:

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Deep Dive: इन 3 स्किल्स में ऐसा क्या खास है?

1. Artificial Intelligence (AI) & ML Engineer

आज कंपनियां सिर्फ AI टूल्स का इस्तेमाल नहीं कर रही हैं, बल्कि वे अपने खुद के कस्टम AI मॉडल्स और Generative AI (LLMs) ऐप्स बना रही हैं।

  • जरूरी स्किल्स : Python, TensorFlow, PyTorch, NLP (Natural Language Processing), और प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग।
  • कमाई का सच : इस फील्ड में सचमुच कुशल लोगों की भारी कमी है, इसलिए अनुभवी इंजीनियर्स को ₹30 लाख से ₹45 लाख तक का पैकेज आसानी से मिल रहा है।

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2. Cloud Computing (Architect/DevOps)

अब लगभग हर छोटी-बड़ी कंपनी अपना डेटा लोकल सर्वर्स से हटाकर क्लाउड पर ले जा चुकी है। नैसकॉम (NASSCOM) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत की जीडीपी में क्लाउड टेक का योगदान लगातार बढ़ रहा है।

  • जरूरी स्किल्स : Amazon Web Services (AWS), Microsoft Azure, Google Cloud Platform (GCP), और Docker/Kubernetes जैसी कंटेनराइजेशन टूल्स।
  • कमाई का सच : यदि आप क्लाउड सर्टिफाइड (जैसे AWS Certified Solutions Architect) हैं, तो फ्रेशर होने पर भी आपका शुरुआती पैकेज आम डेवलपर्स से 30% तक ज्यादा होता है।

3. Data Science & Analytics

  • “Data is the new oil” – कंपनियां रोज़ाना करोड़ों गीगाबाइट डेटा जनरेट करती हैं। इस डेटा को साफ करके, समझकर बिजनेस के काम लायक फैसले लेने का काम डेटा साइंटिस्ट करते हैं।
  • जरूरी स्किल्स : SQL, Advanced Excel, Power BI या Tableau (विजुअलाइजेशन के लिए), और Python (Pandas/NumPy)।
  • कमाई का सच : यह फील्ड उन लोगों के लिए भी बेहतरीन प्रवेश द्वार है जो नॉन-कंप्यूटर साइंस (जैसे कॉमर्स या प्योर साइंस) बैकग्राउंड से आते हैं।

Expert Advice : करियर की शुरुआत कैसे करें?

सीक्रेट टिप: आज के समय में सिर्फ सर्टिफिकेट्स (Certificates) की वैल्यू नहीं है। कंपनियां आपका GitHub Portfolio और लाइव प्रोजेक्ट्स देखना चाहती हैं। अगर आप कॉलेज स्टूडेंट हैं या जॉब बदलना चाहते हैं, तो आज ही से छोटे-छोटे AI या डेटा एनालिसिस प्रोजेक्ट्स बनाकर उन्हें LinkedIn पर शेयर करना शुरू कर दें।

 

Stocks to Watch: 1 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 9 स्टॉक्स, दिख सकता है तगड़ा एक्शन

Stocks to Watch: बुधवार, 1 जुलाई के कारोबार में कई शेयर खबरों के चलते फोकस में रह सकते हैं। कहीं नए प्रोडक्ट और बड़ी डील का असर दिख सकता है, तो कहीं टैक्स विवाद और जून महीने के बिक्री आंकड़े निवेशकों की नजर में रहेंगे। ऐसे में इन शेयरों में बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है।

KPIT Technologies

टेक्नोलॉजी कंपनी KPIT Technologies ने कहा है कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही उम्मीद से कमजोर रह सकती है। कंपनी को रेवेन्यू में सालाना आधार पर करीब 1% की गिरावट का अनुमान है। वहीं EBITDA और नेट मार्जिन भी पिछली तिमाही के मुकाबले घट सकते हैं। हालांकि, कंपनी को दूसरी छमाही में कारोबार में सुधार और चौथी तिमाही में मजबूत ग्रोथ की उम्मीद है।

L&T Technology Services

इंजीनियरिंग और टेक कंपनी L&T Technology Services ने AI बेस्ड प्लेटफॉर्म Ainfonix 4.0 लॉन्च किया है। इसकी मदद से इंजीनियरिंग डॉक्युमेंट्स और तकनीकी रिकॉर्ड को डिजिटल डेटा में बदला जा सकेगा।

HDFC Life Insurance

लाइफ इंश्योरेंस कंपनी HDFC Life Insurance को GST मामले में झटका लगा है। थाणे के कमिश्नर (अपील) ने ब्याज और जुर्माने समेत 132.7 करोड़ रुपये की GST डिमांड को बरकरार रखा है।

Kotak Mahindra Bank

प्राइवेट सेक्टर के Kotak Mahindra Bank ने Deutsche Bank के साथ डील की है। कोटक इसके तहत बैंक के भारत में रिटेल बैंकिंग, प्राइवेट बैंकिंग और वेल्थ मैनेजमेंट कारोबार को करीब 281.7 करोड़ रुपये में खरीदेगा।

Paras Defence

डिफेंस कंपनी Paras Defence and Space Technologies ने Tandem Defense LLC के साथ Guardian-1 Interceptor तकनीक के लिए IP लाइसेंस एग्रीमेंट किया है।

Prestige Estates Projects

रियल एस्टेट कंपनी Prestige Estates Projects ने मुंबई के मुलुंड में Prestige Forest Hills प्रोजेक्ट का दूसरा चरण लॉन्च किया है। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू 2,200 करोड़ रुपये है।

Auto Stocks

ऑटो सेक्टर की कंपनियां जून महीने के बिक्री आंकड़े जारी करेंगी। अनुमान है कि पैसेंजर व्हीकल की बिक्री में 26% और दोपहिया वाहनों की बिक्री में 18% की सालाना बढ़ोतरी हो सकती है।

Hexaware Technologies

आईटी कंपनी Hexaware Technologies ने Tensai for Reasoning Ops नाम का नया AI प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। इसका मकसद एंटरप्राइज आईटी ऑपरेशंस में एजेंटिक AI का इस्तेमाल बढ़ाना है।

Zaggle Prepaid Ocean Services

फिनटेक कंपनी Zaggle Prepaid Ocean Services ने APAC Financial Services के साथ 5 साल का समझौता किया है। इसके तहत कंपनी अपने एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म की सेवाएं उपलब्ध कराएगी।

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WhatsApp ला रहा है Username फीचर, प्राइवेसी होगी मजबूत या बढ़ेंगे ऑनलाइन फ्रॉड? जानिए पूरी बात

WhatsApp जल्द ही अपने यूजर्स के लिए एक बड़ा बदलाव लेकर आने वाला है, जिसका नाम है Username फीचर। इस नए फीचर के जरिए लोग अपनी एक यूनिक डिजिटल पहचान बना सकेंगे और दूसरों से जुड़ने के लिए मोबाइल नंबर शेयर करने की जरूरत नहीं होगी। यह कदम ऐप में प्राइवेसी और सेफ्टी को और मजबूत करने की दिशा में माना जा रहा है। यूजर्स अब अपने मनपसंद यूजरनेम चुन सकेंगे, जिससे चैटिंग का तरीका पहले से ज्यादा आसान और सुरक्षित हो जाएगा।

साथ ही, WhatsApp ने इस फीचर के लिए कुछ खास नियम भी तैयार किए हैं, ताकि हर यूजर का नाम अलग और वैध हो तथा किसी तरह की कॉपी या गलत पहचान से बचा जा सके। इस बदलाव को सोशल मीडिया और टेक वर्ल्ड में एक बड़े अपडेट के रूप में देखा जा रहा है, जो आने वाले समय में ऑनलाइन बातचीत के तरीके को पूरी तरह बदल सकता है।

प्राइवेसी के साथ बढ़ेग चुनौतियां

WhatsApp का कहना है कि यह फीचर यूजर्स की प्राइवेसी को मजबूत करेगा, क्योंकि अब हर बातचीत के लिए फोन नंबर साझा करना जरूरी नहीं होगा। हालांकि, इस फीचर के सामने आते ही साइबर सुरक्षा और फर्जी पहचान को लेकर नई चिंताएं भी सामने आने लगी हैं।

अंकुर वारिकू ने जताई बड़ी चिंता

उद्यमी और कंटेंट क्रिएटर अंकुर वारिकू ने इस फीचर को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी चिंता जाहिर की। उनका कहना है कि अगर मजबूत सुरक्षा व्यवस्था नहीं बनाई गई, तो ठग ऐसे यूजरनेम बना सकते हैं जो किसी प्रसिद्ध व्यक्ति से मिलते-जुलते हों और लोगों को आसानी से धोखा दे सकते हैं।

भारत जैसे देश में यह खतरनाक साबित हो सकता है’

वारिकू ने कहा कि भारत जैसे देश में ऑनलाइन ठगी पहले से ही बड़ी समस्या है। अगर किसी ठग ने warikoo, ankur_warikoo या इससे मिलते-जुलते यूजरनेम बनाकर लोगों से पैसे मांगे, तो कई लोग आसानी से भ्रमित हो सकते हैं। उनके अनुसार, ऐसे मामलों को रोकने के लिए WhatsApp को मजबूत एंटी-अब्यूज सिस्टम लागू करना होगा।

पहले भी उठा चुके हैं फर्जी विज्ञापनों का मुद्दा

वारिकू ने बताया कि वह पहले भी Meta के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ चुके हैं। उनका आरोप था कि AI से बने फर्जी विज्ञापनों में उनकी तस्वीर का इस्तेमाल कर लोगों को निवेश वाले WhatsApp ग्रुप में जोड़ने की कोशिश की गई थी। उनका मानना है कि इसी तरह की ठगी नए Username फीचर के जरिए भी बढ़ सकती है।

सोशल मीडिया पर यूजर्स भी बंटे

वारिकू की पोस्ट के बाद कई लोगों ने उनकी चिंता से सहमति जताई। कुछ यूजर्स का कहना था कि अगर WhatsApp को सच में प्राइवेसी बढ़ानी थी, तो उसे ऐसे विकल्प देने चाहिए थे जिनसे केवल कॉन्टैक्ट लिस्ट में मौजूद लोग ही मैसेज या कॉल कर सकें।

4 अंकों का PIN भी होगा, फिर भी चिंता बरकरार

रिपोर्ट्स के मुताबिक, WhatsApp यूजरनेम के साथ 4 अंकों का PIN भी जोड़ेगा, जिससे गलत व्यक्ति तक पहुंचना आसान नहीं होगा। इसके बावजूद कई यूजर्स का मानना है कि यह फीचर प्लेटफॉर्म की मूल पहचान को बदल सकता है और फर्जी अकाउंट्स के लिए नए रास्ते खोल सकता है।

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Market Insight : अच्छे शेयर और थीम्स खोजें और उनमें बने रहें, इंडेक्स में फिलहाल के लिए इंट्राडे ही रहें

Market Insight : आज बड़ी वाली एक्सपायरी का दिन है। आज बाजार के लिए तीन वजह से अहम दिन है। आज मंथ एंड,क्वार्टर एंड और सीरीज एंड तीनों एक साथ हैं। ऐसे में आज आखिरी 1 घंटे में काफी उतार-चढ़ाव हो सकता है। आज के मूव को ट्रेंड न समझें,ट्रेंड कल से साफ होगा। बाजार में अभी भी अपट्रेंड है। यह टूटा नहीं है। जब तक निफ्टी 23,830 (20 DEMA) के ऊपर है,ट्रेंड ठीक है और बैंक निफ्टी अभी भी सबसे मजबूत इंडेक्स है। बैंक निफ्टी अब भी 10 और 20 DEMA के काफी ऊपर है। इंडिया VIX भी 200 DMA के नीचे ही चल रहा है। ये बातें सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडीटर अनुज सिंघल ने कही है।

उन्होंने आगे कहा कि मार्केट ब्रेड्थ को लेकर दिक्कत बस कुछ दिनों की रही है। मिडकैप और स्मॉलकैप काफी चल चुके हैं। ऐसे में इनमें मुनाफावसूली लाजमी है। अगले हफ्ते बाजार का ट्रेंड एकदम क्लियर हो जाना चाहिए।

बाजार: आज के संकेत

आज NSE के सभी कॉन्ट्रैक्ट्स की मंथली एक्सपायरी का दिन है। निफ्टी,बैंक निफ्टी,फिन निफ्टी,मिडकैप सिलेक्ट की एक्सपायरी आज होगी। शेयरों की भी एक्सपायरी आज है। निफ्टी में सबसे ज्यादा बिल्डअप 24,000 कॉल और पुट में है। ऑप्शन राइटर्स की बेसिक रेंज 23,840-24,160 है। इन दोनों लेवल्स के टूटने पर ही बड़ा मूव आ सकता है।

प्राइवेट बैंकों पर नजर

आज प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर के लिए बहुत बड़ी खबरें हैं। HDFC बैंक की दिक्कतें अब लग रहा है दूर हुई हैं। HDFC बैंक का नया पार्ट टाइम चेयरमैन अप्रूव हो गया है। जल्दी ही HDFC बैंक के CEO से जुड़ी अनिश्चितता भी दूर होनी चाहिए। एक्सिस बैंक के CFO पुनीत शर्मा HDFC बैंक के CFO होंगे। बंधन बैंक के CFO राजीव मंत्री एक्सिस बैंक से जुड़ सकते हैं।

US-ईरान तनाव जारी

कच्चा तेल $72.50 के पास है। US-ईरान के बीच आज कतर में बातचीत होने की संभावना पर सबकी नजर है। ट्रंप का दावा है कि ईरान ने बैठक का अनुरोध किया है। उधर ईरान का कहना है कि कुछ भी प्लान नहीं है। उधर US बाजारों में कल टेक और AI शेयरों के दम पर उछाल दिखा। नैस्डेक 2% चढ़ा, S&P 500 इंडेक्स 5 दिन की गिरावट के बाद 1.17% ऊपर बंद हुआ।

बाजार: कैसा है टेक्सचर?

बाजार में इस समय बड़ा ट्रेंड पॉजिटिव है। लेकिन उसके बीच में इंट्राडे ट्रेंड निगेटिव है। पिछले 2-3 दिनों से पैसा बिकवाली करके बन रहा है। ऑप्शन राइटर्स के लेवल्स पर रिवर्स ट्रेड लेने से भी पैसा बना है। मगर जब तक बड़ा ट्रेंड पॉजिटिव है,शॉर्ट कैरी मत करें। बड़ा ट्रेंड 23,800 के नीचे बंद होने पर ही निगेटिव होगा। बैंक निफ्टी में बड़ा ट्रेंड 57,100 के नीचे ही बंद होगा। निफ्टी IT अभी भी बाजार का सबसे बड़ा पेन प्वाइंट है। कल परसिस्टेंट की खबर पर बाजार ने ओवररिएक्शन दिया है। आगे पता चलेगा कि शायद ये खरीदारी का मौका था।

इंडिया VIX और मार्केट ब्रेड्थ पर भी नजर रखनी होगी। जब तक इंडिया VIX 14.5 यानी 200 DMA के नीचे है,दिक्कत नहीं है। मार्केट ब्रेड्थ खराब हुई है लेकिन टूट नहीं हुई है। एक रिस्क बाजार में खुला है, यह है खराब क्वालिटी के IPOs का। साथ ही ब्लॉक डील्स और OFS भी एक बड़ा रिस्क रहा है। अच्छी बात ये है कि ट्रेडिंग विंडो कल से बंद हो जाएगी और अगले 45 दिन बाजार में प्रोमोटर्स की बिकवाली बंद होगी।

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बाजार: क्या हो रणनीति?

अच्छे शेयर और थीम्स खोजें और उनमें बने रहें। इंडेक्स में फिलहाल के लिए इंट्राडे रहें। हमें निफ्टी में 1000-2000 अंकों का ट्रेंड पकड़ने में मजा आता है। हर 100-200 अंकों के मूव पकड़ने में टेंशन ज्यादा है और मुनाफा कम। जब बड़ा 1000-2000 अंकों का मूव समझ आएगा,तब साफ नजरिया बनाएंगे। बैंक निफ्टी में अभी भी 60,000 का मूव बचा हुआ है। मगर 57,100 के नीचे बंद हुए तो ये ट्रेड कैंसल हो जाएगी। डॉनल्ड ट्रंप वाला रिस्क फैक्टर अभी भी बाकी है। अभी भी बीच-बीच में उनके बयान आते हैं जो मूड खराब करते हैं।

कच्चा तेल भी अब युद्ध से पहले वाले लेवल पर आ चुका है। अब ब्रेंट $70 के नीचे आए तो बैंक निफ्टी में बहुत बड़ी वाली रैली आएगी। डॉलर-रुपए पर भी नजर रखें,ग्लोबली डॉलर मजबूत है। एक अच्छी बात ये कि मेटल्स की कीमतें नीचे आ रही हैं। ये हमारे कई सेक्टर्स के लिए थोड़ा पॉजिटिव है,जैसे कि ऑटो।

निफ्टी पर रणनीति

इसकी आज की बेसिक रेंज 23,840-24,160 है। खरीदारी का सबसे अच्छा जोन 23,850-23,900 है। SL 23,750 पर रखें। बिकवाली का सबसे अच्छा जोन 24,050-24,150 है। इसके लिए SL 24,250 पर रखें। अगर रेंज ब्रेक होती दिखे तो कॉल के जरिये दांव लगाएं।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी में आज थोड़ा सतर्क रहें। बैंक निफ्टी में 5 मिनट की 300 अंकों की बड़ी कैंडल बन सकती है। ऐसे में चाहें तो आज बैंक निफ्टी से दूर रहें। कम्पल्सिव ट्रेडर 57,200-58,200 की रेंज को ट्रेड करें।

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।