Samsung का 8 इंच डिस्प्ले वाला Ultra Foldable फोन लॉन्च, मिलेंगे 200MP कैमरा, 1TB स्टोरेज और AI फीचर्स, जानें कीमत

कई महीनों की अफवाहों और लीक के बाद, Samsung ने आधिकारिक तौर पर अपना पहला Ultra-ब्रांडेड फोल्डेबल, Galaxy Z Fold 8 Ultra लॉन्च कर दिया है। यह नया फोल्डेबल फोन कंपनी के लाइनअप में सबसे प्रीमियम मॉडल है, जिसमें 8-इंच का Dynamic AMOLED 2X डिस्प्ले, 200MP का फ्लैगशिप कैमरा, लेटेस्ट Snapdragon 8 Elite Gen 5 for Galaxy चिपसेट और Galaxy AI फीचर्स की एक लंबी लिस्ट शामिल है। नए Samsung Galaxy Z Fold 8 Ultra के बारे में सब कुछ जानने के लिए आगे पढ़ें।

Samsung Galaxy Z Fold 8 Ultra के स्पेसिफिकेशन्स, फीचर्स और कलर्स

फोन को खोलने पर आपको 8-इंच का QXGA+ Dynamic AMOLED 2X डिस्प्ले मिलता है, जिसमें अडैप्टिव रिफ्रेश रेट है जो जरूरत के हिसाब से 1Hz से 120Hz तक बदलता रहता है। इसे बंद करने पर 6.5-इंच का AMOLED कवर डिस्प्ले मिलता है, जो 120Hz तक के रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। परफॉर्मेंस के लिए Samsung ने इसके अंदर Snapdragon 8 Elite Gen 5 for Galaxy प्रोसेसर दिया है। यह फोल्डेबल फोन 12GB और 16GB RAM के ऑप्शन में आएगा। साथ ही स्टोरेज के लिए इसमें 1TB तक का विकल्प मिलेगा।

कैमरों की बात करें तो, इसके रियर सेटअप में ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन वाला 200MP का मेन सेंसर, 50MP का अल्ट्रा-वाइड कैमरा और 3x ऑप्टिकल जूम वाला 10MP का टेलीफोटो लेंस शामिल है। कवर स्क्रीन पर 10MP का सेल्फी कैमरा भी है, जबकि अंदर की डिस्प्ले में एक और 10MP का अंडर-डिस्प्ले कैमरा दिया गया है, ताकि बड़ी स्क्रीन पर कोई रुकावट न आए।

इसके अलावा, यह फोल्डेबल फोन Android 17 पर आधारित One UI 9 के साथ आता है और इसमें Gemini Intelligence, Now Brief, Now Nudge, Gemini Notebook, बेहतर प्राइवेसी अलर्ट और Samsung के लेटेस्ट Knox सिक्योरिटी टूल्स जैसे फीचर्स दिए गए हैं। इसमें Wi-Fi 7, Bluetooth 6.0, 5G, IP48 वॉटर रेजिस्टेंस और Wireless PowerShare का सपोर्ट भी मिलता है।

इसे पावर देने के लिए इसमें 5000mAh की बैटरी दी गई है। Samsung का दावा है कि साथ में मिलने वाले 45W वायर्ड चार्जर से यह फोन लगभग 30 मिनट में 67% तक चार्ज हो सकता है। साथ ही, इसमें 20W वायरलेस चार्जिंग का भी सपोर्ट है। इस फोल्ड होने वाले फोन का वजन 215 ग्राम है और खोलने पर इसकी मोटाई सिर्फ 4.1mm है।

कलर ऑप्शन की बात करें तो यह फोल्डेबल फोन Graphite, Cream और Violet Shadow कलर में उपलब्ध होगा। वहीं, Green Shadow कलर वेरिएंट को सिर्फ Samsung के ऑनलाइन स्टोर से खरीदा जा सकेगा।

भारत में Samsung Galaxy Z Fold 8 Ultra की कीमत और उपलब्धता

Samsung Galaxy Z Fold 8 Ultra के लिए प्री-ऑर्डर 22 जुलाई से चुनिंदा ग्लोबल मार्केट्स में शुरू होंगे। कंपनी ग्राहकों को इसके साथ 6 महीने का Google AI Pro सब्सक्रिप्शन भी दे रही है, जिसमें 5TB क्लाउड स्टोरेज शामिल होगा।

हालांकि, Samsung ने अभी तक Galaxy Z Fold 8 Ultra की भारत में कीमत का खुलासा नहीं किया है। जैसे ही दक्षिण कोरियाई कंपनी भारतीय बाजार के लिए इसकी आधिकारिक कीमत और उपलब्धता की जानकारी जारी करेगी, इसकी पूरी डिटेल अपडेट कर दी जाएगी।

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Samsung Galaxy Watch Ultra 2 और Watch 9 लॉन्च, मिलेंगे AI हेल्थ फीचर्स और 800mAh बैटरी

Samsung ने अपने Galaxy Unpacked 2026 इवेंट में सिर्फ फोल्डेबल फोन (Galaxy Z Fold 8, Galaxy Z Fold 8 Ultra और Galaxy Z Flip 8) ही लॉन्च नहीं किए, बल्कि इस दक्षिण कोरियाई कंपनी ने दो नई स्मार्टवॉच – Galaxy Watch Ultra 2 और Galaxy Watch 9 को भी पेश किया है। जहां एक तरफ Galaxy Watch Ultra 2 को उन यूजर्स की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जो ज्यादा ब्राइट डिस्प्ले, बड़ी बैटरी और मजबूत बनावट वाली स्मार्टवॉच चाहते हैं, वहीं दूसरी तरफ Galaxy Watch 9 नए AI-पावर्ड वेलनेस टूल्स के साथ रोजाना की हेल्थ ट्रैकिंग पर फोकस करती है।

Samsung Galaxy Watch 9 के स्पेसिफिकेशन्स और फीचर्स

Galaxy Watch 9 को 40mm और 44mm साइज में पेश किया गया है। दोनों ही मॉडल्स में AMOLED ‘ऑलवेज-ऑन’ डिस्प्ले है, जिसकी ब्राइटनेस 3,000 निट्स तक जाती है और यह सफायर क्रिस्टल ग्लास से सुरक्षित है। Samsung ने इस स्मार्टवॉच में Qualcomm का नया Snapdragon Wear Elite प्रोसेसर दिया है, साथ ही इसमें 2GB RAM और 32GB स्टोरेज भी है। यह वॉच Wear OS 7 पर चलता है, जिसमें ऊपर One UI 9 Watch का इंटरफेस दिया गया है।

इस स्मार्टवॉच में Samsung का लेटेस्ट बायोएक्टिव सेंसर है, जो हार्ट रेट मॉनिटरिंग, ECG और बॉडी कंपोजिशन एनालिसिस को एक ही सिस्टम में मिलाता है। इसमें हार्ट हेल्थ स्कोर, फिटनेस इंडेक्स, डेली कार्डियो लोड, वाइटल्स, हियरिंग और अपडेटेड स्लीप एपनिया जैसे नए AI-पावर्ड फीचर्स भी शामिल हैं।

बैटरी कैपेसिटी मॉडल के हिसाब से अलग-अलग है; 44mm वाले वर्जन में 445mAh की बैटरी है, जबकि 40mm वाले वेरिएंट में 390mAh की बैटरी है। इसके अलावा, इसमें वायरलेस चार्जिंग, LTE, ब्लूटूथ 6.0, वाई-फाई, NFC और डुअल-फ़्रीक्वेंसी GPS जैसे सभी फीचर्स का सपोर्ट मिलता है।

Samsung Galaxy Watch Ultra 2 के स्पेसिफिकेशन्स और फीचर्स

Samsung Galaxy Watch Ultra 2 में 1.52-इंच का AMOLED डिस्प्ले है, जिसकी पीक ब्राइटनेस 5,000 निट्स है। इसमें Qualcomm का पेंटा-कोर Snapdragon Wear Elite चिपसेट लगा है, साथ ही 2GB RAM और 64GB की ऑनबोर्ड स्टोरेज भी दी गई है। यह वियरेबल Wear OS 7 पर आधारित One UI 9 Watch के साथ आता है और Android 13 या उससे नए वर्जन वाले स्मार्टफोन के साथ काम करता है।

Samsung ने इस Watch की मजबूती को भी बेहतर बनाया है और इसके लिए IP69K, 10ATM, EN13319 और MIL-STD-810H सर्टिफिकेशन होने का दावा किया है। इसमें हेल्थ ट्रैकिंग के लिए अपग्रेडेड Bio Active सेंसर दिया गया है, जो ECG, ब्लड ऑक्सीजन मॉनिटरिंग, स्किन टेम्परेचर ट्रैकिंग, स्लीप एनालिसिस और नए स्लीप एपनिया फीचर को सपोर्ट करता है। यह वॉच यूजर्स को आस-पास के तेज शोर-शराबे के लेवल के बारे में भी नोटिफाई कर सकती है।

पावर के लिए इस वॉच में 800mAh की बैटरी दी गई है, जो WPC वायरलेस चार्जिंग को सपोर्ट करती है। कनेक्टिविटी के लिए इसमें LTE, Bluetooth 6.0, डुअल-बैंड Wi-Fi, NFC और डुअल-फ्रीक्वेंसी GPS जैसे फीचर्स दिए गए हैं।

Samsung Galaxy Watch Ultra 2 और Samsung Galaxy Watch 9 की उपलब्धता और कीमत

Samsung ने कन्फर्म किया है कि चुनिंदा ग्लोबल मार्केट में आज से प्री-ऑर्डर शुरू हो रहे हैं, जबकि बिक्री इस महीने के आखिर में कंपनी के ऑनलाइन स्टोर के जरिए शुरू होगी। Galaxy Watch 9 को चुने गए साइज के आधार पर ग्रेफाइट, क्रीम और सिल्वर कलर ऑप्शन में पेश किया जाएगा।

हालांकि, Samsung ने अभी तक दोनों स्मार्टवॉच की भारत में कीमत का ऐलान नहीं किया है। जैसे ही Samsung भारतीय बाजार के लिए आधिकारिक कीमत और उपलब्धता की जानकारी देगा, हम इस स्टोरी को अपडेट कर देंगे।

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Samsung Galaxy Unpacked 2026: Z Fold 8 Ultra से Android XR Glasses तक, जानें क्या-क्या होगा लॉन्च?

Samsung Galaxy Unpacked 2026: Samsung बस कुछ ही घंटों में अपने नए जनरेशन के फोल्डेबल स्मार्टफोन पेश करने वाला है। दक्षिण कोरियाई स्मार्टफोन कंपनी आज रात लंदन में अपना ‘Galaxy Unpacked 2026’ इवेंट आयोजित करेगी। उम्मीद है कि इस इवेंट में ‘Galaxy Z Fold 8’ लाइनअप के साथ-साथ नई Galaxy स्मार्टवॉच और शायद इसके Android XR स्मार्ट ग्लास भी पेश किए जाएंगे। हालांकि, Samsung ने फाइनल प्रोडक्ट लाइनअप के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है, लेकिन लीक से पहले ही काफी कुछ पता चल गया है कि कंपनी क्या-क्या लॉन्च कर सकती है। अब आइए हम आपको Samsung Galaxy Unpacked 2026 इवेंट से जुड़ी वो जानकारी देते हैं, जहां आपको पता चलेगा की लाइवस्ट्रीम कब और कहां देखें और इस इवेंट से क्या उम्मीद की जा सकती है।

सैमसंग क्या लॉन्च कर सकता है?

कई लीक के अनुसार, यह टेक कंपनी तीन फोल्डेबल स्मार्टफोन लॉन्च कर सकती है: Galaxy Z Fold 8, Galaxy Z Fold 8 Ultra और Galaxy Z Flip 8।

माना जा रहा है कि Galaxy Z Fold 8 Ultra Samsung का अब तक का सबसे प्रीमियम फोल्डेबल फोन होगा, जिसकी शुरुआती कीमत लगभग 2,09,990 रुपये हो सकती है। स्टैंडर्ड Galaxy Z Fold 8 की शुरुआती कीमत लगभग 1,84,999 रुपये होने की उम्मीद है, जबकि Galaxy Z Flip 8 की शुरुआती कीमत लगभग 1,34,999 रुपये हो सकती है।

वहीं, फोल्डेबल डिवाइस के साथ-साथ, ऐसी भी चर्चा है कि कंपनी Galaxy Watch 9 और Galaxy Watch Ultra 2 भी लॉन्च कर सकती है। हालिया लीक से यह भी पता चलता है कि इन दोनों स्मार्टवॉच में Qualcomm का नया Snapdragon Wear Elite चिपसेट और बड़ी बैटरी हो सकती है, जबकि इनकी डिस्प्ले पिछली जनरेशन जैसी ही रहेगी।

इसके अलावा, एक और प्रोडक्ट है जिसे लेकर काफी उत्साह है और वह है सैमसंग के Android XR Glasses। उम्मीद है कि यह वियरेबल डिवाइस AI-पावर्ड कॉन्टेक्चुअल अवेयरनेस के लिए काफी हद तक Google Gemini पर निर्भर करेगा, और इसमें लगे कैमरे सीन को पहचानने और वीडियो कैप्चर करने में मदद करेंगे।

Galaxy Unpacked 2026: तारीख, समय और लाइवस्ट्रीम की जानकारी

दक्षिण कोरिया की टेक कंपनी ने लंदन में बुधवार, 22 जुलाई को Galaxy Unpacked 2026 इवेंट तय किया है। यह इवेंट दोपहर 2:00 बजे BST (शाम 6:30 बजे IST) शुरू होगा और इसे दुनिया भर में लाइव स्ट्रीम किया जाएगा। जो लोग इसे देखना चाहते हैं, वे Samsung.com और Samsung के ऑफिशियल YouTube चैनल पर लाइव देख सकेंगे।

उम्मीद है कि Samsung इस इवेंट में अपने नए फोल्डेबल डिवाइस दिखाएगा और नए वियरेबल्स और AI-पावर्ड प्रोडक्ट्स के साथ अपने प्रीमियम Galaxy इकोसिस्टम का पेश करेगा।

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Anant Raj Demerger: अनंत राज दो हिस्सों में बंटेगी, डेटा सेंटर कारोबार के लिए अलग लिस्टेड कंपनी बनेगी

Anant Raj Demerger: रियल एस्टेट कंपनी Anant Raj Ltd ने अपने कारोबार में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। कंपनी के बोर्ड ने एक कॉम्पोजिट स्कीम ऑफ अरेंजमेंट को मंजूरी दी है। इसके तहत डेटा सेंटर और क्लाउड सर्विसेज बिजनेस को रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार से अलग किया जाएगा। इस प्रक्रिया के बाद ग्रुप की दो अलग-अलग लिस्टेड कंपनियां होंगी।

हालांकि, इस योजना को लागू करने से पहले NCLT, SEBI, स्टॉक एक्सचेंज, शेयरधारकों और अन्य नियामकीय मंजूरियां मिलना जरूरी होगा।

किस कंपनी के पास कौन सा कारोबार रहेगा?

डिमर्जर के बाद Anant Raj Ltd रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार पर फोकस करेगी। कंपनी का ध्यान रेजिडेंशियल टाउनशिप, लग्जरी हाउसिंग, कमर्शियल प्रोजेक्ट्स और हॉस्पिटैलिटी बिजनेस पर रहेगा।

वहीं, Ashok Cloud Private Limited डेटा सेंटर, क्लाउड सर्विसेज और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का कारोबार संभालेगी। कंपनी AI वर्कलोड, को-लोकेशन सर्विस, सॉवरेन पब्लिक क्लाउड, डिजास्टर रिकवरी, क्लाउड माइग्रेशन और डेटा बैकअप जैसी सेवाएं देगी।

शेयरधारकों को क्या मिलेगा?

कंपनी ने बताया कि डिमर्जर लागू होने के बाद योग्य शेयरधारकों को Anant Raj Ltd के हर एक ₹2 फेस वैल्यू वाले शेयर के बदले Ashok Cloud Private Limited का ₹2 फेस वैल्यू वाला एक शेयर मिलेगा।

हालांकि, डिमर्जर के बाद भी Ashok Cloud, Anant Raj Ltd की सब्सिडियरी बनी रहेगी। कंपनी की मौजूदा हिस्सेदारी रद्द नहीं की जाएगी।

कंपनी ने क्यों लिया यह फैसला?

कंपनी का कहना है कि दोनों कारोबार अब अलग-अलग दिशा में बढ़ रहे हैं। दोनों की पूंजी जरूरत, बिजनेस मॉडल और ग्रोथ स्ट्रेटजी भी अलग है। ऐसे में अलग कंपनियां बनने से दोनों बिजनेस अपने-अपने क्षेत्र पर ज्यादा फोकस कर सकेंगे।

कंपनी का मानना है कि इससे डेटा सेंटर बिजनेस को अलग पहचान मिलेगी। उसकी वैल्यू बेहतर तरीके से सामने आएगी। साथ ही सेक्टर-फोकस्ड निवेशकों को आकर्षित करने, रणनीतिक साझेदारी करने और नए निवेश जुटाने में भी आसानी होगी।

Anant Raj के एमडी ने क्या कहा?

Anant Raj के मैनेजिंग डायरेक्टर अमित सरीन ने कहा कि रियल एस्टेट और डेटा सेंटर कारोबार अब दो अलग प्लेटफॉर्म बन चुके हैं। दोनों की जरूरतें और ग्रोथ का रास्ता अलग है। ऐसे में डिमर्जर से दोनों कंपनियों को स्वतंत्र रणनीति बनाने और तेजी से विस्तार करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि डेटा सेंटर और क्लाउड कारोबार को एक ही प्लेटफॉर्म के तहत लाने से कॉरपोरेट स्ट्रक्चर सरल होगा। इससे फैसले तेजी से लिए जा सकेंगे और निवेशकों के लिए पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

यह घोषणा बाजार बंद होने के बाद हुई। Anant Raj का शेयर मंगलवार को BSE पर 1.50% की गिरावट के साथ ₹609.60 पर बंद हुआ।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

GATE 2027: फरवरी 2027 में होगी गेट परीक्षा, आईआईटी मद्रास ने रोबोटिक्स का पेपर किया शुरू

GATE 2027: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) मद्रास ने ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (GATE) 2027 के लिए परीक्षा कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। यह राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है, जिसका आयोजन 6, 7, 13, 14, 20 और 21 फरवरी, 2027 को हर दिन सुबह और दोपहर दो शिफ्ट में होगा। आईआईटी मद्रास, नेशनल कोऑर्डिनेशन बोर्ड (GATE), शिक्षा मंत्रालय की ओर से इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc) और दूसरे आईआईटी के साथ मिलकर GATE 2027 का आयोजन कर रहा है। पहली बार 1983 में शुरू हुई परीक्षा का इस साल 45वां एडिशन है।

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया अगस्त 2026 के बीच में आधिकारिक गेट 2027 पोर्टल के जरिए शुरू होने की उम्मीद है। सुरक्षा बढ़ाने और परीक्षा प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए, आईआईटी मद्रास उम्मीदवारों के पंजीकरण को डिजिलॉकर और फेशियल ऑथेंटिकेशन के साथ जोड़ेगा। इससे परीक्षा केंद्र पर वेरिफिकेशन और प्रवेश आसान हो जाएगा। आईआईटी मद्रास ने बदलते एकेडमिक ट्रेंड और इंडस्ट्री की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पांच साल में पहली बार सभी टेस्ट पेपर के लिए गेट सिलेबस में बदलाव किया है।

गेट 2027 परीक्षा की संभावित तारीख ब्रांच शेड्यूलिंग

गेट के पेपर का मूल कार्यक्रम परीक्षा की तारीख करीब आने पर जारी किया जाता है, लेकिन ज्यादा वॉल्यूम वाले पेपर आम तौर पर स्टैंडर्ड शेड्यूलिंग पैटर्न को फॉलो करते हैं। अनुमान है कि इस बार पेपरों का शेड्यूल कुछ इस प्रकार रहेगा

6–7 फरवरी : कंप्यूटर साइंस (CS), मैकेनिकल इंजीनियरिंग (ME), इंस्ट्रूमेंटेशन (IN), और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (EE) का बंटवारा।

13–14 फरवरी : सिविल इंजीनियरिंग (CE), इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन (EC), केमिकल इंजीनियरिंग (CH), और प्राइमरी साइंसेज स्ट्रीम।

20–21 फरवरी : डेटा साइंस और AI (DA), नए एडिशन, और बचे हुए स्पेशलाइज्ड पेपर।

नया पेपर पेश किया गया

अपडेट के हिस्से के तौर पर, गेट 2027 से एक नया रोबोटिक्स और ऑटोमेशन (RA) पेपर का विकल्प भी छात्रों को मिलेगा। टेक्सटाइल इंजीनियरिंग और फाइबर साइंस (TF) पेपर को भी रीस्ट्रक्चर किया गया है और अब इसे इंजीनियरिंग साइंसेज (XE) के तहत एक सेक्शनल पेपर के तौर पर पेश किया जाएगा। गेट 2027 सिर्फ अंग्रेजी में ही होगा और इसमें 30 टेस्ट पेपर होंगे। परीक्षार्थियों के पास आयोजक संस्थान द्वारा तय कॉम्बिनेशन के आधार पर एक या दो पेपर देने का विकल्प होगा।

एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया

गेट 2027 में शामिल होने के लिए कोई उम्र सीमा निर्धारित नहीं है। जिन परीक्षार्थियों ने इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी, आर्किटेक्चर, साइंस, आर्ट्स या कॉमर्स में बैचलर डिग्री पूरी कर ली है, या अभी फाइनल ईयर में हैं, वे आवेदन करने के योग्य हैं। पहले पेश किए गए बदले हुए योग्यता मानदंड के अनुसार, बीटेक कार्यक्रम के तीसरे साल के छात्रों को भी परीक्षा देने की इजाजत है।

गेट 2027 का एडमिट कार्ड जनवरी में जारी होगा

गेट 2027 एडमिट कार्ड जनवरी 2027 में GOAPS (GATE Online Application Processing System) पोर्टल के जरिए जारी होने की उम्मीद है। आवेदन प्रक्रिया को पूरा करने वाले उम्मीदवार अपनी एनरोलमेंट आईडी/ईमेल आईडी और पासवर्ड से लॉग इन करके अपने हॉल टिकट डाउनलोड कर पाएंगे।

गेट 2027 रिजल्ट की तारीख

गेट 2027 रिजल्ट 19 मार्च 2027 (शुक्रवार) को घोषित किया जाएगा। रिजल्ट घोषित होने के बाद कैंडिडेट अपनी एनरोलमेंट आईडी और पासवर्ड का इस्तेमाल करके GOAPS पोर्टल पर अपने स्कोरकार्ड देख पाएँगे।

गेट 2027 एग्जाम पैटर्न और क्वेश्चन पेपर

ऑफिशियल वेबसाइट एग्जाम पैटर्न के बारे में भी जानकारी देती है। कैंडिडेट इनके बारे में जानकारी पा सकते हैं:

  • एग्जाम का समय
  • सवालों का टाइप
  • मार्किंग स्कीम
  • मल्टीपल-चॉइस सवाल (MCQs)
  • मल्टीपल सेलेक्ट सवाल (MSQs)
  • न्यूमेरिकल आंसर टाइप (NAT) सवाल

पिछले सालों के क्वेश्चन पेपर भी उपलब्ध हैं ताकि परीक्षार्थी को परीक्षा फॉर्मेट समझने में मदद मिल सके।

IIM admission after 12th: जेईई मेन और एडवांस्ड के स्कोर पर आईआईएम में सीधे प्रवेश, एआई-डाटा साइंस में बीबीए और बीएस करने का मौका

IIM admission after 12th: जेईई मेन और एडवांस्ड के स्कोर पर आईआईएम में सीधे प्रवेश, एआई-डाटा साइंस में बीबीए और बीएस करने का मौका

IIM admission after 12th: देश के प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थान में दाखिले का सपना देखने वाले छात्र अब तक ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करने के बाद ही ऐसा कर सकते थे। लेकिन अब कई आईआईएम अपने कैंपस 12वीं पास छात्रों के लिए खोल रहे हैं। इसके लिए कॉमन एडमिशन टेस्ट (CAT) परीक्षा देने की भी जरूरत नहीं है। जेईई मेन और एडवांस्ड के स्कोर की मदद से छात्र ग्रेजुएट कोर्स भी आईआईएम से कर सकते हैं।

इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए वे अपनी प्रवेश परीक्षा भी लेते हैं। 12वीं के बाद जेईई के स्कोर के आधार पर छात्र मैनेजमेंट, डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल बिजनेस के यूजी कोर्स आईआईएम से कर सकते हैं। बैचलर प्रोग्राम चलाने वाले आईआईएम में आईआईएम लखनऊ, आईआईएम बेंगलुरू, आईआईएम मुंबई, आईआईएम कोझिकोड और आईआईएम संबलपुर शामिल हैं।

आईआईएम लखनऊ से करें एआई और बिजनेस एनालिटिक्स में बीएस

यह कोर्स 2026 में लॉन्च हुआ उन छात्रों के लिए है जो टेक और मैनेजमेंट का कॉम्बिनेशन पढ़ना चाहते हैं। ये छात्र आईआईएम के लखनऊ कैंपस से एआई और बिजनेस एनालिटिक्स में बैचलर ऑफ साइंस (BS) कर सकते हैं। यह प्रोग्राम फिलहाल आईआईएम में अकेला ऐसा अंडरग्रेजुएट कोर्स है, जो जेईई एडवांस्ड के जरिए छात्रों को प्रवेश देता है।

आईआईएम बेंगलुरु से डिजिटल बिजनेस और एंटरप्रेन्योरशिप में ऑनलाइन बीबीए

आईआईएम बेंगलुरु डिजिटल बिजनेस और एंटरप्रेन्योरशिप में तीन साल का ऑनलाइन बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (BBA) कोर्स करवा रहा है। इस कोर्स में दाखिला लेने के लिए आप जेईई मेन (JEE Main) या फिर सीयूईटी यूजी (CUET UG) दोनों में से किसी भी माध्यम का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह प्रोग्राम खास तौर पर उन नौजवानों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है जिनका दिमाग हमेशा नए बिजनेस आइडियाज, डिजिटल ट्रां सफॉर्मेशन और स्टार्टअप्स की दुनिया में दौड़ता रहता है।

आईआईएम मुंबई करवा रहा डिजिटल साइंस और बिजनेस मैनेजमेंट में बीएस

आईआईएम मुंबई ने अपना पहला अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम लॉन्च कर दिया है। यह चार साल का बैचलर ऑफ साइंस (BS) कोर्स है, जिसे खासतौर पर डिजिटल साइंस और बिजनेस मैनेजमेंट की बारीकियों को सिखाने के लिए डिजाइन किया गया है। इस प्रोग्राम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें एडमिशन पूरी तरह से जेईई मेन (JEE Main) के स्कोर के आधार पर होता है। इसके पहले बैच में सिर्फ 70 सीटें रखी गई हैं, जो इसे आईआईएम में सबसे अधिक कॉम्पिटेटिव यूजी कोर्स बनाती हैं। जेईई मेन में आपके शानदार प्रदर्शन के आधार पर आपको शॉर्टलिस्ट किया जाएगा और फिर पर्सनल इंटरव्यू (PI) के लिए बुलाया जाएगा। ध्यान रहे, फाइनल मेरिट लिस्ट में आपके इंटरव्यू का 30% वेटेज होगा।

आईआईएम कोझिकोड दे रहा बैचलर ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज की डिग्री

आईआईएम कोझिकोड जेईई मेन के जरिए आपको सीधे तौर पर एडमिशन नहीं देता है। इसके बजाय, जेईई मेन में 80 या उससे ज्यादा परसेंटाइल हैं, या सैट (SAT) परीक्षा में 1300 या उससे ज्यादा स्कोर वाले छात्रों को आईआईएम कोझिकोड के एप्टीट्यूड टेस्ट से पूरी तरह छूट मिल जाती है। योग्य छात्रों को प्रवेश प्रक्रिया के बाकी चरणों में हिस्सा लेना ही होगा, जिसमें इंस्टिट्यूट की अपनी चयन प्रक्रिया और इंटरव्यू शामिल है।

आईआईएम संबलपुर से पाएं डेटा साइंस एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में बीएस

आईआईएम संबलपुर ने डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में बीएस (BS) प्रोग्राम शुरू किया है। इस कोर्स में भी एंट्री पाने के लिए जेईई मेन का स्कोर जरूरी है। कॉलेज उम्मीदवारों को जेईई मेन स्कोर का इस्तेमाल करके शॉर्टलिस्ट करता है और फिर शॉर्टलिस्टेड कैंडिडेट्स को पर्सनल इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। इस कोर्स के लिए अधिकतम 20 साल की उम्र के आवदक अप्लाई कर सकते हैं। सरकारी नियमों के मुताबिक रिजर्व कैटेगरी के छात्र-छात्राओं को उम्र सीमा में जरूरी छूट भी दी जाती है।

ATMA July Result 2026: जुलाई सत्र का रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट पर देखें उम्मीदवार, अगस्त सत्र के लिए शुरू हुआ रजिस्ट्रेशन

मार्केट कर रहा नए बुल रन की तैयारी! दिग्गज निवेशक शंकर शर्मा की बड़ी भविष्यवाणी, जानें कब तक आएगी तेजी

Shankar Sharma Stock Market Outlook: भारतीय शेयर बाजार में पिछले दो दशकों में निवेशकों ने जिस तरह छप्परफाड़ कमाई की है, अब उन्हें अपनी उम्मीदों को थोड़ा कम करने की जरूरत है। ऐसा मानना है दिग्गज निवेशक शंकर शर्मा का। उन्होंने ये भी कहा कि, भारत में अगला बड़ा और मजबूत बुल मार्केट आने में अभी कम से कम एक से दो साल का वक्त लग सकता है। लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि अगला बुल रन पिछले रिकॉर्ड्स के मुकाबले काफी धीमी रफ्तार वाला होगा और इससे मिलने वाला रिटर्न भी काफी कम रहेगा।

मनीकंट्रोल की सीनियर कॉरेस्पोंडेंट जोया स्प्रिंगवाला को दिए एक इंटरव्यू में शंकर शर्मा ने बताया कि देश की अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार का आकार अब इतना बड़ा हो चुका है कि पहले जैसी तूफानी रफ्तार को बरकरार रखना नामुमकिन है। आइए जानते हैं शंकर शर्मा ने मार्केट को लेकर और क्या-क्या कहा।

अब केवल 8-10% रिटर्न की ही उम्मीद रखें निवेशक

शंकर शर्मा ने साफ तौर पर कहा कि आने वाले समय में निवेशकों को अपने रिटर्न के नजरिए को बदलना होगा। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि अगले एक-दो सालों में हमें बाजार में एक ठोस बुल रैली देखने को मिलेगी। लेकिन लोगों को यह समझना होगा कि लंबी अवधि के रिटर्न का स्तर अब नीचे खिसक चुका है। भारत अब उस तरह का रिटर्न नहीं देगा जो हमारी पीढ़ी ने कमाया है।’

जहां पिछले दो दशकों में भारतीय निवेशकों को औसतन 14-15% का सालाना रिटर्न मिलने की आदत हो चुकी है, वहीं शंकर शर्मा के मुताबिक अब लंबी अवधि में 8-10% का सालाना रिटर्न ही मिलने की उम्मीद करनी चाहिए।

शंकर शर्मा की ‘1.6 बुल मार्केट्स’ थ्योरी क्या है?

शर्मा ने बाजार के इतिहास का विश्लेषण करते हुए अपनी ‘1.6 बुल मार्केट्स’ थ्योरी समझाई। उनके मुताबिक, 1991 के उदारीकरण के बाद भारत ने केवल एक बार पूरी तरह से टिकाऊ और बड़ा बुल मार्केट देखा है, जो 2003 से 2007 के बीच आया था। उन्होंने हर्षद मेहता वाले दौर को मार्केट की एक स्वाभाविक रैली नहीं माना।

साल 2003-2007 के बुल रन में निफ्टी ने करीब 55% का सालाना रिटर्न दिया था। इसके मुकाबले कोरोना महामारी के बाद आए उछाल में निफ्टी ने लगभग 31% का रिटर्न दिया, जो पिछले बार से 40% कम था। उनके अनुसार, अगला बुल मार्केट इससे भी निचले स्तर पर रहेगा।

क्यों धीमी होगी बाजार की रफ्तार?

शंकर शर्मा का मानना है कि इस मंदी या कम रिटर्न का कारण वैश्विक राजनीति, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) या ब्याज दरें नहीं हैं, बल्कि इसका असली कारण भारत की ‘स्केल’ है। भारत अब 4 से 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन चुका है। इस आकार पर सिर्फ अपनी जगह बने रहने के लिए भी हर साल जीडीपी में सैकड़ों अरब डॉलर जोड़ने पड़ते हैं। जैसे-जैसे अर्थव्यवस्थाएं बड़ी होती हैं, उनकी ग्रोथ स्वाभाविक रूप से धीमी हो जाती है।

उन्होंने एचडीएफसी बैंक और इन्फोसिस जैसी बड़ी कंपनियों का उदाहरण देते हुए कहा, ‘आज कोई भी एचडीएफसी बैंक से 35-40% की रफ्तार से बढ़ने की उम्मीद नहीं करता, क्योंकि यह बहुत बड़ा हो चुका है। देशों की अर्थव्यवस्था भी ठीक इसी तरह काम करती है।’

लार्ज-कैप के मुकाबले स्मॉल-कैप पर बड़ा दांव

शंकर शर्मा का मानना है कि भविष्य में जब भी अगला बुल मार्केट आएगा, उसकी अगुवाई आज के मुख्य सूचकांकों में शामिल दिग्गज लार्ज-कैप (Blue-chip) शेयर नहीं करेंगे। मेन इंडेक्स की मैच्योर हो चुकी कंपनियों के मुकाबले छोटी कंपनियों (Small-caps) में अर्निंग ग्रोथ और वेल्थ क्रिएशन की गुंजाइश कहीं ज्यादा है।

शंकर शर्मा ने कहां लगाया है पैसा?

अपने इसी भरोसे के चलते शंकर शर्मा ने खुद ₹100-200 करोड़ का निवेश स्मॉल-कैप कंपनियों में किया है। उन्होंने विशेष रूप से भारत के टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा-सेंटर इकोसिस्टम से जुड़े सेक्टर्स को चुना है, क्योंकि ये सेक्टर्स अभी अपने ग्रोथ साइकिल के शुरुआती चरण में हैं।

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Samsung ने अमेरिका में मचाया कहर, इस कारण कई एंप्लॉयीज की कर दी छुट्टी

Samsung Lays Off: सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ने अमेरिका में अपने एंप्लॉयीज को तगड़ा शॉक दिया है। कंपनी ने अमेरिका मपने डिस्प्ले, मोबाइल फोन और अन्य कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स बिजनेस से कुछ एंप्लॉयीज को बाहर किया है और इसकी मार मुख्य रूप से न्यू जर्सी और टेक्सास में पड़ी है। न्यूज एजेंसी रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक यह जानकारी कंपनी के डॉक्यूमेंट्स और मामले से परिचित दो सूत्रों के हवाले से सामने आई है। इसमें कितने एंप्लॉयीज की नौकरी गई है, ये तो नहीं पता चल सका लेकिन डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक यूनिट ने 30 जून को कुछ एंप्लॉयीज को पूरी कंपनी में छंटनी के बारे में जानकारी दी थी और कहा था कि इससे बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं।

दक्षिण कोरियाई कंपनी ने रविवार को बताया कि सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स अमेरिका (SEA) के हेडक्वार्टर को टेक्सास ले जाने की योजना से न्यू जर्सी के एंगलवुड क्लिफ्स में 739 एंप्लॉयीज की नौकरी पर असर पड़ा है। इसमें से अधिकतर को नई जगह काम करने का ऑफर दिया गया तो कुछ की छुट्टी कर दी गई है। SEA का फोकस कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स पर है और इसमें चिप्स का बिजनेस शामिल नहीं है। न्यूज एजेंसी रायटर्स को सूत्रों ने बताया कि टेक्सास के प्लानो में एसईए के ऑफिस में करीब 100 वर्कर्स की छुट्टी की गई है जिसमें से कुछ मोबाइल डिविजिन के थे।

Samsung के भीतर बिजनेस की अलग-अलग तस्वीरें

सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स में यह जो छंटनी हुई, वह हेडक्वार्टर शिफ्ट होने के चलते हुई है लेकिन यह कंपनी के अलग-अलग बिजनेस की स्थिति को भी दिखाता है। एक तरफ कंपनी का चिप बिजनेस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती मांग के कारण रिकॉर्ड मुनाफा कमा रहा है, वहीं दूसरी तरफ इसके मोबाइल, टीवी और अन्य कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स बिजनेस पर चिप की बढ़ती लागत और कॉम्पटीशन का दबाव बना हुआ है।

सैमसंग पहले ही संकेत दे चुकी है कि एआई से जुड़ी चिप्स की मजबूत मांग के चलते दूसरी तिमाही का मुनाफा 19 गुना तक बढ़ सकता है और पिछले महीने ही कंपनी ने नए चिप प्लांट्स में सैकड़ों अरब डॉलर के निवेश की योजना का भी ऐलान किया था। वहीं दूसरी तरफ कंपनी का मोबाइल बिजनेस पहली बार घाटे में जा सकता है। इसे एपल के साथ-साथ चीन की कंपनियों- टीसीएल और हिसेंसे से टीवी और घरेलू उपकरणों के बाजार में कड़ी चुनौती मिल रही है। इसके अलावा एआई बूम के कारण चिप्स की लागत बढ़ी है जिससे कंपनी के सभी कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट्स की प्रॉफिटेबिलिटी पर असर पड़ा है।

चौंकाने वाला है फैसला

हेडक्वार्टर शिफ्ट करने का सैमसंग का फैसला चौंकाने वाला है क्योंकि न्यू जर्सी में इसके एंप्लॉयीज एक साल से भी कम समय पहले नए ऑफिस में शिफ्ट हुए थे। सितंबर में नए ऑफिस के उद्घाटन के मौके पर अमेरिकी सांसद जॉश गॉटहाइमर भी मौजूद थे और उनकी प्रेस रिलीज के मुताबिक एसईए न्यू जर्सी में करीब 1200 एंप्लॉयीज हैं। रायटर्स ने कुछ लिंक्डइन पोस्ट को रिव्यू कर पाया कि टेक्सास और न्यू जर्सी में सीनियर सेल्स और मार्केटिंग ऑफिशियल्स समेत 30 से अधिक वर्कर्स पिछले दो हफ्ते में या तो कंपनी छोड़ चुके हैं या उनकी छंटनी हुई है। साल 2025 के आखिर तक चिप डिविजन मिलाकर अमेरिका में सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के 11,770 एंप्लॉयीज थे।

अभी और हो सकती है छंटनी?

टेस्ला, ओरेकल और दूसरी टेक कंपनियों की तरह ही सैमसंग भी अपने हेडक्वार्टर या बड़े ऑपरेशन्स को कम टैक्स और आसान नियमों के लिए मशहूर टेक्सास ले जाने वाली कंपनियां में शामिल हो गई है। हालांकि इसके चलते एंप्लॉयीज की नौकरी पर असर पड़ा है। अब सैमसंग के एंप्लॉयीज आगे भी छंटनी को लेकर परेशान हैं। एसईए के एक एंप्लॉयी के मुताबिक कंपनी चिप पर फोकस बढ़ा रहा है तो एंप्लायंस, होम एंटरटेनमेंट और मोबाइल डिवीजनों को एक साथ ला सकती है जिससे छंटनी हो सकती है।

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रोबोट पहनाएगा आपकी ड्रेस! जानिए कैसे बिना हाथ लगाए काम करती है ये स्मार्ट टेक्नोलॉजी

तकनीक लगातार इंसानी जिंदगी को आसान बनाने के लिए नए रास्ते खोल रही है। इसी कड़ी में एक ऐसा रोबोटिक आविष्कार सामने आया है, जो भविष्य में कपड़े पहनने की पूरी प्रक्रिया को बदल सकता है। दक्षिण कोरिया के KAIST और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने एक ऐसा स्मार्ट रोबोटिक कपड़ा सिस्टम विकसित किया है, जो बिना हाथों का इस्तेमाल किए कुछ ही सेकंड में व्यक्ति को कपड़े पहनाने में मदद कर सकता है। यह तकनीक खासतौर पर बुजुर्गों, दिव्यांगों और उन लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है, जिन्हें शारीरिक सीमाओं के कारण रोजमर्रा के कामों में परेशानी होती है।

शोधकर्ताओं ने इसमें खास लचीली रोबोटिक ट्यूब का इस्तेमाल किया है, जो कपड़े को धीरे-धीरे शरीर पर चढ़ाने का काम करती हैं। यह खोज न सिर्फ सुविधा बढ़ाने वाली है, बल्कि भविष्य के सहायक रोबोटिक्स की नई दिशा भी दिखाती है।

कपड़े के अंदर लगे हैं खास वाइन रोबोट

इस रोबोटिक सिस्टम की सबसे खास बात इसमें इस्तेमाल किए गए सॉफ्ट एयर-पावर्ड रोबोट हैं। इन्हें कपड़ों के अंदर सिल दिया जाता है। ये लचीली ट्यूब जैसी संरचनाएं हवा भरने पर फैलती हैं और धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए कपड़े को शरीर के चारों ओर खींच लेती हैं। यह प्रक्रिया कुछ ऐसी होती है जैसे कपड़ा अंदर से बाहर की ओर पलटते हुए शरीर पर चढ़ता जाता है। खास बात यह है कि इस दौरान व्यक्ति को बिल्कुल स्थिर रहने की जरूरत नहीं पड़ती।

आइडिया आया बारिश में फंसे अनुभव से

इस अनोखी तकनीक के पीछे एक दिलचस्प कहानी भी है। शोधकर्ता किम नाम ग्यून ने बताया कि उन्हें यह विचार तब आया, जब वे साइकिल चलाते समय बारिश में फंस गए थे। उस समय उनके मन में आया कि अगर रेनकोट खुद ही शरीर पर चढ़ जाए तो कितना आसान हो जाएगा। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए टीम ने ऐसा पहनने योग्य रोबोटिक सिस्टम तैयार किया।

बेल की तरह काम करता है यह रोबोट

शोधकर्ताओं ने इस तकनीक को पौधों की बेल, खासकर चढ़ने वाली आइवी से प्रेरित होकर बनाया है। जैसे बेल अपनी नोक से बढ़ते हुए सतह के करीब रहती है, वैसे ही ये रोबोटिक ट्यूब कपड़े के अंदर आगे बढ़ती हैं। यह सिस्टम संकरी जगहों से गुजर सकता है, मुड़ी हुई सतहों के हिसाब से खुद को ढाल सकता है और फिसलन या ढलान वाली सतहों पर भी काम करने की क्षमता रखता है।

AI नहीं, मैकेनिकल डिजाइन है इसकी ताकत

आमतौर पर रोबोटिक सिस्टम के लिए जटिल सॉफ्टवेयर और कंट्रोल एल्गोरिदम की जरूरत होती है, लेकिन इस तकनीक की खासियत इसका सरल डिजाइन है। शोधकर्ताओं के अनुसार, यह सिस्टम अपने खास भौतिक ढांचे के कारण काम करता है, जिससे इसे ज्यादा आसान, लचीला और उपयोगी बनाया जा सकता है।

दिव्यांगों और बुजुर्गों के लिए बन सकता है सहारा

यह आविष्कार उन लोगों के लिए बड़ी मदद साबित हो सकता है, जिन्हें रोजमर्रा के कामों में दूसरों की सहायता लेनी पड़ती है। बुजुर्गों और शारीरिक रूप से कमजोर लोगों को इससे कपड़े पहनने में अधिक स्वतंत्रता मिल सकती है। इसके अलावा यह तकनीक अस्पतालों, आपातकालीन सेवाओं और सुरक्षा से जुड़े क्षेत्रों में भी उपयोगी हो सकती है।

फायरफाइटर्स और मेडिकल स्टाफ को भी मिलेगा फायदा

शोधकर्ताओं का मानना है कि यह सिस्टम उन जगहों पर भी काम आ सकता है, जहां लोगों को जल्दी से सुरक्षात्मक कपड़े पहनने पड़ते हैं।

सेमीकंडक्टर क्लीनरूम, फायर ब्रिगेड, हेल्थकेयर और इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमों के लिए यह तकनीक समय बचाने वाला समाधान बन सकती है।

अभी शुरुआती चरण में है तकनीक

हालांकि यह आविष्कार काफी प्रभावशाली है, लेकिन अभी इसे आम लोगों के इस्तेमाल के लिए तैयार नहीं किया गया है। शोधकर्ता इस तकनीक को और बेहतर बनाने पर काम कर रहे हैं। यह खोज दिखाती है कि जहां एक ओर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से आगे बढ़ रहा है, वहीं रोबोटिक्स और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में नए प्रयोग भी लोगों की जिंदगी आसान बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

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