Infosys shares Price: Q1 नतीजों के बाद शेयर 2% टूटा, बना निफ्टी का टॉप लूजर, ब्रोकरेज भी हुए सर्तक

Infosys shares Price:  मार्केट कैपिटलाइजेशन के हिसाब से भारत की दूसरी सबसे बड़ी IT सर्विस कंपनी इंफोसिस  (Infosys ) के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। 24, जुलाई को BSE पर इंफोसिस का शेयर 2.5% गिरकर दिन के सबसे निचले स्तर ₹1,023.30 प्रति शेयर पर पहुंच गया। तिमाही नतीजों के ऐलान के बाद आई।

बता दें कि IT कंपनी ने FY27 की अप्रैल-जून तिमाही के लिए कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफ़िट में साल-दर-साल (YoY) 12.3% की बढ़ोतरी के साथ ₹7,769 करोड़ बताया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹6,921 करोड़ था। हालांकि, पिछली तिमाही के आधार पर, नेट प्रॉफ़िट मार्च तिमाही (Q4FY26) में बताए गए ₹8,501 करोड़ से 8.6% कम हो गया।

IT कंपनी ने जून तिमाही में ऑपरेशन से ₹48,211 करोड़ का रेवेन्यू पोस्ट किया, जिसमें YoY में 14% और तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) 3.9% की ग्रोथ दर्ज की गई। Q1FY26 में रेवेन्यू ₹42,279 करोड़ और Q4FY26 में ₹46,402 करोड़ रहा। कॉन्स्टेंट करेंसी (CC) टर्म्स में, रेवेन्यू YoY में 2.4% और QoQ में 1% बढ़ा।

स्टॉक पर क्या है ब्रोकरेजज फर्मों की राय 

HSBC

HSBC उन दो बड़े डाउनग्रेड में से एक है जो इंफोसिस को उसके नतीजों के बाद मिले हैं। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर अपनी रेटिंग को पहले की “buy” रेटिंग से घटाकर “hold” कर दिया है और अपना टारगेट प्राइस भी पहले के ₹1,340 से घटाकर ₹1,110 कर दिया है।

HSBC ने अपने नोट में लिखा कि हालांकि गाइडेंस में कटौती की उम्मीद थी, लेकिन यह रकम आम उम्मीदों से ज़्यादा थी। हालांकि HSBC ने इंफोसिस के नियर-टर्म वैल्यूएशन को “सस्ता” बताया है, लेकिन उसे उम्मीद है कि नियर-टर्म क्वार्टर कमजोर रहेंगे।

जेपी मॉर्गन

जेपी मॉर्गन ने भी इंफोसिस को उसकी पिछली “ओवरवेट” रेटिंग से डाउनग्रेड करके “Neutral” कर दिया है और स्टॉक का प्राइस टारगेट ₹1,050 रखा है। रेवेन्यू गाइडेंस में भारी कटौती को बताया और कहा कि ग्रोथ मोमेंटम को अब कई झटके लगे हैं, जिसमें कमजोर डिमांड, बढ़ता AI डिफ्लेशन, और डेमलर में चुनौतियां और एनर्जी, यूटिलिटीज रिसोर्सेज सर्विसेज (EURS) कॉन्ट्रैक्ट का खत्म होना शामिल है।

इंफोसिस का नया ऑर्गेनिक गाइडेंस, जो नेगेटिव 0.2% से पॉजिटिव 1.3% तक है, तेज मंदी की ओर इशारा करता है और वह भी मुश्किल माहौल में 0.4% से 1.4% कंपाउंड क्वार्टरली ग्रोथ रेट (CQGR) बनाए रखने पर निर्भर करता है।

CLSA

ब्रोकरेज ने इंफोसिस पर अपनी “outperform” रेटिंग राय दी है और इसके लिए टारगेट प्राइस ₹1,109 रखा है।CLSA ने कहा कि गाइडेंस में कटौती निराशाजनक थी, लेकिन EBIT मार्जिन बेहतर थे और ऑर्डर बुक भी स्थिर थी।इसने आशीष कुमार दाश को CEO-डेजिग्नेट के तौर पर नियुक्त करने को इंफोसिस के इतिहास में पहला मौका बताया, जब किसी इनसाइडर नॉन-फाउंडर को यह मौका दिया गया हो।

नोमुरा

नोमुरा ने इंफोसिस पर अपनी “Buy” रिकमेंडेशन बनाए रखी है और प्राइस टारगेट ₹1,290 रखा है। इसने नेगेटिव रेवेन्यू को क्लाइंट स्पेसिफिक इश्यूज के लिए सरप्राइज बताया, और कहा कि स्टॉक अभी आकर्षक वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है।

इंफोसिस ने गुरुवार को अपने रिजल्ट्स की रिपोर्ट दी, जिसमें उसने अपने फाइनेंशियल ईयर 2027 रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस के अपर एंड में 50 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की। अब गाइडेंस कॉन्स्टेंट करेंसी टर्म्स में 1.5% से 3% है, जो पहले 1.5% से 3.5% था।

सलिल पारेख भी अगले साल अपना टर्म पूरा होने पर MD और CEO का पद छोड़ देंगे और 1 अप्रैल, 2027 से उनकी जगह आशीष दाश लेंगे।

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Stocks to Watch: आज 24 जुलाई को Infosys, Indigo, Meesho, NTPC समेत इन शेयरों में दिख सकता है तेज उतार-चढ़ाव

शुक्रवार, 24 जुलाई को इंफोसिस, मीशो, NTPC, बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडिगो समेत कई शेयरों में तेज उतारचढ़ाव देखने को मिल सकता है। इनमें से कुछ कंपनियों ने एक दिन पहले तिमाही नतीजे जारी किए थे। वहीं कुछ कंपनियां आज वित्तीय नतीजे जारी करने वाली हैं। कुछ कंपनियां ऐसी भी हैं, जिन्होंने एक दिन पहले नई डील, कॉन्ट्रैक्ट्स और अन्य तरह के ​डेवलपमेंट्स की जानकारी दी थी। इन पर बाजार शुक्रवार को प्रतिक्रिया देगा। इसके अलावा 40 से ज्यादा कंपनियों के शेयर 24 जुलाई को एक्स-डिविडेंड ट्रेड करने वाले हैं। साथ ही मेनबोर्ड सेगमेंट में कैलिबर माइनिंग एंड लॉजिस्टिक्स की लिस्टिंग होने वाली है। आइए डिटेल में जानते हैं किन शेयरों पर रहेगी नजर…

आज इन कंपनियों के तिमाही नतीजे

NTPC, श्रीराम फाइनेंस, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, SBI लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, SBI कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज, बैंक ऑफ इंडिया, CG पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस, हिंदुस्तान जिंक, ACC, बैंक ऑफ बड़ौदा, कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, क्रेडिटएक्सेस ग्रामीण, डालमिया भारत, जिंदल स्टील, लोढ़ा डेवलपर्स, न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी, डॉ. लाल पैथलैब्स, REC, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया और वेल्सपन कॉर्प

25 जुलाई को ये कंपनियां जारी करेंगी तिमाही रिजल्ट

AU स्मॉल फाइनेंस बैंक, SBFC फाइनेंस, बिड़ला कॉर्पोरेशन, फाइव-स्टार बिजनेस फाइनेंस, IDFC फर्स्ट बैंक, डोडला डेयरी, शेषासायी पेपर एंड बोर्ड्स और ZEN टेक्नोलोजिज

आज इन शेयरों पर रहेगी नजर

Infosys: Q1 (अप्रैल-जून 2026 तिमाही) में कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 12.2% बढ़कर 7,769 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 14% बढ़कर 48,211 करोड़ रुपये हो गया। EBIT 15.4% बढ़कर 10,163 करोड़ रुपये और EBIT मार्जिन बढ़कर 21.1% हो गया। डॉलर रेवेन्यू 2.8% बढ़कर 508.2 करोड़ डॉलर हो गया। कंपनी के बोर्ड ने आशीष कुमार डैश को मार्च 2027 तक के लिए चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) डेजिग्नेट नियुक्त किया है। वह 1 अप्रैल, 2027 से चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर और मैनेजिंग डायरेक्टर होंगे।

Meesho: Q1 में कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड घाटा सालाना आधार पर घटकर 132.8 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 48.3% बढ़कर 3,712.8 करोड़ रुपये हो गया।

Interglobe Aviation (Indigo): Q1 में कंपनी ने कंसोलिडेटेड बेसिस पर 238 करोड़ रुपये का घाटा देखा। एक साल पहले यह 2,176.3 करोड़ रुपये के मुनाफे में थी। रेवेन्यू सालाना आधार पर 19.9% ​​बढ़कर 24,584.1 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA 33.2% घटकर 3,832.5 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन 28% से घटकर 15.6% पर आ गया।

Cyient: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 32.3% घटकर 104.1 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 21.3% बढ़कर 2,075.7 करोड़ रुपये हो गया।

Orient Cement: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 62.4% घटकर 77 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 30.3% घटकर 604 करोड़ रुपये रह गया।

Sona BLW Precision Forgings: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 46.7% बढ़कर 178.5 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 52.4% बढ़कर 1,301.2 करोड़ रुपये हो गया।

Motilal Oswal Financial Services: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 9.6% बढ़कर 1,273.1 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 25.1% बढ़कर 3,425.8 करोड़ रुपये हो गया।

Suryoday Small Finance Bank: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 113.1% बढ़कर 75.2 करोड़ रुपये हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम 27.8% बढ़कर 315.7 करोड़ रुपये हो गई। ग्रॉस NPA 6.6% रहा, जबकि नेट NPA 1.27% दर्ज किया गया।

Shadowfax Technologies: एट रोड्स (Eight Roads), फ्लिपकार्ट और कोरिया का IMM इंडिया फंड ब्लॉक डील के जरिए शैडोफैक्स में ₹1,000 करोड़ से ज्यादा के शेयर बेच सकते हैं। इसके लिए फ्लोर प्राइस ₹197 प्रति शेयर तय किया गया है।

Coforge: कंपनी ने ‘कोफोर्ज न्यूरॉन’ लॉन्च करने की घोषणा की है। यह एक AI ऑपरेटिंग सिस्टम है, जिसे कंपनियों को अलग-थलग AI पहलों से आगे बढ़ने और पूरे बिजनेस में AI-बेस्ड नतीजों को बड़े पैमाने पर लागू करने में मदद करने के लिए डिजाइन किया गया है।

बल्क डील्स

धाबरिया पॉलीवुड: आशीष रमेशचंद्र कचोलिया ने ₹22.29 करोड़ में 5,76,000 शेयर बेचकर धाबरिया पॉलीवुड से लगभग पूरी तरह से एग्जिट कर लिया है। सूर्यवंशी कमोट्रेड ने भी 1 लाख शेयर ₹3.87 करोड़ में बेचे हैं। इस बीच अबाकस वेंचर अपॉर्चुनिटीज फंड ने 6,01,341 शेयर खरीदे। कुल कीमत ₹23.32 करोड़ है।

Gandhar Oil Refinery India: सोसाइटे जेनरल ने ₹19.22 करोड़ में गंधार ऑयल रिफाइनरी इंडिया के 6.84 लाख शेयर खरीदे हैं।

Oswal Pumps: VQ फास्टरकैप फंड ने ₹20.54 करोड़ में ओसवाल पंप्स के 5.98 लाख शेयर बेचे हैं।

मेनबोर्ड लिस्टिंग

कैलिबर माइनिंग एंड लॉजिस्टिक्स

Market Trend: मार्केट एक्सपर्ट पंकज रांदड़ से जानें, आज निफ्टी-बैंक निफ्टी की कैसी रह सकती है चाल, कहां होगी कमाई

ये स्टॉक्स करेंगे एक्स-डिविडेंड ट्रेड

भारती एयरटेल

दिविस लैबोरेटरीज

एबॉट इंडिया

हीरो मोटोकॉर्प

एडवांस्ड एंजाइम टेक्नोलॉजीज

भागेरिया इंडस्ट्रीज

बिड़ला कॉर्पोरेशन

CFF फ्लूइड कंट्रोल

केमबॉन्ड केमिकल्स

बॉम्बे साइकिल एंड मोटर एजेंसी

सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट

क्रैवाटेक्स

क्रॉम्पटन ग्रीव्स कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स

डेटा पैटर्न्स (इंडिया)

कॉनकॉर्ड बायोटेक

फिएम इंडस्ट्रीज

फोर्टिस हेल्थकेयर

जुबिलेंट इंग्रेविया

EL CID इन्वेस्टमेंट्स

इंटेलेक्ट डिजाइन एरिना

जॉइंडर कैपिटल सर्विसेज

जुबिलेंट फार्मोवा

इन्फो एज (इंडिया)

ओरिएंट बेल

PDS

करूर वैश्य बैंक

लक्ष्मी इलेक्ट्रिकल कंट्रोल सिस्टम्स

मित्सु केम प्लास्ट

किर्लोस्कर ब्रदर्स

न्यूलैंड लैबोरेटरीज

निट्टा जिलेटिन इंडिया

NOCIL

रेडिको खेतान

रिफेक्स इंडस्ट्रीज

सास्केन टेक्नोलोजिज

शेट्रॉन

ऋषभ इंस्ट्रूमेंट्स

सियाराम सिल्क मिल्स

स्टीलकास्ट

श्याम मेटालिक्स एंड एनर्जी

SIL इनवेस्टमेंट्स

जाइडस लाइफसाइंसेज

स्वेलेक्ट एनर्जी सिस्टम्स

वोल्टैम्प ट्रांसफॉर्मर्स

स्प्लिट और बोनस इश्यू के लिए ये स्टॉक करेंगे एक्स-ट्रेड

ज्यूपिटर लाइफ लाइन हॉस्पिटल्स

कालिंद

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Meesho Q1 Results: मीशो का घाटा 54% घटा, रेवेन्यू 48% उछला; शेयरों पर रहेगी नजर

Meesho Q1 Results: ई-कॉमर्स कंपनी मीशो ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस दौरान कंपनी का घाटा पिछले साल के मुकाबले काफी कम हुआ है, जबकि रेवेन्यू में जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

घाटा आधे से भी कम हुआ

जून 2026 तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट लॉस 54.1% घटकर ₹132.8 करोड़ रह गया। एक साल पहले की समान तिमाही में यह ₹289.4 करोड़ था।

वहीं, ऑपरेशन से रेवेन्यू 48% बढ़कर ₹3,712.8 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹2,503.9 करोड़ था।

EBITDA और कारोबार में सुधार

तिमाही के दौरान मीशो का EBITDA लॉस ₹224.7 करोड़ रहा। पिछले साल यह ₹264.4 करोड़ था। यानी इस मोर्चे पर भी सुधार देखने को मिला।

कंपनी का नेट मर्चेंडाइज वैल्यू (NMV) 34% बढ़कर ₹11,614 करोड़ हो गया। यह प्लेटफॉर्म पर बढ़ते ग्राहकों और ज्यादा खरीदारी का संकेत है।

ऑर्डर और ग्राहकों की संख्या बढ़ी

अप्रैल-जून तिमाही में मीशो पर 72.5 करोड़ ऑर्डर दिए गए। यह पिछले साल के मुकाबले 29% ज्यादा है।

कंपनी के एनुअल ट्रांजैक्टिंग यूजर्स (ATUs) की संख्या भी 29% बढ़कर 27.4 करोड़ हो गई। वहीं, हर ग्राहक ने सालाना औसतन 10.3 ऑर्डर किए। प्रीपेड ऑर्डर की हिस्सेदारी बढ़कर 37% हो गई। इससे ऑर्डर कैंसिलेशन और रिटर्न-टू-ओरिजिन (RTO) में कमी आई।

AI पर लगातार बढ़ा रही निवेश

मीशो ने कहा कि वह अपने प्लेटफॉर्म पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा रही है। कंपनी के मुताबिक, AI की मदद से इंजीनियरों की उत्पादकता दोगुने से ज्यादा बढ़ी है।

AI आधारित कैटलॉगिंग, डिमांड इंटेलिजेंस और मल्टीलिंगुअल वॉयस एजेंट्स की मदद से प्लेटफॉर्म पर सक्रिय सेलर्स की संख्या 81% बढ़कर 10.4 लाख से ज्यादा हो गई। इनमें से करीब 45% सेलर्स टियर-2 और उससे छोटे शहरों से हैं।

Meesho Mall में तेज ग्रोथ

मीशो का Meesho Mall अब 1,200 से ज्यादा ब्रांड्स के साथ काम कर रहा है। इस कारोबार में सालाना आधार पर करीब 93% की ग्रोथ दर्ज की गई।

वहीं, Content Commerce NMV में 141% की बढ़ोतरी हुई। कंपनी का कहना है कि AI से जुड़े क्रिएटर टूल्स की वजह से कंटेंट के जरिए आने वाले ऑर्डर तेजी से बढ़े हैं।

मैनेजमेंट ने क्या कहा?

मीशो के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर धीरज बंसल ने कहा कि पहली तिमाही के नतीजे कंपनी के मजबूत ऑपरेटिंग मॉडल को दिखाते हैं। उनके मुताबिक, AI अब कंपनी के हर हिस्से का अहम हिस्सा बन चुका है। इसी तिमाही में मीशो ने करीब 72.5 करोड़ ऑर्डर प्रोसेस किए, यानी औसतन हर सेकेंड 90 से ज्यादा ऑर्डर प्लेटफॉर्म पर आए।

मीशो के शेयरों का हाल

मीशो का शेयर गुरुवार को 0.71% की गिरावट के साथ ₹188.40 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 10.82% चढ़ा है। इसका मार्केट कैप 87.06 हजार करोड़ रुपये है।

Stocks to Watch: 24 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 10 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 24 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 10 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

Stocks to Watch: शेयर बाजार में 24 जुलाई को कई बड़े स्टॉक्स एक्शन में रह सकते हैं। जून तिमाही के नतीजों, प्रोडक्ट लॉन्च, ब्लॉक डील और अहम कॉरपोरेट अपडेट्स के चलते इन शेयरों पर निवेशकों की नजर रहेगी। कुछ कंपनियों ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है, जबकि कुछ के नतीजे अनुमान से कमजोर रहे। ऐसे में इन 10 स्टॉक्स पर निवेशकों की करीबी नजर रहेगी।

Infosys

आईटी सर्विसेज कंपनी Infosys का जून तिमाही में कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा तिमाही आधार पर 8.6% घटकर 7,769 करोड़ रुपये रहा। यह CNBC-TV18 के अनुमान से कम है। कंपनी का रेवेन्यू 3.9% बढ़कर 48,211 करोड़ रुपये रहा। EBIT 10,163 करोड़ रुपये और EBIT मार्जिन 21.1% रहा।

IndiGo

एविएशन कंपनी IndiGo जून तिमाही में 238 करोड़ रुपये के घाटे में आ गई। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को 2,176 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। कंपनी का रेवेन्यू 20% बढ़कर 24,854 करोड़ रुपये रहा। विमान ईंधन पर खर्च बढ़ने से EBITDAR मार्जिन 15.6% पर आ गया।

Maruti Suzuki

ऑटोमोबाइल कंपनी Maruti Suzuki की नई Brezza को Bharat NCAP में 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली है। कंपनी 24 जुलाई को इसे लॉन्च करेगी। सभी वेरिएंट में 6 एयरबैग स्टैंडर्ड होंगे। इसके साथ कई एडवांस सेफ्टी फीचर्स भी मिलेंगे।

Sona BLW

ऑटो कंपोनेंट कंपनी Sona BLW का शुद्ध मुनाफा 46.7% बढ़कर 178.5 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का रेवेन्यू 52.4% बढ़कर 1,301 करोड़ रुपये और EBITDA 42.6% बढ़कर 293.3 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि EBITDA मार्जिन 22.5% रह गया।

Cyient

इंजीनियरिंग और आईटी सर्विसेज कंपनी Cyient का शुद्ध मुनाफा तिमाही आधार पर 90% बढ़कर 104 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का रेवेन्यू 7.7% बढ़कर 2,076 करोड़ रुपये रहा। EBIT 20% बढ़कर 187 करोड़ रुपये हो गया। EBIT मार्जिन 9% पर पहुंच गया।

Suryoday SFB

स्मॉल फाइनेंस बैंक Suryoday SFB का शुद्ध मुनाफा 75 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल 35 करोड़ रुपये था। बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 27.8% बढ़कर 316 करोड़ रुपये हो गई। नेट NPA 1.27% और ग्रॉस NPA 6.6% रहा।

Motilal Oswal

ब्रोकिंग कंपनी Motilal Oswal का ऑपरेटिंग प्रॉफिट 14.04% बढ़कर 609 करोड़ रुपये रहा। एसेट और प्राइवेट वेल्थ मैनेजमेंट कारोबार का ऑपरेटिंग PAT 46% बढ़कर 335 करोड़ रुपये हो गया। हाउसिंग फाइनेंस कारोबार का मुनाफा 36% बढ़ा, जबकि वेल्थ और कैपिटल मार्केट कारोबार में दबाव रहा।

Shadowfax Tech

लॉजिस्टिक्स टेक कंपनी Shadowfax Tech में करीब 1,047.5 करोड़ रुपये की ब्लॉक डील हो सकती है। Eight Roads, Flipkart और IMM India Fund 9.08% तक हिस्सेदारी बेच सकते हैं। सौदा 197 रुपये प्रति शेयर के फ्लोर प्राइस पर होने की संभावना है।

Orient Cement

सीमेंट कंपनी Orient Cement का शुद्ध मुनाफा 62.4% घटकर 77 करोड़ रुपये रह गया। कंपनी का रेवेन्यू 30.3% घटकर 604 करोड़ रुपये रहा। EBITDA 144 करोड़ रुपये रहा। हालांकि EBITDA मार्जिन बढ़कर 23.8% हो गया।

NIIT Learning

एडटेक कंपनी NIIT Learning का शुद्ध मुनाफा 16.4% बढ़कर 57.4 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का रेवेन्यू 25.2% बढ़कर 565 करोड़ रुपये रहा। EBITDA 92.8 करोड़ रुपये रहा। हालांकि EBITDA मार्जिन 16.4% पर आ गया।

पहली तिमाही के नतीजे

सीमेंट, बैंकिंग, इलेक्ट्रिकल और कैपिटल गुड्स सेक्टर की कई कंपनियां शुक्रवार (24 जुलाई) को जून तिमाही के नतीजे जारी करेंगी। इनमें ACC, Bank of Baroda, Bank of India, CG Power and Industrial Solutions, Aaron Industries, Arihant Capital Markets और Automotive Stampings and Assemblies शामिल हैं। निवेशकों की नजर इन कंपनियों के रेवेन्यू, मुनाफे और ऑपरेशनल प्रदर्शन पर रहेगी।

Cyient Q1 Results: मुनाफा 90% उछला; शेयर बायबैक पूरा, AI पर बढ़ाया फोकस

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Cyient Q1 Results: मुनाफा 90% उछला; शेयर बायबैक पूरा, AI पर बढ़ाया फोकस

Cyient Q1 Results: इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) कंपनी Cyient Ltd ने जून 2026 तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट तिमाही आधार (QoQ) पर 90% बढ़कर 104 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछली तिमाही में यह 55 करोड़ रुपये था। वहीं, ऑपरेशन से रेवेन्यू 7.7% बढ़कर 2,076 करोड़ रुपये रहा, जो पिछली तिमाही में 1,927 करोड़ रुपये था।

जून तिमाही में कंपनी का EBIT 20% बढ़कर 187 करोड़ रुपये रहा। वहीं EBIT मार्जिन 8.1% से बढ़कर 9% हो गया। यानी कंपनी ने बिक्री के मुकाबले बेहतर ऑपरेटिंग मुनाफा कमाया।

DET बिजनेस का प्रदर्शन

Cyient के डिजिटल, इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (DET) कारोबार का रेवेन्यू 1,540 करोड़ रुपये रहा। यह तिमाही आधार पर 2.7% और सालाना आधार पर 10.6% बढ़ा। हालांकि, कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर रेवेन्यू में 0.5% की तिमाही और 0.9% की सालाना गिरावट दर्ज की गई।

DET कारोबार का EBIT 203 करोड़ रुपये और EBIT मार्जिन 13.2% रहा। वहीं इस सेगमेंट का मुनाफा 141 करोड़ रुपये रहा, जो पिछली तिमाही से 2.1% ज्यादा है।

शेयर बायबैक पूरा, AI पर बढ़ा फोकस

Cyient ने बताया कि तिमाही के दौरान उसका शेयर बायबैक प्रोग्राम सफलतापूर्वक पूरा हो गया। साथ ही कंपनी ने TAO Digital Solutions के अधिग्रहण का ऐलान किया, जिससे डेटा और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में उसकी पकड़ मजबूत होगी और ग्राहकों के लिए AI से जुड़े सॉल्यूशंस डेवलप करने में मदद मिलेगी।

कंपनी ने कहा कि Cyient Semiconductors ने लगातार पांचवीं तिमाही में ऑर्गेनिक ग्रोथ दर्ज की है। वहीं Cyient DLM का ऑर्डर बुक अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है।

मैनेजमेंट ने क्या कहा?

मैनेजिंग डायरेक्टर कृष्णा बोडानापु ने कहा कि वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत कंपनी के लिए मजबूत रही है। पिछले कुछ तिमाहियों में किए गए निवेश अब नतीजों में दिखने लगे हैं। कंपनी AI क्षमताओं, सेमीकंडक्टर और इंजीनियरिंग कारोबार में निवेश बढ़ा रही है ताकि आने वाले वर्षों में तेज ग्रोथ हासिल की जा सके।

Cyient शेयर का हाल

Cyient का शेयर गुरुवार को 1.29% की गिरावट के साथ 832 रुपये पर बंद हुआ। एक साल में स्टॉक 34.98% गिरा है। इसका मार्केट कैप 9.16 हजार करोड़ रुपये है।

Infosys अक्तूबर और जनवरी में बढ़ाएगी एंप्लॉयीज की सैलरी, इस साल करेगी 20000 फ्रेशर्स की भर्ती

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Sona Comstar Q1 Results: मुनाफा 47% उछला, रेवेन्यू ने बनाया नया रिकॉर्ड; रोबोटिक्स कारोबार में भी उतरी कंपनी

Sona Comstar Q1 Results: ऑटो कंपोनेंट कंपनी Sona BLW Precision Forgings (Sona Comstar) ने जून 2026 तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 46.7% बढ़कर 178.5 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल इसी तिमाही में यह 122 करोड़ रुपये था। वहीं ऑपरेशन से रेवेन्यू 52.4% बढ़कर 1,301 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 854 करोड़ रुपये था।

कंपनी का प्रदर्शन बाजार के अनुमान से बेहतर रहा। CNBC-TV18 के अनुमान के मुकाबले कंपनी ने मुनाफा, रेवेन्यू और EBITDA तीनों मोर्चों पर बेहतर नतीजे दिए।

EBITDA और मार्जिन का हाल

जून तिमाही में EBITDA 42.6% बढ़कर 293.3 करोड़ रुपये रहा। हालांकि EBITDA मार्जिन 24.1% से घटकर 22.5% पर आ गया। यानी कंपनी की कमाई बढ़ी, लेकिन लागत बढ़ने से मार्जिन पर कुछ दबाव रहा।

EV बिजनेस ने बनाई नई ऊंचाई

Sona Comstar ने कहा कि यह उसकी अब तक की सबसे अधिक तिमाही रेवेन्यू रही। बैटरी इलेक्ट्रिक व्हीकल (BEV) से होने वाला रेवेन्यू भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। जून तिमाही में कुल ऑटोमोटिव रेवेन्यू में BEV उत्पादों की हिस्सेदारी 44% रही, जबकि BEV रेवेन्यू सालाना आधार पर 107% बढ़ा।

रोबोटिक्स और AI में एंट्री

Sona Comstar ने इस तिमाही में Robotics & Physical AI कारोबार में भी उतरने का ऐलान किया। कंपनी इस क्षेत्र के लिए मिशन-क्रिटिकल कंपोनेंट, सॉफ्टवेयर, इंजीनियरिंग सेवाएं और चुनिंदा रोबोट प्लेटफॉर्म डेवलप करेगी। साथ ही कंपनी ने Sona Comstar 2.0 रणनीति पेश की है। इसके तहत FY35 तक रेवेन्यू को फिर से 10 गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।

नए ऑर्डर और शेयर का हाल

तिमाही के दौरान कंपनी को तीन नए ऑर्डर मिले, जिनमें EV, हाइब्रिड और ICE वाहनों से जुड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। इनसे कंपनी की ऑर्डर बुक में करीब 940 करोड़ रुपये जुड़े।

कंपनी के नतीजे बाजार बंद होने के बाद आए। इससे पहले BSE पर Sona Comstar का शेयर 719.25 रुपये पर बंद हुआ। अगले कारोबारी सत्र में निवेशकों की नजर इन नतीजों पर रहेगी।

Q1 Results: एग्रोकेमिकल कंपनी का मुनाफा 25% घटा, रेवेन्यू बढ़ा; डिविडेंड का ऐलान

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Infosys Q1 Results: इंफोसिस को ₹7769 करोड़ मुनाफा, पर ग्रोथ आउटलुक घटाया; नए CEO का भी ऐलान

Infosys Q1 Results: देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी Infosys ने जून 2026 तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 12% बढ़कर 7,769 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल इसी तिमाही में यह 6,921 करोड़ रुपये था।

हालांकि कंपनी बाजार के अनुमान पर खरी नहीं उतर सकी। CNBC-TV18 ने 7,903 करोड़ रुपये के मुनाफे का अनुमान लगाया था।

रेवेन्यू में 14% की बढ़ोतरी

जून तिमाही में Infosys का ऑपरेशन से रेवेन्यू 14% बढ़कर 48,211 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले इसी तिमाही में यह 42,279 करोड़ रुपये था। यानी कंपनी ने अच्छी रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की, लेकिन मुनाफा अनुमान से थोड़ा कम रहा।

ग्रोथ आउटलुक में हल्की कटौती

इंफोसिस ने वित्त वर्ष 2027 के लिए अपने रेवेन्यू ग्रोथ आउटलुक में हल्की कटौती की है। अब कंपनी को उम्मीद है कि पूरे साल कॉस्टेंट करेंसी आधार पर रेवेन्यू 1.5% से 3% के बीच बढ़ेगा। कॉन्सटेंट करेंसी ग्रोथ का मतलब है कि कंपनी की ग्रोथ को विदेशी मुद्रा (Forex) के उतार-चढ़ाव का असर हटाकर मापा जाता है।

इससे पहले कंपनी ने 1.5% से 3.5% ग्रोथ का अनुमान दिया था। बाजार को भी ऊपरी सीमा में 0.5% की कटौती की उम्मीद थी। हालांकि कंपनी ने EBIT मार्जिन का अनुमान 20% से 22% के बीच ही बरकरार रखा है।

जून तिमाही में कैसी रही ग्रोथ?

जून तिमाही में Infosys की कॉन्सटेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ तिमाही आधार पर 1% रही। यह Tech Mahindra (2.6%) से कम रही, लेकिन TCS (0.4%), HCLTech (-0.5%) और Wipro (-1.2%) से बेहतर प्रदर्शन रहा। एनालिस्टों ने करीब 1.8% ग्रोथ का अनुमान लगाया था।

कंपनी के CEO सलिल पारेख ने कहा कि एक बड़े क्लाइंट के फैसले का एकमुश्त असर इस ग्रोथ पर पड़ा।

डॉलर और रुपये में रेवेन्यू

जून तिमाही में Infosys का डॉलर रेवेन्यू 5.08 अरब डॉलर रहा। यह पिछले अनुमान के लगभग मुताबिक है। तिमाही आधार पर डॉलर रेवेन्यू में 0.8% की बढ़ोतरी हुई।

वहीं रुपये में कंपनी का रेवेन्यू 48,211 करोड़ रुपये रहा। यह पिछली तिमाही से 3.9% ज्यादा है, हालांकि बाजार के अनुमान 48,431 करोड़ रुपये से थोड़ा कम रहा।

मार्जिन में सुधार

इंफोसिस का EBIT 10,163 करोड़ रुपये रहा, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 4.3% ज्यादा है। वहीं EBIT मार्जिन 21.1% रहा। इसमें पिछली तिमाही के मुकाबले 20 बेसिस प्वाइंट का सुधार हुआ। यह बाजार के अनुमान के अनुरूप रहा।

बड़े ऑर्डर और AI का बढ़ता योगदान

जून तिमाही में Infosys को 3.6 अरब डॉलर के बड़े डील मिले। इनमें 61% नए क्लाइंट या नए प्रोजेक्ट से जुड़े थे।

कंपनी ने यह भी बताया कि अब उसकी कुल आय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का योगदान 8.2% तक पहुंच गया है। यह दिखाता है कि AI से जुड़ी सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है।

नए CEO की जिम्मेदारी

Infosys ने अशीष कुमार दास को CEO-Designate नियुक्त किया है। वह 1 अप्रैल 2027 से मौजूदा CEO सलिल पारेख की जगह लेंगे। दास तीन दशक से ज्यादा समय से Infosys के साथ जुड़े हैं और फिलहाल कई ग्लोबल बिजनेस वर्टिकल्स की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

कंपनी के चेयरमैन नंदन नीलेकणी ने कहा कि सलिल पारेख ऐसे समय में CEO बने थे, जब कंपनी कुछ चुनौतियों का सामना कर रही थी। उन्होंने संगठन में स्थिरता और स्पष्ट दिशा देने का काम किया। उन्होंने यह भी बताया कि अशीष कुमार दास फिलहाल अमेरिका में काम कर रहे हैं और नई जिम्मेदारी संभालने के लिए भारत लौटेंगे।

इंफोसिस के शेयरों का हाल

नतीजों से पहले Infosys का शेयर 1,052.90 रुपये पर लगभग सपाट बंद हुआ। हालांकि 2026 में अब तक यह शेयर करीब 35% टूट चुका है।

IndiGo Q1 Results: इंडिगो को ₹382 करोड़ का घाटा, ईरान युद्ध से लगा बड़ा झटका

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

₹35,000 के बजट में खरीदें ये 8 धांसू गेमिंग स्मार्टफोन्स, BGMI से लेकर हाई-एंड गेम्स तक चलेंगे स्मूद

Best Gaming Phones Under 35000: गेमिंग स्मार्टफोन की मांग आज के समय में काफी बढ़ गई है, क्योंकि बाजार में कई हाई-एंड गेम्स उपलब्ध हैं। ऐसे में सही स्मार्टफोन का होना गेमिंग अनुभव को पूरी तरह बदल सकता है। हालांकि, 35,000 रुपये से कम कीमत वाले स्मार्टफोन सेगमेंट में पहले की तरह ज्यादा पावरफुल हार्डवेयर देखने को नहीं मिल रहा है। लेकिन इस प्राइस रेंज में अभी भी कुछ शानदार गेमिंग स्मार्टफोन मौजूद हैं, जो दमदार हार्डवेयर, बेहतर थर्मल मैनेजमेंट और लंबे समय तक गेम खेलने के लिए शानदार परफॉर्मेंस देते हैं।

अब आइए हम आपको 35,000 रुपये से कम कीमत में मिलने वाले उन 8 बेहतरीन गेमिंग स्मार्टफोन के बारे में बताते हैं जो, अलग-अलग यूजर्स की जरूरत और गेमिंग एक्सपीरियंस को ध्यान में रखकर पेश किए गए हैं।

2026 में ₹35,000 से कम कीमत वाले 8 बेहतरीन गेमिंग स्मार्टफोन:

  1. Poco X8 Pro 5G

Poco X8 Pro 5G एक बहुत अच्छा मिड-रेंज स्मार्टफोन है, जो अपनी कैटेगरी से कहीं बेहतर परफॉर्मेंस देता है और शानदार गेमिंग अनुभव प्रदान करता है। इसमें दमदार MediaTek Dimensity 8500-Ultra प्रोसेसर और तेज UFS 4.1 स्टोरेज है। साथ ही, इसमें 6,500mAh की बड़ी बैटरी दी गई है, जो यह सुनिश्चित करती है कि आप लंबे समय तक आसानी से गेमिंग कर सकें।

  1. Infinix GT 30 Pro 5G

अगला है Infinix GT 30 Pro 5G, जो एक शानदार मिड-रेंज गेमिंग स्मार्टफोन है। यह फोन अपने खास डिजाइन और गेमिंग-फोकस्ड फीचर्स की वजह से अलग पहचान बनाता है। इसके रियर पैनल पर बिल्ट-इन मैकेनिकल लाइट वेव्स, साइड में प्रेशर-सेंसिटिव GT ट्रिगर्स और बायपास चार्जिंग सपोर्ट मिलता है। इसके अलावा, फोन में 144Hz का फास्ट रिफ्रेश रेट डिस्प्ले दिया गया है, जो गेमिंग के दौरान स्मूद और इमर्सिव अनुभव प्रदान करता है।

  1. Oppo K13 Turbo Pro

Oppo K13 Turbo Pro एक और गेमिंग-फोकस्ड स्मार्टफोन है, जो अब लगभग ₹30,000 से ₹35,000 की बेहतरीन कीमत पर उपलब्ध है। इसमें दमदार Snapdragon 8s Gen 4 प्रोसेसर, एक एक्टिव कूलिंग फैन और 7000mAh की बड़ी बैटरी है, जो मिलकर एक शानदार गेमिंग अनुभव देते हैं।

  1. Realme P4 Pro

Realme P4 Pro एक बहुत ही शानदार मिड-रेंज स्मार्टफोन है। इसमें 6.8-इंच का AMOLED क्वाड-कर्व्ड डिस्प्ले है, जो 144Hz रिफ्रेश के साथ आता है और Snapdragon 7 Gen 4 प्रोसेसर पर चलता है। इस फोन में 7,000mAh की बड़ी बैटरी है। इसके अलावा, इस डिवाइस में Hyper Vision AI चिप सेटअप भी है, जो गेमिंग को स्मूद बनाता है और सपोर्टेड टाइटल्स के लिए 144fps का सपोर्ट भी देता है।

  1. Nothing Phone 3a Pro

Nothing Phone 3a Pro एक बेहतरीन ऑल-राउंडर फोन है, जो ज्यादातर कैजुअल और मॉडरेट गेमर्स के लिए भी सही है। Snapdragon 7s Gen 3 प्रोसेसर से चलने वाला यह फोन BGMI और Call of Duty Mobile जैसे पॉपुलर शूटिंग गेम्स को स्मूथ 90 fps पर चला सकता है। इस फोन की बैटरी लाइफ भी बहुत अच्छी है और इसका थर्मल मैनेजमेंट भी शानदार है।

  1. Samsung Galaxy A56

Samsung Galaxy A56, Samsung के सबसे अच्छे गेमिंग डिवाइस में से एक है, खासकर इस प्राइस रेंज में। इसमें Exynos 1580 प्रोसेसर और सुपर-स्मूथ 120Hz Super AMOLED डिस्प्ले दिया गया है। इस कॉम्बिनेशन की वजह से यह फोन PUBG, Brawl Stars और Minecraft जैसे गेम्स को आसानी से हैंडल कर सकता है। हालांकि, हाई-एंड गेम्स के लिए ग्राफिक सेटिंग्स में कुछ बदलाव करने पड़ सकते हैं।

  1. Vivo T5 Pro

हमारी लिस्ट में अगला स्मार्टफोन Vivo T5 Pro है, जो इस प्राइस रेंज में गेमिंग के लिए बहुत बढ़िया डिवाइस है। इसमें Snapdragon 7s Gen 4 प्रोसेसर और दमदार 9,020mAh की बैटरी दी गई है। इस कॉम्बिनेशन की वजह से आपको बार-बार चार्जिंग की चिंता किए बिना स्मूद गेमिंग का अनुभव मिलता है।

  1. OnePlus Nord CE 6

OnePlus Nord CE 6 एक और दमदार और टिकाऊ फोन है, जो गेमिंग के लिए भी बेहतरीन है। इसमें 8000mAh की बड़ी बैटरी है, जो पूरे दिन की गेमिंग के दौरान आसानी से चल जाती है। फोन में 6.78 इंच का 144Hz 1.5K AMOLED डिस्प्ले भी है। इसकी परफॉर्मेंस Snapdragon 7s Gen चिपसेट से मिलती है, जो तेज UFS 3.1 स्टोरेज के साथ मिलकर ज्यादातर गेमिंग टाइटल्स को बिना किसी रुकावट (लैग-फ्री) के और स्मूद फ्रेम रेट के साथ चलाता है।

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OnePlus N6x की लॉन्च डेट कन्फर्म, जानें डिजाइन, फीचर्स और कीमत से जुड़ी जानकारी

इस महीने की शुरुआत में डिवाइस की झलक दिखाने के बाद, OnePlus ने अब कन्फर्म किया है कि OnePlus N6x भारत में 31 जुलाई को लॉन्च होगा। इसके अलावा, यह स्मार्टफोन कंपनी की नई N-सीरीज लाइनअप का दूसरा मॉडल होगा। इससे पहले कंपनी ने OnePlus N6 लॉन्च किया था। बता दें कि चीनी स्मार्टफोन मेकर ने टीजर के जरिए लॉन्च डेट की जानकारी के साथ-साथ स्मार्टफोन की पहली ऑफिशियल झलक भी दिखाई है, जिसमें इसके डिजाइन और कलर ऑप्शन का पता चलता है। अब चलिए जानते हैं OnePlus N6x से जुड़ी जानकारियों के बारे में।

OnePlus N6x की लॉन्च डेट, डिजाइन और कलर ऑप्शन कन्फर्म

चीनी टेक कंपनी ने कन्फर्म किया है कि OnePlus N6x भारत में 31 जुलाई को दोपहर 12 बजे लॉन्च होगा। लॉन्च होने के बाद, यह स्मार्टफोन Amazon India और OnePlus India की वेबसाइट पर बिक्री के लिए उपलब्ध होगा।

आधिकारिक टीजर में फोन का डिजाइन काफी जाना-पहचाना नजर आ रहा है। पूरी तरह से नया लुक लाने के बजाय, ऐसा लगता है कि OnePlus ने Nord 5 से स्टाइलिंग के कुछ एलिमेंट लिए हैं। इस फोन में पीछे की तरफ एक स्लीक पैनल है जिसमें पिल-शेप का कैमरा मॉड्यूल और फ्लैट एज डिजाइन दिया गया है। इसके अलावा, पावर और वॉल्यूम बटन दाईं ओर दिए गए हैं। इच्छुक ग्राहक इसे दो कलर ऑप्शन Burgundy Red और Ice Blue ऑप्शन में से चुन सकेंगे।

OnePlus N6x: क्या उम्मीद करें

OnePlus ने अभी तक ज्यादातर स्पेसिफिकेशन्स को गुप्त रखा है, लेकिन रिपोर्ट्स से पता चलता है कि N6x में कंपनी के मौजूदा डिवाइस जैसे कई फीचर्स हो सकते हैं।

हालांकि, हार्डवेयर की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन उम्मीद है कि इस स्मार्टफोन में बड़ी बैटरी और OxygenOS का लेटेस्ट वर्जन होगा। कुछ रिपोर्ट्स यह भी इशारा करती हैं कि इसमें हाल ही में लॉन्च हुए OnePlus N6 के कुछ फीचर्स हो सकते हैं, जिससे दोनों डिवाइस काफी मिलते-जुलते होंगे, लेकिन उम्मीद है कि N6x को कम कीमत वाले सेगमेंट के लिए पेश किया जाएगा।

जानकारी के लिए बता दें कि OnePlus N6 भारत में 4GB RAM + 128GB स्टोरेज वाले वेरिएंट के लिए ₹22,999 की शुरुआती कीमत पर लॉन्च हुआ था। अगर N6x को उस मॉडल से कम कीमत पर उतारा जाता है, तो यह बजट और मिड-रेंज स्मार्टफोन सेगमेंट में खरीदारों को एक और विकल्प दे सकता है।

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Market Insight :अगर शॉर्ट नहीं कर सकते तो ये बाजार आपके लिए नहीं, दोनों तरफ बनेंगे पैसे

Market Insight : खराब ओपनिंग के बाद बाजार में रिकवरी की कोशिश हो रही है। निफ्टी निचले स्तरों से 100 अंकों से ज्यादा सुधरकर 23980 के करीब आ गया है। बैंक निफ्टी भी नीचे से करीब 250 अंक सुधरा है। लेकिन मिड और स्मॉलकैप में दबाव देखने को मिल रहा है। उधर वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX में भी गिरावट आई है। अब सवाल ये है कि क्या हम ब्रेकडाउन के करीब हैं? इस पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी पिछले 2 हफ्तों से एक रेंज में रहा है। 8 जुलाई की कैंडल को तोड़ने में 10 दिन से ज्यादा लगे। लेकिन पिछले शुक्रवार का वो ब्रेकआउट नकली निकला।

हमने बात की थी कि अब रेंज के निचले स्तरों पर जाने का रिस्क है। ये भी संभव है कि हम अब एक रेंज का ब्रेकडाउन दिखा दें। मगर जैसे ब्रेकआउट फेल हुआ था,क्या पता ब्रेकडाउन भी फेल हो। मगर इसमें कोई शक नहीं है कि बाजार में डर लौटा है। डर है कि US-ईरान लड़ाई फिर से लंबा न खींच जाए। यह भी डर है कि वापस कच्चे तेल की कीमत और सप्लाई पर असर न पड़े। कच्चा तेल अब वापस $100 पार करने की तैयारी कर रहा है। India VIX पर भी नजर रखें, 14.5 का मेक ऑर ब्रेक जोन है।

अच्छी बात यह है कि इस बार मार्च जैसी पेनिक सेलिंग नहीं है और कच्चे तेल से जुड़े शेयर भी टूट नहीं रहे हैं। उम्मीद होगी कि US चुनाव से पहले ये लड़ाई जल्दी खत्म हो, क्योंकि इस समय बाजार बाकी फैक्टर्स को नजरअंदाज कर रहा है।

बाजार: आखिर क्यों गिर रहे हैं हम?

कल भी हमने समझाया था कि बाजार क्यों गिरेगा। बाजार के सभी बड़े सेक्टर्स ने थकान दिखाई थी। एक-एक कर आज बड़े सेक्टर्स की दिक्कत दिखती है। बैंक सबसे बड़ा फैक्टर है। यह सबसे बड़ा सेक्टर है और सबसे ज्यादा दिक्कत भी यहीं है। HDFC बैंक खराब नतीजों के बाद 52-हफ्ते के निचले स्तर पर जाने को तैयार दिख रहा है। ICICI बैंक में अच्छे नतीजों पर भी बड़ा पॉजिटिव रिएक्शन नहीं देखने को मिला है। SBI में नतीजों से पहले का डर और SBI फंड्स की फीकी लिस्टिंग का असर दिख रहा है। इसके अलावा डॉलर-रुपया,बॉन्ड यील्ड और कच्चा तेल सब मैक्रो निगेटिव हैं।

IT की रैली फिर हुई फेल 

IT की रैली फिर फेल हो गई है। यह दूसरा सबसे बड़ा सेक्टर है जहां रैली फिर फेल होती दिख रही है। IT में रैली कोस्पी और चिप शेयरों में गिरावट से हुई थी। 2-3 दिनों से फिर AI रैली शुरू हुई है। मंगलवार को गैपअप पर हमने IT में मुनाफावसूली का नजरिया लिया था। फार्मा पर ट्रंप की नजर लग गई है।

यह बड़ा सेक्टर नहीं है लेकिन कम से कम चल तो रहा था। यहां डॉनल्ड ट्रंप की नजर लग गई और कल एक्सीडेंट हो गया। कल बहुत लोगों ने कहा ये न्यूट्रल है,इसका कोई असर नहीं होगा। सिर्फ CNBC-आवाज़ ने नजरिया लिया कि एक बार तो शेयर गिरेंगे। आज डॉ रेड्डीज के खराब नतीजों का भी असर दिखेगा। अब सिर्फ ऑटो,FMCG जैसे कुछ सेक्टर्स हैं जहां लोग चुप रहे हैं।

बाजार: आज के घरेलू संकेत

आज सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी का दिन है। आमतौर पर वीकली एक्सपायरी ऑप्शन राइटर्स की रेंज में होती हैं। इसके अलावा आज नतीजों के लिहाज से काफी बड़ा दिन है। इनमें से इंफोसिस के नतीजे सबसे अहम होंगे। अगर इंफोसिस की कमेंट्री खराब हुई तो IT फिर टूटेगा। लेकिन अगर इंफोसिस ने पॉजिटिव बोला तो शायद रैली फिर शुरू हो जाए।

बाजार: क्या हो रणनीति?

अगर शॉर्ट नहीं कर सकते तो ये बाजार आपके लिए नहीं है। इस बाजार में परमा बुल (Perma Bull)पैसा नहीं बना पाएगा। बाजार में दोनों तरफ के मौके हैं। लेकिन रेंज के सिरे में जब खड़े हों तो सावधान होना होगा, जैसे अब आज शायद शॉर्ट करना थोड़ा रिस्की हो। मोटा-मोटी हम 23,800-24,300 की रेंज में रहे हैं। अभी कुछ समय हमें शायद इसी रेंज में ऑपरेट करना हो। लेकिन स्टॉक स्पेसिफिक मौके अभी भी हैं और ये बाजार अच्छे नतीजों को रिवॉर्ड कर रहा है। सबसे बड़ा उदाहरण था बजाज ऑटो। अगर आपने मंगलवार को टॉप पर भी लिया,तब भी कल बड़ा पैसा बना। मगर बाजार में निराश करने की जगह नहीं है। कल इसका सबसे बड़ा उदाहरण था बंधन बैंक। बाजार में नतीजों पर रिएक्शन बड़े खतरनाक आ रहे हैं। आज का सबसे मजेदार शेयर होगा OFSS। कल शेयर औंधे मुंह गिरा लेकिन नतीजे शानदार हैं। मगर साथ ही OFSS के MD & CEO का इस्तीफा निगेटिव भी है।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए सबसे अहम सपोर्ट जोन 23,800-23,850 है। स्क्रीन बता रही है कि एक ना एक बार तो ये सपोर्ट जोन टेस्ट होगा। अगर ये लेवल बचा तो रिकवरी आ सकती है। मगर ये टूटा तो 23,600-23,700 का रिस्क होगा। पहला रजिस्टेंस 24,000-24,050 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24,150-24,250 पर है।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी के लिए अब 56,600-56,800 मेक ऑर ब्रेक जोन है। 56,800 पर 50 DEMA और 56,600 पर 100 DEMA है। अगर ये लेवल्स टूटे तो 56,000 भी टूटने का रिस्क रहेगा। बैंक निफ्टी में किसी भी रैली में भरोसा नहीं है क्योंकि सबसे बड़े शेयर चलने को तैयार नहीं हैं। ICICI बैंक,HDFC बैंक या SBI में से किसी को बड़ी लीडरशिप लेनी पड़ेगी। बैंक निफ्टी में जहां रिकवरी फेल हो,वहां बेचने पर पैसा बन रहा है।

 

 

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