अगले महीने Moto Pad 70 की भारत में होगी एंट्री, मिलेगा 10,200mAh की बैटरी, जानें कीमत और स्पेसिफिकेशन्स

Moto Pad 70 अगले महीने भारत में लॉन्च होने के लिए तैयार है और इसे Flipkart के जरिए खरीदा जा सकेगा। आधिकारिक लॉन्च से पहले, Flipkart पर इसके लिए एक खास माइक्रोसाइट लाइव भी हो गई है, जिसमें इस Android टैबलेट के कई फीचर्स की जानकारी दी गई है। कंपनी ने कन्फर्म किया है कि इसमें 5G कनेक्टिविटी और 12.1-इंच का डिस्प्ले मिलेगा। इसके अलावा, यह टैबलेट MediaTek Dimensity 6400 चिपसेट से लैस होगा और इसमें 10,200mAh की बड़ी बैटरी दी जाएगी। इसमें Moto Pen भी बंडल के तौर पर मिलेगा।

Moto Pad 70 की लॉन्च डेट का ऐलान

Flipkart ने अपनी वेबसाइट पर Moto Pad 70 के लिए एक खास लैंडिंग पेज लाइव किया है, जिससे यह पता चलता है कि Moto Pad 70 भारत में 9 अगस्त को लॉन्च होगा। कंपनी के टीजर के मुताबिक, यह 5G टैबलेट 12.1 इंच के बड़े डिस्प्ले के साथ आएगा। इसमें 2.5K रेजोल्यूशन, हाई ब्राइटनेस मोड (HBM) में 800 निट्स की पीक ब्राइटनेस और DCI-P3 कलर गैमट का 96% कवरेज मिलेगा।

टीजर से यह भी कन्फर्म हो गया है कि Moto Pad 70 के बॉक्स में Moto Pen भी मिलेगा, जिसमें 4096 लेवल की प्रेशर सेंसिटिविटी और टिल्ट डिटेक्शन और पाम रिजेक्शन जैसे फीचर्स होंगे। इसकी मदद से यूजर्स नोट्स लिखने, ड्रॉइंग करने और क्रिएटिव काम आसानी से कर सकेंगे।

टैबलेट में कई AI फीचर्स भी मिलेंगे। इसमें AI Rewrite, Circle to Search, AI Summary और AI Continue Writing जैसे फीचर्स शामिल हैं। इसके अलावा, Moto Pad 70 में Google Gemini का इंटीग्रेशन भी दिया जाएगा, जिससे यूजर्स को स्मार्ट AI अनुभव मिलेगा।

Moto Pad 70: प्रोसेसर, बैटरी और अन्य फीचर्स

Moto Pad 70 में MediaTek Dimensity 6400 SoC होगा। इसकी मोटाई 6.29mm और वजन 530g है। इसके साथ Moto Folio Keyboard का सपोर्ट भी मिलेगा, जो मैग्नेटिक स्नैप-ऑन और पोगो-पिन कनेक्शन के जरिए आसानी से कनेक्ट हो सकेगा।

पावर बैकअप के लिए Moto Pad 70 में 10,200mAh की बड़ी बैटरी दी जाएगी, जो 68W TurboPower फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करेगी। ऑडियो के लिए इसमें क्वाड स्पीकर सेटअप मिलेगा, जो Dolby Atmos सपोर्ट के साथ आएगा। इसके अलावा, टैबलेट में Smart Connect फीचर भी दिया जाएगा, जिसकी मदद से यूजर्स अलग-अलग डिवाइस के बीच फाइल आसानी से शेयर कर सकेंगे।

सॉफ्टवेयर की बात करें तो, Moto Pad 70 Android 16 ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ आएगा। कंपनी ने इसमें Android 18 तक OS अपडेट देने और साल 2030 तक सिक्योरिटी अपडेट उपलब्ध कराने का वादा किया है।

इस बीच, Motorola 31 जुलाई को भारत में Moto Pad 70 Groove लॉन्च करने जा रही है और कंपनी ने इसके कई खास स्पेसिफिकेशन्स की पुष्टि भी कर दी है।

Moto Pad 70 Groove में 12.1 इंच का 2.5K रेजोल्यूशन वाला डिस्प्ले मिलेगा। इसके अलावा, टैबलेट में 10,200mAh की बड़ी बैटरी दी जाएगी, जो लंबे समय तक इस्तेमाल के लिए बेहतर बैकअप देने में मदद करेगी।

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Indian Railways: AC कोच में 2 बेडशीट क्यों देता है? जानिए इसके पीछे की असली वजह

भारतीय रेलवे में AC कोच से सफर करने वाले यात्रियों को मिलने वाली बेडरोल किट में कई चीजें शामिल होती हैं, लेकिन एक बात अक्सर लोगों का ध्यान खींचती है दो बेडशीट। ज्यादातर यात्री इसे अतिरिक्त सुविधा मानते हैं, जबकि इसके पीछे एक खास वजह छिपी है। हाल ही में संसद में इस मुद्दे पर सवाल पूछे जाने के बाद रेलवे ने इसकी पूरी जानकारी दी। साथ ही लिनेन की सफाई, कंबलों के इस्तेमाल और यात्रियों की स्वच्छता से जुड़े नियमों पर भी स्थिति स्पष्ट की गई। इससे यह समझने में मदद मिलती है कि रेलवे सिर्फ सफर को आरामदायक ही नहीं, बल्कि अधिक स्वच्छ और सुरक्षित बनाने के लिए भी कई व्यवस्थाएं अपनाता है।

बेडरोल किट में क्या-क्या मिलता है?

भारतीय रेलवे First AC, Second AC, Third AC और AC Economy में सफर करने वाले यात्रियों को टिकट के साथ बेडरोल किट उपलब्ध कराता है। इसकी अलग से कोई कीमत नहीं ली जाती क्योंकि इसका खर्च टिकट में शामिल होता है।

एक बेडरोल किट में आमतौर पर ये सामान मिलता है

  • 2 बेडशीट
  • 1 तकिए का कवर
  • 1 हैंड टॉवल
  • 1 कंबल

आखिर 2 बेडशीट क्यों दी जाती हैं?

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में बताया कि दोनों बेडशीट का इस्तेमाल अलग-अलग उद्देश्य के लिए होता है।

  • पहली बेडशीट सीट या बर्थ पर बिछाने के लिए होती है।
  • दूसरी बेडशीट कंबल के नीचे ओढ़ने से पहले इस्तेमाल की जाती है, ताकि कंबल सीधे यात्री के शरीर के संपर्क में न आए।

उन्होंने बताया कि यह अतिरिक्त बेडशीट स्वच्छता बनाए रखने के लिए दी जाती है और इसे हर इस्तेमाल के बाद धोया जाता है।

कंबल हर बार क्यों नहीं धोए जाते?

संसद में यह सवाल भी पूछा गया कि जब बेडशीट हर यात्रा के बाद धुलती है, तो ऊनी कंबलों को महीने में केवल एक बार ही क्यों साफ किया जाता है।

इसके जवाब में रेलवे ने बताया कि यात्रियों और कंबल के बीच अतिरिक्त बेडशीट का इस्तेमाल करने से सीधे संपर्क से बचाव होता है, जिससे स्वच्छता बेहतर बनी रहती है।

अब AI करेगा लिनेन की जांच

रेल मंत्री ने बताया कि रेलवे ने लिनेन की सफाई की गुणवत्ता जांचने के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल शुरू कर दिया है।

  • सभी मैकेनाइज्ड लॉन्ड्री में Whito-Meter से बेडशीट की सफाई जांची जाती है।
  • लॉन्ड्री की निगरानी के लिए CCTV कैमरे लगाए गए हैं।
  • पुणे, जयपुर और जोधपुर में AI Camera Stain Detection तकनीक का पायलट प्रोजेक्ट भी शुरू किया गया है, जिससे बेडशीट पर बचे दाग की पहचान की जा सके।

किन ट्रेनों में शुरू हुई नई व्यवस्था?

रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और स्वच्छता बढ़ाने के लिए फिलहाल कुछ ट्रेनों में कंबल कवर उपलब्ध कराने की शुरुआत की है।

यह सुविधा अभी North Western Railway की ट्रेनों और कामाख्या-हावड़ा वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू की गई है।

कब बदली जाती हैं बेडशीट और कंबल?

रेलवे के तय नियमों के अनुसार अलग-अलग लिनेन की एक निश्चित उपयोग अवधि होती है। समय पूरा होने या खराब होने पर इन्हें बदल दिया जाता है।

तकिए का कवर 9 महीने तक इस्तेमाल किया जाता है।

फेस टॉवल की निर्धारित अवधि भी 9 महीने है।

हैंडलूम बेडशीट को 12 महीने बाद बदल दिया जाता है।

Polyvastra (KVIC) बेडशीट की उपयोग अवधि 24 महीने तय है।

तकिए को 24 महीने तक इस्तेमाल किया जाता है।

वहीं, ऊनी कंबल भी सामान्य तौर पर 24 महीने की निर्धारित अवधि पूरी होने या खराब होने पर बदल दिए जाते हैं।

रेलवे का फोकस अब सफाई और आराम दोनों पर

भारतीय रेलवे का कहना है कि यात्रियों को साफ-सुथरा और सुरक्षित सफर देने के लिए लिनेन की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखी जा रही है। नई तकनीक, नियमित जांच और समय पर लिनेन बदलने जैसी व्यवस्थाओं का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर स्वच्छता और आराम उपलब्ध कराना है।

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Maruti Brezza 2026 Launch: ₹7.40 लाख में नई SUV की एंट्री, टर्बो इंजन और 5-स्टार सेफ्टी के साथ Nexon-Venue को देगी टक्कर

Maruti Brezza 2026 Launch: देश की कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki ने भारतीय बाजार में अपनी 2026 Maruti Suzuki Brezza फेसलिफ्ट को लॉन्च कर दिया है, जिसकी शुरुआती कीमत 7.40 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है। नई Brezza फेसलिफ्ट में आपको नया 1.0-लीटर टर्बो बूस्टरजेट पेट्रोल इंजन, नई स्टाइलिंग, दमदार फीचर्स और अतिरिक्त सुरक्षा टेक्नोलॉजी देखने को मिलेगी। इसके साथ ही मौजूदा पेट्रोल और CNG वर्जन को भी कई अपडेट के साथ पेश किया गया है।

Maruti Brezza 2026: इंजन और पावरट्रेन

Maruti Brezza 2026 की सबसे बड़ी खासियत इसका नया 1.0-लीटर टर्बो बूस्टरजेट पेट्रोल इंजन है, जो 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स के साथ आएगा और 110.2 PS की पावर और 170 Nm का टॉर्क जनरेट करेगा। Maruti Suzuki ने इसकी फ्यूल एफिशिएंसी 20.47 kmpl बताई है। यह नया टर्बो-पेट्रोल ऑप्शन उन ग्राहकों को ध्यान में रखकर पेश किया गया है, जो तेज़ रफ़्तार और बेहतर परफॉर्मेंस चाहते हैं।

टर्बो-पेट्रोल इंजन के अलावा Maruti Suzuki Brezza 2026 में पहले वाला 1.5-लीटर K15C Dual Jet Dual VVT पेट्रोल इंजन भी जारी रहेगा। यह इंजन 103.05 PS की पावर और 139 Nm का टॉर्क देता है। इसमें अब पुराने 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स की जगह नया 6-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन दिया गया है। इसके साथ ही पैडल शिफ्टर्स वाला 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का विकल्प भी मिलता रहेगा।

वहीं, S-CNG वर्जन (87.8 PS और 121.5 Nm) को भी नए अंडरबॉडी CNG टैंक के साथ अपडेट किया गया है, जिससे बूट स्पेस ज्यादा मिलता है। इसमें आइडल स्टार्ट-स्टॉप टेक्नोलॉजी और नया 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स भी दिया गया है।

Maruti Brezza 2026: डिजाइन और फीचर्स में बड़े बदलाव

2026 Brezza फेसलिफ्ट के बाहरी हिस्से में कई कॉस्मेटिक बदलाव किए गए हैं। इसमें नई स्मोक क्रोम ग्रिल, मेटैलिक ग्रे स्किड प्लेट, नए डुअल-टोन साइड क्लैडिंग और नए डिजाइन वाले प्रिसिजन-कट अलॉय व्हील्स दिए गए हैं। टर्बो वेरिएंट्स में खास ‘Turbo Boosterjet’ बैजिंग भी है, और खरीदार स्पोर्टी रेड एक्सेंट वाले खास टर्बो एक्सेसरी पैकेज का विकल्प भी चुन सकते हैं।

इंटीरियर की बात करें तो, SUV के केबिन में कई नए फीचर्स जोड़े गए हैं। Maruti Brezza 2026 में अब 10.1-इंच का SmartPlay Pro X टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम मिलता है, जिसमें इन-बिल्ट Alexa, वायरलेस Android Auto और Apple CarPlay, इंटरनेट कनेक्टिविटी, ओवर-द-एयर अपडेट्स और 35 से ज्यादा ऐप्स की सुविधा है। अन्य खासियतों में प्रीमियम Arkamys सराउंड सेंस ऑडियो सिस्टम, 64-कलर एम्बिएंट लाइटिंग, लेदरेट सीट्स, वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, AQI डिस्प्ले वाला PM2.5 एयर प्यूरीफायर, एक्टिव कूलिंग वाला वायरलेस स्मार्टफोन चार्जर और इलेक्ट्रिक सनरूफ शामिल हैं।

Maruti Brezza 2026: सेफ्टी फीचर्स को किया गया अपग्रेड

Brezza फेसलिफ्ट के लॉन्च के साथ इसकी सुरक्षा को भी बेहतर बनाया गया है। अब इस नई SUV में ब्लाइंड स्पॉट वॉर्निंग के साथ लेन चेंज अलर्ट, रियर क्रॉस ट्रैफिक अलर्ट, सेफ एग्जिट वॉर्निंग, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम, फ्रंट पार्किंग सेंसर और अतिरिक्त व्यूइंग मोड वाला अपग्रेडेड 360-डिग्री कैमरा जैसे फीचर्स मिलते हैं। इसके अलावा, Brezza को 5-स्टार भारत NCAP सेफ़्टी रेटिंग भी मिली है।

नई Brezza 2026 को सात एक्सीटरियर कलर ऑप्शन में पेश किया गया है, जिनमें दो नए शेड — Vivacious Orange और Lustrous Beige शामिल हैं। ग्राहक अपनी पसंद के अनुसार लुक पाने के लिए टर्बो, टेरास्केप और मेट्रोस्केप एक्सेसरी पैकेज में से भी चुन सकते हैं।

Maruti Brezza 2026: कीमत और मुकाबला

Brezza फेसलिफ्ट 2026 की शुरुआती कीमत ₹7.40 लाख (एक्स-शोरूम) है, जबकि मारुति सुज़ुकी अलग से सभी वेरिएंट्स की कीमतों की पूरी लिस्ट जारी करेगी। कंपनी के मुताबिक, अब तक 14 लाख से ज्यादा ग्राहक Brezza को अपना चुके हैं। ऐसे में मारुति को उम्मीद है कि अपडेटेड SUV भारत के तेजी से बढ़ते और प्रतिस्पर्धी कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट में अपनी पकड़ और मजबूत करेगी।

नई Brezza Facelift को ऐसे समय में लॉन्च किया गया है, जब कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट में कॉम्पिटिशन लगातार बढ़ रहा है। यह अपडेटेड SUV Tata Nexon, Hyundai Venue, Kia Sonet, Mahindra XUV 3XO and Skoda Kylaq जैसे मॉडल्स को टक्कर देगी।

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15 लाख रुपये सालाना ऑफर को बताया ‘शर्मनाक’, 5 साल अनुभवी टेक्नीशियन की पोस्ट वायरल

नौकरी जाने का दर्द तब और बढ़ जाता है जब कर्मचारी को लगे कि उसे अपनी बात रखने का मौका ही नहीं मिला। ऐसा ही दावा एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने किया है, जिसने एक भारतीय IT कंपनी में कॉन्ट्रैक्ट पर नौकरी शुरू करने के सिर्फ छह महीने बाद अचानक बाहर किए जाने की बात कही है।इंजीनियर के मुताबिक कंपनी ने खराब प्रदर्शन को कारण बताया, लेकिन न तो कोई ठोस सबूत दिखाया गया और न ही पहले कोई चेतावनी या फीडबैक दिया गया। अब यह मामला Reddit पर चर्चा का विषय बन गया है, जहां कई लोगों ने वर्कप्लेस में परफॉर्मेंस रिव्यू सिस्टम को लेकर सवाल उठाए हैं।

इंजीनियर ने मांगा जवाब

Reddit पोस्ट में इंजीनियर ने बताया कि उसे अचानक जानकारी दी गई कि उसका कॉन्ट्रैक्ट परफॉर्मेंस से जुड़ी चिंताओं के कारण खत्म किया जा रहा है। हालांकि, वह यह समझ नहीं पाया कि कंपनी ने यह फैसला किस आधार पर लिया। उसने सवाल उठाया कि रोजाना उसके साथ काम करने वाली क्लाइंट टीम से कोई फीडबैक क्यों नहीं लिया गया। इंजीनियर ने बताया कि सात लोगों की टीम में उसने पिछले 90 रिलीज किए गए स्टोरी पॉइंट्स में से 40 पर काम किया था।

बग्स और देरी के आरोपों पर भी जताई आपत्ति

इंजीनियर ने अपने ऊपर लगाए गए ज्यादा बग्स के आरोपों पर भी सफाई दी। उसका कहना था कि कई प्रोडक्शन इश्यू बाद में उसके पास इसलिए भेजे गए क्योंकि वे लाइव सिस्टम से जुड़े थे और उन्हें तुरंत ठीक करना जरूरी था। उसने यह भी बताया कि कुछ मिनट देर से होने वाली डेली स्टैंडअप मीटिंग को भी बाद में परफॉर्मेंस इश्यू के तौर पर देखा गया, जबकि टीम और मैनेजर को उसकी मेडिकल अपॉइंटमेंट की जानकारी पहले से थी।

AI ट्रेनिंग और ऑनलाइन स्टेटस मॉनिटरिंग पर भी सवाल

इंजीनियर ने कंपनी की कुछ नीतियों पर भी नाराजगी जताई। उसका कहना था कि अनिवार्य AI ट्रेनिंग सेशन उसके वास्तविक काम से ज्यादा जुड़े हुए नहीं थे। इसके अलावा, रिमोट कर्मचारियों से पूरे दिन Slack और Microsoft Teams पर एक्टिव स्टेटस बनाए रखने की उम्मीद को लेकर भी उसने सवाल उठाए। अपना अनुभव बताते हुए उसने लिखा कि सबसे ज्यादा निराशा इस बात से हुई कि उसे कोई चेतावनी, फीडबैक, पारदर्शिता या सुधार का मौका नहीं मिला।

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Reddit यूजर्स ने बताया अपना अनुभव

पोस्ट वायरल होने के बाद कई यूजर्स ने इंजीनियर का समर्थन किया। कुछ लोगों ने कहा कि कंपनियों को नौकरी खत्म करने से पहले स्पष्ट फीडबैक और सुधार का अवसर देना चाहिए। एक यूजर ने लिखा कि ऐसी वर्क कल्चर में बदलाव की जरूरत है, जबकि कुछ अन्य लोगों ने कहा कि रिमोट कर्मचारियों के साथ कई जगह इसी तरह का व्यवहार देखने को मिलता है।

क्या परफॉर्मेंस रिव्यू सिस्टम में बदलाव की जरूरत है?

हालांकि कुछ यूजर्स ने यह भी कहा कि पूरी कहानी का सिर्फ एक पक्ष सामने आया है, लेकिन ज्यादातर लोगों ने इस बात पर सहमति जताई कि कर्मचारियों को किसी भी बड़े फैसले से पहले स्पष्ट संवाद, सही फीडबैक और अपनी स्थिति सुधारने का मौका मिलना चाहिए।

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50MP कैमरा के साथ iQOO का नया 5G फोन लॉन्च, 6500mAh बैटरी और 44W फास्ट चार्जिंग से होगा लैस

अगर आप कम कीमत में एक स्मार्टफोन लेना चाहते हैं तो, iQOO ने भारत में आधिकारिक तौर पर iQOO Z11 Lite 5G लॉन्च कर दिया है। Vivo के इस सब-ब्रांड ने अपने इस नए फोन में MediaTek Dimensity 6300 प्रोसेसर, 6500mAh की बैटरी और 120Hz डिस्प्ले दिया है। साथ ही इंट्रोडक्टरी ऑफर्स के साथ इसकी शुरुआती कीमत 18,000 रुपये से कम रखी है। अब आइए iQOO Z11 Lite 5G के फीचर्स, स्पेसिफिकेशन्स और कीमत के बारे में डिटेल में जानते हैं।

iQOO Z11 Lite के स्पेसिफिकेशन्स

चीन की स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी iQOO ने Z11 Lite में 6.74-इंच का HD+ IPS LCD डिस्प्ले दिया है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट और 1,200 निट्स तक की हाई ब्राइटनेस के साथ आएगा। स्क्रीन में सेल्फी कैमरे के लिए वॉटरड्रॉप नॉच है, और फोन की मोटाई 8.4mm है और वजन 209 ग्राम है।

यह हैंडसेट MediaTek Dimensity 6300 चिपसेट पर चलता है, जिसमें LPDDR4X RAM और UFS 2.2 स्टोरेज दिया गया है। iQOO के अनुसार, AnTuTu बेंचमार्क पर इस फोन का स्कोर 5,79,000 से ज्यादा है।

सॉफ्टवेयर की बात करें तो, यह डिवाइस Android 16 पर आधारित OriginOS 6 के साथ आता है। चीनी टेक कंपनी ने इस फोन में दो साल के Android OS अपग्रेड और चार साल के सिक्योरिटी अपडेट देने का वादा किया है। इसके अलावा, इसमें AI फीचर्स भी शामिल हैं, जैसे AI क्रिएशन, AI कैप्शन्स और Google Gemini इंटीग्रेशन।

पावर देखें तो, Z11 Lite में 44W फासस्ट चार्जिंग के साथ 6500mAh की बैटरी दी गई है। iQOO का कहना है कि सिर्फ 10 मिनट की चार्जिंग से 8 घंटे तक कॉलिंग या 7 घंटे से ज्यादा समय तक ऑनलाइन वीडियो देखा जा सकता है। यह फोन वायर्ड रिवर्स चार्जिंग और बायपास चार्जिंग को भी सपोर्ट करता है।

कैमरे की बात करें तो, इस फोन के रियर में 50MP का Sony मेन कैमरा और एक सेकेंडरी सेंसर है, जबकि सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए 5MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है।

इस डिवाइस में धूल और पानी की छींटों से बचाव के लिए IP65 रेटिंग के साथ-साथ मिलिट्री-ग्रेड ड्यूरेबिलिटी और SGS 5-स्टार ड्रॉप रेजिस्टेंस सर्टिफिकेशन भी मिलता है।

भारत में iQOO Z11 Lite की कीमत, रंग और उपलब्धता

iQOO Z11 Lite 5G के 4GB + 128GB वेरिएंट की शुरुआती कीमत ₹19,499 है, जबकि 6GB + 128GB मॉडल की कीमत ₹21,499 और 6GB + 256GB वर्शन की कीमत ₹24,499 है। वहीं, 1,500 रुपये के एलिजिबल बैंक ऑफर के साथ, इस फोन की शुरुआती कीमत घटकर ₹17,999 हो जाती है।

यह स्मार्टफोन 30 जुलाई से Amazon, iQOO इंडिया की वेबसाइट और अधिकृत रिटेल स्टोर पर बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। इच्छुक ग्राहक Solar Flame और Midnight Blue के कलर ऑप्शन में इसे चुन सकते हैं।

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मंगलुरु के छात्रों ने बनाई AI-पावर्ड ड्राइवरलेस इलेक्ट्रिक कार, जो खुद पहचानती है रास्ता

जहां टेस्ला जैसी ग्लोबल कंपनियां ऑटोनॉमस व्हीकल टेक्नोलॉजी में भारी निवेश कर रही हैं, वहीं मंगलुरु के मुक्का में स्थित श्रीनिवास यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (SUIET) के मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के स्टूडेंट्स और फैकल्टी की एक टीम ने बहुत कम लागत में अपनी AI-पावर्ड सेल्फ-ड्राइविंग इलेक्ट्रिक गाड़ी ‘श्री-वाहन’ बनाई है।

इस गाड़ी को आधिकारिक तौर पर 23 जुलाई, 2026 को पेश किया गया था। यह सिर्फ़ स्टूडेंट्स का एक प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि एक काम करने वाला प्रोटोटाइप है जिसे आगे चलकर असल दुनिया में इस्तेमाल के लिए विकसित किया जा सकता है।

टीम ने इस वाहन को पूरी तरह से नए सिरे से बनाने के बजाय एक मौजूदा कार को मॉडिफाई किया और उसे इलेक्ट्रिक और AI-आधारित ऑटोनॉमस व्हीकल में बदल दिया। इस पूरे प्रोटोटाइप को तैयार करने में टीम को करीब छह महीने लगे और इसकी लागत लगभग 4-5 लाख रुपये आई।

यह सड़क को कैसे “देखता” है

यह वाहन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ-साथ LiDAR, कैमरा-बेस्ड विजन सिस्टम, GPS नेविगेशन, अल्ट्रासोनिक सेंसर, ओडोमेट्री, विजुअल SLAM और सेंसर फ्यूजन टेक्नोलॉजी से चलती है। ये सभी तकनीकें मिलकर गाड़ी को बिना ड्राइवर के पहले से तय रास्ते पर सुरक्षित रूप से चलने में मदद करते हैं।

अगर रास्ते में कोई व्यक्ति या रुकावट आती है, तो सेंसर उसे पहचान लेते हैं और गाड़ी अपने-आप रुक जाती है। ऑपरेटर गाड़ी में लगे कैमरे से उस पर नजर रख सकते हैं और जरूरत पड़ने पर उसे दूर से कंट्रोल भी कर सकते हैं। इसके अलावा, गाड़ी में AI असिस्टेंट सिस्टम भी लगा है।

स्पीड और रेंज

टेस्टिंग के दौरान सुरक्षा के लिए, ऑटोनॉमस मोड में गाड़ी की स्पीड 5 km/h तक सीमित रखी गई है। मैनुअल मोड में यह 20 से 28 किमी/घंटा की रफ्तार से चल सकता है। इसमें 5 किलोवाट की लिथियम-आयन बैटरी लगी है, जो एक बार फुल चार्ज होने पर 15 से 22 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकती है।

यह गाड़ी लगभग 360 kg का भार उठा सकती है, यानी इसमें छह लोग बैठ सकते हैं या इतना ही वजन का सामान ले जाया जा सकता है। इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि जरूरत पड़ने पर इसे एम्बुलेंस में भी बदला जा सके।

इसका इस्तेमाल कहां-कहां हो सकता है

इस गाड़ी को कई संभावित कामों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है: जैसे कि एजुकेशनल कैंपस में छात्रों को लाना-ले जाना, इंडस्ट्रियल इलाकों में स्टाफ को पहुंचाना, अस्पतालों में मरीजों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाना, एम्बुलेंस के तौर पर इस्तेमाल होना, मिलिट्री इलाकों में ज्यादा जोखिम वाले जोन तक जरूरी सामान पहुंचाना और रिमोट-कंट्रोल से होने वाले डिफेंस ऑपरेशन में मदद करना।

आगे क्या होगा?

अभी यह गाड़ी सिर्फ पहले से मैप किए गए रास्तों पर ही चलती है। अगले चरण में, टीम का प्लान है कि इसमें बिना मैप वाले इलाकों में भी खुद चलने की क्षमता जोड़ी जाए और ज्यादा क्षमता वाली बैटरी लगाई जाए, ताकि इसे पूरी तरह काम करने वाली एम्बुलेंस बनाया जा सके।

इसके अलावा, संस्थान का मकसद भारतीय सड़कों के हिसाब से एक ऑटोनॉमस ड्राइविंग सिस्टम बनाना और आगे चलकर इस टेक्नोलॉजी को कमर्शियलाइज करना भी है।

‘श्री-वहन’ यह दिखाता है कि मौजूदा तकनीक का इस्तेमाल करके पुराने वाहनों को कम लागत वाले AI-संचालित ऑटोनॉमस वाहनों में बदला जा सकता है। यह उपलब्धि ऐसे समय में सामने आई है, जब टेस्ला जैसी वैश्विक कंपनियां भी बड़े बजट के साथ इसी तरह की तकनीक विकसित करने पर काम कर रही हैं।

इस प्रोजेटक्ट से छात्रों का क्या है फायदा?

यह प्रोजेक्ट छात्रों की रिसर्च करने की क्षमता को दिखाता है, उन्हें प्रैक्टिकल अनुभव के साथ सीखने का मौका देता है और भारतीय परिस्थितियों के हिसाब से ऑटोनॉमस टेक्नोलॉजी विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस प्रोजेक्ट में मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर विश्वास सी. शेट्टी ने मार्गदर्शन किया, जबकि रिसर्च एसोसिएट विशाख मेनन ने रिसर्च और डेवलपमेंट का नेतृत्व किया। श्रेयस, अद्वितीय, उज्ज्वल, अक्षय, मंजूनाथ और प्रख्यात जैसे छात्रों ने इस प्रोजेक्ट में अहम योगदान दिया।

श्रीनिवास यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. ए. श्रीनिवास राव के अनुसार, इस तरह के रिसर्च छात्रों को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों का सामना करने का आत्मविश्वास देते हैं और साथ ही समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान खोजने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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रामदेव अग्रवाल ने कहा-बाजार के लिए ऑयल और रुपया बड़े रिस्क, यह शेयरों में निवेश बढ़ाने का सही समय

शेयर बाजारों के लिए यह हफ्ता अच्छा नहीं रहा। आज यानी 24 जुलाई को लगातार पांचवें दिन शेयर बाजारों में गिरावट दिख रही है। बाजार की मौजूदा स्थिति को समझने के लिए मनीकंट्रोल ने मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के चेयरमैन रामदेव अग्रवाल से बातचीत की। उन्होंने बताया कि अभी बाजार के लिए सबसे बड़ा चैलेंज क्या है।

जियोपॉलिटिकल टेंशन बाजार की सबसे बड़ी चिंता

अग्रवाल ने कहा कि बाजार के लिए अब सबसे बड़ी चिंता वैल्यूएशन नहीं बल्कि जियोपॉलिटिकल स्थितियां हैं। मध्यपूर्व में टेंशन बढ़ने से क्रूड ऑयल की कीमतें चढ़ रही हैं। इससे रुपये पर दबाव बढ़ रहा है। रुपये में कमजोरी जब तक जारी रहेगी तब तक विदेशी निवेशकों के भारत लौटने की संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि अभी स्थिति अनिश्चित दिख रही है, जिससे विदेशी निवेशक खरीदारी में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे।

मार्केट करेक्शन का असर लंबी अवधि के निवेश पर नहीं पड़ेगा

बाजार में हालिया गिरावट के बारे में उन्होंने कहा कि इसका असर लंबी अवधि के निवेशकों की खरीदारी पर नहीं पड़ेगा। दरअसल, यह अच्छी क्वालिटी के शेयरों को खरीदने या उनमें निवेश बढ़ाने का मौका है। इसकी वजह यह है कि इंडिया की ग्रोथ स्टोरी पर किसी तरह का असर नहीं पड़ा है। अब भी भारत की इकोनॉमी की ग्रोथ दुनिया के कई बड़े देशों की ग्रोथ से ज्यादा है।

क्रूड 100 के पार जाने पर बाजार पर दबाव बढ़ेगा

उन्होंने कहा, “बाजार एक दिशा में नहीं चलता है। शेयरों पर अच्छे और बुरे दोनों वजहों का असर पड़ता है। सही तरीका यह है कि करेक्शंस के बाद शेयर की वैल्यूएशन अट्रैक्टिव होने पर लंबी अवधि में अच्छे प्रदर्शन की संभावना वाली कंपनियों के शेयरों में निवेश बढ़ाना चाहिए।” उन्होंने कहा कि अगर क्रूड ऑयल की कीमतें 100 डॉलर को पार कर जाती है तो बाजार पर दबाव बढ़ जाएगा।

देश के एक्सटर्नल अकाउंट पर भी दबाव बढ़ रहा

अग्रवाल ने कहा कि महंगे क्रूड से करेंट अकाउंट डेफिसिट बढ़ने और विदशी निवेश कमजोर रहने से भारत के एक्सटर्नल अकाउंट पर दबाव बढ़ सकता है। पहले से ही करेंट अकाउंट का बड़ा घाटा दिख रहा है। अब तो कैपिटल अकाउंट में भी घाटा दिखने लगा है। इसका खराब असर मार्केट के मनोविज्ञान पर पड़ेगा। उनका मानना है कि बाजार में कई आईपीओ आने वाले हैं, इससे भी विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली दिख सकती है।

बड़े आईपीओ में निवेश के लिए शेयर बेच सकते हैं FIIs

उन्होंने कहा, “Zepto, jio और NSE जैसे आईपीओ आने वाले हैं। इनमें विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी दिख सकती है। ऐसे में उन्हें इसके लिए अपने पोर्टफोलियो में जगह बनानी होगी। इसका मतलब है कि वे अपने पोर्टफोलियो के कुछ शेयर बेच सकते हैं।” उन्होंने कहा कि इससे बाजार पर दबाव बढ़ जाएगा। पहले से ही क्रूड में उछाल से बाजार पर दबाव दिख रहा है।

भारत के लिए बेहतर हो रही हैं स्थितियां 

अग्रवाल ने कहा कि भारतीय बाजार के लिए स्थितियां बेहतर होती दिख रही हैं। उन्होने कहा, “मानसून में इम्प्रूवमेंट है। अर्निंग्स ग्रोथ अच्छी दिख रही है। रुपये में स्थिरता है। हालांकि, हमें रुपये पर नजर बनाए रखनी होगी। उधर, दुनियाभर में AI स्टोरी कमजोर होती दिख रही है।” उन्होंने कहा कि भारत की इकोनॉमी अच्छी है, जिससे वैश्विक अनिश्चितता पर इसका असर कम पड़ेगा। अगर जियोपॉटिलिक्स को छोड़ दिया जाए तो भारत असल में अच्छी स्थिति में है।

Market Mantra : AI से जुड़ी IT कंपनियों के वैल्युएशन महंगे,कैपिटल मार्केट शेयरों में आगे दिखेगी अच्छी तेजी – कैलाश कुलकर्णी

Market Mantra : इस समय बाजार एक दोराहे पर खड़ा है। कच्चा तेल है जिसने बाजार की सांस फूला रखी है। वहीं अबतक आए नतीजे हैं मिलेजुले होने के बाद कमेंट्री के फ्रंट पर अच्छे हैं। IT,बैंक और कंज्यूमर कंपनियां सब आगे की अच्छी राह की बात कर रही हैं। ऐसे में निवेशक कंफ्यूज है कि निवेश को लेकर आगे क्या रणनीति बनाएं,अभी निवेश करें या कुछ महीने पहले देख लें कि हालात क्या करवट लेते हैं। इसी कंफ्यूजन को दूर करने के लिए आज हमारे साथ हैं। HSBC MF के CEO कैलाश कुलकर्णी (Kailash Kulkarni)।

कैलाश कुलकर्णी की राय

कैलाश कुलकर्णी का कहना है कि जियोपॉलिटिकल हालात के चलते बाजार में काफी ज्यादा अनिश्चितता है। पिछले कुछ सालों में भारतीय निवेशक मैच्योर हुए हैं। इसके चलते भारतीय निवेशकों की तरफ से पैनिक बिकवाली नहीं हुई है। निवेशकों अभी वेट एंड वॉच मोड में ही रहना चाहिए। भारतीय इकोनॉमी के हालात काफी बेहतर है।

डाइवर्सिफाइड इंडेक्स में बना पैसा

उन्होंने आगे कहा कि निवेशकों का पैसा डाइवर्सिफाइड इंडेक्स में बना है। निवेशक लार्जकैप की बजाय मिडकैप और स्मॉलकैप में पैसे डाल रहे हैं। फ्लैक्सीकैप कैटेगरी में काफी निवेश आ रहा है। मिडकैप की तरफ निवेशकों का रुझान बढ़ा है। इनमें रिटर्न भी अच्छे मिले हैं।

मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटाइजेशन थीम ज्यादा चल रही है। कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी थीम भी अच्छी चल रही है। फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के चलते आगे एक्सपोर्ट सेक्टर भी चल सकता है। PLI और चीन+1 के चलते मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को फायदा होगा। देश के 8-10 राज्यों में मैन्युफैक्चरिंग हो रही है।

AI से जुड़ी IT कंपनियों के वैल्युएशन ज्यादा

कैलाश कुलकर्णी ने आगे कहा कि AI से जुड़ी IT कंपनियों के वैल्युएशन महंगे दिख रहे हैं। IT कंपनियों पर अंडरवेट नजरिया है। BFSI फंड में कैपिटल मार्केट शेयरों पर फोकस है। कैपिटल मार्केट शेयरों में आगे अच्छी तेजी दिखेगी। फार्मा शेयरों पर वेट एंड वॉच का नजरिया है।

Market Mantra : कैलाश कुलकर्णी के मुताबिक मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटाइजेशन थीम ज्यादा चल रही है। कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी थीम भी अच्छी चल रही है। फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के चलते आगे एक्सपोर्ट सेक्टर भी चल सकता है

 

Top Stock Picks : बाजार में वेट एंड वॉच मोड में रहें, किसी गिरावट में इन फार्मा और डिफेंस शेयरों में करें खरीदारी

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Jeep Meridian 85th Anniversary Edition launched at Rs 36.05 lakh

Jeep-Meridian-Annivery-Edition

Jeep India has launched an 85th Anniversary Edition of the Meridian SUV to commemorate 85 years of the Jeep brand. Priced at Rs 36.05 lakh (ex-showroom), only 85 units of this special edition model will be built, and it brings some exclusive detailing on the outside and some feature enhancements on the inside. Bookings are already underway at Jeep dealerships and on the Jeep India website. 

  1. Special Edition SUV gets 85th Anniversary Edition decals on the outside 
  2. Interior gets new golden accents and ambient lighting package 
  3. Based on top-spec Overland trim 

Jeep Meridian 85th Anniversary Edition: what’s new?

This limited-run Meridian is marked out by 85th Anniversary Edition decals on the front doors and tail gate, and it also gets a unique logo for the wheel center caps. It can be had in a choice of five exterior paint shades, namely Pearl White, Techno Metallic Green, Velvet Red, Grigio Magnesio and Brilliant Black. Additionally, the wheels also get a gloss black finish. 

On the inside, there’s a new gold accent on the dashboard as well as an ambient lighting package. Customers can further personalize their vehicles through specially curated 85th Anniversary AXS Packages, offering accessories such as carpet floor mats, anniversary decal kits, ambient lighting and an illumination package for the panoramic sunroof. 

Jeep has also introduced the CARA AI assistant on the Meridian with this limited-run model. CARA is Stellantis’ voice assistant, first introduced with the Citroen Basalt in India. It can be used for navigation, weather information, calls, music and selected vehicle-related functions through voice commands in 52 languages, including major Indian languages. CARA has also been made available on the regular Limited (O) trim of the Meridian, which is now priced at Rs 30.45 lakh – up by Rs 45,000 from before.

Jeep Meridian 85th Anniversary Edition: powertrain and specs 

The Meridian 85th Anniversary Edition is based on the top Overland trim of the SUV. It remains mechanically unchanged, which means under the hood is a 170hp/350Nm 2.0-litre diesel engine mated to a 9-speed automatic gearbox. It can also be specced with an optional 4×4 system. 

Compared to the regular Overland trim, the Meridian 85th Anniversary Edition commands a premium of Rs 44,000. Given the very limited production run, prospective buyers may want to hurry.