Market Mantra : कोटक AMC की शिबानी कुरियन से जानें, शेयर बाजार के इस रोलर कोस्टर राइड में कहां बनेगा पैसा

Market Mantra : शेयर बाजार इस समय जोरदार रोलर कोस्टर राइड में हैं। ग्लोबल अनिश्चितता,तिमाही नतीजों और बाजार के वैल्यूएशन निवेश की रणनीति पर बड़ा असर डाल रहे हैं। ऐसे में दिग्गज फंड मैनेजर क्या नजरिया लेकर चल रहे हैं, अब आगे बाजार की दिशा क्या होगी? इन सब बातों को लेकर निवेशक कंफ्यूज है। ऐसे में निवेश को लेकर क्या रणनीति बनाएं,अभी निवेश करें या कुछ महीने पहले देख लें कि हालात क्या करवट लेते हैं? इसी कंफ्यूजन को दूर करने के लिए आज हमारे साथ हैं कोटक महिंद्रा AMC की सीनियर फंड मैनेजर और इक्विटी रिसर्च हेड शिबानी कुरियन।

Q1 नतीजे बाजार के लिए करेंगे बड़े ट्रिगर का काम 

बाजार पर बात करते हुए शिबानी कुरियन ने कहा कि वेस्ट एशिया संकट के चलते बाजार में काफी उतार-चढ़ाव है। शॉर्ट टर्म में बाजार का रुख वेस्ट एशिया की स्थिति पर निर्भर करेगी। Q1 अर्निंग्स सीजन से बाजार की रिकवरी को सपोर्ट मिलेगा। अब तक Q1 नतीजे ज्यादातर अनुमान से बेहतर रहे। Q1 नतीजे बाजार के लिए बड़ा ट्रिगर का काम करेंगे।

लार्जकैप प्राइवेट बैंकों के नतीजों से मिली निराशा

उन्होंने आगे कहा कि मिडकैप कंपनियों के नतीजे सुस्त रहे हैं। OMCs को छोड़कर सभी सेक्टर्स के मजबूत नतीजे आए हैं। स्मॉलकैप कंपनियों के नतीजे मिलेजुले रहे हैं। NBFCs, ऑटो और कैपिटल गुड्स में अनुमान से बेहतर नतीजे देखने को मिले हैं। लार्जकैप प्राइवेट बैंकों के नतीजों से निराशा मिली है। पिछले 2 साल के मुकाबले अर्निंग्स सीजन में सुधार की उम्मीद दिख रही है।

IT सेक्टर का आउटलुक अभी भी सुस्त

आईटी सेक्टर पर अपनी राय साझा करते हुए शिबानी कुरियन ने कहा कि IT सेक्टर का आउटलुक अभी भी सुस्त है। डिस्क्रिशनरी खर्च में कम सुधार देखने को मिला है। ज्यादातर IT कंपनियों ने ग्रोथ गाइडेंस घटाई है। AI और कंपिटीशन के चलते प्राइसिंग में दबाव देखने को मिल रहा है। IT कंपनियों की रेवेन्यू ग्रोथ और आउटलुक कमजोर है। AI से वॉल्यूम ग्रोथ को सपोर्ट मिला है। मिडकैप IT में वैल्यूशन बेहतर दिख रहे हैं। उनके फोकस फंड में 25-30 शेयर हैं। कैपिटल गुड्स, हेल्थकेयर सेक्टर पर ओवरवेट हैं। फाइनेंशियल पर भी ओवरवेट हैं। लेकिन इंश्योरेंस स्पेस पर अंडरवेट हैं।

 

Experts View : आशीष चतुरमोहता से जानें, मौजूदा बाजार में क्या करें निवेशक, लंबे समय के लिए कहां लगाएं दांव?

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

नौकरी से छंटनी हुई तो इस शख्स को मिल गया जीवन बदलने का मौका, AI की मदद से मिल गई 1.5 करोड़ की जॉब! जानिए कैसे

एक ही कंपनी में दस साल बिताने के बाद नौकरी छूटने से किसी का भी आत्मविश्वास डगमगा सकता है। एक प्रोफेशनल के लिए, उसके बाद के महीने अनिश्चितता, बार-बार रिजेक्शन और ऐसे इंटरव्यू से भरे रहे जिनसे कोई नतीजा नहीं निकला।

हार मानने के बजाय, उन्होंने अपनी तैयारी का तरीका बदल दिया। इंटरव्यू की प्रैक्टिस करने और अपने जवाबों को बेहतर बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करके, उन्हें आखिरकार एक नई नौकरी मिल गई, जिसमें सालाना लगभग 1.5 करोड़ रुपये का पैकेज मिलता है।

AI ने उनके इंटरव्यू की तैयारी का तरीका बदल दिया

इस प्रोफेशनल ने Reddit पर “kml3141” यूज़रनेम से अपना अनुभव शेयर किया। उन्होंने बताया कि एक ही कंपनी में 10 साल काम करने और तीन प्रमोशन पाने के बाद फरवरी के आखिर में उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया। यह फैसला एक झटके जैसा था, और अगले पांच महीने नौकरी की मुश्किल तलाश में बीते। उन्होंने कई इंटरव्यू दिए लेकिन उन्हें बार-बार निराशा का सामना करना पड़ा।

कुछ पद रद्द कर दिए गए, कुछ को होल्ड पर डाल दिया गया, जबकि कुछ पद आखिरकार कंपनी के अंदर के लोगों से ही भर दिए गए। अपने चांस बेहतर करने के लिए, उन्होंने इंटरव्यू की तैयारी में AI का इस्तेमाल करना शुरू किया। उन्होंने बताया कि वे AI टूल्स में जॉब डिस्क्रिप्शन पेस्ट करते थे और उन लोगों के बारे में भी जानकारी शेयर करते थे जो उनका इंटरव्यू लेने वाले थे।

इसके बाद AI ने उन्हें इंटरव्यू में पूछे जा सकने वाले संभावित सवालों का अंदाजा लगाने, इंटरव्यू लेने वालों के बारे में जानकारी जुटाने और STAR मेथड का इस्तेमाल करके जवाब तैयार करने में मदद की। उन्होंने यह भी बताया कि AI की मदद से वे इंटरव्यू के दौरान बहुत ज़्यादा बातें करने के बजाय अपने जवाब छोटे और काम की बात पर केंद्रित रख पाए।

Got an offer!!

by

u/kml3141 in

Layoffs

आखिरकार मेहनत रंग लाई

कई महीनों की खोज के बाद, उन्हें एजेंसी इंडस्ट्री से बाहर की एक कंपनी से नौकरी का ऑफर मिला। इस नई नौकरी में सालाना सैलरी $155,000 (लगभग ₹1.5 करोड़) है, साथ ही 15% सालाना बोनस और पहले दिन से ही एम्प्लॉई बेनिफिट्स भी मिलेंगे। इसमें फ्लेक्सिबल वर्किंग अरेंजमेंट्स के साथ हाइब्रिड वर्क मॉडल की सुविधा भी है।

हालांकि उन्होंने सैलरी पर बातचीत (नेगोशिएशन) करने के बारे में सोचा था, लेकिन उन्होंने ऑफर स्वीकार करने का फैसला किया क्योंकि यह उनकी पिछली नौकरी की कमाई से ज़्यादा था। पीछे मुड़कर देखने पर, Reddit यूज़र ने कहा कि इस अनुभव ने उन्हें धैर्य रखने और लगातार अप्लाई करते रहने का महत्व सिखाया, भले ही कोई नौकरी पहुंच से बाहर लग रही हो।

उनकी पोस्ट को दूसरे Reddit यूज़र्स से भी काफी सपोर्ट मिला। एक यूज़र ने पूछा, “बधाई हो! आपने इंटरव्यू की तैयारी कैसे की? आजकल वे ज़्यादातर व्यवहार और स्थिति-आधारित (बिहेवियरल और सिनेरियो-बेस्ड) इंटरव्यू पर ज़ोर देते हैं।”एक और यूज़र ने लिखा, “बधाई हो! यहां दूसरों का हौसला बढ़ाने के लिए धन्यवाद।”

एक व्यक्ति ने कमेंट किया, “अरे OP, इस बड़ी कामयाबी के लिए बधाई। अगर आपको कोई दिक्कत न हो, तो क्या मैं आपसे DM में उन प्रॉम्प्ट्स के बारे में कुछ मदद ले सकता हूं जिनका आपने इस्तेमाल किया था? ये इंटरव्यू की तैयारी में मेरे काम आ सकते हैं। मुझे आपसे कुछ मेंटरशिप चाहिए।”

एक और यूज़र ने बताया, “मैंने एक एजेंसी के लिए काम किया था और मैं दोबारा ऐसा कभी नहीं करूंगा। आपकी नई नौकरी के लिए शुभकामनाएं! अब इस बात पर ध्यान दें कि आपके पास एक बड़ा इमरजेंसी फंड हो और आप अपना कोई भी बकाया कर्ज़ चुका दें।”

PM मोदी के खिलाफ मॉर्फ्ड पोस्ट पर बड़ा एक्शन! Meta India प्रमुख समेत कई सोशल मीडिया अकाउंट्स पर FIR

FIR on Meta chief on morfed video against PM Modi

छात्र प्रदर्शनों के दौरान सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित मॉर्फ्ड (छेड़छाड़ किए गए) कंटेंट और आपत्तिजनक पोस्ट साझा किए जाने के मामले में पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। साइबर क्राइम पुलिस ने मामले में Meta India के प्रमुख, कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स और अन्य संबंधित पक्षों के खिलाफ FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। ALSO READ: पुजारी बनकर संसद पहुंचे पप्पू यादव, राहुल गांधी ने दानपात्र में डाले पैसे; 'चढ़ावा चोरी' पर विपक्ष का अनोखा प्रदर्शन

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का AI से मॉर्फ्ड वीडियो बनाने के मामले में हैदराबाद पुलिस ने मेटा इंडिया के प्रमुख अरुण श्रीनिवास और कई सोशल मीडिया यूजर्स के खिलाफ एक केस दर्ज किया है। पीएम मोदी ने कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान वीडियो शेयर किया था, जिसको बाद में कुछ लोगों ने AI की मदद से एडिट किया है और गलत जानकारी सर्कुलेट की।

 

पुलिस का कहना है कि जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि कथित मॉर्फ्ड सामग्री किसने तैयार की, किसने उसे प्रसारित किया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उसके प्रसार को रोकने के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया या नहीं। ALSO READ: 'अमित शाह संसद से गायब क्यों?' प्रियंका गांधी समेत विपक्ष का संसद परिसर में प्रदर्शन, छात्रों पर कार्रवाई को लेकर इस्तीफे की मांग

 

क्या है पूरा मामला?

जांच एजेंसियों के अनुसार, NEET प्रदर्शनों के दौरान सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ी कथित रूप से मॉर्फ्ड तस्वीरें, वीडियो और अन्य डिजिटल सामग्री तेजी से वायरल हुई थी। शिकायत मिलने के बाद साइबर क्राइम पुलिस ने मामले की प्रारंभिक जांच की, जिसके आधार पर संबंधित धाराओं में FIR दर्ज की गई। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि विवादित कंटेंट के प्रसार में किन-किन सोशल मीडिया अकाउंट्स की भूमिका रही और क्या किसी प्लेटफॉर्म ने कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई करने में लापरवाही बरती।

 

किन पहलुओं की होगी जांच?

 

साइबर क्राइम अधिकारियों के अनुसार जांच में कई बिंदुओं पर फोकस किया जाएगा, जिनमें शामिल हैं—

  • कथित मॉर्फ्ड कंटेंट का मूल स्रोत कौन था।
  • कंटेंट किस नेटवर्क के माध्यम से वायरल हुआ।
  • संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट्स की भूमिका क्या रही।
  • लागू कानूनों और आईटी नियमों का पालन हुआ या नहीं।
  • डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई।

 

पुलिस का क्या कहना है?

साइबर क्राइम विभाग का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फर्जी, भ्रामक या मॉर्फ्ड सामग्री का प्रसार कानून के दायरे में आता है और ऐसे मामलों में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अपुष्ट या संदिग्ध सामग्री को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें।

 

मॉर्फ्ड वीडियो क्या होते हैं? 

मॉर्फ्ड वीडियो, असल में ऐसे वीडियो होते हैं जिनमें किसी व्यक्ति का चेहरा, आवाज या हाव-भाव डिजिटल तकनीक, AI या वीडियो या एडिटिंग सॉफ्टवेयर के जरिए बदले जाते हैं। इन वीडियो का मकसद होता है कि लोगों को ऐसा लगे कि वह व्यक्ति कुछ ऐसा कह या कर रहा है, जो असल में उसने कहा ही नहीं था।

Meta इंडिया हेड के खिलाफ केस दर्ज, PM मोदी का AI से मॉर्फ्ड वीडियो बनाने से जुड़ा है मामला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने वाले कथित मॉर्फ्ड और आपत्तिजनक वीडियो को लेकर हैदराबाद पुलिस ने मेटा इंडिया के प्रमुख और कई सोशल मीडिया यूजर्स के खिलाफ मामला दर्ज किया है। ये वीडियो दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान और उसके बाद सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए थे। रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा कार्यकर्ताओं की शिकायत के बाद हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने इस मामले में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं।

पुलिस ने संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट चलाने वाले लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

मेटा इंडिया के प्रमुख भी आरोपी, पुलिस ने भेजा नोटिस

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों मामलों में मेटा इंडिया के प्रमुख को भी सह-आरोपी बनाया गया है। हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस के एक जांच अधिकारी ने बताया कि दर्ज मामलों और शिकायतकर्ताओं द्वारा साझा किए गए कथित आपत्तिजनक लिंक के संबंध में मेटा को नोटिस भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। इसके लिए सोशल मीडिया खातों से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि आरोपियों का पता लगाकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सके।

जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान किया गया था आपत्तिजनक कमेंट

एक अन्य मामले में, नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करने के आरोप में नोएडा में एक महिला के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज की गई है। यह एफआईआर नोएडा के एक्सप्रेसवे थाना में गाजियाबाद निवासी स्मृति सिंह की शिकायत पर दर्ज की गई। शिकायत में नोएडा के सेक्टर-168 की रहने वाली रुचिका सिंह पर प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। जीरो एफआईआर होने के कारण अब इस मामले को संबंधित पुलिस थाने को भेजकर आगे की जांच की जाएगी।

बीएनएस की कई धाराओं में दर्ज हुआ मामला

एफआईआर के अनुसार, शिकायतकर्ता का आरोप है कि 23 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान आरोपी महिला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। शिकायत में कहा गया है कि इससे प्रधानमंत्री के संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंची और सार्वजनिक शांति भंग होने तथा लोगों के बीच तनाव फैलने की आशंका पैदा हुई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 352, धारा 353(1) और धारा 356(1) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इन धाराओं में जानबूझकर अपमान करना, सार्वजनिक अशांति फैलाने वाले बयान देना और मानहानि जैसे आरोप शामिल हैं। मामले की आगे की जांच जारी है।

PM मोदी की फेसबुक पोस्ट हटने के विवाद पर Meta का बड़ा कदम, अब VIP अकाउंट्स के लिए लागू किए नए सुरक्षा प्रोटोकॉल

PM Modi post row: दिग्गज अमेरिकी सोशल मीडिया कंपनी मेटा ने भारत सरकार को एक पत्र लिखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य प्रमुख हस्तियों द्वारा पोस्ट किए गए कंटेंट के लिए लागू किए गए कड़े और एडवांस्ड सुरक्षा प्रोटोकॉल के बारे में जानकारी दी है। प्रधानमंत्री मोदी की फेसबुक पोस्ट कुछ समय के लिए हटाए जाने के विवाद के बाद Meta ने प्रमुख VIP अकाउंट्स की सुरक्षा के लिए नए प्रोटोकॉल लागू किए हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सचिव एस. कृष्णन ने गुरुवार (30 जुलाई) को पत्रकारों से बातचीत में बताया कि कंपनी ने सरकार को इस बारे में जानकारी दी है।

उन्होंने बताया कि अगले 7 से 10 दिनों के भीतर इस मुद्दे पर एक विस्तृत बैठक भी होगी। पत्रकारों से बातचीत में एस. कृष्णन ने कहा कि Meta ने सरकार को बताया है कि 28 जुलाई की घटना के बाद नए सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं। इसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो फेसबुक से कुछ समय के लिए हट गया था, जिसे बाद में बहाल कर दिया गया था। बता दें कि मेटा, फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म चलाती है।

मेटा ने लेटर में क्या कहा?

सूत्रों ने बताया कि मेटा ने सूचना प्रौद्योगिकी (IT) मंत्रालय को सूचित किया है कि प्रधानमंत्री और अन्य प्रमुख हस्तियों द्वारा पोस्ट किए गए कंटेंट की अतिरिक्त निगरानी की जाएगी। साथ ही कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कई स्तरों पर इसकी समीक्षा की जाएगी। सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि मेटा की टीम इस सप्ताह के अंत में या अगले सप्ताह की शुरुआत में सरकारी अधिकारियों से उस घटना के संबंध में मिल सकती है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक फेसबुक पोस्ट को कुछ समय के लिए हटा दिया गया था।

सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी की एक फेसबुक पोस्ट को कुछ समय के लिए हटाए जाने के मुद्दे पर मंगलवार को मेटा के ग्लोबल हेड ऑफ पब्लिक पॉलिसी को तलब किया था। 23 जुलाई की पोस्ट में प्रधानमंत्री ने युवाओं को संबोधित किया था। उन्हें पेपर लीक के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया था। अमेरिका स्थित सोशल मीडिया कंपनी ने इस घटना के लिए तकनीकी खराबी को जिम्मेदार ठहराते हुए माफी मांगी थी। हालांकि, IT मंत्रालय ने इस स्पष्टीकरण को अपर्याप्त माना था।

प्रधानमंत्री मोदी का वीडियो संदेश शुरू में 23 जुलाई को इंस्टाग्राम पर साझा किया गया था। बाद में फेसबुक पर पोस्ट किया गया था। लेकिन मेटा ने इसे अस्थायी रूप से ब्लॉक कर दिया था। सूत्रों के अनुसार, मेटा ने इस स्थिति के लिए अपने ऑटोमेटेड AI कंटेंट फिल्टर में तकनीकी खराबी को जिम्मेदार ठहराया। कंपनी ने कहा कि जो कंटेंट गलती से हटा दिया गया था, उसे बाद में बहाल कर दिया गया।

मेटा के अधिकारियों से इन पहलुओं पर होगी चर्चा

MeitY सचिव ने बताया कि प्रस्तावित बैठक में इस पूरे मामले के नीतिगत (Policy) और तकनीकी (Technical) दोनों पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। साथ ही यह भी समीक्षा की जाएगी कि Meta ने सरकार की चिंताओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि Meta ने सरकार को एक लेटर लिखकर इस घटना पर खेद (Regret) भी जताया है। साथ ही यह बताया है कि किन कारणों से पोस्ट हटाई गई थी।

Meta के जवाब की जांच जारी

एस. कृष्णन ने कहा कि केंद्र सरकार अभी Meta द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण का अध्ययन कर रही है। इसके अलावा, यूजरनेम से जुड़े मुद्दे पर विभिन्न मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स द्वारा दिए गए सुझावों और प्रस्तुतियों की भी जांच की जा रही है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने प्रधानमंत्री की फेसबुक पोस्ट हटाए जाने के मामले में Meta के वरिष्ठ वैश्विक अधिकारियों को तलब किया था।

ये भी पढ़ें- मार्क जकरबर्ग का दावा- 5 साल में हर किसी के पास होगा अपना AI Agent, क्या है ये जो आया तो आपका जीवन बदल देगा?

सरकारी सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार Meta के इस स्पष्टीकरण से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है कि पोस्ट ऑटोमेटेड सिस्टम की तकनीकी गलती (Automated Error) के कारण हटाई गई थी। सरकार और Meta के बीच इस मुद्दे पर बातचीत आगे भी जारी रहेगी।

क्रिस वुड ने लॉर्जकैप स्टॉक्स में तेजी की जताई उम्मीद, कहा- यह सोने में फिर से निवेश शुरू करने का सही वक्त

जेफरीज में इक्विटी स्ट्रेटेजी के ग्लोबल हेड क्रिस वुड का मानना है कि लंबी अवधि में भारतीय शेयर बाजारों का प्रदर्शन अच्छा रहेगा। उनका यह भी कहना है कि लंबे समय तक मिडकैप शेयरों के बेहतर प्रदर्शन के बाद अब लार्जकैप स्टॉक्स की बारी है। मनीकंट्रोल के मैनेजिंग एडिटर नलिन मेहता को दिए इंटरव्यू में उन्होंने भारतीय शेयर बाजार के बारे में कई अहम बातें बताईं।

गोल्ड में निवेश शुरू करने की सलाह

वुड ने कहा कि मिडकैप स्टॉक्स की अर्निंग्स ग्रोथ और रिटर्न स्ट्रॉन्ग रहे हैं। अब ब्लूचिप स्टॉक्स का रफ्तार पकड़ना स्वाभाविक है। उन्होंने इनवेस्टर्स को हालिया कंसॉलिडेशन (सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव) के बाद सोने में निवेश शुरू करने की भी सलाह दी। गोल्ड की कीमतें इस साल जनवरी की आखिर में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं। उसके बाद कीमतों में तेज गिरावट आई।

मिडकैप की अर्निंग्स ग्रोथ लार्जकैप से ज्यादा

उन्होंने कहा, “रुपये में निवेश करने वाले इनवेस्टर्स के लिए पिछले साल भारतीय शेयर बाजारों का कुल रिटर्न बहुत खराब नहीं रहा। इंडियन मार्केट में मिडकैप स्टॉक्स को लेकर मेरी राय सबसे ज्यादा पॉजिटिव रही है। उनकी अर्निंग्स ग्रोथ ब्लूचिप शेयरों के मुकाबले ज्यादा रही है।”

अब लार्जकैप स्टॉक्स में दिख सकती है तेजी

लंबी अवधि में भारतीय बाजारों के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताते हुए वुड ने कहा कि मिडकैप शेयरों के शानदार प्रदर्शन से यह संकेत मिलता है कि अब लार्जकैप स्टॉक्स में तेजी दिख सकती है। उनका मानना है कि पिछले 18 महीनों में इंडियन मार्केट्स में लार्जकैप शेयरों में स्ट्रॉन्ग थीम का अभाव रहा है। इंडिया में रिवर्स AI ट्रेड देखने को मिला है। इंडिया में एक सेक्टर है, जिसे एआई से बड़ा खतरा है। वह सेक्टर आईटी है।

मध्यपूर्व में लड़ाई से सोने में उछाल नहीं आया

सोने के बारे में वुड ने कहा कि हाल में ऊंचे लेवल से गिरने के बाद सोने की कीमतें अब ऐसे लेवल पर आ गई है, जिस पर इसमें निवेश बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा, “ईरान वॉर शुरू होने पर गोल्ड की कीमत ने नया हाई नहीं बनाया। यह मेरे लिए एक संकेत था कि गोल्ड की कीमतें फिलहाल अपने पीक पर पहुंच गई हैं और हम कंसॉलिडेशन के दौर में प्रवेश कर चुके हैं।”

डॉलर डिबेसमेंट ट्रेड की वजह से सोना अट्रैक्टिव

वुड ने कहा, “हम इस ट्रेडिंग रेंज के निचले स्तर पर हैं। मेरा मानना है कि लोगों को फिर से सोने में निवेश शुरू करना चाहिए। लंबी अवधि में सोने को पसंद करने की वजह यह है कि मैं अब भी डॉलर डिबेसमेंट ट्रेड पर भरोसा करता हूं। “

(नलिन मेहता मनीकंट्रोल के मैनेजिंग एडिटर और नेटवर्क18 में चीफ एआई ऑफिसर-एडिटोरियल ऑपरेशंस हैं। नलिन ‘द न्यू बीजेपी: मोदी एंड द मेकिंग ऑफ द वर्ल्ड्स लार्जेस्ट पॉलिटिकल पार्टी’ किताब के लेखक हैं।)

Kanwar Yatra 2026: कांवड़ यात्रा से पहले दिल्ली में सख्ती! इन रूट पर मीट की दुकानों को बंद करने के आदेश, MCD ने सभी 12 जोन को दिए निर्देश

Kanwar Yatra 2026: श्रावण मास की शुरुआत के साथ ही आज यानी गुरुवार (30 जुलाई) से विश्व की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में शामिल कांवड़ यात्रा शुरू हो चुकी है। इस दौरान विभिन्न राज्यों से करोड़ों शिवभक्त गंगाजल लेने के लिए उत्तराखंड के हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में पहुंचेंगे। इस बीच, कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले दिल्ली नगर निगम (MCD) ने बड़ा फैसला लेते हुए सभी 12 जोनों को कांवड़ यात्रा रूट्स और कांवड़ शिविरों के आसपास संचालित अवैध मीट की दुकानों को बंद कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही लाइसेंस वाले मीट की दुकानों की भी जांच की जाएगी। लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में 30 जुलाई से 11 अगस्त तक 308 कांवड़ शिविर लगाए जाएंगे। इसे देखते हुए एमसीडी ने सभी नागरिक सुविधाओं की तैयारियां यात्रा शुरू होने से पहले पूरी करने के निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों ने बताया कि MCD ने अधिकारियों से यात्रा से पहले सभी सिविक इंतजाम पूरे करने को भी कहा है, जिसके दौरान 30 जुलाई से 11 अगस्त तक पूरे देश में 308 कांवड़ कैंप चलने वाले हैं।

कांवड़ कैंप साइट्स से अतिक्रमण हटाने के आदेश

एक ऑफिस मेमोरेंडम में सभी जोनल डिप्टी कमिश्नरों को यह पक्का करने का आदेश दिया गया है कि तीर्थयात्रा शुरू होने से पहले पहचाने गए कांवड़ कैंप साइट्स से अतिक्रमण हटा दिया जाए। मेमोरेंडम में कहा गया है कि MCD को यात्रा से काफी पहले कैंप साइट्स से अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जोनल अधिकारियों को पहले ही पहचानी गई जगहों की जानकारी दे दी गई है। जबकि जरूरत पड़ने पर और कैंप लगाने की भी इजाजत दी जा सकती है।

सिविक बॉडी ने अधिकारियों को यह पक्का करने का निर्देश दिया है कि यात्रा के रास्तों पर या कांवड़ कैंप के आस-पास कोई भी बिना इजाजत या बिना लाइसेंस वाली मीट की दुकान न चले। यह भी कहा गया है कि अगर लाइसेंस वाली मीट की दुकानें अपने लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करती पाई जाती हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

साफ-सफाई के आदेश

सख्ती बरतने के अलावा, MCD ने सभी जोन से कैंप साइट और आस-पास के इलाकों में बड़े पैमाने पर सफाई अभियान चलाने को कहा है। इनमें गहरी सफाई, उगी हुई घास-फूस को हटाना और रेगुलर कचरा इकट्ठा करना शामिल है। अधिकारियों ने कहा कि यात्रा के दौरान चौबीसों घंटे सफाई बनाए रखने के लिए सफाई कर्मचारी और मशीनरी तीन शिफ्ट में तैनात रहेंगी। हर साल आयोजित होने वाली कांवड़ यात्रा में शिवभक्त सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय कर हरिद्वार पहुंचते हैं। यहां से गंगाजल लेकर अपने गांव या शहर के शिवालयों में भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं।

चार करोड़ से अधिक कांवड़ियों के हरिद्वार पहुंचने की उम्मीद

अखाड़ा परिषद और मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रविंद्रपुरी ने बताया कि भगवान शिव को जल अत्यंत प्रिय है। इसी कारण शिवभक्त हरिद्वार से गंगाजल ले जाकर अपने-अपने शिवालयों में उनका जलाभिषेक करते हैं। अधिकारियों के अनुसार, लगभग पखवाड़े भर चलने वाली इस यात्रा के दौरान चार करोड़ से अधिक कांवड़ियों के हरिद्वार पहुंचने का अनुमान है। इसे देखते हुए प्रशासन ने उनकी सुरक्षा और सुविधाओं के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।

कांवड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और वरिष्ठ अधिकारी कई बैठकें कर चुके हैं। यात्रा के शांतिपूर्ण और सुचारु संचालन के लिए पड़ोसी राज्यों के अधिकारियों के साथ भी समन्वय स्थापित किया गया है। हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नवनीत सिंह ने बताया कि कांवड़ मेले को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और पुलिस पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अन्य जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

एसएसपी ने बताया कि कांवड़ मेले के दौरान पहली बार सोशल मीडिया पर निगरानी के लिए साइबर कमांडो तैनात किए जाएंगे। ये भ्रामक, फर्जी और AI से तैयार किए गए वीडियो पर तत्काल कार्रवाई करेंगे। पुलिस अधिकारी ने बताया कि सामान्य भ्रामक वीडियो को 36 घंटे के भीतर, जबकि एआई से तैयार फर्जी वीडियो को लगभग तीन घंटे के भीतर हटाने की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए सोशल मीडिया मंचों और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया गया है। एसएसपी ने बताया कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को कांवड़ यात्रा के ट्रैफिक से अलग रखा जाएगा।

ये भी पढ़ें- ‘कोई पाकिस्तानी कश्मीर नहीं है’; PoK हिंसा पर भ्रामक हेडलाइन के लिए भारत ने ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ को लगाई लताड़

हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि कांवड़ मेला शुरू होने से पहले ही बड़ी संख्या में शिवभक्त हरिद्वार पहुंचने लगे हैं। दीक्षित ने बताया कि कांवड़ मेले को लेकर सभी विभागों की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग को मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि 30 जुलाई से 11 अगस्त तक स्कूलों में अवकाश रहेगा। इस दौरान स्टूडेंट्स के लिए ऑनलाइन क्लासेस चलाने के निर्देश जारी किए गए हैं।

US Fed ने नहीं बदली ब्याज दरें, क्या होगा इसका भारतीय बाजार पर असर और गिफ्ट निफ्टी से क्या मिल रहा है संकेत

Gift Nifty Indicator: गुरुवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty के मामूली गिरावट के साथ खुलने की संभावना है। Wall Street में रात भर हुई भारी बिकवाली के बाद GIFT Nifty सुस्त शुरुआत का संकेत दे रहा है। AI से जुड़े खर्च को लेकर बनी चिंताएं और US Federal Reserve के पॉलिसी फैसले के बाद अनिश्चितता ने पॉजिटिव इंस्टीट्यूशनल फ्लो और बुधवार की घरेलू बाजार की जोरदार रैली के असर को कम कर दिया है।

सुबह करीब 8:00 बजे GIFT Nifty 88 अंक या 0.36 फीसदी गिरकर 24,215 पर ट्रेड कर रहा था, जिससे संकेत मिलता है कि Nifty 50 बुधवार के 24,250.20 के क्लोजिंग लेवल से नीचे खुल सकता है। यह कमजोर संकेत बुधवार को भारतीय शेयरों में जोरदार रिकवरी के बाद आया है। Sensex 888.68 अंक या 1.16 फीसदी बढ़कर 77,654.60 पर पहुंच गया, जबकि Nifty 264.85 अंक या 1.10 फीसदी बढ़कर 24,250.20 पर बंद हुआ।

US फेड मीटिंग का नतीजा

उम्मीद के मुताबिक, US फेडरल रिज़र्व ने चेयर केविन वॉर्श की अगुवाई में गुरुवार को ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया। यह लगातार पांचवीं पॉलिसी मीटिंग थी जिसमें सेंट्रल बैंक ने दरों को स्थिर रखने का फ़ैसला किया, क्योंकि अधिकारी मॉनेटरी पॉलिसी में बदलाव करने से पहले महंगाई के आउटलुक और व्यापक आर्थिक स्थितियों का आकलन कर रहे थे।

यह घोषणा फेडरल रिज़र्व की दो दिन की फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) मीटिंग खत्म होने के बाद की गई।फेड ने अपनी बेंचमार्क ब्याज दर को 3.50%-3.75% पर बनाए रखा। इसने महंगाई, बेरोज़गारी और कुल आर्थिक विकास के अपने अनुमानों को भी जून की पॉलिसी मीटिंग में पेश किए गए अनुमानों के मुकाबले काफ़ी हद तक जस का तस रखा।

एशियाई बाजारों में तेजी

Federal Reserve द्वारा ब्याज दरों में कोई बदलाव न करने के बाद गुरुवार को एशियाई शेयरों मेंबढ़त के साथ कारोबार हुआ। वहीं, ग्लोबल टेक्नोलॉजी शेयरों में भारी बिकवाली के बाद निवेशक AI से जुड़े खर्च के आउटलुक का आकलन करते रहे। जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों के MSCI के सबसे बड़े इंडेक्स में 1 फीसदी से अधिक की बढ़त हुई, जबकि जापान के Nikkei में लगभग 2 फीसदी की तेजी आई। दक्षिण कोरिया के Kospi में हफ्ते की शुरुआत में भारी नुकसान के बाद 4 फीसदी की रिकवरी हुई, हालांकि यह साप्ताहिक आधार पर बड़ी गिरावट की ओर बढ़ रहा था। Nasdaq फ्यूचर्स में 1.2 फीसदी की बढ़त हुई, जबकि यूरोपियन फ्यूचर्स ने हल्की पॉजिटिव शुरुआत का संकेत दिया।

गुरुवार की रिकवरी के बावजूद, भारी AI निवेश पर रिटर्न को लेकर चिंताओं के बीच सेमीकंडक्टर शेयरों में भारी गिरावट के बाद निवेशक सतर्क बने रहे।

बुधवार को US शेयर बाजार में भारी गिरावट के साथ कारोबार खत्म हुआ, क्योंकि Federal Reserve ने अपनी बेंचमार्क ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया और टेक्नोलॉजी शेयरों में हालिया गिरावट जारी रही। फेड ने ब्याज दरों को 3.50-3.75 प्रतिशत की रेंज में ही बनाए रखा, जो उम्मीदों के मुताबिक था, हालांकि तीन पॉलिसीमेकर्स ने दरों में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी के पक्ष में असहमति जताई।

माइक्रोसॉफ्ट और मेटा प्लेटफॉर्म्स के नतीजों से पहले निवेशकों द्वारा AI-से जुड़े शेयरों में अपनी हिस्सेदारी कम करने के कारण डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 2.19 प्रतिशत, S&P 500 1.52 प्रतिशत और नैस्डैक कम्पोजिट 1.74 प्रतिशत गिर गए।

क्रूड में नरमी

पिछले सेशन में तेजी के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई, क्योंकि तनाव बढ़ने के बावजूद मध्य पूर्व से टैंकरों का आवागमन जारी रहा। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.42 प्रतिशत गिरकर 89.45 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 0.66 प्रतिशत गिरकर 83.90 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। यह गिरावट ईरान संघर्ष के दौरान आई सबसे बड़ी तेजी के बाद हुई है; बुधवार को ब्रेंट में लगभग 8 प्रतिशत और WTI में 6.5 प्रतिशत से अधिक की तेजी आई थी।

हालांकि तेल की कीमतों में नरमी आई, लेकिन US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए बयानों और क्षेत्र में लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण जियोपॉलिटिकल तनाव बना हुआ है।

क्या होगा इसका भारतीय बाजार पर असर

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने के फैसले से निकट भविष्य की एक बड़ी अनिश्चितता खत्म हो गई है, लेकिन पॉलिसीमेकर्स के बीच बंटे हुए वोट से संकेत मिलता है कि भविष्य की पॉलिसी का रास्ता डेटा पर निर्भर करेगा। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और मध्य पूर्व में फिर से बढ़ा जियोपॉलिटिकल तनाव भी भारतीय बाजारों के लिए मुख्य जोखिम बने हुए हैं, जबकि FII और DII की खरीदारी से सपोर्ट मिल रहा है।

पोनमुडी ने कहा कि 24,200 के स्तर को फिर से हासिल करने के बाद निफ्टी में सकारात्मक रुख बना हुआ है। 24,300-24,400 का ज़ोन तत्काल रेजिस्टेंस बना हुआ है, और इसके ऊपर निर्णायक रूप से जाने पर 24,500-24,600 की ओर बढ़ने का रास्ता खुल सकता है। नीचे की ओर, 24,150-24,000 मुख्य सपोर्ट ज़ोन है, जबकि 24,000 के नीचे जाने पर 23,900-23,800 के स्तर की ओर प्रॉफिट-बुकिंग शुरू हो सकती है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा कमजोर शुरुआत के संकेत, फोकस में NBCC, MTAR Tech, Eicher Motors

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

मध्य प्रदेश में पुनर्जीवित हो रही गुरुकुल की सनातन परंपरा

sandipani vidyalaya MP

Sandipani Schools MP: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार ने 'सांदीपनि विद्यालयों' के जरिए गुरुकुल के संपन्न और सनातन वैभव को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने की एक नायाब शुरुआत की है। ​इस वर्ष गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर, जब पूरा देश आदि गुरु महर्षि वेदव्यास के अवदान को याद कर रहा है, तब मध्य प्रदेश से आ रही सांस्कृतिक और शैक्षणिक पुनर्जागरण की बयार पूरे देश को एक नई राह दिखा रही है। इन विद्यालयों में गुरुकुल की समृद्ध परंपराओं के साथ अत्याधुनिक ज्ञान-विज्ञान की भी शिक्षा दी जा रही है, और ऐसा करने वाला मध्य प्रदेश देश का इकलौता और अग्रणी राज्य बन गया है।

 

​उज्जैन केवल बाबा महाकाल की नगरी ही नहीं है, बल्कि वह द्वापर युग में महर्षि सांदीपनि की ऐतिहासिक तपोभूमि भी रही है। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर 29 जुलाई को उज्जैन के माधव विज्ञान महाविद्यालय में सांदीपनि अलंकरण समारोह का आयोजन किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव थे। इसके अलावा 15 जुलाई से 29 जुलाई तक गुरु शिष्य परंपरा के उत्सव के तौर पर गुरु पूर्णिमा पखवाड़ा मनाया गया। इस दौरान प्रदेश में  “एक गुरु एक वृक्ष” अभियान के तहत 40000 से अधिक पौधों का रोपण भी किया गया।

 

उज्जैन में महर्षि सांदीपनि का पावन आश्रम था, जहां स्वयं भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा ने साथ रहकर समतावादी शिक्षा प्राप्त की थी। यहीं पर श्रीकृष्ण और बलराम ने मात्र 64 दिनों में 4 वेद, 6 वेदांग, उपनिषद, राजनीति, युद्धकला, संगीत और जीवन प्रबंधन सहित 64 कलाओं और 14 विद्याओं का गहन अध्ययन किया था।

 

​मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी इसी ऐतिहासिक नगरी उज्जैन से आते हैं। यही कारण है कि उज्जैन की इस महान सांदीपनि शिक्षा परंपरा को पुनर्जीवित करने के लिए वे व्यक्तिगत रूप से खासे संजीदा हैं। मुख्यमंत्री इस योजना के क्रियान्वयन, गुणवत्ता और प्रगति की स्वयं कड़े स्तर पर मॉनिटरिंग करते हैं। उनके विजन का ही नतीजा है कि पूर्व की “सीएम राइज़” योजना को भारतीय सांस्कृतिक संदर्भ देते हुए अब 'सांदीपनि विद्यालय' के रूप में एक नई चेतना प्रदान की गई है।

 

सांदीपनि विद्यालय परंपरा और आधुनिकता का संगम हैं। ​आज का युग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल तकनीक, बिग डेटा और इंटरनेट का है। उंगलियों की एक क्लिक पर दुनिया भर की सूचनाएं उपलब्ध हैं, परंतु सूचना और 'विवेक' में बहुत महीन अंतर होता है। उत्तर इंटरनेट दे सकता है और निबंध एआई लिख सकता है; लेकिन सही-गलत का भेद करने वाला विवेक, मानवीय मूल्य, करुणा और अडिग चरित्र का निर्माण केवल और केवल एक 'सच्चा गुरु' ही कर सकता है।

 

​राज्य में प्रथम चरण में कुल 368 सांदीपनि विद्यालय संचालित हैं। इनमें 274 स्कूल शिक्षा विभाग और 94 जनजातीय कार्य विभाग से जुड़े हैं। दूसरे चरण में 405 और विद्यालय संचालित करने का लक्ष्य तय किया गया है। 

 

​मध्य प्रदेश के सांदीपनि विद्यालय आज की पीढ़ी को राज्य के गौरव से जोड़ रहे हैं। शैक्षिक सत्र 2025- 26 में हाई स्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में इन विद्यालयों का रिजल्ट तकरीबन 90 फीसदी रहा है। कुल मिलाकर सांदीपनि विद्यालयों के माध्यम से मध्य प्रदेश सरकार 21वीं सदी के भारत के लिए 'मनुष्य निर्माण की एक अनुपम प्रयोगशाला' तैयार कर रही है।

 

​सांदीपनि विद्यालयों का लक्ष्य भव्य कंक्रीट की इमारतें खड़ा करना मात्र नहीं है, बल्कि आधुनिक विद्यालयों में 'गुरुकुल की आत्मा' को डालना है। यहाँ एक तरफ जहाँ आधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाएं, रोबोटिक्स और डिजिटल स्मार्ट कक्षाएं बच्चों को 21वीं सदी के लिए तैयार कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ पाठ्यक्रम में भारतीय संस्कृति, योग, नैतिक शिक्षा, खेल, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व को अनिवार्य रूप से समाहित किया गया है।

बाघ संरक्षण और पर्यावरण संतुलन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार ने 'सांदीपनि विद्यालयों' के जरिए गुरुकुल के संपन्न और सनातन वैभव को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने की एक नायाब शुरुआत की है। ​इस वर्ष गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर, जब पूरा देश आदि गुरु महर्षि वेदव्यास के अवदान को याद कर रहा है, तब मध्य प्रदेश से आ रही सांस्कृतिक और शैक्षणिक पुनर्जागरण की बयार पूरे देश को एक नई राह दिखा रही है। इन विद्यालयों में गुरुकुल की समृद्ध परंपराओं के साथ अत्याधुनिक ज्ञान-विज्ञान की भी शिक्षा दी जा रही है, और ऐसा करने वाला मध्य प्रदेश देश का इकलौता और अग्रणी राज्य बन गया है।

 

​उज्जैन केवल बाबा महाकाल की नगरी ही नहीं है, बल्कि वह द्वापर युग में महर्षि सांदीपनि की ऐतिहासिक तपोभूमि भी रही है। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर 29 जुलाई को उज्जैन के माधव विज्ञान महाविद्यालय में सांदीपनि अलंकरण समारोह का आयोजन किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव थे। इसके अलावा 15 जुलाई से 29 जुलाई तक गुरु शिष्य परंपरा के उत्सव के तौर पर गुरु पूर्णिमा पखवाड़ा मनाया गया। इस दौरान प्रदेश में  “एक गुरु एक वृक्ष” अभियान के तहत 40000 से अधिक पौधों का रोपण भी किया गया।

 

उज्जैन में महर्षि सांदीपनि का पावन आश्रम था, जहां स्वयं भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा ने साथ रहकर समतावादी शिक्षा प्राप्त की थी। यहीं पर श्रीकृष्ण और बलराम ने मात्र 64 दिनों में 4 वेद, 6 वेदांग, उपनिषद, राजनीति, युद्धकला, संगीत और जीवन प्रबंधन सहित 64 कलाओं और 14 विद्याओं का गहन अध्ययन किया था।

 

​मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी इसी ऐतिहासिक नगरी उज्जैन से आते हैं। यही कारण है कि उज्जैन की इस महान सांदीपनि शिक्षा परंपरा को पुनर्जीवित करने के लिए वे व्यक्तिगत रूप से खासे संजीदा हैं। मुख्यमंत्री इस योजना के क्रियान्वयन, गुणवत्ता और प्रगति की स्वयं कड़े स्तर पर मॉनिटरिंग करते हैं। उनके विजन का ही नतीजा है कि पूर्व की “सीएम राइज़” योजना को भारतीय सांस्कृतिक संदर्भ देते हुए अब 'सांदीपनि विद्यालय' के रूप में एक नई चेतना प्रदान की गई है।

 

सांदीपनि विद्यालय परंपरा और आधुनिकता का संगम हैं। ​आज का युग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल तकनीक, बिग डेटा और इंटरनेट का है। उंगलियों की एक क्लिक पर दुनिया भर की सूचनाएं उपलब्ध हैं, परंतु सूचना और 'विवेक' में बहुत महीन अंतर होता है। उत्तर इंटरनेट दे सकता है और निबंध एआई लिख सकता है; लेकिन सही-गलत का भेद करने वाला विवेक, मानवीय मूल्य, करुणा और अडिग चरित्र का निर्माण केवल और केवल एक 'सच्चा गुरु' ही कर सकता है।

 

​राज्य में प्रथम चरण में कुल 368 सांदीपनि विद्यालय संचालित हैं। इनमें 274 स्कूल शिक्षा विभाग और 94 जनजातीय कार्य विभाग से जुड़े हैं। दूसरे चरण में 405 और विद्यालय संचालित करने का लक्ष्य तय किया गया है। 

 

​मध्य प्रदेश के सांदीपनि विद्यालय आज की पीढ़ी को राज्य के गौरव से जोड़ रहे हैं। शैक्षिक सत्र 2025- 26 में हाई स्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में इन विद्यालयों का रिजल्ट तकरीबन 90 फीसदी रहा है। कुल मिलाकर सांदीपनि विद्यालयों के माध्यम से मध्य प्रदेश सरकार 21वीं सदी के भारत के लिए 'मनुष्य निर्माण की एक अनुपम प्रयोगशाला' तैयार कर रही है।

 

​सांदीपनि विद्यालयों का लक्ष्य भव्य कंक्रीट की इमारतें खड़ा करना मात्र नहीं है, बल्कि आधुनिक विद्यालयों में 'गुरुकुल की आत्मा' को डालना है। यहाँ एक तरफ जहाँ आधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाएं, रोबोटिक्स और डिजिटल स्मार्ट कक्षाएं बच्चों को 21वीं सदी के लिए तैयार कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ पाठ्यक्रम में भारतीय संस्कृति, योग, नैतिक शिक्षा, खेल, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व को अनिवार्य रूप से समाहित किया गया है।