BASIC Home Loan: 2029 तक 500 नए फाइनेंस सेंटर खोलेगी, हर साल ₹60,000 करोड़ तक होम लोन का टारगेट

BASIC Home Loan: फिनटेक कंपनी BASIC Home Loan ने 2029 तक देशभर में 500 BASIC Finance Centres खोलने की योजना बनाई है। कंपनी का मकसद होम लोन को ज्यादा आसान और तेज बनाना है। इसके लिए टेक्नोलॉजी के साथ स्थानीय एक्सपर्ट्स की मदद ली जाएगी। कंपनी का लक्ष्य इन सेंटरों के जरिए हर साल ₹50,000-60,000 करोड़ के होम लोन डिस्बर्स करना है।

पहले इन राज्यों पर रहेगा फोकस

बेसिक होम लोन के मुताबिक, शुरुआत में कंपनी उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत में विस्तार करेगी। इसके बाद पूरे देश में नेटवर्क बढ़ाया जाएगा। खास फोकस टियर-2 और टियर-3 शहरों पर रहेगा। कंपनी अफोर्डेबल और मिड-इनकम हाउसिंग सेगमेंट में अपनी मौजूदगी मजबूत करना चाहती है।

क्यों जरूरी हैं नए फाइनेंस सेंटर?

कंपनी का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म आने के बाद भी लोग होम लोन लेते समय सलाह चाहते हैं। उन्हें सही बैंक चुनने, पात्रता समझने और दस्तावेज तैयार करने में मदद की जरूरत पड़ती है। नए BASIC Finance Centres यही काम करेंगे। यहां AI टेक्नोलॉजी और स्थानीय सलाहकार मिलकर ग्राहकों को बेहतर और तेज सेवा देंगे।

2027 तक 200 सेंटर खोलने का लक्ष्य

BASIC Home Loan के को-फाउंडर और CEO अतुल मोंगा ने कहा कि टेक्नोलॉजी ने होम लोन आसान बनाया है, लेकिन भरोसा और सही सलाह आज भी उतनी ही जरूरी है। वहीं, कंपनी के सीनियर डायरेक्टर अमरदीप शर्मा ने बताया कि 2027 के आखिर तक 200 फाइनेंस सेंटर शुरू करने का लक्ष्य है। इनके जरिए हर साल ₹15,000-20,000 करोड़ के होम लोन डिस्बर्स करने की योजना है।

स्थानीय कारोबारियों को भी मिलेगा मौका

बेसिक होम लोन का इस विस्तार के साथ 400-500 नए फाइनेंस सेंटर पार्टनर्स भी जोड़ेगी। इसमें स्थानीय उद्यमियों और फाइनेंशियल एडवाइजर्स को शामिल किया जाएगा। उन्हें कंपनी का टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म, लेंडर्स का नेटवर्क और ऑपरेशनल सपोर्ट मिलेगा। साथ ही लगातार ट्रेनिंग भी दी जाएगी।

अब तक कैसा रहा सफर?

BASIC Home Loan अब तक 4 लाख से ज्यादा परिवारों को होम लोन दिलाने में मदद कर चुकी है। 31 मार्च 2026 तक कंपनी ₹50,000 करोड़ से ज्यादा के होम लोन डिस्बर्स करा चुकी है। उसके पास 30,000 से ज्यादा एजेंट्स का नेटवर्क और देशभर में 120 से ज्यादा BASIC Finance Centres हैं।

Persistent Systems Q1 Results: मुनाफा घटा, लेकिन AI और रिकॉर्ड डील्स से कमाई बढ़ी; शेयरों पर रहेगी नजर

Persistent Systems Q1 Results: मुनाफा घटा, लेकिन AI और रिकॉर्ड डील्स से कमाई बढ़ी; शेयरों पर रहेगी नजर

Persistent Systems Q1 Results: आईटी सर्विसेज कंपनी पर्सिस्टेंट सिस्टम्स ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का शुद्ध मुनाफा पिछली तिमाही के मुकाबले 8.7% घटकर ₹483 करोड़ रह गया। मार्च तिमाही में यह ₹529 करोड़ था। हालांकि, कारोबार की रफ्तार बनी रही। कंपनी का रेवेन्यू 6% बढ़कर ₹4,303 करोड़ पहुंच गया, जो पिछली तिमाही में ₹4,056 करोड़ था।

डॉलर के हिसाब से भी कंपनी की कमाई बढ़ी। जून तिमाही में रेवेन्यू 3.8% बढ़कर 452.4 मिलियन डॉलर रहा। मार्च तिमाही में यह 436 मिलियन डॉलर था।

ऑपरेटिंग मार्जिन पर दबाव

इस तिमाही में पर्सिस्टेंट सिस्टम्स की ऑपरेटिंग कमाई पर थोड़ा दबाव दिखा। EBIT 12% घटकर ₹581.5 करोड़ रह गया। पिछली तिमाही में यह ₹659 करोड़ था। वहीं, EBIT मार्जिन भी 16.2% से घटकर 13.5% पर आ गया। यानी रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद ऑपरेटिंग स्तर पर मुनाफे का मार्जिन कम हुआ।

लगातार 25वीं तिमाही में बढ़ा कारोबार

पर्सिस्टेंट सिस्टम्स के CEO और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर संदीप कालरा ने कहा कि पर्सिस्टेंट सिस्टम्स ने लगातार 25वीं तिमाही में रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है। सालाना आधार पर कंपनी का रेवेन्यू 16.1% बढ़ा है। उनके मुताबिक, यह लगातार मजबूत डील जीतने और ग्राहकों से बढ़ते कारोबार का नतीजा है।

रिकॉर्ड TCV हासिल किया

पर्सिस्टेंट सिस्टम्स ने इस तिमाही में 1.15 बिलियन डॉलर का रिकॉर्ड Total Contract Value (TCV) हासिल किया। यह अब तक का सबसे बड़ा तिमाही TCV है। इसमें एक बड़ी वैश्विक टेक्नोलॉजी कंपनी के साथ 6.5 साल का रणनीतिक सर्विस एग्रीमेंट भी शामिल है, जिसकी वैल्यू 650 मिलियन डॉलर से ज्यादा है। इससे आने वाले वर्षों में कंपनी की कमाई को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

Nagarro के साथ बड़ी डील

पर्सिस्टेंट सिस्टम्स ने यूरोप की डिजिटल इंजीनियरिंग कंपनी Nagarro के साथ बिजनेस कॉम्बिनेशन एग्रीमेंट भी साइन किया है। इस डील का मकसद कंपनी की तकनीकी क्षमता बढ़ाना, नए देशों में कारोबार फैलाना और अलग-अलग इंडस्ट्री में अपनी मौजूदगी मजबूत करना है।

कंपनी ने बताया कि ओपन ऑफर से जुड़े दस्तावेज जर्मनी के वित्तीय नियामक BaFin को भेज दिए गए हैं। वहीं, भारत में RBI से भी मंजूरी मांगी गई है। दूसरे देशों में भी जरूरी रेगुलेटरी अप्रूवल की प्रक्रिया चल रही है।

AI पर रहेगा बड़ा दांव

संदीप कालरा का कहना है कि दुनिया भर की कंपनियां अब तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अपना रही हैं। इसे देखते हुए पर्सिस्टेंट सिस्टम्स भी AI बेस्ड प्लेटफॉर्म और एंटरप्राइज सॉल्यूशंस में निवेश बढ़ाती रहेगी। कंपनी का लक्ष्य ग्राहकों को AI की मदद से बेहतर तकनीक, तेज कामकाज और ज्यादा बिजनेस वैल्यू देना है।

पर्सिस्टेंट सिस्टम्स के शेयर

आईटी कंपनी पर्सिस्टेंट सिस्टम्स का शेयर पिछले कारोबारी सत्र में 0.35% बढ़कर 5,534 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 महीने में स्टॉक 20.81% चढ़ा है। इसने एक साल में 6.89% का रिटर्न दिया है। वहीं बीते पांच साल में इससे 254.93% का मल्टीबैगर रिटर्न मिला है। कंपनी का मार्केट कैप 86.96 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

AI की ताकत से घर बैठे पाई 1.06 करोड़ की नौकरी! जानिए आंध्र प्रदेश के इस युवक ने कैसे हासिल किया यह मुकाम

आंध्र प्रदेश के एक दर्जी के बेटे ने कनाडा की कंपनी Fabrantic AI में AI इंजीनियर के तौर पर 1.06 करोड़ रुपये की रिमोट जॉब हासिल करके सफलता की एक प्रेरणादायक कहानी लिखी है।

अखिलेश माल्थी कौन हैं?

आदित्य कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग से B.Tech (डेटा साइंस) 2026 के ग्रेजुएट अखिलेश माल्थी ने कैंपस प्लेसमेंट के ज़रिए यह उपलब्धि हासिल की। ​​इससे साबित होता है कि दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत से सबसे मुश्किल हालात का भी सामना किया जा सकता है।

अखिलेश एक साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता एक दर्जी हैं जो सुन और बोल नहीं सकते, जबकि उनकी माँ सिलाई के काम में मदद करके परिवार का सहारा बनती हैं। आर्थिक तंगी के बावजूद, उनके माता-पिता ने कभी भी अपनी मुश्किलों को बेटे की पढ़ाई में बाधा नहीं बनने दिया। उन्होंने हमेशा उन्हें पढ़ाई करने और बेहतर भविष्य बनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

उनके माता-पिता की मेहनत और त्याग का फल अब मिल गया है। अखिलेश को Fabrantic AI में रिमोट AI इंजीनियर की नौकरी मिली है, जिसका सालाना पैकेज ₹1.06 करोड़ है। यह उनके परिवार के लिए ज़िंदगी बदलने वाला पल है।

X पर किए गए पोस्ट में लिखा है, “बहुत गरीब बैकग्राउंड से आने वाले और एक दर्ज़ी के बेटे, अखिलेश को Fabrantic AI में AI इंजीनियर के तौर पर ₹1.06 करोड़ का पैकेज मिला है।” पोस्ट में आगे कहा गया है, “आज कैंपस प्लेसमेंट के ज़रिए अखिलेश को कनाडा की कंपनी Fabrantic AI में ₹1.06 करोड़ की रिमोट जॉब मिली है।”

सोशल मीडिया पर उनकी इस कामयाबी की खूब तारीफ़ हो रही है। कई लोग इसे इस बात का बेहतरीन उदाहरण मान रहे हैं कि कैसे शिक्षा, लगन और माता-पिता का साथ ज़िंदगी बदल सकता है। एक यूजर ने लिखा, “₹1.06 करोड़ और वो भी रिमोट जॉब! वाह, समय और उनकी मेहनत ने सच में उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बदल दी।”

एक और व्यक्ति ने कहा, “गरीब बैकग्राउंड से आकर 1 करोड़ का पैकेज मिलना बहुत बड़ी बात है।”तीसरे कमेंट करने वाले ने लिखा, “पैकेज से भी ज़्यादा अच्छी बात यह देखना है कि कैसे उनकी मेहनत ने उनके परिवार का भविष्य बदल दिया… आख़िरकार उनके त्याग का फल मिल ही गया।”

एक और व्यक्ति ने कहा, “B.Tech के दौरान हमारे पास काफ़ी समय होता है… अगर हम रोज़ाना कम से कम 2 घंटे नई स्किल्स सीखने में लगाएं… तो हम कुछ असाधारण हासिल कर सकते हैं।”

Sterlite Tech के शेयर में सोमवार को दिख सकता है दमदार एक्शन, ₹960 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट देगा बूस्ट

ऑप्टिकल कनेक्टिविटी सॉल्यूशंस उपलब्ध कराने वाली स्टरलाइट टेक्नोलोजिज के शेयरों में सोमवार, 3 अगस्त को तेजी देखने को मिल सकती है। ऐसी उम्मीद की वजह है कंपनी को 960 करोड़ रुपये का एक कॉन्ट्रैक्ट मिलना। कंपनी ने शेयर बाजारों को बताया है कि उसे एक घरेलू टेलिकॉम ऑपरेटर से यह कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह ग्राहक की जरूरतों के अनुसार ऑप्टिकल फाइबर केबल की सप्लाई के लिए है।

स्टरलाइट टेक्नोलोजिज का कहना है कि यह एक मल्टी ईयर सप्लाई एग्रीमेंट है। इसकी अवधि 2 साल है लेकिन इसे आपसी सहमति से और 2 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। यह डील रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन के तहत नहीं आती है।

स्टरलाइट टेक को ऑप्टिकल कनेक्टिविटी प्रोडक्ट बनाने में 30 साल से ज्यादा का अनुभव है। कंपनी AI रेडी इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने, FTTx, रूरल कनेक्टिविटी, एंटरप्राइज और डेटा सेंटर नेटवर्क्स के लिए एंड-टू-एंड सॉल्यूशंस उपलब्ध कराती है।

Sterlite Tech का शेयर 3 महीनों में 90 प्रतिशत मजबूत

कंपनी के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 556.50 रुपये है। शेयर 2 कारोबारी सत्रों में 7 प्रतिशत चढ़ा है। कंपनी का मार्केट कैप 28600 करोड़ रुपये के करीब है। शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये है। यह BSE 1000 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर 3 महीनों में लगभग 90 प्रतिशत चढ़ा है। 6 महीनों में यह 420 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी देख चुका है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 684.45 रुपये और एडजस्टेड लो 84.65 रुपये है।

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इस साल जून महीने में स्टरलाइट टेक्नोलोजिज क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) लाई थी। इसमें कंपनी ने 2.57 करोड़ शेयर अलॉट किए और करीब 1,500 करोड़ रुपये जुटाए। QIP में मोतीलाल ओसवाल, नोमुरा, HSBC, बैंक ऑफ इंडिया, ऑक्सबो, थिंक इनवेस्टमेंट्स समेत कई घरेलू और वैश्विक निवेशकों ने हिस्सा लिया।QIP वह तरीका है, जिसमें कोई लिस्टेड कंपनी पैसे जुटाने के लिए अपने नए शेयर आम जनता को नहीं, बल्कि सिर्फ बड़े इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स जैसे म्यूचुअल फंड्स, इंश्योरेंस कंपनीज, बैंक और विदेशी संस्थागत निवेशकों को बेचती है।

कंपनी की वित्तीय सेहत

कंपनी का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 929 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 125 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। पूरे वित्त वर्ष 2026 के लिए स्टरलाइट टेक का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 2,446 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 2 करोड़ रुपये रहा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

40 लाख के कर्ज ने छुड़वाई B.Tech की पढ़ाई, आज 80 लाख सालाना कमा रहे हैं अविनाश…ऐसे किया कमाल

आंध्र प्रदेश के रहने वाले अविनाश माडा की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। परिवार पर करीब 40 लाख रुपये का कर्ज होने की वजह से उन्हें बीटेक की पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी। इसके बाद उन्होंने घर की जिम्मेदारी संभालने के लिए अपना काम शुरू किया। मुश्किल हालात का सामना करते हुए उन्होंने अपना कारोबार शुरू किया और आज वह एंटरप्रेन्योरशिप के रूप में हर साल 80 लाख रुपये से अधिक की कमाई कर रहे हैं। उनकी मेहनत और संघर्ष की यह कहानी लोगों को काफी प्रेरित कर रही है।

40 लाख का हो गया था कर्ज

अविनाश माडा ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर बताया कि, जब वह 18 साल के थे, तभी उनके परिवार पर बड़ा संकट आ गया। उनके पिता, जो किसान हैं, उन्हें अपने कारोबार में भारी नुकसान हुआ और परिवार पर करीब 40 लाख रुपये का कर्ज हो गया। इस कठिन समय में उनकी मां ने पूरे परिवार का हौसला बनाए रखा और सभी ने मिलकर मुश्किल हालात का सामना किया। बीटेक की पढ़ाई के पहले साल के दौरान ही अविनाश ने अपने भविष्य को लेकर गंभीरता से सोचना शुरू कर दिया।

नौकरी से नहीं होगा सुधार

माडा ने कहा, केवल डिग्री पूरी करके नॉर्मल नौकरी करने से परिवार की आर्थिक परेशानियां जल्दी खत्म नहीं होंगी। इसी सोच ने उन्हें कुछ अलग करने और नया रास्ता चुनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने उस समय को याद करते हुए कहा, “मुझे लगा कि अगर मैं बी.टेक पूरा करके 30 से 40 हजार रुपये महीने की नौकरी भी कर लूं, तब भी परिवार का कर्ज चुकाने में कई साल लग जाएंगे।” माडा ने बताया कि उन्हें जल्द ही समझ आ गया था कि सिर्फ पढ़ाई पूरी करके नौकरी करने से परिवार की आर्थिक स्थिति में जल्दी सुधार नहीं आएगा। इसी वजह से उन्होंने अलग रास्ता अपनाने का फैसला किया।

 

शुरू किया नया बिजनेस

परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए अविनाश ने पारंपरिक रास्ते की बजाय नया ऑप्शन चुना। उन्होंने कॉलेज छोड़कर डिजिटल मार्केटिंग और सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (SEO) सीखना शुरू किया। कारोबार का पहले कोई अनुभव नहीं होने के बावजूद उन्होंने अपनी खुद की डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी शुरू की। शुरुआत में उन्होंने अपनी स्किल्स को मजबूत करने और नए क्लाइंट्स जोड़ने पर मेहनत की। उनका यह फैसला चुनौतीपूर्ण जरूर था, लेकिन कुछ ही समय में उन्हें इसका अच्छा परिणाम मिलने लगा।

मां ने बढ़ाया हौसला

अविनाश माडा का दावा किया कि, 19 साल की उम्र तक उन्होंने अमेरिका और ब्रिटेन के कई क्लाइंट्स के साथ काम करना शुरू कर दिया था। उनकी डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी को विदेशों से लगातार प्रोजेक्ट मिलने लगे। अविनाश के अनुसार, एजेंसी शुरू करने के पहले ही साल में उन्होंने करीब 30 लाख रुपये की कमाई की। अविनाश ने बताया कि, जब उन्होंने कॉलेज छोड़कर अपना रास्ता चुनने का फैसला किया, तब उन्हें भविष्य को लेकर काफी असमंजस था। वहीं इस मुश्किल समय में उनकी मां ने उनका पूरा साथ दिया।

अविनाश माडा के अनुसार, उनकी मां ने उन्हें कहा था कि पहले कारोबार में अपनी किस्मत आजमाओ। अगर इसमें सफलता नहीं मिली, तो पढ़ाई दोबारा शुरू करने का मौका हमेशा रहेगा। अविनाश ने बताया कि, उनकी मां की यही बात उनके लिए सबसे बड़ी प्रेरणा बनी।

अविनाश ने की इतने की कमाई

आज अविनाश माडा IG Accelerators और Freedom with AI के संस्थापक हैं। उनके मुताबिक, उनके दोनों कारोबार बिना किसी बड़े शुरुआती निवेश के हर साल 80 लाख रुपये से अधिक की कमाई कर रहे हैं। अविनाश के मुताबिक, नई और व्यावहारिक स्किल्स सीखने के साथ सही समय पर सोच-समझकर जोखिम उठाने के फैसले ने उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल दी और उन्हें सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उन्होंने कहा, “कई बार जिदगी के सबसे बड़े मौके तब मिलते हैं, जब आप तयशुदा रास्ते से हटकर कुछ नया करने का साहस दिखाते हैं।”

यूजर ने किया कमेंट

उनकी कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। कई लोगों ने उनके साहस, मेहनत और परिवार की मदद के लिए बड़ा जोखिम उठाने के फैसले की सराहना की है। एक यूजर ने लिखा, “यह बेहद प्रेरणादायक सफर है। जोखिम लेना जरूरी है, लेकिन उससे भी ज्यादा अहम लगातार नई और उपयोगी स्किल्स सीखते रहना है।” एक अन्य यूजर ने टिप्पणी की, “सम्मान। उन्होंने सिर्फ कॉलेज नहीं छोड़ा, बल्कि एक वास्तविक समस्या का समाधान खोजने का संकल्प लिया।” वहीं तीसरे यूजर ने लिखा, “एक दिन ऐसा भी आएगा, जब आप मेरी कहानी भी इसी तरह लोगों को बताएंगे।”

चढ़ावा चोरी के बाद बदली राम मंदिर की पूरी व्यवस्था, कैश गिनती, सुरक्षा व पास के लिए सख्त दिशानिर्देश

ayodhya ram mandir trust meeting

Ayodhya Ram Mandir security: ​अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि मंदिर हमेशा ही विश्व में सुर्खियों में रहा है—चाहे वह राम मंदिर आंदोलन हो, भव्य मंदिर का निर्माण हो, या फिर सम्पूर्ण विश्व को साक्षी बनाने वाला राम लला का प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव। ​हाल ही में राम लला के चरणों में अर्पित चढ़ावे की चोरी की घटना के बाद, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था, चढ़ावा व गिनती की निगरानी, संपूर्ण सुरक्षा और VIP/VVIP दर्शन पास से जुड़े नियमों को पूरी तरह बदल दिया है और बेहद सख्त दिशानिर्देश लागू किए हैं।

​चढ़ावा और गिनती की 360-डिग्री निगरानी

​पारदर्शिता और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए चढ़ावे की पूरी प्रक्रिया को अब हाई-टेक निगरानी के दायरे में लाया गया है। दानपात्र खोलने से लेकर चढ़ावा गिनने तक की हर पल की रिकॉर्डिंग 360-डिग्री कैमरों और पेशेवर वीडियोग्राफरों (SLR और 360 डिग्री कैमरों से लैस) द्वारा की जाएगी। दानपात्र से जुड़ी पुरानी टीम को बदल दिया गया है। निगरानी के लिए 8 सदस्यीय विशेष टीम बनाई गई है, जिसमें ​2 बैंक कर्मी (भारतीय स्टेट बैंक), ​2 ट्रस्ट प्रतिनिधि, ​2 SIS सुरक्षा कर्मी, ​2 पेशेवर वीडियोग्राफर शामिल हैं। 

​चरणबद्ध तरीके से खाली होंगे दानपात्र

परिसर में स्थित लगभग 40 दानपात्रों को अब एक साथ खाली करने के बजाय अलग-अलग दिनों में खाली किया जाएगा। सीलबंद बक्सों को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारियों द्वारा विधिवत सील व हैंडल किया जाएगा। कोष प्रबंधन समिति के सदस्य जगदीश आफले ने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट और भारतीय स्टेट बैंक के बीच किसी भी प्रकार का कोई गतिरोध नहीं है। ALSO READ: अयोध्या राम मंदिर में बड़ा बदलाव, ऑनलाइन दान करते ही तुरंत मिलेगी डिजिटल रसीद

​दर्शन पास के लिए नई व्यवस्था

​पूर्व महासचिव चंपत राय, पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र एवं गोपाल राव की ID बंद होने के बाद श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ट्रस्ट ने अपने तीन चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की ID को दर्शन पास जारी करने के लिए अधिकृत किया है। ​वर्तमान में अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन की देखरेख में श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन के प्रबंध किए जा रहे हैं।

​प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव

मंदिर के इतिहास में पहली बार सचिव पद पर जगदीश आफले को नियुक्त किया गया है (जिसकी आधिकारिक घोषणा 2 सितंबर को ट्रस्ट की बैठक में होगी)। आफले को SBI में अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता (Signatory) भी बनाया गया है। दूसरी ओर, ​मंदिर के आधिकारिक प्रवक्ता के लिए चयन प्रक्रिया अंतिम चरण में है। ​CEO पद के लिए 5200 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनकी स्क्रीनिंग और लिस्टिंग सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कोहली की अध्यक्षता वाली कमेटी कर रही है। ALSO READ: अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में 5 बड़े फैसले, संतों को बड़ी जिम्मेदारी

​त्रि-स्तरीय (Three-Layer) अत्याधुनिक सुरक्षा चक्र

​श्रीराम जन्मभूमि परिसर की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए त्रि-स्तरीय सुरक्षा प्रणाली लागू की गई है। CRPF (केंद्रीय सुरक्षा बल), PAC (प्रांतीय सशस्त्र बल) और SSF (विशेष सुरक्षा बल) के सैकड़ों जवानों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही AI-आधारित अत्याधुनिक CCTV कैमरे और स्मार्ट निगरानी प्रणाली लागू की गई है। परिसर की सुरक्षा के लिए 4 किलोमीटर लंबी परिधि दीवार (Boundary Wall) और उच्च क्षमता वाले वॉच टावर स्थापित किए गए हैं।

यात्री परिवहन विजन समिट 2026: सीएम डॉ. मोहन बदलने जा रहे पब्लिक ट्रांसपोर्ट की दिशा, कई एक्सपर्ट एक साथ करेंगे मंथन, जानें क्या-क्या होगा समिट में?

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पब्लिक ट्रांसपोर्ट की दिशा बदलने जा रहे हैं। यह दिशा एक ओर जहां आम लोगों की जिंदगी बेहतर करेगी, वहीं सरकारी सिस्टम को भी लाभ पहुंचाएगी। दरअसल, 11-12 सितंबर को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में 'यात्री परिवहन विजन समिट-2026' का आयोजन होगा। यह समिट मध्यप्रदेश से सार्वजनिक परिवहन के नए भविष्य का निर्माण करेगी। इस समिट में कई विशेषज्ञ परिवहन संबंधित विषयों पर मंथन करेंगे। 

 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समिट का औपचारिक उद्घाटन करेंगे और मध्य प्रदेश यात्री मोबिलिटी विजन 2030 पर संबोधन देंगे। वे मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना और यात्री परिवहन को सुदृढ़ करने में सार्वजनिक-निजी भागीदारी की भूमिका पर विचार रखेंगे। इसके साथ-साथ सीएम डॉ. मोहन उद्योग जगत के प्रतिनिधियों-निवेशकों और नीति-निर्माताओं के साथ संवाद करेंगे। इस दौरान वे  शिखर सम्मेलन स्मारिका-ज्ञान प्रकाशन का विमोचन भी करेंगे।

 

रणनीतिक साझेदारियों से परिवर्तन की बदलेगी दिशा-बता दें, यह समिट वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, नीति-निर्माताओं, शहरी परिवहन विशेषज्ञों, परिवहन प्राधिकरणों, प्रौद्योगिकी प्रदाताओं, ओईएम, वित्तीय संस्थानों और उद्योग जगत के अग्रणी नेताओं को एक मंच पर लाएगी। यह समिट नवाचार, डिजिटल तकनीकों और रणनीतिक साझेदारियों के माध्यम से सार्वजनिक परिवहन में परिवर्तन को नई दिशा देगी। गौरतलब है कि 'यात्री परिवहन विजन समिट 2026' भारत का प्रमुख राष्ट्रीय मंच है। यह मंच स्मार्ट-सुरक्षित-सतत और डिजिटल सार्वजनिक परिवहन के नए युग को गति देने के लिए समर्पित है। यह मंच इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम्स, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, AI-संचालित फ्लीट प्रबंधन, डिजिटल टिकटिंग, एकीकृत मोबिलिटी समाधान और पीपीपी आधारित नवाचारों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श और सहयोग का अवसर देगा।

 

'यात्री परिवहन विजन समिट-2026' के पहले दिन उद्घाटन सत्र, मुख्य वक्तव्य, उच्चस्तरीय पैनल चर्चाएं, उद्योग प्रदर्शनी, नेटवर्किंग सत्र तथा ज्ञान-साझाकरण संबंधी संवाद आयोजित किए जाएंगे। इनमें नीति, नवाचार, निवेश और यात्री परिवहन के भविष्य पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। जबकि, दूसरे दिन प्रतिनिधियों के लिए उज्जैन सांस्कृतिक-विरासत भ्रमण आयोजित किया जाएगा। इसमें श्री महाकालेश्वर मंदिर में महाकाल दर्शन शामिल होगा। इसके माध्यम से मध्य प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने के साथ-साथ राज्य की पर्यटन क्षमता को बढ़ावा दिया जाएगा।

 

समिट में इन विषयों पर होगी चर्चा

– एमपी मोबिलिटी विजन 2030: बस संचालन एवं इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम्स (ITMS) में सार्वजनिक-निजी भागीदारी

– भविष्य के लिए तैयार परिवहन अधोसंरचना: पीपीपी के माध्यम से निवेश के अवसरों को बढ़ावा देना

– डेटा आधारित निर्णय: इंट्रासिटी एवं इंटरसिटी बस मार्गों और संचालन की योजना (AI आधारित एनालिटिक्स सहित)

– वित्तीय रूप से टिकाऊ सार्वजनिक बस संचालन के निर्माण की रणनीतियां

– सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में जनसुरक्षा, विश्वसनीयता एवं सुविधा

– हरित मोबिलिटी: स्वच्छ ईंधन एवं भविष्य के लिए तैयार गाड़ियों का काफिला

– एकीकृत टिकटिंग एवं स्वचालित किराया संग्रहण के माध्यम से निर्बाध यात्राओं को सक्षम बनाना

– यात्री परिवहन में रोजगार एवं उद्यमिता के सृजन के लिए केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ उठाना

 

इन पर मिल सकते हैं अपेक्षित सकारात्मक परिणाम

– मध्यप्रदेश यात्री मोबिलिटी विजन 2030 के लिए तैयार हो सकता है सकता है रोडमैप

– यात्री परिवहन में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) पहलों में आ सकती है तेजी

– डिजिटल रूपांतरण एवं डेटा-आधारित मोबिलिटी गवर्नेंस को मिल सकता है बढ़ावा

– सतत एवं हरित मोबिलिटी समाधानों में निवेश को मिल सकता है प्रोत्साहन

– वित्तीय स्थिरता एवं गैर-किराया राजस्व सृजन के लिए नवाचारी मॉडलों की हो सकती है पहचान

– सरकार, उद्योग, शिक्षा जगत एवं प्रौद्योगिकी भागीदारों के बीच बेहतर हो सकता है सहयोग

– केंद्र सरकार की योजनाओं एवं निजी क्षेत्र की भागीदारी से रोजगार एवं उद्यमिता के अवसरों का हो सकता है सृजन

Tesla Model Y now available with Grok AI

Tesla Model Y L front quarter static

The Tesla Model Y is now available with new artificial intelligence features in India, the most significant being the Grok AI assistant. The new AI features, including Grok assistant integration, are pushed through an over-the-air (OTA) update at no additional cost and “bring conversational intelligence directly into the cabin of every Tesla Model Y in India”.

  1. Grok AI assistant can interact in Hindi, Marathi, Gujarati, Telugu, Tamil, and Kannada
  2. It can be accessed by saying “Hey Grok” or pushing the voice button on the steering wheel

Alongside the announcement of new AI features, Tesla has also announced the commencement of test drives for the Model Y Premium RWD variant across its dealerships in India.

Tesla Model Y with Grok AI assistance: All you need to know

Grok AI assistance allows for easier voice-enabled navigation and vehicle intelligence capabilities

While the Grok AI assistant integration is new for Tesla cars in India, it has been offered internationally since 2025. The American manufacturer has now released the Summer 2026 update, which “enhances the Grok AI Assistant feature with new capabilities” and by which “automatic navigation has expanded beyond home and work to support any destination based on the driver’s personal habits and schedule”. All these features are now available to Model Y customers in India at no extra cost via an OTA update. 

Tesla said that the Grok features can be accessed by saying “Hey Grok” or using the voice button on the steering wheel. The AI assistant can interact in multiple Indian languages, including Hindi, Marathi, Gujarati, Telugu, Tamil, and Kannada. Among all features, Tesla has highlighted that the new AI-based assistant would help plan multi-stop journeys with voice commands, locate nearby Tesla Superchargers, coffee shops, restaurants, hospitals, ATMs and toilets, and explain the various alerts and warnings that pop up on the screens. The Grok AI’s tone, language, and conversational style can be personalised to suit the customer’s preferences.

The Tesla Model Y is offered in India in two trims: a 5-seater Premium RWD and a 7-seater L Premium AWD, priced from Rs 50.89 lakh to Rs 61.99 lakh (ex-showroom, India). It rivals the Hyundai Ioniq 5, Kia EV6, and BYD Sealion 7 in India.

ट्राइडेंट कैपिटल की साची त्रिवेदी ने भारतीय बाजार को बताया अट्रैक्टिव, कहा-कोरिया में तेजी सुस्त पड़ने से भारत में निवेश के मौके

भारतीय शेयर बाजार विदेशी निवेशकों के लिए फिर से अट्रैक्टिव बन रहा है। ट्राइडेंट कैपिटल इनवेस्टमेंट्स की फाउंडर और डायरेक्टर साची त्रिवेदी ने यह कहा है। मनीकंट्रोल के मैनेजिंग एडिटर नलिन मेहता को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में उन्होंने शेयर बाजार को लेकर कई अहम बातें बताईं। उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया और ताइवान के बाजारों में एआई शेयरों की बदौलत आई तेजी अब ठंडी पड़ रही है। इधर, भारतीय बाजारों की वैल्यूएशन अट्रैक्टिव हो गई है।

सिर्फ कुछ एआई स्टॉक्स की बदौलत चढ़ा कोरिया का बाजार

त्रिवेदी ने कहा कि दक्षिण कोरिया के बाजार में आई जबर्दस्त तेजी की वजह सिर्फ कुछ AI कंपनियों के शेयरों में आया उछाल है। सभी शेयरों में ऐसी तेजी नहीं दिखी है। दक्षिण कोरिया का शेयर बाजार बीते एक साल में दुनिया में सबसे ज्यादा चढ़ने वाला शेयर बाजार बन गया है।

इनवेस्टर्स की खरीदारी से कोस्पी में आई जरूरत से ज्यादा तेजी 

क्या दक्षिण कोरिया का बाजार जरूरत से ज्यादा चढ़ गया है? इस सवाल का जवाब त्रिवेदी ने हां में दिया। उन्होंने कहा, “रिटेल इनवेस्टर्स की ज्यादा खरीदारी और उधार के पैसे से बनाए गए डेरिवेटिव्स पोजीशन से बाजार काफी चढ़ गया। जब आप FOMO ट्रेड की कोशिश करते हैं…तो बाजार में ऐसा रिएक्शन दिखता है। “

हालिया गिरावट के बाद भारतीय बाजार की वैल्यूएशन घटी

उन्होंने कहा कि हालिया गिरावट के बाद भारतीय बाजार का अट्रैक्शन बढ़ा है। पहले वैल्यूएशन काफी बढ़ गई थी। उन्होंने कहा, “सितंबर 2024 में भारतीय बाजार की वैल्यूएशन काफी ज्यादा थी। मुझे लगता है कि यह 24 गुना या इससे ज्यादा पहुंच गई थी। दूसरे मार्केट्स की वैल्यूएशन सिंगल डिजिट में थी। ऐसे में विदेशी निवेशकों के लिए दूसरे बाजार ज्यादा अट्रैक्टिव हो गए थे। अब मुझे लगता है कि अब स्थिति उलट गई है।”

निवेश के लिए भारतीय बाजार की वैल्यूएशन अब अट्रैक्टिव

त्रिवेदी ने बताया कि अब भारतीय बाजार की वैल्यूएशन ज्यादा अट्रैक्टिव हो गई है, क्योंकि दक्षिण कोरिया और ताइवान के बाजारों में बड़ी तेजी आई है। उन्होंने कहा, “भारतीय बाजार की वैल्यूएशन काफी अट्रैक्विट यानी 20 गुना पर आ गई है। इसलिए मुझे लगता है कि अब भारतीय बाजार अट्रैक्टिव दिख रहा।”

कोविड के बाद से बाजार में आ रहा सिप से बड़ा निवेश 

उन्होंने कहा कि भारतीय बाजार की वैल्यूएशन को कोविड पीरियड के बाद अलग नजरिए से देखने की जरूरत है, क्योंकि सिस्टमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए लगातार घरेलू निवेशकों का पैसा आ रहा है। उन्होंने कहा, “कोविड के बाद भारतीय बाजार में नए निवेशक आए हैं और म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में सिप के जरिए पैसा आया है।”

इनवेस्टर्स के लिए यह भारतीय बाजार में निवेश का अच्छा मौका

उन्होंने कहा कि लगातार घरेलू खरीदारी से भारतीय बाजार की वैल्यूएशन एक दशक पहले के मुकाबले बढ़ गई। मौजूदा वैल्यूएशन पर निवेशकों को भारतीय बाजार में निवेश के लिए अच्छा मौका है। भारतीय बाजार में निवेश करने वाले किसी इनवेस्टर के लिए यह अच्छा मौका है।

(नलिन मेहता मनीकंट्रोल के मैनेजिंग एडिटर और नेटवर्क18 में चीफ एआई ऑफिसर-एडिटोरियल ऑपरेशंस हैं। नलिन ‘द न्यू बीजेपी: मोदी एंड द मेकिंग ऑफ द वर्ल्ड्स लार्जेस्ट पॉलिटिकल पार्टी’ किताब के लेखक हैं।)

Market Mantra : कोटक AMC की शिबानी कुरियन से जानें, शेयर बाजार के इस रोलर कोस्टर राइड में कहां बनेगा पैसा

Market Mantra : शेयर बाजार इस समय जोरदार रोलर कोस्टर राइड में हैं। ग्लोबल अनिश्चितता,तिमाही नतीजों और बाजार के वैल्यूएशन निवेश की रणनीति पर बड़ा असर डाल रहे हैं। ऐसे में दिग्गज फंड मैनेजर क्या नजरिया लेकर चल रहे हैं, अब आगे बाजार की दिशा क्या होगी? इन सब बातों को लेकर निवेशक कंफ्यूज है। ऐसे में निवेश को लेकर क्या रणनीति बनाएं,अभी निवेश करें या कुछ महीने पहले देख लें कि हालात क्या करवट लेते हैं? इसी कंफ्यूजन को दूर करने के लिए आज हमारे साथ हैं कोटक महिंद्रा AMC की सीनियर फंड मैनेजर और इक्विटी रिसर्च हेड शिबानी कुरियन।

Q1 नतीजे बाजार के लिए करेंगे बड़े ट्रिगर का काम 

बाजार पर बात करते हुए शिबानी कुरियन ने कहा कि वेस्ट एशिया संकट के चलते बाजार में काफी उतार-चढ़ाव है। शॉर्ट टर्म में बाजार का रुख वेस्ट एशिया की स्थिति पर निर्भर करेगी। Q1 अर्निंग्स सीजन से बाजार की रिकवरी को सपोर्ट मिलेगा। अब तक Q1 नतीजे ज्यादातर अनुमान से बेहतर रहे। Q1 नतीजे बाजार के लिए बड़ा ट्रिगर का काम करेंगे।

लार्जकैप प्राइवेट बैंकों के नतीजों से मिली निराशा

उन्होंने आगे कहा कि मिडकैप कंपनियों के नतीजे सुस्त रहे हैं। OMCs को छोड़कर सभी सेक्टर्स के मजबूत नतीजे आए हैं। स्मॉलकैप कंपनियों के नतीजे मिलेजुले रहे हैं। NBFCs, ऑटो और कैपिटल गुड्स में अनुमान से बेहतर नतीजे देखने को मिले हैं। लार्जकैप प्राइवेट बैंकों के नतीजों से निराशा मिली है। पिछले 2 साल के मुकाबले अर्निंग्स सीजन में सुधार की उम्मीद दिख रही है।

IT सेक्टर का आउटलुक अभी भी सुस्त

आईटी सेक्टर पर अपनी राय साझा करते हुए शिबानी कुरियन ने कहा कि IT सेक्टर का आउटलुक अभी भी सुस्त है। डिस्क्रिशनरी खर्च में कम सुधार देखने को मिला है। ज्यादातर IT कंपनियों ने ग्रोथ गाइडेंस घटाई है। AI और कंपिटीशन के चलते प्राइसिंग में दबाव देखने को मिल रहा है। IT कंपनियों की रेवेन्यू ग्रोथ और आउटलुक कमजोर है। AI से वॉल्यूम ग्रोथ को सपोर्ट मिला है। मिडकैप IT में वैल्यूशन बेहतर दिख रहे हैं। उनके फोकस फंड में 25-30 शेयर हैं। कैपिटल गुड्स, हेल्थकेयर सेक्टर पर ओवरवेट हैं। फाइनेंशियल पर भी ओवरवेट हैं। लेकिन इंश्योरेंस स्पेस पर अंडरवेट हैं।

 

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