जापान में 200kmph की रफ्तार से बढ़ रहा डॉल्फिन तूफान:2.6 लाख लोगों को घर छोड़ने का आदेश; टोयोटा ने 9 फैक्ट्रियों में काम रोका

जापान की ओर करीब 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से डॉल्फिन तूफान बढ़ रहा है। इसकी वजह से 2.6 लाख लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने के आदेश दिए गए हैं। जबकि 500 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। हालात को देखते हुए टोयोटा ने भी अपनी 9 फैक्ट्रियों में काम रोक दिया है। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के मुताबिक, डॉल्फिन कैटेगरी-1 का तूफान है। इसकी लगातार हवा की रफ्तार 144 किमी प्रति घंटा और झोंकों की रफ्तार 198 किमी प्रति घंटा तक पहुंच रही है। यह तूफान क्यूशू और ओकिनावा के बीच स्थित द्वीपों की ओर बढ़ रहा है। ओकिनावा द्वीप पर सबसे ज्यादा असर तूफान की वजह से जापान का ओकिनावा द्वीप बुरी तरह प्रभावित हुआ है। वहां छुट्टियां मनाने गए कई हांगकांग के पर्यटक उड़ानें रद्द होने के कारण फंस गए हैं। उन्हें अब जरूरी सामान की कमी, बिजली कटने और पानी की सप्लाई बाधित होने की आशंका का सामना करना पड़ रहा है। हांगकांग से जुड़े ट्रैवल सोशल मीडिया अकाउंट्स पर साझा की गई तस्वीरों में सुपरमार्केट की ब्रेड की अलमारियां खाली दिखाई दे रही हैं। वहीं, कई इलाकों में मूसलाधार बारिश और तेज हवाएं चल रही हैं। रविवार को चीन पहुंच सकता है तूफान डॉल्फिन तूफान तेजी से चीन के पूर्वी तट की ओर बढ़ रहा है। चीन के मौसम विभाग के मुताबिक, शुक्रवार तक यह तूफान तट से करीब 820 किलोमीटर दूर था। इसके रविवार दोपहर से सोमवार सुबह के बीच झेजियांग और उत्तरी फुजियान के बीच कहीं टकराने की आशंका है। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी रखा है, जो चार स्तरों वाली चेतावनी प्रणाली में तीसरा सबसे गंभीर स्तर है। झेजियांग, फुजियान और ताइवान में तेज हवाओं और भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मौसम वैज्ञानिक शेन यूयांग के मुताबिक, शुक्रवार सुबह तक इस तूफान का दायरा झेजियांग प्रांत से करीब 13 गुना बड़ा हो चुका था। झेजियांग का आकार भारत के बिहार राज्य के बराबर है। मौसम विभाग ने कहा कि तूफान का दायरा बहुत बड़ा है, इसलिए सिर्फ तटीय नहीं बल्कि अंदरूनी इलाकों के लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। चीन में AI और ड्रोन की मदद से बचाव कार्य फिलहाल यह साफ नहीं है कि चीन में टकराने के बाद यह किस दिशा में जाएगा। तूफान के 48 घंटे के अलर्ट जोन में पहुंचने के बाद चीन ने तैयारियां और तेज कर दी हैं। सरकारी टीवी सीसीटीवी के मुताबिक, नेशनल मरीन एनवायरनमेंटल फोरकास्टिंग सेंटर ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सिस्टम तैयार किया है, जो अगले 240 घंटे (10 दिन) तक तूफान की दिशा, ताकत और कहां टकराएगा, इसका अनुमान लगा सकता है। इसके साथ ही ड्रोन और अन्य आधुनिक तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। जापान और चीन में बार-बार टाइफून क्यों आते हैं? 1. भूमध्य रेखा के पास और उत्तर में स्थित होना पश्चिमी प्रशांत महासागर में हर साल सबसे ज्यादा 25 से 30 तूफान आते हैं। यह दुनिया भर में आने वाले कुल तूफानों का लगभग 30% है। इसकी वजह इस इलाके का भूमध्य रेखा के पास (उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में) स्थित होना है। पृथ्वी के घूमने के कारण यहां हवाओं को गोल घुमाने वाला बल (कोरियोलिस इफेक्ट) बहुत मजबूत होता है। तूफान बनने के बाद ये हवाओं के बहाव के साथ जापान, ताइवान, चीन, कोरिया और फिलीपींस की तरफ बढ़ते हैं। यही वजह है कि इन देशों में सबसे ज्यादा तूफान आते हैं। 2. समुद्र का तेजी से गर्म होना टाइफून बनने और मजबूत होने की सबसे बड़ी वजह गर्म समुद्र है। जब समुद्र की सतह का तापमान बढ़ता है, तो पानी तेजी से भाप बनकर ऊपर उठता है। यह भाप तूफान के लिए ईंधन का काम करती है, जिससे हवाएं और बारिश दोनों बेहद तेज हो जाती हैं। 1901 में दुनिया भर के महासागरों की सतह का औसत तापमान लगभग 15.2°C से 15.3°C था। बीते कुछ साल में यह औसतन वैश्विक समुद्र सतह तापमान 21.1°C को पार कर गया है, जो इतिहास में सबसे ज्यादा है।

जापान में 200kmph की रफ्तार से बढ़ रहा डॉल्फिन तूफान:2.6 लाख लोगों को घर छोड़ने का आदेश; टोयोटा ने 9 फैक्ट्रियों में काम रोका

जापान की ओर करीब 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से डॉल्फिन तूफान बढ़ रहा है। इसकी वजह से 2.6 लाख लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने के आदेश दिए गए हैं। जबकि 500 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। हालात को देखते हुए टोयोटा ने भी अपनी 9 फैक्ट्रियों में काम रोक दिया है। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के मुताबिक, डॉल्फिन कैटेगरी-1 का तूफान है। इसकी लगातार हवा की रफ्तार 144 किमी प्रति घंटा और झोंकों की रफ्तार 198 किमी प्रति घंटा तक पहुंच रही है। यह तूफान क्यूशू और ओकिनावा के बीच स्थित द्वीपों की ओर बढ़ रहा है। ओकिनावा द्वीप पर सबसे ज्यादा असर तूफान की वजह से जापान का ओकिनावा द्वीप बुरी तरह प्रभावित हुआ है। वहां छुट्टियां मनाने गए कई हांगकांग के पर्यटक उड़ानें रद्द होने के कारण फंस गए हैं। उन्हें अब जरूरी सामान की कमी, बिजली कटने और पानी की सप्लाई बाधित होने की आशंका का सामना करना पड़ रहा है। हांगकांग से जुड़े ट्रैवल सोशल मीडिया अकाउंट्स पर साझा की गई तस्वीरों में सुपरमार्केट की ब्रेड की अलमारियां खाली दिखाई दे रही हैं। वहीं, कई इलाकों में मूसलाधार बारिश और तेज हवाएं चल रही हैं। रविवार को चीन पहुंच सकता है तूफान डॉल्फिन तूफान तेजी से चीन के पूर्वी तट की ओर बढ़ रहा है। चीन के मौसम विभाग के मुताबिक, शुक्रवार तक यह तूफान तट से करीब 820 किलोमीटर दूर था। इसके रविवार दोपहर से सोमवार सुबह के बीच झेजियांग और उत्तरी फुजियान के बीच कहीं टकराने की आशंका है। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी रखा है, जो चार स्तरों वाली चेतावनी प्रणाली में तीसरा सबसे गंभीर स्तर है। झेजियांग, फुजियान और ताइवान में तेज हवाओं और भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मौसम वैज्ञानिक शेन यूयांग के मुताबिक, शुक्रवार सुबह तक इस तूफान का दायरा झेजियांग प्रांत से करीब 13 गुना बड़ा हो चुका था। झेजियांग का आकार भारत के बिहार राज्य के बराबर है। मौसम विभाग ने कहा कि तूफान का दायरा बहुत बड़ा है, इसलिए सिर्फ तटीय नहीं बल्कि अंदरूनी इलाकों के लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। चीन में AI और ड्रोन की मदद से बचाव कार्य फिलहाल यह साफ नहीं है कि चीन में टकराने के बाद यह किस दिशा में जाएगा। तूफान के 48 घंटे के अलर्ट जोन में पहुंचने के बाद चीन ने तैयारियां और तेज कर दी हैं। सरकारी टीवी सीसीटीवी के मुताबिक, नेशनल मरीन एनवायरनमेंटल फोरकास्टिंग सेंटर ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सिस्टम तैयार किया है, जो अगले 240 घंटे (10 दिन) तक तूफान की दिशा, ताकत और कहां टकराएगा, इसका अनुमान लगा सकता है। इसके साथ ही ड्रोन और अन्य आधुनिक तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

Fusion Klassroom Edutech IPO Listing: एडटेक कंपनी ने जीता दिल, 7% बढ़त में लिस्ट

फ्यूजन क्लासरूम एडुटेक की शुक्रवार, 7 अगस्त को शेयर बाजार में लिस्टिंग खुश करने वाली रही। कंपनी के शेयर ने BSE SME पर करीब 7 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 170 रुपये पर शुरुआत की। फाइनल IPO प्राइस 159 रुपये था। कंपनी का 39.04 करोड़ रुपये का पब्लिक इश्यू 1.50 गुना भरा था। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा फुली सब्सक्राइब हुआ था। नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.47 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.80 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

IPO में 31.63 करोड़ रुपये के 20 लाख नए शेयर जारी हुए। साथ ही 7.41 करोड़ रुपये के 5 लाख शेयरों का ऑफर फॉर सेल रहा। फ्यूजन क्लासरूम एडुटेक एक एजुकेशन टेक्नोलॉजी कंपनी है। यह कई शहरों में डिजिटल और हाइब्रिड लर्निंग मॉडल के जरिए प्रोफेशनल और कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स की कोचिंग देती है। कंपनी CA, CS, CMA और कॉमर्स से जुड़ी दूसरी परीक्षाओं के लिए कोचिंग प्रोग्राम चलाती है। इसका एक सब्सक्रिप्शन बेस्ड एजुकेशन OTT प्लेटफॉर्म है।

IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल

कंपनी ने IPO से पहले एंकर इनवेस्टर्स से 11.08 करोड़ रुपये जुटाए थे। यह अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल कर्ज चुकाने, टेक्नोलॉजी एंड AIML मॉडल के डेवलपमेंट, सर्वर और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, कंटेंट डेवलपमेंट, नए ऑफलाइन सेंटर्स व AI/ML लैब्स के लिए डेस्कटॉप व लैपटॉप की खरीद, मार्केटिंग पहलों, पहले से न पता अधिग्रहणों के जरिए इनऑर्गेकनिक ग्रोथ, आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और अन्य खर्चों के लिए करेगी।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

फ्यूजन क्लासरूम एडुटेक का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 129 प्रतिशत बढ़कर 23.10 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले रेवेन्यू 10.11 करोड़ रुपये था। इस बीच शुद्ध मुनाफा 162 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 7.60 करोड़ रुपये हो गया। वित्त वर्ष 2025 में यह 2.90 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी पर 3.43 करोड़ रुपये की उधारी थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Amazon Great Freedom Sale 2026: Samsung, Sony, LG और Xiaomi TV पर भारी छूट, ऑफर देखकर रह जाएंगे दंग

Amazon Great Freedom Sale 2026: Amazon की Great Freedom Sale 2026 की शुरुआत 7 अगस्त से होने वाली है। इस सेल में स्मार्टफोन, स्मार्ट टीवी, लैपटॉप, वियरेबल्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स पर भारी डिस्काउंट मिलने वाला है। सेल शुरू होने से पहले ही Amazon ने Samsung, TCL, Xiaomi, Sony और LG जैसे ब्रांड्स के कई स्मार्ट टीवी की कीमतों का खुलासा कर दिया है।

इन ऑफर्स में अलग-अलग स्क्रीन साइज वाले LED, QLED, Mini LED और Crystal 4K मॉडल शामिल हैं। खरीदार बैंक और एक्सचेंज ऑफर्स का इस्तेमाल करके इनकी असल कीमत और कम कर सकते हैं।

Amazon Great Freedom Sale 2026: स्मार्ट टीवी पर बेहतरीन डील्स का खुलासा

Amazon ने ‘Great Freedom Sale’ से पहले कई स्मार्ट टीवी पर छूट की घोषणा की है। खास ऑफर्स में, 55-इंच वाला Xiaomi X 4K Smart Google LED TV 31,249 रुपये में मिलेगा, जबकि इसकी लिस्टेड कीमत 48,999 रुपये है।

वहीं, Samsung का 55-इंच Mini LED 4K Vision AI TV भी 59,990 रुपये के बजाय 41,990 रुपये में मिलेगा। इसके अलावा, 65-इंच वाला TCL 4K QD-Mini LED Google TV 61,999 रुपये में उपलब्ध होगा, जबकि इसकी लिस्टेड कीमत 1,52,990 रुपये है।

Sony का 65 इंच BRAVIA 3 4K LED Google TV भी Amazon Great Freedom Sale में बड़े डिस्काउंट के साथ मिलेगा। इसकी कीमत घटकर ₹82,240 हो जाएगी, जबकि इसकी लिस्टेड कीमत ₹1,64,900 है। यानी ग्राहकों को इस टीवी पर काफी बड़ी बचत का मौका मिलेगा।

इसके अलावा, LG का 55 इंच 4K webOS LED TV भी सेल में सस्ते दाम पर उपलब्ध होगा। इसकी कीमत ₹38,490 रखी गई है, जबकि इसकी सामान्य कीमत ₹85,990 है।

Amazon ने 43-इंच Samsung Crystal 4K Vision AI TV पर भी एक ऑफर की झलक दिखाई है, हालांकि इसकी फाइनल सेल कीमत अभी तक नहीं बताई गई है। लेकिन टीजर से पता चलता है कि सेल के दौरान यह TV डिस्काउंट वाली कीमत पर उपलब्ध होगा।

सेल के दौरान ग्राहक बैंक कार्ड ऑफर का इस्तेमाल करके स्मार्ट टीवी की कीमत को और कम कर सकते हैं। Amazon ने चुनिंदा क्रेडिट कार्ड और EMI ट्रांजैक्शन पर 10 प्रतिशत तक का इंस्टेंट डिस्काउंट और ₹10,000 तक के ऑफर की घोषणा की है। इसके अलावा, ग्राहकों को कई अन्य फायदे भी मिलेंगे। इनमें पहली खरीदारी पर फ्री डिलीवरी, पे ऑन डिलीवरी और योग्य प्रोडक्ट्स पर आसान रिटर्न सुविधा शामिल हैं।

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Deepfake पर सरकार का बड़ा एक्शन, AI कंटेंट पर लेबल जरूरी, गैरकानूनी सामग्री अब 3 घंटे में हटानी होगी, नए नियम जान लें वरना पछताएंगे

ai aur deeffake

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से तैयार होने वाले डीपफेक और अन्य हानिकारक कंटेंट से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने नियामक व्यवस्था को और सख्त किया है। सरकार ने AI से तैयार कंटेंट पर स्पष्ट लेबल और पहचान योग्य मेटाडेटा उपलब्ध कराना अनिवार्य किया है। साथ ही, सरकारी या न्यायालय के आदेश के आधार पर गैरकानूनी जानकारी हटाने की समयसीमा 36 घंटे से घटाकर 3 घंटे कर दी गई है। यह जानकारी केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने 5 अगस्त 2026 को लोकसभा में दी।

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AI से बने कंटेंट की पहचान होगी आसान

 

सरकार के अनुसार, 10 फरवरी 2026 को आईटी नियम, 2021 में संशोधन कर कृत्रिम रूप से उत्पन्न सूचना (SGI), जिसमें डीपफेक और AI-जनित कंटेंट शामिल हैं, से होने वाले नुकसान से निपटने के लिए नियामक ढांचे को मजबूत किया गया। नए प्रावधानों के तहत मध्यस्थों को AI-जनित सामग्री के लिए स्पष्ट लेबलिंग और ट्रेस किए जा सकने वाले मेटाडेटा की व्यवस्था करनी होगी। इसका उद्देश्य यूजर्स को यह समझने में मदद करना है कि कोई सामग्री वास्तविक है या कृत्रिम रूप से तैयार की गई है और इसके जरिए धोखाधड़ी तथा दुरुपयोग को रोकना है।

 

36 घंटे की जगह अब 3 घंटे में हटानी होगी गैरकानूनी सामग्री

 

नए नियमों में कंटेंट हटाने की समयसीमा को भी कम किया गया है। सरकार के अनुसार, गैरकानूनी जानकारी हटाने की समयसीमा 36 घंटे से घटाकर 3 घंटे कर दी गई है। वहीं कुछ संवेदनशील शिकायतों के निपटारे की समयसीमा भी कम की गई है।

 

डीपफेक बनाने और फैलाने पर भी नियम सख्त

 

आईटी नियमों के तहत मध्यस्थों को ऐसी जानकारी को होस्ट, प्रदर्शित, अपलोड, प्रकाशित या साझा करने से रोकने के लिए उचित सावधानी बरतनी होगी, जिसमें AI के जरिए किसी अन्य व्यक्ति का रूप धारण करना, जानबूझकर गलत या भ्रामक जानकारी देना, निजता का उल्लंघन करना या राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा पैदा करना शामिल है।

 

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि AI से तैयार बाल यौन शोषण सामग्री, बिना सहमति की अंतरंग तस्वीरें, प्रतिरूपण और अन्य हानिकारक सामग्री के खिलाफ प्लेटफॉर्म को रोकथाम और तत्काल कार्रवाई करनी होगी।

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किन कानूनों के तहत हो सकती है कार्रवाई?

 

डीपफेक और AI से जुड़े अपराधों पर आईटी एक्ट, 2000 के अलावा भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के तहत भी कार्रवाई का प्रावधान है। BNS की धारा 319 प्रतिरूपण के जरिए धोखाधड़ी से संबंधित है, जबकि धारा 336 में धोखाधड़ी के लिए झूठे इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड बनाने जैसे कृत्य शामिल हैं। धारा 353 गलत या भ्रामक बयान, अफवाह या रिपोर्ट के जरिए गलत सूचना और दुष्प्रचार फैलाने से जुड़े मामलों पर लागू हो सकती है। संगठित साइबर अपराधों पर धारा 111 के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है।

 

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की भी बढ़ी जिम्मेदारी

 

भारत में 50 लाख या उससे अधिक पंजीकृत यूजर्स वाले महत्वपूर्ण सोशल मीडिया मध्यस्थों (SSMI) पर अतिरिक्त जिम्मेदारियां हैं। इनमें गैरकानूनी कंटेंट का पता लगाने और उसके प्रसार को सीमित करने के लिए स्वचालित तकनीकी उपकरणों का इस्तेमाल, अनुपालन रिपोर्ट प्रकाशित करना और भारत में संबंधित अधिकारियों की नियुक्ति जैसी जिम्मेदारियां शामिल हैं।

 

डीपफेक की शिकायत कहां करें?

 

सरकार के अनुसार, नागरिक National Cyber Crime Reporting Portal के जरिए डीपफेक, वित्तीय धोखाधड़ी और कंटेंट के दुरुपयोग की शिकायत कर सकते हैं। इसके लिए cybercrime.gov.in पोर्टल उपलब्ध है और 1930 हेल्पलाइन भी संचालित है। अगर किसी मध्यस्थ के शिकायत अधिकारी से समस्या का समाधान नहीं होता है, तो उपयोगकर्ता Grievance Appellate Committee (GAC) के माध्यम से ऑनलाइन अपील कर सकते हैं।

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सरकार ने डीपफेक डिटेक्शन पर भी बढ़ाया फोकस

 

IndiaAI Mission के तहत सुरक्षित और भरोसेमंद AI को बढ़ावा देने के लिए 13 जिम्मेदार AI परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनमें डीपफेक का पता लगाने से जुड़ी परियोजनाएं भी शामिल हैं। IIT जोधपुर और IIT मद्रास द्वारा विकसित मल्टी-एजेंट फ्रेमवर्क तथा IIT खड़गपुर की रियल-टाइम वॉयस डीपफेक डिटेक्शन सिस्टम जैसी पहलें इसमें शामिल हैं।

Vivo का नया धांसू फोन लॉन्च, 3,000 निट्स डिस्प्ले और 7050mAh बैटरी के साथ मचाएगा धमाल

Vivo ने भारत में अपना नया स्मार्टफोन Vivo S2 आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया है। यह फोन कंपनी की फ्लैगशिप X-सीरीज के नीचे रखा गया है। इस फोन में आपको कर्व्ड AMOLED डिस्प्ले, बड़ी 7050mAh बैटरी और MediaTek का नया Dimensity 7360-Turbo प्रोसेसर दिया गया है। अब आइए इस फोन की कीमत, स्पेसिफिकेशन, लॉन्च ऑफर और उपलब्धता से जुड़ी सभी जानकारी के बारे में जानते हैं।

Vivo S2 के स्पेसिफिकेशन्स और फीचर्स

चीनी कंपनी Vivo S2 में 6.83-इंच का 1.5K 3D कर्व्ड AMOLED डिस्प्ले है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट, HDR10+ और 3,000 निट्स तक की लोकल पीक ब्राइटनेस को सपोर्ट करता है। इस स्मार्टफोन में 4nm प्रोसेस पर बना MediaTek Dimensity 7360-Turbo चिपसेट दिया गया है, साथ ही इसमें 8GB RAM और 256GB तक का स्टोरेज ऑप्शन मिलता है। इसके अलावा, इस हैंडसेट में 44W सपोर्ट वाली 7050mAh की बैटरी है और यह Android 16 पर आधारित OriginOS 6 पर चलता है।

कैमरे की बात करें तो, इस फोन में 50MP का Sony प्राइमरी रियर कैमरा और 32MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है। दोनों कैमरे 4K वीडियो रिकॉर्डिंग को सपोर्ट करते हैं। कैमरे के अन्य फीचर्स में AI Erase 2.0, पोर्ट्रेट मोड, नाइट मोड, सुपरमून, डुअल व्यू वीडियो, टाइम-लैप्स और प्रो मोड शामिल हैं।

चीन की यह टेक कंपनी अपने इस हैंडसेट में IP68 और IP69 रेटिंग, मिलिट्री-ग्रेड ड्यूरेबिलिटी, स्टीरियो स्पीकर, Google Gemini इंटीग्रेशन, Circle to Search, AI Smart Call Assistant, AI Captions, Super Documents, Private Space और Vivo Office Kit जैसे फीचर्स भी देती है।

Vivo S2 की कीमत, ऑफर, कलर और उपलब्धता

भारत में Vivo S2 Silk White, Sapphire Blue और Regal Bronze कलर ऑप्शन में उपलब्ध है। इसके 8GB + 128GB वेरिएंट की कीमत ₹39,999 है, जबकि 8GB + 256GB वर्जन की कीमत ₹49,999 है। इसकी बिक्री 11 अगस्त से Vivo के ऑफिशियल ऑनलाइन स्टोर, Flipkart, Amazon और देश भर के ऑथराइज्ड रिटेल आउटलेट्स पर शुरू होगी।

लॉन्च ऑफर के तहत, इच्छुक ग्राहक चुनिंदा बैंक कार्ड पर 10% तक का इंस्टेंट कैशबैक, एक्सचेंज बोनस, डिस्काउंटेड V-शील्ड प्रोटेक्शन प्लान, एक साल की एक्सटेंडेड वारंटी और Jio के फायदे पा सकते हैं। वहीं, इन फायदों में 18 महीने के लिए 5TB क्लाउड स्टोरेज और Google Gemini Pro का एक्सेस शामिल है।

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E3 Trion electric scooter launched at Rs 1 lakh

E3 Trion electric scooter launched at Rs 1 lakh

Bengaluru-based electric mobility startup E3 Electric.AI has launched its first electric scooter, the Trion, at an introductory price of Rs 1 lakh (ex-showroom, Bengaluru). The new electric scooter is available in three variants – C1, C1x and C2 – and the company is positioning AI-based predictive features and a modular platform as its key differentiators.

  1. Trion range starts at Rs 1 lakh
  2. Available with 2.3kWh and 3kWh LFP batteries
  3. Top-spec C2 has an 82kph claimed top speed

E3 Trion battery, range and performance

The C1x has a claimed IDC range of 165km

The entry-level Trion C1 uses a removable 2.3kWh LFP battery, while the C1x and C2 get larger, fixed 3kWh LFP units. All three variants use a PMSM hub motor, although E3 has yet to disclose detailed motor output figures.

E3 claims an IDC range of 165km for the C1x. The range figure for the C1 hasn’t been revealed yet. Meanwhile, the range-topping C2 has a claimed top speed of 82kph and can accelerate from 0-40kph in 6 seconds. The C1 and C1x have Eco and Power riding modes, while the C2 adds a Sport mode.

The Trion rides on 14-inch wheels, which are larger than those on most electric scooters currently on sale in India. E3 also says the scooter offers up to 52 litres of combined storage across its underseat compartment, floorboard and glovebox. However, just the underseat storage hasn’t been disclosed. 

E3 Trion features

Its connected suite includes predictive diagnostics, navigation and remote vehicle functions

E3 describes the Trion as India’s first AI-powered intelligent electric scooter. Central to this is what the company calls the E3 CommandCenter, which uses vehicle and cloud data to monitor the scooter and provide predictive diagnostics and service alerts.

The scooter gets a 5-inch LCD display and connected functionality through the company’s TripSense system, which essentially uses the Rider’s smartphone as a secondary display to provide additional information. Features include navigation, a trip planner with charger locations, remote battery monitoring, vehicle controls, geofencing, SOS assistance and a dashcam. E3 also claims that its AI HealthScan feature can perform vehicle diagnostics in 10 seconds.

The battery system incorporates what E3 calls an AI Digital Twin, which is claimed to provide real-time diagnostics and predictive information about the battery. Both battery options use LFP chemistry.

Other equipment includes dual-projector LED headlights, LED tail-lights and IP67-rated weather protection. The Trion is based on E3’s Triaxisframe modular architecture, which has been designed to accommodate different battery configurations and future derivatives.

E3 Trion price, variants and availability

Pre-bookings have opened in Bengaluru, with more markets to follow

The Trion is available in six colours: Solar Red, Misty Green, Graphite Grey, Nova Blue, Teal Blue and Luna White. Accessories include a backrest, helmet, phone holder and pillion footrest.

The E3 Trion C1 has been introduced at Rs 99,999, while the C1x costs Rs 1.10 lakh and the range-topping C2 is priced at Rs 1.20 lakh. All prices are introductory and ex-showroom, Bengaluru.

Pre-bookings have opened in Bengaluru, and E3 says other markets will follow. The company is also offering an extended warranty of up to eight years or 1 lakh kilometres.

Tamil Nadu Budget 2026: सीएम विजय का Gen Z बजट! युवाओं के लिए AI, फ्री लैपटॉप और रोजगार का बड़ा पैकेज

Tamil Nadu Budget 2026: तमिलनाडु में तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) सरकार का पहला बजट (2026-27) विधानसभा में पेश कर दिया गया है। मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली इस नई सरकार ने अपने पहले बजट के जरिए साफ संदेश दिया है युवा और Gen Z इस सरकार के एजेंडे के सबसे बड़े केंद्र बिंदु हैं। सिर्फ पारंपरिक कल्याणकारी योजनाओं तक सीमित रहने के बजाय 2026-27 का यह बजट शिक्षा में सुधार, डिजिटल पहुंच, रोजगार क्षमता, कौशल विकास और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी पर फोकस किया गया है।

बुधवार को विधानसभा में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री एन मैरी विल्सन ने स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग, खेल और रोजगार से जुड़े कई बड़े प्रस्तावों की घोषणा की। इसके साथ ही तमिलनाडु सरकार ने नीट (NEET) परीक्षा का विरोध दोहराते हुए केंद्र सरकार से मांग की है कि राज्य में मेडिकल प्रवेश को कक्षा 12वीं की पब्लिक परीक्षा के अंकों के आधार पर ही बहाल किया जाए।

स्कूल और उच्च शिक्षा के लिए खोला खजाना

शिक्षा क्षेत्र को इस बजट में सबसे बड़ा आवंटन दिया गया है। सरकार ने स्कूल शिक्षा विभाग के लिए 44527 करोड़ रुपये और उच्च शिक्षा विभाग के लिए 8393 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की है। पल्ली निरईवु थिटम योजना के तहत 2132 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 3734 सरकारी स्कूलों को आधुनिक बनाया जाएगा। इस वित्तीय वर्ष के लिए योजना को 300 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। 10 हजार स्कूलों के लिए सुपर क्लीन, सुपर कैंपस अभियान के तहत पहले चरण में 139 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत रोजना की सफाई, साफ पेयजल, शौचालय रखरखाव और 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

पेरुंथलैवर कामराजर मॉडल स्कूल का ऐलान हुआ है। इनमें कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को आवासीय सुविधाएं, शिक्षा, भोजन, यूनिफॉर्म, आवास, पाठ्यपुस्तकें और स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से मुफ्त दी जाएगी।

फ्री लैपटॉप, साइकिलें और इंटीग्रेटेड हॉस्टल

टीवीके सरकार ने छात्रों के कल्याण को कक्षाओं से आगे बढ़ाते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। छात्रों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए 2,000 करोड़ रुपये की लागत से वेत्री लैपटॉप योजना शुरू की जा रही है। पुथिया पयनम, पुथिया वेगम योजना के तहत सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के कक्षा 11वीं के 5.3 लाख स्टूडेंट्स को मुफ्त साइकिलें दी जाएंगी। इन साइकिलों में सुरक्षा हेलमेट और वाटर बोतल भी लगी होगी। इस पर 277 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

राज्य में हॉस्टल व्यवस्था को सुधारने के लिए ‘तमिलनाडु स्टूडेंट हॉस्टल्स एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन’ (TNSHIC) का गठन किया जाएगा। पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत 3200 करोड़ रुपये की लागत से 200 इंटिग्रेटेड हॉस्टल बनाए जाएंगे। इनमें 1 लाख छात्रों के रहने की व्यवस्था होगी। पाठ्यक्रम सुधार कार्यक्रम ‘कत्रलिल मुधलीदम तमिलनाडु’ के लिए 25 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा मदुरै में 300 वार्षिक सीटों की क्षमता वाला नया लॉ कॉलेज स्थापित करने की घोषणा की गई है।

AI मिशन, इमर्जिंग टेक्नोलॉजी और फ्यूचर स्किल्स

प्रौद्योगिकी के महत्व को समझते हुए बजट में AI और टेक्नोलॉजी पर खास जोर दिया गया है। तमिलनाडु AI मिशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग, वर्चुअल रियलिटी और दूसरी इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देने के लिए ‘तमिलनाडु AI मिशन’ का गठन किया जाएगा। यह मिशन e-Sevai 2.0 के साथ मिलकर नागरिक सेवाओं की डिलीवरी को बेहतर बनाएगा। AI और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) क्षेत्र के लिए बजट में 398 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। सरकार ने कहा है कि 2031 तक इंजीनियरिंग कॉलेजों, पॉलिटेक्निक और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITIs) के 5 लाख छात्रों और फैकल्टी मेंबर्स को AI की ट्रेनिंग दी जाएगी।

रोजगार, स्किल डेवलपमेंट और स्पोर्ट्स पर जोर

शिक्षा और रोजगार के बीच की दूरी को खत्म करने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। वेत्रीथिरन ट्रेनिंग स्कीम के तहत 13 लाख युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुसार कौशल विकास प्रशिक्षण और इंटर्नशिप के मौके दिए जाएंगे। एसएससी, आरआरबी और आईबीपीएस (IBPS) जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए जिला रोजगार केंद्रों के माध्यम से कोचिंग कक्षाओं का संचालन होगा। इसके लिए 3.38 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। 90 करोड़ रुपये की लागत से 5 नए ITI स्थापित किए जाएंगे। साथ ही, TN Spark कार्यक्रम का विस्तार 5,000 स्कूलों से बढ़ाकर 7,600 सरकारी स्कूलों तक किया जाएगा। खेलों और एथलेटिक प्रतिभाओं को निखारने के लिए तमिलनाडु भर में 50 करोड़ रुपये के बजट के साथ 10 ओलंपिक सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस बनाए जाएंगे।

बजट में क्यों छाया रहा Gen Z और युवा वर्ग?

मौजूदा समय में पूरे देश में सरकारें Gen Z और युवाओं की आकांक्षाओं को साधने का प्रयास कर रही हैं। बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाएं, स्किल गैप, डिजिटल अवसर, AI तकनीक और उच्च शिक्षा जैसे मुद्दे सार्वजनिक चर्चा के केंद्र में हैं। युवा मतदाता राजनीतिक नैरेटिव को दिशा देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। सीएम विजय का यह पहला बजट युवाओं की इसी बदलती सोच और जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

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