संदीप लामिछाने फिर बने नेपाल क्रिकेट टीम के कप्तान

लेग स्पिनर संदीप लामिछाने ने ACC पुरुष प्रीमियर कप से पहले बतौर ODI कप्तान रोहित पॉडेल की जगह ली है। 30 अगस्त से 12 सितंबर तक मलेशिया में आयोजित होने वाले टूर्नामेंट के लिए क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ़ नेपाल (CAN) ने 14 सदस्यीय दल की घोषणा की है।

यह नेपाल के कप्तान के तौर पर लामिछाने का दूसरा कार्यकाल होगा। इससे पहले वह 2022 में 14 ODI और 18 T20I में नेपाल की कप्तानी कर चुके हैं। नेपाल की कप्तानी में बदलाव ICC पुरुष क्रिकेट विश्व कप लीग 2 में नेपाल की लगातार चार हार के बाद किया गया है। आठ टीमों वाली इस प्रतिस्पर्धा में नेपाल की टीम सातवें स्थान पर रही।

चार साल पहले लामिछाने की कप्तानी में नेपाल ने 14 ODI में से मात्र तीन मुक़ाबले जीते थे। 2022 में लामिछाने के ख़िलाफ़ वारंट जारी होने के बाद उन्हें नेपाल ने निलंबित कर दिया था। 2023 में काठमांडु की ज़िला अदालत ने उन्हें रेप के मामले में दोषी पाया था, हालांकि 2024 में पाटन कोर्ट ने लामिछाने को सबूत के आभाव में रेप के आरोप से बरी कर दिया था।

निलंबन के समय लामिछाने सफ़ेद गेंद के दोनों प्रारूप में नेपाल के कप्तान थे। अब दीपेंद्र सिंह ऐरी T20I में नेपाल के कप्तान हैं।

लामिछाने नेपाल के गेंदबाज़ी आक्रमण के अहम सदस्य हैं, उन्होंने 77 मुक़ाबलों में 154 विकेट हासिल किए हैं। 2021 में पपुआ न्यू गिनी के ख़िलाफ़ 11 रन देकर छह विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। T20 सर्किट में भी उन्होंने अपनी लेग स्पिन से पहचान बनाई है। IPL, PSL, BBL, CPL और हाल ही में BBL में कुल मिलाकर उन्होंने 91 मुक़ाबले खेले हैं। लामिछाने फ़रवरी 2026 में नेपाल के T20 विश्व कप दल का भी हिस्सा थे, जिसमें नेपाल ने चार में से एक मैच जीता था।

ACC पुरुष प्रीमियर कप के लिए नेपाल का दल

संदीप लामिछाने (कप्तान), रोहित पॉडेल, आसिफ़ शेख़, अर्जुन कुमाल, देव खनाल, दीपेंद्र सिंह ऐरी, बारिस अहमद, इशान पांडे, गुलशन कुमार झा, शेर मल्ला, ललित नारायण राजबंशी, करण केसी, हेमंत धामी, संदीप जोरा

Photo: एक फ्रेम में अमित शाह और राहुल गांधी, तस्वीर ने खींचा सोशल मीडिया का ध्यान! पहली बार दिखा दुर्लभ राजनीतिक नजारा

Supriya Sule Daughter Reception Photo: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार (10 अगस्त) रात आयोजित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) की सांसद सुप्रिया सुले की बेटी रेवती सुले की हाई-प्रोफाइल वेडिंग रिसेप्शन पार्टी में देश की राजनीति का एक बेहद दुर्लभ नजारा देखने को मिला। संसद में राजनीतिक मुद्दों पर अक्सर एक-दूसरे पर हमला करने वाले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी एक ही फ्रेम में नजर आए।

दोनों नेताओं की तस्वीर सामने आते ही यह सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई। रिसेप्शन समारोह में अमित शाह और राहुल गांधी एक-दूसरे से कुछ ही दूरी पर खड़े दिखाई दिए। जैसे ही अमित शाह मंच की ओर बढ़े सुप्रिया सुले ने गृह मंत्री को आगे जाने का इशारा किया। हाथ जोड़कर नमस्ते करते हुए शाह का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर शेयर किया जा रहा है।

अमित शाह ने नवविवाहित कपल को दिया आशीर्वाद

समारोह के दौरान अमित शाह जब मंच की ओर बढ़े तो सुप्रिया सुले ने उन्हें आगे जाने का इशारा किया। फिर अमित शाह ने हाथ जोड़कर नमस्ते किया और नवविवाहित जोड़े के पास पहुंचे। रेवती सुले और उनके पति ने अमित शाह के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद गृह मंत्री ने नवविवाहित जोड़े को फूलों का गुलदस्ता भेंट किया। इस पूरे पल को वहां मौजूद फोटोग्राफरों ने कैमरों में कैद कर लिया। इसी दौरान राहुल गांधी भी अपनी मां सोनिया गांधी और बहन प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ समारोह में पहुंचे। उनके साथ सुप्रिया सुले भी मौजूद थीं।

राहुल गांधी भी पहुंचे मंच पर

रिसेप्शन में मेहमानों का अभिवादन करने के लिए सोनिया गांधी अपने पूरे परिवार के साथ मंच पर पहुंचीं। इसी दौरान वह मंच के एक छोर की ओर चली गईं। सुप्रिया सुले उन्हें वापस नवविवाहित जोड़े के पास लेकर आईं। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी को भी जोड़े के बगल में खड़ा किया।

इसके बाद सुप्रिया सुले खुद एक तरफ हट गईं। फिर वहां मौजूद फोटोग्राफरों को ऐतिहासिक तस्वीरें लेने का मौका मिला। इस तरह समारोह में अमित शाह और राहुल गांधी दोनों एक ही कार्यक्रम और एक ही मंच के आसपास नजर आए। इस समारोह में सपा मुखिया अखिलेश यादव भी आकर्षण के केंद्र रहे।

Sule’s Daughter’s Reception_

एक समारोह में अलग-अलग दलों के बड़े नेता

दिल्ली के 6 जनपथ में आयोजित इस हाई-प्रोफाइल रिसेप्शन में अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों के कई बड़े नेता पहुंचे। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और NCP नेता प्रफुल्ल पटेल समेत कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियां मौजूद रहीं।

Sule’s Daughter’s Reception

राजनीतिक मतभेदों के बावजूद इतने बड़े नेताओं का एक ही निजी समारोह में एक साथ पहुंचना चर्चा का विषय रहा। सोशल मीडिया पर चर्चा के दौरान खासतौर पर अमित शाह और राहुल गांधी की एक फ्रेम में मौजूदगी को इस आयोजन का सबसे खास ऐतिहासिक राजनीतिक क्षण माना गया।

जून में हुई थी रेवती सुले की शादी

सुप्रिया सुले की बेटी रेवती सुले ने जून में मुंबई में नागपुर के उद्योगपति सारंग लखानी के साथ शादी की थी। दिल्ली में आयोजित यह रिसेप्शन शादी के बाद आयोजित एक भव्य समारोह था। इस समारोह में राजनीति, उद्योग और सार्वजनिक जीवन से जुड़ी कई प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी रही।

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एंड्रयू फ्लिंटॉफ के बेटे ने क्रिकेट में दिखाया अपना जलवा, 18 साल की उम्र में ठोका ताबड़तोड़ शतक

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एंड्रयू फ्लिंटॉफ के बेटे रॉकी फ्लिंटॉफ ने घरेलू क्रिकेट में अपनी शानदार बल्लेबाजी से सबका ध्यान खींचा है। 18 साल के रॉकी लंकाशायर की टीम से खेल रहे हैं। 11 अगस्त, मंगलवार को टॉन्टन के द कूपर एसोसिएट्स काउंटी ग्राउंड पर खेले गए मैच में रॉकी फ्लिंटॉफ ने तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए महज 65 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। रॉकी ने ये शतक इंग्लैंड के वन-डे कप 2026 में समरसेट के खिलाफ लगाया।

रॉकी फ्लिंटॉफ ने कीटन जेनिंग्स के साथ मिलकर लंकाशायर की पारी को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 127 गेंदों में 214 रन की शानदार साझेदारी की। जेनिंग्स ने 156 रन बनाए, जबकि रॉकी की तेज पारी ने टीम को 50 ओवर में 443/6 के विशाल स्कोर तक पहुंचाने में मदद की।

रॉकी ने खेली आक्रामक बल्लेबाजी

लंकाशायर के लिए नंबर-5 पर बल्लेबाजी करने उतरे रॉकी फ्लिंटॉफ ने अपनी पारी में आक्रामक बल्लेबाजी का शानदार प्रदर्शन किया। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 45वें ओवर की पहली गेंद पर एक रन लेकर अपना शतक पूरा किया। इसके बाद भी उन्होंने तेजी से रन बनाना जारी रखा और 76 गेंदों में 123 रन की शानदार पारी खेली। रॉकी की इस पारी में 10 चौके और 7 छक्के शामिल रहे, जिससे उन्होंने टीम के स्कोर को मजबूत बनाने में अहम योगदान दिया। रॉकी के करियर में ये पहली बार था जब उन्होंने लिस्ट ए क्रिकेट में शतक लगाया। इससे पहले 14 लिस्ट ए मैचों में उनके नाम दो अर्धशतक के साथ 350 रन थे। वहीं, वह अब तक पांच फर्स्ट-क्लास मैचों में नौ पारियां खेल चुके हैं, जिसमें उन्होंने कुल 137 रन बनाए हैं।

इससे पहले भी खेले चुके हैं अच्छी पारी

समरसेट के खिलाफ शतक लगाने से पहले रॉकी फ्लिंटॉफ ने अपने पिछले वन-डे कप मुकाबले में भी शानदार बल्लेबाजी की थी। वारविकशायर के खिलाफ उस मैच में उन्होंने लंकाशायर के लिए नंबर-5 पर खेलते हुए 51 गेंदों में नाबाद 61 रन बनाए थे। लगातार दो मैचों में अच्छे प्रदर्शन के साथ रॉकी ने घरेलू क्रिकेट में अपनी बल्लेबाजी की क्षमता दिखाई है।

एंड्रयू फ्लिंटॉफ ने छोड़ा कोच का पद

रॉकी फ्लिंटॉफ के पिता एंड्रयू फ्लिंटॉफ ने हाल ही में इंग्लैंड लायंस के मुख्य कोच का पद छोड़ दिया है। इंग्लैंड के लिए लंबे समय तक क्रिकेट खेलने वाले फ्लिंटॉफ ने 1998 से 2009 के बीच 79 टेस्ट, 141 वनडे और 7 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले थे। अब वह इस साल वह बिग बैश लीग (BBL) में पहली बार मुख्य कोच की जिम्मेदारी संभालेंगे। उन्हें साल की शुरुआत में सिडनी थंडर का हेड कोच नियुक्त किया गया था।

Stock in Focus: इंफ्रा कंपनी को राजस्थान सरकार से ₹241 करोड़ का प्रोजेक्ट मिला, 10 साल तक ITI को ऑपरेट करेगी

Stock in Focus: इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी HG Infra Engineering को राजस्थान सरकार से नया प्रोजेक्ट मिला है। कंपनी को इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (ITI), भिवाड़ी क्लस्टर के संचालन और मैनेजमेंट के लिए लेटर ऑफ अवॉर्ड (LOA) मिला है। यह प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री PM-SETU योजना के तहत दिया गया है।

प्रोजेक्ट में कंपनी की हिस्सेदारी ₹17.1 करोड़

इस प्रोजेक्ट में HG Infra Anchor Industry Partner की भूमिका निभाएगी। कंपनी के हिस्से की वैल्यू करीब 17.1 करोड़ रुपये है। यह अनुमानित 241 करोड़ रुपये के कुल प्रोजेक्ट कॉस्ट का करीब 7% है।

प्रोजेक्ट को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर चलाया जाएगा। HG Infra को ITI के संचालन और मैनेजमेंट की जिम्मेदारी 10 साल तक निभानी होगी। कंपनी को LOA 11 अगस्त 2026 को मिला है।

पहले के दो महाराष्ट्र प्रोजेक्ट ऑर्डर बुक से बाहर

HG Infra ने मई 2026 में महाराष्ट्र के दो प्रोजेक्ट्स को अपनी ऑर्डर बुक में शामिल नहीं करने का फैसला किया था। कंपनी ने इसके पीछे प्रोजेक्ट के समय पर शुरू होने को लेकर अनिश्चितता बताई थी।

ये दोनों प्रोजेक्ट नागपुर-चंद्रापुर एक्सेस सुपर कम्युनिकेशन एक्सप्रेसवे से जुड़े थे। कंपनी को मई 2024 में दोनों पैकेज के लिए L1 bidder घोषित किया गया था। HG Infra के मुताबिक, इन दोनों प्रोजेक्ट्स के लिए जमा की गई बैंक गारंटी MSRDC ने वापस कर दी। हालांकि, इसकी कोई वजह नहीं बताई गई।

HG Infra के शेयरों का हाल

मंगलवार को HG Infra Engineering का शेयर 0.97%% गिरकर 548 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 21.29% गिरा है। वहीं, 1 साल में इसने करीब 45% का नेगेटिव रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 3.58 हजार करोड़ रुपये है।

HG Infra का बिजनेस क्या है

HG Infra Engineering इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी है, जो मुख्य तौर पर सड़क, हाईवे, एक्सप्रेसवे और रेलवे से जुड़े EPC प्रोजेक्ट्स पर काम करती है। कंपनी सड़क निर्माण, पुल, फ्लाईओवर और दूसरी सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं तैयार करती है। इसके अलावा, कंपनी अब इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (ITI) के संचालन और मैनेजमेंट जैसे प्रोजेक्ट्स में भी कदम बढ़ा रही है।

L&T अपना डेटा सेंटर और क्लाउड बिजनेस ट्रांसफर करेगी, ₹1400 करोड़ में समझौता हुआ

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Gold Silver Prices Today: दो महीने की ऊंचाई पर पहुंचा सोना, चांदी भी 2000 रुपये उछली

Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में 11 अगस्त को तेजी दिखी। सोने की कीमतें चढ़कर दो महीने की ऊंचाई पर पहुंच गई। चांदी में भी 2000 रुपये का उछाल आया। सोने में आज लगातार छठे सत्र तेजी जारी रही। आज सोने का भाव 1,200 रुपये चढ़कर 1,57,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।

सोने में स्ट्रॉन्ग डिमांड

ऑल इंडिया सर्राफ एसोसिएशन के मुताबिक, 10 अगस्त को सोना 1,56,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। खास बात यह है कि क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी के बावजूद सोने की कीमतें चढ़ रही है। ट्रेडर्स का कहना है कि सोने में डिमांड स्ट्रॉन्ग है। इसका असर कीमतों पर दिखा है।

6 सत्र में 6.65 फीसदी तेजी

आज से पहले 12 जून को सोने का भाव इस लेवल पर था। तब यह 1,56,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। पिछले छह कारोबारी सत्रों में सोना करीब 6.65 फीसदी यानी 9,800 रुपये चढ़ा है। इससे सोने के निवेशकों को राहत मिली है। गोल्ड ईटीएफ के निवेशक भी इससे खुश हैं।

चांदी में भी उछाल 

11 अगस्त को चांदी में भी अच्छी तेजी दिखी। इसका भाव 2000 रुपये के उछाल के साथ 2,42,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। इससे चांदी भी दो महीने से ज्यादा समय की ऊंचाई पर पहुंच गई है। इससे पहले चांदी का भाव इस लेवल पर 30 अप्रैल को था।

इनफ्लेशन डेटा पर नजरें 

लेमन मार्केट डेस्क के रिसर्च हेड गौरव गर्ग ने कहा कि अमेरिका में इनफ्लेशन का डेटा आने से पहले इनवेस्टर्स सोने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इस वजह से सोने में लगातार छठे दिन तेजी दिखी। चांदी में भी इनवेस्टमेंट और इंडस्ट्रियल डिमांड स्ट्रॉन्ग है। चांदी इस मामले में सोने से अलग है, क्योंकि इसका इस्तेमाल कई इंडस्ट्रीज में होता है।

विदेश में सोने में तेजी

ग्लोबल मार्केट्स में स्पॉट गोल्ड 0.38 फीसदी चढ़कर 4,373.43 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। हालांकि, चांदी में गिरावट थी। यह करीब 1.3 फीसदी की कमजोरी के साथ 64.90 डॉलर प्रति औंस पर चल रही थी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी के बावजूद बुलियन में अच्छी डिमांड दिख रही है।

कल आएंगे इनफ्लेशन के डेटा

इनवेस्टर्स की नजरें अमेरिका में इनफ्लेशन के डेटा पर लगी हैं। 12 अगस्त को ये डेटा आएंगे। इससे पता चलेगा कि अमेरिका में महंगाई का ट्रेंड कैसा है। अगर महंगाई में ज्यादा उछाल आता है तो फेडरल रिजर्व की पॉलिसी पर असर पड़ सकता है। 12 अगस्त को भारत में भी इनफ्लेशन के डेटा आने वाले हैं।

Kalanamak Rice: ₹40 से ₹150 पहुंचा कालानमक चावल का भाव! 5 गुना बढ़ा उत्पादन, ‘बुद्ध राइस’ ने किसानों की बल्ले-बल्ले कर दी

Kalanamak Rice: अपनी खास सुगंध और गुणों के लिए फेमस कालानमक चावल की खेती और इसकी बिक्री ने उत्तर प्रदेश के किसानों की किस्मत बदल दी है। हाल के वर्षों में कालानमक चावल के खेती के क्षेत्रफल और प्रोडक्शन दोनों में जबरदस्त इजाफा हुआ है। इससे किसानों की इनकम भी बढ़ी है। साल 2018 में जहां कालानमक चावल का बिक्री मूल्य ₹40 प्रति किलोग्राम था। वहीं, साल 2026 में यह बढ़कर ₹150 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है। इसी का असर है कि सामान्य चावल की तुलना में इसकी खेती करने वाले किसानों के लाभ में तीन गुना से अधिक की वृद्धि हुई है।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर के दौरान काला नमक चावल को लेकर अहम जानकारियां शेयर की हैं। उन्होंने बताया कि कीमतों में आए इस भारी उछाल और बेहतर वित्तीय लाभ की वजह से इस धान को उगाने वाले किसानों की संख्या में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। सिद्धार्थनगर जिले में साल 2018 में जहां सिर्फ 2915 किसान कालानमक धान की खेती करते थे। वहीं, 2024 तक यह संख्या बढ़कर 23000 पहुंच गई है। इसके साथ ही सिद्धार्थनगर में 2018 से 2025 के दौरान इसका उत्पादन 5 गुना से अधिक बढ़ा है।

केंद्र और राज्य सरकार की ओर से मिलने वाली मदद के बारे में जानिए

कालानमक चावल की खेती करने वाले किसानों को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों की ओर से वित्तीय, तकनीकी और मार्केटिंग से जुड़ी मदद दी जा रही है। पीएम सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) और राज्य सरकार की एक जिला एक उत्पाद (ODOP) मार्जिन मनी योजना के तहत व्यक्तिगत सूक्ष्म इकाइयों और किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को कालानमक प्रसंस्करण और मिलिंग यूनिट्स बनाने पर 35 फीसदी (अधिकतम ₹10 लाख) तक क्रेडिट-लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी दी जाती है।

इसके अलावा सरकार कालानमक महोत्सव का आयोजन कर इस चावल के ब्रांड का प्रचार-प्रसार कर रही है। स्थानीय किसानों को आधुनिक प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और निर्यात सहायता सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सिद्धार्थनगर में ओडीओपी योजना के तहत एक सामान्य सुविधा केंद्र की स्थापना की गई है। उत्तर प्रदेश सरकार ने कालानमक चावल के प्रचार, उत्पादन और प्रसंस्करण के लिए विशेष प्रोजेक्ट फंडिंग भी निर्धारित की है।

6 नई उन्नत किस्में विकसित, उत्पादकता हुई लगभग दोगुनी

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के तत्वावधान में राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रणाली कालानमक चावल की नई किस्मों के विकास और पारंपरिक किस्मों के संरक्षण में लगी हुई है। पारंपरिक किस्मों के अलावा कालानमक की छह नई और उन्नत किस्में जारी और अधिसूचित की गई हैं। इनमें कालानमक KN3, बौना कालानमक 101, बौना कालानमक 102, कालानमक किरण, पूसा नरेंद्र कालानमक 1 और पूसा सीआरडी कालानमक 2 शामिल हैं।

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नई बौनी और अधिक उपज देने वाली ये किस्में बेहद असरदार साबित हो रही हैं। जहां पारंपरिक किस्मों की औसत उपज 2.5 टन प्रति हेक्टेयर होती है, वहीं इन नई किस्मों की औसत उपज 4.5 टन प्रति हेक्टेयर तक मिलती है। बीज कार्यक्रम के तहत पिछले 5 वर्षों (2021-22 से 2025-26) के दौरान कुल 389.6 क्विंटल गुणवत्तापूर्ण कालानमक बीज का उत्पादन कर किसानों को बांटे गए हैं। हर साल 15-20 क्विंटल ब्रीडर बीज का उत्पादन भी किया जा रहा है।

‘बुद्ध राइस’ के नाम से वैश्विक पहचान, सिंगापुर से नेपाल तक निर्यात

सरकार कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के माध्यम से कालानमक चावल के निर्यात को लगातार बढ़ावा दे रही है। APEDA क्षेत्रीय किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को सीधे अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से जोड़कर सिंगापुर और नेपाल जैसे देशों में निर्यात शिपमेंट की सुविधा प्रदान कर रहा है। जापान, थाईलैंड, वियतनाम, सिंगापुर और म्यांमार जैसे बौद्ध बहुल देशों के हाई प्राइज मार्केट को टारगेट करने के लिए कालानमक चावल को बुद्ध राइस (Buddha Rice) के रूप में ब्रांडेड किया जा रहा है।

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कंडोम बनाने वाली कंपनी का शेयर बना रॉकेट, एक महीने में 33% चढ़ा

क्यूपिड के शेयरों में 11 अगस्त को जबर्दस्त उछाल आया। सुबह में बाजार खुलते ही यह शेयर रॉकेट बन गया। फिर पूरे दिन तेजी बनी रही। कारोबार के अंत में यह शेयर 5.44 फीसदी चढ़कर 277 रुपये पर बंद हुआ। बीते एक महीने में यह शेयर करीब 34 फीसदी चढ़ा है। बीते एक साल में यह 739 फीसदी चढ़ा है।

जून तिमाही में कंपनी का प्रॉफिट तीन गुना

11 अगस्त को Cupid के शेयर में आई तेजी की वजह इसके जून तिमाही के नतीजे हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट इस दौरान करीब तीन गुना हो गया है। जून तिमाही में कंपनी ने 44.1 करोड़ रुपये का प्रॉफिट कमाया। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी का प्रॉफिट 15 करोड़ रुपये था।

कंपनी ने रेवेन्यू और प्रॉफिट का गाइडेंस बढ़ाया

ऑपरेशंस से कंपनी का रेवेन्यू जून तिमाही में 154.7 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी का रेवेन्यू 59.8 करोड़ रुपये था। इससे जून तिमाही में स्ट्रॉन्ग बिजनेस मोमेंटम और एग्जिक्यूशन का पता चलता है। प्रोडक्ट्स की स्ट्रॉन्ग मांग को देखते हुए कंपनी ने FY27 के लिए रेवेन्यू गाइडेंस को बढ़ाकर 750 करोड़ और प्रॉफिट के गाइडेंस को 225 करोड़ रुपये कर दिया है।

110 से ज्यादा देशों को निर्यात करती है कंपनी 

यह कंपनी पुरुषों और महिलाओं के कंडोम सहित कई हेल्थकेयर और पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स बनाती है। इस कंपनी का हेडक्वार्टर मुंबई है। यह 110 से ज्यादा देशों को अपने प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट करती है। कंपनी ने अपने एक्सपोर्ट पोर्टफोलियो में शामिल प्रोडक्ट्स की कीमतों में कम से कम 10 फीसदी इजाफा किया है। इससे कंपनी का मार्जिन बढ़ा है।

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शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में गिरावट 

क्यूपिड के शेयरों में जहां 11 अगस्त को जबर्दस्त तेजी आई वही शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर दबाव दिखा। निफ्टी 0.46 फीसदी यानी 112 अंक गिरकर 24,471 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 0.49 फीसदी की कमजोरी के साथ 78,154 पर क्लोज हुआ। बैंक निफ्टी में भी 0.42 फीसदी की गिरावट दिखी।

3 reasons to buy the Honda Amaze and 3 reasons to avoid it

Honda Amaze front three quarter static

Honda sells both the second-gen and third-gen iterations of the Amaze in India. However, our focus here would be solely on the latter as it’s the latest and thus the best-equipped to tussle with other sub-4-metre sedans. As the Japanese brand’s most affordable offering, the Amaze carries a price tag of between Rs 7.65 lakh and 10.00 lakh (ex-showroom). Considering the brand’s badge appeal and some segment-first features, should you buy the Honda Amaze? Let’s find out.

Reasons to buy the Honda Amaze

Rear-seat comfort and a spacious boot

Usable interior space and a large boot add practicality to the Amaze

Honda Amaze rear seats

The rear seats of the Amaze are especially more comfortable than the front ones. Not only do the outer seats provide ample support, but their backrest angle is good too. Making these back seats more comfortable is the usable amount of kneeroom and legroom on offer, partly helped by the scooped-out portion of the front seatbacks. Further aiding comfort here are the dedicated AC vents, a centre armrest with cupholders, and headrests for all three passengers.

Honda Amaze boot space

As for the Amaze’s luggage-carrying capacity, its 416-litre boot is one of the most spacious in the segment, easily trumping the Maruti Dzire and Hyundai Aura. While the loading lip is high, The Amaze’s boot offers plenty of width and depth to accommodate your luggage.

Easy to live with

The Amaze gets several user-friendly details right while also feeling more premium

The Amaze’s beige-black interior theme, an expansive glass area and a low-set dashboard make its cabin feel light and airy. This two-tone colour scheme, along with the high perceived quality and overall levels of fit & finish, make the Honda Amaze’s interior feel more premium over its rivals.

Honda Amaze interior

The light steering and clutch, a tight turning radius plus an easy-to-use manual gearbox mixed with good all-round visibility, make pottering around town easy. If you go for the CVT (continuously variable transmission) option, driving the Honda Amaze becomes a hassle-free affair. It comes with paddle shifters that react promptly and also come in handy when there’s a need for engine braking. Meanwhile, the physical controls for the HVAC system allow users to adjust the temperature or the fan speed without getting too distracted.

ADAS is available

This is the only car in its class to feature advanced driver-assistance systems

Honda Amaze front tracking

The Amaze is offered with the camera-based Honda Sensing ADAS (advanced driver-assistance systems) suite on the top-spec ZX trim. For those who want that extra layer of active safety nannies, features such as adaptive cruise control with autonomous emergency braking, lane-keeping assist and automatic high-beam will be useful add-ons. The Amaze can also be had with the brand’s LaneWatch Camera system, which displays the camera feed on the infotainment screen, aiding situational awareness.

Reasons to avoid the Honda Amaze

Poor cabin insulation

The Amaze’s cabin is quite an audible one

One of the aspects of driving the Honda Amaze is its lack of proper cabin insulation. Apart from engine and road noises, even ambient sounds from the outside world make it into this cabin with relative ease. This means that the Amaze’s cabin never really feels as relaxing as it could have been.

Underwhelming performance

This Honda sedan lacks engine punch to keep up with some rivals

The 1.2-litre four-cylinder petrol engine of the Honda Amaze is happy to rev to its redline without complaint, but it isn’t a punchy unit. While there’s enough grunt once you get past the 4500rpm mark, this engine feels weak below 2,000rpm. Honda has tried to counter this by providing shorter ratios for the first and second gears.

Honda Amaze soft suspension

However, this leads to one having to downshift constantly when driving in bumper-to-bumper traffic or even when trying to drive away from speed-breakers. Even though the CVT masks this engine’s weak low-end and mid-range performance, pushing it results in the type’s characteristic rubber-band effect becoming apparent. The soft suspension means that the Amaze sags under load, raising the risk of scraping the belly on large speed-breakers. It also causes the Amaze to roll noticeably in the corners.

Pricier than rivals

The Amaze remains the most expensive offering in its segment

Honda Amaze LaneWatch camera

Unlike the top-spec Maruti Dzire, which is Rs 64,000 cheaper the fully loaded Honda Amaze, it still gets a powered sunroof and a 360-degree camera setup. The Amaze also lacks Type-C USB ports, offering just Type-A and 12-volt outlets. While the higher price tag of the top-spec trim can be explained away due to the inclusion of ADAS, buyers would still want the aforementioned missing features at this price bracket.

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Viral Post: ‘मेंटल पीस के लिए बिना ऑफर के छोड़ दी नौकरी’, वायरल हुआ इंजीनियर का पोस्ट

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट इंजीनियर का पोस्ट काफी तेजी से वायरल हो रहा है। पोस्ट में इंजीनियर ने बताया कि उसने बिना किसी नई नौकरी के पुरानी नौकरी छोड़ने के फैसला किआ। इस फैसले को लेकर लोगों की अलग-अलग राय सामने आ रही है। कुछ लोग के मुताबिक नौकरी और करियर से ज्यादा जरूरी मानसिक सुकून है, वहीं कुछ ने कहा कि, मौजूदा नौकरी के माहौल में बिना किसी दूसरे ऑप्शन के इस्तीफा देना जोखिम भरा हो सकता है। इसी वजह से यह मामला सोशल मीडिया पर बहस का विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पोस्ट

सॉफ्टवेयर इंजीनियर गौरव शरण ने X पर एक छोटा सा पोस्ट शेयर किया। उन्होंने लिखा, “बिना किसी ऑफर के इस्तीफा दे दिया। किसी भी चीज से ज्यादा मेंटल पीस जरूरी है।” अपने इस पोस्ट के जरिए उन्होंने बताया कि उन्होंने दूसरी नौकरी या ऑफर तय किए बिना ही मौजूदा नौकरी छोड़ने का फैसला किया। गौरव शरण का ये पोस्ट देखते ही देखते सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। लोग इस पोस्ट पर कई कमेंट किए।

 

लोगों ने किए कमेंट

एक यूजर ने बताया कि, “उसने 2025 में बिना किसी नई नौकरी के ऑफर के इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद नई नौकरी मिलने में उसे करीब दो महीने का समय लगा। इस दौरान उसे कई ऑफर मिले, लेकिन कोई भी उसकी घर से काम करने की पसंद के मुताबिक नहीं था।” एक और यूजर ने कहा, “नौकरी छोड़ने से पहले कम से कम एक नया ऑफर अपने हाथ में होना बेहतर है, ताकि बाद में परेशानी का सामना न करना पड़े।” यूजर ने कहा कि, “मौजूदा नौकरी छोड़ने से पहले कम से कम एक नया ऑफर अपने पास होना चाहिए, क्योंकि जॉब मार्केट की वास्तविक स्थिति उम्मीद से काफी अलग हो सकती है।”

एक यूजर ने बताया कि, “कई कंपनियां ऐसे उम्मीदवारों को प्राथमिकता देती हैं, जो तुरंत काम शुरू कर सकते हैं और 60 दिन तक इंतजार नहीं करना चाहतीं। ऐसे में पहले इस्तीफा देने वाले उम्मीदवार रिक्रूटर्स को ज्यादा आसानी से उपलब्ध लग सकते हैं और उन्हें नौकरी के बेहतर मौके मिल सकते हैं।”