रूस, ईरान और उत्तर कोरिया ने दुनिया की बैंकिंग व्यवस्था से अलग क्रिप्टो के जरिए एक समानांतर भुगतान सिस्टम खड़ा कर लिया है। क्रिप्टो लेनदेन पर नजर रखने वाली संस्था चेनालिसिस के मुताबिक, 2025 में इन्होंने क्रिप्टो के जरिए ₹9.92 लाख करोड़ का लेनदेन किया है। यह 2024 के मुकाबले 8 गुना ज्यादा है। ये देश इस रकम का इस्तेमाल सिर्फ ट्रेड या बचत के लिए नहीं, बल्कि ड्रोन, हथियारों के पुर्जे, सैन्य तकनीक व तेल के भुगतान में कर रहे हैं। रूस ने अपनी क्रिप्टो करेंसी तैयरा की रूस ने रूबल से जुड़ा ए75 टोकन तैयार किया। इसमें रूस में रूबल देकर विदेश में क्रिप्टो से बदला जा सकता है। मई तक इसमें 11.4 लाख करोड़ के लेनदेन हो चुके हैं। नेटवर्क में 41 हजार से ज्यादा खाते व 2.5 लाख ट्रांसफर दर्ज हुए। ईरान ने घरेलू एक्सचेंजों को तेल बिक्री और विदेशी भुगतान की वैकल्पिक पाइपलाइन बना लिया। रिवोल्यूशनरी गार्ड क्रिप्टो से तेल का पैसा लेते हैं और उसे डिजिटल वॉलेट में दूसरे देशों में भेजते हैं। विशेषज्ञ क्रिप्टो को रूस-ईरान के लिए प्रतिबंधों के समानांतर चलने वाली स्थायी वित्तीय व्यवस्था बता रहे हैं। कोरिया: क्रिप्टो चोरी से ₹20 हजार करोड़ जुटा हथियार खरीदे उत्तर कोरिया ने क्रिप्टो चोरी को कमाई और हथियार कार्यक्रम का जरिया बना लिया है। 2025 में उसके हैकरों ने 20 हजार करोड़ चुराए। सबसे बड़ी वारदात 21 फरवरी को हुई, जब लाजारस समूह ने बायबिट से 14,310 करोड़ उड़ाए। एफबीआई ने इसे ‘ट्रेडरेटर’ नेटवर्क से जोड़ा। 2016 से उ. कोरिया 263 घटनाओं में 6.75 अरब डॉलर की क्रिप्टो चुरा चुका है। इसे वह मिसाइल व सैन्य उपकरण खरीदने में लगा रहा है। ईरान: सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज का सुप्रीम लीडर के घराने से संबंध ईरान का सबसे बड़ा क्रिप्टो एक्सचेंज नोबाइटेक्स। देश के करीब 70% डिजिटल मुद्रा लेनदेन संभालता है और इसके 1.1 करोड़ उपयोगकर्ता हैं। चीनी नेटवर्क रोज ₹4,200 करोड़ रुपए सफेद कर रहे चीन से जुड़े मनी-लॉन्ड्रिंग नेटवर्क अब ‘लॉन्ड्रिंग-एज-ए-सर्विस’ मॉडल पर काम कर रहे हैं। चेनालिसिस के मुताबिक, चीनी नेटवर्क ₹4,200 करोड़ रोजाना ब्लैक मनी को व्हाइट में बदल रहे हैं। 2025 में इन्होंने ₹1.54 लाख करोड़ को व्हाइट में बदला। ये नेटवर्क प्रतिबंधित देशों के भुगतान और आतंकी फंडिंग की रकम को एक साथ प्रोसेस करते हैं। क्रिप्टो कंपनियों में फर्जी नौकरी; ₹26,700 करोड़ जुटाए फर्जी पहचान, एआई से बने दस्तावेज और डीपफेक इंटरव्यू के जरिए चीन, उत्तर कोरिया व ईरान जैसे देशों के ऑपरेटिव्स ने 40 देशों की क्रिप्टो व तकनीकी कंपनियों में रिमोट नौकरियां हासिल कीं। इस नेटवर्क ने दो वर्षों में ₹26,700 करोड़ जुटाए। कई मामलों में स्थानीय मददगारों ने ‘फर्म’ चलाए, ताकि कर्मचारी उसी देश में काम करता दिखाई दे। —————————————- ये खबर भी पढ़ें… क्रिप्टो मार्केट वैल्यू एक महीने में ₹100 लाख करोड़ घटी:30% कम होकर ₹261 लाख करोड़ पर आई; बिटकॉइन ₹1.10 करोड़ से ₹76 लाख पहुंचा ग्लोबल क्रिप्टो मार्केट की वैल्यू 3 ट्रिलियन डॉलर से नीचे आ गई है। कॉइनमार्केटकैप के अनुसार अक्टूबर में ये 4.28 ट्रिलियन डॉलर थी, जो अब घटकर 2.95 ट्रिलियन डॉलर पर आ गई है। रुपए में वैल्यू करीब 379 लाख करोड़ से करीब 100 लाख करोड़ घटकर 261 लाख करोड़ हो गई है। यानी, करीब एक महीने में वैल्यू में 30% से ज्यादा की गिरावट आई है। पूरी खबर पढ़ें…
अमेरिका ने ईरान पर सीजफायर खत्म होने के बाद तीसरे दौर की एयरस्ट्राइक शुरू कर दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि अमेरिका ने ईरान के मिसाइल ठिकानों और एयर डिफेंस सिस्टम पर कई हमले किए हैं। इसके अलावा होर्मुज के आसपास मौजूद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की कई बोट को भी निशाना बनाया गया। इससे पहले अमेरिका ने बुधवार और गुरुवार को भी एयरस्ट्राइक की थी।
ईरान की नई चेतावनी
इससे पहले ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद पहली बार संदेश जारी किया। उन्होंने कहा- ‘मैं अपने पिता के बेगुनाह खून का बदला जरूर लूंगा, यही हमारे देश की भी इच्छा है।’
फिर शुरू हुआ हमलों का दौर
रविवार को ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में कई नए मिसाइल और ड्रोन हमले करने का दावा किया। इन हमलों में कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने की बात कही गई। इसके अलावा कतर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से भी हमलों की खबरें सामने आई हैं, जिससे पूरे इलाके में तनाव और बढ़ गया है। ईरान की राजधानी तेहरान का दावा है कि विस्फोटक ड्रोन से कुवैत में पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम, गोला-बारूद के भंडार और अमेरिकी रडार स्टेशन को निशाना बनाया गया। वहीं एक अन्य हमले में बहरीन में अमेरिकी संचार और रडार सुविधाओं पर हमला करने का भी दावा किया गया है।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने यह भी दावा किया है कि उसने जॉर्डन के प्रिंस हसन एयर बेस पर मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों की ओर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इस बीच कतर की सेना ने दावा किया कि उसने देश को निशाना बनाकर दागी गई मिसाइल को बीच रास्ते में ही रोक दिया। वहीं बहरीन में एयर रेड सायरन बजाए गए और लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने भी कहा कि उसका एयर डिफेंस सिस्टम ईरान की ओर से आने वाली मिसाइलों और ड्रोन को रोकने की कार्रवाई कर रहा है। इस दौरान कई जगहों पर धमाकों की आवाजें भी सुनी गईं।
हमले के बाद एक भारतीय लापता
ओमान तट के पास एक व्यापारी जहाज ‘GFS गैलेक्सी’ पर हमला हुआ। भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने रविवार को बताया कि इस जहाज पर 11 भारतीय नागरिक सवार थे। इनमें से 10 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि एक भारतीय अब भी लापता है। भारत ने हमले की कड़ी निंदा की है।
Personal Loan Prepayment: पर्सनल लोन लेते समय ज्यादातर लोग सिर्फ EMI देखते हैं। लेकिन कुछ महीने बाद जब बोनस मिलता है या बचत बढ़ती है, तो मन में सवाल आता है कि क्या लोन समय से पहले चुका देना चाहिए?
इसका जवाब हर किसी के लिए एक जैसा नहीं है। कई बार प्रीपेमेंट से लाखों रुपये का ब्याज बच जाता है। लेकिन कई बार फायदा बहुत कम होता है। इसलिए फैसला लेने से पहले कुछ बातें समझना जरूरी है।
सबसे ज्यादा फायदा कब होता है?
पर्सनल लोन की EMI में शुरुआत में ब्याज का हिस्सा ज्यादा होता है। धीरे-धीरे ब्याज कम होता जाता है और मूलधन (Principal) का हिस्सा बढ़ता जाता है।
यानी अगर आप लोन की शुरुआत में प्रीपेमेंट करते हैं, तो ज्यादा ब्याज बचा सकते हैं। अगर आखिरी साल में लोन चुकाते हैं, तो बचत बहुत कम होती है।
उदाहरण से समझिए
मान लीजिए आपने ₹5 लाख का पर्सनल लोन 5 साल के लिए 15% सालाना ब्याज पर लिया है। इस पर EMI करीब ₹11,895 बनेगी। पूरे 5 साल में कुल भुगतान करीब ₹7.14 लाख होगा यानी सिर्फ ब्याज के तौर पर करीब ₹2.14 लाख चुकाने होंगे।
अब मान लीजिए आपने 12 महीने बाद ₹2 लाख का प्रीपेमेंट कर दिया। ऐसी स्थिति में आपकी बची हुई ब्याज की रकम में हजारों रुपये की कमी आ सकती है। अगर बैंक प्रीपेमेंट चार्ज कम लेता है, तो यह फैसला काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।
ब्याज दर ज्यादा है तो सोचिए जरूर
पर्सनल लोन की ब्याज दर आमतौर पर 10% से 24% तक हो सकती है। यह होम लोन से काफी ज्यादा होती है। अगर आपका लोन 14%, 15% या 16% पर चल रहा है, तो जल्दी चुकाने से अच्छी बचत हो सकती है। लेकिन अगर किसी कंपनी स्कीम या ऑफर के तहत आपको कम ब्याज पर लोन मिला है, तो पहले हिसाब जरूर लगाएं।
प्रीपेमेंट चार्ज जरूर देखें
ज्यादातर बैंक और NBFC लोन समय से पहले बंद करने पर 2% से 5% तक फोरक्लोजर या प्रीपेमेंट चार्ज लेते हैं। कई बैंक पहले 6 या 12 महीने तक प्रीपेमेंट की अनुमति भी नहीं देते। इसलिए पहले यह देखें कि ब्याज में जितनी बचत होगी, वह चार्ज से ज्यादा है या नहीं।
पूरी बचत लोन में मत लगा दीजिए
मान लीजिए आपके पास ₹3 लाख की बचत है और आपने पूरी रकम लोन चुकाने में लगा दी। एक महीने बाद अगर मेडिकल इमरजेंसी में ₹2 लाख की जरूरत पड़ जाए, तो फिर आपको नया लोन या क्रेडिट कार्ड लेना पड़ सकता है। इसलिए लोन चुकाने के बाद भी कम से कम 3 से 6 महीने के खर्च जितनी रकम इमरजेंसी फंड के रूप में जरूर बचाकर रखें।
होम लोन लेना है तो पहले पर्सनल लोन खत्म करें
अगर आने वाले समय में आप होम लोन लेने वाले हैं, तो पर्सनल लोन पहले बंद करना फायदेमंद हो सकता है। इससे आपकी Debt-to-Income (DTI) Ratio बेहतर होती है। बैंक आपकी कुल EMI देखते हैं। EMI कम होगी तो नए लोन की मंजूरी मिलने की संभावना बढ़ सकती है।
कब प्रीपेमेंट करने की जरूरत नहीं?
अगर आपका लोन आखिरी साल में पहुंच चुका है, तो जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं है। तब तक ज्यादातर ब्याज चुकाया जा चुका होता है। इसी तरह अगर आपके पास ऐसा निवेश का मौका है, जहां 15% रिटर्न मिलने की संभावना है और आपका लोन 11% पर है, तो पहले निवेश करना ज्यादा समझदारी हो सकती है। हालांकि, इसमें जोखिम का भी ध्यान रखें।
आपका फैसला क्या होना चाहिए?
पर्सनल लोन का प्रीपेमेंट तब सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है, जब लोन शुरुआती दौर में हो, ब्याज दर ज्यादा हो और प्रीपेमेंट चार्ज कम हो। लेकिन सिर्फ कर्ज खत्म करने के लिए अपनी पूरी बचत खर्च करना सही नहीं है। पहले हिसाब लगाइए, फिर फैसला लीजिए। कई बार थोड़ा इंतजार करना भी आपके लिए ज्यादा फायदे का सौदा साबित हो सकता है।
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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।
Upcoming IPO: पिछले दो महीनों से रफ्तार पकड़ रहा भारत का IPO बाजार अब और गर्म होने वाला है। अगले हफ्ते SBI Funds Management का IPO खुलने के बाद जुलाई के अंत तक 5 और बड़ी कंपनियां शेयर बाजार में दस्तक दे सकती हैं। सूत्रों के मुताबिक, ये कंपनियां मिलकर करीब ₹15,000 करोड़ जुटाने की तैयारी में हैं।
कौन-कौन से IPO आएंगे?
जुलाई के अंत तक जिन कंपनियों के IPO आने की उम्मीद है, उनमें शामिल हैं…
- Caliber Mining & Logistics
- Milky Mist Dairy Foods
- Juniper Green Energy
- Lohia Corp
- Manipal Health Enterprises
जून और जुलाई में बढ़ी रफ्तार
जून में 7 IPO आए थे, जिनके जरिए कंपनियों ने ₹2,718 करोड़ जुटाए। वहीं जुलाई में अब तक Knack Packaging, Kusumgar और Laser Power & Infra के IPO लॉन्च हो चुके हैं।
अगले हफ्ते SBI Funds Management और Alpine Texworld के IPO भी खुलने वाले हैं।
किस कंपनी का IPO कितना बड़ा होगा?
- Caliber Mining & Logistics करीब ₹500-600 करोड़ जुटा सकती है। यह देश की शीर्ष 10 कोयला खनन सेवा कंपनियों में शामिल है।
- Milky Mist Dairy Foods का IPO करीब ₹2,000 करोड़ का हो सकता है। यह तमिलनाडु की प्रमुख डेयरी कंपनी है।
- Juniper Green Energy करीब ₹1,800 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। पहले इसका IPO ₹3,000 करोड़ का प्रस्तावित था, लेकिन अब इसका आकार घटा दिया गया है।
- Lohia Corp करीब ₹500 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) लाएगी। कंपनी टेक्निकल टेक्सटाइल मशीनरी बनाने वाली दुनिया की प्रमुख कंपनियों में शामिल है।
- Manipal Health Enterprises का IPO सबसे बड़ा हो सकता है। कंपनी करीब ₹9,500 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। यह Manipal Hospitals चेन का संचालन करती है।
Zepto भी एंट्री कर सकती है
बेंगलुरु की Tonbo Imaging और मध्य प्रदेश की Symbiotec Pharmalab भी जुलाई के आखिरी या अगस्त के पहले हफ्ते में IPO ला सकती हैं। हालांकि, इनके इश्यू का साइज पहले की योजना से छोटा हो सकता है।
इसके अलावा Zepto भी IPO की कतार में शामिल हो सकती है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि कंपनी पहले के मुकाबले कम वैल्यूएशन पर बाजार में आ सकती है।
IPO बाजार में क्यों लौटी रौनक?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि Jio Platforms और NSE के ड्राफ्ट पेपर दाखिल होने के बाद प्राइमरी मार्केट में फिर से उत्साह बढ़ा है। इसके अलावा अमेरिका-ईरान तनाव कम होने, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार में बढ़ती खरीदारी से भी IPO बाजार को समर्थन मिल रहा है।
आमतौर पर जुलाई और अगस्त को IPO बाजार के लिए सबसे व्यस्त महीनों में गिना जाता है। ऐसे में आने वाले हफ्तों में निवेशकों को कई बड़े पब्लिक इश्यू देखने को मिल सकते हैं।
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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
वियतनाम में शनिवार को भारतीय पर्यटकों से भरी स्पीडबोट पलटने से 15 भारतीयों की मौत के बाद स्पीडबोट कैप्टन को गिरफ्तार कर लिया गया है। उस पर केस दर्ज किया गया है। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह भारतीय टूरिस्ट ‘लावा मोबाइल’ के चैनल पार्टनर और कर्मचारी थे। सभी कंपनी के टॉप परफॉर्मिंग डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए आयोजित रिवॉर्ड ट्रिप पर वियतनाम गए थे। कई पीड़ित परिवारों ने बताया कि उन्हें हादसे की पहली जानकारी टीवी चैनलों या दोस्तों के फोन से मिली। इसके बाद भारतीय दूतावास और स्थानीय प्रशासन ने उनसे संपर्क किया। कई परिवार अब भी अपने परिजन के पार्थिव शरीर के भारत पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। शुरुआती जांच में स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि मौसम अचानक खराब होने और ऊंची लहरों की वजह से यह हादसा हुआ। हालांकि, पूरे मामले की जांच जारी है। पलटी बोट के नीचे फंस गए थे पर्यटक भारतीय दूतावास के मुताबिक बोट में कुल 36 लोग सवार थे। इनमें 32 भारतीय पर्यटक और चार वियतनामी क्रू मेंबर थे। बोट माय रुट द्वीप से दूसरे द्वीप की ओर जा रही थी। तभी अचानक मौसम बदला और तेज लहरों के बीच बोट कुछ ही सेकेंड में पलट गई। बचे हुए यात्रियों ने बताया कि हादसा इतना तेजी से हुआ कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। जो लोग बोट के आगे बैठे थे वे समुद्र में कूदकर बाहर निकल गए लेकिन अंदर बैठे कई यात्री उलटी हुई बोट के नीचे फंस गए और बाहर नहीं निकल सके। स्थानीय नाविक हा वान लोक ने बताया कि उन्होंने समुद्र में पलटी हुई बोट देखी, जिस पर कई लोग चिपके हुए थे। कुछ लोग बिना लाइफ जैकेट के समुद्र में बह रहे थे। उनकी टीम ने रस्सी फेंककर लोगों को बाहर निकाला और तुरंत दूसरी रेस्क्यू टीमों को सूचना दी। बाद में जेट स्की की मदद से घायलों को किनारे पहुंचाया गया। सर्वाइवर बोले- समय पर इलाज मिलता तो और जानें बच सकती थीं हादसे में बचे भारतीय पर्यटक निर्मल कुमार ने बताया कि स्थानीय रेस्क्यू टीम जल्दी पहुंच गई थी, लेकिन पास के द्वीप पर पर्याप्त मेडिकल उपकरण और जरूरी दवाइयां नहीं थीं। निर्मल कुमार के मुताबिक उनके साथ मौजूद एक डॉक्टर ने भी कहा कि अगर जरूरी दवाएं और मेडिकल सुविधाएं होतीं तो कुछ और लोगों की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने बताया कि करीब दो-तीन घंटे बाद वियतनाम एयर फोर्स पहुंची और घायलों का इलाज शुरू कराया। आंध्र प्रदेश के एक अन्य जीवित बचे यात्री ने PTI को बताया कि बोट द्वीप से केवल 300-400 मीटर ही आगे बढ़ी थी। सभी लोग तस्वीरें ले रहे थे, तभी अचानक बोट पलट गई। उन्होंने कहा, “हम सभी मदद के लिए चिल्ला रहे थे, लेकिन कुछ ही पलों में सब कुछ खत्म हो गया।” पार्थिव शरीरों को जल्द भारत लाने की तैयारी तमिलनाडु BJP के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने केंद्र और तमिलनाडु सरकार से अपील की कि तमिलनाडु के 10 मृतकों के शव जल्द राज्य लाए जाएं। साथ ही घायलों के बेहतर इलाज की भी मांग की। भारतीय दूतावास ने बताया कि सभी 15 मृतकों के पार्थिव शरीर ‘हो ची मिन्ह सिटी’ पहुंच चुके हैं। वहां कांसुलर और स्थानीय प्रशासन जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। औपचारिकताएं पूरी होते ही सभी पार्थिव शरीरों को भारत भेजा जाएगा। दूतावास और भारत के कॉन्सुलेट जनरल लगातार वियतनाम प्रशासन के संपर्क में हैं। अधिकारियों ने शवों को जल्द भारत भेजने और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद देने का भरोसा दिया है। वहीं 15 घायल भी अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद भारत लौटने की तैयारी में हैं, जबकि एक घायल का इलाज अभी फू क्वोक के अस्पताल में चल रहा है। हादसे के बाद पर्यटन सेवाओं पर असर हादसे के बाद कई टूरिज्म कंपनियों ने फू क्वोक और आसपास के द्वीपों के बीच स्पीडबोट सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी हैं। माय रुट द्वीप अपनी साफ नीली समुद्री जलराशि, सफेद रेत और डाइविंग के लिए जाना जाता है। यहां बड़ी संख्या में पर्यटक स्पीडबोट से पहुंचते हैं। पिछले साल फू क्वोक में 18 लाख से ज्यादा विदेशी पर्यटक पहुंचे थे। हालांकि वियतनाम में खराब मौसम, बाढ़ और नावों के रखरखाव में लापरवाही की वजह से पहले भी कई नौका हादसे हो चुके हैं। —————— ये खबर भी पढ़ें… वियतनाम में टूरिस्ट बोट पलटी, 15 भारतीयों की मौत:इनमें 10 तमिलनाडु, 3 आंध्र प्रदेश और 2 केरलम् के पर्यटक; 32 भारतीय सवार थे वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास शनिवार को बोट पलट गई। हादसे में 2 महिलाओं समेत 15 भारतीयों की मौत हो गई। मरने वालों में 10 टूरिस्ट तमिलनाडु, 3 आंध्र प्रदेश और 2 केरलम् से थे। बोट पर कुल 4 क्रू मेंबर्स समेत 36 लोग सवार थे, जिसमें 32 भारतीय थे। 21 लोगों को बचा लिया गया है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक हादसा सुबह 10:30 बजे हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे की वजह समुद्र की ऊंची लहरें हो सकती हैं। पूरी खबर पढ़ें…
वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास हुए दर्दनाक नाव हादसे में जान गंवाने वाले 15 भारतीय पर्यटकों के शव हो ची मिन्ह सिटी भेज दिए गए हैं। वहां से सभी शवों को भारत लाने की तैयारी की जा रही है। यह जानकारी रविवार, 12 जुलाई को हनोई स्थित भारतीय दूतावास ने दी। भारतीय दूतावास के मुताबिक, हादसे में बचाए गए 17 भारतीय पर्यटकों में से 16 अपने घर लौट रहे हैं। वहीं एक भारतीय पर्यटक की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज फु क्वोक के एक अस्पताल में चल रहा है।
यह हादसा शनिवार को फु क्वोक द्वीप के पास हुआ था, जब ‘होन मे रुट न्गोई’ इलाके के पास एक स्पीडबोट अचानक पलट गई। नाव में 32 भारतीय पर्यटक और चालक दल के 4 स्थानीय सदस्य सवार थे। हादसे के बाद बाकी सभी लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया।
हादसे में 15 भारतीयों की मौत
हनोई स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि नाव हादसे में जान गंवाने वाले 15 भारतीय नागरिकों के शव हो ची मिन्ह सिटी भेजे जा रहे हैं। दूतावास ने बताया कि सभी शव रविवार शाम तक वहां पहुंच जाएंगे। दूतावास के अनुसार, हो ची मिन्ह सिटी में जरूरी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद शवों को जल्द से जल्द भारत भेजा जाएगा। भारतीय दूतावास ने यह भी बताया कि उसकी टीमें लगातार वियतनाम के अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही हैं। वियतनामी प्रशासन ने भरोसा दिया है कि सभी जरूरी औपचारिकताएं जल्द पूरी कर शवों को भारत भेजने में पूरा सहयोग किया जाएगा।
इनके शव लाए जा रहे हैं भारत
भारतीय दूतावास के अनुसार, इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले 15 भारतीयों में सबसे ज्यादा 10 लोग तमिलनाडु के रहने वाले थे। इसके अलावा तीन लोग आंध्र प्रदेश और दो लोग केरल के निवासी थे। मृतकों में दो महिलाएं भी शामिल हैं। दूतावास की ओर से जारी सूची के मुताबिक, तमिलनाडु के मृतकों के नाम सेंथिल कुमार जयवेल, मुरुगा प्रभु अरुमुगम, श्रीधर सुंदरराजन, शेख अब्दुल्ला अब्दुल मजीद, बालाजी नटेसन, विनय कुमार चिथिरापुरम भास्कर, रविशंकर सुकुमारन, संतोष कुमार शांतिलाल जैन, बाबू कुप्पुस्वामी और अलगुराजन शिवसामी हैं। वहीं आंध्र प्रदेश के मृतकों की पहचान नल्लापेटा आदिशेषैया रवितेजा, श्रीधर मुडियम और जया लक्ष्मी गेल्ली के रूप में हुई है। केरल के मृतकों के नाम एविकोट चेरियन थॉमस और लोवेनी थॉमस हैं।
कुछ लोगों का अस्पताल में चल रहा इलाज
भारतीय दूतावास ने प्रभावित परिवारों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। दूतावास ने बताया कि नाव हादसे में बचाए गए 17 भारतीय पर्यटकों में से 16 को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और वे भारत लौट रहे हैं। दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि हादसे में घायल अधिकांश पर्यटकों का इलाज पूरा हो चुका है। गंभीर रूप से घायल दो लोगों में से एक की हालत में सुधार होने के बाद उसे भी अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और वह भारत लौट रहा है। वहीं दूसरे घायल भारतीय पर्यटक का इलाज अभी भी फु क्वोक के एक अस्पताल में चल रहा है।
जानिए फ्लाइट से कैसे आती है डेडबॉडी
बता दें कि शवों को फ्लाइट में कार्गो यानी माल ढुलाई सर्विस के रूप में लेकर जाया जाता है। यानी जैसे फ्लाइट में अन्य सामान भेजे जाते हैं, उसी तरह शव को भी ताबूत में पैक करके भेजा जा सकता है। हालांकि शवों को फ्लाइट में लेकर जाने से जुड़े कुछ नियम हैं, जिन्हें फॉलो करना होता है। जानकारी के मुताबिक, विमान में इंसान के शवों को फ्लाइट से दो प्रकार से लेकर जाया जा सकता है। उनके मृत शरीर को ताबूत में रखकर या फिर उनके जले हुए अवशेषों को अस्थि कलश में रखकर।
शवों को फ्लाइट से भेजने के लिए गाइडलाइंस
शव को जिस ताबूत में रखा गया है, उसका पहले उपयोग नहीं हुआ होना चाहिए।
ताबूत का पैकिंग मटेरियल मजबूत होना चाहिए, जिससे वह शव का वजन उठा सके।
पैकिंग में भेजने वाले का नाम और पता लिखा होना चाहिए. साथ ही सिर की ओर या ऊपर की तरफ इशारा करने वाला लेबल लगा होना चाहिए।
Dividend Stocks: इस हफ्ते यानी 13 से 17 जुलाई के बीच 7 कंपनियां अपने शेयरहोल्डर्स को मोटा डिविडेंड देने वाली हैं। इनमें MRF, Honeywell, Pfizer, Shree Cement जैसे नाम शामिल हैं। अगर रकम के लिहाज से देखा जाए, तो MRF ने सबसे ज्यादा ₹229 प्रति शेयर का डिविडेंड घोषित किया है।
डिविडेंड कंपनी अपने मुनाफे का एक हिस्सा शेयरधारकों में बांटती है। लेकिन इसका फायदा सिर्फ उन्हीं निवेशकों को मिलता है, जिनके नाम रिकॉर्ड डेट पर कंपनी के रिकॉर्ड में होते हैं। इसलिए अगर आप डिविडेंड का लाभ लेना चाहते हैं, तो रिकॉर्ड डेट से पहले शेयर खरीदना जरूरी है।
इस हफ्ते मिलने वाले 7 बड़े डिविडेंड
| कंपनी | डिविडेंड (प्रति शेयर) | रिकॉर्ड डेट |
| UTI AMC | ₹40 | 14 जुलाई 2026 |
| TCS | ₹12 (अंतरिम) | 15 जुलाई 2026 |
| MRF | ₹229 | 17 जुलाई 2026 |
| Honeywell Automation India | ₹110 | 17 जुलाई 2026 |
| Pfizer | ₹75 | 17 जुलाई 2026 |
| Shree Cement | ₹70 | 17 जुलाई 2026 |
| Cummins India | ₹46 | 17 जुलाई 2026 |
रिकॉर्ड डेट क्यों है जरूरी?
मान लीजिए किसी कंपनी की रिकॉर्ड डेट 17 जुलाई है। ऐसे में सिर्फ 17 जुलाई को शेयर खरीदने से डिविडेंड नहीं मिलेगा। आपको एक्स-डिविडेंड डेट से पहले शेयर खरीदना होगा, ताकि रिकॉर्ड डेट तक शेयर आपके डीमैट अकाउंट में आ जाएं। तभी आप डिविडेंड पाने के हकदार होंगे।
सिर्फ डिविडेंड देखकर निवेश न करें
डिविडेंड मिलना अच्छी बात है, लेकिन सिर्फ उसी के आधार पर शेयर खरीदना सही रणनीति नहीं है। निवेश से पहले कंपनी के कारोबार, मुनाफे, भविष्य की ग्रोथ और वैल्यूएशन को भी जरूर देखें। कई बार डिविडेंड मिलने के बाद शेयर की कीमत उतनी ही या उससे ज्यादा गिर भी सकती है। इसलिए निवेश का फैसला हमेशा पूरी तस्वीर देखकर ही करें।
अन्य कॉर्पोरेट एक्शन पर भी रहेगी नजर
डिविडेंड के अलावा इस हफ्ते कई दूसरी कॉर्पोरेट गतिविधियां भी निवेशकों के लिए अहम रहेंगी। Indian Toners & Developers अपने शेयरों का स्टॉक स्प्लिट करेगी। कंपनी ₹10 फेस वैल्यू वाले एक शेयर को ₹2 फेस वैल्यू के पांच शेयरों में बांटेगी। वहीं Fredun Pharmaceuticals ने 2:1 बोनस शेयर का ऐलान किया है। यानी हर 1 शेयर पर निवेशकों को 2 नए शेयर मिलेंगे।
इसके अलावा Orbit Exports के शेयर बायबैक के लिए एक्स-डेट पर ट्रेड करेंगे। Minolta Finance के शेयर राइट्स इश्यू के लिए एक्स-डेट पर जाएंगे। वहीं JB Chemicals & Pharmaceuticals में अमलगमेशन (विलय) से जुड़ा कॉर्पोरेट एक्शन तय है।
Stocks to Buy: ये 10 स्टॉक्स दे सकते हैं 51% तक रिटर्न, एक्सपर्ट्स ने दी खरीदने की सलाह
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HDFC Bank Q1 Results Preview: देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC Bank का बोर्ड 18 जुलाई (शनिवार) को मीटिंग करेगा। इस दौरान जून तिमाही (Q1FY27) के स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी जाएगी।
बिजनेस अपडेट में क्या रहा?
पिछले बैंक ने जून तिमाही का बिजनेस अपडेट जारी किया था। इसके मुताबिक, ग्रॉस एडवांस सालाना आधार पर 15.4% बढ़कर ₹30.61 लाख करोड़ हो गया। पिछले साल इसी अवधि में यह ₹26.53 लाख करोड़ था।
बैंक के एडवांस अंडर मैनेजमेंट भी बढ़कर ₹31.27 लाख करोड़ पहुंच गए। यह पिछले साल के मुकाबले 12.4% ज्यादा है।
डिपॉजिट में भी अच्छी बढ़त
जून तिमाही के आखिर तक बैंक का कुल डिपॉजिट सालाना आधार पर 14.7% बढ़कर ₹31.71 लाख करोड़ हो गया। एक साल पहले यह ₹27.64 लाख करोड़ था।
वहीं, CASA (करंट अकाउंट और सेविंग अकाउंट) डिपॉजिट 9.4% बढ़कर ₹10.26 लाख करोड़ पहुंच गया। पिछले साल यह ₹9.37 लाख करोड़ था।
एक्सपर्ट्स को क्या उम्मीद?
ब्रोकरेज हाउस Motilal Oswal का अनुमान है कि बैंक का प्रदर्शन इस बार भी मजबूत रहेगा। लोन ग्रोथ और नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में बढ़त देखने को मिल सकती है। हालांकि, बढ़ते ऑपरेटिंग खर्च की वजह से मुनाफे पर कुछ दबाव रह सकता है।
ब्रोकरेज के मुताबिक, NII 8.5% बढ़कर ₹34,103 करोड़ रह सकता है प्री-प्रोविजन ऑपरेटिंग प्रॉफिट (PPOP) 19.9% घटकर ₹28,615.6 करोड़ रहने का अनुमान है। वहीं, शुद्ध मुनाफा 5.9% बढ़कर ₹19,229.3 करोड़ पहुंच सकता है।
InCred Equities का अनुमान
ब्रोकरेज InCred Equities ने भी बैंक के लिए मजबूत तिमाही का अनुमान जताया है। InCred के मुताबिक,
- NII करीब ₹34,100 करोड़ रहने का अनुमान है, जो सालाना आधार पर 8.3% ज्यादा होगा।
- PPOP करीब ₹28,900 करोड़ रह सकता है। यह पिछले साल के मुकाबले 19.2% कम, लेकिन पिछली तिमाही से 3.9% ज्यादा होगा।
- PAT (शुद्ध मुनाफा) करीब ₹19,100 करोड़ रहने का अनुमान है। यह सालाना आधार पर 5.3% की बढ़त होगी।
ब्रोकरेज का मानना है कि बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 3.4% पर स्थिर रह सकता है। वहीं, क्रेडिट कॉस्ट 45 बेसिस प्वाइंट रहने का अनुमान है, जो पिछली तिमाही से थोड़ा ज्यादा लेकिन पिछले साल के मुकाबले काफी कम है।
18 जुलाई को इन बैंकों पर भी रहेगी नजर
18 जुलाई को सिर्फ HDFC Bank ही नहीं, बल्कि Axis Bank, ICICI Bank, Kotak Mahindra Bank और Yes Bank भी जून तिमाही के नतीजे जारी करेंगे। ऐसे में बैंकिंग सेक्टर पर निवेशकों की खास नजर रहेगी। इन बैंकों के नतीजों से लोन ग्रोथ, डिपॉजिट, मार्जिन और एसेट क्वालिटी की तस्वीर भी साफ होगी।
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Devdas 24 years: भारतीय सिनेमा में बहुत कम फिल्में हैं, जिनका जादू ‘देवदास’ की तरह सालों बाद भी बरकरार है। संजय लीला भंसाली की यह फिल्म अब अपने 24 साल पूरे करने जा रही है, लेकिन आज भी इसे हिंदी सिनेमा की सबसे खूबसूरत, भावुक और यादगार फिल्मों में गिना जाता है।
12 जुलाई 2002 को रिलीज हुई ‘देवदास’ शरत चंद्र चट्टोपाध्याय के मशहूर उपन्यास पर आधारित थी, लेकिन यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक ऐसा अनुभव बन गई जिसने बड़े पर्दे पर भव्य फिल्मों का स्तर ही बदल दिया। शाहरुख खान, ऐश्वर्या राय बच्चन और माधुरी दीक्षित ने इसमें अपने करियर की कुछ सबसे यादगार परफॉर्मेंस दीं। प्रोडक्शन डिजाइन, संगीत, कॉस्ट्यूम और कहानी कहने के अंदाज के लिए आज भी ‘देवदास’ को एक मिसाल माना जाता है। फिल्म के 24 साल पूरे होने पर आइए जानते हैं वे 24 दिलचस्प बातें, जो ‘देवदास’ को आज भी एक सच्चा क्लासिक बनाती हैं।
1. संजय लीला भंसाली का शानदार निर्देशन
फिल्म का हर सीन भंसाली की शानदार सोच और विजन को दिखाता है। उन्होंने ‘देवदास’ को एक भव्य सिनेमाई अनुभव बना दिया।
2. एक यादगार साहित्यिक रूपांतरण
फिल्म ने शरत चंद्र चट्टोपाध्याय के मशहूर उपन्यास को खूबसूरती से बड़े पर्दे पर उतारा और उसकी भावनाओं को भी बरकरार रखा।
3. शाहरुख खान की यादगार परफॉर्मेंस
देवदास के किरदार में शाहरुख ने दर्द, टूटन और बिखराव को बेहद गहराई के साथ दिखाया।
4. ऐश्वर्या राय बच्चन- पारो
उनकी सादगी, मजबूती और भावनाओं को जाहिर करने का अंदाज पारो को हिंदी सिनेमा की सबसे यादगार नायिकाओं में शामिल कर देता है।
5. माधुरी दीक्षित-चंद्रमुखी
माधुरी ने चंद्रमुखी के किरदार में सम्मान, दया और गरिमा को इतने खूबसूरत तरीके से निभाया कि यह उनके करियर की बेहतरीन परफॉर्मेंस में गिना जाता है।
6. देव और पारो की शानदार केमिस्ट्री
देव और पारो की प्रेम कहानी आज भी बॉलीवुड की सबसे पसंदीदा लव स्टोरीज में गिनी जाती है।
7. दो महिलाओं के रिश्ते की अलग कहानी
पारो और चंद्रमुखी के बीच सम्मान और समझ का रिश्ता दिखाया गया, जो उस समय की फिल्मों में कम देखने को मिलता था।
8. भव्य सेट्स और प्रोडक्शन डिजाइन
फिल्म के शानदार सेट्स ने हर सीन को बेहद खूबसूरत बना दिया।
9. शानदार सिनेमैटोग्राफी
फिल्म का हर फ्रेम किसी पेंटिंग की तरह नजर आता है, जो इसे भारतीय सिनेमा की सबसे खूबसूरत फिल्मों में शामिल करता है।
10. शानदार कॉस्ट्यूम्स
फिल्म के कॉस्ट्यूम आज भी फैशन डिजाइनर्स को प्रेरित करते हैं और भारतीय सिनेमा के बेहतरीन कॉस्ट्यूम्स में गिने जाते हैं।
11. यादगार म्यूजिक एल्बम
फिल्म का संगीत आज भी लोगों के दिलों में बसा हुआ है और पुरानी यादें ताजा कर देता है।
12. ऐसे गाने जो हमेशा के लिए यादगार बन गए
‘डोला रे डोला’, ‘मार डाला’ और ‘सिलसिला ये चाहत का’ जैसे गाने आज भी लोगों की पसंद बने हुए हैं।
13. शानदार डांस कोरियोग्राफी
फिल्म के हर डांस सीक्वेंस में कहानी और भव्यता का खूबसूरत मेल देखने को मिला।
14. दमदार डायलॉग्स
फिल्म के कई संवाद आज भी लोगों को याद हैं और अक्सर दोहराए जाते हैं।
15. दिल छू लेने वाली कहानी
प्यार, इंतजार, अहंकार और त्याग जैसी भावनाओं को बहुत खूबसूरती से दिखाया गया।
16. पीरियड फिल्मों के लिए नई मिसाल
‘देवदास’ ने भारतीय सिनेमा में पीरियड फिल्मों की भव्यता को एक नया स्तर दिया।
17. अपने समय की सबसे महंगी फिल्मों में से एक
फिल्म के बड़े बजट और भव्य निर्माण ने हिंदी सिनेमा में नए मानक तय किए।
18. कान्स फिल्म फेस्टिवल में प्रीमियर
2002 में ‘देवदास’ का प्रीमियर कान्स फिल्म फेस्टिवल में हुआ, जहां इसकी भव्यता को दुनियाभर के लोगों ने देखा।
19. ऑस्कर में भारत की आधिकारिक एंट्री
यह फिल्म ऑस्कर के बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज फिल्म कैटेगरी में भारत की आधिकारिक एंट्री थी।
20. दुनियाभर में पहचान
फिल्म की सफलता ने भारतीय सिनेमा की खूबसूरती और कला को दुनिया के सामने मजबूती से पेश किया।
21. कई अवॉर्ड्स अपने नाम किए
परफॉर्मेंस, संगीत, आर्ट डायरेक्शन और कॉस्ट्यूम्स समेत कई क्षेत्रों में फिल्म को खूब सम्मान मिला।
22. संस्कृति पर गहरा असर
फिल्म के गाने, डायलॉग्स, किरदार और कॉस्ट्यूम आज भी फिल्मों, फैशन और पॉप कल्चर को प्रभावित करते हैं।
23. फिल्ममेकिंग की एक शानदार मिसाल
फिल्म बनाने की कला सीखने वालों के लिए ‘देवदास’ आज भी एक बेहतरीन उदाहरण मानी जाती है।
24. एक ऐसी विरासत जो समय के साथ और मजबूत हुई
24 साल बाद भी ‘देवदास’ नई पीढ़ी को प्रेरित कर रही है और यह साबित करती है कि बेहतरीन सिनेमा कभी पुराना नहीं होता।
रिलीज के 24 साल बाद भी ‘देवदास’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक ऐसा अनुभव है जो आज भी बेहतरीन सिनेमा की पहचान बना हुआ है। संजय लीला भंसाली के शानदार निर्देशन, यादगार परफॉर्मेंस, कालजयी संगीत, खूबसूरत विजुअल्स और गहरी भावनाओं से जुड़ी कहानी ने मिलकर एक ऐसी फिल्म बनाई, जो हर पीढ़ी के दिल को छूती है। भारतीय सिनेमा लगातार बदल रहा है, लेकिन ‘देवदास’ आज भी भव्यता, शानदार कहानी और बड़े सिनेमाई विजन की मिसाल बनी हुई है। यह फिल्म साबित करती है कि सच्चे क्लासिक्स कभी पुराने नहीं पड़ते, बल्कि समय के साथ और भी यादगार बन जाते हैं।
ITR Filing 2026: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने की रफ्तार तेज हो गई है। आयकर विभाग के मुताबिक, असेसमेंट ईयर 2026-27 (वित्त वर्ष 2025-26 की आय) के लिए अब तक 1.7 करोड़ से ज्यादा टैक्सपेयर्स अपना ITR दाखिल कर चुके हैं। सिर्फ शुक्रवार को ही 10 लाख से ज्यादा रिटर्न फाइल किए गए।
विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लोगों से समय रहते रिटर्न भरने की अपील भी की है, ताकि आखिरी समय की परेशानी से बचा जा सके।
ITR डेडलाइन 31 जुलाई है
वित्त वर्ष 2025-26 की आय के लिए ITR-1 (सहज) और ITR-2 दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है। अगर आपका अकाउंट ऑडिट के दायरे में नहीं आता है, तो आपको इसी तारीख तक रिटर्न फाइल करना होगा।
ITR-1 कौन भर सकता है?
ITR-1 यानी सहज फॉर्म ज्यादातर इंडिविजुअल के लिए होता है। इनमें ये लोग शामिल हैं…
- सालाना कमाई ₹50 लाख तक हो।
- कमाई आय का जरिया सैलरी हो।
- एक मकान से आय हो।
- कृषि आय ₹5,000 तक हो।
ITR-2 कौन भरता है?
ITR-2 उन इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) के लिए है, जिनकी बिजनेस या प्रोफेशन से आय नहीं है, लेकिन उन्हें कैपिटल गेन जैसी आय होती है।
31 जुलाई की डेडलाइन चूकने पर क्या होगा?
अगर आप तय समय तक ITR दाखिल नहीं करते हैं, तो आपको कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
1. लेट फीस : आयकर कानून की धारा 234F के तहत देरी से ITR भरने पर ₹5,000 तक की लेट फीस लग सकती है। अगर आपकी कुल आय ₹5 लाख तक है, तो यह फीस ₹1,000 तक सीमित रहती है।
2. ब्याज भी : अगर आपके ऊपर टैक्स बकाया है, तो धारा 234A के तहत हर महीने या उसके हिस्से के लिए 1% ब्याज देना पड़ सकता है।
3. रिफंड में देरी : अगर आपको इनकम टैक्स रिफंड मिलना है, तो देर से ITR भरने पर उसका प्रोसेस भी देर से होगा। यानी आपका पैसा मिलने में ज्यादा समय लग सकता है।
4. टैक्स बेनिफिट नहीं : देर से रिटर्न दाखिल करने पर कुछ मामलों में नुकसान (Loss) को अगले सालों में कैरी फॉरवर्ड करने जैसी टैक्स सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता।
आखिरी समय का इंतजार न करें
हर साल डेडलाइन के करीब पोर्टल पर ट्रैफिक काफी बढ़ जाता है। ऐसे में तकनीकी दिक्कतें भी आ सकती हैं। इसलिए बेहतर होगा कि जरूरी दस्तावेज जुटाकर समय रहते ITR दाखिल कर दें। इससे लेट फीस, ब्याज और दूसरी परेशानियों से बचा जा सकता है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

