Personal Loan EMI: ₹5 लाख का लोन जल्दी चुकाने से ₹69000 का ब्याज बचेगा, समझिए पूरा कैलकुलेशन

Personal Loan EMI: पर्सनल लोन लेना काफी आसान है, लेकिन उसका ब्याज जेब पर भारी पड़ सकता है। खासकर तब, जब लोन की अवधि लंबी हो। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर आपके पास पैसा आ जाए तो लोन को जल्दी खत्म करना कितना फायदेमंद है?

इसे एक आसान उदाहरण से समझते हैं। मान लीजिए आपने 5 लाख रुपये का पर्सनल लोन लिया है। ब्याज दर 12% सालाना है और लोन की अवधि 5 साल यानी 60 महीने है।

5 साल तक चलाया तो कितना ब्याज देंगे?

5 लाख रुपये के इस लोन पर 12% ब्याज के हिसाब से आपकी EMI करीब 11,122 रुपये बनेगी। आप 60 महीने तक यह EMI चुकाते हैं तो बैंक को कुल करीब 6.67 लाख रुपये देने होंगे।

यानी 5 लाख रुपये की मूल रकम के ऊपर करीब 1.67 लाख रुपये सिर्फ ब्याज के रूप में चला जाएगा।

3 साल में लोन खत्म किया तो क्या होगा?

अब मान लीजिए आप इसी 5 लाख रुपये के लोन को 5 साल की जगह 3 साल में खत्म करने का फैसला करते हैं। इस स्थिति में आपकी EMI बढ़कर करीब 16,607 रुपये हो जाएगी

हालांकि, लोन की अवधि कम होने से कुल ब्याज काफी घट जाएगा। 36 महीने में आप बैंक को करीब 5.98 लाख रुपये चुकाएंगे। इसमें ब्याज करीब 97,858 रुपये होगा। यानी 5 साल की जगह 3 साल में लोन खत्म करने पर करीब 69,476 रुपये का ब्याज बच सकता है।

लोन की अवधिEMIकुल ब्याज
5 सालकरीब ₹11,122करीब ₹1.67 लाख
3 सालकरीब ₹16,607करीब ₹97,858
ब्याज में बचत—करीब ₹69,476

लेकिन EMI बढ़ाना हर किसी के लिए सही नहीं

यहां एक बात समझना जरूरी है। लोन जल्दी खत्म करने का मतलब है कि आपको हर महीने ज्यादा रकम EMI में लगानी होगी। इसलिए फैसला सिर्फ ब्याज बचत देखकर नहीं करना चाहिए।

अगर आपकी आमदनी स्थिर है और 16-17 हजार रुपये की EMI आसानी से संभाल सकते हैं, तो छोटी अवधि वाला लोन ब्याज के लिहाज से बेहतर हो सकता है। वहीं, अगर ज्यादा EMI से आपका बाकी खर्च या इमरजेंसी फंड प्रभावित होता है, तो जल्दबाजी ठीक नहीं होगी।

दूसरे चार्ज का ध्यान रखना भी जरूरी

अगर आप पर्सनल लोन को समय से पहले बंद करना चाहते हैं, तो बैंक या NBFC के प्रीपेमेंट या फोरक्लोजर चार्जेज भी जरूर देख लें। इन चार्ज की वजह से वास्तविक बचत अलग हो सकती है।

इस उदाहरण में 12% ब्याज दर और बिना किसी अतिरिक्त चार्ज के हिसाब से 5 लाख रुपये का लोन 5 साल की जगह 3 साल में खत्म करने पर करीब 69 हजार रुपये का ब्याज बचता है। यानी सिर्फ लोन जल्दी खत्म करने से ही आपकी जेब में अच्छी-खासी रकम बच सकती है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Personal Loan EMI: पर्सनल लोन जल्दी खत्म करके ब्याज का पैसा बचाना चाहते हैं? ये 5 तरीके करेंगे आपकी मदद

Personal Loan EMI: पर्सनल लोन लेते समय EMI देखकर लगता है कि हर महीने एक तय रकम जाती रहेगी। और कुछ साल बाद लोन खत्म हो जाएगा। लेकिन अगर ब्याज का बोझ कम करना है और कर्ज जल्दी खत्म करना है, तो छोटी-छोटी प्लानिंग काफी फर्क डाल सकती है।

मान लीजिए आपने ₹5 लाख का पर्सनल लोन 12% सालाना ब्याज पर 5 साल के लिए लिया है। इस लोन की EMI करीब ₹11,122 होगी। 60 महीने तक यही EMI देने पर कुल भुगतान करीब ₹6.67 लाख होगा। यानी करीब ₹1.67 लाख ब्याज में जाएगा।

1. पार्ट-पेमेंट करके मूलधन घटाएं

पर्सनल लोन जल्दी खत्म करने का सबसे सीधा तरीका पार्ट-पेमेंट है। इसमें आप अपनी नियमित EMI के अलावा एकमुश्त रकम देकर लोन का मूलधन कम करते हैं। मूलधन जितना कम होगा, आगे लगने वाला ब्याज भी उतना ही कम होगा।

इसे ₹5 लाख के उदाहरण से समझें। अगर 12 EMI चुकाने के बाद आप ₹1 लाख का पार्ट-पेमेंट करते हैं, तो उस समय करीब ₹4.22 लाख का मूलधन बाकी रहेगा। ₹1 लाख जमा करने के बाद यह घटकर करीब ₹3.22 लाख रह जाएगा।

2. पार्ट-पेमेंट के बाद EMI समान रखें

पार्ट-पेमेंट के बाद बैंक से यह समझना जरूरी है कि नई EMI और टेन्योर क्या होगा। अगर बैंक आपकी EMI करीब ₹11,122 ही रखता है और टेन्योर कम करता है, तो लोन जल्दी खत्म होगा।

ऊपर के उदाहरण में ₹1 लाख पार्ट-पेमेंट के बाद बाकी रकम करीब 35 महीने में चुक सकती है। यानी 5 साल का पूरा लोन करीब 47 महीने में खत्म हो सकता है। इस स्थिति में कुल ब्याज करीब ₹1.22 लाख रह सकता है, यानी करीब ₹45,000 की ब्याज बचत हो सकती है।

3. बोनस और इंसेंटिव से कर्ज घटाएं

बोनस, इंसेंटिव या किसी दूसरी जगह से मिली एकमुश्त रकम को पूरा खर्च करने के बजाय उसका कुछ हिस्सा लोन के मूलधन में लगाया जा सकता है। इससे लोन की बकाया रकम सीधे कम होती है।

उदाहरण के लिए, अगर आपको ₹50,000 का बोनस मिलता है और बैंक पार्ट-पेमेंट की अनुमति देता है, तो यह रकम मूलधन घटाने में इस्तेमाल की जा सकती है। लोन जितना शुरुआती दौर में कम होगा, आगे के ब्याज पर उतना ज्यादा असर पड़ सकता है।

4. साल में एक बार अतिरिक्त रकम जमा करें

हर किसी के पास ₹1 लाख जैसी बड़ी रकम एक साथ नहीं होती। ऐसे में साल में एक बार अपनी क्षमता के मुताबिक अतिरिक्त रकम लोन में जमा की जा सकती है।

मान लीजिए ₹5 लाख के लोन की EMI ₹11,122 है। अगर आप साल में एक बार करीब एक EMI जितनी अतिरिक्त रकम पार्ट-पेमेंट के तौर पर जमा करते हैं, तो मूलधन सामान्य EMI की तुलना में तेजी से घटेगा। इससे लोन की अवधि और कुल ब्याज दोनों कम हो सकते हैं।

5. फोरक्लोजर से पहले चार्ज जरूर देखें

लोन जल्दी खत्म करने का मतलब हमेशा यह नहीं है कि तुरंत पूरा बकाया चुकाकर फोरक्लोजर कर दिया जाए। पहले बैंक की शर्तें देखना जरूरी है। कुछ पर्सनल लोन में समय से पहले भुगतान पर प्रीपेमेंट या फोरक्लोजर चार्ज लग सकता है।

मान लीजिए आपके लोन पर ₹40,000 का ब्याज बचना है, लेकिन फोरक्लोजर के लिए बड़ा चार्ज देना पड़ रहा है। ऐसे में पहले दोनों रकम की तुलना करनी चाहिए। साथ ही लोन चुकाने के बाद आपके पास इमरजेंसी के लिए पर्याप्त पैसा बच रहा है या नहीं, यह भी देखना जरूरी है।

ब्याज पर कितनी बचत होगी?

अगर आपने ₹5 लाख का पर्सनल लोन 12% ब्याज पर 5 साल के लिए लिया है, तो इसकी EMI करीब ₹11,122 होगी। पूरा लोन 5 साल तक चलने पर करीब ₹1.67 लाख ब्याज देना पड़ेगा।

अब मान लीजिए आपने 12 महीने तक EMI चुकाने के बाद ₹1 लाख का पार्ट-पेमेंट कर दिया। इससे आपका बकाया मूलधन करीब ₹4.22 लाख से घटकर ₹3.22 लाख रह जाएगा।

अगर इसके बाद भी आपकी EMI करीब ₹11,122 रहती है, तो लोन करीब 35 महीने में खत्म हो सकता है। यानी पूरा लोन करीब 47 महीने में खत्म हो जाएगा। इस तरह करीब ₹45,000 ब्याज बच सकता है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Personal Loan Prepayment: पर्सनल लोन समय से पहले चुकाना सही है या नहीं? समझिए कब होगा फायदा

Personal Loan Prepayment: पर्सनल लोन लेते समय ज्यादातर लोग सिर्फ EMI देखते हैं। लेकिन कुछ महीने बाद जब बोनस मिलता है या बचत बढ़ती है, तो मन में सवाल आता है कि क्या लोन समय से पहले चुका देना चाहिए?

इसका जवाब हर किसी के लिए एक जैसा नहीं है। कई बार प्रीपेमेंट से लाखों रुपये का ब्याज बच जाता है। लेकिन कई बार फायदा बहुत कम होता है। इसलिए फैसला लेने से पहले कुछ बातें समझना जरूरी है।

सबसे ज्यादा फायदा कब होता है?

पर्सनल लोन की EMI में शुरुआत में ब्याज का हिस्सा ज्यादा होता है। धीरे-धीरे ब्याज कम होता जाता है और मूलधन (Principal) का हिस्सा बढ़ता जाता है।

यानी अगर आप लोन की शुरुआत में प्रीपेमेंट करते हैं, तो ज्यादा ब्याज बचा सकते हैं। अगर आखिरी साल में लोन चुकाते हैं, तो बचत बहुत कम होती है।

उदाहरण से समझिए

मान लीजिए आपने ₹5 लाख का पर्सनल लोन 5 साल के लिए 15% सालाना ब्याज पर लिया है। इस पर EMI करीब ₹11,895 बनेगी। पूरे 5 साल में कुल भुगतान करीब ₹7.14 लाख होगा यानी सिर्फ ब्याज के तौर पर करीब ₹2.14 लाख चुकाने होंगे।

अब मान लीजिए आपने 12 महीने बाद ₹2 लाख का प्रीपेमेंट कर दिया। ऐसी स्थिति में आपकी बची हुई ब्याज की रकम में हजारों रुपये की कमी आ सकती है। अगर बैंक प्रीपेमेंट चार्ज कम लेता है, तो यह फैसला काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।

ब्याज दर ज्यादा है तो सोचिए जरूर

पर्सनल लोन की ब्याज दर आमतौर पर 10% से 24% तक हो सकती है। यह होम लोन से काफी ज्यादा होती है। अगर आपका लोन 14%, 15% या 16% पर चल रहा है, तो जल्दी चुकाने से अच्छी बचत हो सकती है। लेकिन अगर किसी कंपनी स्कीम या ऑफर के तहत आपको कम ब्याज पर लोन मिला है, तो पहले हिसाब जरूर लगाएं।

प्रीपेमेंट चार्ज जरूर देखें

ज्यादातर बैंक और NBFC लोन समय से पहले बंद करने पर 2% से 5% तक फोरक्लोजर या प्रीपेमेंट चार्ज लेते हैं। कई बैंक पहले 6 या 12 महीने तक प्रीपेमेंट की अनुमति भी नहीं देते। इसलिए पहले यह देखें कि ब्याज में जितनी बचत होगी, वह चार्ज से ज्यादा है या नहीं।

पूरी बचत लोन में मत लगा दीजिए

मान लीजिए आपके पास ₹3 लाख की बचत है और आपने पूरी रकम लोन चुकाने में लगा दी। एक महीने बाद अगर मेडिकल इमरजेंसी में ₹2 लाख की जरूरत पड़ जाए, तो फिर आपको नया लोन या क्रेडिट कार्ड लेना पड़ सकता है। इसलिए लोन चुकाने के बाद भी कम से कम 3 से 6 महीने के खर्च जितनी रकम इमरजेंसी फंड के रूप में जरूर बचाकर रखें।

होम लोन लेना है तो पहले पर्सनल लोन खत्म करें

अगर आने वाले समय में आप होम लोन लेने वाले हैं, तो पर्सनल लोन पहले बंद करना फायदेमंद हो सकता है। इससे आपकी Debt-to-Income (DTI) Ratio बेहतर होती है। बैंक आपकी कुल EMI देखते हैं। EMI कम होगी तो नए लोन की मंजूरी मिलने की संभावना बढ़ सकती है।

कब प्रीपेमेंट करने की जरूरत नहीं?

अगर आपका लोन आखिरी साल में पहुंच चुका है, तो जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं है। तब तक ज्यादातर ब्याज चुकाया जा चुका होता है। इसी तरह अगर आपके पास ऐसा निवेश का मौका है, जहां 15% रिटर्न मिलने की संभावना है और आपका लोन 11% पर है, तो पहले निवेश करना ज्यादा समझदारी हो सकती है। हालांकि, इसमें जोखिम का भी ध्यान रखें।

आपका फैसला क्या होना चाहिए?

पर्सनल लोन का प्रीपेमेंट तब सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है, जब लोन शुरुआती दौर में हो, ब्याज दर ज्यादा हो और प्रीपेमेंट चार्ज कम हो। लेकिन सिर्फ कर्ज खत्म करने के लिए अपनी पूरी बचत खर्च करना सही नहीं है। पहले हिसाब लगाइए, फिर फैसला लीजिए। कई बार थोड़ा इंतजार करना भी आपके लिए ज्यादा फायदे का सौदा साबित हो सकता है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।