Personal Loan EMI: पर्सनल लोन जल्दी खत्म करके ब्याज का पैसा बचाना चाहते हैं? ये 5 तरीके करेंगे आपकी मदद

Personal Loan EMI: पर्सनल लोन लेते समय EMI देखकर लगता है कि हर महीने एक तय रकम जाती रहेगी। और कुछ साल बाद लोन खत्म हो जाएगा। लेकिन अगर ब्याज का बोझ कम करना है और कर्ज जल्दी खत्म करना है, तो छोटी-छोटी प्लानिंग काफी फर्क डाल सकती है।

मान लीजिए आपने ₹5 लाख का पर्सनल लोन 12% सालाना ब्याज पर 5 साल के लिए लिया है। इस लोन की EMI करीब ₹11,122 होगी। 60 महीने तक यही EMI देने पर कुल भुगतान करीब ₹6.67 लाख होगा। यानी करीब ₹1.67 लाख ब्याज में जाएगा।

1. पार्ट-पेमेंट करके मूलधन घटाएं

पर्सनल लोन जल्दी खत्म करने का सबसे सीधा तरीका पार्ट-पेमेंट है। इसमें आप अपनी नियमित EMI के अलावा एकमुश्त रकम देकर लोन का मूलधन कम करते हैं। मूलधन जितना कम होगा, आगे लगने वाला ब्याज भी उतना ही कम होगा।

इसे ₹5 लाख के उदाहरण से समझें। अगर 12 EMI चुकाने के बाद आप ₹1 लाख का पार्ट-पेमेंट करते हैं, तो उस समय करीब ₹4.22 लाख का मूलधन बाकी रहेगा। ₹1 लाख जमा करने के बाद यह घटकर करीब ₹3.22 लाख रह जाएगा।

2. पार्ट-पेमेंट के बाद EMI समान रखें

पार्ट-पेमेंट के बाद बैंक से यह समझना जरूरी है कि नई EMI और टेन्योर क्या होगा। अगर बैंक आपकी EMI करीब ₹11,122 ही रखता है और टेन्योर कम करता है, तो लोन जल्दी खत्म होगा।

ऊपर के उदाहरण में ₹1 लाख पार्ट-पेमेंट के बाद बाकी रकम करीब 35 महीने में चुक सकती है। यानी 5 साल का पूरा लोन करीब 47 महीने में खत्म हो सकता है। इस स्थिति में कुल ब्याज करीब ₹1.22 लाख रह सकता है, यानी करीब ₹45,000 की ब्याज बचत हो सकती है।

3. बोनस और इंसेंटिव से कर्ज घटाएं

बोनस, इंसेंटिव या किसी दूसरी जगह से मिली एकमुश्त रकम को पूरा खर्च करने के बजाय उसका कुछ हिस्सा लोन के मूलधन में लगाया जा सकता है। इससे लोन की बकाया रकम सीधे कम होती है।

उदाहरण के लिए, अगर आपको ₹50,000 का बोनस मिलता है और बैंक पार्ट-पेमेंट की अनुमति देता है, तो यह रकम मूलधन घटाने में इस्तेमाल की जा सकती है। लोन जितना शुरुआती दौर में कम होगा, आगे के ब्याज पर उतना ज्यादा असर पड़ सकता है।

4. साल में एक बार अतिरिक्त रकम जमा करें

हर किसी के पास ₹1 लाख जैसी बड़ी रकम एक साथ नहीं होती। ऐसे में साल में एक बार अपनी क्षमता के मुताबिक अतिरिक्त रकम लोन में जमा की जा सकती है।

मान लीजिए ₹5 लाख के लोन की EMI ₹11,122 है। अगर आप साल में एक बार करीब एक EMI जितनी अतिरिक्त रकम पार्ट-पेमेंट के तौर पर जमा करते हैं, तो मूलधन सामान्य EMI की तुलना में तेजी से घटेगा। इससे लोन की अवधि और कुल ब्याज दोनों कम हो सकते हैं।

5. फोरक्लोजर से पहले चार्ज जरूर देखें

लोन जल्दी खत्म करने का मतलब हमेशा यह नहीं है कि तुरंत पूरा बकाया चुकाकर फोरक्लोजर कर दिया जाए। पहले बैंक की शर्तें देखना जरूरी है। कुछ पर्सनल लोन में समय से पहले भुगतान पर प्रीपेमेंट या फोरक्लोजर चार्ज लग सकता है।

मान लीजिए आपके लोन पर ₹40,000 का ब्याज बचना है, लेकिन फोरक्लोजर के लिए बड़ा चार्ज देना पड़ रहा है। ऐसे में पहले दोनों रकम की तुलना करनी चाहिए। साथ ही लोन चुकाने के बाद आपके पास इमरजेंसी के लिए पर्याप्त पैसा बच रहा है या नहीं, यह भी देखना जरूरी है।

ब्याज पर कितनी बचत होगी?

अगर आपने ₹5 लाख का पर्सनल लोन 12% ब्याज पर 5 साल के लिए लिया है, तो इसकी EMI करीब ₹11,122 होगी। पूरा लोन 5 साल तक चलने पर करीब ₹1.67 लाख ब्याज देना पड़ेगा।

अब मान लीजिए आपने 12 महीने तक EMI चुकाने के बाद ₹1 लाख का पार्ट-पेमेंट कर दिया। इससे आपका बकाया मूलधन करीब ₹4.22 लाख से घटकर ₹3.22 लाख रह जाएगा।

अगर इसके बाद भी आपकी EMI करीब ₹11,122 रहती है, तो लोन करीब 35 महीने में खत्म हो सकता है। यानी पूरा लोन करीब 47 महीने में खत्म हो जाएगा। इस तरह करीब ₹45,000 ब्याज बच सकता है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

पर्सनल लोन लेने से पहले इन बातों का जरूर रखें ध्यान

पर्सनल लोन एक फ्लेक्सिबल फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट है, जो लोगों को बड़े खर्चों जैसे शिक्षा, शादी, वेकेशन, घर का रेनोवेशन, मेडिकल बिल या गैजेट खरीदने में मदद करता है. यह फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट क्रेडिट कार्ड के मुकाबले एक किफायती विकल्प है और लोन अमाउंट को मासिक किस्तों (EMIs) में चुकाने की सुविधा देता है.

हालांकि, इस लोन के लिए अप्लाई करने से पहले क्रेडिट स्कोर, इंटरेस्ट रेट और एक्स्ट्रा चार्ज जैसे फैक्टर पर ध्यान देना भी जरूरी है. इससे आप कुछ आम गलतियों से बच सकते हैं, जैसे गलत लेंडर चुन लेना, गलत लोन टेन्योर लेना या जरूरत से ज्यादा लोन लेना.

किसी भी फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन से पर्सनल लोन लेने से पहले इन बातों का जरूर ध्यान रखें:  

1. अलग-अलग मार्केट इंटरेस्ट रेट की तुलना करें

अलग-अलग लेंडर के इंटरेस्ट रेट की तुलना करने से आपको सबसे कम रेट वाला लोन मिल सकता है. BankBazaar, Paisabazaar और MyLoanCare जैसे प्लेटफॉर्म इस तुलना को आसान बनाते हैं.

सस्ते इंटरेस्ट रेट और सही इंटरेस्ट टाईप (जैसे फिक्स्ड या फ्लोटिंग) चुनने से लोन रीपेमेंट आसान हो जाता है.

मनीकंट्रोल (Moneycontrol) ऐप और वेबसाइट पर आप 10+ लेंडर के पर्सनल लोन ऑफर की तुलना कर सकते हैं. यहां इंटरेस्ट रेट सिर्फ 9.99% सालाना से शुरू होते हैं, और आप 50 लाख रुपए तक का लोन पूरी तरह डिजिटल प्रोसेस के जरिए ले सकते हैं.

2. लोन अमाउंट, टेन्योर और रीपेमेंट

लोन अमाउंट, टेन्योर और पेमेंट सीधे तौर पर EMI को प्रभावित करते हैं. सही अमाउंट, फ्लेक्सिबल टेन्योर और मैनेज करने योग्य EMI चुनने से आप अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से सही लोन चुन सकते हैं.

3. हेल्दी क्रेडिट हिस्ट्री बनाए रखें

आपकी क्रेडिटवर्थिनेस आपकी क्रेडिट हिस्ट्री से तय होती है, जिसे CIBIL स्कोर कहा जाता है. आपका स्कोर कम-से-कम 700 या इससे ज्यादा होना चाहिए.

कोई भी बकाया समय पर चुकाने से क्रेडिट स्कोर अच्छा बना रहता है. अगर आपका स्कोर कम है तो लोन एप्लिकेशन रिजेक्ट हो सकती है या आपको ऊंचे इंटरेस्ट रेट पर लोन मिल सकता है.

4. लोन से जुड़े हर खर्च का आकलन करें

लोन लेने से पहले उससे जुड़े सभी खर्च जैसे प्रोसेसिंग फीस, प्रीपेमेंट चार्ज और लेट पेमेंट पेनल्टी पर गौर करें. इससे आपको कुल खर्च का सही आकलन मिलेगा और आप बेहतर फाइनेंशियल प्लानिंग कर पाएंगे.

5. सही लोन अमाउंट चुनें

लोन अमाउंट अपनी जरूरत और खर्चों के हिसाब से तय करें. अगर आपकी जरूरतें और खर्च अनिश्चित हैं, तो फ्लेक्सी पर्सनल लोन एक अच्छा विकल्प हो सकता है.

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6. रीपेमेंट की क्षमता जांचें

लोन अप्लाई करने से पहले यह जरूर देख लें कि आपकी इनकम लोन को समय पर चुकाने के लिए काफी है या नहीं. पर्सनल लोन EMI कैलकुलेटर जैसे टूल का इस्तेमाल करके आप मासिक किस्तों का अंदाजा लगा सकते हैं. ऐसा करने से, बाकी फाइनेंशियल लायबिलिटी से समझौता किए बिना EMI प्लान करना आसान हो जाता है.

7. धोखाधड़ी वाले ऑफर और सर्विस से बचें

ऐसे ऑफर जो बहुत ज्यादा किफायती या आकर्षक लग रहे हैं, उनसे सावधान रहें. ऑफर का फाइन प्रिंट जरूर पढ़ें ताकि हिडन चार्ज या अचानक आने वाले खर्चों से बचा जा सके. साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि लोन की शर्तें साफ और समझने योग्य हैं.

कुछ लेंडर सस्ते इंटरेस्ट रेट का दावा करते हैं लेकिन बाद में एक्स्ट्रा फीस जोड़ देते हैं. इसलिए हमेशा ऐसे लेंडर को चुनें जो पारदर्शी और ईमानदार हो.

8. लेंडर की रेप्यूटेशन और कस्टमर सर्विस चेक करें

लोन लेने से पहले लेंडर की मार्केट रेप्यूटेशन और उनकी कस्टमर सर्विस की क्वालिटी पर रिसर्च करें. इसके लिए आप RBI की वेबसाइट, Trustpilot या Google Reviews पर कस्टमर रिव्यू और रेटिंग देख सकते हैं.

एक भरोसेमंद लेंडर का चुनाव आपके लोन एक्सपीरियंस को आसान और सुरक्षित बनाता है.

कुल मिलाकर, पर्सनल लोन लेते समय इंटरेस्ट रेट, टेन्योर, रीपेमेंट क्षमता, हिडन फीस और लेंडर की रेप्यूटेशन जैसे फैक्टर का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. अलग-अलग ऑफर की तुलना कर, अच्छा क्रेडिट स्कोर बनाए रखकर और लोन की शर्तें समझकर आप अपनी फाइनेंशियल जरूरत के लिए सबसे बेहतर फैसला ले सकते हैं.

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Personal Loan EMI: पर्सनल लोन सस्ते ब्याज पर चाहिए? अप्लाई करने से पहले इन 5 बातों का जरूर रखें ध्यान

Personal Loan EMI: पर्सनल लोन लेना आज पहले से काफी आसान हो गया है। कई बैंक और NBFC कुछ ही मिनटों में लोन मंजूर करने का दावा करते हैं। लेकिन जल्दी में लिया गया पर्सनल लोन आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है।

पर्सनल लोन पर ब्याज दरें होम लोन या कार लोन से ज्यादा होती हैं। ऐसे में अगर थोड़ी-सी सावधानी बरती जाए, तो हजारों रुपये बचाए जा सकते हैं। आइए जानते हैं पर्सनल लोन लेने से पहले किन 5 बातों का ध्यान रखना चाहिए।

1. सबसे पहले अपना CIBIL स्कोर सुधारें

अगर आपका CIBIL स्कोर 750 या उससे ज्यादा है, तो बैंक आपको कम ब्याज पर लोन देने की संभावना ज्यादा होती है। वहीं, कम स्कोर होने पर ब्याज दर बढ़ सकती है या लोन भी रिजेक्ट हो सकता है।

मान लीजिए दो लोगों ने 5 साल के लिए ₹5 लाख का पर्सनल लोन लिया। एक को 11% और दूसरे को 15% ब्याज मिला। यानी सिर्फ 4% ज्यादा ब्याज की वजह से आपको करीब ₹62,000 अतिरिक्त ब्याज देना पड़ सकता है।

ब्याज दरअनुमानित EMIकुल ब्याज
11%करीब ₹10,870करीब ₹1.52 लाख
15%करीब ₹11,895करीब ₹2.14 लाख

2. पहले कई बैंकों का ऑफर तुलना करें

जिस बैंक का पहला ऑफर मिले, उसी पर हामी मत भरिए। कम से कम 3-4 बैंक और NBFC की ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस और बाकी शर्तों की तुलना करें।

कई बार आपका सैलरी बैंक भी सबसे सस्ता लोन नहीं देता। ऑनलाइन तुलना करने में सिर्फ कुछ मिनट लगते हैं, लेकिन इससे अच्छी बचत हो सकती है।

3. जितनी जरूरत हो, उतना ही लोन लें

बैंक अगर ₹10 लाख का लोन देने को तैयार है, तो जरूरी नहीं कि आप पूरा पैसा लें।

अगर आपकी जरूरत ₹6 लाख की है, तो उतना ही लोन लें। ज्यादा रकम का मतलब ज्यादा EMI और ज्यादा ब्याज। इससे आप पर आर्थिक दबाव बढ़ेगा। फायदे से ज्यादा नुकसान हो सकता है।

4. सिर्फ ब्याज नहीं, बाकी चार्ज भी देखें

कई लोग सिर्फ ब्याज दर देखकर फैसला कर लेते हैं। लेकिन प्रोसेसिंग फीस, फोरक्लोजर चार्ज, लेट पेमेंट पेनाल्टी और दूसरी फीस भी आपकी जेब पर असर डालती हैं।

लोन लेने से पहले पूछ लें कि कुल कितना खर्च आएगा। तभी आपको लोन की असली कीमत पता चलेगी।

5. EMI अपनी कमाई के हिसाब से रखें

ऐसी EMI चुनें जिसे आप हर महीने आराम से भर सकें। कोशिश करें कि सभी EMI मिलाकर आपकी मंथली इनकम के 35% से 40% से ज्यादा न हों।

अगर EMI बहुत ज्यादा होगी, तो भविष्य में डिफॉल्ट का खतरा बढ़ सकता है। इससे आपका CIBIL स्कोर भी खराब हो सकता है।

पर्सनल लोन के लिए सबसे जरूरी बात

पर्सनल लोन बिना गारंटी मिलता है। इसलिए इसकी ब्याज दर भी ज्यादा होती है। अगर आप अच्छा CIBIL स्कोर बनाए रखें, अलग-अलग बैंकों के ऑफर की तुलना करें और जरूरत के हिसाब से ही लोन लें, तो कम ब्याज दर मिलने की संभावना बढ़ जाती है। लोन लेने में जल्दबाजी नहीं, सही तुलना करना ज्यादा फायदेमंद साबित होता है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।