पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड, इमरजेंसी के वक्त किसका इस्तेमाल करें? समझिए पूरा हिसाब

Personal Loan vs Credit Card: अगर अचानक अस्पताल का बड़ा बिल आ जाए। घर में कोई इमरजेंसी आ जाए। या नौकरी छूटने की वजह से तुरंत पैसों की जरूरत पड़ जाए। ऐसे समय में ज्यादातर लोगों के सामने दो विकल्प होते हैं- क्रेडिट कार्ड या पर्सनल लोन।

लेकिन सवाल यह है कि आखिर कौन-सा विकल्प कम महंगा पड़ता है? क्या हर इमरजेंसी में क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करना सही है? या फिर सीधे पर्सनल लोन लेना बेहतर रहेगा? जवाब आपकी जरूरत, रकम और उसे लौटाने की क्षमता पर निर्भर है।

पहले एक आसान उदाहरण समझिए

अब मान लीजिए आपको अचानक ₹2 लाख की जरूरत पड़ गई। यह पैसा आपको अस्पताल के बिल के लिए चाहिए। अब आपके पास दो रास्ते हैं। बैंक से 3 साल के लिए 12% ब्याज पर पर्सनल लोन लें। या क्रेडिट कार्ड से पूरा भुगतान कर दें। यहीं से दोनों विकल्पों का फर्क शुरू हो जाता है।

अगर पर्सनल लोन लेते हैं

मान लीजिए बैंक ने आपको ₹2 लाख का पर्सनल लोन 12% सालाना ब्याज पर 3 साल के लिए दे दिया।

डिटेलपैसों का हिसाब
लोन अमाउंट₹2,00,000
ब्याज दर12% सालाना
अवधि3 साल
अनुमानित EMIकरीब ₹6,640
कुल भुगतानकरीब ₹2.39 लाख
कुल ब्याजकरीब ₹39,000

EMI तय रहती है। आपको पहले से पता होता है कि हर महीने कितना पैसा देना है।

अगर क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करते हैं?

अब मान लीजिए आपने पूरे ₹2 लाख का भुगतान क्रेडिट कार्ड से कर दिया। लेकिन बिल आने पर आप सिर्फ Minimum Due भरते रहे। यहीं सबसे बड़ी गलती होती है। मान लीजिए आपके क्रेडिट कार्ड का बिल ₹2 लाख आया है। बैंक कहता है कि फिलहाल सिर्फ ₹10,000 का मिनिमम ड्यू भर दीजिए। इससे लेट फीस तो नहीं लगेगी, लेकिन बाकी ₹1,90,000 पर हर महीने ब्याज लगता रहेगा।

ज्यादातर क्रेडिट कार्ड 30% से 48% सालाना तक ब्याज वसूलते हैं। यानी करीब 2.5% से 4% हर महीने। अगर आपने पूरा बिल नहीं चुकाया, तो ब्याज तेजी से बढ़ने लगता है। कई बार उस पर GST और दूसरे चार्ज भी जुड़ जाते हैं। ऐसे में ₹2 लाख का बकाया कुछ ही महीनों में काफी महंगा साबित हो सकता है।

एक नजर में सीधी तुलना

डिटेलपर्सनल लोनक्रेडिट कार्ड
ब्याज10%-18% सालाना
30%-48% सालाना

भुगतानतय EMIMinimum Due का विकल्प
बड़ी रकम के लिएबेहतरमहंगा
छोटी अवधि के लिएठीकअगर पूरा बिल समय पर चुका दें तो बेहतर

तो क्रेडिट कार्ड कब इस्तेमाल करें?

अगर आपको भरोसा है कि 30 से 45 दिन के भीतर पूरा पैसा चुका देंगे, तो क्रेडिट कार्ड अच्छा विकल्प हो सकता है।

मान लीजिए आपने ₹50,000 का अस्पताल का बिल कार्ड से भरा। सैलरी आने में सिर्फ 20 दिन बाकी हैं। अगर बिल की Due Date तक पूरा भुगतान कर दिया, तो आमतौर पर कोई ब्याज नहीं देना पड़ेगा। यही क्रेडिट कार्ड की सबसे बड़ी ताकत है।

और पर्सनल लोन कब लेना चाहिए?

अगर रकम बड़ी है और उसे लौटाने में कई महीने या साल लगेंगे, तो पर्सनल लोन बेहतर रहता है।

मान लीजिए शादी, इलाज या घर की मरम्मत के लिए ₹3 लाख चाहिए। आपको पता है कि इसे एक-दो महीने में नहीं चुका पाएंगे। ऐसे में पर्सनल लोन लेना ज्यादा समझदारी होगी। इसकी EMI तय रहती है और ब्याज भी क्रेडिट कार्ड के मुकाबले काफी कम होता है।

₹1 लाख पर कितना पड़ेगा फर्क?

मान लीजिए आपको ₹1 लाख की जरूरत है। आप यह रकम क्रेडिट कार्ड से खर्च करते हैं और सिर्फ मिनिमम ड्यू भरते रहते हैं। ऐसे में एक साल में ब्याज और दूसरे चार्ज मिलाकर आपको ₹30,000-₹40,000 या उससे भी ज्यादा अतिरिक्त चुकाने पड़ सकते हैं।

वहीं, अगर आप यही ₹1 लाख 12% सालाना ब्याज पर 3 साल के लिए पर्सनल लोन लेते हैं, तो आपकी EMI करीब ₹3,320 महीने बनेगी। तीन साल में कुल भुगतान करीब ₹1.20 लाख होगा। यानी कुल ब्याज करीब ₹19,500-₹20,000 पड़ेगा।

सबसे अच्छा विकल्प क्या है?

इमरजेंसी में सबसे बड़ा फैसला पैसा जुटाना नहीं, सही तरीके से पैसा जुटाना होता है। अगर कुछ हफ्तों में पैसा लौटा सकते हैं, तो क्रेडिट कार्ड ठीक है। लेकिन अगर कर्ज लंबे समय तक चलेगा, तो पर्सनल लोन आपकी जेब पर कम बोझ डालेगा।

ऐसी स्थिति से बचने के लिए सबसे अच्छा विकल्प इमरजेंसी फंड है। अगर आपके पास 6 महीने के खर्च जितनी बचत अलग रखी है, तो ऐसी स्थिति में आपको न महंगा ब्याज देना पड़ेगा और न ही कर्ज लेना पड़ेगा।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Rashifal Today: आज के दिन बजट पर दें ज्यादा ध्यान, क्या कहता हैं आपका राशिफल

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार, हर इंसान की जन्मतिथि का अपना खास महत्व होता है। ये न सिर्फ उनके स्वभाव और व्यक्तित्व को बताता है, बल्कि उनके भविष्य के बारे में भी संकेत देती है। आज के दिन अतिरिक्त आय के नए रास्ते खुल सकते हैं। तकनीक, कंसल्टिंग या बिजनेस से जुड़े लोगों को लाभ मिलने के संकेत हैं। किसी पुराने साझेदार के साथ नया काम शुरू करने पर भी चर्चा हो सकती है। आइए जानते हैं कैसा होगा मूलांक 1 से 9 तक के लोगों का दिन

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में सोच-समझकर फैसला लेने का दिन है। अपने बजट, बचत और निवेश की समीक्षा करें और देखें कि वे आपके भविष्य के लक्ष्यों के अनुसार हैं या नहीं। बिना जरूरत के खर्च करने से बचें। सही योजना और समझदारी से लिए गए फैसले आने वाले समय में आपकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बना सकते हैं।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज धन से जुड़े मामलों में नए अवसर मिल सकते हैं, खासकर तकनीक और नए कारोबार से जुड़े लोगों को फायदा होने की संभावना है। हालांकि किसी भी निवेश या बड़े खर्च में जल्दबाजी न करें। लंबी अवधि की योजना बनाकर आगे बढ़ेंगे तो बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज बड़े आर्थिक फैसले लेने से बचना बेहतर रहेगा। मन थोड़ा अस्थिर रह सकता है, इसलिए जल्दबाजी में कोई निर्णय न लें। यह समय अपनी आर्थिक योजनाओं की समीक्षा करने और भविष्य के लिए नई रणनीति बनाने का है। धैर्य से काम लेने पर आगे अच्छे अवसर मिल सकते हैं।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन आर्थिक रूप से शुभ संकेत दे रहा है। सरकारी काम या कानूनी मामलों में सफलता मिलने की संभावना है। व्यापार करने वालों को कोई बड़ा ग्राहक मिल सकता है। आमदनी और खर्च में संतुलन बना रहेगा, लेकिन किसी बड़ी खरीदारी से पहले अच्छी तरह सोच लें।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज अतिरिक्त आय के नए रास्ते खुल सकते हैं। तकनीक, कंसल्टिंग या बिजनेस से जुड़े लोगों को लाभ मिलने के संकेत हैं। किसी पुराने साझेदार के साथ नया काम शुरू करने पर भी चर्चा हो सकती है। परिवार के किसी बड़े सदस्य की सलाह भविष्य में आर्थिक रूप से फायदेमंद साबित हो सकती है। खर्चों पर नियंत्रण बनाए रखें।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है। पुराने निवेश से लाभ मिलने के योग हैं। कारोबार करने वालों को नया ऑर्डर या नया ग्राहक मिल सकता है। आमदनी बढ़ने के साथ कुछ जरूरी खर्च भी सामने आ सकते हैं। परिवार का सहयोग आर्थिक फैसलों को आसान बनाएगा।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज भविष्य की आर्थिक सुरक्षा पर ध्यान देना जरूरी है। अपनी बचत और निवेश की योजनाओं की समीक्षा करें। फिजूलखर्ची से दूर रहें और ऐसी योजनाओं पर काम करें जो लंबे समय तक फायदा दें। अनुशासन और सही योजना आपकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाएगी।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज नए निवेश और आर्थिक विकास के अवसर मिल सकते हैं। खासकर तकनीक और नए क्षेत्रों में रुचि रखने वालों के लिए समय अनुकूल है। हालांकि किसी भी फैसले से पहले पूरी जानकारी जरूर लें। सोच-समझकर किया गया निवेश भविष्य में अच्छा लाभ दे सकता है।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज बड़े आर्थिक फैसले लेने की बजाय भविष्य की योजना बनाने पर ध्यान दें। अपने वित्तीय लक्ष्यों की समीक्षा करें और देखें कि आप सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं या नहीं। जल्दबाजी से बचें और हर कदम सोच-समझकर उठाएं। अच्छी योजना आने वाले समय में सफलता और आर्थिक मजबूती दिला सकती है।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

US-Iran War News: होर्मुज को लेकर ट्रंप का बड़ा ऐलान! ईरानी जहाजों पर पूरी नाकाबंदी, शुल्क लगाने की धमकी से पीछे हटे

US-Iran War News: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर ईरान और खाड़ी क्षेत्र को लेकर कई बड़े ऐलान किए हैं। ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना की वजह से वैश्विक तेल आपूर्ति रिकॉर्ड स्तर पर बनी हुई है। उन्होंने कहा कि ईरान को छोड़कर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सभी देशों के लिए खुला रहेगा। जबकि ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों पर पूरी नाकाबंदी लागू की जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी दोहराया कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा।

इन हमलों में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई। जबकि 10 अन्य घायल हो गए। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार सुबह ईरान दूतावास के वरिष्ठ अधिकारी को तलब किया और इन हमलों के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया। भारत ने कहा कि वह होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने के दौरान ‘ए अल बहियाह’ और ‘एमटी मोम्बासा’ नाम के दो पोत पर हुए हमलों को लेकर बेहद चिंतित है।

टैरिफ वाले बयान से पीछे हटे

डोनाल्ड ट्रंप होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले माल पर 20 प्रतिशत शुल्क लगाने की अपनी योजना से एक दिन बाद ही पीछे हटते हुए कहा कि इसके बजाय पश्चिम एशियाई देश अमेरिका के साथ निवेश और व्यापार समझौते करेंगे।

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा. “पश्चिम एशिया के नेताओं के साथ अत्यंत सकारात्मक बातचीत के आधार पर मैंने 20 प्रतिशत अमेरिकी प्रतिपूर्ति शुल्क को उन व्यापार और निवेश समझौतों से बदलने का फैसला किया है। उन्हें विभिन्न खाड़ी देश अमेरिका में करेंगे।”

राष्ट्रपति ने कहा कि ये निवेश बहुत बड़े पैमाने पर होंगे। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि ये उन नई प्रतिबद्धताओं से अलग होंगे या नहीं, जिनकी घोषणा ट्रंप ने पिछले साल पश्चिम एशिया यात्रा के बाद की थी।

ईरान का हिंसक दौर अब खत्म होगा?

ट्रंप ने दुनिया को भरोसा दिलाते हुए संकल्प लिया है कि अमेरिका, ईरान को कभी भी परमाणु हथियार (Nuclear Weapons) हासिल नहीं करने देगा। ट्रंप ने दावा किया है कि इन कड़े कदमों के बाद अब क्षेत्र में ईरान का हिंसक और आक्रामक दौर हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा।

होर्मुज में हमले में एक भारतीय की मौत

भारत ने कमर्शियल पोत ‘एमटी अल बहिया’ और ‘एमटी मोम्बासा’ पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की है। उन पर कुल 30 भारतीय नाविक सवार थे। भारत ने पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता लाने के लिए हिंसा को तुरंत रोकने और बातचीत व कूटनीति का रास्ता अपनाने की अपनी अपील दोहराई।

संयुक्त अरब अमीरात के दो तेल टैंकरों पर हमले अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच हुए। ईरान पर 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के हमले के बाद शुरू हुए संघर्ष में पश्चिम एशिया में 14 भारतीयों की मौत हो चुकी है।

ये भी पढे़ं- Iran-US War Update: होर्मुज स्ट्रेट में टैंकर पर हमले में भारतीय नाविक की मौत! भारत सरकार का बड़ा एक्शन, ईरानी राजनयिक तलब

विदेश मंत्रालय ने मारे गए भारतीय नागरिक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना जताई और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की। मंत्रालय ने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में भारतीय मिशन हालात पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। साथ ही प्रभावित भारतीय नाविकों को हर संभव मदद दिलाने के लिए खाड़ी देश के संबंधित अधिकारियों के संपर्क में हैं।

Warren Buffett: वॉरेन बफे 2034 तक अपनी पूरी संपत्ति दान करेंगे, बिल गेट्स फाउंडेशन को नहीं मिला कोई पैसा

Warren Buffett: दुनिया के दिग्गज निवेशक वॉरेन बफे ने इस साल अपनी सालाना चैरिटी डोनेशन में Bill Gates Foundation को शामिल नहीं किया। उन्होंने करीब 6 अरब डॉलर (करीब ₹50,000 करोड़) का दान अपने परिवार से जुड़ी चार फाउंडेशन को देने का ऐलान किया। मंगलवार को जारी बयान में उन्होंने Bill Gates Foundation का कोई जिक्र नहीं किया।

2034 तक पूरी संपत्ति दान करेंगे

बफे ने यह भी कहा कि उनकी बची हुई Berkshire Hathaway की हिस्सेदारी 31 दिसंबर 2034 तक पूरी तरह दान कर दी जाएगी। इसकी मौजूदा कीमत करीब 146 अरब डॉलर है।

पहले योजना यह थी कि उनके निधन के बाद उनके तीन बच्चे 10 साल के भीतर उनकी संपत्ति दान करेंगे। अब बफे ने इस प्रक्रिया को पहले ही पूरा करने का फैसला किया है।

Bill Gates Foundation क्यों नहीं शामिल?

बफे ने इस फैसले की वजह नहीं बताई। हालांकि, यह फैसला ऐसे समय आया है जब बिल गेट्स के दिवंगत फाइनेंसर जॉफ्री एपस्टीन (Jeffrey Epstein )से संबंधों को लेकर फिर चर्चा हो रही है।

बिल गेट्स ने हमेशा कहा है कि उन्हें Epstein के अपराधों की जानकारी नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि Epstein से उनकी मुलाकात सिर्फ चैरिटी के लिए फंड जुटाने की उम्मीद में हुई थी। बिल गेट्स पर किसी तरह का आपराधिक आरोप नहीं लगा है।

पहले सबसे ज्यादा दान Gates Foundation को मिला

2006 में अपनी संपत्ति दान करने का ऐलान करने के बाद से बफे 61 अरब डॉलर से ज्यादा की रकम Bill Gates Foundation को दे चुके हैं। हर साल वह Berkshire Hathaway के शेयर Gates Foundation और अपने बच्चों की फाउंडेशन को दान करते रहे हैं।

कभी गहरे दोस्त थे Buffett और Gates

एक समय वॉरेन बफे और बिल गेट्स बेहद करीबी दोस्त थे। दोनों अक्सर मिलते थे, साथ में छुट्टियां बिताते थे और ऑनलाइन ब्रिज खेलते थे। गेट्स कई साल तक Berkshire Hathaway के बोर्ड में रहे। वहीं, बफे भी Gates Foundation के बोर्ड का हिस्सा थे।

हालांकि, बफे ने इसी साल CNBC को बताया था कि 2025 में Epstein से जुड़े दस्तावेज सामने आने के बाद से उनकी गेट्स से कोई बातचीत नहीं हुई है।

Epstein मामले पर क्या बोले बफे?

बफे ने कहा कि Jeffrey Epstein लोगों की कमजोरियों का फायदा उठाने में माहिर था। उन्होंने कहा कि वह किसी ऐसे मामले से जुड़ना नहीं चाहते, जिसकी भविष्य में जांच हो सकती हो।

उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें हैरानी होती है कि इतने प्रभावशाली और अमीर लोग Epstein के जाल में कैसे फंस गए। वहीं, Gates Foundation ने बताया है कि उसने Epstein से जुड़े पुराने संबंधों की समीक्षा शुरू कर दी है और भविष्य में ऐसी साझेदारियों की जांच के नियम भी मजबूत किए जा रहे हैं।

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यूपी की हर्बल टी की सुगंध पहुंची अमेरिका-यूरोप

Vidur Herbal Tea

Vidur Herbal Tea: ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अब जड़ी-बूटियों से तैयार ऑर्गेनिक हर्बल टी के जरिए विदेशों में भी अपनी पहचान बना रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार से मिल रहे प्रोत्साहन और योजनाओं के सहयोग से शुरू हुआ यह प्रयास आज सफल महिला उद्यमिता का मॉडल बन चुका है। इस 'विदुर हर्बल टी' की फ्रेंचाइजी की मांग अब अमेरिका, इंग्लैंड, जर्मनी और फ्रांस जैसे देशों से हो रही है, जबकि दिल्ली, पंजाब, ओडिशा, पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में यह बड़ी मात्रा में मंगाई जा रही है।

 

एक लाख के ऋण से शुरू हुआ सफल कारोबार

बिजनौर के ब्लॉक कोतवाली गांव टांडा मैदास लखी वाला की बबिता रानी बताती हैं कि योगी सरकार की योजना से समूह की महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत समूह ने एक लाख रुपये का ऋण लेकर 'विदुर हर्बल टी' की शुरुआत की थी। आज समूह की 10 महिलाएं मिलकर पूरी तरह ऑर्गेनिक हर्बल टी तैयार कर रही हैं। इस उद्यम ने महिलाओं को नियमित आय के साथ आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार का नया माध्यम भी तैयार किया है। इसके जरिए समूह की महिलाएं लखपति बन रही हैं।

जड़ी-बूटियों से तैयार होती है खास हर्बल टी

विदुर हर्बल टी की सबसे बड़ी विशेषता इसकी प्राकृतिक संरचना है। इसे ऑर्गेनिक लेमनग्रास, गिलोय, मुलेठी, जामुन, कच्ची हल्दी, अमरूद की पत्ती, दालचीनी, तुलसी, हरी इलायची और सौंफ से तैयार किया जाता है। यह दो प्रकार से तैयार होती है। पहली पारंपरिक जड़ी-बूटियों से बनी ऑर्गेनिक हर्बल टी और दूसरी 'अर्जुना हृदय शक्ति', जिसे दूध और पानी दोनों के साथ तैयार किया जा सकता है।

 

प्रदेश से बाहर भी तेजी से बढ़ रहा कारोबार

तत्कालीन सीडीओ बिजनौर और वर्तमान में वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने इन ग्रामीण महिलाओं को योगी सरकार की योजनाओं से जोड़ा। उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूह की ये महिलाएं आज आत्मनिर्भर हैं और अपने परिवार की जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में सक्षम हुई हैं। 

 

विदुर हर्बल टी का कारोबार लगातार विस्तार कर रहा है। बिजनौर में 35 आउटलेट और कैफे में इसका प्रयोग किया जा रहा है। इसके अलावा मुरादाबाद में भी महिलाओं द्वारा दो विदुर हर्बल टी केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। हाल ही में मुरादाबाद के सिविल लाइन स्थित कचहरी गेट के पास नया विदुर हर्बल टी सेंटर शुरू किया गया है। जल्द ही मुरादाबाद में 5 और कैफे की शुरुआत करने की तैयारी है।

Vidur Herbal Tea

महिलाएं ही तैयार करती हैं यहां का हर उत्पाद

इस पहल की एक और विशेषता यह है कि विदुर हर्बल टी से जुड़े सभी उत्पादों का निर्माण स्वयं सहायता समूह की महिलाएं ही करती हैं। उत्पादन से लेकर पैकेजिंग और विपणन तक की जिम्मेदारी महिलाओं के हाथ में है। इससे न केवल उनकी आय में वृद्धि हुई है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिला नेतृत्व वाले उद्यमों को भी नई पहचान मिली है।

ग्रामीण आजीविका मिशन बना महिला सशक्तीकरण का माध्यम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रहे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और बाजार उपलब्ध कराने की पहल ने ग्रामीण महिलाओं के लिए नए अवसर खोले हैं। विदुर हर्बल टी की सफलता इस बात का उदाहरण है कि योजनाओं का लाभ मिलने पर ग्रामीण महिलाएं स्थानीय संसाधनों के आधार पर ऐसा उद्यम खड़ा कर सकती हैं, जो देश के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपनी पहचान बना सके।

 

JSW Motors’ Jaecoo J5 SUV spied in ICE avatar for the first time

Jaecoo J5 SUV spied in ICE avatar for the first time in India

The Jaecoo J5 SUV has been spied testing in an ICE avatar for the first time in India. Interestingly, the latest spy shots suggest the Jaecoo J5 could launch in India with an ICE powertrain, whereas earlier sightings pointed to an all-electric (EV) version only. The new exterior and interior spy shots of the ICE-powered Jaecoo J5 reveal some visible differences from the EV version.

  1. A functional grille, all-LED lighting and 18-inch alloy wheels can be seen
  2. An all-black cabin with a vertically mounted infotainment system was spotted
  3. Offered with a turbo-petrol and strong hybrid petrol internationally

In India, JSW Motors will launch its own standalone SUV based on the Jaecoo J5 under a technology and component licensing agreement with Chery, the Chinese automaker that owns the Jaecoo brand.

Jaecoo J5-based ICE SUV spied: What was spotted?

A functional grille with vertical slats confirms it is the ICE version of the Jaecoo J5

Although the Jaecoo J5-based SUV’s test mule is heavily camouflaged, a few design elements are visible. Among these is a functional grille with vertical slats, confirming it is the ICE version, as the EV features a blanked-off grille. The sleek LED headlights with LED DRL surrounds, however, are the same as those on the EV version. The bumper has a clean design, but it seems to miss out on the fog lamps offered with the international model.

In profile, the international-spec model gets 18-inch wheels. At the rear, slim wraparound LED taillights can be spotted. On the international model, these taillights are joined by a black trim with ‘Jaecoo’ badging in the centre.

The interior design mimics that of the all-electric model

The spy shots also reveal a large vertically oriented infotainment system on the dashboard, likely the same as the international model’s 13.2-inch unit. The international model also gets an 8.8-inch driver’s display, a panoramic sunroof, an 8-speaker Sony sound system, dual-zone climate control, a powered tailgate and a wireless phone charger. It will be interesting to see what features are offered with the India-spec model sold by JSW Motors.

South Africa-spec Jaecoo J5 dashboard shown for representational purposes only.

In terms of safety, the international model gets 7 airbags, a 540-degree camera (surround-view camera with an under-bonnet view function), a tyre pressure monitoring system (TPMS) and an advanced driver assistance system (ADAS) suite. 

Jaecoo J5-based ICE SUV: Expected powertrain

Offered with a turbo-petrol and a strong hybrid petrol engine internationally

Depending on the market, the ICE-powered Jaecoo J5 gets either a turbo-petrol or a strong-hybrid engine option. The 1.5-litre turbo-petrol produces up to 156hp and 275Nm, and is mated to either a 7-speed DCT or a CVT, depending on the market. It allows for a 0-100kph sprint time of 10.2 seconds 

A strong-hybrid version has a 1.5-litre 4-cylinder turbo-petrol engine and an electric motor powered by a 1.83 kWh lithium-ion battery. Combined, this setup produces 224hp and 295Nm. It does a 0-100kph sprint in 7.9 seconds. Jaecoo claims a fuel efficiency of 18.9kpl, allowing a total range of around 1,000km. It will be interesting to see which powertrain option is offered with the India-spec model.

India launch timeline is yet to be revealed

UK-spec Jaecoo J5’s EV (left) and ICE (right) versions shown for representational purposes only.

JSW Motors is expected to start its India operations with the Diwali launch of the Jetour T2-derived hybrid SUV, followed by launches of the SUVs derived from the Jaecoo J5 and iCaur V23. Upon launch, JSW Motors’ Jaecoo J5-based ICE SUV will lock horns with midsize SUVs such as the Hyundai Creta, Tata Sierra, Maruti Suzuki Victoris, Renault Duster and Nissan Tekton. The EV version will rival the Hyundai Creta Electric, Mahindra BE 6, Tata Sierra EV, Vinfast VF6 and Maruti Suzuki eVitara. 

Gold Silver Price Today: एक ही दिन में ₹8900 सस्ती हुई चांदी, सोने का भी गिरा भाव

Gold Silver Price Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट वाला सोना ₹700 सस्ता होकर ₹1,46,300 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। सोमवार को इसका भाव ₹1,47,000 प्रति 10 ग्राम था।

वहीं, चांदी में बड़ी गिरावट देखने को मिली। इसका भाव ₹8,900 टूटकर ₹2,26,100 प्रति किलोग्राम रह गया। एक दिन पहले चांदी ₹2,35,000 प्रति किलो पर बंद हुई थी।

क्यों गिरे सोना-चांदी के दाम?

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, ज्वैलर्स और औद्योगिक खरीदारों की मांग कमजोर रहने से घरेलू बाजार में सोना और चांदी दबाव में रहे।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का क्या हाल?

वैश्विक बाजार में तस्वीर थोड़ी अलग रही। स्पॉट गोल्ड मामूली बढ़त के साथ 4,020.13 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। वहीं, स्पॉट सिल्वर करीब 1% चढ़कर 58.06 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।

आगे क्या रहेगा असर?

HDFC Securities के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक, सोमवार की बड़ी गिरावट के बाद सोने में रिकवरी की कोशिश जरूर दिखी, लेकिन तेजी ज्यादा नहीं टिक सकी।

उन्होंने कहा कि इसकी वजह कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, महंगाई बढ़ने की चिंता है। यह भी माना जा रहा है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकता है। यही वजह है कि फिलहाल सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है।

गोल्ड पर एक्सपर्ट की राय

LKP Securities के वीपी (कमोडिटी और करेंसी रिसर्च) जतीन त्रिवेदी का कहना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और मजबूत अमेरिकी डॉलर की वजह से सोने में बड़ी तेजी की संभावना फिलहाल सीमित दिख रही है। अब बाजार की नजर अमेरिका के CPI और Core CPI महंगाई के आंकड़ों पर है।

उन्होंने कहा कि अगर महंगाई उम्मीद से ज्यादा रहती है, तो अमेरिकी केंद्रीय बैंक Federal Reserve सख्त रुख बनाए रख सकता है। इससे डॉलर और मजबूत होगा और सोने पर दबाव बढ़ सकता है। वहीं, अगर महंगाई के आंकड़े उम्मीद से कम आते हैं, तो सोने को सहारा मिल सकता है। उनके मुताबिक, इन आंकड़ों से पहले सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

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Park Medi Share Price: इस साल अब तक 95% चढ़ा शेयर, लगा सकता है और 20% की छलांग, क्या आप करेंगे निवेश

Park Medi Share Price: हेल्थकेयर सेक्टर की दिग्गज कंपनी पार्क मेडी वर्ल्ड (Park Medi World) का शेयर जनवरी 2026 से अब तक 95 फीसदी से ज्यादा की तेजी दिखा टुका है। ऐसे में ब्रोकरेज फर्म चॉइस ब्रोकिंग (Choice Broking) ने इस स्टॉक पर अपनी Buy रेटिंग बनाए रखी है और शेयर के लिए 350 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है जो इसमें मौजूदा स्तर से 20 फीसदी की बढ़त की उम्मीद जताई है।

ब्रोकरेज ने अपने लेटेस्ट नोट में कहा, “हम FY28E पर कंपनी की वैल्यू 18x EV/EBITDA पर बनाए हुए हैं और इसलिए 350 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ अपनी ‘BUY’ रेटिंग बनाए रखते हैं।”ब्रोकरेज के मुताबिक, कंपनी अपने मौजूदा क्लस्टर्स को मजबूत करते हुए पूरे नॉर्थ इंडिया में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है।

ब्रोकरेज ने गुरुग्राम में आने वाले 100-बेड वाले पार्क हॉस्पिटल प्लैटिनम फैसिलिटी के बारे में बताया, जिसे मौजूदा 225-बेड वाले पालम विहार हॉस्पिटल के पास लगभग ₹25 करोड़ के कैपिटल खर्च से बनाया जा रहा है।

नए हॉस्पिटल के नवंबर 2026 में चालू होने की उम्मीद है और इसका मकसद मौजूदा फैसिलिटी में कैपेसिटी की कमी को कम करना है, जो FY26 में लगभग 86% ऑक्यूपेंसी पर चल रही थी और लगभग ₹25 करोड़ का रेवेन्यू कमा रही थी, जो गुरुग्राम मार्केट में मज़बूत डिमांड का संकेत है।

ब्रोकरेज को यह भी उम्मीद है कि उत्तराखंड के रुद्रपुर में हाल ही में ₹1.77 बिलियन में खरीदा गया 330-बेड वाला मेडिसिटी हॉस्पिटल एक ज़रूरी ग्रोथ इंजन बनेगा। अगले महीने के आखिर तक ऑपरेशन शुरू होने की उम्मीद है, जिसमें सभी 330 बेड पहले दिन से ही चालू हो जाएंगे। मैनेजमेंट पहले साल में ₹1 बिलियन रेवेन्यू, लगभग 20% EBITDA मार्जिन और लगभग 12% PAT मार्जिन का टारगेट कर रहा है, दूसरे साल ज़्यादा ऑक्यूपेंसी, हर बेड पर एवरेज रेवेन्यू (ARPOB) बढ़ने और बेहतर सुपर-स्पेशियलिटी मिक्स से इसमें और सुधार होगा।

कंपनी की ऑपरेटिंग ताकतों के बारे में बताते हुए, चॉइस इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ ने कहा, “क्लस्टर-बेस्ड ऑपरेटिंग मॉडल एक मुख्य अंतर बना हुआ है, जिससे आस-पास के हॉस्पिटल डॉक्टर, खास इक्विपमेंट और ऑपरेशनल रिसोर्स शेयर कर सकते हैं, जिससे इस्तेमाल, भर्ती और कुल मिलाकर ऑपरेटिंग एफिशिएंसी में सुधार होता है। मार्च 2028 तक कुल कैपेसिटी लगभग 5,590 बेड तक पहुंचने की उम्मीद है, जिसे एक्वायर किए गए हॉस्पिटल के चल रहे इंटीग्रेशन और मौजूदा सुविधाओं के विस्तार से सपोर्ट मिलेगा, जबकि मैनेजमेंट FY33 तक 10,000 बेड की उम्मीद कर रहा है।”

ब्रोकरेज ने बताया कि कंपनी की स्ट्रैटेजी बेड जोड़ने से कहीं आगे तक फैली हुई है। यह स्ट्रेटेजिक लोकेशन, हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी, विस्तार की संभावना और आकर्षक वैल्यूएशन पर संकटग्रस्त एसेट्स की उपलब्धता के आधार पर कम पहुंच वाले, तेज़ी से बढ़ने वाले हेल्थकेयर मार्केट में हॉस्पिटल खरीदने पर फोकस कर रहा है।

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Railway reforms : रेल मंत्री का रेलवे में 8 बड़े रिफॉर्म का एलान, किसानों से लेकर इंडस्ट्री तक को होगा फायदा

Railway reforms : रेलवे ने आज 8 बड़े रिफॉर्म का एलान किया है। अब प्राइवेट कंपनियां अपनी जरूरत के हिसाब से खुद वैगन तैयार कर सकेंगी। साथ ही फ्लाई ऐश,कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग, पेट्रोलियम और फर्टिलाइजर के लिए रेल ढुलाई के नियमों को भी सरल बनाया गया है। रेलवे की रिफॉर्म पॉलिसी के तहत फ्लाई ऐश की ढुलाई के लिए नई लोडिंग तकनीक अपनाई जाएगी। पावर प्लांट्स से उत्पन्न होने वाले फ्लाई ऐश के ट्रांसपोर्टेशन को सुरक्षित बनाया गया है। अब इसे खुले हुए वैगन में ट्रांसपोर्ट करने के बजाय कंटेनरों में ट्रांसपोर्ट किया जाएगा। खुले वैगन की जगह फ्लाई ऐश की कंटेनर में टॉप लोडिंग होगी। कंटेनर फ्रेट के लिए यूनिफाइड लाइसेंस सिस्टम होगा।

 कंटेनर के जरिए होगा फर्टिलाइजर का ट्रांसपोर्टेशन

फर्टिलाइजर ट्रांसपोर्ट के लिए नया सिस्टम होगा। जिससे फर्टिलाइजर के ट्रांसपोर्टेशन को तेज किया जा सकेगा। इस सुधार के तहत फर्टिलाइजर का ट्रांसपोर्टेशन अब कंटेनर के जरिए होगा।

ठेकेदारों के लिए नियम सख्त

ठेकेदारों के लिए नियम सख्त किए गए है। भारतीय रेल कंस्ट्रक्शन की क्वालिटी के लिए कॉन्ट्रैक्टर के कामों की जांच होगी। कॉन्ट्रैक्टरों से परफॉरमेंस सिक्यॉरिटी के रूप में 10 फीसदी राशि ली जाएगी। स्ट्रांग एलिजिबिलिटी के लिए पेंडिंग लिटिगेशन नेटवर्थ के 50 फीसदी से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। ऑल रिस्क इंश्योरेंस पॉलिसी सिस्टम लागू होगा। रेल भूमि पोर्टल लॉन्च किया जाएगा।

 निजी स्टील कंपनियां डिजाइन कर सकेंगी वैगन 

अब निजी स्टील कंपनियां वैगन डिजाइन कर सकेंगी। अलग-अलग इंडस्ट्री भी आसान इस्तेमाल के लिए वैगन को डिजाइन कर सकेंगी। इन वैगनों को RDSO चेक करेगा। पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के सुरक्षित और आसान ट्रांसपोर्टेशन के लिए अब पेट्रोलियम कंपनियां अपना खुद का टैंक वैगन तैयार करा सकती हैं। अभी पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के ट्रांसपोर्टेशन लिए रेलवे द्वारा बनाए गए टैंक वैगन ही इस्तेमाल किए जा रहे हैं।

अब सिर्फ कुशल लोगों को ही मिलेंगे रेल इंफ्रा से जुड़े काम

रेलवे इंफ्रा सेक्टर में काम करने वाले लोगों के लिए स्किल का सर्टिफिकेशन और स्किल का टेस्ट,दोनों जरूरी कर दिया है। अब सिर्फ कुशल लोगों को ही रेल इंफ्रा से जुड़े काम दिए जाएंगे।

लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा, कंटेनर बिजनेस में नए प्लेयर्स की एंट्री होगी आसान 

एक और रिफॉर्म के तहत फूडग्रेन्स,आटा,मैदा,बेसन,दालों आदि के ट्रांसपोर्टेशन को ज्यादा सुरक्षित और आसान बनाने के लिए अब कंटेनरों का इस्तेमाल किया जाएगा। सरकार के इस कदम से लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा और कंटेनर बिजनेस में नए प्लेयर्स की एंट्री आसान होगी।

 इस साल कुल 52 सुधारों का लक्ष्य

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज रेलवे में किए जा रहे इन सुधारों के बारे में अहम जानकारी दी। रेल मंत्री ने बताया कि बीते 2-3 चरणों में रेलवे में 9 बड़े सुधार किए गए हैं। आज उन्होंने रेलवे में किए गए इन 8 नए सुधारों की जानकारी दी। इसके साथ ही,भारतीय रेल में अब तक कुल 17 बड़े सुधार किए जा चुके हैं। गौरतलब है कि रेल मंत्रालय ने इस साल कुल 52 सुधारों का लक्ष्य रखा है।

 

 

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Indian Railways New Rules: भारतीय रेलवे ने टिकट कैंसिल करने के सिस्टम में किया बड़ा बदलाव, रिफंड का नियम बदला, नया स्लैब जानिए

Railway Ticket Cancel Rule: भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को बढ़ाने और अपनी व्यवस्था को अधिक कुशल बनाने के लिए टिकट कैंसिलेशन, रिफंड और बोर्डिंग नियमों में बड़े बदलावों की घोषणा की है। ये बदलाव रेलवे द्वारा शुरू किए गए 52 हफ्तों में 52 सुधार कार्यक्रम का हिस्सा हैं। इसके तहत बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, टिकट कैंसिलेशन, यात्री बोर्डिंग और माल परिवहन को कवर करने वाले पांच नए सुधारों की घोषणा की गई है। सीएनबीसी टीवी 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन बड़े सुधारों की जानकारी दी है। आइए जानते हैं कि टिकट कैंसिल कराने पर अब आपको कितना रिफंड मिलेगा और रेलवे के अन्य नए नियम क्या हैं।

टिकट कैंसिलेशन और रिफंड के नए नियम: जानें नया स्लैब

रेलवे ने टिकट कैंसिलेशन और रिफंड के नियमों को पूरी तरह से बदल दिया है। अब ट्रेन छूटने के समय के आधार पर रिफंड के लिए निम्नलिखित स्लैब तय किए गए हैं-

ट्रेन प्रस्थान से 72 घंटे से अधिक पहले: Dij कोई यात्री ट्रेन छूटने से 72 घंटे से अधिक समय पहले अपना टिकट कैंसिल करता है तो उसे सिर्फ प्रति यात्री एक फ्लैट न्यूनतम कैंसिलेशन शुल्क देना होगा।

72 घंटे से 24 घंटे के बीच: अगर टिकट को ट्रेन प्रस्थान से 72 घंटे और 24 घंटे के बीच कैंसिल किया जाता है तो टिकट किराए का 25% हिस्सा कैंसिलेशन शुल्क के रूप में काटा जाएगा।

24 घंटे से 8 घंटे के बीच: ट्रेन छूटने से 24 घंटे और 8 घंटे के बीच टिकट कैंसिल करने पर यात्रियों को सिर्फ 50% किराया ही रिफंड के रूप में वापस मिलेगा (यानी 50% चार्ज कटेगा)।

8 घंटे से कम समय बचे होने पर: अगर ट्रेन प्रस्थान करने में 8 घंटे से कम का समय बचा है और तब टिकट कैंसिल किया जाता है तो यात्री को कोई रिफंड नहीं दिया जाएगा।

देश के किसी भी काउंटर से कैंसिल होगा टिकट

यात्रियों की सुविझा के लिए रेलवे ने नियम बनाया है कि अब काउंटर टिकटों को देश के किसी भी रेलवे रिजर्वेशन काउंटर पर कैंसिल कराया जा सकेगा। पहले यह सुविधा सिर्फ उसी स्टेशन पर उपलब्ध थी जहां से टिकट बुक किया गया था।

चार्ट बनने का झंझट खत्म, 30 मिनट पहले तक बदलें बोर्डिंग स्टेशन

अब यात्री ट्रेन के प्रस्थान करने से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे। इससे पहले का नियम यह था कि बोर्डिंग स्टेशन में बदलाव केवल रिजर्वेशन चार्ट तैयार होने से पहले तक ही किया जा सकता था।

रेलवे ठेकेदारों के लिए नियम हुए सख्त

इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को गति देने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए रेलवे ठेकेदारों की पात्रता के नियमों को कड़ा कर दिया गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल प्रासंगिक अनुभव वाले ठेकेदार ही प्रमुख रेलवे कार्यों को अपने हाथ में लें। रेलवे मंत्रालय के मुताबिक इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन कॉन्ट्रैक्ट के लिए बोली लगाने वाली कंपनियों के पास अब अतीत में कम से कम 20% समान कार्य पूरा करने का अनुभव होना अनिवार्य है।

निविदा प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए बिड सिक्योरिटी को परियोजना मूल्य का 2% तय किया गया है। इसके अलावा ₹10 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं के लिए निविदा में भाग लेने की अनुमति देने से पहले ठेकेदारों की बोली लगाने की क्षमता का भी मूल्यांकन किया जाएगा।

माल परिवहन में सुधार: नमक के लिए विशेष कंटेनर

रेलवे ने माल परिवहन को और बेहतर बनाने के लिए भी सुधारों की घोषणा की है। ऑटोमोबाइल के परिवहन के लिए सिंगल-स्टैक और डबल-स्टैक वैगनों की शुरुआत की जा रही है। नमक के परिवहन के लिए मंत्रालय नए स्टेनलेस स्टील कंटेनर पेश कर रहा है जिन्हें ऊपर से लोड और साइड से अनलोड किया जा सकता है। इस नई प्रणाली से जंग, पानी के रिसाव और रखरखाव के नुकसान को कम करने की उम्मीद है। इससे नमक को सीधे उत्पादन स्थलों पर लोड कर विभिन्न परिवहन माध्यमों से अधिक कुशलता से भेजा जा सकेगा।

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