कौन हैं डॉ.कैरिना जिन्हें मिलेगी एपस्टीन की अरबों की संपत्ति! मौत से पहले दी थी 33 कैरेट की हीरे की अंगूठी

जेफरी एपस्टीन की मौत से ठीक पहले बनाई गई ट्रस्ट में उनकी गर्लफ्रेंड को सबसे ज्यादा हिस्सा देने का खुलासा हुआ है। जेफरी एपस्टीन की संपत्ति के दस्तावेजों में कहीं एक बेशकीमती हीरे की अंगूठी का जिक्र है, जिसे शादी के विचार के साथ एक महिला के लिए रखा गया था। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, वह महिला 37 वर्षीय बेलारूसी डेंटिस्ट डॉ. कैरिना शुलियाक हैं। कैरिना, एपस्टीन की गर्लफ्रेंड थी और दोनों करीब आठ साल तक साथ रहे थे। कई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बेलारूस में जन्मी अमेरिकी डेंटिस्ट डॉ. कैरिना शुलियाक को जेफरी एपस्टीन की संपत्ति से 100 मिलियन डॉलर तक मिल सकता है।

एपस्टीन की संपत्ति का बड़ा हिस्सा डॉ. कैरिना के नाम

डॉ. कैरिना शुलियाक हाल तक अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर के ब्रुकलिन में डेंटिस्ट के रूप में काम कर रही थीं। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि वह जेफरी एपस्टीन की करीबी साथी थीं। बताया जाता है कि अगस्त 2019 में न्यूयॉर्क की जेल में आत्महत्या करने से पहले एपस्टीन ने आखिरी बार उन्हें ही फोन किया था। ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों करीब आठ साल तक रिश्ते में रहे। अपनी मौत से कुछ समय पहले जेफरी एपस्टीन ने अपनी वसीयत में बदलाव किया था और अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा डॉ. कैरिना शुलियाक के नाम कर दिया था। यह भी दावा किया गया है कि उन्होंने उन्हें 33 कैरेट की हीरे की अंगूठी दी थी। एक हाथ से लिखे गए नोट में कथित तौर पर एपस्टीन ने लिखा था कि यह अंगूठी “शादी के इरादे से” दी गई थी।

मिल सकते हैं 100 मिलियन डॉलर

जेफरी एपस्टीन की मौत के समय उनकी कुल संपत्ति करीब 600 मिलियन डॉलर आंकी गई थी। हालांकि, बाद में पीड़ितों को मुआवजा देने, समझौता राशि चुकाने और अन्य कानूनी खर्चों के बाद उनकी बची हुई संपत्ति 120 से 200 मिलियन डॉलर के बीच मानी जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस संपत्ति में से डॉ. कैरिना शुलियाक को 100 मिलियन डॉलर तक मिल सकते हैं।

कौन हैं डॉ. कैरिना शुलियाक

रिपोर्ट्स के मुताबिक, डॉ. कैरिना शुलियाक साल 2010 में स्टूडेंट वीजा पर बेलारूस से अमेरिका के न्यूयॉर्क आई थीं। उनका सपना डेंटिस्ट बनने का था। बताया जाता है कि जेफरी एपस्टीन ने उन्हें कोलंबिया यूनिवर्सिटी के डेंटल स्कूल में दाखिला दिलाने में मदद की थी। इतना ही नहीं, उन्होंने उनकी पढ़ाई, रहने के लिए घर और दूसरे खर्च भी उठाए थे। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि एपस्टीन ने शादी के जरिए उन्हें अमेरिकी ग्रीन कार्ड दिलाने में मदद की थी। इसके बाद वर्ष 2018 में डॉ. कैरिना शुलियाक अमेरिका की नागरिक बन गईं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जेफरी एपस्टीन ने डॉ. कैरिना शुलियाक की डेंटल स्कूल की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाया था।

कोलंबिया यूनिवर्सिटी में उनका दाखिला होने के बाद उन्होंने उनकी मां को भी बेलारूस से अमेरिका बुलाने का इंतजाम कराया था। बताया जाता है कि वर्ष 2012 में डॉ. कैरिना शुलियाक ने एक संदेश में एपस्टीन का धन्यवाद करते हुए लिखा था कि उन्होंने उनकी पढ़ाई, रहने के लिए घर और उनके माता-पिता की मदद की। उन्होंने उस मैसेज में एपस्टीन को “सबसे नेक इंसान” भी बताया था। ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ की रिपोर्ट के अनुसार, डॉ. कैरिना शुलियाक ने कभी खुद को जेफरी एपस्टीन के पीड़ितों में शामिल नहीं बताया। वहीं, अमेरिकी जांच एजेंसियों ने भी उन पर एपस्टीन के यौन तस्करी से जुड़े मामलों में किसी तरह की संलिप्तता का आरोप नहीं लगाया है। जेफरी एपस्टीन ने 10 अगस्त 2019 को न्यूयॉर्क के मैनहट्टन स्थित मेट्रोपॉलिटन करेक्शनल सेंटर जेल में आत्महत्या कर ली थी। उस समय वह संघीय स्तर पर यौन तस्करी के आरोपों का सामना कर रहे थे और उनके खिलाफ मुकदमा चल रहा था। अधिकारियों ने उनकी मौत को आधिकारिक तौर पर आत्महत्या माना था।

‘हमने बहुत बड़ी गड़बड़ की’ वेंस ने माना कि ट्रम्प प्रशासन ने एपस्टीन फाइलों को जारी करने में ‘गलती’ की

जेफ्री एपस्टीन केस से जुड़ी फाइलों को लेकर लंबे समय से अमेरिका में राजनीतिक बहस चल रही है। वहीं, अब पहली बार अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने खुलकर स्वीकार किया है कि इन फाइलों को सार्वजनिक करने के तरीके में ट्रंप प्रशासन से बड़ी चूक हुई है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि सरकार का मकसद किसी जानकारी को छिपाना नहीं था, बल्कि लोगों तक पूरे मामले को सही ढंग से पहुंचाने में कमी रह गई।

बुधवार को जारी “द जो रोगन एक्सपीरियंस” पॉडकास्ट में वेंस ने कहा कि ट्रंप प्रशासन ने इन फाइलों को लेकर लोगों की उम्मीदें बहुत बढ़ा दी थीं। लेकिन जब फाइलों में लोगों की उम्मीद के मुताबिक कोई बड़ा खुलासा नहीं हुआ, तो सरकार इस बारे में सही तरीके से लोगों से बात नहीं कर पाई और यही सबसे बड़ी गलती रही।

वेंस ने कहा, “अगर लोग कहना चाहते हैं कि हमने एपस्टीन मामले की जानकारी जारी करने में गड़बड़ी की, तो हम दोषी हैं। हमने सच में गड़बड़ी की।” उन्होंने आगे कहा कि समस्या कम्युनिकेशन स्ट्रेटेजी (बातचीत के तरीके) में थी, न कि किसी गलत काम को छिपाने की कोशिश में।

उन्होंने ने कहा, “मैं यह बात पूरी ईमानदारी से कह रहा हूं कि हमने एपस्टीन फाइलों से जुड़ी जानकारी देने में बहुत बड़ी गलती की, जैसा कि अभी हुआ।” “लेकिन क्या मुझे लगता है कि कम्युनिकेशन में गड़बड़ी इसलिए हुई क्योंकि हम कुछ छिपाने की कोशिश कर रहे थे? नहीं।”

वेंस ने ट्रंप का बचाव किया

इंटरव्यू के दौरान, वेंस ने एपस्टीन से जुड़े आरोपों को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बचाव किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने जारी की गई ज्यादातर जानकारी देखी है और उन्हें ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे पता चले कि ट्रंप ने कोई गलत काम किया है।

वेंस का दावा है कि एपस्टीन के इंटेलिजेंस एजेंसियों से संबंध थे

पॉडकास्ट के दौरान, वाइस प्रेसिडेंट ने इंटेलिजेंस एजेंसियों के साथ एपस्टीन के कथित संबंधों के बारे में भी दावे किए। होस्ट जो रोगन की उन टिप्पणियों का जवाब देते हुए जिनमें एपस्टीन के मोसाद से संबंध होने की अटकलों का जिक्र था, वेंस ने कहा कि एपस्टीन के अमेरिका और इजरायल, दोनों देशों की इंटेलिजेंस एजेंसियों के “सबसे ऊंचे स्तर” के लोगों से संबंध थे।

वेंस ने कहा, “साफ तौर पर जेफ्री एपस्टीन के अमेरिकी इंटेलिजेंस के सबसे ऊंचे स्तरों और इजरायली इंटेलिजेंस के सबसे ऊंचे स्तरों से संबंध थे।”

उन्होंने आगे कहा कि ऐसा लगता था कि एपस्टीन के इजरायली “डीप स्टेट” के कुछ ऐसे लोगों से भी संबंध थे, जिन्हें राजनीतिक रूप से वामपंथी (लेफ्ट ऑफ सेंटर) माना जाता है। वेंस ने कहा, “मुझे हमेशा यह बात दिलचस्प लगी कि एपस्टीन के संबंध इजरायल की राजनीति के वामपंथी माने जाने वाले प्रभावशाली लोगों से ज्यादा दिखते हैं। ऐसा नहीं था कि उसके रिश्ते दक्षिणपंथी (राइट ऑफ सेंटर) नेताओं या समूहों से बहुत मजबूत थे।”

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Warren Buffett: वॉरेन बफे 2034 तक अपनी पूरी संपत्ति दान करेंगे, बिल गेट्स फाउंडेशन को नहीं मिला कोई पैसा

Warren Buffett: दुनिया के दिग्गज निवेशक वॉरेन बफे ने इस साल अपनी सालाना चैरिटी डोनेशन में Bill Gates Foundation को शामिल नहीं किया। उन्होंने करीब 6 अरब डॉलर (करीब ₹50,000 करोड़) का दान अपने परिवार से जुड़ी चार फाउंडेशन को देने का ऐलान किया। मंगलवार को जारी बयान में उन्होंने Bill Gates Foundation का कोई जिक्र नहीं किया।

2034 तक पूरी संपत्ति दान करेंगे

बफे ने यह भी कहा कि उनकी बची हुई Berkshire Hathaway की हिस्सेदारी 31 दिसंबर 2034 तक पूरी तरह दान कर दी जाएगी। इसकी मौजूदा कीमत करीब 146 अरब डॉलर है।

पहले योजना यह थी कि उनके निधन के बाद उनके तीन बच्चे 10 साल के भीतर उनकी संपत्ति दान करेंगे। अब बफे ने इस प्रक्रिया को पहले ही पूरा करने का फैसला किया है।

Bill Gates Foundation क्यों नहीं शामिल?

बफे ने इस फैसले की वजह नहीं बताई। हालांकि, यह फैसला ऐसे समय आया है जब बिल गेट्स के दिवंगत फाइनेंसर जॉफ्री एपस्टीन (Jeffrey Epstein )से संबंधों को लेकर फिर चर्चा हो रही है।

बिल गेट्स ने हमेशा कहा है कि उन्हें Epstein के अपराधों की जानकारी नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि Epstein से उनकी मुलाकात सिर्फ चैरिटी के लिए फंड जुटाने की उम्मीद में हुई थी। बिल गेट्स पर किसी तरह का आपराधिक आरोप नहीं लगा है।

पहले सबसे ज्यादा दान Gates Foundation को मिला

2006 में अपनी संपत्ति दान करने का ऐलान करने के बाद से बफे 61 अरब डॉलर से ज्यादा की रकम Bill Gates Foundation को दे चुके हैं। हर साल वह Berkshire Hathaway के शेयर Gates Foundation और अपने बच्चों की फाउंडेशन को दान करते रहे हैं।

कभी गहरे दोस्त थे Buffett और Gates

एक समय वॉरेन बफे और बिल गेट्स बेहद करीबी दोस्त थे। दोनों अक्सर मिलते थे, साथ में छुट्टियां बिताते थे और ऑनलाइन ब्रिज खेलते थे। गेट्स कई साल तक Berkshire Hathaway के बोर्ड में रहे। वहीं, बफे भी Gates Foundation के बोर्ड का हिस्सा थे।

हालांकि, बफे ने इसी साल CNBC को बताया था कि 2025 में Epstein से जुड़े दस्तावेज सामने आने के बाद से उनकी गेट्स से कोई बातचीत नहीं हुई है।

Epstein मामले पर क्या बोले बफे?

बफे ने कहा कि Jeffrey Epstein लोगों की कमजोरियों का फायदा उठाने में माहिर था। उन्होंने कहा कि वह किसी ऐसे मामले से जुड़ना नहीं चाहते, जिसकी भविष्य में जांच हो सकती हो।

उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें हैरानी होती है कि इतने प्रभावशाली और अमीर लोग Epstein के जाल में कैसे फंस गए। वहीं, Gates Foundation ने बताया है कि उसने Epstein से जुड़े पुराने संबंधों की समीक्षा शुरू कर दी है और भविष्य में ऐसी साझेदारियों की जांच के नियम भी मजबूत किए जा रहे हैं।

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