EPS Scheme 2026: अब चुटकियों में क्लेम होगा पेंशन का पैसा! नियमों में हुआ बड़ा बदलाव, परिवार को मिलेंगे ये 5 बड़े फायदे

EPFO EPS Scheme 2026 Rules: नौकरीपेशा लोगों के लिए रिटायरमेंट के बाद नियमित आय का सबसे बड़ा सहारा इंप्लॉइज पेंशन स्कीम (EPS) होती है। हाल ही में सरकार ने पुराने नियमों को बदलते हुए EPS 2026 को लागू कर दिया है, जो पुराने EPS-95 की जगह लेगा। नए नियमों के तहत अब पेंशन क्लेम की प्रक्रिया को बेहद आसान और समयबद्ध बना दिया गया है।

आइए बेहद आसान भाषा में समझते हैं कि आप अपना ईपीएस पेंशन क्लेम कैसे कर सकते हैं और इस नई स्कीम में आपके परिवार को कौन से 5 बड़े पेंशन फायदे मिलते हैं।

EPS क्लेम करने से पहले चेक करें अपनी योग्यता

ईपीएस पेंशन का लाभ उठाने के लिए आपका योग्य होना जरूरी है। इसके लिए मुख्य शर्तें ये हैं:

10 साल की सेवा: ईपीएस के तहत मासिक पेंशन पाने के लिए कर्मचारी की न्यूनतम पेंशन योग्य सेवा 10 वर्ष होनी चाहिए।

उम्र सीमा: सामान्य तौर पर सदस्य 58 वर्ष की आयु पूरी होने पर मासिक पेंशन पाने का हकदार होता है। हालांकि, 10 साल की सेवा पूरी करने वाले सदस्य 50 वर्ष की उम्र से ही ‘अंतिम राहत’ के तौर पर अर्ली पेंशन ले सकते हैं, लेकिन इसमें पेंशन की राशि थोड़ी कम हो जाती है।

विड्रॉल बेनिफिट: जिन कर्मचारियों की सेवा 10 वर्ष से कम है, वे पेंशन के बजाय एकमुश्त विड्रॉल बेनिफिट का दावा कर सकते हैं।

KYC अपडेट रखना है सबसे जरूरी

पेंशन क्लेम में किसी भी तरह की देरी से बचने के लिए आपका ईपीएफओ रिकॉर्ड बिल्कुल अपडेट होना चाहिए।

आपके ईपीएफ खाते में आधार, बैंक खाता संख्या, पैन और जन्म तिथि बिल्कुल सही होनी चाहिए।

आपका यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) एक्टिवेट होना चाहिए और वह आधार से लिंक होना चाहिए। अगर आपके दस्तावेजों और ईपीएफ खाते की जानकारियों में थोड़ा भी अंतर होगा, तो आपका क्लेम रिजेक्ट हो सकता है।

सही फॉर्म का चुनाव करें

आप किस तरह का लाभ लेना चाहते हैं, फॉर्म का चुनाव उसी पर निर्भर करता है:

फॉर्म 10D (Form 10D): अगर आप अपनी पात्रता पूरी कर चुके हैं और हर महीने मिलने वाली नियमित पेंशन का दावा करना चाहते हैं, तो आपको फॉर्म 10D भरना होगा।

फॉर्म 10C (Form 10C): अगर आपकी सेवा 10 वर्ष से कम है और आप पेंशन फंड में जमा पूरी रकम एकमुश्त निकालना चाहते हैं, तो आपको फॉर्म 10C भरना होगा।

पेंशन क्लेम की ऑनलाइन प्रक्रिया और नया 20-डे रूल

अब आपको ईपीएस क्लेम के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। आप ईपीएफओ मेंबर पोर्टल पर जाकर अपने यूएएन और पासवर्ड के जरिए लॉगिन करके सीधे ऑनलाइन क्लेम फॉर्म भर सकते हैं और इसे आधार ओटीपी के जरिए सत्यापित कर सकते हैं।

20 दिनों का सख्त नियम: EPS 2026 के नए नियमों के तहत अब कमिश्नर को आपका पेंशन क्लेम आवेदन मिलने के 20 दिनों के भीतर निपटाना होगा। अगर बिना किसी ठोस वजह के क्लेम सेटल होने में 20 दिनों से ज्यादा की देरी होती है, तो देरी की अवधि के लिए 12% सालाना की दर से ब्याज दिया जाएगा और यह ब्याज संबंधित अधिकारी की सैलरी से भी वसूला जा सकता है।

EPS 2026: परिवार को मिलने वाले 5 बड़े पेंशन बेनिफिट्स

ईपीएस स्कीम का सबसे खूबसूरत पहलू यह है कि यह केवल कर्मचारी को ही नहीं, बल्कि उसके न रहने पर परिवार को भी सामाजिक सुरक्षा देती है। स्कीम के तहत मिलने वाले 5 बड़े फायदे ये हैं:

1. विधवा/विधुर पेंशन: ईपीएफ सदस्य की मृत्यु होने पर उसकी पत्नी या पति को आजीवन पेंशन मिलती है। यह पेंशन उनके दोबारा शादी करने या मृत्यु होने तक जारी रहती है।

2. बच्चों के लिए पेंशन: सदस्य की मृत्यु के बाद पत्नी के साथ-साथ दो बच्चों को भी (25 वर्ष की आयु पूरी होने तक) मासिक पेंशन का लाभ मिलता है। यह राशि विधवा पेंशन की 25% के बराबर होती है।

3. अनाथ बच्चों के लिए पेंशन: अगर सदस्य और उसकी पत्नी दोनों की मृत्यु हो जाती है, तो बच्चों को अनाथ पेंशन दी जाती है। यह राशि सामान्य बाल पेंशन से काफी अधिक (विधवा पेंशन की 75% तक) होती है।

4. नॉमिनी पेंशन: अगर सदस्य अविवाहित है या उसका कोई परिवार नहीं है, तो सदस्य द्वारा ई-नॉमिनेशन में फॉर्म 2 के जरिए तय किए गए नामांकित व्यक्ति को आजीवन पेंशन दी जाती है।

5. आश्रित माता-पिता को पेंशन: अगर मृत सदस्य का कोई परिवार, बच्चे या नॉमिनी नहीं है, तो उसके आश्रित माता-पिता (पहले मां और फिर पिता) को पेंशन का लाभ दिया जाता है।

Tata Elxsi share: Q1 नतीजों के बाद शेयर 6% टूटा, अब खरीदें, बेचें या रहें बनें, जानें एक्सपर्ट की राय

Tata Elxsi Share Price: टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा एलेक्सी ( Tata Elxsi) के शेयर 15 जुलाई को  6 फीसदी टूट गए और ₹3,473.75 पर आ गया, जो 52 हफ़्ते का सबसे निचला लेवल है।दरअसल,   कंपनी के तिमाही नतीजे बाजार को पसंद नहीं आए।  टाटा ग्रुप की कंपनी ने जून तिमाही में प्रॉफिट में भारी गिरावट की रिपोर्ट दी, जबकि रेवेन्यू काफी हद तक स्ट्रीट के अनुमानों के मुताबिक ही रहा। यहीं कारण है कि  शेयर आज निफ्टी 500 में भी टॉप लूजर में शामिल है।

इंजीनियरिंग और डिज़ाइन सर्विस फर्म ने लगातार 1.3% की कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ की रिपोर्ट दी, जो एनालिस्ट की 1.2% की उम्मीदों से काफी हद तक मेल खाती है। हालांकि, EBIT मार्जिन तिमाही-दर-तिमाही 340 बेसिस पॉइंट्स घटकर 21.2% हो गया, जो स्ट्रीट के 22% के अनुमान से कम है।

मार्जिन में गिरावट मुख्य रूप से बड़ी डील ट्रांज़िशन कॉस्ट, कस्टमर से जुड़े खर्च, ऑनसाइट सेल्स और डिलीवरी कैपेबिलिटी में इन्वेस्टमेंट, ज़्यादा सबकॉन्ट्रैक्टिंग कॉस्ट, टैलेंट इन्वेस्टमेंट और कुछ एक बार के सालाना खर्चों की वजह से हुई।

मैनेजमेंट ने बताया कि जून तिमाही में मार्जिन पर दबाव सबसे ज़्यादा था, लेकिन यह भी चेतावनी दी कि सितंबर तिमाही पर सालाना सैलरी हाइक का असर पड़ेगा।

अब क्या करें, जानें क्या कहते है ब्रोकरेजज

JP मॉर्गन ने टाटा एलेक्सी पर अपनी ‘neutral’ रेटिंग बनाए रखी और प्राइस टारगेट ₹3,500 रखा है। ब्रोकरेज ने इस तिमाही को मिला-जुला बताया, जिसमें रेवेन्यू उम्मीद से थोड़ा ज़्यादा रहा लेकिन प्रॉफिटेबिलिटी काफी कम रही।

रेवेन्यू ग्रोथ मीडिया और टेलीकॉम वर्टिकल की वजह से हुई, जबकि ऑटोमोटिव और हेल्थकेयर बिज़नेस दबाव में रहे। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि मीडिया और टेलीकॉम में मोमेंटम बना रहेगा, जिसे हाल की डील्स और प्रोजेक्ट रैंप-अप से सपोर्ट मिला है।हालांकि, JPMorgan ने कहा कि FY27 में हाई सिंगल-डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ देने का कंपनी का टारगेट हेल्थकेयर सेगमेंट में रिकवरी पर निर्भर करता है, जहां विजिबिलिटी अभी भी अनिश्चित है।

ब्रोकरेज ने यूरोपियन ऑटोमोटिव मार्केट में लगातार मुश्किलों पर मैनेजमेंट की कमेंट्री को भी हाईलाइट किया, जो टाटा एलेक्सी के ऑटोमोटिव बिज़नेस का 40% से ज़्यादा हिस्सा है।

 JPMorgan 

मार्जिन पर, JPMorgan ने कहा कि यह तेज गिरावट डील ट्रांज़िशन कॉस्ट, रैंप-अप खर्च, ऑनसाइट डिलीवरी इन्वेस्टमेंट, टैलेंट एडिशन, कस्टमर-रिलेटेड प्रोविजन और एक बार की सालाना कॉस्ट के कॉम्बिनेशन की वजह से हुई। हालांकि इनमें से कुछ कॉस्ट अगले एक से दो क्वार्टर में कम होने की उम्मीद है, लेकिन दूसरों को नॉर्मल होने में ज़्यादा समय लग सकता है।

इस वजह से, जेपी मॉर्गन को सिर्फ़ तीसरी तिमाही से मार्जिन बढ़ने की उम्मीद है और उसने FY27-FY29 के लिए अपने अर्निंग्स एस्टिमेट्स में 1-13% की कटौती की है, जिसका मुख्य कारण कम मार्जिन का अंदाज़ा है।

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ 

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ ने स्टॉक पर अपनी ‘Sell’ रेटिंग बनाए रखी और प्राइस टारगेट ₹3,000 रखा है।ब्रोकरेज ने कहा कि टाटा एलेक्सी ने इन-लाइन रेवेन्यू दिया लेकिन प्रॉफिटेबिलिटी पर निराश किया। जहां मीडिया और कम्युनिकेशंस सेगमेंट को डील रैंप-अप से फ़ायदा हुआ, वहीं ट्रांसपोर्टेशन और मेडिकल डिवाइसेज़ बिज़नेस में मामूली गिरावट आई।

कोटक ने मार्जिन मिस के लिए डील ट्रांज़िशन कॉस्ट और गो-टू-मार्केट (GTM) और डिलीवरी कैपेबिलिटीज़ में अपफ्रंट इन्वेस्टमेंट को ज़िम्मेदार ठहराया। उसका मानना ​​है कि कॉस्ट इन्फ्लेशन का एक बड़ा हिस्सा स्ट्रक्चरल है और प्रॉफिटेबिलिटी पर इसका असर जारी रह सकता है।

ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि टाटा एलेक्सी अपने सेल्स ऑर्गनाइज़ेशन, खासकर अपनी डील-हंटिंग क्षमताओं में इन्वेस्टमेंट को बढ़ा रही है, कुछ समय के कम इन्वेस्टमेंट के बाद।

ऑटोमोटिव बिज़नेस पर, कोटक को उम्मीद है कि ग्लोबल ऑटोमेकर्स द्वारा R&D खर्च कैलेंडर ईयर 2026 तक कम रहेगा, जिसका कारण जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता, इंडस्ट्री में गिरावट और चीनी OEMs से बढ़ते कॉम्पिटिशन को बताया गया है। इसने यह भी कहा कि कई ऑटोमेकर्स ने कमजोर डिमांड के कारण नए व्हीकल डेवलपमेंट प्रोग्राम में या तो देरी की है या उन्हें कैंसिल कर दिया है।

मुश्किल डिमांड के माहौल और ठीक-ठाक मार्जिन आउटलुक को देखते हुए, कोटक ने FY27-FY29 के लिए अपने कमाई के अनुमानों में 10-14% की कमी की है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

SBI Funds IPO: दूसरे दिन शेयर पर 16% जीएमपी, क्या पैसे लगाने से होगी जबर्दस्त कमाई?

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के आईपीओ को इनवेस्टर्स का जबर्दस्त रिस्पॉन्स मिला है। खुलने के दूसरे दिन यह इश्यू सुबह 10 बजे तक करीब 70 फीसदी सब्सक्राइब हो गया। कंपनी आईपीओ में कुल 12.45 शेयर इश्यू करेगी, जबकि अब तक 8.50 करोड़ शेयरों के लिए बोली मिल चुकी है। सबसे ज्यादा रिस्पॉन्स नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NIIs) कैटेगरी में आई है। इस कैटेगरी में यह इश्यू 1.4 गुना सब्सक्राइब हुआ है। रिटेल इनवेस्टर्स कैटेगरी में 62 फीसदी सब्सक्राइब हुआ है।

16 फीसदी ज्यादा प्राइस पर हो सकती है शेयर की लिस्टिंग

ग्रे मार्केट में भी कंपनी के शेयरों को लेकर सेंटिमेंट काफी स्ट्रॉन्ग है। मार्केट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म्स इनवेस्टरगेन और आईपीओ वॉच के मुताबिक, ग्रे मार्केट में इस शेयर पर प्रति शेयर करीब 88 रुपये का प्रीमियम चल रहा है। इससे यह संकेत मिलता है कि शेयर 574 रुपये के प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल के मुकाबले करीब 15.77 फीसदी ऊपर लिस्ट हो सकता है। इनवेस्टर्स करीब 662 रुपये के प्राइस पर शेयर की लिस्टिंग की उम्मीद लगा सकते है।

SBI और अमुंडी ओएफएस में बेच रही हिस्सेदारी

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट ने प्रति शेयर 545-574 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) है। इसका मतलब है कि प्रमोटर्स हिस्सेदारी बेचेंगे। इस इश्यू से एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट को कोई पैसा नहीं मिलेगा। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और अमुंडी इंडिया होल्डिंग ओएफएस में अपनी हिस्सेदारी बेच रही हैं। एसबीआई देश का सबसे बड़ा बैंक है। वह एसबीआई फंड मैनेजमेंट की पेरेंट कंपनी है।

स्वस्तिका ने दी सब्सक्राइब की रेटिंग

ब्रोकरेज फर्मों की इस आईपीओ के बारे में राय पॉजिटिव है। स्वस्तिका इनवेस्टमार्ट ने इस इश्यू को ‘सब्सक्राइब’ रेटिंग दी है। उसने कहा है कि एसबीआई फंड म्यूचुअल फंड की देश की सबसे बड़ी कंपनी है। इसकी मुनाफा बनाने की क्षमता अच्छी है। शेयरों की वैल्यूएशन भी वाबिज है।

जियोजित की भी निवेश करने की सलाह

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज ने भी इस इश्यू में निवेश की सलाह दी है। उसने कहा है कि प्राइस बैंड के 574 रुपये के ऊपरी स्तर पर एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट की वैल्यूएशन पी/R रेशियो का 38 गुना है। यह शेयर बाजार में लिस्टेड दूसरी म्यूचुअल फंड्स कंपनियों की वैल्यूएशंस के मुकाबले कम है।

21 जुलाई को शेयर हो सकते हैं लिस्ट

एसबीआई म्यूचु्अल फंड्स के शेयरों का एलॉटमेंट 17 जुलाई को होने की उम्मीद है। शेयर बाजारों में शेयरों की लिस्टिंग 21 जुलाई को होगी। एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट की शुरुआत 1992 में हुई थी। यह एसबीआई और अमुंडी की ज्वाइंट वेंचर है। म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में इसकी हिस्सेदारी करीब 16 फीसदी है।

एसबीआई फंड्स देश की सबसे बड़ी एमएफ कंपनी

यह देश की सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अभी भारत में आबादी के काफी कम हिस्से की पहुंच म्यूचुअल फंड्स प्रोडक्ट्स तक है। इसलिए कंपनी के लिए ग्रोथ की काफी ज्यादा संभावनाएं हैं।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Ashadha Gupt Navratri 2026: आज से शुरू हुई आषाढ़ गुप्त नवरात्रि, 10 महाविद्याओं की कृपा पाने के लिए राशि अनुसार करें ये उपाय

Ashadha Gupt Navratri 2026: हिंदू धर्म मां दुर्गा की पूजा और साधना का अवसर चैत्र और शारदीय नवरात्रि समेत साल में चार बार मिलता है। इनमें दो गुप्त नवरात्रि पर्व होते हैं, आषाढ़ गुप्त नवरात्रि और माघ गुप्त नवरात्रि। 9 दिनों की इस अवधि में शक्ति के उपासक मां दुर्गा के नौ रूपों के साथ ही 10 महाविद्याओं की भी साधना करते हैं, जो तंत्र शास्त्र में वर्णित देवी माँ के शक्तिशाली रूप हैं। इस साल आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का पर्व आज 15 जुलाई से शुरू हो चुका है।

भक्तों का मानना है कि इन नौ दिनों के दौरान की गई सच्ची प्रार्थना, मंत्र जाप और पारंपरिक उपाय सेहत, करियर, कारोबार, परिवार और निजी जीवन से जुड़ी मुश्किलों को दूर करने में मदद कर सकते हैं, साथ ही खुशहाली और ईश्वरीय कृपा भी दिला सकते हैं। कई भक्त इस दौरान राशि के हिसाब से खास उपाय भी करते हैं, उनका मानना है कि इससे पॉजिटिव एनर्जी बढ़ती है और देवी मां का आशीर्वाद मिलता है।

क्यों करते हैं गुप्त नवरात्रि के दौरान 10 महाविद्याओं की पूजा?

गुप्त नवरात्रि के दौरान, भक्त आमतौर पर देवी दुर्गा की पूजा करते हैं और साथ ही खास मंत्रों और प्रसाद के जरिए 10 महाविद्याओं की पूजा भी करते हैं। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इन आध्यात्मिक तरीकों से दुश्मनों, बीमारी, बुरी नजर, प्रोफेशनल रुकावटों और घरेलू चुनौतियों से होने वाली मुश्किलों को दूर करने में मदद मिलती है।

गुप्त नवरात्रि 2026: राशि के हिसाब से उपाय

मेष : देवी काली को लाल फूल चढ़ाएं और उनका आशीर्वाद पाने के लिए “ॐ क्रीं कालिकायै नमः” का जाप करें।

वृष : देवी को नारियल चढ़ाएं और “ॐ ह्रीं छिन्नमस्तयै नमः” का जाप करें और श्रद्धा से प्रार्थना करें।

मिथुन : “ॐ धूम धूमावत्यै स्वाहा” का जाप करें और देवी को लाल चुनरी चढ़ाएं।

कर्क : “ॐ श्रीं कमलयै नमः” का जाप करें और देवी को सूखे मेवे, बताशा या मखाना खीर चढ़ाएं।

सिंह : देवी को सिंदूर और चुनरी चढ़ाएं और “ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं त्रिपुरसुंदर्यै नमः” का जाप करें।

कन्या : देवी को हरी चुनरी चढ़ाएं और “ॐ ह्रीं स्त्रीं हुं फट्” का जाप करें। माना जाता है कि इससे किस्मत अच्छी रहती है।

तुला : मिश्री का भोग लगाएं और “ॐ ह्रीं भुवनेश्वर्यै नमः” का जाप करें।

वृश्चिक : सूखे मेवे और नारियल के साथ लाल चुनरी चढ़ाएं और “ॐ ह्रीं भैरव्यै नमः” का जाप करें।

धनु : देवी को पीले फूल और बेसन के लड्डू चढ़ाएं और “ॐ ह्रीं श्रीं मातंग्यै नमः” का जाप करें।

मकर : “ॐ ह्लीं बगलामुख्यै नमः” का जाप करें, देवी को खुशबूदार फूल और चूड़ियां चढ़ाएं।

कुंभ : गुप्त नवरात्रि के सभी नौ दिनों तक दुर्गा चालीसा का पाठ करें और पूरे व्रत के दौरान अपने घर में साफ-सफाई बनाए रखें।

मीन : गुप्त नवरात्रि के दौरान अखंड दीप जलाएं और रोज मां दुर्गा के मंत्रों का जाप करें। अपनी मनोकामना मां दुर्गा को बताएं और हल्दी की गांठ अर्पित करें, फिर इसे अपने लॉकर या कीमती सामान रखने की जगह पर सुरक्षित रखें।

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वर्ल्ड अपडेट्स:फर्जी भूटानी शरणार्थी घोटाला: नेपाल में दो पूर्व मंत्रियों सहित 16 को जेल

नेपाल की काठमांडू जिला अदालत ने फर्जी भूटानी शरणार्थी घोटाले में दो पूर्व केंद्रीय मंत्रियों समेत 16 लोगों को दोषी ठहराते हुए जेल की सजा सुनाई है। अदालत ने पूर्व उपप्रधानमंत्री एवं ऊर्जा मंत्री टोप बहादुर रायमाझी को चार साल और पूर्व गृह मंत्री बालकृष्ण खांड को दो साल की जेल की सजा सुनाई। दोनों पर नेपाली नागरिकों को फर्जी दस्तावेजों के जरिए भूटानी शरणार्थी बताकर अमेरिका में पुनर्वास दिलाने की साजिश रचने का आरोप था। रायमाझी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि खांड जमानत पर बाहर हैं। दोनों पहले अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार कर चुके हैं। उनके वकीलों ने कहा है कि फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील की जाएगी। अदालत ने गृह मंत्रालय के एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी और एक पूर्व भूटानी शरणार्थी नेता समेत 14 अन्य लोगों को भी दोषी ठहराते हुए चार साल तक की सजा सुनाई है। यह घोटाला 2023 में सामने आया था। नेपाल में 1990 के दशक की शुरुआत से नेपाली मूल के करीब 1.20 लाख लोग भूटान से विस्थापित होकर पहुंचे थे। बाद में पुनर्वास कार्यक्रम के तहत लगभग 1.13 लाख शरणार्थियों को अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों में बसाया गया।
अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… यूक्रेन में ही बनेंगी फ्रांस की क्रूज मिसाइल, इंटरसेप्टर और ग्लाइड बम फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोमवार को घोषणा की कि यूक्रेन को उसकी अपनी जमीन पर मिसाइल और बम बनाने के लिए लाइसेंस दिया जाएगा। पेरिस में आयोजित ‘कोएलिशन ऑफ द विलिंग’ शिखर सम्मेलन में उन्होंने कहा कि इस फैसले से यूक्रेन की रक्षा उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और हथियारों का निर्माण तेजी से हो सकेगा। नए लाइसेंसिंग समझौतों के तहत यूक्रेन एस्टर-30 एयर डिफेंस इंटरसेप्टर, एएएसएम ग्लाइड बम और स्कैल्प -ईजी क्रूज मिसाइल का स्थानीय स्तर पर निर्माण करेगा। मैक्रों ने यह भी बताया कि आने वाले हफ्तों में फ्रांस और इटली यूक्रेन को अतिरिक्त एयर डिफेंस बैटरियां और इंटरसेप्टर उपलब्ध कराएंगे। वहीं, 16 राफेल लड़ाकू विमान 2028-29 तक यूक्रेन को मिलने की उम्मीद है। ‘कोएलिशन ऑफ द विलिंग’ फ्रांस और ब्रिटेन की अगुआई वाला देशों का समूह है, जो यूक्रेन के लिए सुरक्षा गारंटी पर काम कर रहा है। रूस ने इस पहल का विरोध किया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने इसे “युद्ध को आगे बढ़ाने वाले देशों का गठबंधन” बताया। वहीं, रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जाखारोवा ने आरोप लगाया कि नाटो सदस्य देश यूक्रेन को पश्चिमी सैन्य तकनीकों के परीक्षण केंद्र में बदल रहे हैं। बुल्गारिया यूक्रेन समर्थक गठबंधन से अलग: PM बोले- युद्ध नहीं, कूटनीति से निकलेगा हल बुल्गारिया के प्रधानमंत्री रुमेन रादेव ने कहा है कि उनका देश यूक्रेन को लगातार सैन्य सहायता देने वाले पश्चिमी देशों के गठबंधन का हिस्सा नहीं है। फ्रांस में मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि यूक्रेन संघर्ष का समाधान हथियारों की आपूर्ति बढ़ाने से नहीं, बल्कि मजबूत कूटनीतिक प्रयासों से निकाला जाना चाहिए। रादेव ने कहा कि बुल्गारिया यूक्रेन को इस तरह की अतिरिक्त सैन्य सहायता नहीं देता क्योंकि इससे संघर्ष लंबा खिंच सकता है। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता तनाव कम करने और बातचीत के जरिए शांति स्थापित करने की होनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने पिछले सप्ताह भी कहा था कि बुल्गारिया यूक्रेन को अब तक 13 सैन्य सहायता पैकेज दे चुका है और उसके पास आगे भेजने के लिए अतिरिक्त सैन्य सामग्री नहीं बची है। रिपोर्ट के अनुसार, हालिया नाटो शिखर सम्मेलन में स्लोवाकिया, हंगरी और चेक गणराज्य सहित कुछ देशों ने अमेरिका के नेतृत्व वाले लगभग 70 अरब यूरो (करीब 80 अरब डॉलर) के नए सैन्य सहायता पैकेज में शामिल होने से इनकार कर दिया। मस्क के खिलाफ आपराधिक जांच की सिफारिश: चुनाव में वोटरों को लाखों डॉलर के चेक देने का मामला
अमेरिका के विस्कॉन्सिन इलेक्शंस कमीशन ने प्रारंभिक तौर पर माना है कि अरबपति कारोबारी इलॉन मस्क ने 2025 के राज्य सुप्रीम कोर्ट चुनाव से पहले मतदाताओं को 10 लाख डॉलर के चेक देकर चुनावी रिश्वत संबंधी कानून का उल्लंघन किया हो सकता है। आयोग ने मामले को ब्राउन काउंटी के जिला अटॉर्नी के पास आपराधिक जांच के लिए भेज दिया है। अभियोजन पक्ष को अब 40 दिनों के भीतर तय करना होगा कि मस्क के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए या नहीं। आयोग ने पिछले सप्ताह मिली दो शिकायतों को 5-1 के बहुमत से आगे बढ़ाने का फैसला किया। प्रस्ताव में कहा गया कि मस्क ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मतदान करने वाले लोगों को 10 लाख डॉलर देने की पेशकश की, जिससे मतदाताओं को चुनाव में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया जा सके। 2025 के विस्कॉन्सिन सुप्रीम कोर्ट चुनाव में मस्क ने रिपब्लिकन समर्थित उम्मीदवार ब्रैड शिमेल के समर्थन में कम से कम 2 करोड़ डॉलर खर्च किए थे। हालांकि शिमेल को डेमोक्रेट समर्थित सुसान क्रॉफर्ड से 10 प्रतिशत अंकों के अंतर से हार मिली। यह चुनाव 10 करोड़ डॉलर से अधिक खर्च के साथ अमेरिकी इतिहास का सबसे महंगा न्यायिक चुनाव माना गया। मस्क के खिलाफ पहले से एक अलग दीवानी मुकदमा भी लंबित है, जिसमें उन पर वोट खरीदने, अवैध लॉटरी चलाने और चुनावी कानूनों का उल्लंघन करने के आरोप लगाए गए हैं। अमेरिका में जन्मसिद्ध नागरिकता सीमित करने रिपब्लिकन सीनेटर का ट्रम्प को समर्थन
अमेरिका में रिपब्लिकन सीनेटर जिम बैंक्स ने जन्मसिद्ध नागरिकता को सीमित करने के लिए नया विधेयक पेश किया है। प्रस्ताव में अवैध प्रवासियों को “आक्रमणकारी” बताते हुए उनके अमेरिका में जन्मे बच्चों को स्वत: नागरिकता देने की व्यवस्था खत्म करने की मांग की गई है। यह पहल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सख्त आव्रजन नीति को कानूनी आधार देने की दिशा में नया प्रयास मानी जा रही है। राष्ट्रपति पद पर लौटने के बाद ट्रम्प ने कार्यकारी आदेश जारी कर अवैध या अस्थायी रूप से अमेरिका में रह रहे लोगों के यहां जन्म लेने वाले बच्चों की स्वत: नागरिकता समाप्त करने की कोशिश की थी। हालांकि, जून के अंत में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश को असंवैधानिक करार दिया था। जिम बैंक्स ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला अमेरिकी संप्रभुता पर अभूतपूर्व हमला है और देश की सुरक्षा के लिए अवैध प्रवासियों द्वारा आव्रजन व्यवस्था के कथित दुरुपयोग को रोकना जरूरी है। इस मुद्दे पर अन्य रिपब्लिकन सांसद भी सक्रिय हैं। टेनेसी के प्रतिनिधि एंडी ओगल्स जन्मसिद्ध नागरिकता सीमित करने के लिए अलग विधेयक पेश कर चुके हैं। वहीं, साउथ कैरोलिना के सीनेटर टिम स्कॉट ने “बर्थ टूरिज्म” पर रोक लगाने के लिए प्रस्ताव रखा है, ताकि विदेशी नागरिक केवल बच्चे को अमेरिकी नागरिकता दिलाने के उद्देश्य से अमेरिका न आ सकें।

वर्ल्ड अपडेट्स:फ्रांस ने यूक्रेन को मिसाइल निर्माण की मंजूरी दी: यूक्रेन में ही बनेंगी क्रूज मिसाइल, इंटरसेप्टर और ग्लाइड बम

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोमवार को घोषणा की कि यूक्रेन को उसकी अपनी जमीन पर मिसाइल और बम बनाने के लिए लाइसेंस दिया जाएगा। पेरिस में आयोजित ‘कोएलिशन ऑफ द विलिंग’ शिखर सम्मेलन में उन्होंने कहा कि इस फैसले से यूक्रेन की रक्षा उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और हथियारों का निर्माण तेजी से हो सकेगा। नए लाइसेंसिंग समझौतों के तहत यूक्रेन एस्टर-30 एयर डिफेंस इंटरसेप्टर, एएएसएम ग्लाइड बम और स्कैल्प -ईजी क्रूज मिसाइल का स्थानीय स्तर पर निर्माण करेगा। मैक्रों ने यह भी बताया कि आने वाले हफ्तों में फ्रांस और इटली यूक्रेन को अतिरिक्त एयर डिफेंस बैटरियां और इंटरसेप्टर उपलब्ध कराएंगे। वहीं, 16 राफेल लड़ाकू विमान 2028-29 तक यूक्रेन को मिलने की उम्मीद है। ‘कोएलिशन ऑफ द विलिंग’ फ्रांस और ब्रिटेन की अगुआई वाला देशों का समूह है, जो यूक्रेन के लिए सुरक्षा गारंटी पर काम कर रहा है। रूस ने इस पहल का विरोध किया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने इसे “युद्ध को आगे बढ़ाने वाले देशों का गठबंधन” बताया। वहीं, रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जाखारोवा ने आरोप लगाया कि नाटो सदस्य देश यूक्रेन को पश्चिमी सैन्य तकनीकों के परीक्षण केंद्र में बदल रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… बुल्गारिया ने यूक्रेन समर्थक गठबंधन से बनाई दूरी: PM बोले- युद्ध नहीं, कूटनीति से निकलेगा हल बुल्गारिया के प्रधानमंत्री रुमेन रादेव ने कहा है कि उनका देश यूक्रेन को लगातार सैन्य सहायता देने वाले पश्चिमी देशों के गठबंधन का हिस्सा नहीं है। फ्रांस में मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि यूक्रेन संघर्ष का समाधान हथियारों की आपूर्ति बढ़ाने से नहीं, बल्कि मजबूत कूटनीतिक प्रयासों से निकाला जाना चाहिए। रादेव ने कहा कि बुल्गारिया यूक्रेन को इस तरह की अतिरिक्त सैन्य सहायता नहीं देता क्योंकि इससे संघर्ष लंबा खिंच सकता है। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता तनाव कम करने और बातचीत के जरिए शांति स्थापित करने की होनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने पिछले सप्ताह भी कहा था कि बुल्गारिया यूक्रेन को अब तक 13 सैन्य सहायता पैकेज दे चुका है और उसके पास आगे भेजने के लिए अतिरिक्त सैन्य सामग्री नहीं बची है। रिपोर्ट के अनुसार, हालिया नाटो शिखर सम्मेलन में स्लोवाकिया, हंगरी और चेक गणराज्य सहित कुछ देशों ने अमेरिका के नेतृत्व वाले लगभग 70 अरब यूरो (करीब 80 अरब डॉलर) के नए सैन्य सहायता पैकेज में शामिल होने से इनकार कर दिया। चुनाव में वोटरों को लाखों डॉलर के चेक देना मस्क को पड़ सकता है भारी; आपराधिक जांच की सिफारिश
अमेरिका के विस्कॉन्सिन इलेक्शंस कमीशन ने प्रारंभिक तौर पर माना है कि अरबपति कारोबारी इलॉन मस्क ने 2025 के राज्य सुप्रीम कोर्ट चुनाव से पहले मतदाताओं को 10 लाख डॉलर के चेक देकर चुनावी रिश्वत संबंधी कानून का उल्लंघन किया हो सकता है। आयोग ने मामले को ब्राउन काउंटी के जिला अटॉर्नी के पास आपराधिक जांच के लिए भेज दिया है। अभियोजन पक्ष को अब 40 दिनों के भीतर तय करना होगा कि मस्क के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए या नहीं। आयोग ने पिछले सप्ताह मिली दो शिकायतों को 5-1 के बहुमत से आगे बढ़ाने का फैसला किया। प्रस्ताव में कहा गया कि मस्क ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मतदान करने वाले लोगों को 10 लाख डॉलर देने की पेशकश की, जिससे मतदाताओं को चुनाव में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया जा सके। 2025 के विस्कॉन्सिन सुप्रीम कोर्ट चुनाव में मस्क ने रिपब्लिकन समर्थित उम्मीदवार ब्रैड शिमेल के समर्थन में कम से कम 2 करोड़ डॉलर खर्च किए थे। हालांकि शिमेल को डेमोक्रेट समर्थित सुसान क्रॉफर्ड से 10 प्रतिशत अंकों के अंतर से हार मिली। यह चुनाव 10 करोड़ डॉलर से अधिक खर्च के साथ अमेरिकी इतिहास का सबसे महंगा न्यायिक चुनाव माना गया। मस्क के खिलाफ पहले से एक अलग दीवानी मुकदमा भी लंबित है, जिसमें उन पर वोट खरीदने, अवैध लॉटरी चलाने और चुनावी कानूनों का उल्लंघन करने के आरोप लगाए गए हैं।

SIP Calculator: सिर्फ ₹2,000 की मंथली SIP से तैयार करें ₹1 करोड़ का फंड! समझें म्यूचुअल फंड कंपाउंडिंग का पूरा गणित

Mutual Fund SIP Calculator: करोड़पति बनने का सपना हर किसी का होता है, लेकिन बहुत से लोग सोचते हैं कि इसके लिए बहुत बड़ी सैलरी या किसी बड़े बिजनेस की जरूरत होती है। हकीकत यह है कि अगर आप सही समय पर और सही अनुशासन के साथ निवेश की शुरुआत करें, तो बहुत मामूली रकम से भी यह जादुई आंकड़ा छुआ जा सकता है।

म्युचुअल फंड में सिर्फ ₹2,000 प्रति महीने की सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) शुरू करके आप ₹1 करोड़ से ज्यादा का फंड तैयार कर सकते हैं। लेकिन, इस गणित के पीछे एक बड़ा पेंच भी है, जिसे समझे बिना निवेश करना आपको नुकसान पहुंचा सकता है। आइए जानते हैं इसका पूरा गणित और इसके पीछे की हकीकत।

₹2,000 की SIP से ₹1.1 करोड़ बनाने का गणित

म्युचुअल फंड में लॉन्ग टर्म निवेश के लिए 12% का औसत सालाना रिटर्न एक मानक माना जाता है। अगर आप इस औसत रिटर्न के साथ हर महीने मात्र ₹2,000 बचाते हैं, तो देखिए समय के साथ आपकी वेल्थ कैसे बढ़ती है:

₹2,000 की SIP से ₹1.1 करोड़ बनाने का गणित

  • मंथली निवेश: ₹2,000
  • निवेश की अवधि: 35 वर्ष
  • कुल निवेशित रकम: ₹8.4 लाख
  • अनुमानित सालाना रिटर्न: 12%
  • केवल ब्याज से कमाई: ₹1.02 करोड़
  • मैच्योरिटी पर कुल वैल्यू: ₹1.1 करोड़

₹2,000 की SIP से ₹1.1 करोड़ बनाने का गणित

कंपाउंडिंग का जादू: इस पूरे गणित में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि आपकी जेब से सिर्फ ₹8.4 लाख रुपये ही जमा होते हैं, लेकिन ब्याज के ऊपर ब्याज यानी कंपाउंडिंग मिलने के कारण आपको ₹1 करोड़ से अधिक का मुनाफा मिल जाता है।

लेकिन… इस जादुई आंकड़े के पीछे ‘कैच’ क्या है?

करोड़पति बनने का यह रास्ता दिखने में जितना आसान लगता है, असल में उतना ही धैर्य मांगता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इसके पीछे दो सबसे बड़े रियल्टी चेक हैं:

1. अनुशासन और 35 साल की लंबी मैराथन

पैसे बनाने का यह सफर कोई स्प्रिंट यानी छोटी दौड़ नहीं बल्कि एक लंबी मैराथन है। ₹2,000 की छोटी रकम को ₹1 करोड़ बनाने के लिए आपको 35 साल तक लगातार बिना रुके निवेश करना होगा। सबसे बड़ी चुनौती यही है कि कई लोग बाजार में गिरावट आने पर या पर्सनल पैसों की तंगी होने पर अपनी एसआईपी बीच में ही बंद कर देते हैं या पैसे निकाल लेते हैं। ऐसा करने से कंपाउंडिंग का चक्र टूट जाता है और आप लक्ष्य से पीछे रह जाते हैं।

2. रिटर्न की कोई गारंटी नहीं

लॉन्ग टर्म में इक्विटी फंड्स शानदार रिटर्न दे सकते हैं, लेकिन यह कोई फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) नहीं है जिसमें रिटर्न तय हो। बाजार के चक्र के कारण कभी आपको एक साल में भारी मुनाफा मिल सकता है, तो कभी आपका पोर्टफोलियो घाटे में भी जा सकता है। इसलिए आपको उतार-चढ़ाव झेलने के लिए तैयार रहना होगा।

अगर देर से शुरुआत की, तो क्या करें?

अगर आप 35 साल तक इंतजार नहीं करना चाहते या आपने निवेश की शुरुआत थोड़ी देर से की है, तो फाइनेंशियल प्लानर्स स्टेप-अप एसआईपी (Step-up SIP) की सलाह देते हैं।

इसका मतलब यह है कि आप अपनी मासिक SIP को हमेशा ₹2,000 पर ही फिक्स रखने के बजाय, हर साल अपनी सैलरी या आय बढ़ने के साथ-साथ इसमें 5% या 10% की बढ़ोतरी करते रहें। इससे आप ₹1 करोड़ का यह माइलस्टोन बहुत कम समय में और बहुत आसानी से हासिल कर सकते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Delhi Power Cut: दिल्ली में आज कई इलाकों में बिजली रहेगी गुल, BSES का अलर्ट; घर से निकलने से पहले देखें पूरी लिस्ट

Delhi Power Cut: दिल्ली में बुधवार यानी 15 जुलाई को भीषण गर्मी और उमस के बीच राजधानी के कई इलाकों में लोगों को बिजली कटौती का सामना करना पड़ेगा। बिजली कंपनी BSES ने मेंटेनेंस, ट्रांसफॉर्मर अपग्रेड, अंडरग्राउंड केबल बिछाने और अन्य तकनीकी कार्यों के कारण कई सेक्टरों में कुछ घंटों के लिए बिजली आपूर्ति बाधित रहने की जानकारी दी है। कंपनी ने उपभोक्ताओं को मोबाइल, लैपटॉप और अन्य जरूरी उपकरण पहले से चार्ज रखने तथा अपने दैनिक काम बिजली कटौती के निर्धारित समय के अनुसार करने की सलाह दी है।

11 बजे से शुरू होगी कटौती

BSES के मुताबिक, राजधानी के विभिन्न डिवीजनों में तय समय के अनुसार बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद रहेगी ताकि बिजली नेटवर्क को मजबूत किया जा सके और आवश्यक रखरखाव कार्य पूरे किए जा सकें। छतरपुर डिवीजन में डॉ. आंबेडकर कॉलोनी, छतरपुर में सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक ट्रांसफॉर्मर नेटवर्क अपग्रेड का काम होगा।

वहीं, रात 11 बजे से 12:30 बजे तक 11 केवी फीडर पर पेड़ों की छंटाई के कारण आया नगर, आया नगर एक्सटेंशन, गड़ईपुर DLF फार्म्स, सुल्तानपुर, आदर्श एन्क्लेव और आसपास के कई इलाकों में बिजली बंद रहेगी। निजामुद्दीन डिवीजन में लाजपत नगर-2 के एच और एल ब्लॉक में सुबह 11 बजे से 1 बजे तक HVDS ट्रांसफॉर्मर पर काम होगा।

यहां 3 बजे से 3:45 बजे तक रहेगा अंधेरा

इसके अलावा निजामुद्दीन टाइप-2 क्षेत्र में दोपहर 3 बजे से 3:45 बजे तक RMU मेंटेनेंस के चलते बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। टैगोर गार्डन डिवीजन में सुबह 11 बजे से 1:07 बजे तक जनता कॉलोनी (EF ब्लॉक), टैगोर गार्डन (FB ब्लॉक) और मुखर्जी पार्क, चौखंडी तथा विष्णु गार्डन (WZD ब्लॉक) में नई अंडरग्राउंड केबल और LTAB सर्किट बिछाने के कारण बिजली कटौती होगी।

पालम डिवीजन के सागरपुर (RZ ब्लॉक), पालम गांव और महावीर एन्क्लेव के मिर्जापुर क्षेत्र में सुबह 11 बजे से 12:37 बजे तक नेटवर्क अपग्रेड के चलते बिजली नहीं रहेगी। नांगलोई डिवीजन के ज्वालापुरी और पश्चिम विहार के बी ब्लॉक में सुबह 11:07 बजे से दोपहर 2:07 बजे तक ट्रांसफॉर्मर और नेटवर्क अपग्रेड का काम चलेगा, जिसके कारण करीब तीन घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी।

मोहन गार्डन डिवीजन के ओम विहार (फेज-5, हस्तसाल) में सुबह 11 बजे से 1 बजे तक नई अंडरग्राउंड LT केबल कनेक्शन के लिए बिजली बंद रहेगी। जनकपुरी डिवीजन के राजौरी गार्डन के जी और जे ब्लॉक में सुबह 10:07 बजे से 12:07 बजे तक LT सर्किट और RMU मेंटेनेंस के कारण बिजली कटौती होगी।

10 बजे से 12 बजे तक होगा नेटवर्क अपग्रेड

मुंडका क्षेत्र के जय विहार और कमरुद्दीन नगर में सुबह 10 बजे से 12 बजे तक नेटवर्क अपग्रेड के चलते बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। नजफगढ़ डिवीजन की अग्रवाल कॉलोनी और हैबतपुर में सुबह 9 बजे से 11 बजे तक ट्रांसफॉर्मर और नेटवर्क अपग्रेड के कारण बिजली नहीं रहेगी।

दिल्ली बिजली कटौती की पूरी डिटेल्स टाइम के साथ

1. सुबह और दोपहर के स्लॉट (Morning & Afternoon Slots)

सुबह 9:00 से 11:00 बजे तक (नजफगढ़ डिवीजन)

अग्रवाल कॉलोनी और हैबतपुर (ट्रांसफॉर्मर और नेटवर्क अपग्रेडेशन कार्य के कारण)।

सुबह 10:00 से दोपहर 12:00 बजे तक (मुंडका डिवीजन)

जय विहार और कमरुद्दीन नगर (LT सर्किट और नेटवर्क अपग्रेडेशन)।

सुबह 10:07 से दोपहर 12:07 बजे तक (जनकपुरी डिवीजन)

राजौरी गार्डन के ब्लॉक G और J (LT सर्किट और RMU मेंटेनेंस)।

सुबह 11:00 से दोपहर 12:37 बजे तक (पालम डिवीजन)

ब्लॉक RZ (सागरपुर), पालम गांव, और मिर्जापुर (महावीर एनक्लेव) (LT सर्किट और नेटवर्क अपग्रेडेशन)।

सुबह 11:00 से दोपहर 1:00 बजे तक (छतरपुर और मोहन गार्डन डिवीजन)

डॉ. आंबेडकर कॉलोनी, छतरपुर।

ओम विहार फेज 5, हस्तसाल (नए अंडरग्राउंड LT केबल कनेक्शन का काम)।

सुबह 11:00 से दोपहर 1:00 बजे तक (निजामुद्दीन डिवीजन)

लाजपत नगर II के ब्लॉक H और L (HVDS ट्रांसफॉर्मर का काम)।

सुबह 11:00 से दोपहर 1:07 बजे तक (टैगोर गार्डन डिवीजन)

EF ब्लॉक (जनता कॉलोनी), FB ब्लॉक (टैगोर गार्डन), और WZD ब्लॉक (मुखर्जी पार्क, चौखंडी, विष्णु गार्डन) (नए अंडरग्राउंड केबल बिछाने का काम)।

सुबह 11:07 से दोपहर 2:07 बजे तक (नांगलोई डिवीजन)

ब्लॉक B (ज्वालापुरी, पश्चिम विहार) (3 घंटे की कटौती – ट्रांसफॉर्मर और नेटवर्क अपग्रेड)।

दोपहर 3:00 से 3:45 बजे तक (निजामुद्दीन डिवीजन)

निज़ामुद्दीन टाइप-II क्षेत्र (RMU मेंटेनेंस कार्य के कारण 45 मिनट की कटौती)।

2. देर रात का स्लॉट (Wednesday Night Slot)

रात 11:00 से मध्यरात्रि 12:30 बजे तक (छतरपुर डिवीजन -पेड़ों की छंटाई का काम)

अया नगर ब्लॉक G

अया नगर एक्सटेंशन और ब्लॉक E

गदईपुर DLF फार्म्स

मंगलापुरी गांव (सुलतानपुर)

आंबेडकर कॉलोनी (अया नगर)

आदर्श एनक्लेव

अया नगर फेज 1 और अया नगर गांव

सुलतानपुर

BSES की अपील

बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे निर्धारित समय से पहले मोबाइल फोन, लैपटॉप, इनवर्टर और अन्य जरूरी उपकरण चार्ज कर लें। साथ ही, बिजली कटौती के समय को ध्यान में रखते हुए अपने जरूरी कार्यों की योजना पहले से बना लें, ताकि असुविधा से बचा जा सके।Delhi Power Cut: मेंटेनेंस और नेटवर्क अपग्रेड के चलते 15 जुलाई को राजधानी के कई इलाकों में अलग-अलग समय पर बिजली कटौती होगी।

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Kusumgar के शेयरों की धांसू लिस्टिंग, IPO को 135 गुना बोली मिलने के बाद 37% का लिस्टिंग गेन

Kusumgar IPO Listing: एयरोस्पेस, डिफेंस और ऑटोमोटिव सेक्टर के लिए खास तरह के फैब्रिक्स बनाने वाली मुंबई की दिग्गज कंपनी कुसुमर की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 135 गुना से अधिक बोली मिली थी। इसके आईपीओ के तहत ₹419 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹574.00 और NSE पर ₹569.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 37% का लिस्टिंग गेन (Krystal Integrated Services Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर BSE पर यह ₹597.00 (Kusumgar Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 42.48% मुनाफे में हैं। एंप्लॉयीज अधिक फायदे में हैं क्योंकि उन्हें हर शेयर ₹39 के डिस्काउंट पर मिला है।

Kusumgar IPO को मिला था धांसू रिप्सांस

कुसुमगर का ₹650 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 8-10 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 135.80 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 299.51 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 174.28 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 27.97 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 11.09 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत कोई नया शेयर नहीं जारी हुआ है बल्कि ₹1 की फेस वैल्यू वाले 1,55,21,698 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। चूंकि इश्यू के तहत कोई नया शेयर नहीं जारी हुआ है तो कंपनी को आईपीओ का पैसा नहीं मिला है।

Kusumgar के बारे में

कुसुमगार एयरोस्पेस और डिफेंस, इंडस्ट्रियल और ऑटोमोटिव, और आउटडोर और लाइफस्टाइल सेगमेंट के लिए एडवांस्ड इंजीनियरिंग फैब्रिक्स बनाती है। इसके पास गुजरात में 6 मैन्युफैक्चरिंग प्लांट और उत्तर प्रदेश में 1 फैब्रिकेशन यूनिट है। यह कंपनी डिफेंस सेक्टर के लिए पैराशूट सिस्टम, स्टील्थ सॉल्यूशंस और रैपिड डिप्लॉयमेंट सिस्टम जैसे प्रोडक्ट्स बनाती है। इसके अलावा ऑटोमोटिव और गारमेंट इंडस्ट्री के लिए भी यह खास फैब्रिक तैयार करती है। कंपनी की कुल कमाई में एयरोस्पेस और डिफेंस फैब्रिक्स की 32%, एयरोस्पेस और डिफेंस सॉल्यूशंस की 23%, इंडस्ट्रियल और ऑटोमोटिव फैब्रिक्स की 24% और आउटडोर और लाइफस्टाइल फैब्रिक्स की 19% हिस्सेदारी है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024 में इसे ₹84.40 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2025 में उछलकर ₹111.99 करोड़ और फिर वित्त वर्ष 2026 में ₹98.20 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम में भी उठा-पटक दिखी और वित्त वर्ष 2024 में ₹474.55 करोड़ और वित्त वर्ष 2025 में ₹790.21 करोड़ से वित्त वर्ष 2026 में ₹711.78 करोड़ पर पहुंच गई। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹223.58 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹491.05 करोड़ पड़े थे।

अमेरिका से आई राहत की खबर पर मार्केट में रौनक

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ऑस्ट्रेलिया में PM मोदी को अपशब्द बोले:’सतलुज’ फिल्म पर BJP सिख सपोर्टर से भिड़े खालिस्तानी; बीच सड़क झगड़े का VIDEO वायरल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान मेलबर्न में खालिस्तान समर्थक और भाजपा समर्थक सिख भिड़ गए। खालिस्तानी पीएम को अपशब्द बोलते सुनाई दिए। इसका एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो को भाजपा समर्थक सिख जगविंदर विर्क ने 15 जुलाई की सुबह अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया। वायरल वीडियो में कुछ खालिस्तान समर्थक प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां के साथ “खालिस्तान जिंदाबाद” के नारे लगाते दिखाई दे रहे हैं। बहस ‘सतलुज’ फिल्म पर लगे बैन को लेकर शुरू हुई, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग कर मामला शांत कराया। अब 4 प्वाइंट्स में पढ़ें पूरा मामला:- 3 दिन के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर थे PM मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 से 10 जुलाई तक ऑस्ट्रेलिया दौरे पर रहे। इस दौरान 9 जुलाई को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यूरेनियम सहयोग को लेकर अहम समझौते पर सहमति बनी। मेलबर्न में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के बीच बैठक के बाद आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में दोनों देशों ने रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, अंतरिक्ष और महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स) समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने से जुड़े समझौतों की घोषणा की। प्रधानमंत्री मोदी ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग को लेकर ऑस्ट्रेलिया की नीति की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत बच्चों के लिए सुरक्षित ऑनलाइन वातावरण तैयार करने के ऑस्ट्रेलिया के प्रयासों से सीख रहा है। दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने मेलबर्न में करीब 30 हजार भारतीय समुदाय के लोगों को भी संबोधित किया। —————— ‘सतलुज’ के मेकर्स को मंत्री बिट्टू की चुनौती:बोले- 25 हजार शवों के रिकॉर्ड दिखाओ, वर्ना एक्शन लेंगे; दिलजीत दोसांझ की फिल्म पूरी तरह बैन केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाबी एक्टर और सिंगर दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज के मेकर्स को खुली चुनौती दी है। बिट्टू ने मेकर्स को कहा कि उन 25,000 लापता या अवैध रूप से दाह संस्कार किए गए शवों के पुख्ता दस्तावेजी सबूत, आधिकारिक रिकॉर्ड पेश करें, जो फिल्म में दिखाए गए हैं। पूरी खबर पढ़ें…