Q1 Results: फार्मा कंपनी का प्रॉफिट 10 गुना बढ़ा, रेवेन्यू भी डबल; शेयरों पर रहेगी नजर

Q1 Results: फार्मा कंपनी न्यूलैंड लेबोरेटरीज ने जून तिमाही (Q1 FY27) में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 10 गुना से ज्यादा बढ़कर 148 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 14 करोड़ रुपये था।

कंपनी की ऑपरेशंस से रेवेन्यू भी दोगुना से ज्यादा होकर 641.5 करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले इसी तिमाही में यह 292.7 करोड़ रुपये थी।

EBITDA और मार्जिन में जबरदस्त सुधार

जून तिमाही में EBITDA बढ़कर 222.7 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल यह 34.4 करोड़ रुपये था। वहीं, EBITDA मार्जिन 11.8% से बढ़कर 34.7% पर पहुंच गया। इससे साफ है कि कंपनी की ऑपरेटिंग प्रॉफिटेबिलिटी में बड़ा सुधार हुआ है।

कंपनी की कुल आय भी बढ़कर 650.1 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल 300.6 करोड़ रुपये थी। टैक्स से पहले मुनाफा (PBT) 17.4 करोड़ रुपये से बढ़कर 197.5 करोड़ रुपये रहा। वहीं, टैक्स के बाद मुनाफा (PAT) 13.7 करोड़ रुपये से बढ़कर 147.4 करोड़ रुपये हो गया।

CMS और GDS कारोबार ने दिखाई दमदार ग्रोथ

मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO सहर्ष दावुलुरी ने कहा कि तिमाही का प्रदर्शन कंपनी की उम्मीदों के मुताबिक रहा। कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (CMS) और जेनेरिक ड्रग सब्सटेंस (GDS) कारोबार ने मजबूत प्रदर्शन किया।

कंपनी ने बताया कि तिमाही के दौरान कमर्शियल प्रोडक्ट्स से सबसे ज्यादा रेवेन्यू आई। साथ ही प्रोजेक्ट पाइपलाइन मजबूत बनी हुई है। ग्राहकों की दिलचस्पी भी कंपनी की व्यापक क्षमताओं में बढ़ रही है।

विस्तार पर रहेगा फोकस

न्यूलैंड लेबोरेटरीज ने कहा कि वह API, जटिल मॉलिक्यूल्स और कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग में अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए लगातार निवेश कर रही है। हालांकि, आने वाले समय में कंपनी का प्रदर्शन नए प्रोजेक्ट्स के समय पर पूरा होने, नए प्रोडक्ट्स के सफल कमर्शियल लॉन्च और ऑपरेशनल एफिशिएंसी बनाए रखने पर निर्भर करेगा।

शेयरों का हाल

नतीजों से पहले बुधवार को NSE पर न्यूलैंड लेबोरेटरीज का शेयर 4.03% की बढ़त के साथ 20,049 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 51.86% चढ़ा है। वहीं, बीते 5 साल में इसने 1,081% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 25.72 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Biocon Q1 Results: फार्मा कंपनी का मुनाफा 349% बढ़ा, रेवेन्यू में भी उछाल; शेयरों पर रहेगी नजर

Biocon Q1 Results: फार्मा कंपनी बायोकॉन ने 5 अगस्त को जून तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी किए। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर चार गुना से ज्यादा बढ़कर 141 करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले की समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा 31.4 करोड़ रुपये था। यानी कंपनी का प्रॉफिट करीब 349% उछला है।

कंपनी की ऑपरेशंस से रेवेन्यू 10% बढ़कर 4,336 करोड़ रुपये रही। पिछले साल की समान तिमाही में यह 3,942 करोड़ रुपये थी।

EBITDA और मार्जिन में सुधार

जून तिमाही में EBITDA 10.6% बढ़कर 847.2 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल यह 766.1 करोड़ रुपये था। EBITDA मार्जिन भी मामूली बढ़कर 19.54% हो गया, जो एक साल पहले 19.43% था।

ग्रॉस EBITDA 902 करोड़ रुपये रहा। इसका मार्जिन 21% रहा। कंपनी ने कहा कि बायोफार्मा कारोबार में बेहतर मुनाफे की वजह से यह सुधार देखने को मिला।

बायोफार्मा कारोबार ने कमाल किया

बायोकॉन का बायोफार्मा कारोबार सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन रहा। इस कारोबार की रेवेन्यू 17% बढ़कर 3,615 करोड़ रुपये पहुंच गई। बायोसिमिलर कारोबार की रेवेन्यू 16% बढ़कर 2,855 करोड़ रुपये हो गई। वहीं, जेनेरिक दवाओं की रेवेन्यू 21% बढ़कर 760 करोड़ रुपये रही।

कंपनी ने कहा कि नए बायोसिमिलर और जेनेरिक प्रोडक्ट लॉन्च होने से यह बढ़त मिली। हालांकि, सर्विसेज कारोबार दबाव में रहा। इस सेगमेंट की रेवेन्यू 16% घटकर 736 करोड़ रुपये रह गई।

फाइनेंस कॉस्ट घटी, R&D खर्च बढ़ा

बैलेंस शीट मजबूत करने की रणनीति के चलते कंपनी का ब्याज खर्च 23% घटकर 213 करोड़ रुपये रह गया। वहीं, रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) पर खर्च 17% बढ़कर 240 करोड़ रुपये हो गया।

अमेरिका और यूरोप में कई नए प्रोडक्ट लॉन्च

बायोकॉन के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर श्रीहास तांबे ने कहा कि कंपनी ने तिमाही के दौरान अमेरिका और यूरोप समेत विकसित बाजारों में कई प्रो़डक्ट लॉन्च किए। साथ ही उभरते बाजारों में नए प्रोडक्ट और साझेदारियों के जरिए अपनी मौजूदगी बढ़ाई। उन्होंने कहा कि कि कंपनी को उम्मीद है कि पूरे वित्त वर्ष में ग्रोथ की रफ्तार और तेज होगी। इसका असर दूसरी छमाही के नतीजों में साफ दिखाई देगा।

बायोकॉन की एग्जीक्यूटिव चेयरपर्सन किरण मजूमदार-शॉ ने कहा कि कंपनी अब रणनीतिक निवेश को टिकाऊ ग्रोथ में बदलने पर फोकस कर रही है। उन्होंने कहा कि बायोसिमिलर के लिए बेहतर नीति माहौल और अमेरिका में बढ़ी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता से लंबी अवधि की ग्रोथ को मजबूती मिलेगी।

बायोकॉन के शेयरों का हाल

नतीजों से पहले बुधवार को बायोकॉन का शेयर 0.76% की बढ़त के साथ 425.20 रुपये पर बंद हुआ। साल 2026 में अब तक यह करीब 10% चढ़ चुका है। वहीं, पिछले एक साल में इसने 14% से ज्यादा का रिटर्न दिया है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Som Pradosh Vrat 2026 Date: वज्र योग और आर्द्रा नक्षत्र में इस दिन किया जाएगा सावन का पहला प्रदोष व्रत, पूजा के लिए मिलेगा 2 घंटे का समय

Som Pradosh Vrat 2026 Date: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष स्थान है। यह व्रत हिंदू कैलेंडर के हर माह में कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को किया जाता है। यह तिथि भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। इसमें प्रदोष काल यानी सूर्यास्त के बाद के पूजा करने का विधान है। हर माह में दो बार आने वाले इस व्रत का नाम उस दिन से तय होता है, जिस दिन त्रयोदशी तिथि पड़ती है। जैसे सोमवार को त्रयोदशी तिथि पड़ने पर इस व्रत का नाम सोम प्रदोष व्रत होता है और शनिवार को त्रयोदशी तिथि पड़ने पर इसे शनि प्रदोष व्रत कहते हैं।

यूं तो पूरा सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है, लेकिन सावन के प्रदोष व्रत का विशेष स्थान है। सावन माह में हर दिन शिव पूजा के लिए अच्छा होता है, लेकिन सावन में प्रदोष व्रत विशेष फलदायी होता है। पंचांग के अनुसार, सावन कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि सोमवार के दिन पड़ रही है, इसलिए इसे सोम प्रदोष व्रत कहा जा रहा है। सावन के पहले प्रदोष व्रत के लिए पूजा का शुभ मुहूर्त 2 घंटे तक है। इस समय में जलाभिषेक और पूजा विधि विधान से करना शुभ फलदायी होगा।

सावन प्रदोष व्रत 2026 तारीख

पंचांग के अनुसार, सावन माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 10 अगस्त को सुबह 08:00 बजे से शुरू होगी। इस तिथि का समापन 11 अगस्त को प्रात: 04 बजकर 54 मिनट पर होगा। ऐसे में सावन का पहला प्रदोष व्रत या सोम प्रदोष व्रत 10 अगस्त को किया जाएगा।

सोम प्रदोष व्रत 2026 मुहूर्त

सोम प्रदोष व्रत के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त दो घंटे का है, शाम को 07 बजकर 05 मिनट से है और यह रात 09 बजकर 14 मिनट तक। इस समय में पूजा करना शुभ फलदायी होता है।

ब्रह्म मुहूर्त : प्रात:काल 04:22 बजे से प्रात: 05:05 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 12:00 बजे से दोपहर 12:53 बजे तक

राहुकाल : सुबह 07:27 बजे से सुबह 09:07 बजे तक

वज्र योग और आर्द्रा नक्षत्र में सोम प्रदोष

सावन के पहले प्रदोष व्रत यानी सोम प्रदोष व्रत के दिन वज्र योग और आर्द्रा नक्षत्र लग रहा है। प्रदोष पर वज्र योग प्रात:काल से लेकर रात 10 बजकर 27 मिनट तक रहेगा, उसके बाद से सिद्धि योग बनेगा, जो अगले दिन सुबह तक रहेगा। वहीं, उस दिन आर्द्रा नक्षत्र सुबह से लेकर दोपहर 12 बजकर 26 मिनट तक है, उसके बाद से पुनर्वसु नक्षत्र है।

त्रयोदशी तिथि के बाद भद्रा

त्रयोदशी तिथि के समापन के बाद यानि 11 अगस्त को प्रात: 04 बजकर 54 मिनट भद्रा का प्रारंभ होगा, जो प्रात: 05 बजकर 48 मिनट तक रहेगी। इस भद्रा का वास धरती पर है, इस वजह से भद्रा में कोई शुभ काम न करें।

सोम प्रदोष व्रत का महत्व

सोम प्रदोष व्रत में शिव पूजा करने से सुख, समृद्धि, मानसिक शांति की प्राप्ति होती है। कुंडली का चंद्र दोष भी दूर होता है। वैवाहिक जीवन सुखमय होता है, सेहत ठीक रहती है।

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वनडे विश्वकप क्वालिफायर शुरु होंगे इस तारीख से, इस टीम की मुश्किल स्थिति

ODI World Cup Qualifiers 2027अगले साल 22 फ़रवरी से 23 मार्च के बीच खेले जाएंगे। एक अग्रणी क्रिकेट वेबसाइट के मुताबिक ICC ने प्रतियोगिता की तारीख़ों पर मुहर लगा दी है लेकिन मैदानों पर अभी फ़ैसला नहीं लिया गया है।

जुलाई में ICC द्वारा घोषित किए गए विश्व कप 2027 के नए प्रारुप  के मुताबिक़ क्वालीफ़ायर्स का विजेता सीधे प्रमुख ग्रुप में प्रवेश कर जाएगा। जबकि क्वालीफ़ायर्स में दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान की टीम वनडे विश्व कप के पहले राउंड में पहुंचेगी। जिसे सुपर सीरीज़ का नाम दिया गया है, और फिर सुपर सीरीज़ के विजेता को 12 देशों के बीच प्रतिस्पर्धा का मौक़ा मिलेगा।

ICC वनडे विश्व कप 2027 दक्षिण अफ़्रीका, ज़िम्बाब्वे और नामीबिया के 12 शहरों में 4 अक्टूबर से 11 नवंबर 2027 के बीच खेला जाएगा।विश्व कप क्वालीफ़ायर्स में कुल 10 टीमें हिस्सा लेंगी। इनमें 30 सितंबर 2026 तक की वनडे रैंकिंग के आधार पर मेज़बान दक्षिण अफ़्रीका और ज़िम्बाब्वे को छोड़कर दो सबसे निचली रैंकिंग वाली पूर्ण सदस्य टीमें, CWC लीग-2 की शीर्ष चार टीमें और विश्व कप क्वालीफ़ायर्स प्लेऑफ़ से क्वालीफ़ाई करने वाली शीर्ष चार टीमें शामिल होंगी।

विश्वकप क्वालीफ़ायर्स प्लेऑफ़ में CWC लीग-2 की निचली चार टीमें और चैलेंज लीग की चार टीमें आमने-सामने होंगी। चैलेंज लीग को विश्व क्रिकेट का तीसरा स्तर माना जाता है। प्लेऑफ़ का प्रारूप अभी तय नहीं किया गया है, लेकिन इस आठ टीमों के टूर्नामेंट से शीर्ष चार टीमें 2027 वनडे विश्व कप क्वालीफ़ायर्स के लिए क्वालीफ़ाई करेंगी।

चैलेंज लीग में कुल 12 टीमें हिस्सा लेंगी, जिन्हें छह-छह टीमों के दो समूहों में बांटा जाएगा। प्रत्येक टीम इस पूरे चक्र के दौरान तीन राउंड-रॉबिन टूर्नामेंट खेलेगी। दोनों समूहों से शीर्ष दो-दो टीमें विश्व कप क्वालीफ़ायर्स प्लेऑफ़ के लिए क्वालीफ़ाई करेंगी।

वेस्टइंडीज़ को फिर क्वालिफाइंग टूर्नामेंट खेलना पड़ सकता है

वेस्टइंडीज़ इस समय वनडे रैंकिंग में 10वें स्थान पर है और सितंबर में भारत के ख़िलाफ़ होने वाले दो मैच ही उसे और खेलने हैं। इन मुक़ाबलों के नतीजों के साथ-साथ अफ़ग़ानिस्तान (8वें स्थान) और आयरलैंड (12वें स्थान) के बीच होने वाली आगामी सीरीज़ के परिणाम भी उसकी रैंकिंग पर असर डाल सकते हैं।

अगर आयरलैंड ने अफ़ग़ानिस्तान को 4-1 या 5-0 से हराकर सीरीज़ जीत ली, तो भारत के ख़िलाफ़ दो जीत वेस्टइंडीज़ को शीर्ष आठ में पहुंचाने के लिए पर्याप्त हो सकती है। लेकिन अगर अफ़ग़ानिस्तान सीरीज़ जीत जाता है, तो वेस्टइंडीज़ के लिए 2027 वनडे विश्व कप में जगह बनाने के लिए क्वालीफ़ायर्स खेलना लगभग तय हो जाएगा।

इससे पहले भी वेस्टइंडीज़ 2023 वनडे विश्व कप के लिए सीधे क्वालीफ़ाई करने में भी नाकाम रहा था। जिसके बाद हरारे में खेले गए क्वालीफ़ायर्स टूर्नामेंट में उसे नीदरलैंड्स के ख़िलाफ़ सुपर ओवर में हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद पहली बार वेस्टइंडीज़ विश्व कप से बाहर हो गया था।

BMW X1 LWB launch on August 21

BMW X1 LWB

BMW will launch the X1 LWB in India on Friday, August 21. A stretched version of the standard X1 SUV and the ICE equivalent to the iX1 LWB – both of which are sold here too – the X1 LWB will serve as BMW’s most affordable combustion-powered long-wheelbase model for the Indian market. Like other long-wheelbase BMWs, the X1 LWB was originally conceived for the Chinese market, where the SUV has been on sale since 2023. 

BMW X1 LWB exterior design

116mm longer than standard X1

Stretching the tape at 4,616mm long, 1,845mm wide, 1,641mm tall, and with a wheelbase of 2,802mm, the X1 LWB is 116mm longer (110mm increase in wheelbase) and 11mm taller than its SWB counterpart. There are otherwise no changes on the styling front compared to the standard X1, so the LWB continues to offer sleek LED headlamps and tail-lamps, large kidney grilles up front, and a relatively low-slung crossover-esque profile.

The China-spec X1 LWB gets 19-inch alloy wheels as standard (20-inchers optional), but these could be downsized for the India-spec version in the interest of ride quality – the standard X1 and iX1 LWB come with 18-inchers here.

BMW X1 LWB interior and features

Increased rear legroom, higher bench and wider headrest cushions

Expectedly, the interior layout of the X1 LWB is identical to that of its SWB counterpart, save for an upgraded experience for rear occupants – generous increase in legroom, 27mm bump in seat height and 37mm wider headrest cushions. At 540 litres, the X1 LWB’s boot is also larger than the standard X1’s 476-litre capacity.

The features list includes a 10.7-inch infotainment touchscreen, a 10.25-inch digital driver’s display, a wireless charging pad, powered front seats, automatic climate control, a powered tailgate, a digital key, a Harman Kardon sound system, connected car tech, auto park assist and more.

BMW X1 LWB engine and gearbox options

2.0-litre turbo-petrol mill and 7-speed DCT

In India, the standard X1 is sold in two variants, sDrive18i and sDrive18d, offering 1.5-litre 3-cyl turbo-petrol and 2.0-litre 4-cyl diesel engines, respectively. However, the China-spec X1 LWB gets neither of those engines. Instead, it’s sold in sDrive25Li FWD and xDrive25Li AWD guises, and powered by a 2.0-litre 4-cyl turbo-petrol motor that outputs 204hp and 300Nm – up 68hp and 70Nm over the sDrive18i – and is paired with a 7-speed dual-clutch automatic. 0-100kph comes up in 7.9 seconds for the FWD version and 7.7 seconds for the AWD X1 LWB. Top speed is rated at up to 229kph.

BMW X1 LWB price estimate and positioning

No direct rivals in the Indian luxury car market

Pricing for the standard X1 starts at Rs 50.9 lakh and tops off at Rs 52.9 lakh in India, so expect the X1 LWB to command a premium, especially if BMW offers it with the more powerful 2.0-litre turbo-petrol engine. The X1 LWB will sit in a unique spot of the market, as there are no long-wheelbase entry-level luxury SUVs to rival it at the moment.

All prices are ex-showroom, India.

Gold Investment: क्या अभी सोना खरीदना चाहिए? मोतीलाल ओसवाल ने निवेशकों को दी खास सलाह

Gold Investment: हाल के वर्षों में सोने ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। लेकिन अब निवेश की रणनीति बदलने की जरूरत हो सकती है। ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal Financial Services (MOFSL) का कहना है कि तेजी के दौरान एकमुश्त निवेश करने के बजाय धीरे-धीरे निवेश करना बेहतर रहेगा।

ब्रोकरेज के मुताबिक, अब सोने की कीमतों पर सिर्फ भू-राजनीतिक तनाव का असर नहीं पड़ता। अमेरिकी महंगाई, ब्याज दरें और रियल यील्ड जैसे फैक्टर्स भी बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।

क्या अभी सोना खरीदना चाहिए?

MOFSL का कहना है कि लंबी अवधि के निवेशकों को एक बार में बड़ी रकम लगाने से बचना चाहिए। इसके बजाय अलग-अलग स्तर पर धीरे-धीरे निवेश करना बेहतर रणनीति हो सकती है।

ब्रोकरेज का अनुमान है कि मौजूदा स्तर से सोने में 6% से 8% तक की गिरावट आ सकती है। इसके बाद अगले 12 से 15 महीनों में कीमतों में फिर तेजी देखने को मिल सकती है।

भारतीय निवेशकों के लिए ब्रोकरेज ने ₹1.30 लाख से ₹1.33 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर को खरीदारी के लिए वाजिब माना है। वहीं, मीडियम टर्म में ₹1.68 लाख और उसके बाद ₹1.93 लाख प्रति 10 ग्राम का लक्ष्य दिया है।

ब्याज दरों पर क्यों रखें नजर?

सोना नियमित आय नहीं देता, जैसे फिक्स्ड डिपॉजिट या बॉन्ड देते हैं। इसलिए ब्याज दरों का सोने की कीमतों पर बड़ा असर पड़ता है।

जब रियल यील्ड बढ़ती है, तो निवेशक ब्याज देने वाले निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं। इससे सोने पर दबाव आ सकता है। वहीं, ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद सोने की मांग बढ़ा सकती है।

ब्रोकरेज का कहना है कि आने वाले महीनों में अमेरिकी महंगाई, फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर फैसले, ग्लोबल लिक्विडिटी, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और ETF निवेश पर नजर रखनी चाहिए।

चांदी को लेकर क्या राय है?

मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि चांदी की चाल सोने से अलग होती है। इसकी वजह यह है कि चांदी का इस्तेमाल निवेश के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स, रिन्यूएबल एनर्जी और इलेक्ट्रिक सेक्टर में भी होता है।

इसी कारण चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव ज्यादा हो सकता है। इस पर औद्योगिक मांग, वैश्विक आर्थिक स्थिति, निवेशकों की खरीदारी और ब्याज दरों का असर पड़ता है।

निवेशकों के लिए क्या है सलाह?

ब्रोकरेज का मानना है कि सोना और चांदी लंबी अवधि में पोर्टफोलियो में विविधता लाने का अच्छा विकल्प बने रहेंगे। हालांकि, निवेशकों को छोटी अवधि की तेजी या गिरावट के पीछे भागने के बजाय अनुशासित तरीके से निवेश करना चाहिए। महंगाई, ब्याज दरों और केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर नजर रखना ज्यादा अहम होगा।

क्या UPI पेमेंट पर चार्ज देना होगा? आखिर पेमेंट सिस्टम का बोझ कौन उठाएगा, RBI गवर्नर ने समझाया

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सिर्फ ब्रेड पकौड़ा और गुलाब जामुन बेचकर लाखों की कमाई! वायरल हुई सड़क किनारे की इस दुकान की कहानी

सोशल मीडिया पर इन दिनों सड़क किनारे लगी एक छोटी-सी ब्रेड पकौड़ा और गुलाब जामुन की दुकान काफी वायरल हो रहा है। वायरल हो रहे वीडियो में एक व्यक्ति ने दुकानदार की संभावित कमाई का अनुमान शेयर किया। दुकान पर सिर्फ ब्रेड पकौड़ा और गुलाब जामुन मिलते हैं, लेकिन फिर भी यहां हर दिन बड़ी संख्या में ग्राहक पहुंचते हैं। लोगों का कहना है कि सीमित सामान बेचने के बावजूद इस स्टॉल का कारोबार काफी अच्छा चलता है। सोशल मीडिया पर कई यूजर इस छोटे से बिजनेस की सफलता और संभावित कमाई को देखकर हैरानी जता रहे हैं।

कितनी होती है कमाई

सोशल मीडिया पर ये पोस्ट X यूजर अंकित पांडे ने शेयर की। उन्होंने लिखा, “यह सड़क किनारे ब्रेड पकौड़ा बेचने वाला 10 साल का कॉर्पोरेट अनुभव रखने वाले कई लोगों से भी ज्यादा कमाई करता है।” अंकित पांडे ने बताया कि सफर के दौरान वह एक ब्रेड पकौड़ा नाम के एक छोटे से स्टॉल पर पहुंचे। अंकित ने अपनी पोस्ट में लिखा, “यात्रा के दौरान मैं मनोज ब्रेड पकौड़ा नाम की एक छोटी-सी सड़क किनारे की दुकान पर रुका। यहां न कोई आलीशान इंटीरियर था, न एयर कंडीशनिंग और न ही महंगी ब्रांडिंग। इसके बावजूद स्वादिष्ट खाने और ग्राहकों की लगातार भीड़ ने मेरा ध्यान खींच लिया।”

एक दिन में आते हैं 400 कस्टमर

उन्होंने आगे बताया कि उन्होंने दुकानदार से पूछा, “भैया, आपके पास रोज कितने ग्राहक आते हैं?” इस पर दुकानदार ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “करीब 400।” पांडे के मुताबिक, ज्यादातर ग्राहक एक ब्रेड पकौड़ा और एक गुलाब जामुन का ऑर्डर करते हैं। कस्टमर की संख्या जानने के बाद अंकित ने स्टॉल की संभावित रोजाना बिक्री का अनुमान लगाया। उन्होंने लिखा, “अब एक आसान हिसाब लगाते हैं। ब्रेड पकौड़े की कीमत 15 रुपये और गुलाब जामुन की कीमत भी 15 रुपये है। यानी एक ग्राहक का औसत बिल 30 रुपये हुआ। अगर रोज करीब 400 ग्राहक आते हैं, तो 400 × 30 के हिसाब से दुकान की दैनिक बिक्री लगभग 12,000 रुपये बैठती है।”

दुकानदार की होती है अच्छी बचत

अंकित पांडे ने साफ किया कि कमाई का ये अनुमान दुकानदार की दी गई जानकारी पर आधारित है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उनके मुताबिक, रोज के खर्च निकालने के बाद भी दुकानदार की अच्छी बचत हो जाती है। अंकित ने बताया कि दुकानदार के मुताबिक, कमाई का सही हिसाब लगाने से पहले कच्चा सामान, तेल, गैस, किराया और रोजमर्रा के दूसरे खर्चों को अलग किया जाता है। इन सभी खर्चों के बाद भी दुकानदार का दावा है कि उसकी कुल कमाई का करीब 70 प्रतिशत हिस्सा बचत के रूप में रह जाता है। लेकिन इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।

अपना अनुमान साझा करते हुए अंकित पांडे ने लिखा, “इस हिसाब से रोज करीब 8,400 रुपये की बचत होती है। यानी महीने में लगभग 2.5 लाख रुपये और सालभर में करीब 30 लाख रुपये। ये सभी आंकड़े मनोज द्वारा मेरे साथ साझा की गई जानकारी के आधार पर लगाए गए अनुमान हैं।”

वायरल हुआ पोस्ट

ये पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कई यूजर्स ने कहा कि अच्छी क्वालिटी, सही कीमत और ग्राहकों के भरोसे के दम पर छोटे कारोबार भी शानदार कमाई कर सकते हैं। एक यूजर ने लिखा, “यह कारोबार कमाई वाला जरूर है, लेकिन इसे सफल बनाने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती है।” वहीं, दूसरे यूजर ने टिप्पणी की, “लगातार अच्छी क्वालिटी और एक जैसा स्वाद ही असली सफलता और कमाई की सबसे बड़ी वजह है।”

मध्य प्रदेश में बस सफर हुआ महंगा, 2 रुपए प्रति किलोमीटर से देना होगा किराया

भोपाल। मध्य प्रदेश में अब बस का सफर महंगा हो गया है। राज्य सरकार ने राज्य में चलने वाली सभी प्रकार की यात्री बसों के किराए में बदलाव करते हुए नई दरें लागू कर दी हैं। सरकारी राजपत्र में जारी अधिसूचना के अनुसार, सामान्य बसों के मूल किराए के साथ-साथ रात्रि सेवा, डीलक्स, स्लीपर और एसी बसों के किराए में बढ़ोत्तरी कर दी गई  है। । नए आदेश के तहत अब साधार बस का किराया 2 रुपये किलोमीटर होगा, इसके साथ ही यात्रा के किसी भी हिस्से के लिए न्यूनतम किराया 10 रुपये देना अनिवार्य होगा। अब तक बस का किराय 1.25 रुपए प्रति किलोमीटर था। 
 

कैटेगरी के हिसाब से कितनी हुई बढ़ोतरी?

सामान्य बसों के किराए में 2 रुपए किलोमीटर 

रात्रि बस सेवा: सामान्य किराए से 10% अधिक

डीलक्स बस (नॉन ए.सी.): सामान्य किराए से 25% अधिक

स्लीपर बस: सामान्य किराए से 40% अधिक

डीलक्स बस (ए.सी.): सामान्य किराए से 50% अधिक

सुपर लग्जरी कोच (ए.सी.): सामान्य किराए से 75% अधिक

 

दरअसल प्रदेश  निजी बस ऑपरेटर लंबे समय से डीजल, स्पेयर पार्ट्स, बीमा, टैक्स और कर्मचारियों के वेतन में लगातार बढ़ रही लागत का हवाला देकर किराया बढ़ाने की मांग कर रहे थे। बस संचालकों ने मांग पूरी नहीं होने पर 7 अगस्त से आंदोलन और अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी भी दी थी। सरकार और बस ऑपरेटरों के बीच हुई चर्चा के बाद किराया संशोधन पर सहमति बनी थी। किराया बढ़ने का सीधा असर रोजाना बस से सफर करने वाले यात्रियों पर पड़ेगा। विशेष रूप से नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों तक आने-जाने वाले यात्रियों पर पड़ेगा। वहीं, बस संचालकों का कहना है कि बढ़ी हुई परिचालन लागत के कारण किराया संशोधन आवश्यक हो गया था और इससे परिवहन सेवाओं का संचालन सुचारु रखने में मदद मिलेगी।

 

 

 

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2026 Mahindra Scorpio N

Mahindra has launched the Scorpio N facelift with prices ranging from Rs 13.69 lakh to Rs 25.49 lakh (ex-showroom). While the rugged exterior remains largely unchanged, the facelift introduces new 18-inch diamond-cut alloy wheels on higher variants. Inside, the SUV gets a significantly upgraded cabin with a revised dashboard layout, a 12.3-inch free-floating touchscreen, 10.25-inch digital instrument cluster, panoramic sunroof, 540-degree surround-view camera, revised switchgear and new ‘Adventure Statistics’ display. Convenience has also improved with a 65W USB Type-C charger up front. Mechanically, the Scorpio-N remains unchanged, continuing with its 2.0-litre turbo-petrol and 2.2-litre diesel engines, and is available with a 6-speed manual or a 6-speed torque-converter automatic gearboxes. 

Heavy Rain Alerts: उत्तराखंड में अगले 24 घंटे बेहद भारी! स्कूल बंद…इन जिलों में हाई अलर्ट, जान लें IMD का लेटेस्ट अपडेट

Heavy Rain Alerts: राजधानी दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में इस समय मानसून की बारिश देखने को मिल रही है। वहीं देश के पहाड़ी राज्यों में बारिश ने अपना रौद्र रूप भी दिखाना शुरू कर दिया है। उत्तराखंड में अगले 24 घंटे भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, बारिश की गतिविधियां रात के समय और तेज हो सकती हैं और अगले दो दिनों तक इसका असर बना रह सकता है। 6 अगस्त को चमोली, बागेश्वर और देहरादून जिलों के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

इन जिलों के लिए जारी हुआ अलर्ट

मौसम विभाग ने 5 और 6 अगस्त के लिए कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग का कहना है कि 7 से 10 अगस्त के बीच भी राज्य के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला बना रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, 5 अगस्त को देहरादून, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं, अन्य पहाड़ी जिलों और ऊधम सिंह नगर में भी कई जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

भारी बारिश का अलर्ट, स्कूलों की छुट्टी

देहरादून में रातभर हुई तेज बारिश के कारण टोंस नदी का जलस्तर बढ़ गया। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर बुधवार को सभी स्कूल बंद रखने का फैसला किया है। देहरादून जिला प्रशासन ने बुधवार को सभी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में एक दिन की छुट्टी घोषित कर दी है। यह आदेश पहली से 12वीं कक्षा तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के साथ-साथ जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर लागू रहेगा।

अलर्ट पर रखे गए सभी विभाग

वहीं, उत्तराखंड सरकार ने सभी विभागों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने को कहा है। उन्होंने राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और सभी जिला प्रशासन को अलर्ट रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू करने के आदेश दिए हैं। साथ ही उन्होंने लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे बिना जरूरी काम के यात्रा न करें और मौसम विभाग व प्रशासन की ओर से जारी सलाह का पालन करें।

इन इलाकों में मौसम ने दिखाया रौद्र रूप

लगातार हो रही बारिश का असर उत्तराखंड के कई इलाकों में देखने को मिल रहा है। रुद्रप्रयाग जिले में मदमहेश्वर धाम जाने वाले रास्ते पर मारकंडा नदी का अस्थायी पुल तेज बहाव में बह गया, जिससे यात्रा प्रभावित हो गई है। सावन के महीने में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, इसलिए फिलहाल लोग और स्थानीय निवासी नदी पार करने के लिए ट्रॉली की मदद ले रहे हैं। वहीं, मंगलवार रात हुई भारी बारिश के कारण कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी भी प्रभावित हुई। तेज बहाव वाली नदियों में कई वाहन फंस गए थे। हालांकि, सभी 20 पर्यटकों, गाइड और ड्राइवरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। एहतियात के तौर पर ढेला और झिरना सफारी जोन को फिलहाल बंद कर दिया गया है।