अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ पहला ODI बारिश की भेंट चढ़ने के चलते आयरलैंड को अब अफ़्रीका में 2027 में होने वाले वनडे विश्व कप में प्रवेश पाने के लिए क्वालीफ़ायर टूर्नामेंट खेलना होगा। ब्रेडी में रद्द हुए मुक़़ाबले में टॉस भी नहीं हो पाया।
आयरलैंड इस समय पुरुष ODI रैंकिंग में 11वें स्थान पर है और उन्हें विश्व कप में सीधा प्रवेश पाने के लिए ज़िम्बाब्वे, वेस्टइंडीज़ और बांग्लादेश को पछाड़ना ज़रूरी था। हालांकि इसके लिए उन्हें 30 सितंबर की समयसीमा से पहले अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ 5-0 से क्लीन स्वीप करना था और उनके लिए यह भी ज़रूरी था कि वेस्टइंडीज़ भारत के ख़िलाफ़ दो ODI हारे।
आयरलैंड अब 10 टीमों वाले क्वालीफ़ायर टूर्नामेंट में हिस्सा लेगा जिसका विजेता विश्व कप में सीधा प्रवेश पाएगा। दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमें विश्व कप के पहले राउंड (सुपर सीरीज़) में खेलेंगी। इसमें शीर्ष पर रहने वाली टीम 12 टीम वाले मुख्य स्टेज में प्रवेश करेगी।
Alas the match has been abandoned – present conditions under foot and incoming rain has meant that play today will not be possible.
10 टीमों वाले क्वालीफ़ायर में यह टीमें शामिल होंगी: 30 सितंबर 2026 तक ODI रैंकिंग में अंतिम दो स्थान पर रहने वाले पूर्ण सदस्य देश ( मेज़बान साउथ अफ़्रीका और ज़िम्बाब्वे को छोड़कर), CWC लीग 2 से शीर्ष चार टीमें और विश्व कप क्वालीफ़ायर प्लेऑफ़ से शीर्ष चार टीमें। इस प्लेऑफ़ में CWC लीग 2 की अंतिम चार टीमें चैलेंज लीग की चार टीमों के साथ खेलेंगी। इसका प्रारूप तय किया जाना अभी बाक़ी है लेकिन आठ टीमों वाले इस प्लेऑफ़ की शीर्ष चार टीमें विश्व कप क्वालीफ़ायर में प्रवेश पाएंगी।
चैलेंज लीग में 12 टीमें खेलेंगी जिन्हें छह-छह के दो पूल में बांटा जाएगा और इस चक्र में हर टीम तीन राउंड-रॉबिन टूर्नामेंट खेलेंगी। दोनों पूल में शीर्ष दो पर रहने वाली टीमें विश्व कप क्वालीफ़ायर प्लेऑफ़ में प्रवेश करेंगी।
SBI Mutual Fund New SIF Launch: देश के सबसे बड़े एसेट मैनेजर एसबीआई म्यूचुअल फंड ने अपने स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड (SIF) फ्रेमवर्क के तहत दूसरी इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजी पेश की है। फंड हाउस ने ‘मैग्नम इक्विटी एक्स-टॉप 100 लॉन्ग शॉर्ट फंड’ लॉन्च किया है।
यह फंड मुख्य रूप से मार्केट कैप के आधार पर भारत की टॉप 100 कंपनियों के बाहर की कंपनियों में निवेश करेगा। साथ ही उतार-चढ़ाव और जोखिम को मैनेज करने के लिए डेरिवेटिव्स के जरिए सीमित शॉर्ट पोजिशन्स का इस्तेमाल करेगा।
NFO की प्रमुख तारीखें और बेंचमार्क
अगर आप एसबीआई म्यूचुअल फंड की इस नई स्ट्रेटेजी में निवेश करने का विचार कर रहे हैं, तो ये मुख्य तारीखें याद रखें:
NFO ओपनिंग डेट: 7 अगस्त 2026
NFO क्लोजिंग डेट: 20 अगस्त 2026
फंड का प्रकार: ओपन-एंडेड स्ट्रेटेजी
बेंचमार्क: BSE 500 TRI (टोटल रिटर्न इंडेक्स)
पैसा कहां और कैसे निवेश करेगा यह फंड?
फंड हाउस के अनुसार, यह फंड अपनी कुल एसेट्स का बंटवारा इस तरह करेगा:
इक्विटी एलोकेशन: कुल एसेट्स का 65% से 100% हिस्सा टॉप-100 से बाहर की कंपनियों के शेयरों और इक्विटी-लिंक्ड इंस्ट्रूमेंट्स में लगाया जाएगा।
टॉप-100 कंपनियों में एक्सपोजर: जरूरत पड़ने पर 35% तक का हिस्सा टॉप-100 कंपनियों में लगाया जा सकता है।
डेट और अन्य विकल्प: 35% तक डेट और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में, 20% तक InvITs में और 35% तक गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ (ETFs) सहित अन्य म्यूचुअल फंड यूनिट्स में निवेश किया जा सकता है।
विदेशी बाजारों में निवेश: रेगुलेटरी नियमों के तहत नेट एसेट्स का 35% तक ओवरसीज इक्विटीज, विदेशी ईटीएफ और डेट सिक्योरिटीज में अलॉट किया जा सकता है।
कम से कम कितना करना होगा निवेश?
सेबी के स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड (SIF) नियमों के तहत इसमें निवेश की सीमाएं इस प्रकार हैं:
नए निवेशकों के लिए: मिनिमम इन्वेस्टमेंट ₹10 लाख रखा गया है।
मौजूदा मैग्नम SIF निवेशकों के लिए: अगर पैन लेवल पर उनकी कुल मैग्नम SIF होल्डिंग कम से कम ₹10 लाख है, तो वे प्रति एप्लिकेशन ₹1 लाख से भी एक्स्ट्रा निवेश कर सकते हैं।
फंड मैनेजर, एग्जिट लोड और टैक्सेशन नियम
इस स्ट्रेटेजी का प्रबंधन गौरव मेहता करेंगे, जो एसबीआई के पहले SIF ऑफरिंग ‘मैग्नम हाइब्रिड लॉन्ग शॉर्ट फंड’ को भी मैनेज करते हैं। अलॉटमेंट के 3 महीने के भीतर यूनिट्स रिडीम या स्विच करने पर 1% का एग्जिट लोड लगेगा। 3 महीने पूरे होने के बाद निकासी पर कोई एग्जिट लोड नहीं लगेगा।
चालू टैक्स नियमों के अनुसार, 12 महीने से अधिक समय तक होल्ड की गई यूनिट्स पर मिलने वाले लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) पर 12.5% टैक्स (प्लस सरचार्ज और सेस) लगेगा। एक वित्त वर्ष में ₹1.25 लाख तक का कैपिटल गेन पूरी तरह टैक्स-फ्री रहेगा।
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के एमडी और सीईओ देबाशीष मिश्रा के अनुसार, ‘यह नया फंड शोध-आधारित निवेश और भारत के बढ़ते बाजार में निवेशकों के लिए विविधता लाने के उद्देश्य से पेश किया गया है।’ बता दें कि अप्रैल-जून 2026 तिमाही के दौरान एसबीआई म्यूचुअल फंड का औसतन एयूएम (AAUM) ₹12.57 लाख करोड़ से अधिक रहा है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच रूस में एक नया घोटाला सामने आया है। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक कुछ महिलाओं पर आरोप है कि वे युद्ध पर जाने वाले सैनिकों से जल्दबाजी में शादी करती हैं और उनकी मौत के बाद मिलने वाले सरकारी मुआवजे पर कब्जा कर लेती हैं। रूसी मीडिया और अधिकारी ऐसी महिलाओं को ‘ब्लैक विडो’ कह रहे हैं। रूस में हाल के महीनों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें सैनिकों ने मोर्चे पर जाने से ठीक पहले या अस्पताल में मौत से पहले शादी की। इस पूरे स्कैम में अस्पताल से लेकर सेना तक पर मिलीभगत के आरोप लग रहे हैं। सबसे चर्चित मामले में एक सैन्य अस्पताल की नर्स पर आरोप लगा कि उसने इलाज करा रहे पांच घायल सैनिकों से अलग-अलग समय पर शादी की। आरोप था कि सैनिकों की मौत के बाद वह उनका मुआवजा लेना चाहती थी। मामला सामने आने के बाद उसे नौकरी से निकाल दिया गया। पिता की मौत के बाद बेटी को पता चला- दो दिन पहले हुई थी शादी सेंट पीटर्सबर्ग की रहने वाली मारिया को सेना ने बताया कि उनके 59 साल पिता यूरी की यूक्रेन युद्ध में गोली लगने से मौत हो गई। लेकिन उन्हें सबसे बड़ा झटका तब लगा, जब पता चला कि युद्ध पर भेजे जाने से सिर्फ दो दिन पहले उनके पिता ने शादी कर ली थी। मारिया का कहना है कि उन्होंने उस महिला का नाम पहले कभी नहीं सुना था। वह उनके पिता से 22 साल छोटी थी। शादी के बाद वही कानूनी रूप से यूरी की सबसे करीबी रिश्तेदार बन गई और सरकारी मुआवजे की हकदार भी। मारिया का आरोप है कि उनके पिता के साथ धोखा हुआ। उनका यह भी दावा है कि पिता का फ्लैट भी बेच दिया गया और अब उनके पास पिता की याद में सिर्फ उस घर की चाबियां बची हैं, जो अब किसी काम की नहीं हैं। सैनिक की मौत पर मिलता है भारी मुआवजा रूस में युद्ध में मारे गए सैनिक के परिवार को सरकार की ओर से कम से कम 50 लाख रूबल (करीब 62 लाख भारतीय रुपए) की एकमुश्त मदद मिलती है। कई अन्य भुगतान और बीमा जोड़ दिए जाएं तो यह रकम और भी ज्यादा हो सकती है। आरोप है कि कुछ महिलाएं इसी पैसे के लालच में अकेले, बुजुर्ग या कमजोर सैनिकों को शादी के लिए फंसाती हैं। सैनिक की मौत के बाद पूरा मुआवजा पत्नी को मिल जाता है। परिवार के बाकी लोगों को कुछ भी नहीं मिल पाता। सरकार ने जल्दी शादी को बढ़ावा दिया, इसके बाद स्कैम बढ़ा फरवरी 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद रूस ने सेना में भर्ती होने वाले लोगों के लिए शादी के नियम आसान कर दिए। आमतौर पर रूस में शादी के लिए आवेदन देने के बाद कुछ समय इंतजार करना पड़ता है, लेकिन युद्ध के दौरान इस प्रक्रिया में छूट दे दी गई। नए सैनिक चाहें तो भर्ती के तुरंत बाद शादी कर सकते थे। सरकार का मानना था कि इससे सैनिकों को परिवार का सहारा मिलेगा और अगर युद्ध में उनकी मौत हो जाती है, तो पत्नी और परिवार को सरकारी आर्थिक मदद आसानी से मिल सकेगी। ‘सैनिक से शादी करो, फ्लैट खरीद लो’ पिछले साल साइबेरिया के टॉम्स्क शहर के एक पॉडकास्ट में रूसी वकील और रियल स्टेट एजेंट मरीना ओरलोवा का बयान बहुत वायरल हुआ था। उन्होंने कहा था, अगर फ्लैट खरीदना है तो किसी ऐसे सैनिक से शादी कर लो जो युद्ध पर जा रहा हो। उसकी मौत के बाद मिलने वाले पैसे से घर खरीद लेना। आजकल कई महिलाएं इसी तरह सस्ते फ्लैट खरीद रही हैं। यह एक बहुत अच्छा बिजनेस है। इसके बाद एजेंट और पॉडकास्ट की होस्ट के खिलाफ मुकदमा चला। दोनों को सामुदायिक सेवा की सजा दी गई और सैनिकों व उनके परिवारों से सार्वजनिक माफी मांगनी पड़ी। तलाक से पहले सैनिक की मौत, पत्नी को मुआवजा नहीं मिला रूसी सैनिक जॉर्जी कोस्तिरको छुट्टी पर जब घर आए तो उसी दौरान उनकी मुलाकात एंजेलिना वार्यूखिना से हुई थी। दोनों ने मुलाकात के महज 10 दिन बाद शादी कर ली। शादी के कुछ ही समय बाद जॉर्जी फिर से यूक्रेन युद्ध के मोर्चे पर लौट गए। जॉर्जी की मां ने आरोप लगाया कि शादी के कुछ समय बाद एंजेलिना सोशल मीडिया पर दूसरे पुरुषों के साथ तस्वीरें और वीडियो पोस्ट करने लगी थीं। इससे दोनों के रिश्ते बिगड़ गए और जॉर्जी ने तलाक की प्रक्रिया शुरू कर दी। हालांकि, एंजेलिना ने इन आरोपों से इनकार किया। उनका कहना था कि दोनों के बीच बाद में सुलह हो गई थी और सोशल मीडिया पर डाली गई तस्वीरें सिर्फ जॉर्जी को जलाने के लिए थीं। तलाक की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही यूक्रेनी हमले में जॉर्जी की मौत हो गई। रूसी कानून के मुताबिक, उस समय एंजेलिना उनकी कानूनी पत्नी थीं, इसलिए सरकारी मुआवजा पाने का अधिकार उन्हें मिल गया। इस पर जॉर्जी के परिवार ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अदालत ने एंजेलिना को सबसे करीबी कानूनी रिश्तेदार का दर्जा रद्द कर दिया। इस फैसले के बाद उन्हें मुआवजे का अधिकार नहीं मिला। यह मामला पूरे रूस में चर्चा का विषय बना और इसके बाद सैनिकों की मौत के मुआवजे के लिए की जा रही संदिग्ध शादियों पर बहस तेज हो गई। सेना के अधिकारियों पर भी लगे गंभीर आरोप कुछ मामलों में आरोप सिर्फ महिलाओं तक सीमित नहीं रहे। रूस के प्रिमोर्स्की क्षेत्र में जांच एजेंसियों ने एक वारंट ऑफिसर, एक सार्जेंट और सेना के एक अकाउंटेंट पर भी जांच शुरू की। आरोप है कि ये लोग अनाथों और ऐसे पुरुषों को ढूंढ़ते थे जिनका कोई करीबी रिश्तेदार नहीं था। उनकी जल्दबाजी में शादी कराई जाती थी और फिर उन्हें युद्ध के सबसे खतरनाक मोर्चों पर भेजा जाता था। अगर उनकी मौत हो जाती, तो मुआवजे की रकम आपस में बांट ली जाती। सांसद बोले- परिवारों को बचाइए रूसी सांसद लियोनिद स्लुत्स्की ने कहा कि अब सैनिकों के परिवारों को ऐसे लोगों से बचाने की जरूरत है, जो शादी और मुआवजे के नाम पर ठगी कर रहे हैं। ऐसे मामले लगातार बढ़ रहे हैं, इसलिए सरकार को जल्द सख्त कानून बनाकर कार्रवाई करनी चाहिए। यूक्रेन युद्ध लंबा खिंचने के साथ रूस में आर्थिक मुश्किलें बढ़ रही हैं। बड़ी संख्या में सैनिकों की मौत हो रही है और लोगों में नाराजगी भी बढ़ रही है। ऐसे माहौल में सैनिकों के मुआवजे के लिए फर्जी शादी कराने के मामले भी तेजी से सामने आ रहे हैं। यही वजह है कि यह मुद्दा अब पूरे रूस में चर्चा का विषय बन गया है।
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Mahindra recently launched the 2026 Scorpio N, introducing a handful of changes, including new rims, a larger touchscreen, a fresh driver’s display, and a 540-degree camera, while retaining the same powertrain and drivetrain options. It is priced from Rs 13.69 lakh to Rs 25.49 lakh (ex-showroom). Its prices are similar to those of the Thar Roxx’s, which also offers the same powertrain and drivetrain options. So, if you are looking for a Mahindra SUV at around Rs 25 lakh, should you choose the top-spec Mahindra Scorpio N Z8L or the Thar Roxx AX7L? We find out.
2026 Mahindra Scorpio N vs Thar Roxx: Dimensions
Scorpio N is larger and offers more boot space; Thar Roxx has better ground clearance
Mahindra Scorpio N vs Thar Roxx: Dimensions and other specifications
Scorpio N
Thar Roxx
Difference
Length (mm)
4,662
4,428
+234
Width (mm)
1,917
1,870
+47
Height (mm)
1,857
1,923
-66
Wheelbase (mm)
2,750
2,850
-100
Ground clearance (mm)
187
226
-39
Boot space (litres)
786*
447
+339
No. of seats (mm)
6 or 7
5
–
*786 litres of boot space is with the third row folded (with 5 seats up).
The Mahindra Scorpio N is significantly longer compared to the Thar Roxx, and it is also slightly wider. The Thar Roxx, on the other hand, has a larger wheelbase and is also taller than the Scorpio N.
The Scorpio N offers a larger boot with the third row folded. Notably, the Scorpio N is offered with either 6 or 7 seats, the former asking a premium over the latter, while the Thar Roxx is strictly a 5-seater.
2026 Mahindra Scorpio N Z8L vs Thar Roxx AX7L: Powertrain
Both Mahindra SUVs get the same powertrain options, but with slightly different tunes
Top-spec Mahindra Scorpio N vs Thar Roxx: Powertrain options
Scorpio N Z8L*
Thar Roxx AX7L^
Engine
2.0L TP | 2.2L D
2.0L TP | 2.2L D
Power (hp)
203 | 175
177 | 152-175
Torque (Nm)
370-380 | 370-400
380 | 330-400
Transmission
6MT, 6AT | 6MT, 6AT
6AT | 6MT, 6AT
Drivetrain
RWD | RWD, 4WD
RWD | RWD, 4WD
*Scorpio N’s direct-injection turbo-petrol produces 203hp, 370Nm with MT, and 203hp, 380Nm with AT; diesel engine produces 175hp, 370Nm with MT, 175hp, 400Nm with AT.
^Thar Roxx’s direct-injection turbo-petrol engine produces 152hp,300Nm with MT, and 175hp, 400Nm with AT.
Both top-spec Mahindra Scorpio N Z8L and Thar Roxx AX7 are offered with a choice between a 2.0-litre direct-injection turbo-petrol engine and a 2.2-litre diesel engine. However, these engines are offered in different states of tune, with varying power and torque outputs, and the Scorpio N’s select powertrains are slightly more powerful than the Thar Roxx’s.
The Scorpio N’s petrol-AT produces 28hp more than the Thar Roxx. Notably, the Thar Roxx AX7L is not offered with a petrol-manual option. The Scorpio N’s diesel-MT produces 23hp and 40Nm more than the Thar Roxx, while with the diesel-AT both SUVs offer 175hp and 400Nm.
The diesel engines on both SUVs are available with both rear-wheel-drive (RWD) and four-wheel-drive (4WD) setups with both manual and automatic variants, while the petrol engines are only offered with only a RWD setup.
2026 Mahindra Scorpio N Z8L vs Thar Roxx AX7L: Exterior
Thar Roxx AX7L has bigger rims, but Scorpio N Z8L offers roof rails
Mahindra Scorpio N Z8L vs Thar Roxx AX7L: Exterior
Scorpio N Z8L
Thar Roxx AX7L
Headlights
Auto LED
Auto LED
Taillights
Wraparound LED
Wraparound LED
DRLs
LED
LED
Front fog lamps
LED
LED
Wheels
18-inch
19-inch
Powered ORVMs
Yes
Yes
Roof rails
Yes
No
Sharkfin antenna
Yes
No
Colour
Mono-tone
Dual-tone
Top-spec trims of both SUVs are offered with all-LED lighting. The differences, however, are larger 19-inch alloy wheels on the Mahindra Thar Roxx AX7L, and roof rails on the Scorpio N Z8L. The Scorpio N has a sharkfin antenna, while the Thar Roxx’s antenna is placed on the front left fender.
The top-spec Scorpio N is offered with monotone hues only, while the Thar Roxx is available only in dual-tone shades.
2026 Mahindra Scorpio N Z8L vs Thar Roxx AX7L: Interior, features
Scorpio N Z8L offers larger infotainment, more speakers and dual-zone AC
Mahindra Scorpio N Z8L vs Thar Roxx AX7L: Interior and features
Scorpio N Z8L
Thar Roxx AX7L
Driver’s display
10.25-inch
10.25-inch
Infotainment screen
12.30-inch
10.25-inch
Android Auto, Apple CarPlay
Wireless
Wireless
Audio system
12-speaker Sony
8-speaker Harman Kardon
On-board navigation
Yes
Yes
Sunroof
Panoramic
Panoramic
Powered tailgate
No
No
Climate control
Dual-zone
Single-zone
Seat upholstery
Leatherette
Leatherette
Steering wheel adjustment
Tilt
Tilt
Wireless phone charger
Yes, with cooling
Yes
Driver seat adjustment
6-way
6-way
Co-driver’s seat adjustment
–
–
Front seat features
Ventilation
Ventilation
Rear window sunshade
No
No
The Scorpio N Z8L offers a larger 12.3-inch touchscreen infotainment system paired with a 12-speaker Sony sound system compared to the Thar Roxx AX7L’s 10.25-inch unit with an 8-speaker Harman Kardon sound system. The Scorpio N is also equipped with dual-zone climate control and a wireless phone charger with cooling, while the Thar Roxx gets basic single-zone automatic climate control and misses out on the cooling function for the wireless phone charger.
Everything else is identical on both SUVs, including a panoramic sunroof, a 10.25-inch driver’s display, a 6-way powered driver’s seat, front seat ventilation, and a tilt-adjustable steering wheel. Both SUVs also show adventure statistics including a compass, roll and pitch and an altimeter.
2026 Mahindra Scorpio N Z8L vs Thar Roxx AX7L: Driving tech
Scorpio N Z8L comes with more terrain modes than the Thar Roxx AX7L
Mahindra Scorpio N Z8L vs Thar Roxx AX7L: Driving technology
Scorpio N Z8L
Thar Roxx AX7L
Drive modes (RWD only)
Zip, Zap, Zoom
Zip, Zoom
Terrain modes (4WD only)
Normal, Snow, Mud & Ruts, Sand
Snow, Sand, Mud
Shift-on-fly 4WD
Yes
Yes
Electronic locking differential
4WD only
4WD only
Paddle shifters
AT only
AT only
Cruise control
Adaptive
Adaptive
Drive modes on the Scorpio N are offered only with the diesel-RWD variants, while even the petrol variants of the Thar Roxx get this suite. However, the Scorpio N gets an additional ‘Sand’ terrain mode missing on the Thar Roxx. Both SUVs, however, get a shift-on-fly 4WD system and an electronic locking differential, enhancing grip on slippery terrains.
2026 Mahindra Scorpio N Z8L vs Thar Roxx AX7L: Safety
Safety features are similar, save for a 540-degree camera on Scorpio N Z8L
Mahindra Scorpio N Z8L vs Thar Roxx AX7L: Safety features
Scorpio N Z8L
Thar Roxx AX7L
Airbags
6
6
ADAS
Level-2
Level-2
Camera setup
540-degree*
360-degree
Parking sensors
Front and rear
Front and rear
Electronic parking brake
Yes
Yes
All-wheel disc brakes
Yes
Yes
TPMS
Yes
Yes
IRVM
Auto-dimming
Auto-dimming
Rear wiper, washer
Yes
Yes
Hill start assist
Yes
Yes
Hill descent control
Yes
Yes
ESC
Yes
Yes
Traction control
Yes
Yes
*The 540-degree camera setup includes an under-bonnet display.
Except for a 540-degree camera setup on the Scorpio N Z8L, which shows the view under the SUV’s bonnet, all other safety features are identical to both SUVs. These include 6 airbags, Level-2 advanced driver assistance system (ADAS), front and rear parking sensors, a tyre pressure monitoring system (TPMS), and hill start and hold assists.
2026 Mahindra Scorpio N Z8L vs Thar Roxx AX7L: Prices
The Thar Roxx comes at a lower price compared to the top-spec Scorpio N
Mahindra Scorpio N Z8L vs Thar Roxx AX7L: Variant-wise ex-showroom price (Rs, lakh)
Scorpio N Z8L
Thar Roxx AX7L
Petrol MT
21.31-21.69
–
Petrol AT
22.87-23.05
20
Diesel MT
21.99-22.47
19.52
Diesel AT
23.49-23.80
20.78
Diesel MT 4WD
24.25
22.12
Diesel AT 4WD
25.49
22.53
The Mahindra Scorpio N Z8L is more expensive than the Thar Roxx AX7L in all powertrain configurations by over Rs 2 lakh. However, it is offered with an additional third row, which can accommodate more passengers. On the other hand, the Mahindra Thar Roxx is derived from a hardcore off-roader and is a good recreational vehicle while also serving urban buyers with its tech-loaded suite. However, the Scorpio N, despite being pricier, is a more practical option that packs in all the necessary off-roading tech and offers an additional third row, making it a good value-for-money SUV in its class.
Firstsource Solutions Q1 Results: सॉफ्टवेयर एंड आईटी सेक्टर की कंपनी फर्स्टसोर्स सोल्युशंस (Firstsource Solutions) ने अपने तिमाही नतीजे घोषित कर दिए है। नेट प्रॉफ़िट 19% गिरकर ₹166 करोड़ हो गया, जो पहले ₹205 करोड़ था। नतीजों के ऐलान के बाद शेयर 16 फीसदी से ज्यादा टूटा।
कंपनी ने पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए, Firstsource ने अपने कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान 10% से 13% के बीच बनाए रखा है, जबकि EBIT मार्जिन 12.25% से 12.75% के बीच रहने की उम्मीद है।
जून तिमाही के दौरान, Firstsource के रेवेन्यू में 4.5% की गिरावट आई और यह पिछली तिमाही के ₹2,853 करोड़ से घटकर ₹2,725 करोड़ हो गया।
इस तिमाही में EBIT (ब्याज और टैक्स से पहले की कमाई) ₹337 करोड़ रही, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 7.2% ज़्यादा है, जबकि EBIT मार्जिन पिछली तिमाही के 12.2% से बढ़कर 12.3% पर स्थिर रहा। इस अवधि के लिए नेट प्रॉफ़िट 19% गिरकर ₹166 करोड़ हो गया, जो पहले ₹205 करोड़ था।
US डॉलर के हिसाब से, Firstsource ने $288 मिलियन का रेवेन्यू दर्ज किया, जिसका मतलब है कि कॉन्स्टेंट करेंसी ग्रोथ पिछली तिमाही के मुकाबले 2.2% रही।
तिमाही के दौरान, Firstsource को UK की एक प्रमुख बेनिफिट्स और पेंशन एडमिनिस्ट्रेशन प्रोवाइडर कंपनी से एंड-टू-एंड बैक-ऑफ़िस ट्रांसफॉर्मेशन और रिसोर्स ऑप्टिमाइज़ेशन के लिए एक बड़ा ट्रांसफॉर्मेटिव डील मिला।
कंपनी ने US के एक प्रमुख एकेडमिक मेडिकल सेंटर से भी इंश्योरेंस फ़ॉलो-अप, डिनायल्स मैनेजमेंट और कॉम्प्लेक्स क्लेम रिज़ॉल्यूशन के लिए एक बड़ा डील हासिल किया। कंपनी की इन्वेस्टर प्रेजेंटेशन के अनुसार, यह कंपनी के लिए एक नया क्लाइंट (नया लोगो) है। कुल डील की जानकारी का खुलासा नहीं किया गया है।
जून तिमाही के अंत में, कंपनी में कर्मचारियों की कुल संख्या 36,875 थी; पिछली तिमाही के मुकाबले 670 और साल-दर-साल आधार पर 2,380 कर्मचारी बढ़े। पिछले 12 महीनों में कर्मचारियों के छोड़ने की दर (एट्रिशन रेट) 33.1% रही। यह उन कर्मचारियों के लिए है जो 180 दिनों से ज़्यादा समय से नौकरी कर रहे थे।
नतीजों की घोषणा के बाद Firstsource Solutions के शेयर 16% गिरकर ₹283.70 पर ट्रेड कर रहे हैं। पिछले एक महीने में स्टॉक 28% बढ़ा है।
(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
क्या आप दोस्त या रिश्तेदार की सलाह पर शेयरों में निवेश करते हैं? अगर हां तो आपको सावधान हो जाने की जरूरत है। एक रेडिट यूजर ने बताया है कि उसके पिता ने एक ही कंपनी के शेयर में करीब 75 लाख रुपये निवेश किए थे। आज इस निवेश की वैल्यू घटकर करीब 30 लाख रुपये रह गई है। यह सीधे 45 लाख रुपये का लॉस है। आखिर गलती कहां हुई?
रिश्तेदार की सलाह पर शेयर में निवेश
Reddit यूजर ने पूरे मामले के बारे में बताते हुए यूजर्स से सलाह मांगी है। उसने पूछा है कि अब क्या करना चाहिए। आइए पहले समझते हैं कि यह पूरा मामला क्या है। यूजर ने बताया है कि 2023 में उनके पिता ने शेयरों में निवेश करना शुरू किया। उन्होंने अपने एक रिश्तेदार की सलाह पर एक ही कंपनी के शेयरों में निवेश करना शुरू किया। उनके पास जब भी पैसे होते वह उस कंपनी के नए खरीद लेते थे।
जिंदगीभर की कमाई एक शेयर में लगाई
यूजर ने बताया है कि उसके पिता ने एक तरह से अपनी जिंदगी भर की कमाई एक शेयर में लगा दी। अब परिवार के लिए इस नुकसान को बर्दाश्त करना मुश्किल हो रहा है। यूजर ने रेडिट पर पूछा है कि इस लॉस से बाहर निकलने का क्या रास्ता हो सकता है? कई यूजर ने अपने-अपने तरीके से उसे सलाह दी है। कई यूजर्स ने शेयरों से एग्जिट करने की सलाह दी है।
कई यूजर्स ने दी लॉस बुक करने की सलाह
कुछ यूजर्स ने कहा है कि शेयर से एग्जिट करने के बाद अगर 30 लाख का निवेश अच्छे शेयरों में किया जाता है तो आगे अच्छा रिटर्न मिल सकता है। इससे लॉस की भी काफी हद तक भरपाई हो सकती है। कुछ यूजर्स ने अफसोस जताया है। एक यूजर ने लिखा है, “अगर आप गलत ट्रेन में चढ़ जाते हैं तो सफर जारी रखने की जगह अगले स्टेशन पर उतर जाना सही होगा।”
दोस्त या रिश्तेदार की सलाह पर निवेश में रिस्क
इस पूरे मामले से कई बाते सीखने को मिलती हैं। पहला, किसी ऐसे दोस्त या रिश्तेदार की सलाह पर निवेश करना ठीक नहीं, जिसके पास निवेश की सलाह देने की योग्यता नहीं हो। दूसरा, किसी एक शेयर में लगातार निवेश करना बहुत रिस्की है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि हर निवेशक को निवेश में डायवर्सिफिकेशन का ध्यान रखना चाहिए।
निवेश में डायवर्सिफिकेशन है बहुत जरूरी
डायवर्सिफिकेशन का मतलब पैसे का निवेश किसी एक एसेट या एक शेयर में निवेश करने की जगह अलग-अलग एसेट या अलग-अलग कंपनियों के शेयरों में निवेश करना है। इसका फायदा यह है कि किसी एक कंपनी के शेयर में गिरावट आने पर भी आपके पोर्टफोलियो पर ज्यादा असर नहीं पड़ता है। मान लीजिए आपके पोर्टफोलियो में कुल 10 कंपनियों के शेयर हैं। ऐसे में अगर 2-3 कंपनी के शेयर गिरते भी हैं तो बाकी 8-7 कंपनियों के शेयरों में आई तेजी से आपका पोर्टफोलियो नुकसान में जाने से बच जाता है।
सिर्फ इनवेस्टमेंट एडवाइजर की सलाह से ले निवेश के फैसले
कई लोग शेयरों में निवेश से फटाफट मुनाफा कमाने के लिए दोस्त या रिश्तेदार की सलाह पर निवेश करना शुरू कर देते हैं। इसमें काफी रिस्क है। अगर सलाह देने वाले व्यक्ति के पास शेयर या निवेश की दुनिया की अच्छी समझ नहीं है तो उसकी सलाह पर अमल करना बड़े नुकसान का सबब हो सकता है।
SIP Return Calculation: म्यूचुअल फंड में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी के जरिए निवेश करना लंबी अवधि में बड़ा फंड बनाने का सबसे पसंदीदा तरीका बन चुका है। एकमुश्त पैसे लगाने के बजाय हर महीने एक निश्चित राशि जमा करने से निवेशकों को ‘रुपये की औसत लागत’ और ‘कंपाउडिंग की ताकत’ का सीधा फायदा मिलता है।
अगर आप भी हर महीने महज ₹5,000 की बचत करके म्यूचुअल फंड एसआईपी में लगाते हैं, तो 12% के औसत अनुमानित रिटर्न के हिसाब से आप कुछ ही दशकों में करोड़पति बन सकते हैं। आइए देखते हैं 10, 20 और 30 साल में आपके इस छोटे से निवेश का पूरा कैलकुलेशन।
10 साल में कितना बनेगा फंड?
अगर आप हर महीने ₹5,000 का निवेश लगातार 10 सालों तक जारी रखते हैं, तो आपका कुल निवेश और रिटर्न इस प्रकार होगा:
मासिक SIP: ₹5,000
निवेश की अवधि: 10 वर्ष
अनुमानित वार्षिक रिटर्न: 12%
कुल जमा राशि: ₹6,00,000
अनुमानित रिटर्न: ₹5,61,696
10 साल बाद कुल वैल्यू: ₹11,61,696
यानी 10 सालों में आपकी जमा राशि पर मिलने वाला ब्याज लगभग आपके मूलधन के बराबर पहुंच जाता है।
20 साल में दिखेगा कंपाउंडिंग का असर
जैसे-जैसे आप निवेश की अवधि बढ़ाते हैं, कंपाउंडिंग की ताकत तेजी से काम करने लगती है:
मासिक SIP: ₹5,00,0
निवेश की अवधि: 20 वर्ष
अनुमानित वार्षिक रिटर्न: 12%
कुल जमा राशि: ₹12,00,000
अनुमानित रिटर्न: ₹37,95,740
20 साल बाद कुल वैल्यू: ₹49,95,740 (लगभग ₹50 लाख)
ध्यान दें, 10 साल से 20 साल के बीच आपकी जमा राशि केवल दोगुनी ₹6 लाख से ₹12 लाख हुई, लेकिन आपका कुल फंड बढ़कर लगभग ₹50 लाख हो गया।
30 साल में बनेंगे ₹1.76 करोड़ से अधिक
30 साल का लंबा नजरिया रखने पर आपको अहसास होगा कि वक्त आपके पैसों को किस तरह से मल्टीप्लाई करता है:
मासिक SIP: ₹5,000
निवेश की अवधि: 30 वर्ष
अनुमानित वार्षिक रिटर्न: 12%
कुल जमा राशि: ₹18,00,000
अनुमानित रिटर्न: ₹1,58,49,569
30 साल बाद कुल वैल्यू: ₹1,76,49,569 (₹1.76 करोड़ से ज्यादा)
30 सालों में आपके जेब से कुल ₹18 लाख ही गए, जबकि आपको मिलने वाला रिटर्न ही ₹1.58 करोड़ से अधिक का हो जाता है।
10, 20 और 30 साल की SIP का सफर
कंपाउंडिंग से दिन दोगुना रात चौगुना बढ़ती है पूंजी
म्यूचुअल फंड में वित्तीय सलाहकार जल्द से जल्द निवेश शुरू करने की सलाह इसीलिए देते हैं। आप जितने कम उम्र में एसआईपी शुरू करेंगे, कंपाउंडिंग को काम करने के लिए उतना ही ज्यादा समय मिलेगा। जब मार्केट गिरता है तो आपको ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं और मार्केट चढ़ने पर आपकी एनएवी (NAV) की वैल्यू तेजी से बढ़ती है।
निवेशकों के लिए जरूरी बातें
म्यूचुअल फंड में SIP के जरिए निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन होता है। 12% का रिटर्न एक ऐतिहासिक औसत पर आधारित गणना है। बाजार के रुख के अनुसार आपका रिटर्न कम या ज्यादा भी हो सकता है। इसलिए अपने पोर्टफोलियो की समय-समय पर समीक्षा करें और वित्तीय सलाहकार से सलाह लेकर ही अपने लक्ष्य के अनुसार सही फंड्स चुनें।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
Lucky Rawat North Pole expedition: महज 17 साल की उम्र में चकराता, उत्तराखंड के लकी रावत उत्तरी ध्रुव की 10 दिनों की यात्रा पर पा जा रहे हैं। इस यात्रा के लिए लकी का चुनाव तीन चरणों की प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के बाद किया गया है। यहां वह साइंस और कल्चरल गतिविधियों में 22 देशों के 14 से 16 की उम्र के बच्चों के साथ शामिल होंगे। लकी रावत ‘आइसब्रेकर ऑफ नॉलेज’ में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया है। नॉर्थ पोल के लिए यह 10 दिन का अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक और शैक्षिक खोज यात्रा है।
रूस के मरमांस्क से शुरू हुए इस एक्सपीडिशन में इंडिया, बांग्लादेश, चीन और रूस के छात्र एक साथ आए हैं। पार्टिसिपेंट्स न्यूक्लियर आइसब्रेकर 50 लेट पोबेडी पर सवार होकर ज्योग्राफिक नॉर्थ पोल (90° नॉर्थ लैटीट्यूड) जा रहे हैं। यहां वे विज्ञान आधारित सीखने की गतिविधियों और सांस्कृति आदान-प्रदान कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। लकी के लिए, यह सफर सिर्फ एक ट्रिप नहीं है। यह वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों के छात्रों के साथ सीखने का मौका है।
लकी ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा कि उन्हें इस एक्सपीडिशन के लिए चुने जाने पर गर्व महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा, “मैं उत्तराखंड के चकराता से हूं और इस एक्सपीडिशन के लिए भारत के दूत के तौर पर यहां आया हूं। यह 10 दिन का एक्सपीडिशन है, जिसमें हम नॉर्थ पोल जाएंगे। हम उन बहुत कम लोगों में से होंगे जो असल में नॉर्थ पोल पहुंचे हैं।”
इस एक्सपीडीशन की चयन प्रक्रिया काफी मुश्किल थी। लकी ने कहा कि छात्रों को तीन चरणों प्रतियोगिता को पार करना था, जिसके बाद हर हिस्सा लेने वाले देश से एक छात्र को अपने देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया। उन्होंने कहा, “तीन स्टेज का कॉम्पिटिशन क्लियर करने के बाद हर देश से एक छात्र को अपने देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया।”
उनके पिता, राम सिंह ने इस सिलेक्शन को परिवार के लिए गर्व का पल बताया। उन्होंने एएनआई को बताया, “मुझे अपने बेटे पर गर्व है कि उसने ऑनलाइन एग्जाम क्लियर किया और इंडिया को रिप्रेजेंट करने के लिए चुना गया। वह नॉर्थ पोल के लिए 10 दिन के एक्सपीडिशन पर जा रहा है।”
क्या है आइसब्रेकर ऑफ नॉलेज
‘आइसब्रेकर ऑफ नॉलेज’ एक अंतरराष्ट्रीय पहल है जिसका मकसद छात्रों में विज्ञान में दिलचस्पी जगाना है। साथ ही, कल्चरल एक्सचेंज और आर्कटिक के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देना है। यह प्रोग्राम युवा भागीदारों को दुनिया के सबसे दूर-दराज के इलाकों में से एक में जिंदगी का अनुभव करने और दुनिया भर के साथियों से बातचीत करने का मौका देता है। लकी की यह कामयाबी न सिर्फ उनके परिवार और उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है, बल्कि यह इस बात का भी उदाहरण है कि कैसे भारतीय छात्र अपने टैलेंट, कड़ी मेहनत और पक्के इरादे से इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म पर पहचान बना रहे हैं।
After patenting the design just a few weeks ago, Ducati is now all set to launch the Monster V2 in India. Compared to the outgoing model’s 937cc V-twin, the V2 is expected to have a smaller 890cc engine but with no change in power and ~2Nm less torque (91.1Nm vs 93Nm). The Monster V2 will also be 4kg lighter than the outgoing model. Other changes are to the chassis and a bigger tank design.
Gets a smaller 890cc V-twin shared with the Panigale V2 and other models
Features a new monocoque chassis
4kg lighter (wet weight, no fuel) than the outgoing model
Bringing the Monster’s hefty design back
Tank now looks bigger like Monsters of yesteryear, but capacity remains unchanged
The engine, although new to the Monster, is shared with other Ducatis like the Panigale V2, Streetfighter V2 and Multistrada V2. Even though the power figures are very similar to the outgoing Monster, peak power of 111hp is now available earlier in the rev range (9,000rpm vs 9,250rpm), however, peak torque now comes in later at 7,250rpm (vs 6,500rpm). Under the skin, there are further changes. The Monster V2 gets a monocoque chassis compared to the outgoing model’s aluminium frame. The tank also looks bigger now even though the capacity itself remains the same at 14-litres.
The other notable difference is the reduced weight. Coming in at 175kg (wet weight, no fuel), the Monster V2 will be 4kg lighter than the outgoing model. Currently, Ducati India has priced the Monster at Rs 13.84 lakh (ex-showroom), and we’ll have to wait for the prices for the Monster V2.
Tata Motors has launched the Nexon Camo Edition at a starting price of Rs 9.99 lakh (ex-showroom). Available for a limited period, the special edition is based on the Creative and higher trims and adds exclusive exterior colours, Camo-themed detailing, a larger infotainment display and an integrated dashcam while retaining the existing petrol, diesel and CNG engine options.
Available across 5 trims, depending on the powertrain
Exclusive Munnar Mist and Coorg Cloud paint finishes
The Nexon Camo Edition is priced from Rs 9.99 lakh to Rs 13.94 lakh (ex-showroom) and is available across Creative, Creative+ S, Creative+ PS, Fearless+ PS and Fearless+ A PS personas, depending on the powertrain. It continues to rival the Maruti Brezza, Hyundai Venue, Kia Sonet, Mahindra XUV 3XO, Skoda Kylaq and Kia Syros.
Tata Nexon Camo Edition: What’s new?
The CAMO Edition introduces two exclusive exterior colours: Munnar Mist and Coorg Cloud, along with Camo badging on the front fenders and ‘Camo’ perforation on the front-seat headrests.
The biggest change inside is the addition of Tata’s 12.3-inch Harman touchscreen infotainment system, replacing the 10.25-inch unit offered on the corresponding variants of the standard Nexon. The 10.25-inch digital instrument cluster is carried over. An integrated dashcam that works with the 360-degree camera system has also been added.
Apart from the Camo-specific additions, the Nexon continues with features such as a panoramic sunroof, ventilated front seats, a JBL nine-speaker audio system, wireless Android Auto and Apple CarPlay, a wireless charger, connected car technology, a 360-degree camera with a blind-view monitor and advanced driver assistance systems (ADAS), depending on the variant.
The Camo Edition is available with the Nexon’s existing 1.2-litre turbo-petrol, 1.5-litre diesel and 1.2-litre turbo-petrol CNG engines. Outputs remain unchanged at 120hp and 170Nm for the petrol, 115hp and 260Nm for the diesel and 100hp and 170Nm in CNG mode. Transmission options include a 6-speed manual, an AMT and a 7-speed dual-clutch automatic, depending on the engine and variant.