सिर्फ ब्रेड पकौड़ा और गुलाब जामुन बेचकर लाखों की कमाई! वायरल हुई सड़क किनारे की इस दुकान की कहानी

सोशल मीडिया पर इन दिनों सड़क किनारे लगी एक छोटी-सी ब्रेड पकौड़ा और गुलाब जामुन की दुकान काफी वायरल हो रहा है। वायरल हो रहे वीडियो में एक व्यक्ति ने दुकानदार की संभावित कमाई का अनुमान शेयर किया। दुकान पर सिर्फ ब्रेड पकौड़ा और गुलाब जामुन मिलते हैं, लेकिन फिर भी यहां हर दिन बड़ी संख्या में ग्राहक पहुंचते हैं। लोगों का कहना है कि सीमित सामान बेचने के बावजूद इस स्टॉल का कारोबार काफी अच्छा चलता है। सोशल मीडिया पर कई यूजर इस छोटे से बिजनेस की सफलता और संभावित कमाई को देखकर हैरानी जता रहे हैं।

कितनी होती है कमाई

सोशल मीडिया पर ये पोस्ट X यूजर अंकित पांडे ने शेयर की। उन्होंने लिखा, “यह सड़क किनारे ब्रेड पकौड़ा बेचने वाला 10 साल का कॉर्पोरेट अनुभव रखने वाले कई लोगों से भी ज्यादा कमाई करता है।” अंकित पांडे ने बताया कि सफर के दौरान वह एक ब्रेड पकौड़ा नाम के एक छोटे से स्टॉल पर पहुंचे। अंकित ने अपनी पोस्ट में लिखा, “यात्रा के दौरान मैं मनोज ब्रेड पकौड़ा नाम की एक छोटी-सी सड़क किनारे की दुकान पर रुका। यहां न कोई आलीशान इंटीरियर था, न एयर कंडीशनिंग और न ही महंगी ब्रांडिंग। इसके बावजूद स्वादिष्ट खाने और ग्राहकों की लगातार भीड़ ने मेरा ध्यान खींच लिया।”

एक दिन में आते हैं 400 कस्टमर

उन्होंने आगे बताया कि उन्होंने दुकानदार से पूछा, “भैया, आपके पास रोज कितने ग्राहक आते हैं?” इस पर दुकानदार ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “करीब 400।” पांडे के मुताबिक, ज्यादातर ग्राहक एक ब्रेड पकौड़ा और एक गुलाब जामुन का ऑर्डर करते हैं। कस्टमर की संख्या जानने के बाद अंकित ने स्टॉल की संभावित रोजाना बिक्री का अनुमान लगाया। उन्होंने लिखा, “अब एक आसान हिसाब लगाते हैं। ब्रेड पकौड़े की कीमत 15 रुपये और गुलाब जामुन की कीमत भी 15 रुपये है। यानी एक ग्राहक का औसत बिल 30 रुपये हुआ। अगर रोज करीब 400 ग्राहक आते हैं, तो 400 × 30 के हिसाब से दुकान की दैनिक बिक्री लगभग 12,000 रुपये बैठती है।”

दुकानदार की होती है अच्छी बचत

अंकित पांडे ने साफ किया कि कमाई का ये अनुमान दुकानदार की दी गई जानकारी पर आधारित है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उनके मुताबिक, रोज के खर्च निकालने के बाद भी दुकानदार की अच्छी बचत हो जाती है। अंकित ने बताया कि दुकानदार के मुताबिक, कमाई का सही हिसाब लगाने से पहले कच्चा सामान, तेल, गैस, किराया और रोजमर्रा के दूसरे खर्चों को अलग किया जाता है। इन सभी खर्चों के बाद भी दुकानदार का दावा है कि उसकी कुल कमाई का करीब 70 प्रतिशत हिस्सा बचत के रूप में रह जाता है। लेकिन इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।

अपना अनुमान साझा करते हुए अंकित पांडे ने लिखा, “इस हिसाब से रोज करीब 8,400 रुपये की बचत होती है। यानी महीने में लगभग 2.5 लाख रुपये और सालभर में करीब 30 लाख रुपये। ये सभी आंकड़े मनोज द्वारा मेरे साथ साझा की गई जानकारी के आधार पर लगाए गए अनुमान हैं।”

वायरल हुआ पोस्ट

ये पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कई यूजर्स ने कहा कि अच्छी क्वालिटी, सही कीमत और ग्राहकों के भरोसे के दम पर छोटे कारोबार भी शानदार कमाई कर सकते हैं। एक यूजर ने लिखा, “यह कारोबार कमाई वाला जरूर है, लेकिन इसे सफल बनाने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती है।” वहीं, दूसरे यूजर ने टिप्पणी की, “लगातार अच्छी क्वालिटी और एक जैसा स्वाद ही असली सफलता और कमाई की सबसे बड़ी वजह है।”

मध्य प्रदेश में बस सफर हुआ महंगा, 2 रुपए प्रति किलोमीटर से देना होगा किराया

भोपाल। मध्य प्रदेश में अब बस का सफर महंगा हो गया है। राज्य सरकार ने राज्य में चलने वाली सभी प्रकार की यात्री बसों के किराए में बदलाव करते हुए नई दरें लागू कर दी हैं। सरकारी राजपत्र में जारी अधिसूचना के अनुसार, सामान्य बसों के मूल किराए के साथ-साथ रात्रि सेवा, डीलक्स, स्लीपर और एसी बसों के किराए में बढ़ोत्तरी कर दी गई  है। । नए आदेश के तहत अब साधार बस का किराया 2 रुपये किलोमीटर होगा, इसके साथ ही यात्रा के किसी भी हिस्से के लिए न्यूनतम किराया 10 रुपये देना अनिवार्य होगा। अब तक बस का किराय 1.25 रुपए प्रति किलोमीटर था। 
 

कैटेगरी के हिसाब से कितनी हुई बढ़ोतरी?

सामान्य बसों के किराए में 2 रुपए किलोमीटर 

रात्रि बस सेवा: सामान्य किराए से 10% अधिक

डीलक्स बस (नॉन ए.सी.): सामान्य किराए से 25% अधिक

स्लीपर बस: सामान्य किराए से 40% अधिक

डीलक्स बस (ए.सी.): सामान्य किराए से 50% अधिक

सुपर लग्जरी कोच (ए.सी.): सामान्य किराए से 75% अधिक

 

दरअसल प्रदेश  निजी बस ऑपरेटर लंबे समय से डीजल, स्पेयर पार्ट्स, बीमा, टैक्स और कर्मचारियों के वेतन में लगातार बढ़ रही लागत का हवाला देकर किराया बढ़ाने की मांग कर रहे थे। बस संचालकों ने मांग पूरी नहीं होने पर 7 अगस्त से आंदोलन और अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी भी दी थी। सरकार और बस ऑपरेटरों के बीच हुई चर्चा के बाद किराया संशोधन पर सहमति बनी थी। किराया बढ़ने का सीधा असर रोजाना बस से सफर करने वाले यात्रियों पर पड़ेगा। विशेष रूप से नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों तक आने-जाने वाले यात्रियों पर पड़ेगा। वहीं, बस संचालकों का कहना है कि बढ़ी हुई परिचालन लागत के कारण किराया संशोधन आवश्यक हो गया था और इससे परिवहन सेवाओं का संचालन सुचारु रखने में मदद मिलेगी।

 

 

 

2026 Mahindra Scorpio N image gallery

2026 Mahindra Scorpio N

Mahindra has launched the Scorpio N facelift with prices ranging from Rs 13.69 lakh to Rs 25.49 lakh (ex-showroom). While the rugged exterior remains largely unchanged, the facelift introduces new 18-inch diamond-cut alloy wheels on higher variants. Inside, the SUV gets a significantly upgraded cabin with a revised dashboard layout, a 12.3-inch free-floating touchscreen, 10.25-inch digital instrument cluster, panoramic sunroof, 540-degree surround-view camera, revised switchgear and new ‘Adventure Statistics’ display. Convenience has also improved with a 65W USB Type-C charger up front. Mechanically, the Scorpio-N remains unchanged, continuing with its 2.0-litre turbo-petrol and 2.2-litre diesel engines, and is available with a 6-speed manual or a 6-speed torque-converter automatic gearboxes. 

Heavy Rain Alerts: उत्तराखंड में अगले 24 घंटे बेहद भारी! स्कूल बंद…इन जिलों में हाई अलर्ट, जान लें IMD का लेटेस्ट अपडेट

Heavy Rain Alerts: राजधानी दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में इस समय मानसून की बारिश देखने को मिल रही है। वहीं देश के पहाड़ी राज्यों में बारिश ने अपना रौद्र रूप भी दिखाना शुरू कर दिया है। उत्तराखंड में अगले 24 घंटे भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, बारिश की गतिविधियां रात के समय और तेज हो सकती हैं और अगले दो दिनों तक इसका असर बना रह सकता है। 6 अगस्त को चमोली, बागेश्वर और देहरादून जिलों के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

इन जिलों के लिए जारी हुआ अलर्ट

मौसम विभाग ने 5 और 6 अगस्त के लिए कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग का कहना है कि 7 से 10 अगस्त के बीच भी राज्य के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला बना रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, 5 अगस्त को देहरादून, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं, अन्य पहाड़ी जिलों और ऊधम सिंह नगर में भी कई जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

भारी बारिश का अलर्ट, स्कूलों की छुट्टी

देहरादून में रातभर हुई तेज बारिश के कारण टोंस नदी का जलस्तर बढ़ गया। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर बुधवार को सभी स्कूल बंद रखने का फैसला किया है। देहरादून जिला प्रशासन ने बुधवार को सभी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में एक दिन की छुट्टी घोषित कर दी है। यह आदेश पहली से 12वीं कक्षा तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के साथ-साथ जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर लागू रहेगा।

अलर्ट पर रखे गए सभी विभाग

वहीं, उत्तराखंड सरकार ने सभी विभागों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने को कहा है। उन्होंने राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और सभी जिला प्रशासन को अलर्ट रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू करने के आदेश दिए हैं। साथ ही उन्होंने लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे बिना जरूरी काम के यात्रा न करें और मौसम विभाग व प्रशासन की ओर से जारी सलाह का पालन करें।

इन इलाकों में मौसम ने दिखाया रौद्र रूप

लगातार हो रही बारिश का असर उत्तराखंड के कई इलाकों में देखने को मिल रहा है। रुद्रप्रयाग जिले में मदमहेश्वर धाम जाने वाले रास्ते पर मारकंडा नदी का अस्थायी पुल तेज बहाव में बह गया, जिससे यात्रा प्रभावित हो गई है। सावन के महीने में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, इसलिए फिलहाल लोग और स्थानीय निवासी नदी पार करने के लिए ट्रॉली की मदद ले रहे हैं। वहीं, मंगलवार रात हुई भारी बारिश के कारण कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी भी प्रभावित हुई। तेज बहाव वाली नदियों में कई वाहन फंस गए थे। हालांकि, सभी 20 पर्यटकों, गाइड और ड्राइवरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। एहतियात के तौर पर ढेला और झिरना सफारी जोन को फिलहाल बंद कर दिया गया है।

सोना ₹2,000 से ज्यादा चढ़ा, चांदी 4 हफ्ते के हाई पर पहुंची, इंडियन कंज्यूमर के लिए इस तेजी का क्या है मतलब!

Gold Silver Price Outlook: देश और दुनिया में सोने और चांदी की कीमतों में 5 अगस्त को बढ़त देखने को मिली। मजबूत ग्लोबल संकेतों, जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश के तौर पर इन कीमती धातुओं की मांग के कारण घरेलू वायदा बाजार (फ्यूचर्स मार्केट) में दोनों में तेजी देखी गई।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का सबसे ज्यादा ट्रेड होने वाला सितंबर कॉन्ट्रैक्ट 4,545 रुपये या 2.05 फीसदी बढ़कर 2,26,160 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया। इस साल 9 जुलाई को भी चांदी इसी स्तर के आसपास ट्रेड कर रही थी, जब कमोडिटी एक्सचेंज पर इसकी कीमत 2,26,377 रुपये प्रति किलोग्राम थी। वहीं अक्टूबर कॉन्ट्रैक्ट के लिए सोने के वायदा भाव ₹2,165 या 1.5% बढ़कर ₹1.46 लाख प्रति 10 ग्राम हो गए।

ग्लोबल बाज़ार में, दिसंबर डिलीवरी के लिए कॉमेक्स (Comex) गोल्ड फ्यूचर्स लगभग 2% बढ़कर $4,226.50 प्रति औंस हो गए, जबकि चांदी के वायदा भाव 3.21% बढ़कर $61.46 प्रति औंस हो गए।

सोने और चांदी की कीमतों में क्यों आ रही है तेजी?

जानकारों का कहना है कि यह तेजी जियोपॉलिटिकल हालात, कमज़ोर अमेरिकी डॉलर और ग्लोबल मॉनेटरी पॉलिसी को लेकर बदलती उम्मीदों के बीच कीमती धातुओं की बढ़ती मांग की वजह से आई है।

लेमन मार्केट्स डेस्क के रिसर्च हेड गौरव गर्ग ने कहा, “सोने की कीमतों में लगातार दूसरे सेशन में भी बढ़त देखी गई, क्योंकि जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता और कमज़ोर अमेरिकी डॉलर के कारण निवेशकों ने ‘सेफ-हेवन’ (सुरक्षित निवेश) के तौर पर सोना खरीदना बढ़ाया है।”

जानकारों के मुताबिक, मार्केट में नए सौदे होने से चांदी की कीमतों को भी फायदा हुआ।

चॉइस ब्रोकिंग की कमोडिटी फंडामेंटल एनालिस्ट पिंकी यादव के अनुसार, होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने की बातचीत में प्रगति की खबरों से एनर्जी सप्लाई में रुकावट की चिंता कम हुई और कच्चे तेल की कीमतें गिरीं, जिसके बाद बुलियन की कीमतों में बढ़त हुई।

कच्चे तेल की कम कीमतें महंगाई के दबाव को कम कर सकती हैं, जिससे ब्याज दरों को लेकर निवेशकों की उम्मीदों पर असर पड़ता है और कीमती धातुओं की मांग को बढ़ावा मिलता है।

RBI का पॉलिसी फ़ैसला और उसका असर

यह तेज़ी ऐसे समय में आई है जब रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने लगातार चौथी पॉलिसी मीटिंग में बेंचमार्क रेपो रेट को 5.25% पर ही बनाए रखने का फैसला किया है।

कैपिटलXB के को-फ़ाउंडर और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अजिताभ भारती ने कहा कि RBI का यथास्थिति बनाए रखने का फैसला आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और महंगाई के जोखिमों पर नजर रखने के बीच संतुलन को दिखाता है। “हालांकि अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव ग्लोबल महंगाई के आउटलुक पर असर डाल रहा है, लेकिन RBI का ध्यान विकास को बढ़ावा देने और साथ ही महंगाई पर बारीकी से नजर रखने पर बना रहेगा।”

इंडियन कंज्यूमर के लिए इस बढ़ोतरी का क्या है मतलब?

सोने-चांदी की कीमतों में यह बढ़ोतरी त्योहारी सीजन से ठीक पहले हुई है, जब भारत में आमतौर पर सोने की मांग बढ़ जाती है। ऊंची कीमतें गहने खरीदने के फैसलों पर असर डाल सकती हैं, खासकर उन ग्राहकों के लिए जो अपनी मर्जी से या गैर-जरूरी चीजों के लिए खरीदारी करते हैं।

कामा ज्वैलरी के मैनेजिंग डायरेक्टर कॉलिन शाह ने कहा कि दुनिया भर में अनिश्चितता और बदलती आर्थिक स्थितियों की वजह से ग्राहक ज़्यादा सतर्क हो सकते हैं।शाह ने कहा, “आर्थिक हालात के अनिश्चित होने की वजह से लोग सतर्क हो रहे हैं। जैसे-जैसे हम त्योहारी सीजन की ओर बढ़ रहे हैं, इसका असर घरेलू मांग पर थोड़ा दिखेगा, खासकर सोना खरीदने के मामले में।”हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सोने की पारंपरिक भूमिका यानी मूल्य को सुरक्षित रखने का जरिया – लंबे समय तक इसकी मांग को बनाए रख सकती है।

आगे कहां तक जाएंगे भाव

रिद्धि-सिद्धि बुलियंस के मैनेजिंग डायरेक्टर और इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट पृथ्वीराज कोठारी ने कहा कि अगर सोने की कीमत $4,200 प्रति औंस से ऊपर बनी रहती है, तो इसके $4,500 प्रति औंस तक पहुंचने की संभावना बन सकती है।

उन्होंने कहा कि घरेलू स्तर पर, इससे सोने की कीमतें लगभग ₹1.55 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती हैं।

वहीं चांदी के आउटलुक पर अगर कीमत लगातार $63 प्रति औंस से ऊपर बनी रहती है, तो यह $70-$71 प्रति औंस की रेंज तक जा सकती है, जो लगभग ₹2.50-2.55 लाख प्रति किलोग्राम के बराबर है।

Silver Price Today: तेजी से बढ़ रही है चांदी की कीमतें, खरीदारी से पहले जान लें 10 प्रमुख शहरों के ताजा भाव

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

एक पैकेज, 7 शहर और अनगिनत यादें! IRCTC का ये नया जापान टूर पैकेज लुभा रहा है कई ट्रैवलर्स को

विदेश घूमने का सपना देखने वालों के लिए IRCTC शानदार मौका लेकर आया है। इंडियन रेलवे 10 दिन और 9 रात का दिल्ली से जापान का टूर पैकेज लेकर आया है, जिसमें टोक्यो से लेकर हिरोशिमा तक कई मशहूर शहरों, सांस्कृतिक स्थलों और अट्रैक्टिव लोकेशन की सैर कराई जाएगी।

 

ट्रैवल की तारीख

IRCTC का यह स्पेशल जापान टूर 6 सितंबर 2026 से शुरू होगा और 15 सितंबर 2026 को खत्म होगा। ट्रैवलर दिल्ली से टोक्यो (हानेडा एयरपोर्ट) के लिए उड़ान भरेंगे और वापसी भी टोक्यो से ही होगी। जर्नी ऑल निप्पॉन एयरवेज (ANA) की फ्लाइट से कराई जाएगी। लेकिन फ्लाइट के समय में एयरलाइन के अनुसार बदलाव हो सकता है।

 

 

पैकेज कीमत

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इस टूर पैकेज की शुरुआती कीमत ₹3,45,999 प्रति व्यक्ति (ट्रिपल शेयरिंग) रखी गई है। ट्विन शेयरिंग के लिए ₹3,49,999 और सिंगल ऑक्यूपेंसी के लिए ₹4,73,999 देने होंगे। बच्चों के लिए भी अलग पैकेज अवेलेबल है, जिसमें 5 से 11 साल तक के बच्चों के लिए बेड के साथ और बिना बेड के अलग-अलग रेट तय किए गए हैं।

 

 

पैकेज फैसिलिटी

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पैकेज में आने-जाने का इकॉनमी क्लास एयर टिकट, चार-स्टार होटल में रुकने की व्यवस्था, जापान टूरिस्ट वीजा, रोजाना नाश्ता, लंच और डिनर, एयरपोर्ट ट्रांसफर, एसी कोच से लिकल ट्रिप, 70 वर्ष से कम उम्र के पैसेंजर के लिए ट्रैवल इंश्योरेंस, अंग्रेजी बोलने वाला टूर गाइड और सभी जरूरी टैक्स शामिल किए गए हैं। इससे ट्रैवलर को अलग-अलग खर्चों की चिंता नहीं करनी पड़ेगी।

 

 

 

टूरिस्ट स्पॉट्स 

My eye-opening visit to Hiroshima, 80 years after the bombing

इस 10 दिन की ट्रिप में जापान के कई मशहूर शहरों और टूरिस्ट डेस्टिनेशन को शामिल किया गया है। ट्रवलर टोक्यो, हाकोने, हमामात्सु, क्योटो, ओसाका, नारा और हिरोशिमा की सैर करेंगे। इसके अलावा असाकुसा मंदिर, उएनो पार्क, ओडाइबा, टीमलैब प्लैनेट्स, माउंट फूजी का फिफ्थ स्टेशन (मौसम के अनुसार), ओवाकुदानी घाटी और हाकोने रोपवे जैसी फेमस डेस्टिनेशन का भी एक्सपीरियंस मिलेगा।

 

 

 

स्पेशल अट्रैक्शन

टूर में ट्रैवलर नागोया का टोयोटा म्यूजियम और SCMAGLEV रेलवे म्यूजियम, क्योटो का अराशियामा बैम्बू फॉरेस्ट, किंकाकु-जी मंदिर, फुशिमी इनारी ताइशा, ओसाका कैसल, नारा डियर पार्क, तोदाई-जी मंदिर, हिरोशिमा पीस मेमोरियल पार्क, मियाजिमा आइलैंड और इत्सुकुशिमा श्राइन भी देख सकेंगे। इस टूर का सबसे मेन अट्रैक्शन जापान की वर्ल्ड फेमस शिंकानसेन बुलेट ट्रेन में शिन-ओसाका से हिरोशिमा तक सफर करना होगा।

 

 

 इम्पोर्टेन्ट डॉक्यूमेंट

इस टूर की बुकिंग के लिए ट्रैवलर के पास वापसी की तारीख से कम से कम छह महीने तक वैलिड पासपोर्ट होना जरूरी है। इसके साथ पैन कार्ड, वीजा के लिए जरूरी डाक्यूमेंट्स, बैंक से जुड़ी फाइनेंसियल डिटेल और नौकरी से संबंधित डाक्यूमेंट्स भी जमा करने होंगे। जापान के वीजा नियमों का पालन करना सभी पैसेंजर के लिए अनिवार्य होगा।

 

 

जरूरी जानकारी

IRCTC ने साफ किया है कि ट्रिप प्रोग्राम और फ्लाइट का समय सिचुएशन और एयरलाइन की जरूरतों के हिसाब से बदला जा सकता है। ऐसे में ट्रैवलर को बुकिंग से पहले सभी नियम और शर्तों को ध्यान से पढ़ लेना चाहिए।

49 साल बाद किसी पाकिस्तानी ने कैरिबियाई धरती पर बनाए 150 टेस्ट रन

49 साल बाद किसी पाकिस्तानी बल्लेबाज ने कैरिबियाई धरती पर 150 रन बनाए हैं। वैसे तो यह रिकॉर्ड पाकिस्तानी बल्लेबाज अबदुल्ला शफीक के खाते में जाएगा लेकिन इस रिकॉर्ड में पाकिस्तानी बल्लेबाजी की किरकरी साफ दिखती है। इस रिकॉर्ड से यह पता लगता है कि पाकिस्तानी बल्लेबाज पिछले 49 साल से  कैरिबियाई धरती पर बड़ा शतक मारने में नाकाम रहे हैं।

इसके पहले 1977 में माजिद खान ने 167 रनों की पारी कैरिबियाई धरती पर खेली थी। इसके अलावा अबदुल्ला शफीक ने 10 साल बाद इंडीज के खिलाफ 150 रनों की पारी खेली। साल 2016 में अजहर अली ने इंडीज के खिलाफ तिहरा टेस्ट शतक जड़ा था। महाद्वीप के बाहर यह 5 साल बाद किसी पाक बल्लेबाज का टेस्ट शतक है। इससे पहले आबिद अली ने 2021 में हरारे में 215 रनों की पारी खेली थी।

दूसरे टेस्ट की बात करें तो पाकिस्तान ने दिन की शुरुआत में अब्दुल्ला शफीक की नाबाद 160 रन की शानदार पारी के दम पर वेस्टइंडीज की पहली पारी के 344 रन के जवाब में 387 रन बनाए और 43 रन की बढ़त हासिल की।वेस्टइंडीज के बाएं हाथ के स्पिनर जोमेल वारिकन ने 112 रन देकर छह विकेट चटकाकर पाकिस्तान को बड़ी बढ़त बनाने से रोक दिया।

तीसरे दिन पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम दुर्भाग्यशाली रहे और शतक से पहले रन आउट हो गए। वह चार वर्षों बाद अपना पहला टेस्ट शतक बनाने की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन 88 रन पर उनकी पारी समाप्त हो गई। उन्होंने अब्दुल्ला शफीक के साथ 183 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी निभाई। बाबर के आउट होने के समय पाकिस्तान पहली पारी में अभी भी 63 रन पीछे था।

वेस्टइंडीज के बाएं हाथ के स्पिनर जोमेल वारिकन ने पुरानी और नई, दोनों गेंदों से शानदार गेंदबाजी की। उन्होंने अवैस जफर को एक रन पर आउट किया।इसके बाद शमार जोसेफ ने सलमान अली आगा को पगबाधा किया, जबकि नई गेंद से वारिकन ने मोहम्मद रिजवान (18) को बोल्ड कर अपनी तीसरी सफलता हासिल की। इसके बाद उन्होंने पाकिस्तान की पारी के अंतिम तीन विकेट महज चार गेंदों के भीतर लेकर टीम को 387 रन पर समेट दिया।दो मैचों की टेस्ट श्रृंखला में वेस्टइंडीज पहले टेस्ट में 90 रन की जीत के दम पर पहले ही 1-0 की बढ़त बनाए हुए है।

Whirlpool India Q1 Results: होम अप्लायंसेस कंपनी का मुनाफा 29% घटा, शेयर में दबाव

Whirlpool India Q1 Results: कंज्यूमर ड्युरेबल कंपनी व्हर्लपूल ऑफ इंडिया (Whirlpool India) ने अपने जून तिमाही के नतीजे ऐलान किया है। तिमाही नतीजों के बाद शेयर 5% टूटा। जून तिमाही में कंपनी के मुनाफे और मार्जिन में गिरावट देखने को मिला।

कंपनी ने जून तिमाही में ₹103 करोड़ का कंसोलिडेटेड मुनाफा दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के ₹146 करोड़ से 29.4% कम है। राजस्व साल-दर-साल 12% बढ़कर ₹2,727 करोड़ हो गया, जो एक साल पहले ₹2,432 करोड़ था। ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन (ईबीआईटीडीए) से पहले की कमाई एक साल पहले की तिमाही में ₹211 करोड़ से 34% घटकर ₹140 करोड़ हो गई। EBITDA मार्जिन एक साल पहले के 8.7% से घटकर 5% हो गया।

पिछले साल की इसी तिमाही में ₹196.4 करोड़ के मुकाबले, टैक्स से पहले का प्रॉफ़िट घटकर ₹138.8 करोड़ हो गया। कुल खर्च ₹2,289.9 करोड़ से बढ़कर ₹2,656.9 करोड़ हो गया, जिसकी मुख्य वजह कच्चे माल की ज़्यादा लागत, कर्मचारियों पर खर्च और अन्य ऑपरेटिंग खर्च थे।

कच्चे माल और इस्तेमाल किए गए पार्ट्स की लागत ₹1,187.3 करोड़ से बढ़कर ₹1,427 करोड़ हो गई, जबकि कर्मचारियों के फायदे पर होने वाला खर्च ₹221.1 करोड़ से बढ़कर ₹242.9 करोड़ हो गया। अन्य खर्च भी ₹380.7 करोड़ से बढ़कर ₹439.3 करोड़ हो गए।

फ़ाइनेंस से जुड़े खर्च ₹15.2 करोड़ से मामूली रूप से बढ़कर ₹14.8 करोड़ हो गए, जबकि डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइज़ेशन का खर्च ₹53.6 करोड़ से बढ़कर ₹54.5 करोड़ हो गया। कंपनी ने ₹103.8 करोड़ की कुल कॉम्प्रिहेंसिव इनकम बताई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹146.6 करोड़ थी।

व्हर्लपूल ने कहा कि वह अभी भी एक ही रिपोर्ट करने लायक सेगमेंट होम अप्लायंसेज में काम कर रही है। कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल नतीजों में उसकी पूरी तरह से अपनी सब्सिडियरी, व्हर्लपूल ऑफ़ इंडिया किचन अप्लायंसेज प्राइवेट लिमिटेड का परफ़ॉर्मेंस भी शामिल है। इसके अलावा, बोर्ड ने सीनियर मैनेजमेंट में कई बदलावों को मंज़ूरी दी। अनीश आहूजा, जो अभी हेड ऑफ सर्विस हैं, 1 सितंबर से सब्सिडियरी व्हर्लपूल ऑफ़ इंडिया किचन अप्लायंसेज में चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर का पद संभालेंगे।

कंपनी ने मैन्युफ़ैक्चरिंग फ़ाइनेंस के हेड अंकित गुप्ता का इस्तीफ़ा भी स्वीकार कर लिया, जो 14 अगस्त से लागू होगा, और 10 अगस्त से सौरव चक्रवर्ती को नया हेड ऑफ़ फ़ाइनेंस नियुक्त किया। इस हफ़्ते की शुरुआत में कंपनी की पैरेंट कंपनी व्हर्लपूल कॉर्प ने ग्राहकों की मांग में कमी के कारण पूरे साल के लिए अपनी कमाई का अनुमान घटा दिया था।

नतीजों के ऐलान के बाद कंपनी के शेयर 4.8% तक गिरकर ₹781.15 के इंट्राडे निचले स्तर पर आ गए। शुरुआती गिरावट से उबरते हुए, अब यह शेयर 1.49% गिरकर ₹808.3 पर बंद हुआ। इस साल अब तक शेयर में 10% की गिरावट आई है।

Protean eGov का शेयर 8% टूटा, Q1 में मुनाफा 75% घटा, मार्जिन 2 साल के निचले स्तर पर

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Viral Post: कंपनी हर क्लिक और कीबोर्ड के हर बटन दबाने पर रखती है नजर, सीक्रेट एक्सेल शीट में सब हो रहा रिकॉर्ड? कर्मचारी के दावे ने मचाया बवाल

सोशल मीडिया पर एक कंपनी की कथित कर्मचारी निगरानी से जुड़ी एक्सेल शीट तेजी से वायरल हो रही है। सोशल मीडिया पर किए पोस्ट में व्यक्ति ने दावा किया कि, इस शीट के जरिए कर्मचारियों के काम करने के घंटे, कंप्यूटर गतिविधि और माउस जिगलर जैसे टूल के इस्तेमाल तक पर नजर रखी जा रही थी। एक्स (पहले ट्विटर) पर एक यूजर ने इसका स्क्रीनशॉट शेयर किया। स्क्रीनशॉट सामने आने के बाद से वर्कप्लेस प्राइवेसी और कर्मचारियों की निगरानी को लेकर इंटरनेट पर नई बहस शुरू हो गई है। सोशल मीडिया पर ये तेजी से वायरल हो रहा है।

सोशल मीडिया पर किया पोस्ट

X यूजर lolhith07 एक्स पर यूजर ने इस स्क्रीनशॉट को शेयर करते हुए लिखा, “किसी ने रेडिट पर बताया कि उसकी कंपनी इस तरह कर्मचारियों पर नजर रख रही है।” लेकिन, स्प्रेडशीट के असली होने की इंडिपेंडेंटली पुष्टि नहीं हुई है। इसके बावजूद ये पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा, जिसके बाद कई लोगों ने कंपनियों की कर्मचारी निगरानी प्रणाली और वर्कप्लेस प्राइवेसी को लेकर सवाल उठाए।

शेयर किया स्क्रीनशॉट

वायरल स्क्रीनशॉट में “June 2026″ नाम की एक एक्सेल शीट दिखाई दे रही है। इसमें दावा किया गया है कि एक कर्मचारी की रोजाना की कामकाजी गतिविधियों को अलग-अलग मानकों के आधार पर रिकॉर्ड किया जा रहा था। शीट में प्रोडक्टिव घंटे, सिस्टम से दूर रहने का समय (AAFS), लंबे समय तक कीबोर्ड इस्तेमाल, जिगलर डिटेक्शन, संदिग्ध माउस मूवमेंट और MS Teams कॉल के गलत इस्तेमाल जैसे कई कॉलम शामिल दिखाई दे रहे हैं।”

प्रोडक्टिविटी की करते हैं निगरानी

वायरल स्प्रेडशीट में कर्मचारी की रोजाना की प्रोडक्टिविटी का भी रिकॉर्ड दिखाई दे रहा था। स्क्रीनशॉट के अनुसार, 10 जून को 7.93 घंटे, 11 जून को 7.01 घंटे और 12 जून को 7.32 घंटे की प्रोडक्टिव एक्टिविटी दर्ज की गई थी। इसके अलावा भी कई दिनों के आंकड़े शीट में मौजूद थे। इस पोस्ट पर चर्चा तब और बढ़ गई, जब रेडिट पर इसे शेयर करने वाले व्यक्ति ने बताया कि उनके मुताबिक यह डैशबोर्ड कर्मचारियों की किन-किन गतिविधियों पर नजर रखने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।

रेडिट पर शेयर किया पोस्ट

रेडिट पर पोस्ट शेयर करने वाले व्यक्ति ने दावा किया कि, “जो लोग ऐसे डैशबोर्ड बनाते हैं, वे भी जानते हैं कि ये किसी कर्मचारी के असली काम का सही आकलन नहीं करते। मैनेजमेंट ज्ञान और सोच पर आधारित काम को नहीं माप सकता, इसलिए वह केवल कीबोर्ड की गतिविधि जैसी चीजों को ही मापता है। यहां ‘प्रोडक्टिव घंटे’ का मतलब सिर्फ अलग-अलग विंडो में होने वाले इनपुट इवेंट्स से है। अगर कोई अनुभवी कर्मचारी दो घंटे तक किसी बड़े आर्किटेक्चर या समाधान के बारे में सोच रहा हो, तो सिस्टम उसे भी निष्क्रिय मान लेता है। यह तरीका पूरी तरह गलत है।”

लोगों ने किया कमेंट

इस पोस्ट के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की खूब प्रतिक्रियाएं सामने आईं। एक यूजर ने लिखा, “कंपनियां ऐसे निगरानी वाले टूल्स पर करोड़ों-अरबों रुपये खर्च कर रही हैं, लेकिन कर्मचारियों की खुशी और उनका मनोबल बढ़ाने पर ध्यान नहीं देतीं। साल में कुछ बार पिज्जा खिलाकर उन्हें खुश करने की कोशिश की जाती है, जबकि असली जरूरत बेहतर कार्य माहौल बनाने की है।”

एक अन्य यूजर ने दावा किया कि वायरल स्प्रेडशीट में दिखाई गई निगरानी सिर्फ शुरुआती स्तर की है। उसने लिखा कि, “कई कंपनियों में इससे कहीं ज्यादा एडवांस मॉनिटरिंग की जाती है, जिसमें स्क्रीन रिकॉर्डिंग, ऑडियो रिकॉर्डिंग, कीस्ट्रोक लॉगिंग, लोकेशन हिस्ट्री, आईपी और नेटवर्क की जानकारी, इस्तेमाल किए गए एप्लिकेशन और देखी गई वेबसाइटों तक का रिकॉर्ड रखा जा सकता है।” वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा, “कुछ डॉक्टर माउस जिगलर का इस्तेमाल इसलिए करते थे, ताकि मरीजों के रिकॉर्ड बार-बार लॉक न हों और सिस्टम उन्हें अपने आप लॉग आउट न कर दे। साथ ही उसने हैरानी जताई कि आखिर यह कैसे पता लगाया गया कि माउस जिगलर का इस्तेमाल किया जा रहा था।”

15 अगस्त 2026: स्कूल या कॉलेज में भाषण देना है? चुनें ये 5 दमदार टॉपिक्स

The image shows a school student delivering a speech from a podium, with the Tricolour in the background and the Red Fort, India Gate, and Qutub Minar visible on the other side.

15 अगस्त आने वाला है। इस बार भारत अपना 80वां स्वतं‍त्रता दिवस मनाने जा रहा है। स्कूल और कॉलेजों में सांस्कृतिक कार्यक्रम को लेकर तैयारियां प्रारंभ हो गई है। यदि आप भी अपने स्कूल या कॉलेज में भाषण प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे हैं तो यहाँ 15 अगस्त को स्कूल या कॉलेज में भाषण देने के लिए 5 प्रासंगिक और प्रभावशाली टॉपिक्स दिए गए हैं।

 

1. “विकसित भारत @2047: हमारी सोच, हमारी ज़िम्मेदारी”

विषय: 2047 में भारत अपनी स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा।

प्रमुख बातें: स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों के भारत को साकार करने में आज की युवा पीढ़ी का योगदान, शिक्षा, तकनीक और स्वच्छता में हमारी व्यक्तिगत ज़िम्मेदारी।

किसके लिए उपयुक्त: कॉलेज छात्र या सीनियर स्कूल छात्र।

 

2.”आज़ादी का वास्तविक अर्थ: अधिकार या कर्तव्य?”

विषय: सिर्फ़ मौलिक अधिकार माँगना ही आज़ादी नहीं है, बल्कि नागरिक कर्तव्यों का पालन करना भी स्वतंत्रता को बनाए रखने का आधार है।

प्रमुख बातें: यातायात नियमों का पालन, पर्यावरण संरक्षण, सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा और जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनना।

किसके लिए उपयुक्त: स्कूल और कॉलेज दोनों के विद्यार्थियों के लिए।

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3.”डिजिटल क्रांति से आत्मनिर्भर भारत: युवाओं की भूमिका”

विषय: आधुनिक दौर में भारत का तकनीकी और आर्थिक रूप से सशक्त होना।

प्रमुख बातें: यूपीआई (UPI), लोकल फ़ॉर वोकल, स्टार्ट-अप कल्चर और साइंस/तकनीक के क्षेत्र में भारत की वैश्विक पहचान।

किसके लिए उपयुक्त: कॉलेज या टेक-ओरिएंटेड छात्रों के लिए।

 

4.”गुमनाम नायकों को नमन: स्वतंत्रता संग्राम के अनदेखे पन्ने”

विषय: भगत सिंह, गांधीजी या नेहरू जी के अलावा उन अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों की गाथा जिन्होंने देश के लिए बलिदान दिया।

प्रमुख बातें: जनजातीय नायक (जैसे बिरसा मुंडा), महिला क्रांतिकारी और स्थानीय वीरों के योगदान को याद करना।

किसके लिए उपयुक्त: स्कूल के छात्रों (मिडिल और हाई स्कूल) के लिए।

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5.”विविधता में एकता: भारत की सबसे बड़ी ताक़त”

विषय: विभिन्न भाषाओं, धर्मों और संस्कृतियों के बावजूद देश का एक सूत्र में बँधे रहना।

प्रमुख बातें: समाज में भाईचारा, सहिष्णुता और राष्ट्रीय एकता का संदेश देने वाला पारंपरिक और सदाबहार विषय।

किसके लिए उपयुक्त: किसी भी वर्ग/कक्षा के छात्रों के लिए।

 

भाषण की शुरुआत और अंत के लिए सुझाव:

शुरुआत: किसी देशभक्ति शायरी या जोशीले नारे से करें (जैसे: “कुछ नशा तिरंगे की आन का है, कुछ नशा मातृभूमि की शान का है…”)।

अंत: हमेशा भविष्य के सकारात्मक दृष्टिकोण और “जय हिंद, जय भारत!” के नारे के साथ करें।