GACM Technologies ने ₹25 करोड़ के AI प्रोजेक्ट के लिए MoU साइन किया, इंश्योरेंस के लिए टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म बनाने का प्लान

टेक्नोलॉजी कंपनी GACM Technologies ने AI प्रोजेक्ट के लिए Winfluential Private Limited के साथ मेमोरेंडरम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) साइन किया है। MoU किसी काम को लेकर दो पक्षों के बीच बनी सहमति होती है। हालांकि, यह आमतौर पर अंतिम और बाध्यकारी कॉन्ट्रैक्ट नहीं होता। इसके तहत GACM एक AI-पावर्ड इंश्योरेंस टेक्नोलॉजी सुपर प्लेटफॉर्म तैयार करेगी। प्रोजेक्ट की अनुमानित वैल्यू करीब ₹25 करोड़ है।

GACM Technologies को इस प्रोजेक्ट के लिए टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट पार्टनर बनाया गया है। कंपनी प्लेटफॉर्म का डिजाइन और डेवलपमेंट करेगी। टेस्टिंग, इंप्लीमेंटेशन और डिप्लॉयमेंट की जिम्मेदारी भी GACM की होगी। प्रोजेक्ट को पूरा करने में करीब 18 से 24 महीने लग सकते हैं।

AI पर रहेगा बड़ा फोकस

कंपनी जो प्लेटफॉर्म बनाएगी, उसमें कई AI फीचर्स होंगे। इसमें AI लीड स्कोरिंग और AI सेल्स असिस्टेंट शामिल हैं। इसके अलावा AI रिकमेंडेशन इंजन, प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स और कन्वर्सेशनल AI भी दिया जाएगा।

GACM Technologies के मुताबिक, यह प्लेटफॉर्म सिर्फ AI तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें एजेंट CRM, KYC और डॉक्यूमेंट मैनेजमेंट जैसी सुविधाएं होंगी। पॉलिसी मैनेजमेंट, कमीशन, रिन्यूअल और क्लेम सपोर्ट भी प्लेटफॉर्म का हिस्सा होंगे।

मोबाइल ऐप और साइबर सिक्योरिटी भी

कंपनी प्लेटफॉर्म के लिए मोबाइल एप्लीकेशन भी तैयार करेगी। इसमें इंश्योरेंस कंपनियों और थर्ड-पार्टी सर्विसेज के साथ इंटीग्रेशन की सुविधा होगी। प्लेटफॉर्म में एंटरप्राइज-लेवल साइबर सिक्योरिटी पर भी फोकस रहेगा।

प्रोजेक्ट का भुगतान आठ माइलस्टोन के आधार पर मिलने की बात कही गई है। ये चरण प्लेटफॉर्म के आर्किटेक्चर से शुरू होंगे। इसके बाद CRM, पॉलिसी सिस्टम, AI, मोबाइल ऐप, टेस्टिंग और सिक्योरिटी जैसे काम पूरे होंगे। आखिर में गो-लाइव, हैंडओवर और डॉक्यूमेंटेशन का चरण आएगा।

आगे भी कमाई का मौका

GACM Technologies को प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद भी कमाई का मौका मिल सकता है। गो-लाइव के बाद 12 महीने की वारंटी का प्रावधान है। इसके बाद सालाना मेंटेनेंस और सपोर्ट एग्रीमेंट किया जा सकता है। इससे कंपनी को आगे भी रेवेन्यू मिलने की संभावना बनती है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Nepal Stock Market: तबाही से नेपाल का शेयर बाजार धड़ाम! हाइड्रोपावर और इंश्योरेंस सेक्टर के शेयरों में मची भगदड़

Nepal Stock Exchange Impact: नेपाल के रसुवा क्षेत्र में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड का असर अब वहां के शेयर बाजार (NEPSE) पर साफ देखने को मिला है। भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों के उफान से कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स, बैंक शाखाओं, सीमा शुल्क प्वाइंट और व्यावसायिक संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है।

इस नेचुरल डिजास्टर से कंपनियों को होने वाले वित्तीय नुकसान और भारी इंश्योरेंस क्लेम की आशंका से निवेशकों में घबराहट फैल गई, जिसके चलते नेपाल स्टॉक एक्सचेंज का बेंचमार्क इंडेक्स NEPSE ट्रेडिंग सेशन के दौरान 35.92 अंक गिरकर 2,550 के करीब आ गया।

हाइड्रोपावर शेयरों पर सबसे बड़ी मार: 748 MW क्षमता प्रभावित

बाढ़ के केंद्र रसुवा में स्थित बिजली परियोजनाओं को नुकसान पहुंचने की खबरों से सबसे ज्यादा बिकवाली हाइड्रोपावर शेयरों में देखने को मिली। हाइड्रोपावर सब-इंडेक्स ट्रेडिंग के दौरान 104 अंक या 2.84% टूट गया।

13 प्रोजेक्ट्स की बिजली उत्पादन ठप: नेपाल इंश्योरेंस अथॉरिटी के मुताबिक, करीब 13 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है।

748 MW का झटका: इसमें 354 मेगावाट क्षमता वाले चालू प्रोजेक्ट्स और 394 मेगावाट क्षमता वाले निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। यानी कुल 748 MW बिजली क्षमता प्रभावित हुई है।

लिस्टेड कंपनियां भी चपेट में: अपर त्रिशूली-1, रसुवागढ़ी, रसुवा भोटेकोशी, अपर मैलुंग ‘ए’, संजेन खोला, लंगटांग खोला और चिलिमे हाइड्रोपावर प्रमुख रूप से प्रभावित हुए हैं। इनमें से कई कंपनियां शेयर बाजार में लिस्टेड हैं।

बीमा कंपनियों में भी भारी गिरावट

बाढ़ से तबाह हुई परियोजनाओं के कारण बीमा कंपनियों पर दावों का बड़ा बोझ आने की संभावना है। इसी आशंका में नॉन-लाइफ इंश्योरेंस सब-इंडेक्स 404 अंक यानी 3.90% तक गिर गया।

गौरतलब है कि नेपाल की नॉन-लाइफ इंश्योरेंस कंपनियां पहले से ही मुनाफे के दबाव से जूझ रही थीं। वित्त वर्ष 2082-83 में प्रभु को छोड़कर लगभग सभी कंपनियों के मुनाफे में गिरावट दर्ज की गई थी। अब इस आपदा के बाद इंश्योरेंस क्लेम बढ़ने से इनका मार्जिन और प्रभावित हो सकता है। यहां आपको बता दें कि नेपाल में वित्त वर्ष पारंपरिक विक्रम संवत कैलेंडर के अनुसार चलता है।

री-इंश्योरेंस से मिल सकती है राहत

हालांकि, बीमा कंपनियों को री-इंश्योरेंस व्यवस्था से कुछ राहत मिल सकती है। इंश्योरेंस अथॉरिटी के अनुसार, निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स का आमतौर पर ‘इंजीनियरिंग इंश्योरेंस’ होता है, जिसमें लगभग 80% रिस्क री-इंश्योरर्स को ट्रांसफर कर दिया जाता है।

साथ ही चालू प्रोजेक्ट्स पर ‘प्रॉपर्टी इंश्योरेंस’ होता है, जहां मूल बीमा कंपनियां 50% तक रिस्क अपने पास रखकर बाकी री-इंश्योरेंस कंपनियों को ट्रांसफर करती हैं। घरेलू प्रॉपर्टी री-इंश्योरेंस के तहत ट्रांसफर रकम का 30% हिस्सा नेपाल की घरेलू री-इंश्योरेंस कंपनियों के पास रखना अनिवार्य होता है।

निवेशकों के लिए आगे का नजरिया

बाजार में यह गिरावट फिलहाल नुकसान के वास्तविक आंकड़ों के बजाय अनिश्चितता और डर के कारण है। जब तक क्षतिग्रस्त परियोजनाओं के वास्तविक नुकसान और इंश्योरेंस क्लेम की सटीक रिपोर्ट सामने नहीं आती, तब तक लिस्टेड कंपनियों के शेयरों में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। आने वाले ट्रेडिंग सेशन में कंपनियों की रीस्टोरेशन टाइमलाइन और क्लेम सेटलमेंट से जुड़ी खबरें बाजार के लिए अहम ट्रिगर साबित होंगी।

क्लोजिंग ऑक्शन सेशन यानी CAS को लेकर क्या आप भी कनफ्यूज्ड हैं? यहां आसान शब्दों में समझें इसका पूरा मतलब

किसी कंपनी का शेयर बाज़ार बंद होने के समय किस भाव पर था, इससे आमतौर पर लोगों का ज़्यादा सरोकार नहीं होता। आम लोग तो अपने शेयर को खरीदने और बेचने के भाव पर ध्यान देते हैं। मगर बाज़ार बंद होने के समय का भाव (क्लोज़िंग प्राइस) कुछ तबकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है, जैसे म्यूचुअल फ़ंड, बड़े संस्थागत निवेशक और वायदा एवं विकल्प बाज़ार के प्रतिभागी।

कैस से पहले कैसे निर्धारित होती थी क्लोज़िंग प्राइस?

3 अगस्त 2026 से पहले क्लोज़िंग प्राइस एक फ़ॉर्मूले के तहत निर्धारित होती थी। इस फ़ॉर्मूले का सिद्धांत यह है कि अगर 10 लोगों ने किसी कंपनी का एक शेयर 100 रुपये में खरीदा और 1,000 लोगों ने उसी कंपनी का एक शेयर 110 रुपये में खरीदा, तो साधारण औसत भाव 105 रुपये होगा। मगर 105 रुपये का साधारण औसत बाज़ार का सही चित्रण नहीं करता, क्योंकि अधिकांश लोगों ने 110 रुपये का भाव चुकाया।

इस फ़ॉर्मूले, जिसका नाम है वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस (जिसे लोग बोलचाल में विवैप कहते हैं), के तहत साधारण औसत निकालने के बजाय, बाज़ार बंद होने से पहले के अंतिम 30 मिनट में किसी कंपनी के कितने शेयर किस भाव पर बिके, दोनों को ध्यान में रखते हुए एक भारित औसत निकाला जाता है। उपरोक्त उदाहरण में विवैप लगभग 110 रुपये होगा।

विवैप का उद्देश्य अधिक यथार्थवादी क्लोज़िंग प्राइस निर्धारित करना है, फिर भी ज़ाहिर है, यदि इन 30 मिनटों के दौरान बहुत बड़ी मात्रा में प्रचलित बाज़ार भाव से अलग भाव पर शेयर ख़रीदे और बेचे जाएँ, तो क्लोज़िंग प्राइस प्रभावित हो सकती है। सेबी ने हाल ही में एक विदेशी ट्रेडिग समूह पर जो आरोप लगाए थे, उनमें क्लोज़िंग प्राइस को प्रभावित करने से जुड़े आरोप भी थे। हालाँकि, संबंधित समूह सेबी के आरोपों और चित्रण से सहमत नहीं है और इस मामले में अंतिम निर्णय अभी होना बाकी है।

कैस से क्या बदला है?

इन्हीं चिंताओं के बीच सेबी ने क्लोज़िंग प्राइस निर्धारित करने के लिए एक नया तरीका लागू किया है, जिसका नाम है कैस, यानी क्लोज़िंग ऑक्शन सेशन। कैस एक नया विचार नहीं है और सेबी 2024 से कैस के बारे में विचार कर रहा था। कैस के अंतर्गत आने वाले शेयरों में नियमित ट्रेडिंग अब 3:15 बजे बंद हो जाती है। पहले इन शेयरों में नियमित ट्रेडिंग 3:30 बजे तक होती थी। जो शेयर फिलहाल कैस के अंतर्गत नहीं आते हैं, उनकी ट्रेडिंग अभी भी 3:30 बजे तक चलती है और उनकी क्लोज़िंग प्राइस का निर्धारण विवैप के द्वारा होता है।

कैस के तहत नियमित कारोबार समाप्त होने के बाद के 20 मिनट में चार चरणों में प्रक्रिया चलती है। इन चार चरणों को समझने का आसान तरीका यह है कि भाव निकालने के लिए दो चीज़ों की ज़रूरत है। एक शुरुआती भाव और दूसरा यह कि इस शुरुआती भाव से लोग कितने ऊपर या नीचे बोली लगाएंगे।

• शुरुआती भाव, जिसे रेफ़रेंस प्राइस कहते हैं, 3:00 और 3:15 बजे के बीच के विवैप से निर्धारित होता है। अगर इस दौरान कोई शेयर नहीं बिका, तो पूरे दिन में जो भी उस शेयर की अंतिम खरीद का भाव होगा, उसी को शुरुआती भाव मान लिया जाता है। अगर पूरे दिन कोई शेयर नहीं बिका, तो यह पिछले दिन का क्लोज़िंग प्राइस होता है।

• एक बार रेफ़रेंस प्राइस तय हो जाने के बाद, लोग खरीदने और बेचने के लिए ऑर्डर डाल सकते हैं। कैस में रेफ़रेंस प्राइस के 3 प्रतिशत ऊपर-नीचे का दायरा लागू होता है।

• चरणबद्ध तरीके से स्टॉक एक्सचेंज खरीदने और बेचने के ऑर्डर एकत्रित करता है। इसके बाद इन ऑर्डरों का विश्लेषण करके यह निर्धारित किया जाता है कि किस भाव पर सबसे अधिक शेयरों का लेन-देन संभव है। अंतिम चरण में ऑर्डरों का मिलान किया जाता है। यही भाव क्लोज़िंग प्राइस कहलाता है।

• उदाहरणतः अगर किसी शेयर के लिए लोगों ने निम्नलिखित ऑर्डर डाले हैं: (1) ख़रीदने के ऑर्डर: 103 रुपये के 15 शेयर; 102 रुपये के 25 शेयर; 100 रुपये के 40 शेयर और 98 रुपये के 30 शेयर; और (2) बेचने के ऑर्डर: 97 रुपये के 10 शेयर; 100 रुपये के 50 शेयर; 101 रुपये के 30 शेयर और 104 रुपये के 20 शेयर, तो आमतौर पर कैस के अनुसार 100 रुपये के भाव पर सबसे ज़्यादा शेयरों का लेन-देन संभव है। 100 रुपये क्लोज़िंग प्राइस होगा।

सेबी का विचार ऐसा प्रतीत होता है कि विवैप के विपरीत, कैस में क्लोज़िंग प्राइस से छेड़छाड़ करने की संभावना अपेक्षाकृत कम होती है।

कैस के पहले भी वीवैप से क्लोज़िंग प्राइस तो निकलता था, लेकिन वीवैप एक औसत भाव होने की वजह से साधारणतः उस भाव पर कोई सौदा नहीं होता था। मतलब, क्लोज़िंग प्राइस एक कागज़ी संख्या थी। कैस में जो भाव निकलता है, सौदा उसी भाव पर होता है। इसलिए कैस का भाव कागज़ी भाव नहीं है, बल्कि सही मायने में उस समय का क्लोज़िंग प्राइस है। इसके काफ़ी फायदे हैं, जैसे कि, अमुमन एक पैसिव इंडेक्स फण्ड के लिए वीवैप वाली क्लोजिंग प्राइस की ट्रैकिंग से कैस वाली क्लोजिंग प्राइस की ट्रैकिंग ज़्यादा सटीक होगी।

नया नहीं है कैस

कैस जैसी व्यवस्था विदेशी स्टॉक एक्सचेंजों में काफ़ी प्रचलित है। इसके लागू होने पर कुछ लोगों ने कहा कि भारत भी अब विदेशी एक्सचेंजों की प्रणाली अपना रहा है। लेकिन यह बात पूरी तरह सही नहीं है। भारत वर्षों से कैस जैसी प्रणाली का उपयोग बाज़ार खुलने के समय का भाव (ओपनिंग प्राइस) निर्धारित करने के लिए करता आया है। वैसे भी भारतीय बाज़ार नई तकनीकों को अपनाने में हमेशा आगे रहा है।

सेबी ने फिलहाल कैस को उन शेयरों पर लागू किया है, जिन पर डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट उपलब्ध हैं। आगे चलकर इसे अन्य शेयरों तक विस्तारित किए जाने की संभावना है।

कैसा रहा कैस का क्रियान्वयन?

शुरुआती दिनों में कैस का क्रियान्वयन पूरी तरह निर्बाध नहीं रहा। उदाहरणतः, निफ़्टी इंडेक्स के साप्ताहिक कॉन्ट्रैक्ट साधारणतः मंगलवार को एक्सपायर होते हैं। अगर मंगलवार को निफ़्टी में शामिल शेयरों में 3:15 तक के बाज़ार भाव और कैस के दौरान बनने वाले क्लोज़िंग प्राइस में महत्वपूर्ण अंतर हो, तो निफ़्टी के क्लोज़िंग स्तर में तेज़ बदलाव संभव है। ऐसी स्थिति में कैश मार्केट और डेरिवेटिव्स के भावों में अस्थायी असंगति पैदा होने पर आर्बिट्रेज की गुंजाइश भी बन सकती है।

सेबी बाज़ार पर कड़ी नज़र रखती है और सेबी ने 19 अगस्त को एक ऑर्डर निकाला है, जिसमें दो संस्थाओं के ऊपर सेबी ने यह आरोप लगाया है कि उन्होंने कैस के भाव को प्रभावित किया है। यह एक अंतरिम आदेश है, जो इन संस्थाओं का पक्ष सुने बिना जारी किया गया है; इसलिए इसे अंतिम निष्कर्ष या दोषसिद्धि नहीं माना जा सकता। लेकिन इससे दो निष्कर्ष निकलते हैं: एक, कि कैस में लिक्विडिटी बहुत महत्वपूर्ण है; और दूसरा, कि कैस पर सेबी की पैनी नज़र है।

इन ऑर्डरों में आरोप यह है कि कैस में बड़े खरीद और बिक्री के ऑर्डर ऑर्डर रेफ़रेंस प्राइस से लगभग 3% ऊपर और नीचे डाले गए, जो कि बाज़ार के रुख़ के विपरीत था, और बाद में ये ऑर्डर कैंसिल कर दिए गए। सेबी का आरोप है कि इससे इंडेक्स प्रभावित हुआ और संबंधित संस्थाओं को वायदा एवं विकल्प बाज़ार में फायदा हुआ।

किसी भी नई व्यवस्था से परिचित होने और उसमें पारंगत होने में समय लगता है। आशा है कि आने वाले दिनों में कैस में अधिक से अधिक ऑर्डर्स डाले जाएँगे और खरीदने-बेचने वालों की संख्या बढ़ेगी, जिससे खरीदने और बेचने के लिए पर्याप्त ऑर्डर उपलब्ध होंगे और क्लोज़िंग प्राइस निर्धारित करने की प्रक्रिया अधिक सुचारु रूप से चल सकेगी। क्या इससे क्लोज़िंग प्राइस वास्तव में अधिक यथार्थवादी होगी और उसे प्रभावित करने की संभावना कम होगी, यह तो समय ही बताएगा।

(यह लेख अम्बरीष ने लिखा है, जो शार्दुल अमरचंद मंगलदास एंड कंपनी में पार्टनर हैं)

डिसक्लेमर-यहां व्यक्त विचार लेखक के अपने विचार हैं। इसे इस पब्लिकेशन का विचार नहीं माना जाना चाहिए।

Sensex और Nifty, लगातार दूसरे दिन इंट्रा-डे के निचले स्तर पर बंद, ₹3.69 लाख करोड़ स्वाहा

Sensex-Nifty closes red: अधिकतर एशियाई बाजारों से कमजोर संकेतों के बीच घरेलू स्टॉक मार्केट में शुरुआती कारोबार की अधिकतर रौनक गायब हो गई। लगातार दूसरे कारोबारी दिन आज सेंसेक्स और निफ्टी इंट्रा-डे के निचले स्तर पर बंद हुए हैं। सेंसेक्स डे-हाई से आज 761 प्वाइंट्स नीचे आ गया तो निफ्टी भी फिसलकर 20100 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी बिकवाली का दबाव दिखा और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 लाल बंद हुए।

सेक्टरवाइज मार्केट को आज सरकारी बैंकों और मेटल कंपनियों ने तोड़ दिया, जिनके निफ्टी इंडेक्स करीब 1-1% टूट गए। निफ्टी ऑटो और निफ्टी आईटी में भी आधे फीसदी से थोड़ी कम गिरावट रही। निफ्टी फार्मा ने मार्केट को संभालने की काफी कोशिश की और इसका निफ्टी इंडेक्स आधे फीसदी से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुआ है। बिकवाली के इस माहौल में आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹3 लाख करोड़ से अधिक गिर गया।

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज 27 अगस्त को सेंसेक्स की मंथली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 539.35 प्वाइंट्स यानी 0.70% की गिरावट के साथ 76,933.59 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 116.90 प्वाइंट्स यानी 0.48% की फिसलन के साथ 24,090.85 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 330.75 प्वाइंट्स चढ़कर 77,986.84 तक पहुंचा था जिससे यह फिर 761.38 प्वाइंट्स गिरकर 76,933.59 तक आ गया तो दूसरी तरफ निफ्टी भी 44.05 प्वाइंट्स उछलकर 24,378.60 तक पहुंचा था जिससे यह 106.60 प्वाइंट्स टूटकर 24,090.85 तक आ गया और इन्हीं पर बंद हुआ।

निवेशकों के ₹3.69 लाख करोड़ स्वाहा

एक कारोबारी दिन पहले यानी 26 अगस्त 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,95,23,276.02 करोड़ था। आज यानी 27 अगस्त 2026 को यह घटकर ₹4,91,54,107.21 करोड़ पर आ गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹3,69,168.81 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के सिर्फ 6 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें सिर्फ 6 ही आज ग्रीन रहे। दिन के आखिरी में आज कोटक बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और टेक महिंद्रा सबसे अधिक बढ़त के साथ बंद हुए तो दूसरी तरफ इंफोसिस, एयरटेल और एलएंडटी में सबसे अधिक गिरावट रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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157 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4526 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 1824 शेयर आज मजबूत हुए तो 2491 में गिरावट रही जबकि 211 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 157 शेयर एक साल के हाई और 80 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 8 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 44 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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इन चार वजहों से आज मार्केट में कोहराम

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Weather Update: अगले 5 दिन संभलकर रहें! एमपी, यूपी समेत इन राज्यों में मंडराया भारी बारिश का खतरा, IMD ने जारी किया अलर्ट

IMD Heavy Rain Alert: देश भर में मानसूनी प्रणालियां एक बार फिर बेहद सक्रिय हो गई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा बुलेटिन में अगले 5 दिनों के लिए कई राज्यों में मूसलाधार बारिश, आंधी-तूफान और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश और उसके आसपास बने कम दबाव के क्षेत्र के असर से मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत देश के बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। मौसम विभाग ने नागरिकों को सतर्क रहने की हिदायत देते हुए पहाड़ी और निचले इलाकों में विशेष सावधानी बरतने को कहा है।

बीते 24 घंटों के दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश में बेहद भारी बारिश (21 सेमी या उससे अधिक) दर्ज की गई। उत्तर प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश (12 से 20 सेमी) हुई जबकि पंजाब, उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, केरल, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश (7 से 11 सेमी) दर्ज की गई है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अलर्ट

मध्य भारत में चक्रवाती प्रणालियों का असर साफ देखने को मिल रहा है। 27 अगस्त को पश्चिमी मध्य प्रदेश में व्यापक बारिश और मध्य प्रदेश में अलग अलग जगहों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 27 से 29 अगस्त और 1 से 2 सितंबर तक व्यापक बारिश का दौर जारी रहेगा। 28-29 अगस्त और 1-2 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश होगी।

छत्तीसगढ़ में 27 अगस्त से 2 सितंबर तक लगातार भारी बारिश की संभावना है। विदर्भ में 28 अगस्त और 2 सितंबर को बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी। इसके साथ ही छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 27 से 31 अगस्त के दौरान गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी और उत्तराखंड में 27 अगस्त को बहुत भारी बारिश फिर 2 सितंबर तक का दौर

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में 27 अगस्त को मूसलाधार बारिश देखने को मिलेगी। पश्चिम उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में 27 अगस्त को अलग-अलग जगहों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 अगस्त को भारी बारिश होगी जबकि 28 अगस्त और 31 अगस्त से 2 सितंबर के दौरान दोबारा भारी बारिश का दौर लौटेगा। 2 सितंबर को पूरे उत्तर प्रदेश में व्यापक बारिश का अनुमान है।

उत्तराखंड में 27 अगस्त से 2 सितंबर तक लगातार व्यापक बारिश और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट रहेगा। हिमाचल प्रदेश में 30 अगस्त से 2 सितंबर तक व्यापक बारिश होगी जिसमें 31 अगस्त से 2 सितंबर के बीच भारी बारिश की संभावना है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 31 अगस्त से 1 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश होगी।

पूर्वी भारत: ओडिशा में 31 अगस्त तक बहुत भारी बारिश, बिहार और झारखंड में भी अलर्ट

पूर्वी भारत में 29 अगस्त को बनने वाले कम दबाव के क्षेत्र के कारण बारिश की गतिविधियां और तेज होंगी। ओडिशा में 27 से 31 अगस्त के दौरान अलग-अलग जगहों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है जबकि 1 और 2 सितंबर को भी भारी बारिश जारी रहेगी।

गांगेय पश्चिम बंगाल और झारखंड में 27 से 31 अगस्त के दौरान भारी बारिश और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। 27 अगस्त को झारखंड में मध्यम से गंभीर बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। बिहार में 28 और 29 अगस्त को व्यापक बारिश होगी और 27 से 30 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट रहेगा। 28 और 29 अगस्त को बिहार में आकाशीय बिजलीॉ गिरने की आशंका जताई गई है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 27 और 28 अगस्त को 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी।

पूर्वोत्तर भारत: असम और अरुणाचल में 30 अगस्त को बहुत भारी बारिश का अनुमान

पूर्वोत्तर के राज्यों में मानसून पूरी तरह मेहरबान रहेगा। अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 27 अगस्त से 2 सितंबर तक व्यापक वर्षा होगी। अरुणाचल प्रदेश और असम व मेघालय में 27 से 29 अगस्त और 31 अगस्त से 2 सितंबर तक भारी बारिश दर्ज की जाएगी जबकि 30 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 27 से 31 अगस्त और 2 सितंबर को भारी बारिश होगी। पूर्वोत्तर के इन सभी राज्यों में 31 अगस्त तक गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

पश्चिम और दक्षिण भारत: कोंकण-गोवा में व्यापक बारिश, प्रायद्वीपीय भारत में सुस्ती कायम

पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण और गोवा में 27 अगस्त से 2 सितंबर तक लगातार व्यापक बारिश का दौर बना रहेगा। गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र व कच्छ में छिटपुट से हल्की बारिश ही होने का अनुमान है। दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगले एक सप्ताह के दौरान बारिश की गतिविधियों में सुस्ती जारी रहने की संभावना है।

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तटीय कर्नाटक में 27 अगस्त से 2 सितंबर तक और केरल व माहे और लक्षद्वीप में 27 से 30 अगस्त के बीच व्यापक बारिश होगी। 27 अगस्त को केरल और माहे में भारी बारिश हो सकती है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और कर्नाटक के विभिन्न इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है।

₹15000 से कम में Realme का नया फोन लॉन्च, 6500mAh बैटरी और 120Hz डिस्प्ले समेत मिलेंगे ये फीचर्स

Realme C100i को गुरुवार को भारत में टेक कंपनी के लेटेस्ट बजट C-सीरीज स्मार्टफोन के तौर पर लॉन्च किया गया है। यह हैंडसेट अब देश में एक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर सिंगल RAM और स्टोरेज कॉन्फिगरेशन और दो कलर ऑप्शन में बिक्री के लिए उपलब्ध है। इस फोन में ऑक्टा-कोर Unisoc T7000 सीरीज चिपसेट, 6,500mAh की बैटरी और 5MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है। इसके अलावा, Realme C100i में 6.75-इंच का LCD टचस्क्रीन है, जो 120Hz तक के रिफ्रेश को सपोर्ट करता है। इसमें सिक्योरिटी के लिए साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट स्कैनर भी दिया गया है। अब चलिए फोन के स्पेसिफिकेशन्स और कीमत के बारे में जानते हैं।

भारत में Realme C100i की कीमत और उपलब्धता

भारत में Realme C100i के 4GB RAM और 64GB स्टोरेज वाले एकमात्र कॉन्फिगरेशन की कीमत ₹14,999 तय की गई है। कंपनी की ओर से पात्र छात्रों को 250 रुपये का कूपन डिस्काउंट भी दिया जा रहा है।

यह हैंडसेट अभी भारत में Flipkart और Realme India के ऑनलाइन स्टोर पर बिक्री के लिए उपलब्ध है। Realme C100i दो कलर Midnight Black और Skyline Silver ऑप्शन में पेश किया गया है।

Realme C100i के स्पेसिफिकेशन्स और फीचर्स

Realme C100i एक डुअल-सिम स्मार्टफोन है, जो Android 16 पर आधारित Realme UI के साथ आता है। इस फोन में 6.75-इंच का HD+ (720 x 1,570 पिक्सल) LCD टचस्क्रीन है, जिसमें 120Hz तक का रिफ्रेश रेट, 240Hz तक का टच सैंपलिंग रेट, 100% sRGB, 16.7 मिलियन कलर्स, 254 ppi पिक्सल डेंसिटी, 900 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस, 83% DCI-P3 कलर गैमट और Panda MN228 कवर ग्लास जैसे फीचर्स हैं। कंपनी का दावा है कि यह फोन धूल और पानी के छींटों से बचाव के लिए IP64 रेटिंग के साथ आता है।

परफॉर्मेंस के लिए Realme C100i में ऑक्टा-कोर Unisoc T7250 चिपसेट दिया गया है, जो 1.8GHz की पीक क्लॉक स्पीड देता है। फोन में ARM Mali-G57 GPU, 4GB LPDDR4x RAM और 64GB UFS 2.2 ऑनबोर्ड स्टोरेज भी है, जिसे माइक्रो-SD कार्ड के जरिए बढ़ाया जा सकता है।

कैमरे की बात करें तो, Realme C100i के पिछले हिस्से में ऑटोफोकस और 78-डिग्री फील्ड ऑफ व्यू वाला 8MP (f/2.0) का सिंगल कैमरा है। इसमें सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए 5MP (f/2.2) का फ्रंट कैमरा भी दिया गया है। यह हैंडसेट 1080p/30 fps तक वीडियो रिकॉर्ड करने में सक्षम है।

Realme C100i में 6,500mAh की बैटरी दी गई है, जो 15W वायर्ड चार्जिंग को सपोर्ट करती है। कनेक्टिविटी के लिए इस फोन में 4G LTE, Wi-Fi 5, Bluetooth 5.2, USB Type-C पोर्ट, 3.5mm ऑडियो जैक, GPS, GLONASS, BDS, Galileo और QZSS का सपोर्ट भी मिलता है। इसमें प्रॉक्सिमिटी सेंसर, एम्बिएंट लाइट सेंसर, ई-कंपास, एक्सेलेरोमीटर और सिक्योरिटी के लिए साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर जैसे ऑनबोर्ड सेंसर दिए गए हैं। इस हैंडसेट का साइज 166.5×78.2×8.7mm है और वजन लगभग 210 ग्राम है।

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Alpha OTT release: सिनेमाघरों के बाद अब ओटीटी पर दस्तक देने जा रही ‘ऐल्फा’, जानें कब और कहां देख सकेंगे फिल्म

Alpha OTT release: आलिया भट्ट और शरवरी की फिल्म ‘ऐल्फा’ आखिरकार OTT पर आ रही है, जिससे फ़ैन्स को घर बैठे इस एक्शन-पैक्ड स्पाई थ्रिलर को देखने का एक और मौका मिलेगा। YRF स्पाई यूनिवर्स की पहली महिला-प्रधान फ़िल्म, ‘ऐल्फा’ सिनेमाघरों में रिलीज़ होने के बाद नेटफ़्लिक्स पर प्रीमियर होगी। शिव रवैल के निर्देशन में बनी ‘ऐल्फा’ 3 जुलाई, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी। इसमें आलिया और शरवरी ने दो ऐसी जासूसों की भूमिका निभाई थी जो एक बड़े और अहम मिशन में फंसी हुई थीं। यह मिशन बड़ी स्पाई फ़्रैंचाइज़ी से जुड़ा हुआ था। हालांकि, बॉक्स ऑफ़िस पर फ़िल्म का प्रदर्शन औसत रहा और कहानी को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली।

कहां और कब देखें

नेटफ्लिक्स ने 27 अगस्त को कन्फर्म किया कि यह एक्शन फ़िल्म 28 अगस्त से नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होगी। प्लेटफ़ॉर्म पर लिखे कैप्शन में कहा गया, “ऐल्फा गैंग में शामिल होने के लिए तैयार हो जाइए। 28 अगस्त को रिलीज़ हो रही ‘ऐल्फा’ को नेटफ्लिक्स पर देखें!”

कहानी क्या है?

शिव रवैल की डायरेक्ट की हुई फ़िल्म ‘ऐल्फा’ में आलिया भट्ट और शरवरी, YRF स्पाई यूनिवर्स के केंद्र में हैं। आलिया ने सीता का रोल किया है, जो एक काबिल R&AW एजेंट है और जिसे ‘ऐल्फा’ सोल्जर बनने की ट्रेनिंग दी गई है। वहीं, शरवरी ने दुर्गा कौल का रोल किया है, जो सीता की जुड़वां बहन है, लेकिन उससे अलग हो गई है।

बॉबी देओल फ़िल्म के विलेन, कर्नल फतेह सिंह लखावत का रोल निभा रहे हैं। ‘ऐल्फा’ नाम के एक ताकतवर सीरम पर उनके एक्सपेरिमेंट से ही कहानी शुरू होती है। सीता को किडनैप कर लिया जाता है और उनकी देखरेख में बड़ी होती है, और आखिर में एक सुपर-सोल्जर बन जाती है।

फ़िल्म की कहानी का ऑफिशियल सारांश कुछ इस तरह है: “बदले की आग में जल रही एक लड़की अपने रास्ते में आने वाले हर किसी को खत्म कर देती है, जब तक कि उसकी यात्रा उसे अपनी ज़िंदगी के छिपे हुए सच का पता नहीं लगा देती। वह निडर और बेबाक है, और किसी भी हद तक जा सकती है, रास्ते में आने वाले किसी भी व्यक्ति को नुकसान पहुंचा सकती है।”इस फ़िल्म में अनिल कपूर भी हैं और इसमें ‘वॉर’ फ़्रैंचाइज़ी के ऋतिक रोशन के किरदार ‘कबीर’ की एक छोटी सी भूमिका (कैमियो) भी है।

बॉक्स ऑफ़िस पर प्रदर्शन

YRF स्पाई यूनिवर्स की एक बड़ी फ़िल्म होने के बावजूद, ‘ऐल्फा’ का बॉक्स ऑफ़िस पर प्रदर्शन औसत रहा। लगभग ₹100 करोड़ के बजट में बनी इस फ़िल्म ने भारत में करीब ₹58.86 करोड़ की नेट कमाई की।

फ़िल्म ने विदेशी बाज़ारों से लगभग ₹29.05 करोड़ कमाए, जिससे इसकी कुल वर्ल्डवाइड कमाई ₹99.10 करोड़ हो गई। यह 2026 की आठवीं सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली बॉलीवुड फ़िल्म के तौर पर सिनेमाघरों से उतरी और YRF स्पाई यूनिवर्स की सबसे कम कमाई करने वाली फ़िल्म बनी हुई है।

YRF स्पाई यूनिवर्स से कनेक्शन

‘ऐल्फा’, YRF स्पाई यूनिवर्स की सातवीं फ़िल्म है। इस यूनिवर्स की शुरुआत 2012 में सलमान खान की फ़िल्म ‘एक था टाइगर’ से हुई थी। इसके बाद इस फ़्रैंचाइज़ी में ‘टाइगर ज़िंदा है’ (2017), ‘वॉर’ (2019), ‘पठान’ (2023), ‘टाइगर 3’ (2023) और ‘वॉर 2’ (2025) जैसी फ़िल्में आईं।

IPO Allotment Alert: 105x सब्सक्रिप्शन वाले आईपीओ का आज होगा अलॉटमेंट, 40% है GMP! ऐसे चेक करें स्टेटस

Augmont Enterprises IPO Allotment: बुलियन और गोल्ड ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का ऑपरेट करने वाली कंपनी ऑगमोंट एंटरप्राइज के ₹825 करोड़ के आईपीओ का आज, 27 अगस्त को अलॉटमेंट होना है। इस इश्यू को निवेशकों से बंपर रिस्पांस मिला था और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक यह आईपीओ कुल 105.78 गुना सब्सक्राइब हुआ है।

कैसा रहा सब्सक्रिप्शन?

कंपनी के ऑफर पर मौजूद 77.15 लाख (77,15,999) शेयरों के मुकाबले कुल 81.61 करोड़ (81,61,83,836) शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुई थीं:

क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB): इस कैटेगरी में सबसे तगड़ा रिस्पॉन्स देखने को मिला और यह हिस्सा 226.96 गुना भरा।

नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII): एनआईआई कैटेगरी में आईपीओ 121.47 गुना सब्सक्राइब हुआ।

रिटेल निवेशक: रिटेल निवेशकों का हिस्सा 30.98 गुना भरा है।

अलॉटमेंट, रिफंड और लिस्टिंग की तारीखें

अलॉटमेंट फाइनल होने की तारीख: 27 अगस्त 2026

रिफंड और शेयर क्रेडिट की तारीख: 28 अगस्त 2026

शेयर लिस्टिंग की तारीख: 31 अगस्त 2026 (BSE और NSE पर)

कैसी रहा है वित्तीय प्रदर्शन

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 53.3% बढ़कर ₹348.3 करोड़ रहा, जो FY25 में ₹227.2 करोड़ था। कंपनी का कुल राजस्व 42.2% बढ़कर ₹94,186.2 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी फ्रेश इश्यू से मिलने वाले ₹620 करोड़ में से ₹465 करोड़ का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और इन्वेंट्री बढ़ाने के लिए करेगी, जो इसके विशाल बुलियन ट्रेडिंग बिजनेस के संचालन के लिए बेहद जरूरी है।

GMP से 40% लिस्टिंग गेन का संकेत

ग्रे मार्केट प्रीमियम पर नजर रखने वाली वेबसाइट ‘InvestorGain’ के मुताबिक, 27 अगस्त को ऑगमोंट एंटरप्राइज के शेयर ₹315 के जीएमपी पर ट्रेड कर रहे हैं। ₹788 के अपर प्राइस बैंड के हिसाब से शेयर ग्रे मार्केट में ₹1,103 पर लिस्ट होने का इशारा दे रहा है, जो करीब 39.97% (करीब 40%) के लिस्टिंग गेन को दर्शाता है।

इन 3 तरीकों से आसानी से चेक करें स्टेटस

अगर आपने भी इस आईपीओ में बोली लगाई है, तो आप अलॉटमेंट प्रक्रिया पूरी होते ही रजिस्ट्रार (MUFG Intime India) या बीएसई/एनएसई की वेबसाइट पर अपना स्टेटस चेक कर सकते हैं:

1. रजिस्ट्रार (MUFG Intime India) के जरिए स्टेटस देखें:

  • सबसे पहले रजिस्ट्रार की आधिकारिक वेबसाइट 
  • ड्रॉपडाउन सूची में से Augmont Enterprises IPO चुनें।
  • खोज विकल्प चुनें (PAN नंबर, Application Number या DP ID/Client ID)।
  • आवश्यक विवरण दर्ज करें और स्टेटस देखने के लिए Submit बटन पर क्लिक करें।

2. BSE की वेबसाइट से अलॉटमेंट चेक करने का तरीका:

  • BSE के ऑफिशियल अलॉटमेंट पेज
  • ‘Issue Type’ में Equity का विकल्प चुनें।
  • ‘Issue Name’ की सूची से Augmont Enterprises सिलेक्ट करें।
  • अपना एप्लीकेशन नंबर या PAN दर्ज करें।
  • ‘I am not a robot’ पर टिक करें और Search पर क्लिक करें।

3. NSE की वेबसाइट के जरिए:

  • NSE के आईपीओ बिड वेरिफिकेशन पोर्टल पर जाएं।
  • ‘Equity & SME IPO’ का चयन करें।
  • ऑगमोंट एंटरप्राइज का चुनाव कर आवश्यक एप्लीकेशन डिटेल्स भरकर स्टेटस जांचें।

TD Power Share Price: एक साल में इस शेयर ने पैसा तीन गुना किया, अभी और 107% चढ़ सकता है

TD Power Share Price: आप अगर जोरदार रिटर्न देने वाले शेयर की तलाश में हैं तो आप टीडी पावर सिस्टम्स के शेयर पर विचार कर सकते हैं। ब्रोकरेज फर्म मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल ने इस शेयर पर ‘होल्ड’ की अपनी रेटिंग बनाए रखी है। लेकिन, उसने इस शेयर का टारगेट प्राइस बढ़ाकर 1,512 रुपये कर दिया है। इसका मतलब है कि यह शेयर 107 फीसदी चढ़ सकता है।

शेयर ने एक साल में निवेशकों का पैसा तीन गुना किया

मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल की रिपोर्ट के बाद TD Power Systems के शेयरों में जारी गिरावट पर 27 अगस्त को ब्रेक लग गया। 3 बजे शेयर का प्राइस 2.02 फीसदी चढ़कर 742.50 रुपये पर चल रहा था। बीते एक साल में यह शेयर 194 फीसदी चढ़ा है। इसका मतलब है कि इसने सिर्फ एक साल में निवेशकों का पैसा तीन गुना कर दिया है।

बीते दो कारोबारी सत्रों में 7 फीसदी से ज्यादा गिरा था शेयर 

एक समय यह शेयर एनएसई पर करीब 5 फीसदी चढ़कर 765.50 रुपये पर पहुंच गया था। बाद में तेजी थोड़ी सुस्त पड़ गई। बीते दो कारोबारी सत्रों में यह शेयर 7 फीसदी से ज्यादा गिरा था। मोनार्क नेटवर्क कैपिटल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि यह कंपनी ग्लोबल एआई और डेटा-सेंटर पावर साइकिल का फायदा उठाने की मजबूत स्थिति में है।

क्षमता बढ़ने पर कंपनी को ऑर्डर पूरा करने में आसानी होगी

ब्रोकरेज फर्म ने कहा है कि एक्सपोर्ट्स की मीडियम टर्म में कंपनी की ग्रोथ में बड़ी भूमिका होगी। उसने यह भी कहा है कि कंपनी ने अपनी क्षमता बढ़ाने का प्लान बनाया है। इससे उसे स्ट्रॉन्ग ऑर्डर पाइपलाइन पूरी करने में मदद मिलेगी। कंपनी का प्लान बड़े जेनरेटर्स के फील्ड में एंट्री करने का है। इससे कंपनी के लिए बाजार का आकार बढ़ जाएगा।

जून तिमाही में कंपनी को 730 करोड़ रुपये का ऑर्डर 

ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि एआई और डेटा-सेंटर की बिजली की बढ़ती जरूरतों की वजह गैस इंजन और गैस टर्बाइन की डिमांड स्ट्रॉन्ग है। FY27 की पहली तिमाही में साल दर साल आधार पर ऑर्डर इनफ्लो 87.4 फीसदी बढ़कर 730 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। ऑर्डर फ्लो में एक्सपोर्ट्स और डीम्ड एक्सपोर्ट्स की हिस्सेदारी 93.1 करोड़ रुपये रही।

FY27 की पहली तिमाही में सेल्स 72 फीसदी बढ़ी

मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल ने FY26 से FY28 के बीच रेवेन्यू, EBITDA और टैक्स बाद प्रॉफिट की सीएजीआर क्रमश: 32.3 फीसदी, 36.8 फीसदी और 34.9 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। FY27 की पहली तिमाही में कंपनी की सेल्स साल दर साल आधार पर 72.1 फीसदी बढ़कर 640.1 करोड़ रुपये रही। इसमें स्ट्रॉन्ग एग्जिक्यूशन और अच्छी डिमांड का हाथ रहा।

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27 अगस्त को शेयर बाजारों के सूचकांकों पर दबाव

TD Power के शेयर में तब तेजी दिखी, जब शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर बड़ा दबाव था। 3:20 बजे निफ्टी और सेंसेक्स में 0.37 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली।

Kanpur Plane Crash: कानपुर में बड़ा विमान हादसा, गंगा बैराज के पास ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट क्रैश; 2 पायलटों की मौत

Kanpur Plane Crash: गुरुवार सुबह कानपुर में नत्था खेड़ा गंगा बैराज के पास एक दो इंजन वाले चार सीटर प्राइवेट ट्रेनिंग विमान के क्रैश होने से बड़ा हादसा हो गया। इस हादसे में विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, हादसे के बाद कानपुर नगर से आग बुझाने वाली और इमरजेंसी रेस्क्यू टीमें नत्था खेड़ा गंगा बैराज के पास दुर्घटना स्थल पर भेजी गईं, जहां चीफ फायर ऑफिसर (CFO) की देखरेख में राहत और बचाव कार्य चल रहा है।

बता दें कि हादसे में मारे गए ट्रेनी पायलट की पहचान अभिषेक पुजारी के तौर पर हुई, जबकि ट्रेनर पायलट सचिन भाटिया थे।

जानकारी के मुताबिक, यह विमान ‘गर्ग एविएशन’ का था, जो एक लोकल फ्लाइट ट्रेनिंग स्कूल के तौर पर काम करता है।

पुलिस ने दी जानकारी

पुलिस ने बताया कि पायलट के पास 3,000 घंटे से ज्यादा की फ्लाइंग का अनुभव था और वह गुजरात का रहने वाला था, जबकि को-पायलट कर्नाटक का रहने वाला था।

फिलहाल, पुलिस ने दुर्घटना वाली जगह को सुरक्षित कर लिया है और वहां घेराबंदी कर दी है। साथ ही, इस घटना के बारे में डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) को भी जानकारी दे दी गई है। उम्मीद है कि DGCA की एक टीम दुर्घटना की जांच के तहत घटनास्थल का मुआयना करेगी। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि दुर्घटना किन हालात में हुई।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने जताया दुख

वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर दुख जताया और पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवारों को इस दुख को सहने की हिम्मत देने की कामना की।

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