2030 तक ₹20 लाख करोड़ का हो सकता है EV मार्केट, 5 करोड़ नौकरियां पैदा होंगी: नितिन गडकरी

भारत का इलेक्ट्रिक व्हीकल यानी EV बाजार तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कहा कि 2030 तक भारत का EV बाजार ₹20 लाख करोड़ का हो सकता है। इससे करीब 5 करोड़ नौकरियां पैदा होने का अनुमान है।

गडकरी ने CII-ITC Centre of Excellence for Sustainable Development के एक कार्यक्रम में यह बात कही। उन्होंने बताया कि भारत में अभी करीब 57 लाख इलेक्ट्रिक व्हीकल रजिस्टर्ड हैं। देश में EV की गाड़ियों के मार्केट में हिस्सेदारी करीब 7% है।

EV बाजार में बड़ा मौका

गडकरी के मुताबिक, भारत के EV सेक्टर में आने वाले वर्षों में तेजी से विस्तार हो सकता है। सरकार इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा दे रही है। इससे वाहन निर्माण के साथ बैटरी, चार्जिंग और इससे जुड़े दूसरे कारोबार भी बढ़ सकते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि बजाज ऑटो और हीरो मोटोकॉर्प जैसे बड़े टू-व्हीलर निर्माता भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता दिखा रहे हैं। दोनों कंपनियां अपने बनाए 50% से ज्यादा वाहन विदेशों में एक्सपोर्ट करती हैं।

इलेक्ट्रिक बसों की मांग ज्यादा

गडकरी ने कहा कि भारत में हर साल करीब 1 लाख इलेक्ट्रिक बसों की जरूरत है। लेकिन घरेलू कंपनियां अभी सिर्फ 50,000 से 60,000 इलेक्ट्रिक बसें सालाना बना रही हैं।

यानी इस सेगमेंट में अभी भी बड़ी कमी है। सरकार का फोकस घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर है। इससे इलेक्ट्रिक बस बनाने वाली कंपनियों के लिए भी अवसर बढ़ सकते हैं।

ऑटो सेक्टर को नंबर-1 बनाने का लक्ष्य

गडकरी ने कहा कि सरकार अगले पांच साल में भारत के ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को दुनिया का नंबर-1 बनाना चाहती है। उन्होंने माना कि लक्ष्य मुश्किल है। लेकिन इसे हासिल करना असंभव नहीं है।

उनके मुताबिक, जब उन्होंने परिवहन मंत्री का पद संभाला था, तब भारत का ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री करीब ₹14 लाख करोड़ का था। अब इसका आकार करीब ₹22 लाख करोड़ हो गया है।

अमेरिका और चीन से पीछे भारत

गडकरी के मुताबिक, अमेरिका का ऑटोमोबाइल उद्योग करीब ₹78 लाख करोड़ का है। चीन का उद्योग करीब ₹47 लाख करोड़ का है। वहीं भारत का ऑटो सेक्टर करीब ₹23 लाख करोड़ का है।

उन्होंने कहा कि भारत के पास प्रशिक्षित कर्मचारी और प्रतिस्पर्धी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता है। इसलिए देश के पास वैश्विक ऑटो हब बनने की क्षमता है।

फॉसिल फ्यूल इंपोर्ट घटाने पर जोर

गडकरी ने कहा कि भारत हर साल करीब ₹22 लाख करोड़ का फॉसिल फ्यूल इंपोर्ट करता है। इससे देश के आयात बिल के साथ प्रदूषण भी बढ़ता है। उन्होंने बायोफ्यूल और दूसरे वैकल्पिक ईंधनों को भविष्य के लिए अहम बताया।

लॉजिस्टिक्स लागत 8% करने का लक्ष्य

सरकार लॉजिस्टिक्स लागत को घटाकर GDP के करीब 8% तक लाने का लक्ष्य रखती है। गडकरी के मुताबिक, इससे भारतीय कंपनियों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ेगी।

उन्होंने बताया कि IIT चेन्नई, IIT कानपुर और IIM बेंगलुरु की एक रिपोर्ट के मुताबिक एक्सप्रेसवे और इकोनॉमिक कॉरिडोर बनने से भारत की लॉजिस्टिक्स लागत करीब 16% से घटकर 10% रह गई है। सरकार इसे और घटाकर 8% तक लाना चाहती है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

72 घंटे में बैरियर लेक टूटने का खतरा! नेपाल में बाढ़ की तबाही के बीच चीन से आया ये खतरनाक अलर्ट

Nepal Flash Flood: नेपाल में भीषण बाढ़ और तबाही के बीच अब एक नया और बड़ा खतरा मंडराने लगा है। हिमालयी सीमा पार ऊपरी हिस्से में बनी एक बैरियर लेक (प्राकृतिक रुकावट से बनी झील) के टूटने की आशंका ने दोनों देशों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। चीनी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यह झील अगले 72 घंटों के भीतर फूट सकती है। इससे क्षेत्र में राहत और बचाव कार्यों में गंभीर बाधा आ सकती है और बाढ़ का संकट और अधिक गहरा सकता है।

558 लोग तिब्बत की तरफ लापता, ग्यिरोंग में तबाही के बाद गांव खाली कराए गए

नेपाल सीमा से सटे तिब्बती क्षेत्र में बड़े पैमाने पर हुए भूस्खलन और मिट्टी-चट्टानों के ढहने से भयंकर तबाही हुई है। चीनी सरकारी ब्रॉडकास्टर सीसीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक नेपाल सीमा के तिब्बती हिस्से में कम से कम 558 लोग लापता हैं। यह तबाही ग्यिरोंग के पास ल्हेन्दे नदी में अचानक आए पानी के भयानक सैलाब के बाद हुई है। इसमें कम से कम तीन लोगों की मौत हो चुकी है जबकि दो ग्रामीणों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने खतरे वाले इलाकों में बसे गांवों को खाली करा दिया है।

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने जानकारी दी है कि नेपाल की तरफ भी लगभग 100 चीनी नागरिक लापता हैं। तिब्बत से शुरू हुआ यह उफान भोटे कोशी और त्रिशूली नदियों के जरिए आगे बढ़ा। इसने नेपाल में बड़ी तबाही मचाई है। नेपाल में इस आपदा की वजह से कम से कम 359 लोगों की जान जा चुकी है और सैकड़ों लोग लापता हैं। कई मकान, सड़कें और जलविद्युत परियोजनाएं पानी के बहाव में बह गई हैं।

72 घंटे में बैरियर लेक टूटने की चेतावनी, झील में भरा 20 लाख घन मीटर पानी

चीनी अधिकारियों के मुताबिक आपदा स्थल के उत्तर-पूर्व में छोचेन खोला और पुरेपू त्सांगपो नदियों के संगम पर बनी बैरियर लेक अब सबसे बड़ा खतरा बन गई है। चीन के जल संसाधन मंत्रालय ने इस झील की निगरानी बढ़ा दी है। सीसीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक गुरुवार तक इस झील में अनुमानित 20 लाख घन मीटर पानी जमा हो चुका था और यह पहले से ही ओवरफ्लो हो रही है।

अधिकारियों ने आगाह किया है कि अगले तीन दिनों में इस झील में और 30 लाख घन मीटर पानी बहकर आने की संभावना है। इससे 72 घंटों के भीतर इसके टूटने की पूरी आशंका है।

राहत कार्य के लिए बीजिंग और चेंगदू से टीमें रवाना, ग्यिरोंग कस्बे में बिजली बहाल

आपदा की भयावहता को देखते हुए चीन सरकार ने बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य शुरू किए हैं। स्थानीय पुलिस और सशस्त्र बलों की मदद के लिए बीजिंग और चेंगदू से फायर एंड रेस्क्यू टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया है। सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक ग्यिरोंग कस्बे के मध्य शहरी इलाकों में बिजली और संचार सुविधाएं बहाल कर दी गई हैं। हालांकि पोर्टसे संपर्क अभी भी पूरी तरह कटा हुआ है, जिसे बहाल करने की कोशिश की जा रही है।

2025 में भी घटी थी ऐसी ही घटना

हिमालयी क्षेत्र में इस तरह की अचानक आई भीषण बाढ़ कोई पहली घटना नहीं है। ठीक एक साल पहले अगस्त 2025 में भी तिब्बत में एक ग्लेशियर झील ओवरफ्लो हो गई थी। उस घटना में नौ लोगों की मौत हो गई थी और नेपाल, चीन को जोड़ने वाले एक प्रमुख पुल सहित कई जरूरी इंफ्रा को भारी नुकसान पहुंचा था।

अगले हफ्ते शेयर बाजार में एंट्री के साथ ही रॉकेट बन सकते हैं ये शेयर, क्या आपने आईपीओ में बोली लगाई है?

अगले हफ्ते तीन कंपनियों के शेयर स्टॉक एक्सचेंजों में लिस्ट हो सकते हैं। इनमें सिंबायोटिक फार्मालैब, स्काईवेज एयर सर्विसेज और हाई-टेक इंजीनियर्स शामिल हैं। इन कंपनियों के आईपीओ में बोली लगाने की अंतिम तारीख 27 अगस्त है। तीनों आईपीओ को निवेशकों का स्ट्रॉन्ग रिस्पॉन्स मिला है।

Symbiotic Pharmalab का आईपीओ 20 गुना सब्सक्राइब्ड

Symbiotic Pharmalab का आईपीओ आईपीओ खुलने के तीसरे दिन 20 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ। इस इश्यू में सबसे ज्यादा दिलचस्पी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) ने दिखाई। 1,757 करोड़ रुपये के इस आईपीओ में कंपनी इनवेस्टर्स को 1.31 करोड़ शेयर एलॉट करेगी। ग्रे मार्केट में इस शेयर पर 29.05 फीसदी प्रीमियम चल रहा।

Skyways Air Services के शेयर पर 33 फीसदी से ज्यादा जीएमपी

Skyways Air Services के आईपीओ को भी निवेशकों का स्ट्रॉन्ग रिस्पॉन्स मिला है। अब तक यह इश्यू करीब 23 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। इस इश्यू में NII के अलावा रिटेल इनवेस्टर्स ने भी जबर्दस्त दिलचस्पी दिखाई है। ग्रे मार्केट में इस शेयर पर 33.33 फीसदी का प्रीमियम चल रहा है। इससे इस शेयर की दमदार लिस्टिंग की उम्मीद है।

हाई-टेक इंजीनियर्स का आईपीओ सबसे ज्यादा 144 गुना सब्सक्राइब हुआ

हाई-टेक इंजीनियर्स के आईपीओ में निवेशकों ने सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखाई है। एनएसई के डेटा के मुताबिक, यह इश्यू 144 गुना सब्सक्राइब हुआ है। NII कैटेगरी में यह इश्यू 301 गुना सब्सक्राइब हुआ है। रिटेल इनवेस्टर्स कैटेगरी में यह इश्यू 134 गुना सब्सक्राइब हुआ है। ग्रे मार्केट में इस शेयर पर 27 अगस्त को 84.91 फीसदी प्रीमियम चल रहा था।

शेयरों के ग्रे मार्केट प्रीमियम से सिर्फ लिस्टिंग के बारे मिलता है संकेत 

एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी शेयर के ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) से सिर्फ स्टॉक मार्केट्स में स्टॉक की लिस्टिंग का संकेत मिलता है। यह शेयर के प्रीमियम के साथ लिस्ट होने की गारंटी नहीं है। अगर लिस्टिंग से पहले बाजार की स्थितियां बदल जाती हैं तो उसका असर शेयरों की लिस्टिंग पर पड़ सकता है। इसीलिए एक्सपर्ट्स किसी आईपीओ में शेयर के जीएमपी के आधार पर बोली लगाने की सलाह नहीं देते हैं।

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शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों पर 27 अगस्त को दिखा दबाव 

तीनों कंपनियों की लिस्टिंग ऐसे वक्त हो रही है, जब बाजार पर दबाव दिख रहा है। 27 अगस्त को भी बाजार में गिरावट दिखी। बाजार के प्रमुख सूचकांक निफ्टी और सेंसेक्स लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी 0.48 फीसदी यानी 116.90 अंक गिरकर 24,090 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 0.70 फीसदी यानी 539 अंक गिरकर 76,933 पर बंद हुआ। बैंक निफ्टी में भी 0.47 फीसदी की गिरावट आई।

2030 तक EV सेक्टर में आएंगी 5 करोड़ नौकरियां, 20 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचेगा मार्केट! नितिन गडकरी का बड़ा दावा

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कहा कि भारत का इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) बाजार 2030 तक 20 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। इसके साथ ही इस सेक्टर में 5 करोड़ नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है।

PTI की रिपोर्ट के अनुसार, CII-ITC सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट की ओर से आयोजित एक समिट को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि भारत में अभी 57 लाख इलेक्ट्रिक वाहन रजिस्टर्ड हैं और ऑटोमोबाइल बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी करीब 7 प्रतिशत है।

उन्होंने कहा, “2030 तक भारत का इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) मार्केट 20 लाख करोड़ रुपये का हो जाएगा। इससे 2030 तक पांच करोड़ नौकरियां भी पैदा होंगी।”

इस दौरान गडकरी ने भारत की दो सबसे बड़ी टू-व्हीलर बनाने वाली कंपनियों, बजाज ऑटो और हीरो मोटोकॉर्प की एक्सपोर्ट क्षमता का भी जिक्र किया और कहा कि वे अपने बनाए गए वाहनों में से 50 प्रतिशत से ज्यादा का एक्सपोर्ट करती हैं।

भारत को और ज्यादा इलेक्ट्रिक बसों की जरूरत

गडकरी ने कहा कि भारत में हर साल एक लाख इलेक्ट्रिक बसों की मांग है, लेकिन देश के मैन्युफैक्चरर अभी साल में सिर्फ 50,000-60,000 EV बसें ही बनाते हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य अगले पांच सालों में भारत के ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को दुनिया में सबसे बड़ा बनाना है। उन्होंने यह भी कहा कि देश के पास ट्रेंड मैनपावर और कॉम्पिटिटिव व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग क्षमताएं हैं।

गडकरी ने आगे कहा, “अगले पांच सालों में हमारा लक्ष्य भारत के ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को दुनिया में नंबर 1 बनाना है… यह मुश्किल है, लेकिन नामुमकिन नहीं।”

उन्होंने कहा कि भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर का आकार काफी बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर का पद संभाला था, तब इस सेक्टर की वैल्यू 14 लाख करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर 22 लाख करोड़ रुपये हो गई है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अभी US के ऑटोमोबाइल सेक्टर की वैल्यू 78 लाख करोड़ रुपये है, इसके बाद चीन 47 लाख करोड़ रुपये के साथ दूसरे और भारत 23 लाख करोड़ रुपये के साथ तीसरे स्थान पर है।

फॉसिल फ्यूल के इंपोर्ट और लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने पर जोर

गडकरी ने कहा कि भारत फॉसिल फ्यूल के इंपोर्ट पर 22 लाख करोड़ रुपये खर्च करता है, जिससे प्रदूषण भी बढ़ता है।

उन्होंने कहा, “हम अच्छे हाईवे बना रहे हैं… अच्छे रास्ते और उनके विकल्प तैयार कर रहे हैं, और बायो-फ्यूल ही भविष्य है।”

लॉजिस्टिक्स लागत के बारे में गडकरी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य इसे घटाकर 8% तक लाना है। उनका तर्क है कि लॉजिस्टिक्स लागत कम होने से ग्लोबल मार्केट में भारत की कॉम्पिटिटिवनेस (प्रतिस्पर्धा क्षमता) बेहतर होगी।

गडकरी ने कहा कि IIT चेन्नई, IIT कानपुर और IIM बैंगलोर की हालिया रिपोर्ट से पता चला है कि एक्सप्रेसवे और इकोनॉमिक कॉरिडोर बनने से भारत की लॉजिस्टिक्स लागत 16% से घटकर 10% हो गई है।

उन्होंने कहा, “सरकार का लक्ष्य लॉजिस्टिक्स लागत को घटाकर 8% करना है, जिससे भारत को ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनने में मदद मिलेगी।”

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विप्रो ने गूगल क्लाउड के साथ AI पार्टनरशिप बढ़ाई, Wipro ADR में 5% की तेजी

दिग्गज आईटी कंपनी Wipro के अमेरिकी शेयर यानी अमेरिकन डिपॉजटरी रिसिप्ट (ADR) में गुरुवार को प्री-मार्केट कारोबार में करीब 5% की तेजी दिखी। यह तेजी कंपनी की Google Cloud के साथ AI को लेकर पार्टनरशिप बढ़ाने की घोषणा के बाद आई। भारतीय समयानुसार शाम 4:45 बजे Wipro ADR करीब 4.61% ऊपर कारोबार कर रहा था।

Google Cloud के साथ बढ़ी पार्टनरशिप

आईटी सर्विसेज कंपनी Wipro ने Google Cloud के साथ अपनी पार्टनरशिप को और मजबूत किया है। इसका मकसद कंपनियों में AI का बड़े स्तर पर इस्तेमाल बढ़ाना है। इसके तहत Wipro Gemini Enterprise और एजेंटिक AI को एंटरप्राइज स्तर पर लागू करने में मदद करेगी।

10,000 से ज्यादा AI एक्सपर्ट तैयार होंगे

आईटी सर्विसेज कंपनी Wipro अपने 10,000 से ज्यादा AI-सर्टिफाइड विशेषज्ञों को एडवांस AI क्षमताओं से लैस करेगी। इनमें करीब 1,500 फॉरवर्ड डिप्लॉयड इंजीनियर्स भी शामिल हैं। कंपनी का कहना है कि इससे कामकाज बेहतर होगा और फैसले लेने की प्रक्रिया तेज होगी।

AI के लिए LIFT फ्रेमवर्क लॉन्च

आईटी सर्विसेज कंपनी Wipro ने LIFT यानी Launch-Ignite-Flywheel-Transform फ्रेमवर्क भी लॉन्च किया है। इसका मकसद कंपनियों को AI ट्रांसफॉर्मेशन तेजी से लागू करने में मदद करना है। इसके जरिए कंपनियां सामान्य ऑटोमेशन से आगे बढ़कर अपने रोजमर्रा के काम में AI एजेंट का इस्तेमाल कर सकेंगी।

AI एजेंट से होंगे कई काम

आईटी सर्विसेज कंपनी Wipro ने Gemini Enterprise को अपने प्रमुख एजेंटिक AI प्लेटफॉर्म के तौर पर इस्तेमाल किया है। कंपनी के मुताबिक, AI एजेंट कंप्लायंस, HR और सेल्स इंटेलिजेंस जैसे कामों में मदद कर सकते हैं। इससे AI का इस्तेमाल सिर्फ छोटे कामों तक सीमित नहीं रहेगा।

Wipro शेयर का हाल

भारतीय बाजार में Wipro का शेयर गुरुवार को ₹176.40 पर बंद हुआ। इसमें 0.54% की बढ़त रही। वहीं, अमेरिका में Wipro ADR में Google Cloud के साथ AI पार्टनरशिप की खबर के बाद प्री-मार्केट कारोबार में करीब 4.61% की तेजी देखने को मिली।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

पुणे की इस महिला ने 29 साल की उम्र में लिया रिटायरमेंट, वीडियो शेयर कर बताया 4-स्टेप मैजिकल फॉर्मूला

कॉर्पोरेट की भागदौड़ भरी जिंदगी से थककर, एक महिला ने 29 साल की उम्र में रिटायरमेंट ले लिया और अपने पिता के साथ मिलकर एक ‘फ़ार्म स्टे’ शुरू किया। पर्माकल्चर और फलों की खेती अपनाकर और काम के तनाव (बर्नआउट) के बजाय अपनी सेहत और खुशी पर ध्यान देकर, उन्होंने एक आत्मनिर्भर जीवनशैली बनाई। इंस्टाग्राम पर अपनी कहानी शेयर करते हुए उन्होंने बताया कि कैसे ज़मीन खरीदकर और एक अच्छा इकोसिस्टम बनाकर उन्होंने अपनी मर्ज़ी की ज़िंदगी जी। उनका वायरल वीडियो अब तक हज़ारों लोगों को प्रेरित कर चुका है।

वायरल हो रहे इस वीडियो में स्नेहा राजगुरु कहती हैं, “मैं 29 साल की उम्र में रिटायर हो गई। मैं आपको बताती हूं कैसे,” और फिर वे उन 4 स्टेप्स के बारे में बताती हैं जिनकी मदद से उन्होंने कॉर्पोरेट ज़िंदगी छोड़ दी।

स्टेप 1- ज़मीन का एक छोटा सा टुकड़ा खरीदें। उसका कोई ऐसा नाम रखें जो आपके दिल के करीब हो, जैसे मैंने ‘बाब बेटी फ़ार्म’ रखा।

स्टेप 2- फलों के पेड़ लगाएं। वे आपके साथ-साथ बढ़ते हैं, उनमें सबसे कम मेहनत लगती है और वे सालों तक आपको फल देते रहेंगे।

स्टेप 3- अपना खाना खुद उगाना शुरू करें। ताकि अगर लॉकडाउन या युद्ध जैसी कोई स्थिति आए, तो आप किसी पर निर्भर न रहें। मेरा यकीन मानिए, सरकार पर भी नहीं।

स्टेप 4- अपनी ज़मीन को फूलों से भर दें। यकीन मानिए, जब आपका मन रोज़ सुंदरता देखता है, तो उसे अस्पतालों की ज़रूरत नहीं पड़ती। और सबसे ज़रूरी बात, ऐसी जगह बनाएँ जो सिर्फ़ आपके पेट को ही नहीं, बल्कि आपकी आत्मा को भी सुकून दे। क्योंकि रिटायरमेंट का मतलब उम्र से नहीं, बल्कि दबाव के बजाय शांति को चुनने से है।

उन्होंने इंस्टाग्राम वीडियो के कैप्शन में लिखा- “क्या आप भी ऐसी ज़िंदगी का सपना देखते हैं? साथ जुड़िए, आपकी यात्रा यहीं से शुरू हो सकती है,”। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से लोकप्रिय हो रहा है। इसे 4 लाख से ज़्यादा बार देखा जा चुका है और कमेंट सेक्शन में लोगों की ढेरों प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं।

एक यूज़र ने लिखा, “मुझे फ़ार्म का नाम बहुत पसंद आया। यह मेरा भी सपना है।” एक और यूज़र ने कमेंट किया, “मैं भी दबाव के बजाय शांति चुनना चाहता हूं।”तीसरे यूज़र ने लिखा, “वाह, यह सचमुच बहुत सुंदर है। उम्मीद है कि मैं भी कभी अपनी ऐसी जगह बना पाऊंगा। आप जो कर रही हैं, वह मुझे बहुत पसंद है।” एक और कमेंट करने वाले ने पूछा, “आप किस इलाके में रहती हैं? वहां ज़मीन की कीमत क्या है?”

नेपाल बाढ़ के बीच कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर गए इन 21 भारतीयों का हुआ रेस्क्यू, फुल लिस्ट यहां देखिए

Nepal Flash Flood: पड़ोसी देश नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और सैलाब के बीच भारतीय नागरिकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने पुष्टि की है कि कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल गए तमिलनाडु के 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी है कि ये सभी नागरिक सुरक्षित हैं और इन्हें नेपाल के बाढ़ प्रभावित टिमुरे क्षेत्र से रेस्क्यू किया गया है।

जिन लोगों का रेस्क्यू किया गया उनकी पूरी लिस्ट भी रणधीर जायसवाल ने एक्स पर पोस्ट की है। इसे यहां नीचे देखा जा सकता है।

नेपाल में लापता भारतीयों में त्रिशूली प्रोजेक्ट के 73 कर्मचारी शामिल

राहत की इस खबर के बीच स्थिति की गंभीरता कम नहीं हुई है। आपको बता दें कि नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के बाद 288 भारतीय नागरिकों के लापता होने की जानकारी सामने आई थी। इन लापता भारतीयों में पर्यटक समूहों के अलावा जलविद्युत परियोजनाओं में काम करने वाले कर्मचारी भी शामिल हैं। इनमें से 73 भारतीय नागरिक त्रिशूली वन पावर प्रोजेक्ट में काम कर रहे थे। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास इन लापता कर्मचारियों के बारे में सटीक जानकारी जुटाने के लिए प्रोजेक्ट हेड के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है।

तिब्बत में भी फंसे 200 भारतीय

नेपाल के साथ-साथ तिब्बत सीमा क्षेत्र में भी भारतीय यात्रियों की सुरक्षा को लेकर प्रयास जारी हैं। विदेश मंत्रालय के मुताबिक तिब्बत क्षेत्र में मौजूद लगभग 200 भारतीय नागरिकों ने भी भारत सरकार से सहायता मांगी है। प्रवक्ता ने कहा कि भारत इस कठिन परिस्थिति में नेपाल के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है और पड़ोसी देश की जरूरतों के अनुसार हर संभव सहायता और मानवीय राहत सामग्री प्रदान करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

नेपाल में मौतों का आंकड़ा 270 पहुंचा, युद्ध स्तर पर जारी है सर्च ऑपरेशन

नेपाल में भोटेकोशी नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ ने तीन जिलों में भयंकर तबाही मचाई है। अधिकारियों और राहत टीमों द्वारा चलाए जा रहे बचाव अभियानों के बीच मौतों की संख्या बढ़कर 270 हो गई है। नेपाली सेना, पुलिस और राहत एजेंसियां हजारों लापता लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं।

हथियार बनाने में भारत की लंबी छलांग! प्रोडक्शन ₹1.80 लाख करोड़ और एक्सपोर्ट ₹39,000 करोड़ के पार

India Defence Sector Growth: भारत का रक्षा क्षेत्र आत्मनिर्भरता की दिशा में ऐतिहासिक छलांग लगा रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को जानकारी दी कि पिछले एक दशक में भारत का घरेलू रक्षा उत्पादन करीब 4 गुना बढ़कर लगभग ₹1.80 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। वहीं, भारत से रक्षा उपकरणों का निर्यात बढ़कर ₹39,000 करोड़ के करीब हो गया है।

रक्षा मंत्री मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित 57 साल पुरानी व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर (VFJ) में T-सीरीज के मेन बैटल टैंक्स के ओवरहॉलिंग के लिए बनने वाले ₹472 करोड़ के नए प्लांट का शिलान्यास करने पहुंचे थे।

2014 से 2026: रक्षा उत्पादन और निर्यात के आंकड़े

राजनाथ सिंह ने 2014 के मुकाबले रक्षा क्षेत्र में हुई अभूतपूर्व प्रगति का ब्योरा पेश किया। साल 2014 में देश का हथियारों और गोला-बारूद का उत्पादन महज ₹46,000 करोड़ था, जो अब बढ़कर ₹1.80 लाख करोड़ हो गया है। 2014 में भारत का रक्षा निर्यात सिर्फ ₹1,000 करोड़ का था, जो अब ₹39,000 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2028-29 तक ₹50,000 करोड़ के रक्षा निर्यात का लक्ष्य तय किया है।

जबलपुर VFJ में ₹472 करोड़ का प्रोजेक्ट

जबलपुर की व्हीकल फैक्ट्री में बनने वाला नया प्रोजेक्ट भारत के रक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करेगा। यह नया प्लांट सालाना 80 T-72 और T-90 टैंकों का ओवरहॉल यानी मरम्मत व अपग्रेडेशन करने में सक्षम होगा। भारतीय सेना को हर साल करीब 230 T-सीरीज टैंकों के ओवरहॉल की जरूरत होती है।

अब तक चेन्नई के आवडी स्थित हैवी व्हीकल्स फैक्ट्री (HVF) में सालाना लगभग 150 टैंकों की ओवरहॉलिंग होती थी। जबलपुर का नया प्लांट शुरू होने के बाद सेना की यह कमी पूरी तरह से दूर हो जाएगी।

‘अब केवल हथियार बना ही नहीं रहे, मेंटेन भी कर रहे हैं’

रक्षा मंत्री ने कहा कि रक्षा के क्षेत्र में दुनिया का भारत को देखने का नजरिया बदल चुका है और इसके पीछे ‘आत्मनिर्भर भारत’ का विजन है। भारत अब न सिर्फ अपनी धरती पर आधुनिक हथियार बना रहा है, बल्कि उनका रखरखाव, ओवरहॉलिंग और अपग्रेडेशन करने की पूरी क्षमता हासिल कर चुका है।

इस प्रोजेक्ट से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और यह भारतीय सेना के टैंकों को युद्ध के लिए हमेशा तैयार रखने में ‘वरदान’ साबित होगा।

व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर का ऐतिहासिक सफर

व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर(VFJ) की स्थापना 1969 में हुई थी, जो वर्तमान में आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिटेड (AVNL) के तहत काम करती है। शुरुआत में इस फैक्ट्री में जर्मनी की MAN कंपनी के सहयोग से ‘शक्तिमान 3-टन’ ट्रक और जापान की निसान के सहयोग से ‘निसान 1T’ व ‘जोन्गा’ गाड़ियां बनाई जाती थीं। यह फैक्ट्री 330 एकड़ में फैली है और इसका संलग्न एस्टेट 600 एकड़ का है।

Vivo Y31t भारत में लॉन्च, 7200mAh बैटरी और 120Hz डिस्प्ले के साथ, जानें कीमत और फीचर्स

Vivo ने भारतीय बाजार में Y31t नाम का एक नया मिड-रेंज स्मार्टफोन लॉन्च किया है। इस डिवाइस का डिजाइन स्लीक है और इसका बैक पैनल साफ-सुथरा है। इसके पिछले हिस्से में ऊपर बाईं ओर एक रेक्टेंगुलर कैमरा मॉड्यूल है और नीचे बाईं ओर Vivo की ब्रांडिंग दी गई है। इसके अलावा, डिवाइस के दाईं ओर पावर बटन और वॉल्यूम रॉकर दिए गए हैं। अब, आइए इस डिवाइस के बारे में बाकी सभी जरूरी बातें जानते हैं, जैसे कि भारत में इसकी कीमत, स्पेसिफिकेशन्स, कैमरा और बहुत कुछ।

भारत में Vivo Y31t की कीमत

Vivo Y31t का 4GB RAM + 128GB इंटरनल स्टोरेज वाला वेरिएंट भारतीय बाजार में ₹25,999 की कीमत पर उपलब्ध होगा। जबकि 6GB RAM + 128GB इंटरनल स्टोरेज वाले वेरिएंट को ₹25,999 में और 6GB RAM + 256GB इंटरनल स्टोरेज वाले वेरिएंट को ₹34,999 में खरीदा जा सकता है। इसके अलावा, कंपनी चुनिंदा क्रेडिट और डेबिट कार्ड पर ₹1,500 का इंस्टेंट कैशबैक भी दे रही है। बता दें कि Vivo Y31t को तीन कलर ऑप्शन में पेश किया गया है—Golden Mist, Crimson Red और Seashore।

Vivo Y31t कैमरा और स्पेसिफिकेशन्स

Vivo Y31t में 6.75-इंच का HD+ LCD डिस्प्ले हो सकता है, जिसमें 120Hz रिफ्रेश रेट और 1,250 निट्स की पीक ब्राइटनेस मिलेगी। Vivo के दावे के अनुसार, यह डिवाइस पानी और धूल से बचाव के लिए IP68 और IP69 रेटिंग के साथ आता है। इसमें Qualcomm Snapdragon 4 Gen 2 प्रोसेसर है, साथ ही 6GB LPDDR4X RAM और 256GB UFS 3.1 इंटरनल स्टोरेज दी गई है। सुरक्षा के लिए, डिवाइस में साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर और फेस अनलॉक फीचर भी है। इस हैंडसेट में 7,200mAh की बैटरी है, जो 44W वायर्ड फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है।

कैमरे की बात करें तो, Vivo Y31t में डुअल रियर कैमरा सेटअप है, जिसमें 50MP का प्राइमरी शूटर और 2MP का बोकेह सेंसर शामिल है। सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए, फोन में 8MP का फ्रंट कैमरा भी दिया गया है।

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Happiest Minds के शेयर 6 फीसदी फिसले, इस खबर के बाद शेयर में बढ़ी बिकवाली

हैपिएस्ट माइंड्स के शेयरों में 27 अगस्त को बड़ी गिरावट आई। सीएनबीसी-आवाज ने खबर दी की आईटीसी इंफोटेक इसके प्रमोटर की हिस्सेदारी खरीदेगी। यह डील प्रति शेयर 390-400 की कीमत पर हो सकती है। इस खबर के बाद शेयर में गिरावट आई।

इस डील को अगले हफ्ते मिल सकती है बोर्ड की मंजूरी

सीएनबीसी-आवाज ने खबर दी कि कंपनी का बोर्ड इस डील को अगले हफ्ते मंजूरी दे सकता है। उसने यह बताया कि हैपिएस्ट माइंड्स शेयर बाजार से डीलिस्ट हो सकती है। 27 अगस्त को हैपिएस्ट माइंड्स के शेयर 6.26 फीसदी गिरकर 419.80 रुपये पर बंद हुए। बीते एक साल में यह शेयर करीब 26 फीसदी चढ़ा है।

22 फीसदी हिस्सेदारी सीधे तौर पर खरीदने का प्लान 

खबर के मुताबिक, ITC Infotech हैपिएस्ट माइंड्स में प्रमोटर की 22 फीसदी हिस्सेदारी सीधे तौर पर खरीदेगी। कंपनी में प्रमोटर की 44 फीसदी हिस्सेदारी है। बाकी 22 फीसदी शेयरों के लिए आईटीसी इंफोटेक अपने शेयर ऑफर कर सकती है। उसके बाद कंपनी को ओपन ऑफर लाना होगा।

आईटीसी इंफोटेक खुद को शेयर बाजार में लिस्ट करा सकती है

सीएनबीसी-आवाज की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ITC Infotech अलग से शेयर बाजार में खुद को लिस्ट करा सकती है। पिछले महीने मनीकंट्रोल ने खबर दी थी कि आईटीसी इंफोटेक इस आईटी कंपनी में हिस्सेदारी खरीदने की दौड़ में आगे है। स्टॉक एक्सचेंज के डेटा के मुताबिक, हैपिएस्ट माइंड्स के फाउंडर और एग्जिक्यूटिव चेयरमैन अशोक सूता की कंपनी में सीधे तौर पर 32 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी है। उनकी 40 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी दूसरे प्रमोटर होल्डिंग्स के जरिए है।

हाई ग्रोथ वाले बिजनेसेज में आईटीसी इंफोटेक की स्थिति मजबूत होगी

Ashok Soota Medical Research LLP की हैपिएस्ट माइंड्स में करीब 11.8 फीसदी हिस्सेदारी है। अगर यह डील होती है तो यह डिजिटल इंजीनियरिंग और एआई-आधारित टेक्नोलॉजी सर्विसेज बिजनेस के विस्तार पर आईटीसी इंफोटेक का सबसे बड़ा दांव होगा। हैपिएस्ट माइंड्स में हिस्सेदारी खरीदने से क्लाउड, डेटा, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसे ज्यादा ग्रोथ वाले क्षेत्रों में आईटीसी इंफोटेक की स्थिति मजबूत होगी।

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2011 में हुई थी हैपिएस्ट माइंड्स की शुरुआत

ITC Infotech ने अक्तूबर 2024 में क्लाउड सर्विसेज कंपनी Blazeclan Technologies का अधिग्रहण 485 करोड़ रुपये में किया था। जहां तक Happiest Minds की बात है तो इस डील से करीब एक दशक के बाद कंपनी के कंट्रोल में बदलाव होगा। इस कंपनी की शुरुआत में 2011 में अशोक सूता ने की थी। इस कंपनी का हेडक्वार्टर बेंगलुरु है।