Reliance Industries Q1 Results: जून तिमाही के नतीजे 17 जुलाई को, Jio Financial 16 जुलाई को रिलीज करेगी डेटा

RIL June Quarter Result: मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) का बोर्ड 17 जुलाई को मीटिंग करने वाला है। इस मीटिंग में अप्रैल-जून 2026 तिमाही के वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी जाएगी। मीटिंग खत्म होने के बाद रिजल्ट जारी किए जाएंगे। कंपनी ने शेयर बाजारों को इस बारे में जानकारी दे दी है। इस अपडेट के बाद 13 जुलाई से शुरू हो रहे सप्ताह में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों पर ​मार्केट पार्टिसिपेंट्स की नजर रहेगी।

17 जुलाई को रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ-साथ रिलायंस जियो और रिलायंस रिटेल के तिमाही नतीजे भी सामने आएंगे। RIL इस वक्त देश की मोस्ट वैल्यूएबल कंपनी है। BSE के मुताबिक, इसका मार्केट कैप 17,71,206.33 करोड़ रुपये या 17.71 लाख करोड़ रुपये है।

जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 12.9 प्रतिशत बढ़कर 298621 करोड़ रुपये रहा था। कंपनी के मालिकों के लिए शुद्ध मुनाफा 12.5 प्रतिशत की कमी के साथ 16971 करोड़ रुपये रहा था।

Jio Financial Services के नतीजे

जियो फाइनेंशियल सर्विसेज के जून तिमाही के नतीजे 16 जुलाई को जारी होने वाले हैं। जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 14 प्रतिशत घटकर 272 करोड़ रुपये रहा था। एक साल पहले यह 316 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 106 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1,019 करोड़ रुपये रहा, जबकि मार्च 2025 तिमाही में यह 493 करोड़ रुपये था।

RIL और Jio Financial के शेयर की चाल

रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर की कीमत शुक्रवार, 10 जुलाई को BSE पर 1308.85 रुपये पर बंद हुई। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 50 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर साल 2026 में अब तक 17 प्रतिशत नीचे आया है। जियो फाइनेंशियल सर्विसेज केा शेयर शुक्रवार, 10 जुलाई को BSE पर 241.85 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 1.59 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। कंपनी में 21 अप्रैल 2026 तक प्रमोटर्स के पास 49.13 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर एक साल में 27 प्रतिशत नीचे आया है।

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जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO का ड्राफ्ट हो चुका है जमा

जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड अपने IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कर चुकी है। यह देश का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू साबित हो सकता है। 19 जून 2026 को रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने 49वीं सालाना आम बैठक में जानकारी दी थी कि जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड ने IPO के ड्राफ्ट को मंजूरी दे दी है। उसी दिन इसे सेबी के पास जमा कर दिया गया। जियो प्लेटफॉर्म्स अपने पब्लिक इश्यू के जरिए करीब 4 अरब डॉलर (लगभग 37,700 करोड़ रुपये) जुटाने की योजना बना रही है। इश्यू में 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 27 करोड़ तक नए शेयर जारी करने की योजना है।

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बेंगलुरु में घर में घुस महिला को प्राइवेट पार्ट दिखाने वाला डिलीवरी एजेंट अरेस्ट, क्या है पूरा मामला?

बेंगलुरु से सामने आई एक घटना ने महिलाओं की सुरक्षा और निजी सीमाओं (पर्सनल बाउंड्री) को लेकर नई बहस छेड़ दी है। एक महिला ने सोशल मीडिया पर अपना अनुभव साझा करते हुए दावा किया कि एक साधारण डिलीवरी कुछ ही मिनटों में डरावने अनुभव में बदल गई। महिला के मुताबिक, उन्होंने अपनी सुरक्षा और निजता को ध्यान में रखते हुए साफ इनकार किया था, लेकिन उनकी बात को नजरअंदाज कर दिया गया। इसके बाद जो हुआ, उसने उन्हें मानसिक रूप से झकझोर कर रख दिया। घटना के बाद महिला ने अपनी आपबीती सोशल मीडिया पर साझा की, जिसके बाद मामला तेजी से वायरल हो गया।

लोगों ने इस पर नाराजगी जताते हुए महिलाओं की सुरक्षा, डिलीवरी स्टाफ के व्यवहार और कानून-व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठाए। मामला पुलिस तक पहुंच चुका है और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

वॉशरूम चाहिएसे शुरू हुई पूरी घटना

महिला के मुताबिक, डिलीवरी एजेंट पार्सल देने के बाद उनके घर का वॉशरूम इस्तेमाल करने की अनुमति मांगने लगा। उन्होंने साफ शब्दों में मना कर दिया और कहा कि वह किसी अजनबी को अपने घर के अंदर आने की इजाजत नहीं देतीं। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि जरूरत होने पर वह पास में रहने वाले पुरुष पड़ोसियों से मदद मांग सकता है।

मनाही के बावजूद फ्लैट में घुसने का आरोप

महिला का आरोप है कि बार-बार इनकार करने के बावजूद डिलीवरी एजेंट ने उनकी बात नहीं मानी। उसने अपने जूते-चप्पल उतारे और बिना अनुमति फ्लैट के अंदर चला गया। इसके बाद उसने वॉशरूम का इस्तेमाल किया।

बाहर आते ही की अशोभनीय हरकत

महिला ने दावा किया कि वॉशरूम से बाहर निकलने के बाद आरोपी ने उनके सामने अपने निजी अंग उजागर कर दिए। इस घटना से वह बुरी तरह घबरा गईं और खुद को अपमानित व असुरक्षित महसूस करने लगीं। उनका कहना है कि किसी महिला के ‘नहीं’ कहने के बाद बात वहीं खत्म हो जानी चाहिए थी।

डर के बीच अपनाई यह तरकीब

महिला ने बताया कि पूरी घटना के दौरान उन्हें अपनी सुरक्षा की चिंता सताती रही। इसलिए उन्होंने अपने मोबाइल का कैमरा चालू रखा, घर का मुख्य दरवाजा खुला छोड़ा और दरवाजे के पास ही खड़ी रहीं ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत बाहर निकलकर मदद मांग सकें।

वीडियो वायरल, पुलिस ने तुरंत की कार्रवाई

महिला की पोस्ट और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तेजी से फैल गया। इसके बाद मराठाहल्ली पुलिस ने उनसे संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की और आरोपी विजय मल्लिकार्जुन कामथ को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच जारी है।

सोशल मीडिया पर लोगों का फूटा गुस्सा

घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। कई यूजर्स ने महिला की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। वहीं कुछ लोगों ने डिलीवरी स्टाफ के सत्यापन और महिलाओं की सुरक्षा के लिए बेहतर इंतजाम करने की जरूरत पर भी जोर दिया।

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Shekhar Suman: आमिर खान की तीसरी शादी को शेखर सुमन ने कहा ‘ट्रिपल इंजन’, बोले- ‘यह महागठबंधन है’

Shekhar Suman: शेखर सुमन ने आमिर खान और गौरी स्प्राट की हालिया शादी पर अपने खास अंदाज में प्रतिक्रिया दी है। अपने यूट्यूब टॉक शो ‘शेखर टूनाइट’ के एक नए एपिसोड में, एक्टर-होस्ट ने आमिर की तीसरी शादी को गठबंधनों, मिली-जुली सरकारों और “ट्रिपल इंजन” कहा।

आमिर ने 5 जुलाई को मुंबई में अपने बांद्रा स्थित घर पर एक निजी रजिस्टर्ड समारोह में गौरी स्प्राट से शादी की। इस शादी में परिवार के करीबी सदस्य और दोस्त शामिल हुए, जिनमें दोनों की पिछली शादियों से हुए बच्चे भी मौजूद थे।

अपने मोनोलॉग में, शेखर ने मजाक में कहा कि सफल गठबंधन बनाने के मामले में नेता आमिर से सीख सकते हैं। रीना दत्ता और किरण राव के साथ आमिर की पिछली शादियों का जिक्र करते हुए उन्होंने मजाक किया कि दो पिछले “गठबंधनों” के बाद, गौरी के साथ एक्टर की शादी को “महागठबंधन” कहा जाना चाहिए।

उन्होंने मजाक किया कि जहां सरकारें “डबल इंजन” को भी ठीक से चलाने में संघर्ष करती हैं, वहीं आमिर अब “ट्रिपल इंजन” पर आ गए हैं। शेखर ने गौरी के नाम का भी इस्तेमाल किया और कहा, “आपने गौरी… एक मिनट… गौर किया होगा,” और फिर अपनी राजनीतिक तुलना जारी रखी।

होस्ट ने आमिर की पर्सनल लाइफ की तुलना एक ऐसे ट्रेन इंजन से की जो सफर के दौरान डिब्बों को जोड़ता और साथ लेकर चलता रहता है। अपने खास अंदाज में उन्होंने कहा कि आमिर का टैलेंट “अकल्पनीय” है और उनकी तुलना एक ऐसे इंजन से की जो अलग-अलग तरह के फ़्यूल मिक्स से चलता है और फिर भी आसानी से नई मंज़िल की ओर बढ़ रहा है।

शेखर ने मजाक जारी रखते हुए कहा कि आमिर तीसरी बार अपने “अच्छे दिन” लाने में कामयाब रहे हैं। उन्होंने मजाक में कहा कि एक्टर ने “पूर्ण बहुमत के साथ तीसरी बार सरकार बनाई है” और सोचा कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उन्हें एक नए कॉम्पिटिटर के तौर पर देख सकते हैं।

उन्होंने आमिर और गौरी की शादी के पारिवारिक माहौल का भी जिक्र किया और बताया कि उनकी पूर्व पत्नियां और बच्चे भी बड़े परिवार का हिस्सा थे। इसे “वसुधैव कुटुंबकम” का उदाहरण बताते हुए शेखर ने मज़ाक में कहा कि विपक्षी गठबंधन आमिर से सीख सकते हैं कि नए दौर में आगे बढ़ते हुए भी पुराने सहयोगियों को कैसे साथ रखा जाए।

मसूरी होमस्टे में नग्न अवस्था में मिला दिल्ली की महिला का शव, एक महीने बाद पति गिरफ्तार

Mussoorie woman death case: उत्तराखंड के देहरादून जिले में मसूरी-धनौल्टी मार्ग स्थित एक होमस्टे में पिछले महीने संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिली महिला के पति को पुलिस ने नई दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी सोमयाजुला चरण को मसूरी न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय से गैर-जमानती वारंट हासिल करने के बाद पूर्वी दिल्ली के मधु विहार इलाके से गिरफ्तार किया गया। यह घटना 15 जून को मसूरी क्षेत्र के ‘कियाना होमस्टे’ में हुई थी।

पुलिस ने बताया कि मृतका की पहचान पारुपुडी राधा गायत्री (27) के रूप में हुई थी। वह दिल्ली के किदवई नगर निवासी अपने पति के साथ ‘होमस्टे’ में ठहरी हुई थी। पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद मृतका के परिजनों ने उसके पति पर संदेह जताते हुए मसूरी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी।

इसके बाद पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान मिले साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर आरोपी की संलिप्तता सामने आने के बाद उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट प्राप्त किया गया। फिर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

14 दिन की न्यायिक हिरासत

गिरफ्तारी के बाद आरोपी पति को मसूरी न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है। अधिकारियों ने बताया कि तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जन्मदिन मनाने गए थे मसूरी

मसूरी में जन्मदिन मनाने पहुंचे कपल की यात्रा दर्दनाक हादसे में बदल गई। दिल्ली की 27 वर्षीय आईटी प्रोफेशनल पी. राधा गायत्री की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के लगभग एक महीने बाद पुलिस ने उनके पति को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का दावा है कि जांच में पति की कथित संलिप्तता के संकेत मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई।

पुलिस के अनुसार, पी. राधा गायत्री अपने पति के साथ मसूरी-धनोल्टी रोड स्थित एक होमस्टे में ठहरी थीं। दोनों पति के जन्मदिन का जश्न मनाने के लिए मसूरी आए थे। 15 जून को होमस्टे के कमरे में गायत्री मृत अवस्था में मिली थीं।

आरोपी पति आईटी सेक्टर में ही कार्यरत है। उसको दिल्ली के पूर्वी इलाके मधु विहार से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी से पहले मसूरी की न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत से उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कराया गया था।

कमरे में मिले खून के निशान और शराब की खाली बोतलें

पुलिस जांच में सामने आया कि गायत्री का शव कमरे के फर्श पर निर्वस्त्र अवस्था में पड़ा मिला। कमरे की बेडशीट पर खून के धब्बे मिले। जबकि मौके से शराब की दो खाली बोतलें और खाने-पीने का सामान भी बरामद किया गया।

पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जांच के दौरान पति ने बताया कि 15 जून की तड़के करीब 3:30 बजे तक दोनों ने शराब पी थी। इसके बाद सो गए। उसका दावा था कि सुबह उठने पर उसने पत्नी को मृत पाया।

पिता की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

गायत्री की मौत पर उसके पिता पी. सुधाकर ने संदेह जताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बेटी की मौत की निष्पक्ष जांच की मांग की। साथ ही परिवार ने भी पति की भूमिका पर सवाल उठाए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

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जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और परिस्थितियों के आधार पर पुलिस ने पति की कथित संलिप्तता की आशंका जताई। इसके बाद गैर-जमानती वारंट हासिल कर दिल्ली से उसकी गिरफ्तारी की गई। पुलिस के अनुसार, गायत्री और उनके पति की शादी 8 नवंबर 2025 को हुई थी। फिलहाल मामले की जांच जारी है। पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

IPO News: पैसों का कर लें इंतजाम! 14 जुलाई को खुलेंगे ₹10100 करोड़ के तीन आईपीओ

IPO News: 13 जुलाई से शुरू हो रहे अगले कारोबारी हफ्ते आईपीओ मार्केट में काफी रौनक रहने वाली है। तीन कंपनियों के ₹10,100 करोड़ के आईपाीओ पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने वाले हैं जिसमें से एक तो एसबीआई फंड मैनेजमेंट (SBI Funds Management) मेगा आईपीओ है। इनमें से एक एसएमआई आईपीओ है जो मिलवर्क्स टेक्नोलॉजीज (Millworks Technologies) का है। ये तीनों इश्यू 14 जुलाई को पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 16 जुलाई को बंद होगा। वैसे इनके अलावा कुछ और इश्यू में भी पैसे लगाने का मौका मिलेगा जोकि अभी खुले हैं और अभी कल यानी सोमवार 13 जुलाई को बंद होंगे। जैसे कि पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन प्रोडक्ट्स मैन्युफैक्चरर लेजर पावर एंड इंफ्रा का ₹742 करोड़ का मेनबोर्ड आईपीओ कल बंद होगा तो एसएमई सेगमेंट में भी देवसन केटेलिस्ट और हैप्पी स्टील्स का भी आईपीओ कल बंद होगा। इनकी मार्केट में 16 जुलाई को एंट्री होगी।

तीनों आईपीओ की डिटेल्स

देश के सबसे बड़े लेंडर एसबीआई (SBI) और फ्रेंच एसेट मैनेजर एमुंडी (Amundi) की प्रमोटेड कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट ₹9,812.91 करोड़ का आईपीओ ला रही है। इसका प्राइस बैंड ₹545-₹574 फिक्स किया गया है। इसका ऑफर साइज पहले ₹11,692.9 करोड़ का था लेकिन प्री-आईपीओ राउंड में 30 निवेशकों से फंड जुटाने के बाद एसबीआई फंड मैनेजमेंट ने आईपीओ साइज कम कर दिया है। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल का है और इसके तहत एसबीआई 9.95 करोड़ शेयर (4.89% होल्डिंग) और एमुंडी इंडिया होल्डिंग 7.14 करोड़ शेयर (3.51% होल्डिंग) बेच रहे हैं।

मेनबोर्ड सेगमेंट में एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के साथ-साथ गुजरात की टेक्सटाइल कंपनी एल्पाइन टेक्सवर्ल्ड का भी आईपीओ आ रहा है। इसके ₹126.25 करोड़ के आईपीओ के तहत सिर्फ नए शेयर जारी होंगे। इसमें निवेशक ₹100-₹105 के प्राइस बैंड में बोली लगा सकेंगे। इस आईपीओ के पैसों का इस्तेमाल ग्रे फैब्रिक प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाने को लेकर एक नई वीविंग यूनिट लगाने, लोन हल्का करने और आम कॉर्पोरेट उद्देश्यों में किया जाएगा।

14 जुलाई को एक एसएमई मिलवर्क्स टेक्नोलॉजीज का भी ₹160.3 करोड़ का आईपीओ खुलेगा। इसका प्राइस बैंड प्रति शेयर ₹315-₹331 फिक्स किया गया है। बेंगलुरु की प्रिसिजन इंजीनियरिंग कंपनी आईपीओ के पैसों का इस्तेमाल प्लांट और मशीनरी खरीदने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में भी करेगी।

इस साल कैसा है आईपीओ मार्केट में हाल

इस कैलेंडर ईयर में अब तक 30 मेनबोर्ड आईपीओ लॉन्च हुए हैं, जिनकी कुल वैल्यू ₹24,404 करोड़ है। एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट और अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड के जुड़ने से इस साल अब तक मेनबोर्ड में 32 आईपीओ के जरिए कुल फंड-रेजिंग ₹34,343 करोड़ तक पहुंच जाएगी। एसएमई सेगमेंट में इस साल अब तक 90 कंपनियों के ₹3,861 करोड़ के आईपीओ सफल हुए हैं और मिलवर्क्स टेक्नोलॉजीज़ को मिलाकर कुल फंड-रेजिंग बढ़कर ₹4,022 करोड़ हो जाएगी।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

टॉप 10 कंपनियों में से 4 का M-Cap ₹92995 करोड़ बढ़ा, HDFC Bank को सबसे ज्यादा फायदा

पिछले सप्ताह शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद सेंसेक्स की टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में से 4 के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में कुल मिलाकर 92,995.48 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। सबसे अधिक फायदा HDFC Bank और भारती एयरटेल को हुआ। सप्ताह के दौरान सेंसेक्स 194.52 अंक या 0.25 प्रतिशत और निफ्टी 63.95 अंक या 0.26 प्रतिशत गिरावट के साथ बंद हुआ।

टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC Bank, भारती एयरटेल और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के मार्केट कैप में बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो (L&T) और हिंदुस्तान यूनिलीवर के मार्केट कैप में 49,294.13 करोड़ रुपये की गिरावट आई।

सप्ताह के दौरान HDFC Bank का मार्केट कैप सबसे अधिक 35,808.09 करोड़ रुपये बढ़कर 12,69,454.42 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसी तरह भारती एयरटेल का मार्केट कैप 34,896.92 करोड़ रुपये बढ़कर 11,98,774.22 करोड़ रुपये, LIC का 16,065.50 करोड़ रुपये बढ़कर 5,60,205.05 करोड़ रुपये और रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) का मार्केट कैप 6,224.97 करोड़ रुपये बढ़कर 17,71,206.33 करोड़ रुपये हो गया।

बाकी 6 कंपनियों को कितना नुकसान

इसके उलट हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केट कैप 12,088.65 करोड़ रुपये घटकर 5,04,997.65 करोड़ रुपये रह गया। इसी तरह L&T का मार्केट कैप 11,040 .23 करोड़ रुपये घटकर 5,42,938.40 करोड़ रुपये, TCS का 8,574.87 करोड़ रुपये घटकर 7,48,600.40 करोड़ रुपये, बजाज फाइनेंस का 7,813.58 करोड़ रुपये घटकर 6,35,327.78 करोड़ रुपये, ICICI Bank का 6,315.32 करोड़ रुपये घटकर 10,05,379.71 करोड़ रुपये और SBI का मार्केट कैप 3,461.48 करोड़ रुपये घटकर 9,56,430.44 करोड़ रुपये रह गया।

टॉप 10 कंपनियों में RIL अव्वल

सेंसेक्स की टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर कायम रही। इसके बाद क्रमशः HDFC Bank, भारती एयरटेल, ICICI Bank, SBI, TCS, बजाज फाइनेंस, LIC, L&T और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा। रिलायंस इंडस्ट्रीज 17 जुलाई को अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजे जारी करने वाली है। HDFC Bank और ICICI Bank के नतीजे 18 जुलाई को सामने आएंगे। TCS बीते सप्ताह 9 जुलाई को नतीजे जारी कर चुकी है।

FPI ने 4 महीनों बाद की वापसी, जुलाई में अब तक खरीदे ₹15157 करोड़ के भारतीय शेयर

नए सप्ताह में 15 जुलाई को मेनबोर्ड सेगमेंट में NSE और BSE पर Kusumgar की लिस्टिंग हो सकती है। इसके बाद 16 जुलाई को Laser Power & Infra के शेयर NSE और BSE पर लिस्ट होने वाले हैं। इसी दिन BSE SME पर Devson Catalyst और NSE SME पर Happy Steels के शेयरों के लिस्ट होने की उम्मीद है।

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Cement Stocks: अभी और टूटेगा इस सीमेंट कंपनी का शेयर! आपके पास है?

Ramco Cements Share Price: दिग्गज सीमेंट कंपनी रामको सीमेंटस पर एक बार फिर देवेन चोकसी ने बेयरेश रुझान अपनाया है। अपनी 10 जुलाई की रिपोर्ट में ब्रोकरेज फर्म ने रामको सीमेंट्स के शेयरों को लेकर जो टारगेट प्राइस फिक्स किया है जो मौजूदा लेवल से 11% से अधिक नीचे है। एक कारोबारी दिन पहले शुक्रवार 10 जुलाई को रौनक भरे बाजार में बीएसई पर यह 1.90% की बढ़त के साथ ₹940.70 के भाव पर बंद हुआ था। ब्रोकरेज फर्म ने इसे ₹836.00 के टारगेट प्राइस पर सेल रेटिंग दी है।

Ramco Cements पर ब्रोकरेज फर्म क्यों है बेयरेश

रामको सीमेंट्स का फोकस प्रीमियमाइजेशन, हायर ग्रीन एनर्जी एडॉप्शन और ऑपरेशनल एफिसिएंसी प्रीमियमाइजेशन के जरिए प्रॉफिटेबिलिटी में सुधार पर फोकस है। प्रीमियम प्रोडक्ट्स की अब कंपनी के रेवेन्यू में 28% हिस्सेदारी है को 40% बिजली ग्रीन एनर्जी है। हालांकि अपनी 10 जुलाई की रिपोर्ट में ब्रोकरेज फर्म देवेन चोकसी रिसर्च का कहना है कि कंपनी लागत कम करने की कोशिश कर रही है, लेकिन मार्जिन पर फिलहाल दबाव बना हुआ है।

ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि कंपनी को कमजोर मांग, ऊंची इनपुट कॉस्ट और सीमित प्राइसिंग पावर जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे नियर टर्म में मुनाफे पर दबाव दिख सकता है। कैपेक्स के चलते ब्याज और डेप्रिसिएशन का खर्च बढ़ेगा। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक कंपनी की लॉन्ग टर्म योजनाएं तो अच्छी हैं लेकिन उसका फायदा अभी तुरंत नहीं दिखाई देगा।

एक साल में कैसी रहेगी शेयरों की चाल

रामको सीमेंट्स के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। 9 फरवरी 2026 को बीएसई पर यह ₹1,214.00 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से चार ही महीने में यह 30.94% टूटकर 10 जून 2026 को ₹838.40 पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

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आपका पैसा फंसा है और बैंक नहीं सुन रहा शिकायत? RBI की ये नई स्कीम करेगी आपकी मदद, जानें स्टेप-बाई-स्टेप हर बात

Bank News: अगर आपका पैसा किसी बैंक या वित्तीय संस्थान में फंसा है, या बैंक से जुड़ी किसी भी समस्या में बार-बार शिकायत करने के बाद भी आपकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है तो आपके लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और राहत भरी खबर है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ग्राहकों की शिकायतों के निवारण के लिए एक नई और इंटिग्रेटेड व्यवस्था की शुरुआत की है।

रिजर्व बैंक ने 1 जुलाई 2026 से रिजर्व बैंक एकीकृत लोकपाल योजना, 2026 को प्रभावी रूप से लागू कर दिया है। यह योजना रिजर्व बैंक से रेग्युलेट होने वाली संस्थाओें के खिलाफ ग्राहकों की शिकायतों के त्वरित और मुफ्त समाधान की सुविधा प्रदान करती है।

इस योजना की खास बातें, शिकायत दर्ज करने के स्टेप्स और जरूरी नियम नीचे डिटेल में बताए गए हैं:-

किन संस्थानों के खिलाफ की जा सकती है शिकायत?

RBI की इस नई एकीकृत लोकपाल योजना के दायरे में कई वित्तीय संस्थानों को लाया गया है। ग्राहक नीचे दिए गए संस्थानों के खिलाफ सेवा में कमी पाए जाने पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं:-

सभी बैंक

गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFCs)

गैर-बैंक प्रीपेड भुगतान साधन जारीकर्ता (Non-bank Prepaid Payment Instruments Issuers)

क्रेडिट सूचना कंपनियां

इस योजना के तहत आने वाली शिकायतों की प्रोसेसिंग रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया लोकपाल के कार्यालयों में की जाती है। ये शिकायतें इस योजना के दायरे से बाहर होती हैं उन्हें उपभोक्ता शिक्षा और संरक्षण प्रकोष्ठ (CEPCs) में प्रोसेस किया जाता है। इन विनियमित संस्थाओं और CEPCs की पूरी सूची https://cms।rbi।org।in पर उपलब्ध है।

RBI लोकपाल के पास शिकायत कैसे दर्ज करें: स्टेप-बाई-स्टेप प्रक्रिया

अगर संबंधित वित्तीय संस्थान आपकी शिकायत का आपकी संतुष्टि के अनुरूप समाधान नहीं करता है या योजना के अनुसार तय समयसीमा के भीतर आपको कोई जवाब नहीं मिलता है तो आप नीचे दिए गए 3 तरीकों से सीधे RBI लोकपाल के पास अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं:-

तरीका 1 (ऑनलाइन पोर्टल): आप रिजर्व बैंक के ऑनलाइन CMS पोर्टल https://cms।rbi।org।in पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

तरीका 2 (ई-मेल के जरिए): आप अपनी शिकायत को ई-मेल आईडी crpc@rbi।org।in पर भेज सकते हैं।

तरीका 3 (पोस्ट या कूरियर द्वारा): आप अपनी शिकायत को लिखित रूप में इस पते पर डाक या कूरियर के जरिए भेज सकते हैं:-

सेंट्रलाइज्ड रसीद एंड प्रोसेसिंग सेंटर (CRPC), भारतीय रिजर्व बैंक, सेंट्रल विस्टा, सेक्टर 17, चंडीगढ़ – 160 017

क्या करें और क्या न करें (Do’s and Don’ts)

RBI ने शिकायत दर्ज करते समय ग्राहकों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है:-

क्या करें (Do’s)

शिकायत दर्ज करने के लिए CMS पोर्टल का इस्तेमाल करें क्योंकि इससे आपको तुरंत पावती मिलती है, स्टेटस ट्रैक करना आसान होता है और प्रोसेसिंग तेजी से होती है।

ई-मेल या फिजिकल (डाक) माध्यम से शिकायत दर्ज करने के लिए https://cms।rbi।org।in पर उपलब्ध आधिकारिक शिकायत फॉर्म का ही इस्तेमाल करें।

शिकायत के साथ संबंधित वित्तीय संस्थान में पहले दर्ज की गई शिकायत की कॉपी, संस्थान से प्राप्त जवाब की कॉपी (अगर मिला हो) और शिकायत से जुड़े अन्य प्रासंगिक दस्तावेज जरूर संलग्न करें।

फॉर्म में अपना संपर्क नंबर और ई-मेल आईडी (अगर उपलब्ध हो) जरूर दर्ज करें।

क्या न करें (Don’ts)

सीधे लोकपाल के पास न जाएं: संबंधित बैंक या विनियमित संस्थान से संपर्क किए बिना सीधे RBI लोकपाल के पास शिकायत दर्ज न करें। ऐसी शिकायतों को स्वीकार नहीं किया जा सकता है। लोकपाल के पास जाने से पहले आपको पहले उस संस्थान के पास अपनी शिकायत उठानी होगी।

अधिक जानकारी और टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर

अगर आप इस योजना और शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया के बारे में अधिक जानना चाहते हैं तो:-

वेबसाइट पर जाएं: RBI की आधिकारिक वेबसाइट https://rbi।org।in पर जाकर FAQs → Consumer Education and Protection → Reserve Bank – Integrated Ombudsman Scheme, 2026 पाथ पर क्लिक करके ‘अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न’ पढ़ सकते हैं।

टोल-फ्री नंबर पर कॉल करें: आप सीधे आरबीआई के संपर्क केंद्र से टोल-फ्री नंबर: 14448 पर संपर्क कर सकते हैं।

कॉल सेंटर की टाइमिंग: इंटरएक्टिव वॉयस रिस्पांस सिस्टम (IVRS) की सुविधा 24×7 (चौबीसों घंटे) उपलब्ध है। संपर्क केंद्र के कर्मचारियों से सीधे बात करने की सुविधा राष्ट्रीय अवकाशों को छोड़कर सोमवार से शनिवार सुबह 8:00 बजे से रात 10:00 बजे तक उपलब्ध है। यह सुविधा अंग्रेजी, हिंदी और 10 क्षेत्रीय भाषाओं (असमिया, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मराठी, ओडिया, पंजाबी, तेलुगु और तमिल) में काम करती है।

DICGC के खिलाफ शिकायत के लिए विशेष नियम

अगर आपकी शिकायत डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) के खिलाफ है तो इसे नीचे दिए गए पते या ई-मेल आईडी पर दर्ज कराया जा सकता है:-

पता: द जनरल मैनेजर, डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन, कंप्लेंट रिड्रेसल सेल, भारतीय रिजर्व बैंक, दूसरी मंजिल, मुंबई सेंट्रल रेलवे स्टेशन के सामने, भायखला, मुंबई – 400008

ई-मेल: dicgc।complaints@rbi।org।in

संपर्क नंबर: 022-2301 9645

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तिनसुकिया में ‘हॉल ऑफ शेम’ ने मचाई खलबली, LED में दिखाया जा रहा सड़कों पर यूरिन करने और कचरा फैलाने वालों का चेहरा

लोगों को सार्वजनिक सड़कों पर गंदगी करने से पहले दोबारा सोचने पर मजबूर करने के लिए शीशे काफी नहीं थे। इसलिए तिनसुकिया ने अब कुछ ऐसा किया है जिसे नजरअंदाज़ करना बहुत मुश्किल है- एक बड़ी सार्वजनिक स्क्रीन। आदतन ऐसा करने वालों में थोड़ी शर्मिंदगी का एहसास जगाने के लिए सड़क किनारे शीशे लगाने के प्रयोग के बाद, तिनसुकिया म्युनिसिपल बोर्ड ने अपनी नई सफाई मुहिम शुरू की है0″हॉल ऑफ़ शेम” कैंपेन।

इसमें सार्वजनिक जगहों पर पेशाब करते या कचरा फैलाते हुए पकड़े गए लोगों का CCTV फ़ुटेज शहर भर में लगी LED स्क्रीन पर दिखाया जाता है। संदेश साफ है- अगर नागरिक बोध आपको नहीं रोकता, तो सार्वजनिक शर्मिंदगी शायद रोक दे।

नगर निकाय ने सफाई के नियमों के उल्लंघन पर नजर रखने के लिए कई संवेदनशील जगहों पर निगरानी कैमरे लगाए हैं, जो लोग ऐसा करते हुए पकड़े जाएंगे, वे अनचाहे ही सड़क किनारे लगे डिजिटल डिस्प्ले पर दिखाई दे सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस पहल का मकसद लोगों में नागरिक जिम्मेदारी की भावना जगाना और सजा देने के बजाय जागरूकता के जरिए बार-बार नियम तोड़ने वालों को रोकना है।

यह कैंपेन जल्द ही शहर में चर्चा का विषय बन गया है। इसके समर्थकों का तर्क है कि कभी-कभी अजीब समस्याओं के लिए अनोखे समाधान की जरूरत होती है; कई लोग खुले में पेशाब करने और कचरा फैलाने जैसी पुरानी समस्याओं से निपटने के लिए नगरपालिका के इस नए और अनोखे तरीके की तारीफ कर रहे हैं। हालांकि, हर कोई इससे सहमत नहीं है।

आलोचकों ने सवाल उठाया है कि क्या नियम तोड़ने वालों के फुटेज को सार्वजनिक रूप से दिखाना, नागरिक नियमों के पालन और लोगों को शर्मिंदा करने के बीच की सीमा को पार करना है। कुछ लोगों ने प्राइवेसी और इस बात पर भी चिंता जताई है कि क्या ऐसे उपाय व्यक्तिगत अधिकारों का उल्लंघन कर सकते हैं।

इस बहस ने तिनसुकिया के सफाई अभियान में एक नया पहलू जोड़ दिया है—सार्वजनिक स्वच्छता और व्यक्तिगत प्राइवेसी के बीच संतुलन बनाना। फिलहाल, एक बात तो तय है- तिनसुकिया में सफाई की राह पर चलने पर लोगों का ध्यान आप पर जा सकता है। जो नागरिक पहले “पेशाब करना मना है” के साइन को नजरअंदाज कर देते थे, उन्हें अब लग सकता है कि शहर के लोग उन्हें देख रहे हैं।

न म्यूचुअल फंड, न शेयर… 50 लाख कमाने वाला प्रोफेशनल आखिर कहां लगा रहा पैसा

आज के दौर में अच्छी सैलरी मिलने पर ज्यादातर लोग अपनी बचत को शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या SIP के जरिए बढ़ाने की कोशिश करते हैं। इसे लंबे समय में संपत्ति बनाने का सबसे लोकप्रिय तरीका माना जाता है। लेकिन सोशल मीडिया पर सामने आई एक कहानी ने इस सोच को नई बहस में बदल दिया है। 50 लाख रुपये सालाना कमाने वाले एक प्रोफेशनल ने पारंपरिक निवेश के बजाय अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा खुद का कारोबार खड़ा करने में लगाने का फैसला किया। उसकी यह रणनीति अब इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गई है।

कुछ लोग इसे भविष्य के लिए साहसिक और समझदारी भरा कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि शेयर बाजार की कंपाउंडिंग ताकत को नजरअंदाज करना जोखिम भरा हो सकता है। इसी को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग राय सामने आ रही हैं।

आधी सैलरी, आधे कंपनी के शेयर

X पर राम नाम के एक यूजर ने अपने दोस्त की फाइनेंशियल प्लानिंग शेयर की। उन्होंने बताया कि उनके दोस्त का सालाना CTC 50 लाख रुपये है। इसमें 25 लाख रुपये सैलरी के रूप में मिलते हैं, जबकि बाकी 25 लाख रुपये कंपनी के शेयर हैं, जो चार साल में धीरे-धीरे मिलते हैं।

SIP छोड़ बिजनेस पर लगाया दांव

राम के मुताबिक, उनके दोस्त ने अतिरिक्त पैसे को म्यूचुअल फंड या शेयर बाजार में लगाने के बजाय अपना बिजनेस शुरू करने का फैसला किया। पिछले साल उसने बैग्स का कारोबार शुरू किया और इस साल पुरुषों के कपड़ों का बिजनेस भी लॉन्च कर दिया।

हालांकि, वह पूरी तरह पारंपरिक निवेश से दूर नहीं है। वह PPF में निवेश करता है और हर साल करीब 1.2 लाख रुपये का LIC प्रीमियम भी भरता है। लेकिन उसका सबसे बड़ा फोकस अपने कारोबार को आगे बढ़ाने पर है।

SIP या अपना बिजनेस?

राम ने अपनी पोस्ट में सवाल उठाया कि क्या उनका दोस्त शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में मिलने वाले लंबे समय के कंपाउंडिंग रिटर्न से चूक रहा है? या फिर अपना सफल बिजनेस खड़ा करना भविष्य में इससे भी बड़ा फायदा दे सकता है?

यही सवाल सोशल मीडिया पर बहस की वजह बन गया।

लोगों ने क्या दी राय?

कई यूजर्स का मानना था कि निवेश और बिजनेस, दोनों के बीच संतुलन बनाकर चलना सबसे अच्छा तरीका है। उनका कहना था कि शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव रहता है, जबकि अपने बिजनेस में फैसलों पर खुद का नियंत्रण होता है।

वहीं कुछ लोगों ने कहा कि अगर किसी को अपने बिजनेस और उसकी संभावनाओं पर भरोसा है, तो अपने काम में निवेश करना ज्यादा समझदारी हो सकती है। उनका मानना है कि जब व्यक्ति खुद अपने कारोबार को संभालता है, तो उसके पास बेहतर फैसले लेने और मुनाफा बढ़ाने का मौका होता है।

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