अब बिना कोयले और पानी के 24 घंटे में बनेगी बिजली, लद्दाख के पहाड़ों में ONGC ने कर दिखाया चमत्कार! दूसरा जियोथर्मल वेल खोदा गया

India’s first pilot geothermal power plant: भारत को रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ी कामयाबी मिली है। सरकारी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ONGC) ने लद्दाख की पुगा घाटी में अपने दूसरे जियोथर्मल वेल की ड्रिलिंग का काम पूरा कर लिया है। यह सफलता भारत के पहले पायलट जियोथर्मल पावर प्लांट को विकसित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक और मजबूत कदम है।

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक ओएनजीसी की अनुसंधान और विकास शाखा ओएनजीसी एनर्जी सेंटर ने 14000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर करीब एक महीने के भीतर 1000 मीटर की गहराई तक इस दूसरे कुएं की ड्रिलिंग की है। कंपनी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि इस बार की ड्रिलिंग में पहले अभियान के मुकाबले समय और लागत दोनों में काफी सुधार आया है।

आइए विस्तार से जानते हैं कि यह पूरा प्रोजेक्ट क्या है और इससे लद्दाख और पूरे देश को कैसे बिना कोयले और पानी के 24 घंटे बिजली मिलेगी।

पहले कुएं की सफलता पर टिकी है इस दूसरे वेल की नींव

ओएनजीसी का यह दूसरा कुआं पुगा में खोदे गए पहले जियोथर्मल वेल की शानदार सफलता पर आधारित है। पुगा में कंपनी के पहले कुएं से पानी के बॉयलिंग पॉइंट से भी अधिक तापमान पर भाप पैदा हुई थी। पहले कुएं से निकले इस बेहद हाई टेंप्रेचर ने यह साबित कर दिया था कि लद्दाख के इस क्षेत्र में भू-तापीय (Geothermal) संसाधनों की अपार क्षमता मौजूद है।

1 मेगावाट का लगेगा पहला पायलट प्लांट, 24 घंटे मिलेगी बिजली

ONGC के मुताबिक यह दूसरा कुआं भारत के पहले 1-मेगावाट इलेक्ट्रिक पायलट जियोथर्मल पावर प्लांट के विकास में बेहद मददगार साबित होगा। यह सफलता देश में जियोथर्मल एनर्जी के व्यावसायिक इस्तेमाल का रास्ता साफ कर सकती है। इस परियोजना के अगले चरण में 1-मेगावाट का पायलट पावर प्लांट स्थापित करने की योजना है। दीर्घकालिक योजना के तहत इन भू-तापीय संसाधनों का विकास किया जाएगा ताकि लद्दाख जैसे सुदूर क्षेत्र को चौबीसों घंटे भरोसेमंद और निरंतर बेसलोड बिजली जी जा सके।

क्या है जियोथर्मल एनर्जी और क्यों है यह सौर-पवन ऊर्जा से बेहतर?

जियोथर्मल ऊर्जा बिजली पैदा करने और हीटिंग देने के लिए पृथ्वी की सतह के नीचे से निकलने वाली प्राकृतिक गर्मी का इस्तेमाल करती है। सौर और पवन ऊर्जा के उलट इसपर मौसम की स्थितियों का असर नहीं पड़ता। जियोथर्मल एनर्जी पूरी तरह से कम-कार्बन उत्सर्जन वाली ऊर्जा है जो बिना किसी रुकावट के चौबीसों घंटे बिजली की आपूर्ति कर सकती है।

भारत का सबसे भरोसेमंद क्षेत्र है पूर्वी लद्दाख का पुगा

पूर्वी लद्दाख में स्थित पुगा जियोथर्मल क्षेत्र को लंबे समय से भारत का सबसे प्रॉमिसिंग (उम्मीद से भरा) भू-तापीय संसाधन माना जाता रहा है। हालांकि इस क्षेत्र में दशकों से रुक-रुक कर खोज का काम किया जा रहा था लेकिन तकनीकी और आर्थिक चुनौतियों के कारण देश में अब तक व्यावसायिक रूप से भू-तापीय बिजली उत्पादन शुरू नहीं हो पाया था। अब ONGC के इस प्रयास से इसे नई रफ्तार मिली है।

2030 तक का भारत का महा-लक्ष्य

भारत इस समय सौर, पवन और जलविद्युत से आगे बढ़कर अपने रिन्यूएबल एनर्जी मिक्स में विविधता लाने का प्रयास कर रहा है। देश ने साल 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म-ईंधन आधारित बिजली क्षमता स्थापित करने का बड़ा लक्ष्य रखा है। लद्दाख का यह जियोथर्मल प्रोजेक्ट इस लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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Laser Power & Infra IPO: जबरदस्त रिस्पॉन्स से फुली सब्सक्राइब, अभी भी मौका; GMP दे रहा अच्छी लिस्टिंग के संकेत

लेजर पावर एंड इंफ्रा के ₹742 करोड़ के IPO को निवेशकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। यह 9 जुलाई को खुला था और फुली सब्सक्राइब हो चुका है। अभी इसमें पैसे लगाने के लिए एक दिन और बचा है। यह 13 जुलाई को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹203-₹214 प्रति शेयर और लॉट साइज 70 शेयर है। क्लोजिंग के बाद अलॉटमेंट 14 जुलाई को फाइनल हो सकता है। लिस्टिंग NSE और BSE पर 16 जुलाई को हो सकती है।

ग्रे मार्केट से कंपनी की लिस्टिंग अच्छी रहने के संकेत हैं। investorgain.com के मुताबिक, ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयर IPO के अपर प्राइस बैंड ₹214 से 16.36% के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

Laser Power & Infra IPO में ₹542 करोड़ के 2.53 करोड़ नए शेयर जारी हो रहे हैं। साथ ही मौजूदा निवेशकों की ओर से ₹200 करोड़ के 93 लाख शेयरों का ऑफर फॉर सेल है। पब्लिक इश्यू में अब तक क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 0.68 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 2.03 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 0.85 गुना भर चुका है।

क्या करती है कंपनी

लेजर पावर एंड इंफ्रा लिमिटेड कोलकाता की कंपनी है, जो भारत में पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन इंडस्ट्री के लिए पावर केबल, कंडक्टर और दूसरे स्पेशलाइज्ड प्रोडक्ट और कंपोनेंट बनाती है। कंपनी पावर डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर में इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) बेसिस पर भी काम करती है। कंपनी के प्रमोटर दीपक गोयल, देवेश गोयल, अक्षत गोयल और राखी गोयल हैं।

IPO में कितना हिस्सा रिजर्व

IPO में 50% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35% हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15% हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है। लेजर पावर एंड इंफ्रा अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयरों को जारी कर जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कर्ज कम करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।

क्या करना चाहिए निवेश?

मास्टर कैपिटल के IPO नोट के अनुसार, “निवेशक इस IPO को लंबे समय के निवेश के एक अच्छे मौके के तौर पर देख सकते हैं।” नोट में कहा गया है कि पूर्वी भारत में पावर केबल और कंडक्टर बनाने की क्षमता के मामले में कंपनी का नाम दिग्गज कंपनियों में शामिल है। हालांकि, निवेशकों को कुछ जोखिमों पर भी ध्यान देना चाहिए। जैसे कि-

– कुछ ही ग्राहकों पर ज्यादा निर्भरता: कंपनी के रेवेन्यू का बड़ा हिस्सा टॉप 10 ग्राहकों से ही आता है।

– रेवेन्यू के बड़े हिस्से के लिए पावर केबल और कंडक्टर पर निर्भरता

– कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर

– लॉन्ग टर्म खरीद समझौतों के बिना सीमित सप्लायर बेस पर निर्भरता

SBI Funds Management IPO: प्री-IPO राउंड के बाद साइज घटकर ₹9813 करोड़, SBI एंप्लॉयीज और शेयरहोल्डर के लिए भी शेयर रिजर्व

Laser Power & Infra की वित्तीय सेहत

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 42% बढ़कर ₹151.6 करोड़ रहा। रेवेन्यू 9% फिसलकर ₹2,347.89 करोड़ पर आ गया। उधारी ₹828.23 करोड़ की थी। वित्त वर्ष 2025 में रेवेन्यू ₹2,592.53 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹106.75 करोड़ दर्ज किया गया। लेजर पावर एंड इंफ्रा IPO के लिए बुक रनिंग लीड मैनेजर IIFL कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड है। रजिस्ट्रार, MUFG इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Jasmine Sandlas: जैस्मिन ने स्टेज पर खोला सीक्रेट प्यार का राज, मंगेतर को बुलाकर बोलीं- ‘ये हैं मेरे चौधरी साहब’

सिंगर जैस्मिन ने अपनी परफॉर्मेंस के दौरान फैंस को ऐसा सरप्राइज दिया, जिसने हर किसी का ध्यान खींच लिया। स्टेज पर गाने के बीच उन्होंने पहली बार अपने मंगेतर को सबके सामने बुलाया और प्यार भरे अंदाज में उनका परिचय कराया। जैस्मिन के इस खास पल का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।  मुस्कुराते हुए जब उन्होंने अपने होने वाले जीवनसाथी को ‘चौधरी साहब’ कहकर पुकारा, तो वहां मौजूद लोग भी इस खूबसूरत पल के गवाह बन गए।

इसके बाद जैस्मिन अपनी खुशी नहीं छिपा पाईं और भावुक होकर मंगेतर को गले लगा लिया। इस अचानक हुए प्यार भरे खुलासे ने उनके फैंस के बीच उत्सुकता बढ़ा दी है। अब हर कोई जानना चाहता है कि आखिर जैस्मिन के दिल के करीब यह खास शख्स कौन है।

 ‘लावां’ पर दिखी कपल की खूबसूरत केमिस्ट्री

इसके बाद दोनों ने स्टेज पर रोमांटिक अंदाज में डांस किया। जैसे ही जैस्मिन का सुपरहिट गाना ‘लावां’ बजा, वहां मौजूद लोगों के लिए यह पल और भी खास बन गया। दोनों की बॉन्डिंग और प्यार भरा अंदाज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

फैंस अब यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि आखिर जैस्मिन का दिल जीतने वाला यह शख्स कौन है। हालांकि, अभी तक उनके मंगेतर के बारे में ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है।

पहले भी प्यार में मिला था दर्द

जैस्मिन की लव लाइफ इससे पहले भी सुर्खियों में रही है। वह पंजाबी सिंगर गैरी संधू को डेट कर चुकी हैं, लेकिन दोनों का रिश्ता दर्दनाक ब्रेकअप के साथ खत्म हुआ था। जैस्मिन कई इंटरव्यू में इस दौर का जिक्र कर चुकी हैं और बता चुकी हैं कि उस समय उन्हें जिंदगी में आगे बढ़ने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था।

सगाई के साथ गानों से भी जीता दिल

इस खास मौके पर जैस्मिन ने अपनी आवाज का जादू भी बिखेरा। उन्होंने ‘पंजेबा’, ‘सिप सिप’, ‘लावां’, ‘शरारत’, ‘जाइए सजना’, ‘धुरंधर’, ‘तरस’, ‘इल्लीगल वेपन’ और ‘यार ना मिले’ जैसे हिट गानों से फैंस को खूब झुमाया।

गोल्डन लुक में छाईं जैस्मिन

सगाई के इस खास पल में जैस्मिन का अंदाज भी चर्चा में रहा। गोल्डन रंग के भारी एम्बेलिश्ड लहंगे और खूबसूरत जूलरी में वह किसी दुल्हन से कम नहीं लग रही थीं। उनके चेहरे की खुशी और ग्लैमरस अंदाज ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

ड्रीम गर्ल टूर से ज्यादा चर्चा लव स्टोरी की

दिल्ली से शुरू हुआ ‘द ड्रीम गर्ल इंडिया टूर’ अब मुंबई, बेंगलुरु और चंडीगढ़ तक पहुंचने वाला है। लेकिन इस वक्त फैंस के बीच जैस्मिन के गानों से ज्यादा उनकी नई प्रेम कहानी के नए अध्याय की चर्चा हो रही है।

Heavy rain alert: मुंबई में समंदर से उठने लगीं ऊंची लहरें, IMD ने जारी कर दिया इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

India Weather Update: देश के कई हिस्सों में मानसून पूरी तरह से मेहरबान है। मुंबई के मरीन ड्राइव पर रविवार 12 जुलाई को समंदर में ऊंची लहरें यानी हाई टाइड देखने को मिली हैं। इसी बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है। मौसम विभाग ने अलग-अलग राज्यों के लिए बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की विस्तृत चेतावनी दी है।

इन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, आज 12 जुलाई को देश के कुछ हिस्सों में मूसलाधार बारिश होने की पूरी संभावना है। IMD ने नीचे दिए गए राज्यों के अलग-अलग इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है:-

बिहार

असम और मेघालय

पूर्वी उत्तर प्रदेश (यहां कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की विशेष चेतावनी है)

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम

दिल्ली-एनसीआर के करीब समेत इन 13 राज्यों में भारी बारिश का अनुमान

देश के कई अन्य राज्यों में भी आज भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इन इलाकों में शामिल हैं:-

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश

हरियाणा और चंडीगढ़ (उत्तरी हिस्से)

पंजाब (उत्तरी हिस्से)

जम्मू और कश्मीर-लद्दाख

झारखंड और ओडिशा

छत्तीसगढ़

गंगा तटीय पश्चिम बंगाल

अरुणाचल प्रदेश

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

60 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी

मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में तेज रफ्तार हवाओं और गरज-चमक का भी अलर्ट जारी किया है। जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है।

विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर में 40-60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, पूर्वी मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और झारखंड में अलग-अलग स्थानों पर बिजली कड़कने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की उम्मीद है।

गंगा तटीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और आंधी-तूफान के साथ बिजली गिरने की गतिविधि हो सकती है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, बिहार, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों में आकाशीय बिजली गिरने का अनुमान जताया गया है।

अरब सागर में मौसम का हाल और तटीय आंध्र प्रदेश में लू

अरब सागर के ऊपर मौसम खराब रहने की आशंका है। मध्य और उससे सटे उत्तरी अरब सागर, उत्तरी गुजरात तट के कुछ हिस्सों, उत्तर-पूर्वी अरब सागर, सोमालिया से सटे दक्षिण-पश्चिमी अरब सागर और ओमान के तटों पर 45-55 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इनकी गति बढ़कर 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकती है। इन सबके बीच मौसम विभाग ने यह भी अनुमान लगाया है कि तटीय आंध्र प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आज लू की स्थिति बनी रह सकती है।

S Janaki passed away: 48 हजार से ज्यादा गाने गाए, पद्म भूषण को ठुकराया, राष्ट्रपति से लेकर पीएम मोदी ने ‘जानकी अम्मा’ को दी श्रद्धांजलि

S Janaki passed away: दक्षिण भारत की ‘नाइटिंगेल’ के नाम से मशहूर दिग्गज गायिका एस. जानकी का शनिवार को मैसूर में निधन हो गया। वह 88 साल की थीं। भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के कई लोगों ने सोशल मीडिया पर उनके निधन पर शोक व्यक्त किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय के साथ-साथ सुपरस्टार रजनीकांत, कमल हासन और अन्य लोगों ने भी जानकी को श्रद्धांजलि दी।

राष्ट्रपति मुर्मू ने जानकी अम्मा को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उन्हें याद किया।

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प्रधानमंत्री ने X पर जानकी को याद किया। उन्होंने लिखा, “मशहूर प्लेबैक सिंगर एस. जानकी अम्मा का निधन संगीत और संस्कृति की दुनिया के लिए एक अपूरणीय क्षति है। अलग-अलग भाषाओं में उनके गाने कई पीढ़ियों के बीच लोकप्रिय रहे। उन्होंने बेमिसाल खूबसूरती और विविधता के साथ हर भावना को आवाज़ दी। उनकी धुनें आने वाले सालों में भी सुनने वालों को मंत्रमुग्ध करती रहेंगी। दुख की इस घड़ी में उनके परिवार, अनगिनत प्रशंसकों और पूरे संगीत जगत के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। ओम शांति।”

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और एक्टर विजय ने जानकी को श्रद्धांजलि दी और उनकी विरासत को याद किया। उन्होंने X पर लिखा, “भारतीय फ़िल्म संगीत की दुनिया में अपनी अनोखी आवाज़ से कई पीढ़ियों का दिल जीतने वाली मशहूर प्लेबैक सिंगर श्रीमती एस. जानकी के निधन से बहुत दुख हुआ है। तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़, हिंदी और दूसरी कई भाषाओं में हज़ारों गाने गाकर उन्होंने संगीत की दुनिया पर अपनी गहरी छाप छोड़ी है।”

उन्होंने आगे कहा, “कई नेशनल फ़िल्म अवॉर्ड्स समेत अनगिनत प्रतिष्ठित पुरस्कार पाने वाली जानकी जी अपनी मीठी आवाज़, भावनाओं को व्यक्त करने की अद्भुत क्षमता और संगीत के प्रति अटूट समर्पण के कारण हमेशा अपने फ़ैन्स के दिलों में बसी रहेंगी। उनका निधन भारतीय संगीत जगत के लिए एक ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती। मैं उनके शोक-संतप्त परिवार, फ़िल्म जगत, संगीत कलाकारों और दुनिया भर में फैले उनके फ़ैन्स के प्रति अपनी गहरी संवेदना और सहानुभूति व्यक्त करता हूँ। मैं उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं।”

बोनी कपूर ने X पर लिखा, “जिस आवाज़ ने अनगिनत भावनाओं को ज़िंदगी दी, वह अब खामोश हो गई है, लेकिन उसकी गूंज पीढ़ियों तक सुनाई देती रहेगी। दक्षिण भारत की सदाबहार ‘नाइटिंगेल’ और महान प्लेबैक सिंगर एस. जानकी अम्मा के निधन से गहरा दुख हुआ है। छह दशकों से भी ज़्यादा समय तक, उन्होंने अपनी आवाज़ से लाखों लोगों के दिलों को छुआ; उनकी आवाज़ में खुशी, प्यार, भक्ति, तड़प और दुख को बेहद खूबसूरती से बयां करने की अद्भुत क्षमता थी। उनके गाने भाषाओं, पीढ़ियों और सीमाओं से परे रहे और भारत की संगीत विरासत का एक अहम हिस्सा बन गए। भारत ने अपने संगीत के सबसे अनमोल रत्नों में से एक को खो दिया है। उनके परिवार, चाहने वालों और उन लाखों प्रशंसकों के प्रति गहरी संवेदनाएं, जिनकी ज़िंदगी को उन्होंने अपनी असाधारण कला से समृद्ध किया। ओम शांति। जानकी अम्मा, आपकी आत्मा को अनंत शांति मिले।”

चिरंजीवी ने X पर लिखा, “जनकम्मा गारू के निधन की खबर ने मेरे दिल को गहरा सदमा पहुँचाया है। मेरे फिल्मी सफर में, उन्होंने अनगिनत यादगार गानों को अपनी बेमिसाल आवाज़ दी। स्क्रीन पर हमने जो भावनाएँ दिखाईं, उनमें जान उनकी आवाज़ ने ही डाली थी। मेरे करियर के जिन गानों को दर्शक आज भी प्यार से याद करते हैं, उनके पीछे जनकम्मा गारू की मीठी आवाज़ है। जब भी वे गाने बजते हैं, तो वे दिन… वे यादें… एक बार फिर मेरी आँखों के सामने ताज़ा हो जाती हैं। जनकम्मा गारू सिर्फ़ एक गायिका नहीं थीं… वह एक असाधारण कलाकार थीं जिन्होंने भावनाओं को सुरों में ढाला। उनका गाया हर गाना एक याद है… एक एहसास है… एक जीवन भर का रिश्ता है। आज हमने संगीत की दुनिया की एक महान हस्ती को खो दिया है। लेकिन उनके गाने पीढ़ियों के लिए प्रेरणा और हमारी ज़िंदगी के बैकग्राउंड स्कोर के तौर पर हमेशा गूंजते रहेंगे। मैं श्रीमती एस. जानकी गारू के परिवार, उनके चाहने वालों और उन्हें पसंद करने वाले लाखों संगीत प्रेमियों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूँ। जनकम्मा गारू… आपकी आवाज़ अमर है। ओम शांति।”

रजनीकांत ने X पर लिखा, “अपनी सुरीली आवाज़ से कई पीढ़ियों के लोगों को खुश करने वाली उनकी आत्मा को शांति मिले।”कमल हासन, जिन्होंने जानकी के साथ कई यादगार गाने गाए हैं, ने एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि लिखी है, जिसका अर्थ है: “यह गाना हमेशा गूंजता रहेगा। माँ, मैं वह प्यार दोबारा पाने के लिए कहाँ जाऊँगा? कई लोग ऐसा दुख लिए घूमते हैं जिसे वे कभी भुला नहीं पाते। उन सभी के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ।”

सिंगर उनके काम के साथ ही बेबाक अंदाज के लिए भी जानी जाती थीं। साल 2013 में उन्होंने भारत सरकार के तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म भूषण को लेने से साफ मना कर दिया था। इसके बाद वो खबरों में छाई रही थीं। जानकी इस सम्मान को इसलिए नहीं रखना चाहति थीं, क्योंकि वह भारत रत्न की मांग कर रही थीं।

जानकी 20 साल की उम्र में प्लेबैक सिंगिंग करने के लिए चेन्नई चली गईं। उनका पहला गाना 1957 की तमिल फ़िल्म ‘विधिइन विलायाट्टु’ के लिए था और बाद में उन्होंने तेलुगु फ़िल्म ‘M.L.A.’ के लिए भी गाना गाया। अपने करियर के दौरान, उन्होंने 20 भारतीय भाषाओं में गाने गाए, जिनमें तेलुगु, तमिल, कन्नड़, मलयालम, हिंदी, संस्कृत, ओडिया, तुलु, उर्दू, पंजाबी, बडागा, बंगाली और कोंकणी शामिल हैं। साथ ही, उन्होंने अंग्रेज़ी, जापानी, जर्मन और सिंहली जैसी विदेशी भाषाओं में भी गाने गाए। उन्हें कई सम्मान भी मिले, जिनमें चार नेशनल फ़िल्म अवॉर्ड और 33 स्टेट फ़िल्म अवॉर्ड शामिल हैं।

4 दोस्तों ने रातभर की शराब पार्टी, भारी नशे के बाद एक की हो गई मौत फिर कोर्ट ने बाकी 3 को सुनाई अजब सजा

चीन में शराब पार्टी के बाद हुई एक मौत ने दोस्ती, जिम्मेदारी और कानूनी जवाबदेही को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। एक अदालत ने इस मामले में तीन दोस्तों को पूरी तरह दोषी नहीं, बल्कि आंशिक रूप से जिम्मेदार माना है और मृतक के परिवार को 1 लाख युआन करीब 12 लाख से ज्यादा का मुआवजा देने का आदेश दिया है। फैसले के बाद सोशल मीडिया पर इस बात को लेकर बहस तेज हो गई है कि अगर कोई व्यक्ति अत्यधिक नशे में हो जाए और खुद की देखभाल करने की स्थिति में न रहे, तो उसके साथ मौजूद लोगों की जिम्मेदारी कितनी बनती है।

क्या दोस्त सिर्फ साथ बैठकर समय बिताने तक सीमित होते हैं, या फिर मुश्किल हालात में उनकी भूमिका एक सुरक्षा देने वाले साथी की भी हो जाती है? चीन की इस घटना ने इसी संवेदनशील मुद्दे को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

उरुमची में शुरू हुई थी कहानी

ये मामला अक्टूबर 2025 में चीन के उरुमची शहर का है। मृतक गाओ अपने दोस्तों के साथ एक महजोंग पार्लर में रात करीब 9 बजे पहुंचा था। वहां दोस्तों के साथ खेल, बातचीत और शराब का दौर शुरू हुआ। कुछ समय बाद एक और दोस्त भी इस महफिल में शामिल हो गया।

घड़ी की सुइयां आगे बढ़ती रहीं और जश्न सुबह करीब 6 बजे तक चलता रहा। लेकिन रात खत्म होने से पहले कहानी में एक और मोड़ आया।

घर लौटने की बजाय बढ़ गया नशे का सफर

शराब पीने के बाद गाओ और उसके तीन दोस्त एक बिलियर्ड्स हॉल पहुंच गए, जहां उन्होंने करीब आधे घंटे तक समय बिताया। जब वे वहां से निकले, तब तक गाओ बुरी तरह नशे में था।

दोस्तों ने टैक्सी ली, लेकिन हालत इतनी खराब थी कि गाओ को ये भी पता नहीं चला कि गाड़ी उसके घर के आगे निकल चुकी है। टैक्सी से उतरने के बाद दोस्तों को उसे पैदल घर तक पहुंचाने की कोशिश करनी पड़ी।

CCTV फुटेज ने खोली पूरी कहानी

मामले में सबसे अहम सबूत सड़क पर लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग बनी। फुटेज में दिखाई दिया कि गाओ ठीक से चल भी नहीं पा रहा था। उसके दोस्त झाओ और डुआन उसे सहारा देकर सड़क पर ले जा रहे थे, जबकि तीसरे दोस्त डेंग ने टैक्सी का किराया चुकाया।

अदालत ने माना कि इस फुटेज से साफ था कि दोस्तों को गाओ की हालत और उसके अत्यधिक नशे का अंदाजा था।

साथ पीना ही नहीं, मुश्किल वक्त में संभालना भी जिम्मेदारी

अदालत ने कहा कि गाओ ने शराब पीने का फैसला खुद लिया था और अपनी हालत के लिए वो मुख्य रूप से जिम्मेदार था। लेकिन जब उसकी स्थिति ऐसी हो गई कि वो खुद की देखभाल करने में सक्षम नहीं था, तब उसके साथ मौजूद दोस्तों की भी जिम्मेदारी बनती थी कि वो उसकी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाते।

लापरवाही बनी मौत तक पहुंचने वाली कड़ी

जज के मुताबिक, दोस्तों ने गाओ की गंभीर हालत को पहचानने के बावजूद उसे पर्याप्त मदद नहीं दी। अदालत ने माना कि उनकी लापरवाही ने उन परिस्थितियों को बढ़ावा दिया, जिनका अंत गाओ की मौत के रूप में हुआ। यह फैसला अब इस सवाल को लेकर चर्चा का विषय बन गया है कि दोस्ती में साथ बैठकर जश्न मनाने के साथ-साथ एक-दूसरे की सुरक्षा की जिम्मेदारी कितनी दूर तक जाती है।

158 साल बाद देश में दिखा यह दुर्लभ फूल; चीन, नेपाल और भूटान की लीग में शामिल

Lawrence Bishnoi: क्या गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को FBI को सौंपेगा भारत? निज्जर हत्याकांड मामले में अमेरिका ने की प्रत्यर्पण की मांग

Lawrence Bishnoi Extradition: कनाडा के खालिस्तानी अलगाववादी एवं आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या समेत कई अपराधों में शामिल गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई पर आरोप लगाने के कुछ दिनों बाद यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस (DoJ) ने कंफर्म किया है कि वह भारत से उसके प्रत्यर्पण यानी एक्सट्रैडिशन की मांग करेगा। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने कंफर्म किया है कि वह जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भारत से एक्सट्रैडिशन की कोशिश करना चाहता है।

कुछ दिन पहले ही एक फेडरल चार्जशीट में उस पर कनाडा के खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या समेत कई अपराधों की साजिश रचने का आरोप लगाया गया था। रिपोर्ट में कैलिफोर्निया के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के US अटॉर्नी ऑफिस में पब्लिक अफेयर्स ऑफिसर सियारन मैकएवॉय के हवाले से कहा गया है कि बिश्नोई को अमेरिका लाने की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। हालांकि इसमें समय लगने की उम्मीद है।

मैकएवॉय ने एक ईमेल में कहा, “बिश्नोई खुद भारत में जेल में बंद है। हम उसे अमेरिका में एक्सट्रैडिशन करने की कोशिश करना चाहते हैं। (एक्सट्रैडिशन एक लंबी कानूनी प्रक्रिया है और इसे पूरा होने में अक्सर सालों लग जाते हैं)।” बिश्नोई 2015 से भारत में जेल में बंद है। अभी वहगुजरात की एक जेल में बंद है। इस सप्ताह की शुरुआत में लॉस एंजिल्स में खुले एक फेडरल चार्जशीट में नामजद मुख्य आरोपियों में से एक था।

चार्जशीट के मुताबिक, बिश्नोई ने हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आदेश दिया था, जो एक कनाडाई नागरिक था। उसकी 18 जून, 2023 को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में एक गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि मैकएवॉय ने साफ किया कि बिश्नोई गैंग के सदस्यों को अभी तक US कोर्ट के सामने पेश नहीं किया गया है क्योंकि वे अभी उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं हैं।

बिश्नोई और उसके करीबी साथी सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ के अलावा चार्जशीट में जग्गू भगवानपुरिया और कनाडा में रहने वाले रविंदर सिंह ढांडा का भी नाम कथित गैंग लीडर के तौर पर है। मैकएवॉय ने कहा कि ढांडा गैंग के सदस्यों का ट्रायल लॉस एंजिल्स की एक कोर्ट में 31 अगस्त को तय किया गया है। जबकि भगवानपुरिया गैंग के सदस्यों से जुड़ी कार्यवाही 1 सितंबर को लिस्ट की गई है।

आरोपित किए जाने के बाद फिर सुर्खियों में लारेंस बिश्नोई

हरदीप सिंह निज्जर की हत्या करने का कथित तौर पर आदेश देने के मामले में अमेरिका द्वारा आरोपित किया गया लॉरेंस बिश्नोई लंबे समय से भारतीय एजेंसियों की जांच का सामना कर रहा है। गुजरात में उच्च सुरक्षा वाली जेल में शिफ्ट होने से पहले 33 वर्षीय बिश्नोई को मकोका के तहत एक मामले के सिलसिले में राष्ट्रीय राजधानी लाए जाने के बाद दिल्ली की तिहाड़ जेल में रखा गया था।

साल 2023 में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत दायर एक आरोप पत्र में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने आरोप लगाया कि बिश्नोई के गिरोह के कई राज्यों में लगभग 700 गुर्गे हैं। उन्होंने विदेशों में भी संबंध बनाए रखे हैं।

कौन है लारेंस बिश्नोई?

पंजाब विश्वविद्यालय से कानून की ग्रेजुएट डिग्री हासिल करने वाला बिश्नोई हत्या के प्रयास, हमले, लूट और रंगदारी के कई मामलों का सामना कर रहा है। वह विश्वविद्यालय परिसर की राजनीति के माध्यम से अपराध की दुनिया में आया। जांचकर्ताओं का आरोप है कि बाद में उसने अपने गिरोह का विस्तार सुपारी लेकर हत्या करने, हथियारों की तस्करी, ड्रग्स की तस्करी और रंगदारी वसूलने में किया। उसने एन्क्रिप्टेड और इंटरनेट-आधारित संचार के माध्यम से जेल से सहयोगियों को निर्देशित करना जारी रखा।

अमेरिका ने बिश्नोई और उसके करीबी सहयोगी, सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ पर कनाडा में निज्जर की हत्या का आदेश देने का आरोप लगाया है, जिससे दिल्ली से जुड़े अंतरराष्ट्रीय अपराध गिरोह पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित हो गया है। जांचकर्ताओं का कहना है कि बिश्नोई जेल में बंद रहने के बावजूद सक्रिय है।

निज्जर हत्याकांड में भी आया नाम

अमेरिकी शहर लॉस एंजिलिस की एक संघीय अदालत में मंगलवार को पेश आरोपपत्र के अनुसार, लॉरेंस बिश्नोई ने निज्जर (45) की हत्या की साजिश रची थी। अदालत के दस्तावेजों में निज्जर का उल्लेख ‘एच एस एन’ के रूप में किया गया है।

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‘ऑपरेशन हार्डबॉल’ के तहत इन आरोपों की घोषणा की गई। यह अमेरिका, कनाडा और यूरोप की कानून प्रवर्तन एजेंसियों की समन्वित कार्रवाई है, जिसके तहत भारत स्थित तीन संगठित अपराध गिरोहों से जुड़े 24 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। अभियोग में बराड़ का भी नाम है, जो अब भी फरार है।

LTM Q1 Results: जून तिमाही में सुस्त रेवेन्यू लेकिन 6% बढ़ा मुनाफा, 13 जुलाई को रहेगी शेयरों पर नजर

LTM Q1 Results: आईटी सर्विसेज कंपनी एलटीएम का रेवेन्यू जून तिमाही में सुस्त रफ्तार से बढ़ा लेकिन ऑपरेटिंग मोर्चे पर कंपनी का परफॉरमेंस उम्मीद से बेहतर रहा। कंपनी ने शनिवार 11 जुलाई को कारोबारी नतीजे पेश किए तो अब सोमवार 13 जुलाई को जब स्टॉक मार्केट खुलेगा तो इसके शेयरों में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले यानी नतीजे आने के एक दिन पहले शुक्रवार 10 जुलाई को बीएसई पर यह 4.89% की बढ़त के साथ ₹4041.15 के भाव (LTM Share Price) पर बंद हुआ था।

LTM Q1 Result: खास बातें

चालू वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 में एलटीएम का कंसालिडेटेड रेवेन्यू तिमाही आधार पर 2.8% बढ़कर ₹11,608 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन डॉलर टर्म में यह लगभग फ्लैट रहा और महज 0.1% बढ़कर $122 करोड़ पर पहुंचा। कॉन्स्टैंट करेंसी बेसिस पर इसका रेवेन्यू 0.3% की रफ्तार से बढ़ा जोकि मार्केट की उम्मीदों के मुताबिक ही रहा। वहीं इस दौरान कंपनी का शुद्ध मुनाफा 5.9% की रफ्तार से बढ़कर ₹1,468.6 करोड़ पर पहुंच गया। ऑपरेटिंग मोर्चे पर कंपनी का परफॉरमेंस उम्मीद से बेहतर रहा। इसका ईबीआईटी तिमाही आधार पर ₹1,709.4 करोड़ से बढ़कर ₹1,799.3 करोड़ और ईबीआईटी मार्जिन 40 बेसिस प्वाइंट्स सुधरकर 15.5% पर पहुंच गया।

जून तिमाही में कंपनी की ग्रोथ मुख्य रूप से फाइनेंशियल सर्विसेज और टेक्नोलॉजी एंड सर्विसेज वर्टिकल्स से हुई। फाइनेंशियल सर्विसेज में कॉन्स्टैंट करेंसी में तिमाही आधार पर 3.2% और टेक्नोलॉजी एंड सर्विसेज वर्टिकल्स में 3.4% की ग्रोथ दिखी। वहीं दूसरी तरफ प्रोडक्शन सेगमेंट में 5.7% और कंज्यूमर बिजनेस में 0.7% की गिरावट आई। जून तिमाही में कंपनी का डील मोमेंटम मजबूत बना रहा और $168 करोड़ की डील कंपनी को हासिल हुईं। मार्च तिमाही में भी कंपनी को $169 करोड़ की डील मिली थी।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल?

एलटीएम के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। इस साल की शुरुआत में 19 जनवरी 2026 को बीएसई पर यह ₹6,430.00 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 5 ही महीने में यह 45.11% फिसलकर पिछले महीने के आखिरी कारोबारी दिन 30 जून 2026 को ₹3,529.60 के भाव पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

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FPI ने 4 महीनों बाद की वापसी, जुलाई में अब तक खरीदे ₹15157 करोड़ के भारतीय शेयर

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) लगातार 4 महीने तक बिकवाली करने के बाद जुलाई में बायर नजर आ रहे हैं। इस महीने में अब तक उन्होंने भारतीय शेयरों में 15,157 करोड़ रुपये से अधिक का शुद्ध निवेश किया है। बेहतर होते घरेलू व्यापक आर्थिक संकेतकों, रुपये की स्थिरता और वैश्विक स्तर पर जोखिम लेने की बढ़ती धारणा से यह रुझान देखने को मिला है। सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड (CDSL) के आंकड़ों के अनुसार, इससे पहले FPI ने जून में भारतीय शेयरों से 49,340 करोड़ रुपये, मई में 32,963 करोड़ रुपये, अप्रैल में 60,847 करोड़ रुपये और मार्च में 1.17 लाख करोड़ रुपये निकाले थे।

इस बिकवाली के दौर से पहले फरवरी में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में 22,615 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया था। साल 2026 में अब तक FPI भारतीय शेयरों से कुल 2.60 लाख करोड़ रुपये निकाल चुके हैं। पिछले साल की समान अवधि में उन्होंने 1.66 लाख करोड़ रुपये की निकासी की थी।

एक्सपर्ट्स का क्या है मानना

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, मॉर्निंगस्टार इनवेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के प्रिंसिपल मैनेजर (रिसर्च) हिमांशु श्रीवास्तव का कहना है कि जुलाई में FPI की वापसी वैश्विक स्तर पर जोखिम लेने की बढ़ती प्रवृत्ति, भू-राजनीतिक तनाव कम होने से ऊर्जा कीमतों को लेकर चिंता घटने और भारत की मजबूत व्यापक आर्थिक स्थिति पर बढ़े भरोसे का नतीजा है।

जियोजीत इनवेस्टमेंट्स के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी.के. विजयकुमार का कहना है कि घरेलू व्यापक आर्थिक स्थिति में सुधार और रुपये की स्थिरता ने विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।सेमीकंडक्टर कारोबार में कमजोरी और दक्षिण कोरिया जैसे बाजारों में FPI की बिकवाली के कारण निवेश का एक हिस्सा भारत की ओर आया है। इसके साथ ही श्रीवास्तव ने आगाह किया कि भले ही जुलाई में FPI के निवेश की यह मजबूत वापसी उत्साहजनक है, लेकिन आगे उनका रुख वैश्विक परिस्थितियों और भारत की घरेलू आर्थिक वृद्धि की मजबूती पर निर्भर करेगा।

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बॉन्ड मार्केट में कितना निवेश

भारत के डेट या बॉन्ड बाजार में विदेशी निवेशकों की रुचि बनी हुई है। जुलाई में अब तक FPI ने फुली एक्सेसिबल रूट (FAR) के तहत डेट सिक्योरिटीज में 6,625 करोड़ रुपये और जनरल रूट से 3,228 करोड़ रुपये का निवेश किया।

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158 साल बाद देश में दिखा यह दुर्लभ फूल; चीन, नेपाल और भूटान की लीग में शामिल

करीब 158 वर्षों बाद एक अत्यंत दुर्लभ हिमालयी फूल साइनैंथस हूकेरी (Cyananthus Hookeri) देश में दोबारा मिला है। इससे पहले आखिरी बार भारत में इसका रिकॉर्ड आधिकारिक तौर पर सिक्किम में 1867 में मिलता है और इस बार यह पौधा अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले में मिला है। यह पौधा पूर्वा हिमालय में लगभग 3,600 मीटर की ऊंचाई पर घास वाली और पथरीली अल्पाइन ढलान पर मिला है। इसके मिलने से यह तो तय हो गया कि यह पौधा अब भी भारत में मौजूद है। इसने देश की ऊंची जगहों पर बॉयो-डाईवर्सिटी को लेकर ध्यान खींचा है और इस बेहतर दुर्लभ पौधे को बचाने की मांग फिर तेज कर दी है।

कैसा दिखता है यह फूल

साइनैंथस हूकेरी के फूल पर्पल-ब्लू रंग के होते हैं और यह कैंपैनुलेसी (Campanulaceae) यानी बेलफ्लॉवर (Bellflower) फैमिली का सदस्य है। यह प्रजाति भारत में करीब 158 साल बाद फिर दिखा है लेकिन भूटान, नेपाल और चीन के कुछ हिस्सों में भी पाई जाती है। ऐसे में अब भारत में भी मिलने पर इसने देश के बॉटनिकल हिस्ट्री में अहम जगह भरी है।

कितनी अहम है यह खोज और अब आगे क्या

वैज्ञानिकों का मानना ​​है कि साइनैंथस हूकेरी की दोबारा खोज ऊंचे हिमालयी इलाकों के इकोलॉजिकल महत्व को दिखाती है, जहां कठिन माहौल और सीमित बॉटनिकल सर्वे के बावजूद कई दुर्लभ पौधों की प्रजातियां बची हुई हैं। ऐसे इलाकों में अक्सर खास तरह की वनस्पतियां पनपती हैं जो कठोर मौसम और ऊंचाई वाले इलाकों के हिसाब से ढल चुकी होती हैं। अब 158 साल बाद साइनैंथस हूकेरी मिला है तो रिसर्चर्स का कहना है कि रिकॉर्ड के हिसाब से दुर्लभ माने जा चुके कई हिमालयी प्रजातियां अभी भी कुछ इलाकों में मौजूद हो सकती हैं, जिनकी खोजबीन करने की जरूरत है। इस पौधे को इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (IUCN) के मानकों के तहत भारत में ‘लुप्तप्राय’ यानी एनडैंजर्ड की कैटेगरी में रखने की सिफारिश की गई है।

कंवर्जेशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि जो पौधे हिमालयी इलाकों में बचे हुए हैं, उनकी पहचान करना तो सिर्फ पहला कदम है। इनके फैलाव को समझने और जंगल में इसके बचे रहने को पक्का करने के लिए विस्तार से इकोलॉजिकल स्टडी, पॉपुलेशन एसेसमेंट और इसके परिवेश की निगरानी जरूरी होगी। वैज्ञानिकों का कहना है कि इन इलाकों को बचाना उन दुर्लभ प्रजातियों की सुरक्षा के लिए जरूरी है जो पीढ़ियों से अलग-थलग और ज्यादा ऊंचाई वाले माहौल में बची हुई हैं।

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