कर्नाटक के गांव से निकल बिना IIT डिग्री के पृथ्वीराज ने NVIDIA में पाई 2.6 करोड़ की जॉब, जानिए कैसे किया मुमकिन

कर्नाटक के एक इंजीनियर की सफलता की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। चित्रदुर्ग के पास एक छोटे से गांव से निकलकर उन्होंने अपनी मेहनत और लगन के दम पर अमेरिका के कैलिफोर्निया में स्थित NVIDIA में करीब 2.6 करोड़ रुपये सालाना के पैकेज वाली नौकरी हासिल की। वहीं उन्होंने ये उपलब्धि IIT डिग्री के बिना हासिल की है। ये कहानी पृथ्वीराज पी की है, जिनका बचपन कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले के कटमदेवरकोट गांव में बीता, जहां संसाधन और टेक्नोलॉजी सुविधाएं काफी सीमित थीं।

इसके बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई और मेहनत के दम पर आगे बढ़ने का रास्ता बनाया। आज उनकी सफलता की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही है, जो छोटे शहर या गांव से निकलकर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बड़ा मुकाम हासिल करने का सपना देखते हैं।

आईआईटी से नहीं की पढ़ाई

पृथ्वीराज पी ने किसी आईआईटी से नहीं, बल्कि बेंगलुरु की PES यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ नई तकनीक सीखने और अपने प्रैक्टिकल स्किल्स को बेहतर बनाने पर लगातार मेहनत की। इसी लगन और सीखने की इच्छा ने उन्हें आगे बढ़ने और टेक इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाने में मदद की। पृथ्वीराज ने सफलता पाने के लिए किसी बड़े कोचिंग संस्थान या नामी कॉलेज के सहारे पर भरोसा नहीं किया।

उन्होंने ऑनलाइन कोर्स किए, इंटर्नशिप की, अपने खुद के प्रोजेक्ट्स पर काम किया और लगातार प्रैक्टिकल अनुभव हासिल करते रहे। कई वर्षों की मेहनत से उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीप लर्निंग के क्षेत्र में अपनी अच्छी पकड़ बनाई, जिसने उनके करियर को नई दिशा दी।

NVIDIA में करते हैं काम

रिपोर्ट्स के अनुसार, पृथ्वीराज बाद में मास्टर डिग्री करने के लिए अमेरिका चले गए, जहां उन्होंने एक टियर-3 यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया। सीमित आर्थिक संसाधनों और कम मार्गदर्शन के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने लगातार अपनी तकनीकी कौशल को बेहतर बनाया और करियर में आगे बढ़ने के लिए मेहनत जारी रखी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, लगातार मेहनत और सीखने की लगन की बदौलत पृथ्वीराज ने NVIDIA की कठिन चयन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पार की। अब वह कंपनी के अमेरिका स्थित सांता क्लारा मुख्यालय में डीप लर्निंग से जुड़े सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंजीनियर के रूप में काम कर रहे हैं और उनकी सालाना आय करीब 2.6 करोड़ रुपये बताई जाती है।

उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे लगातार सीखते रहें, धैर्य रखें और अपनी मेहनत पर भरोसा बनाए रखें, क्योंकि समर्पण से बड़े अवसर हासिल किए जा सकते हैं।

Dividend Stocks: इस हफ्ते 7 कंपनियों के शेयरधारक होंगे मालामाल, ₹229 तक मिलेगा डिविडेंड

Dividend Stocks: इस हफ्ते यानी 13 से 17 जुलाई के बीच 7 कंपनियां अपने शेयरहोल्डर्स को मोटा डिविडेंड देने वाली हैं। इनमें MRF, Honeywell, Pfizer, Shree Cement जैसे नाम शामिल हैं। अगर रकम के लिहाज से देखा जाए, तो MRF ने सबसे ज्यादा ₹229 प्रति शेयर का डिविडेंड घोषित किया है।

डिविडेंड कंपनी अपने मुनाफे का एक हिस्सा शेयरधारकों में बांटती है। लेकिन इसका फायदा सिर्फ उन्हीं निवेशकों को मिलता है, जिनके नाम रिकॉर्ड डेट पर कंपनी के रिकॉर्ड में होते हैं। इसलिए अगर आप डिविडेंड का लाभ लेना चाहते हैं, तो रिकॉर्ड डेट से पहले शेयर खरीदना जरूरी है।

इस हफ्ते मिलने वाले 7 बड़े डिविडेंड

कंपनीडिविडेंड (प्रति शेयर)रिकॉर्ड डेट
UTI AMC₹4014 जुलाई 2026
TCS₹12 (अंतरिम)15 जुलाई 2026
MRF₹22917 जुलाई 2026
Honeywell Automation India₹11017 जुलाई 2026
Pfizer₹7517 जुलाई 2026
Shree Cement₹7017 जुलाई 2026
Cummins India₹4617 जुलाई 2026

रिकॉर्ड डेट क्यों है जरूरी?

मान लीजिए किसी कंपनी की रिकॉर्ड डेट 17 जुलाई है। ऐसे में सिर्फ 17 जुलाई को शेयर खरीदने से डिविडेंड नहीं मिलेगा। आपको एक्स-डिविडेंड डेट से पहले शेयर खरीदना होगा, ताकि रिकॉर्ड डेट तक शेयर आपके डीमैट अकाउंट में आ जाएं। तभी आप डिविडेंड पाने के हकदार होंगे।

सिर्फ डिविडेंड देखकर निवेश न करें

डिविडेंड मिलना अच्छी बात है, लेकिन सिर्फ उसी के आधार पर शेयर खरीदना सही रणनीति नहीं है। निवेश से पहले कंपनी के कारोबार, मुनाफे, भविष्य की ग्रोथ और वैल्यूएशन को भी जरूर देखें। कई बार डिविडेंड मिलने के बाद शेयर की कीमत उतनी ही या उससे ज्यादा गिर भी सकती है। इसलिए निवेश का फैसला हमेशा पूरी तस्वीर देखकर ही करें।

अन्य कॉर्पोरेट एक्शन पर भी रहेगी नजर

डिविडेंड के अलावा इस हफ्ते कई दूसरी कॉर्पोरेट गतिविधियां भी निवेशकों के लिए अहम रहेंगी। Indian Toners & Developers अपने शेयरों का स्टॉक स्प्लिट करेगी। कंपनी ₹10 फेस वैल्यू वाले एक शेयर को ₹2 फेस वैल्यू के पांच शेयरों में बांटेगी। वहीं Fredun Pharmaceuticals ने 2:1 बोनस शेयर का ऐलान किया है। यानी हर 1 शेयर पर निवेशकों को 2 नए शेयर मिलेंगे।

इसके अलावा Orbit Exports के शेयर बायबैक के लिए एक्स-डेट पर ट्रेड करेंगे। Minolta Finance के शेयर राइट्स इश्यू के लिए एक्स-डेट पर जाएंगे। वहीं JB Chemicals & Pharmaceuticals में अमलगमेशन (विलय) से जुड़ा कॉर्पोरेट एक्शन तय है।

Stocks to Buy: ये 10 स्टॉक्स दे सकते हैं 51% तक रिटर्न, एक्सपर्ट्स ने दी खरीदने की सलाह

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

कल का मौसम 13 जुलाई: पूर्वी यूपी, बिहार-बंगाल तक मूसलाधार बरसात, IMD ने इन 11 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया

India Weather Update: देश के कई हिस्सों में मानसून का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग 13 जुलाई के लिए देश का ताजा वेदर बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की अक्षीय रेखा इस समय श्री गंगानगर, हिसार, मेरठ, शाहजहाँपुर, गोरखपुर, मुजफ्फरपुर से होते हुए पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर दक्षिण असम तक जा रही है। इसके साथ ही उत्तर-पूर्वी बिहार, दक्षिण बांग्लादेश और उत्तर-पूर्वी असम के ऊपर अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं। इन मजबूत वेदर सिस्टम के प्रभाव से बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत कुल 11 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 13 जुलाई को देश के अलग-अलग राज्यों में मौसम का हाल कैसा रहने वाला है:

इन राज्यों में मूसलाधार और बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक 13 जुलाई को तीन प्रमुख राज्यों के अलग-अलग हिस्सों में बादलों की भीषण गर्जना के साथ मूसलाधार और बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है:

  • बिहार
  • गंगा तटीय पश्चिम बंगाल
  • असम और मेघालय

इन इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव और खराब मौसम को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

पूर्वी यूपी और उत्तराखंड समेत इन 8 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

देश के कई अन्य हिस्सों में भी मानसूनी हवाओं के चलते भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में शामिल हैं:

  • पूर्वी उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम
  • ओडिशा
  • अरुणाचल प्रदेश
  • नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और बवंडर जैसी तेज हवाओं का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने कई राज्यों में आकाशीय बिजली गिरने और तेज रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का पूर्वानुमान जारी किया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में कुछ स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली कड़कने की आशंका है। बिहार, झारखंड, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के अलग-अलग हिस्सों में 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और गरज-चमक के साथ बिजली गिर सकती है।

उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर तेज गरज के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कुछ इलाकों में धरातल पर बहुत तेज गति से हवाएं चलने की संभावना है।

तटीय आंध्र प्रदेश में लू और ओडिशा-तमिलनाडु में उमस का असर

एक तरफ जहां उत्तर और पूर्वी भारत में बारिश का दौर जारी है, वहीं दक्षिण और तटीय इलाकों में मौसम विपरीत रहेगा। तटीय आंध्र प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में लू की स्थिति बनी रहेगी। ओडिशा और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल के कुछ हिस्सों में मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने वाला है। इससे लोगों को काफी परेशानी हो सकती है।

अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में मौसम का हाल

समंदर में उठने वाले तूफान और तेज हवाओं को लेकर मछुआरों को तटीय इलाकों में न जाने की चेतावनी दी गई है। पश्चिम-मध्य और उससे सटे पूर्वी-मध्य, उत्तरी और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के अधिकांश हिस्सों में, सोमालिया और ओमान के तटों के साथ-साथ उत्तरी गुजरात के तटों पर 45-55 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं 65 किमी/घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकती हैं। उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों से सटे समुद्र और अंडमान सागर में 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति बढ़कर 60 किमी/घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।

IND vs ENG: इंग्लैंड से मिली हार का बदला लेने उतरेंगे विराट-रोहित? कब खेला जाएगा पहला वनडे

IND vs ENG: इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज भारत को 4-0 से क्लीन स्पीप का सामना करना पड़ा। टी20 सीरीज खत्म होने के बाद अब भारतीय टीम इस हार को भूल कर इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज खेलने उतरेगी। भारत के वनडे टीम में दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली, रोहित शर्मा और जसप्रीत बुमराह की वापसी हो रही है। वनडे सीरीज की शुरुआत 14 जुलाई से होगी। वनडे टीम की कमान शुभमन गिल के हाथों में हैं। फैंस को उम्मीद है कि वनडे सीरीज में टी20 में मिली हार का बदला लिया जाएगा। आइए जानते हैं कब और कहां पर देखें ये मुकाबला

भारत की स्थिती मजबूत

वनडे क्रिकेट में भारत का हालिया रिकॉर्ड इंग्लैंड के खिलाफ काफी मजबूत रहा है। पिछली वनडे सीरीज में भारतीय टीम ने अपने घरेलू मैदान पर इंग्लैंड को 3-0 से हराकर सीरीज अपने नाम की थी। वनडे सीरीज में भारतीय टीम की कमान शुभमन गिल के हाथों में होगी, जबकि श्रेयस अय्यर उपकप्तान की भूमिका निभाएंगे। तेज गेंदबाज गुरनूर बरार को भी टीम में बरकरार रखा गया है। अफगानिस्तान के खिलाफ उनकी शानदार गेंदबाजी को देखते हुए चयनकर्ताओं ने उन पर फिर भरोसा जताया है।

विराट-कोहली की वापसी

इंग्लैंड की टीम कप्तान हैरी ब्रूक और अनुभवी जोस बटलर की मौजूदगी में पूरे आत्मविश्वास के साथ वनडे सीरीज में उतरेगी। टी20 सीरीज जीतने के बाद मेजबान टीम अपनी जीत का सिलसिला जारी रखना चाहेगी। दूसरी ओर, भारतीय टीम को बल्लेबाजी में विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे अनुभवी खिलाड़ियों से बड़ी उम्मीदें होंगी। वहीं तेज़ गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह की वापसी से भारत की गेंदबाजी भी पहले से ज्यादा मजबूत नजर आएगी।

भारत और इंग्लैंड की पूरी टीम

भारत की पूरी टीम: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान), केएल राहुल (विकेट कीपर), ईशान किशन (विकेट कीपर), वाशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, शिवम दूबे, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, अर्शदीप सिंह, गुरनूर बराड़, प्रिंस यादव।

इंग्लैंड की पूरी टीम: रेहान अहमद, जोफ्रा आर्चर, गस एटकिंसन, टॉम बैंटन, जैकब बेथेल, हैरी ब्रूक (कप्तान), जोस बटलर, जेम्स कोल्स, सैम करन, लियाम डॉसन, बेन डकेट, विल जैक्स, साकिब महमूद, आदिल राशिद, जो रूट, जोश टंग।

वनडे मैच का पूरा शेड्यूल

  • पहला ODI: 14 जुलाई, जगह: एजबेस्टन, बर्मिंघम

    समय: 3:30 PM

  • दूसरा ODI: 16 जुलाई, 2026, जगह: सोफिया गार्डन्स, कार्डिफ

    समय: 5:30 PM

  • तीसरा ODI: 19 जुलाई, 2026, जगह: लॉर्ड्स, लंदन

    समय: 3:30 PM

कहां पर देखें मुकाबला

भारत और इंग्लैंड के बीच होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज का सीधा प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क के अलग-अलग टीवी चैनलों पर देखा जा सकेगा। वहीं, जो दर्शक मोबाइल या ऑनलाइन मैच देखना चाहते हैं, वे इस सीरीज़ की लाइव स्ट्रीमिंग Sony LIV ऐप और वेबसाइट पर देख सकेंगे।

ट्विशा शर्मा की फंदे की बेल्ट पर मिले स्किन टिश्यू, AIIMS फोरेंसिक रिपोर्ट ने खोले नए राज

एक्ट्रेस और मॉडल ट्विशा शर्मा की मौत मामले में दिल्ली AIIMS के मेडिकल बोर्ड ने अपनी अंतिम फॉरेंसिक रिपोर्ट सीबीआई को सौंप दी है। रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि कथित तौर पर फंदे के लिए इस्तेमाल की गई जिम्नास्टिक्स बेल्ट पर मिले स्किन टिश्यू ट्विशा की गर्दन के चोट के निशानों से मेल खाते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, जिमनास्टिक बेल्ट पर मिले बेहद छोटे स्किन टिश्यू, ट्विशा शर्मा की गर्दन पर मिले चोट के निशानों और गला घोंटने के निशानों (लिगेचर मार्क) से मेल खाते हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर सीबीआई ने पूर्व न्यायाधीश गिरीबाला सिंह और उनके वकील बेटे समर्थ सिंह से हिरासत में पूछताछ करने की मांग तेज कर दी है। जांच एजेंसी ने उनकी जमानत का भी कड़ा विरोध किया है और दोनों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

सीबीआई ने आरोप लगाया है कि ट्विशा शर्मा को दहेज के लिए लगातार परेशान किया जाता था और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। जांच एजेंसी का यह भी दावा है कि उनकी मौत से करीब एक हफ्ते पहले उनका जबरन गर्भपात (मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी) कराया गया था। इसके अलावा मामले से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक और दूसरे अहम सबूतों को जानबूझकर नष्ट करने और उनसे छेड़छाड़ करने का भी आरोप लगाया गया है।

गला घोंटने में इस्तेमाल हुई चीज की पहचान कैसे होती है?

फांसी या गला घोंटकर हुई मौत के मामलों में फोरेंसिक विशेषज्ञ और मेडिकल बोर्ड कई वैज्ञानिक तरीकों से जांच करते हैं। सबसे पहले वे गर्दन पर बने निशानों की चौड़ाई, गहराई और आकार को ध्यान से मापते हैं। इसके बाद इन निशानों का मिलान उस संदिग्ध वस्तु से किया जाता है, जिससे गला घोंटने की आशंका होती है, जैसे बेल्ट, रस्सी या कोई दूसरी चीज। जांच के दौरान विशेषज्ञ यह भी देखते हैं कि गर्दन पर किसी धातु की रिंग, बकल या कपड़े और फाइबर की बनावट जैसे खास निशान मौजूद हैं या नहीं। इन सभी सबूतों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जाती है कि गला घोंटने के लिए किस चीज का इस्तेमाल किया गया था।

टिश्यू की जांच से क्या पता चलता है?

फोरेंसिक जांच में विशेषज्ञ गर्दन पर बने निशान वाली जगह से त्वचा का एक छोटा नमूना लेकर माइक्रोस्कोप से उसकी जांच करते हैं। इस दौरान वे देखते हैं कि वहां खून जमा हुआ है या नहीं, अंदरूनी रक्तस्राव हुआ है या सूजन मौजूद है। अगर ऐसे बदलाव मिलते हैं, तो इससे पता चलता है कि चोट व्यक्ति के जीवित रहते लगी थी। इसके अलावा जिस बेल्ट, रस्सी या दूसरी वस्तु से गला घोंटने की आशंका होती है, उसकी भी लैब में जांच की जाती है। विशेषज्ञ यह पता लगाते हैं कि उस पर इंसानी त्वचा के कण, पसीने के निशान या दूसरे जैविक सबूत मौजूद हैं या नहीं।

फांसी और गला घोंटने के निशान में क्या अंतर होता है?

फोरेंसिक विशेषज्ञ गर्दन पर बने निशानों की दिशा और आकार का भी अध्ययन करते हैं। आमतौर पर फांसी के मामले में गर्दन का निशान तिरछा होता है और गांठ की तरफ ऊपर की ओर जाता है। यह निशान अक्सर गर्दन के ऊपरी हिस्से में दिखाई देता है। वहीं, अगर किसी का गला घोंटा गया हो, तो निशान आमतौर पर सीधा और पूरी गर्दन के चारों ओर होता है। ऐसे निशान गर्दन के निचले हिस्से में पाए जाते हैं। इन सभी वैज्ञानिक जांचों की मदद से विशेषज्ञ यह समझने की कोशिश करते हैं कि मौत फांसी से हुई या गला घोंटने की वजह से।

गांठ और सबूतों की जांच कैसे होती है?

फोरेंसिक जांच के दौरान विशेषज्ञ जिस रस्सी, बेल्ट या दूसरी वस्तु से गला घोंटने की आशंका होती है, उसकी गांठ को बिना खोले सावधानी से जांचते हैं। वे गांठ का आकार और उसका तरीका देखते हैं ताकि यह समझा जा सके कि क्या ऐसी गांठ कोई व्यक्ति खुद बांध सकता था या फिर इसमें किसी दूसरे व्यक्ति के शामिल होने की संभावना है।

इसके बाद विशेषज्ञ यह भी जांचते हैं कि शरीर के वजन और गुरुत्वाकर्षण के कारण गर्दन पर मिले निशान वैसे बन सकते थे या नहीं। अगर गर्दन पर एक से ज्यादा या अलग-अलग तरह के निशान मिलते हैं, तो इससे हाथापाई या संघर्ष होने की आशंका मजबूत होती है। ऐसे सबूत यह समझने में मदद करते हैं कि मामला आत्महत्या का है या किसी और वजह से मौत हुई है। फोरेंसिक विशेषज्ञ घटनास्थल से मिले हर सबूत की कई चरणों में वैज्ञानिक तरीके से जांच करते हैं। सभी जांच पूरी होने के बाद ही वे किसी नतीजे पर पहुंचते हैं, ताकि उनकी रिपोर्ट मजबूत हो और अदालत में सबूत के तौर पर टिक सके।

नया सबूत क्यों माना जा रहा है अहम?

इस मामले में सामने आए नए फोरेंसिक सबूत को इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि शुरुआती पुलिस जांच पर पहले से ही कई सवाल उठ चुके थे। जांच प्रक्रिया में कुछ बड़ी कमियां होने के आरोप भी लगे थे। सबसे बड़ा सवाल यह था कि भोपाल में हुए पहले पोस्टमार्टम के दौरान जिस जिमनास्टिक बेल्ट से फांसी लगाने की बात कही गई, उसे डॉक्टरों के सामने जांच के लिए पेश ही नहीं किया गया। इसकी वजह से डॉक्टर बेल्ट और गर्दन पर मिले निशानों का मिलान नहीं कर सके।

पीड़िता के परिवार और सीबीआई ने यह भी आरोप लगाया था कि घटनास्थल से जुड़े सबूतों के साथ छेड़छाड़ की गई हो सकती है। उनका कहना था कि मामले में प्रभावशाली लोगों के कारण जांच प्रभावित हुई। अब बेल्ट पर मिले जैविक नमूनों की फोरेंसिक जांच से यह पुष्टि होने का दावा किया गया है कि उसी बेल्ट का इस्तेमाल किया गया था। दूसरी ओर, ससुराल पक्ष का कहना है कि यह आत्महत्या का मामला है। वहीं सीबीआई का दावा है कि ट्विशा शर्मा के शरीर पर कलाई और कोहनी पर ऐसे चोट के निशान मिले थे, जो फांसी से पहले लगे थे। जांच एजेंसी का मानना है कि इन चोटों की भी विस्तार से जांच जरूरी है।

HDFC Bank Q1 Results Preview: 18 जुलाई को आएंगे नतीजे, जानिए NII, मुनाफे और मार्जिन पर क्या हैं अनुमान

HDFC Bank Q1 Results Preview: देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC Bank का बोर्ड 18 जुलाई (शनिवार) को मीटिंग करेगा। इस दौरान जून तिमाही (Q1FY27) के स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी जाएगी।

बिजनेस अपडेट में क्या रहा?

पिछले बैंक ने जून तिमाही का बिजनेस अपडेट जारी किया था। इसके मुताबिक, ग्रॉस एडवांस सालाना आधार पर 15.4% बढ़कर ₹30.61 लाख करोड़ हो गया। पिछले साल इसी अवधि में यह ₹26.53 लाख करोड़ था।

बैंक के एडवांस अंडर मैनेजमेंट भी बढ़कर ₹31.27 लाख करोड़ पहुंच गए। यह पिछले साल के मुकाबले 12.4% ज्यादा है।

डिपॉजिट में भी अच्छी बढ़त

जून तिमाही के आखिर तक बैंक का कुल डिपॉजिट सालाना आधार पर 14.7% बढ़कर ₹31.71 लाख करोड़ हो गया। एक साल पहले यह ₹27.64 लाख करोड़ था।

वहीं, CASA (करंट अकाउंट और सेविंग अकाउंट) डिपॉजिट 9.4% बढ़कर ₹10.26 लाख करोड़ पहुंच गया। पिछले साल यह ₹9.37 लाख करोड़ था।

एक्सपर्ट्स को क्या उम्मीद?

ब्रोकरेज हाउस Motilal Oswal का अनुमान है कि बैंक का प्रदर्शन इस बार भी मजबूत रहेगा। लोन ग्रोथ और नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में बढ़त देखने को मिल सकती है। हालांकि, बढ़ते ऑपरेटिंग खर्च की वजह से मुनाफे पर कुछ दबाव रह सकता है।

ब्रोकरेज के मुताबिक, NII 8.5% बढ़कर ₹34,103 करोड़ रह सकता है प्री-प्रोविजन ऑपरेटिंग प्रॉफिट (PPOP) 19.9% घटकर ₹28,615.6 करोड़ रहने का अनुमान है। वहीं, शुद्ध मुनाफा 5.9% बढ़कर ₹19,229.3 करोड़ पहुंच सकता है।

InCred Equities का अनुमान

ब्रोकरेज InCred Equities ने भी बैंक के लिए मजबूत तिमाही का अनुमान जताया है। InCred के मुताबिक,

  • NII करीब ₹34,100 करोड़ रहने का अनुमान है, जो सालाना आधार पर 8.3% ज्यादा होगा।
  • PPOP करीब ₹28,900 करोड़ रह सकता है। यह पिछले साल के मुकाबले 19.2% कम, लेकिन पिछली तिमाही से 3.9% ज्यादा होगा।
  • PAT (शुद्ध मुनाफा) करीब ₹19,100 करोड़ रहने का अनुमान है। यह सालाना आधार पर 5.3% की बढ़त होगी।

ब्रोकरेज का मानना है कि बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 3.4% पर स्थिर रह सकता है। वहीं, क्रेडिट कॉस्ट 45 बेसिस प्वाइंट रहने का अनुमान है, जो पिछली तिमाही से थोड़ा ज्यादा लेकिन पिछले साल के मुकाबले काफी कम है।

18 जुलाई को इन बैंकों पर भी रहेगी नजर

18 जुलाई को सिर्फ HDFC Bank ही नहीं, बल्कि Axis Bank, ICICI Bank, Kotak Mahindra Bank और Yes Bank भी जून तिमाही के नतीजे जारी करेंगे। ऐसे में बैंकिंग सेक्टर पर निवेशकों की खास नजर रहेगी। इन बैंकों के नतीजों से लोन ग्रोथ, डिपॉजिट, मार्जिन और एसेट क्वालिटी की तस्वीर भी साफ होगी।

Reliance Industries Q1 Results: जून तिमाही के नतीजे 17 जुलाई को, Jio Financial 16 जुलाई को रिलीज करेगी डेटा

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Devdas 24 years: ‘देवदास’ ने 24 सालों का सफर किया पूरा, जानें संजय लीला भंसाली की फिल्म से जुड़ी ये 24 खास बातें

Devdas 24 years: भारतीय सिनेमा में बहुत कम फिल्में हैं, जिनका जादू ‘देवदास’ की तरह सालों बाद भी बरकरार है। संजय लीला भंसाली की यह फिल्म अब अपने 24 साल पूरे करने जा रही है, लेकिन आज भी इसे हिंदी सिनेमा की सबसे खूबसूरत, भावुक और यादगार फिल्मों में गिना जाता है।

12 जुलाई 2002 को रिलीज हुई ‘देवदास’ शरत चंद्र चट्टोपाध्याय के मशहूर उपन्यास पर आधारित थी, लेकिन यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक ऐसा अनुभव बन गई जिसने बड़े पर्दे पर भव्य फिल्मों का स्तर ही बदल दिया। शाहरुख खान, ऐश्वर्या राय बच्चन और माधुरी दीक्षित ने इसमें अपने करियर की कुछ सबसे यादगार परफॉर्मेंस दीं। प्रोडक्शन डिजाइन, संगीत, कॉस्ट्यूम और कहानी कहने के अंदाज के लिए आज भी ‘देवदास’ को एक मिसाल माना जाता है। फिल्म के 24 साल पूरे होने पर आइए जानते हैं वे 24 दिलचस्प बातें, जो ‘देवदास’ को आज भी एक सच्चा क्लासिक बनाती हैं।

1. संजय लीला भंसाली का शानदार निर्देशन

फिल्म का हर सीन भंसाली की शानदार सोच और विजन को दिखाता है। उन्होंने ‘देवदास’ को एक भव्य सिनेमाई अनुभव बना दिया।

2. एक यादगार साहित्यिक रूपांतरण

फिल्म ने शरत चंद्र चट्टोपाध्याय के मशहूर उपन्यास को खूबसूरती से बड़े पर्दे पर उतारा और उसकी भावनाओं को भी बरकरार रखा।

3. शाहरुख खान की यादगार परफॉर्मेंस

देवदास के किरदार में शाहरुख ने दर्द, टूटन और बिखराव को बेहद गहराई के साथ दिखाया।

4. ऐश्वर्या राय बच्चन- पारो

उनकी सादगी, मजबूती और भावनाओं को जाहिर करने का अंदाज पारो को हिंदी सिनेमा की सबसे यादगार नायिकाओं में शामिल कर देता है।

5. माधुरी दीक्षित-चंद्रमुखी

माधुरी ने चंद्रमुखी के किरदार में सम्मान, दया और गरिमा को इतने खूबसूरत तरीके से निभाया कि यह उनके करियर की बेहतरीन परफॉर्मेंस में गिना जाता है।

6. देव और पारो की शानदार केमिस्ट्री

देव और पारो की प्रेम कहानी आज भी बॉलीवुड की सबसे पसंदीदा लव स्टोरीज में गिनी जाती है।

7. दो महिलाओं के रिश्ते की अलग कहानी

पारो और चंद्रमुखी के बीच सम्मान और समझ का रिश्ता दिखाया गया, जो उस समय की फिल्मों में कम देखने को मिलता था।

8. भव्य सेट्स और प्रोडक्शन डिजाइन

फिल्म के शानदार सेट्स ने हर सीन को बेहद खूबसूरत बना दिया।

9. शानदार सिनेमैटोग्राफी

फिल्म का हर फ्रेम किसी पेंटिंग की तरह नजर आता है, जो इसे भारतीय सिनेमा की सबसे खूबसूरत फिल्मों में शामिल करता है।

10. शानदार कॉस्ट्यूम्स

फिल्म के कॉस्ट्यूम आज भी फैशन डिजाइनर्स को प्रेरित करते हैं और भारतीय सिनेमा के बेहतरीन कॉस्ट्यूम्स में गिने जाते हैं।

11. यादगार म्यूजिक एल्बम

फिल्म का संगीत आज भी लोगों के दिलों में बसा हुआ है और पुरानी यादें ताजा कर देता है।

12. ऐसे गाने जो हमेशा के लिए यादगार बन गए

‘डोला रे डोला’, ‘मार डाला’ और ‘सिलसिला ये चाहत का’ जैसे गाने आज भी लोगों की पसंद बने हुए हैं।

13. शानदार डांस कोरियोग्राफी

फिल्म के हर डांस सीक्वेंस में कहानी और भव्यता का खूबसूरत मेल देखने को मिला।

14. दमदार डायलॉग्स

फिल्म के कई संवाद आज भी लोगों को याद हैं और अक्सर दोहराए जाते हैं।

15. दिल छू लेने वाली कहानी

प्यार, इंतजार, अहंकार और त्याग जैसी भावनाओं को बहुत खूबसूरती से दिखाया गया।

16. पीरियड फिल्मों के लिए नई मिसाल

‘देवदास’ ने भारतीय सिनेमा में पीरियड फिल्मों की भव्यता को एक नया स्तर दिया।

17. अपने समय की सबसे महंगी फिल्मों में से एक

फिल्म के बड़े बजट और भव्य निर्माण ने हिंदी सिनेमा में नए मानक तय किए।

18. कान्स फिल्म फेस्टिवल में प्रीमियर

2002 में ‘देवदास’ का प्रीमियर कान्स फिल्म फेस्टिवल में हुआ, जहां इसकी भव्यता को दुनियाभर के लोगों ने देखा।

19. ऑस्कर में भारत की आधिकारिक एंट्री

यह फिल्म ऑस्कर के बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज फिल्म कैटेगरी में भारत की आधिकारिक एंट्री थी।

20. दुनियाभर में पहचान

फिल्म की सफलता ने भारतीय सिनेमा की खूबसूरती और कला को दुनिया के सामने मजबूती से पेश किया।

21. कई अवॉर्ड्स अपने नाम किए

परफॉर्मेंस, संगीत, आर्ट डायरेक्शन और कॉस्ट्यूम्स समेत कई क्षेत्रों में फिल्म को खूब सम्मान मिला।

22. संस्कृति पर गहरा असर

फिल्म के गाने, डायलॉग्स, किरदार और कॉस्ट्यूम आज भी फिल्मों, फैशन और पॉप कल्चर को प्रभावित करते हैं।

23. फिल्ममेकिंग की एक शानदार मिसाल

फिल्म बनाने की कला सीखने वालों के लिए ‘देवदास’ आज भी एक बेहतरीन उदाहरण मानी जाती है।

24. एक ऐसी विरासत जो समय के साथ और मजबूत हुई

24 साल बाद भी ‘देवदास’ नई पीढ़ी को प्रेरित कर रही है और यह साबित करती है कि बेहतरीन सिनेमा कभी पुराना नहीं होता।

रिलीज के 24 साल बाद भी ‘देवदास’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक ऐसा अनुभव है जो आज भी बेहतरीन सिनेमा की पहचान बना हुआ है। संजय लीला भंसाली के शानदार निर्देशन, यादगार परफॉर्मेंस, कालजयी संगीत, खूबसूरत विजुअल्स और गहरी भावनाओं से जुड़ी कहानी ने मिलकर एक ऐसी फिल्म बनाई, जो हर पीढ़ी के दिल को छूती है। भारतीय सिनेमा लगातार बदल रहा है, लेकिन ‘देवदास’ आज भी भव्यता, शानदार कहानी और बड़े सिनेमाई विजन की मिसाल बनी हुई है। यह फिल्म साबित करती है कि सच्चे क्लासिक्स कभी पुराने नहीं पड़ते, बल्कि समय के साथ और भी यादगार बन जाते हैं।

Bihar: मटन बोलकर चिकन खिलाया तो शादी में छिड़ी जंग, जमकर हुई मारपीट, वीडियो वायरल

बिहार के सहरसा में एक निकाह में जमकर हंगामा देखने को मिला है। निकाह समारोह में खाने को लेकर दुल्हा और दुल्हन पक्ष के लोग आपस में भिड़ गए। कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, शादी की रस्में पूरी होने के बाद बारातियों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई थी। इसी दौरान कुछ बारातियों ने शिकायत की कि उन्हें मटन खिलाने का वादा किया गया था, लेकिन खाने में चिकन परोसा गया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया और मामला विवाद तक पहुंच गया। इस झड़प में करीब 12 लोगों के घायल होने की खबर है। इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहे हैं।

मेन्यू को लेकर भिड़े

खाने के मेन्यू को लेकर शुरू हुआ विवाद कुछ ही देर में इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। पहले तीखी बहस हुई और फिर मामला मारपीट तक पहुंच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ ही देर में दूल्हा और दुल्हन पक्ष के लोग आमने-सामने आ गए। दोनों ओर से लोगों ने एक-दूसरे पर घूंसे और लातें चलाईं। हालात बिगड़ने पर कुछ लोगों ने लाठियों का भी इस्तेमाल किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस झड़प के बाद शादी का पूरा माहौल बिगड़ गया और समारोह बीच में ही रुक गया।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में शादी समारोह के दौरान मची भगदड़ और हंगामा साफ दिखाई देता है। लोग इधर-उधर भागते नजर आते हैं, जबकि कुर्सियां और मेजें बिखरी हुई दिखाई देती हैं। झड़प के बाद का नजारा ऐसा था कि शादी का पंडाल जश्न की जगह लड़ाई के मैदान जैसा नजर आ रहा था। इस घटना के बाद दोनों परिवारों के रिश्तों में और ज्यादा तनाव पैदा हो गया है। दूल्हे पक्ष के लोगों का कहना है कि वे इस मामले की शिकायत पुलिस से करेंगे और घटना में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे।

अस्पताल में करवाया गया भर्ती

दूल्हे मोहम्मद अब्दुल्ला उर्फ ​​चांद के चाचा मोहम्मद इरफान ने आरोप है कि खाने को लेकर विवाद शुरू होने के बाद दुल्हन पक्ष के कुछ लोगों ने बारातियों पर हमला कर दिया। उन्होंने दावा किया कि झगड़ा अचानक बढ़ गया और कई बारातियों को चोटें आईं। घटना के बाद सभी घायलों को इलाज के लिए नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। अधिकारियों का कहना है कि घायल लोगों का इलाज जारी है।

ITR Filing 2026: 1.7 करोड़ लोगों ने भरा इनकम टैक्स रिटर्न, 31 जुलाई की डेडलाइन चूके तो क्या होगा?

ITR Filing 2026: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने की रफ्तार तेज हो गई है। आयकर विभाग के मुताबिक, असेसमेंट ईयर 2026-27 (वित्त वर्ष 2025-26 की आय) के लिए अब तक 1.7 करोड़ से ज्यादा टैक्सपेयर्स अपना ITR दाखिल कर चुके हैं। सिर्फ शुक्रवार को ही 10 लाख से ज्यादा रिटर्न फाइल किए गए।

विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लोगों से समय रहते रिटर्न भरने की अपील भी की है, ताकि आखिरी समय की परेशानी से बचा जा सके।

ITR डेडलाइन 31 जुलाई है

वित्त वर्ष 2025-26 की आय के लिए ITR-1 (सहज) और ITR-2 दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है। अगर आपका अकाउंट ऑडिट के दायरे में नहीं आता है, तो आपको इसी तारीख तक रिटर्न फाइल करना होगा।

ITR-1 कौन भर सकता है?

ITR-1 यानी सहज फॉर्म ज्यादातर इंडिविजुअल के लिए होता है। इनमें ये लोग शामिल हैं…

  • सालाना कमाई ₹50 लाख तक हो।
  • कमाई आय का जरिया सैलरी हो।
  • एक मकान से आय हो।
  • कृषि आय ₹5,000 तक हो।

ITR-2 कौन भरता है?

ITR-2 उन इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) के लिए है, जिनकी बिजनेस या प्रोफेशन से आय नहीं है, लेकिन उन्हें कैपिटल गेन जैसी आय होती है।

31 जुलाई की डेडलाइन चूकने पर क्या होगा?

अगर आप तय समय तक ITR दाखिल नहीं करते हैं, तो आपको कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

1. लेट फीस : आयकर कानून की धारा 234F के तहत देरी से ITR भरने पर ₹5,000 तक की लेट फीस लग सकती है। अगर आपकी कुल आय ₹5 लाख तक है, तो यह फीस ₹1,000 तक सीमित रहती है।

2. ब्याज भी : अगर आपके ऊपर टैक्स बकाया है, तो धारा 234A के तहत हर महीने या उसके हिस्से के लिए 1% ब्याज देना पड़ सकता है।

3. रिफंड में देरी : अगर आपको इनकम टैक्स रिफंड मिलना है, तो देर से ITR भरने पर उसका प्रोसेस भी देर से होगा। यानी आपका पैसा मिलने में ज्यादा समय लग सकता है।

4. टैक्स बेनिफिट नहीं : देर से रिटर्न दाखिल करने पर कुछ मामलों में नुकसान (Loss) को अगले सालों में कैरी फॉरवर्ड करने जैसी टैक्स सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता।

आखिरी समय का इंतजार न करें

हर साल डेडलाइन के करीब पोर्टल पर ट्रैफिक काफी बढ़ जाता है। ऐसे में तकनीकी दिक्कतें भी आ सकती हैं। इसलिए बेहतर होगा कि जरूरी दस्तावेज जुटाकर समय रहते ITR दाखिल कर दें। इससे लेट फीस, ब्याज और दूसरी परेशानियों से बचा जा सकता है।

Income Tax Return: रिटर्न फाइल करने में नहीं करें देर, PhonePe और जियो फाइनेंस 24 रुपये में दे रही सुविधा

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

जबरन घर में घुसा, प्राइवेट पार्ट दिखाए, कौन है महिला के साथ अश्लील हरकत करने वाला डिलीवरी एजेंट?

बेंगलुरु में फ्लिपकार्ट के एक डिलीवरी एजेंट को महिला के साथ अश्लील हरकत करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान विजय मल्लिकार्जुन कामत के रूप में हुई है। महिला ने बताया कि डिलीवरी एजेंट पार्सल देने उसके घर आया था। बता दें कि, महिला ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया है कि फ्लिपकार्ट का एक डिलीवरी एजेंट जबरन उसके घर में घुस आया और उसके साथ अश्लील हरकत की। महिला का कहना है कि आरोपी ने उन्हें अपने प्राइवेट पार्ट दिखाए।

पुलिस ने लिया ये एक्शन 

महिला की पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बेंगलुरु पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। महिला के मुताबिक, डिलीवरी एजेंट उनके घर एक पार्सल देने आया था। पार्सल देने के बाद उसने टॉयलेट इस्तेमाल करने की अनुमति मांगी। महिला ने इसकी इजाजत देने से इनकार कर दिया, लेकिन आरोप है कि इसके बावजूद वह जबरदस्ती घर के अंदर घुस गया। महिला का आरोप है कि वॉशरूम से बाहर निकलते समय उसने अश्लील हरकत करते हुए उन्हें अपने निजी अंग दिखाए।

महिला ने बताई हैरान कर देने वाली कहानी 

महिला ने अपनी पोस्ट में बताया, “मैंने कई बार मना किया और साफ कहा कि मैं किसी अजनबी को अपने फ्लैट के अंदर आने की अनुमति नहीं देती। मैंने उसे यह भी कहा कि अगर बहुत जरूरी है, तो वह आसपास रहने वाले किसी पुरुष पड़ोसी से मदद मांग सकता है। लेकिन बार-बार मना करने के बावजूद उसने अपनी चप्पल उतारी और मेरी इजाजत के बिना जबरन घर के अंदर घुस गया।”

महिला ने आगे आरोप लगाया, “जब वह वॉशरूम से बाहर आया, तो उसने मेरे सामने अश्लील हरकत करते हुए अपने निजी अंग दिखाए। उस समय मैं बेहद घबरा गई। मुझे अपमानित और असुरक्षित महसूस हुआ। एक महिला के ‘नहीं’ कहने के बाद वहीं बात खत्म हो जानी चाहिए थी। किसी भी व्यक्ति को किसी महिला की इच्छा के खिलाफ उसके घर में घुसने या उसकी निजी सीमा का उल्लंघन करने का अधिकार नहीं है।”

इन धाराओं में दर्ज हुआ केस

महिला की सोशल मीडिया पोस्ट सामने आने के बाद बेंगलुरु पुलिस ने तुरंत मामले का संज्ञान लिया और उनसे संपर्क कर पूरी जानकारी मांगी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपों की जांच शुरू की और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की। महिला की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 75, 79 और 329(2) के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी की पहचान विजय मल्लिकार्जुन कामत के रूप में की है और उसे गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस घटना के बाद फ्लिपकार्ट ने भी बयान जारी किया। कंपनी ने कहा कि मामले की जानकारी मिलते ही आरोपी डिलीवरी एजेंट को तुरंत नौकरी से हटा दिया गया है।

फ्लिपकार्ट ने कही ये बात

फ्लिपकार्ट ने इस घटना पर बयान जारी करते हुए कहा, “इस मामले से हमें गहरा दुख हुआ है और हम पीड़ित ग्राहक को पूरा सहयोग दे रहे हैं। हमारे लिए ग्राहकों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। जैसे ही हमें इस घटना की जानकारी मिली, हमने संबंधित डिलीवरी एजेंट की सेवाएं तुरंत समाप्त कर दीं। इस मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है और हम पुलिस जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं।” कंपनी ने आगे कहा, “हर डिलीवरी एजेंट को काम पर रखने से पहले उसका बैकग्राउंड वेरिफिकेशन किया जाता है और जरूरी ट्रेनिंग भी दी जाती है। हालांकि इस तरह की घटनाएं बहुत कम होती हैं, लेकिन ऐसी एक भी घटना स्वीकार नहीं की जा सकती। हम पूरे मामले की समीक्षा कर रहे हैं ताकि भविष्य में ग्राहकों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकें।”