Sohail Khan: सोहेल खान और सीमा सजदेह के तलाक की क्या वजह थी? ‘ट्यूबलाइट’ एक्टर ने किया खुलासा

Sohail Khan: रियलिटी शो ‘द अलायंस’ दर्शकों को बांधे हुए है और हाल ही में हुई एंट्री के बाद शो को लेकर उत्साह पीक पर पहुंच गया है। सोहेल खान की ऐक्स वाइफ सीमा सजदेह की एंट्री से दर्शकों को दोनों को एक साथ देखने का मौका मिला। सीमा की एंट्री के बाद, हाल ही के एक एपिसोड में निखिल चिनप्पा और सोहेल ने सोहेल के अलगाव के कारणों पर चर्चा की।

चर्चा के दौरान, जब निखिल ने पूछा, “औरत घर को बिगाड़ भी सकती है और बना भी सकती है। आपका घर टूटने में किसका हाथ था?” सोहेल ने जवाब दिया, “उस समय काम ठीक नहीं चल रहा था, इसलिए मैं मानसिक रूप से ठीक नहीं था। मेरे व्यवहार के कारण, मैंने उस इंसान को खो दिया जिससे मैं सच्चा प्यार करता था।”

सोहेल खान ने आगे कहा, “वह मेरे दो प्यारे बच्चों की मां हैं, इसलिए प्यार से कहीं ज़्यादा, मैं सीमा का बहुत सम्मान करता हूं। यह शो मेरे लिए हमेशा यादगार रहेगा। भले ही हम अलग हो गए हैं, लेकिन इस शो ने हमें फिर से एक-दूसरे से बात करने और दिल की बात साझा करने का मौका दिया है। हमारे बीच एक कमी रह गई थी, और इस शो ने उसे फिर से जोड़ने में मदद की है।”

बाद में सीमा ने बताया कि जहां उनका छोटा बेटा योहान शो में उन्हें सपोर्ट कर रहा है, वहीं उनका बड़ा बेटा निर्वाण सोहेल के कॉम्पिटिशन जीतने के लिए चीयर कर रहा है। इस बीच, ज़ैद दरबार के साथ बातचीत में सोहेल ने बताया कि उनके दोनों बेटे अभी उनके साथ रहते हैं, जबकि सीमा उनसे मिलने के लिए हफ्ते में तीन बार घर आती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि घर की चाबी अभी भी सीमा के पास है, जिससे पता चलता है कि अलग होने के बावजूद वे दोनों मिलकर बच्चों की परवरिश कर रहे हैं।

सोहेल खान और सीमा सचदेह अलग होने से पहले दो दशकों से ज़्यादा समय तक शादीशुदा रहे। यह एक्स कपल अब भी अपने दो बेटों, निर्वाण और योहान की मिलकर परवरिश कर रहा है। सीमा और सोहेल ने 24 साल की शादी के बाद 2022 में आधिकारिक तौर पर तलाक ले लिया था। तब से, दोनों ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि शादी खत्म होने के बावजूद वे अपने बच्चों को प्राथमिकता देते हैं और एक-दूसरे का सम्मान बनाए रखते हैं।

सीमा ने पहले बताया है कि अलग होने का उनका फ़ैसला आपसी था और उन्होंने लगातार झगड़े में रहने के बजाय शांति को चुना। सोहेल ने भी पहले के इंटरव्यू में कहा है कि उनके बीच कोई कड़वाहट नहीं है और सीमा हमेशा उनकी ज़िंदगी का एक अहम हिस्सा रहेंगी क्योंकि उन्होंने साथ में कई साल बिताए हैं।

Flipkart से ऑर्डर किया 95 हजार का टैबलेट, बॉक्स खोलते ही उड़ गए होश…वायरल हो रहा वीडियो

ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले एक कस्टमर के साथ चौंकाने वाली घटना सामने आई है। व्यक्ति ने फ्लिपकार्ट से एक महंगा टैबलेट मंगाया था, लेकिन डिलीवरी के समय बॉक्स खोलने पर उसमें टैबलेट की जगह फटी हुई पुरानी किताब निकली। इस पूरी ओपन-बॉक्स डिलीवरी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इस पर कई लोग तरह-तरह के कमेंट भी कर रहे हैं। फ्लिपकार्ट को भी इस मामले पर सफाई देनी पड़ी।

टेबलेट की जगह निकली बुक

कस्टमर ने इस घटना की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दी है। व्यक्ति ने बताया कि उसने फ्लिपकार्ट से करीब 95 हजार रुपये का प्रीमियम Samsung Galaxy Tab S10+ ऑर्डर किया था। ये ऑर्डर फ्लिपकार्ट की ओपन-बॉक्स डिलीवरी सुविधा के तहत था। इसलिए व्यक्ति ने डिलीवरी एजेंट की मौजूदगी में ही पैकेट खोला और पूरी अनबॉक्सिंग प्रक्रिया का वीडियो भी रिकॉर्ड किया। वीडियो में देखा जा सकता है कि डिलीवरी एजेंट ने ग्राहक के सामने जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पैकेट खोला। लेकिन बॉक्स के अंदर नया टैबलेट मिलने के बजाय एक पुरानी, फटी हुई और इस्तेमाल की हुई इकोनॉमिक्स की किताब निकली।

यूजर ने किया पोस्ट

इस पर ग्राहक ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा, “मैंने 95 हजार रुपये का टैबलेट ऑर्डर किया था, लेकिन फ्लिपकार्ट ने उसकी जगह मुझे फटी हुई पुरानी इकोनॉमिक्स की किताब भेज दी।” वीडियो में डिलीवरी एजेंट भी मौके पर मौजूद दिखाई देता है और वह ग्राहक से पूरे मामले पर बात करता है। बातचीत के बाद दोनों इस बात पर सहमत होते हैं कि पैकेट को वापस विक्रेता के पास भेज दिया जाए। हालांकि, सोशल मीडिया पर किए गए इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

फ्लिपकार्ट ने दिया रिएक्शन

यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद कई लोगों ने इस घटना पर हैरानी जताई और अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। मामले के तूल पकड़ने पर फ्लिपकार्ट ने भी पोस्ट का जवाब दिया और ग्राहक से हुई परेशानी के लिए माफी मांगी। कंपनी ने कहा, “हम कभी नहीं चाहेंगे कि आपको आपके ऑर्डर की जगह कोई दूसरी चीज मिले। इस घटना के लिए हमें बेहद खेद है और हम इसे जल्द से जल्द ठीक करना चाहते हैं। आपकी गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए, कृपया हमें प्राइवेट मैसेज के जरिए अपने ऑर्डर की जानकारी भेजें, ताकि हम इस मामले की जांच कर सकें।”

यूजर ने किया कमेंट

इस घटना के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कई यूजर्स ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर अपने साथ हुए ऐसे ही अनुभव भी शेयर किए। एक यूजर ने लिखा, “ऐसी घटनाएं अब आम होती जा रही हैं, खासकर फ्लिपकार्ट के साथ। यह गलती सेलर की हो सकती है या फिर डिलीवरी पार्टनर की। मेरे दोस्त और परिवार वाले अब 5 हजार रुपये से महंगे सामान फ्लिपकार्ट से नहीं मंगाते, ऑफलाइन खरीदना ज्यादा सुरक्षित लगता है।”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “इसी वजह से लोग फ्लिपकार्ट से इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने से बचते हैं। अगर ऑनलाइन खरीदना ही है तो अमेजन ज्यादा सुरक्षित विकल्प लगता है।” एक दूसरे यूजर ने सलाह दी, “किसी भी ई-कॉमर्स वेबसाइट से 1,000 रुपये से ज्यादा कीमत का इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।” वहीं कुछ लोगों ने वीडियो पर सवाल भी उठाए। उनका कहना था कि पैकेट की एक सील पहले से खुली हुई दिखाई दे रही थी। एक यूजर ने लिखा, “वीडियो में साफ दिख रहा है कि बॉक्स की बाईं तरफ की सील पहले ही खुल चुकी थी।”

Stocks to Buy: ये 10 स्टॉक्स दे सकते हैं 51% तक रिटर्न, एक्सपर्ट्स ने दी खरीदने की सलाह

Stocks to Buy: शेयर बाजार में गिरावट के बीच कई दिग्गज ब्रोकरेज हाउस चुनिंदा शेयरों पर बुलिश बने हुए हैं। Goldman Sachs, Jefferies, Citi, Motilal Oswal, JM Financial और CD Research ने 10 कंपनियों के शेयर खरीदने की सलाह दी है। इन स्टॉक्स में मौजूदा स्तर से 51% तक की तेजी की संभावना जताई गई है। आइए जानते हैं किन शेयरों पर एक्सपर्ट्स सबसे ज्यादा भरोसा जता रहे हैं।

Cohance Lifesciences

Goldman Sachs ने Cohance Lifesciences पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है और ₹500 का टारगेट दिया है। मौजूदा भाव से इसमें करीब 10% की तेजी की संभावना है। हालांकि, CDMO कारोबार की रफ्तार उम्मीद से धीमी रहने के चलते ब्रोकरेज ने FY27-29 के अनुमान घटाए हैं।

TCS

Motilal Oswal ने TCS पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹2,350 का टारगेट दिया है। यह मौजूदा स्तर से करीब 15% का संभावित रिटर्न दिखाता है। ब्रोकरेज का मानना है कि दूसरी तिमाही पहली से बेहतर रह सकती है, लेकिन मांग में बड़ी तेजी के संकेत अभी साफ नहीं हैं।

Vedanta Aluminium

Motilal Oswal ने पहली बार Vedanta Aluminium पर कवरेज शुरू करते हुए ‘Buy’ रेटिंग और ₹540 का टारगेट दिया है। इससे शेयर में करीब 20% की तेजी की उम्मीद है। ब्रोकरेज का कहना है कि डीमर्जर के बाद कंपनी भारत की सबसे बड़ी प्योर-प्ले एल्युमिनियम कंपनी बन गई है।

PN Gadgil Jewellers

Motilal Oswal ने PN Gadgil Jewellers पर ‘Buy’ रेटिंग के साथ ₹700 का टारगेट दिया है। यह मौजूदा भाव से करीब 22% की बढ़त का संकेत देता है। पहली तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 41% बढ़ा, जबकि रिटेल कारोबार 56% उछला।

PB Fintech

Jefferies ने PB Fintech पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹1,950 का टारगेट दिया है। इससे शेयर में करीब 23% की तेजी की संभावना है। ब्रोकरेज का मानना है कि हाल की गिरावट के बाद शेयर अपने मजबूत कमाई के अनुमान के मुकाबले सस्ता नजर आ रहा है।

Dr. Reddy’s Laboratories

JM Financial ने Dr. Reddy’s Laboratories पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है और ₹1,561 का टारगेट दिया है। यह मौजूदा स्तर से करीब 25% का संभावित तेजी दिखाता है। ब्रोकरेज का मानना है कि आने वाले वर्षों में नए प्रोडक्ट कंपनी की ग्रोथ को सहारा देंगे, हालांकि सेमाग्लूटाइड की सप्लाई में देरी हुई है।

Piramal Pharma

Goldman Sachs ने Piramal Pharma पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹225 का टारगेट दिया है। इससे शेयर में करीब 27% की तेजी की उम्मीद है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी का टर्नअराउंड जारी है और आने वाले वर्षों में मुनाफे में अच्छी बढ़ोतरी हो सकती है।

Eternal

Motilal Oswal ने Eternal पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹380 का टारगेट दिया है। मौजूदा भाव ₹290 के मुकाबले इसमें करीब 31% की तेजी की संभावना है। ब्रोकरेज का मानना है कि फूड डिलीवरी कारोबार में रिकवरी, क्विक कॉमर्स की तेज ग्रोथ और डिस्ट्रिक्ट बिजनेस के विस्तार से कंपनी की कमाई आने वाले समय में मजबूत रह सकती है।

Balaji Amines

CD Research ने Balaji Amines पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹3,327 का टारगेट दिया है। मौजूदा भाव ₹2,409 के मुकाबले इसमें करीब 38% की तेजी की संभावना है। ब्रोकरेज का कहना है कि स्पेशियलिटी केमिकल्स की मांग, नए प्रोजेक्ट्स के शुरू होने और बेहतर मार्जिन से आने वाले समय में कंपनी की ग्रोथ मजबूत रह सकती है।

Kalyan Jewellers

Citi ने Kalyan Jewellers पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹725 का टारगेट दिया है। यह मौजूदा भाव से करीब 51% का संभावित रिटर्न दिखाता है। पहली तिमाही में कंपनी की बिक्री 38% बढ़ी और नए स्टोर्स के विस्तार की रफ्तार भी बनी रही।

Stocks to Watch: सोमवार 13 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 16 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

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Airtel Growth Plan: दस साल में ₹3.3 लाख करोड़ का निवेश, अब तीन क्षेत्रों के दम पर ग्रोथ का मजबूत भरोसा

Airtel Growth Plan: भारती एयरटेल ने पिछले दशक में डिजिटल इंफ्रा तैयार करने में ₹3.3 लाख करोड़ से अधिक निवेश किया। इसके बाद अब कंपनी के चेयरमैन सुनीत भारती मित्तल का कहना है कि भारती एयपटेल का फोकस फाइनेंशियल सर्विसेज़, डेटा सेंटर और क्लाउड पर है जो इसकी ग्रोथ के अगले इंजन होंगे। न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी की सालाना रिपोर्ट में यह बात भी सामने आई है कि कंपनी ने एयरटेल मनी में ₹20 हजार करोड़ तक के निवेश का ऐलान किया है और Nxtra के जरिए अपने डेटा सेंटर बिजनेस को बढ़ा रही है।

Airtel की ग्रोथ के अगले चरण के इंजन

शनिवार की देर रात जारी जारी सालाना रिपोर्ट में सुनील मित्तल ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में एयरटेल के लिए नए ग्रोथ इंजन बनाने के लिए सोच-समझकर कदम उठाए गए जिसके अच्छे नतीजे मिले हैं। कंपनी के चेयरमैन का कहना है कि तीन क्षेत्रों में भरोसा बढ़ा है, जहां एयरटेल के जीतने की पूरी संभावना है- फाइनेंशियल सर्विसेज़, डेटा सेंटर और एयरटेल क्लाउड।

सालाना रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया गया है कि एयरटेल मनी को RBI से नॉन-डिपॉजिट टेकिंग नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) के तौर पर काम करने की मंजूरी मिल गई है। सुनील मित्तल के मुताबिक यह देश में फाइनेंशियल इनक्लूजन का दायरा बढ़ाने के लिए अहम पड़ाव है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में जरूरत के हिसाब से इसमें पूंजी लगाई जाएगी।

अब कंपनी के डेटा सेंटर बिजनेस Nxtra की बात करें तो हाल ही में $100 करोड़ (करीब ₹9500 करोड़) जुटाने के बाद के बाद अग ले कुछ वर्षों में 1 गीगावाट कैपेसिटी बनाने की राह पर है। सालाना रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया गया है कि इस बिजनेस को देश में तेजी से हो रहे डिजिटाइजेशन, क्लाउड के बढ़ते इस्तेमाल और डेटा लोकलाइजेशन की बढ़ती जरूरतों से सपोर्ट मिल रहा है।

अब कंपनी के तीसरे ग्रोथ इंजन एयरटेल क्लाउड की बात करें तो सुनील मित्तल का कहना है कि शुरुआत दौर में इसे अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। उनका कहना है कि यह देश की उभरती हुई जरूरतों को पूरा कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह ग्राहकों को देश में होस्ट और स्टोर की गई वर्ल्ड क्लास क्लाउड सर्विस का फायदा कम खर्च में दे रही है। सुनील मित्तल के मुताबिक एयरटेल ने अपनी क्लाउड सर्विस के लिए 24 से ज्यादा कस्टमर डील हासिल की है। सुनील मित्तल का कहना है कि क्लाउड, एआई और डिजिटल इंफ्रा को सपोर्ट करने वाली पॉलिसी से इंवेस्टमेंट में तेजी आने और इकोसिस्टम के मजबूत होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इसे लेकर लॉन्ग-टर्म की टैक्स छूट देकर और सहारा दे दिया है जिससे डिजिटल इंफ्रा में लगातार कैपिटल इंवेस्टमेंट को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। सरकार को उम्मीद है कि इस साल डेटा सेंटर सेक्टर में इंवेस्टमेंट $20 हजार करोड़ (₹18 लाख करोड़ से अधिक) को पार कर जाएगा।

158 साल बाद देश में दिखा यह दुर्लभ फूल; चीन, नेपाल और भूटान की लीग में शामिल

Lock Upp 2: ‘लॉक अप’ के नए प्रोमो में भड़कते नजर आए रितेश देशमुख, योगेश रावत से बोले- ‘मेरे साथ ऐसी हरकत मत करना’

Lock Upp 2: ‘लॉक अप 2’ हर गुजरते दिन के साथ और भी दिलचस्प होता जा रहा है। शो के हाल ही में जारी प्रोमो से पता चलता है कि आने वाले एपिसोड में और भी उथल-पुथल होने वाली है। नए टीजर में रितेश देशमुख यह घोषणा करते हुए दिख रहे हैं कि कैदी बहुत ज़्यादा सहज हो गए हैं, इसलिए उन्होंने उनके सेलमेट्स को बदलने का फ़ैसला किया है।

रितेश ने कैदियों को दो कैटागरी में बांटा – कंट्रोलर और डिपेंडेंट – और कंट्रोलर के पास आश्रित का भविष्य तय करने का अधिकार होगा। टीजर में आकांक्षा चमोला और पामेला एक सेल में थीं, जबकि राम कपूर और श्रेया कालरा दूसरे सेल में थे। नियंत्रक बनने की होड़ में दोनों जोड़ियों के बीच तीखी बहस छिड़ गई।

इसी बीच, एक टास्क के दौरान, कंट्रोलर को डिपेंडेंट के वजन के बराबर वजन का बक्सा उठाने को कहा गया। प्रोमो में दिखाया गया है कि टास्क के दौरान योगेश रावत का होस्ट रितेश से झगड़ा हो गया, जिससे रितेश नाराज हो गए। योगेश ने कहा, “सर, अगर ये ही करना था तो फिर तो…” रितेश को योगेश पर गुस्सा आ गया और उन्होंने कहा, “मुझे मत बताओ। ये नाटक मेरे सामने मत रखो।”

प्रोमो में माधुरी जैन और श्रेया कालरा के बीच झगड़े का भी इशारा मिला है, जो अब तक ‘लॉक अप’ में बहुत करीबी रही हैं। एक टास्क के दौरान श्रेया माधुरी पर भड़कती हुई दिखती हैं और कहती हैं, “मेरे गेम के बीच में मत आओ।” पामेला और वरुण, जो अब तक अच्छे दोस्त थे, उनके बीच भी शो में झगड़ा हुआ। पामेला उनसे कहती दिखती हैं, “तुम मर्द नहीं हो।”

Vietnam: ‘तूफान आते ही समंदर में कूदा और सब खत्म…’, वियतनाम नाव हादसे में जिंदा बचे शख्स ने सुनाई रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी

वियतनाम के मशहूर फू क्वोक द्वीप पर घूमने गए भारतीय पर्यटकों का खूबसूरत सफर शनिवार को एक बेहद दर्दनाक हादसे में बदल गया। फु क्वोक आइलैंड के पास स्पीडबोट पलटने से 15 भारतीय टूरिस्ट की मौत हो गई. वहां की सरकार ने इस पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास हुए दर्दनाक स्पीडबोट हादसे में बच निकले एक भारतीय पर्यटक ने उस खौफनाक पल को याद किया। उन्होंने बताया कि अचानक आए तेज तूफान की वजह से कुछ ही सेकंड में स्पीडबोट पलट गई। नाव पलटते ही कई यात्री उसके अंदर फंस गए और बाहर नहीं निकल सके।

 ‘तूफान आते ही समंदर में कूदा…’, 

पर्यटक ने बचाव दल की भी जमकर तारीफ की। उनका कहना था कि अगर राहत और बचाव टीम समय पर नहीं पहुंचती, तो मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती थी। उन्होंने यह भी बताया कि पास के द्वीप पर बेहतर मेडिकल सुविधाएं नहीं थीं, जिससे घायलों का इलाज करना मुश्किल हो गया था। इस हादसे के समय स्पीडबोट में 36 लोग सवार थे, जिनमें 32 भारतीय पर्यटक शामिल थे। यह हादसा फु क्वोक द्वीप के तट के पास हुआ। बाद में वियतनाम में भारतीय दूतावास ने पुष्टि की कि हादसे में जान गंवाने वाले सभी 15 लोग भारतीय नागरिक थे।

जिंदा बचे शख्स ने सुनाई आपबीती

हादसे में बच गए भारतीय पर्यटक निर्मल कुमार ने उस डरावने पल को याद करते हुए बताया कि उनका समूह एक द्वीप से दूसरे द्वीप जा रहा था। तभी बिना किसी चेतावनी के अचानक मौसम खराब हो गया और तेज तूफान आ गया। एएनआई से बातचीत में निर्मल कुमार ने कहा, “हम एक द्वीप से दूसरे द्वीप की ओर जा रहे थे। तभी अचानक तेज तूफान आ गया और कुछ ही सेकंड में नाव पलट गई। हम नाव के आगे वाले हिस्से में थे, इसलिए समुद्र में कूदकर अपनी जान बचा ली। लेकिन जो लोग नाव के अंदर थे, वे उसमें फंस गए। नाव पलटने के कारण वे बाहर नहीं निकल सके। हमारी नाव में 32 भारतीय पर्यटक सवार थे, जबकि आसपास मौजूद दूसरी नावों सहित कुल करीब 105 लोग इस यात्रा में शामिल थे।”

निर्मल कुमार ने बताया कि हादसे के बाद भारतीय अधिकारियों ने उनकी पूरी मदद की। उन्होंने कहा, “कल भारतीय अधिकारी यहां आए थे और जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर रहे हैं। बाकी सभी लोग वापस लौट चुके हैं। हमारी कंपनी के चार लोग थे, जिनमें से मैं अभी भी यहीं रुका हुआ हूं।” उन्होंने यह भी कहा कि बचाव दल समय पर पहुंच गया था, लेकिन हादसे के बाद मौके पर जरूरी मेडिकल सुविधाओं की कमी थी। निर्मल कुमार के मुताबिक, “बचाव टीम ने हमें सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन जिस द्वीप पर हमें ले जाया गया, वहां इलाज के लिए जरूरी मेडिकल उपकरण और दवाएं नहीं थीं। हमारे साथ एक डॉक्टर भी यात्रा कर रहे थे। उनका कहना था कि अगर जरूरी दवाएं और सुविधाएं होतीं, तो शायद और लोगों की जान बचाई जा सकती थी। बाद में वियतनाम की वायु सेना करीब दो से तीन घंटे बाद पहुंची। इसके बाद उन्होंने हमारा इलाज कराया और आगे की मदद की।” यह दर्दनाक हादसा मशहूर पर्यटन स्थल फु क्वोक द्वीप के पास हुआ। फिलहाल स्थानीय अधिकारी हादसे के कारणों की जांच कर रहे हैं।

जेल जाने पर PM-CM को हटाने नहीं, सिर्फ सस्पेंड करने की सिफारिश! संसदीय पैनल ने दिया बड़ा सुझाव

PM-CM suspended news: विपक्षी दलों की चिंताओं के बीच संसद की एक समिति ने सिफारिश की है कि अगर प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों को गंभीर अपराधों के आरोप में लगातार 30 दिनों तक हिरासत में रखा जाता है, तो उन्हें उनके पदों से हटाने के बजाय निलंबित किया जाना चाहिए।समिति ने एक ऐसी व्यवस्था का भी प्रस्ताव दिया है, जिसके तहत अगर ऐसे लोगों को बरी कर दिया जाता है या मुकदमे की कार्यवाही निर्धारित समय के भीतर आगे नहीं बढ़ती है, तो निलंबन अपने आप खत्म हो जाएगा।

130वें संविधान संशोधन विधेयक की समीक्षा कर रही संसद की संयुक्त समिति ने दो खास और तीन सामान्य सिफारिशें कीं। पिछले साल अगस्त में पेश किए गए इस विधेयक में यह प्रावधान है कि अगर प्रधानमंत्री, मंत्री या मुख्यमंत्री हिरासत में रहने के 31वें दिन तक खुद इस्तीफा नहीं देते हैं, तो उन्हें स्वत: पद से हटा दिया जाएगा।

विपक्ष ने किया था विरोध

विपक्ष ने इस विधेयक को विरोधी दलों की सरकारों को अस्थिर करने का एक जरिया बताया था। विपक्ष के अधिकतर दलों ने विधेयक की समीक्षा करने वाली संयुक्त समिति से दूरी बना ली थी। इस रिपोर्ट के इस सप्ताह स्वीकृत किए जाने की संभावना है।

समिति ने अपनी रिपोर्ट में प्रस्ताव दिया है कि पद से हटाना शब्द को निलंबन किया जाए। यानी जिन मंत्रियों पर गंभीर आपराधिक आरोप हैं, उन्हें कानूनी कार्यवाही के परिणाम आने तक स्थायी रूप से पद से हटाने के बजाय निलंबित किया जाना चाहिए।

‘ऑटोमैटिक रिवर्सल क्लॉज’ की सिफारिश

पैन ने एक ऑटोमैटिक रिवर्सल क्लॉज (अपने-आप बहाल होने का नियम) का भी प्रस्ताव दिया है। ताकि अगर ऐसे लोगों को बरी कर दिया जाए या तय समय के भीतर मुकदमा आगे न बढ़े, तो वे अपने पद पर वापस आ सकें। इसमें गंभीर अपराधों को भी परिभाषित किया गया है। इसमें कहा गया है कि इस शब्द का तात्पर्य उन अपराधों से होना चाहिए, जिनके लिए पांच साल या उससे अधिक के कारावास की सजा हो सकती है।

निलंबन खुद समाप्त होने का एक प्रावधान प्रस्तावित करते हुए इसमें कहा गया है कि यदि मंत्री बरी हो जाते हैं या मुकदमे की कार्यवाही निर्धारित समय के भीतर आगे नहीं बढ़ती है, तो निलंबन स्वतः समाप्त हो जाना चाहिए। संसदीय समिति ने कहा कि यह सुरक्षा उपाय दोबारा नियुक्ति सुनिश्चित करता है और यह भी ध्यान रखता है कि जिन लोगों को अदालतें दोषी नहीं पातीं, उनका निलंबन स्थायी न होने पाए।

विशेष अदालत में होगी सुनवाई

संयुक्त समिति ने यह भी सुझाव दिया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, उच्च संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों से जुड़े मामलों की सुनवाई त्वरित या विशेष अदालतों में होनी चाहिए। समिति ने कहा कि प्रस्तावित कानून में एक अलग अनुसूची होनी चाहिए जिसमें पांच साल या उससे अधिक की सजा वाले अपराध शामिल हों। ताकि उन अपराधों की साफ पहचान हो सके, जिनके कारण निलंबन हो सकता है।

अब आगे क्या होगा?

यह विधेयक यह सुनिश्चित करने के मकसद से पेश किया गया था कि सरकारें जेल से न चलाई जाएं। अगर सिफारिशें मान ली जाती हैं, तो गृह मंत्रालय प्रस्तावित संशोधनों के साथ केंद्रीय मंत्रिमंडल के पास जाएगा और बाद में लोकसभा में आधिकारिक तौर पर संशोधन विधेयक पेश किया जाएगा।

क्या था विधेयक का प्रावधान?

पिछले साल अगस्त में पेश किए गए इस विधेयक में प्रावधान था कि यदि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या कोई मंत्री गंभीर आपराधिक मामले में लगातार 30 दिन तक हिरासत में रहता है और स्वयं इस्तीफा नहीं देता, तो 31वें दिन उसे स्वतः पद से हटा दिया जाएगा।

इस प्रस्ताव का विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध किया था। विपक्ष का आरोप था कि इस कानून का इस्तेमाल विपक्षी सरकारों को अस्थिर करने के लिए किया जा सकता है। इसी कारण अधिकांश विपक्षी दलों ने इस विधेयक की समीक्षा कर रही संयुक्त समिति से दूरी बना ली थी।

समिति की प्रमुख सिफारिशें

  • ‘Removal’ (हटाना) की जगह ‘Suspension’ (निलंबन) शब्द का इस्तेमाल किया जाए।
  • केवल गंभीर आपराधिक मामलों में ही यह प्रावधान लागू हो।
  • गंभीर अपराधों की परिभाषा में ऐसे अपराध शामिल हों, जिनमें पांच साल या उससे अधिक की सजा का प्रावधान है।
  • यदि आरोपी बरी हो जाए या तय अवधि में अभियोजन आगे न बढ़े, तो निलंबन स्वतः समाप्त हो जाए।
  • ऐसे मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक या विशेष अदालतों में कराई जाए।
  • कानून में गंभीर अपराधों की अलग सूची (शेड्यूल) जोड़ी जाए, ताकि स्पष्ट हो सके कि किन अपराधों में निलंबन लागू होगा।

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Arshad Warsi: अरशद वारसी ने मुंबई में बेची 6.25 करोड़ में दुकान, मुनाफा जान रह जाएंगे हैरान

Arshad Warsi: मुंबई में बड़े रियल एस्टेट सौदे करने वाले बॉलीवुड सेलेब्रिटीज की लंबी लिस्ट में अरशद वारसी भी शामिल हो गए हैं। इस बार, एक्टर ने अंधेरी वेस्ट में एक कमर्शियल दुकान बेची है, जिससे उन्हें एक दशक से भी पहले किए गए निवेश पर अच्छा-खासा फायदा हुआ है।

‘लियासेस फ़ोर्स’ (Liases Foras) को मिले प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक, अरशद ने लोखंडवाला कॉम्प्लेक्स में यह दुकान 6.25 करोड़ रुपये में बेची। यह डील 1 जुलाई, 2026 को रजिस्टर हुई थी। एक्टर ने यही प्रॉपर्टी फरवरी 2012 में 2.12 करोड़ रुपये से कुछ ज्यादा में खरीदी थी।

यह दुकान अंधेरी वेस्ट में ‘ग्रेनविले को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी लिमिटेड’ के ग्राउंड फ्लोर पर है और इसका कारपेट एरिया 684 वर्ग फुट (63.87 वर्ग मीटर) है। खरीदार की पहचान उमंग राजकुमार बुधराजा के तौर पर हुई है। खरीद के हिस्से के तौर पर, खरीदार ने 37.50 लाख रुपये स्टैम्प ड्यूटी के तौर पर चुकाए। बिक्री की कीमत के आधार पर, प्रॉपर्टी लगभग 91,400 रुपये प्रति वर्ग फुट की दर से बेची गई।

जब अरशद ने 2012 में दुकान खरीदी थी, तो उन्होंने स्टांप ड्यूटी के तौर पर 10 लाख रुपये से ज़्यादा और रजिस्ट्रेशन चार्ज के तौर पर 30,000 रुपये चुकाए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, इस डील पर कमेंट के लिए न तो अरशद वारसी और न ही खरीदार से संपर्क हो पाया। काम की बात करें तो, अरशद वारसी तीन दशकों से ज्यादा समय से दर्शकों का मनोरंजन कर रहे हैं। उन्हें ‘मुन्ना भाई MBBS’, ‘गोलमाल’, ‘धमाल’ और ‘जॉली LLB’ जैसी फ़िल्मों के लिए जाना जाता है।

यह प्रॉपर्टी मुंबई के मशहूर लोखंडवाला कॉम्प्लेक्स में है, जो शहर के सबसे व्यस्त हाई-स्ट्रीट शॉपिंग और कमर्शियल हब में से एक बन गया है। इस इलाके में रेस्तरां, कैफ़े, बुटीक, सैलून, जिम और प्रीमियम रिटेल आउटलेट हैं, जिसकी वजह से यहाँ कमर्शियल जगहों की बहुत मांग रहती है। अरशद वारसी अभी अक्षय कुमार के साथ ‘धमाल 4’ में नजर आ रहे हैं।

‘मेरी छवि खराब करने की कोशिश हुई’ कुक के साथ मारपीट विवाद पर क्रिकेटर शशांक सिंह ने तोड़ी चुप्पी

पंजाब किंग्स के खिलाड़ी शशांक सिंह ने अपने और परिवार के खिलाफ दर्ज पुलिस मामले पर पहली बार रिएक्शन दिया है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर पूरी तरह झूठी है और एक मशहूर खिलाड़ी होने की वजह से उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। शशांक के मुताबिक इस मामले का इस्तेमाल उन पर दबाव बनाने और कथित तौर पर उगाही करने के लिए किया गया। बता दें पिछले महीने भोपाल के रातीबाद थाने में शशांक सिंह और उनके पिता शैलेश सिंह के खिलाफ उनके घर में काम करने वाले कुक की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी।

कुक ने आरोप लगाया था कि दोनों ने उसके साथ मारपीट की, गाली-गलौज की और उसका मोबाइल फोन छीन लिया। वहीं शशांक ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर इन सभी आरोपों को पूरी तरह गलत बताया।

शशांक सिंह ने क्या कहा

शशांक सिंह ने लिखा, “इस घटना ने मुझे पूरी तरह बदल दिया और मुझे ऐसे सबक सिखाए, जिन्हें मैं जिंदगी भर नहीं भूलूंगा। मैं यह बात किसी की सहानुभूति पाने के लिए नहीं लिख रहा, बल्कि इसलिए साझा कर रहा हूं क्योंकि मेरे परिवार और मैंने पहली बार ऐसी स्थिति का सामना किया है। मुझे उम्मीद है कि दूसरे लोग भी इससे कुछ सीखेंगे। एक खिलाड़ी होने के नाते मैंने वर्षों तक आलोचना, ट्रोलिंग और अपशब्दों का सामना किया है और उसके साथ जीना भी सीख लिया है। लेकिन इस बार मामला अलग था। देखते ही देखते मुझे ऐसे पेश किया गया, मानो मैंने अपने से कमजोर और कम साधन वाले व्यक्ति के साथ मारपीट की हो। बिना पूरी सच्चाई जाने हजारों लोगों ने मुझे सोशल मीडिया पर गलत बातें कहीं।”

 

वीडियो देख हैरान थे हम

उन्होंने आगे लिखा, “मैं आज भी इस बात को लेकर सवाल उठाता हूं कि शिकायत में जो बातें कही गईं, वे कैसे सामने आईं। जिस दिन वह हमारे घर से गया, उस समय उसे किसी तरह की चोट नहीं थी। बाद में जब हमने उसका वीडियो देखा तो हम हैरान रह गए। हमें समझ नहीं आया कि इतनी गंभीर चोटें आखिर आईं कैसे। वह अपनी इच्छा से हमारे घर काम करने आया था, लेकिन तीसरे ही दिन हमने उसे वापस भेज दिया। इसकी वजह ये थी कि हमने उसे घर में इधर-उधर घूमते, घर के अंदर की तस्वीरें खींचते और उन्हें अपने दोस्तों या साथियों को भेजते हुए देखा था। बाद में इस पूरे घटनाक्रम को देखकर हमें कई बातें समझ में आने लगीं।”

 

ये घटना सोची-समझी साजिश

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि पूरी घटना एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा थी और इसका मकसद उन पर दबाव बनाकर पैसे ऐंठना था। उन्होंने आगे लिखा, “जैसे-जैसे इस मामले से जुड़ी और जानकारी सामने आती गई, मुझे पूरा भरोसा हो गया कि वह हमारे घर किसी अच्छे इरादे से नहीं आया था। मेरे अनुसार, पूरी योजना झूठी एफआईआर दर्ज कराकर मुझ पर दबाव बनाने की थी। शायद उन्हें लगा कि एक सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्ति होने के कारण मैं अपनी छवि बचाने के लिए पैसे देने को मजबूर हो जाऊंगा। मेरा मानना है कि इस मामले में एफआईआर का इस्तेमाल किसी वास्तविक शिकायत के लिए नहीं, बल्कि कथित तौर पर दबाव बनाकर उगाही करने के साधन के रूप में किया गया।”

उन्होंने एफआईआर दर्ज किए जाने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। 33 वर्षीय क्रिकेटर ने कहा कि, पुलिस ने उनके और उनके परिवार के खिलाफ मामला दर्ज करने से पहले उनका पक्ष जानने या उनसे पूछताछ करने की जरूरत नहीं समझी। उन्होंने लिखा, “मुझे सबसे ज्यादा तकलीफ इस बात की हुई कि जहां कई वास्तविक पीड़ितों को गंभीर मामलों में भी एफआईआर दर्ज कराने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है, वहीं मेरे और मेरे परिवार के खिलाफ बिना हमारी बात सुने और बिना किसी पूछताछ के तुरंत एफआईआर दर्ज कर दी गई।”

शशांक सिंह ने उन मीडिया रिपोर्टों को भी गलत बताया, जिनमें उन्हें 30 अप्रैल 2026 की एक दूसरी कथित घटना से जोड़ा गया था। उन्होंने कहा कि इन खबरों में बुनियादी तथ्यों की भी जांच नहीं की गई। शशांक के मुताबिक, जिस दिन की घटना का जिक्र किया जा रहा है, उस दिन वह आईपीएल मैच खेल रहे थे, इसलिए उन पर लगाए गए आरोप तथ्यों से मेल नहीं खाते।

शशांक सिंह ने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि घटना के समय वह अपने माता-पिता के साथ घर पर मौजूद थे। उन्होंने लिखा, “इस पूरे अनुभव ने मुझे कई कठिन सबक सिखाए हैं। किसी पर सिर्फ दया या हमदर्दी के आधार पर भरोसा नहीं करना चाहिए। घर में काम करने के लिए हमेशा किसी रजिस्टर्ड एजेंसी के जरिए ही कर्मचारी रखें और उसका पुलिस वेरिफिकेशन जरूर कराएं।”

जोमैटो डिलीवरी बॉय की आंखों में थे आंसू फिर अंकित पांडेय नाम के इस शख्स ने किया दिल जीतने वाला काम

कभी-कभी इंसानियत का एक छोटा सा कदम किसी के लिए बड़ी उम्मीद बन जाता है। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसी ही भावुक कहानी चर्चा में है, जहां एक ग्राहक ने सिर्फ अपना खाना ऑर्डर नहीं लिया, बल्कि डिलीवरी करने आए शख्स की परेशानी को भी समझा। एक सामान्य सी डिलीवरी के दौरान हुई बातचीत ने ऐसा मोड़ लिया, जिसने दोनों की जिंदगी में एक यादगार पल जोड़ दिया। ग्राहक ने जब डिलीवरी पार्टनर की आंखों में छिपी चिंता को महसूस किया, तो उसने उसकी मदद करने का फैसला किया। उसकी ये पहल अब इंटरनेट पर लोगों का दिल जीत रही है।

यूजर्स इस घटना को इंसानियत, संवेदनशीलता और सही समय पर की गई मदद की मिसाल बता रहे हैं। यह कहानी याद दिलाती है कि कई बार छोटी सी मदद भी किसी के लिए बहुत बड़ी राहत बन सकती है।

डिलीवरी देने आया शख्स, लेकिन चेहरे पर दिखा दर्द

X यूजर अंकित पांडे ने अपनी पोस्ट में इस भावुक घटना को साझा किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने Zomato से खाना ऑर्डर किया था। डिलीवरी लेकर पहुंचा व्यक्ति उनके घर पहले भी कई बार आ चुका था।

खाना देने के बाद डिलीवरी पार्टनर ने झिझकते हुए पूछा, “भैया, क्या एक गिलास पानी मिल सकता है?” अंकित ने उसे अंदर बुलाया और पानी दिया। बातचीत के दौरान उनकी नजर उसकी लाल आंखों पर पड़ी, जैसे वह काफी देर से रो रहा हो।

मां ICU में थीं, घर पहुंचने की थी चिंता

जब अंकित ने उसकी परेशानी पूछी तो उसने बताया कि उसकी मां सुबह सीढ़ियों से गिर गई थीं और गंभीर हालत में ICU में भर्ती हैं। वह अपने गांव जाना चाहता था, लेकिन ट्रेन रात 11 बजे थी और सफर में करीब 30 घंटे लगने वाले थे।

डिलीवरी पार्टनर ने चिंता जताई कि कहीं ऐसा न हो कि वह समय पर अपनी मां से मिल ही न पाए।

ग्राहक ने खाना भी दिया और फ्लाइट टिकट भी बुक कर दी

अंकित ने पहले उससे पूछा कि क्या उसने कुछ खाया है। इसके बाद उन्होंने वही खाना उसे खाने के लिए दिया, जो वह डिलीवरी करने आया था। इसके बाद उन्होंने बिना देर किए करीब 4 हजार रुपये की फ्लाइट टिकट उसके लिए बुक कर दी, ताकि वह जल्द से जल्द अपनी मां के पास पहुंच सके।

पहली बार हवाई सफर का डर

डिलीवरी पार्टनर ने बताया कि वह पहली बार फ्लाइट में बैठने वाला है और उसे एयरपोर्ट की प्रक्रिया को लेकर डर लग रहा है। अंकित ने उसे भरोसा दिलाया कि वहां उनका दोस्त उसकी मदद करेगा। कुछ घंटों बाद वह अपनी मां के पास पहुंच गया।

मां की हालत सुधरी

बाद में डिलीवरी पार्टनर ने फोन कर बताया कि उसकी मां की हालत अब बेहतर है और डॉक्टरों के मुताबिक कुछ दिनों में उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है।

उसने फ्लाइट टिकट के 4 हजार रुपये वापस करने की कोशिश की, लेकिन अंकित ने पैसे लेने से इनकार कर दिया और कहा कि वह रकम अपनी मां के इलाज और जरूरतों में इस्तेमाल करे।

कभी-कभी मदद दिल में मिलती है’

अंकित ने अपनी पोस्ट में लिखा कि किसी की जिंदगी बदलने के लिए हमेशा बड़ी रकम की जरूरत नहीं होती। कई बार एक गिलास पानी, थोड़ा खाना और समय पर मिली मदद किसी के लिए सबसे बड़ी उम्मीद बन जाती है।

सोशल मीडिया पर लोगों ने की जमकर तारीफ

यह कहानी वायरल होने के बाद इंटरनेट पर लोगों ने अंकित की जमकर सराहना की। यूजर्स ने कहा कि मुश्किल समय में की गई छोटी मदद भी किसी के लिए बहुत बड़ी साबित हो सकती है।

कई लोगों ने इसे इंसानियत और संवेदनशीलता की मिसाल बताया और कहा कि ऐसी कहानियां लोगों को दूसरों की मदद करने की प्रेरणा देती हैं।

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