‘आमिर खान Love Jihad के ब्रांड एंबेसडर बन रहे हैं’; अभिनेता की तीसरी शादी पर भड़के महाराष्ट्र के मंत्री

Nitesh Rane on Aamir Khan: महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सीनियर नेता नितेश राणे ने बॉलीवुड सुपरस्टार आमिर खान की तीसरी शादी को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह तय करना उनका काम नहीं है कि किसकी शादी में कौन जाए। लेकिन अब समय आ गया है कि हिंदू युवा, जो आमिर खान को अपना आदर्श मानते हैं, इस पर विचार करें कि उन्हें उनसे कैसी प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि आमिर खान ‘लव जिहाद’ के ब्रांड एंबेसडर बनते जा रहे हैं।

न्यूज एजेंसी IANS के मुताबिक, शिरडी में आमिर खान की तीसरी शादी पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में मंत्री नितेश राणे ने कहा, “यह तय करना मेरा काम नहीं है कि कौन किसकी शादी में शामिल होगा। लेकिन, अब समय आ गया है कि हिंदू युवा, जो उन्हें एक सेलिब्रिटी मानते हैं, इस पर सोचें कि उन्हें इससे किस तरह की प्रेरणा लेनी चाहिए। मेरा मानना ​​है कि जब सेलिब्रिटी अपनी निजी जिंदगी के बारे में ऐसे फैसले लेते हैं, तो हिंदू समाज को इस पर सोचना चाहिए। आमिर खान असल में ‘लव जिहाद’ के ब्रांड एंबेसडर बन रहे हैं।”

राणे के इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस छिड़ गई है। हालांकि, आमिर खान की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मंत्री का कहना है कि ‘लव जिहाद’ संबंधी आरोप उनका व्यक्तिगत राजनीतिक बयान है। आमिर खान ने इसी महीने गौरी स्प्रैट के साथ तीसरी शादी की थी। रीना दत्ता और किरण राव के बाद यह आमिर खान की तीसरी शादी है।

आमिर खान ने 1986 में रीना दत्ता से शादी की थी। दोनों के दो बच्चे अभिनेता जुनैद खान और इरा खान हैं। साल 2002 में दोनों अलग हो गए। इसके बाद आमिर ने 2005 में किरण राव से दूसरी शादी की। इस शादी से उनके बेटे आजाद राव खान का जन्म सरोगेसी के जरिए हुआ। हालांकि, साल 2021 में दोनों ने अलग होने का ऐलान कर दिया। अब आमिर ने तीसरी शादी की है।

मुस्लिम विरोधी बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं नितेश राणे

नितेश राणे पहले भी कई ऐसे सार्वजनिक बयान दे चुके हैं जिन्हें आलोचकों, विपक्षी दलों और नागरिक संगठनों ने मुस्लिम विरोधी या सांप्रदायिक बताया है। इनमें मुस्लिम समुदाय, मस्जिदों, हलाल, लव जिहाद और धार्मिक पहचान से जुड़े मुद्दों पर उनकी तीखी टिप्पणियां शामिल रही हैं। दूसरी ओर, राणे और उनके समर्थकों का कहना है कि वे हिंदू हितों की बात करते हैं और उनके बयान कानून या सुरक्षा संबंधी चिंताओं पर आधारित हैं।

Love Jihad क्या होता है?

‘लव जिहाद’ एक बेहद संवेदनशील और विवादित शब्द है। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से भारत में राजनीतिक, सामाजिक और कानूनी बहसों में किया जाता है। इस शब्द का उपयोग उन मामलों को परिभाषित करने के लिए किया जाता है, जहां कथित तौर पर कोई मुस्लिम पुरुष किसी गैर-मुस्लिम महिला (आमतौर पर हिंदू या ईसाई) को शादी के माध्यम से इस्लाम में परिवर्तित करने के इरादे से प्रेम जाल में फंसाता है।

इस विषय से जुड़े विभिन्न दृष्टिकोण और मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:-

1. आरोप और चिंताएं (दावा करने वालों का पक्ष)

धर्मांतरण का आरोप: दक्षिणपंथी संगठनों और कुछ सामाजिक समूहों का आरोप है कि यह एक संगठित प्रयास है, जिसके तहत पहचान छिपाकर (जैसे गलत नाम बताकर) या शादी का झांसा देकर महिलाओं का जबरन या धोखाधड़ी से धर्म परिवर्तन कराया जाता है।

पारिवारिक और सांस्कृतिक चिंताएं: इन समूहों का मानना है कि इसके पीछे जनसांख्यिकीय (demographic) बदलाव या सांस्कृतिक पहचान को प्रभावित करने का इरादा होता है।

2. आलोचकों और कानूनी विशेषज्ञों का दृष्टिकोण

आरोप निराधार: आलोचकों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और कई विपक्षी दलों का कहना है कि ‘लव जिहाद’ जैसी कोई संगठित साजिश नहीं है। उनका मानना है कि इस शब्द का इस्तेमाल सांप्रदायिक विभाजन पैदा करने और वयस्कों की अपनी मर्जी से की जाने वाली अंतरधार्मिक (interfaith) शादियों को निशाना बनाने के लिए किया जाता है।

व्यक्तिगत स्वतंत्रता: आलोचकों का तर्क है कि भारतीय संविधान के आर्टिकल 21 के तहत हर वयस्क नागरिक को अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने का अधिकार है, चाहे वह किसी भी धर्म का हो।

3. अदालतों और जांच एजेंसियों का रुख

एनआईए (NIA) और पुलिस जांच: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और विभिन्न राज्यों की पुलिस ने कुछ मामलों की जांच की है। जांच रिपोर्टों के अनुसार, व्यक्तिगत स्तर पर धोखाधड़ी या जबरन धर्मांतरण के मामले तो सामने आए हैं। लेकिन किसी केंद्रीयकृत या संगठित ‘लव जिहाद’ नेटवर्क या साजिश के पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं।

संसद में बयान: भारत सरकार ने भी संसद में एक लिखित जवाब में स्पष्ट किया था कि मौजूदा कानूनों में ‘लव जिहाद’ जैसी कोई परिभाषा नहीं है और केंद्रीय एजेंसियों द्वारा ऐसा कोई संगठित मामला दर्ज नहीं किया गया है।

ये भी पढ़ें- US-Iran War News: ईरान-अमेरिका युद्ध फिर भड़का! IRGC ने होर्मुज स्ट्रेट को किया बंद, अमेरिकी सेना ने शुरू किया घातक हमला

4. राज्यों के कानून

पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात और उत्तराखंड जैसे कई राज्यों ने ‘गैर-कानूनी धर्मांतरण निषेध कानून’ (Anti-Conversion Laws) पारित किए हैं। हालांकि, इन कानूनों में सीधे तौर पर ‘लव जिहाद’ शब्द का इस्तेमाल नहीं है। लेकिन इनमें शादी के लिए धोखाधड़ी, लालच या जबरन किए जाने वाले धर्म परिवर्तन को रोकने और इसके लिए सजा के कड़े प्रावधान किए गए हैं।

फाइनल राउंड तक पहुंचा उम्मीदवार, फिर कंपनी ने ऐसा किया जिसकी उम्मीद नहीं थी

एक अच्छी नौकरी की तलाश में उम्मीदवार कई चरणों से गुजरते हैं और हर सफल राउंड के बाद उनकी उम्मीदें बढ़ने लगती हैं। ऐसा ही कुछ एक सीनियर एग्जीक्यूटिव पद के उम्मीदवार के साथ हुआ, जिसे लंबी इंटरव्यू प्रक्रिया के बाद लगा कि अब उसका चयन लगभग तय है। कंपनी की ओर से मिले सकारात्मक संकेतों और भरोसे भरी बातचीत ने उसकी उम्मीदों को और मजबूत कर दिया था। लेकिन अंतिम चरण के बाद कहानी अचानक बदल गई। जिस कंपनी से जल्द जवाब मिलने की उम्मीद थी, वहां से कोई संदेश नहीं आया।

न ऑफर की जानकारी मिली और न ही प्रक्रिया आगे बढ़ने को लेकर कोई अपडेट। इस अनुभव ने हायरिंग प्रक्रिया में उम्मीदवारों के साथ होने वाले व्यवहार और ‘घोस्टिंग’ की समस्या पर नई बहस छेड़ दी है।

5 घंटे के फाइनल इंटरव्यू के बाद भी नहीं मिला अपडेट

उम्मीदवार ने यह अनुभव Reddit पर साझा किया और पूछा कि क्या सीनियर लेवल की भर्ती प्रक्रिया में ऐसा व्यवहार सामान्य है। उसने बताया कि वो एक बड़ी टेलीकॉम कंपनी में Senior Director पद के लिए इंटरव्यू देने गया था।

फाइनल राउंड के लिए उसने करीब 5 घंटे कंपनी के ऑफिस में बिताए। इस दौरान उसने लीडरशिप टीम के सामने प्रेजेंटेशन दिया और कई बड़े अधिकारियों से मुलाकात की।

रिक्रूटर के भरोसे से बढ़ी उम्मीदें

उम्मीदवार के मुताबिक, भर्ती प्रक्रिया के दौरान रिक्रूटर का रवैया काफी सकारात्मक था। रिक्रूटर ने उसे भरोसा दिलाया कि कंपनी उसकी जरूरतों के हिसाब से भूमिका तैयार करने की कोशिश करेगी। उम्मीदवार ने बताया कि क्योंकि वो शहर बदलना नहीं चाहता था, इसलिए रिक्रूटर ने दूसरे ऑफिस से रिपोर्टिंग जैसी संभावनाओं पर भी चर्चा की थी।

‘आपकी पसंद के हिसाब से बनाएंगे भूमिका’

उम्मीदवार का कहना है कि रिक्रूटर ने ये भी कहा था कि भूमिका को उसके पसंदीदा काम के अनुसार तैयार किया जा सकता है। इसके अलावा जल्दी निर्णय लेने का संकेत भी दिया गया था।

इन बातों के बाद उम्मीदवार को लगा कि चयन लगभग तय है। उसने इंटरव्यू से जुड़ी यात्रा खर्च की जानकारी भी तुरंत जमा कर दी।

धन्यवाद मेल का भी नहीं आया जवाब

इंटरव्यू के चार दिन बाद उम्मीदवार ने कंपनी को धन्यवाद मेल भेजा, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसी बीच उसने देखा कि कंपनी ने उसी पद की वैकेंसी दोबारा ऑनलाइन डाल दी।

दो हफ्ते बीत जाने के बाद भी न तो उसे रिजेक्शन मिला, न प्रक्रिया में देरी की जानकारी दी गई और न ही कोई अपडेट आया।

उम्मीदवार ने पूछा- क्या यह सामान्य है?

अपनी पोस्ट में उम्मीदवार ने सवाल किया कि क्या सीनियर लेवल की भर्ती में पहले इतना भरोसा दिलाकर बाद में पूरी तरह संपर्क खत्म कर देना आम बात है।

उसने इसे “उम्मीदें बढ़ाने के बाद अचानक गायब हो जाना” बताया और Reddit यूजर्स से अपने अनुभव साझा करने को कहा।

रिक्रूटर और हायरिंग मैनेजर की भूमिका अलग होती है

Reddit पर कई लोगों ने कहा कि रिक्रूटर का सकारात्मक व्यवहार हमेशा नौकरी पक्की होने का संकेत नहीं होता। उनके अनुसार, रिक्रूटर का काम उम्मीदवारों को प्रक्रिया में बनाए रखना होता है, जबकि अंतिम फैसला हायरिंग मैनेजर और कंपनी के अधिकारियों का होता है।

कुछ यूजर्स ने यह भी कहा कि कई बार बजट में बदलाव, कंपनी की अंदरूनी मंजूरी या संगठनात्मक बदलाव के कारण भर्ती रुक सकती है।

खर्च की वापसी और नौकरी को अलग रखें

कुछ लोगों ने उम्मीदवार को सलाह दी कि यात्रा खर्च की वापसी को नौकरी के फैसले से अलग रखें। उनके अनुसार, उम्मीदवार को खर्च के लिए अलग से स्पष्ट ईमेल भेजकर भुगतान की समय सीमा मांगनी चाहिए।

वहीं, कुछ यूजर्स ने सुझाव दिया कि उम्मीदवार को कंपनी के अधिकारियों से संपर्क बनाए रखना चाहिए, क्योंकि भविष्य में दूसरे अवसर मिल सकते हैं।

हायरिंग प्रक्रिया में बढ़ रही है ‘घोस्टिंग’ की समस्या

ये मामला एक बार फिर दिखाता है कि लंबी भर्ती प्रक्रिया और सकारात्मक संकेतों के बावजूद अंतिम फैसला हमेशा निश्चित नहीं होता। उम्मीदवारों के लिए जरूरी है कि वे ऑफर लेटर मिलने तक दूसरी संभावनाओं को खुला रखें और केवल मौखिक आश्वासनों पर निर्भर न रहें।

Video: 1 लाख रुपये कमाने वाले लोग हो जाएं अलर्ट, जानिए क्यों बताई गई यह इनकम खतरनाक

अप्रैल के हाई पर पहुंचने के लिए Nifty को तोड़नी होगी 24500-24550 की दीवार, नए हफ्ते में ये शेयर करा सकते हैं मोटी कमाई

आने वाले हफ्ते में निफ्टी को अगर अप्रैल के हाई पर वापस पहुंचना है तो 24,500-24,550 के रेजिस्टेंस जोन को मजबूती से पार करना होगा। वहीं बैंक निफ्टी अगर 58,600 के ऊपर लगातार बना रहता है, तो 59,200 की ओर रैली का रास्ता खुल सकता है। ऐसा मानना है SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का। उन्होंने मनीकंट्रोल को दिए एक इंटरव्यू में निफ्टी को लेकर क्या उम्मीद जताई, नए शुरू हो रहे सप्ताह के लिए उनके टॉप स्टॉक आइडियाज क्या हैं, आइए जानते हैं…

क्या आपको लगता है कि खरीदारी में नई दिलचस्पी को देखते हुए निफ्टी 50 आने वाले हफ्ते में अपने अप्रैल के हाई लेवल पर वापस पहुंच सकता है?

बाजार में खरीदारी में नई दिलचस्पी दिखी है, लेकिन हमारा मानना ​​है कि आने वाले हफ्ते में निफ्टी के अप्रैल के हाई लेवल पर वापस पहुंचने की संभावना कम है। ऐसा तब तक होना कम संभव लगता है, जब तक कि यह 24,500-24,550 के रेजिस्टेंस जोन को मजबूती से पार न कर ले। इंडेक्स पिछले चार हफ्तों से एक बड़े कंसोलिडेशन फेज में फंसा हुआ है और वीकली चार्ट पर छोटी बॉडी वाली कैंडल बना रहा है। यह बुल्स और बेयर्स के बीच किसी स्पष्ट दिशा को लेकर भरोसे की कमी को दिखाता है।

इसके बावजूद, उतार-चढ़ाव लगातार बढ़ रहा है और निफ्टी ने पिछले सात हफ्तों में अपनी सबसे बड़ी वीकली ट्रेडिंग रेंज देखी है। बढ़ते उतार-चढ़ाव और लंबे समय तक कंसोलिडेशन का ऐसा मेल अक्सर किसी बड़े दिशात्मक बदलाव से पहले होता है। हालांकि, मोमेंटम इंडिकेटर न्यूट्रल बने हुए हैं, डेली और वीकली RSI (रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स) दोनों ही एक रेंज में हैं और डेली ADX भी कमजोर है। यह किसी मजबूत ट्रेंड की कमी को दिखाता है।

इसलिए, हालांकि बाजार का मूड पॉजिटिव है और खरीदारी में नई दिलचस्पी इंडेक्स को 24,500-24,550 के जोन को चुनौती देने में मदद कर सकती है, लेकिन अप्रैल के हाई लेवल तक पहुंचने के लिए इस रुकावट को मजबूती से पार करना जरूरी होगा। तब तक निफ्टी के एक रेंज में बने रहने की संभावना है, जिसमें 23,950-23,900 का जोन इमीडिएट सपोर्ट का काम करेगा।

बुल्स की मजबूत वापसी को देखते हुए, क्या बैंक निफ्टी 59,000 के लेवल पर वापस पहुंच पाएगा?

हां, पिछले हफ्ते दिखी मजबूत रिकवरी ने बैंक निफ्टी के जल्द ही 59,000 के मार्क पर वापस पहुंचने की संभावना को बेहतर बना दिया है। हाल के स्विंग लो से थोड़ा नीचे गिरने के बाद, इंडेक्स को अपने 20-वीक के EMA (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) के आस-पास मजबूत सपोर्ट मिला और इसने तेज रिकवरी की। इसके कारण आखिरकार वीकली चार्ट पर ड्रैगनफ्लाई डॉजी पैटर्न बना। यह कैंडल फॉर्मेशन निचले लेवल पर खरीदारी में मजबूत दिलचस्पी को दिखाती है और संकेत देती है कि बुल्स धीरे-धीरे कंट्रोल वापस हासिल कर रहे हैं।

टेक्निकल नजरिए से, बैंक निफ्टी अपने मुख्य मूविंग एवरेजेज से ऊपर आराम से ट्रेड कर रहा है। डेली RSI 60 के लेवल को पार करने वाला है, जो बेहतर होते बुलिश मोमेंटम का संकेत है। हालांकि, इंडेक्स के लिए तुरंत रुकावट 58,500-58,600 के जोन में है। अगर यह 58,600 के ऊपर लगातार बना रहता है, तो 59,200 की ओर रैली का रास्ता खुल सकता है। नीचे की तरफ, 57,400-57,300 का जोन मजबूत सपोर्ट देगा और तेजी के बड़े स्ट्रक्चर को बरकरार रखेगा।

अगले हफ्ते के लिए आपके टॉप 2 स्टॉक आइडिया कौन से हैं जिनमें अच्छा रिटर्न देने की क्षमता है?

गोदरेज प्रॉपर्टीज: इस शेयर ने वीकली चार्ट पर एक अहम नीचे की ओर झुकी हुई ट्रेंडलाइन को तोड़ा है, जो ट्रेंड बदलने का संभावित संकेत है। वॉल्यूम में अच्छी बढ़ोतरी, बढ़ता ADX, +DI/-DI गैप का बढ़ना और वीकली RSI का 60 के ऊपर जाना बुलिश आउटलुक को मजबूत करता है। इस स्टॉक में ₹2,115-2,140 के जोन में खरीदारी की सलाह दी जाती है, जिसमें स्टॉप-लॉस ₹2,050 पर सही रहेगा। ऊपर की ओर टारगेट ₹2,300 होगा।

लॉयड्स मेटल्स एंड एनर्जी: लॉयड्स मेटल्स एंड एनर्जी डेली चार्ट पर एक सिमेट्रिकल ट्रायंगल पैटर्न से ब्रेकआउट करने की कगार पर है, जो तेजी जारी रहने का संभावित संकेत है। स्टॉक को अपने 50-दिन के EMA के पास लगातार सपोर्ट मिल रहा है, जबकि बेहतर होते मोमेंटम इंडिकेटर पॉजिटिव आउटलुक को सपोर्ट करते हैं। इस स्टॉक में ₹1,785-1,805 के दायरे में खरीदारी (एक्युमुलेशन) की सलाह दी जाती है। स्टॉप-लॉस ₹1,730 पर रखा जा सकता है। ₹1,930 का अपसाइड टारगेट रखा जा सकता है।

क्या कल्याण ज्वेलर्स और इंडियन बैंक के चार्ट अगले हफ्ते भी रैली जारी रहने का संकेत दे रहे हैं?

कल्याण ज्वेलर्स के स्टॉक ने मजबूत वॉल्यूम सपोर्ट के साथ डेली चार्ट पर कंसोलिडेशन फेज से ब्रेकआउट किया है। DI लाइनों का फैलना और RSI का 60 के ऊपर आना बुलिश मोमेंटम के मजबूत होने का संकेत है। जब तक यह ₹430-425 के ऊपर बना रहता है, तब तक तेजी बने रहने की संभावना है। इंडियन बैंक के मामले में 10 प्रतिशत की तेज गिरावट के बाद RSI मजबूत हुआ है, जो बेहतर होते मोमेंटम को दिखाता है। ₹885-890 के रेजिस्टेंस जोन के ऊपर एक निर्णायक ब्रेकआउट, रिकवरी को और बढ़ा सकता है।

क्या हॉरिजॉन्टल ट्रेंडलाइन ब्रेकआउट से Paytm और CDSL में आगे चलकर तेज बढ़त की संभावना की पुष्टि होती है?

CDSL का स्टॉक डेली चार्ट पर लंबे समय के कंसोलिडेशन से बाहर निकल गया है और इसमें वॉल्यूम भी काफी ज्यादा रहा है। साथ ही, यह अपने मुख्य मूविंग एवरेजेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है। DI लाइनों का दायरा बढ़ना मजबूत खरीदारी की दिलचस्पी का संकेत है। जब तक यह स्टॉक ₹1,365-1,370 के स्तर से ऊपर बना रहता है, तब तक इसमें बुलिश रुख बने रहने की संभावना है।

One 97 Communications (Paytm) ने 6 सेशन के छोटे से ठहराव के बाद फिर से तेजी पकड़ी है। बढ़ता ADX एक मजबूत ट्रेंड का संकेत देता है। ₹1,350-1,370 के रेजिस्टेंस जोन से निर्णायक ब्रेकआउट, रैली के अगले चरण की शुरुआत कर सकता है।

Grasim Industries: 17% तक दौड़ सकता है शेयर! मोतीलाल ओसवाल ने फिर कहा ‘Buy’

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

आज का मौसम 12 जुलाई: IMD ने यूपी संग इन 18 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, इन इलाकों में आएगी बवंडर वाली आंधी

India Weather today: देश भर में मानसून का असर लगातार देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज यानी 12 जुलाई के लिए देश का ताजा मॉर्निंग वेदर बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग की ओर से जारी इस बुलेटिन के मुताबिक, उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत समेत देश के कुल 18 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

इसके अलावा कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बवंडर जैसी तेज आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। जबकि दक्षिण के एक राज्य में लू का असर भी देखने को मिल सकता है। आइए जानते हैं मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार आज देश के अलग-अलग राज्यों में मौसम का हाल कैसा रहने वाला है।

इन राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक आज देश के तीन प्रमुख राज्यों में मूसलाधार और बहुत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। इन राज्यों में शामिल हैं:-

बिहार

असम और मेघालय

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम

इन क्षेत्रों में अलग-अलग जगहों पर अत्यधिक बारिश दर्ज की जा सकती है, जिससे नदी जलस्तर बढ़ने और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है।

उत्तर प्रदेश और पंजाब समेत इन 12 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

IMD ने आज उत्तर प्रदेश सहित देश के कई अन्य राज्यों में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों के अलग-अलग हिस्सों में आज तेज मानसूनी बारिश देखने को मिलेगी:-

पूर्वी उत्तर प्रदेश

पंजाब

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फरराबाद

झारखंड और ओडिशा

छत्तीसगढ़

गंगा तटीय पश्चिम बंगाल

अरुणाचल प्रदेश

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाओं का बवंडर

मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने का भी अलर्ट जारी किया है। इसे हवा की गति के आधार पर वर्गीकृत किया गया है:-

1. 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी और बिजली

आज जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, पूर्वी मध्य प्रदेश और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में अलग-अलग जगहों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार बवंडर वाली हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है।

2. 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से धूलभरी हवाएं

गंगा तटीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में आज 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आंधी के साथ बिजली कड़कने की चेतावनी जारी की गई है।

3. इन राज्यों में केवल आकाशीय बिजली का अलर्ट

उत्तराखंड, बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के अलग-अलग हिस्सों में आज गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।

तटीय आंध्र प्रदेश में लू का प्रकोप

एक तरफ जहां देश के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का दौर जारी है, वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग ने दक्षिण भारत के एक इलाके के लिए गर्मी की चेतावनी दी है। IMD के अनुसार, आज तटीय आंध्र प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में लू की स्थिति बनी रहने की संभावना है, जिससे यहां के लोगों को भीषण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ेगा।

Happy Steels या Devson Catalyst, किसके IPO में लगाएं पैसे, 13 जुलाई को आखिरी मौका

IPO News: हैप्पी स्टील्स और देवसन कैटेलिस्ट के आईपीओ में कल यानी 13 जुलाई को पैसा लगाने का आखिरी मौका है। ये दोनों इश्यू पूरी तरह ओवरसब्सक्राइब हो चुके हैं लेकिन देवसन कैटेलिस्ट के आईपीओ को अधिक बेहतर रिस्पांस मिलता दिख रहा है। ग्रे मार्केट में भी इसकी सेहत अधिक मजबूत है। ग्रे मार्केट में हैप्पी स्टील्स आईपीओ के अपर प्राइस बैंड से ₹14 यानी 21.21% और देवसन कैटेलिस्ट ₹45 यानी 38.14% की जीएमपी पर है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय किसी आईपीओ में बोली लगाने से पहले कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स पर ध्यान देना चाहिए। इनके लिस्टिंग की बात करें तो हैप्पी स्टील के शेयर एनएसई एसएमई पर और देवसन कैटेलिस्ट के शेयर बीएसई एसएमई पर 16 जुलाई को लिस्ट होंगे।

Happy Steels IPO

ऑटोमोटिव फॉर्ज्ड एंड मशीन्ड कंपोनेंट्स के लिए एक्सल्स बनाने वाली हैप्पी स्टील्स के ₹25 करोड़ के आईपाओ में ₹62-₹66 के प्राइस बैंड और 2000 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। अभी तक यह इश्यू 3.14 गुना भर चुका है जिसमें QIB (क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स) के हिस्से को 0.63 गुना, NII (नॉन-इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स) के हिस्से को 5.40 गुना और खुदरा निवेशकों के आरक्षित हिस्से को 3.61 गुना बोली मिली है। इस इश्यू के तहत 37.88 लाख लाख नए शेयर जारी होंगे। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024-26 के दौरान कंपनी का शुद्ध मुनाफा उठा-पटक के साथ 14% के सीएजीआर से बढ़कर ₹7.10 करोड़ और टोटल इनकम सालाना 5% की रफ्तार से बढ़कर ₹96.57 करोड़ पर पहुंच गया।

Devson Catalyst IPO

ऑयल और गैस रिफाइनरीज, पेट्रोकेमिकल्स, स्टील, फर्टिलाइजर्स और अन्य इंडस्ट्रियल प्रोसेसिंग सेक्टर्स के लिए कैटेलिस्ट्स एडजॉर्बेंट्स और सेरामिक बाल बनाने वाली देवसन कैटेलिस्ट के ₹42 करोड़ के आईपीओ में ₹112-₹118 और 1200 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। ओवरऑल यह इश्यू 29.35 गुना सब्सक्राब हो चुका है जिसमें से QIB के आरक्षित हिस्से को 2.60 गुना, एनआईआई के हिस्से को 36.48 गुना, इंडिविजुअल इंवेस्टर्स के हिस्से को 42.92 गुना और एंप्लॉयीज के हिस्से को 0.81 गुना बोली मिली है। इस इश्यू के तहत ₹39 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे और ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत 2.5 लाख शेयरों की बिक्री होगी। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024-26 के दौरान कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना 45% से अधिक की रफ्तार से बढ़कर ₹12.52 करोड़ और टोटल इनकम भी 9% के सीएजीआर से बढ़कर ₹56.84 करोड़ पर पहुंच गया।

SBI Funds Management IPO: प्री-IPO राउंड के बाद साइज घटकर ₹9813 करोड़

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

कपड़ों पर लग गया हल्दी का जिद्दी पीला दाग? महंगे क्लीनर नहीं, घर की ये चीजें करेंगी कमाल

हल्दी भारतीय रसोई की पहचान मानी जाती है। खाने का स्वाद, रंग और खुशबू बढ़ाने वाली यही हल्दी कई बार कपड़ों के लिए बड़ी परेशानी बन जाती है। खाना बनाते समय या खाते वक्त हल्दी की एक छोटी-सी बूंद भी कपड़ों पर गिर जाए तो खासकर सफेद और हल्के रंग के कपड़ों पर गहरा पीला निशान दिखाई देने लगता है। कई लोग इन दागों को देखकर तुरंत कपड़े को रगड़ना शुरू कर देते हैं, लेकिन गलत तरीका अपनाने से दाग और जिद्दी हो सकता है।

अच्छी बात यह है कि घर में मौजूद कुछ आसान चीजों की मदद से हल्दी के दाग को काफी हद तक हल्का किया जा सकता है। कुछ आसान घरेलू उपायों और सही सफाई तकनीक से कपड़ों को दोबारा साफ और चमकदार बनाया जा सकता है।

दाग लगते ही न करें ये गलती

कई लोग हल्दी गिरते ही कपड़े को जोर से रगड़ना शुरू कर देते हैं, लेकिन इससे दाग फैल सकता है और कपड़े के रेशे भी खराब हो सकते हैं। सबसे पहले चम्मच, टिश्यू या सूखे कपड़े की मदद से अतिरिक्त हल्दी को धीरे-धीरे हटाएं। इसके बाद दाग वाली जगह पर ठंडा पानी डालें, ताकि पीला रंग कपड़े में ज्यादा गहराई तक न जाए।

बेकिंग सोडा और नींबू से हटाएं पीला निशान

हल्दी का दाग अगर नया है तो बेकिंग सोडा और नींबू का मिश्रण काफी मददगार हो सकता है। एक चम्मच बेकिंग सोडा में थोड़ा नींबू का रस मिलाकर पेस्ट तैयार करें और इसे दाग वाली जगह पर करीब 15 से 20 मिनट तक लगाएं। बाद में हल्के हाथों से साफ करके कपड़े को डिटर्जेंट से धो लें।

सिरका और डिटर्जेंट का आसान तरीका

सफेद सिरका और लिक्विड डिटर्जेंट का मिश्रण भी हल्दी के दाग को हल्का करने में मदद कर सकता है। एक चम्मच सिरका और एक चम्मच डिटर्जेंट मिलाकर दाग पर लगाएं। कुछ देर बाद इसे पानी से धो लें। यह तरीका कपड़े में फंसी गंदगी को ढीला करने में सहायक हो सकता है।

तेल के साथ लगी हल्दी के लिए अपनाएं यह उपाय

अगर हल्दी के साथ तेल या घी भी कपड़े पर गिर गया है, तो सबसे पहले डिशवॉश लिक्विड का इस्तेमाल करें। इसे दाग वाली जगह पर कुछ मिनट लगाकर छोड़ दें और फिर हल्के हाथों से साफ करें। इसके बाद सामान्य तरीके से कपड़ा धो सकते हैं।

दही भी कर सकता है कमाल

हल्दी के दाग हटाने के लिए दही का घरेलू उपाय भी अपनाया जा सकता है। दाग वाली जगह पर थोड़ा दही लगाकर 20 से 30 मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद कपड़े को पानी और डिटर्जेंट से साफ करें। यह तरीका खासतौर पर नाजुक कपड़ों पर उपयोगी हो सकता है।

धूप से भी मिल सकती है मदद

कपड़ा धोने के बाद उसे हल्की धूप में सुखाने से कई बार दाग और फीका पड़ सकता है। हालांकि रंगीन कपड़ों को ज्यादा देर तेज धूप में रखने से बचें, क्योंकि रंग हल्का हो सकता है।

हल्दी के दाग हटाते समय इन बातों का रखें ध्यान

  • दाग लगने के तुरंत बाद गर्म पानी का इस्तेमाल न करें।
  • कपड़े को जोर-जोर से रगड़ने से बचें।
  • रंगीन कपड़ों पर बिना टेस्ट किए ब्लीच न लगाएं।
  • दाग वाले कपड़े को ड्रायर में डालने से पहले अच्छी तरह जांच लें।
  • किसी भी उपाय को अपनाने से पहले कपड़े के छिपे हिस्से पर टेस्ट कर लें।

थोड़ी सावधानी और घरेलू चीजों के सही इस्तेमाल से हल्दी के जिद्दी दागों को काफी हद तक हटाया जा सकता है।

Akanksha Ranjan wedding photos: आकांक्षा रंजन कपूर ने शरण शर्मा से की शादी, इंटीमेट वेडिंग की खूबसूरत तस्वीरें वायरल

आकांक्षा रंजन कपूर ने आखिरकार फिल्ममेकर शरण शर्मा के साथ अपनी प्राइवेट शादी की पहली तस्वीरें शेयर की हैं, और ये तस्वीरें दिल जीत लेने वाली हैं। एक्ट्रेस ने इंस्टाग्राम पर शादी की रस्मों की कई तस्वीरें पोस्ट कीं, जिनसे फैंस को इस सेलिब्रेशन की झलक मिली।

तस्वीरों में आकांक्षा सुनहरे कढाई वाली शानदार लाल साड़ी पहने, भारी ब्राइडल ज्वेलरी, चूड़ा, कलीरे और मेहंदी के साथ नजर आ रही हैं। वहीं, शरण ने क्लासिक लुक चुना और एम्ब्रॉयडरी वाली जैकेट के साथ सफेद कुर्ता-पजामा पहना। दोनों को हंसते हुए, एक-दूसरे का हाथ थामे, कागज़ों पर साइन करते हुए और अपने करीबियों के साथ इमोशनल पल बिताते हुए देखा जा सकता है।

आकांक्षा ने पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, ‘तू ना तो घर-घर नहीं लगता, तू है तो डर नहीं लगता।’बॉलीवुड की कई बड़ी शादियों के उलट, जिनमें कई दिनों तक रस्में और धूमधाम चलती है, आकांक्षा और शरण ने एक सादा और निजी तरीका चुना। कपल के करीबी एक सूत्र ने पहले News18 Showsha को खास तौर पर बताया था कि वे पारंपरिक फेरे या कोई बड़ी धार्मिक रस्म नहीं करेंगे। उन्होंने रजिस्टर्ड शादी करके सब कुछ सादा रखने का फैसला किया है। कानूनी औपचारिकताएं मुंबई में रंजन के घर पर पूरी होंगी।”

View this post on Instagram

A post shared by Kanchi (@akansharanjan)

एक तस्वीर में आकांक्षा शादी के कागजात पर साइन करती दिख रही हैं, जबकि दूसरी तस्वीर में कपल हंसते-मुस्कुराते हुए नजर आ रहा है। इससे यह समारोह किसी दिखावटी सेलिब्रिटी इवेंट के बजाय, उन लोगों के सामने किया गया जो उनके लिए सबसे ज़्यादा मायने रखते हैं।

इस निजी शादी के बाद, उम्मीद है कि आकांक्षा और शरण 12 जुलाई को मुंबई में एक शानदार रिसेप्शन भी देंगे। रिसेप्शन के बारे में अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है। खबरों के मुताबिक, आकांक्षा और शरण 2022 से एक-दूसरे को डेट कर रहे हैं, हालांकि उन्होंने अपने रिश्ते को ज़्यादातर लोगों की नज़रों से दूर ही रखा। काम की बात करें तो, आकांक्षा आखिरी बार ‘ग्राम चिकित्सालय’ सीज़न 2 और नेटफ्लिक्स फ़िल्म ‘इक्का’ में नज़र आई थीं। शरण ने आखिरी बार राजकुमार राव और जाह्नवी कपूर स्टारर फ़िल्म ‘मिस्टर एंड मिसेज माही’ को डायरेक्ट किया था।

Video: 1 लाख रुपये कमाने वाले लोग हो जाएं अलर्ट, जानिए क्यों बताई गई यह इनकम खतरनाक

हर महीने 1 लाख रुपये की सैलरी पाना कई लोगों के लिए आर्थिक सफलता का संकेत माना जाता है। ये आय स्तर एक आरामदायक जीवन जीने, जरूरी खर्च पूरे करने और कुछ इच्छाओं को पूरा करने की क्षमता देता है। लेकिन अब इसी कमाई को लेकर एक नई बहस शुरू हो गई है। साल 2026 में एक सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर ने दावा किया है कि 1 लाख रुपये प्रति माह की सैलरी कई लोगों के लिए एक तरह का ‘कम्फर्ट ट्रैप’ बन सकती है।

उनके अनुसार, समस्या कमाई की रकम में नहीं बल्कि उस संतुष्टि में है, जो व्यक्ति को बड़े लक्ष्य तय करने से रोक सकती है। इस विचार ने सोशल मीडिया पर लोगों के बीच चर्चा छेड़ दी है, जहां कुछ लोग इससे सहमत हैं तो कुछ इसे वास्तविक जीवन की परिस्थितियों से अलग मान रहे हैं।

कंटेंट क्रिएटर ने बताया ‘सबसे खतरनाक सैलरी’

इंस्टाग्राम पर पर्सनल फाइनेंस और माइंडसेट से जुड़े वीडियो बनाने वाली निधि कुशवाहा ने कहा कि 1 लाख रुपये प्रति माह की सैलरी कम होना इसकी समस्या नहीं है, बल्कि इसकी सबसे बड़ी चुनौती इसका आरामदायक होना है। उनका कहना है कि इतनी आय कई लोगों को इतना संतुष्ट कर सकती है कि व बड़े सपने देखने और आगे बढ़ने की कोशिश कम कर दें।

आराम कब बन जाता है करियर की रुकावट?

निधि के मुताबिक, 1 लाख रुपये की मासिक कमाई से लोग किराया, रोजमर्रा के खर्च, वीकेंड आउटिंग और साल में एक-दो ट्रिप जैसी चीजें आसानी से मैनेज कर लेते हैं। यही सुविधा कई बार लोगों को अपनी सीमाओं से बाहर निकलने और नए जोखिम लेने से रोक सकती है। उनका मानना है कि जब इंसान को लगता है कि जिंदगी पूरी तरह सेट हो गई है, तो आगे बढ़ने की भूख धीरे-धीरे कम हो सकती है।

‘ज्यादा कमाने की चाह’ खत्म होने का खतरा

निधि ने अपने वीडियो में कहा कि असली खतरा कम आय में नहीं बल्कि उस स्थिति में है, जहां व्यक्ति आरामदायक जीवन में इतना खुश हो जाए कि नए लक्ष्य बनाना छोड़ दे। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि सिर्फ आरामदायक कमाई पर रुकने के बजाय लगातार सीखने, निवेश करने और नए अवसर तलाशने पर ध्यान देना चाहिए।

सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया

वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने इस पर अलग-अलग राय रखी। कुछ यूजर्स ने माना कि ज्यादा आराम इंसान को आगे बढ़ने से रोक सकता है। वहीं कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि क्या जीवन में सफलता का पैमाना हमेशा ज्यादा पैसा कमाना ही होना चाहिए।

एक यूजर ने पूछा कि अगर 10 लाख रुपये महीने की सैलरी हो तो क्या वह भी खतरनाक होगी? वहीं कुछ लोगों ने महंगाई का हवाला देते हुए कहा कि आज के समय में 1 लाख रुपये की कमाई उतनी बड़ी नहीं रही जितनी पहले मानी जाती थी।

असली सवाल

इस बहस का कोई तय जवाब नहीं है कि कौन-सी सैलरी इंसान को रोक देती है। कुछ लोगों के लिए 1 लाख रुपये की आय आर्थिक स्थिरता हो सकती है, जबकि दूसरों के लिए ये सिर्फ एक पड़ाव।

विशेषज्ञों का मानना है कि आय चाहे जितनी हो, सही बचत, निवेश और नए लक्ष्य बनाते रहना जरूरी है, ताकि आराम विकास की राह में बाधा न बने।

19 साल की उम्र में लिखवाई वसीयत, माता-पिता नहीं बल्कि बचपन के दोस्त को सौंप दी पूरी संपत्ति

Apple ने दो पूर्व एंप्लॉयीज और OpenAI पर किया केस, ट्रेड सीक्रेट चुराने का आरोप

आईफोन (iPhone) बनाने वाली एपल (Apple) ने शुक्रवार को चैटजीपीटी (ChatGPT) की पैरेंट कंपनी ओपनएआई (OpenAI) और अपने दो पूर्व एंप्लॉयीज के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। एपल का आरोप है कि ओपनएआई ने उसके ट्रेड सीक्रेट्स का गलत तरीके से इस्तेमाल किया, ताकि यह एआई फोन या अन्य डिवाइस जैसे कंज्यूमर हार्डवेयर के अपने कारोबार को तेजी से आगे बढ़ा सके। एपल का आरोप है कि ओपनएआई ने उसके पूर्व एंप्लॉयीज की भर्ती, सप्लायर नेटवर्क और अन्य जरियों का इस्तेमाल करके उसकी गोपनीय तकनीकी जानकारी हासिल करने और उसका फायदा उठाने की बड़ी योजना बनाई। हालांकि ओपनएआई ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उसे दूसरी कंपनियों के ट्रेड सीक्रेट्स में कोई दिलचस्पी नहीं है बल्कि नई तकनीक बनाने पर ध्यान है।

Apple vs OpenAI: मुकदमे का क्या असर?

एआई तकनीक की दौड़ तेज होने के साथ ही एपल और ओपनएआई के बीच कॉम्पटीशन बढ़ गई है। दोनों कंपनियां टैलेंट एंप्लॉयीज और नई तकनीकों के लिए मुकाबला कर रही हैं। न्यूज एजेंसी रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक पीपी फोरसाइट के एनालिस्ट पाओलो पेस्काटोर (Paolo Pescatore) का मानना है कि एपल अब ओपनएआई को सिर्फ एक साझेदार नहीं, बल्कि आने वाले समय के प्रतिद्वंद्वी के रूप में देख रही है। वहीं ओपनएआई आईफोन पर अपनी निर्भरता कम करके सीधे ग्राहकों तक पहुंचना चाहता है।

अब एपल के मुकदमे को लेकर उनका कहना है कि अगर आरोप सही नहीं भी साबित होते हैं तो इस मुकदमे से ओपनएआई की हार्डवेयर योजनाओं में देरी हो सकती है और दोनों कंपनियों की साझेदारी और कमजोर हो सकती है। दोनों कंपनियों के बीच साझेदारी की बात करें तो साल 2024 में एपल ने एपल इंटेलिजेंस लॉन्च किया था और सीरी समेत अपने सभी ऐप से इसे लैस किया। साथ ही अपने डिवाइसेज में ओपनएआई के चैटबॉट चैटजीपीटी को भी जगह दी।

Apple vs OpenAI: क्या और किन पर हैं आरोप

एपल के मुताबिक उसके 400 से अधिक एंप्लॉयीज अब ओपनएआई में काम कर रहे हैं और इनमें से कुछ की इस्तेमाल एपल की गोपनीय जानकारियां हासिल करने के लिए हो रहा है। एपल का कहना है कि उसके पूर्व एंप्लॉयीज के पास एपल की गोपनीय जानकारी होना स्वाभाविक है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि ओपनएआई उन जानकारियों का इस्तेमाल अपने हार्डवेयर प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने के लिए कर सकता है।

एपल ने अपने एक पूर्व सीनियर सिस्टम इलेक्ट्रिकल इंजीनियर चांग लियू (Chang Liu) और आईफोन और एपल वॉच के पूर्व वाइस प्रेसिडेंट (प्रोडक्ट डिजाइन) टैंग यू टैन (Tang Yew Tan) पर आरोप लगाया है। एपल का आरोप है कि चांग ने कंपनी का लैपटॉप वापस नहीं किया और बाद में एक ऑथेंटिकेशन बग का फायदा उठाकर एपल के इंटर्नल नेटवर्क में सेंध लगाकर हार्डवेयर से जुड़ी दर्जनों गोपनीय फाइलें डाउनलोड की।

वहीं एपल ने टैंग पर कंपनी छोड़ने से पहले सप्लायर्स से जुड़ी जानकारी, इटर्नल इंडस्ट्री रिपोर्ट और अन्य जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपने प्राइवेट ईमेल पर भेजने का आरोप लगाया है। टैंग के लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक उन्होंने 24 साल तक एपल में काम किया और अधिकतर समय वह आईफोन प्रोजेक्ट्स से जुड़े रहे।

एपल का यह भी आरोप है कि टैंग ने कुछ एंप्लॉयीज से ओपनएआई के इंटरव्यू में एपल के हार्डवेयर पार्ट्स लाने के लिए कहा था ताकि उन्हें “Show and Tell” सेशन में दिखाया जा सके। मुकदमे में ऐसे ही एक कैंडिडेट का कथित बयान भी शामिल है, जिसमें उसका कहना है कि उसे तो यह भी नहीं पता था कि वे ये चीजें ऑफिस से बाहर ले जा सकते हैं।

एपल ने मुकदमे में ओपनएआई फाउंडेशन, ओपनएआई की कमर्शियल इकाई ओपनएआई ग्रुप पीबीसी और आईओ प्रोडक्ट्स पर आरोप लगाया है। बता दें कि आईओ प्रोडक्ट्स को एपल के पूर्व डिजाइनर जॉनी आइव ने शुरू किया था और इसे ओपनएआई ने $650 करोड़ में खरीदा है ताकि वह सॉफ्टवेयर के साथ-साथ एआई हार्डवेयर की फील्ड में भी एंट्री कर सके। हालांकि एपल ने मुकदमें में जॉनी आइव को आरोपी नहीं बनाया है।

Apple का पहला Foldable iPhone जल्द होगा लॉन्च! भारत में 2 लाख रुपये से ज्यादा हो सकती है कीमत

Silver Rate Today: 12 जुलाई को चांदी के भाव में हलचल, जानें देश के प्रमुख शहरों में ताजा रेट और कीमतों का गणित

Silver Rate Today: भारत में रविवार, 12 जुलाई को चांदी की कीमतों में मामूली उतार-चढ़ाव देखने को मिला। वायदा बाजार (एमसीएक्स) में जुलाई चांदी फ्यूचर्स में 0.01 प्रतिशत की हल्की बढ़त दर्ज की गई। जबकि आखिरी बंद भाव ₹2,22,680 प्रति किलोग्राम रहा। हालांकि, अलग-अलग शहरों में स्थानीय मांग, टैक्स और अन्य कारकों के कारण चांदी के खुदरा भाव में अंतर देखने को मिला। वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव के बीच घरेलू बाजार में चांदी की कीमतों में मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है।

जहां एक ओर वायदा बाजार में चांदी की कीमतों में बेहद मामूली तेजी आई है। वहीं देश के अलग-अलग शहरों में इसके दामों में बड़ा अंतर देखा जा रहा है। देश के प्रमुख शहरों में अहमदाबाद में चांदी सबसे महंगी रही, जहां इसकी कीमत ₹2,63,900 प्रति किलोग्राम दर्ज की गई। वहीं, कर्नाटक के यादगिर में चांदी का भाव सबसे कम ₹2,52,100 प्रति किलोग्राम रहा। यानी अहमदाबाद की तुलना में यादगिर में एक किलो चांदी ₹11,800 सस्ती बिक रही है।

चांदी खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

विशेषज्ञों के अनुसार, ऑनलाइन या बाजार में दिखाई देने वाला चांदी का भाव केवल बेस प्राइस होता है। ज्वेलरी खरीदते समय इसमें मेकिंग चार्ज और 3 प्रतिशत जीएसटी अलग से जोड़ा जाता है, जिससे अंतिम कीमत बढ़ जाती है। यदि चांदी के आभूषण में पत्थर लगे हों, तो उनकी कीमत और वजन अलग से जोड़ा या घटाया जाता है।

चांदी की शुद्धता

चांदी की शुद्धता की बात करें तो 999 फाइन सिल्वर (99.9%) सबसे शुद्ध माना जाता है। जबकि 925 स्टर्लिंग सिल्वर (92.5%) का इस्तेमाल सबसे ज्यादा आभूषण और घरेलू सामान बनाने में होता है। खरीदारी के समय ग्राहकों को BIS हॉलमार्क और शुद्धता का निशान (999 या 925) जरूर जांचना चाहिए। ताकि असली चांदी की पहचान सुनिश्चित हो सके।

निवेशकों को सलाह

जो निवेशक बिना भौतिक चांदी खरीदे निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए सिल्वर ETF, सिल्वर फंड ऑफ फंड्स और डिजिटल सिल्वर जैसे विकल्प उपलब्ध हैं। हालांकि, डिजिटल सिल्वर में निवेश करने से पहले यह ध्यान रखना चाहिए कि यह फिलहाल SEBI द्वारा विनियमित नहीं है, इसलिए निवेश से पहले जोखिमों का आकलन करना जरूरी है।

चांदी का भाव

अहमदाबाद: ₹2,63,900 प्रति किलोग्राम (सबसे अधिक)

यादगिर: ₹2,52,100 प्रति किलोग्राम (सबसे कम)

(यानी अहमदाबाद की तुलना में यादगिर में 1 किलो चांदी ₹11,800 सस्ती है।)

क्या सोना रिकॉर्ड ऊंचाई पर है?

फिलहाल सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। पिछले सप्ताह कीमतों में गिरावट आई है। लेकिन भू-राजनीतिक तनाव, अमेरिकी डॉलर की मजबूती, ब्याज दरें और भारत में त्योहारों व शादी के मौसम की मांग जैसे कारक आगे भी कीमतों को प्रभावित करेंगे।

भारत में सोने की कीमत किन बातों पर निर्भर करती है?

  • अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव
  • अमेरिकी डॉलर की मजबूती या कमजोरी
  • फेडरल रिजर्व की ब्याज दरें
  • भारत में त्योहारों और शादी के मौसम की मांग
  • आयात शुल्क और अन्य सरकारी नीतियां

यदि आप बिना चांदी खरीदे निवेश करना चाहते हैं, तो:-

डिजिटल सिल्वर

सिल्वर ETF

सिल्वर फंड ऑफ फंड्स

में निवेश कर सकते हैं। हालांकि, डिजिटल सिल्वर SEBI द्वारा विनियमित नहीं है, इसलिए निवेश से पहले जोखिमों को समझना जरूरी है।

एमसीएक्स (MCX) वायदा बाजार का हाल

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी के जुलाई वायदा में हल्की हलचल देखी गई। न्यूज एजेंसी आईएएनएस (IANS) के मुताबिक, चांदी का जुलाई वायदा 0.01 फीसदी की मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। पिछले कारोबारी सत्र के बंद होने तक चांदी वायदा का भाव ₹2,22,680 प्रति किलोग्राम पर बना हुआ है।

शहरों के अनुसार चांदी के दाम: कहां महंगी, कहां सस्ती?

देश के प्रमुख शहरों और क्षेत्रों में चांदी की कीमतों में ₹11,000 से भी ज्यादा का अंतर देखने को मिल रहा है:-

सबसे महंगी चांदी (अहमदाबाद): देश के प्रमुख शहरों में गुजरात के अहमदाबाद में चांदी की कीमत सबसे ज्यादा दर्ज की गई है, जहां यह ₹2,63,900 प्रति किलोग्राम के स्तर पर है।

सबसे सस्ती चांदी (यादगीर): कर्नाटक के यादगीर में चांदी के दाम सबसे कम रहे, जहां इसका भाव ₹2,52,100 प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया।

कीमतों में अंतर: अहमदाबाद के मुकाबले यादगीर में चांदी प्रति 10 ग्राम के अनुपात में ₹11,800 सस्ती मिल रही है।

निवेशकों को सलाह

ऑनलाइन दिखने वाला चांदी का यह रेट एक बेंचमार्क (आधार मूल्य) होता है। जब आप शोरूम से चांदी या ज्वेलरी खरीदते हैं, तो अंतिम कीमत में बेस सिल्वर प्राइस+ मेकिंग चार्जेस+ 3% जीएसटी (GST) जोड़ा जाता है। इसके अलावा, जो लोग बिना किसी मेकिंग चार्ज या स्टोरेज के झंझट के निवेश करना चाहते हैं, वे पेपर या डिजिटल विकल्पों जैसे सिल्वर ETFs (Exchange Traded Funds) का रुख कर रहे हैं।

ये भी पढ़ें- LPG Price Today: घरेलू गैस सिलेंडर और कमर्शियल एलपीजी ग्राहकों को बड़ी राहत, जानिए देश के प्रमुख शहरों में नई कीमतें