आंध्र प्रदेश के कारपेंटर की बेटी दुनिया के पहले ‘All-Girls Lunar Mission’ के लिए चुनी गईं, जानिए कौन हैं 14 साल की कंदुला जेसी

कहते हैं, ‘सफलता उम्र की मोहताज नहीं होती’। आंध्र प्रदेश के धवलेश्वरम की कंदुला जेसी पर भी ये बात सही बैठती है। महज 14 साल की छोटी सी उम्र में उन्होंने जो उपलब्धि हासिल की है, उसकी वजह से हर कहीं उनकी चर्चा की जा रही है। कंदुला को ऐतिहासिक स्पेस मिशन शक्तिसैट के लिए चुना गया है। यह दुनिया का पहला ग्लोबल ऑल-गर्ल्स लूनर क्यूबसैट मिशन है।

इस मिशन की ट्रेनिंग 23 अगस्त को नई दिल्ली में शुरू होगी। छात्रों का बनाया हुआ लूनर क्यूबसैट 11 अक्टूबर को श्रीहरिकोटा से लॉन्च होगा। उन्हें उम्मीद है कि यह मिशन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (ISRO) में करियर और भविष्य में लूनर एक्सप्लोरेशन की ओर पहला कदम होगा।

दुनिया का पहला ग्लोबल ऑल-गर्ल्स लूनर मिशन

मिशन शक्तिसैट एक अंतरराष्ट्रीय STEM इनिशिएटिव है। इसका मकसद अधिक से अधिक लड़कियों को स्पेस साइंस और इंजीनियरिंग में आने के लिए प्रेरित करना है। यह प्रतिभागी क्यूबसैट को डिजाइन करने, बनाने और ऑपरेट करने में मदद करेंगे, जो भविष्य के लूनर मिशन के लिए प्लान किया गया एक छोटा सैटेलाइट है। यह प्रोग्राम सैटेलाइट टेक्नोलॉजी, मिशन प्लानिंग और स्पेस रिसर्च में हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग भी देता है।

कौन हैं 14 साल की कंदुला जेसी?

जेसी धवलेश्वरम के जिला परिषद गर्ल्स हाई स्कूल में पढ़ती हैं। विज्ञान के प्रति उसके जुनून को स्कूल की अटल टिंकरिंग लैब में उसके शिक्षकों ने पहचाना। कंदुला ने लगभग 550 ऑनलाइन प्रशिक्षण सत्र पूरे किए। उन्होंने उपग्रह प्रणाली, प्रणोदन और ऊष्मागतिकी जैसे विषयों को कवर किया। इंटरव्यू के दौरान अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों से मिलने की तैयारी में मदद करने के लिए उसने अपनी अंग्रेजी भाषा की क्षमताओं को और बढ़ाया। कंदुला आंध्र प्रदेश धवलेश्वरम के एक बढ़ई की बेटी है। उन्होंने 108 देशों के लगभग 12,000 आवेदकों में से चुने गए 20 भारतीय भगीदारों के बीच ये जगह बनाई है। वह फाइनल लिस्ट में जगह बनाने वाली आंध्र प्रदेश की अकेली स्टूडेंट भी हैं।

कौन कर रहा है इस मिशन का संचालन?

शक्तिसैट मिशन STEM शिक्षा और अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष पेशेवरों के एक समूह द्वारा आयोजित किया जा रहा है।  कार्यक्रम का उद्देश्य उपग्रहों के विकास के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष उद्योग में अधिक लड़कियों को शामिल करना है।

उसके परिवार के लिए गर्व का क्षण!

बढ़ई पिता की बेटी कंदुला के परिवार को कुछ आर्थिक कठिनाइयों की वजह से बाद में उसका दाखिला एक सरकारी स्कूल में करा दिया गया। हालाकि, वह अपने सपने के प्रति दृढ़ थी। उसका चयन उसके माता-पिता, शिक्षकों और समुदाय के लिए गर्व का क्षण बन गया है।

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Krishna Kaul: रोहित चंदेल को POCSO के तहत गिरफ्तार किए जाने के बाद कृष्णा कौल की शो में हुई एंट्री

Krishna Kaul: स्टार प्लस का शो ‘सैराब’ एक बड़े बदलाव के लिए तैयार है, क्योंकि इसमें लीड कास्ट में एक नया चेहरा शामिल होने वाला है। रोहित चंदेल की जगह कौन लेगा, इस पर हफ़्तों तक चर्चा के बाद अब यह पक्का हो गया है कि इस रोल के लिए कृष्णा कौल को चुना गया है। ‘कुमकुम भाग्य’ में अपनी एक्टिंग के लिए मशहूर कृष्णा अब मदिरक्षी मुंडले के साथ स्क्रीन शेयर करेंगे। हालांकि कास्टिंग पक्की मानी जा रही है, लेकिन कृष्णा ने अभी तक आधिकारिक तौर पर कॉन्ट्रैक्ट साइन नहीं किया है।

शो से जुड़ने पर खुशी ज़ाहिर करते हुए कृष्णा कौल ने कहा, “मैं ‘सैराब’ (Sairaab) की टीम का हिस्सा बनने को लेकर सच में बहुत उत्साहित हूं। दर्शकों ने इस शो को जो प्यार दिया है, वह कमाल का है। ऐसी कहानी का हिस्सा बनना, जो दर्शकों के दिलों को छू गई है, मेरे लिए रोमांचक भी है और एक बड़ी ज़िम्मेदारी भी।”

मदिराक्षी मुंडले के बारे में बात करते हुए उन्होंने आगे कहा, “मैं लंबे समय से मदिराक्षी मैम के काम की तारीफ करता रहा हूं। वह एक बेहतरीन कलाकार हैं। मैं उनके साथ स्क्रीन शेयर करने और ऐसे यादगार पल बनाने के लिए बहुत उत्साहित हूं जिन्हें दर्शक पसंद करेंगे। मेरा हमेशा से मानना ​​रहा है कि हर शो आपकी ज़िंदगी में किसी न किसी वजह से आता है, और एक एक्टर के तौर पर मेरे सफ़र में ‘सैराब’ अगला सही कदम लगता है। इस किरदार में कई परतें हैं, और मैं बेसब्री से इंतज़ार कर रहा हूँ कि दर्शक इसमें मौजूद केमिस्ट्री, ड्रामा, रोमांस और बहुत कुछ देख सकें।”

रोहित चंदेल की गिरफ्तारी और शो से बाहर होने के कुछ ही समय बाद कृष्णा कौल के शो में आने की खबर है। ‘काशीबाई बाजीराव बल्लाल’ और ‘पांड्या स्टोर’ जैसे शो के लिए मशहूर इस टीवी एक्टर को मुंबई की घाटकोपर पुलिस ने तब गिरफ्तार किया, जब एक 16 साल की लड़की ने उन पर पीछा करने, परेशान करने और मारपीट करने का आरोप लगाया। लड़की की शिकायत के आधार पर, ‘प्रोटेक्शन ऑफ़ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज’ (POCSO) एक्ट और ‘भारतीय न्याय संहिता’ (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल मामले की जांच चल रही है।

‘टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ की रिपोर्ट के मुताबिक, नाबालिग लड़की ने आरोप लगाया कि उसके मना करने के बावजूद रोहित अपने पर्सनल नंबर और कई दूसरे फ़ोन नंबरों से उससे संपर्क करते रहे। अपनी शिकायत में उसने यह भी कहा कि 5 जुलाई को एक्टर ने उसकी रिहायशी बिल्डिंग के पास उसे रोका, उसका पीछा किया, उससे बहस की, उसे अपशब्द कहे और उसके साथ मारपीट की।

शिकायत मिलने के बाद, पुलिस ने रोहित पर POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। उस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 78 (पीछा करने/स्टॉकिंग) और धारा 115(2) (जानबूझकर चोट पहुंचाने) के तहत भी आरोप लगाए गए हैं। मामले की जांच चल रही है।

रोहित चंदेल को शुक्रवार को दहिसर स्थित उसके घर से हिरासत में लिया गया और बाद में उसे POCSO मामलों की विशेष अदालत में पेश किया गया। इसके बाद अदालत ने उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया, क्योंकि अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।

गिरफ़्तारी की पुष्टि करते हुए पुलिस अधिकारी ने कहा, “शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज किया गया और आरोपी को गिरफ़्तार कर लिया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।” पुलिस ने यह भी पुष्टि की कि रोहित चंदेल और 16 साल की शिकायतकर्ता एक-दूसरे को जानते थे।

जल्द ही अदाणी एयरपोर्ट और GMR ग्रुप  भी उड़ा सकेंगे अपने यात्री जहाज, सरकार नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी में

जल्द ही आपको अदाणी एयरपोर्ट और GMR ग्रुप की एयरलाइन में उड़ने का मौका मिल सकता है। सूत्रों के मुताबिक सरकार नई एयरलाइंस के लिए एंट्री नियम आसान करने की तैयारी कर रही है। रॉयटर के हवाले से बड़ी खबर आई है कि अदाणी ग्रुप का एयरलाइंस शुरू करने पर विचार कर रही है। नई एयरलाइंस के लिए आसान एंट्री नियम संभव है। इस से अदाणी एयरपोर्ट और GMR के लिए एयरलाइंस कारोबार में एंट्री का रास्ता खुल सकता है।

सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक सरकार एयरक्राफ्ट रूल्स और DGCA नियमों में बदलाव करने की तैयारी में। इससे अदाणी एयरपोर्ट और GMR ग्रुप जैसे एयरपोर्ट ऑपरेटर भी अपनी एयरलाइन शुरू कर सकेंगे। अगले एक महीने में नियमों में बदलाव संभव है। एयरलाइन बिजनेस क्रॉस-ओनरशिप नियमों की समीक्षा की जा सकती है। कम से कम 20 एयरक्राफ्ट की शर्त की भी समीक्षा होगी।

सूत्रों के मुताबिक कैपिटल रिक्वायरमेंट और पायलट हायरिंग नियमों की भी समीक्षा का जा सकती है। हायरिंग से जुड़े नियम भी समीक्षा के दायरे में हैं। इससे अदाणी एयरपोर्ट और GMR के लिए रास्ता खुल सकता है। रॉयटर्स के हवाले से आई खबर में कहा गया है कि अदाणी ग्रुप का एयरलाइंस शुरू करने पर विचार कर रही है। हालांकि कंपनी ने एयरलाइंस शुरू करने पर फिलहाल अंतिम फैसला नहीं लिया है।

गौरतलब है कि भारत का एविएशन सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है। यात्रियों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर है। देश में एयरपोर्ट्स का तेजी से विस्तार हो रहा है और एयरलाइंस ने सैकड़ों नए विमानों के लिए ऑर्डर दिए हैं। इस ग्रोथ के बावजूद,मार्केट पर सिर्फ़ दो कंपनियों इंडिगो और एयर इंडिया का दबदबा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में क्या भारत को एक तीसरी मजबूत एयरलाइन की जरूरत है,इस बहस ने एक पुराने पॉलिसी से जुड़े सवाल में फिर से दिलचस्पी जगा दी है कि क्या एयरपोर्ट ऑपरेटरों को एयरलाइन चलाने की इजाज़त दी जानी चाहिए?

बताते चलें कि भारत का एयरपोर्ट प्राइवेटाइज़ेशन फ़्रेमवर्क इस तरह बनाया गया है कि एयरपोर्ट ऑपरेटरों और एयरलाइंस के बीच हितों का टकराव न हो। मौजूदा पॉलिसी के तहत,दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े एयरपोर्ट के ऑपरेटरों पर आम तौर पर किसी एयरलाइन में 10 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सेदारी रखने की अनुमति नहीं है। इस पॉलिसी का मकसद निष्पक्षता बनाए रखना और किसी के साथ खास बर्ताव किए जाने की संभावना को भी रोकना है।

इसके पीछे की वजह साफ है। एयरपोर्ट अहम इंफ़्रास्ट्रक्चर को कंट्रोल करते हैं,जिसमें लैंडिंग और टेक-ऑफ़ स्लॉट,पार्किंग बे,टर्मिनल एक्सेस,ग्राउंड-हैंडलिंग सुविधाएं और एयरपोर्ट चार्ज शामिल हैं। अगर कोई कंपनी एयरपोर्ट के साथ-साथ एयरलाइन की भी मालिक होगी तो दूसरी एयरलाइन कंपनियां यह शिकायत कर सकती हैं कि अब मुकाबला बराबरी का नहीं रहा।

दुनिया के दूसरे देशों की बात करें तो रेगुलेटर्स ने एयरपोर्ट और एयरलाइन की ओनरशिप को लेकर अलग-अलग तरीके अपनाए हैं। कुछ देशों में एयरपोर्ट ऑपरेटर एयरलाइंस में निवेश कर सकते हैं। इसके लिए कड़े गवर्नेंस रूल्स और स्वतंत्र रेगुलेटर होते हैं जो यह पक्का करते हैं कि एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर तक सभी को एक बराबर पहुंच मिले। भारत में आम तौर पर हितों के टकराव को रोकने के लिए दोनों के बीच स्पष्ट अंतर रखने को प्राथमिकता दी गई है।

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू एविएशन मार्केट और तेजी से बढ़ने वाले बाजारों में से एक है। इसे बढ़ती आय,बेहतर रीजनल कनेक्टिविटी और तेजी से हो रहे एयरपोर्ट विस्तार का सपोर्ट मिल रहा है। सरकार एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर में भी भारी निवेश कर रही है। देश में और बड़ी एयरलाइन्स के आने से किराए को लेकर कॉम्पिटिशन बढ़ सकता है, रूट के ऑप्शन बढ़ सकते है,सर्विस क्वालिटी बेहतर हो सकती है और दो बड़ी एयरलाइनों पर निर्भरता कम हो सकती है। इससे छोटे शहरों के साथ कनेक्टिविटी भी बेहतर हो सकती है और भारत के ग्लोबल एविएशन हब बनने के लक्ष्य को भी सपोर्ट मिल सकता है। इसके लिए अब पुरानी पॉलिसी में बदलाव की जरूरत महसूस की जा रही है।

CJP Protest new advisory: कनॉट प्लेस में शाम 6:30 बजे तक बंद होंगी दुकानें, प्रोटेस्ट के बीच आई ये नई एडवाइजरी जानिए

दिल्ली का दिल कहे जाने वाले कनॉट प्लेस इलाके में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन और आसपास की स्थिति को देखते हुए गुरुवार को व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए नई एडवाइजरी जारी की गई है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक न्यू दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) द्वारा जारी अडवाइजरी के तहत कनॉट प्लेस की सभी दुकानें, दफ्तर और रेस्टोरेंट आज शाम 6:30 बजे तक बंद हो जाएंगे। एनडीटीए (NDTA) द्वारा गुरुवार को जारी इस एडवाइजरी सर्कुलर में स्पष्ट किया गया है कि यह फैसला नई दिल्ली नगरपालिका परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष से टेलीफोन पर मिली सलाह के बाद लिया गया है।

एनडीएमसी नेतृत्व ने कनॉट प्लेस के सभी कमर्शियल एस्टैब्लिशमेंट्स को शाम 6:30 बजे तक दिन भर के लिए कामकाज बंद करने का निर्देश दिया था।

सुरक्षा और अनहोनी से बचाव के लिए उठाया गया कदम

व्यापारिक संगठन (NDTA) ने अपनी अडवाइजरी में इलाके के सभी दुकान मालिकों, कार्यालय संस्थानों और रेस्टोरेंट संचालकों से अनुरोध किया है कि वे इस निर्देश का सख्ती से पालन करें और सहयोग दें। सर्कुलर के मुताबिक सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के कारण कनॉट प्लेस और उसके आसपास बनी गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। प्रतिष्ठान मालिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी अप्रिय घटना, संपत्ति के नुकसान या चोट से बचने के लिए इन निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करें।

अरविंद केजरीवाल ने एक्स (X) पर तीखी प्रतिक्रिया दी

इस बीच आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एनडीटीए की इस एडवाइजरी को साझा करते हुए केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। अपनी तीखी प्रतिक्रिया में केजरीवाल ने लिखा कि, ‘कनाट प्लेस की सभी दुकानों को आज शाम 6.30 pm बंद करने के आदेश। जबरदस्त सिक्योरिटी। ढेर सारी एम्बुलेंस। क्या मोदी सरकार आज फिर जंतर मंतर पर अपने बच्चों पर बर्बर हमला करेगी?’

दिल्ली के जंतर-मंतर के बाद अब कोलकाता में नया फ्रंट? जानिए अभिजीत दिपके की CJP ने अब ये क्या नई डिमांड कर दी

दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के नेतृत्व में छात्रों का प्रदर्शन 20 जून से जारी है। प्रदर्शन से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 28 जून से अनशन पर हैं और फिलहाल गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती हैं। वहीं राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर जारी कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के बीच एक बड़ा खबर सामने आई है। न्यूज 18 के रिपोर्ट के मुताबिक, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) अब कोलकाता में भी प्रदर्शन करने जा रही है।

कोलकाता में प्रदर्शन की तैयारी

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने कोलकाता पुलिस के संयुक्त पुलिस आयुक्त को एक आवेदन देकर सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के समर्थन में रैली निकालने की अनुमति मांगी है। आवेदन के अनुसार, पार्टी ने कल शाम 4 बजे कॉलेज स्ट्रीट से रानी रश्मोनी एवेन्यू तक रैली आयोजित करने की इजाजत मांगी है। आयोजकों का कहना है कि इस रैली में करीब 1,500 लोगों के शामिल होने की संभावना है। साथ ही, जुलूस के दौरान दो वाहनों का भी इस्तेमाल किया जाएगा।

कनॉट प्लेस में सभी दुकानें और ऑफिस शाम 6:30 बजे तक बंद करने का आदेश

नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) ने 23 जुलाई को कनॉट प्लेस की सभी दुकानें, ऑफिस और रेस्टोरेंट को आज शाम 6:30 बजे तक बंद करने की अपील की है। NDMC ने अपनी एडवाइजरी में कहा कि NDMC चेयरमैन और वाइस चेयरमैन की सलाह पर कनॉट प्लेस के आसपास की गंभीर स्थिति को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। जंतर-मंतर और कनॉट प्लेस करीब 1 किमी की दूरी पर हैं। जब जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन या पुलिस कार्रवाई होती है, तो उसका असर आसपास के इलाकों खासकर कनॉट प्लेस, जनपथ, बाराखंभा रोड, मंडी हाउस और संसद मार्ग पर भी पड़ता है।

कल हुई थी हिंसा

बता दें कि दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस इलाके में हुई हिंसा और पत्थरबाजी के मामले में केस दर्ज कर लिया है। बीते बुधवार को हुई पत्थरबाजी में एसीपी विवेक भगत के अलावा पंजाबी बाग के एसीपी भी घायल हुए थे। साथ ही इंस्पेक्टर नंद किशोर समेत कुछ अन्य पुलिस कर्मियों को भी चोट आई थी। बता दें कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जून से कॉकरोच जनता पार्टी अनशन पर बैठी है। सीजेपी के साथ ही सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी अनशन पर हैं। ये सभी हाल ही में हुए नीट पेपर लीक के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। सीजेपी के समर्थन में एक के बाद एक नेता जंतर-मंतर पहुंच रहे हैं और 21 जुलाई को नेता विपक्ष राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेता दिल्ली में पीएम आवास के बाहर धरने पर बैठ गए थे।

Infosys Q1 Results: इंफोसिस को ₹7769 करोड़ मुनाफा, पर ग्रोथ आउटलुक घटाया; नए CEO का भी ऐलान

Infosys Q1 Results: देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी Infosys ने जून 2026 तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 12% बढ़कर 7,769 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल इसी तिमाही में यह 6,921 करोड़ रुपये था।

हालांकि कंपनी बाजार के अनुमान पर खरी नहीं उतर सकी। CNBC-TV18 ने 7,903 करोड़ रुपये के मुनाफे का अनुमान लगाया था।

रेवेन्यू में 14% की बढ़ोतरी

जून तिमाही में Infosys का ऑपरेशन से रेवेन्यू 14% बढ़कर 48,211 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले इसी तिमाही में यह 42,279 करोड़ रुपये था। यानी कंपनी ने अच्छी रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की, लेकिन मुनाफा अनुमान से थोड़ा कम रहा।

ग्रोथ आउटलुक में हल्की कटौती

इंफोसिस ने वित्त वर्ष 2027 के लिए अपने रेवेन्यू ग्रोथ आउटलुक में हल्की कटौती की है। अब कंपनी को उम्मीद है कि पूरे साल कॉस्टेंट करेंसी आधार पर रेवेन्यू 1.5% से 3% के बीच बढ़ेगा। कॉन्सटेंट करेंसी ग्रोथ का मतलब है कि कंपनी की ग्रोथ को विदेशी मुद्रा (Forex) के उतार-चढ़ाव का असर हटाकर मापा जाता है।

इससे पहले कंपनी ने 1.5% से 3.5% ग्रोथ का अनुमान दिया था। बाजार को भी ऊपरी सीमा में 0.5% की कटौती की उम्मीद थी। हालांकि कंपनी ने EBIT मार्जिन का अनुमान 20% से 22% के बीच ही बरकरार रखा है।

जून तिमाही में कैसी रही ग्रोथ?

जून तिमाही में Infosys की कॉन्सटेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ तिमाही आधार पर 1% रही। यह Tech Mahindra (2.6%) से कम रही, लेकिन TCS (0.4%), HCLTech (-0.5%) और Wipro (-1.2%) से बेहतर प्रदर्शन रहा। एनालिस्टों ने करीब 1.8% ग्रोथ का अनुमान लगाया था।

कंपनी के CEO सलिल पारेख ने कहा कि एक बड़े क्लाइंट के फैसले का एकमुश्त असर इस ग्रोथ पर पड़ा।

डॉलर और रुपये में रेवेन्यू

जून तिमाही में Infosys का डॉलर रेवेन्यू 5.08 अरब डॉलर रहा। यह पिछले अनुमान के लगभग मुताबिक है। तिमाही आधार पर डॉलर रेवेन्यू में 0.8% की बढ़ोतरी हुई।

वहीं रुपये में कंपनी का रेवेन्यू 48,211 करोड़ रुपये रहा। यह पिछली तिमाही से 3.9% ज्यादा है, हालांकि बाजार के अनुमान 48,431 करोड़ रुपये से थोड़ा कम रहा।

मार्जिन में सुधार

इंफोसिस का EBIT 10,163 करोड़ रुपये रहा, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 4.3% ज्यादा है। वहीं EBIT मार्जिन 21.1% रहा। इसमें पिछली तिमाही के मुकाबले 20 बेसिस प्वाइंट का सुधार हुआ। यह बाजार के अनुमान के अनुरूप रहा।

बड़े ऑर्डर और AI का बढ़ता योगदान

जून तिमाही में Infosys को 3.6 अरब डॉलर के बड़े डील मिले। इनमें 61% नए क्लाइंट या नए प्रोजेक्ट से जुड़े थे।

कंपनी ने यह भी बताया कि अब उसकी कुल आय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का योगदान 8.2% तक पहुंच गया है। यह दिखाता है कि AI से जुड़ी सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है।

नए CEO की जिम्मेदारी

Infosys ने अशीष कुमार दास को CEO-Designate नियुक्त किया है। वह 1 अप्रैल 2027 से मौजूदा CEO सलिल पारेख की जगह लेंगे। दास तीन दशक से ज्यादा समय से Infosys के साथ जुड़े हैं और फिलहाल कई ग्लोबल बिजनेस वर्टिकल्स की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

कंपनी के चेयरमैन नंदन नीलेकणी ने कहा कि सलिल पारेख ऐसे समय में CEO बने थे, जब कंपनी कुछ चुनौतियों का सामना कर रही थी। उन्होंने संगठन में स्थिरता और स्पष्ट दिशा देने का काम किया। उन्होंने यह भी बताया कि अशीष कुमार दास फिलहाल अमेरिका में काम कर रहे हैं और नई जिम्मेदारी संभालने के लिए भारत लौटेंगे।

इंफोसिस के शेयरों का हाल

नतीजों से पहले Infosys का शेयर 1,052.90 रुपये पर लगभग सपाट बंद हुआ। हालांकि 2026 में अब तक यह शेयर करीब 35% टूट चुका है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Nagabandham OTT Release: विराट कर्णा-नभा नटेश स्टारर ‘नागबंधम’ इस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर देने जा रही दस्तक

Nagabandham OTT Release: ‘नागबंधम’ का निर्देशन अभिषेक नामा ने किया है, जबकि इसे NIK स्टूडियोज़ के बैनर तले किशोर अन्नापुरेड्डी और निशिता ने प्रोड्यूस किया है। इस पौराणिक फैंटेसी एडवेंचर फिल्म में विराट कर्णा, नभा नटेऐश्वर्या मेनन, जगपति बाबू, मुरली शर्मा, महेश मांजरेकर और ऋषभ साहनी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।

प्राइम मेंबर्स ‘नागबंधम’ को 24 जुलाई 2026 से प्राइम वीडियो पर देख सकेंगे। यह फिल्म तेलुगु के साथ-साथ तमिल, मलयालम और कन्नड़ में डब वर्जन में भी उपलब्ध होगी।

प्राइम वीडियो, जो भारत के सबसे पसंदीदा एंटरटेनमेंट प्लेटफॉर्म्स में से एक है, ने आज अपनी नई फिल्म ‘नागबंधम’ के एक्सक्लूसिव ग्लोबल स्ट्रीमिंग प्रीमियर का ऐलान किया। यह एक भव्य पौराणिक फैंटेसी एडवेंचर फिल्म है, जिसमें प्राचीन कथाओं, रहस्यमयी राज़ और रोमांच से भरे खजाने की तलाश को दिखाया गया है।

फिल्म का निर्देशन अभिषेक नामा ने किया है, जबकि इसे NIK स्टूडियोज़ के बैनर तले किशोर अन्नापुरेड्डी और निशिता नागिरेड्डी ने प्रोड्यूस किया है। फिल्म में विराट कर्णा लीड रोल में नजर आएंगे। उनके साथ नभा नटेश, ऐश्वर्या मेनन, जगपति बाबू, मुरली शर्मा, महेश मांजरेकर और ऋषभ साहनी भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे। ‘नागबंधम’ 24 जुलाई से प्राइम वीडियो पर एक्सक्लूसिव तौर पर स्ट्रीम होगी। यह फिल्म तेलुगु में उपलब्ध होगी, साथ ही तमिल, मलयालम और कन्नड़ में डब वर्जन में भी देखी जा सकेगी।

‘नागबंधम’ की कहानी रुद्र नाम के एक साधारण गांव के युवक की है, जिसकी जिंदगी उस वक्त पूरी तरह बदल जाती है जब उसकी बहन की शादी पर क्रूर खजाना खोजने वाला अब्दाली हमला कर देता है। अब्दाली भारत के प्राचीन विष्णु मंदिरों के नीचे छिपे रहस्यमयी नागबंधम अनुष्ठान की तलाश में है। पवित्र ब्रह्म कमल और एक प्राचीन पांडुलिपि की खोज में, जिसके बारे में माना जाता है कि वह असीम दौलत का राज खोल सकती है, अब्दाली अपने पीछे तबाही छोड़ता चलता है। इसी संघर्ष के बीच रुद्र की मुलाकात रहस्यमयी नागा साधु शिवा से होती है, जो उसे आस्था, त्याग और विश्वासघात से भरे एक खतरनाक सफर पर ले जाते हैं। जैसे-जैसे ताकतवर दुश्मन उसके करीब आते हैं, रुद्र को धर्म की रक्षा करने और उस प्राचीन खजाने को गलत हाथों में जाने से बचाने के लिए आगे आना पड़ता है।

पौराणिक कथाओं, फैंटेसी और एडवेंचर का शानदार मेल ‘नागबंधम’ को एक अलग पहचान देता है। फिल्म में प्राचीन मंदिरों की भव्य वास्तुकला को शानदार विजुअल्स के साथ दोबारा जीवंत किया गया है और इसकी कहानी धर्म की जड़ों से जुड़ी हुई है। जुनैद कुमार और अभे का दमदार म्यूजिक फिल्म के रोमांच को और बढ़ा देता है। पुरानी दंतकथाओं, छिपे खजानों और आस्था से जुड़े सवालों को लेकर आगे बढ़ने वाली यह कहानी दर्शकों को एक बड़े और रोमांचक सफर पर ले जाती है।

₹35,000 के बजट में खरीदें ये 8 धांसू गेमिंग स्मार्टफोन्स, BGMI से लेकर हाई-एंड गेम्स तक चलेंगे स्मूद

Best Gaming Phones Under 35000: गेमिंग स्मार्टफोन की मांग आज के समय में काफी बढ़ गई है, क्योंकि बाजार में कई हाई-एंड गेम्स उपलब्ध हैं। ऐसे में सही स्मार्टफोन का होना गेमिंग अनुभव को पूरी तरह बदल सकता है। हालांकि, 35,000 रुपये से कम कीमत वाले स्मार्टफोन सेगमेंट में पहले की तरह ज्यादा पावरफुल हार्डवेयर देखने को नहीं मिल रहा है। लेकिन इस प्राइस रेंज में अभी भी कुछ शानदार गेमिंग स्मार्टफोन मौजूद हैं, जो दमदार हार्डवेयर, बेहतर थर्मल मैनेजमेंट और लंबे समय तक गेम खेलने के लिए शानदार परफॉर्मेंस देते हैं।

अब आइए हम आपको 35,000 रुपये से कम कीमत में मिलने वाले उन 8 बेहतरीन गेमिंग स्मार्टफोन के बारे में बताते हैं जो, अलग-अलग यूजर्स की जरूरत और गेमिंग एक्सपीरियंस को ध्यान में रखकर पेश किए गए हैं।

2026 में ₹35,000 से कम कीमत वाले 8 बेहतरीन गेमिंग स्मार्टफोन:

  1. Poco X8 Pro 5G

Poco X8 Pro 5G एक बहुत अच्छा मिड-रेंज स्मार्टफोन है, जो अपनी कैटेगरी से कहीं बेहतर परफॉर्मेंस देता है और शानदार गेमिंग अनुभव प्रदान करता है। इसमें दमदार MediaTek Dimensity 8500-Ultra प्रोसेसर और तेज UFS 4.1 स्टोरेज है। साथ ही, इसमें 6,500mAh की बड़ी बैटरी दी गई है, जो यह सुनिश्चित करती है कि आप लंबे समय तक आसानी से गेमिंग कर सकें।

  1. Infinix GT 30 Pro 5G

अगला है Infinix GT 30 Pro 5G, जो एक शानदार मिड-रेंज गेमिंग स्मार्टफोन है। यह फोन अपने खास डिजाइन और गेमिंग-फोकस्ड फीचर्स की वजह से अलग पहचान बनाता है। इसके रियर पैनल पर बिल्ट-इन मैकेनिकल लाइट वेव्स, साइड में प्रेशर-सेंसिटिव GT ट्रिगर्स और बायपास चार्जिंग सपोर्ट मिलता है। इसके अलावा, फोन में 144Hz का फास्ट रिफ्रेश रेट डिस्प्ले दिया गया है, जो गेमिंग के दौरान स्मूद और इमर्सिव अनुभव प्रदान करता है।

  1. Oppo K13 Turbo Pro

Oppo K13 Turbo Pro एक और गेमिंग-फोकस्ड स्मार्टफोन है, जो अब लगभग ₹30,000 से ₹35,000 की बेहतरीन कीमत पर उपलब्ध है। इसमें दमदार Snapdragon 8s Gen 4 प्रोसेसर, एक एक्टिव कूलिंग फैन और 7000mAh की बड़ी बैटरी है, जो मिलकर एक शानदार गेमिंग अनुभव देते हैं।

  1. Realme P4 Pro

Realme P4 Pro एक बहुत ही शानदार मिड-रेंज स्मार्टफोन है। इसमें 6.8-इंच का AMOLED क्वाड-कर्व्ड डिस्प्ले है, जो 144Hz रिफ्रेश के साथ आता है और Snapdragon 7 Gen 4 प्रोसेसर पर चलता है। इस फोन में 7,000mAh की बड़ी बैटरी है। इसके अलावा, इस डिवाइस में Hyper Vision AI चिप सेटअप भी है, जो गेमिंग को स्मूद बनाता है और सपोर्टेड टाइटल्स के लिए 144fps का सपोर्ट भी देता है।

  1. Nothing Phone 3a Pro

Nothing Phone 3a Pro एक बेहतरीन ऑल-राउंडर फोन है, जो ज्यादातर कैजुअल और मॉडरेट गेमर्स के लिए भी सही है। Snapdragon 7s Gen 3 प्रोसेसर से चलने वाला यह फोन BGMI और Call of Duty Mobile जैसे पॉपुलर शूटिंग गेम्स को स्मूथ 90 fps पर चला सकता है। इस फोन की बैटरी लाइफ भी बहुत अच्छी है और इसका थर्मल मैनेजमेंट भी शानदार है।

  1. Samsung Galaxy A56

Samsung Galaxy A56, Samsung के सबसे अच्छे गेमिंग डिवाइस में से एक है, खासकर इस प्राइस रेंज में। इसमें Exynos 1580 प्रोसेसर और सुपर-स्मूथ 120Hz Super AMOLED डिस्प्ले दिया गया है। इस कॉम्बिनेशन की वजह से यह फोन PUBG, Brawl Stars और Minecraft जैसे गेम्स को आसानी से हैंडल कर सकता है। हालांकि, हाई-एंड गेम्स के लिए ग्राफिक सेटिंग्स में कुछ बदलाव करने पड़ सकते हैं।

  1. Vivo T5 Pro

हमारी लिस्ट में अगला स्मार्टफोन Vivo T5 Pro है, जो इस प्राइस रेंज में गेमिंग के लिए बहुत बढ़िया डिवाइस है। इसमें Snapdragon 7s Gen 4 प्रोसेसर और दमदार 9,020mAh की बैटरी दी गई है। इस कॉम्बिनेशन की वजह से आपको बार-बार चार्जिंग की चिंता किए बिना स्मूद गेमिंग का अनुभव मिलता है।

  1. OnePlus Nord CE 6

OnePlus Nord CE 6 एक और दमदार और टिकाऊ फोन है, जो गेमिंग के लिए भी बेहतरीन है। इसमें 8000mAh की बड़ी बैटरी है, जो पूरे दिन की गेमिंग के दौरान आसानी से चल जाती है। फोन में 6.78 इंच का 144Hz 1.5K AMOLED डिस्प्ले भी है। इसकी परफॉर्मेंस Snapdragon 7s Gen चिपसेट से मिलती है, जो तेज UFS 3.1 स्टोरेज के साथ मिलकर ज्यादातर गेमिंग टाइटल्स को बिना किसी रुकावट (लैग-फ्री) के और स्मूद फ्रेम रेट के साथ चलाता है।

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हमेशा अभिजीत दिपके के बगल में दिखने वाले सौरव दास कौन? जानिए उनका पूरा बैकग्राउंड

Who is Saurav Das: देश भर में NEET-UG पेपर लीक के खिलाफ जारी छात्र आंदोलन की पूरे देश में गूंज है। 20 जुलाई को हुए संसद मार्च के बाद से लोगों की जबान पर अभिजीत दिपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका का नाम है। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके इस आंदोलन के मुख्य रणनीतिकार हैं, लेकिन केंद्र सरकार और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के साथ टेबल टॉक से लेकर मीडिया के सामने छात्रों की मांगों को मजबूती से रखने का पूरा जिम्मा CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास संभाल रहे हैं।

CJP के मुख्य मीडिया यूनिट के हेड और स्पोक्सपर्सन के रूप में सौरव दास आज इस आंदोलन की सबसे पहचानी जाने वाली आवाज बन चुके हैं। जानें सौरव दास का पूरा बैकग्राउंड, पढ़ाई, पत्रकारिता के सफर और उनकी प्रोफाइल की पूरी डिटेल।

कौन हैं सौरव दास?

सौरव दास पेशे से एक स्वतंत्र खोजी पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उन्होंने कानून, न्यायपालिका, गवर्नेंस और नागरिक अधिकारों से जुड़े गंभीर मुद्दों पर कई वर्षों तक ग्राउंड रिपोर्टिंग की है। फिलहाल वो कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और सरकार के साथ बातचीत में मुख्य वार्ताकार।

CJP में शामिल होने से पहले भी वे नागरिक और पर्यावरणीय आंदोलनों से जुड़े रहे हैं, जिसमें प्रदूषण विरोधी अभियान और ‘क्लाइमेट एक्शन फ्रंट’ जैसे प्रयास शामिल हैं। जून में CJP द्वारा पहला देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन आयोजित करने से ठीक पहले सौरव दास को संगठन के प्रमुख सार्वजनिक संचारक के रूप में पेश किया गया था।

18 की उम्र में RTI से बनाई पहचान

सौरव दास की शैक्षणिक और पेशेवर यात्रा काफी प्रेरणादायक रही है। उन्होंने साल 2016 से 2019 के दौरान एमिटी यूनिवर्सिटी, नोएडा से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन पूरा किया। कॉलेज के दिनों में ही मात्र 18 वर्ष की आयु में उन्होंने सूचना का अधिकार (RTI) कानून का सक्रिय उपयोग करना शुरू कर दिया था।

RTI के माध्यम से मिली जानकारियों के आधार पर उन्होंने प्रशासनिक तंत्र की कई कमियों और पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों को उजागर किया। उनकी खोजी रिपोर्ट ‘द कारवां’, ‘आर्टिकल 14’, ‘द वायर’ और ‘अल जजीरा’ जैसे नामचीन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों में प्रकाशित हो चुकी हैं।

NEET आंदोलन के हैं सूत्रधार

NEET-UG परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के खिलाफ जंतर-मंतर पर शुरू हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान सौरव दास छात्रों का पक्ष रखने वाले सबसे प्रमुख चेहरा बनकर उभरे। CJP के दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में सौरव दास शामिल थे, जिन्होंने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के साथ सीधी मुलाकात की और छात्रों की मांगों का ड्राफ्ट सौंपा।

वे लगातार शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, प्रभावित अभ्यर्थियों के परिवारों को मुआवजा देने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दर्ज FIR वापस लेने की मांग पर कायम हैं। पुलिस की कार्रवाई और तनावपूर्ण स्थितियों के बीच भी सौरव दास ने हमेशा आंदोलन को अहिंसक और लोकतांत्रिक तरीके से चलाने की अपील की है।

कौन हैं अभिजीत दिपके, कितनी पढ़ाई की है? CJP के संस्थापक का पूरा बैकग्राउंड जानिए

IndiGo Q1 Results: इंडिगो को ₹382 करोड़ का घाटा, ईरान युद्ध से लगा बड़ा झटका

IndiGo Q1 Results: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo की पैरेंट कंपनी InterGlobe Aviation को जून 2026 तिमाही में 382 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने 2,161 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। महंगा जेट फ्यूल, रुपये में कमजोरी और पश्चिम एशिया में जारी तनाव इसका बड़ा कारण रहे।

रेवेन्यू बढ़ा, लेकिन खर्च ज्यादा

जून तिमाही में इंडिगो का रेवेन्यू 20% बढ़कर 24,584 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 20,496 करोड़ रुपये था। लेकिन खर्च 35.1% बढ़ गया। सबसे ज्यादा असर जेट फ्यूल पर पड़ा। विमान ईंधन का खर्च 86% उछलकर 10,830 करोड़ रुपये पहुंच गया। इसी वजह से कंपनी मुनाफे से घाटे में चली गई।

ऑपरेशन में क्या रहा?

जून तिमाही में इंडिगो की क्षमता (ASK) 2.9% बढ़कर 43.5 अरब रही। यात्रियों की संख्या 0.7% बढ़कर 3.13 करोड़ हो गई। वहीं Yield 21.3% बढ़कर 6.04 रुपये रही। हालांकि Load Factor 1.3 प्रतिशत अंक घटकर 83.3% पर आ गया।

30 जून 2026 तक कंपनी के पास 52,885 करोड़ रुपये का कुल कैश था। इसमें 39,039 करोड़ रुपये फ्री कैश और 13,846 करोड़ रुपये प्रतिबंधित (Restricted) कैश शामिल था। यानी नकदी के मोर्चे पर कंपनी की स्थिति अभी भी मजबूत बनी हुई है।

मैनेजमेंट ने क्या कहा?

स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में IndiGo ने कहा कि महंगा ईंधन, रुपये की कमजोरी और पश्चिम एशिया का संघर्ष इस तिमाही में मुनाफे पर भारी पड़ा।

कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल भाटिया ने कहा कि तिमाही चुनौतीपूर्ण रही। ईंधन की कीमतें ऊंची रहीं और मध्य-पूर्व में उड़ानों पर भी असर पड़ा। इसके बावजूद यात्रियों की मांग मजबूत बनी रही। बेहतर किरायों की वजह से रेवेन्यू में अच्छी बढ़ोतरी हुई। इस दौरान IndiGo ने 3.13 करोड़ यात्रियों को सफर कराया।

उन्होंने कहा कि कंपनी फिलहाल लागत पर नियंत्रण और क्षमता का बेहतर इस्तेमाल करने पर फोकस कर रही है। हालांकि महंगे ईंधन और रुपये में कमजोरी की वजह से अकेले इस तिमाही में करीब 200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त नुकसान हुआ।

इंडिगो के लिए आगे क्या?

इंडिगो का कहना है कि भारत और पश्चिम एशिया के बीच यात्रा पर अभी भी असर बना हुआ है। दूसरी तिमाही में मांग भी सामान्य से कमजोर रहने की उम्मीद है। इसलिए Q2FY27 में कंपनी की क्षमता पिछले साल के मुकाबले लगभग बराबर रह सकती है।

हालांकि IndiGo को उम्मीद है कि इसके बाद हालात सुधरेंगे। जैसे-जैसे यात्रा की मांग बढ़ेगी, विमानों का इस्तेमाल भी धीरे-धीरे बढ़ने लगेगा।

इंडिगो का शेयर गुरुवार को नतीजे आने से पहले 1.70% की गिरावट के साथ 5,030 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक 14.70% टूट चुका है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।