
बागेश्वर बाबा के नाम से लोकप्रिय धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने रविवार को हावड़ा जिले के लिलुआ में दुर्गा पूजा के दौरान हिन्दुओं से शाकाहारी भोजन करने की अपील की थी। इस पर बवाल मच गया। पश्चिम बंगाल में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने धीरेंद्र शास्त्री का नाम लिए बिना उस अपील को खारिज कर दिया। विपक्षी पार्टियों ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर बंगाल की संस्कृति को अपमानित करने का आरोप लगाया। ALSO READ: मालदा में गंगा का रौद्र रूप, 150 साल पुराना शिव मंदिर नदी में समाया; 62 गांव पानी में डूबे
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कृपया बुरा मत मानिए, लेकिन पश्चिम बंगाल की एक बात मुझे पसंद नहीं है। नवरात्रि और दुर्गा पूजा के दौरान पूजा पंडालों के पास नॉन-वेज खाना खाया जाता है। तरह-तरह का गंदा खाना बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि आने वाली नवरात्रि में हर हिंदू जागे और ऐसे लोगों को बाहर निकाले। वे पवित्र नहीं हैं। वे धर्म का अपमान कर रहे हैं।
बागेश्वर बाबा को भाजपा का जवाब
इस पर भाजपा नेता भट्टाचार्य ने कहा कि बंगाली मछली और मांस कैसे नहीं खा सकते? स्वामी विवेकानंद ने भी कहा था कि मां काली को मटन चढ़ाया जाएगा। अगर कोई विवेकानंद से ऊपर उठने की कोशिश करता है तो यह खतरनाक है। यह उनकी निजी राय है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में लोग क्या खाएंगे और क्या पहनेंगे, इस पर हमें कुछ नहीं कहना है। बंगाली वही करेंगे जिसके वे आदी हैं। जो लोग धोती पहनना चाहते हैं, वे धोती पहनेंगे। जो लोग लुंगी पहनना पसंद करते हैं, वे लुंगी पहनेंगे। बंगाली मछली कैसे नहीं खा सकते? यह बात लगातार चलती जा रही है। कोई बाहर से आकर यहां क्या कहता है, इसकी चिंता क्यों करें? ALSO READ: ‘नाराज फूफा जी चिल्लाएंगे- ट्रक वालों का क्या होगा?’ PM मोदी का तंज, फ्रेट कॉरिडोर पर गिनाईं उपलब्धियां
বাঙালি মাছ খাবে না, মাংস খাবে না—এটা আবার হয় নাকি?
মাছ-ভাত, মাংসের ঝোল—এসব শুধু খাবার নয়, এগুলো বাঙালির ঐতিহ্য, সংস্কৃতি আর জীবনযাত্রার অবিচ্ছেদ্য অংশ। কে কী খাবেন, সেটা তাঁর ব্যক্তিগত পছন্দ ও স্বাধীনতার বিষয়।
বাঙালির পাতে কী থাকবে, সেই সিদ্ধান্ত নেওয়ার অধিকারও বাঙালিরই।… pic.twitter.com/2RQVvhfmKw
— Samik Bhattacharya (@SamikBJP) September 8, 2026
विहिप ने भी जताई थी दुर्गा पूजा में नॉन वेज पर आपत्ति
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले विहिप ने पंडाल आयोजकों को चेतावनी दी कि पंडाल में नॉन वेज फूड मिला तो फिर हस्तक्षेप किया जाएगा। विहिप की दलील है कि त्योहार यानी दुर्गा पूजा की पवित्रता बनाए रखने के लिए दुर्गा पूजा पंडालों से नॉन-वेज खाना दूर रखा जाना चाहिए।


