मैंने सिर फोड़ दिया था…’, दावा करने वाला ‘इन्फ्लुएंसर’ स्वतंत्र भारद्वाज गिरफ्तार, CJP प्रोटेस्टर के पिता पर हमला करने का है आरोप

दिल्ली पुलिस ने शनिवार को खुद को ‘इन्फ्लुएंसर’ बताने वाले स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार किया है। उस पर जुलाई में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के एक प्रदर्शनकारी के पिता पर हमला करने का आरोप है। भारद्वाज की गिरफ्तारी शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से उसे हिरासत में लिए जाने के कुछ घंटों बाद हुई। बता दें कि यह कार्रवाई नई दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP), इंडियन यूथ कांग्रेस और लोकसभा सांसद चंद्र शेखर व राजेश रंजन के विरोध प्रदर्शन के बाद की गई थी।

इसके बाद भारद्वाज को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया।

पीड़ित और उनकी बेटी के वकील ऋषभ रंजन ने CNN-News18 को बताया: “उनकी सुनवाई बहुत हैरान करने वाली थी। हम इंतजार कर रहे थे, लेकिन उसे कोर्ट में पेश नहीं किया गया। हमें बस यह जानकारी मिली कि स्वतंत्र को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए स्पेशल जज के सामने उनके घर पर पेश किया गया। हमें बताया गया कि एक दिन की पुलिस कस्टडी दी गई है, लेकिन इस समय हमारे पास और कोई जानकारी नहीं है।”

उन्होंने कहा, “हमें यह भी नहीं पता कि कौन सी धाराएं जोड़ी गई हैं।”

इससे पहले, सूत्रों ने CNN-News18 को बताया था कि दिल्ली पुलिस ने एक शिकायत के आधार पर ‘बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण’ (POCSO) एक्ट के तहत एक नई FIR दर्ज की है, साथ ही भारद्वाज के खिलाफ पहले से दर्ज FIR में ‘अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति’ (SC/ST) एक्ट की धाराएं भी जोड़ी हैं।

क्या है पूरा मामला?

21 साल के ‘इन्फ्लुएंसर’ और अन्य लोगों पर संजय आजाद नाम के व्यक्ति पर हमला करने का आरोप है, जो 23 जून को जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन में अपनी नाबालिग बेटी के साथ गए थे।

हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान, भारद्वाज ने दावा किया कि उसने “पीड़ित का सिर फोड़ दिया था” और कहा कि उसे कई राजनीतिक नेताओं का समर्थन हासिल है, जिनमें बीजेपी नेता कपिल मिश्रा और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान शामिल हैं।

उसने कहा “मैंने निशु के पिता का सिर फोड़ दिया। क्या आप जानते हैं कि इस अपराध पर कौन सी धारा लागू होती है? धारा 307। उन्हें 60 टांके लगे। उस व्यक्ति को गंभीर हालत में एम्बुलेंस से ले जाया जा रहा था।”

भारद्वाज ने दावा किया कि इस घटना के बावजूद, उसे जेल नहीं हुई और वो आजादी से घूमता रहा।

भारद्वाज ने कहा, “उसकी बेटी पुलिस स्टेशन के बाहर खड़ी होकर कह रही थी कि अगर उसके पिता को न्याय नहीं मिला तो वह आत्महत्या कर लेगी। लेकिन मुझे जेल तक नहीं हुई। दुनिया को यह पता होना चाहिए। मैं पूरी रात बाहर घूमता रहा।”

उसने आगे कहा, “मुझ पर हनुमान जी की कृपा है। दूसरी बात, कपिल मिश्रा मेरे बड़े भाई हैं। कहा जाता है कि कपिल मिश्रा के फोन करने पर मुझे छोड़ा गया। चिराग पासवान मेरे बड़े भाई हैं। आप कितने नेताओं को जानते हैं? क्या आप मोदी जी को जानते हैं? मोदी जी भी मेरे बड़े भाई हैं। मुझे सबका समर्थन हासिल है।”

विपक्ष की नाराजगी, पासवान ने बनाई दूरी

उसके बयानों पर CJP, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (AAP) और तृणमूल कांग्रेस समेत कई विपक्षी पार्टियों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।

इसके बाद, चिराग पासवान ने खुद को उस तथाकथित ‘इन्फ्लुएंसर’ से अलग कर लिया और जोर देकर कहा कि जो लोग खुलेआम कानून का मजाक उड़ाते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

पत्रकारों से बात करते हुए मंत्री ने कहा कि अगर भारद्वाज के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो जनता की नजर में यह एक गलत मिसाल कायम करेगा।

उन्होंने भारद्वाज पर अपने नाम का “गलत इस्तेमाल” करने का भी आरोप भी लगाया। “मामले की गंभीरता को देखते हुए और चूंकि उस व्यक्ति ने मेरे नाम के साथ-साथ कई अन्य राजनेताओं के नामों का भी गलत इस्तेमाल किया है, इसलिए मैंने उसके खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है और दिल्ली पुलिस से निष्पक्ष जांच करने का आग्रह भी किया है… संजय जी (निशु के पिता) आज जिस स्थिति में हैं, उसे देखते हुए मैं और मेरी पार्टी पूरी तरह से उनके और उनके परिवार के साथ खड़े हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “उन्हें न्याय दिलाना एक ऐसी जिम्मेदारी है जिसे मैं और मेरी पार्टी पूरी तरह से स्वीकार करते हैं… हम यह सुनिश्चित करेंगे कि सच सामने आए और जो व्यक्ति खुलेआम कानून का मजाक उड़ा रहा है, उसके खिलाफ जल्द से जल्द उचित कार्रवाई की जाए…”

यह भी पढ़ें: विजयानंद ट्रैवल्स ने वोल्वो को दिया अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर, बेड़े में शामिल होंगी 150 नई बस

मैंने सिर फोड़ दिया था…’, दावा करने वाला ‘इन्फ्लुएंसर’ स्वतंत्र भारद्वाज गिरफ्तार, CJP प्रोटेस्टर के पिता पर हमला करने का है आरोप

दिल्ली पुलिस ने शनिवार को खुद को ‘इन्फ्लुएंसर’ बताने वाले स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार किया है। उस पर जुलाई में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के एक प्रदर्शनकारी के पिता पर हमला करने का आरोप है। भारद्वाज की गिरफ्तारी शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से उसे हिरासत में लिए जाने के कुछ घंटों बाद हुई। बता दें कि यह कार्रवाई नई दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP), इंडियन यूथ कांग्रेस और लोकसभा सांसद चंद्र शेखर व राजेश रंजन के विरोध प्रदर्शन के बाद की गई थी।

इसके बाद भारद्वाज को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया।

पीड़ित और उनकी बेटी के वकील ऋषभ रंजन ने CNN-News18 को बताया: “उनकी सुनवाई बहुत हैरान करने वाली थी। हम इंतजार कर रहे थे, लेकिन उसे कोर्ट में पेश नहीं किया गया। हमें बस यह जानकारी मिली कि स्वतंत्र को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए स्पेशल जज के सामने उनके घर पर पेश किया गया। हमें बताया गया कि एक दिन की पुलिस कस्टडी दी गई है, लेकिन इस समय हमारे पास और कोई जानकारी नहीं है।”

उन्होंने कहा, “हमें यह भी नहीं पता कि कौन सी धाराएं जोड़ी गई हैं।”

इससे पहले, सूत्रों ने CNN-News18 को बताया था कि दिल्ली पुलिस ने एक शिकायत के आधार पर ‘बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण’ (POCSO) एक्ट के तहत एक नई FIR दर्ज की है, साथ ही भारद्वाज के खिलाफ पहले से दर्ज FIR में ‘अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति’ (SC/ST) एक्ट की धाराएं भी जोड़ी हैं।

क्या है पूरा मामला?

21 साल के ‘इन्फ्लुएंसर’ और अन्य लोगों पर संजय आजाद नाम के व्यक्ति पर हमला करने का आरोप है, जो 23 जून को जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन में अपनी नाबालिग बेटी के साथ गए थे।

हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान, भारद्वाज ने दावा किया कि उसने “पीड़ित का सिर फोड़ दिया था” और कहा कि उसे कई राजनीतिक नेताओं का समर्थन हासिल है, जिनमें बीजेपी नेता कपिल मिश्रा और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान शामिल हैं।

उसने कहा “मैंने निशु के पिता का सिर फोड़ दिया। क्या आप जानते हैं कि इस अपराध पर कौन सी धारा लागू होती है? धारा 307। उन्हें 60 टांके लगे। उस व्यक्ति को गंभीर हालत में एम्बुलेंस से ले जाया जा रहा था।”

भारद्वाज ने दावा किया कि इस घटना के बावजूद, उसे जेल नहीं हुई और वो आजादी से घूमता रहा।

भारद्वाज ने कहा, “उसकी बेटी पुलिस स्टेशन के बाहर खड़ी होकर कह रही थी कि अगर उसके पिता को न्याय नहीं मिला तो वह आत्महत्या कर लेगी। लेकिन मुझे जेल तक नहीं हुई। दुनिया को यह पता होना चाहिए। मैं पूरी रात बाहर घूमता रहा।”

उसने आगे कहा, “मुझ पर हनुमान जी की कृपा है। दूसरी बात, कपिल मिश्रा मेरे बड़े भाई हैं। कहा जाता है कि कपिल मिश्रा के फोन करने पर मुझे छोड़ा गया। चिराग पासवान मेरे बड़े भाई हैं। आप कितने नेताओं को जानते हैं? क्या आप मोदी जी को जानते हैं? मोदी जी भी मेरे बड़े भाई हैं। मुझे सबका समर्थन हासिल है।”

विपक्ष की नाराजगी, पासवान ने बनाई दूरी

उसके बयानों पर CJP, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (AAP) और तृणमूल कांग्रेस समेत कई विपक्षी पार्टियों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।

इसके बाद, चिराग पासवान ने खुद को उस तथाकथित ‘इन्फ्लुएंसर’ से अलग कर लिया और जोर देकर कहा कि जो लोग खुलेआम कानून का मजाक उड़ाते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

पत्रकारों से बात करते हुए मंत्री ने कहा कि अगर भारद्वाज के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो जनता की नजर में यह एक गलत मिसाल कायम करेगा।

उन्होंने भारद्वाज पर अपने नाम का “गलत इस्तेमाल” करने का भी आरोप भी लगाया। “मामले की गंभीरता को देखते हुए और चूंकि उस व्यक्ति ने मेरे नाम के साथ-साथ कई अन्य राजनेताओं के नामों का भी गलत इस्तेमाल किया है, इसलिए मैंने उसके खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है और दिल्ली पुलिस से निष्पक्ष जांच करने का आग्रह भी किया है… संजय जी (निशु के पिता) आज जिस स्थिति में हैं, उसे देखते हुए मैं और मेरी पार्टी पूरी तरह से उनके और उनके परिवार के साथ खड़े हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “उन्हें न्याय दिलाना एक ऐसी जिम्मेदारी है जिसे मैं और मेरी पार्टी पूरी तरह से स्वीकार करते हैं… हम यह सुनिश्चित करेंगे कि सच सामने आए और जो व्यक्ति खुलेआम कानून का मजाक उड़ा रहा है, उसके खिलाफ जल्द से जल्द उचित कार्रवाई की जाए…”

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Krishna Kaul: रोहित चंदेल को POCSO के तहत गिरफ्तार किए जाने के बाद कृष्णा कौल की शो में हुई एंट्री

Krishna Kaul: स्टार प्लस का शो ‘सैराब’ एक बड़े बदलाव के लिए तैयार है, क्योंकि इसमें लीड कास्ट में एक नया चेहरा शामिल होने वाला है। रोहित चंदेल की जगह कौन लेगा, इस पर हफ़्तों तक चर्चा के बाद अब यह पक्का हो गया है कि इस रोल के लिए कृष्णा कौल को चुना गया है। ‘कुमकुम भाग्य’ में अपनी एक्टिंग के लिए मशहूर कृष्णा अब मदिरक्षी मुंडले के साथ स्क्रीन शेयर करेंगे। हालांकि कास्टिंग पक्की मानी जा रही है, लेकिन कृष्णा ने अभी तक आधिकारिक तौर पर कॉन्ट्रैक्ट साइन नहीं किया है।

शो से जुड़ने पर खुशी ज़ाहिर करते हुए कृष्णा कौल ने कहा, “मैं ‘सैराब’ (Sairaab) की टीम का हिस्सा बनने को लेकर सच में बहुत उत्साहित हूं। दर्शकों ने इस शो को जो प्यार दिया है, वह कमाल का है। ऐसी कहानी का हिस्सा बनना, जो दर्शकों के दिलों को छू गई है, मेरे लिए रोमांचक भी है और एक बड़ी ज़िम्मेदारी भी।”

मदिराक्षी मुंडले के बारे में बात करते हुए उन्होंने आगे कहा, “मैं लंबे समय से मदिराक्षी मैम के काम की तारीफ करता रहा हूं। वह एक बेहतरीन कलाकार हैं। मैं उनके साथ स्क्रीन शेयर करने और ऐसे यादगार पल बनाने के लिए बहुत उत्साहित हूं जिन्हें दर्शक पसंद करेंगे। मेरा हमेशा से मानना ​​रहा है कि हर शो आपकी ज़िंदगी में किसी न किसी वजह से आता है, और एक एक्टर के तौर पर मेरे सफ़र में ‘सैराब’ अगला सही कदम लगता है। इस किरदार में कई परतें हैं, और मैं बेसब्री से इंतज़ार कर रहा हूँ कि दर्शक इसमें मौजूद केमिस्ट्री, ड्रामा, रोमांस और बहुत कुछ देख सकें।”

रोहित चंदेल की गिरफ्तारी और शो से बाहर होने के कुछ ही समय बाद कृष्णा कौल के शो में आने की खबर है। ‘काशीबाई बाजीराव बल्लाल’ और ‘पांड्या स्टोर’ जैसे शो के लिए मशहूर इस टीवी एक्टर को मुंबई की घाटकोपर पुलिस ने तब गिरफ्तार किया, जब एक 16 साल की लड़की ने उन पर पीछा करने, परेशान करने और मारपीट करने का आरोप लगाया। लड़की की शिकायत के आधार पर, ‘प्रोटेक्शन ऑफ़ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज’ (POCSO) एक्ट और ‘भारतीय न्याय संहिता’ (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल मामले की जांच चल रही है।

‘टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ की रिपोर्ट के मुताबिक, नाबालिग लड़की ने आरोप लगाया कि उसके मना करने के बावजूद रोहित अपने पर्सनल नंबर और कई दूसरे फ़ोन नंबरों से उससे संपर्क करते रहे। अपनी शिकायत में उसने यह भी कहा कि 5 जुलाई को एक्टर ने उसकी रिहायशी बिल्डिंग के पास उसे रोका, उसका पीछा किया, उससे बहस की, उसे अपशब्द कहे और उसके साथ मारपीट की।

शिकायत मिलने के बाद, पुलिस ने रोहित पर POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। उस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 78 (पीछा करने/स्टॉकिंग) और धारा 115(2) (जानबूझकर चोट पहुंचाने) के तहत भी आरोप लगाए गए हैं। मामले की जांच चल रही है।

रोहित चंदेल को शुक्रवार को दहिसर स्थित उसके घर से हिरासत में लिया गया और बाद में उसे POCSO मामलों की विशेष अदालत में पेश किया गया। इसके बाद अदालत ने उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया, क्योंकि अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।

गिरफ़्तारी की पुष्टि करते हुए पुलिस अधिकारी ने कहा, “शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज किया गया और आरोपी को गिरफ़्तार कर लिया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।” पुलिस ने यह भी पुष्टि की कि रोहित चंदेल और 16 साल की शिकायतकर्ता एक-दूसरे को जानते थे।

Video: 500 रुपये के नोट ने मचाया बवाल! सरकारी स्कूल की टीचर पर छात्राओं के कपड़े उतरवाने का आरोप, वायरल हुआ वीडियो

राजस्थान के सवाई माधोपुर से सामने आए एक कथित मामले ने पूरे देश में चर्चा छेड़ दी है। सरकारी स्कूल की एक शिक्षिका पर छात्राओं के साथ कथित रूप से अपमानजनक व्यवहार करने का आरोप लगा है, जिसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। वायरल पोस्ट और वीडियो के सामने आने के बाद इस घटना को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि स्कूल, जहां बच्चों को सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल मिलना चाहिए, वहां इस तरह के आरोप बेहद गंभीर हैं। मामले ने बच्चों की सुरक्षा, शिक्षकों की जिम्मेदारी और स्कूलों में अपनाए जाने वाले व्यवहार को लेकर नई बहस शुरू कर दी है।

बढ़ते विरोध और जनआक्रोश के बीच संबंधित शिक्षिका को निलंबित कर दिया गया है। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है और जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां और आगे की कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी

छात्राओं से कपड़े उतारने का लगाया गया आरोप

वायरल दावे के अनुसार, शिक्षिका ने कथित तौर पर छात्राओं से कपड़े हटाने को कहा ताकि गायब 500 के नोट की तलाश की जा सके। पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि जो छात्राएं ऐसा नहीं करना चाहती थीं, उनसे ₹500 देने की बात कही गई। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें कुछ छात्राएं रोती हुई नजर आ रही हैं। हालांकि, मामले की पूरी सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

सोशल मीडिया पर भड़का लोगों का गुस्सा

मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने कड़ी नाराजगी जताई। कई यूजर्स ने इसे बच्चों के सम्मान और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

लोगों ने सवाल उठाए कि स्कूल जैसे सुरक्षित स्थान पर बच्चों के साथ ऐसा व्यवहार कैसे किया जा सकता है।

विरोध के बाद शिक्षिका पर कार्रवाई

वायरल पोस्ट और बढ़ते विरोध के बीच शिक्षिका को निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई। प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच की जा रही है ताकि घटना की वास्तविकता और पूरी परिस्थिति का पता लगाया जा सके।

माता-पिता और यूजर्स ने मांगी सख्त कार्रवाई

सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सिर्फ निलंबन को पर्याप्त नहीं बताया और कानूनी कार्रवाई की मांग की। कुछ यूजर्स ने कहा कि बच्चों के साथ किसी भी तरह का अपमानजनक व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।

जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर

फिलहाल मामला आरोपों और जांच के बीच है। अधिकारियों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना में क्या-क्या हुआ और आगे की कानूनी कार्रवाई किस दिशा में जाएगी। यह मामला स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और संवेदनशील व्यवहार को लेकर एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है।

रोबोट पहनाएगा आपकी ड्रेस! जानिए कैसे बिना हाथ लगाए काम करती है ये स्मार्ट टेक्नोलॉजी