Market Outlook: बाजार लगातार चौथे दिन गिरावट के साथ हुआ बंद, जानिए 24 जुलाई को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : 23 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स लगातार चौथे दिन गिरावट के साथ बंद हुए और निफ्टी 22,900 के नीचे चला गया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 363.66 अंक या 0.47 प्रतिशत गिरकर 76,391.39 पर और निफ्टी 126.65 अंक या 0.53 प्रतिशत गिरकर 23,869.60 पर बंद हुआ। लगभग 1569 शेयरों में बढ़त हुई,2479 शेयरों में गिरावट आई और 155 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में अदाणी एंटरप्राइजेज,श्रीराम फाइनेंस,नेस्ले इंडिया,अदाणी पोर्ट्स और बजाज फाइनेंस शामिल रहे। जबकि बढ़ने वाले शेयरों में बजाज ऑटो,एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस,एमएंडएम,टीसीएस और आयशर मोटर्स शामिल रहे।

सेक्टर के हिसाब से प्रदर्शन काफी हद तक कमजोर रहा और केवल कुछ ही इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। गिरावट वाले सेक्टर में निफ्टी रियल्टी सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा,जिसमें 1.8% की गिरावट आई। इसके बाद निफ्टी ऑयल एंड गैस,इंफ्रास्ट्रक्चर,पीएसयू बैंक और निफ्टी एनर्जी में 1-1% की गिरावट दर्ज की गई। अन्य पिछड़ने वाले सेक्टर में निफ्टी मेटल (-0.7%),निफ्टी फार्मा (-0.4%),निफ्टी एफएमसीजी (-0.4%) और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (-0.4%) शामिल रहे।

निफ्टी ऑटो इंडेक्स ने अच्छा प्रदर्शन किया और इसमें 0.7% की बढ़त हुई, इसके बाद निफ्टी मीडिया में 0.22% की बढ़त दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 1-1 प्रतिशत की गिरावट आई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में और दिक्कत की चिंताओं के बीच कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच रही हैं। ऐसे में महंगाई के जोखिम और कॉर्पोरेट मार्जिन पर दबाव की आशंका के कारण निवेशकों का उत्साह कमजोर पड़ रहा है।

हाल के मैक्रो-इकोनॉमिक संकेत बताते हैं कि लंबे समय से चल रहे जियोपॉलिटिकल तनाव का असर घरेलू अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। इसका संकेत थोक महंगाई और बिजनेस एक्टिविटी में आई सुस्ती से मिलता है।

एनर्जी की ऊंची कीमतों के चलते ग्लोबल ब्याज दरें ऊंची रहने की आशंका और मजबूत हुई है। इससे उभरते बाजारों में जोखिम लेने इच्छा कमजोर हुई है। आज सभी सेक्टर में बिकवाली का दबाव देखा गया। हालांकि,मजबूत तिमाही नतीजों के दम पर ऑटो शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। इससे पता चलता है कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद,निवेशक उन कंपनियों को पसंद कर रहे हैं जिनकी कमाई में लगातार बढ़ोतरी हो रही है,मांग के रुझान अच्छे हैं और भविष्य के प्रदर्शन को लेकर बेहतर संभावनाएं दिख रही हैं।

इक्विरस वेल्थ के MD और बिजनेस हेड अंकुर पुंज का कहना है कि बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी है। अमेरिका और यूरोप से मिले कमजोर संकेतों और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण निवेशक इक्विटी मार्केट में लंबे समय के लिए निवेश करने से घबरा रहे हैं। रुपये समेत प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती निवेशकों को सुरक्षित डॉलर एसेट्स की ओर खींच रही है। हालांकि बाजार’ओवरसोल्ड’जोन में दिख रहा है,फिर भी निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए और चुनिंदा शेयरों पर फोकस करना चाहिए।

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि डेली चार्ट पर निफ्टी ने अपवर्ड कंसोलिडेशन के लेवल को तोड़ दिया है। इससे पता चलता है कि मार्केट में मंदी का रुझान बढ़ रहा है। इसके अलावा,इंडेक्स अहम शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से भी नीचे आ गया है। RSI इंडिकेटर ‘बेयरिश क्रॉसओवर’की स्थिति में है और नीचे की ओर जा रहा है।

मार्केट का सेंटीमेंट नेगेटिव दिख रहा है और आने वाले समय में भी मार्केट में कमजोरी बनी रह सकती है। निचे की तरफ निफ्टी 23,600 या उससे भी नीचे जा सकता है। वहीं, ऊपर की तरफ अगले कुछ दिनों तक 24,000 का लेवल रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर सकता है।

 

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₹7.99 लाख की शुरुआती कीमत पर लॉन्च हुई Kia Syros EV, 526km रेंज और लग्जरी फीचर के साथ

Kia Syros EV Launch: अगर आप इलेक्ट्रिक कार खरीदने की सोच रहे हैं, तो Kia आपके लिए एक नया और किफायती विकल्प लेकर आया है। दरअसल, कंपनी ने अपनी नई Syros EV को भारत में लॉन्च कर दिया है, जो न सिर्फ Kia की सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक कार है, बल्कि इसे Battery-as-a-Service (BaaS) मॉडल के साथ भी खरीदा जा सकता है। बता दें कि इस मॉडल की शुरुआती कीमत 7.99 लाख रुपये रखी गई है, जबकि बैटरी की कीमत अलग से फाइनेंस की जाएगी, जिसके लिए ग्राहकों को 3.3 रुपये प्रति किलोमीटर की EMI देनी होगी। इसके अलावा, इस इलेक्ट्रिक SUV की डिलीवरी 30 जुलाई से शुरू होगी।

Kia Syros EV कंपनी की अब तक की सबसे किफायती इलेक्ट्रिक कार है। यह Carens Clavis EV के बाद Kia का दूसरा मास-मार्केट इलेक्ट्रिक मॉडल है। इसकी शुरुआती कीमत 13.49 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है, जबकि टॉप-स्पेक X-Line ER वेरिएंट की कीमत 19.99 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक जाती है।

कंपनी ने Syros EV को अपने मजबूत K1 प्लेटफॉर्म पर तैयार किया है। यह इलेक्ट्रिक SUV ग्राहकों को दो बैटरी पैक विकल्पों के साथ मिलेगी—42 kWh और 51.4 kWh। इन बैटरी ऑप्शन के साथ Kia का लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर आकर्षित करना है।

छोटे बैटरी पैक वाला वेरिएंट ARAI-सर्टिफाइड MIDC फुल-साइकिल रेंज में 443 किलोमीटर तक चल सकता है। वहीं, बड़े 51.4 kWh बैटरी पैक वाले मॉडल की रेंज 526 किलोमीटर तक बताई गई है। इसके साथ ही Kia Syros EV अपने सेगमेंट की पहली ऐसी इलेक्ट्रिक SUV बन गई है, जिसने 500 किलोमीटर से ज्यादा की प्रमाणित रेंज का आंकड़ा पार किया है।

इसकी बड़ी बैटरी एक इलेक्ट्रिक मोटर को पावर देती है, जो 171 PS (लगभग 169 bhp) की पावर जेनरेट करती है, जिससे यह SUV 0 से 100 km/h की रफ्तार 8.1 सेकंड में पकड़ लेती है।

Syros EV में 100 kW DC फास्ट चार्जिंग की भी सुविधा है, जिससे बैटरी 39 मिनट में 10% से 80% तक चार्ज हो सकती है। इसमें 10.8 kW का ऑनबोर्ड AC चार्जर भी मिलता है।

फीचर लिस्ट

Syros EV का डिजाइन ICE-पावर्ड Syros जैसा ही है, लेकिन इसमें कुछ खास EV स्टाइलिंग एलिमेंट्स दिए गए हैं। इसके अलावा, इनमें Kia की क्लोज्ड-ऑफ Digital Tiger Face ग्रिल, Ice Cube LED हेडलैंप, Star Map LED DRLs और टेल लैंप, फ्लश-फिटिंग डोर हैंडल्स और 17-इंच के डुअल-टोन एयरो अलॉय व्हील शामिल हैं।

इंटीरियर की बात करें तो, इसके अंदर 30-इंच का पैनोरमिक डिस्प्ले है, जिसमें 12.3-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, 12.3-इंच का डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और 5-इंच का क्लाइमेट कंट्रोल इंटरफेस शामिल है।

Kia Syros EV के अन्य फीचर्स में डुअल-पेन पैनोरमिक सनरूफ, एम्बिएंट लाइटिंग, फोर-वे पावर ड्राइवर सीट, स्लाइडिंग और रिक्लाइनिंग रियर सीट, वेंटिलेटेड फ्रंट और रियर सीट, आठ-स्पीकर वाला Harman Kardon ऑडियो सिस्टम, वायरलेस Android Auto और Apple CarPlay, वायरलेस फोन चार्जर, 16-लीटर का फ्रंक (फ्रंट ट्रंक), स्मार्ट डैशकैम, 360-डिग्री कैमरा और 16 ऑटोनॉमस फंक्शन वाला लेवल 2 ADAS शामिल हैं।

सेफ्टी फीचर्स

Kia Syros EV में यात्रियों की सुरक्षा का भी खास ध्यान रखा गया है। इसमें 6 एयरबैग, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC), हिल-स्टार्ट असिस्ट, ऑटो होल्ड के साथ इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS), ISOFIX चाइल्ड सीट एंकर जैसे सेफ्टी फीचर्स दिए गए हैं।

इसके अलावा, इसमें ब्लाइंड व्यू मॉनिटर और आगे, पीछे व साइड पार्किंग सेंसर भी मिलते हैं, जो ड्राइविंग के दौरान सुरक्षा और सुविधा को बेहतर बनाते हैं।

Syros EV की कीमतें (एक्स-शोरूम):

Battery PackVariant
Price

42 kWhHTK₹13.49 lakh
42 kWhHTK+₹14.99 lakh
42 kWhHTX₹15.99 lakh
51.4 kWh (Extended Range)HTK+ ER₹16.99 lakh
51.4 kWh (Extended Range)HTX ER₹17.99 lakh
51.4 kWh (Extended Range)HTX+ ER₹19.49 lakh
51.4 kWh (Extended Range)X-Line ER₹19.99 lakh

ओनरशिप के फायदे

Kia ने Syros EV के साथ ग्राहकों के लिए कई खास फायदे भी पेश किए हैं। कंपनी पहले मालिक को हाई-वोल्टेज बैटरी पर 15 साल की अनलिमिटेड किलोमीटर वारंटी दे रही है। इसके अलावा, कंपनी ने अश्योर्ड बायबैक प्रोग्राम भी शुरू किया है, जिसके तहत तीन साल बाद कार की रीसेल वैल्यू 80% तक मिल सकती है।

वहीं, ग्राहकों को बेहतर चार्जिंग सुविधा देने के लिए Kia के K-Charge नेटवर्क के जरिए 20,300 से ज्यादा चार्जिंग पॉइंट्स तक पहुंच मिलेगी।

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Service Charge: आपके रेस्टोरेंट के बिल में जुड़ा है सर्विस चार्ज? जानिए कैसे बचा सकते हैं अपने पैसे

Service Charge: वीकेंड पर परिवार या दोस्तों के साथ रेस्टोरेंट में खाना खाने के बाद जब बिल आता है, तो उसमें अक्सर 5 से 10 प्रतिशत तक का ‘सर्विस चार्ज’ जुड़ा हुआ दिखाई देता है। कई बार ग्राहक इसे हटाने की मांग करते हैं। लेकिन रेस्तरां कर्मचारी इसे अनिवार्य बताकर हटाने से इनकार कर देते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या रेस्टोरेंट ग्राहकों से जबरन सर्विस चार्ज वसूल सकते हैं?

यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है क्योंकि केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने हाल ही में साफ कहा था कि रेस्तरां द्वारा अनिवार्य रूप से सर्विस चार्ज वसूलना नियमों के खिलाफ है। ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सरकार की सख्त चेतावनी

प्रह्लाद जोशी ने कहा कि उन्होंने इस मामले को गंभीरता से लिया है। संबंधित अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि जो रेस्तरां इस अवैध प्रथा को जारी रखेंगे, उन्हें न सिर्फ भारी जुर्माना भरना पड़ेगा। बल्कि उनकी प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंच सकता है।

सरकार का यह रुख ऐसे समय सामने आया है जब केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने देशभर के 41 रेस्तरां के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। इनमें Chaayos और Barbeque Nation जैसी लोकप्रिय चेन भी शामिल हैं। इन रेस्तरां पर ग्राहकों के बिल में बिना अनुमति डिफॉल्ट रूप से सर्विस चार्ज जोड़ने की शिकायतें मिली थीं।

क्या होता है सर्विस चार्ज?

सर्विस चार्ज कोई सरकारी टैक्स नहीं है। यह वह अतिरिक्त राशि होती है जिसे रेस्तरां अपने कर्मचारियों की सेवा के बदले ग्राहकों से वसूलते हैं। आमतौर पर यह कुल बिल का 5 से 10 प्रतिशत होता है। यह राशि GST से अलग होती है। जहां GST सरकार के खाते में जमा होता है। वहीं, सर्विस चार्ज रेस्तरां के पास ही रहता है। अलग-अलग रेस्तरां इसे अपने कर्मचारियों में अलग-अलग तरीके से बांटते हैं।

क्या रेस्तरां आपको सर्विस चार्ज देने के लिए मजबूर कर सकते हैं?

सरकारी गाइडलाइंस के अनुसार इसका जवाब है…नहीं। CCPA ने वर्ष 2022 में जारी दिशानिर्देशों में स्पष्ट किया था कि कोई भी रेस्तरां ग्राहकों के बिल में अपने आप सर्विस चार्ज नहीं जोड़ सकता। इसे अनिवार्य या बाध्यकारी नहीं बताया जा सकता। यदि कोई ग्राहक इसे देने से इनकार करता है तो उसे सेवा देने या रेस्तरां में एंट्री से भी मना नहीं किया जा सकता। सरकार का कहना है कि सर्विस चार्ज देना या न देना पूरी तरह ग्राहक की इच्छा पर निर्भर होना चाहिए।

फिर भी क्यों वसूला जा रहा है सर्विस चार्ज?

CCPA के गाइडलाइंस जारी होने के बाद कई रेस्तरां संगठनों ने इन्हें अदालत में चुनौती दी। उनका तर्क है कि सर्विस चार्ज उनकी मूल्य निर्धारण नीति का हिस्सा है। इसकी जानकारी पहले से मेन्यू कार्ड या रेस्तरां में नोटिस के जरिए ग्राहकों को दे दी जाती है। यदि ग्राहक यह जानकारी देखकर भी भोजन करता है तो उसने इन शर्तों को स्वीकार कर लिया है।

हालांकि, केंद्र सरकार का कहना है कि सिर्फ मेन्यू या नोटिस बोर्ड पर जानकारी लिख देने से ग्राहक पर अतिरिक्त शुल्क थोपने का अधिकार नहीं मिल जाता। फिलहाल यह मामला अदालत में लंबित है, इसलिए कई रेस्तरां अब भी सर्विस चार्ज वसूल रहे हैं।

दिल्ली हाईकोर्ट ने क्या कहा?

मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने टिप्पणी की थी कि सर्विस चार्ज को अनिवार्य बनाना अनुचित व्यापारिक व्यवहार (Unfair Trade Practice) माना जा सकता है। अदालत ने यह भी सवाल उठाया कि क्या रेस्तरां सूचीबद्ध कीमत और लागू टैक्स के अलावा ग्राहकों से अतिरिक्त राशि देने के लिए उन्हें बाध्य कर सकते हैं। हालांकि इस मामले में अभी अंतिम फैसला नहीं आया है।

क्या मेन्यू पर ‘सर्विस चार्ज लागू है’ लिखने से भुगतान अनिवार्य हो जाता है?

इसका जवाब है नहीं। कई रेस्तरां अपने मेन्यू या परिसर में सर्विस चार्ज लागू होने का नोटिस लगाते हैं। रेस्तरां संगठनों का कहना है कि यह पहले से दी गई सूचना है। लेकिन उपभोक्ता संरक्षण अधिकारियों का मानना है कि केवल सूचना देने से ग्राहक का यह अधिकार खत्म नहीं हो जाता कि वह अनिवार्य रूप से लगाए गए सर्विस चार्ज को देने से इनकार कर सके।

क्या सर्विस चार्ज न देने पर रेस्तरां आपको रोक सकता है?

CCPA के दिशानिर्देशों के मुताबिक बिल्कुल नहीं। रेस्तरां किसी ग्राहक को रेस्टोरेंट में सिर्फ इसलिए एंट्री देने से इनकार नहीं कर सकता क्योंकि वह सर्विस चार्ज नहीं देना चाहता। इसके अलावा ग्राहक पर भुगतान के लिए दबाव बनाना, डराना-धमकाना या सर्विस चार्ज का भुगतान होने तक उसे रेस्तरां से बाहर जाने से रोकना भी नियमों के खिलाफ है।

यदि रेस्तरां सर्विस चार्ज हटाने से मना कर दे तो क्या करें?

यदि आपको लगता है कि सर्विस चार्ज गलत तरीके से लगाया गया है तो सबसे पहले विनम्रता से इसे हटाने की मांग करें और संशोधित बिल देने के लिए कहें। अगर रेस्तरां मना कर देता है तो बिल की प्रति अपने पास रखें और नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन या संबंधित उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। हाल ही में CCPA द्वारा की गई कार्रवाई भी उपभोक्ताओं की शिकायतों के आधार पर ही शुरू हुई है।

क्या सर्विस चार्ज और टिप एक ही चीज हैं?

जवाब है नहीं…। टिप (Tip) पूरी तरह स्वैच्छिक होती है, जिसे ग्राहक अच्छी सेवा से संतुष्ट होकर अपनी इच्छा से देता है। जबकि सर्विस चार्ज रेस्तरां द्वारा बिल में जोड़ी जाने वाली अतिरिक्त राशि है। यदि सर्विस चार्ज हट भी जाए, तब भी ग्राहक चाहे तो अपनी इच्छा से टिप दे सकता है या बिल्कुल भी नहीं दे सकता।

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Uttar Da Puttar Review: ‘परफेक्ट वास्तु’ वाले फिजिक्स प्रोफेसर की ये कहानी जीत लेगी आपका दिल, ड्रामा, कॉमेडी और ट्विस्ट से भरपूर है फिल्म

फिल्म- उत्तर दा पुत्तर

कलाकार- अन्नू कपूर, रुखसार रहमान, बृजेंद्र काला, पवन मल्होत्रा, जीवेशु अहलूवालिया, सुमित गुलाटी, राजेंद्र सेठी, नितिन अरोड़ा, वीनस सिंह, इश्तियाक खान

निर्देशक- रविंदर सिवाच

रेटिंग: 3.5/5

Uttar Da Puttar Review: अपने बेबाक बयानों से अक्सर सुर्खियों में रहने वाले अभिनेता अन्नू कपूर इस बार अपनी नई हिंदी फिल्म ‘उत्तर दा पुत्तर’ के जरिए दर्शकों को हंसाने के साथ-साथ सोचने पर भी मजबूर करते हैं। यह एक ऐसी फैमिली एंटरटेनर है, जिसमें कॉमेडी, ड्रामा और इमोशन का बेहतरीन संतुलन देखने को मिलता है। फिल्म एक ऐसे फिजिक्स प्रोफेसर की कहानी है, जो विज्ञान पढ़ाता है लेकिन अपनी जिंदगी के हर फैसले वास्तु शास्त्र और टोटकों के हिसाब से लेता है।

फिल्म की कहानी

फिल्म की शुरुआत बेहद दिलचस्प अंदाज में होती है। प्रोफेसर साई राम टुटेजा (अन्नू कपूर) खुद को काले कपड़े में लपेटकर अपने कोचिंग सेंटर पहुंचते हैं। अंदर जाकर जैसे ही वह कपड़ा हटाते हैं, पता चलता है कि उन्होंने भीतर भी काले कपड़े ही पहन रखे हैं। वास्तु और शुभ-अशुभ में अटूट विश्वास रखने वाले प्रोफेसर की यह ड्रामेटिक एंट्री फिल्म का मूड तय कर देती है। साई राम टुटेजा अपने लिए एक “परफेक्ट वास्तु” वाला घर ढूंढ़ते हैं। नया घर मिलने पर वह अपने ससुर और साले को पूरे विश्वास से समझाते हैं कि सही वास्तु ही जीवन की हर समस्या का समाधान है। लेकिन तभी छत का पुराना पंखा गिर पड़ता है और दोनों घायल हो जाते हैं। यह दृश्य खूब हंसी बटोरता है।

इस घटना के बाद उनकी पत्नी गिन्नी (रुखसार रहमान) नाराज़ होकर घर छोड़ देती हैं। पत्नी को वापस लाने और अपनी जिंदगी फिर से संवारने के लिए प्रोफेसर अपने दोस्त मन्नू (बृजेंद्र काला) के साथ परफेक्ट वास्तु की तलाश में निकल पड़ते हैं। कहानी में आगे नेक चड्ढा (पवन मल्होत्रा), उनके सहायक चोपड़ा (नितिन अरोड़ा), वास्तुकार वर्मा (इश्तियाक खान) और एस.बी. सिद्धू (जीवेशु अहलूवालिया) जैसे कई अतरंगी किरदार जुड़ते हैं। इनके आने से कहानी में लगातार मजेदार मोड़ और हास्यास्पद परिस्थितियां पैदा होती हैं, जो दर्शकों का मनोरंजन बनाए रखती हैं।

फिल्म का निर्देशन

निर्देशक रविंदर सिवाच की यह पहली फिल्म है, लेकिन उनका निर्देशन किसी अनुभवी फिल्मकार की तरह आत्मविश्वास से भरा हुआ है। फिल्म बिना समय गंवाए सीधे अपने मूल कथानक पर आती है और पहले ही सीन से दर्शकों को अपने साथ जोड़ लेती है। लेखक संदीप कपूर की कहानी में दिल्ली के चिर-परिचित किरदार, रोजमर्रा की जिंदगी से निकली घटनाएं और दिलचस्प घुमाव हैं। यही वजह है कि कहानी मनोरंजक होने के साथ-साथ बेहद रिलेटेबल भी लगती है। निर्देशक इन किरदारों और परिस्थितियों को बड़े सहज और मनोरंजक अंदाज में पर्दे पर उतारते हैं। एक फिजिक्स प्रोफेसर का वास्तु और तंत्र-मंत्र पर अंधविश्वास फिल्म की सबसे बड़ी नॉवेल्टी बनकर सामने आता है, जिसे निर्देशक पूरी नाटकीयता के साथ विश्वसनीय बना देते हैं। कॉमेडी और ड्रामा का संतुलन भी पूरी फिल्म में बरकरार रहता है।

परफॉर्मेंस

अन्नू कपूर पूरी फिल्म की ये फिल्म खास हैं। प्रोफेसर साई राम टुटेजा के किरदार में उन्होंने शानदार काम किया है। उनकी कॉमिक टाइमिंग कमाल की है, वहीं इमोशनल सीन्स में भी वह उतने ही प्रभावशाली नजर आते हैं। रुखसार रहमान ने गिन्नी के किरदार को बेहद सहजता और सादगी से निभाया है। पवन मल्होत्रा हर फिल्म की तरह इस बार भी अपने अभिनय से चौंकाते हैं। नेक चड्ढा के रूप में उनका किरदार हंसी के कई मौके लेकर आता है। इश्तियाक खान वास्तुकार वर्मा के रूप में सीमित स्क्रीन टाइम के बावजूद गहरी छाप छोड़ते हैं। नितिन अरोड़ा सरकारी कर्मचारी चोपड़ा के किरदार में पूरी तरह फिट बैठते हैं। फिल्म का सबसे अतरंगी किरदार एस.बी. सिद्धू है, जिसे जीवेशु अहलूवालिया ने पूरे आत्मविश्वास के साथ निभाया है। उनका अभिनय फिल्म में अलग ही रंग भर देता है। राजेंद्र सेठी आनंद राज आनंद के रूप में प्रभावशाली हैं, जबकि सुमित गुलाटी (ज्ञान चंद उर्फ जी.सी.) भी अपने किरदार में प्रभावित करते हैं।

फिल्म देखें या नहीं

‘उत्तर दा पुत्तर’ सिर्फ हंसाने वाली फिल्म नहीं है, बल्कि यह मनोरंजन के बीच एक दिलचस्प सवाल का जवाब भी देती है—आखिर जिंदगी में कर्म बड़ा होता है या किस्मत? कॉमेडी, ड्रामा और इमोशन से भरपूर यह फिल्म अपने अतरंगी किरदारों और दिल्ली के देसी फ्लेवर की वजह से अलग पहचान बनाती है। फिल्म के सभी प्रमुख किरदार अच्छी तरह लिखे गए हैं और कलाकारों ने उन्हें पूरी ईमानदारी से निभाया है। यही वजह है कि दर्शक कहानी से जुड़ता भी है और पूरे समय मुस्कुराता भी रहता है।फिल्म की कहानी का कॉमिक सीक्वेंस को और प्रभावी बनाता है। दिल्ली का लोकल फ्लेवर और किरदारों की भाषा फिल्म को और अधिक वास्तविक बनाती है।

अगर आप ऐसी साफ-सुथरी फैमिली एंटरटेनर देखना चाहते हैं, जिसमें हंसी भी हो, दिल को छू लेने वाले पल भी हों और अंत में एक पॉजिटिव मैसेज भी मिले, तो ‘उत्तर दा पुत्तर’ आपके लिए एक बढ़िया विकल्प है। खासतौर पर अन्नू कपूर और पवन मल्होत्रा का शानदार अभिनय इस फिल्म को लंबे समय तक यादगार बनाता है।

कौन हैं अभिजीत दिपके, कितनी पढ़ाई की है? CJP के संस्थापक का पूरा बैकग्राउंड जानिए

सोशल मीडिया के दौर में कई अभियान कुछ ही समय में लाखों लोगों तक पहुंच जाते हैं और राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन जाते हैं। हाल के दिनों में Cockroach Janta Party (CJP) भी ऐसी ही एक मुहिम बनकर उभरी है, जिसने अपने अलग अंदाज और डिजिटल कैंपेन के जरिए लोगों का ध्यान खींचा। इस अभियान के साथ एक नाम लगातार सुर्खियों में है अभिजीत दिपके। उनकी रणनीति, सोशल मीडिया पर पकड़ और युवाओं से जुड़ने का तरीका चर्चा का विषय बना हुआ है।

बहुत से लोग जानना चाहते हैं कि आखिर अभिजीत दिपके कौन हैं, उन्होंने कहां से पढ़ाई की, उनका प्रोफेशनल बैकग्राउंड क्या है और कैसे वे इस तेजी से वायरल हो रहे अभियान का प्रमुख चेहरा बन गए। आइए जानते हैं उनकी शिक्षा, करियर और अब तक के सफर से जुड़ी अहम बातें।

कौन हैं अभिजीत दिपके?

अभिजीत दिपके एक राजनीतिक कम्युनिकेशन प्रोफेशनल और डिजिटल कैंपेन स्ट्रैटेजिस्ट हैं। उन्होंने Cockroach Janta Party की शुरुआत एक व्यंग्यात्मक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के रूप में की, जिसे युवाओं ने तेजी से समर्थन दिया।

प्लेटफॉर्म खुद को “आलसी और बेरोजगार युवाओं की आवाज” बताता है और शिक्षा व्यवस्था में सुधार तथा कथित NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही की मांग करता है।

सिर्फ कुछ दिनों में लाखों-करोड़ों का समर्थन

CJP की शुरुआत के कुछ ही दिनों में इसके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर फॉलोअर्स की संख्या तेजी से बढ़ी। इंस्टाग्राम पर कुछ ही समय में करोड़ों लोग इस मुहिम से जुड़ गए, जबकि X (पूर्व ट्विटर) पर भी मीम्स, रील्स और राजनीतिक व्यंग्य के जरिए यह अभियान वायरल हो गया।

इसके अलावा, संगठन ने अपनी वेबसाइट और एंथम भी लॉन्च किया तथा एक लाख से अधिक लोगों ने इससे जुड़ने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया।

क्या है अभिजीत दिपके की शैक्षणिक योग्यता?

अभिजीत दिपके ने अपनी शुरुआती पढ़ाई भारत में पूरी की। इसके बाद वे उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका गए।

  • पुणे से जर्नलिज्म की पढ़ाई की।
  • अमेरिका की Boston University से मास्टर ऑफ पब्लिक रिलेशंस की डिग्री हासिल की।
  • पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने बताया कि वह नौकरी के अवसरों की तलाश में हैं।

राजनीतिक कम्युनिकेशन में भी रहा अनुभव

Cockroach Janta Party शुरू करने से पहले अभिजीत दिपके 2020 से 2023 के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) के साथ जुड़े रहे। इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया कैंपेन और चुनावी रणनीति पर काम किया। दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान उन्होंने युवाओं तक राजनीतिक संदेश पहुंचाने के लिए मीम-आधारित डिजिटल कैंपेन में भी भूमिका निभाई थी।

NEET विवाद के बाद तेज हुई मुहिम

CJP का अभियान सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा। संगठन ने कथित NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर सार्वजनिक प्रदर्शन भी किए। समर्थकों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया और संसद की ओर मार्च निकालकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई।

48 घंटे की भूख हड़ताल भी की

अभिजीत दिपके ने इस अभियान के तहत 48 घंटे की भूख हड़ताल भी की। बाद में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात के बाद यह अनशन समाप्त हुआ। इस दौरान संगठन ने अपनी मांगों से जुड़ा ज्ञापन भी सौंपा।

सोशल मीडिया से सड़क तक पहुंची मुहिम

Cockroach Janta Party का तेजी से बढ़ता प्रभाव यह दिखाता है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शुरू हुआ कोई अभियान बहुत कम समय में बड़े जन आंदोलन का रूप ले सकता है। मीम्स, व्यंग्य और सोशल मीडिया की ताकत के सहारे यह पहल अब ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन भी चर्चा का विषय बनी हुई है।

4 लाख रुपये महीना कमाता है युवक, फिर भी छोड़ना चाहता है भारत! बताई चौंकाने वाली वजह

कॉकरोच वाली पोस्ट डालकर विवादों में घिरीं RAF अधिकारी सोनिया सहरावत! अब मांगा जाएगा जवाब

CJP Protest News: दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी प्रोटेस्ट चल रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में आरएएफ यानी रैपिड एक्शन फोर्स की एक अधिकारी विवादों में घिर गई है। रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की अधिकारी सोनिया सहरावत से उनकी सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर जल्द ही जवाब मांगा जा सकता है। 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद उनकी सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट और गतिविधियां जांच के दायरे में आ गई थीं, जिसके बाद यह मामला चर्चा में आ गया। सूत्रों के मुताबिक, इस संबंध में उनसे जल्द स्पष्टीकरण लिया जाएगा।

न्यूज18 के रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में सोशल मीडिया से जुड़े नियमों के संभावित उल्लंघन के संकेत मिले हैं। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि अभी इस मामले में कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। सीआरपीएफ पहले सोनिया सहरावत से उनका पक्ष जानेगी, उसके बाद ही आगे की कार्रवाई पर निर्णय होगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उच्च अधिकारी उनसे जवाब मांगेंगे और इसकी जानकारी उन्हें पहले ही दे दी गई है। इस मामले पर प्रतिक्रिया के लिए न्यूज18 ने सीआरपीएफ के महानिदेशक जी.पी. सिंह और सीआरपीएफ के जनसंपर्क अधिकारी से संपर्क किया, लेकिन खबर लिखे जाने तक उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला था। जवाब मिलने पर खबर को अपडेट किया जाएगा।

20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान घायल हुई थीं सोनिया सहरावत

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) में तैनात सहायक कमांडेंट सोनिया सहरावत 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान झड़प में घायल हो गई थीं। इसके बाद वह सीजेपी के विरोध प्रदर्शन से जुड़ा सबसे चर्चित चेहरा बन गईं। उस दिन सोनिया सहरावत कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात आरएएफ की टीम का हिस्सा थीं। झड़प के अगले दिन उनके सोशल मीडिया अकाउंट से शेयर की गई एक इंस्टाग्राम स्टोरी तेजी से वायरल हो गई। इस पोस्ट की सीजेपी और कई विपक्षी नेताओं ने आलोचना की, जिसके बाद फोर्स ने इसकी जांच शुरू कर दी। बाद में यह पोस्ट हटा दी गई।

सूत्रों के मुताबिक, हिंसा के दौरान सोनिया सहरावत के कंधे में चोट लगी और उन्हें फ्रैक्चर भी हुआ। उनका इलाज किया गया, लेकिन 20 जुलाई के बाद से उन्होंने दोबारा ड्यूटी जॉइन नहीं की है। फिलहाल वह स्वास्थ्य लाभ ले रही हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर बुधवार को सोनिया सहरावत अन्य घायल जवानों के साथ सीआरपीएफ मुख्यालय पहुंचीं। सूत्रों के अनुसार, इस दौरान सीआरपीएफ के महानिदेशक जी.पी. सिंह ने भी उनसे मुलाकात की।

अब जांच के दायरे में अकाउंट

असिस्टेंट कमांडेंट  सोनिया सहरावत सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय हैं। उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर 6.28 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। वह यहां अक्सर अपनी निजी जिंदगी और कभी-कभी वर्दी में ड्यूटी से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो साझा करती हैं। हालांकि, हाल ही में वायरल हुई उनकी इंस्टाग्राम स्टोरी के बाद अब उनकी सोशल मीडिया गतिविधियां आधिकारिक जांच के दायरे में आ गई हैं। इस बीच, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक जी.पी. सिंह ने बुधवार को सोनिया सहरावत और प्रदर्शन के दौरान घायल हुए अन्य सीआरपीएफ और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के जवानों से मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने प्रदर्शन के दौरान मुश्किल हालात में कानून-व्यवस्था संभालने के लिए जवानों की सराहना की और उनके काम की प्रशंसा की।

सीआरपीएफ की सोशल मीडिया नीति क्या कहती है?

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने अपने जवानों के लिए सोशल मीडिया इस्तेमाल करने को लेकर स्पष्ट नियम बनाए हैं। इन नियमों के अनुसार, जवानों को किसी भी पोस्ट में तथ्य और निजी राय के बीच साफ अंतर रखना चाहिए। साथ ही, सोशल मीडिया, ब्लॉग या किसी भी ऑनलाइन मंच पर साझा किए गए कंटेंट की पूरी जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति की होगी। जवानों को यह भी साफ लिखने की सलाह दी गई है कि उनकी निजी राय सरकार या सीआरपीएफ का आधिकारिक रुख नहीं है। सीआरपीएफ ने अपने कर्मियों को सरकारी नीतियों की सार्वजनिक आलोचना करने और सोशल मीडिया पर राजनीतिक या धार्मिक टिप्पणी करने से भी मना किया है। बल का कहना है कि पहले भी ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें अधिकारियों की सोशल मीडिया पोस्ट को संगठन के नेतृत्व ने उचित नहीं माना था।

बल की ओर से जारी सलाह में जवानों से यह भी कहा गया है कि वे अपने परिवार और दोस्तों को सोशल मीडिया के खतरों के बारे में जागरूक करें, ताकि वे अनजाने में कोई संवेदनशील जानकारी साझा न कर दें। इसके अलावा, परिवार की निजता का ध्यान रखने, जरूरत न होने पर लोकेशन और जियो-टैगिंग बंद रखने, निजी अकाउंट की सेटिंग का इस्तेमाल करने और संवेदनशील या विवादित मुद्दों पर टिप्पणी करते समय पूरी सावधानी बरतने की भी सलाह दी गई है।

OnePlus N6x की लॉन्च डेट कन्फर्म, जानें डिजाइन, फीचर्स और कीमत से जुड़ी जानकारी

इस महीने की शुरुआत में डिवाइस की झलक दिखाने के बाद, OnePlus ने अब कन्फर्म किया है कि OnePlus N6x भारत में 31 जुलाई को लॉन्च होगा। इसके अलावा, यह स्मार्टफोन कंपनी की नई N-सीरीज लाइनअप का दूसरा मॉडल होगा। इससे पहले कंपनी ने OnePlus N6 लॉन्च किया था। बता दें कि चीनी स्मार्टफोन मेकर ने टीजर के जरिए लॉन्च डेट की जानकारी के साथ-साथ स्मार्टफोन की पहली ऑफिशियल झलक भी दिखाई है, जिसमें इसके डिजाइन और कलर ऑप्शन का पता चलता है। अब चलिए जानते हैं OnePlus N6x से जुड़ी जानकारियों के बारे में।

OnePlus N6x की लॉन्च डेट, डिजाइन और कलर ऑप्शन कन्फर्म

चीनी टेक कंपनी ने कन्फर्म किया है कि OnePlus N6x भारत में 31 जुलाई को दोपहर 12 बजे लॉन्च होगा। लॉन्च होने के बाद, यह स्मार्टफोन Amazon India और OnePlus India की वेबसाइट पर बिक्री के लिए उपलब्ध होगा।

आधिकारिक टीजर में फोन का डिजाइन काफी जाना-पहचाना नजर आ रहा है। पूरी तरह से नया लुक लाने के बजाय, ऐसा लगता है कि OnePlus ने Nord 5 से स्टाइलिंग के कुछ एलिमेंट लिए हैं। इस फोन में पीछे की तरफ एक स्लीक पैनल है जिसमें पिल-शेप का कैमरा मॉड्यूल और फ्लैट एज डिजाइन दिया गया है। इसके अलावा, पावर और वॉल्यूम बटन दाईं ओर दिए गए हैं। इच्छुक ग्राहक इसे दो कलर ऑप्शन Burgundy Red और Ice Blue ऑप्शन में से चुन सकेंगे।

OnePlus N6x: क्या उम्मीद करें

OnePlus ने अभी तक ज्यादातर स्पेसिफिकेशन्स को गुप्त रखा है, लेकिन रिपोर्ट्स से पता चलता है कि N6x में कंपनी के मौजूदा डिवाइस जैसे कई फीचर्स हो सकते हैं।

हालांकि, हार्डवेयर की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन उम्मीद है कि इस स्मार्टफोन में बड़ी बैटरी और OxygenOS का लेटेस्ट वर्जन होगा। कुछ रिपोर्ट्स यह भी इशारा करती हैं कि इसमें हाल ही में लॉन्च हुए OnePlus N6 के कुछ फीचर्स हो सकते हैं, जिससे दोनों डिवाइस काफी मिलते-जुलते होंगे, लेकिन उम्मीद है कि N6x को कम कीमत वाले सेगमेंट के लिए पेश किया जाएगा।

जानकारी के लिए बता दें कि OnePlus N6 भारत में 4GB RAM + 128GB स्टोरेज वाले वेरिएंट के लिए ₹22,999 की शुरुआती कीमत पर लॉन्च हुआ था। अगर N6x को उस मॉडल से कम कीमत पर उतारा जाता है, तो यह बजट और मिड-रेंज स्मार्टफोन सेगमेंट में खरीदारों को एक और विकल्प दे सकता है।

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Vishal Mega Mart shares : कमाई और मुनाफे में डबल डिजिट बढ़ोतरी के बावजूद 4% टूटा शेयर, जानिए मैनेजमेंट ने क्या कहा

Vishal Mega Mart stock crash : गुरुवार को विशाल मेगा मार्ट लिमिटेड के शेयरों में 4 प्रतिशत तक की गिरावट आई है। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए जाने के बाद शेयर में यह गिरावट आई है। पहली तिमाही में कंपनी ने मुनाफे और रेवेन्यू में डबल डिजिट ग्रोथ देखने को मिली है। फिर भी दोपहर के कारोबार में यह शेयर 4 प्रतिशत नीचे 107.5 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। यह शेयर आज BSE मिडकैप इंडेक्स में सबसे ज़्यादा गिरने वाले शेयरों में शामिल है।

साल 2026 में अब तक विशाल मेगा मार्ट के शेयर में 20.5 प्रतिशत की गिरावट आई है,जबकि निफ्टी में इसी अवधि में 8.5 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है। कंपनी का मार्केट कैप लगभग 50,500 करोड़ रुपये है। कंपनी ने यह भी कहा है कि जून तिमाही के दौरान ज्यादा महंगाई का असर डिमांड पर पड़ा है

जून तिमाही में विशाल मेगा मार्ट के कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 26 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली है। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के 206 करोड़ रुपये से बढ़कर 259 करोड़ रुपये हो गया है। इस अवधि में कंपनी की कामकाजी आय सालाना आधार पर 18.7 प्रतिशत बढ़कर 3,727 करोड़ रुपये रही है। जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में यह 3,140 करोड़ रुपये पर रही था। पहली तिमाही में इसका ग्रॉस प्रॉफ़िट 19.9 प्रतिशत बढ़कर 1,068.8 करोड़ रुपये रहा है। वहीं ग्रॉस मार्जिन सालाना आधार पर मामूली सुधार के साथ 28.4 प्रतिशत से बढ़ कर 28.7 प्रतिशत पर रहा है।

EBITDA भी सालाना आधार पर 18.7 प्रतिशत बढ़कर 545 करोड़ रुपये हो गया,जो पिछले साल की समान अवधि में 459.5 करोड़ रुपये रहा था, जबकि EBITDA मार्जिन 14.6 प्रतिशत पर फ्लैट रहा है। टैक्स के बाद का प्रॉफ़िट मार्जिन पिछले साल की इसी तिमाही के 6.6 प्रतिशत से बढ़कर 6.9 प्रतिशत हो गया है।

इस तिमाही के दौरान कंपनी की ‘सेम-स्टोर सेल्स ग्रोथ’10 प्रतिशत रही है। इस अवधि में कंपनी ने 27 नए स्टोर खोले और 24 नेट स्टोर जोड़े हैं। जिससे 559 शहरों में इसके कुल स्टोरों की संख्या 819 हो गई है और इसका रिटेल फ़ुटप्रिंट लगभग 1.38 करोड़ वर्ग फ़ीट तक पहुंच गया है।

इस तिमाही में रेवेन्यू में अपैरल (Apparel) का हिस्सा 47.4 प्रतिशत रहा, इसके बाद जनरल मर्चेंडाइज़ का हिस्सा 27.3 प्रतिशत और FMCG का 25.2 प्रतिशत हिस्सा रहा। रेवेन्यू में कंपनी के अपने ब्रांड्स का हिस्सा 75.2 प्रतिशत रहा। जबकि जून के आखिर तक कंपनी का क्विक कॉमर्स कारोबार 520 शहरों में 767 स्टोर्स तक पहुंच गया।

आगे के आउटलुक पर बात करते हुए कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO गुनेन्दर कपूर ने कहा कि जून तिमाही में महंगाई ज्यादा होने का असर मांग पर पड़ा,लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी को उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में यह असर कम हो जाएगा।

 

 

Top Stock Picks : आगे सीमित दायरे में ही रहेगा बाजार, शानदार टेक्निकल सेटअप वाले इन शेयरों में बन सकता है मोटा पैसा

बिना मेहंदी कोन के सिर्फ 10 मिनट में पाएं खूबसूरत डिजाइन, अपनाएं यह पारंपरिक तरीका

त्योहारों के मौके पर मेहंदी लगाए बिना महिलाओं का श्रृंगार अधूरा माना जाता है। गोरिंटाकू (Gorintaku) मेहंदी डिजाइन रक्षाबंधन और तीज जैसे खास अवसरों पर अगर आप कम समय में यूनिक और खूबसूरत मेहंदी डिजाइन चाहती हैं, तो यह पारंपरिक (traditional) तरीका आपके लिए बेहतरीन ऑप्शन हो सकता है। इसमें मेहंदी कोन या बारीक डिजाइन बनाने की जरूरत नहीं पड़ती, फिर भी हाथों पर नेचुरल, अट्रेक्टिव और सबसे अलग पैटर्न उभरकर आता है:

त्योहारों पर अपनाएं गोरिंटाकू स्टाइल मेहंदी

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रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) और तीज (Teej) पर मेहंदी लगाना शुभ माना जाता है। अगर इस बार आप मेहंदी कोन और अरेबिक (Arabic) डिजाइन से हटकर कुछ अलग ट्राई करना चाहती हैं, तो गोरिंटाकू स्टाइल एक बेहतरीन ऑप्शन हो सकता है। यह ट्रेडिशनल तरीका अपनी सादगी, नेचुरल लुक और जल्दी तैयार होने की वजह से फिर से पसंद किया जा रहा है।

ताजी मेहंदी, फूल और पत्ती से बनता है डिजाइन

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इस ट्रेडिशनल टेक्निक (traditional technique) में बारीक डिजाइन बनाने की जरूरत नहीं होती। हथेली के बीच में कोई ताजा फूल या सुंदर पत्ती रखी जाती है। इसके बाद उसके ऊपर और चारों तरफ ताजी पिसी हुई मेहंदी (Mehndi) का गाढ़ा पेस्ट गोल आकार में लगाया जाता है। चाहें तो उंगलियों के पोरों पर भी मेहंदी लगाई जाती है।

सूखने के बाद उभरता है खूबसूरत नेचुरल पैटर्न

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मेहंदी पूरी तरह सूखने के बाद फूल या पत्ती को हटा दिया जाता है। जिस जगह फूल या पत्ती रखी गई होती है, वहां रंग नहीं चढ़ता और गहरे लाल-भूरे रंग की मेहंदी के बीच उसकी साफ और सुंदर शेप उभरकर दिखाई देती है। यही इस टेक्निक की सबसे खास पहचान है।

सिर्फ 10 मिनट में तैयार हो जाता है फेस्टिव लुक

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आजकल जहां ब्राइडल (bridal) और अरेबिक मेहंदी (Arabic Mehndi) डिजाइन बनाने में काफी समय लगता है, वहीं इस पारंपरिक तरीके (traditional method) में करीब 10 मिनट में मेहंदी लग जाती है। इसलिए अगर रक्षाबंधन या तीज की तैयारियों के बीच समय कम हो, तो भी आप आसानी से खूबसूरत मेहंदी लुक पा सकती हैं।

केमिकल वाले कोन से बेहतर नेचुरल ऑप्शन

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इस टेक्निक में ताजी पिसी हुई मेहंदी की पत्तियों का इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए यह केमिकल वाले मेहंदी कोन (Mehndi cone) की तुलना में ज्यादा नेचुरल ऑप्शन माना जाता है। कई लोगों का मानना है कि ताजी मेहंदी हाथों को ठंडक भी देती है, जिससे इसे लगाना और भी कम्फर्टेबल महसूस होता है।

हर बार मिलेगा अलग और यूनिक डिजाइन

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इस ट्रडिशनल मेहंदी स्टाइल (mehndi style) की सबसे बड़ी खासियत यह है कि हर बार इस्तेमाल होने वाला फूल या पत्ती अलग होती है। इसलिए हर डिजाइन भी अलग और यूनिक बनता है।