ZEN Tech खरीद रही Cogknit Semantics में 52% हिस्सा, ₹135 करोड़ की डील; सोमवार को चढ़ सकता है शेयर

एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर की कंपनी जेन टेक्नोलोजिज, डिफेंस टेक्नोलॉजी कंपनी कॉगनिट सिमेंटिक्स प्राइवेट लिमिटेड (CSPL) में 51.98 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीद रही है। कंपनी के बोर्ड ने 17 अक्टूबर की मीटिंग में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। उसी दिन कंपनी ने शेयर परचेज एग्रीमेंट, शेयर सब्सक्रिप्शन एग्रीमेंट और शेयरहोल्डर्स एग्रीमेंट कर लिया। डील पूरी होने के बाद कॉगनिट सिमेंटिक्स, जेन टेक की सब्सिडियरी बन जाएगी। यह खरीद फुली डाइल्यूटेड बेसिस पर 135.15 करोड़ रुपये में होगी।

इसके तहत CSPL में एक मौजूदा शेयरहोल्डर से शेयर खरीदे जाएंगे, साथ ही सीरीज ए कंपलसरिली कनवर्टिबल क्यूमुलेटिव प्रेफरेंस शेयरों (CCCPS) को सब्सक्राइब किया जाएगा। CSPL 10 रुपये फेस वैल्यू वाले सीरीज ए CCCPS जेन टेक और दूसरे इनवेस्टर को 27,015.71 रुपये प्रति CCCPS के भाव पर जारी करेगी। CSPL का वित्त वर्ष 2025-26 में टर्नओवर 48 लाख रुपये रहा। यह रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन नहीं है। निवेशक आशीष कचोलिया और उनके सहयोगी भी प्राइमरी राउंड में निवेश करेंगे।

क्या बनाती है CSPL

जेन टेक ने शेयर बाजारों को बताया है कि CSPL सशस्त्र बलों के लिए आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस पर बेस्ड बैटलफील्ड मैनेजमेंट सिस्टम्स और सिचुएशनल अवेयरनेस सिस्टम्स विकसित करती है। कॉगनिट का बैटलफील्ड मैनेजमेंट सिस्टम्स टैंकों, वाहनों और सैनिकों को डिजिटल रूप से जोड़ता है, जिससे हर कमांडर युद्धक्षेत्र की एक ही रियल-टाइम तस्वीर के आधार पर काम कर सके। इसने इंडियन आर्मी के साथ फील्ड ट्रायल पूरे कर लिए हैं। इसे भारत में ही डिजाइन और विकसित किया गया है।

Tech Mahindra देगी ₹15 का अंतरिम डिविडेंड, रिकॉर्ड डेट 23 अक्टूबर; 11 साल बाद बांटने जा रही बोनस शेयर

ZEN Tech का शेयर 3 साल में 130 प्रतिशत चढ़ा

ZEN Tech के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 1655.70 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 14900 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है। शेयर BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है। यह एक साल में 20 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा है। 3 साल में कीमत लगभग 130 प्रतिशत, 5 साल में 630 प्रतिशत और 10 साल में 2000 प्रतिशत से ज्यादा मजबूत हुई है। कंपनी में सितंबर 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 48.51 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

MD Weather Today: उत्तर भारत में गर्मी और धूप, दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, जानें दिल्ली-UP समेत देशभर का मौसम

MD Weather Today: उत्तर भारत में गर्मी और धूप, दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, जानें दिल्ली-UP समेत देशभर का मौसम

देशभर में मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में मौसम गर्म और शुष्क रहने की संभावना है, जबकि दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। मौसम में इस बदलाव के बीच लोगों को यात्रा पर निकलने से पहले भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आधिकारिक अपडेट देखने की सलाह दी गई है।

 

उपलब्ध पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रह सकता है। वहीं, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में तेज बारिश होने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर में मैदानी इलाकों के मुकाबले तापमान कम रहने का अनुमान है।

ALSO READ: Gwalior Accident : हादसे के बाद CM मोहन यादव का बड़ा एक्शन, CSP हटाए गए, 8 सस्पेंड, मृतकों के परिजनों को ₹4 लाख

दिल्ली में साफ रहेगा आसमान, दिन में गर्मी

 

दिल्ली में 18 अक्टूबर को आसमान मुख्य रूप से साफ रहने और दिन के समय गर्म मौसम बने रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान 32 से 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 18 से 19 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। उपलब्ध पूर्वानुमान में दिल्ली के लिए किसी बड़ी बारिश का संकेत नहीं दिया गया है। दिन में तेज धूप और शाम के समय अपेक्षाकृत ठंडक महसूस हो सकती है।

 

हरियाणा में शुष्क और धूप वाला मौसम

 

हरियाणा में रविवार को मौसम ज्यादातर शुष्क और धूप वाला रहने की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान लगभग 19 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। मौसम सामान्य रहने की संभावना के बीच लोगों को जिले के अनुसार मौसम में होने वाले बदलावों के लिए स्थानीय पूर्वानुमान देखते रहने की सलाह दी गई है।

ALSO READ: Mission Shakti 6.0: यूपी पुलिस का कमाल, 7 दिन में 5 राज्यों से खोज निकाले ₹32 लाख के 120 गुम मोबाइल

पंजाब में दिन में गर्मी, रात में मिलेगी राहत

 

पंजाब में भी मौसम मुख्य रूप से साफ रहने का अनुमान है। दिन का तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि रात में न्यूनतम तापमान लगभग 18 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। राज्य के ज्यादातर हिस्सों में शुष्क मौसम बने रहने की संभावना है। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोगों को निकलने से पहले मौसम की ताजा जानकारी देखनी चाहिए।

 

उत्तर प्रदेश का मौसम: पश्चिमी यूपी में शुष्क रहने की संभावना

 

उत्तर प्रदेश में रविवार को मौसम सामान्य रूप से गर्म और शुष्क रह सकता है। तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने और न्यूनतम तापमान लगभग 20 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

 

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में आसमान मुख्य रूप से साफ रह सकता है। वहीं, पूर्वी हिस्सों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक या बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। हालांकि, जिलेवार स्थिति की पुष्टि के लिए IMD के आधिकारिक पूर्वानुमान और चेतावनियों पर नजर रखना जरूरी है।

 

जम्मू-कश्मीर में ठंडक, श्रीनगर में 6 डिग्री तक गिर सकता है पारा

 

जम्मू-कश्मीर में उत्तर भारत के मैदानी इलाकों की तुलना में मौसम ठंडा रहने की संभावना है। श्रीनगर में अधिकतम तापमान करीब 20 डिग्री और न्यूनतम तापमान लगभग 6 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।

 

पहाड़ी क्षेत्रों में ऊंचाई और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार तापमान में अंतर हो सकता है। पहाड़ी जिलों की यात्रा करने वाले लोगों को मौसम के पूर्वानुमान और सड़क संबंधी सलाह की जानकारी लेकर ही रवाना होना चाहिए।

 

दक्षिण भारत में भारी बारिश और गरज-चमक की आशंका

 

दक्षिण भारत के कई राज्यों में रविवार को बारिश की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका है।

Stocks Markets: बीएसई और एनएसई 20 अक्तूबर को बंद रहेंगे, जानिए कैसा रहेगा 4 दिन का यह कारोबारी हफ्ता

यह हफ्ता शेयर बाजारों के लिए अच्छा रहा। लंबे समय बाद शेयर बाजार में रौनक लौटी। निफ्टी इस दौरान 2.49 फीसदी चढ़ा, जबकि सेंसेक्स में 3.30 फीसदी का उछाल आया। अब बाजार की नजरें 19 अक्तूबर यानी सोमवार पर टिकी हैं। मंगलवार को शेयर बाजारों में दशहरा की छुट्टी है। इसलिए सोमवार के बाद बीएसई और एनएसई में फिर से बुधवार यानी 21 अक्तूबर को कारोबार शुरू होगा। सवाल है कि क्या बाजार में तेजी का सिलसिला क्या अगले हफ्ते जारी रहेगा?

19 अक्टूबर को खुलेगा जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ

अगले हफ्ते शेयर बाजार पर सितंबर तिमाही के नतीजों, क्रूड ऑयल की कीमतों और Jio Platforms के आईपीओ का असर दिखेगा। लेकिन, सबसे ज्यादा नजरें विदेशी निवेशकों पर होंगी। विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बाजार पर दबाव बढ़ाया है। जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ एंकर इनवेस्टर्स के लिए 19 अक्तूबर को खुल जाएगा। बाकी इनवेस्टर्स के लिए यह 21 अक्तूबर को खुलेगा। यह देश का सबसे बड़ा आईपीओ है। अब तक किसी कंपनी ने आईपीओ से 30,000 करोड़ रुपये नहीं जुटाए हैं।

30000 करोड़ के इश्यू का असर लिक्विडिटी पर दिख सकता है

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में निवेश के लिए इनवेस्टर्स को पैसे के इंतजाम करने होंगे। कई इनवेस्टर्स इस आईपीओ में निवेश करने के लिए दूसरे शेयरों से पैसे निकाल सकते हैं। चूंकि यह 30,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का इश्यू है, जिससे पैसे की काफी जरूरत पड़ेगी। इसका असर लिक्विडिटी पर पर पड़ सकता है। सूत्रों ने बताया है कि कई बड़े विदेशी संस्थागत निवेशकों और घरेलू संस्थागत निवेशकों ने इस इश्यू में निवेश में दिलचस्पी दिखाई है। वे इस इश्यू में निवेश के लिए दूसरे शेयरों में बिकवाली कर सकते हैं।

क्रूड ऑयल की कीमतों पर भी होंगी बाजार की नजरें 

क्रूड ऑयल की कीमतों का असर भी बाजार पर पड़ेगा। इस हफ्ते के अंत में क्रूड की कीमतों में बड़ा उछाल दिखा। ब्रेंट क्रूड करीब 110 डॉलर प्रति बैरल तक चला गया। अगर अगले हफ्ते क्रूड की कीमतों में नरमी नहीं आती है तो बाजार पर दबाव दिख सकता है। महंगे क्रूड की वजह से पेंट्स, टायर सहित कई कंपनियों की प्रोडक्शन कॉस्ट बढ़ी है। इसका निगेटिव असर उनके शेयरों पर दिखा है। क्रूड का 110 डॉलर प्रति बैरल पर बने रहना भारत की इकोनॉमी के लिए भी अच्छा नहीं है। इससे महंगाई तेजी से बढ़ सकती है।

आईटी शेयरों में तेजी जारी रही तो बाजार को मिल सकता है सपोर्ट

एनरिच मनी के सीईओ पोममुदी आर ने कहा कि निवेशकों की नजरें इस बात पर होगी कि बाजार में आईटी शेयरों की बदौलत आई तेजी जारी रहती है या नहीं। वे देखना चाहते हैं कि बाजार के प्रमुख सूचकांक अपने रेसिस्टेंस लेवल को तोड़ पाते हैं या नहीं। इस हफ्ते तेजी की वजह से बाजार का मोमेंटम पॉजिटिव बना हुआ है। आईटी शेयरों में अच्छी रिकवरी दिखी है।

इन दिग्गज बैंकिंग शेयरों पर दिखेगा सितंबर तिमाही के नतीजों का असर

इस हफ्ते के अंत में एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, पीएनबी जैसे बड़े बैंकों ने अपने नतीजों के एलान किए। मिलाजुलाकर ये नतीजे अच्छे हैं। इन बैंकों के शेयरों पर 19 अक्तूबर यानी सोमवार को इन नतीजों का असर दिखेगा। पिछले एक-डेढ़ साल में प्राइवेट बैंकों के शेयरों का प्रदर्शन सरकारी बैंकों के शेयरों के मुकाबले कमजोर रहा है। सितंबर तिमाही के नतीजों से प्राइवेट बैंकों के शेयरों में तेजी शुरू हो सकती है।

अमेरिका में एआई और चिप शेयरों पर भी होगी नजरें 

मार्केट पार्टिसिपेंट्स को ग्लोबल फैक्टर्स पर भी नजर रखने की जरूरत है। खासकर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का असर फिलहाल मार्केट्स पर बना रहेगा। जियोपॉलिटिकल डेवलपेमेंट पर भी बाजार की नजरें होंगी। इस हफ्ते में अमेरिका में एआई और चिप शेयरों की पिटाई हुई है। अगर अगले हफ्ते भी इन शेयरों पर दबाव जारी रहता है तो भारतीय आईटी शेयरों में तेजी दिख सकती है।

Hanuman Ansh Collection: शुक्रवार से ज्यादा शनिवार को कमाई! बाबा नीम करोली की मूवी हनुमान अंश ने 72वें दिन इतना कमाया

Hanuman Ansh Collection: 7 अगस्त सिनेमाघरों में ‘हनुमान अंश’ रिलीज हुई थी। जब ये फिल्म आई तो किसी को कानों कान खबर तक नहीं हुई थी। 4 नए नवेले लोगों ने अपना सबकुछ दांव पर लगाकर ये फिल्म बनाई और वो करिश्मा कर दिखाया जिसकी किसी को उम्मीद किसी ने की नहीं थी। हनुमान अंश को रिलीज के टाइम पर सिर्फ 3 थिएटर ही नसीब हुए थे, लेकिन धीरे-धीरे फिल्म का ऐसा रुतबा बढ़ा की लोगों की डिमांड पर स्क्रीन बढ़ गई और सुबह से लेकर रात तक का हर शो हाउसफुल हो गया।

विशाल चतुर्वेदी के डायरेक्शन में बनी ‘हनुमान अंश’ ने देश और विदेश में बॉक्स ऑफिस पर 400 करोड़ रुपये से ज्यादा का कलेक्शन किया है। बॉक्स ऑफिस पर ‘जेलर 2’, ‘दृश्यम 3’, ‘मिर्जापुर’ जैसी बड़ी फिल्मों से टकराने के बावजूद हनुमान अंश अभी भी पैसे कमा रही है।

रजनीकांत की ‘जेलर 2’ और अजय देवगन की ‘दृश्यम 3’ भी ‘हनुमान अंश’ को सिनेमाघरों से हिला नहीं सकी है। रिलीज के ढाई महीने बाद भी ‘हनुमान अंश’ का थिएटर्स में चल रही है। नीम करौली बाबा के जीवन पर बनी इस फिल्म ने चमत्कार कर दिखाया है।

‘हनुमान अंश’ को सिनेमाघरों में 72 दिन हो गए हैं, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर इसकी कमाई का सिलसिला रुका नहीं है। फिल्म ने 72वें दिन भारत में 0.26 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया। इसके साथ ही फिल्म की घरेलू कमाई के आंकड़े में बढ़त हुई है। वहीं दुनियाभर में भी फिल्म ने 449 करोड़ रुपये से ज्यादा का ग्रॉस कलेक्शन किया है।

सैकनिल्क की रिपोर्ट के अनुसार रिलीज के 72वें दिन भारत में कुल 0.26 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। फिल्म के हिंदी में 354 शोज थे, जिसके जरिए हनुमान अंश की कमाई 0.26 करोड़ रुपये हुई है।

भारत के अलावा विदेशी में भी ‘हनुमान अंश’ ने 72वें दिन ओवरसीज मार्केट में 0.10 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन कर लिया है। इसके साथ ही विदेशों में कुल ग्रॉस कमाई 48.50 करोड़ रुपये हुई। भारत और विदेशों के कलेक्शन को मिलाकर फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन अब 449.38 करोड़ रुपये हो गया है।

कनाडा में सैन्य अड्डे पर धमाका, कई सैनिक मारे गए:रक्षा मंत्री बोले- ऐसा दृश्य कभी नहीं देखा; यहां 1300 कर्मचारी तैनात थे

कनाडा के अल्बर्टा के सैन्य अड्डे पर शनिवार को जोरदार धमाके के बाद आग लग गई। इसमें कई सैनिक और कर्मचारी मारे गए। रक्षा मंत्री डेविड मैकगिन्टी ने हादसे की जानकारी दी। उन्होंने कहा, ‘मैंने ऐसा दर्दनाक दृश्य पहले कभी नहीं देखा।’ मृतकों और घायलों की संख्या फिलहाल नहीं बताई गई है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने सोशल मीडिया पर इसे गंभीर घटना बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार और स्थानीय प्रशासन साथ मिलकर राहत और बचाव के काम में जुटी है। इस सैन्य अड्डे पर 1300 से ज्यादा सैनिक और कर्मचारी काम करते है। घटना के बाद की 3 तस्वीरें डॉक्टर बोले- स्वास्थ्य केंद्र मरीजों से भरे स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, विस्फोट के बाद तेज हवाओ के कारण आग सैन्य अड्डे के आसपास तेजी से फैल गई। कई इलाकों से दमकलकर्मी आग बुझाने के लिए पहुंचे। रॉयल एलेक्जेंड्रा अस्पताल के इमरजेंसी डॉक्टर वॉरेन थिर्स्क ने इसे 15 से 25 साल में एक बार होने वाली बड़ी आपदा बताया। उन्होंने कहा कि मरीजों की संख्या इतनी ज्यादा थी कि शहर के स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह भर गए। अधिकारियों ने अभी तक यह नहीं बताया है कि धमाका कैसे हुआ और आग लगने की वजह क्या थी। रक्षा मंत्री मैकगिन्टी ने कहा कि कनाडा की रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) घटना की जांच कर रही है। यह कनाडा का सबसे व्यस्त सैन्य अड्डा है अल्बर्टा में यह सैन्य अड्डा कनाडा के अहम आर्मी ट्रेनिंग कैंप्स में से एक है। यहां सैनिकों को युद्ध के लिए तैयार किया जाता है। यहां कनाडियन मैनूवर ट्रेनिंग सेंटर भी है, जहां जवान युद्ध के मैदान जैसी परिस्थितियों में ट्रेनिंग लेते हैं। इसके अलावा, यहां तीसरे कनाडाई डिवीजन के सैनिकों को भी सैन्य प्रशिक्षण दिया जाता है। ———————— यह खबर भी पढ़ें… अमेरिका में चुनावी प्रचार में AI का इस्तेमाल बढ़ा:न्यूयॉर्क के मेयर को महंगाई की दवा बेचते, डेमोक्रेट उम्मीदवार को 9/11 पर हंसते दिखाया अमेरिका में मिडटर्म चुनाव से पहले राजनीतिक प्रचार में AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। उम्मीदवारों और राजनीतिक संगठनों ने AI से बने विज्ञापनों के प्रचार पर करीब 1300 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। पूरी खबर पढ़ें…

डेंटिस्ट बनने दुबई गईं भारतीय महिला, डांस फिटनेस से बदली किस्मत, अब हर महीने कमाती हैं 11 लाख रुपये

कभी-कभी जिंदगी में एक छोटा-सा शौक करियर की ऐसी राह खोल देता है, जिसके बारे में इंसान ने कभी सोचा भी नहीं होता। भारतीय महिला मोनिका सिंह के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। वह डेंटिस्ट बनने का सपना लेकर दुबई पहुंची थीं, लेकिन डांस फिटनेस में उनकी दिलचस्पी ने उन्हें एक अलग पहचान दिला दी। आज वह दुबई में महिलाओं की फिटनेस और हेल्थ से जुड़ा अपना बिजनेस चला रही हैं और हर महीने करीब 10.9 लाख से 11.6 लाख रुपये तक कमाती हैं।

भारत से दुबई पहुंचीं, डेंटिस्ट के तौर पर काम करने की थी तैयारी

द नेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, मोनिका सिंह करीब 12 साल पहले दुबई गई थीं। उनका इरादा वहां डेंटिस्ट के रूप में अपना करियर बनाने का था। इसके लिए उन्हें दुबई हेल्थ अथॉरिटी (DHA) की लाइसेंसिंग परीक्षा पास करनी थी। इसी तैयारी के दौरान वह ग्रुप वर्कआउट क्लास में जाने लगीं। यहां उन्हें डांस फिटनेस पसंद आने लगी। शुरुआत में यह सिर्फ एक्सरसाइज और खुद को फिट रखने का तरीका था, लेकिन धीरे-धीरे यही उनका जुनून बन गया। मोनिका ने बताया कि वह पहले फिटनेस को लेकर ज्यादा दिलचस्पी नहीं रखती थीं। डांस फिटनेस क्लास में जाने के बाद उन्हें एहसास हुआ कि वह इस क्षेत्र में काम करना चाहती हैं। उन्होंने अपने पति से इस बारे में बात की और पति ने भी उनके फैसले का समर्थन किया।

फिटनेस क्लास से शुरू हुआ सफर

मोनिका ने दुबई के अलग-अलग स्टूडियो में ग्रुप एक्सरसाइज क्लास लेना शुरू किया। इससे उन्हें फिटनेस इंडस्ट्री में अनुभव मिला और आगे चलकर अपना बिजनेस शुरू करने का रास्ता खुला। डेंटिस्ट्री की पढ़ाई ने भी उनके काम में मदद की। मानव शरीर की बनावट और उसके काम करने के तरीके की उनकी समझ ने उन्हें फिटनेस और महिलाओं की सेहत को बेहतर तरीके से समझने में मदद की। इसके बाद उन्होंने महिलाओं की वेलनेस, खासकर मिडलाइफ के दौरान होने वाले बदलावों पर ध्यान दिया और इससे जुड़ी ट्रेनिंग भी ली।

23 महिलाओं को देती हैं कोचिंग

आज मोनिका दुबई में महिलाओं को फिटनेस और वेलनेस कोचिंग देती हैं। रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल उनके पास 23 क्लाइंट हैं। उनकी मासिक कमाई 42,000 से 45,000 दिरहम के बीच बताई गई है, जो भारतीय रुपये में करीब 10.9 लाख से 11.6 लाख रुपये होती है। उनका तरीका महिलाओं को जरूरत से ज्यादा कठिन एक्सरसाइज या शारीरिक दबाव में डालने के बजाय उनकी जरूरतों के हिसाब से फिटनेस लक्ष्य हासिल करने में मदद करना है।

लाखों की कमाई के बावजूद निवेश नहीं

अच्छी कमाई होने के बावजूद मोनिका ने अभी निवेश करना शुरू नहीं किया है। वह फिलहाल अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा बचाकर रखती हैं। उनके सात साल के बेटे की स्कूल फीस, कार लोन और घर के रोजमर्रा के खर्च भी उनकी जिम्मेदारियों में शामिल हैं। मोनिका के मुताबिक, वह घरेलू खर्चों के लिए हर महीने करीब 3,000 से 4,000 दिरहम अलग रखती हैं और बाकी रकम बचाती हैं। घर के अन्य खर्चों की जिम्मेदारी उनके पति संभालते हैं।

अब ऑनलाइन बिजनेस और बड़े घर का सपना

मोनिका का अगला लक्ष्य अपने वेलनेस बिजनेस के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल और ऐप लॉन्च करना है। इसके लिए वह पैसे जोड़ रही हैं, क्योंकि इसे तैयार करने में काफी खर्च आएगा।

लंबे समय में वह अपने परिवार के साथ बड़ा घर खरीदना चाहती हैं। उनकी कहानी बताती है कि करियर का रास्ता हमेशा पहले से तय नहीं होता। कभी-कभी किसी नए अनुभव को मौका देना जिंदगी की दिशा बदल सकता है। हालांकि, उनकी कमाई और सफलता का यह सफर उनकी अपनी परिस्थितियों और बिजनेस पर आधारित है।

एक दिन लेट किराया देने पर लगा जुर्माना, Gen Z किराएदार ने ऐसा पलटवार किया कि मकान मालिक की बोलती बंद!

पटना तारामंडल में बनेगा बिहार का पहला एस्ट्रो पार्क! सूर्य घड़ी से चलेगा समय का पता, टेलीस्कोप से दिखेंगे ग्रह

सूर्य की चाल से समय का अंदाजा लगाना हो या धरती के घूमने की स्पीड को करीब से समझना, अब इन वैज्ञानिक सिद्धांतों को जानने के लिए सिर्फ किताबों के पन्ने पलटने की जरूरत नहीं होगी। बिहार की राजधानी पटना के इंदिरा गांधी विज्ञान परिसर यानी तारामंडल में कुछ ऐसा ही खास इंतजाम होने जा रहा है। यहां विज्ञान को देखकर, समझकर और अनुभव करके सीखा जा सकेगा। यहां एस्ट्रो पार्क और मॉडर्न ऑब्जर्वेटरी डोम बनाया जा रहा है। यह पहल खास तौर पर स्टूडेंट्स, खगोल विज्ञान में रुचि रखने वालों और विज्ञान को करीब से जानने की इच्छा रखने वाले लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकती है।

क्या क्या होगा एस्ट्रो पार्क के खास

इनकम टैक्स गोलंबर के पास स्थित तारामंडल परिसर में बन रहे एस्ट्रो पार्क सूर्य घड़ी की थीम पर आधारित होगा। यहां11 इंटरैक्टिव साइंस मॉडल लगाए जाने हैं। इनके माध्यम से दर्शक सूर्यघड़ी, पृथ्वी की घूर्णन गति और समय की गणना जैसे वैज्ञानिक सिद्धांतों को सरल और रोचक तरीके से समझ सकेंगे। यानी विज्ञान की पढ़ाई केवल किताबों और क्लास तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि दर्शकों को उसे अपनी आंखों से देखने और अनुभव करने का मौका भी मिलेगा।

सूर्य घड़ी से समझेंगे समय का विज्ञान

एस्ट्रो पार्क में अब तक दो साइंस मॉडल लगाए जा चुके हैं। इनमें इंटरैक्टिव सन डायल और वर्टिकल सन डायल शामिल हैं। ये मॉडल सूर्य की स्थिति और छाया के आधार पर समय की गणना जैसे सिद्धांतों को समझने में मदद करेंगे। सन डायल यानी सूर्य घड़ी समय मापने की प्राचीन वैज्ञानिक विधियों में से एक है। सूर्य की स्थिति बदलने के साथ छाया की दिशा और लंबाई में होने वाले बदलाव से समय का अनुमान लगाया जाता है। एस्ट्रो पार्क में ऐसे मॉडलों के जरिये स्टूडेंट्स यह समझ सकेंगे कि आधुनिक घड़ियों के प्रचलन से पहले समय की गणना किस तरह की जाती थी और सूर्य-पृथ्वी की गति का इससे क्या संबंध है। पार्क में बाकी नौ साइंस मॉडल लगाए जाने हैं। इनके पूरा होने के बाद परिसर में विज्ञान और खगोल विज्ञान से जुड़े सिद्धांतों को समझने के लिए एक नया शैक्षणिक आकर्षण तैयार होगा।

छत पर बनेगा ऑब्जर्वेटरी डोम, टेलीस्कोप से दिखेंगे ग्रह

एस्ट्रो पार्क के साथ तारामंडल की छत पर अत्याधुनिक ऑब्जर्वेटरी डोम बनाने की भी प्लानिंग है। इस परियोजना का सबसे खास आकर्षण यहां स्थापित होने वाला जाइंट टेलीस्कोप होगा। इसके लिए नेशनल काउंसिल ऑफ साइंस म्यूजियम (एनसीएसएम) की ओर से करीब एक करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं।

उच्च क्षमता वाले लेंस और ट्रैकिंग सिस्टम से लैस इस टेलीस्कोप की मदद से सूर्य, चंद्रमा और मंगल, बृहस्पति और शनि जैसे खगोलीय पिंडों को प्रत्यक्ष देखने की सुविधा भी देने की योजना है। इससे लोगों को अंतरिक्ष और ग्रहों के बारे में पढ़ने के साथ उन्हें दूरबीन के माध्यम से देखने का अवसर भी मिल सकेगा।

1.32 करोड़ रुपये से आकार ले रहा प्रोजेक्ट

तारामंडल परिसर में एस्ट्रो पार्क और ऑब्जर्वेटरी डोम के निर्माण पर कुल 1.32 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाने हैं। इसमें एस्ट्रो पार्क के लिए 32.56 लाख रुपये और ऑब्जर्वेटरी डोम के लिए 99.71 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी भवन निर्माण विभाग को सौंपी गई है। सिविल वर्क चल रहा है। इस परियोजना पर जनवरी 2026 से काम शुरू हुआ था। परियोजना के पूरा होने पर तारामंडल परिसर में खगोल विज्ञान से जुड़ी गतिविधियों और शैक्षणिक अनुभवों का दायरा बढ़ने की उम्मीद है।

रोजाना 1500 से अधिक दर्शक पहुंचते हैं तारामंडल

पटना का इंदिरा गांधी विज्ञान परिसर पहले से ही विज्ञान और अंतरिक्ष में दिलचस्पी रखने वाले लोगों के बीच लोकप्रिय है। यहां हर दिन करीब 1500 से अधिक दर्शकों के पहुंचने की जानकारी मिली है। तारामंडल में प्रतिदिन संचालित होने वाले आठों शो में भी दर्शकों की अच्छी भीड़ रहती है। इसके अलावा वीआर और दूसरे शो को लेकर भी लोगों में खासा उत्साह देखने को मिलता है।

पटना से सच्चिदानंद की रिपोर्ट

Stocks to Watch on Monday: इन 5 दिग्गज बैंकिंग शेयरों में 19 अक्तूबर को दिखेगी बड़ी हलचल

Stocks to Watch on Monday:  शेयर बाजारों में 19 अक्तूबर यानी सोमवार को कई स्टॉक्स में बड़ी हलचल दिख सकती है। कई बड़े बैंकों ने हफ्ते के अंत में सितंबर तिमाही के नतीजों का एलान किया है। उनके शेयरों पर सोमवार को नतीजों का असर दिखेगा। कई बैंकों का प्रदर्शन सितंबर तिमाही में अच्छा रहा है। कुछ कंपनियों को बड़े ऑर्डर्स मिले हैं। इस वजह से उनके शेयरों में तेजी दिख सकती है। आइए इन शेयरों के बारे में जानते हैं।

एचडीएफसी बैंक की NII में 10% उछाल

HDFC Bank ने सितंबर तिमाही के नतीजों का ऐलान किया है। इस दौरान बैंक का नेट प्रॉफिट 4.7 फीसदी बढ़कर 19,510 करोड़ रुपये पहुंच गया। नेट इंटरेस्ट इनकम में 9.7 का इजाफा दिखा। हालांकि, नेट इंटरेस्ट मार्जिन 3.16 फीसदी से अब तक के सबसे निचले स्तर पर आ गया। साल दर साल आधार पर बैंक की ट्रेजरी ट्रेडिंग इनकम भी 67.4 फीसदी गिर गई। बैंक के शेयरों पर दूसरी तिमाही के नतीजों का असर 19 अक्तूबर को दिखेगा।

Axis Bank का प्रॉफिट 37 फीसदी उछला

Axis Bank का प्रदर्शन सितंबर तिमाही में शानदार रहा है। इस दौरान बैंक का प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 37.6 फीसदी बढ़कर 7,003 करोड़ रुपये रहा। नेट इंटरेस्ट इनकम 11.8 फीसदी बढ़कर 15,372 करोड़ रुपये हो गई। यह बाजार के अनुमान से ज्यादा है। एसेट क्वालिटी में भी इम्प्रूवमेंट दिखा। इससे 19 अक्तूबर को बैंक के शेयर में तेजी दिख सकती है।

ICICI Bank का प्रॉफिट 20 फीसदी बढ़ा

ICICI Bank देश का दूसरा सबसे बड़ा प्राइवेट बैंक है। सितंबर तिमाही में बैंक का प्रदर्शन अच्छा रहा है। साल दर साल आधार पर इस दौरान नेट प्रॉफिट 20.1 फीसदी बढ़कर 14,843 करोड़ रुपये रहा। नेट इंटरेस्ट इनकम 17.7 फीसदी बढ़कर 25,339 करोड़ रुपये रही। सोमवार को बैंक के शेयरों में उछाल दिख सकता है।

पीएनबी का मुनाफा 11 फीसदी बढ़ा

पंजाब नेशनल बैंक का प्रदर्शन भी सितंबर तिमाही में अच्छा रहा। इस दौरान बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम 10.8 फीसदी बढ़कर 11,601 करोड़ रुपये रही। नेट प्रॉफिट 12.8 फीसदी बढ़कर 5,532.2 करोड़ रुपये रहा। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स गिरकर 2.55 फीसदी पर आ गया। पीएनबी सरकारी बैंक है। इसके शेयरों पर नतीजों का असर 19 अक्तूबर को दिखेगा।

यह भी पढ़ें: AI में निवेश घटा तो एशियाई शेयर बाजारों में मच सकता है कोहराम, जानिए भारतीय शेयर बाजार पर पड़ेगा कितना असर

यस बैंक का प्रदर्शन भी सितंबर तिमाही में अच्छा

प्राइवेट सेक्टर के यस बैंक का प्रदर्शन भी सितंबर तिमाही में अच्छा रहा है। बैंक का नेट प्रॉफिट इस दौरान 65.14 फीसदी बढ़कर 1,080 करोड़ रुपये रहा। नेट इंटरेस्ट इनकम 22.7 फीसदी बढ़कर 2,822 करोड़ रुपये रही। एनपीए भी 1.3 फीसदी से घटकर 1.2 फीसदी पर आ गया। बैंक ने सितंबर तिमाही में 317.3 करोड़ रुपये का प्रोविजन किया, जबकि पहली तिमाही में उसे 394.4 करोड़ रुपये का प्रोविजनिंग करना पड़ा था।

नोएडा में एक भी सेक्टर 100% अतिक्रमण मुक्त नहीं! गांवों में बिल्डिंग बायलॉज लागू नहीं होने से खड़े हो रहे कई मंजिला घर, अधिकारी छुप्पी साधे

Noida Encroachment News: नोएडा में अतिक्रमण को लेकर एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। राजधानी दिल्ली से सटे यूपी के प्रमुख शहर में नंबरिंग के हिसाब से कुल 168 सेक्टर हैं।  लेकिन इनमें कुछ सेक्टर मास्टर प्लान में शामिल नहीं हैं। वहीं धरातल पर नोएडा के भूभाग में मौजूद करीब 163 सेक्टरों में एक भी ऐसा सेक्टर नहीं है जिसे 100 प्रतिशत अतिक्रमण मुक्त कहा जा सके. यहां तक कि सेक्टर-15ए, 14ए, 105 और 108 जैसे प्रमुख सेक्टर भी अतिक्रमण से पूरी तरह अछूते नहीं हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि जब शहर के प्रमुख और विकसित सेक्टर भी पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त नहीं हैं, तो नोएडा में अतिक्रमण पर नियंत्रण की व्यवस्था कितनी प्रभावी है।

किरायेदारों की जान जोखिम में

वहीं, दूसरी बड़ी तस्वीर नोएडा से सटे गांवों की है। नोएडा के गांवों में प्राधिकरण की नक्शा नीति लागू नहीं होती और बिल्डिंग बायलॉज भी लागू नहीं होने की बात सामने आती है। हालांकि गांवों में सड़क, पानी और सीवर जैसी मूलभूत सुविधाओं की जिम्मेदारी प्राधिकरण की है। इसी व्यवस्था का फायदा उठाकर शहर से सटे कई गांवों में कई-कई मंजिला इमारतें खड़ी कर ली जाती हैं।

इन बिल्डिंग में बड़ी संख्या में किरायेदारों के रहते हैं। इससे सुरक्षा और हादसों को लेकर सवाल खड़े होते हैं। खासकर लाल डोरा वाली जमीन पर अवैध निर्माण को लेकर भी लगातार सवाल उठते रहते हैं। वहीं कुछ जगहों पर भूमाफिया, स्थानीय लोगों और संबंधित व्यवस्था की मिलीभगत से निर्माण गतिविधियां चलती हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि बिना स्वीकृत नक्शे और निर्धारित बिल्डिंग नियमों के कई मंजिला इमारतें आखिर कैसे खड़ी हो रही हैं।

अधिकारियों का जवाब पढ़िये

इसी मुद्दे पर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों से सवाल किया गया कि नोएडा में ऐसा कौन सा सेक्टर है जो 100 प्रतिशत अतिक्रमण मुक्त है। साथ ही यह भी पूछा गया कि जब गांवों में प्राधिकरण की नक्शा नीति और बिल्डिंग बायलॉज लागू नहीं हैं, तो वहां कई मंजिला इमारतों के निर्माण और उनमें रहने वाले लोगों की सुरक्षा की निगरानी कैसे होती है।

NOIDA_ATIKRAMD_

इस मामले में प्राधिकरण की AECO वंदना त्रिपाठी से बात की गई। उन्होंने कहा कि इस विषय पर बेहतर जवाब OSD क्रांति शेखर सिंह दे पाएंगे। OSD क्रांति शेखर सिंह से संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि यह उनके कार्यक्षेत्र में आता है। लेकिन इस बारे में उनसे अधिक बेहतर जवाब GM ए.के. अरोड़ा और GM एस.पी. सिंह दे सकते हैं।

अवैध निर्माण लगातार जारी

अधिकारियों का पक्ष जानने के लिए GM ए.के. अरोड़ा और GM एस.पी. सिंह से लगातार दो दिन तक फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई। दोनों अधिकारियों की ओर से कॉल का जवाब नहीं मिला। एस.पी. सिंह के PA ने फोन उठाकर बताया कि साहब मीटिंग में हैं। मीटिंग से आते ही वापस कॉल करेंगे। इसके बाद भी कोई जवाब नहीं आया। अधिकारियों को संदेश भेजकर भी सवालों का जवाब मांगा गया, लेकिन उसका भी कोई जवाब नहीं मिला।

NOIDA_ATIKRAMD_1

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब नोएडा के किसी भी सेक्टर को 100 प्रतिशत अतिक्रमण मुक्त नहीं है, तो अतिक्रमण रोकने की जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होती है? वहीं गांवों में बिल्डिंग बायलॉज लागू नहीं होने की स्थिति में कई मंजिला निर्माण, किरायेदारी और लोगों की सुरक्षा को लेकर जिम्मेदारी किसकी है। इन सवालों के जवाब प्राधिकरण के आलाधिकारी नहीं दे पाए।

(नोएडा से सुमित राजपूत की रिपोर्ट)

एक दिन लेट किराया देने पर लगा जुर्माना, Gen Z किराएदार ने ऐसा पलटवार किया कि मकान मालिक की बोलती बंद!

किराए के घर में रहने वाले लोगों और मकान मालिकों के बीच छोटी-छोटी बातों पर विवाद होना आम है, लेकिन एक Gen Z किराएदार ने इस समस्या से निपटने का ऐसा तरीका अपनाया, जिसकी सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है। मामला किराया देर से जमा करने पर लगे जुर्माने से शुरू हुआ, लेकिन जल्द ही इसमें घर की मरम्मत से जुड़ी पुरानी शिकायतें भी सामने आ गईं। किराएदार ने बहस करने या मकान मालिक से उलझने के बजाय सभी शिकायतों का रिकॉर्ड तैयार किया और दूसरे किराएदारों को भी इसमें शामिल कर लिया।

इसके बाद जब मकान मालिक ने किराया जमा करने की याद दिलाई, तो उसे अपनी ही शर्तों के बीच एक असहज सवाल का सामना करना पड़ा। इस पूरे मामले ने किराएदारों के अधिकारों और मकान मालिकों की जिम्मेदारियों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

6 तारीख को दिया किराया, तो लगा जुर्माना

X पर Dekim_Kalvino नाम के यूजर ने यह किस्सा साझा किया। पोस्ट के मुताबिक, मकान मालिक का नियम था कि हर महीने की 5 तारीख के बाद किराया देने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा। एक Gen Z किराएदार ने 6 तारीख को किराया दिया, जिसके बाद उस पर भी जुर्माना लगा दिया गया। उसने बहस करने के बजाय मकान मालिक की अनदेखी की गई मरम्मत संबंधी शिकायतों का रिकॉर्ड बनाना शुरू कर दिया।

स्प्रेडशीट में जुटाए सबूत

किराएदार ने एक स्प्रेडशीट तैयार की, जिसमें लंबित मरम्मत की शिकायतों की तारीखें और स्क्रीनशॉट दर्ज किए। फिर उसने यह रिकॉर्ड दूसरे किराएदारों के साथ साझा किया। इसके बाद अन्य लोगों ने भी अपनी शिकायतों के सबूत उसमें जोड़ने शुरू कर दिए। इस तरह एक व्यक्ति की शिकायत कई किराएदारों की समस्याओं का दस्तावेज बन गई। अब मकान मालिक के सामने केवल जुर्माने का मामला नहीं, बल्कि लंबित शिकायतों का पूरा रिकॉर्ड था।

किराएदार ने याद दिलाया नियम

अगले महीने जब मकान मालिक ने किराया जमा करने का रिमाइंडर भेजा, तो किराएदार ने जवाब में कहा कि किराया 5 तारीख तक देना जरूरी है, लेकिन मरम्मत की शिकायतें 63 दिनों से लंबित हैं। पोस्ट के अनुसार, मकान मालिक ने बाद में उसे निजी तौर पर फोन किया और स्प्रेडशीट हटाने को कहा। किराएदार ने इनकार करते हुए तर्क दिया कि अगर देर से किराया देने पर जुर्माना लगाया जा सकता है, तो मरम्मत में देरी की जवाबदेही भी होनी चाहिए। इसके बाद मकान मालिक ने कथित तौर पर फोन काट दिया।