Lionel Messi Retirement: लियोनेल मेसी ने इंटरनेशनल फुटबॉल से लिया संन्यास, अब अर्जेंटीना की जर्सी में नहीं आएंगे नजर

Lionel Messi Retirement: दुनिया के महानतम फुटबॉलरों में शुमार लियोनेल मेसी ने इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। मेसी ने अर्जेंटीना के लिए अपना आखिरी मैच 2026 फीफा वर्ल्ड कप के फाइनल में खेला, जहां अर्जेंटीना को 1-0 से हार का सामना करना पड़ा।

अपने एक भावुक बयान में मेसी ने कहा कि उन्होंने फाइनल के दो दिन बाद ही रिटायर होने का फैसला कर लिया था और उनके पिता जॉर्ज के गुजर जाने के बाद उन्हें अपने इस फैसले पर और भी ज्यादा यकीन हो गया।

क्लब फुटबॉल के दिग्गज मेसी, 18 साल की उम्र में 17 अगस्त 2005 को हंगरी के खिलाफ एक फ्रेंडली मैच में डेब्यू करने के बाद से ही अर्जेंटीना की पहचान, शान और उम्मीद रहे हैं। उन्होंने कतर में हुए 2022 फीफा वर्ल्ड कप में नेशनल टीम को जीत दिलाई और अपना दूसरा गोल्डन बॉल भी जीता।

मेसी ने 2021 और 2024 में लगातार कोपा अमेरिका चैंपियनशिप जीतीं, साथ ही इटली के खिलाफ 2022 की फाइनलिसीमा ट्रॉफी भी अपने नाम की। उन्होंने 2008 बीजिंग गेम्स में ओलंपिक गोल्ड मेडल और 2005 FIFA U-20 वर्ल्ड कप भी जीता। कुल मिलाकर, 207 मैचों में उन्होंने 125 गोल किए और 65 गोल करने में मदद की।

हालांकि, मेसी इंटर मियामी के लिए खेलना जारी रखेंगे।

रिटायरमेंट पर मेसी का पूरा बयान

“फाइनल के बाद इतना समय बीतने और इस बारे में काफी सोचने के बाद, मैं सभी को बताना चाहता हूं कि मैं नेशनल टीम से रिटायर हो रहा हूं… यह एक ऐसा फैसला था जिससे मुझे बहुत दुख हुआ और अब भी अंदर तक दुख होता है, लेकिन मैं समझता हूं कि यही सही समय है।

“मैं कसम खाता हूं कि मैंने हमेशा अपना सब कुछ दिया, न सिर्फ इन कुछ सालों में जब हमने सब कुछ जीता, बल्कि उससे पहले भी। मैंने हमेशा इस जर्सी के लिए संघर्ष किया और अपना सब कुछ दिया, ताकि आपको खुशी दे सकूं और फुटबॉल के जरिए आपको अर्जेंटीना का होने पर गर्व महसूस करा सकूं।

“अब ज्यादा समय नहीं बचा है, और जिंदगी के अलग-अलग अध्याय खत्म हो रहे हैं। यह एक ऐसा अध्याय है जो मुझे बहुत दुखी करता है। मुझे नेशनल टीम का हिस्सा बने रहना पसंद है, पसंद था और हमेशा पसंद रहेगा। मैंने अपना सब कुछ दे दिया, और अब मेरे पास देने के लिए कुछ और नहीं बचा है।

इसके अलावा, कई बेहतरीन युवा खिलाड़ी भी आ रहे हैं जो यहां होने के हकदार हैं।

“इन 20 सालों में मिले सारे प्यार के लिए शुक्रिया। मुझे मैदान के अंदर से आपकी आवाज सुनना बहुत याद आएगा। अब मैं भी आपमें से ही एक हो जाऊंगा और हमेशा बाहर से आपका साथ दूंगा—चाहे अच्छे पल हों या बुरे, बुरे समय में तो और भी ज्यादा।

“मेरे परिवार का शुक्रिया कि वे हमेशा मेरे साथ रहे और इस खूबसूरत लेकिन मुश्किल सफर में मेरा साथ दिया। उन सभी कोच, टीम के साथियों और डायरेक्टर का भी शुक्रिया जिनके साथ मुझे यह सफर तय करने का मौका मिला। मैं अपने साथ कभी न भूलने वाली यादें और पल लेकर जा रहा हूं। मैं सुकून और गर्व के साथ जा रहा हूं, यह जानते हुए कि मैंने अपनी टीम के साथियों के साथ मिलकर आपको वे पल दिए जिनका हमने कभी सपना देखा था। आप सबके साथ यह सब अनुभव करना अद्भुत था। मैं आप सभी से बहुत प्यार करता हूं!

“मुझे अर्जेंटीना का नागरिक बनाने के लिए भगवान का शुक्रिया। वामोस अर्जेंटीना! मैंने ये शब्द 21 जुलाई को, फाइनल के दो दिन बाद लिखे थे। आज, मेरे पिता के साथ जो हुआ, उसके बाद मुझे अपने इस फैसले पर पहले से कहीं ज्यादा यकीन हो गया है।”

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UP Rain: लखनऊ-कानपुर समेत चार जिलों में अगले तीन घंटों में भारी बारिश का रेड अलर्ट, अन्य जिलों का क्या हाल?

यूपी में लगातार हो रही बारिश ने लोगों का शहरी लोगों का जनजीवन अस्तव्यस्त करके रख दिया है। एक बार फिर राजधानी लखनऊ समेत चार लोगों में अगले तीन घंटों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

PM मोदी की दो टूक, पुतिन से बोले- युद्ध का हर दिन मानवता को पीछे ले जाता है, SCO से इतर मिले नेता, फिर दिखी कार डिप्लोमेसी

PM मोदी की दो टूक, पुतिन से बोले- युद्ध का हर दिन मानवता को पीछे ले जाता है, SCO से इतर मिले नेता, फिर दिखी कार डिप्लोमेसी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन से इतर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। करीब 30 मिनट चली द्विपक्षीय बैठक में दोनों नेताओं ने भारत-रूस संबंधों, व्यापार, निवेश, ऊर्जा और रक्षा सहयोग समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। बैठक के दौरान पीएम मोदी ने यूक्रेन संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि भारत सभी शांतिपूर्ण प्रयासों का समर्थन करता रहेगा। उन्होंने कहा कि युद्ध का हर दिन मानवता को पीछे ले जाता है, जबकि शांति की दिशा में उठाया गया हर कदम नई उम्मीद और उत्साह पैदा करता है।

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‘अनंत युद्ध से युद्ध की समाप्ति की ओर बढ़ना होगा’

 

पीएम मोदी ने कहा, “हमें अंतहीन युद्ध से निकलकर युद्ध की समाप्ति की दिशा में आगे बढ़ना होगा।” उन्होंने शांतिपूर्ण समाधान की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि यह पूरी मानवता के कल्याण के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का संदेश स्पष्ट है—सभी समस्याओं का जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी और गौतम बुद्ध की धरती का संदेश शांति का है।

 

पुतिन को बताया ‘मेरे मित्र’

 

द्विपक्षीय बैठक की शुरुआत में पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन का स्वागत करते हुए कहा, “मेरे मित्र, आपसे मिलकर मुझे बहुत खुशी हुई।” पीएम मोदी ने पुतिन की पिछली भारत यात्रा को सफल और यादगार बताया। उन्होंने कहा कि उस यात्रा ने दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई देने में मदद की थी। दिल्ली में हुई पिछली बैठक में लिए गए फैसलों को लागू करने में दोनों देशों के अधिकारी लगातार काम कर रहे हैं।

 

व्यापार से रक्षा तक कई मुद्दों पर चर्चा

 

भारत और रूस के बीच हुई बातचीत में दोनों देशों के संबंधों के प्रमुख क्षेत्रों पर चर्चा हुई। इनमें प्रमुख रूप से:

 

  • व्यापार और निवेश
  • ऊर्जा सहयोग
  • रक्षा संबंध
  • द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग
  • आपसी राष्ट्रीय हित

 

शामिल रहे।

 

पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देश अपने-अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ सकते हैं।

 

कार डिप्लोमेसी की तस्वीर फिर आई सामने

 

भारत-रूस संबंधों की खास तस्वीर एक बार फिर देखने को मिली। दोनों नेताओं ने World Nomad Games देखने के लिए एक साथ कार में सफर किया। मोदी और पुतिन के बीच इस तरह की ‘कार डिप्लोमेसी’ पहले भी देखने को मिल चुकी है। इससे पहले चीन के तियानजिन में SCO Summit के दौरान दोनों नेताओं की साथ कार में बातचीत चर्चा में रही थी। इसके कुछ समय बाद 2025 में पुतिन की भारत यात्रा के दौरान भी दोनों नेताओं के बीच कार में बातचीत की तस्वीरें सामने आई थीं।

BRICS Summit से पहले हुई अहम मुलाकात

पुतिन की भारत यात्रा से करीब एक सप्ताह पहले हुई यह मुलाकात रणनीतिक रूप से भी अहम मानी जा रही है। रूस के राष्ट्रपति आगामी BRICS Summit के लिए भारत आने वाले हैं। पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय पुतिन के भारत आगमन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं और उनकी मौजूदगी से मॉस्को और नई दिल्ली के संबंध और मजबूत होंगे।

 

पीएम मोदी ने X पर शेयर किया वीडियो

बैठक से पहले पीएम मोदी ने पुतिन से हाथ मिलाया और दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से एक-दूसरे का अभिवादन किया। बैठक के बाद प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दोनों नेताओं की बातचीत का वीडियो भी साझा किया।

स्मार्टफोन नहीं है? फिर भी कर सकेंगे UPI पेमेंट, PhonePe ने शुरू की खास सुविधा

PhonePe ने एक नई UPI सर्विस शुरू की है, जिसका मकसद फीचर फोन पर डिजिटल पेमेंट की सुविधा देना है। यह सर्विस यूजर्स को कम्पैटिबल हैंडसेट पर जरूरी UPI फंक्शन इस्तेमाल करने की सुविधा देती है, जिससे पेमेंट प्लेटफॉर्म का दायरा स्मार्टफोन से आगे बढ़ता है। इसे कई मैन्युफैक्चरर्स के फीचर फोन मॉडल के जरिए पेश किया जा रहा है और आने वाले महीनों में और भी डिवाइस पर यह सर्विस मिलने की उम्मीद है। इस लॉन्च से उन यूजर्स के लिए भी नए विकल्प खुलते हैं जो रोजाना बातचीत के लिए फीचर फोन पर निर्भर हैं और जिनके पास स्मार्टफोन की सुविधा नहीं है।

PhonePe ने फीचर फोन के लिए शुरू की बिना इंटरनेट UPI पेमेंट सुविधा

PhonePe ने एक प्रेस रिलीज में बताया कि उसकी UPI 123Pay सर्विस अब पूरे भारत में सपोर्टेड फीचर फोन पर उपलब्ध है। यह सर्विस बिना इंटरनेट कनेक्शन के काम करती है और ट्रांजैक्शन (जैसे पैसे भेजना और मर्चेंट पेमेंट) के लिए SMS का इस्तेमाल करती है। इसे ऐसे इलाकों में भी काम करने के लिए डिजाइन किया गया है जहां 2G कनेक्टिविटी कमजोर है, और यह भारत के 20 करोड़ से ज्यादा फीचर फोन यूजर्स तक UPI सर्विस पहुंचाती है।

UPI 123Pay सर्विस में पर्सन-टू-पर्सन ट्रांसफर, मर्चेंट पेमेंट, बैंक बैलेंस चेक और ट्रांजैक्शन हिस्ट्री जैसी सुविधाएं मिलती हैं। आने वाले अपडेट्स में PhonePe इस सर्विस में बिल पेमेंट, मोबाइल रिचार्ज और आधार के जरिए UPI रजिस्ट्रेशन जैसी सुविधाएं भी जोड़ने की योजना बना रहा है।

HMD ने कई फीचर फोन मॉडल्स में PhonePe UPI 123Pay का सपोर्ट मिलने की पुष्टि की है। इनमें HMD 105 2G, HMD 110 2G, Nokia 105 Classic, Nokia 105 Single SIM, Nokia 105 Dual SIM, Nokia 106 और Nokia 123 Shield शामिल हैं। आने वाले समय में HMD और Nokia के कुछ और फीचर फोन में भी यह सुविधा मिल सकती है।

PhonePe ने यूजर्स की मदद के लिए AI बेस्ड वॉइस हेल्पलाइन भी शुरू की है। इसके जरिए यूजर्स आसानी से इस सर्विस को सेटअप कर सकेंगे। यह हेल्पलाइन अंग्रेजी के साथ 12 भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करती है। इसमें सर्विस एक्टिवेट करने के लिए स्टेप-बाय-स्टेप जानकारी दी जाती है और UPI से जुड़े सामान्य सवालों के जवाब भी मिलते हैं।

यूजर्स कम्पैटिबल फीचर फोन पर पहले से इंस्टॉल PhonePe ऐप के ज़रिए सर्विस सेट अप कर सकते हैं। उन्हें नियम और शर्तें स्वीकार करनी होंगी, अपना बैंक चुनना होगा, अपने डेबिट कार्ड के आखिरी छह अंक और उसकी एक्सपायरी डेट डालनी होगी, और एक UPI PIN बनाना होगा।

रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद यूजर्स कॉन्टैक्ट, मोबाइल नंबर या UPI ID के जरिए पेमेंट कर सकेंगे। जिन फीचर फोन में कैमरा है, उनमें QR कोड स्कैन करके भी भुगतान किया जा सकेगा।

पेमेंट करने से पहले यूजर्स को प्राप्तकर्ता की जानकारी चेक करनी होगी। इसके बाद पेमेंट की रकम दर्ज करके UPI PIN डालना होगा और फिर पेमेंट कन्फर्म करना होगा।

फिलहाल PhonePe UPI 123Pay की सुविधा HMD, Nokia, Lava International और Itel Mobile के चुनिंदा फीचर फोन मॉडल्स पर उपलब्ध है। PhonePe आने वाले महीनों में इसे और ज्यादा फीचर फोन मॉडल्स तक पहुंचाने की तैयारी कर रहा है।

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Yogi Adityanath की Zero Tolerance Policy : अंकित बालियान हत्याकांड, गाने के विवाद से गैंगवार तक कैसे पहुंची कहानी? DGP ने खोला दोनों शूटर्स का पूरा राज

Yogi Adityanath की Zero Tolerance Policy : अंकित बालियान हत्याकांड, गाने के विवाद से गैंगवार तक कैसे पहुंची कहानी? DGP ने खोला दोनों शूटर्स का पूरा राज

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत यूपी पुलिस ने हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान हत्याकांड के दो आरोपी शूटरों को शामली कोतवाली क्षेत्र में मुठभेड़ में ढेर कर दिया। दोनों आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। इस संबंध में यूपी पुलिस मुख्यालय में डीजीपी राजीव कृष्ण ने सोमवार को प्रेसवार्ता में कहा कि प्रदेश की धरती को किसी भी गैंग की शरणस्थली नहीं बनने दिया जाएगा। प्रदेश की सीमा से बाहर व विदेशों से साजिश रचने वाले अपराधी भी किसी गलतफहमी में न रहें।   

 

थाना कोतवाली शामली क्षेत्रान्तर्गत पुलिस टीम द्वारा चेकिंग के दौरान 02 संदिग्ध व्यक्तियों को रोकने का प्रयास किया गया, जिस पर दोनों संदिग्धों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस टीम द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपी गोली लगने से घायल हो गए। उन्हें तत्काल उपचार हेतु अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों की टीम द्वारा परीक्षण के उपरान्त दोनों को मृत घोषित कर दिया गया।

 

डीजीपी के मुताबिक मुठभेड़ में मारे गए आरोपियों की पहचान मोहित निवासी सोनीपत और सुमित निवासी कुंडली, सोनीपत के रूप में हुई है। कार्रवाई के दौरान आरोपियों की फायरिंग में शामली स्वाट टीम के हेड कांस्टेबल हरविंदर और हेड कांस्टेबल प्रदीप भी गोली लगने से घायल हुए हैं, जिनका शामली के जिला संयुक्त चिकित्सालय में उपचार चल रहा है। मृत आरोपी मोहित के खिलाफ हरियाणा में करीब 14 मुकदमे और सुमित के खिलाफ एक मुकदमा दर्ज होने की जानकारी पुलिस को मिली है। दोनों के अन्य आपराधिक इतिहास की भी जानकारी जुटाई जा रही है।

 

डीजीपी ने पुलिस टीम को 2 लाख का पुरस्कार देने की घोषणा की

यूपी डीजीपी राजीव कृष्ण ने इस कार्रवाई के लिए पुलिस टीम को 2 लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि आपराधिक घटनाओं और साजिशों के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस की कठोर वैधानिक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और इसमें शामिल प्रत्येक व्यक्ति की जवाबदेही तय की जाएगी।

 

प्रदेश के बाहर और विदेशों से साजिश रचने वालों को चेतावनी

डीजीपी ने प्रदेश की सीमा से बाहर बैठकर, जेलों व विदेशों से साजिश रचने, शूटर भेजने वाले अपराधियों को भी कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधी किसी गलतफहमी में न रहें और प्रदेश की जमीन को किसी भी गैंग की रंजिश या शरणस्थली नहीं बनने दी जाएगी। उन्होंने बेहतर अंतरराज्यीय समन्वय और सहयोग को इस घटना के कम समय में सफल अनावरण का महत्वपूर्ण कारण बताया। उन्होंने कहा कि कानून के लंबे हाथ उन सभी अपराधियों तक जरूर पहुंचेंगे, जो कहीं भी छिपने की कोशिश कर रहे हैं।

 

26 अगस्त को हुई थी सिंगर अंकित बालियान की हत्या 

हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान निवासी बनतीखेड़ा थाना बाबरी, जिला शामली की 26 अगस्त को शाम करीब 6:45 बजे हत्या की गई थी। अंकित शामली कोतवाली क्षेत्र के नालापिरी स्थित फिटनेस जिम से बाहर निकलकर अपनी गाड़ी में बैग रख रहे थे। इसी दौरान चार अज्ञात हथियारबंद बदमाशों ने उन पर गोलीबारी कर दी। वारदात के बाद अंकित के पिता की तहरीर पर शामली कोतवाली में चार अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। 

 

हत्या के खुलासे के लिए 11 अधिकारियों की विशेष टीम बनी

घटना की गंभीरता को देखते हुए इसके अनावरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। एडीजी कानून-व्यवस्था और एडीजी मेरठ जोन के स्तर से शामली पुलिस के सहयोग के लिए एसटीएफ मेरठ, गौतमबुद्धनगर और मेरठ जोन के विभिन्न जिलों के 11 पुलिस अधिकारियों की विशेष टीम गठित की गई। इसमें चार अपर पुलिस अधीक्षक और सात पुलिस उपाधीक्षक शामिल थे। इस टीम में चार आईपीएस अधिकारी भी शामिल थे। जांच के दौरान पुलिस टीमों ने ह्यूमन इंटेलिजेंस और टेक्निकल इंटेलिजेंस के आधार पर साक्ष्य जुटाए। सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल गतिविधियों, आरोपियों की आवाजाही, ठहरने के स्थान, भुगतान और आपसी संपर्क से जुड़े तथ्यों को जोड़ते हुए पुलिस ने हत्याकांड में शामिल शूटरों की पहचान की। इसी जांच के आधार पर मोहित और सुमित की पहचान वारदात में शामिल शूटरों के रूप में हुई। 

 

गोगी गैंग से जुड़ी साजिश के संकेत

पुलिस टीम को गोगी गैंग के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र के साक्ष्य मिले है। जांच में यह भी सामने आया कि 26-27 अगस्त को सोशल मीडिया पर राहुल उर्फ भोलू शाहपुरिया से जुड़े इंस्टाग्राम अकाउंट से अंकित बालियान की हत्या की जिम्मेदारी गोगी गैंग द्वारा लिए जाने से जुड़ा पोस्ट सामना आया था। पुलिस ने इस सोशल मीडिया पोस्ट को भी विवेचना का हिस्सा बनाया। 

 

एक गाने को लेकर शुरू हुआ था विवाद

अंकित बालियान ने ‘भरी कोर्ट में गोली मारेंगे मेरी जान’ नाम के एक गाने में अभिनय किया था, जिसे यूट्यूब पर 5.4 करोड़ व्यूज मिले थे। अंकित ने यह गाना राहुल पुट्ठी से 55 हजार रुपये में खरीदा था और इसे वत्स कंपनी को 1.50 लाख रुपये में बेच दिया था। पुलिस के अनुसार गोगी गैंग ने इस गाने को जितेंद्र मान उर्फ गोगी की हत्या के घटनाक्रम से जोड़कर अपने अपमान के रूप में लिया। 

 

इसी गाने को लेकर वर्ष 2022-23 में अंकित को धमकी भी दी गई थी। धमकी मिलने के बाद अंकित ने गोगी गैंग को सफाई दी थी कि गाने में उन्होंने केवल अभिनय किया है और गाना व उसकी धुन उनकी नहीं है। इसके बावजूद गैंग की ओर से अंकित पर यह आरोप लगाया गया कि उन्होंने विरोधी टिल्लू ताजपुरिया के साथ मिलकर गाना रिलीज किया था। पुलिस के मुताबिक धमकी के संबंध में अंकित ने अपने परिजनों या शामली पुलिस को कोई सूचना नहीं दी थी।

 

गोगी-टिल्लू गैंगवार की पुरानी कहानी भी सामने आई

पुलिस के अनुसार 24 सितंबर 2021 को रोहिणी कोर्ट में पेशी के दौरान टिल्लू गैंग के शूटरों ने जितेंद्र मान उर्फ गोगी की हत्या कर दी थी। इसके बाद गोगी गैंग ने बदले की तैयारी शुरू की। करीब डेढ़ वर्ष बाद 2 मई 2023 को तिहाड़ जेल में गोगी गैंग के सदस्य योगेश उर्फ टुंडा और उसके साथियों ने टिल्लू ताजपुरिया की हत्या कर दी थी। पुलिस ने अंकित हत्याकांड की पृष्ठभूमि में इस गैंगवार और गीत से जुड़े विवाद को भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया।

 

फरार अन्य आरोपियों की तलाश तेज

हत्याकांड में शामिल अन्य शूटरों, शरणदाताओं और साजिश में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार सक्रिय हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े अन्य आरोपियों को भी जल्द पकड़ा जाएगा।

Asian Games में भवानी देवी करेंगी 20 सदस्यीय तलवारबाजी दल की अगुवाई

ओलंपियन CA भवानी देवी दो महीने के अंतराल के बाद प्रतिस्पर्धी गतिविधियों में वापसी करते हुए आगामी एशियाई खेलों के लिए चुनी गई 20 सदस्यीय भारतीय तलवारबाजी टीम की अगुवाई करेंगी।भवानी देवी इस साल आयोजित एशियाई सीनियर तलवारबाजी चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के बाद आइची-नागोया एशियाई खेलों में प्रतिस्पर्धा करेंगी।

चयनित सभी खिलाड़ी मंगलवार से 15 सितंबर तक पटियाला के राष्ट्रीय खेल संस्थान (एनआईएस) में राष्ट्रीय तैयारी शिविर में हिस्सा लेंगे। इसके बाद टीम 16 सितंबर को सीधे आइची-नागोया रवाना होगी जहां प्रतियोगिता से पहले परिस्थितियों से अभ्यस्त होने की तैयारी की जाएगी।

भारतीय तलवारबाजी संघ (एफएआई) की चयन समिति ने राष्ट्रीय रैंकिंग और इस साल प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर टीम का चयन किया। इनमें एशियाई सीनियर तलवारबाजी चैंपियनशिप, विश्व तलवारबाजी चैंपियनशिप और राष्ट्रमंडल तलवारबाजी चैंपियनशिप शामिल हैं।

 टीम में तीनों वर्गों फॉयल, एपी और साबरे में मजबूत खिलाड़ी शामिल हैं।एपी वर्ग में महिलाओं की टीम में तनिक्षा खत्री और प्राची लोहान प्रमुख दावेदार होंगी। दोनों ने राष्ट्रमंडल तलवारबाजी चैंपियनशिप में क्रमश: स्वर्ण और कांस्य पदक जीतकर प्रभावित किया था।

राष्ट्रमंडल तलवारबाजी चैंपियनशिप में पुरुष साबरे में स्वर्ण पदक जीतने वाले करण सिंह गुर्जर के प्रदर्शन से इस वर्ग में भारत की पदक की उम्मीदें मजबूत हुई हैं। वहीं तेजस मनोज पाटिल ने पुरुष फॉयल में अपना स्थान पक्का किया है। उन्होंने राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में ऐतिहासिक कांस्य पदक जीता था और इस प्रतियोगिता के सीनियर फॉयल वर्ग में पदक जीतने वाले पहले भारतीय तलवारबाज बने थे।

एफएआई के महासचिव राजीव मेहता ने टीम की तैयारियों और पदक की संभावनाओं पर भरोसा जताया।उन्होंने बताया कि टीम 16 सितंबर को आइची-नागोया के लिए रवाना होगी।

भारतीय तलवारबाजी टीम:

फॉयल:

पुरुष: सचिन, सनासम हेमाश सिंह, आदित्य, तेजस मनोज पाटिल।

महिला: जॉयस अशिता स्टालिनराज, नोरेम मीना देवी, कनुप्रिया चावला, सोनिया देवी वाइखोम।

एपी:

महिला: तनिक्षा खत्री, प्राची लोहान, मितवा चौधरी, यशकीरत कौर, हायर।

साबरे:

पुरुष: करण सिंह, गिशो निधि केपी, लक्ष्य बादसर, विशाल थापर।

महिला: भवानी देवी सीए, श्रेया गुप्ता, जेफरलिन जे एस, श्रुति जोशी।

‘विजिट माय स्टेट’ के तहत यूपी में ‘जेन-जी’ बनेंगे कल्चरल एम्बेसडर

'विजिट माय स्टेट’ के तहत यूपी में 'जेन-जी' बनेंगे कल्चरल एम्बेसडर

Visit My State UP: डिजिटल दुनिया में 'जेन-जी' की पसंद और उनकी आवाज संस्कृति व यात्रा के नए रुझान तय कर रही है। इसी बदलते दौर को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के युवाओं को अपने-अपने शहरों की संस्कृति, विरासत और खासियतों का प्रतिनिधि बनाने की पहल की है। 'विजिट माय स्टेट उत्तर प्रदेश' अभियान के तहत उत्तर प्रदेश पर्यटन ने युवाओं से आह्वान किया है कि वे अपने शहर की अनकही कहानियों, स्थानीय संस्कृति और खास पहचान को अपनी आवाज में महज 60 सेकंड की रील के जरिए दुनिया के सामने लाएं।

 

शहर के विरासत से जुड़ी अनकही कहानियां हों या स्थानीय व्यंजन का स्वाद, सदियों पुरानी परंपराएं हों या फिर पर्यटकों की नजरों से अब तक दूर रहे अल्पज्ञात स्थल, 'विजिट माय स्टेट उत्तर प्रदेश' अभियान के जरिए प्रदेश को उन लोगों की नजर से दिखाने की तैयारी है, जो अपने शहर और उसकी पहचान को सबसे करीब से जानते हैं। स्थानीय निवासी खुद कैमरे के सामने आकर अपने शहर के विशेष अनुभव और विशेषताओं की कहानी के रूप में साझा कर सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य किसी स्थान की पहचान को केवल तस्वीरों और सूचनाओं तक सीमित न रखकर वहां के लोगों की आवाज और अनुभवों के जरिए उसकी असली कहानी व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाना है।

डिजिटल माध्यम से पर्यटन को लगेंगे पंख  

युवाओं के बीच पर्यटन स्थलों को खोजने और जानने के बदलते तरीकों को देखते हुए यूपी पर्यटन ने इस अभियान को रील्स के माध्यम से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। वर्तमान समय में यात्रा की योजना बनाने से पहले युवा छोटे वीडियो, लोगों के अनुभवों और कंटेंट क्रिएटर्स की राय को तेजी से महत्व दे रहे हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर साझा होने वाले ऐसे अनुभव न सिर्फ लोकप्रिय पर्यटन स्थलों को विशिष्ट पहचान दे रहे हैं, बल्कि अल्पज्ञात स्थलों को भी व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचा रहे हैं। 'विजिट माय स्टेट उत्तर प्रदेश' अभियान का उद्देश्य इसी डिजिटल रुचि को प्रदेश के पर्यटन से जोड़ते हुए नया आयाम देना है। 

युवा बनेंगे अपने शहरों के सांस्कृतिक दूत- मंत्री 

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान केवल उसके प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों तक सीमित नहीं है। प्रदेश के हर जिले, शहर और गांव की अपनी अलग कहानी और पहचान है। यहां की स्थानीय खान-पान की परंपराएं, हस्तशिल्प, त्योहार, रीति-रिवाज, लोग और उनसे जुड़ी कहानियां उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाती हैं। उन्होंने आगे कहा कि 'विजिट माय स्टेट' अभियान के जरिए प्रदेश की जेन-जी सहित अन्य युवाओं को अपने-अपने शहरों का सांस्कृतिक दूत बनाने की पहल की जा रही है। युवा अपनी आवाज और शब्दों में अपने शहर की खासियतों को दुनिया के सामने प्रस्तुत करेंगे, जिससे आगंतुकों को उत्तर प्रदेश को अधिक रोचक और नए नजरिए से जानने का अवसर मिलेगा।'

60 सेकंड में सुनाएं अपने शहर की कहानी

अभियान में भाग लेने की प्रक्रिया को भी युवाओं के लिए बेहद सरल रखा गया है। प्रतिभागियों को अपने शहर की खास पहचान और उसकी कहानी अपनी आवाज में अधिकतम 60 सेकंड की रील के माध्यम से प्रस्तुत करनी होगी। वीडियो में प्रतिभागी का स्वयं कैमरे के सामने आना जरूरी होगा, जिसमें उनका चेहरा स्पष्ट दिखाई दे और आवाज साफ सुनाई दे। खास बात यह है कि शहर की कहानी किसी तय स्क्रिप्ट के बजाय युवा अपने शब्दों और अपने अंदाज में सुनाएंगे। रील की शूटिंग खुले स्थान पर की जाएगी, जहां पृष्ठभूमि में शहर का कोई प्रमुख पर्यटन स्थल अथवा उसकी पहचान से जुड़ा खास स्थान नजर आए। प्रतिभागी हिंदी या अंग्रेजी, किसी भी भाषा में अपनी रील तैयार कर सकते हैं। प्रत्येक वीडियो के अंत में ‘विजिट माय स्टेट उत्तर प्रदेश’ कहना अनिवार्य होगा।

 

प्रतिभागी अपनी प्रविष्टियां ऑनलाइन फॉर्म के माध्यम से भेज सकते हैं:

(https://docs.google.com/forms/d/1EyOqivGfwOjQTw0Yd7DzT-4-utbs6WF7UKhgloJeFRQ/viewform?edit_requested=true&utm_source=chatgpt.com)

 

विशेष जानकारी के लिए प्रतिभागी उत्तर प्रदेश पर्यटन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध 'विजिट माय स्टेट उत्तर प्रदेश' से संबंधित वीडियो भी देख सकते हैं।

 

अपर मुख्य सचिव, पर्यटन अमृत अभिजात ने बताया कि 'विजिट माय स्टेट उत्तर प्रदेश' अभियान स्थानीय निवासियों को अपने शहर और आसपास के पर्यटन स्थलों की कहानी कहने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि महज 60 सेकंड की एक रील के जरिए किसी स्थान की विशेषता, व्यक्ति की अपनी आवाज और स्थानीय अनुभव को प्रभावी ढंग से एक साथ प्रस्तुत किया जा सकता है। इससे एक ओर प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को नए नजरिए से देखने का अवसर मिलेगा, वहीं दूसरी ओर स्थानीय और कम चर्चित जगहों को भी व्यापक पहचान मिल सकेगी। अमृत अभिजात ने कहा कि युवाओं की ओर से सामने आने वाली ऐसी छोटी-छोटी कहानियां मिलकर उत्तर प्रदेश की आस्था, समृद्ध विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य, व्यंजन और हस्तशिल्प की विविधता को एक समग्र यात्रा अनुभव के रूप में देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करेंगी।'

 

उदाहरण के तौर पर लखनऊ का कोई निवासी अपने शहर के खान-पान, चिकनकारी, पुराने मोहल्लों अथवा सांस्कृतिक स्थलों के बारे में बता सकता है। इसी तरह ब्रज, बुंदेलखंड, पूर्वांचल और तराई क्षेत्र के युवा अपने-अपने शहरों की परंपराओं, स्थानीय विशेषताओं और पर्यटन अनुभवों को दुनिया के सामने ला सकते हैं। यह पहल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों को दुनिया के सामने लाने का प्रयास है।

भागलपुर से आनंद विहार के बीच चलेगी स्लीपर वंदे भारत, ईस्टर्न रेलवे ने बोर्ड को भेजी रिपोर्ट, जानें इसका संभावित रूट और सारी डिटेल

Bhagalpur-Delhi Sleeper Vande Bharat: बिहार के भागलपुर से दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल के बीच स्लीपर कोच वाली वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की तैयारी तेज हो गई है। रेलवे बोर्ड की अंतिम मंजूरी मिलते ही इस ट्रेन के संचालन की तारीख, समय, रूट और स्टॉपेज की जानकारी आधिकारिक तौर पर जारी की जा सकती है। अगर इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिलती है, तो दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ जैसे बड़े त्योहारों से पहले दिल्ली आने-जाने वाले बिहार के यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

भागलपुर से दिल्ली के बीच त्योहारों के दौरान ट्रेनों में यात्रियों की संख्या काफी बढ़ जाती है। नियमित ट्रेनों में सीटों की मांग बढ़ने के कारण लंबी वेटिंग लिस्ट रहती है और यात्रियों को कंफर्म टिकट के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने ईस्टर्न रेलवे से इस रूट पर यात्रियों की भीड़ और ट्रेनों की उपलब्धता को लेकर रिपोर्ट मांगी थी।

फिलहाल, ईस्टर्न रेलवे ने रेलवे बोर्ड को रूट से जुड़ी तकनीकी और परिचालन संबंधी रिपोर्ट भेज दी है। अब इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला रेलवे बोर्ड को लेना है। मंजूरी मिलने के बाद ट्रेन के संचालन से जुड़ी पूरी जानकारी सामने आएगी।

ईस्टर्न रेलवे जोन हेडक्वार्टर, कोलकाता के प्रिसिंपल चीफ कमर्शियल मैनेजर (PCCM) डॉ. उदय शंकर झा के मुताबिक, भागलपुर से आनंद विहार टर्मिनल के बीच स्लीपर वंदे भारत चलाने की पूरी तैयार कर ली गई है। रेलवे बोर्ड की ओर से मांगी गई सभी जानकारियां भेज दी गई हैं। बोर्ड से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद ट्रेन के शुभारंभ की तारीख और समय की आधिकारिक घोषणा की जाएगी।

भागलपुर समेत इन जिलों को मिलेगा फायदा

नई स्लीपर वंदे भारत शुरू होने से भागलपुर के साथ बांका, मुंगेर और आसपास के जिलों के यात्रियों को दिल्ली आने-जाने के लिए एक और बेहतर विकल्प मिल सकता है। लंबी दूरी के सफर के लिए तेज रफ्तार और बेहतर सुविधाओं वाली इस ट्रेन से यात्रियों की यात्रा पहले के मुकाबले ज्यादा आरामदायक होने की उम्मीद है। खासकर दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ जैसे त्योहारों के दौरान।

इस ट्रेन के शुरू होने से नियमित ट्रेनों में बढ़ने वाली भीड़ को कम करने में भी मदद मिल सकती है। हालांकि, ट्रेन का रूट क्या होगा और किन-किन स्टेशनों पर इसका ठहराव रहेगा, इस पर अंतिम फैसला रेलवे बोर्ड की मंजूरी के बाद ही होगा।

ईस्टर्न रेलवे को मिल सकती है नई स्लीपर वंदे भारत

ईस्टर्न रेलवे के तहत अभी हावड़ा-जमालपुर रूट पर चेयर कार वाली वंदे भारत चल रही है। ऐसे में अगर भागलपुर से आनंद विहार के बीच स्लीपर वंदे भारत शुरू होती है, तो यह इस जोन के लिए एक नई और अहम सुविधा होगी। लंबी दूरी के यात्रियों को ध्यान में रखते हुए रेलवे देश के व्यस्त रूटों पर स्लीपर वंदे भारत चलाने की तैयारी कर रहा है। इसी वजह से भागलपुर-दिल्ली रेल मार्ग को भी इस ट्रेन के लिए संभावित रूट के तौर पर देखा जा रहा है।

नई वंदे भारत आधुनिक सुविधाओं से होगी लैस

रेलवे की योजना के अनुसार, नई स्लीपर वंदे भारत में यात्रियों के आराम के साथ-साथ उनकी सुरक्षा पर भी खास जोर दिया जाएगा। एसी स्लीपर कोच में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, ताकि लंबी दूरी का सफर ज्यादा आरामदायक बनाया जा सके। वहीं, लोको पायलटों के लिए भी आधुनिक केबिन तैयार किया जाएगा, जिसमें एडवांस कंट्रोल पैनल और बेहतर सुरक्षा तकनीक मौजूद होगी।

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कागजों में भगाए बंदर! राजस्थान संपर्क पोर्टल पर समस्या का ‘फर्जी समाधान’

कागजों में भगाए बंदर! राजस्थान संपर्क पोर्टल पर समस्या का 'फर्जी समाधान'

राजस्थान सरकार का 'संपर्क पोर्टल', जिसका मकसद जनता की समस्याओं का पारदर्शी और त्वरित समाधान करना है, चौमूं में प्रशासनिक लापरवाही का शिकार हो गया है। चौमू की कई कालोनियों में बंदरों का आतंक है। इसी संदर्भ में एक नागरिक ने जब पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, तो उसे धरातल पर हल करने के बजाय अधिकारियों ने फर्जीवाड़ा कर कागजों में ही 'निस्तारित' दिखा दिया। हद तो तब हो गई जब समाधान पत्र पर ऐसे अधिकारी के नाम का लेटर अपलोड कर दिया गया, जो काफी समय पहले ही तबादला हो चुका है। 

 

दरअसल, चौमूं नगर परिषद क्षेत्र के अशोक विहार कॉलोनी निवासी रमेश कुमार रावत ने 25 अगस्त को बंदरों के बढ़ते आतंक से राहत पाने के लिए राजस्थान संपर्क पोर्टल पर परिवाद दर्ज कराया था। लेकिन समस्या दूर होना तो दूर, पोर्टल के कार्यशैली ने प्रशासनिक ढिलाई की पोल खोल कर रख दी। ALSO READ: चोमू शहर में बंदरों का आतंक! लोगों में दहशत, एक साल से फाइल में दबा ज्ञापन, राहत का इंतजार

एक ही दिन में बिना कार्रवाई कागजी समाधान

शिकायत दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर ही पोर्टल पर दावा कर दिया गया कि समस्या का निवारण कर राहत प्रदान कर दी गई है। इसके प्रमाण के तौर पर पोर्टल पर दिलीप कुमार शर्मा (आयुक्त) के नाम से एक पत्र भी अपलोड कर दिया गया। मजेदार बात यह है कि दिलीप कुमार शर्मा लंबे समय से चौमूं नगर परिषद के आयुक्त हैं ही नहीं। वर्तमान में इस पद पर रामकिशोर मेहता कार्यरत हैं। इससे पहले ममता नागर महज एक दिन के लिए नियुक्त हुई थीं और फिर तबादला होने पर चली गई थीं। ऐसे में पदमुक्त अधिकारी के नाम का लेटर अपलोड होना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।

असंतोष जताया तो उपनिदेशक को भेजा मामला

पोर्टल की ओर से जब परिवादी रमेश रावत के पास कॉल और व्हाट्सएप मैसेज के जरिए फीडबैक लिया गया, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से असंतुष्टि जताते हुए कहा कि बंदरों का आतंक ज्यों का त्यों बना हुआ है। शिकायतकर्ता की आपत्ति के बाद, 26 अगस्त को पोर्टल के डेटा एंट्री ऑपरेटर (सिटीजन कांटेक्ट सेंटर) ने मामला वापस नगर परिषद आयुक्त को भेजा। इसके बावजूद तय समय सीमा में कार्रवाई न होने पर 29 अगस्त को परिवाद को उच्च स्तर पर उपनिदेशक (जयपुर, स्वायत्त शासन) को प्रेषित कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री की मंशा पर फिर रहा पानी

परिवादी रमेश कुमार रावत का कहना है कि राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जहां एक ओर संपर्क पोर्टल के जरिए आमजन से सीधा संवाद कर राहत पहुंचाना चाहते हैं, वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी बिना धरातल पर काम किए फर्जी निवारण पत्र अपलोड कर रहे हैं। इस तरह की गलतियां न केवल मुख्यमंत्री की मंशा पर पानी फेर रही हैं, बल्कि सरकारी पोर्टल की विश्वसनीयता और जनता के विश्वास के साथ खिलवाड़ भी हैं।

 

स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि ऐसे गलत दस्तावेज अपलोड करने वाले दोषी कर्मचारियों और लापरवाह अधिकारियों पर उच्चाधिकारी तुरंत सख्त कार्रवाई करें, ताकि आमजन की समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो सके।

मेरठ में Electric Chak ने बदली कुम्हारों की जिंदगी! 210 से ज्यादा परिवारों को फायदा, 5 गुना तक बढ़ी आमदनी

मेरठ में Electric Chak ने बदली कुम्हारों की जिंदगी! 210 से ज्यादा परिवारों को फायदा, 5 गुना तक बढ़ी आमदनी

khumar

कभी हाथों की मेहनत और धीमे घूमते पारंपरिक चाक तक सीमित कुम्हारों का कारोबार अब बिजली की रफ्तार पकड़ रहा है। योगी सरकार की ग्रामोद्योग विकास योजना ने मिट्टी को आकार देने वाले कारीगरों के हुनर को आधुनिक तकनीक का साथ दिया है। मुफ्त इलेक्ट्रिक चाक मिलने के बाद मेरठ के कुम्हारों की उत्पादन क्षमता कई गुना बढ़ गई है और इसका सीधा असर उनकी कमाई पर दिखाई दे रहा है।

कुम्हारों के मुताबिक, जहां पहले दिनभर की मशक्कत के बाद सीमित संख्या में दीये तैयार होते थे, वहीं अब कम समय में सैकड़ों डिजाइनर दीये बनाए जा रहे हैं। बढ़ती मांग के चलते कई कुम्हारों की आमदनी करीब पांच गुना तक बढ़ी है।

 

210 से ज्यादा कुम्हारों को मिला इलेक्ट्रिक चाक

 

माटीकला बोर्ड की ओर से वित्तीय वर्ष 2020-21 में शुरू की गई योजना के तहत अब तक मेरठ जिले में 210 से अधिक कुम्हारों को इलेक्ट्रिक चाक दिये जा चुके हैं। करीब 13 से 15 हजार रुपये कीमत का यह चाक बीपीएल परिवारों के कुम्हारों को निशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में भी 40 और लोगों को योजना का लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है।

 

जहां 50-60 दीये बनते थे, अब 300-400 की रफ्तार

 

गढ़ रोड निवासी कुम्हार सुरेश बताते हैं कि पारंपरिक चाक पर एक निश्चित समय में करीब 50-60 दीये ही तैयार हो पाते थे। हाथ से चाक चलाने में मेहनत भी अधिक लगती थी और उत्पादन भी सीमित रहता था। इलेक्ट्रिक चाक ने पूरा काम बदल दिया। अब उतने ही समय में 300 से 400 तक डिजाइनर दीये तैयार हो जाते हैं। यानी उत्पादन क्षमता करीब छह से सात गुना तक बढ़ गई है। दीपावली के मौसम में जब मिट्टी के दीयों की मांग अचानक बढ़ जाती है, तब यह अतिरिक्त उत्पादन कुम्हार परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रहा है।

 

ढाई लाख दीयों का ऑर्डर, एक घंटे में 700 दीये

 

कुम्हार मनोज कुमार के लिए इस बार दीपावली खास है। उन्हें अभी से करीब ढाई लाख दीयों का ऑर्डर मिल चुका है। उनका कहना है कि इलेक्ट्रिक चाक की मदद से अब वह एक घंटे में करीब 700 दीये तैयार कर रहे हैं।

 

मनोज के मुताबिक, मिट्टी के पारंपरिक दीयों और दूसरे मिट्टी उत्पादों के प्रति लोगों का रुझान फिर बढ़ रहा है। बाजार में डिजाइनर दीयों की मांग ने कुम्हारों के लिए कमाई के नए रास्ते खोले हैं। पहले जहां बड़े ऑर्डर पूरे करना मुश्किल होता था, वहीं अब इलेक्ट्रिक चाक के कारण समय पर बड़ी मात्रा में उत्पादन संभव हो गया है।

 

चाक की रफ्तार बढ़ी तो दर्द भी हुआ कम

 

इलेक्ट्रिक चाक ने सिर्फ उत्पादन ही नहीं बढ़ाया, बल्कि कुम्हारों की शारीरिक मेहनत भी कम की है। दीपक प्रजापति बताते हैं कि हाथ से चलने वाले पारंपरिक चाक पर लंबे समय तक काम करना बेहद थकाऊ होता था। लगातार मेहनत के कारण हाथ, कंधे और सीने में दर्द की समस्या रहती थी। परिवार के सदस्य भी ज्यादा देर तक काम नहीं कर पाते थे।

 

अब इलेक्ट्रिक चाक ने काम को आसान कर दिया है। परिवार के सदस्य मिलकर 10 से 12 घंटे तक आसानी से काम कर लेते हैं। इससे ज्यादा उत्पादन हो रहा है और बड़े ऑर्डर भी समय पर पूरे किए जा रहे हैं।

 

बिहारी प्रजापति भी मानते हैं कि आधुनिक तकनीक ने माटीकला को नई गति दी है। उनके लिए इलेक्ट्रिक चाक महज एक मशीन नहीं, बल्कि पारंपरिक हुनर को बाजार की नई जरूरतों से जोड़ने वाला साधन बन गया है।

 

माटीकला में लौट रही रौनक

 

पिछले कुछ वर्षों में मिट्टी के दीयों, बर्तनों और सजावटी उत्पादों की मांग में बढ़ोतरी ने कुम्हारों के चेहरे पर फिर से उम्मीद जगाई है। जिला ग्रामोद्योग अधिकारी मान्या चतुर्वेदी के मुताबिक, सरकार पात्र लोगों को विभिन्न योजनाओं का लाभ देकर माटीकला से जुड़े परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत करने का प्रयास कर रही है। अब सामान्य उपभोक्ता भी मिट्टी के बर्तनों और दीयों को प्राथमिकता देने लगे हैं।

 

सिर्फ प्रजापति समाज नहीं, हर वर्ग के लोग कर सकते हैं आवेदन

 

माटीकला टूल-किट योजना का लाभ केवल प्रजापति समाज तक सीमित नहीं है। किसी भी समाज का इच्छुक व्यक्ति आवेदन कर सकता है। इसके लिए आवेदक का संबंधित जिले का मूल निवासी होना और उसकी उम्र 18 से 55 वर्ष के बीच होना जरूरी है।

 

टूल-किट मिलने से पहले मंडलीय प्रशिक्षण केंद्र पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण अनिवार्य है। इसके अलावा परिवार में पहले किसी विभाग या संस्था से माटीकला टूल-किट नहीं मिली होनी चाहिए। आवेदक का माटीकला कारीगर के रूप में पंजीकरण और तहसील स्तर से सत्यापन भी जरूरी है।

 

देश की मिट्टी वही है, हुनर वही है, लेकिन अब चाक की रफ्तार बदल गई है। इलेक्ट्रिक चाक ने मेरठ के कुम्हारों के हाथों को तकनीक की ताकत दी है। यही वजह है कि इस बार दीपावली से पहले उनके आंगन में सिर्फ दीये नहीं, बल्कि बढ़ी हुई आमदनी और बेहतर भविष्य की उम्मीद भी आकार ले रही है।