हाथी के बच्चे बराबर वजन, इंसानों को जिंदा निगलती है:सड़ा-गला मांस खाती है, नेपाल से बहकर बिहार आईं खतरनाक मछलियों की कहानी

26 अगस्त को नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ का मलबा अब बिहार पहुंच रहा है और उसके साथ बहकर आ रही हैं- थाई मांगुर, गोइता (गूंछ फिश) जैसी खतरनाक मछलियां, जो इंसानी शव खाती हैं। जिनको खाने से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी हो सकती है। नेपाल से बिहार बहकर आई इन मछलियों की कहानी क्या है, क्या यह भारत में प्रतिबंधित है, इन्हें खाना कितना जानलेवा है; जानेंगे बूझे की नाही में… सबसे पहले जानिए, नेपाल से बहकर कौन-कौन सी मछली बिहार आई नेपाल में आई तबाही के तीसरे दिन यानी 29 अगस्त की सुबह गोपालगंज में मछुआरों ने गंडक नदी से भारी मात्रा में मछलियों का पकड़ा। गोपालगंज के मंगलपुर घाट से कई क्विंटल मछलियों के पकड़ने और उन्हें पश्चिम बंगाल के बाजारों में भेजने की खबर है। बिहार सरकार के मत्स्य निदेशालय ने लोगों से बाढ़ के पानी में आई मछलियों को नहीं खाने की अपील की है। निदेशालय ने कहा है, ‘बाढ़ के पानी से सीधे पकड़ी गई मछलियों की खरीद-बिक्री में सावधानी बरतें। बिना जांच के मछली नहीं खाएं। एक-एक कर जानिए, बिहार आईं मछलियों की कहानी… 1. गूंछ कैटफिशः इंसानों को नदी में खींचकर खाती हैं गूंछ कैटफिश यानी गोइता, जिसे ‘आदमखोर कैटफिश’ के नाम से भी जाना जाता है। नुकीले जबड़ों और बड़ी आंखों वाली एक बेहद भयानक मछली है। यह आम मछलियों जैसी नहीं होती, क्योंकि इसका शरीर काफी लंबा और सिर चौड़ा व चपटा होता है, जिस पर मूंछों के तीन जोड़े होते हैं। इन्हें कहा जाता है- ‘नदी का शैतान’ अलग-अलग रिपोर्ट में इन्हें नदी का शैतान यानी रिवर मॉन्स्टर भी कहा जाता है। ‘द हिमालयन आउटबैक’ मैगजीन के मुताबिक, 1988 और 2007 के बीच नेपाल की काली नदी के किनारे तीन अलग-अलग घटनाएं हुईं। इनमें से किसी का भी शव बाद में नहीं मिला। तीनों घटनाएं नेपाल में काली नदी और भारत के निकटवर्ती हिस्से के पास हुई थीं। इस घटना के बाद लोगों ने दावा किया कि किसी विशाल जीव ने आदमी को खींच लिया है। इन दावों के बाद दुनियाभर की नजर इधर गई। भारत में प्रतिबंधित नहीं 2. थाई मांगुरः भारत में प्रतिबंधित, खाने से हो सकता है कैंसर थाई मांगुर मछली कैटफिश समूह में आती है। यह अलग-अलग तरह की रे-फिन्ड यानी पंखों वाली मछलियों का एक समूह है। इनका नाम इनके खास बार्बेल्स (मूंछों) के कारण पड़ा है, जो बिल्ली की मूंछों जैसी दिखती है। थाई मांगुर को वैज्ञानिक रूप से ‘क्लैरियस गैरीपिनस’ नाम से जाना जाता है। यह 3-5 फ़ीट लंबी हवा में सांस लेने वाली मछली है, जो अपने खास रेस्पिरेटरी सिस्टम (ARS) की वजह से सूखी जमीन पर चल सकती है। कीचड़ में भी जीवित रह सकती है। यह तेजी से बढ़ती है। अगर इसे पाला जाए तो उत्पादन तीन गुना तक बढ़ सकता है। इसलिए इसे कम समय में ज्यादा मुनाफा देने वाली मछली भी कहा जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक, अन्य प्रजाति की मछलियां छह महीने में 300 ग्राम बढ़ती है, तो थाई मांगुर उतने ही समय में लगभग एक किलो तक बढ़ जाती है। 2000 में NGT ने लगाया प्रतिबंध भारत में ‘थाई मांगुर’ के पालने, खाने और बेचने पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने 2000 में रोक लगा दी थी। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि यह मांसाहारी मछली पानी में रहने वाली दूसरी मछलियों के लिए खतरा पैदा करती थी। 3. वल्लागो कैटफिश यानी मीठे पानी का शार्क वल्लागो कैटफिश, जिसे बाराली, बोआल, पठान या हेलीकॉप्टर कैटफिश के नाम से जाना जाता है। मीठे पानी में पाई जाने वाली एक विशाल और आक्रामक शिकारी मछली है। यह ‘सिलुरिडे’ परिवार से संबंधित है। यह दक्षिण एशिया (जिसमें नेपाल भी शामिल है) के प्रमुख नदियों में रहती है।

किर्गिस्तान में SCO समिट का दूसरा दिन:आज मोदी का संबोधन, कल पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति समेत कई नेताओं से हुई थी मुलाकात

किर्गिस्तान बिश्केक में हो रहे SCO शिखर सम्मेलन का आज दूसरा दिन है। पीएम मोदी आज समिट को संबोधित कर सकते हैं। कल मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन समेत कई देशों के नेताओं से द्विपक्षीय मुलाकात की। बिश्केक में हो रहे SCO शिखर सम्मेलन में भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान और ईरान समेत 10 सदस्य देशों के नेता शामिल हो रहे हैं। SCO समिट के पहले दिन की तस्वीरें… मोदी ने पुतिन को ब्रिक्स समिट में शामिल होने का न्योता दिया पीएम मोदी ने भारत में अगले महीने होने वाली ब्रिक्स समिट के लिए रूस के राष्ट्रपति पुतिन को न्योता दिया था। मोदी ने कहा था- “भारत कुछ दिनों बाद ब्रिक्स समिट का आयोजन कर रहा है। सभी सभी भारतीय आपका और आपके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करने के लिए बहुत उत्सुक हैं।” पुतिन बोले- रूस में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों की संख्या 7 गुना बढ़ी राष्ट्रपति पुतिन ने पीएम मोदी से मुलाकात के बाद कहा- रूस में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या के मामले में भारत टॉप लिस्ट में शामिल है। पिछले कुछ सालों में यह संख्या 7 गुना बढ़कर 40,000 हो गई है। हम नियमित रूप से भारत और रूस के सांस्कृतिक उत्सव आयोजित करते हैं। हमारे बीच पर्यटकों का आना-जाना भी काफी होता है, जिसमें 16% की वृद्धि देखी गई है। पीएम ने प्रवासी भारतीयों से मुलाकात की पीएम मोदी ने किर्गिस्तान में भारत से जुड़े लोगों से मुलाकात की, जिनमें प्रवासी सदस्य, शिक्षाविद, शोधकर्ता, ITEC पूर्व छात्र और योग अभ्यासकर्ता शामिल थे। अगले साल पाकिस्तान को मिल सकती है मेजबानी यह SCO के 25 साल पूरे होने पर आयोजित ऐतिहासिक सम्मेलन है। यूरेशिया की सुरक्षा, व्यापार और रणनीतिक संतुलन के लिहाज से यह साल का सबसे महत्वपूर्ण बहुपक्षीय सम्मेलन माना जा रहा है। समिट के बाद किर्गिस्तान की अध्यक्षता समाप्त होगी और 2026–27 की अध्यक्षता पाकिस्तान को सौंपे जाने की उम्मीद है। 2027 का SCO शिखर सम्मेलन पाकिस्तान में प्रस्तावित है। ——————————————- ये खबर भी पढ़ें… किर्गिस्तान में पुतिन-मोदी की मुलाकात, दोनों लीडर गले मिले:PM ने BRICS के लिए न्योता दिया; एक ही कार में बैठकर नोमैड गेम्स सेरेमनी में पहुंचे
पीएम मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन की किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात हुई। यह बैठक करीब 10 मिनट चली। पूरी खबर पढ़ें…

आतंकी पम्मा की गैंगस्टर गोल्डी बराड़ को धमकी:तूने 40 गोलियां चलाईं, हम 4 हजार चलाएंगे, मार-मार के छन्नी बना देंगे; ऑडियो लीक से गुस्साया

ब्रिटेन(UK) में बैठे खालिस्तानी आतंकी परमजीत सिंह पम्मा ने गैंगस्टर गोल्डी बराड़ को धमकी दी है। पम्मा ने कहा कि बहाने से बात कर गोल्डी ने कॉल रिकॉर्डिंग लीक कर दी। कनाडा में हरदीप निज्जर को मरवाकर अच्छा नहीं किया। गोल्डी बराड़ एजेंसियों का बंदा है। पम्मा ने कहा कि गोल्डी बराड़ ने 40 गोलियों की बात की है, हम 4 हजार चलाएंगे और तेरे पूरे शरीर को छन्नी बना देंगे। तुझे निज्जर के कत्ल का हिसाब चुकाना पड़ेगा। गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने लॉरेंस के साथ मिलकर पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला का कत्ल कराया था। वहीं परमजीत सिंह पम्मा को जुलाई 2020 में भारतीय गृह मंत्रालय ने UAPA के तहत आतंकी घोषित किया है। वह NIA की मोस्ट वांटेड सूची में है। NIA के अनुसार उसका संबंध Khalistan Tiger Force (KTF) से रहा है। हरदीप निज्जर भी इसी संगठन से जुड़ा था। इससे पहले सिख फॉर जस्टिस (SFJ) का आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू भी गोल्डी बराड़ को धमका चुका है। पन्नू ने बदला लेने की धमकी देते हुए कहा था कि गोल्डी FBI, कनाडाई या अमेरिकी अदालतों से बच सकता है लेकिन ‘खालसा न्याय’ से नहीं बच पाएगा। आतंकी पम्मा ने गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के लिए क्या-क्या कहा… जिस रिकॉर्डिंग पर पम्मा भड़का, उसमें गोल्डी बराड़ ने क्या कहा था
जिस रिकॉर्डिंग को लेकर पम्मा ने बयान जारी किया, उसमें गोल्डी बराड़ ने कनाडा में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की जिम्मेदारी लेने की बात कही थी। बराड़ ने उसे ‘शहीद’ का दर्जा दिए जाने पर आपत्ति जताई। उसने दावा किया कि निज्जर ऐसे लोगों को समर्थन देता था, जो युवाओं को ड्रग्स के कारोबार में धकेलते और उन्हें ब्लैकमेल कर मुखबिर के तौर पर इस्तेमाल करते थे। बराड़ ने निज्जर पर हथियारों की तस्करी से जुड़े लोगों को संरक्षण देने का भी आरोप लगाया। बातचीत में उसने कहा कि इन्हीं वजहों से उसकी टीम ने निज्जर को निशाना बनाया। ************ ये खबरें भी पढ़ें: निज्जर हत्याकांड में 2 पंजाबी गैंगस्टर आमने-सामने: अर्श डल्ला बोला- गोल्डी बराड़ का दावा झूठा, इसने सिद्धू मूसेवाला को झूठ बोलकर मारा गैंगस्टर गोल्डी बराड़ बोला- हरदीप निज्जर को मैंने मरवाया:मेरे भाइयों को मरवाने वाले इसकी कोठी में रहते थे; पहले भारतीय एजेंसियों पर आरोप लगे थे आतंकी की गोल्डी बराड़ को धमकी- गोली माथे पर लगेगी:कनाडा-अमेरिका की अदालतों से बचोगे, खालसाई इंसाफ से नहीं; निज्जर हत्याकांड पर आमने-सामने

मस्तिष्क और पेट के संकेतों से निकाला डिप्रेशन के जल्द उपचार का रास्ता

भारत (India) में 4करीब .5% आबादी डिप्रेशन (Depression) से पीड़ित है जो एक बड़ी मानसिक बीमारी है। लेकिन इसका उपचार करने के लिए मनोचिकित्सकों में यह पता लगाने में लंबा समय लगता है कि रोगी को दी जा रही एंटीडिप्रेसेंट दवा उस पर असर कर रही है या नहीं। लेकिन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर (आईआईटी) और जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के शोधकर्ताओं ने एक ऐसा तरीका खोजा है, जिससे सिर्फ 7 से 10 दिनों के भीतर कौन सी दवा उपचार में असर करेगी, इसका पता लग जाएगा। इसके लिए मस्तिष्क और पेट की विद्युत गतिविधियों के संकेतों के साथ मरीज के लक्षणों की जानकारी को मिलाया जाएगा। अभी आमतौर पर दवा के असर का आकलन करने में 4 से 6 सप्ताह लगते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार डिप्रेशन दुनिया भर में अनुमानित 5% वयस्कों को प्रभावित करता है। भारत में यह आंकड़ा लगभग 4.5% है।

Indus Waters Treaty : सिंधु जल संधि पर भारत का बड़ा पलटवार, वर्ल्ड बैंक की मध्यस्थता अदालत के फैसले को किया खारिज

Indus Waters Treaty : सिंधु जल संधि पर भारत का बड़ा पलटवार, वर्ल्ड बैंक की मध्यस्थता अदालत के फैसले को किया खारिज

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विदेश मंत्रालय ने सोमवार को सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को लेकर विश्व बैंक द्वारा गठित मध्यस्थता अदालत (Court of Arbitration) के फैसले को सिरे से खारिज कर दिया। भारत ने इस संस्था को “अवैध रूप से गठित” बताते हुए कहा कि पाकिस्तान के साथ जल संधि को स्थगित रखने का उसका फैसला लागू रहेगा।

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विदेश मंत्रालय (MEA) ने अपने बयान में कहा कि विश्व बैंक द्वारा गठित यह तथाकथित मध्यस्थता अदालत संधि की शर्तों का स्पष्ट उल्लंघन करते हुए बनाई गई थी। इसलिए भारत इसके फैसले को पूरी तरह खारिज करता है, जैसा कि वह इस संस्था की पिछली टिप्पणियों को भी खारिज करता रहा है।

भारत ने अदालत के अस्तित्व को ही नहीं माना

विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने कभी भी इस कथित मध्यस्थता अदालत के कानूनी अस्तित्व को स्वीकार नहीं किया है। भारत का लगातार यह रुख रहा है कि इस निकाय का गठन ही सिंधु जल संधि का गंभीर उल्लंघन है। MEA के मुताबिक, भारत इस तथाकथित अदालत के समक्ष कभी पेश नहीं हुआ और न ही उसने इसके पहले दिए गए किसी फैसले या टिप्पणी को मान्यता दी है।

संप्रभु फैसलों पर अधिकार नहीं

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विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इस मध्यस्थता अदालत के पास भारत के संप्रभु फैसलों पर कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है। मंत्रालय ने कहा कि अभी या भविष्य में इस संस्था की ओर से दिए जाने वाले किसी भी फैसले का भारत की ओर से अपनी परियोजनाओं के संबंध में किए जा रहे कार्यों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

 

मध्यस्थता अदालत ने क्या कहा?

 

भारत के बयान से कुछ घंटे पहले विश्व बैंक द्वारा गठित Court of Arbitration ने कहा था कि जिन आधारों पर भारत ने सिंधु जल संधि को स्थगित रखने का फैसला लिया, वे संधि को निलंबित या समाप्त करने को उचित नहीं ठहराते। अदालत ने कहा कि सिंधु जल संधि पूरी तरह प्रभावी है और भारत को संधि के तहत अपने दायित्वों का पालन करना चाहिए।

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने संधि को किया था स्थगित

भारत ने अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को स्थगित रखने का फैसला किया था। इसके बाद से पाकिस्तान के नेताओं ने कई बार पानी को अपनी 'रेड लाइन' बताया है और भारत के इस कदम को लेकर चेतावनी दी है। पाकिस्तान की ओर से इसे 'युद्ध की कार्रवाई' तक बताया जा चुका है।

महाकाल की शाही सवारी, CM डॉ. मोहन यादव ने भगवान चन्द्रमोलेश्वर की पूजा की, रामघाट पर हेलीकॉप्टर से हुई पुष्पवर्षा

महाकाल की शाही सवारी, CM डॉ. मोहन यादव ने भगवान चन्द्रमोलेश्वर की पूजा की, रामघाट पर हेलीकॉप्टर से हुई पुष्पवर्षा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 31 अगस्त को उज्जैन में भगवान महाकालेश्वर की पांचवी सवारी में शामिल हुए। वे नाव से दत्त अखाड़ा से रामघाट पहुंचे। उन्होंने सवारी के महाकालेश्वर मंदिर से रामघाट पहुंचने पर  पालकी में  विराजित भगवान चन्द्रमोलेश्वर का विधि-विधान से पूजन-अर्चन  किया। उन्होंने बाबा महाकाल से प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

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गौरतलब है कि पुजारी आशीष शर्मा ने पालकी में विराजित चंद्रमोलेश्वर का मां शिप्रा के जल से जलाभिषेक  करवाया। महाकालेश्वर की सवारी के रामघाट पर पंहुचने पर हेलीकाप्टर से पुष्प वर्षा भी की गई। श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह को देखते हुए सवारी में विशेष आकर्षण जोड़े गए । खास बात यह रही कि बाबा महाकाल की सवारी के दौरान 1100 बटुकों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण किया गया। 

 

भव्य-आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

इसके साथ ही सवारी में 500 से अधिक कलाकारों वाले 8 जनजातीय दलों ने भव्य-आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। वहीं, 84 महादेव की थीम पर सवारी की प्लानिंग की गई। सवारी को परंपरागत मार्ग से निकाला गया। बाबा महाकाल ने भक्तों को दर्शन लाभ दिया। सवारी में परंपरा, धर्म, संस्कृति और आधुनिक तकनीक का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। इस दौरान पुलिस बैंड की शानदार प्रस्तुति ने भी समां बांध दिया। 

cm mohan yadav

प्रदेश की समृद्धि का जरिया बन रहा धार्मिक पर्यटन

इस मौके पर सीएम डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सनातन चेतना और संस्कृति का गौरव विश्वभर में बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश में भी धार्मिक पर्यटन को नई गति मिली है। उज्जैन के श्री महाकाल लोक के निर्माण से धार्मिक पर्यटन का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है, जिससे रोजगार, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिली है। आज धार्मिक पर्यटन आस्था के साथ-साथ प्रदेश के विकास और समृद्धि का भी सशक्त माध्यम बन रहा है।

देहरादून में स्वाइन फ्लू और कोरोना का बढ़ता कहर, H1N1 के 105 मामले, 5 मरीजों की मौत

देहरादून में स्वाइन फ्लू और कोरोना का बढ़ता कहर, H1N1 के 105 मामले, 5 मरीजों की मौत

swine flue

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में स्वाइन फ्लू (Influenza H1N1) के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। जिले में सोमवार को 24 नए स्वाइन फ्लू के मामले सामने आए। इसके साथ ही कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 105 हो गई है। अब तक इस संक्रमण से 5 मरीजों की मौत हो चुकी है।

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खबरों के मुताबिक स्वाइन फ्लू के साथ-साथ कोरोनावायरस (Covid-19) के नए मामले भी सामने आ रहे हैं। रविवार को एम्स ऋषिकेश में 1 और श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में 2 नए कोविड मामले दर्ज किए गए। देहरादून के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि जिले में सामने आए कुल 105 मामलों में 71 मरीज देहरादून जिले के, जबकि 34 मरीज दूसरे राज्यों और जिलों से हैं।

 

देहरादून में 36 एक्टिव केस

 

सीएमओ के मुताबिक, सोमवार को सामने आए 24 नए मामलों में 16 देहरादून और 8 अन्य राज्यों व जिलों से हैं। फिलहाल जिले में 36 एक्टिव केस हैं।

 

इनमें से 22 मरीज श्री महंत इंदिरेश अस्पताल, 7 मरीज एम्स ऋषिकेश, 4 मरीज हिमालयन अस्पताल, 1 मरीज कैलाश अस्पताल, 1 मरीज राजकीय दून मेडिकल कॉलेज (GDMC) अस्पताल और 1 मरीज ग्राफिक एरा अस्पताल में भर्ती है।

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3-4 दिन से बुखार तो तुरंत कराएं जांच

 

डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को तीन से चार दिनों तक लगातार बुखार रहता है और इसके साथ सीने में दर्द या सांस लेने में परेशानी होती है, तो उसे तुरंत स्वाइन फ्लू की जांच करानी चाहिए।

 

उन्होंने लोगों से संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जरूरी सावधानियां बरतने की अपील की है।

 

कोरोना के मामलों पर भी नजर

 

देहरादून में स्वाइन फ्लू के साथ कोरोना संक्रमण के मामलों को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। विभाग की ओर से स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और अस्पतालों में भर्ती मरीजों की स्थिति पर नजर बनाए रखी जा रही है।

‘युद्ध का हर दिन इंसानियत को पीछे धकेलता है’; पीएम मोदी ने पुतिन से लड़ाई खत्म करने की अपील की

PM Modi Putin Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को किर्गिस्तान के बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत की। प्रधानमंत्री मोदी ने यूक्रेन और मध्य पूर्व में जारी संघर्षों के बीच “लगातार युद्ध” की जगह “युद्ध खत्म करने” की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा, इन संघर्षों का वैश्विक भू-राजनीति पर भी बड़ा असर पड़ रहा है।

बता दें कि अला-आर्चा स्टेट रेजिडेंस में मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से गले मिलकर एक-दूसरे का स्वागत किया। रूस की सरकारी समाचार एजेंसी TASS के अनुसार, पुतिन ने अक्साकल मीटिंग रूम में मोदी का स्वागत किया। इस दौरान उनके साथ वरिष्ठ रूसी अधिकारियों और मंत्रियों का एक प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद था।

पुतिन ने दी मुझे यूक्रेन के बारे में जानकारी दी- पीएम मोदी

बैठक के दौरान, मोदी ने कहा कि पुतिन ने उन्हें यूक्रेन के हालात के बारे में जानकारी दी और शांति की कोशिशों के लिए भारत का समर्थन दोहराया।

मोदी ने कहा, “आपने मुझे यूक्रेन के हालात के बारे में जानकारी दी। भारत शांति की सभी कोशिशों का समर्थन करता है। युद्ध में बीता हर दिन इंसानियत को पीछे धकेलता है। वहीं, शांति की ओर एक कदम उम्मीद जगाता है। हमें कभी न खत्म होने वाले युद्ध से युद्ध के अंत की ओर बढ़ना होगा, जो इंसानियत के हित में है। सभी मुद्दों को जल्द सुलझाया जाना चाहिए।”

मोदी ने दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों के मजबूत होने पर भी जोर दिया और कहा कि राष्ट्रीय हित दोनों देशों के लिए “सबसे बड़ी प्राथमिकता” है।

पुतिन से मिलकर खुशी हुई

मोदी ने कहा, “मुझे पुतिन से मिलकर बहुत खुशी हुई। पिछले साल पुतिन का भारत दौरा बहुत सफल रहा था। आर्थिक संबंधों को और मजबूती मिली है।”

भारत और रूस के बीच व्यापार का कुल मूल्य 2% से ज्यादा बढ़ा

इस बीच, पुतिन ने कहा कि रूस और भारत के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग में सकारात्मक रुझान दिख रहे हैं और दोनों देशों के बीच व्यापार का कुल मूल्य 2% से ज्यादा बढ़ा है। उन्होंने कहा कि मोदी के व्यक्तिगत ध्यान की वजह से दोनों देशों के संबंध और मजबूत हो रहे हैं।

रूसी राष्ट्रपति ने पर्यटन के क्षेत्र में बढ़ते संबंधों का भी जिक्र किया और कहा कि 2025 में भारत और रूस के बीच पर्यटकों की आवाजाही में 16% की बढ़ोतरी हुई।

यह बैठक भारत के लिए एक अहम मोड़ पर हो रही है, क्योंकि अमेरिका-ईरान युद्ध की वजह से मध्य पूर्व से तेल की सप्लाई में रुकावट आ रही है और रूस-यूक्रेन संघर्ष के कारण ग्लोबल सप्लाई चेन पर दबाव बना हुआ है। ये बातचीत और भी महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि एक तरफ नई दिल्ली रूसी कच्चे तेल पर काफी हद तक निर्भर रहते हुए अपनी ऊर्जा सप्लाई सुरक्षित करना चाहती है, तो दूसरी तरफ मॉस्को अपने तेल निर्यात से होने वाली कमाई को सुरक्षित रखना चाहता है।

यूक्रेन युद्ध पर भारत ने फिर साफ किया रुख

बता दें कि फरवरी 2022 में रूस के यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर हमले के बाद से ही भारत ने इस मामले में सावधानी भरा रुख अपनाया है। नई दिल्ली ने बार-बार शांति और संघर्ष खत्म करने की अपील की है, लेकिन क्रेमलिन की सीधे तौर पर आलोचना करने से परहेज किया है।

गौरतलब है कि रूस भारत का एक अहम साझेदार बना हुआ है, खासकर ऊर्जा और रक्षा के क्षेत्र में। वित्त वर्ष 2026 में दोनों देशों के बीच करीब 60 अरब डॉलर का कारोबार हुआ। अब दोनों देशों की नजर इस दशक के अंत तक आपसी व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने पर है।

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फुटबॉल के जादूगर लियोनेल मेसी ने कहा अंतरराष्ट्रीय करियर को अलविदा

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फुटबॉल के जादूगर लियोनेल मेसी ने 207 कैप जीतने के बाद अर्जेंटीना ड्यूटी से अपनी सेवानिवृत्ति की घोषणा की है। 2005 में अर्जेंटीना में पदार्पण करने वाले 39 वर्षीय खिलाड़ी ने 2022 में विश्व कप जीता और इस गर्मी और 2014 में उपविजेता रहे। उन्होंने दो कोपा अमेरिका खिताब भी हासिल किए।

मेसी ने एक बयान में लिखा: “यह एक ऐसा निर्णय था जिसने दुख पहुंचाया – और अभी भी अंदर तक दर्द पहुंचाता है – लेकिन मैं समझता हूं कि समय आ गया है। मैं आपसे कसम खाता हूं कि मैंने हमेशा अपना सब कुछ दिया – न केवल इन पिछले कुछ वर्षों में जब हमने सब कुछ जीता, बल्कि उससे पहले भी; मैंने हमेशा इस जर्सी के लिए मैदान पर संघर्ष किया और सब कुछ छोड़ दिया, ताकि आपको खुशी मिल सके और फुटबॉल के माध्यम से आपको अर्जेंटीना होने पर गर्व महसूस हो सके।”

उन्होंने कहा, “समय कम होता जा रहा है, अध्याय ख़त्म होने वाले हैं, और यह वह बात है जिसने मुझे बहुत आहत किया है। मैं राष्ट्रीय टीम का हिस्सा बनना पसंद करता हूं, प्यार करता हूं और हमेशा पसंद करूंगा। मेरे पास जो कुछ भी था, मैंने दे दिया है; मेरे पास देने के लिए कुछ भी नहीं बचा है, और इसके अलावा, कुछ महान युवा खिलाड़ी भी आ रहे हैं जो यहां आने के योग्य हैं।”

मेसी ने कहा कि उन्होंने विश्व कप फाइनल के दो दिन बाद 21 जुलाई को अपना सेवानिवृत्ति वक्तव्य लिखा था, और पिछले महीने उनके पिता जॉर्ज की मृत्यु ने पुष्टि की थी कि इसे प्रकाशित करने और अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को समाप्त करने का यह सही समय था।

मेसी ने अपने पिता की मृत्यु के बाद एक बयान लिखा था जिसमें कहा गया था कि उन्हें इस बारे में “काफी संदेह” था कि क्या वह “बहुत लंबे समय तक” खेलते रहेंगे। उन्होंने तब खुलासा किया कि स्पेन के हाथों अर्जेंटीना की विश्व कप फाइनल हार में उन्हें किस हद तक संघर्ष करना पड़ा था। उन्होंने लिखा, ”मेरे पैर अब और नहीं चल सकते।” “इस बार मैंने खुद को अपनी शारीरिक सीमाओं से परे धकेलने की कोशिश की, लेकिन मैं ऐसा नहीं कर सका।”

मेसी इंटर मियामी के लिए खेलते हैं, जहां उनका अनुबंध 2028 तक चलना था। उन्होंने पिछले शनिवार को पहली बार मेजर लीग सॉकर मैच में चार गोल किए और सीएफ मॉन्ट्रियल को 7-1 से हराने के लिए प्रेरित किया।

Anna Hazare : अन्ना हजारे की तबीयत बिगड़ी, मुंबई के बॉम्बे अस्पताल के ICU में भर्ती

Anna Hazare : अन्ना हजारे की तबीयत बिगड़ी, मुंबई के बॉम्बे अस्पताल के ICU में भर्ती

anna hazare

सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें मुंबई के बॉम्बे हॉस्पिटल के ICU में भर्ती कराया गया है। महाराष्ट्र के उनके पैतृक गांव रालेगण सिद्धि के पास स्थित एक अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी हालत खराब होने पर उन्हें मुंबई लाया गया। मीडिया खबरों के मुताबिक अन्ना हजारे को गंभीर वायरल संक्रमण के साथ-साथ अत्यधिक डिहाइड्रेशन (Acute Dehydration) की समस्या हुई है। इसके बाद उन्हें बेहतर इलाज और निगरानी के लिए मुंबई के बॉम्बे हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया।

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ICU में डॉक्टरों की निगरानी में अन्ना हजारे

बॉम्बे हॉस्पिटल में अन्ना हजारे का इलाज डॉ. गौतम भंसाली की देखरेख में चल रहा है। 80 वर्ष से अधिक उम्र के अन्ना हजारे को ICU में डॉक्टरों की करीबी निगरानी में रखा गया है। उनकी मेडिकल टीम उनकी स्वास्थ्य स्थिति का आकलन करने के लिए विस्तृत जांच कर रही है। फिलहाल डॉक्टर उनकी हालत पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और उन्हें ऑब्जर्वेशन में रखा गया है।  अन्ना हजारे के स्वास्थ्य को लेकर आगे की विस्तृत जानकारी का इंतजार है।