Horizon Industrial Parks लगातार घाटे में, अब ग्रे मार्केट में ऐसी है शेयरों की हालत

Horizon Industrial Parks Listing: इनकम में उछाल के बावजूद लगातार घाटे में चल रही होरीजोन इंडस्ट्रियल पार्क्स का आईपीओ दो गुना से कम सब्सक्राइब हो पाया। ग्रे मार्केट से भी इसके शेयरों की ढाई फीसदी प्रीमियम पर ही लिस्टिंग के संकेत मिल रहे हैं। ग्रे मार्केट में इसकी GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) इश्यू प्राइस से ₹1.5 यानी 2.50% है यानी कि आईपीओ निवेशकों को करीब 2.5% का लिस्टिंग गेन मिल सकता है। इसके शेयर कल 24 अगस्त को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे।

हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी की कारोबारी सेहत और लिस्टिंग के दिन मार्केट की परिस्थिति पर निर्भर रहेगा। इसके शेयर आईपीओ निवेशकों को ₹60 के भाव पर जारी हुए हैं। एंप्लॉयीज को हर शेयर पर ₹5 का डिस्काउंट मिला है। इसका अलॉटमेंट फाइनल हो चुका है जिसका स्टेटस बीएसई या रजिस्ट्रार केफिनटेक की साइट पर देख सकते हैं, जिसका स्टेपवाइज प्रोसेस नीचे दिया जा रहा है।

BSE की साइट पर ऐसे करें चेक

https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx, इस लिंक पर जाएं।

इश्यू टाइप ‘Equity’ चुनें। इश्यू नाम Horizon Industrial Parks चुनें।

एप्लीकेशन नंबर या पैन भरें।

फिर I’m not a robot पर क्लिक करें।

सर्च पर क्लिक करें।

शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

रजिस्ट्रार की साइट पर ऐसे करें स्टेटस चेक

https://ipostatus.kfintech.com/, लिंक पर क्लिक करें।

सेलेक्ट आईपीओ पर क्लिक करके Horizon Industrial Parks चुनें।

एप्लीकेशन नंबर, डीमैट अकाउंट या पैन में से कोई भी चुनें। फिर जो विकल्प चुना है, उसके मुताबिक डिटेल्स दें। जैसे कि पैन चुना है तो पैन भरें।

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शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

Horizon Industrial Parks IPO को मिला था सुस्त रिस्पांस

होरिजोन इंडस्ट्रियल पार्क्स का ₹2,600 करोड़ का आईपीओ 17-19 अगस्त तक खुला था। यह इश्यू ओवरऑल 1.52 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 1.94 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 1.03 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.02 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 1.64 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 43,34,09,090 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹2,250.00 कंपनी और इसकी पूर्ण मालिकाना हक वाली कुछ सब्सिडरीज का कर्ज हल्का करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Horizon Industrial Parks के बारे में

जीएलएल रिपोर्ट के मुताबिक नेटवर्क के हिसाब से ब्लैकस्टोन के निवेश वाली होरीजोन इंडस्ट्रियल पार्क्स देश की सबसे बड़ी इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक्स इंफ्रा डेवलपर है। कंपनी के आईपीओ ड्राफ्ट के मुताबिक इसके पास देश के 10 बड़े शहरों में कुल 5.80 स्क्वेयर फीट में फैले हुए 45 लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल एसेट्स हैं। यह बड़ी-बड़ी कंपनियों के लिए बड़े और नए जमाने के हिसाब से वेयरहाउसेज और इंडस्ट्रियल फैसिलिटीज बनाती है और फिर उन्हें किराए पर देती है।

इसके पास मुख्य रूप से तीन एसेट्स हैं- ई-कॉमर्स, एफएमसीजी, रिटेल और लॉजिस्टिक्स कंपनियों के इस्तेमाल के लिए फुलफिलमेंट सेंटर्स (वेयरहाउसिंग); मैन्युफैक्चरिंग, ईवी, रिन्यूएबल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो इत्यादि के लिए इंडस्ट्रियल फैसिलिटीज; और लास्ट-माइल डिलीवरी के लिए इन-सिटी सेंटर्स जिनका इस्तेमाल डार्क स्टोर्स, फार्मा, क्लाउड किचन, रिटेल और सर्विस बिजनेस में होता है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो पिछले तीन वित्त वर्षों से इनकम में लगातार बढ़ोतरी के बावजूद इसका घाटा लगातार बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2024 में इसे ₹162.21 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ था जोकि वित्त वर्ष 2025 में बढ़कर ₹178.78 करोड़ और वित्त वर्ष 2026 में ₹203.65 करोड़ पर पहुंच गया तो दूसरी तरफ इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम सालाना करीब 77% की रफ्तार यानी सीएजीआर से बढ़कर ₹767.84 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹6,884.34 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹3,214.54 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Outlook: इस हफ्ते कैसी रहेगी शेयर बाजार की चाल; कच्चे तेल की कीमत, पश्चिम एशिया के हालात समेत इन फैक्टर्स से होगा तय

नए शुरू हो रहे सप्ताह में भारतीय शेयर बाजार की दिशा कच्चे तेल की कीमत और अमेरिका-ईरान संघर्ष से जुड़े घटनाक्रमों जैसे प्रमुख फैक्टर्स से तय होगी। पिछले सप्ताह सेंसेक्स में 468.42 अंकों की गिरावट रही। निफ्टी 114 अंक फिसला। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसिडेंड (रिसर्च) अजीत मिश्रा का कहना है कि निवेशक जैक्सन होल आर्थिक संगोष्ठी (Jackson Hole Symposium) पर करीबी नजर रखेंगे, खासकर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के प्रमुख की टिप्पणियों पर। इससे बेंचमार्क ब्याज दरों की आगे की दिशा के संकेत मिलने की उम्मीद है।

आगे कहा कि अमेरिका के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के अनुमान, ड्यूरेबल गुड्स के ऑर्डर और कंज्यूमर कॉन्फिडेंस से भी अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती और फेडरल रिजर्व की नीतिगत दिशा के बारे में महत्वपूर्ण संकेत मिलेंगे। भारत को लेकर बात करें तो निवेशकों की नजर रुपये की चाल, विदेशी संस्थागत निवेशकों के रुख और घरेलू बाजार में नकदी की स्थिति पर रहेगी।

छाए रहेंगे 3 प्रमुख मुद्दे

ऑनलाइन ट्रेडिंग एंड वेल्थ टेक फर्म एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि वैश्विक बाजारों में इस सप्ताह 3 प्रमुख मुद्दे छाए रहेंगे। इनमें अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति की दिशा, एनवीडिया के तिमाही नतीजे और अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव शामिल हैं। लंबी अवधि के अमेरिकी बॉन्ड पर यील्ड में उतार-चढ़ाव के बीच जैक्सन होल संगोष्ठी में फेड के प्रमुख केविन वॉर्श के संबोधन पर करीबी नजर रहेगी। सितंबर में होने वाली पॉलिसी मीटिंग से पहले निवेशक संकेत तलाशेंगे कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक लगातार बनी हुई महंगाई के जोखिमों और श्रम बाजार के नरम पड़ने के संकेतों को कैसे तौल रहा है।

पोनमुडी ने आगे कहा कि कच्चे तेल की कीमतें भी एक बड़ा बाहरी जोखिम बनी हुई हैं। उनके मुताबिक, ‘‘अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिन का समझौता किसी स्थायी समाधान के बिना समाप्त हो गया है। इससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक बार फिर जारी तनाव का केंद्र बन गया है और क्षेत्र में ऊर्जा की सामान्य आपूर्ति प्रभावित हुई है।’’

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FPI की गतिविधियां

नए सप्ताह में निवेशक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) के रुख पर भी नजर रखेंगे। इन निवेशकों ने अगस्त में भारतीय शेयर बाजार में अपनी खरीद तेज की है। कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों, रुपये की स्थिरता और बाजार की बेहतर संभावनाओं से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है। FPI ने अगस्त में अब तक भारतीय शेयर बाजार में 23,544 करोड़ रुपये डाले हैं। इससे पहले जुलाई में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों में 20,200 करोड़ रुपये का निवेश किया था। जुलाई से पहले लगातार 4 महीने सेलिंग की थी।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के रिसर्च हेड (वेल्थ मैनेजमेंट) सिद्धार्थ खेमका का मानना है कि निफ्टी में बीते लगातार दो सप्ताह गिरावट रही। अब भारतीय शेयर बाजार में इस सप्ताह कुछ स्थिरता आ सकती है और निकट अवधि में मामूली रिकवरी की उम्मीद है। बाजार की निगाह ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतों पर भी रहेगी, जो 90 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं। इसके अलावा वैश्विक घटनाक्रम भी महत्वपूर्ण रहेंगे।

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BMW i5 LWB image gallery

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bmw i5 lwb on stage

BMW has debuted the India-spec i5 LWB in India, with bookings now open and launch slated for the coming weeks. The i5 LWB is not the first of the i5 nameplate to be available in the Indian market, as BMW has been selling the performance-focused standard-wheelbase i5 M60 here since 2024. Where the i5 M60 is a fully imported model, though, the i5 LWB will be locally assembled, allowing BMW to price it more competitively.

अब नहीं मिलेगा LPG गैस सिलेंडर! सरकार का बड़ा आदेश- PNG कनेक्शन लेना जरूरी, वरना कट जाएगा कनेक्शन

LPG Control Order 2026 Rules: भारत सरकार ने देश में रसोई गैस यानी LPG सिलेंडर को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कड़े निर्देश जारी कर एलपीजी सिलेंडरों की जगह पाइपलाइन वाली प्राकृतिक गैस (PNG) के इस्तेमाल को तेजी से बढ़ावा देने को कहा है। इसके पीछे कई वजह आपूर्ति व्यवस्था को डिजिटल और सुरक्षित बनाना है।

नए ‘एलपीजी कंट्रोल ऑर्डर 2026’ और ‘नैचुरल गैस डिस्ट्रीब्यूशन ऑर्डर 2026’ के तहत अब उन इलाकों में जहां पीएनजी पाइपलाइन उपलब्ध है, वहां एक साथ एलपीजी और पीएनजी दोनों कनेक्शन रखना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। यानी आप अब LPG सिलेंडर नहीं यूज कार पाएंगे।

PNG लेना अनिवार्य, वरना कट जाएगा LPG सिलेंडर कनेक्शन

पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल की ओर से राज्यों के मुख्य सचिवों को भेजे गए पत्र के मुताबिक, सरकार ने एलपीजी से पीएनजी में शिफ्ट होने के नियमों को सख्त कर दिया है। जिन सोसायटियों या इलाकों में पीएनजी नेटवर्क पहुंच चुका है, वहां के उपभोक्ताओं को नोटिस दिया जाएगा। अगर तय नोटिस मिलने के बावजूद कोई उपभोक्ता पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन नहीं करता है, तो उसका LPG सिलेंडर कनेक्शन अपने आप रद्द कर दिया जाएगा।

मिडिल ईस्ट संकट और भारत का बड़ा सबक

सरकार द्वारा पीएनजी पर अचानक इतना जोर देने की सबसे बड़ी वजह हालिया पश्चिम एशिया संकट और ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ में हुआ व्यवधान है। भारत अपनी घरेलू रसोई गैस (LPG) की जरूरतों के लिए काफी हद तक कतर, सऊदी अरब, यूएई और कुवैत जैसे देशों पर निर्भर है। मिडिल ईस्ट जंग के कारण एलपीजी सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई थी।

आयातित एलपीजी की तुलना में घरेलू पीएनजी सप्लाई ज्यादा सुरक्षित और मजबूत साबित हुई क्योंकि इसे घरेलू प्राकृतिक गैस का प्राथमिकता आवंटन मिलता है। पीएनजी से अंतरराष्ट्रीय युद्ध और लॉजिस्टिक्स रुकावटों का असर नहीं पड़ता।

हर जिले में बनेगी ‘PNG कोऑर्डिनेशन कमेटी’

पीएनजी कनेक्शन की प्रक्रिया को तेजी से लागू करने के लिए सरकार ने विशेष प्रशासनिक ढांचा तैयार किया है। तेल विपणन कंपनियों (OMCs) और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) संस्थाओं को हर क्षेत्र में ‘पीएनजी कोऑर्डिनेशन कमेटी’ (PCC) गठित करने का निर्देश दिया गया है।

राज्यों से कहा गया है कि वे खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के जिला आपूर्ति अधिकारी (DSO) स्तर के अधिकारी को जिले का नोडल ऑफिसर बनाएं जो आरडब्ल्यूए (RWA) और सोसायटियों से परमिशन और राइट ऑफ वे दिलाने में मदद करेंगे।

पीएनजी अपनाने के 4 बड़े फायदे

पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, पीएनजी में शिफ्ट होने से आम जनता और देश दोनों को सीधा फायदा होगा:

सस्ता और सुविधाजनक: पीएनजी सिलेंडर के मुकाबले ज्यादा सस्ती, सुरक्षित और बिना रिफिलिंग के 24×7 मिलने वाली रसोई गैस है।

सिलेंडर बुकिंग का झंझट खत्म: उपभोक्ताओं को सिलेंडर बुक करने या डिलीवरी का इंतजार करने से मुक्ति मिलेगी।

लॉजिस्टिक्स का बोझ कम: सड़कों पर सिलेंडरों के परिवहन और भारी-भरकम गाड़ियों का बोझ कम होगा।

इन्फ्रास्ट्रक्चर का सही इस्तेमाल: सरकारी और प्राइवेट कंपनियों द्वारा गैस पाइपलाइन बिछाने में किए गए अरबों रुपये के निवेश का सही उपयोग हो सकेगा।

Stocks to Buy: ये 5 स्टॉक्स 61% रिटर्न दे सकते हैं, ब्रोकरेज ने खरीदने की सलाह दी

Stocks to Buy: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच कई बड़ी ब्रोकरेज कंपनियां चुनिंदा शेयरों पर बुलिश बनी हुई हैं। Jefferies और Macquarie समेत कई फर्मों ने इन स्टॉक्स पर Buy रेटिंग बरकरार रखी है। इनमें सबसे ज्यादा अपसाइड Patanjali Foods में दिख रहा है, जहां करीब 61% तक रिटर्न की उम्मीद जताई गई है।

Divi’s Laboratories

ब्रोकरेज Macquarie ने फार्मा कंपनी Divi’s Laboratories पर 10,200 रुपये का टारगेट दिया है। इसमें मौजूदा स्तर से करीब 19% तेजी आ सकती है। ब्रोकरेज का मानना है कि कैपेक्स से कमाई बढ़ने और ऑपरेटिंग लीवरेज में सुधार से ग्रोथ तेज हो सकती है।

Larsen & Toubro

ब्रोकरेज Jefferies ने इंजीनियरिंग कंपनी Larsen & Toubro पर Buy रेटिंग के साथ 5,000 रुपये का टारगेट दिया है। यह करीब 23% का संभावित उछाल दिखाता है। मजबूत ऑर्डर बुक और भारत के कैपेक्स साइकल से कंपनी को फायदा मिलने की उम्मीद है।

TVS Motor Company

ब्रोकरेज Jefferies ने ऑटो कंपनी TVS Motor Company पर Buy रेटिंग बरकरार रखी है। इसके लिए 5,425 रुपये का टारगेट दिया है। यह मौजूदा स्तर से करीब 24% रिटर्न दे सकता है। ब्रोकरेज को वॉल्यूम ग्रोथ और कमाई में मजबूत बढ़त की उम्मीद है।

Emmvee Photovoltaic Power

ब्रोकरेज Jefferies ने सोलर कंपनी Emmvee Photovoltaic Power पर Buy रेटिंग कायम रखी है। 440 रुपये का टारगेट मौजूदा स्तर से करीब 31% ऊपर है। मजबूत ऑर्डर बुक, TOPCon टेक्नोलॉजी और विस्तार योजनाओं को इसकी बड़ी ताकत माना गया है।

Patanjali Foods

ब्रोकरेज Jefferies ने FMCG कंपनी Patanjali Foods पर Buy कॉल देते हुए 560 रुपये का टारगेट दिया है। यह मौजूदा स्तर से करीब 61% की तेजी का संकेत है। ब्रोकरेज का मानना है कि आने वाले वर्षों में कंपनी की कमाई और पूंजी पर रिटर्न में मजबूत सुधार देखने को मिल सकता है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Video: दलीप ट्रॉफी डेब्यू पर फ्लॉप रहे वैभव सूर्यवंशी, ईस्ट जोन के वाइस-कैप्टन 8 रन पर लौटे पवेलियन

Vaibhav Sooryavanshi: महज 15 साल की उम्र में क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने वाले वैभव सूर्यवंशी के लिए रेड बॉल क्रिकेट की शुरुआत अच्छी नहीं रही। दलीप ट्रॉफी 2026 में ईस्ट जोन के वाइस-कैप्टन वैभव सूर्यवंशी दिलीप ट्रॉफी के अपने पहले मैच में बड़ी पारी नहीं खेल सके। रविवार को बेंगलुरु में नॉर्थ-ईस्ट जोन के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने अभिमन्यु ईश्वरन के साथ पारी की शुरुआत की। लेकिन वह ज्यादा देर तक मैदान पर टिक नहीं पाए। वैभव सिर्फ 6 गेंदों पर 8 रन बनाकर आउट हो गए। उन्होंने शुरुआत में दो चौके लगाए, लेकिन 8 रन के स्कोर पर आउट होकर वापस लौट गए।

कैसी थी वैभव की पारी

15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने आउट होने से पहले कुछ अच्छे शॉट लगाए, लेकिन उनकी पारी ज्यादा देर नहीं चल सकी। पेसर बिश्वोर्जित कोंथौजम ने उन्हें आउट किया। वैभव ने शुरुआत में कुछ गेंदों को संभलकर खेला और फिर एक अच्छी लेंथ की गेंद पर डीप मिड-विकेट की ओर चौका लगाया। लेकिन, दूसरे ओवर में ही उनकी पारी खत्म हो गई। कोंथौजम की ऑफ स्टंप गेंद पर वैभव सूर्यवंशी ने एक्स्ट्रा कवर की दिशा में अच्छा शॉट खेला। इसके बाद गेंदबाज ने अपनी रणनीति बदली और ओवर की आखिरी गेंद थोड़ी छोटी और बाहर की ओर रखी। वैभव ने गेंद को पॉइंट की तरफ खेलने की कोशिश की, लेकिन उनका शॉट सही नहीं लगा और गली में कैच हो गया। इस तरह उनकी पारी 8 रन पर खत्म हो गई।

 

वैभव आईपीएल से चर्चा में

वैभव सूर्यवंशी ने अपनी पारी की शुरुआत से ही तेज बल्लेबाजी करने की कोशिश की और बाउंड्री लगाने का मौका तलाशते रहे। लेकिन, नॉर्थ ईस्ट जोन के गेंदबाजों को पिच से मदद मिल रही थी और गेंद दोनों तरफ घूम रही थी। ऐसे में वैभव का आक्रामक अंदाज इस बार उनके लिए भारी पड़ गया। ईशान किशन की कप्तानी वाली ईस्ट जोन की टीम में तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी भी शामिल हैं। वैभव सूर्यवंशी IPL में अपने शानदार प्रदर्शन और भारत के लिए T20I डेब्यू के बाद लगातार चर्चा में रहे हैं। इस युवा बल्लेबाज ने कई बार बताया है कि वह रेड-बॉल क्रिकेट खेलना चाहते हैं। उनका लक्ष्य भविष्य में भारतीय टेस्ट टीम का हिस्सा बनना है और इसके लिए वह लंबे फॉर्मेट में खुद को साबित करना चाहते हैं।

जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद CJP का केंद्र पर वादाखिलाफी का आरोप, 24 अगस्त को बैठक, फिर आंदोलन के संकेत

जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद CJP का केंद्र पर वादाखिलाफी का आरोप, 24 अगस्त को बैठक, फिर आंदोलन के संकेत

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जंतर-मंतर पर लंबे समय तक चले प्रदर्शन को समाप्त करने के बाद द कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) ने रविवार को केंद्र सरकार से दबाव समूह के साथ किए गए वादों को पूरा करने की मांग की। संगठन ने केंद्र पर देश के युवाओं के साथ विश्वासघात करने और उनके भरोसे को तोड़ने का आरोप लगाया है।

 

CJP ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि सरकार ने शांतिपूर्ण आंदोलन खत्म कराने के लिए जो वादे किए थे, उन्हें अब पूरा किया जाना चाहिए। संगठन ने कहा कि सड़कों से प्रदर्शन खत्म होने के बाद उन्हीं वादों से पीछे हटने की कोशिश करके सरकार को पूरी पीढ़ी का अपमान करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बयान में कहा गया, “भारत के युवाओं से किया गया वादा अक्षरश: और उसकी भावना के अनुरूप पूरा किया जाना चाहिए।”

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सरकार ने कोर्ट को अब तक नहीं दी सूची

 

CJP ने अपने बयान में दावा किया कि छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द कराने को लेकर अदालत की ओर से बार-बार जानकारी मांगे जाने के बावजूद सरकार ने अब तक संबंधित सूची उपलब्ध नहीं कराई है। संगठन के मुताबिक, संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद CJP के सह-संयोजक सौरव दास और लीगल अफेयर्स लीड रत्ना सिंह ने चेतावनी दी थी कि सरकार आंदोलन वापस लिए जाने के बाद युवाओं के साथ किए गए वादों से पीछे हटने की कोशिश कर रही है। CJP ने कहा कि किए गए वादों को कमजोर करना, टालना, उनकी नई व्याख्या करना या उन्हें पूरा नहीं करना युवाओं के भरोसे के साथ अस्वीकार्य विश्वासघात होगा।

 

24 अगस्त को बैठक, फिर आंदोलन के संकेत

 

CJP ने कहा कि संगठन 24 अगस्त को बैठक कर आगे की रणनीति तय करेगा। साथ ही संगठन ने संभावित नए आंदोलन के संकेत भी दिए हैं। बयान में छात्रों, युवा नागरिकों, समर्थकों और देशभर में मौजूद CJP स्वयंसेवकों से 24 अगस्त को होने वाली बैठक के बाद की कार्रवाई के लिए तैयार रहने की अपील की गई है।

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NEET छात्रों के परिवारों को मुआवजे का मुद्दा

 

संगठन ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से अब तक कोई प्रतिनिधिमंडल उन तक नहीं पहुंचा है और न ही किए गए वादों पर उठाए गए कदमों की जानकारी दी गई है। इन वादों में आत्महत्या करने वाले NEET छात्रों के परिवारों को आर्थिक मुआवजा देने की मांग भी शामिल थी। CJP ने दावा किया कि उसके प्रदर्शन के चलते धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हुआ, लेकिन संगठन ने स्पष्ट किया कि जब तक युवाओं से किए गए सभी वादे पूरे नहीं होते, तब तक वह पीछे नहीं हटेगा।

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25 जुलाई को खत्म किया था आंदोलन

 

द कॉकरेच जनता पार्टी ने 25 जुलाई को एक महीने से अधिक समय तक चले अपने प्रदर्शन को समाप्त किया था। उस समय संगठन ने दावा किया था कि सरकार ने उसकी सभी मांगें स्वीकार कर ली हैं। अब संगठन की ओर से 24 अगस्त को बैठक बुलाए जाने और संभावित आंदोलन की चेतावनी के बाद जंतर-मंतर आंदोलन का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

Tempsens Instruments IPO: लिस्टिंग पर बंपर मुनाफे के संकेत, ग्रे मार्केट में 107% प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है शेयर

टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स (इंडिया) का ₹650 करोड़ का IPO 20 अगस्त को खुला था। अभी तक यह 21.69 गुना भर चुका है। इसमें 24 अगस्त को भी पैसे लगाए जा सकेंगे। उसके बाद अलॉटमेंट 25 अगस्त को फाइनल होगा। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 28 अगस्त को लिस्ट हो सकते हैं। स्टॉक मार्केट में कंपनी की शुरुआत धांसू रहने के संकेत हैं। ग्रे मार्केट में शेयर 107 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। मतलब कि IPO निवेशकों को तगड़ा मुनाफा हो सकता है।

लेकिन ऐसा जरूरी नहीं कि ग्रे मार्केट के संकेत लिस्टिंग डे पर सच हो जाएं। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं। Tempsens Instruments IPO के लिए प्राइस बैंड ₹285-₹300 प्रति शेयर और लॉट साइज 50 शेयर है। IPO में ₹95 करोड़ के 32 लाख नए शेयर जारी हो रहे हैं। साथ ही प्रमोटर्स और मौजूदा शेयरहोल्डर्स की ओर से ₹555 करोड़ के 1.85 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल है।

टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स (इंडिया) लिमिटेड एक थर्मल इंजीनियरिंग कंपनी और खास तरह के केबल बनाने वाली कंपनी है। यह कस्टमाइज्ड टेंपरेचर सेंसिंग सॉल्यूशंस, इलेक्ट्रिकल हीटिंग सॉल्यूशंस और खास तरह के केबल की डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग का काम करती है। कंपनी के प्रोडक्ट एक्सपोर्ट भी होते हैं। कंपनी कॉन्टैक्ट और नॉन कॉन्टैक्ट टेंपरेचर सेंसर बनाती है।

किस कैटेगरी में अब तक कितना सब्सक्रिप्शन

IPO में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा अभी तक 3.31 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 52.98 गुना, रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 18.73 गुना और कर्मचारियों के लिए रिजर्व हिस्सा 28.93 गुना भर चुका है। IPO के लिए ICICI Securities Ltd और JM Financial बु​क रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार Kfin Technologies Ltd. है।

Skyways Air Services IPO: ₹583 करोड़ के इश्यू के​ लिए ₹131-₹138 है प्राइस बैंड, 24 अगस्त से लगा सकेंगे पैसे

IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स अपने IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल इलेक्ट्रिकल हीटिंग सॉल्यूशंस और स्पेशलाइज्ड केबल सॉल्यूशंस को लेकर पूंजीगत खर्च के लिए, कर्ज चुकाने के लिए और आम कॉरपोरेट कामों के लिए करेगी। IPO की ओपनिंग से पहले कंपनी ने एंकर इनवेस्टर्स से ₹194.55 करोड़ जुटाए। IPO में ₹1.5 करोड़ के शेयर कंपनी के कर्मचारियों के लिए रिजर्व हैं। बाकी ​बचे हिस्से में से 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।

Tempsens Instruments की वित्तीय सेहत

वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 19 प्रतिशत बढ़कर ₹455.86 करोड़ हो गया। शुद्ध मुनाफा 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹71 करोड़ रहा। ​एक साल पहले रेवेन्यू ₹382.47 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹62.56 करोड़ था। वित्त वर्ष 2026 के दौरान टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स पर ₹77.95 करोड़ की उधारी थी।

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आरक्षण किसी की मांग पर खत्म नहीं किया जा सकता, चिराग पासवान का बड़ा बयान

आरक्षण किसी की मांग पर खत्म नहीं किया जा सकता, चिराग पासवान का बड़ा बयान

chirag paswan

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने शुक्रवार को कहा कि आरक्षण किसी की मांग पर समाप्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि आरक्षण कोई खैरात या किसी सरकार की ओर से दी जाने वाली रियायत नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकार है। इसका उद्देश्य उन समुदायों को सामाजिक रूप से आगे बढ़ाना है, जिन्होंने पीढ़ियों तक भेदभाव का सामना किया है।

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दिल्ली रवाना होने से पहले पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में चिराग पासवान से जंतर-मंतर पर आरक्षण व्यवस्था खत्म करने की मांग को लेकर चल रहे छात्र प्रदर्शन के बारे में सवाल किया गया था।

 

'आरक्षण किसी की मांग पर खत्म नहीं किया जा सकता'

 

चिराग पासवान ने कहा, “आरक्षण ऐसी चीज नहीं है, जिसे किसी की मांग पर खत्म किया जा सके। न ही यह किसी को दी जाने वाली खैरात है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि आरक्षण संविधान में किया गया प्रावधान है और यह किसी सरकार की इच्छा या कृपा पर निर्भर नहीं करता।

 

सामाजिक समावेशन के लिए बनाया गया आरक्षण

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आरक्षण व्यवस्था का उद्देश्य समाज के उन वर्गों को मुख्यधारा में लाना था, जिन्हें लंबे समय तक सामाजिक भेदभाव का सामना करना पड़ा। उन्होंने विशेष रूप से अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) का जिक्र करते हुए कहा कि संविधान ने इन समुदायों की पहचान की और उनके उत्थान के लिए आरक्षण का प्रावधान किया।

 

उन्होंने कहा कि समाज में आज भी सामाजिक भेदभाव की घटनाएं सामने आती रहती हैं। ऐसे में सामाजिक न्याय को मजबूत करने और आरक्षण व्यवस्था पर चर्चा आज भी प्रासंगिक है।

 

उत्तराखंड की घटना का किया जिक्र

चिराग पासवान ने सामाजिक भेदभाव के मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए उत्तराखंड में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से जुड़ी एक घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं बताती हैं कि सामाजिक भेदभाव का मुद्दा अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और सामाजिक न्याय पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है।

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आरक्षण विरोधी प्रदर्शनकारियों से बातचीत की वकालत

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले की ओर से आरक्षण का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों को लेकर दिए गए बयान पर सवाल पूछे जाने पर चिराग पासवान ने कहा कि प्रदर्शनकारी अपनी चिंताएं व्यक्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर मुद्दे का समाधान बातचीत के जरिए किया जा सकता है। प्रदर्शनकारियों से संवाद के जरिए उन्हें आरक्षण के उद्देश्य और यह व्यवस्था अब भी क्यों जरूरी है, इसके बारे में समझाया जा सकता है।

IND vs SL: मैदान पर श्रीलंकाई गेंदबाज से भिड़े यशस्वी जायसवाल, दोनों खिलाड़ियों में हुआ बॉडी कॉन्टैक्ट

IND vs SL: भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की सीरीज का दूसरा मुकाबला कोलंबो में खेला जा रहा है। मुकाबले में भारत के कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। पहले बल्लेबाजी करने आई भारत की टीम ट्री ब्रेक होने तक 52 ओवर में 3 विकेट खोकर 187 रन बना ली है। वहीं इस मुकाबले के दौरान यशस्वी जायसवाल आउट होने के बाद श्रीलंकाई गेंदबाज से भिड़ गए। श्रीलंकाई तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो के साथ जायसवाल की मैदान पर तीखी बहस हुई। जायसवाल 45 रन बनाकर आउट हुए थे और आउट होने के बाद फर्नांडो के सेलिब्रेशन से वह नाराज नजर आए। इसी दौरान दोनों खिलाड़ियों के बीच बहस बढ़ गई और वीडियो में दोनों खिलाड़ियों के  ऐसा लगा कि जायसवाल ने फर्नांडो को सिर से टक्कर मारने की कोशिश की।

मैदान पर भिड़े जायसवाल-असिथा

ये मामला 17वें ओवर की आखिरी गेंद के बाद हुआ। इससे पहले यशस्वी जायसवाल ने असिथा फर्नांडो की गेंदों पर तीन चौके लगाए थे, लेकिन ओवर की आखिरी गेंद पर वह बोल्ड हो गए। आउट होने के बाद जायसवाल वापस लौटे और फर्नांडो के जश्न पर नाराजगी जताई। दोनों खिलाड़ियों के बीच कुछ देर बहस हुई और मामला इतना बढ़ गया कि जायसवाल फर्नांडो के बेहद करीब आ गए और उन्हें सिर से टक्कर मारते हुए नजर आए। श्रीलंका के कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने बीच में आकर यशस्वी जायसवाल और असिथा फर्नांडो को अलग किया, जिसके बाद मामला शांत हुआ। भारत ने दो टेस्ट मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना रखी है।

 

क्या है आईसीसी के नियम

ICC के नियमों के मुताबिक, मैदान पर मारपीट या किसी को शारीरिक नुकसान पहुंचाना लेवल-4 का गंभीर अपराध माना जाता है। आर्टिकल 2.18 के तहत किसी खिलाड़ी, सपोर्ट स्टाफ, अंपायर, मैच रेफरी, दर्शक या किसी अन्य व्यक्ति के साथ मारपीट करना नियमों का उल्लंघन है। जानबूझकर या लापरवाही से किसी को चोट पहुंचाने पर खिलाड़ी या अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

क्या जायसवाल पर होगा एक्शन

ICC के आर्टिकल 2.19 में मैदान पर हिंसा करने को लेकर सख्त नियम बनाए गए हैं। इसके तहत किसी खिलाड़ी, अधिकारी, अंपायर, रेफरी, दर्शक या किसी अन्य व्यक्ति को लात मारना, मुक्का मारना या उसके साथ हाथापाई करना नियमों का उल्लंघन माना जाता है। ऐसे मामलों में दोषी खिलाड़ी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। मैदान पर मारपीट और हिंसा से जुड़े ये अपराध ICC की सबसे गंभीर लेवल-4 श्रेणी में आते हैं। ऐसे मामलों में सजा भी काफी सख्त हो सकती है। अपराध की गंभीरता के आधार पर खिलाड़ी या अधिकारी पर कम से कम 5 टेस्ट या 10 वनडे मैचों का बैन लगाया जा सकता है। गंभीर मामले में लाइफटाइम बैन भी लगाया जा सकता है।