Trading Ideas : बाजार में कंसोलीडेशन की उम्मीद, शॉर्ट टर्म में जोरदार कमाई के लिए आज इन शेयरों पर रहे नजर

Trading Ideas : खराब ग्लोबल संकेतों से कल बाजार में दबाव दिखा। निफ्टी और सेंसेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव देखने को मिला। एनर्जी,PSE और तेल-गैस इंडेक्स बढ़त पर बंद हुए। ऑटो,IT और कैपिटल मार्केट शेयरों में बिकवाली रही। निफ्टी 141 प्वाइंट गिरकर 23,914 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 374 प्वाइंट गिरकर 76,570 पर बंद हुआ। बैंक निफ्टी 238 प्वाइंट गिरकर 57,172 पर बंद हुआ। मिडकैप 333 प्वाइंट गिरकर 63,002 पर बंद हुआ। निफ्टी के 50 में से 36 शेयरों में बिकवाली रही। सेंसेक्स के 30 में से 20 शेयरों में बिकवाली रही। बैंक निफ्टी के 14 में से 7 शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। डॉलर के मुकाबले रुपया भी 2 पैसे कमजोर होकर 94.97 रुपए प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

निफ्टी व्यू

मार्केट ट्रेंड पर बात करते हुए मंत्री फिनमार्ट के अरुण कुमार मंत्री ने कहा कि अगर मार्केट की बात करें तो निफ्टी में एक ब्रेकडाउन के संकेत हैं। 24000-24050 का जो एक हायर ट्रेंड लाइन का ब्रेकडाउन था वो कल देखने को मिला। यहां पर एक बेनिफिट ऑफ डाउट जरूर दे सकते हैं क्योंकि वीकली क्लोजिंग होनी अभी बाकी है और कैश के एडजस्टमेंट्स भी देखने को मिल रहे हैं। जहां तक निफ्टी की बात है आज के सेशन के लिए जो सपोर्ट है वो 23,800 के आसपास है। वहीं, 24050 को रेजिस्टेंस के तौर पर देख सकते हैं। अगर वीकली क्लोजिंग वापस 24,000 के ऊपर हो जाती है जो कि फ्राइडे होनी है तो मार्केट में वापस एक कंसोलीडेशन का जोन देखने को मिलेगा। वहीं, अगर 23,800 का लेवल टूट जाता है तो एक बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है और निफ्टी 23,500 की तरफ भी जा सकता है। ऐसे आज और कल का सेशन काफी अहम रहेगा। अगर 23,800 ब्रीच होता है तो मार्केट एक बड़ी गिरावट की तरफ जाएगा। वहीं, अगर हम आज वापस 24,000 रिक्लेम कर लेते हैं तो वापस हमें एक कंसोीडेशन देखने को मिल सकता है। जहां तक आज की बात है तो निफ्टी में कंसोलीडेशन देखने को मिल सकता है। इसके लिए निफ्टी ट्रेडर्स को 23800 पर स्टॉप लॉस रखना चाहिए।

बैंक निफ्टी व्यू

इसी तरह का नजरिया बैंक निफ्टी पर भी है। बैंक निफ्टी का स्ट्रक्चर थोड़ा ज्यादा पॉजिटिव है। बैंक निफ्टी ने अभी भी 57,000 का लेवल होल्ड किया हुआ है। अगर ये लेवल होल्ड कर जाता है और हम 57,500 के तरफ बढ़ते हैं तो बैंक निफ्टी जरूर एक लीडरशिप पोजीशन ले सकता है।

अरुण कुमार मंत्री की टॉप पिक्स

अपने पसंदीदा स्टॉक्स पर बात करते हुए उन्होंने आगे कहा कि स्टॉक्स में काफी अच्छा एक्शन है। आज के लिए बाय साइड पर दो स्टॉक्स अच्छे लग रहे हैं। पहला डिक्शन टेक्नोलॉजी, जिसमें खरीदारी की सलाह रहेगी। एक अच्छे कंसोलिडेशन के बाद यह स्टॉक वापस 14,500 रुपए के सपोर्ट के आसपास दिख रहा है। इसको 14,500 रुपए के आसपास खरीदनें की सलाह है। 14,240 रुपए का स्टॉपलॉस लगा कर 14,910 रुपए तक के टारगेट्स के लिए खरीदारी करें।

दूसरा स्टॉक नौकरी या इंफोएज हैं। इसमें खरीदारी की सलाह है। इस स्टॉक में भी एक ब्रेकआउट है और ओवरऑल ट्रेंड अभी भी पॉजिटिव बना है। इसको 134042 रुपए के आसपास खरीदे। 1326 रुपए का स्टॉप लॉस रहेगा और 1371 रुपए तक के टारगेट सेट करें।

 

Market cues : खतरे में 23800 का लेवल, यह सपोर्ट टूटने पर निफ्टी में 23,600 तक की गिरावट मुमकिन

 

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Rashifal Today: आज किस मूलांक पर बरसेगी धन की कृपा, किसे रहना होगा सावधान? जानें अपना दिन

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार 3 सितंबर का दिन पैसों के मामले में सभी मूलांक वालों के लिए अलग-अलग परिणाम लेकर आ सकता है। कुछ लोगों की आर्थिक स्थिति बेहतर होने के संकेत हैं, तो कुछ को खर्च और निवेश के मामले में सावधानी बरतनी होगी। आज किसी भी बड़े आर्थिक फैसले में जल्दबाजी करने के बजाय सोच-समझकर कदम उठाना बेहतर रहेगा। आइए जानते हैं मूलांक 1 से 9 तक के लिए आज का दिन कैसा रहेगा।

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं। कमाई के नए मौके मिल सकते हैं और मेहनत का अच्छा परिणाम भी मिलने की उम्मीद है। निवेश करते समय समझदारी दिखाएं और बेवजह के खर्च से बचें। साझेदारी या मिलकर निवेश करने की योजना बना रहे हैं तो सभी बातों को अच्छी तरह समझकर ही फैसला लें।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों के मामले में ज्यादा सावधान रहना होगा। बिना योजना के खर्च करने से आर्थिक परेशानी बढ़ सकती है। किसी भी निवेश से पहले उसके फायदे और नुकसान को अच्छी तरह समझ लें। अगर कोई पुराना कर्ज है तो उसे चुकाने की दिशा में कदम उठाना फायदेमंद हो सकता है।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति बेहतर होने की संभावना है। मेहनत से जुड़ी योजनाएं आगे बढ़ेंगी और पुराने अनुभव के आधार पर निवेश का अच्छा अवसर मिल सकता है। आपकी सलाह और सोच को महत्व मिलेगा। हालांकि, खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी है ताकि पैसों का संतुलन बना रहे।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में थोड़ी परेशानी हो सकती है। अचानक खर्च या नुकसान की स्थिति बन सकती है। ऐसे में बचत पर ध्यान दें और गैरजरूरी चीजों पर पैसा खर्च न करें। निवेश से जुड़े बड़े फैसले फिलहाल सोच-समझकर लें। किसी पुराने आर्थिक मामले को लेकर तनाव हो सकता है, लेकिन धैर्य रखना बेहतर रहेगा।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 15 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक रूप से थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है। पैसों से जुड़े फैसलों में जल्दबाजी नुकसान पहुंचा सकती है। अपनी कमाई के साधनों की समीक्षा करें और किसी भी आर्थिक सौदे को पूरी जानकारी के बाद ही तय करें। फिलहाल बचत पर ध्यान देना और अनावश्यक खर्च से बचना आपके लिए बेहतर रहेगा।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक रूप से दिन सकारात्मक रह सकता है। पहले किए गए निवेश या मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने की संभावना है। कारोबार या किसी प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों को आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है। हालांकि, कमाई बढ़ने के साथ खर्च भी न बढ़ाएं और आर्थिक फैसले सोच-समझकर लें।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं। कमाई बढ़ाने के नए अवसर मिल सकते हैं। निवेश के लिए समय अच्छा हो सकता है, लेकिन किसी विशेषज्ञ की सलाह लेना फायदेमंद रहेगा। पैसों के लेन-देन में सावधानी रखें और बजट के हिसाब से ही खर्च करें।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में सतर्क रहना होगा। नुकसान होने की आशंका के चलते किसी नए निवेश या प्रोजेक्ट में पैसा लगाने से पहले दोबारा सोचें। भरोसेमंद लोगों से सलाह लेना मददगार हो सकता है। अनुशासन और बचत पर ध्यान देकर आप संभावित नुकसान से बच सकते हैं।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति थोड़ी मुश्किल रह सकती है। अचानक होने वाला खर्च या किसी फैसले से नुकसान हो सकता है। इसलिए बिना पूरी जानकारी के निवेश करने से बचें। कारोबार करने वालों को ग्राहकों और पैसों से जुड़े मामलों में साफ-सफाई बनाए रखनी चाहिए। आज बचत और आर्थिक योजना को बेहतर बनाने पर ध्यान देना सही रहेगा।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

Simple Wave इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च, मिलेगा 70L स्टोरेज और 243km रेंज, जानें कीमत और फीचर्स

Simple Wave Electric Scooter: Simple Energy ने अपना पहला फैमिली-ओरिएंटेड इलेक्ट्रिक स्कूटर ‘Wave’ लॉन्च कर दिया है। इसकी शुरुआती कीमत ₹1.10 लाख (एक्स-शोरूम) है और इसके टॉप-एंड मॉडल ‘Wave+’ की रेंज एक बार चार्ज करने पर 243km है। फैमिली स्कूटर खरीदने वाले भारतीय ग्राहकों के लिए, यह कीमत इस सेगमेंट की लीडर कंपनियों को सीधी टक्कर देती है। साथ ही, इसमें कुल 70 लीटर तक का स्टोरेज स्पेस मिलता है, जिसमें 4 लीटर का एक खास Auxiliary ‘Pill’ कम्पार्टमेंट भी शामिल है। यह एक ऐसा फीचर है जो ज्यादातर दूसरी कंपनियों के स्कूटर में नहीं मिलता है।

Simple Energy ने Wave को तीन वेरिएंट और कुल छह मॉडल में पेश किया है। इनमें 2.2kWh से लेकर 5kWh तक की चार अलग-अलग बैटरी क्षमता के विकल्प मिलते हैं। कंपनी के मुताबिक, इसकी डिलीवरी सितंबर के आखिरी हफ्ते से शुरू होगी।

Simple Wave Electric Scooter: कीमत और बैटरी विकल्प

Wave Electric Scooter लाइनअप को Wave S, Wave और Wave+ में बांटा गया है। ये मॉडल बैटरी साइज, डिस्प्ले टाइप और कनेक्टेड फीचर्स के आधार पर 6 अलग-अलग वर्जन में आते हैं। बेस मॉडल ‘Wave S EBN’ में 2.2kWh की बैटरी और 6.03hp की मोटर है, जिससे 110km (IDC) की रेंज मिलती है। वहीं, 2.7kWh और 3.7kWh बैटरी पैक वाले मॉडल में ज्यादा पावरफुल 8.58hp की मोटर मिलती है, जिससे रेंज क्रमशः 132km और 171km हो जाती है।

‘Wave+’ इस रेंज का टॉप मॉडल है, जिसमें kWh की बैटरी मिलती है और कंपनी 243 किलोमीटर IDC रेंज का दावा करती है। इसकी टॉप स्पीड 90km/h है, जबकि इसमें 179Nm का व्हील टॉर्क मिलता है। बताई गई सभी कीमतें शुरुआती हैं और Simple Energy ने यह कन्फर्म नहीं किया है कि अलग-अलग वेरिएंट की कीमतें बढ़ने से पहले ये शुरुआती कीमतें कितने समय तक लागू रहेंगी।

Simple Wave Electric Scooter: चार्जिंग, चेसिस और पानी में चलने की क्षमता

इसके टॉप वेरिएंट को 0 से 80% तक फास्ट चार्ज होने में लगभग 2 घंटे 15 मिनट लगते हैं, जबकि सभी वेरिएंट्स के साथ घर पर रेगुलर चार्जिंग के लिए 750W का पोर्टेबल चार्जर मिलता है। यह स्कूटर ट्यूबलर स्टील फ्रेम पर बना है, जिसमें टेलीस्कोपिक फ्रंट फोर्क्स और ट्विन रियर शॉक्स दिए गए हैं। इसमें 12-इंच के अलॉय व्हील्स के साथ-साथ फ्रंट डिस्क और रियर ड्रम ब्रेक का सेटअप है, जिसमें कंबाइंड ब्रेकिंग सिस्टम भी मिलता है। इसका ग्राउंड क्लीयरेंस 175mm है और यह 300mm गहरे पानी में भी चल सकता है। यह उन खरीदारों के लिए बहुत काम की बात है जो मानसून के दौरान बाढ़ की संभावना वाले भारतीय शहरों में रहते हैं।

स्टोरेज, डिस्प्ले और उपलब्धता

Simple Wave की सबसे खास बात इसका स्टोरेज स्पेस है। स्कूटर में कुल 70 लीटर तक का स्टोरेज मिलता है। इसमें सीट के नीचे 63 लीटर का स्टोरेज, 3 लीटर का ग्लव बॉक्स और नया 4 लीटर का Pill यूनिट शामिल है। हालांकि, Simple Energy ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि Pill यूनिट को स्कूटर में कहां लगाया गया है और इसका इस्तेमाल किस तरह किया जाएगा।

इसके हायर वेरिएंट्स में 7 इंच का TFT डिस्प्ले दिया गया है। इसमें GPS ट्रैकिंग, OTA अपडेट और हिल-होल्ड असिस्ट जैसे फीचर्स मिलते हैं। वहीं, बेस वेरिएंट्स में 5 इंच का EBN डिस्प्ले दिया गया है।

Simple Wave की बुकिंग अभी Simple Energy के आउटलेट्स और कंपनी की वेबसाइट पर शुरू हो गई है। इसकी डिलीवरी सितंबर के आखिरी हफ्ते से शुरू होने की उम्मीद है।

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PM Kisan Yojana: 24वीं किस्त के ₹2000 कब आएंगे, किन किसानों का रुक सकता है पैसा? जानिए पूरी डिटेल

PM Kisan Yojana: देशभर के करोड़ों किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं। इसके तहत हर पात्र किसान के खाते में ₹2,000 भेजे जाते हैं। पिछली यानी 23वीं किस्त जून 2026 में जारी हुई थी।

अब सवाल है कि अगली किस्त सितंबर में आएगी या अक्टूबर में। कृषि विभाग से जुड़े अधिकारियों के बयानों के आधार पर अक्टूबर में किस्त आने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, सरकार ने अभी इसकी आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है।

अक्टूबर में आने की संभावना क्यों?

पीएम किसान योजना के तहत साल में ₹6,000 की मदद मिलती है। यह पैसा ₹2,000 की तीन किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजा जाता है। आमतौर पर दो किस्तों के बीच करीब चार महीने का अंतर रहता है।

23वीं किस्त जून में आई थी। इसलिए अक्टूबर में 24वीं किस्त आने की उम्मीद है। कृषि विभाग के उप कृषि निदेशक नीलेश चौरसिया ने भी संकेत दिया है कि अगली किस्त अक्टूबर में आ सकती है। हालांकि, पक्की तारीख के लिए सरकार के ऐलान का इंतजार करना होगा।

इन किसानों का रुक सकता है पैसा

24वीं किस्त के लिए कुछ जरूरी काम पूरे होने चाहिए। अगर इनमें कोई कमी है, तो पैसा अटक सकता है।

  • ई-केवाईसी पूरी नहीं है तो किस्त रुक सकती है।
  • लैंड रिकॉर्ड का वेरिफिकेशन भी जरूरी है।
  • बैंक खाते से जुड़ी जानकारी सही होनी चाहिए।
  • आधार और दूसरी जरूरी डिटेल्स सही रहे।

घर बैठे कैसे चेक करें स्टेटस?

  • पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  • वहां Farmers Corner में जाकर Know Your Status विकल्प चुनें।
  • इसके बाद अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और कैप्चा डालें।
  • मोबाइल पर आए OTP को दर्ज करने के बाद किस्त से जुड़ा स्टेटस देख सकते हैं।
  • अगर कोई जानकारी अधूरी या पेंडिंग है, तो उसे समय रहते पूरा कर लें।

फिलहाल 24वीं किस्त की तारीख को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इसलिए किसानों को सोशल मीडिया के दावों पर भरोसा करने के बजाय सरकारी अपडेट का इंतजार करना चाहिए।

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iPhone 18 Pro और 18 Pro Max की प्री-ऑर्डर डेट लीक! 12 सितंबर से शुरू हो सकती है बुकिंग, 48MP ट्रिपल कैमरा समेत मिलेंगे ये फीचर्स

Apple का सितंबर इवेंट, जिसका नाम “Surprise and Shine” है, 9 सितंबर 2026 को होने वाला है। यह इवेंट भारत में इंडियन स्टैंडर्ड टाइम (IST) के अनुसार रात 10:30 बजे शुरू होगा। इस दिन तीन नए फोन देखने को मिल सकते हैं: iPhone 18, iPhone 18 Pro और iPhone Ultra (Apple का पहला फोल्ड होने वाला फोन)। हाल ही में लीक हुई जानकारी से iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max के प्री-ऑर्डर की तारीख का पता चला है। यहां इनके बारे में, साथ ही इनके स्पेसिफिकेशन और कैमरा के बारे में पूरी जानकारी दी गई है।

Apple iPhone 18 Pro के प्री-ऑर्डर की डेट

Macwelt की एक रिपोर्ट के अनुसार, Apple प्री-ऑर्डर में एक दिन की देरी करेगा और शनिवार, 12 सितंबर 2026 से ऑर्डर लेना शुरू करेगा। ऐसा इसलिए होगा, क्योंकि 11 सितंबर का दिन अमेरिका में याद और शोक का दिन होता है। Apple शुरू होने का समय भी बदल सकता है। आम तौर पर शाम 5:30 बजे (IST) प्री-ऑर्डर शुरू होते हैं, लेकिन इस बार इनके 12 सितंबर को आधी रात (PT के अनुसार) और भारत में दोपहर लगभग 12:30 बजे शुरू होने की उम्मीद है।

Apple प्री-ऑर्डर शुरू करने का समय भी बदल सकता है। आमतौर पर प्री-ऑर्डर शाम 5:30 बजे (IST) शुरू होते हैं, लेकिन इस बार 12 सितंबर को PT के हिसाब से आधी रात से प्री-ऑर्डर शुरू होने की उम्मीद है। भारत में यह समय करीब दोपहर 12:30 बजे (IST) हो सकता है।

Apple iPhone 18 Pro के स्पेसिफिकेशन्स (अनुमानित)

Apple iPhone 18 Pro में 120Hz रिफ्रेश रेट वाला 6.3-इंच का OLED डिस्प्ले हो सकता है। इसमें 2nm प्रोसेस पर बना Apple A20 Pro चिपसेट इस्तेमाल किया जा सकता है। लीक से पता चलता है कि यह चिपसेट परफॉर्मेंस में 15% तेज होगा और लगभग 30% बेहतर एनर्जी एफिशिएंसी देगा। इस हैंडसेट में MagSafe वायरलेस चार्जिंग सपोर्ट के साथ 5100mAh की बैटरी भी मिल सकती है।

कैमरा की बात करें तो, Apple iPhone 18 Pro में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप हो सकता है, जिसमें 48MP का प्राइमरी शूटर, 48MP का अल्ट्रा-वाइड-एंगल सेंसर और 48MP का टेलीफोटो सेंसर शामिल होगा। इसके फ्रंट में सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए 18MP का कैमरा हो सकता है।

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देवरिया के रहने वाले पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा बने राम मंदिर के पहले CEO, ऑपरेशन सिंदूर के समय की इनकी कहानी जानिए

Ram Mandir CEO: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में अपनी भूमिका के लिए ‘सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल’ पाने वाले रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को श्री राम जन्मभूमि मंदिर का चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) चुना गया है। यह फैसला तब लिया गया जब श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बुधवार को अयोध्या में हुई एक बैठक में CEO की नियुक्ति पर विचार विमर्श किया।

इसके अलावा, ट्रस्ट ने तीन नए ट्रस्टी भी नियुक्त किए: दिल्ली के महेश भागचंदका (जो VHP के दिवंगत नेता अशोक सिंघल के रिश्तेदार हैं), अयोध्या के मदन मोहन पांडे और शिकोहाबाद की निर्मला यादव।

भारतीय वायु सेना के सम्मानित पूर्व कमांडर अप्रैल 2026 में रिटायर हुए थे और अब वे मंदिर ट्रस्ट के कामकाज के विस्तार के साथ एक अहम प्रशासनिक भूमिका संभालेंगे।

बता दें कि मिश्रा उन सीनियर मिलिट्री कमांडरों में शामिल थे जिन्हें ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान उनकी लीडरशिप के लिए सम्मानित किया गया था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनकी शानदार सेवाओं और महत्वपूर्ण योगदान के लिए उन्हें ‘सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल’ से सम्मानित किया था।

यह मेडल युद्ध, संघर्ष या सैन्य कार्रवाई के दौरान सबसे बेहतरीन सेवा के लिए दिया जाता है और यह भारत के सबसे बड़े युद्ध-कालीन मिलिट्री सम्मानों में से एक है।

जितेंद्र मिश्रा ने ऑपरेशन सिंदूर के हवाई हमलों के बारे में बताया

हाल ही में एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में, मिश्रा ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चलाए गए हवाई अभियान के बारे में बात की और बताया कि कैसे भारतीय सेना ने पाकिस्तान के अंदर काफी दूर मौजूद ठिकानों की पहचान की और उन पर हमला किया।

उन्होंने एक ऑपरेशन का जिक्र करते हुए बताया कि करीब 314 किलोमीटर दूर स्थित एक टारगेट को नष्ट किया गया था। मिश्रा के मुताबिक, इस कार्रवाई के दौरान सिर्फ एक छोटा सा ऑपरेशनल निर्देश दिया गया और इसके बाद टारगेट को सफलतापूर्वक तबाह कर दिया गया।

ऑपरेशन के बारे में बात करते हुए, मिश्रा ने प्लानिंग, सटीकता, टेक्नोलॉजी और सशस्त्र बलों की अलग-अलग शाखाओं के बीच तालमेल के महत्व पर जोर दिया। हालांकि, ऑपरेशन से जुड़ी कई बातें अभी भी गोपनीय रखी गई हैं।

उनकी बातों से एयर कैंपेन की प्लानिंग और उसे अंजाम देने के बारे में कुछ खास जानकारी मिली, हालांकि, उन्होंने ऐसी कोई संवेदनशील जानकारी साझा नहीं की, जिसका सार्वजनिक किया जाना सुरक्षा के लिहाज से ठीक न हो।

जितेंद्र मिश्रा का उत्तर प्रदेश से है खास कनेक्शन

मिश्रा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भोपतपुरा के रहने वाले हैं, जो अयोध्या से सड़क मार्ग से लगभग तीन घंटे की दूरी पर है। वे एक मध्यम-वर्गीय परिवार से आते हैं और उनके पिता बतौर लेक्चरर काम करते थे।

अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर में एक अहम प्रशासनिक पद संभालने के बाद अब उनका उत्तर प्रदेश से और खास जुड़ाव हो गया है।

राम मंदिर ट्रस्ट के CEO के तौर पर जितेंद्र मिश्रा क्या करेंगे?

CEO के तौर पर, मिश्रा से उम्मीद है कि वे मंदिर ट्रस्ट के रोजमर्रा के कामकाज को संभालेंगे और इसके बढ़ते हुए ऑपरेशन्स में तालमेल बिठाएंगे।

उनकी जिम्मेदारियों में तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाएं, वित्तीय इंतजाम, स्टाफ के बीच तालमेल, सुरक्षा से जुड़ा तालमेल और बड़े धार्मिक आयोजनों का प्रबंधन शामिल हो सकता है।

अपने मिलिट्री करियर के दौरान बड़े संगठनों को संभालने, ऑपरेशनल प्लानिंग और तालमेल बिठाने का उनका अनुभव इस भूमिका के लिए काम का साबित हो सकता है।

रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा कौन हैं?

रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा (SYSM, AVSM, VSM) भारतीय वायु सेना के पूर्व अधिकारी हैं, जिन्होंने वेस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के तौर पर काम किया है।

रिटायरमेंट से पहले, मिश्रा ने इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (ऑपरेशन्स) के डिप्टी चीफ के तौर पर काम किया। इससे पहले, उन्होंने इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ में डिप्टी चीफ (डॉक्ट्रिन, ऑर्गनाइज़ेशन और ट्रेनिंग) के तौर पर भी काम किया था।

मिश्रा को 6 दिसंबर, 1986 को एयर फोर्स एकेडमी से ट्रेनिंग पूरी करने के बाद भारतीय वायु सेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन किया गया था।

जितेंद्र मिश्रा का 38 साल का IAF करियर

मिश्रा का मिलिट्री करियर 38 साल से ज्यादा का रहा, जिसमें उन्होंने 3,000 घंटे से ज्यादा की फ्लाइंग का अनुभव हासिल किया।

उन्होंने 18 से ज्यादा तरह के फाइटर और ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलिकॉप्टर उड़ाए और फाइटर पायलट, फाइटर कॉम्बैट लीडर और एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट के तौर पर काम किया। उन्होंने कई इंस्ट्रक्शनल और स्टाफ पद भी संभाले।

स्क्वाड्रन लीडर के तौर पर, मिश्रा उस टीम का हिस्सा थे जिसने कारगिल युद्ध की शुरुआत में मिराज 2000 एयरक्राफ्ट पर लेजर-गाइडेड बमों को ऑपरेशनल किया था। इन हथियारों का इस्तेमाल बाद में ऑपरेशन सफेद सागर के दौरान टाइगर हिल और मुंथो ढालो पर हमलों में किया गया था।

कारगिल युद्ध में जितेंद्र मिश्रा की भूमिका

IAF में अपने करियर के दौरान मिश्रा ने कई अहम ऑपरेशनल जिम्मेदारियां निभाईं। उन्होंने ईस्टर्न सेक्टर में एक फाइटर स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर के तौर पर काम किया और बाद में विंग कमांडर के पद पर रहते हुए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के नासिक डिवीन में चीफ टेस्ट पायलट बने।

ग्रुप कैप्टन के तौर पर, उन्होंने एयरक्राफ्ट एंड सिस्टम्स टेस्टिंग एस्टेब्लिशमेंट में चीफ टेस्ट पायलट और नई दिल्ली में एयर हेडक्वार्टर में ऑपरेशनल प्लानिंग एंड असेसमेंट ग्रुप के डायरेक्टर के तौर पर काम किया।

जून 2010 में, फ्रांस में होने वाली मल्टीनेशनल एयर एक्सरसाइज ‘गरुड़ IV’ में भारतीय वायु सेना की टुकड़ी का नेतृत्व करने के लिए मिश्रा को चुना गया।

जितेंद्र मिश्रा की सीनियर IAF पोस्टिंग

एयर कमोडोर के तौर पर, मिश्रा ने एयर फोर्स स्टेशन बरेली में 15 विंग और एयर फोर्स स्टेशन पठानकोट में 18 विंग की कमान संभाली।

बाद में उन्होंने एयर हेडक्वार्टर में एयर कमोडोर (एयर स्टाफ रिक्वायरमेंट्स) के तौर पर काम किया।

एयर वाइस मार्शल के पद पर प्रमोट होने के बाद, मिश्रा ने एयर हेडक्वार्टर में असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ (प्रोजेक्ट्स) और एयरक्राफ्ट एंड सिस्टम्स टेस्टिंग एस्टेब्लिशमेंट के कमांडेंट के तौर पर काम किया।

ऑपरेशन सिंदूर में जितेंद्र मिश्रा की भूमिका

मिश्रा को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनकी भूमिका के लिए 2025 में स्वतंत्रता दिवस पर ‘सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल’ से सम्मानित किया गया था।

उन्हें मिले अन्य सम्मानों में 2024 में मिला ‘अति विशिष्ट सेवा मेडल’ (AVSM) और 2013 में मिला ‘विशिष्ट सेवा मेडल’ (VSM) शामिल हैं।

‘सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल’ ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनकी बेहतरीन सेवा को मान्यता दी और उनके करियर में मिले सैन्य सम्मानों की लंबी सूची में एक और सम्मान जोड़ा।

जितेंद्र मिश्रा वेस्टर्न एयर कमांड के प्रमुख कब बने?

मिश्रा को एयर मार्शल के पद पर प्रमोट किया गया और उन्होंने 9 जनवरी, 2023 को इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (डॉक्ट्रिन, ऑर्गनाइज़ेशन और ट्रेनिंग) के डिप्टी चीफ के तौर पर कार्यभार संभाला।

इसके बाद, 5 दिसंबर, 2023 को वे इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (ऑपरेशन्स) के डिप्टी चीफ बने।

1 जनवरी, 2025 को मिश्रा ने वेस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का पद संभाला। उन्होंने एयर मार्शल पंकज मोहन सिन्हा की जगह ली, जो 31 दिसंबर, 2024 को रिटायर हुए थे।

बता दें कि 38 साल से ज्यादा के करियर के बाद, मिश्रा अप्रैल 2026 में इंडियन एयर फोर्स से रिटायर हुए।

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iPhone 18 Pro को लेकर बड़ा लीक, 3 नए कलर में आ सकता है फोन; Black की हो सकती है वापसी

iPhone 18 Pro को लेकर बड़ा लीक, 3 नए कलर में आ सकता है फोन; Black की हो सकती है वापसी

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Apple के अपकमिंग फ्लैगशिप स्मार्टफोन iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max को लेकर एक नया लीक सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी इस बार Pro मॉडल को तीन नए कलर ऑप्शन में पेश कर सकती है। इनमें Dark Cherry/Burgundy, Sky Blue और Black शामिल बताए जा रहे हैं।

 

चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Weibo के चर्चित लीकर Fixed Focus Digital के अनुसार, iPhone 18 Pro सीरीज के लिए Apple इन तीन रंगों पर काम कर रही है। अगर यह लीक सही साबित होता है, तो iPhone 18 Pro की कलर लाइनअप पिछले मॉडल से काफी अलग हो सकती है।

 

iPhone 18 Pro में कौन-कौन से कलर मिल सकते हैं?

 

लीक के अनुसार, iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max में Dark Cherry या Burgundy कलर मिल सकता है। माना जा रहा है कि यह iPhone 17 Pro सीरीज में दिए गए Cosmic Orange कलर की जगह ले सकता है। इसके अलावा Sky Blue कलर भी इस साल iPhone 18 Pro सीरीज का हिस्सा बन सकता है। इस कलर को लेकर पहले भी कई रिपोर्ट सामने आ चुकी हैं।

 

Black कलर की हो सकती है वापसी

 

iPhone Pro यूजर्स के लिए सबसे खास खबर Black कलर की वापसी हो सकती है। Apple ने iPhone 17 Pro सीरीज में Black कलर उपलब्ध नहीं कराया था। ऐसे में iPhone 18 Pro में Black की वापसी उन यूजर्स को पसंद आ सकती है, जो फोन में क्लासिक और प्रीमियम लुक चाहते हैं। वहीं, लीक में Silver कलर के शामिल होने की संभावना कम बताई गई है। Fixed Focus Digital का कहना है कि फिलहाल Silver वेरिएंट को लेकर कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है।

 

Sky Blue दिख सकता है Silver जैसा

 

Sky Blue नाम सुनकर भले ही यह कलर काफी चमकीला लगे, लेकिन इसका फिनिश वास्तव में काफी हल्का हो सकता है। Apple पहले भी iPhone Air और MacBook Air में इस तरह के हल्के ब्लू शेड का इस्तेमाल कर चुका है।

 

कुछ लाइटिंग कंडीशन में यह रंग लगभग Silver जैसा दिखाई दे सकता है। ऐसे में जिन यूजर्स को बहुत ज्यादा चमकीले रंग पसंद नहीं हैं, उनके लिए Sky Blue एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

 

सितंबर इवेंट में हो सकता है खुलासा

 

Apple के सितंबर इवेंट में iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max के लॉन्च के दौरान इनके फाइनल कलर ऑप्शन सामने आने की उम्मीद है। हालांकि, अभी तक Apple की ओर से इन रंगों को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। अगर लीक सही साबित होता है, तो Dark Cherry, Sky Blue और Black iPhone 18 Pro सीरीज के सबसे चर्चित कलर ऑप्शन हो सकते हैं।

High Return Stock: इस शेयर ने 5 साल में 8 गुना किया पैसा, क्या आप निवेश करना चाहेंगे?

High Return Stock: कोचिन शिपयार्ड (सीएसएल) के शेयरों ने बीते पांच सालों में निवेशकों को मालामाल किया है। यह समुद्री जहाज बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है। कंपनी की ऑर्डरबुक करीब 21,900 करोड़ रुपये की है। कंपनी ने नेवल और कमर्शियल शिपब्लिडिंग में बड़े मौकों को देखते हुए 6,500 करोड़ रुपये कैपिटल एक्सपेंडिचर करने का प्लान बनाया है।

Cochin Shipyard की 21,900 करोड़ रुपये की कुल ऑर्डरबुक में 20,700 करोड़ हिस्सेदारी शिपबिल्डिंग की है। बाकी 1,200 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी शिप रिपेयर की है। यह इस बात का संकेत है कि मीडियम टर्म में कंपनी के रेवेन्यू को लेकर तस्वीर साफ है। कंपनी के पास कई बड़े प्रोजेक्ट्स है, जिनमें ASW Corvettes, Next Generation Missile Vessels, और LNG-powered container vessels शामिल हैं।

सीएसएल भारतीय नौसेना के नेक्स्ट जेनरेशन सर्वे वेसल प्रोग्राम के लिए L1 बिडर बनी है। यह प्रोजेक्ट 5,000 करोड़ रुपये का है। कंपनी लैंडिंग प्लेटफॉर्म डॉक प्रोग्राम के लिए भी बड़ी दावेदार है। कमर्शियल सेगमेंट में देखा जाए तो सीएसएल की नजरें मीडियम-रेंज टैंकर्स, प्लेटफॉर्म सप्लाई वेसल और बड़े गैस कैरियर्स पर हैं।

कमर्शियल प्रोजेक्ट्स से कंपनी की ऑर्डरबुक डायवर्सिफाय होगी। साथ ही देश में कर्मशियल शिपबिल्डिंग में बढ़ते मौकों का फायदा उठाने में मदद मिलेगी। FY27 की पहली तिमाही में कंपनी की शिपबिल्डिंग से रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 59 फीसदी बढ़कर 700 करोड़ रुपये हो गई। हालांकि, शिप रिपेयर रेवेन्यू 37 फीसदी घटकर 390 करोड़ रुपये रही। इसकी वजह आईएनएस विक्रमादित्य की रिफिट है, जिससे FY26 की पहली तिमाही में बेस काफी हाई था।

स्ट्रॉन्ग ऑर्डरबुक, बेहतर हो रहे एक्जिक्यूशन और बढ़ती कपैसिटी को देखते हुए मैनेजमेंट को आगे भी ग्रोथ अच्छी रहने की उम्मीद है। कंपनी का टारगेट FY27 में शिपबिल्डिंग में 10-12 फीसदी ग्रोथ, शिप रिपेयर में 15-20 फीसदी ग्रोथ और कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू ग्रोथ 12 फीसदी से ज्यादा का है।

सीएसएल के शेयर में FY28 की अनुमानित अर्निंग्स के 34 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। यह प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के मुकाबले थोड़ा ज्यादा है। लेकिन, ऑर्डरबुक को देखते हुए यह ज्यादा नहीं लगता है। कंपनी क्षमता बढ़ाने पर 6,500 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इससे लॉन्ग टर्म ग्रोथ की संभावनाएं बेहतर लगती हैं। हालांकि, बीते एक साल में कंपनी के शेयरों का प्रदर्शन कमजोर रहा है।

Rhetan TMT की कर्ज लेने की क्षमता ₹300 करोड़ तक बढ़ाने का प्लान, शेयरों में दिखी तेजी

TMT स्टील बार बनाने वाली कंपनी Rhetan TMT ने अपनी उधार लेने की सीमा बढ़ाने की तैयारी की है। कंपनी ने 16 सितंबर 2026 को होने वाली AGM में उधार लेने की सीमा ₹200 करोड़ से बढ़ाकर ₹300 करोड़ करने का प्रस्ताव रखा है।

कारोबार बढ़ाने के लिए बढ़ेगी उधारी की सीमा

कंपनी के मुताबिक, यह प्रस्तावित बढ़ोतरी कारोबार के विस्तार और भविष्य की फंडिंग जरूरतों के लिए की जा रही है। इससे कंपनी को ज्यादा फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी मिलेगी। सामान्य कामकाज के लिए लिए जाने वाले अस्थायी बैंक लोन इस सीमा में शामिल नहीं होंगे।

Rhetan TMT का कहना है कि पिछले पांच साल में उसका प्रॉफिट 140% CAGR से बढ़ा है। उधारी की सीमा बढ़ने से कंपनी को अपनी ग्रोथ योजनाओं के लिए फंड जुटाने में मदद मिल सकती है।

1 MW का कैप्टिव सोलर प्रोजेक्ट शुरू

Rhetan TMT ने गुजरात के काडी स्थित अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में 1 MW का कैप्टिव ग्राउंड-माउंटेड सोलर पावर प्रोजेक्ट भी शुरू कर दिया है। इससे कंपनी अपनी बिजली जरूरतों का एक हिस्सा रिन्यूएबल एनर्जी से पूरा करेगी।

कंपनी की कुल लागत में एनर्जी की हिस्सेदारी करीब 20% है। ऐसे में कैप्टिव सोलर पावर से लंबे समय में बिजली खर्च पर बेहतर नियंत्रण और ऑपरेशनल क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।

हाई-ग्रेड TMT प्रोडक्ट्स पर भी फोकस

कंपनी को Fe500D, Fe550 और Fe550D ग्रेड के लिए BIS सर्टिफिकेशन भी मिल चुका है। इससे कंपनी को इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन सेक्टर की ज्यादा वैल्यू वाले प्रोजेक्ट्स की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सकती है।

मैनेजिंग डायरेक्टर शालिन शाह ने कहा कि सोलर पावर प्रोजेक्ट कंपनी की एनर्जी इकोनॉमिक्स को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है। कंपनी अब मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने, लागत पर नियंत्रण और प्रोडक्ट रेंज मजबूत करने पर फोकस कर रही है।

Rhetan TMT का शेयर बुधवार को 9.94% की तेजी के साथ 21.02 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 1.67 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

सुंदर पिचाई का फ्यूचर मंत्र! तकनीक बदलेगी, लेकिन इंसान पर भरोसा करना न छोड़े

टेक्नोलॉजी की दुनिया में हर दिन कुछ नया आता रहता है। कभी नया फोन लॉन्च होता है, तो कभी किसी ऐप या सॉफ्टवेयर में नया फीचर जुड़ जाता है। ऐसे बदलाव हमारी रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाते हैं। लेकिन इनके पीछे सिर्फ मशीनों का कमाल नहीं होता, बल्कि इन्हें बनाने और इस्तेमाल करने वाले लोगों की सोच भी बहुत मायने रखती है। सुंदर पिचाई टेक्नोलॉजी के फ्यूचर को लेकर काफी पॉजिटिव सोच रखते हैं। उनका मानना है कि टेक्निक हमारी जिंदगी को बेहतर बना सकती है, लेकिन इसके लिए लोगों की सोच और सही फैसले भी जरूरी हैं। यानी उनका भरोसा सिर्फ टेक्नोलॉजी पर नहीं, बल्कि उन लोगों पर भी है जो इसे बनाते हैं और सही तरीके से इस्तेमाल करते हैं।

 

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सुंदर पिचाई का आज का विचार-

मैं आशावादी हूं, इसलिए नहीं कि मुझे टेक्नोलॉजी पर भरोसा है, बल्कि इसलिए कि मुझे लोगों पर भरोसा है।

 

लोगों पर भरोसा करें

सुंदर पिचाई के इस विचार का मतलब है कि फ्यूचर को लेकर उनका भरोसा सिर्फ टेक्नोलॉजी पर नहीं है। मशीनें काम को तेज कर सकती हैं, सॉफ्टवेयर कई चीजों को अपने आप कर सकता है और AI कुछ ही सेकंड में जवाब दे सकता है। लेकिन सही फैसला लेना अभी भी इंसान के हाथ में है। कौन-सी परेशानी हल करनी है, किसी जवाब पर भरोसा करना है या नहीं और टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किस तरह करना है, यह इंसान ही तय करता है।

 

अपने फैसले खुद लें

नई टेक्नोलॉजी आने के बाद हर कोई उसे एक ही तरीके से इस्तेमाल नहीं करता। कंपनियां तय करती हैं कि उन्हें कौन-सा सिस्टम अपनाना है, एम्पलॉई देखते हैं कि वह उनके काम को कैसे आसान बना सकता है और कस्टमर तय करते हैं कि कौन-सा प्रोडक्ट लंबे समय तक चलेगा। वहीं गवर्नमेंट और दूसरी ऑर्गेनाइजेशन यह तय करती हैं कि किसी टेक्निक के इस्तेमाल के लिए कौन से नियम होने चाहिए।

टेक्नोलॉजी कई ऐसे काम कर सकती है, जिनमें पहले काफी समय और मेहनत लगती थी। इससे काम करने का तरीका जरूर बदल रहा है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इंसानों की जरूरत खत्म हो जाएगी। किसी को यह तय करना होगा कि काम कैसे किया जाए, नतीजा सही है या नहीं और गलती होने पर क्या कदम उठाना है। बातचीत करना, परेशानी को समझना, सही फैसला लेना और दूसरों के साथ मिलकर काम करना जैसी खूबियां आज भी जरूरी हैं।

 

 

 

नई चीजें सीखते रहे

टेक्नोलॉजी लगातार बदल रही है, इसलिए एक ही सिस्टम या टूल को हमेशा के लिए सीख लेना काफी नहीं है। आज जो सॉफ्टवेयर काम का है, हो सकता है कुछ समय बाद उसकी जगह कोई नया टूल ले ले। ऐसे में नई चीजों को सीखने और जरूरत के हिसाब से खुद को बदलने की आदत काफी काम आती है। शुरुआत में किसी नई टेक्नोलॉजी को समझने में परेशानी हो सकती है, लेकिन गलतियों से सीखकर धीरे-धीरे बेहतर हुआ जा सकता है।

 

 

 

AI इनफार्मेशन सोच-समझकर अपनाएं

पिचाई की बात का मतलब यह नहीं है कि टेक्नोलॉजी से जुड़ी हर चीज अच्छी ही होगी। AI गलत जानकारी दे सकता है, ऑटोमेशन से कुछ नौकरियों पर असर पड़ सकता है और डिजिटल टेक्नोलॉजी से प्राइवेसी जैसे सवाल भी खड़े हो सकते हैं। इसलिए नई टेक्निक को अपनाते समय सिर्फ उसके फायदे देखना सही नहीं है। यह भी समझना जरूरी है कि इसे किसने बनाया, इसका इस्तेमाल कौन कर रहा है, इससे किसे फायदा हो रहा है और इसकी वजह से किन लोगों को परेशानी हो सकती है।

 

 

टेक्नोलॉजी लगातार बदल रही है, इसलिए जरूरी है कि हम भी नई चीजों के साथ खुद को बदलते रहें। हर नई टेक्निक को बिना सोचे अपनाने के बजाय यह समझना बेहतर है कि वह हमारे लिए कितनी काम की है। खुली सोच और सीखने की आदत के साथ हम आने वाले बदलावों को आसानी से अपना सकते हैं।