Market Outlook : अच्छी बढ़त के साथ बंद हुए भारतीय इक्विटी इंडेक्स, जानिए 20 जुलाई को कैसी रह सकती है इनकी चाल

Market Outlook : 17 जुलाई को भारतीय इक्विटी इंडेक्स मजबूती के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,300 के ऊपर रहा। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 964.58 अंक या 1.25 प्रतिशत बढ़कर 78,151.45 पर और निफ्टी 261.55 अंक या 1.09 प्रतिशत बढ़कर 24,334.30 पर बंद हुआ। लगभग 1632 शेयरों में बढ़त हुई, 2419 शेयरों में गिरावट आई और 175 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में कोटक महिंद्रा बैंक,टेक महिंद्रा,TCS,जियो फाइनेंशियल और रिलायंस इंडस्ट्रीज शामिल रहे। जबकि गिरावट वाले शेयरों में हिंडाल्को,डॉ. रेड्डीज़ लैब्स,विप्रो,सन फार्मा और मैक्स हेल्थकेयर शामिल रहे। सेक्टरों की बात करें तो निफ्टी प्राइवेट बैंक सबसे ज्यादा बढ़त वाला सेक्टर रहा। इसमें 2 प्रतिशत की तेजी आई। इसके बाद निफ्टी बैंक रहा,जिसमें 1.6 प्रतिशत की बढ़त हुई। निफ्टी IT में 1.7 प्रतिशत की तेजी आई।

दूसरे बढ़त वाले सेक्टरों में निफ्टी ऑटो और निफ्टी रियल्टी में 1.3-1.3 प्रतिशत की बढ़त हुई। जबकि निफ्टी ऑयल एंड गैस में 1 प्रतिशत और निफ्टी FMCG में 0.7 प्रतिशत की बढ़त हुई। दूसरी ओर निफ्टी फार्मा में 1.4 प्रतिशत और मेटल में 0.4 प्रतिशत की गिरावट आई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.4 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.2 प्रतिशत की गिरावट आई।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल

बाजार जानकारों का कहना है कि घरेलू बाजार के लिए पहली तिमाही के नतीजे मेन ट्रिगर होंगे,जिससे अलग-अलग सेक्टर और शेयरों में हलचल दिखेगी। हालांकि,मिडिल ईस्ट में हो रही घटनाएं और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी अहम डिसाइडिंग फैक्टर बने रहेंगे। इनसे ब्याज दरों,कंपनियों की अर्निंग, महंगाई और देश के मैक्रोइकॉनॉमिक आउटलुक के अनुमानों पर असर पड़ने की संभावना है।

टाटा म्यूचुअल फंड को उम्मीद है कि बेहतर होते मैक्रोइकॉनॉमिक माहौल के दम पर FY27 में निफ्टी की अर्निंग्स में 15-17% की बढ़ोतरी होगी। इसका कहना है कि निफ्टी का वैल्यूएशन अपने लान्ग टर्म एवरेज से नीचे आ गया है,जो अगले 12-18 महीनों में इक्विटी रिटर्न के लिए एक अच्छा माहौल बनाता है। भारत का लॉन्ग-टर्म इक्विटी आउटलुक, बेहतर होते इन्वेस्टमेंट साइकल,क्रेडिट ग्रोथ,मैन्युफैक्चरिंग को मिल रहे सपोर्ट,रियल एस्टेट में रिकवरी और मज़बूत बैंकिंग फंडामेंटल्स की वजह से अच्छा बना हुआ है। FII की लगातार बिकवाली के बावजूद,घरेलू संस्थागत निवेशकों का मज़बूत निवेश भारतीय इक्विटी को सपोर्ट कर रहा है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि मार्केट की चाल में बदलाव दिख रहा है, जिसमें IT और बैंकिंग सेक्टर की अगुवाई में लार्ज-कैप शेयरों की ओर जबरदस्त रुझान है। बिजनेस अपडेट्स और Q1 की कमाई की उम्मीदों को लेकर अच्छे माहौल से इसे सपोर्ट मिल रहा है। यह ट्रेंड मुख्य रूप से घरेलू संस्थागत निवेशकों की वजह से दिख रहा है,जो महंगे मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों से निकलकर बेहतर रिस्क-रिवॉर्ड प्रोफाइल और आकर्षक वैल्यूएशन वाले लार्ज-कैप शेयरों में निवेश कर रहे हैं।

साथ ही,FY27 की दूसरी छमाही (H2) में घरेलू मांग अच्छी रहने की उम्मीद में कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में भी खरीदारी का रुझान दिख रहा है। कुल मिलाकर भारत के लिए बेहतर होते आउटलुक के बीच चुनिंदा शेयरों में प्रॉफिट बुकिंग और खरीदारी के साथ ब्रॉडर मार्केट का रुख पॉजिटिव बना हुआ है।

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि इंडेक्स पांच दिन के कंसोलिडेशन फेज से बाहर निकल गया है। यह ट्रेडर्स और इन्वेस्टर्स के बढ़ते भरोसे का संकेत है। बाजार का ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है क्योंकि इंडेक्स अपने अहम मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है। इसके अलावा,RSI बुलिश क्रॉसओवर में आ गया है,जिससे पॉजिटिव मोमेंटम और मजबूत हुआ है। आने वाले समय में निफ्टी के मजबूत बने रहने और 24,800 के लेवल की ओर बढ़ने की संभावना है। नीचे की तरफ निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24,200 पर है। अगर यह इस लेवल से नीचे गिरता है तो कंसोलिडेशन का दौर शुरू हो सकता है।

बोनान्जा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि आगे बाजार रिलायंस इंडस्ट्रीज,HDFC बैंक और ICICI बैंक के Q1FY27 नतीजों पर बारीकी से नजर रखेगा। इनसे बाजार की निकट भविष्य की दिशा तय होने की उम्मीद है। कुल मिलाकर,बाजार के स्टॉक-स्पेसिफ़क रहने की संभावना है। अच्छी कमाई करने वाली कंपनियों के बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद है।

 

इंश्योरेंस सेक्टर के लिए आईं दो बड़ी एक्सक्लूसिव खबरें, ICICI प्रू लाइफ और SBI लाइफ को बड़ी राहत संभव

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

इंश्योरेंस सेक्टर के लिए आईं दो बड़ी एक्सक्लूसिव खबरें, ICICI प्रू लाइफ और SBI लाइफ को बड़ी राहत संभव

इंश्योरेंस सेक्टर की 2 बड़ी एक्सक्लूसिव खबरें आई हैं। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के आधार पर CNBC TV18 के यश जैन ने बताया कि पहली खबर ये है कि ICICI प्रू लाइफ को बड़ी राहत मिल सकती है। IRDAI से प्रूडेंशियल को प्रोमोटर के रूप में डी-क्लासिफाई करने की इजाजत से मिल सकती है। दूसरी खबर ये है कि IRDAI अनिवार्य ओपन आर्किटेक्चर के पक्ष में नहीं है जो कि SBI लाइफ के लिए राहत की बात है।

IRDAI से प्रूडेंशियल को राहत?

सूत्रों के मुताबिक ICICI प्रूडेंशियल को IRDAI से बड़ी राहत संभव है। प्रूडेंशियल को प्रोमोटर के रूप में डी-क्लासीफाई करने की इजाजत मिल सकती है। ICICI प्रूडेंशियल लाइफ में पूरा हिस्सा बनाए रखने की इजाजत भी संभव है। IRDAI प्रूडेंशियल की अर्जी पर सिर्फ प्रोसीजरल ऑब्जर्वेशन दे सकता है। डीक्लासिफिकेशन पर IRDAI से सितंबर अंत या अक्टूबर तक मंजूरी संभव है।

बता दें कि प्रूडेंशियल के लिए भारती लाइफ में हिस्सा खरीद पर IRDAI की मंजूरी जरूरी है। 75% हिस्सा खरीद के प्रूडेंशियल के फैसले पर IRDAI की मंजूरी जरूरी है। प्रूडेंशियल के ICICI प्रू लाइफ में अपनी हिस्सेदारी बनाए रखने और अधिग्रहण के लिए फंड का इंतजाम खुद करने की उम्मीद है। FY26 तक, प्रूडेंशियल के पास 7.7 अरब डॉलर कैश और कैश इक्विवेलेंट के तौर पर मौजूद थे। CNBC-TV18 ने प्रूडेंशियल और IRDAI को पत्र लिखा है। दोनों की ओर से जवाब का इंतजार है।

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SBI लाइफ को राहत

SBI लाइफ के लिए भी बड़ी राहत की खबर है। CNBC-TV18 को सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक सरकार ओपन आर्किटेक्चर को अनिवार्य नहीं कर सकती है। IRDAI भी अनिवार्य ओपन आर्किटेक्चर के पक्ष में नहीं है। IRDAI का कहना है कि ओपन आर्किटेक्चर से मिस-सेलिंग का खतरा बढ़ सकता है। ज्यादा विकल्प ग्राहकों को भ्रमित कर सकते हैं। क्लोज्ड मॉडल ज्यादा प्रभावी और जवाबदेह हैं। बता दें कि बैंकएश्योरेंस, बैंकों के जरिए बीमा पॉलिसी बेचने की व्यवस्था है। वहीं, ओपन आर्किटेक्चर इंश्योरेंस इंडस्ट्री में एक तरह का डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल है।

 

अपडेट जारी…………..

Market Outlook : सपाट बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 17 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 16 जुलाई को उतार-चढ़ाव भरे सेशन में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स बिना किसी बड़े बदलाव के सपाट बंद हुए हैं। IT और कंज्यूमर सेंट्रिक शेयरों में बढ़त का असर बैंकिंग और रियल्टी शेयरों में कमजोरी से खत्म हो गया। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 1.44 अंक बढ़कर 77,186.87 पर और निफ्टी 5.75 अंक या 0.02 प्रतिशत गिरकर 24,072.75 पर बंद हुआ। लगभग 1947 शेयरों में बढ़त हुई, 2119 शेयरों में गिरावट आई और 194 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

अलग-अलग शेयरों में मिला-जुला असर दिखा। इंटरग्लोब एविएशन सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहा, जिसमें 1.8% की तेजी आई। इसके बाद विप्रो (+1.7%), बजाज फाइनेंस (+1.6%), HCL टेक्नोलॉजीज (+1.6%) और मारुति सुजुकी (+1.4%) रहे। गिरावट वाले शेयरों में, एटरनल 2.8% गिरा, जबकि SBI लाइफ इंश्योरेंस में 2.3% की गिरावट आई। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स 0.9% गिरा, HDFC बैंक 0.8% टूटा और श्रीराम फाइनेंस में 0.8% की गिरावट आई।

सेक्टर इंडेक्स में, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा, जिसमें 1.5% की बढ़त हुई। इसके बाद निफ्टी मीडिया (+1%), निफ्टी IT (+0.7%) और निफ्टी ऑटो (+0.4%) रहे। निफ्टी FMCG (+0.25%) भी बढ़त के साथ बंद हुआ।

गिरावट वाले सेक्टरों में, निफ्टी रियल्टी का प्रदर्शन सबसे खराब रहा, जिसमें 1% की गिरावट आई। निफ्टी PSU बैंक 0.5% गिरा, इसके बाद निफ्टी मेटल (-0.3%), निफ्टी प्राइवेट बैंक (-0.3%) और निफ्टी बैंक (-0.3%) रहे।

ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन बेंचमार्क के मुकाबले कमजोर रहा। इसके चलते निफ्टी मिडकैप 100 में 0.4% की गिरावट आई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 लगभग बिना किसी बदलाव के बंद हुआ।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं, तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और एशियाई बाजार के कमजोर रुझानों के बीच निवेशकों के सतर्क रुख अपनाने से भारतीय शेयर बाजार में सुस्ती रही। महंगाई की चिंताओं ने फाइनेंशियल और रियल्टी सेक्टर पर दबाव डाला, वहीं कुछ पेट्रोकेमिकल्स पर इंपोर्ट ड्यूटी फिर से लागू होने और मज़बूत कमाई के दम पर केमिकल सेक्टर एक उम्मीद की किरण बनकर उभरा। उधर उम्मीद से कम अमेरिकी महंगाई दर ने ब्याज दरों से जुड़ी चिंताओं को कम किया और बाजार को कुछ सहारा दिया। आगे बाजार की नजर कंपनियों के नतीजों और मैनेजमेंट की टिप्पणियों के साथ-साथ मॉनसून की प्रगति पर रहेगी। इसके अलावा ग्लोबल स्थिति और महंगाई से जुड़ी घटनाएं बाजार की चाल पर असर डालती रहेंगी।

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा का कहना है कि निफ्टी एक सीमित दायरे में ट्रेड कर रहा है, जो न्यूट्रल रुख के साथ कंसोलिडेशन का संकेत है। टेक्निकल तौर पर इंडेक्स को 23,950–24,000 के जोन में मज़बूत सपोर्ट मिलने की उम्मीद है, जबकि 24,250–24,300 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। इसके बाद 24,500 के आसपास एक बड़ी रुकावट हो सकती है।

ऑप्शन चेन डेटा भी 24,000 स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा ‘पुट राइटिंग’ का संकेत दे रहा है, जो इसे एक अहम सपोर्ट लेवल के तौर पर मजबूत करता है। मौजूदा टेक्निकल सेटअप को देखते हुए, सपोर्ट के पास गिरावट पर खरीदारी और रेजिस्टेंस के पास उछाल पर बिकवाली की रणनीति सही रहेगी।

उन्होंने आगे कहा कि बैंक निफ्टी इंडेक्स ने डेली चार्ट पर एक छोटी कैंडलस्टिक बनाई है, जो अनिश्चितता का संकेत है क्योंकि इंडेक्स कंसोलिडेशन रेंज में ट्रेड कर रहा है। RSI न्यूट्रल जोन के पास स्थिर है, जो मज़बूत डायरेक्शनल मोमेंटम की कमी का संकेत है। टेक्निकल तौर पर 56,800–57,000 का जोन तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। जबकि 58,200 का लेवल अहम रेजिस्टेंस का काम कर सकता है।

जब तक कोई निर्णायक ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन नहीं होता, तब तक रुख न्यूट्रल रहने की उम्मीद है। इस स्थिति में सपोर्ट के पास ‘बाय-ऑन-डिप्स’ और रेजिस्टेंस के पास ‘सेल-ऑन-राइज़’ की रणनीति फायदेमंद रहेगी।

SBI सिक्योरिटीज में हेड-टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च सुदीप शाह का कहना है कि आगे निफ्टी के लिए 23960-23930 के पास स्थित 50-डे का EMA जोन तत्काल सपोर्ट का काम करेगा । अगर यह 23930 के लेवल से नीचे जाता है और वहां बना रहता है तो और ज्यादा प्रॉफिट बुकिंग हो सकती है और इंडेक्स 23780 के लेवल तक गिर सकता है, जो अगला अहम सपोर्ट जोन बन सकता है।

ऊपर की तरफ, 24160-24200 की रेंज एक अहम रेजिस्टेंस एरिया बनी हुई है। अगर इंडेक्स इस दीवार को पार कर जाता है, तो मार्केट का सेंटीमेंट बेहतर हो सकता है और और ऊपर जाने का रास्ता खुल सकता है। तब तक, इंडेक्स में एक तय रेंज के अंदर ही ट्रेडिंग होने की संभावना है।

 

 

Stock In News : इस बिस्कुट और ब्रेड बनाने वाली कंपनी पर दिग्गज इन्वेस्टर सुनील सिंघानिया ने लगाया दांव, 14% भागा शेयर

 

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ABB India share price : 8% तेजी के साथ वायदा का टॉप गेनर बना शेयर, जानिए क्या रही वजह

ABB India share price : ABB ग्लोबल के मजबूत नतीजों से ABB इंडिया में शानदार तेजी है। आज यह शेयर 8% तेजी के साथ वायदा का टॉप गेनर बना है। फिलहाल 12.20 बजे के आसपास यह शेयर 594 रुपए यानी 8.24 फीसदी की बढ़त के साथ 7787 रुपए के आसपास दिख रहा था। आज के कारोबारी सत्र में इसने 7,924.50 रुपए का हाई और 7,191 रुपए का लो छुआ है। स्टॉक में भारी वॉल्यूम के साथ तेजी आई है। इसका ट्रेडिंग वॉल्यूम 1,821,556 शेयर और मार्केट कैप 165,330 करोड़ रुपए के आसपास दिख रहा है।

ABB इंडिया में तेजी क्यों?

ABB इंडिया की पैरेंट कंपनी ABB ग्लोबल के दूसरी तिमाही के नतीजे ब्लॉकबस्टर रहे हैं। इस अवधि में कंपनी का इंडिया रीजन का इनफ्लो सालाना आधार पर 81 फीसदी बढ़ा है। दूसरी तिमाही में ऑर्डर ग्रोथ 30 फीसदी बढ़कर 12,04.2 करोड़ डॉलर हो गई है। इस तिमाही में कंपनी की आय 14 फीसदी बढ़कर 9,47.5 करोड़ डॉलर रही है। ABB ग्लोबल के ऑपरेटिंग मार्जिन पहली पर 20% के पार रहे हैं। ऑपरेटिंग कैश फ्लो में 9% और ROCE 28.4% रहा है। Q2 ऑर्डर 30% बढ़कर 12,04.2 करोड़ डॉलर रहा है। सभी क्षेत्र में ऑर्डर ग्रोथ डबल डिजिट में रही है। एशिया,पश्चिम एशिया और अफ्रीका में 13% ऑर्डर ग्रोथ देखने को मिली है।

ABB इंडिया पर असर

ABB ग्लोबल के इंडिया इनफ्लो में ABB इंडिया और अनलिस्टेड एंटिटी शामिल हैं। एनालिस्ट को ABB इंडिया में 20% इनफ्लो का अनुमान था। इनफ्लो ग्रोथ 25-30 फीसदी और रन रेट 4200 करोड रुपए पर रहना ABB इंडिया के लिए बड़ा पॉजिटिव है। इनफ्लो मजबूत रहने से कैलेंडेर ईयर 2027 का आउटलुक अपग्रेड संभव है। इसके चलते ही आज इस शेयर में जोरदार तेजी आई है।

शेयर की चाल पर एक नजर

पिछले 1 हफ्ते में यह शेयर 11.39 फीसदी भागा है। वहीं, 1 महीने में इसमें 14.87 फीसदी की तेजी आई है। 3 महीने में यह शेयर 13.99 फीसदी और इस साल अब तक 50.53 फीसदी भागा है। 1 साल में इसने 38.03 फीसदी और 3 साल में 77.75 फीसदी रिटर्न दिया है। स्टॉक का 52 वीक हाई 7,924.50 रुपए और 52 वीक लो 4,637.50 रुपए है।

 

मजबूत NBFCs,बैंक और रियल एस्टेट शेयरों को गिरावट में खरीदें, SBI Funds IPO में सिर्फ लिस्टिंग गेन के लिए लगाएं दांव

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

मजबूत NBFCs,बैंक और रियल एस्टेट शेयरों को गिरावट में खरीदें, SBI Funds IPO में सिर्फ लिस्टिंग गेन के लिए लगाएं दांव

बाजार की आगे की दशा और दिशा पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी अब तक पिछले बुधवार की कैंडल नहीं तोड़ पाया है। बुधवार का हाई 24,300 और निचला स्तर 23,805 था। पिछले 3-4 दिनों का हाई देखिए,वही पार नहीं हो रहा। लेकिन निचले स्तर पर 24,000 भी नहीं टूट रहा है। कल भी हमारा 24,200-24,250 का शॉर्ट जोन था और क्लोजिंग में वापस हमने न्यूट्रल नजरिया रखा। अभी कुछ दिन यही रणनीति रहेगी। निफ्टी में इंट्राडे रहिए और क्लोजिंग में न्यूट्रल रहें।

बाजार: आज के 2 बड़े सेक्टरल कॉल्स

कोरिया के बाजार में भारी गिरावट आई है। बैंक ऑफ कोरिया ने पॉलिसी रेट 2.50% से बढ़ाकर 2.75% किया है। आमतौर पर कोस्पी में गिरावट हमारे लिए एल्गो पॉजिटिव मानी जाती है। खास तौर से IT शेयरों में आज फिर तेजी आ सकती है। कल भी हमने IT पर घबराने से रोका था। सिर्फ CNBC-आवाज़ ने LTTS पर बिना घुमाए-फिराए लॉन्ग का नजरिया दिया था। TCS पर भी पिछले 1 हफ्ते से पॉजिटिव नजरिया रहा है। सिर्फ टाटा एलेक्सी और HCLTech पर हमने निगेटिव नजरिया रखा था। नतीजे,प्लेसमेंट और वैल्युएशन का कॉम्बिनेशन देखिए। आज उदाहरण के तौर पर विप्रो और टेक महिंद्रा पर लगभग सभी निगेटिव हैं। अगर इनके नतीजे हल्के से भी बेहतर आए तो इनमें जोरदार तेजी आ सकती है।

कच्चा तेल $85 पर है और रुपया ऑल टाइम लो के करीब है। ये भी IT शेयरों के लिए एल्गो पॉजिटिव ट्रिगर्स हैं। इसके अलावा लाइफ इंश्योरेंस शेयरों में भी तेजी देखने को मिल सकती है। कल ICICI Pru के नतीजे बाजार के दौरान आए थे। ICICI Pru में प्रूडेंशियल की बिक्री का डर भी कम हुआ है। HDFC Life के नतीजे भी काफी अच्छे हैं।

बाजार: क्या हो रणनीति?

हमारी दिक्कत ये है कि कच्चा तेल $85 पर अड़ा हुआ है और यही कारण है कि कोई रैली टिकती नहीं है। मगर बाजार में किसी भी एंगल से पैनिक नहीं है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण है India VIX। India VIX में रत्ती भर भी डर के संकेत नहीं हैं। इसीलिए जैसे ही हम 24,000 के करीब आते हैं,खरीदारी आ जाती है। ऐसे में इस रेंज को स्मार्टली खेलने की जरूरत है। इंडेक्स में बड़ी ट्रेड 23,800 के नीचे या 24,300 के ऊपर ही मिलेगी। तब तक आपको इंडेक्स में इंट्राडे ही रहना होगा और क्लोजिंग में किसी भी लेकर जाने की टेम्पटेशन से बचिए। लेकर जाना ही है तो हेज के साथ या इंडिविजुअल शेयरों में मजबूत NBFCs,बैंक,ऑटो,रियल एस्टेट शेयरों को गिरावट में खरीदें। कच्चे तेल से जुड़े शेयरों में अब इन स्तरों पर शॉर्ट से बचें। जहां अर्निंग्स मजबूत हैं और कमेंट्री पॉजिटिव है,वहां खरीदारी करें।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24,200-24,250 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24,275-24,325 पर है। इसके लिए पहला सपोर्ट 23,950-24,050 पर और बड़ा सपोर्ट 23,800-23,850 पर है। खरीदारी का सबसे अच्छा जोन 24,000-24,050 है। इसके लिए 23,950 पर स्टॉप-लॉस रखें। बिकवाली का सबसे अच्छा जोन 24,200-24,250 के रिजेक्शन पर है। इसके लिए SL 24,325 पर रखें।

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बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 57,500-57,700 पर और बड़ा सपोर्ट 57,200-57,400 पर है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 57,800-58,000 पर और बड़ा रजिस्टेंस 58,200-58,500 पर है। इस समय बैंक निफ्टी में ट्रेड करना बेहद मुश्किल है। कल का इंट्राडे चार्ट देखिए।

SBI Funds IPO: क्या करें निवेशक?

SBI Funds देश का सबसे बड़ा म्यूचुअल फंड है,मगर सिर्फ AUM के आधार पर। सिर्फ AUM सबसे बड़े MF का पैमाना नहीं हो सकता। अगर ऐसा होता तो IPO वैल्यूएशन ICICI Pru के मुकाबले इतने डिस्काउंट पर नहीं होता। ऊपरी प्राइस बैंड पर मार्केट कैप ICICI Pru से 40,000 करोड़ रुपए कम होगा। SBI AMC की AUM ग्रोथ 17% है,जबकि ICICI Pru की 26% है। SBI AMC का Equity AUM 36% है,जबकि इंडस्ट्री एवरेज 56% है। SBI AMC का 32% AUM Passive Funds से है। यही कारण है कि SBI MF का मुनाफा कमजोर है और ICICI Pru के मुकाबले ROE काफी नीचे है। अब क्योंकि टेबल पर कुछ छोड़ा है तो लिस्टिंग गेन मिल सकता है। अगर अप्लाई कर रहे हैं तो सिर्फ लिस्टिंग गेन के हिसाब से करें। अगर सिर्फ MF सेक्टर पर दांव लगाना है तो और भी बेहतर विकल्प हैं।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

MSCI India Rejig: अदाणी ग्रीन, ग्रो समेत 12 शेयरों की हो सकती हैं एंट्री; Astral समेत 3 स्टॉक्स का एग्जिट पॉसिबल

MSCI इंडिया स्टैंडर्ड इंडेक्स में रीबैलेंसिंग होने वाली है। इस रीबैलेंसिंग की घोषणा 12 अगस्त को मार्केट बंद होने के बाद की जाएगी। इसके तहत इंडेक्स में 12 नई कंपनियां शामिल हो सकती हैं और 3 कंपनियां बाहर हो सकती हैं, जिससे लगभग 2.3 अरब डॉलर का पैसिव इनफ्लो आ सकता है। अगर इन बदलावों की घोषणा होती है तो ये 31 अगस्त, 2026 से लागू होंगे।

अगस्त रिव्यू के दौरान MSCI इंडिया स्टैंडर्ड इंडेक्स में अदाणी ग्रीन, ग्रो (Groww) और अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस के शामिल होने के बहुत ज्यादा चांस हैं। एथर एनर्जी के शामिल होने के चांस मीडियम हैं। इस कंपनी का शामिल होना बाकी ऑब्जर्वेशन पीरियड के दौरान इसके फ्री-फ्लोट एडजस्टेड मार्केट कैपिटलाइजेशन में लगातार सुधार पर निर्भर करेगा। वहीं, लेंसकार्ट और स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAIL) के शामिल होने के चांस कम हैं।

किस नई एंट्री से कितने पैसिव फ्लो की उम्मीद

JM फाइनेंशियल की रिपोर्ट के अनुसार, अगर ग्रो को इंडेक्स में शामिल किया जाता है, तो लगभग 82.1 करोड़ डॉलर का पैसिव इनफ्लो आ सकता है। इसी तरह अदाणी ग्रीन में 77.3 करोड़ डॉलर, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस में 34.2 करोड़ डॉलर, एथर एनर्जी में 24.4 करोड़ डॉलर, लेंसकार्ट में 17.6 करोड़ डॉलर और SAIL में 17 करोड़ डॉलर का इनफ्लो आ सकता है।

MSCI इंडिया स्मॉल कैप इंडेक्स से स्टैंडर्ड इंडेक्स में जाने वाले स्टॉक्स में लॉरस लैब्स और बायोकॉन के बहुत ज्यादा चांस हैं। कोफोर्ज के चांस मीडियम हैं, जबकि ग्लेनमार्क फार्मा और ऊनो मिंडा के चांस कम हैं। इनका स्टैंडर्ड इंडेक्स में जाना फ्री-फ्लोट एडजस्टेड मार्केट कैपिटलाइजेशन में लगातार सुधार पर निर्भर करेगा।

JM फाइनेंशियल की रिपोर्ट में कहा गया है कि स्टैंडर्ड इंडेक्स में जाने पर कोफोर्ज में लगभग 56.7 करोड़ डॉलर का पैसिव इनफ्लो, लॉरस लैब्स में 55.4 करोड़ डॉलर का, ग्लेनमार्क फार्मा में 33 करोड़ डॉलर का, बायोकॉन में 28.5 करोड़ डॉलर और ऊनो मिंडा में 20.6 करोड़ डॉलर का पैसिव इनफ्लो आने का अनुमान है।

इंडेक्स से कौन सी कंपनियां होंगी बाहर

MSCI इंडिया स्टैंडर्ड इंडेक्स से बाहर होने वाली कंपनियों की बात करें तो एस्ट्रल (Astral) के बाहर होने के बहुत ज्यादा चांस हैं। SBI कार्ड्स के बाहर होने के चांस मीडियम हैं। बालकृष्ण इंडस्ट्रीज के बाहर होने के चांस कम हैं। अगर ये कंपनियां बाहर होती हैं, तो बालकृष्ण इंडस्ट्रीज से लगभग 16.7 करोड़ डॉलर, SBI कार्ड्स से 14.6 करोड़ डॉलर और एस्ट्रल से 13.8 करोड़ डॉलर का पैसिव आउटफ्लो हो सकता है।

 

Stock Picks : मिड और स्माल कैप में काफी अच्छा मोमेंटम, ऑटो और केमिकल स्पेस के इन दो शेयरों में हो सकती है अच्छी कमाई

Stock Picks : IT,ऑयल एंड गैस,ऑटो और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में खरीदारी के दम पर भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स हल्की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे हैं। निफ्टी 24,100 के स्तर के ऊपर कारोबार कर रहा है निफ्टी में सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में HCL टेक,इंफोसिस,टेक महिंद्रा,हिंडाल्को और विप्रो शामिल हैं। जबकि शुरुआती कारोबार में SBI लाइफ इंश्योरेंस,ग्रासिम,ONGC,बजाज फिनसर्व और आयशर मोटर्स में गिरावट दिख रही है। वहीं,ब्रॉडर मार्केट में सुस्ती दिख रही है। शुरुआती कारोबार में निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में कोई खास हलचल नहीं दिखी है।

निफ्टी व्यू

ऐसे में मार्केट ट्रेंड पर बात करते हुए मंत्री फिनमार्ट के अरुण कुमार मंत्री ने कहा कि मार्केट में कोई बड़ा ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन के लेवल्स नहीं है पर कंप्लीट कंसोलिडेशन नजर आ रहा है। निफ्टी के लिए 23800-24000 के जोन में एक स्ट्रांग सपोर्ट दिख रहा है। दूसरी तरफ देखें तो इसके लिए 24,200-24,250 पर एक स्ट्रांग रेजिस्टेंस दिख रहा। ऐसे में हम साफ तौर पर कह सकते हैं कि मार्केट कंसोलडेशन के ग्रिप में है। अगर आप निफ्टी के बाहर जाते हैं तो मिड कैप और स्माल कैप में काफी अच्छा मोमेंटम है। पिछले तीन दिनों की बात करें जो इस हफ्ते मिड और स्माल कैप में काफी अच्छा एक्शन देखने को मिला है। ऐसे में लगाता है कि आगे काफी अच्छा स्टॉक स्पेसिफिक रुझान देखने को मिल सकता है। मिड कैप अपने ऑल टाइम हाई के आसपास है। निफ्टी की बात करें तो यह हमें ऊपर में 24,200 और नीचे में 23,800 के बीच ही कंसोलीडेट होता दिख सकता है।

बैंक निफ्टी व्यू

बैंक निफ्टी की बात करें तो यह एक मेक और ब्रेक जोन के आसपास है। तीन से चार बड़े बैंक के रिजल्ट शनिवार को आने हैं। उससे पहले बैंक निफ्टी हो सकता है थोड़ा एक्शन में आता हुआ नजर आए। इसके लिए 57,200 के आसपास अच्छा सपोर्ट है। अगर बैंक निफ्टी में गिरावट मिलती है तो 57,200 के स्टॉप लॉस के साथ बैंक निफ्टी में खरीदार करनी चाहिए। इसमें हमें 58,400-58,500 के टारगेट आ सकते हैं।

अरुण कुमार मंत्री के पसंदीदा शेयर

बाजार में काफी अच्छा स्टॉक स्पेसिफिक एक्शन देखने को मिल रहा है। ऐसे में आज का पहला स्टॉक ऑटो सेक्टर से है। आइशर मोटर्स में खरीदारी की सलाह रहेगी। स्टॉक में एक एक्सीलेंट मोमेंटम है और ओवरऑल रिवर्सल के संकेत नजर आ रहे हैं। इस स्टॉक में 7400 रुपए के आसपास 7321 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ, 7576 रुपए तक के टारगेट के लिए खरीदारी की जा सकती है। दूसरा स्टॉक एक नॉन एफओ स्टॉक है। यह है आरती इंडस्ट्रीज। इसमें आगे अच्छा मोमेंटम देखने को मिल सकता है। इसमें 499 रुपए के आसपास, 487 रुपए का स्टॉप लॉस लगा कर, 528 रुपए तक के टारगेट के लिए खरीदारी की जा सकती है।

 

Market View : बाजार में कंसोलिडेशन का मूड, चार्ट पर शानदार दिख रहे इन दो शेयरों में हो सकती है बंपर कमाई

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Stocks to Watch: Sensex की एक्सपायरी; तीन लिस्टिंग और SBI, HDFC Bank, Exide समेत इन स्टॉक्स पर फोकस

Stocks to Watch: वैश्विक बाजारों से मिले-जुले रुझान के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में ग्रीन शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। चूंकि आज सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 15 जुलाई को सेंसेक्स (Sensex) 130.49 प्वाइंट्स यानी 0.17% के उछाल के साथ 77,185.43 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 26.45 प्वाइंट्स यानी 0.11% की बढ़त के साथ 24,078.50 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

आज इन कंपनियों के आएंगे कारोबारी नतीजे

विप्रो, टेक महिंद्रा, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज़, आईटीसी होटल्स, 360 वन WAM, 5पैसा कैपिटल, भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल), सिएट, मुथूट कैपिटल सर्विसेज, पिरामल फाइनेंस, पॉलीकैब इंडिया, साउथ इंडियन बैंक, स्टर्लिंग एंड विल्सन रिन्यूएबल एनर्जी और वीवर्क इंडिया मैनेजमेंट आज कारोबारी नतीजे पेश करेंगी।

इन कंपनियों के कारोबारी नतीजे पेश

HDFC Life Insurance Company Q1 (Standalone YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी का स्टैंडएलोन न्यू बिजनेस प्रीमियम 12% बढ़कर ₹8,143 करोड़, APE (एनुअल प्रीमियम इक्विवैलेंट) 9% उछलकर ₹3,515 करोड़, रिटेल एपीई 7% बढ़कर ₹2,969 करोड़ और VNB (वैल्यू ऑफ न्यू बिजनेस) 9% चढ़कर ₹879 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि इस दौरान वीएनबी मार्जिन 25.1% से गिरकर 25% पर आ गया।

ICICI Lombard General Insurance Company Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी का प्रॉफिट सालाना आधार पर 46% घटकर ₹403.2 करोड़ रह गया लेकिन प्रीमियम से नेट कमाई 15.8% बढ़कर ₹5,950 करोड़ और नेट कमीशन 32.9% उछलकर ₹1,250.2 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान ऑपरेटिंग प्रॉफिट तेजी से 64.3% फिसलकर ₹233.8 करोड़ पर आ गया तो अंडरराइटिंग लॉस बढ़कर ₹293.14 करोड़ से ₹629.88 करोड़ पर पहुंच गया।

Network18 Media & Investments Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर नेटवर्क18 मीडिया एंड इंवेस्टमेंट्स का कंसालिडेटेड ऑपरेटिंग रेवेन्यू 10.3% बढ़कर ₹516 करोड़, ईबीआईटीडीए ₹4 करोड़ से ₹8 करोड़ और ईबीआईटीडीए मार्जिन 0.9% से 1.5% पर पहुंच गया।

GTPL Hathway Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर जीटीपीएल हैथवे का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 78% गिरकर ₹2.3 करोड़ पर आ गया लेकिन रेवेन्यू 12.4% उछलकर ₹1,015.4 करोड़ पर पहुंच गया।

HDB Financial Services Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज का प्रॉफिट 38.3% बढ़कर ₹785 करोड़ और ब्याज से नेट इनकम 20% उछलकर ₹2,509 करोड़ पर पहुंच गया।

Angel One Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एंजेल वन का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 102.2% बढ़कर ₹231.4 करोड़ और रेवेन्यू 25.4% उछलकर ₹1,429.7 करोड़ पर पहुंच गया।

Sai Silks (Kalamandir) Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर साई सिल्क्स (कलामंदिर) का प्रॉफिट 14.7% गिरकर ₹25.6 करोड़ और रेवेन्यू 1% फिसलकर ₹375.1 करोड़ पर आ गया।

Mangalore Refinery and Petrochemicals Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में मंगलौर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स सालाना आधार पर ₹270.7 करोड़ के घाटे से ₹945.7 करोड़ के कंसालिडेटेड प्रॉफिट में आ गई। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू भी 120.4% बढ़कर ₹38,254.2 करोड़ पर पहुंच गया।

Jana Small Finance Bank Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर जन स्मॉल फाइनेंस बैंक का प्रॉफिट 52% बढ़कर ₹155 करोड़ और ब्याज से नेट इनकम 33.4% उछलकर ₹782 करोड़ पर पहुंच गया। तिमाही आधार पर ग्रास एनपीए 2.46% से गिरकर 2.39% और नेट एनपीए 0.92% से 0.91% पर आ गया यानी एसेट क्वालिटी सुधरी है।

Himadri Speciality Chemical Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर हिमाद्रि स्पेशल्टी केमिकल का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 26.3% बढ़कर ₹229.5 करोड़ और रेवेन्यू 28% उछलकर ₹1,431.9 करोड़ पर पहुंच गया।

मंथली बिजनेस अपडेट

GMR Airports (June YoY)

जून महीने में सालाना आधार पर पैसेंजर ट्रैफिक 0.3% कम हुआ। घरेलू पैसेंजर ट्रैफिक 0.4% कम हुआ तो इंटरनेशनल पैसेंजर ट्रैफिक 0.1% बढ़ा। एयरक्राफ्ट यानी जहाजों की आवाजाही 2.4% कम हुई।

Stocks to Watch: इन स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

State Bank of India (SBI)

सुनील रामगोपाल अग्रवाल 15 जुलाई से एसबीआई में चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (डेजिनेट) के तौर पर शामिल हुए हैं। उन्हें 1 अगस्त से बैंक के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर का पद मिल जाएगा।

Ather Energy

एथर एनर्जी के बोर्ड ने हीरो मोटोकॉर्प को प्रेफरेंशियल आधार पर 76.19 लाख कन्वर्टिबल वारंट जारी करने की मंजूरी दी है। प्रति वारंट ₹1,260 के जरिए कंपनी ₹960 करोड़ रुपये जुटाएगी। इसके अलावा कंपनी ने 15 जुलाई को QIP (क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट) इश्यू लॉन्च किया और इसका फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹1,169.70 फिक्स किया है जिसमें यह 5% तक का डिस्काउंट भी दे सकती है।

Adani Power

अदाणी पावर ने महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (MSEDCL) के साथ 25 साल का पावर सप्लाई एग्रीमेंट (PSA) किया है। इसके तहत यह DBFOO (डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ओन और ऑपरेट) मॉडल पर बनने वाले 2×800 MW के अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट से 1,600 MW बिजली की सप्लाई करेगी। पावर प्लांट के लिए कोयले की सप्लाई (कोल लिंकेज) केंद्र सरकार की शक्ति (SHAKTI) पॉलिसी के तहत तय की गई है।

India Pesticides

इंडिया पेस्टिसाइड्स को यूरोपियन यूनियन में अपने एक फंगीसाइड यानी फफूंदी खत्म करने वाले एक प्रोडक्ट के लिए टेक्निकल इक्विवेलेंस (TEQ) मंजूरी मिल गई है। इससे यूरोपियन मार्केट में कंपनी की पहुंच बढ़ेगी और एक्सपोर्ट बिजनेस मजबूत होगा।

HDFC Bank

आरबीआई ने 15 जुलाई से तीन साल के लिए एचडीएफसी बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन के तौर पर राजीव कुमार की नियुक्ति को मंज़ूरी दे दी है। केकी मिस्त्री बैंक के नॉन-एग्जीक्यूटिव, नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर बने रहेंगे।

NTPC Green Energy

ओएनजीसी एनटीपीसी ग्रीन प्राइवेट लिमिटेड की पूर्ण मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी अयाना रिन्यूएबल पावर ने SECI (सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) की ई-रिवर्स नीलामी में सफल बोली लगाई है। यह टेंडर भारत में टैरिफ-आधारित कॉम्पिटिटिव बिडिंग के तहत 2,000 MW के ISTS-कनेक्टेड विंड पावर प्रोजेक्ट्स लगाने के लिए विंड पावर डेवलपर्स को चुनने के लिए था। अयाना ने ₹3.85 प्रति kWh के टैरिफ पर 50 MW की क्षमता हासिल की।

Exide Industries

एक्साइड इंडस्ट्रीज ने राइट्स इश्यू के जरिए अपनी सब्सिडियरी एक्साइड एनर्जी सॉल्यूशंस (EESL) में ₹100 करोड़ का निवेश किया है। इस निवेश के साथ EESL में एक्साइड इंडस्ट्रीज का कुल निवेश बढ़कर ₹4,902.23 करोड़ हो गया है।

TVS Holdings

टीवीएस होल्डिंग्स की सब्सिडियरी होम क्रेडिट इंडिया ने ₹967 करोड़ में वर्थाना फाइनेंस में 100% हिस्सेदारी हासिल करने के लिए शेयर पर्चेज एग्रीमेंट किया है।

बल्क डील्स

Mrs Bectors Food Specialities

एबेकस इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स ने प्रति शेयर ₹168.97 के भाव पर मिसेज बेक्टर्स फूड स्पेशलिटीज के 29.39 लाख शेयर (0.95% हिस्सेदारी) ₹49.67 करोड़ में खरीद ली।

One Mobikwik Systems

विदेशी निवेशक एफएलसी इन्वेस्टको एलएलसी ने वन मोबिक्विक सिस्टम्स के 7.12 लाख शेयर (0.9% हिस्सेदारी) ₹16.52 करोड़ में प्रति शेयर ₹232.02 के भाव पर बेच दिए। मार्च 2026 तक एफएलसी इन्वेस्टको की कंपनी में 1.16% हिस्सेदारी (9.15 लाख शेयर) थी।

Safety Controls & Devices

वीबीक्यूब वेंचर्स ने अपनी दो स्कीमों के जरिए सेफ्टी कंट्रोल्स एंड डिवाइसेस में ₹1.88 करोड़ में 1.27% हिस्सेदारी बेच दी। इसमें से वीबीक्यूब वेंचर्स फंड ने प्रति शेयर ₹74.65 और वीबीक्यूब वेंचर्स फंड II ने ₹74.60 के भाव पर 1.26 लाख शेयर बेचे। 10 अप्रैल तक दोनों फंडों के पास सेफ्टी कंट्रोल्स एंड डिवाइसेस में 1.27% हिस्सेदारी (2.51 लाख शेयर) थे।

Jupiter Life Line Hospitals

एचडीएफसी म्यूचुअल फंड ने जुपिटर लाइफ लाइन हॉस्पिटल्स के 9.37 लाख शेयर (1.42% होल्डिंग) ₹139 करोड़ में प्रति शेयर ₹1,483.50 के भाव पर दो नॉन-इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स से खरीदे। मितुल नितिन ठक्कर ने ₹89.01 करोड़ के 6 लाख शेयर तो अरविंद राव कामिनी ने ₹49.99 करोड़ के 3.37 लाख शेयर बेचे। मार्च 2026 तक कंपनी मितुल की हिस्सेदारी 1.22% (7.99 लाख शेयर) और कामिनी के पास 1.63% हिस्सेदारी (10.66 लाख शेयर) थी।

TCI Express

निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड ने एचडीएफसी म्यूचुअल फंड से टीसीआई एक्सप्रेस के 5 लाख शेयर (1.3% हिस्सेदारी) ₹28.1 करोड़ में प्रति शेयर ₹562 के भाव पर खरीदे। मार्च 2026 के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार एचडीएफसी एएमसी की लार्ज एंड मिड कैप फंड के ज़रिए टीसीआई एक्सप्रेस में 4.04% हिस्सेदारी थी, तो निप्पॉन इंडिया मल्टी कैप फंड के जरिए निप्पॉन लाइफ इंडिया ट्रस्टी की हिस्सेदारी 3.02% थी।

लिस्टिंग

लेजर पावर एंड इंफ्रा के शेयरों की आज बीएसई और एनएसई पर एंट्री होगी तो देवसन कैटेलिस्ट की बीएसई एसएमई और हैप्पी स्टील्स की एनएसई एसएमई पर एंट्री होगी।

एक्स-डेट

केनरा रोबेको एसेट मैनेजमेंट कंपनी, एडोर वेल्डिंग, बीएंडए पैकेजिंग इंडिया, बनारस होटल्स, कोरोमंडल इंटरनेशनल, क्राफ्ट्समैन ऑटोमेशन, जीआरपी, वेजमन (Weizmann), विंडलास बायोटेक के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे तो फ्रेडुन फार्मा के बोनस के साथ-साथ प्रॉपशेयर सेलेस्टिया, प्रॉपशेयर प्लैटिना और प्रॉपशेयर टाइटेनिया एसएम आरईआईटी के इनकम डिस्ट्रीब्यूशन की भी आज एक्स-डेट है।

F&O Ban

आज कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया में एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

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AI Data Centre Theme: AI डेटा सेंटर बूम से 45% तक चढ़े वाटर स्टॉक्स, कौन-कौन हैं इस थीम के बड़े खिलाड़ी?

AI Data Centre Theme: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की तेज रफ्तार के बीच अब सिर्फ पावर कंपनियां ही नहीं, बल्कि वॉटर सेक्टर की कंपनियां भी निवेशकों के रडार पर आ गई हैं। इसकी वजह है AI डेटा सेंटर, जिन्हें बिजली के साथ-साथ बड़ी मात्रा में पानी की भी जरूरत होती है। पानी का इस्तेमाल सर्वर को ठंडा रखने और दूसरे ऑपरेशनल कामों में किया जाता है।

कुछ वॉटर स्टॉक्स एक महीने में 45% तक चढ़े 

AI थीम और सरकारी योजनाओं की वजह से पिछले एक महीने में कुछ वॉटर स्टॉक्स में 45% तक की तेजी देखने को मिली है। हालांकि, बुधवार के कारोबार में इन शेयरों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा।

VA Tech Wabag का शेयर 0.64% गिरा। वहीं Enviro Infra Engineers 0.69%, Indian Hume Pipe Company 0.37% और Denta Water and Infra Solutions 0.25% चढ़े।

Felix Industries 2.67% की बढ़त के साथ सबसे ज्यादा चढ़ने वाला शेयर रहा। वहीं Polysil Irrigation Systems में मामूली तेजी और Welspun Corp में हल्की गिरावट दर्ज की गई।

वॉटर स्टॉक्स में दिलचस्पी क्यों बढ़ रही है?

Master Capital Services के चीफ रिसर्च ऑफिसर रवि सिंह के मुताबिक, इस तेजी की दो बड़ी वजह हैं। पहली, सरकार का पानी से जुड़ी परियोजनाओं पर बढ़ता खर्च। दूसरी, AI डेटा सेंटर की बढ़ती मांग।

उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं से VA Tech Wabag, Shakti Pumps, Enviro Infra Engineers और Jash Engineering जैसी कंपनियों को ऑर्डर मिलने की अच्छी संभावना बनी हुई है। वहीं AI डेटा सेंटर की थीम ने इस तेजी को और रफ्तार दी है।

सिर्फ AI नहीं, सरकार भी दे रही बड़ा सपोर्ट

Bajaj Finance के मुताबिक, साफ पानी की बढ़ती मांग, शहरीकरण, औद्योगिक इस्तेमाल और सरकारी निवेश की वजह से वॉटर सेक्टर की कंपनियों के लिए लंबी अवधि में अच्छी संभावनाएं हैं। यही वजह है कि कई निवेशक इस सेक्टर को स्थिर ग्रोथ वाला विकल्प मान रहे हैं।

भारत में वॉटर स्टॉक्स में कितना बड़ा मौका है ?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, भारत का वॉटर और वेस्टवॉटर सेक्टर हर साल ₹25,000 करोड़ से ₹30,000 करोड़ का बाजार बन चुका है। इसमें करीब 40% हिस्सा पानी और 60% हिस्सा वेस्टवॉटर मैनेजमेंट का है।

SBI Cap Securities के मुताबिक, अगले 3-4 साल तक सरकार पानी से जुड़ी परियोजनाओं पर लगातार फोकस रख सकती है। वहीं, Niveshaay के फाउंडर अरविंद कोठारी का कहना है कि देश में अभी सिर्फ करीब 40% सीवेज का ही ट्रीटमेंट होता है। कई शहरों में आज भी सीवर नेटवर्क और जल आपूर्ति की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। ऐसे में इस सेक्टर में आगे भी बड़े निवेश की जरूरत बनी रहेगी।

Semiconductor Mission 2.0: ₹1.27 लाख करोड़ के मिशन को मंजूरी, भारत को चिप हब बनाने की तैयारी

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कुवैत ने अपना पहला 15 साल का गोल्डन वीजा भारतीय अरबपति एमए यूसुफ अली को सौंपा! जानिए लुलु ग्रुप के चेयरमैन की पूरी कहानी

MA Yusuff Ali news: खाड़ी देशों में अपने बिजनेस का लोहा मनवाने वाले भारतीय मूल के दिग्गज कारोबारी और लुलु ग्रुप के चेयरमैन एमए यूसुफ अली के नाम एक और बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि जुड़ गई है। कुवैत सरकार ने अपने नए लॉन्च किए गए 15 साल के गोल्डन रेजिडेंसी (गोल्डन वीजा) का पहला रिसीपिंट भारतीय अरबपति एमए यूसुफ अली को चुना है। यह सम्मान कुवैत द्वारा निवेशकों, बिजनेस लीडर्स और वैश्विक प्रतिभाओं को आकर्षित करने के उद्देश्य से शुरू किए गए लॉन्ग-टर्म वीजा कार्यक्रम के औपचारिक रोलआउट के क्रम में किया गया है।

हमारे सहयोगी ‘न्यूज 18’ की रिपोर्ट के मुताबिक कुवैत सिटी में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान कुवैत के प्रथम उप प्रधानमंत्री और आंतरिक मंत्री शेख फहद यूसुफ सऊद अल-सबा ने लुलु ग्रुप इंटरनेशनल के चेयरमैन और एमडी यूसुफ अली को यह सम्मान सौंपा।

कौन हैं एमए यूसुफ अली?

एमए यूसुफ अली खाड़ी क्षेत्र के सबसे प्रसिद्ध और प्रभावशाली भारतीय मूल के व्यवसायियों में से एक हैं। यूसुफ अली रिटेल क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ‘लुलु ग्रुप इंटरनेशनल’ के संस्थापक हैं। केरल में जन्मे यूसुफ अली ने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर लुलु को मिडिल ईस्ट की सबसे बड़ी रिटेल चेन में से एक बना दिया है। लुलु ग्रुप का बिजनेस आज खाड़ी देशों, एशिया और उससे आगे कई देशों में फैला हुआ है।

यह ग्रुप मुख्य रूप से हाइपरमार्केट्स, सुपरमार्केट्स, शॉपिंग मॉल्स और लॉजिस्टिक्स के कारोबार चलाता है। यूसुफ अली का यह बिजनेस नेटवर्क दुनिया भर में हजारों लोगों को रोजगार देता है। रिटेल के अलावा खाड़ी क्षेत्र के हॉस्पिटैलिटी और रियल एस्टेट क्षेत्रों में भी उनका भारी निवेश है।

कुवैत ने एमए यूसुफ अली को ही क्यों चुना?

कुवैती अधिकारियों के मुताबिक, यह ऐतिहासिक फैसला देश की अर्थव्यवस्था में यूसुफ अली के लंबे समय से चले आ रहे योगदान को ध्यान में रखकर लिया गया है। लुलु ग्रुप ने कुवैत के रिटेल सेक्टर में अपनी एक बेहद मजबूत उपस्थिति स्थापित की है। इसके साथ ही इस ग्रुप ने कुवैत में फूड सप्लाई चेन को मजबूत करने, कंज्यूमर मार्केट का विस्तार करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा करने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

क्या है कुवैत का नया गोल्डन रेजिडेंसी प्रोग्राम?

यह गोल्डन रेजिडेंसी कार्यक्रम कुवैत की अर्थव्यवस्था को सिर्फ तेल पर निर्भर न रखकर उसका डाइवर्सिफाई करने की कोशिश से जुड़ा एक इनिशिएटिव है। इसके जरिए देश में बड़े निवेश और कुशल प्रतिभाओं को आकर्षित करने की योजना है। पारंपरिक निवास परमिट अक्सर एंप्लॉयर स्पॉन्सरशिप से जुड़े होते हैं और उन्हें बार-बार रिन्यू कराना पड़ता है। इनके उलट कुवैत का यह नया कार्यक्रम निवेशकों को लंबे समय की स्थिरता और अधिक फ्लेक्सिबिलिटी देता है।

कुवैती अधिकारियों के मुताबिक इस पहल को इंटीरियर मिनिस्ट्री, कुवैत प्रत्यक्ष निवेश संवर्धन प्राधिकरण और नागरिक सूचना के लिए सार्वजनिक प्राधिकरण (PACI) के बीच आपसी समन्वय के जरिए तैयार किया गया है।

इस गोल्डन वीजा की खासियतें जान लीजिए

कुवैत का यह नया वीजा कार्यक्रम प्रमुख रूप से बड़े निवेशकों, उद्यमियों, वरिष्ठ अधिकारियों और अत्यधिक कुशल पेशेवरों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

15 साल का परमिट: इसके तहत योग्य लोगों को 15 साल का रिन्यूएबल (नवीकरणीय) रेजिडेंसी परमिट दिया जाता है।

लॉन्ग-टर्म स्थिरता: बार-बार वीजा रिन्यू कराने की झंझटों से मुक्ति मिलती है।

एंप्लॉयर पर निर्भरता नहीं: यह वीजा एंप्लॉयर स्पॉन्सर्ड वीजा पर निर्भरता को काफी कम करता है।

परिवार को भी लाभ: इस योजना के तहत मिलने वाले रेजिडेंसी के लाभ मुख्य लाभार्थी के साथ-साथ उसके करीबी परिवार के सदस्यों को भी मिल सकते हैं।

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