IMD Issues Rain Alert: दिल्ली-NCR में रेड अलर्ट! इन 14 राज्यों में गरज-चमक संग भारी बारिश की चेतावनी, यूपी के 11 जिलों में होगी मूसलाधार बरसात

IMD Issues Red Alert: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राजधानी दिल्ली और NCR के कुछ हिस्सों के लिए भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। शनिवार को हुई मूसलाधार बारिश से कई जगहों पर पानी भर गया है। दर्जनों पेड़ उखड़ गए हैं। ITO और महरौली-बदरपुर रोड जैसे मुख्य रास्तों पर ट्रैफिक जाम लग गया है। भारी बारिश की वजह से निचले इलाकों और अंडरपास में काफी पानी भर गया है। दिल्ली-जयपुर हाईवे और वजीराबाद रोड जैसे मुख्य रास्तों पर ट्रैफिक की रफ़्तार बहुत धीमी हो गई है।

इस बीच, एयरलाइंस ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। एयरलाइन ने सलाह दी है कि IGI एयरपोर्ट जाने वाले यात्री यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलें। राजधानी में भारी बारिश के साथ-साथ बिजली कड़कने, तेज हवाएं चलने और आंधी-तूफान की स्थिति भी बनी हुई है।

दिल्ली में आज कैसा रहेगा मौसम?

IMD के ताजा अनुमान के मुताबिक, रविवार (9 अगस्त) को दिल्ली में बादल छाए रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राजधानी में एक और दौर की बारिश का अनुमान लगाया है। IMD के ताजा अनुमान के मुताबिक, दिल्ली में सुबह से लेकर दोपहर तक बहुत हल्की बारिश हो सकती है। शाम के समय बहुत हल्की से हल्की बारिश का एक और दौर हो सकता है। दिन भर आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहने की उम्मीद है।

दिल्ली में कई दिनों से भारी बारिश हो रही है, जिसके कारण राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में जलभराव, ट्रैफिक की समस्या और कामकाज में रुकावटें आई हैं। शनिवार को सफदरजंग मौसम केंद्र ने सुबह 8:30 बजे तक 24 घंटों में 98.7 मिमी बारिश दर्ज की, जो पिछले दो वर्षों में दिल्ली में अगस्त का सबसे अधिक बारिश वाला दिन रहा। शहर ने महीने के पहले आठ दिनों में ही अगस्त की सामान्य बारिश का आंकड़ा पार कर लिया है। इस दौरान सफदरजंग में 230.1 मिमी बारिश दर्ज की गई। जबकि महीने की सामान्य बारिश 233.1 मिमी होती है।

तापमान में होगी बढ़ोतरी 

रविवार को मौसम विभाग को उम्मीद है कि बारिश कम होने के साथ तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी होगी। लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखनी चाहिए। खासकर सुबह और शाम के समय जब बारिश की संभावना है। IMD ने इस सप्ताह पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान लगाया है।

यूपी में भी बारिश का अलर्ट

उत्तर में प्रयागराज से सहारनपुर तक मौसम विभाग ने राज्य के 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान आंधी-तूफान संग बादल जमकर बरसेंगे। इसी के साथ मानसून के फिर सक्रिय रहने का अनुमान है। यूपी के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका है। IMD ने यूपी के निवासियों को सलाह दी है कि वे जलभराव, बाढ़ और बारिश से जुड़ी अन्य समस्याओं वाले इलाकों में सावधानी बरतें। पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है।

इन राज्यों में मूसलाधार बारिश की आशंका

मौसम विभाग ने देश के 14 राज्यों में गरज-चमक संग भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। यूपी के अलावा हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मध्यम से लेकर भारी बारिश होने की उम्मीद है। जबकि हरियाणा, राजस्थान और चंडीगढ़ में भी भीषण बारिश हो सकती है। पश्चिमी राजस्थान में कुछ जगहों पर भारी बारिश होने की आशंका है।

जबकि पूर्वी राजस्थान में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा ओडिशा, गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में व्यापक बारिश की आशंका है। बिहार में भी मूसलाधार बारिश जारी रहने की आशंका है।

हिमाचल और केरल में तबाही, असम में बाढ़ से मृतकों की संख्या बढ़कर 99 हुई

देश के कई हिस्सों में शनिवार को बारिश का प्रकोप कम हुआ। लेकिन इससे हुई तबाही का असर बरकरार रहा। असम में बारिश और बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 99 हो गई। जबकि हिमाचल प्रदेश में 153 सड़कें बंद होने से आवागमन प्रभावित रहा। केरल में मकानों और सड़कों को हुए नुकसान के कारण सैकड़ों लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं।

असम आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के बुलेटिन के अनुसार, शनिवार को भी राज्य में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी रही। एक और मौत की खबर के साथ मरने वालों की संख्या 99 हो गई। इसमें कहा गया कि असम में 1.47 लाख से अधिक लोग अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं।

मौत का नया मामला गोलाघाट जिले से सामने आया है। इसके साथ ही, असम में इस साल बाढ़ से मरने वालों की संख्या 99 हो गई है। बुलेटिन में कहा गया कि बाढ़ से असम में 12 जिले-सोनितपुर, नागांव, गोलाघाट, शिवसागर, होजई, दरांग, जोरहाट, धेमाजी, चराइदेव, कार्बी आंगलोंग, लखीमपुर और विश्वनाथ प्रभावित हैं।

हिमाचल में 153 सड़कें बंद, ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी

हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश के कारण 153 सड़कें बंद हो गई हैं। वहीं, शिमला मौसम विज्ञान केंद्र ने सोमवार और मंगलवार को राज्य में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी देते हुए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।

अधिकारियों ने बताया कि 30 जून को मानसून शुरू होने के बाद से अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में 66 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 14 लोगों की जान भूस्खलन और एक व्यक्ति की मौत अचानक आई बाढ़ में हुई। उन्होंने बताया कि राज्य को कुल 835 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मौसम विभाग ने राज्य में 14 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है।

केरल में भी बारिश जारी

केरल में शनिवार को बारिश जारी रही। हालांकि, कई इलाकों में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है। लेकिन कई सड़कें और मकान अब भी जलमग्न होने के कारण सैकड़ों लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। अधिकारियों ने बताया कि अलप्पुझा के अपर कुट्टनाड और कुट्टनाड इलाकों तथा कोट्टायम जिले के अंदरूनी क्षेत्रों में बाढ़ का सबसे अधिक असर रहा। हालांकि कई स्थानों पर पानी का स्तर अब धीरे-धीरे कम होने लगा है।

कुछ इलाकों में बाढ़ का पानी केवल मामूली रूप से कम हुआ है। जबकि कई लोग अब भी फंसे हुए या प्रभावित हैं, क्योंकि उनके मकान और सड़कें अभी भी पानी में डूबी हुई हैं। अलप्पुझा-चंगनास्सेरी सड़क समेत कई प्रमुख सड़कें अब भी जलमग्न हैं, जिससे क्षेत्र में यातायात बाधित है। जलभराव वाले इलाकों से लोगों को निकालने और जरूरी सामान को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए छोटी नावों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

दिल्ली में अगस्त के शुरुआती आठ दिन में ही पूरे महीने की औसत बारिश से अधिक बारिश

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अगस्त के पहले आठ दिन में ही इस महीने की औसत बारिश से अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है। राजधानी की प्रमुख मौसम वेधशाला सफदरजंग वेधशाला में अब तक 230.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। सफदरजंग में इस महीने की शुरुआत से शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक 225.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। इसके बाद शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे के बीच 4.4 मिलीमीटर और बारिश हुई, जिससे कुल वर्षा 230.1 मिलीमीटर हो गई।

IMD के अनुसार, 1991 से 2020 की जलवायु अवधि के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में अगस्त में औसतन कुल 226.8 मिलीमीटर बारिश होती है। राष्ट्रीय राजधानी में शनिवार को पिछले दो वर्ष में अगस्त के किसी एक दिन में सर्वाधिक बारिश भी दर्ज की गई। सफदरजंग में शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटे के दौरान 98.7 मिलीमीटर बारिश हुई। इससे पहले अगस्त में एक दिन में इससे अधिक बारिश एक अगस्त 2024 को दर्ज की गई थी। उस समय 107.6 मिलीमीटर वर्षा हुई थी।

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शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटे के दौरान पालम में 104.6 मिलीमीटर, आयानगर में 115 मिलीमीटर, रिज में 89.8 मिलीमीटर और लोधी रोड में 86.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे के बीच आयानगर में सबसे अधिक 16 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

मौसम विभाग के मुताबिक, इसके अलावा रिज में 9.4 मिलीमीटर और लोधी रोड में 6.5 मिलीमीटर बारिश हुई। जबकि सफदरजंग और पालम में 4.4-4.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग ने कहा कि अगले दो दिन दिल्ली में कुछ स्थानों पर हल्की से बहुत हल्की बारिश होने की संभावना है।

कल का मौसम 9 अगस्त: आसमान से आफत की बारिश! दिल्ली-NCR समेत इन राज्यों में IMD ने दी चेतावनी

देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता बनी हुई है। मौसम विभाग के 8 अगस्त शाम के पूर्वानुमान के मुताबिक, 9 अगस्त को कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। खास तौर पर छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा और कई पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

दिल्ली-NCR में बारिश का दौर रहेगा जारी

दिल्ली और आसपास के इलाकों में 9 अगस्त को भी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में कुछ जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी दी है। पिछले 24 घंटे में भी दिल्ली और हरियाणा के कई हिस्सों में अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, दक्षिण दिल्ली के कुछ इलाकों में 16 सेंटीमीटर तक बारिश दर्ज हुई, जबकि रोहतक, झज्जर,फरीदाबाद और आसपास के इलाकों में भी भारी बारिश हुई।

उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश

9 अगस्त को उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने राज्य के कुछ इलाकों के लिए खास चेतावनी जारी की है। पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण भूस्खलन, सड़क पर मलबा आने और निचले इलाकों में पानी भरने जैसी स्थिति बन सकती है। हिमाचल प्रदेश में भी कुछ जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर और आसपास के पहाड़ी इलाकों में भी बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है।

उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी बारिश

पूर्वी उत्तर प्रदेश में 9 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी बारिश का अनुमान है। इसके अलावा पूर्वी राजस्थान में कुछ जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में 8 और 9 अगस्त को भारी बारिश का दौर रह सकता है। आगे 10 और 11 अगस्त को भी कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा बना हुआ है।

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी अलर्ट

मध्य प्रदेश में 9 अगस्त को कई जगहों पर बारिश की संभावना है। छत्तीसगढ़ में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने 9 अगस्त को भी राज्य के कुछ इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। छत्तीसगढ़ में 8-9 अगस्त के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश का दौर रहने का अनुमान है। इसके कारण निचले इलाकों में जलभराव और सड़कों पर पानी जमा होने की स्थिति बन सकती है।

बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी बारिश

बिहार में 9 अगस्त को कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। झारखंड और ओडिशा में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। ओडिशा में 9 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है, जबकि राज्य में 8 अगस्त को कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश भी दर्ज की गई है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर भारत में असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है।

दक्षिण भारत में भी तेज बारिश के आसार

दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी मानसून सक्रिय रहेगा। तटीय कर्नाटक, केरल और माहे, लक्षद्वीप तथा दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 9 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना भी जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, कुछ इलाकों में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। समुद्री इलाकों में भी तेज हवाओं के कारण स्थिति खराब हो सकती है।

बारिश के दौरान सावधानी जरूरी

मौसम विभाग ने भारी बारिश वाले इलाकों में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। तेज बारिश के कारण जलभराव, बाढ़ जैसी स्थिति, भूस्खलन और सड़क व रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। तेज हवाओं से पेड़ और कमजोर ढांचे भी नुकसान की चपेट में आ सकते हैं। लोगों को मौसम बिगड़ने पर सुरक्षित जगह जाने और पेड़ों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी गई है। बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, पानी और बिजली से जुड़ी चीजों से दूर रहना बेहतर होगा।

Weather Update: इन 4 इलाकों में पूरे सप्ताह भारी बारिश का तांडव! IMD ने बताया दिल्ली-राजस्थान से यूपी-बिहार तक कैसा रहेगा मौसम

India Mausam ki Jankari: देशभर में मानसूनी हवाओं और मजबूत चक्रवातीय प्रणालियों की वजह से बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 8 अगस्त को जारी मौसम बुलेटिन के मुताबिक इस पूरे सप्ताह देश के चार प्रमुख इलाकों पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश का तांडव देखने को मिल सकता है। इसके अलावा दक्षिण भारत के केरल, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी अगले दो दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान समेत कई राज्यों के लिए विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया है।

देश में बने कई मौसमी सिस्टम और पिछले 24 घंटों का हाल

मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में मानसूनी ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति के आसपास बना हुआ है, जबकि पूर्वी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर है। दक्षिण गंगातटीय पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तरी ओडिशा के ऊपर बना चक्रवातीय परिसंचरण अब कम दबाव के क्षेत्र में बदल चुका है। इसके साथ ही पश्चिमी विक्षोभ ट्रफ के रूप में मध्य और ऊपरी ट्रोपोस्फेरिक पछुआ हवाओं के साथ सक्रिय है। पूर्वोत्तर असम पर भी एक चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है।

इन मजबूत प्रणालियों के प्रभाव से बीते 24 घंटों में देश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई। पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी मध्य प्रदेश, ओडिशा और केरल में भारी से बहुत भारी बारिश (12 से 20 सेमी) रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, झारखंड, तमिलनाडु, तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना, असम और नागालैंड में भी 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश दर्ज हुई।

दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान का मौसम पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश की गतिविधियां व्यापक रहने वाली हैं। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 8 अगस्त को व्यापक बारिश का अनुमान है, जबकि 8 और 9 अगस्त के दौरान इन क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। राजस्थान में मानसूनी बादल जमकर बरसेंगे। पूर्वी राजस्थान में 8 से 13 अगस्त के दौरान अधिकांश स्थानों पर बारिश होगी, जिसमें 8 और 9 अगस्त तथा 12 व 13 अगस्त को भारी बारिश का अलर्ट है। 10 और 11 अगस्त को पूर्वी राजस्थान में बेहद भारी बारिश होने की आशंका है। वहीं पश्चिमी राजस्थान में 8 अगस्त को तथा 11 और 12 अगस्त को भारी बारिश देखने को मिल सकती है, जबकि 9 और 10 अगस्त को गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तर प्रदेश और बिहार में बारिश की स्थिति

उत्तर प्रदेश में मौसम के मिजाज में लगातार बदलाव देखा जा रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 10 अगस्त को भारी बारिश होने का अनुमान है, जबकि 8 अगस्त को आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 10 अगस्त को व्यापक बारिश की संभावना है, जहां 9 और 10 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

बिहार के मौसम की बात करें तो 8 से 12 अगस्त के दौरान राज्य में हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश दर्ज की जाएगी। हालांकि 13 और 14 अगस्त को बिहार में अधिकांश स्थानों पर व्यापक वर्षा होगी। मौसम विभाग ने बिहार में 9 अगस्त और 13 व 14 अगस्त को भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। इसके साथ ही 8 से 14 अगस्त के दौरान राज्य में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली कड़कने की संभावना है।

पहाड़ी राज्यों और मध्य भारत का हाल

पहाड़ी क्षेत्रों में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 8 से 14 अगस्त तक पूरे सप्ताह व्यापक बारिश का दौर जारी रहेगा। हिमाचल प्रदेश में 10 और 11 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। उत्तराखंड में 9 और 10 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है जबकि 8 अगस्त और 11 से 14 अगस्त के बीच भारी बारिश और बिजली चमकने का जोखिम बना रहेगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में 10 से 12 अगस्त के बीच भारी बारिश के आसार हैं।

मध्य भारत में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में तेज बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। छत्तीसगढ़ में 8 और 9 अगस्त को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि 10 से 14 अगस्त तक रुक-रुक कर भारी बारिश होती रहेगी। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 11 और 12 अगस्त को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 8 से 10 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।

पूर्वोत्तर, पूर्वी और दक्षिण भारत का मौसम

पूर्वी भारत के ओडिशा, झारखंड, गंगातटीय पश्चिम बंगाल, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 8 से 14 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी। ओडिशा में 8, 9 और 12 से 14 अगस्त के बीच भारी बारिश होगी। पूर्वोत्तर भारत के असम और मेघालय में 13 और 14 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश का अंदेशा है, जबकि अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में पूरे सप्ताह भारी बारिश जारी रहेगी।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में केरल, माहे, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और लक्षद्वीप में 8 और 9 अगस्त को भारी बारिश और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के तटीय इलाकों में भी इस दौरान तेज सतही हवाएं और आंधी-तूफान आने का पूर्वानुमान है।

Weather Update: 20 राज्यों में बारिश का अलर्ट, राजस्थान-ओडिशा में मूसलाधार, यूपी-उत्तराखंड भी प्रभावित, चेक करिए आज का मौसम

Weather Update: देशभर में मानसून पूरी तरह से मेहरबान है और कई राज्यों में लगातार हो रही बारिश से मौसम सुहावना होने के साथ-साथ कुछ इलाकों में परेशानी का कारण भी बन रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 8 अगस्त यानी आज के लिए देश के करीब 20 राज्यों में बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी राज्यों से लेकर दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत तक मानसूनी गतिविधियां बेहद तीव्र नजर आ रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार आज पूर्वी राजस्थान और ओडिशा में मूसलाधार बारिश होने की आशंका है जबकि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत कई अन्य राज्यों में तेज बारिश और आंधी-तूफान का प्रभाव देखने को मिलेगा।

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पूर्वी राजस्थान और ओडिशा में मूसलाधार बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक आज 8 अगस्त को पूर्वी राजस्थान और ओडिशा के अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की बहुत अधिक संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही तेज रहेगी और अचानक से मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो सकता है। इस स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने और जलभराव वाले निचले इलाकों से दूर रहने की हिदायत दी है।

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत इन राज्यों में भारी बारिश की संभावना

पूर्वी राजस्थान और ओडिशा के अलावा देश के अन्य हिस्सों में भी भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश का पूर्वानुमान दिया है। इनके साथ ही पश्चिम राजस्थान, छत्तीसगढ़, पूर्वोत्तर के राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल व सिक्किम, कोंकण व गोवा, तटीय आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल व माहे के अलग-अलग इलाकों में भी आज भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

तेज हवाओं और बिजली चमकने का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है। आंध्र प्रदेश, केरल व माहे, लक्षद्वीप, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने की आशंका है। वहीं अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, बिहार, छत्तीसगढ़, तटीय कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ बिजली चमकने और आंधी का अनुमान है।

तटीय इलाकों में तेज सतही हवाएं और आकाशीय बिजली का प्रभाव

देश के अन्य हिस्सों में भी मौसमी हलचल तेज रहेगी। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर गरज के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा तटीय सुरक्षा और मौसम की संवेदनशीलता को देखते हुए आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना के अलग-अलग इलाकों में तेज सतही हवाएं चलने की संभावना जताई गई है जिससे आम लोगों और यात्रियों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

Mithun Chakraborty Hospitalised: सर्जरी के चलते कोलकाता के अस्पताल में भर्ती हुए मिथुन चक्रवर्ती, हालचाल लेने पहुंचे बंगाल सीएम

Mithun Chakraborty Hospitalised: मिथुन चक्रवर्ती को कोलकाता के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां एक छोटी सर्जरी के बाद वे ठीक हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि अनुभवी एक्टर और नेता की हालत ठीक है और उम्मीद है कि उन्हें जल्द ही अस्पताल से छुट्टी मिल जाएगी।

यह जानकारी तब सामने आई जब पश्चिम बंगाल के नेता सुवेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को अस्पताल में एक्टर से मुलाकात की और सोशल मीडिया पर अपनी मुलाकात की जानकारी शेयर की। सुवेंदु अधिकारी ने अस्पताल में मिथुन चक्रवर्ती से मुलाकात की है। अधिकारी ने कोलकाता के अस्पताल में मिलने पहुंचे थे। उनके इलाज की देखरेख कर रही मेडिकल टीम से भी बातचीत की।

बाद में उन्होंने इस मुलाक़ात की तस्वीरें शेयर कीं, जिनमें मिथुन चक्रवर्ती अस्पताल के कमरे में आराम करते हुए और इलाज के बाद ठीक होते हुए दिखाई दे रहे हैं। फेसबुक पर जानकारी देते हुए अधिकारी ने लिखा, “जाने-माने फ़िल्म अभिनेता और बीजेपी की सेंट्रल कमेटी के सदस्य मिथुन चक्रवर्ती को शारीरिक बीमारी के कारण कोलकाता के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आज मैं उनसे मिलने अस्पताल गया था। मैंने उनसे बात की और उनकी सेहत के बारे में जानकारी ली। मैं दयालु ईश्वर से उनके जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं।

मुख्यमंत्री की पोस्ट की गई तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैल गईं, जिससे एक्टर के फ़ैन्स और शुभचिंतकों में चिंता बढ़ गई। अस्पताल से निकलने के बाद मीडिया से बात करते हुए अधिकारी ने बताया कि गुरुवार रात एक्टर की एक छोटी सर्जरी हुई थी। उन्होंने यह भी कहा कि मिथुन चक्रवर्ती ने अस्पताल में भर्ती होने की बात को सार्वजनिक न करने का फ़ैसला किया था।

IANS के अनुसार, अधिकारी ने कहा, “वह इस घटनाक्रम को लेकर कोई पब्लिसिटी नहीं चाहते थे। उनकी हालत ठीक है। उन्हें जल्द ही छुट्टी दे दी जाएगी।” उन्होंने आगे कहा, “उनकी पहचान सिर्फ़ उनके राजनीतिक जीवन तक ही सीमित नहीं है। पश्चिम बंगाल में राष्ट्रवादी सरकार के गठन में उनका योगदान बहुत बड़ा है। उनका एक छोटा सा ऑपरेशन हुआ था। अब वह ठीक हैं।”

सिनेमा और टेलीविज़न में शानदार करियर

मिथुन चक्रवर्ती भारतीय सिनेमा के सबसे मशहूर स्टार्स में से एक हैं और उनका करियर पांच दशकों से भी ज़्यादा लंबा रहा है। उन्होंने ‘मृगया’ (1976) से एक्टिंग की शुरुआत की और इस फ़िल्म के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर का नेशनल फ़िल्म अवॉर्ड मिला।

उन्हें बड़ी कामयाबी ‘डिस्को डांसर’ (1982) से मिली, जिसने उन्हें पूरे देश में मशहूर कर दिया और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बहुत लोकप्रियता दिलाई। इतने सालों में उन्होंने ‘प्यार झुकता नहीं’, ‘गुलामी’, ‘अग्निपथ’, ‘गुरु’ और ‘द कश्मीर फाइल्स’ जैसी फ़िल्मों में यादगार काम किया है और अपने करियर में कई नेशनल फ़िल्म अवॉर्ड और फ़िल्मफ़ेयर अवॉर्ड जीते हैं।

फ़िल्मों के अलावा, मिथुन टेलीविज़न पर भी ‘डांस इंडिया डांस’ के ग्रैंड मास्टर के तौर पर घर-घर में पहचाने जाने लगे और बाद में कई रियलिटी और टैलेंट-बेस्ड शो में जज के तौर पर भी नज़र आए।

कल का मौसम: 8 अगस्त को यूपी, उत्तराखंड संग 18 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, इन इलाकों में दिखेगा बरसात का ताडंव

इस वक्त दिल्ली-यूपी समेत देश के एक बड़े हिस्से में भारी बारिश पड़ रही है। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 8 अगस्त को देश के एक बड़े हिस्से में एक बार फिर मानसूनी बारिश का तांडव देखने की आशंका जताई है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों तक बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने का दौर जारी रहेगा। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश समेत करीब 18 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मानसून के पूरी तरह सक्रिय रहने के कारण कई इलाकों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बना हुआ है।

पूर्वी राजस्थान और ओडिशा में अति भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने 8 अगस्त को पूर्वी राजस्थान और ओडिशा के अलग-अलग स्थानों पर बेहद भारी बारिश की प्रबल संभावना जताई है। इन इलाकों में मानसूनी तंत्र के बेहद मजबूत होने के कारण अचानक तेज बारिश का दौर शुरू हो सकता है। बारिश के इस प्रचंड रूप को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों को मुस्तैद रहने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही आम लोगों को भी खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की ताकीद की गई है।

यूपी, उत्तराखंड समेत 18 राज्यों में मूसलाधार बारिश का पूर्वानुमान

देश के बाकी हिस्सों की बात करें तो 8 अगस्त को उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्से, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश का अनुमान है। इनके अलावा पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। मध्य भारत के छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में भी बादल जमकर बरसेंगे। वहीं पश्चिमी भारत में कोंकण व गोवा तथा पश्चिमी राजस्थान के इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पूर्वी भारत के झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के साथ-साथ दक्षिण भारत में तटीय आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल व माहे में भी भारी बारिश से स्थिति संवेदनशील बनी रह सकती है।

तेज हवाओं और बिजली चमकने का खतरा

बारिश के साथ-साथ देश के कई राज्यों में भीषण आंधी-तूफान और वज्रपात की चेतावनी भी जारी की गई है। आंध्र प्रदेश, केरल व माहे, लक्षद्वीप, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने की आशंका है। इसके अलावा अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, बिहार, छत्तीसगढ़, तटीय कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बालटिस्तान-मुज़फ्फराबाद, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी। गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भी बादलों की गरज के साथ बिजली गिरने का अलर्ट है।

तटीय क्षेत्रों में तेज सतही हवाएं और अरब सागर में मौसम खराब

मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना के तटीय इलाकों में तेज सतही हवाएं चलने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। इसके अतिरिक्त अरब सागर में मौसमी परिस्थितियां काफी प्रतिकूल रहेंगी। सोमालिया और ओमान के तटों के साथ-साथ पश्चिम-मध्य अरब सागर के अधिकांश भागों, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों और उत्तर-पश्चिम व पूर्व-मध्य अरब सागर में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जो बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे की गति पकड़ सकती हैं। समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों और खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को इन इलाकों में न जाने की स्पष्ट सलाह दी गई है

Sugar Price : इस साल फेस्टिवल सीजन में फीका हो सकता है चीनी का स्वाद, 15% तक बढ़े शुगर के दाम

Sugar Price : फेस्टिवल सीजन में चीनी का स्वाद फीका पड़ सकता है। पिछले एक महीने में कुछ राज्यों में चीनी के दाम 15% तक बढ़े हैं। इसका उत्पादन बढ़ाने के लिए चीनी मिलों ने शुगर क्रशिंग पहले शुरू करने का फैसला लिया है। सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद चीनी के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। पिछले एक महीने के अंदर चीनी के दाम औसतन 8 फीसदी तक बढ़ गए हैं। ऐसे में चीनी का उत्पादन बढ़ा कर इसके बढ़ते दाम को थामने के लिए चीनी मिलों ने इस साल शुगर क्रशिंग पहले शुरू करने का फैसला किया है।

इस साल फेस्टिवल सीजन में चीनी का स्वाद फीका हो सकता है। दरअसल,इस साल अनुमान के मुताबिक चीनी का उत्पादन नहीं हुआ है। इस साल चीनी का उत्पादन 293 लाख टन रहने का अनुमान था लेकिन ये 280 लाख टन ही रहा,जो अनुमान के मुकाबले करीब 5% कम है। पिछले साल का करीब 50 लाख टन स्टॉक उपलब्ध है लेकिन देश में कुल चीनी की खपत 280 लाख टन होती है। इस साल करीब 8 लाख टन चीनी निर्यात हुई है। पिछले महीने चीनी के होलसेल दाम में 400 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है। इसे देखते हुए कंपनियों ने इस साल चीनी का उत्पादन 10-15 दिन पहले शुरू करने का फैसला किया है।

अगर सरकार के आंकड़ों पर नजर डालें तो दिल्ली में 1 महीने पहले चीनी का दाम 45 रुपए प्रति किलो था जो अब बढ़कर 49 रुपए प्रति किलो हो गया है। वहीं,पश्चिम बंगाल में 1 महीने पहले इसका दाम 49 रुपए प्रति किलो था जो अब 55 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गया है। चेन्नई में 1 महीने पहले चीनी का दाम 46 रुपए प्रति किलो था जो अब बढ़कर 53 रुपए प्रति किलो हो गया है। मुंबई में 1 महीने पहले चीनी का दाम 46 रुपए प्रति किलो था जो अब बढ़कर 52 रुपए प्रति किलो हो गया है। इसी तरह रांची में 1 महीने पहले चीनी का दाम 47 रुपए प्रति किलो था जो अब बढ़कर 51 रुपए प्रति किलो हो गया है। पिछले एक महीने में चीनी के दाम औसतन 8 फीसदी तक बढ़े हैं। कुछ राज्यों में तो चीनी के दाम में 15 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है।

चीनी की कीमतों को काबू में रखने के लिए सरकार ने स्टॉक लिमिट लगाई है। साथ ही चीनी मिलों के स्टॉक की भी जांच की है। लेकिन एल नीनो और अगले साल चीनी का उत्पादन कम होने की आशंका से दाम लगातार बढ़ रहे हैं।

चीनी कंपनियों मार्जिन में आएगा सुधार

चीनी की कीमतों में बढ़त से उपभोक्ता भले ही परेशान हों लेकिन इससे चीनी मिल कंपनियों को फायदा होगा। चीनी के दाम बढ़ने से बलरामपुर चीनी,द्वारिकेश शुगर,श्री रेणुका शुगर और डालमिया भारत शुगर जैसी कंपनियों के मुनाफे में बढ़ोतरी की उम्मीद है। ऊंचे दाम से उनके मार्जिन सुधर सकते हैं। साथ ही यह सरकार के महत्वाकांक्षी इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम के लिए भी झटका साबित हो सकता है। ऊंची कीमतों की वजह से मिलें इथेनॉल बनाने के बजाय चीनी बेचना ज्यादा फायदेमंद समझ सकती हैं, जिससे देश में इथेनॉल का उत्पादन प्रभावित हो सकता है।

 

 

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‘मैं आपके साथ हूं’, TMC और उद्धव सेना के बागी सांसदों से बोले PM मोदी

संसद के मानसून सत्र के बीच दिल्ली में शुक्रवार की सुबह विपक्ष से अलग होकर NDA के साथ आए सांसदों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नाश्ते पर मुलाकात की। इस मुलाकात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन सांसदों को भरोसा दिलाया कि उन्हें किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। जानकारी के अनुसार, संसद के मानसून सत्र के दौरान बदले राजनीतिक समीकरणों के बीच विपक्ष छोड़कर एनडीए में आए नेताओं के स्वागत के लिए यह बैठक बुलाई गई थी। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे कहा, “आपके बारे में कौन क्या कह रहा है, इसकी चिंता मत कीजिए। घबराने की कोई जरूरत नहीं है, मैं आपके साथ हूं।”

पीएम मोदी की बैठक में क्या हुआ?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस नाश्ता बैठक में करीब 45 सांसद शामिल हुए। इनमें तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) छोड़कर हाल ही में एनसीपीआई में शामिल हुए 20 सांसद, उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना के सात पूर्व सांसद (जिनमें से छह अब एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो चुके हैं), नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के 20 सांसद और अजित पवार गुट की एनसीपी के दो सांसद मौजूद थे। बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल के सांसदों से कहा कि वे लोगों के बीच अपनी मौजूदगी और संपर्क को और मजबूत करें। उन्होंने कहा कि देश की तरक्की के लिए पश्चिम बंगाल का विकास भी बहुत जरूरी है। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में हर सांसद को उनके सोशल मीडिया पर लोगों से जुड़ाव से जुड़ी जानकारी का एक प्रिंटआउट दिया गया। प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों से कहा कि वे सोशल मीडिया के जरिए लोगों से ज्यादा से ज्यादा जुड़ें और अपनी पहुंच बढ़ाएं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि “जब पश्चिम बंगाल आगे बढ़ता है, तो पूरा भारत आगे बढ़ता है।” उन्होंने सांसदों से कहा कि राज्य में विकास के लिए अभी बहुत काम किया जाना बाकी है। उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ पश्चिम बंगाल ही नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर राज्यों के विकास पर भी बराबर ध्यान देना जरूरी है। इसके लिए बेहतर सड़क, रेल और अन्य सुविधाओं के साथ तेज़ विकास पर काम करना होगा। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सभी सांसदों को हर साल अपनी मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बड़े काम करने हैं, इसलिए सभी का स्वस्थ और फिट रहना बहुत जरूरी है।

बैठक के दौरान चाय पर कुछ हल्के-फुल्के और मजेदार पल भी देखने को मिले। जब मेहमानों को माचा चाय परोसी गई, तो बीजेपी सांसद शताब्दी रॉय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसके बारे में बताया और कहा कि यह चाय पश्चिम बंगाल में भी मिलती है। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने फिर कहा कि पश्चिम बंगाल को एक बार फिर देश के विकास की ताकत बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब पहले बंगाल तरक्की करता था, तब पूरे देश को उसका फायदा मिलता था।

बातचीत के बीच माहौल उस समय और हल्का हो गया, जब वरिष्ठ सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने मजाक करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के आसपास कई ऐसे नेता हैं, जो पहले फिल्म और टीवी की दुनिया में काम करते थे और अब राजनीति में हैं। इनमें शताब्दी रॉय, सयोनी घोष, जून मालिया और रचना बनर्जी के नाम शामिल हैं। उन्होंने हंसते हुए कहा कि इन सभी के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए प्रधानमंत्री को भी पूरी तरह फिट रहना होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक के दौरान उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना के पूर्व सांसदों से मराठी में बातचीत की। वहीं, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) छोड़कर आए नेताओं से भी उन्होंने गर्मजोशी से मुलाकात की। इससे इन नेताओं की अयोग्यता की आशंका और अपने चुनाव क्षेत्र के लोगों की नाराज़गी जैसी चिंताएं काफी हद तक कम होती दिखीं। बैठक में इन नेताओं को खास महत्व भी दिया गया। एनसीपीआई की अध्यक्ष और मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) काकोली घोष दस्तीदार, जो कभी ममता बनर्जी की करीबी सहयोगी रही हैं, उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ सबसे आगे की पंक्ति में बैठने की जगह दी गई।

संसद में संख्या बढ़ाने पर बीजेपी का जोर

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) संसद में अपने गठबंधन की ताकत बढ़ाने में जुटी है, ताकि उसे दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत मिल सके। यह बहुमत बड़े संवैधानिक संशोधन पास करने के लिए जरूरी माना जाता है। इनमें परिसीमन और महिला आरक्षण लागू करने जैसे अहम विधेयक भी शामिल हैं। हालांकि, विपक्ष छोड़कर आए ज्यादातर सांसद इस बैठक में शामिल हुए, लेकिन मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद क्षेत्र से एनसीपीआई के तीन सांसद—अबू ताहिर खान, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान—एनडीए की बड़ी बैठक में नहीं पहुंचे। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपने क्षेत्र के मतदाताओं की नाराज़गी और राजनीतिक माहौल को देखते हुए दूरी बनाए रखी। हालांकि, इन सांसदों ने पार्टी नेतृत्व के साथ विकास कार्यों और अन्य मुद्दों पर अलग से चर्चा की।

इन 16 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, ओडिशा-केरल में मूसलाधार बारिश का खतरा! दिल्ली, यूपी और राजस्थान में ऐसा रहेगा मौसम

देशभर में मानसूनी मौसम की गतिविधियों में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के लेटेस्ट मौसम बुलेटिन के मुताबिक देश के अलग अलग क्षेत्रों में बने कई मजबूत चक्रवातीय प्रणालियों और कम दबाव के क्षेत्रों की वजह से देश के कम से कम 16 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी से बहुत भारी और अत्यंत भारी बारिश का संकट मंडरा रहा है। मौसम विभाग ने ओडिशा और उत्तरी केरल के लिए अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी है। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी मूसलाधार बारिश का दौर जारी है।

ओडिशा और गंगातटीय पश्चिम बंगाल में कम दबाव का क्षेत्र, रेड अलर्ट जारी

मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण गंगातटीय पश्चिम बंगाल और उससे सटे बांग्लादेश पर एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है, जो समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला है। इसके असर से अगले 24 घंटों के दौरान गंगातटीय पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के तटीय क्षेत्रों में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की पूरी संभावना है। इसके बाद यह मानसूनी ट्रफ के साथ पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए उत्तर ओडिशा, झारखंड और उत्तरी छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ेगा।

इस मौसमी तंत्र की वजह से पूर्वी भारत में व्यापक बारिश होगी। विशेष रूप से 7 अगस्त को ओडिशा के अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। इसके साथ ही 7 अगस्त को गंगातटीय पश्चिम बंगाल में और 8 अगस्त को ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा झारखंड, बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में भी अगले तीन दिनों तक भारी बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी।

दिल्ली, हरियाणा और यूपी में कम दबाव के क्षेत्र का असर

उत्तर-पश्चिम मध्य भारत में भी मौसमी चक्र काफी सक्रिय है। दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और इसके आसपास के क्षेत्र में एक कम दबाव का क्षेत्र बन चुका है। इससे जुड़ा चक्रवातीय परिसंचरण समुद्र तल से 4.5 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। इसके असर से 7 अगस्त को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के साथ-साथ पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

7 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तथा 9 से 11 अगस्त के दौरान भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 8 से 10 अगस्त के दौरान कई स्थानों पर मूसलाधार बारिश देखने को मिलेगी। दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में 7 और 8 अगस्त को अधिकांश स्थानों पर व्यापक वर्षा दर्ज की जाएगी।

राजस्थान और मध्य भारत का मौसम पूर्वानुमान

राजस्थान और मध्य प्रदेश में मानसूनी बादल जमकर बरस रहे हैं। 7 और 8 अगस्त को पूर्वी राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना ह, जबकि 9 और 10 अगस्त को भी भारी बारिश की स्थिति बनी रहेगी। पश्चिमी राजस्थान में 7 अगस्त को और 11 से 13 अगस्त के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है।

मध्य भारत में पश्चिमी मध्य प्रदेश में 7 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है जबकि 10 और 11 अगस्त को भी तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 7 से 11 अगस्त के दौरान रुक-रुक कर भारी वर्षा होगी, वहीं विदर्भ में 7 अगस्त को भारी बारिश के आसार हैं।

केरल और कर्नाटक में मूसलाधार बारिश: उत्तरी केरल में आफत का अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मानसूनी हवाओं की तीव्रता बेहद खतरनाक स्तर पर है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि 7 अगस्त को उत्तरी केरल में अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा केरल और माहे, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अगले दो दिनों के दौरान पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल और लक्षद्वीप में भी भारी बारिश और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं की चेतावनी दी गई है। 7 से 8 अगस्त के दौरान तटीय और आंतरिक कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप और तेलंगाना में तेज सतह हवाएं चलेंगी।

पहाड़ी राज्यों और पूर्वोत्तर भारत का हाल

पहाड़ी राज्यों में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 7 से 13 अगस्त के दौरान लगभग रोजाना व्यापक बारिश होगी। हिमाचल प्रदेश में 10 और 11 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है जबकि उत्तराखंड में पूरे सप्ताह भारी बारिश और आकाशीय बिजली कड़कने का जोखिम बना रहेगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 8 अगस्त और 11 से 13 अगस्त के बीच मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

पूर्वोत्तर भारत में असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश में पूरे सप्ताह यानी 7 से 13 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश, गरज-चमक और अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

बीते 24 घंटों में हुई मूसलाधार बारिश का ब्योरा

मौसम विभाग के 24 घंटों के आंकड़ों के मुताबिक देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा और केरल में 12 से 20 सेमी तक भारी से बहुत भारी बारिश हुई। वहीं असम, नागालैंड, अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, कोंकण, तटीय कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है।