Disha Patani Meet Disha Patani: फायरिंग की घटना के बाद टाइगर से मिलने पहुंची एक्स गर्लफ्रेंड दिशा पाटनी, पैपराजी को किया इग्नोर

Disha Patani Meet Disha Patani: रविवार को मुंबई के जुहू इलाके में अज्ञात लोगों के गोलीबारी किए जाने के बाद बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ घायल हो गए। इस घटना के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अभिनेता के आवास पर उनसे मिलने पहुंचे। इस मुश्किल समय में उनके साथ रहने के लिए अभिनेत्री दिशा पाटनी भी उनके घर पहुंचीं।

दिशा पाटनी टाइगर श्रॉफ के आवास पर पहुंचीं

पैपराजी द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो में दिशा को टाइगर के घर पहुंचते हुए देखा जा सकता है। वहां पहुंचने पर अभिनेत्री काफी परेशान नजर आ रही थीं। कार से उतरने के बाद उन्होंने पैपराजी की ओर ध्यान नहीं दिया और टाइगर से मिलने के लिए जल्दी से अंदर चली गईं।

टाइगर और दिशा कई सालों तक रिलेशनशिप में रहे हैं। हालांकि दोनों में से किसी ने भी कभी सार्वजनिक रूप से अपने रिश्ते की पुष्टि नहीं की। फिल्म इंडस्ट्री में काम करने के दौरान दोनों एक-दूसरे के करीब आए और 2018 की एक्शन फिल्म ‘बागी 2’ और म्यूजिक वीडियो ‘बेफिक्रा’ में साथ नजर आए। उन्हें अक्सर डिनर डेट, छुट्टियों और बाहर घूमते हुए एक साथ देखा जाता था, जिससे उनके रोमांस को लेकर अटकलें तेज हो गईं। जुलाई 2022 में ऐसी खबरें आईं कि लगभग छह साल तक डेट करने के बाद टाइगर और दिशा अलग हो गए हैं। सूत्रों ने ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ को बताया था कि दोनों उसी साल की शुरुआत में अलग हो गए थे, लेकिन उनके बीच अभी भी अच्छे संबंध हैं।

रविवार को टाइगर जुहू के पुष्पा पार्क स्थित एक क्लब में फुटबॉल खेलकर लौट रहे थे, तभी बाइक पर सवार तीन लोगों ने उनकी कार पर कम से कम पांच राउंड फायरिंग की। इस घटना में टाइगर के ड्राइवर और एक ऑटो-रिक्शा चालक घायल हो गए। ड्राइवर के घायल होने के बाद टाइगर ने खुद गाड़ी की कमान संभाल ली।

नानावटी अस्पताल के सूत्रों ने बताया- “टाइगर के ड्राइवर के बाएं हाथ में गोली लगी है और शायद उन्हें सर्जरी की जरूरत पड़े। अभिनेता को मामूली खरोंचें आईं हैं। जांच के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।” एक फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का दौरा किया, बैलिस्टिक सबूत जुटाए, गाड़ी का मुआयना किया और यह पता लगाने की कोशिश की कि कुल कितने राउंड फायरिंग हुई थी। पुलिस ने हमलावरों की पहचान करने के लिए आसपास की जगहों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले। बाद में इस मामले के सिलसिले में सांताक्रूज से एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया।

गोलीबारी के तुरंत बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो सदस्यों अनिल पंडित और हरमन संधू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करके इस हमले की जिम्मेदारी ली। “हमने उसे (टाइगर श्रॉफ को) फोन करके समझाया था, लेकिन वह नहीं समझा। इसलिए आज हमने उसे अच्छे से समझा दिया है कि मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में जो कोई भी हमारी बात नहीं मानेगा या सलमान खान के साथ काम करेगा, उसका नंबर अगला होगा। इंतजार करें और देखें।

दुनिया बना रही बुद्धि, भारत बनेगा पालतू?

बुद्धि के ब्रह्म ने मानो मशीन में, एआई में अपना निवास बना लिया हो। तभी अब मशीनें मनुष्य से लाखों गुना विशाल दिमाग दिखलाते हुए हैं। हर दिन, हर सप्ताह इतनी खबरें, ऐसी-ऐसी कवर स्टोरीज आ रही हैं कि अब एआई का न ओर है और न छोर। इस सप्ताह पत्रिका द इकोनॉमिस्ट का कवर देखा, यूरेका एआई! यदि विज्ञान की खोजों का जिम्मा मशीनों ने अपने हाथ में ले लिया तो? देख पढ़ने की तुक समझ नहीं आई। लगा पढ़ने की जरूरत ही नहीं है! आखिर मनुष्य यानी पाठक पढ़े भी तो उसमें एआई के असीम को समझने, विचारने का सामर्थ्य कितना है? उसके करने के लिए अब है क्या? बेचारा मनुष्य। जहाँ वह असंख्य दिमागी सीमाओं में बँधा हुआ है, वहीं एआई स्वतंत्र है, स्वच्छंद है, बेफिक्र है और अपने ही पुर्जों, भाषा के अनंत में उड़ता हुआ।

बात केवल लिखने-पढ़ने की ही नहीं है। द इकोनॉमिस्ट की 15 अक्टूबर की कवर स्टोरी के अनुसार, छह अक्टूबर 2026 का दिन गणित के इतिहास का सबसे बड़ा दिन साबित हो सकता है। कैसे? इस दिन अमेरिकी कंपनी ओपनएआई ने एक ही दिन में 719 शोधपत्र जारी किए। दावा किया कि उसके एआई मॉडल ने गणित की कम से कम 372 ऐसी समस्याओं के समाधान खोज लिए हैं जिनमें बड़े-बड़े गणितज्ञ दशकों से उलझे हुए थे। उससे पहले सितंबर में एआई ने तरल पदार्थों की गति से जुड़ी एक ऐसी गणितीय समस्या को महज 88 घंटों में हल करने का दावा किया जिस पर गणितज्ञ एक सदी से माथापच्ची कर रहे थे।

नतीजतन गणितज्ञ हैरान-परेशान हैं। कुछ तो विरोध में उतर आए हैं। आखिर मनुष्य के वर्षों के अध्ययन, चिंतन और शोध का अर्थ क्या बचेगा यदि मशीन चंद घंटों में उत्तर निकाल दे? और वह भी ऐसे उत्तर जिन्हें सही मानने से पहले मनुष्य को समझने में ही महीनों लग जाएँ! ध्यान रहे, ये एआई कंपनियों के घोषित समाधान हैं, जिनकी स्वतंत्र वैज्ञानिक जाँच और पुष्टि अलग प्रश्न है।

पर गणित मात्र एक विषय है। मौसम की भविष्यवाणी, परमाणु संलयन के प्रयोग, नई धातुओं और पदार्थों की खोज, प्रोटीन की संरचना, दवाइयों का निर्माण आदि सभी में तो एआई घुस चुकी है। जीव विज्ञान में भी छलाँगें हैं। मशीनें डीएनए की भाषा पढ़ रही हैं। उसमें फेरबदल सुझा रही हैं। सूखे और गर्मी को झेलने वाली फसलें तैयार करने की कोशिश हो रही है। प्रयोगशालाओं में जीवित कोशिकाओं के कंप्यूटर मॉडल बनाने की तैयारी है। मतलब कल को वैज्ञानिक किसी दवा का असर पहले कंप्यूटर की आभासी कोशिका पर जाँचेंगे। और आगे? बिल्कुल नए जीवों की रचना भी संभव होगी! द इकोनॉमिस्ट ने बताया है कि एआई की मदद से प्राकृतिक वायरसों से अलग सोलह प्रयोगात्मक वायरस बनाए जा चुके हैं, जो बैक्टीरिया पर हमला करते हैं। सोचें, जिस जीव-जगत को समझने में मनुष्य को सदियाँ लगीं, अब उसकी जैविक संरचना में परिवर्तन और नए जीव बनाने की संभावनाएँ मशीनों से लगातार खुल रही हैं और खुलती जाएँगी।

असली बात इससे भी आगे की है। गूगल डीपमाइंड, ओपनएआई और एंथ्रोपिक जैसी कंपनियाँ एआई को केवल वैज्ञानिकों की सहायता करने वाला औजार नहीं बनाए रखना चाहतीं। वे स्वयं वैज्ञानिक खोजों के मैदान में उतर रही हैं। क्यों? इसलिए भी कि विज्ञान की कठिन समस्याएँ हल करते हुए उनके एआई मॉडल और अधिक बुद्धिमान बन सकते हैं। यानी मशीन विज्ञान की समस्याएँ सुलझाएगी, उससे अपनी बुद्धि बढ़ाएगी और फिर उसी बढ़ी हुई बुद्धि से अपने से भी बेहतर मशीन बनाने की कोशिश करेगी।

तब मनुष्य कहाँ होगा? वैज्ञानिक खोज का मालिक, उसका निरीक्षक या मशीन द्वारा निकाले गए निष्कर्षों को समझने में लगा एक विद्यार्थी, शोधकर्ता? द इकोनॉमिस्ट की संपादकीय चिंता यही है कि विज्ञान में मनुष्य की समझ और नियंत्रण बना रहना चाहिए। अन्यथा वह स्थिति भी संभव है जिसमें मशीनें खोजें करती रहें और मनुष्य केवल उनसे पूछता रहे कि अब क्या करना है। पत्रिका ने तो यहाँ तक लिखा है कि ऐसा समाज मनुष्यों को मशीनों के पालतू प्राणियों जैसी स्थिति में पहुँचा सकता है!

इस नई दुनिया का बाजार तेजी से सभी ओर बन रहा है। एआई की बुद्धि अब टोकन के हिसाब से बिक रही है। जिस तरह कभी अनाज, नमक या पशुओं से मूल्य का हिसाब होता था, वैसे अब मशीन की भाषा पढ़ने, लिखने और सोचने की कीमत टोकन में तय हो रही है। एक कंपनी का एआई दूसरी कंपनी से चालीस गुना सस्ता हो सकता है। सस्ते और महँगे एआई मॉडलों के बीच ग्राहक को चुनाव कराने वाली ओपनराउटर जैसी कंपनी को खरीदने के लिए भुगतान कंपनी स्ट्राइप ने कथित तौर पर 7.5 अरब डॉलर का सौदा किया है।

यानी बुद्धि का नया बाजार! किस काम के लिए सस्ती मशीन का दिमाग लगाना है और किस काम के लिए महँगी मशीन का, यह कारोबार का नया हिसाब, नया मॉडल है। जाहिर है औद्योगिक उत्पादनों, सेवाओं में जैसे सस्ते विकल्प देकर बाजार पर कब्जा करता है वैसे ही एआई बाजार में भी चीन की डीपसीक जैसी कंपनियाँ सस्ते एआई मॉडल बेचकर अमेरिकी कंपनियों को चुनौती दे रही हैं।

और अब जरा कल्पना करें, दिमाग में भारत पर सोचें तो क्या मिलेगा? खाली खोखा! दुनिया में जब अमेरिका और चीन की कंपनियाँ मशीनों से गणित की अनसुलझी समस्याएँ हल कराने, नई दवाएँ और जीव बनाने तथा एआई से एआई की बुद्धि बढ़ाने में लगी हैं, तब भारत इस वैज्ञानिक क्रांति में कहाँ खड़ा है? बकौल विश्व बौद्धिक संपदा संगठन के ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स 2026 के, भारत इनोवेशन में 139 अर्थव्यवस्थाओं की लिस्ट में 38वें स्थान पर है। स्विट्जरलैंड पहले, स्वीडन दूसरे, अमेरिका तीसरे, दक्षिण कोरिया चौथे और सिंगापुर पाँचवें स्थान पर हैं। चीन दसवें स्थान पर पहुँच चुका है।

मतलब दुनिया में नवाचार की दौड़ का हिसाब देखें तो भारत अभी पहले तीस देशों में भी नहीं है। जबकि भारत दुनिया की सबसे बड़ी आबादी और अर्थव्यवस्थाओं में एक है। उसके नौजवान वैश्विक तकनीकी कंपनियों में काम कर रहे हैं। कहने को भारत सूचना प्रौद्योगिकी सेवाओं के निर्यात में दुनिया में पहले स्थान पर है। ऐसे ही विकसित चरण के स्टार्टअप उद्यमों में वेंचर कैपिटल सौदों के मामले में चौथे स्थान पर है। नवाचार से प्राप्त परिणामों में 25वें स्थान पर है। लेकिन मार कहाँ खा रहा है? नवाचार के लिए आबोहवा याकि जरूरी संसाधनों और व्यवस्थाओं में 49वें स्थान पर होने के कारण! मतलब दुनिया की तकनीक को चलाने, उसके लिए सेवाएँ देने और उसका बाजार बनने के जुगाड़ों में भारत आगे है, लेकिन मौलिक वैज्ञानिक अनुसंधान और नई तकनीक बनाने की बुनियादी क्षमता में पीछे।

जबकि चीन की छलाँगें क्या हैं? वह सॉफ्टवेयर और मोबाइल एप्लीकेशन से आगे सेमीकंडक्टर, उन्नत विनिर्माण और गहन वैज्ञानिक अनुसंधान की दुनिया में अपनी ताकत बढ़ा रहा है। द इकोनॉमिस्ट के अनुसार, अमेरिका में गहन विज्ञान और भौतिक तकनीक पर आधारित 12,752 स्टार्टअप हैं। चीन में ऐसी कंपनियों की संख्या 2025 में 3,466 हो गई। पाँच वर्षों में दोगुने से अधिक! और ये कंपनियाँ केवल मोबाइल एप्लीकेशन बनाने या ऑनलाइन सामान बेचने वाली नहीं हैं। ये भौतिक दुनिया की नई तकनीकों पर काम करने वाली कंपनियाँ हैं।

यानी चीन की तैयारी उस दुनिया के लिए है जिसमें मशीनें विज्ञान की खोज करेंगी और उनसे नई मशीनें, नई दवाएँ, नए पदार्थ और नई उत्पादन प्रणालियाँ बनेंगी। तब सवाल है कि भारत क्या करेगा? दुनिया की तकनीक का सेवा प्रदाता और उपभोक्ता बना रहेगा? या अपनी खोज, अपने आविष्कार और अपनी वैज्ञानिक क्षमता से उस दुनिया के निर्माण में भी हिस्सा लेगा?

सवाल केवल विज्ञान की प्रयोगशालाओं का नहीं है। मनुष्य के जीवन का भी है। आखिर विज्ञान, तकनीक, नवाचार और आर्थिक विकास किसलिए हैं? नागरिक के बेहतर जीवन के लिए ही न? पर भारत और भारत के नागरिक याकि भीड़ बेहतर जीवन की जिद कहाँ करते हैं? लोगों की जिंदगी खैराती बनने, प्रदूषणों, झुग्गी झोपड़ियों, कॉकरोचपने में ही विकसित भारत के सपनों की है। कोई आश्चर्य नहीं कि 2026 में भारत का एक भी शहर दुनिया के सौ सबसे रहने योग्य शहरों में नहीं है! इकोनॉमिस्ट इंटेलिजेंस यूनिट की 173 शहरों की ग्लोबल लिवेबिलिटी रैंकिंग में नई दिल्ली 120वें, मुंबई 121वें, चेन्नई 123वें और बेंगलुरु 127वें स्थान पर हैं। दुनिया में कोपेनहेगन पहले, वियना दूसरे और मेलबर्न तीसरे स्थान पर हैं।

भारत की राजधानी दिल्ली को स्वास्थ्य सेवाओं में महज 41.7 और संस्कृति तथा पर्यावरण में 35.4 अंक मिले। सोचें, देश की राजधानी की यह स्थिति! और वह भी तब जब दिल्ली में चमचमाते एयरपोर्ट हैं, मेट्रो है, एक्सप्रेसवे हैं, गगनचुंबी इमारतें हैं। खरबों रुपये निर्माण पर खर्च हुए हैं। बावजूद इसके नागरिक के लिए साफ हवा, अच्छी स्वास्थ्य सेवाएँ, सुरक्षित परिवेश और सुविधाजनक रोजमर्रा का जीवन उपलब्ध कराना चुनौती है। जबकि चीन के सभी सर्वेक्षित शहरों में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लगातार दर्ज होता हुआ है।

तो तस्वीर में एक मशीनें मनुष्य से आगे निकलने की तैयारी में हैं, वहीं दूसरी तरफ भारत में मनुष्य अभी रहने योग्य शहर की बुनियादी सुविधाओं के लिए भी तरस रहा है। वहाँ चिंता है कि एआई कहीं विज्ञान पर अधिकार न कर ले। यहाँ चिंता है कि प्रदूषण से साँस कैसे बचे, बीमारी में अस्पताल कैसा मिले, सड़क पर चलना कितना सुरक्षित हो और रोजमर्रा की जिंदगी कैसे कटे। दुनिया की वैज्ञानिक छलाँग और भारत के नागरिक की वास्तविकता का अंतर दिन-रात का है! कुछ भी हो सारे विकास की कसौटी तो अंततः मनुष्य जीवन के अपने बदलाव ही तो हैं!

और घूम फिर कर सवाल बुद्धि (मनुष्य की) पर लौटता है। अब तक मनुष्य स्वयं ज्ञान अर्जित करता था। उसे समझने, परखने, उस पर संदेह करने और आगे बढ़ाने में पीढ़ियाँ खपती थीं। अब मशीनें ज्ञान के ऐसे परिणाम सामने रख सकती हैं जिन तक पहुँचने का रास्ता स्वयं वैज्ञानिकों को समझ न आए। तब ज्ञान बढ़ेगा, लेकिन क्या मनुष्य की समझ उसी अनुपात में बढ़ेगी? खासकर भारत जैसे देशों में? दुनिया निश्चित ही आगे अधिक बुद्धिमान मशीनों और उन पर अधिक निर्भर मनुष्यों की बनेगी। उसके जो स्वामी मनुष्य होंगे, मालिक होंगे वे क्या हैसियत इसलिए हुए होंगे, इसकी कल्पना ही दहलाने वाली है!

वंदे भारत समेत 5 ट्रेनों में रेलवे का बड़ा बदलाव, AI से होगी सफाई की निगरानी

ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों के लिए रेलवे की ओर से अच्छी खबर है। रेलवे ने सफाई और यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए 5 सुपरफास्ट ट्रेनों में नई तकनीक आधारित व्यवस्था शुरू की है। इसमें 2 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें भी शामिल हैं। इस पहल के तहत सफाई की निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस AI का इस्तेमाल किया जाएगा। साथ ही, यात्रियों की शिकायतों का समाधान 2 घंटे में निकाला जाएगा।

इन 5 ट्रेनों में शुरू हुई नई व्यवस्था

नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (NFR) ने इस पहल के तहत इन ट्रेनों को शामिल किया है।

  • कामाख्या-एसएमवीटी बेंगलुरु एक्सप्रेस
  • गुवाहाटी-कोलकाता गरीब रथ एक्सप्रेस
  • डिब्रूगढ़-मुंबई एलटीटी एक्सप्रेस
  • न्यू जलपाईगुड़ी-पटना वंदे भारत एक्सप्रेस
  • न्यू जलपाईगुड़ी-गुवाहाटी वंदे भारत एक्सप्रेस

AI तकनीक से चमकेंगे ट्रेन के कोच और टॉयलेट

इस नई तकनीक में AI आधारित सफाई जांच के साथ ऑनलाइन चेकिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके जरिए ट्रेनों में साफ-सफाई के स्तर का आकलन भी किया जाएगा। कोच की खिड़कियों की नियमित सफाई, शौचालयों के रखरखाव और कचरे के उचित प्रबंधन पर भी ध्यान दिया जाएगा। यात्रियों को समय पर चादर और अन्य सामान उपलब्ध कराने के साथ उन्हें वापस लेने की व्यवस्था भी बेहतर की जाएगी।

अब 2 घंटे में सुलझेंगी रेल यात्रियों की परेशानियां

ट्रेनों में यात्रियों की मदद के लिए विशेष टीमें तैनात रहेंगी। ये टीमें पानी की उपलब्धता पर नजर रखने, छोटी तकनीकी समस्याओं में सहायता देने और यात्रियों की शिकायतों पर कार्रवाई करने का काम करेंगी। रेलवे ने शिकायतों के समाधान के लिए 2 घंटे का लक्ष्य तय किया है। जो समस्याएं इस समय में हल नहीं हो पाएंगी, उन्हें आगे संबंधित रेलवे अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा।

ऑनलाइन सिस्टम से बढ़ेगा स्टाफ पर कंट्रोल

इस पहल में जियो-टैगिंग के जरिए सेवाओं की जांच, कर्मचारियों की निगरानी और केंद्रीकृत निगरानी प्रणाली को भी शामिल किया गया है। यात्रियों से मिलने वाली वास्तविक समय प्रतिक्रिया और स्टार रेटिंग के आधार पर भी सेवाओं का आकलन किया जाएगा।

रेलवे का मकसद इन नई तकनीकों से ट्रेनों में सफाई को बेहतर करना और यात्रियों की शिकायतों पर जल्दी से जल्दी काम करना है।

Tiger Shroff Firing Case: टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग करने वाले दो संदिग्धों की तस्वीर आई सामने, पुलिस ने जब्त की हमले में इस्तेमाल हुई बाइक

Tiger Shroff Firing Case: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़ी गोलीबारी की घटना में शामिल हमलावरों की पहली तस्वीर सामने आई है। रविवार शाम मुंबई के जुहू इलाके में हुई इस घटना के बाद, जांचकर्ता हमलावरों की गतिविधियों का पता लगाने में जुटे हैं। घटनास्थल के पास ली गई इस तस्वीर में दो व्यक्ति सफेद शर्ट पहने दिखाई दे रहे हैं, जिनमें से एक ने ‘प्यूमा’ (Puma) लोगो वाली काली टोपी पहनी हुई है। पुलिस इन दोनों की पहचान करने की कोशिश कर रही है, लेकिन अभी तक इनके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं मिल पाई है।

इस बीच, पुलिस ने हमले में इस्तेमाल किए गए दोपहिया वाहन को जब्त कर लिया है, जिसे आरोपी भागने से पहले अंधेरी रेलवे स्टेशन पर छोड़ गए थे।

CCTV खंगालने में जुटी मुंबई पुलिस

शुरुआती जांच से पता चला है कि यह वाहन मुंबई में रजिस्टर्ड है। जांचकर्ता इसके इतिहास का पता लगाने के लिए इसके रजिस्ट्रेशन विवरण, नंबर प्लेट, और चेसिस व इंजन नंबरों की जांच कर रहे हैं। वहीं, गोलीबारी के बाद आरोपी कहां गए और किस रास्ते से फरार हुए, इसका पता लगाने के लिए भी पुलिस CCTV फुटेज खंगाल रही है।

अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, दोनों हमलावरों के साथ एक तीसरा साथी भी था, जो मोटरसाइकिल से मौके पर पहुंचा था।

वीडियो में दिखे तीन हमलावर, एक ने चलाईं कई गोलियां

घटनास्थल के वीडियो में एक हमलावर कई राउंड गोलियां चलाता दिखाई दे रहा है। वहीं, दूसरा भी गोली चलाने की कोशिश करता नजर आ रहा है। हालांकि, वीडियो से यह साफ नहीं है कि उसकी बंदूक से गोली चली थी या नहीं। इस दौरान तीसरा साथी मोटरसाइकिल पर इंतजार करता दिख रहा है, ताकि वारदात के बाद तीनों वहां से जल्दी फरार हो सकें।

इसके बाद फुटेज में तीनों आदमी मोटरसाइकिल पर भागते हुए और हमले के बाद मौके से गायब होते हुए दिखाई देते हैं।

बता दें कि यह घटना तब हुई जब 36 वर्षीय अभिनेता टाइगर श्रॉफ एक फुटबॉल मैच खेलने के बाद वहां से निकल रहे थे। फिलहाल, लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है और बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के साथ काम करने वालों को नई धमकियां दी हैं।

हमले में ड्राइवर और ऑटो चालक घायल

गौरतलब है कि इस हमले में टाइगर तो सुरक्षित बच गए, लेकिन उनके ड्राइवर फिरदौस और चौहान नाम के एक ऑटो-रिक्शा चालक घायल हो गए।

बता दें कि जब गाड़ी पर हमला हुआ था उस दौरान उनका ड्राइवर घायल हो गया, जिसके बाद टाइगर ने उसे पीछे बैठाकर गाड़ी चलाकर खुद अस्पताल ले गए।

फिलहाल, पुलिस ने इस मामले में शामिल लोगों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए 15 टीमें बनाई हैं, जिनमें मुंबई क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस के जवान शामिल हैं। जांचकर्ता इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं, जबकि एक फोरेंसिक टीम ने बैलिस्टिक सबूत जुटाए हैं और गाड़ी की जांच की है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कुल कितनी गोलियां चलाई गईं।

सीएम देवेंद्र फडणवीस ने पुलिस को जांच में तेजी लाने के दिए निर्देश

घटना के बाद, गृह विभाग संभाल रहे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई पुलिस कमिश्नर देवेन भारती और श्रॉफ से बात की। उन्होंने पुलिस को जांच में तेजी लाने और आरोपियों को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया, साथ ही अभिनेता को भरोसा दिलाया कि उन्हें जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।

वहीं हमले के कुछ ही समय बाद, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अभिनेता से उनके घर पर मिलने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बताया कि श्रॉफ के दाहिने हाथ पर गनपाउडर से जलने के निशान हैं।

मीडिया से बात करे हुए, शिंदे ने इस घटना को गंभीर बताया और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का संकल्प लिया। उन्होंने चेतावनी दी कि मुंबई में किसी भी गिरोह या व्यक्ति को गैंगवार फिर से शुरू करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

यह भी पढ़ें: जुहू में फायरिंग के दौरान बारूद से झुलसा टाइगर श्रॉफ का हाथ, एकनाथ शिंदे ने दिया सख्त कार्रवाई का भरोसा

एक्टर टाइगर श्रॉप पर फायरिंग

मुंबई। फिल्म अभिनेता टाइगर श्रॉफ के ऊपर रविवार की शाम को फायरिंग हुई। हमलावरों ने पांच राउंड गोलियां चलाईं। हालांकि टाइगर श्रॉप को गोली नहीं लगी, लेकिन अंधाधुंध फायरिंग में उनका ड्राइवर और एक ऑटो रिक्शा चालक घायल हो गया। लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। लॉरेंस गैंग के एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पोस्ट लिख कर हमले की जिम्मेदारी ली है और कहा है कि जो भी सलमान खान के साथ काम करेगा उसके साथ ऐसा ही होगा। टाइगर श्रॉफ मशहूर फिल्म स्टार जैकी श्रॉफ के बेटे हैं।

बहरहाल, पुलिस के मुताबिक बाइक सवारों ने जुहू में टाइगर श्रॉफ के ऊपर पांच राउंड फायरिंग की। बताया जा रहा है कि, टाइगर फुटबॉल खेलकर कार से लौट रहे थे। जब वह जुहू के पुष्पा पार्क के पास पहुंचे तो उन्हें देखने के लिए भीड़ जमा हो गई। तभी एक बाइक पर सवार तीन लोग वहां पहुंचे। हमलावरों ने बिना किसी कहासुनी के अचानक टाइगर की गाड़ी पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। टाइगर के ड्राइवर और पास में मौजूद एक ऑटो रिक्शा चालक को गोली लगी है।

हमले के बाद एक सोशल मीडिया पोस्ट सामने आई है, जिसमें लॉरेंस गैंग के अनिल पंडित ने फायरिंग की जिम्मेदारी ली। इसमें लिखा कि सलमान खान के साथ काम करने वाले का यही अंजाम होगा। अनिल पंडित के साथ हरमन संधू ने फायरिंग की जिम्मेदारी ली है। अनिल पंडित ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा है, ‘हमने इसे समझाया था, इसको समझ नहीं आया। आज हमने इसको सही से समझा दिया है। मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में जो हमारी बात नहीं सुनेगा, या सलमान के साथ काम करेगा, अगला नंबर उसी का होगा’।

गौरतलब है कि लॉरेंस गैंग ने काला हिरन मामले की वजह से सलमान खान को भी धमकी दे रखी है। दो साल पहले अक्टूबर 2024 में बाबा सिद्दीकी की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। वे भी सलमान के करीबी थे। लॉरेंस गैंग ने ही उस कांड की भी जिम्मेदारी ली थी। बहरहाल, रविवार को टाइगर श्रॉप पर हमले के बाद पुलिस ने इलाके को सील कर दिया है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि हमलावरों की बाइक का नंबर और उनकी पहचान की जा सके। पुलिस चश्मदीदों के बयान दर्ज कर रही है।

जुहू में फायरिंग के दौरान बारूद से झुलसा टाइगर श्रॉफ का हाथ, एकनाथ शिंदे ने दिया सख्त कार्रवाई का भरोसा

Tiger Shroff Attack: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को अभिनेता टाइगर श्रॉफ से उनके घर पर मुलाकात की। उन्होंने बताया कि मुंबई के जुहू इलाके में गोलीबारी की घटना के दौरान टाइगर श्रॉफ के दाहिने हाथ पर बारूद से जलने के निशान आए हैं। हालांकि, उन्होंने इस घटना को गंभीर बताया है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है। शिंदे ने चेतावनी दी कि मुंबई में किसी भी गैंग या व्यक्ति को फिर से गैंगवार शुरू करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

डिप्टी सीएम ने बताया कि रविवार शाम को एक फुटबॉल मैच खेलने के बाद जब टाइगर श्रॉफ अपनी BMW कार से निकल रहे थे, तो उन पर पांच राउंड फायरिंग की गई। हालांकि, अभिनेता को गोली नहीं लगी, लेकिन इस घटना में उनके ड्राइवर फिरदौस और एक ऑटो-रिक्शा चालक घायल हो गए।

वहीं टाइगर से मिलने के बाद, शिंदे ने बताया कि अभिनेता के दाहिने हाथ में चोट आई है, जो फायरिंग के दौरान बारूद से जल गया था। उन्होंने आगे कहा कि अभिनेता का परिवार और उनकी मां अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने बताया कि उनकी किसी से कोई लड़ाई या दुश्मनी नहीं है।

डिप्टी सीएम ने टाइगर श्रॉफ के परिवार को दिलाया भरोसा

शिंदे ने कहा, “मैं अभी उनसे मिला और बात की। उनके दाहिने हाथ में चोट आई है। बारूद की वजह से उनका हाथ जल गया है।” उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र सरकार उनके साथ खड़ी है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार और पुलिस इस मामले को प्राथमिकता देगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि धमकियों का सामना कर रहे मशहूर हस्तियों की सुरक्षा उतनी ही महत्वपूर्ण है, जितनी कि आम जनता की।

उन्होंने कहा, “मुंबई में किसी भी गिरोह या व्यक्ति को डराने-धमकाने या गुंडागर्दी करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना को गंभीरता से लिया है।

एकनाथ शिंदे की मशहूर हस्तियों से अपील

शिंदे ने मशहूर हस्तियों से यह भी अपील की कि अगर उन्हें धमकी भरे कॉल आते हैं, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगी।

उन्होंने कहा, “मैं बस इतना ही कहूंगा कि जिस तरह 1990 के दशक में गैंगवार को खत्म कर दिया गया था, उसी तरह हम उन्हें मुंबई में वापस नहीं आने देंगे।”

टाइगर श्रॉफ पर गोलीबारी की घटना के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई पुलिस कमिश्नर देवेन भारती और अभिनेता से बात की। फडणवीस ने पुलिस कमिश्नर से घटना की पूरी जानकारी ली और हमलावरों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का निर्देश दिया। उन्होंने जांच में तेजी लाने और इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को भी कहा।

हमले के पीछे बाइक सवार हमलावर

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, तीन लोग एक मोटरसाइकिल पर आए थे। इनमें से दो ने कथित तौर पर फायरिंग की, जबकि तीसरा व्यक्ति बाइक पर ही इंतजार कर रहा था ताकि वे आसानी से भाग सकें। घटना के बाद सामने आए एक वीडियो में हमलावरों में से एक कई राउंड फायरिंग करता दिख रहा है, जबकि दूसरा भी गोली चलाने की कोशिश करता नजर आ रहा है। इसके बाद संदिग्धों को मोटरसाइकिल पर भागते हुए देखा गया।

एक चश्मदीद ने बताया कि फायरिंग से करीब आधा घंटा पहले इन संदिग्धों को एक वड़ा पाव स्टॉल के पास देखा गया था। चश्मदीद के अनुसार, दो लोगों ने फायरिंग की, जबकि तीसरा व्यक्ति उन्हें वहां से भगाने में मदद कर रहा था। बताया जा रहा है कि संदिग्ध एक पुरानी पल्सर मोटरसाइकिल पर सवार थे।

चश्मदीद के मुताबिक, गोलियां चलते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हमलावरों ने BMW कार की उस तरफ निशाना लगाकर गोलियां चलाईं, जहां टाइगर श्रॉफ के ड्राइवर बैठे थे। चश्मदीद ने यह भी दावा किया कि ड्राइवर के घायल होने के बाद उसे पिछली सीट पर बैठाया गया और फिर टाइगर खुद कार चलाकर उसे अस्पताल ले गए।

एक अन्य चश्मदीद ने बताया कि गोलीबारी के समय टाइगर श्रॉफ ड्राइवर के बगल वाली आगे की सीट पर बैठे थे। हालांकि, चश्मदीदों के इन दावों की पुलिस जांच के बाद ही पुष्टि हो सकेगी।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली हमले की जिम्मेदारी

इस बीच, विदेश में रहने वाले बताए जा रहे गैंगस्टर अनिल पंडित और हरमन संधू के नाम से सोशल मीडिया पर एक पोस्ट सामने आई है। इस पोस्ट में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया है।

फिलहाल, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हमलावरों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने की कोशिश की जा रही है। इस सिलसिले में पुलिस ने पूछताछ के लिए एक व्यक्ति को हिरासत में भी लिया है।

यह भी पढ़ें: Tiger Shroff : एक्टर टाइगर श्रॉफ पर हमला, 3 लोगों ने की फायरिंग, लॉरेंस बिश्‍नोई गैंग ने ली जिम्‍मेदारी

Gold Price Today: महानवमी पर सोने में गिरावट, दिल्ली से लेकर चेन्नई तक इतना रह गया भाव

देश में सोने की कीमत और नीचे आ गई है। 19 अक्टूबर को महानवमी की सुबह राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 147800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है। मुंबई में भाव 147650 रुपये प्रति 10 ग्राम है। बीते सप्ताह अलग-अलग शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 3760 रुपये तक ​फिसली। वहीं 22 कैरेट गोल्ड 3450 रुपये तक सस्ता हुआ।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,165.12 डॉलर प्रति औंस पर है। बीते सप्ताह सोने का वैश्विक भाव ​0.7 प्रतिशत कमजोर हुआ। सोने और चांदी की देश के अंदर कीमतें डोमेस्टिक फैक्टर्स के साथ-साथ ग्लोबल फैक्टर्स से भी प्रभावित होती हैं।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमत: दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 147800 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 135490 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 135340 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 147650 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 147650 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 135340 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 147650 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 135340 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली135490147800
मुंबई135340147650
अहमदाबाद135390147700
चेन्नई135340147650
कोलकाता135340147650
हैदराबाद135340147650
जयपुर135490147800
भोपाल135390147700
लखनऊ135490147800
चंडीगढ़135490147800

DA Hike: दीवाली से पहले केंद्रीय कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले! जानिए कितनी बढ़कर आएगी आपकी अक्टूबर की सैलरी?

चांदी की कीमत

दूसरी कीमती धातु चांदी में भी गिरावट दिख रही है। 19 अक्टूबर की सुबह चांदी 229900 रुपये प्रति किलोग्राम पर है। बीते सप्ताह चांदी का भाव 10000 रुपये नीचे आया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 57.05 डॉलर प्रति औंस है। इस साल जनवरी में देश के अंदर चांदी की कीमत 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गई थी।

Tiger Shroff Firing: एक्टर टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग का पहला वीडियो आया सामने, गोलियों की आवाज से मायानगरी में मची अफरा-तफरी

Tiger Shroff Firing: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाकर की गई कथित फायरिंग की घटना से जुड़ा पहला वीडियो सामने आया है। मुंबई के जुहू इलाके में हुई इस फायरिंग के वीडियो में गोली चलने की आवाजें सुनाई देने और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल दिखाई दे रहा है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बाइक सवार अज्ञात हमलावरों ने टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर गोलियां चलाई थीं। सामने आए वीडियो में टोपी पहने दो संदिग्ध टाइगर श्रॉफ की ओर फायरिंग करते नजर आ रहे हैं। एक आरोपी ने सामने से, जबकि दूसरे ने भीड़ के बीच से गोली चलाई। वारदात के बाद दोनों फरार हो गए, जिनमें से एक मोटरसाइकिल के जरिए मौके से भाग निकला। इस घटना में अभिनेता को कोई चोट नहीं आई। जबकि उनके ड्राइवर और एक ऑटो रिक्शा चालक के घायल होने की खबर है।

वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की जांच में अब हमलावरों की पहचान करने और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने के लिए सीसीटीवी फुटेज अहम भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि, मामले में हमलावरों की पहचान और फायरिंग के पीछे की वजह की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट के अनुसार, लॉरेंस बिश्नोई गिरोह ने हमले की जिम्मेदारी ली है।

मौके पर मची अफरा-तफरी

सामने आए कथित वीडियो में फायरिंग के दौरान का तनावपूर्ण माहौल दिखाई देता है। फुटेज में गोलियों की आवाजें सुनाई देने का दावा किया गया है। घटना के दौरान लोग अचानक हुई गोलीबारी से घबराते नजर आते हैं और मौके पर अफरा-तफरी मच जाती है। वीडियो के एक हिस्से में एक व्यक्ति को ‘टाइगर भाई’ कहते हुए भी सुना जा सकता है। इस फुटेज को जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे हमलावरों की गतिविधियों और घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोगों की प्रतिक्रिया को समझने में मदद मिल सकती है।

हमले के बाद एक्टर ने खुद दौड़ाई कार

एक वायरल वीडियो में ड्राइवर को चोट लगने के बाद टाइगर खुद कार चलाते हुए दिखाई दे रहे हैं। वारदात के ठीक बाद टाइगर ने बहुत सूझबूझ दिखाई। गोलीबारी की घटना के बाद वह खुद कार से बाहर नहीं निकले, बल्कि अंदर ही ड्राइवर सीट बदल ली। वह जानते थे कि कार के बाहर अभी खतरा हो सकता है, इसलिए यही जगह उन्हें सबसे सुरक्षित दिखी।

जुहू के पुष्पा पार्क के पास हुई थी फायरिंग

जानकारी के मुताबिक, रविवार शाम मुंबई के जुहू इलाके में पुष्पा पार्क के पास यह घटना हुई। आरोप है कि बाइक पर आए अज्ञात लोगों ने टाइगर श्रॉफ की गाड़ी को निशाना बनाकर फायरिंग की।

घटना के समय टाइगर श्रॉफ सुरक्षित थे। हालांकि, उनके ड्राइवर और एक ऑटो रिक्शा चालक के घायल होने की सूचना सामने आई है।

घायलों की स्थिति को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। फायरिंग की सूचना मिलने के बाद मुंबई पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस की कई टीमें हमलावरों की पहचान करने, उनके आने-जाने के रास्ते का पता लगाने और वारदात के पीछे की वजह समझने में जुटी हैं। घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से कथित ऑडियो वायरल

फायरिंग की घटना के बाद एक कथित ऑडियो संदेश भी सामने आया। इस मैसेज में अनिल पंडित नाम से अपनी पहचान बताने वाले एक व्यक्ति और हरमन संधू ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग की ओर से घटना की जिम्मेदारी लेने का दावा किया। संदेश में सलमान खान से जुड़े फिल्म उद्योग के लोगों को भी धमकी दिए जाने की बात कही गई है।

हालांकि, इस ऑडियो की प्रामाणिकता और फायरिंग में कथित गैंग की भूमिका की पुलिस की ओर से स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि फायरिंग के पीछे व्यक्तिगत रंजिश, धमकी या कोई अन्य वजह थी। कथित ऑडियो और घटना के बीच संबंध स्थापित करने के लिए भी जांच जरूरी है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुलिस कमिश्नर से की बात

घटना के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई पुलिस कमिश्नर देवेन भारती से बातचीत की। उन्होंने मामले की गहन जांच करने और वारदात के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ जल्द कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी टाइगर श्रॉफ और उनके परिवार से मुलाकात। उन्होंने कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया और अभिनेता को सुरक्षा का आश्वासन दिया।

ये भी पढ़ें- Tiger Shroff : एक्टर टाइगर श्रॉफ पर हमला, 3 लोगों ने की फायरिंग, लॉरेंस बिश्‍नोई गैंग ने ली जिम्‍मेदारी

अब हमलावरों की पहचान पर पुलिस की नजर

फायरिंग का कथित वीडियो सामने आने के बाद पुलिस के लिए हमलावरों की पहचान करना जांच का प्रमुख हिस्सा बन गया है। सीसीटीवी फुटेज, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य और दूसरे तकनीकी इनपुट के आधार पर वारदात की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। फिलहाल सबसे अहम सवाल यही हैं कि हमलावर कौन थे, उन्होंने टाइगर श्रॉफ की गाड़ी को ही निशाना क्यों बनाया और क्या इस घटना का कथित धमकी भरे ऑडियो से कोई संबंध है। इन सवालों के जवाब पुलिस जांच के बाद ही सामने आ पाएंगे।

Petrol Diesel Price Today: 19 अक्टूबर को पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी, जानें अपने शहर का भाव

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 19 अक्टूबर 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Tiger Shroff : एक्टर टाइगर श्रॉफ पर हमला, 3 लोगों ने की फायरिंग

मुंबई के जुहू इलाके में अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर तीन लोगों द्वारा गोली चलाए जाने की खबर सामने आई है। मुंबई पुलिस के मुताबिक, इस मामले की जानकारी जुहू पुलिस स्टेशन में दी गई है। राहत की बात यह है कि टाइगर श्रॉफ पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें कोई गोली नहीं लगी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़ी अन्य जानकारियां जुटाई जा रही हैं।