जंतर-मंतर पर ही क्यों होता है प्रदर्शन? कब और कैसे मिलती है प्रोटेस्ट की मंजूरी? नियमों के साथ जानिए कल का लेटेस्ट अपडेट

Delhi Jantar Mantar Protest Rules Explained: कल 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन होने वाला है। इस प्रदर्शन का ऐलान ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) और देश के तमाम छात्र संगठनों ने किया है। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित किया जा रहा है। इससे पहले दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर को ही इस प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। पुलिस ने अनुमति न देने के पीछे आवेदन देने में हुई देरी और पुराने प्रदर्शनों के दौरान नियमों के उल्लंघन की वजह बताई है।

अनुमति खारिज होने के बावजूद राजधानी में समर्थकों की भारी भीड़ जुटने की आशंका है। इसे देखते हुए प्रशासन ने पूरी दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। ऐसे में आइए आसान भाषा में समझते हैं कि जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने के क्या नियम हैं और पुलिस का इस पर क्या कहना है।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की शुरुआत कैसे हुई?

1980 के दशक के उत्तरार्ध से पहले दिल्ली में इंडिया गेट के पास बॉट क्लब किसी भी प्रदर्शन का मुख्य ठिकाना हुआ करता था। उस समय किसानों के एक विशाल आंदोलन के कारण बॉट क्लब के आसपास का पूरा इलाका ठप हो गया था। इसके बाद सरकार को प्रदर्शन का स्थान बदलना पड़ा। साल 1993 में जंतर-मंतर को प्रदर्शनों के लिए नए स्थान के रूप में चुना गया। तब से लोग अपनी मांगें उठाने और सरकार से सवाल पूछने के लिए यहां जुटते आए हैं।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने के क्या नियम हैं?

दिल्ली पुलिस के नए दिशानिर्देशों के अनुसार, प्रदर्शन की इजाजत के लिए कम से कम 10 दिन पहले डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP, नई दिल्ली जिला) को आवेदन देना होता है। जंतर-मंतर पर एक समय में अधिकतम 1,000 लोग ही प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं।

साथ ही आयोजकों को भीड़ प्रबंधन, सार्वजनिक सुरक्षा और शांति बनाए रखने की शर्तों का पालन करना अनिवार्य है। सेंट्रल विस्टा, इंडिया गेट और इसके आसपास के लॉन पूरी तरह प्रतिबंधित क्षेत्र हैं। यहां प्रदर्शन की अनुमति नहीं है।

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अगर 1,000 से ज्यादा लोग हों, तो कहां होगा प्रदर्शन?

अगर प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों की संख्या 1,000 से अधिक और 50,000 तक है, तो इसके लिए रामलीला मैदान तय किया गया है। भीड़ अगर 50,000 से भी अधिक होती है, तो प्रदर्शन केवल बुराड़ी के मैदान में ही आयोजित किया जा सकता है।

दिल्ली पुलिस ने अनुमति क्यों नहीं दी?

नई दिल्ली रेंज की जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस नूपुर प्रसाद ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्थिति साफ की। उन्होंने बताया कि CJP ने प्रदर्शन के लिए 7 अक्टूबर को आवेदन किया था, जो कार्यक्रम से सिर्फ 3 दिन पहले मिला। नियमों के अनुसार आवेदन कम से कम 10 दिन पहले मिलना चाहिए था। इसके अलावा, संगठन द्वारा पिछले प्रदर्शनों में नियमों का उल्लंघन भी किया गया था। इसी कारण सुरक्षा और समय सीमा के नियमों के तहत इस प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई।

क्या है आज की स्थिति? ट्रेन और मेट्रो को लेकर ये आदेश जारी

10 अक्टूबर, शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन और सुरक्षा स्थिति को देखते हुए राजधानी में कड़े प्रशासनिक आदेश लागू किए गए हैं। रेलवे बोर्ड के आदेशानुसार, शनिवार सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पहुंचने वाली कई प्रमुख मेल, एक्सप्रेस व लोकल ट्रेनों को उनके शुरुआती स्टेशनों से ही रद्द कर दिया गया है।

दिल्ली पुलिस के निर्देश पर DMRC ने 9 अक्टूबर रात 9 बजे से राजीव चौक, कश्मीरी गेट, नई दिल्ली और केंद्रीय सचिवालय सहित करीब 57 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश व निकास गेट बंद रखने और ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी घटाने का फैसला किया है।

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Jantar Mantar Protest Delhi Band: शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर पुलिस ने दिल्ली को किले में तब्दील कर दिया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और उपद्रव रोकने के लिए चप्पे-चप्पे पर अर्धसैनिक बलों की तैनाती के साथ-साथ अभेद्य नाकेबंदी की गई है। इस कड़े पहरे का सीधा असर आम जनता की जिंदगी पर पड़ने वाला है, क्योंकि मेट्रो के 57 प्रमुख स्टेशनों के एंट्री-एग्जिट गेट बंद करने, दिल्ली आने वाली कई ट्रेनों को निरस्त करने से लेकर शहर भर में शराब की दुकानों पर पूरी तरह ताला लटका दिया गया है।

अगर आप शनिवार, 10 अक्टूबर को अपने घर से बाहर निकलने, दफ्तर जाने या सफर की योजना बना रहे हैं, तो अलर्ट हो जाइए। सड़कों पर ट्रैफिक के भारी जाम से लेकर मेट्रो के बंद दरवाजे और ट्रेनों का बदला शेड्यूल आपकी मुसीबत बढ़ा सकता है। यात्रा पर निकलने से पहले जानिए कल दिल्ली में कौन-कौन सी जरूरी सेवाएं ठप रहेंगी और प्रशासन ने क्या-क्या पाबंदियां लागू की हैं।

1. शराब की दुकानें पूरी तरह बंद

कानून-व्यवस्था और सुरक्षा कारणों से दिल्ली सरकार के आबकारी विभाग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। 9 अक्टूबर और 10 अक्टूबर को दिल्ली में सभी खुदरा शराब की दुकानें पूरी तरह से बंद रहेंगी। इसके पीछे की वजह संवेदनशील इलाकों में शांति व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी प्रकार के हुड़दंग को रोकना है।

2. दिल्ली मेट्रो के 57 स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट बंद

दिल्ली पुलिस के जॉइंट कमिश्नर द्वारा दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) को जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, 9 अक्टूबर रात 9:00 बजे से लेकर 10 अक्टूबर को स्थिति सामान्य होने तक दिल्ली के 57 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश/निकास गेट बंद किए जा सकते हैं और ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी कम की जा सकती है। प्रभावित मुख्य मेट्रो स्टेशन ये है:

सेंट्रल दिल्ली व राजीव चौक लाइन: जनपथ, पटेल चौक, सेंट्रल सेक्रेटरीएट, लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, नई दिल्ली, सेवा तीर्थ (उद्योग भवन), मंडी हाउस, बाराखम्भा रोड, आईटीओ, दिल्ली गेट, खान मार्केट, आर.के. आश्रम मार्ग, झंडेवालान, शिवाजी स्टेडियम।

अन्य प्रमुख स्टेशन: सुप्रीम कोर्ट, कश्मीरी गेट, राजीव चौक, चांदनी चौक, विश्वविद्यालय, सिविल लाइन्स, जामा मस्जिद, करोल बाग, लाजपत नगर, एम्स, आईएनए, वसंत कुंज, साकेत, और बाहरी स्टेशनों में जहांगीरपुरी, सीलमपुर, वेलकम, शाहदरा, रिठाला, रोहिणी ईस्ट/वेस्ट आदि शामिल हैं।

3. नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशन आने वाली कई ट्रेनें रद्द

रेलवे बोर्ड के कोचिंग निदेशालय द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, 10 अक्टूबर को सुबह 4:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे के बीच नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पहुंचने वाली सभी मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों को उनके शुरुआती स्टेशनों से ही रद्द कर दिया गया है। यह नियम 9 अक्टूबर दोपहर 2:00 बजे के बाद अपने शुरुआती स्टेशनों से रवाना होने वाली ट्रेनों पर लागू है।

4. जंतर-मंतर और सेंट्रल दिल्ली में आवाजाही पर प्रतिबंध

पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों को किले में तब्दील कर दिया है। कहीं भी विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है। जंतर-मंतर, लुटियंस दिल्ली और संसद मार्ग से सटे सभी रास्तों पर दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों की भारी तैनाती की गई है। आम जनता के लिए इन इलाकों में आवाजाही प्रतिबंधित की गई है।

पटना की 40 साल पुरानी बहादुरपुर हाउसिंग कॉलोनी बनेगी 18 मंजिला हाईटेक टाउनशिप, फ्लैट बनने तक किराया भी मिलेगा

राजधानी पटना के बहादुरपुर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहने वाले लोगों के लिए आने वाले दिनों में तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है। चार दशक से ज्यादा पुरानी जर्जर इमारतों की जगह अब ऊंची-ऊंची गगनचुम्बी इमारतें नजर आएंगी। सिर्फ मकान ही नहीं बदलेंगे, बल्कि पूरी कॉलोनी का रूप ही बदलने की तैयारी है। यहां आधुनिक टाउनशिप विकसित की जाएगी, जहां रहने के साथ खरीदारी, इलाज, पढ़ाई और रोजमर्रा की जरूरतों की सुविधाएं भी परिसर के भीतर मिलेंगी।

बहादुरपुर सेक्टर-6 स्थित बिहार राज्य आवास बोर्ड की पुरानी कॉलोनी का स्व-वित्तपोषित पुनर्विकास किया जाएगा। इसके लिए नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन (एनबीसीसी) के साथ समझौता ज्ञापन किया जाएगा। मंत्रिपरिषद ने इस संबंध में आवास बोर्ड को एनबीसीसी के साथ एमओयू करने और योजना से जुड़े जरूरी फैसले लेने के लिए अधिकृत कर दिया है।

जर्जर फ्लैटों की जगह बनेंगे 18 मंजिला टावर

बहादुरपुर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में बने एलआईजी और एमआईजी फ्लैट 40 साल से ज्यादा पुराने हैं। समय के साथ इनकी हालत जर्जर हो चुकी है और कॉलोनी के कई हिस्सों में अतिक्रमण की समस्या भी सामने आई है। एलआईजी पार्क के आस पास भी स्थिति बेहद खराब है। पार्क के चारों तरफ जर्जर घर और पूरे सड़क पर अतिक्रमण दिखाई देता है। बिल्डिंग के बाहर भी छोटे छोटे घर बने हुए हैं। पूरे इलाके में बिल्डिंग तो कई मंजिला हैं लेकिन बेहद जर्जर स्थि में है। बाहर से लेकर अंदर तक ऐसी ही स्थिति है।

इस योजना के तहत पुराने बिल्डिंग के ढांचे को तोड़कर उसी जगह नई और हुमंजिला इमारतें बनाई जाएंगी। पयह टावर 18 मंजिल तक होने की योजना है। यानी जहां अभी पुरानी और जर्जर इमारतें दिखाई देती हैं, वहां आने वाले समय में आधुनिक आवासीय परिसर नजर आएगा।

नया घर बनने तक कहां रहेंगे पुराने लोग?

पुनर्विकास के दौरान सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि मौजूदा निवासी कहां रहेंगे। योजना में इसका भी प्रावधान किया गया है।

मिली जानकारी के मुताबिक नए फ्लैट तैयार होने तक वर्तमान में रह रहे वैध आवास धारकों को बाहर रहने के लिए तय किराया भत्ता दिया जाएगा। परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना है, ताकि निर्माण के दौरान लोगों को कम से कम परेशानी हो।

जब नए टावर बनकर तैयार हो जाएंगे, तो पुराने आवंटियों को प्राथमिकता के आधार पर फ्लैट दिए जाएंगे। इसके बाद जो फ्लैट बचेंगे, उन्हें आम लोगों के लिए खुले बाजार में बेचा जाएगा। फिलहाल यह प्रोजेक्ट शुरुआती स्टेज में है। धीरे धीरे कई दूसरे जानकारी भी सामने आयेंगे।

सिर्फ फ्लैट नहीं, पूरी टाउनशिप होगी

इस परियोजना की खास बात यह होगी कि यहां केवल घर बनाकर कॉलोनी को छोड़ने की योजना नहीं है। इसे इंटीग्रेटेड टाउनशिप की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। परिसर में स्कूल, अस्पताल, मैरिज हॉल, बैंक और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है। रोजमर्रा की जरूरतों के लिए रिटेल मार्केट, एटीएम और क्लिनिक भी परिसर के अंदर उपलब्ध होंगे।

पार्क से जिम और सोलर सिस्टम तक

नई टाउनशिप में आधुनिक सुविधाओं पर भी जोर दिया जाएगा। मल्टीलेवल पार्किंग, सोलर एनर्जी सिस्टम, 24 घंटे जलापूर्ति और आधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट जैसी व्यवस्थाएं प्रस्तावित हैं। लोगों के लिए वॉकवे, ग्रीन पार्क, कम्युनिटी सेंटर और जिम जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। यानी पुरानी कॉलोनी की जगह ऐसा परिसर तैयार करने की योजना है, जहां आवास के साथ जीवनशैली से जुड़ी कई सुविधाएं एक ही जगह मिल सकें।

भूतनाथ रोड मेट्रो स्टेशन के पास होगी नई टाउनशिप

कनेक्टिविटी के लिहाज से भी यह परियोजना महत्वपूर्ण होगी। प्रस्तावित परिसर भूतनाथ रोड मेट्रो स्टेशन के करीब है। ऐसे में मेट्रो के जरिए शहर के दूसरे हिस्सों तक पहुंच आसान होगी। इसके अलावा, यह इलाका बायपास से भी बेहद नजदीक है। राजेन्द्रनगर टर्मिनल से भी दूरी अधिक नहीं है।

सेक्टर 5 में 8.5 एकड़ जमीन पर भी परियोजना

बहादुरपुर में सिर्फ सेक्टर 6 की पुरानी कॉलोनी ही नहीं, बल्कि सेक्टर-5 में टीवी टावर के पास आवास बोर्ड की करीब 8.5 एकड़ जमीन पर भी स्व-वित्तपोषित परियोजना विकसित करने का रास्ता साफ हुआ है। इस परियोजना के लिए भी एनबीसीसी के साथ एमओयू किया जाएगा। मंत्रिपरिषद ने योजना जुड़े आवश्यक निर्णय लेने के लिए बिहार राज्य आवास बोर्ड को अधिकृत किया है। इस योजना को लेकर वहां के लोगों में भी खुशी है। स्थानीय अरुण सिन्हा ने बताया कि अगर सरकार इस तरह की प्लानिंग कर रही है तो यह हमारे लिए अच्छी खबर है. मौजूदा बिल्डिंग बाहर से लेकर अंदर तक जर्जर हो चुका है। हमेशा खतरा बना रहता है।

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दिल्ली पुलिस नहीं रोक सकी प्रदर्शन

नई दिल्ली। जंतर मंतर पर पिछली बार हुए प्रदर्शन से सबक लेकर इस बार दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के भरपूर प्रयास किए। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शन के लिए इकट्ठा हुए। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग करते हुए हजारों की संख्या में लोग नई दिल्ली में अलग अलग जगहों पर जमा हुए। पुलिस ने लोगों को जंतर मंतर पर पहुंचने से रोकने के लिए कई किलोमीटर पहले से रास्ते बंद कर दिए थे और 11 मेट्रो स्टेशन भी बंद कर दिए थे। फिर भी देर शाम तक हजारों लोग कनॉट प्लेस और आसपास के इलाके में जमा रहे। कई जगह पुलिस के साथ लोगों की झड़प हुई और कई जगह जम कर बवाल हुआ।

शुक्रवार की सुबह से ही जंतर मंतर के आसपास हजारों की संख्या में पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात थे। सुबह सबसे पहले आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज और पार्टी के विधायक संजीव झा पहुंचे थे। पुलिस ने उनको तत्काल हिरासत में लेकर बस में बैठाया और वहां से हटा दिया। आप की नेता व पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी, सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और आईसा की नेता नेहा बोरा को भी पुलिस ने हिरासत में लेकर वहां से हटाया। पुलिस ने करीब सात सौ लोगों को हिरासत में लिया। सबको जबरदस्ती बसों में भर कर जंतर मंतर से हटाया गया।

पुलिस ने इस प्रदर्शन को रोकने के लिए जंतर मंतर से पांच किलोमीटर दूर कर रास्ते बंद किए थे। लोगों को लोधी रोड पर रोका जा रहा था तो तीन मूर्ति के पास भी रास्ता बंद कर दिया गया था। सेंट्रल दिल्ली के आसपास के सारे मेट्रो स्टेशन बंद थे। कनॉट प्लेस से लेकर पटेल चौक, जीपीओ, टॉल्स्टॉय मार्ग, जंतर मंतर रोड, संसद मार्ग और आसपास की सड़कों पर ट्रैफिक बंद कर दिया गया था।

गौरतलब है कि 30 सितंबर को विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ ब्लॉक के नेताओं की बैठक हुई थी, जिसमें दो से आठ अक्टूबर तक चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन का फैसला हुआ था। शुक्रवार को गांधी जयंती के मौके पर युवाओं, छात्रों और अलग अलग समूहों के लोगों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसमें एसआईआर के जरिए वोट काटने से लेकर रोजगार की समस्या तक का मुद्दा उठाया गया। पुलिस ने हालांकि इस प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी थी। तब भी देर शाम तक हजारों नौजवान कनॉट प्लेस और आसपास के इलाके में जमा रहे।

इस प्रदर्शन में आम आदमी पार्टी और वामपंथी दलों के अलावा सीपीआई माले के छात्र संगठन आइसा, सीपीएम के छात्र संगठन एसएफआई और कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई के सदस्य शामिल हुए। इसके अलावा कई और सामाजिक समूहों के लोग प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। प्रदर्शन में लोगों की मुख्य मांग मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की थी। गौरतलब है कि एसआईआर में अब तक 13 करोड़ से ज्यादा नाम कट चुके हैं। राजनीतिक दल इसे चुनौती दे रहे हैं।

‘CM विजय को गले लगाना है…’ जंतर-मंतर सड़क पर लेटी महिला की अनोखी मांग, Video वायरल

दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान एक महिला का अलग अंदाज देखने को मिला। सोशल मीडिया पर महिला का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में महिला प्रदर्शन स्थल से हटने से इनकार कर दिया। महिला ने कहा कि वह एक्टर और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय से मिलकर उन्हें गले लगाना चाहती है। महिला की इस बात को लेकर मौके पर कुछ देर तक लोगों के बीच चर्चा होती रही। सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

क्या है पूरा मामला

सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में एक महिला सड़क पर लेटी नजर आ रही है। वीडियो में दो महिला पुलिसकर्मी उस महिला के पास जाती नजर आती हैं और उसे वहां से उठाने की कोशिश करती हैं। लेकिन महिला वहां से हटने को तैयार नहीं होती। जब एक पुलिसकर्मी उसे उठाने की कोशिश करती हे महिला तुरंत विरोध करते हुए कहती है, “मुझे मत छुओ।” जब उससे इसकी वजह पूछी जाती है, तो वह कहती है कि वह एक्टर और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय थलपति से मिलना चाहती है और उन्हें गले लगाना चाहती है। इसके बाद महिला पुलिसकर्मी उसे वहां से अपने साथ ले जाती हैं।

चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग

शुक्रवार को दिल्ली के जंतर-मंतर के आसपास विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में राजनीतिक दलों और छात्र संगठनों के लोग जुटे। प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई गई। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सुरक्षा बढ़ाई और कई लोगों को हिरासत में भी लिया। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर सवाल उठाए। आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में वोटरों के नाम हटाए गए हैं।

प्रदर्शन में आम आदमी पार्टी के नेताओं के साथ AISA, SFI, NSUI और दूसरे छात्र संगठन भी शामिल हुए। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। सुरक्षा के मद्देनजर जंतर-मंतर व आसपास के इलाकों में सख्त पाबंदियां लागू की गई थीं।

मेट्रो स्टेशन को किया गया बंद

शुक्रवार को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने 700 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया। इनमें आम आदमी पार्टी के नेता आतिशी, सौरभ भारद्वाज, संजीव झा और संजय सिंह भी शामिल थे। प्रदर्शन को देखते हुए मध्य दिल्ली में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में बैरिकेडिंग की गई और कई मेट्रो स्टेशनों पर कुछ समय के लिए आने-जाने पर रोक लगाई गई।

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10 किमी लंबा कॉरिडोर, 9 लूप्स के साथ अब मयूर विहार-नोएडा से AIIMS अब सिर्फ 15 मिनट में! बारापुला फेज-3 की फुल डिटेल

Barapullah Phase-3 elevated Corridor: दिल्लीवासी बारापुला फेज III एलिवेटेड कॉरिडोर का लंबा इंतजार आखिरकार पूरा हो गया है। इस एलिवेटेड कॉरिडोर की मदद से मयूर विहार-नोएडा से एम्स की दूरी 45 मिनट से घटकर मात्र 15 मिनट रह जाएगी। यह फ्लाईओवर पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली को न सिर्फ पास लाएगा, बल्कि दिल्लीवासियों को ट्रैफिक के जंजाल से राहत भी देगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को बारापुला फेज-III एलिवेटेड कॉरिडोर का उद्घाटन किया।

शाह ने मुकरबा चौक अंडरपास का भी उद्घाटन किया और मोदी मिल-सावित्री सिनेमा फ्लाईओवर और लोनी अंडरपास का शिलान्यास किया। इन चार इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर कुल मिलाकर 1,941 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस मौके पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि नीति, नियोजन और कार्यान्वयन के स्तर पर केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच बेहतर तालमेल से शहर में बुनियादी विकास को नई गति मिल रही है।

उन्होंने कहा, “आज समर्पित प्रोजेक्ट्स सिर्फ सड़कें, फ्लाईओवर और अंडरपास नहीं हैं, बल्कि लाखों दिल्लीवासियों का समय बचाने, कनेक्टिविटी सुधारने, यात्रा को आसान बनाने और उनकी जीवन की क्वालिटी बढ़ाने से जुड़ी जरूरी सुविधाएं हैं।”

बारापुला फेज-III कॉरिडोर मयूर विहार फेज-I या नोएडा से सराय काले खां होते हुए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) तक सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी देगा। साथ ही, इससे मुख्य रूट्स पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। इसे मौजूदा बारापुला नेटवर्क से जोड़ा गया है और इसमें अलग-अलग दिशाओं में ट्रैफिक के आने-जाने के लिए नौ लूप हैं। पीडब्लूडी मंत्री परवेश वर्मा ने कहा कि पैदल चलने वालों और साइकिल चलाने वालों के लिए अलग-अलग सुविधाएं बनाई गई हैं।

इस प्रोजेक्ट में लगभग एक दशक की देरी हो गई थी, लेकिन पिछले साल विभाग का कार्यभार संभालने के बाद वर्मा ने इसे नए सिरे से आगे बढ़ाया। मुकरबा चौक अंडरपास, जिसका मंगलवार को उद्घाटन हुआ, आउटर रिंग रोड पर यातायात को बेहतर बनाने के लिए बनाया गया है। इसमें दो गाड़ियों के अंडरपास और एक पैदल चलने वालों के अंडरपास हैं और इससे हर दिन लगभग 15,800 गाड़ियों का आना-जाना आसान होने की उम्मीद है।

इस अंडरपास से बादली और रोहिणी से आजादपुर और जहांगीरपुरी की ओर जाने वाला ट्रैफिक मुकरबा चौक इंटरचेंज में घुसे बिना ही इस रास्ते से जा सकेगा। हैदरपुर बादली मोड़ मेट्रो स्टेशन के पास पैदल चलने वालों और नॉन-मोटराइज्ड ट्रैफिक के लिए एक अलग अंडरपास भी बनाया गया है। साउथ दिल्ली के सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा, “सरकार का मकसद दिल्ली के बुनियादी ढांचे को इस तरह से विकसित करना है जिससे लोगों का रोजाना आना-जाना सीधे तौर पर बेहतर हो, समय बचे और यात्रा अधिक आसान हो।”

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दिल्ली में महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स को मिलेंगे 1300 पिंक इलेक्ट्रिक ऑटो! जानिए इसकी एलिजिबिलिटी और सारे नियम

दिल्ली सरकार ने महिलाओं और ट्रांसजेंडर लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए DURGA ई-ऑटो स्कीम को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत पिंक इलेक्ट्रिक ऑटो दिए जाएंगे, ताकि लोगों को कमाई का एक साधन मिल सके। इसके साथ ही दिल्ली में साफ-सुथरे व सुरक्षित यातायात को भी बढ़ावा मिले। इस योजना के लिए उम्र, आय और दस्तावेजों से जुड़ी कुछ जरूरी शर्तें भी तय की गई हैं।

इस योजना में 1,170 ई-ऑटो महिलाओं और 130 ई-ऑटो ट्रांसजेंडर लोगों के लिए रखे गए हैं। योजना के तहत मिलने वाले ई-ऑटो पर तीन साल का लॉक-इन पीरियड रहेगा। जिसमें लाभार्थी वाहन को बेच या किसी दूसरे व्यक्ति के नाम ट्रांसफर नहीं कर सकेंगे। इन ऑटो पर खास DURGA ब्रांडिंग और पहचान के निशान भी होंगे, जिससे यात्री इन्हें आसानी से पहचान सकेंगे।

आवेदन के लिए जरूरी शर्तें क्या हैं?

1. उम्र और निवासः आवेदक की उम्र 20 से 40 साल के बीच होनी चाहिए और वो दिल्ली का वोटर होना चाहिए।

2. लाइसेंस: वैध LMV ड्राइविंग लाइसेंस और PSV (Public Service Vehicle) बैज होना जरूरी है।

3. आय सीमाः महिला आवेदक के परिवार की सालाना आय 5 लाख रुपये (FY 2025-26) से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

4. ये लोग नहीं कर सकते अप्लाईः अगर आपके या आपके परिवार के नाम पर पहले से कोई थ्री-व्हीलर या कमर्शियल ट्रांसपोर्ट वाहन है, तो आप पात्र नहीं हैं। 3 से ज्यादा बच्चों वाली महिलाएं भी इस स्कीम में अप्लाई नहीं कर सकतीं।

5. कौन ले सकता है योजना का लाभ: इस योजना का लाभ पात्र महिलाएं और ट्रांसजेंडर लोग ले सकते हैं।

6. ट्रांसजेंडर के लिए: ऊपर की सभी शर्तों के साथ DM ऑफिस से जारी ट्रांसजेंडर सर्टिफिकेट देना अनिवार्य होगा।

आवेदन की प्रक्रिया क्या है और कैसे मिलेगा फायदा?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस स्कीम से सिर्फ ऑटो चलाने में ही नहीं, बल्कि बैटरी स्वैपिंग, सर्विसिंग और चार्जिंग स्टेशन पर भी रोजगार के हजारों मौके बन सकते हैं। ई-ऑटो से पैसेंजर को मेट्रो स्टेशन और दूसरे स्थानों से उनके डेस्टिनेशन तक पहुंचने में आसानी होगी। इससे महिलाओं और ट्रांसजेंडर लोगों के लिए कमाई के नए रास्ते खुलने के साथ दिल्ली में ई-व्हीकल के इस्तेमाल को भी बढ़ावा मिल सकता है। एलिजिबल लोग सरकार की ओर से पोर्टल शुरू होने के बाद ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।

दिल्ली में मेट्रो स्टेशन के लिए 6 MMI प्लान, मां आनंदमयी मार्ग एलिवेटेड रोड और मुकरबा चौक प्रोजेक्ट मंजूर, इनकी डिटेल जानिए

दिल्ली के उप-राज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू की अध्यक्षता में आज यूनिफाइड ट्रैफिक एंड ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर (प्लानिंग एंड इंजीनियरिंग) सेंटर (UTTIPEC) की 70वीं गवर्निंग बॉडी की बैठक हुई। इस दौरान, DMRC के छह MMI प्रोजेक्ट्स और PWD, GNCTD के दो सड़क प्रोजेक्ट्स पर चर्चा की गई और उन्हें मंजूरी दी गई।

बता दें कि बैठक में DDA, GNCTD, केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, DMRC, PWD, MCD, NDMC, भारतीय रेलवे, NCRTC और अन्य संबंधित एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

इन 6 मेट्रो स्टेशनों के MMI प्लान को मिली मंजूरी

बैठक में मंजूर किए गए छह मल्टी-मॉडल इंटीग्रेशन (MMI) प्लान में येलो लाइन पर GTB नगर मेट्रो स्टेशन, वायलेट लाइन पर सरिता विहार मेट्रो स्टेशन, ब्लू लाइन पर अक्षरधाम मेट्रो स्टेशन, रेड लाइन पर रोहिणी वेस्ट मेट्रो स्टेशन/डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल मेट्रो स्टेशन, येलो लाइन पर मालवीय नगर मेट्रो स्टेशन और रेड लाइन पर शास्त्री पार्क मेट्रो स्टेशन शामिल हैं।

300 मीटर के दायरे में सुधरेगी कनेक्टिविटी

MMI प्लान के तहत मेट्रो जैसे मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम स्टेशन के आसपास करीब 300 मीटर के क्षेत्र को कवर किया जाता है। इन प्लान का मकसद मेट्रो और RRTS जैसे ट्रांजिट स्टेशनों तक लोगों की पहुंच आसान बनाना और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को बेहतर करना है। इसके अलावा पैदल चलने की सुविधा, पैदल यात्रियों की सुरक्षा और यात्रियों के लिए जरूरी दूसरी सुविधाओं को भी बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जाता है। बता दें कि DMRC ने दिल्ली में फेज-1 और फेज-2 के मेट्रो कॉरिडोर के 31 स्टेशनों के लिए MMI प्लान तैयार किए थे। इन छह प्लान को मंजूरी मिलने के साथ ही अब UTTIPEC ने सभी 31 MMI प्लान को मंजूरी दे दी है।

दक्षिणी दिल्ली में बनेगा 5.5 किमी लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर

बैठक में मां आनंदमयी मार्ग पर आउटर रिंग रोड से महरौली-बदरपुर रोड तक प्रस्तावित छह लेन वाले एलिवेटेड कॉरिडोर को भी मंजूरी दी गई। इसके साथ ही ओखला एस्टेट मार्ग पर क्राउन प्लाजा चौराहे के पास एक अंडरपास और गोलचक्कर (राउंडअबाउट) बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है। दक्षिणी दिल्ली में बनने वाले इस एलिवेटेड कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 5.5 किलोमीटर होगी। यह कॉरिडोर आउटर रिंग रोड को महरौली-बदरपुर रोड से जोड़ेगा।

मां आनंदमयी मार्ग पर जाम से मिलेगी राहत

प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर, मां आनंदमयी मार्ग पर लगभग 12 चौराहों को बायपास करेगा। इसका मकसद ओखला फेज-1 और फेज-2 इंडस्ट्रियल एरिया से आने वाले मिले-जुले ट्रैफिक की वजह से होने वाली भीड़ को कम करना है। क्राउन प्लाजा चौराहे पर प्रस्तावित अंडरपास और गोलचक्कर से ओखला एस्टेट मार्ग पर गाड़ियों की भीड़ कम करने में और मदद मिलेगी। जमीन के स्तर पर ट्रैफिक कम होने से, इस प्रोजेक्ट के तहत मां आनंदमयी मार्ग पर पैदल चलने वालों और बिना मोटर वाले वाहनों के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर की सुविधा भी मिलेगी।

मुकरबा चौक पर जाम कम करने के लिए बड़ा प्रोजेक्ट

बैठक में मंजूर किया गया दूसरा रोड प्रोजेक्ट उत्तर-पश्चिम दिल्ली में मुकरबा चौक पर भीड़ कम करने से जुड़ा है। इस प्रोजेक्ट में आउटर रिंग रोड पर मौजूद रोड ओवर ब्रिज (ROB) को छह लेन से बढ़ाकर 10 लेन का करना हैं। इसके अलावा, दिल्ली-सोनीपत रेल लाइन के ऊपर जहांगीरपुरी इंडस्ट्रियल एरिया को संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर से जोड़ने के लिए चार लेन का नया ROB बनाया जाएगा।

मौजूदा ROB को चौड़ा करने का मकसद मुकरबा चौक और मधुबन चौक के बीच आउटर रिंग रोड से सफर करने वाले लोगों को ट्रैफिक जाम से राहत दिलाना है। वहीं, जहांगीरपुरी इंडस्ट्रियल एरिया को संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर से जोड़ने वाली प्रस्तावित नई सड़क से मुकरबा चौक से गुजरने वाले वाहनों की संख्या में करीब 20 फीसदी तक कमी आने की उम्मीद है। इन प्रोजेक्ट्स से मुकरबा चौक के पास NH-44 पर भी ट्रैफिक जाम कम करने में मदद मिलेगी।

इन प्रोजेक्ट्स से दिल्ली में सफर होगा आसान और सुरक्षित

बैठक में मंजूर किए गए इन सभी प्रोजेक्ट्स से मेट्रो स्टेशनों तक कनेक्टिविटी बेहतर होगी, पैदल चलने वालों के लिए आखिरी मील तक पहुंचना आसान और सुरक्षित होगा, और दिल्ली के कुछ अहम ट्रैफिक पॉइंट्स पर जाम कम होगा। सड़क से जुड़े इन उपायों से आने-जाने वालों के लिए सफर आसान होने की उम्मीद है, जबकि MMI प्लान पब्लिक ट्रांसपोर्ट और आसपास के इलाकों के बीच कनेक्शन को मजबूत करेंगे। कुल मिलाकर, ये उपाय दिल्ली के लोगों के लिए रोजाना के सफर को ज्यादा कुशल, सुरक्षित और बेहतर कनेक्टिविटी वाला बनाने में मदद करेंगे।

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Delhi DTC Bus Strike: ड्राइवर और कंडक्टरों की हड़ताल से दिल्ली का छूटा पसीना, राहत देने को दिल्ली मेट्रो ने बढ़ाया ऑपरेशन

Delhi DTC Bus Strike: ज्यादा वेतन, काम के बेहतर हालात और सामाजिक सुरक्षा सहूलियतों की मांग कर रहे डीटीसी बस ड्राइवरों और कंडक्टरों की हड़ताल आज तीसरे दिन यानी गुरुवार को भी जारी रहने की आशंका है। इससे दिल्ली की सार्वजनिक यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। बड़ी संख्या में डीटीसी बसों के सड़कों से नदारद होने की वजह से, यात्रियों को ट्रांसपोर्ट के दूसरे तरीकों पर निर्भर रहना पड़ा।

डीटीसी कर्मचारी एकता यूनियन के मुताबिक, डीटीसी बसें चलाने वाले ड्राइवर और कंडक्टर को अभी राज्य सरकार द्वारा तय की गई न्यूनतम सैलरी 862 रुपये रोजाना मिलती है। अपने बयान में, यूनियन ने सवाल उठाया कि दिल्ली जैसे घनी आबादी वाले शहर में बड़ी बसें चलाने वाले लाइसेंस वाले और क्वालिफाइड ड्राइवरों और कंडक्टरों को क्या हर दिन Rs 862 देना “बंधुआ मजदूरी” के बराबर नहीं है।

डीटीसी की हड़ताल से मेट्रो में बढ़ी भीड़

कई रूट पर डीटीसी बसें न होने की वजह से, यात्रियों ने दिल्ली मेट्रो और ट्रांसपोर्ट के दूसरे तरीकों का सहारा लिया। कई मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ देखी गई। बढ़ती मांग के कारण आने-जाने के पीक घंटों में प्लेटफॉर्म और ट्रेनों में भीड़ हो गई। यात्रियों की बढ़ती संख्या को मैनेज करने के लिए, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने बुधवार को और सर्विस शुरू करने की घोषणा की।

आठ और ट्रेनें चला रहा है डीएमआरसी

डीएमआरसी ने डीटीसी बस हड़ताल से प्रभावित और यात्रियों को ठहराने के लिए बड़े इंतज़ाम किए हैं। कॉर्पोरेशन ने अपने नेटवर्क पर 20 और ट्रेन ट्रिप बढ़ा दिए, जिसमें जरूरत के हिसाब से दिन में आठ और ट्रेनें चलाई गईं। X पर एक पोस्ट में, डीएमआरसी ने कहा कि अतिरिक्त व्यवस्था गुरुवार को भी जारी रहेगी।

स्कूल बस सर्विस में रुकावट

हड़ताल का असर दिल्ली में स्कूल ट्रांसपोर्ट सर्विस पर भी पड़ा। कई अभिभावकों ने बस की उपलबधता और इंतजाम को लेकर कन्फ्यूजन बताया। सरदार पटेल विद्यालय ने पेरेंट्स को बताया कि हड़ताल की वजह से कुछ इलाकों में उसकी स्कूल बसों का ऑपरेशनल स्टेटस अभी भी पक्का नहीं है। एक मैसेज में, स्कूल ने कहा कि उसने वापसी यात्रा के लिए दूसरे ट्रांसपोर्टेशन का इंतजाम किया है। साथ ही पेरेंट्स को सलाह दी कि सर्विस सामान्य होने तक वे अपडेट के लिए अपनी ‘बस दीदी’ के संपर्क में रहें। डीटीसी ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए अपने फ्लीट की बढ़ती डिमांड का हवाला देते हुए 2023 शैक्षणिक सत्र से दिल्ली के स्कूलों को बसें देना बंद कर दिया है। इससे पहले, कॉर्पोरेशन बच्चों को लाने-ले जाने के लिए स्कूलों को 350 से ज्यादा बसें दे रहा था।

गुरुवार को भी हड़ताल जारी रहने का अनुमान

डीटीसी ड्राइवरों की हड़ताल गुरुवार को भी जारी रहने की आशंका है, जिससे यात्रियों और स्कूलों को और दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इस बीच डीएमआरसी डीएमआरसी ने यात्रियों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए और ट्रेन सर्विस की घोषणा की है।

डेढ़ साल से नहीं बढ़ा महंगाई भत्ता

यूनियन के प्रेसिडेंट, ललित चौधरी ने कहा कि नियमों के तहत हर छह महीने में रिवाइज होने वाला महंगाई भत्ता पिछले डेढ़ साल से नहीं बढ़ाया गया है। उन्होंने आगे कहा कि हर पांच साल में मिलने वाला बेसिक इंक्रीमेंट आखिरी बार 2019 में लागू किया गया था और 2024 से पेंडिंग है।

क्या हैं डीटीसी ड्राइवर और कंडक्टर की मांगें?

  • एक जैसे काम के लिए कम से कम Rs 2,000 की दिहाड़ी।
  • सभी सरकारी छुट्टियों का पेमेंट।
  • सालाना बोनस।
  • सोशल सिक्योरिटी बेनिफिट्स, जिसमें मेडिकल स्कीम भी शामिल है।
  • वेतन में बदलाव और काम करने के बेहतर हालात।

लगभग 12,000 और ड्राइवर-कंडक्टर हड़ताल से जुड़े

दिल्ली में लगभग 6,840 DTC बसें हैं। चौधरी का अनुमान है कि बुधवार को लगभग 12,000 ड्राइवर और कंडक्टर हड़ताल में शामिल हुए। विरोध कर रहे कर्मचारी, जिनमें से कई नई इलेक्ट्रिक बसें चलाते हैं, मेडिकल सुविधाओं और ओवरटाइम पेमेंट की भी मांग कर रहे हैं।

ट्रांसपोर्ट मंत्री ने पंकज सिंह ने की हड़ताल खत्म करने की अपील

दिल्ली के ट्रांसपोर्ट मंत्री पंकज सिंह ने कहा कि सरकार ने डीटीसी इलेक्ट्रिक बसों को मैनेज करने वाले प्राइवेट कंसेशनेयर को ड्राइवरों की चिंताओं को तुरंत दूर करने का निर्देश दिया है। सिंह ने प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों से कहा, “हम यहां आपकी समस्याएं सुनने के लिए हैं, जरूरी सेवाओं पर असर नहीं पड़ना चाहिए।”

हालांकि, ललित चौधरी ने कहा कि यूनियन को सरकारी प्रतिनिधियों से कोई जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने कहा, “अभी सरकार के किसी प्रतिनिधि ने हमसे संपर्क नहीं किया है। हमारी हड़ताल शांतिपूर्ण है और हमने बसें नहीं चलाने का फैसला किया है।”

जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई, रातभर चली गोलीबारी में 2 आतंकी मारे गए

BRICS सम्मेलन के लिए पहुंच गए पुतिन, इस बीच 11-13 सितंबर की ट्रैफिक एडवाइजरी जानिए, दिल्ली में क्या-क्या बंद रहेगा?

BRICS updates: भारत की अध्यक्षता में आयोजित हो रहे 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार तड़के दिल्ली पहुंच गए हैं। दिल्ली के भारत मंडपम में 12 और 13 सितंबर को होने वाले इस दो दिवसीय सम्मेलन के लिए ग्लोबल लीडर्स का आना शुरू हो चुका है। इस हाई प्रोफाइल आयोजन को देखते हुए दिल्ली पुलिस और ट्रैफिक पुलिस ने शहर भर में कड़े सुरक्षा इंतजाम और व्यापक ट्रैफिक डायवर्जन लागू किए हैं।

राष्ट्रपति पुतिन का तीन दिवसीय भारत दौरा और सम्मेलन का शेड्यूल

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति पुतिन का गर्मजोशी से स्वागत किया। फरवरी 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद रूस से बाहर किसी ब्रिक्स सम्मेलन में पुतिन की यह पहली व्यक्तिगत उपस्थिति है।

आइए अब आपको ब्रिक्स सम्मेलन के तहत 11 से 13 सितंबर तक का पूरा शेड्यूल बताते हैं।

11 सितंबर (शुक्रवार): राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी। इसमें रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, प्रौद्योगिकी और फार्मास्यूटिकल्स पर चर्चा होने की उम्मीद है। दोनों नेता ‘इनोप्रोम’ (INNOPROM) प्रदर्शनी में भाग लेंगे। इसके अलावा पुतिन ब्रिक्स बिजनेस फोरम के पूर्ण सत्र को संबोधित करेंगे।

12 सितंबर (शनिवार): दोपहर 2:35 बजे से ‘समावेशी वैश्विक शासन और मल्टीलैटरिज्म को मजबूत करने’ पर क्लोज डोर सेशन के साथ मुख्य सम्मेलन की शुरुआत होगी। इसके बाद भारत इनोवेट्स प्रदर्शनी, फैमिली फोटो, वृक्षारोपण और रात 7:30 बजे पीएम मोदी द्वारा आयोजित गाला डिनर होगा।

13 सितंबर (रविवार): सुबह 10:50 बजे से उद्घाटन सत्र शुरू होगा। इसका विषय Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability रखा गया है। सम्मेलन का समापन ‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ (New Delhi Declaration) के साथ होगा।

इस सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सिसी, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, यूएई (अबू धाबी) के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन जायद अल नहयान, इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद और वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग समेत कई देशों के राष्ट्रप्रमुख और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस भाग ले रहे हैं।

ट्रैफिक एडवाइजरी: किन रास्तों पर रहेगा असर और कौन सी सड़कें रहेंगी बंद?

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सम्मेलन के दौरान पूरी दिल्ली बंद नहीं रहेगी, लेकिन वीवीआईपी काफिले की आवाजाही के समय अस्थायी रूप से यातायात रोका जा सकता है। शहर में 35 से अधिक प्रमुख सड़कों और 22 डायवर्जन पॉइंट्स पर पाबंदियां लागू की गई हैं। मथुरा रोड, सरदार पटेल मार्ग, शांति पथ, जनपथ, अशोका रोड, बाराखंबा रोड, टॉलस्टॉय मार्ग, अफ्रीका एवेन्यू रोड, नीति मार्ग, पंचशील मार्ग और एपीजे अब्दुल कलाम रोड पर ट्रैफिक रेगुलेशन की पाबंदियां देखने को मिलेंगी। नोएडा से मध्य दिल्ली, पूर्वी दिल्ली से मध्य दिल्ली, तथा द्वारका व पश्चिमी दिल्ली से धौला कुआं, हवाई अड्डे व दक्षिणी दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों को अधिक समय लग सकता है।

दिल्ली में क्या खुला रहेगा और क्या रहेगा बंद?

न्यू दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) ने स्पष्ट किया है कि कनॉट प्लेस मार्केट 11 से 13 सितंबर के दौरान पूरी तरह खुला रहेगा। लोग नियमित समय पर खरीदारी और खान-पान के लिए जा सकते हैं, हालांकि उन्हें ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करना होगा। सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर स्थित दिल्ली मेट्रो म्यूजियम 11 से 13 सितंबर तक बंद रहेगा। 14 सितंबर को सोमवार की साप्ताहिक छुट्टी होने के कारण यह अब 15 सितंबर को खुलेगा। मेट्रो सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहेंगी। हालांकि, सुरक्षा कारणों से कुछ स्टेशनों या प्रवेश-निकास द्वारों पर अस्थायी पाबंदियां लगाई जा सकती हैं।

डीटीसी और सिटी बसें चलती रहेंगी, लेकिन प्रभावित इलाकों से गुजरने वाले रूटों में बदलाव किया जा सकता है। ऑटो, टैक्सी और ऐप-आधारित कैब सेवाएं चालू रहेंगी, लेकिन प्रतिबंधित या नियंत्रित क्षेत्रों में पिक-अप और ड्रॉप-ऑफ पॉइंट बनाने की अनुमति नहीं होगी। दूध, दवाइयों और अन्य जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति को छूट दी जाएगी। हालांकि, भारी वाहनों और ट्रकों के प्रवेश के समय और रास्तों पर विशेष प्रतिबंध लागू रहेंगे।

छात्रों, मरीजों और आम यात्रियों के लिए सलाह

ट्रैफिक पुलिस ने यूपीएससी (UPSC), एनडीए (NDA), सीडीएस (CDS) और अन्य परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को अपने परीक्षा केंद्रों के रास्ते पहले से जांचने, एडमिट कार्ड और पहचान पत्र साथ रखने तथा पर्याप्त समय पहले घर से निकलने की सलाह दी है। अस्पताल जाने वाले मरीजों को भी अतिरिक्त समय लेकर चलने की सलाह दी गई है। किसी भी गंभीर मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में तुरंत नजदीकी ट्रैफिक पुलिसकर्मी से संपर्क करने को कहा गया है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर ‘दिल्ली बंद’ से जुड़ी फर्जी अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक अपडेट पर भरोसा करने की अपील की है।